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प्रदेश में बारिश, आंधी-ओले का दौर थमने के बाद अब गर्मी अपने तेवर दिखाने लगी है। गुरुवार को इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर-उज्जैन समेत प्रदेश के 20 शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री के पार रहा। मौसम विभाग ने अगले दो दिन यानी, 19 और 20 अप्रैल को भी गर्मी का असर रहने का अनुमान जताया है। 21 अप्रैल से नया सिस्टम सक्रिय हो रहा है, जिसके चलते अगले 3 दिन के लिए आंधी-बारिश का दौर फिर से शुरू हो सकता है।   प्रदेश में गुरुवार को सीजन में पहली बार प्रदेश में तेज गर्मी पड़ी। नौगांव, गुना, शिवपुरी और धार सबसे गर्म रहे। यहां पारा 41 डिग्री से ज्यादा रहा। धार में सबसे अधिक 41.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बैतूल, सागर, ग्वालियर, जबलपुर, इंदौर, खरगोन, सतना, शाजापुर, दमोह, उज्जैन, रीवा, मंडला, मलाजखंड, रतलाम, खजुराहो और नर्मदापुरम में तापमान 40 डिग्री से ज्यादा रहा।   मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। जिसका असर प्रदेश में भी दिखाई देगा। इसके प्रभाव के चलते भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन भी भीगेंगे। मौसम विभाग के अनुसार 21 अप्रैल को भोपाल, इंदौर, जबलपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, सीहोर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, कटनी, मंडला, बालाघाट और डिंडोरी जिलों में बारिश हो सकती है। वहीं, 22 अप्रैल को नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, डिंडोरी, शहडोल और अनूपपुर जिलों में बारिश की संभावना है।  

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जबलपुर। देश में चल रही चुनावी प्रक्रिया पर सारी दुनिया की नजरें टिकी हैं और लोग इसमें दिलचस्पी ले रहे हैं। शुक्रवार सुबह जबलपुर में मतदान शुरू होने के बाद दो कनाडाई नागरिक मतदान केंद्र पर पहुंचे और उन्होंने व्यवस्थित तथा शांतिपूर्ण मतदान की प्रक्रिया देखकर खुशी जताई। मध्य प्रदेश की 6 सीटों पर लोकसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान शुक्रवार सुबह शुरू हुआ। इसी बीच जबलपुर के एक स्कूल में बने मतदान केंद्र पर कनाडा के नागरिक लायल और ऐसी भी मतदान देखने के लिए पहुंचे। पूरी प्रक्रिया समझने के बाद उन्होंने मीडिया से चर्चा की। उन्होंने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान प्रक्रिया को देखकर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि विशाल जनसंख्या के बावजूद भारत में लोकतंत्र अपना काम कर रहा है। गौरतलब है कि जबलपुर सीट पर सबसे ज्यादा 19 प्रत्याशी मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा के आशीष दुबे और कांग्रेस के दिनेश यादव के बीच है। यहां सुबह 11 बजे 27.41 प्रतिशत वोटिंग हो चुकी थी।

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ग्वालियर। नवरात्रि के नौ दिन अब पूर्ण होने को आ गए हैं। इसी क्रम में मंगलवार, 16 अप्रैल को महाअष्टमी का पर्व पुष्य नक्षत्र में मनाया जाएगा। इस दिन महागौरी की पूजा होगी और उपवास रख मां की आराधना की जाएगी। इसके साथ ही कन्याओं का पूजन किया जाएगा। बुधवार नौमी के दिन सिद्धीदात्री की पूजा की जाएगी।   ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन ने सोमवार को बताया कि चैत्र शुक्ल पक्ष नवरात्रि के आठवें दिन महाअष्टमी मनाई जाती है और मां महागौरी की पूजा होती है। इस बार चैत्र शुक्ल की अष्टमी तिथि 15 अप्रैल सोमवार को दोपहर 12:11 से शुरू हुई है और 16 अप्रैल मंगलवार को दोपहर 01:23 बजे पर समाप्त होगी। ऐसे में चैत्र नवरात्रि में महाअष्टमी 16 अप्रैल मंगलवार को मनाई जाएगी। इस दिन पुष्य नक्षत्र का भी संयोग रहेगा जो मां के भक्तो को विशेष आशीर्वाद प्रदान करेगा। चैत्र शुक्ल की नवमी तिथि 16 अप्रैल मंगलवार को दोपहर 01:23 से शुरू होकर 17 अप्रैल बुधवार को दोपहर 03:14 बजे तक रहेगी। ऐसे में नवरात्रि की महानवमी और श्री राम नवमी 17 अप्रैल बुधवार को मनाई जाएगी। इस दिन देवी की नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाएगी। साथ ही इसी दिन नवरात्रि व्रत का पारण भी होगा। राम नवमी पर बन रहे हैं शुभ संयोग: ज्योतिषाचार्य के अनुसार राम नवमी के दिन तीन विशेष दुर्लभ शुभ संयोग बन रहे हैं। इसमें पहला कर्क लग्न, दूसरा सूर्य का उच्च राशि में होना और तीसरा गजकेसरी योग बन रहा है। श्रीराम जी के पूजन का मुहुर्त 17 अप्रैल बुधवार को सुबह 11:03 से दोपहर 01:36 बजे तक रहेगा। इसमें विशेष पूजन मध्यान्ह का समय दोपहर 12:21 बजे पर रहेगा।

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अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने सोमवार को प्रेसवार्ता कर रामनवमी पर्व के सम्बंध में कुछ नयी व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि श्री राम जन्मभूमि मन्दिर में मंगला आरती के पश्चात ब्रह्म मुहूर्त में अति-प्रातः 3:30 बजे से अभिषेक श्रृंगार एवं दर्शन साथ-साथ चलते रहेंगे। श्रृंगार आरती प्रातः 5 बजे होगी। श्री रामलला का दर्शन एवं सभी पूजा विधि यथावत साथ-साथ चलती रहेगी। उन्होंने बताया कि दर्शन का समय बढ़ाकर 19 घंटे कर दिया गया है,जो मंगला आरती से रात 11 बजे तक चलेगा। भगवान को चार बार भोग लगाने के लिए सिर्फ पांच-पांच मिनट ही पर्दा बंद रहेगा।   उन्होंने श्रद्धालुओं से निवेदन किया है कि पर्दा बन्द रहने के समय धैर्य बनाकर रहें एवं श्री राम नाम संकीर्तन तथा प्रभु का भजन करते रहें। उन्होंने बताया कि रात्रि 11 बजे तक दर्शन का क्रम पूर्ववत चलता रहेगा। तत्पश्चात परिस्थिति अनुसार भोग एवं शयन आरती होगी। शयन आरती के पश्चात प्रसाद मन्दिर निकास मार्ग पर मिलेगा।   ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय ने बताया कि दर्शनार्थी अपना मोबाइल, जूता, चप्पल, बड़े-बैग एवं प्रतिबंधित सामग्री आदि जितना दूर सुरक्षित रखकर आएंगे, दर्शन में उतनी ही अधिक सुविधा होगी। संभवतः ये सभी सामान आदि अपने गुरू स्थान आदि में रखें तो सुगमता रहेगी। उन्होंने बताया कि दर्शन मार्ग पर यात्री सुविधा केंद्र पर रेल आरक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा।   उन्होंने बताया कि 16, 17, 18 एवं 19 अप्रैल को सुगम दर्शन पास, वी.आई.पी. दर्शन पास, मंगला आरती पास, श्रृंगार आरती पास एवं शयन आरती पास नहीं बनेंगे अर्थात किसी भी प्रकार के पास जारी नहीं किए जाएंगे। अर्थात उपरोक्त दिनों में सभी सुविधाएँ निरस्त रहेगी।   उन्होंने कहा कि सुग्रीव किला के नीचे, बिड़ला धर्मशाला के सामने, श्री रामजन्मभूमि प्रवेश द्वार पर 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र' द्वारा यात्री सेवा केन्द्र बनाया गया है। जिसमें जन-सुविधाएँ उपलब्ध हैं।   उन्होंने बताया कि श्री राम जन्मभूमि मन्दिर में संपन्न होने वाले सभी कार्यक्रमों का सजीव प्रसारण अयोध्या नगर निगम क्षेत्र में लगभग 80 से 100 स्थानों पर एल.ई.डी. स्क्रीन लगाकर दिखाया जाएगा। यह कार्य प्रसार भारती द्वारा श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किया गया है। इसका सीधा प्रसारण उपलब्ध रहेगा।   उन्होंने सभी सम्मानित श्रद्धालुओं से अनुरोध किया कि केवल रामनवमी के दिन सभी कार्यक्रमों का आनन्द घर बैठे अथवा जो जहां हो, मोबाइल पर, टेलीविजन पर और स्थान-स्थान पर लगी हुई एल.ई.डी. स्क्रीन पर देखकर, प्रभु श्री राम जी की कृपा प्राप्त कर, जीवन धन्य करें और राम नवमी के पश्चात अपनी सुविधानुसार अयोध्या धाम आकर प्रभु श्री रामलला जी के दर्शन लाभ कर, प्रसाद ग्रहण करें। उन्होंने कहा कि राम नवमी के दिन अनावश्यक भाग-दौड़ और परेशानी से बचें।

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भोपाल। प्रदेश में पिछले 8 दिन से आंधी, बारिश और ओले गिरने का दौर जारी है। 7 अप्रैल से ही प्रदेश में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो रही है। वहीं, आंधी चलने के साथ ओले भी गिर रहे हैं। सिस्टम की एक्टिविटी की वजह से रविवार को भी कुछ जिलों में हल्की बारिश हुई। बारिश का दौर सोमवार को भी जारी रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों ने जबलपुर, भिंड, छिंदवाड़ा, विदिशा समेत 12 जिलों में हल्की बारिश का अनुमान जताया है। हालांकि, ओले या तेज आंधी का अलर्ट नहीं है।       मौसम विभाग के अनुसार वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ), साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की वजह से प्रदेश में स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहा। इस वजह से तेज आंधी चली, ओले गिरे और बारिश भी हुई। सोमवार को भी सिस्टम का असर रहेगा, लेकिन अब यह कमजोर हो गया है। इस कारण कुछ जिलों में ही हल्की बारिश होने का अनुमान है। भिंड, दतिया, विदिशा, रायसेन, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, जबलपुर, मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर और बालाघाट में गरज-चमक और हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद मौसम साफ हो जाएगा। दिन के टेम्प्रेचर में 2 से 3 डिग्री तक की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, एक सप्ताह बाद फिर से एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव हो सकता है।

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भोपाल। मैंने अपना कर्तव्य निभा लिया, अब आप भी अपना कर्तव्य जरूर निभाएं… अपनी ऊंगली पर लगी अमिट स्याही दिखाकर कुछ ऐसा ही संदेश रविवार को 103 साल की मतदाता बारी बाई ने युवा मतदाताओं को दिया है।     गौरतलब है कि 85 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग एवं 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले मतदाताओं को लोकसभा निर्वाचन 2024 में मतदान के लिए मतदान केंद्र तक न आने पड़े, इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा ऐसे मतदाताओं को उनकी स्वेच्छानुसार घर से मतदान करने (होम वोटिंग) की सुविधा दी गई है।   इसी सुविधा का लाभ उठाते हुए लोकसभा संसदीय क्षेत्र क्र. - 17 होशंगाबाद के अंतर्गत आने वाले रायसेन जिले के उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र क्र. -140 की मतदाता बारी बाई (103 वर्ष) ने घर से मतदान करने की इच्छा जताई। आवेदन मिलने पर मतदान दल सक्रियता दिखाते हुए शतायु मतदाता के घर पहुंचा और उनसे मतदान कराया। घर से मतदान की सुविधा मिलने पर बारी बाई ने भारत निर्वाचन आयोग का हृदय से आभार जताकर अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने युवा मतदाताओं से लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर भागीदारी कर मतदान जरूर करने का संदेश भी दिया।

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भोपाल/रीवा। प्रदेश के रीवा जिले के मनिका गांव में 160 फीट गहरे बोरवेल में गिरे 6 साल के मयंक को कई घंटों की मशक्कत के बाद भी नहीं बचाया जा सका। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मयंक की मौत पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को रेड क्रॉस की ओर से चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। साथ ही सख्त कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने त्योंथर जनपद के सीईओ और पीएचई एसडीओ को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।     बता दें कि रीवा में जनेह थाना क्षेत्र के मनिका गांव में मयंक (6 वर्ष) पुत्र विजय आदिवासी शुक्रवार दोपहर खुले बोरवेल में गिर गया था। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर तुरंत उसे निकालने की कोशिशें शुरू कीं। खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ और एनडीईआरएफ की टीमों को बुलाया गया। करीब 45 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद वह बोरवेल के भीतर 42 फीट की गहराई पर मिट्टी-पत्थरों के बीच दबा मिला। मेडिकल टीम उसे लेकर अस्पताल पहुंची। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हादसे पर दुख जताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि " रीवा जिले के मनिका गांव में बोरवेल में गिरे मासूम बच्चे मयंक को प्रशासन के लगातार और अथक प्रयासों के बाद हम नहीं बचा सके। मन अथाह दु:ख और पीड़ा से भरा है। ईश्वर दिवगंत आत्मा को शांति एवं परिजनों को यह गहन दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। पीड़ित बच्चे के परिजनों को रेडक्रॉस की ओर से 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। दु:ख की इस घड़ी में, मैं और मध्यप्रदेश सरकार मयंक के परिजनों के साथ खड़े हैं। इस मामले में जवाबदेही तय करते हुए सीईओ जनपद त्योंथर एवं एसडीओ पीएचई त्योंथर को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। मेरा आप सभी से अनुरोध है कि ऐसे बोरवेल को ढंक कर रखें, ताकि इस तरह की घटनाओं को भविष्य में रोका जा सके।"

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भोपाल। पिछले छह दिनों से प्रदेश के मौसम में लगातार बदलाव देखा जा रहा है। कई जिलों में आंधी, बारिश और ओले गिरने का दौर जारी है। शनिवार को भी ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है। नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा समेत 13 जिलों में ओले भी गिर सकते हैं। वहीं, राजधानी भोपाल समेत 25 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। इससे पहले शुक्रवार को इंदौर, उज्जैन और देवास में तेज बारिश हुई और ओले भी गिरे। सीहोर के 6 गांवों में ओलों की चादर बिछ गई।     मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ), साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन गुजरने की वजह से ओले-बारिश का मौसम बना हुआ है। जिसके कारण प्रदेश में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो रही है। सिस्टम की एक्टिविटी की वजह से शनिवार को भी बारिश होने का अनुमान है। बता दें कि, राजधानी भोपाल में गरज चमक के साथ शुक्रवार देर रात जमकर बारिश हुई। जिसे लेकर मौसम विभाग ने भोपाल समित कई जिलों में रेड अलर्ट भी जारी किया है।     इन जिलों में बारिश की संभावना भोपाल, उमरिया, राजगढ़, मंडला, नीमच, आगर-मालवा, मुरैना, निवाड़ी, पन्ना, टीकमगढ़, शहडोल, सतना, शाजापुर, श्योपुरकलां, शिवपुरी, खंडवा, बालाघाट, भिंड, बुरहानपुर, छतरपुर, दमोह, दतिया, देवास, ग्वालियर, हरदा, कटनी, जबलपुर और इंदौर में हल्की से तेज बारिश होने की संभावना जताई जा रही है।     13 जिलों में ओले गिरने का अनुमान छिंदवाड़ा, विदिशा, अनूपपुर, अशोकनगर, बैतूल, नर्मदापुरम, पांढुर्णा, सिवनी, सीहोर, नरसिंहपुर, सागर, डिंडोरी, रायसेन और गुना में तेज रफ्तार में हवा चलने के आसार हैं इसमें साथ ही नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा समेत 13 जिलों में ओले गिरने का अनुमान लगाया है।

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धार। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के आदेश पर धार की ऐतिहासिक भोजशाला में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) विभाग का सर्वे शुक्रवार को 22वें दिन भी जारी रहा। जुमे की नमाज के चलते दिल्ली और भोपाल के 18 अधिकारियों की टीम 28 मजदूरों के साथ सुबह छह बजे भोजशाला परिसर में पहुंची। यहां टीम ने आधुनिक उपकरणों के जरिए वैज्ञानिक पद्धति से करीब छह घंटे काम किया। इसके बाद दोपहर 12 बजे टीम यहां से रवाना हो गई। इस दौरान सर्वे टीम के साथ हिंदू पक्ष के गोपाल शर्मा, आशीष गोयल और मुस्लिम पक्ष के अब्दुल समद खान भी मौजूद रहे। शुक्रवार होने की वजह से यहां नमाज पढ़ी गई। इसके चलते पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया गया था। भोजशाला में नमाज दोपहर एक बजे से तीन बजे तक पढ़ी गई। भोजशाला में एएसआई की टीम ने सर्वे के दौरान मैपिंग, मेजरमेंट के साथ खुदाई और कार्बन डेटिंग की प्रोसेस से सर्वे किया है। अब एएसआई की टीम आधुनिक उपकरणों से सर्वे को आगे बढ़ाएगी। सर्वे दल ने बीते दिनों जो साक्ष्य जुटाए हैं, उन्हें जल्द ही परीक्षण के लिए उच्चस्तरीय लैब में भेजा जाएगा इससे भोजशाला के कालखंड की जानकारी सामने आने में मदद मिलेगी, इधर भोजशाला परिसर स्थित अकल कुई यानी कूप का लगातार चौथे दिन सर्वे किया गया। सर्वे टीम इन दिनों इसी कुई पर फोकस कर रही है। भोजशाला और उसके परिसर में चल रहे सर्वे को शुक्रवार को 22 दिन पूरे हो चुके हैं। इस बीच सर्वे दल ने कई ऐसे साक्ष्य जुटाए हैं, जो निर्णायक साबित होंगे। इंदौर हाईकोर्ट आदेश के तहत छह सप्ताह के भीतर एएसआई को सर्वे कर कोर्ट में रिपोर्ट प्रस्तुत करना है, लेकिन अभी सर्वे का काम आधा भी नहीं हो पाया है। सर्वे के 22वें दिन टीम ने यहां छह घंटे तक सर्वे किया। यहां नमाज शुरू होने से पहले टीम वापस लौट गई। सर्वे टीम के जाने के बाद नमाज़ समाज के लोगो का नमाज के लिए आना शुरु हो गया था। सुरक्षा की दृष्टि से भोजशाला और उसके परिसर के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। सर्वे टीम के साथ मौजूद रहे हिंदू पक्ष के गोपाल शर्मा ने बताया कि भोजशाला के गर्भगृह के साथ पिछले और अन्य हिस्सों में टीम सर्वे कर रही है। आगामी दिनों में आधुनिक मशीनों से भी सर्वे होगा, जिसमें कुछ नए सदस्य भी शामिल होंगे। एएसआई की टीम वैज्ञानिक तरीके से सर्वे कर रही है। इसके तहत खुदाई, मैपिंग, स्कैनिंग मेजरमेंट जैसे कई काम किए जा रहे हैं। एएसआई की टीम ने भोजशाला की 50 मीटर की परिधि में भी चारों तरफ सर्वे शुरू कर दिया है। टीम को अभी तक भोजशाला की अकल कुई की ओर वाली दीवार पर गौमुख मिला है। यहां उर्दू, अरबी, फारसी लिखे शिलालेख भी मिले हैं। इनके अलावा उन्हें एक और दीवार भी मिली है। अभी सर्वे का आधा काम भी नहीं हो पाया है। सर्वे टीम को 29 अप्रैल को कोर्ट में रिपोर्ट पेश करना है। आवश्यकता के अनुसार टीम समय भी बढ़ाने की मांग कर सकती है। दोबारा सर्वे की जरूरत क्या हैः शहर काजी   वहीं, शुक्रवार को नमाज के बाद भोजशाला परिसर से बाहर आए शहर काजी वकार सादिक ने एएसआई के सर्वे पर सवाल उठाया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि एएसआई पूर्व में भी इसका सर्वे कर चुकी है, तो दोबारा सर्वे करने की जरूरत क्या है? वहीं अकल कुई के बारे में उन्होंने कहा कि अकल कुई बाबा कमाल की दरगाह में मौजूद है। चूंकि, ये कोर्ट का आदेश है तो हम उसका सम्मान करते है. हमें उसका पालन करना ही है।

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उज्जैन। उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर मंदिर के परिसर में खुदाई के दौरान भूगर्भ से निकले एक हजार साल पुराने शिव मंदिर का पुनर्निर्माण जारी है। पुनर्निमित मंदिर करीब 37 फीट ऊंचा होगा। इसके निर्माण में करीब चार माह का समय लगेगा। पुरातत्व विभाग द्वारा इसके निर्माण पर करीब 65 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।   निर्माण कार्य की प्रगति देखने के लिए गुरुवार को मप्र पुरातत्व विभाग की आयुक्त उर्मिला शुक्ला महाकालेश्वर मंदिर पहुंची और निर्माण कार्यों का जायजा लिया। पुरातत्व आयुक्त एक माह के भीतर दूसरी बार दूसरी बार यहां पहुंची थी। इससे पहले उन्होंने 6 अप्रैल को स्थल निरीक्षण किया था।   गौरतलब है कि महाकाल मंदिर में नवनिर्माण के लिए की जा रही खुदाई के दौरान करीब दो साल पहले मंदिर परिसर के अग्र भाग से एक हजार पुराने शिव मंदिर के अवशेष प्राप्त हुए थे। इसके बाद विक्रम विश्वविद्यालय के पुराविद डॉ. रमण सोलंकी मौके पर पहुंचे और उन्होंने पुरा साक्ष्यों को देखकर यहां मंदिर होने की संभावना व्यक्त की थी। इसके बाद मामला मप्र पुरातत्व विभाग के भोपाल कार्यालय पहुंचा, तो विभाग ने विशेषज्ञों की निगरानी में आगे की खुदाई कराई। इस दौरान एक हजार साल पुराने शिव मंदिर का आधार भाग तथा शिवलिंग सहित विभिन्न देवी देवताओं की मूर्तियां प्राप्त हुई।   इसके बाद जिस स्थान से मंदिर प्राप्त हुआ है, उस स्थान पर पुरातत्व विभाग ने पुनर्निमाण करने की योजना तैयार की। करीब छह माह पहले पत्थरों पर नंबरिंग कर इसका खाका तैयार किया गया। अब नंबरिंग के आधार पर पत्थरों को जोड़कर मंदिर तैयार किया जा रहा है।

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अनूपपुर। जिले के चचाई थाना अंतर्गत गुरुवार देर रात एक किराना दुकान में भीषण आग लगने से लगभग 25 लाख का सामान जलकर खाक हो गया। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की सात गाड़ियों की सहायता ली गई। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा हैं। वहीं पुलिस कारणों की जांच कर रही है।   जानकारी के अनुसार चचाईं थाना अंतर्गत अमलाई दुर्गा मंदिर में स्थित किराना दुकान और गोदाम में गुरुवार-शुक्रवार की रात भीषण आग लग गई। घटना के बाद आसपास के लोगों ने पुलिस और दमकल वाहन को सूचना दी। जिसके बाद एसईसीएल, नगर पालिका, चचाई पावर प्लांट की सात दमकल की गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। आग लगने से किराना दुकान व गोदाम का लगभग 25 लाख का सामान जलकर खाक हो गया।

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भोपाल। मध्य प्रदेश में बीते कुछ दिनों से मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश के कई जिलों में तेज हवा के साथ बारिश का दौर जारी है। शुक्रवार को भी झमाझम बारिश होने का अनुमान जताया है। आज से 15 अप्रैल तक नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा समेत 36 जिलों में आंधी, बारिश और ओले पड़ने का रेड अलर्ट है। वहीं, हवा की रफ्तार 30किमी और अधिकतम गति 60किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है।       मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अभी वेस्टर्न डिस्टरबेंस, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन गुजरने की वजह से बारिश-ओले का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। इस कारण प्रदेश में बारिश हो रही है। एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा। मौसम वैज्ञानिकों कि माने तो अलग-अलग स्थानों पर बनी पांच मौसम प्रणालियों के असर से नमी आ रही है। जिसके कारण प्रदेश के अधिकतर जिलों में बादल बने हुए हैं तो कुछ शहरों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। जिसके कारण प्रदेश में दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है।       इससे पहले, गुरुवार को कई जिलों में बारिश हुई। भोपाल में देर रात गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। रतलाम, सागर, छिंदवाड़ा, उज्जैन, विदिशा समेत कई जिलों में बारिश हुई। गुना और रतलाम में ओले भी गिरे। वहीं आज यानी शुक्रवार को राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर सहित प्रदेश में अन्य स्थानों पर बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं मौसम विभाग ने नर्मदापुरम और बैतूल समेत 36 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है।  

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भोपाल। उत्तर पश्चिम रेलवे, जोधपुर मंडल के फुलेरा-डेगाना जंक्शन रेल खण्ड पर नावा सिटी-गोविंदी मारवाड़ स्टेशनों के मध्य नॉन इंटरलॉकिंग कार्य किया जा रहा है। इसके चलते भोपाल मण्डल से प्रारंभ/समाप्त होने वाली गाड़ी संख्या 14814 भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस का मार्ग परिवर्तित किया गया है। मंडल रेल कार्यालय द्वारा बुधवार को दी गई जानकारी के अनुसार 14814 भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस दिनांक 26.04.2024 को अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान कर अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया जयपुर-रींगस-सीकर-चुरू-रतनगढ़ जंक्शन-डेगाना होते हुए गंतव्य को जाएगी। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 14813 जोधपुर-भोपाल एक्सप्रेस दिनांक 27.04.2024 को अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान कर अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया डेगाना-रतनगढ़ जंक्शन-चुरू-सीकर-रींगस-जयपुर होते हुए गंतव्य को जाएगी।

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भोपाल। देशभर में गुरुवार को ईद-उल-फितर पर्व मनाया जा रहा है। मध्य प्रदेश में ईद का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के सभी शहरों में सुबह मस्जिदों में ईद-उल-फितर की मुख्य नमाज अता की गई। मुस्लिम धर्मावलंबियों ने अमन, चैन और देश में खुशहाली की दुआएं मांगी। एक-दूसरे से गले मिलकर प्यार बांट कर ईद की मुबारक दी।     राजधानी भोपाल में सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच सबसे पहले सुबह 7.00 बजे ईदगाह मस्जिद में ईद के मौके पर विशेष नमाज अता की गई। इस दौरान ईद मिलन कार्यक्रम भी हुआ। यहां पर बड़ी संख्या में सुबह से मुस्लिम समाज के लोग पहुंचे और नमाज अता करने के साथ एक-दूसरे को गले लगाकर ईद पर्व की मुबारकबाद दी। शहर काजी सैय्यद मुश्ताक अली नदवी ने बुधवार शाम को चांद दिखने के बाद अगले दिन यानी आज ईद मनाने का ऐलान किया था।     वहीं, ईदगाह के बाद जामा मस्जिद में सुबह 7.15 बजे, ताजुल मसाजिद में सुबह 7.30 बजे और मोती मस्जिद में सुबह 7.45 बजे ईद की नमाज अता की गई। इसके बाद शहर की अन्य मस्जिदों में नमाज अदा करने का सिलसिला चलता रहा। नमाज अता करने के बाद लोग एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दे रहे हैं। घरों पर आने वाले मेहमानों को मुस्लिम समाज के लोग सिवइयों से मुंह मीठा करा रहे है। घर आए मेहमानों को और बच्चों को ईदी बांटी जा रही है।     ईद-उल-फितर के मौके पर गुरुवार सुबह ईदगाह पर पारंपरिक सामूहिक नमाज की गई। हजारों लोगों के ईदगाह पहुंचने की संभावना को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने यातायात के विशेष इंतजाम किए हैं। इसके तहत सुबह छह बजे से 11 बजे तक कई मार्ग परिवर्तित किए गए हैं।     बुरहानपुर में 20 हजार लोगों ने एक ही जगह अता की नमाज इधर बुरहानपुर में शहर की सिंधी बस्ती स्थित शाह जहांनी ईदगाह में ईद की विशेष नमाज अदा की गई। इसमें 20 हजार से ज्यादा समाजजन शामिल हुए। बस्ती स्थित शाहजांनी ईदगाह परिसर के अलावा दूर-दूर तक सड़क पर ही नमाज अदा की गई। लालबाग रोड की ओर जाने वाला रास्ता मरिचिका उद्यान के पास से बंद कर दिया गया था। इस दौरान देश और प्रदेश में अमन-चैन की दुआ की गई।     उज्जैन में गुरुवार को ईद का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। ईद-उल-फितर, मीठी ईद सुबह से मुस्लिम समाज के लोग मस्जिदों में होने वाली नमाज के लिए निकले। नमाज अदा होने के बाद मुस्लिम जन ने दूसरे को ईद पर्व की मुबारकबाद दी।     नर्मदापुरम में सुबह 7.30 बजे शहर के ईदगाह में ईद-उल-फितर की मुख्य नमाज अता की गई। मुस्लिम धर्मावलंबियों ने अमन, चैन और देश में खुशहाली की दुआएं मांगी। एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारक दी। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते इस बार कोई जनप्रतिनिधि या जिला अधिकारी नहीं पहुंचे, लेकिन इस बार नमाज के साथ शहर काजी हाफिज मोहम्मद अशफाक अली ने सभी से चुनाव में वोटिंग करने जाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मतदान करना हम सभी का अधिकार है। वोट कर अपने अधिकार का उपयोग करें, एक अच्छे प्रतिनिधि को चुने, ताकि लोकतंत्र मजबूत रहे।   छिंदवाड़ा में ईद का पर्व आपसी सौहार्द के साथ मनाया गया। बारिश के चलते मुस्लिम भाइयों के द्वारा ईदगाह की जगह मस्जिदों में नमाज अदा की गई और लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। पूरे जिले में आपसी स्वाद और भाईचारे के बीच ईद का पर्व मनाया गया।     सागर में मस्जिद, ईदगाहों पर एक साथ ईद की नमाज अदा की गई। नमाजी और रोजेदारों ने गले मिलकर ईद उल फितर की एक-दूसरे को बधाइयां दीं। बुधवार को रमजान का आखिरी रोजा रखा गया। शाम को आसमान में चांद दिखने साथ ही लोगों में खुशी देखने को मिली। गुरुवार को ईद उल फितर मनाया गया। ईद की मुख्य नमाज मोतीनगर स्थित ईदगाह पर हुई।   गुना शहर में भी उत्साह के साथ ईद-उल-फितर मनाई गई। ईद की पहली व मुख्य नमाज ईदगाह पर सुबह 7.30 बजे हुई। बड़ी ईदगाह पर सुबह 9:30 बजे ईद की नमाज हुई। देश और प्रदेश की खुशहाली व अमनो-अमान के लिए सामूहिक रूप से दुआ मांगी गई। इसके बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिल ईद की मुबारकबाद दी। घर के बड़े लोग बच्चों के ईद मुबारक कहते ही उन्हें ईदी दे रहे हैं। जिले में नमाज के लिए सभी जगह विशेष प्रबंध किए गए हैं।     खंडवा में गुरुवार को मुस्लिम समाज ने ईदुल फितर हर्षोल्लास के साथ मनाया। शहर की 40 मस्जिदों में ईद की नमाज पढ़ी गई। मुख्य नमाज ईदगाह पर हुई, जहां मौलाना फखरूद्दीन ने तकरीर सुनाई। यहां एक साथ हजारों लोगों ने शीश झुकाकर सजदा करते हुए अमनो अमान की दुआं मांगी। ईदगाह पर प्रशासन की ओर से शत-प्रतिशत मतदान का संकल्प दिलाया गया।     औद्योगिक नगरी पीथमपुर में गुरुवार को ईदुल-फितर पर्व हर्ष उल्लास से मनाया जा रहा है। शहर के जामिया इस्लामिया मदरसा, पीथमपुर की जुम्मा मस्जिद, सागौर की मजीद, धन्नड़ मस्जिद और जुबेदा मस्जिद में मुस्लिम समाजजनों ने ईद की विशेष नमाज हुई। इस दौरान सभी ने देश और दुनिया में अमन चैन की दुआएं कीं। अन्य शहरों और कस्बों में भी ईद के मौके पर एक-दूसरे को बधाई देने का सिलसिला जारी है।  

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भोपाल। राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों में बीते तीन दिनों से तेज हवा के साथ वर्षा का सिलसिला जारी है। बुधवार को दोपहर करीब तीन बजे शुरू हुई बारिश शाम तक होती रही। इस दौरान करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चली। जबकि छिंदवाड़ा में गुरुवार सुबह से बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने लगातार पांचवें दिन मध्यप्रदेश में ओले-बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है। भोपाल-इंदौर समेत 31 जिलों में भी गरज-चमक, ओले, बारिश और आंधी चलने का अनुमान है। नर्मदापुरम-बैतूल जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। यहां तेज आंधी चल सकती है।       मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में वेस्टर्न डिस्टरबेंस, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन गुजरने की वजह से बारिश-ओले का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। इस कारण प्रदेश में बारिश हो रही है। 12 अप्रैल से एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा। इससे पहले, बुधवार को भोपाल, सीहोर, शाजापुर, देवास, विदिशा, रायसेन, उज्जैन समेत कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं रिमझिम बारिश हुई। कई जगहों पर ओले भी गिरे। तेज हवा भी चली। कई जिलों में देर रात तक मौसम बदला रहा। भोपाल में 28 मिमी यानी 1 इंच से ज्यादा बारिश हुई। सिवनी में आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा। वहीं, रायसेन में 8 मिमी बारिश दर्ज की गई।       तापमान में आयी गिरावट बारिश के कारण भोपाल समेत कई शहरों में दिन का तापमान भी लुढ़क गया। भोपाल में 3.8 डिग्री की गिरावट हुई और 33 डिग्री दर्ज किया गया। रायसेन में पारा 26 डिग्री रहा। यहां एक ही दिन में 5.8 डिग्री की गिरावट देखने को मिली। शिवपुरी में 4 और उज्जैन में 3 डिग्री की गिरावट हुई। दमोह में 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। इसी प्रकार बैतूल, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, इंदौर, खंडवा, रतलाम, खजुराहो, नौगांव, रीवा, सागर, सतना, टीकमगढ़, उमरिश में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को रायसेन सबसे ठंडा और धार सबसे गर्म रहा। धार में अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री दर्ज किया गया।

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धार। भोजशाला में कोर्ट के आदेश पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा वैज्ञानिक पद्धति से किए जा रहे सर्वे का आज 20वां दिन है। टीम के 16 लोगों ने 29 मजदूरों के साथ सुबह लगभग 8 बजे परिसर में प्रवेश किया। दोनों पक्षकारों की मौजूदगी में टीम ने काम भी शुरू कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार को एएसआई की टीम के सदस्यों की संख्या कम है, जिसके चलते काम प्रभावित हो सकता है। एक दिन पहले मंगलवार को भोजशाला की दीवार से सटा गोमुख टीम को सर्वे के दौरान मिला है, जो पहले से वहां पर मौजूद है। अब इस ओर आगे का काम किया जाएगा। एएसआई की टीम ने प्राथमिक तौर पर सर्वे करते हुए परिसर में कई स्थानों को चिह्नित कर लिया है। अब इस पर काम होगा। वहीं सर्वेक्षण की विधाओं की और ज्यादा जानकारी रखने वाले अधिकारी मशीनों को लेकर धार आएंगे। जिसके बाद दूसरे लेवल पर काम शुरू होने की उम्मीद हैं।   हिन्दू पक्षकार आशीष गोयल ने मीडिया को बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद 20 दिनों से भोजशाला के अंदर और बाहर सर्वे का काम लगातार जारी है। न्यायालय ने जितने बिंदुओं पर आदेशित किया हैं, उसी अनुसार एएसआई की टीम सर्वे का काम तेजी से कर रही है। आदेश के अनुसार 6 सप्ताह में सर्वे रिपोर्ट पेश करनी है और भोजशाला का क्षेत्रफल काफी बड़ा है ऐसे में अगर आवश्यकता लगती है तो समय बढ़ाने की मांग को लेकर एएसआई न्यायालय में जा सकती है।

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उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में धुलेंडी पर भस्मारती के दौरान गर्भगृह में लगी आग से झुलसे एक सेवक की बुधवार को मौत हो गई है। 80 वर्षीय सेवक सत्यनारायण सोनी 30 प्रतिशत से अधिक झुलस गए थे। अरबिंदो अस्पताल में भर्ती कराने के बाद उन्हें इलाज के लिए मुंबई ले जाया गया था, मगर डाक्टर उन्हें बचा नहीं पाए।     गौरतलब है कि पिछले माह 25 मार्च को धुलेंडी के दिन उज्जैन के महाकाल मंदिर सुबह भस्म आरती के दौरान गर्भगृह में आग से 14 लोग झुलस गए थे। इस दौरान मंदिर के सेवक सत्यनारायण (80) गंभीर रूप से झुलसे गये थे। पहले उन्हें इंदौर के अरबिंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां से मुंबई रेफर किया गया था। जहां इलाज के दौरान बुधवार सुबह सत्यनारायण सोनी ने अंतिम सांस ली। बता दें कि पुजारी पुत्र मनोज शर्मा (43), पुजारी संजय शर्मा (50) और सेवक चिंतामण (65) अभी इंदौर के अरबिंदो अस्पताल में भर्ती हैं। घटना की जांच में सामने आया था कि आग केमिकल वाला गुलाल फेंकने से भड़की थी।

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भोपाल। मध्यप्रदेश में बीते तीन दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से ‘चैत्र‘ के महीने में भी ‘मानसून’ सा नजारा देखने मिल रहा है। राज्य के अनेक जिलों में तेज हवाओं के साथ रुक-रुक बारिश और ओलावृष्टि हो रही है। बुधवार को भी सुबह से आसमान में बादल छाए हुए हैं। हालांकि, बीच-बीच में सूरज तल्खी दिखाने का प्रयास करता नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने बुधवार को भोपाल, जबलपुर, उज्जैन समेत 27 जिलों में बारिश हो सकती है। विभाग ने इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां 40 से 50 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से आंधी चलने के साथ कहीं-कहीं ओले भी गिर सकते हैं।     इससे पहले मंगलवार को राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में बारिश हुई और कई जगह ओले भी गिरे। मौसम विभग की मानें तो अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के असर से बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर से नमी आने की इस वजह से प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी क्षेत्र के अधिकतर जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। विभाग ने आगामी 15 अप्रैल तक ऐसा ही मौसम बना रहने की संभावना जताई है।     मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ प्रकाश ढवले ने बताया कि वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ ईरान के आसपास बना हुआ है। राजस्थान पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। मध्य महाराष्ट्र पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात मौजूद है। इसके अतिरिक्त दक्षिणी गुजरात से लेकर तमिलनाडु तक एक द्रोणिका बनी हुई है। इन मौसम प्रणालियों के असर से मिल रही नमी के कारण पूर्वी एवं पश्चिमी मध्य प्रदेश के अधिकतर जिलों में बारिश हो रही है। मौसम का इस तरह का मिजाज कुछ तीन दिन तक बना रह सकता है।     वहीं, वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि अरब सागर एवं बंगाल की खाड़ी से नमी मिलने के कारण रुक-रुककर वर्षा का सिलसिला बना हुआ है। उधर, तापमान भी 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहने से दोपहर के बाद स्थानीय स्तर पर भी गरज-चमक की स्थिति बनने लगी है। 13 अप्रैल को भी एक तीव्र आवृति वाले पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में पहुंचने की संभावना है। इस वजह से अभी 15 अप्रैल तक मौसम साफ होने की उम्मीद कम है।  

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ग्वालियर। चैत्र नवरात्रों का प्रारंभ 9 अप्रैल से होने जा रहा है और जिसका समापन 17 अप्रैल को होगा। इन नौ दिनों में आदि शक्ति की उपासना की जाएगी। नवरात्रि का पर्व देशभर में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि चैत्र नवरात्र इस बार 09 अप्रैल से शुरू होंगे और 17 अप्रैल को समापन होगा। ज्योतिषियों की मानें तो चैत्र नवरात्र के पहले दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। इन दोनों योग का निर्माण सुबह 07 बजकर 32 मिनट से लेकर अगले दिन 10 अप्रैल को सुबह 05 बजकर 06 मिनट तक है। साथ ही चैत्र नवरात्र पर अश्विनी नक्षत्र का भी योग बन रहा है। अश्विनी नक्षत्र सुबह 07 बजकर 33 मिनट से है, जो अगले दिन 10 अप्रैल को सुबह 05 बजकर 06 मिनट तक है। इन योग में मां दुर्गा की पूजा करने से साधक को अक्षय फल की प्राप्ति होगी। इस बार चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा का आगमन घोड़े पर हो रहा है। घोड़े को मां दुर्गा का शुभ वाहन नहीं माना जाता है, ये युद्ध और प्राकृतिक आपदाओं का संकेत देता है। सत्ता में परिवर्तन होता है। चैत्र नवरात्रि घट स्थापना शुभ मुहूर्त:- इस साल चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा तिथि 08 अप्रैल को देर रात 11 बजकर 50 मिनट से शुरू होगी। ये तिथि अगले दिन यानी 09 अप्रैल को संध्याकाल 08 बजकर 30 मिनट पर समाप्त होगी। हिंदू धर्म में उदया तिथि मान है, इसलिए 09 अप्रैल को घटस्थापना है। 09 अप्रैल को घटस्थापना समय प्रात: काल 06 बजकर 02 मिनट से लेकर 10 बजकर 16 मिनट तक है। इस समय में घटस्थापना कर सकते हैं। इसके अलावा, 11 बजकर 57 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 48 मिनट के मध्य अभिजीत मुहूर्त में भी घटस्थापना कर सकते हैं। चैत्र नवरात्रि तिथियां:- - पहला दिन 9 अप्रैल प्रतिपदा तिथि, घटस्थापना, मां शैलपुत्री पूजा - दूसरा दिन 10 अप्रैल द्वितीया तिथि, मां ब्रह्मचारिणी पूजा - तीसरा दिन 11 अप्रैल तृतीया तिथि, मां चंद्रघण्टा पूजा - चौथा दिन 12 अप्रैल चतुर्थी तिथि, मां कुष्माण्डा पूजा - पांचवां दिन 13 अप्रैल पंचमी तिथि, मां स्कंदमाता पूजा - छठा दिन 14 अप्रैल षष्ठी तिथि, मां कात्यायनी पूजा - सांतवां दिन 15 अप्रैल सप्तमी तिथि, मां कालरात्रि पूजा - आठवां दिन 16 अप्रैल अष्टमी तिथि, मां महागौरी पूजा - नौवां दिन 17 अप्रैल नवमी तिथि मां, सिद्धिदात्री पूजा, रामनवमी

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धार। भोजशाला में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के वैज्ञानिक पद्धति से सर्वे का आज 18वां दिन है। एएसआई टीम और दोनों पक्षकारों ने सुबह करीब 8 बजे परिसर में प्रवेश किया। उनके साथ 19 सदस्यों और 33 मजदूरों की टीम है। टीम आज दीवार और हवन कुंड से मिट्टी हटा रही है। भोजशाला के सर्वे के 18 वें दिन सोमवार को भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जिला पुलिस के आलाधिकारी हर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। आज गर्भगृह में हवन कुंड के पास मिट्टी हटाने का काम हो रहा है। हिंदू पक्षकार गोपाल शर्मा ने बताया कि कल अकल कुइयां का सर्वे हुआ है। यह अकल कुइयां ही राजा भोज द्वारा बनवाया गया सरस्वती कूप है। भोज द्वारा लिखी गई किताब चारु चर्या में इसकी जानकारी है। दक्षिण की तरफ इसका प्रवेश द्वार है। उत्तर की दीवार पर भगवान गणेश की आकृति बनी है।   शर्मा ने बताया कि इसका रास्ता दो गुंबदों के बीच से जाता था। 7 फीट नीचे 14 कोणीय अकलकुंय्या बनी है। इसे अब अकल कुइयां कहा जाता है। इसे पातालगंगा सरस्वती माना जाता था। इतिहासकार हरी भाऊ वाकणकर ने भी अपनी किताब में इसके बारे में लिखा है। वाकणकर भोजशाला आए थे और अकल कुइयां से राजा भोज द्वारा लिखा गया ताम्रपत्र और एक पत्थर जो सिर्फ सरस्वती नदी में ही मिलता है, निकालकर ले गए थे।

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भोपाल। मध्यप्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। रविवार को राजधानी भोपाल, रायसेन, सागर और दमोह समेत कई जिलों में बारिश हुई है। वहीं सिवनी और बालाघाट के मलाजखंड में बूंदाबांदी हुई। कई जिलों में दिनभर बादल छाए रहे। हालांकि बीच-बीच में धूप भी निकली। मौसम विभाग ने एक सप्ताह तक ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना जताई है। इस दौरान कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है।   मौसम विभाग की मानें तो सोमवार को भी मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा। दक्षिण-पश्चिमी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में ओले भी गिर सकते हैं। मौसम में जो बदलाव और गरज-चमक व बूंदाबांदी का क्रम दिख रहा है, उसमें मंगलवार से और बढ़ोतरी हो सकती है। देश में 10 और फिर 13 अप्रैल को दो पश्चिमी विक्षोभ पहुंचने का अनुमान है, जिससे इस तरह की गतिविधियां आने वाले पूरे सप्ताह तक जारी रह सकती है।   मौसम विभाग ने अनुमान व्यक्त किया है कि सोमवार को जबलपुर, नर्मदापुरम, शहडोल संभाग के जिलों सहित भोपाल और सागर के कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी हो सकती है। कहीं-कहीं ओले गिरने की भी आशंका है।   मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। उत्तराखंड में एक द्रोणिका बनी हुई है। ओडिशा से लेकर विदर्भ, कर्नाटक, तमिलनाडु और मराठवाड़ा होते हुए कोमरीन तक एक द्रोणिका बनी है। इन प्रणालियों के अलावा दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में एक चक्रवात बना हुआ है। प्रदेश को प्रभावित करने वाली मौसम प्रणालियों में बंगाल की खाड़ी में बना प्रति चक्रवात भी प्रमुख है, जो ताकतवर होता जा रहा है। यह सोमवार-मंगलवार तक और गहरा हो सकता है। इसके असर से हवाओं के साथ लगातार नमी आ रही है। इधर, हवाओं का रुख भी नमी लाने में मदद कर रहा है, जिससे गतिविधियां बढ रही हैं।   वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि 10 अप्रैल को एक पश्चिमी विक्षोभ देश में प्रवेश करेगा। इसी तरह एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ के 13 अप्रैल को पहुंचने का अनुमान है। इनके असर से अन्य प्रणालियां बनेंगी और मजबूत होंगी। इसके असर से 10 अप्रैल से पूरे प्रदेश में बूंदाबांदी की गतिविधियां होंगी। इस दौरान ओलावृष्टि की आशंका भी बनेगी। प्रदेश में मंगलवार से मौसम का यह बदलाव बड़े हिस्से में दिखेगा, जो करीब पूरे सप्ताह तक चलता रहेगा।

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  4 साल पहले बनाई गई थी योजना   कोलार क्षेत्र में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, तो वहीं मेन रोड पर शॉपिंग मॉल और दुकानें बनने का सिलसिला जारी है। अब ऐसे में क्षेत्र में मल्टीलेबल पार्किंग की कमी महसूस की जाने लगी है। दरअसल मेन रोड पर वाहनों का जमावाड़ा लगा रहता है, जिसके चलते कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। इसके लिए नगर निगम ने पार्किंग का प्रस्ताव बनाया था, मगर यह प्रस्ताव अब फाइलों से गायब हो गया है ।   इसलिए पड़ रही जरूरत : यहां सड़क के दोनों तरफ आवासीय व व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बन गए हैं, लेकिन वाहन पार्किंग के लिए जगह नहीं है। इस वजह से वाहन पार्किंग को लेकर समस्या हो रही है। शॉपिंग के लिए आने वालों को अपने वाहन सड़क किनारे वाहन खड़े करने पड़ रहे हैं। इसके चलते ट्रैफिक प्रभावित हो रहा है। खास बात यह है कि वाहन पार्किंग की समस्या का समाधान करने के लिए नगर निगम कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है। 1500-1500 वर्गफीट पर बनना थी पार्किंग चार साल पहले निगम प्रशासन ने चूनाभट्टी में वाहन पार्किंग स्थल के लिए तीन स्थान प्रस्तावित किए थे। इनमें से एक चूनाभट्टी व काली मंदिर के पास और वेस्ट एंड प्लाजा के पास 1500-1500 वर्ग फीट में पार्किंग स्थल विकसित किए जाने थे। जिनमें 30 से 75 वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था होती, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।     Attachments area          

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  नहीं मान्य होगा लघु आकार का चित्र ,छह विभाग करेंगे कार्यवाही        अब सिगरेट और दूसरे तम्बाकू उत्पाद के प्रत्येक पैकेट पर प्रमुखता से सचित्र चेतावनी प्रदर्शित करना होगी। भारत सरकार ने इस संबंध में एक अप्रैल को सभी राज्यों को निर्देश भेजे हैं। इस तारतम्य में आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने अधिसूचना से सभी संबंधित को अवगत करवाया है। विशेष रूप से 6 विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी तय करते हुए उन्हें सभी वैधानिक प्रावधान पर अमल के लिए कहा गया है। इनमें राजस्व आयुक्त, परिवहन आयुक्त, स्वास्थ्य आयुक्त, श्रम आयुक्त, पुलिस महानिदेशक और उद्योग आयुक्त शामिल हैं।   सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद (विज्ञापन का निषेध तथा व्यापार एवं वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति एवं वितरण विनियमन) अधिनियम-2003 के अंतर्गत तम्बाकू उत्पाद पर सचित्र चेतावनी जरूरी की गई थी। पैकेट के मुख्य प्रदर्शित क्षेत्र में 85 प्रतिशत क्षेत्र में सचित्र चेतावनी के रूप में अनिवार्य रहेगी। इससे छोटे आकार की चेतावनी मान्य एवं विधि सम्मत नहीं होगी।   अधिनियम की धारा5 एवं 7 के तहत कार्यवाही करने के लिए विभिन्न विभाग स्तर पर अधिकारियों को अधिकृत किया गया है। प्राधिकृत अधिकारी अधिनियम के उल्लंघन पर दोषी तम्बाकू उत्पाद निर्माता/विक्रेता के विरुद्ध इस अधिनियम की धारा 7 सहपठित दण्डनीय धारा 20 के अंतर्गत कार्यवाही करेंगे।     Attachments area          

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    बावड़ियाकलां पर रेलवे द्वारा पटरी के ऊपर के हिस्से में 32 मीटर लंबे ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। वहीं, इसकी चौड़ाई 12 मीटर रहेगी। रेलवे ने इस क्रॉसिंग पर अपने हिस्से के ब्रिज के हिस्से के निर्माण के लिए 28 जून तक प्रस्ताव मंगाए हैं।  इसके बाद एक साल की समय सीमा भी अपने हिस्से के निर्माण की तय कर दी है। 6 करोड़ 67 लाख रुपए इस निर्माण पर रेलवे द्वारा खर्च किए जाएंगे। आए दिन इस क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम के चलते लोगों को खासी परेशानी होती है। इसी को देखते हुए बावड़ियाकलां क्रॉसिंग पर करीब 850 मीटर लंबा ब्रिज बनाया जाएगा। 38 करोड़ रुपए राज्य सरकार इस पर खर्च करेगी। इस तरह रेलवे और राज्य सरकार द्वारा 45 करोड़ रुपए इसके निर्माण पर खर्च किए जाएंगे। ब्रिज के निर्माण में तीन साल लगने की संभावना है।  औबेदुल्लागंज में भी मंजूरी: इसी तरह रेलवे ने औबेदुल्लागंज-नसरुल्लागंज रोड पर स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर भी अपने हिस्से में ब्रिज के निर्माण के लिए प्रस्ताव मंगा लिए हैं। सलकनपुर माता मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं समेत आम वाहनों को भी इस रेलवे क्रॉसिंग पर काफी समय तक खड़े रखना पड़ता है। इसी को देखते हुए इस क्रॉसिंग पर भी रोड ओवर ब्रिज बनाया जाएगा। 

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    अगले साल फरवरी में घोषित होने वाले स्वच्छता सर्वे की प्रक्रिया एक जून से शुरू हो जाएगी। केंद्र सरकार ने इसके लिए गाइड लाइन जारी कर दी हैं। इस बार सर्वे में एक लाख और उससे अधिक की आबादी के 500 शहरों को शामिल किया है। पिछले साल 10 लाख और उससे अधिक आबादी के 73 शहरों के बीच हुए सर्वे में भोपाल को 21 वां स्थान मिला था।    नगर निगम भोपाल ने इस बार पहले पांच शहरों में शामिल होने का लक्ष्य तय किया है। निगमायुक्त छवि भारद्वाज ने बताया कि डोर टू डोर कचरा कलेक्शन में अभी कुछ एरिया छूटा है। निगम द्वारा कराए सर्वे में यह बात सामने आई कि कई परिवारों के यहां डस्टबिन नहीं हैं। वे पॉलीथिन में कचरा इकट्ठा करके कहीं भी फेंक देते हैं। निगम ऐसे परिवारों को डस्टबिन वितरित करने की योजना तैयार कर रहा है। इसके लिए कुछ एनजीओ की मदद ली जाएगी।  चार जोन में बांटा जाएगा शहर को  सर्वे के लिए शहर को चार जोन में बांटा जाएगा। यह तीन स्तरों पर होगा। पहला नगर निगम से आंकड़े इकट्ठा किए जाएंगे। दूसरा केंद्र सरकार की सर्वे टीम खुद मैदानी हकीकत देखेगी और तीसरा नागरिकों से भी सफाई के बारे में फीडबैक लिया जाएगा। हर शहर में एक हजार या आबादी के 0.01 % लोग इसमें शामिल होंगे। ज्यादा लोगों को जोड़ने के लिए सोशल व ट्रेडिशनल मीडिया का उपयोग किया जाएगा।    स्वच्छ भारत अभियान के तहत रविवार को नगर निगम और आई क्लीन की टीम ने एमपी नगर जोन-2 में साफ-सफाई की। साथ ही दीवारों पर पेंटिंग भी की। नगर निगम कमिश्नर छवि भारद्वाज भी इस अभियान में शामिल हुईं और उन्होंने दीवारों पर चित्रकारी की।      Attachments area          

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  कोलार वालों के लिए सौगात    बावड़ियाकलां रेलवे क्रॉसिंग पर बनने वाले रेलवे ओवरब्रिज की डिजाइन पीडब्ल्यूडी ने तैयार कर ली है। अगले सप्ताह से काम भी शुरू हो जाएगा। यह ब्रिज 2 साल में बनकर तैयार होगा। रेलवे ओवरब्रिज बावड़िया की तरफ नहर की जमीन पर और होशंगाबाद रोड पर बीडीए की जमीन पर बनेगा। इसका फायदा गुलमोहर, शाहपुरा, कोलार, रोहित नगर, त्रिलंगा, होशंगाबाद रोड से लगी काॅलोनियों के लोगों को फायदा होगा। रेलवे क्रॉसिंग से हर घंटे 3500 से  अधिक  वाहन गुजरते हैं। रेलवे फाटक 1 दिन में 178 बार बंद होता है जिससे सड़क के दोनों तरफ जाम की स्थिति बन जाती है।  स्टेशन पर कैमरे  कोलार के नजदीकी रेलवे  स्टेशन हबीबगंज पर लगे सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। अभी तक यहां पर 47 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इनको बढ़ाकर 65 किया जाएगा। 18 नए कैमरे लगाने का प्रस्ताव रेलवे भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही यहां पर कैमरे लगाने का काम शुरू होगा। रेलवे के अफसरों का कहना है कि आईएसबीटी की तरफ स्थित पार्किंग के पास और पार्सल ऑफिस के पास कैमरे लगाए जाएंगे। अफसरों का कहना है कि रोजाना हजारों की संख्या में यहां पर यात्री आते हैं। कैमरों की संख्या बढ़ने से पूरे स्टेशन परिसर को कवर किया जाएगा। कोलार वालों के लिए सौगात    बावड़ियाकलां रेलवे क्रॉसिंग पर बनने वाले रेलवे ओवरब्रिज की डिजाइन पीडब्ल्यूडी ने तैयार कर ली है। अगले सप्ताह से काम भी शुरू हो जाएगा। यह ब्रिज 2 साल में बनकर तैयार होगा। रेलवे ओवरब्रिज बावड़िया की तरफ नहर की जमीन पर और होशंगाबाद रोड पर बीडीए की जमीन पर बनेगा। इसका फायदा गुलमोहर, शाहपुरा, कोलार, रोहित नगर, त्रिलंगा, होशंगाबाद रोड से लगी काॅलोनियों के लोगों को फायदा होगा। रेलवे क्रॉसिंग से हर घंटे 3500 से  अधिक  वाहन गुजरते हैं। रेलवे फाटक 1 दिन में 178 बार बंद होता है जिससे सड़क के दोनों तरफ जाम की स्थिति बन जाती है।  स्टेशन पर कैमरे  कोलार के नजदीकी रेलवे  स्टेशन हबीबगंज पर लगे सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। अभी तक यहां पर 47 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इनको बढ़ाकर 65 किया जाएगा। 18 नए कैमरे लगाने का प्रस्ताव रेलवे भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही यहां पर कैमरे लगाने का काम शुरू होगा। रेलवे के अफसरों का कहना है कि आईएसबीटी की तरफ स्थित पार्किंग के पास और पार्सल ऑफिस के पास कैमरे लगाए जाएंगे। अफसरों का कहना है कि रोजाना हजारों की संख्या में यहां पर यात्री आते हैं। कैमरों की संख्या बढ़ने से पूरे स्टेशन परिसर को कवर किया जाएगा।

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  भोपाल में  44 फीसदी कम हुई  हरियाली    अनियोजित शहरीकरण के चलते राजधानी भोपाल में पिछले दो दशक में 44 प्रतिशत हरियाली कम हुई है, जिसका सीधा असर पयार्वरण में असंतुलन, गिरते जलस्तर और बढ़ते तापमान के रूप में सामने आ रहा है। हालांकि विकास कार्यों के फेर में लगातार हो रही पेड़ों की कटाई अगले कुछ वर्षों तक रूकने वाली नहीं है।भोपाल के  कोलार ,होशंगाबाद और टीटी  नगर इलाके में सबसे ज्यादा पेड़ काटे गए हैं।    हरियाली में आई इस बड़ी गिरावट का खुलासा करने वाली इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बेंगलुरु की रिपोर्ट बताती है कि हालात नहीं सुधरे तो 2030 तक हरियाली सिकुड़कर महज 4.10 प्रतिशत से कम रह जाएगी। पिछले दो दशक पहले हरियाली 66 प्रतिशत थी और अब ये 22 प्रतिशत रह गई है। संस्था ने भोपाल, अहमदाबाद, हैदराबाद और कोलकाता की हरियाली के आंकड़े सेटेलाइट सेंसर से जुटाए हैं। राजधानी के विशेषज्ञों का भी कहना है कि पौधरोपण के साथ जल संरक्षण के उपायों को बढ़ाना पड़ेगा। हरियाली की कई जगह आज सूखे इलाकों ने ले ली है। रिसर्च बताती है कि शहर के तापमान में पिछले 12 साल में आठ प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इसकी बड़ी वजह जलस्रोतों पर हुए अतिक्रमण के चलते जलस्रोत में गिरावट और हरियाली में आई कमी है। आईआईएफएम में समाज शास्त्र व सामुदायिक विकास के एसोसिएट प्रोफेसर अमिताभ पांडे का कहना है कि भोपाल में शहरीकरण को बढ़ावा हरियाली की कीमत पर दिया जा रहा है। वनाच्छादित क्षेत्र के कम होने की मुख्य वजह अनियोजित शहरीकरण है। हालात ज्यादा खराब होने से पहले हम खुद को बचा सकते हैं, क्योंकि भोपाल आज भी अन्य शहरों के मुकाबले हरियारली के मामले में बेहतर स्थिति में है, लेकिन जिम्मेदार विभागों, बिल्डर, टाउन प्लानर्स को टारगेट देकर उनके प्रोजेक्ट में हरियाली बढ़ाने को कहा जाए और इसका सख्ती से पालन कराया जाए। प्रो. पांडे बताते हैं कि जहां पेड़ होने और न होने की जगहों के तापमान में 1-2 डिग्री से. का अंतर होता है। पेड़ घने हों, तो तापमान का अंतर बढ़ भी जाता है। जिन कांक्रीट के घरों पर पेड़ों की छांव रहती है, उनमें तपन कम लगती है। पेड़ पानी भी छोड़ते हैं, जिससे माइक्रो क्लाइमेट में 2-3 डिग्री का फर्क पड़ता है। जहां सड़कों के दोनों ओर पेड़ होते हैं, वहां भी तपन कम होती है। ट्री कवर पर काम करने वाले डॉ. सुदेश बाघमारे ने बताया कि राजधानी में सबसे अच्छी 0.5 डेंसिटी 74 बंगला, बिड़ला मंदिर की पहाड़ी पर है। एकांत पार्क, बोरवन पार्क (बैरागढ़) में 0.4 डेंसिटी मिलती है। जबकि बीएचईएल क्षेत्र में सामान्य तौर पर 0.3 और कहीं-कहीं 0.4 डेंसिटी है। नार्थ टीटीनगर और साउथ टीटीनगर के कुछ हिस्से में पेड़ों की कटाई के बाद डेंसिटी 0.2 तक आ गई है, जबकि पुराने शहर में 0.1 डेंसिटी है, जो सबसे खराब स्थिति है। उन्होंने बताया कि 0.5 डेंसिटी उम्दा मानी जाती है।     Attachments area          

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    अगस्त से पहले छूट भी मिलेगी     कोलार  में अब रहवासी साल में कभी भी प्राॅपर्टी टैक्स जमा कर सकेंगे और पेनाल्टी भी नहीं लगेगी। 31 अगस्त तक 6 फीसदी छूट पहले की तरह जारी रहेगी। इस संबंध में निगम प्रशासन ने आदेश जारी कर दिए हैं। लेकिन शर्त रखी गई है कि पिछले वर्षों का प्राॅपर्टी टैक्स बकाया न हो। अब तक नवंबर से जनवरी तक पांच प्रतिशत और फरवरी से मार्च तक 10 प्रतिशत पेनाल्टी का प्रावधान था।    प्राॅपर्टी टैक्स में वित्त वर्ष के बीच में ही पेनाल्टी लगाने के इस नियम का लंबे समय से विरोध हो रहा था। कहा जा रहा था कि जब प्राॅपर्टी टैक्स पूरे वित्त वर्ष का होता है तो बीच में पेनाल्टी कैसे ली जा सकती है। नगर निगम के इस साल के बजट में प्राॅपर्टी टैक्स से पेनाल्टी समाप्त करने की घोषणा की थी। तीन अप्रैल को पारित बजट के संदर्भ में निगम प्रशासन ने आदेश जारी कर दिए हैं। इसका फायदा शहर के करीब तीन लाख पचास हजार प्राॅपर्टी टैक्स के खाताधारकों को मिलेगा।   

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  महापौर की जांच में जलसंकट का खुलासा   कोलार क्षेत्र में पेयजल के लिए सबसे ज्यादा मारामारी हो रही है। 15 दिन से इंजीनियर, स्थानीय पार्षदों की टीम को लेकर महापौर आलोक शर्मा ने शहर भर में पेयजल को लेकर सर्वे कराया है। इसमें खुलासा हुआ है कि कोलार क्षेत्र में सर्वाधिक जलसंकट है। इसके बाद महापौर ने यहां 36 ट्यूबवेल स्वीकृत किए हैं। इसके साथ ही प्राइवेट टैंकर बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।  उधर कांग्रेस नेताओं ने सांसद आलोक संजर, महापौर आलोक शर्मा, नगर निगम अध्यक्ष सुरजीत सिंह पर कोलार से सौतेला व्यवहार करने के आरोप लगाए हैं।   सर्वधर्म ए-सेक्टर, सर्वधर्म बी-सेक्टर, पैलेस आर्चेड, मंदाकिनी, अमरनाथ कॉलोनी, सार्इंनाथ, महाबली, सर्वधर्म सी-सेक्टर, आशीर्वाद कॉलोनी, बंजारी, दानिशकुंज, नयापुरा, अकबरपुर, विनीतकुंज, राजहर्ष, राजवैद्य सहित कोलार क्षेत्र की करीब 18 झुग्गी क्षेत्र में पानी को लेकर हालत ख़राब है ।   रविवार को अवकाश के बावजूद भी नगर निगम कार्यालय पेयजल संकट को दूर करने की समीक्षा को लेकर खोला गया। इसमें कोलार से जुड़े सभी पार्षद और अधिकारी पहुंचे। इस दौरान पानी पर चर्चा हुई और फैसले लिए गए। पार्षदों को कहना है कि महापौर ने मांग से ज्यादा टयूबवेल और टैंकर स्वीकृत किए हैं। जलसंकट से कोलार को मुक्ति मिलेगी।   कोलार की जनता सांसद आलोक संजर और मेयर आलोक शर्मा की बेरूखी से खासी नाराज है। पब्लिक का कहना है कि ऐसे जलसंकट के समय सांसद और महापौर ने कोलार को छोड़ दिया है। अकेले विधायक रामेश्वर शर्मा ही नजर आते हैं। जनता का कहना है कि क्या कोलारवासियों ने सांसद संजर और महापौर शर्मा को निर्वाचित नहीं किया है। उधर, कांग्रेस का कहना है कि अगर सांसद और महापौर ने कोलार के प्रति जवाबदेही नहीं दिखाई, यहां की समस्याओं का निराकरण नहीं कराया तो इनके हर चौराहे पर पुतले फूंके जाएंगे। कांग्रेस ने सवाल किया कि आखिर क्या वजह है और कौन सा पॉवर सेंटर है जो इन्हें यहां आने से रोकता है।यह नेता कोलार से कन्नी काटते हैं।     Attachments area          

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    पार्षद और ठेकेदार की मिलीभगत से हुआ घटिया निर्माण      कोलार में कॉकस है पार्षद ,ठेकेदार और इंजीनियरों का जो लगातार घटिया काम करवा के माल कमा रहा है।   निर्माण कार्यों में भारी भ्रष्टाचार हो रहा है।सरकार और जनता की कमाई की गाढ़ी कमाई को यह कॉकस लूट रहा है ,यही वजह है  लाखों रुपए खर्च होने के बाद भी विकास कार्य नहीं दिख रहे हैं। ताजा मामला वार्ड 80 का है, जहां 8 लाख में बनी सड़क 8 दिन में उखड़ गई। बड़े लोग माने जाने वाले यह लोग इस पूरे मामले को दबाने में लगे हैं। वहीं वार्ड 80 के बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पार्षद के कारनामों की सूचि बनकर प्रदेश संगठन को भेज कर पार्षद के भ्रस्टाचार पर रोक लगाने की मांग की है।      वार्ड 80 में पार्षद ठेकेदारों और इंजीनियरों का एक गिरोह घटिया निर्माण करवा रहा है इसकी ताजा मिसाल  आशीर्वाद कॉलोनी में सामने आयी  है। यहां पर पिछले महीने करीब 8 लाख रुपए की राशि से सीमेंट क्रांकीट (सीसी) रोड बनाई थी। इसका निर्माण इतना घटिया है, कि वह तीन जगह से टूट गई है। ठेकेदार द्वारा किए गए निर्माण को लेकर रहवासियों में खासा आक्रोश है। शिकायत स्थानीय पार्षद रविंद्र यति से भी लोगों ने की लेकिन उन्होंने ठेकेदार के खिलाफ कुछ भी सुनना रास नहीं आया और उन्होंने अपने इलाके में घटिया निर्माण होने दिया जिसका नतीजा आठ दिन में ही सामने आ गया। इस कॉकस से परेशान लोगों ने  विधायक रामेशवर शर्मा से मामले की शिकायत की है जिसमे  ठेकेदार का पेमेंट रोकने के साथ पार्षद के सभी कामों की जांच की मांग की है।     इस मामले में ठेकेदार और इंजिनियर से ज्यादा पार्षद रवीन्द्र यति को लोग दोषी मान रहे हैं की उन्होंने अपने इलाके में लगातार घटिया निर्माण करवाए हैं और शिकायत के बावजूद यह करप्ट ठेकेदारों और इंजीनियरों को पनाह देते रहे हैं। रविंद्र यति की शिकायत बीजेपी संगठन से भी कार्यकर्ताओं ने की है कि  यति लगातार का कामकाज ठीक नहीं हैं, इनके सभी निर्माण कार्यों की जांच करवाई जाये तो बड़ा भ्रस्टाचार सामने आयेगा। यति के खिलाफ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष को भेजे पत्र  गया है इनके कारण पार्टी की साख ख़राब हो रही हैं ,अगर विधायक रामेश्वर शर्मा का अंकुश न हो तो वार्ड 80 बर्बादी की कगार पर पहुँच जाए।     इस काम को देखरहे इंजीनियर एचएस बेदी पर  मुख्य जवाबदारी निर्माण कार्य देखने की इन्हीं की है पर यह मौके पर गए ही नहीं। अब कह रहे हैं जांच कराएंगे। ठेकेदार सिद्धार्थ अग्रवाल को   अच्छा निर्माण करना चाहिए था, पर सबकी मिलीभगत में कांक्रीट के नाम पर सीमेंट पोत दी।  बताया जाता है इन दोनों से पार्षद का खास लगाव है।    बीजेपी संगठन को की गई शिकायत में पार्षद रविंद्र यति के कारनामों का सिलसिलेवार ब्यौरा है । कोलार के ही कुछ नेताओं और कुछ समाजसेवियों ने ऐसे निर्माण कार्यों की सूची तैयार कर अलग अलग नेताओं को दी है जहां पार्षदों, इंजीनियरों और ठेकेदारों के गठजोड़ ने कार्यों में गड़बड़ी की है।लेकिन सब से ज्यादा गड़बड़ी वाला वार्ड 80 को बताया गया है।   

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    वार्ड 82 में स्थित दानिश कुंज में एक बड़ा मामला सामने आया है। सोसायटी ने विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि यहां सड़क का निर्माण किया गया है। वहीं पार्षद भूपेंद्र माली ने बाकायदा बोर्ड लगाकर जनता को बताया है कि यह सड़क उन्होंने बनवाई है। मतलब यह हुआ कि नगर निगम ने बनाई है। यदि यह श्रेय लेने की होड़ है, तब तक तो ठीक है और यदि फाइलें बनवाकर भुगतान का खेल है तो बड़ा भ्रष्टाचार सामने आएगा। खास बात यह है कि सड़क जिसने भी बनवाई हो उखड़ने लगी है।   सड़कों में बड़ा खेल कोलार क्षेत्र में सड़कों के मामले में भारी मिलीभगत और भ्रष्टाचार सामने आ रहा है। यहां इजीनियर्स, पार्षद और ठेकेदारों का एक कॉकस काम कर रहा है। करोड़ों की सड़कें बनती हैं और 4 महीने में उखड़ जाती हैं।   इसलिए उठे सवाल कई बार यह मामले सामने आए हैं कि सड़कें बीएचईएल और सीपीए ने बनार्इं तथा फाइलें नगर निगम में बनी। इसलिए कई बार सवाल उठने लगते हैं।   चाहिए पैसे : समिति ने रोड बनाने की सूचना दी और बकाया राशि मांगी।   और सड़क उखड़ गई यह सड़क निगम या फिर सोसायटी, जिसने भी बनाई हो पर यह बनने के 30 दिन बाद ही उखड़ने लगी है।     Attachments area          

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  उच्च शिक्षा मंत्री  गुप्ता ने किया भूमि-पूजन   एक्सीलेंस कॉलेज से चूना भट्टी तक सी.सी. रोड का निर्माण होगा। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने रोड का भूमि-पूजन किया। रोड के लिये एक करोड़ 64 लाख 84 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। रोड की लम्बाई एक किलोमीटर है।  गुप्ता ने कहा कि रोड की तराई अच्छी तरह से करें।   श्री गुप्ता ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण सड़क का निर्माण समय-सीमा में करवायें। उन्होंने कहा कि रोड के बन जाने से उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और स्टॉफ की माँग पूरी हो जायेगी। गुप्ता ने कहा कि सरकार सिर्फ काम में भरोसा करती है। उन्होंने शासन की जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रदेश में सबके पास रहने के लिये घर और रोजगार का कम से कम एक जरिया हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़क, बिजली और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है।      Attachments area          

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    भोपाल  में शाहपुरा तालाब पर 3 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा।  महापौर परिषद ने शुक्रवार को इसकी प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी। इस ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 12 एमएलडी होगी। महापौर आलोक शर्मा की अध्यक्षता में हुई एमआईसी की बैठक में छोटे और बड़े तालाब में फाउंटेन स्थापित करने की भी प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। एमआईसी ने टीटी नगर स्थित सब्जी विक्रेताओं से तहबाजारी जमा कराने, संत हिरदाराम नगर मल्टीलेवल पार्किंग में एक दुकान का ऑफर स्वीकृत करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही भैंसाखेड़ी में सीवेज समस्या के निराकरण के लिए न्यूनतम ऑफर की स्वीकृति सहित कई प्रस्तावों को मंजूर किया गया।

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‘‘कर्मश्री’’ की प्रस्तुति कोलार में विश्वविख्यात भजन गायक विनोद अग्रवाल की भजन संध्या ‘‘एक शाम बांसुरी वाले के नाम’’ में मानो पूरा कोलार ही उमड़ पड़ा। भजन संध्या का आयोजन संस्था ‘‘कर्मश्री’’ के अध्यक्ष हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के तत्वावधान में किया गया था। गौरतलब है कि विधायक शर्मा और उनकी संस्था ‘‘कर्मश्री’’ द्वारा प्रतिवर्ष विनोद अग्रवाल की भजन संध्या ‘एक शाम बांसुरी वाले के नाम’’ का आयोजन किया जाता है। इसके बाद मुरली वाले के भजनों के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्यातीप्राप्त भजन सम्राट विनोद अग्रवाल ने राधाकृष्ण के समधुर भजनों की वह तान छेड़ी कि आयोजन स्थल पर बैठे हजारों श्रद्धालु श्रोता कान्हा की भक्ति के आनंदारितेक में डूब से गए। श्री अग्रवाल के साथ आए उनके पुत्र जतिन अग्रवाल और सह गायक धीरज बावरा, महावीर शर्मा, ललित शर्मा, विवेक मेहता ने भी कार्यक्रम की औपचारिक शुरूआत के पूर्व भजनों की प्रस्तुति दी, इनके साथ वाद्य यंत्रों पर सुमन और अंशु ने भी जबरदस्त संगत करते हुए श्रोताओं को बांधे रखा। भजन संध्या के आरंभ में ‘कर्मश्री’ अध्यक्ष एवं विधायक रामेश्वर शर्मा ने अंतर्राष्ट्रीय ख्याती प्राप्त भजन सम्राट विनोद अग्रवाल एवं साथ आए उनके पुत्र जतिन अग्रवाल और सह गायक धीरज बावरा, महावीर शर्मा, ललित शर्मा, विवेक मेहता सहित वाद्य यंत्रों पर संगत दे रहे सुमन और अंशु का स्वागत किया। पार्षद रविंद्र यति, भूपेंद्र माली, पवन बोराना, सहित श्यामसिंह मीणा ने भी श्री अग्रवाल सहित उनके साथ पधारे संगीतकारों का स्वागत किया। पैलसे आॅर्चड रहवासी समिति के अध्यक्ष सुनील श्रीवास्तव सहित पूरी समिति ने भजन सम्राट अग्रवाल का शाल-श्रीफल भेंट कर स्वागत किया। इन्हीं के द्वारा भजन सम्राट विनोद अग्रवाल और भजन संध्या के आयोजक विधायक रामेश्वर शर्मा को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया। विनोद जी जहां जाते है वहां कान्हा और राधा अवश्य आते हैं: रामेश्वर शर्मा कान्हा से मिलना है तो हमें उनके साथ तार जोड़ना होगा। भजन संध्या में मोबाईल छोड़ कर पूरे समय उपर वाले से तार जोड़ कर बैठे रहना होगा। यह विचार ‘कर्मश्री’ अध्यक्ष एवं हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने भजन संध्या के आरंभ के पूर्व आयोजन स्थल पर उपस्थित विशाल जनसमुदाय को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होेने कहा कि विनोद अग्रवाल जी पेशे से व्यवसायी हैं, लेकिन मन में कान्हा की भक्ति की वह लगन और कृपा प्राप्त हुई कि उन्होने राधा की गली में ही डेरा डाल दिया है। विनोद जी को सुनने में जिंदगी का अद्भुत आनंद है। इनकी खासियत है कि इनके भजन को दस बार सुनेंगे तो दसों बार अलग ही अनुभव पाएंगे। विनोद जी जो लिखते और गाते हैं वह अद्धितीय है,यह ईश्वरीय कृपा से ही संभव है। चाहे हम भागवत कथा कराएं, या राम कथा कराएं, कांवड़ यात्रा कराएं या फिर कितने ही धार्मिक आयोजन कराएं लेकिन लोग कहते हैं लोगों कि नशे की प्रवृत्ति बढ़ते जा रही है। इसके रोकने के लिए हमें अपने बच्चों को बचपन से ही फिल्मों की ओर मोड़ने के बजाए भजन संध्या सहित अन्य धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन में अवश्य ले जाना चाहिए। यहां बच्चों को ऐसे संस्कार मिलेंगे कि वह बच्चा जिंदगी भर माॅं-बाप की सेवा तो करेगा ही साथ ही जीवन में सफलता अर्जित कर देश और समाज के काम भी आएगा।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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(कोलार) उपनगर के विजय विलास कालोनी में रहने वाली एक छात्रा ने मंगलवार की रात को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली | पुलिस के मुताबिक विजय विलास मे रहने वाली छात्रा के पिता विवेक राव सरकारी कर्मचारी है तथा उनकी बेटी प्रतीक्षा शेंडे (१७) आईआईटी की तैयारी कर रही थी |परिजनों को तब पता चला जब मंगलवार रात को काफी देर तक वह कमरे से बाहर नहीं आई तभी सब लोग उसके कमरे में गए तो दरवाज़ा अन्दर से बंद था तो परिवार वालो को शक हुआ तब उन लोगों ने छात्रा के मामा संदीप को फोन कर घर बुलाया तभी फिर दरवाज़ा तोडा गया तो प्रतीक्षा फाँसी पर लटकी हुई थी |उसे तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया |पुलिस का कहना है की यह मामला तनाव को मद्देनज़र रखते हुए आत्महत्या का है |

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उज्जैन। सूर्य ग्रहण सोमवार को है लेकिन यह भारत में नहीं दिखाई देगा। इसलिए इसका सूतक भी नहीं माना गया है लेकिन इसका असर विश्वव्यापी देखने को मिलेगा। विश्व में युद्ध के हालात बनेंगे। भारत की भी अपने पड़ोसी देशों से सीमा पर झड़प हो सकती है। सूर्य ग्रहण के असर से जून माह तक हालात बहुत ही परिवर्तनशील होंगे। भारतीय नव वर्ष चैत्र प्रतिपदा के एक दिन पूर्व 8 अप्रैल को पूर्ण सूर्यग्रहण देश और दुनिया के लिए बड़ी प्राकृतिक व मानवीय त्रासदी लेकर आ रहा है, ऐसा ग्रहों के आधार पर कहा जा रहा है। ज्योतिष में शुभ नहीं माना जाने वाला खप्पर योग वर्तमान में प्रभावशील है। यह 23 अप्रैल तक अपना कुप्रभाव दिखाएगा। इसी के साथ शनि की मूल त्रिकोण राशि कुंभ में दो परस्पर विरोधी व शत्रु माने जाने वाले ग्रहों शनि और मंगल की वक्र युति बनी हुई है। यह भी 23 अप्रैल तक अपना कुप्रभाव दिखायेगी। आने वाली 30 मई तक गोचर में लगभग सभी ग्रहों के लगातार तेजी से बदलाव देखने को मिलेंगे। यहां दिखेगा सूर्य ग्रहण सोमवती अमावस्या का पूर्ण सूर्य ग्रहण उत्तरी अमेरिका, मध्य अमेरिका, अटलांटिक महासागर, प्रशांत महासागर, कनाडा, मेक्सिको आदि स्थानों पर दिखाई देगा। यह ग्रहण भारतीय समयानुसार रात्रि 9.12 बजे से मध्यरात्रि 2.22 बजे के मध्य होगा। अत: भारत में दिखाई न देने के कारण यहां इसकी धार्मिक मान्यता नहीं होगी और सूतक नहीं होंगे। लेकिन खगोलीय घटना होने के कारण आंशिक प्रभाव होने से इंकार नहीं किया जा सकता। यह होंगी खगोलीय घटनाएं ज्योतिष विचारक योगेंद्र माथुर ने दावा किया कि खगोलीय स्थिति के अध्ययन और विश्लेषण के अनुसार 13 अप्रैल को सूर्य, मीन राशि से अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश कर जाएंगे। मीन राशि में राहु के साथ बना ग्रहण योग समाप्त हो जाएगा लेकिन इस बीच वक्री बुध 9 अप्रैल की रात्रि अपनी नीच की मीन राशि में प्रवेश कर जाएंगे और 25 अप्रैल को मार्गी होकर पुन: अपनी शत्रु राशि मेष में लौटेंगे। 23 अप्रैल को मंगल का भी जल तत्व की राशि मीन में प्रवेश हो जाएगा,जहां वे राहु के साथ ज्योतिष के एक अशुभ अंगारक योग का निर्माण करेंगे। यह योग 1 जून की दोपहर तक बना रहेगा और देश दुनिया में अपना कुप्रभाव दिखाएगा। उन्होंने बताया कि मीन राशि में शुक्र पहले से ही विद्यमान है, जो 24 अप्रैल तक यहीं रहेंगे और राहु-मंगल-बुध के साथ कुछ समय के लिए चतुर्ग्रही योग का निर्माण करेंगे। 23 अप्रैल तक कुंभ राशि में शनि मंगल की युति रहेगी। शनि की तीसरी नीच दृष्टि मंगल की मेष राशि पर पड़ेगी, जहां देवगुरु बृहस्पति विद्यमान है। 13 अप्रैल को वहां सूर्य का प्रवेश हो जाएगा। शनि की दसवीं दृष्टि भी मंगल की ही वृश्चिक राशि पर पड़ेगी। केतु व चंद्र को छोड़कर अन्य सभी महत्वपूर्ण ग्रहों का गोचर कुंभ से मेष राशि के बीच हो रहा है। ज्योतिष विचारक के मुताबिक चंद्र का गोचर 4 अप्रैल से 11 अप्रैल तक इन्हीं राशियों में रहेगा। जल तत्व की राशि मीन में सूर्य ग्रहण,अंगारक योग व चतुर्ग्रही योग बनने से जल तत्व अत्यधिक होगा। अति वृष्टि, सुनामी,जल प्लावन और अनावृष्टि पूरी दुनिया में देखने को मिलेगी। मंगल व शनि भूमि भवन के कारक हैं अत: बड़े भूकंप की आशंका रहेगी। 11 अप्रैल को मंगल व शनि कुंभ राशि में लगभग समान अंश की स्थिति में होंगे। अत: यह समय विशेष सतर्कता व सावधानी रखने का होगा। तेल के कुंओं में आग लगने, ज्वालामुखी भड़काने, अंतरिक्ष में कोई सैटलाइट दुर्घटनाग्रस्त होने या प्लेन दुर्घटना होने जैसे प्रभाव दिखेंगे। सरकार व न्यायपालिका के किसी बड़े निर्णय अथवा कानून निर्माण को लेकर सरकार व जनता के बीच और न्यायपालिका व कार्यपालिका के बीच बड़े मतभेद उभर सकते हैं। शनि के गुरु के नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद में गोचर और तीसरी नीच दृष्टि मेष राशि में स्थित गुरु पर होने से कट्टरता व धार्मिक उन्माद भी तेजी से बढ़ेेगा। शेयर बाजार में बड़ा परिवर्तन होगा। बुध व राहु वायु के कारक हैं। जल तत्व की राशि में इन दोनों की युति बनने से आंधी, व चक्रवात की अधिकता रहेगी। एक ही राशि में चार या इससे अधिक ग्रहों के एकत्र होने से कई बार युद्ध की स्थिति बनती है। माथुर ने दावा किया कि अधिकांश ग्रहों के एक ही कोण में आ जाने से इसकी संभावना अधिक बढ़ जाती है। आगामी दिनों में विभिन्न देशों के बीच परस्पर युद्ध के नए मोर्चे खुलने और वर्तमान में चल रहे संघर्ष के भीषण होने की संभावना है। भारत भी इस ग्रह स्थिति से अछूता नहीं रहेगा। भारत का पड़ोसी देशों पाकिस्तान व चीन के साथ तनाव बनने की संभावना है। छोटा युद्ध या बड़ी झड़प भी हो सकती है। उत्तर पूर्व की दिशा व पश्चिम की ओर से अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।

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सागर। सागर जिले में बीना की तरफ आ रही कोयले से लदी मालगाड़ी के इंजन में सेमरखेड़ी गांव के पास शनिवार शाम को अचानक आग लग गई। घटना बीना-गुना रेलवे ट्रैक पर हुई, जिसके बाद ट्रेन को वहीं रोक दिया गया। आनन-फानन में आग बुझाने के लिए बीना रिफाइनी, जेपी पावर प्लांट से फायर ब्रिगेड बुलाई गई, लेकिन एप्रोच रोड नहीं होने के कारण दोनों समय पर नहीं पहुंच गई। नगरपालिका की फायर लारी किसी तरह वहां पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। हालांकि, काफी देर बाद बीना रिफाइनरी और जेपी पावर प्लांट की दमकलें भी मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।     जानकारी के अनुसार, पीसीएमसी गुड्स ट्रेन दो इलेक्ट्रिकल इंजन के साथ कोयला लेकर गुना से बीना की ओर जा रही थी। इसी दौरान शनिवार शाम करीब सात बजे ट्रेन के एक इंजन में एकाएक आग लग गई। देखते ही देखते ऊंची-ऊंची लपटें और धुएं के गुबार उठने लगे। अच्छी बात यह रही कि बीना-कोटा रेलवे ट्रैक पर आग लगते ही सेमरखेड़ी स्टेशन पर ट्रेन को खड़ी कर लोको पायलट उससे नीचे उतर गए। इसके बाद उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी रेल अधिकारियों को दी। साथ ही नजदीकी बीना रिफाइनरी और जेपी कंपनी के अधिकारियों को सूचना देकर फायर ब्रिगेड बुलाई गई। बीना नगरपालिका की फायर लारी को भी सूचित किया गया।     इंजन में आग की सूचना लगते ही बीना स्टेशन से सीएंडडब्ल्यू, इलेक्ट्रिकल, इंजीनियिरिंग, टीआरडी सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौके के लिए रवाना हुए। बीना से ब्रेक यान भी रवाना किया गया। इसी बीच बीना नगरपालिका की फायर लारी ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने के प्रयास शुरू किए, लेकिन हवा के साथ आग बढ़ती ही जा रही थी। बाद में बीना रिफायनरी और जेपी प्लांट की दमकलें भी मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। रेलवे तथा स्थानीय अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं। फिलहाल इंजन में आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। हादसे के दौरान एक लाइन का यातायात रोक दिया गया, जबकि दूसरी लाइन से रेलवे द्वारा एक सवारी गाड़ी वहां से निकाली गई, जिसके यात्रियों ने ट्रेन रुकने के बाद जलते इंजन के साथ सेल्फी भी ली।   रेल अधिकारी नवल अग्रवाल ने बताया कि मध्य रेल भोपाल से हुई बातचीत में उन्होंने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि फिलहाल आग बुझा ली गई है। आग लगने की वजह की जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि रेलवे कर्मियों की तत्परता से तुरंत ही इंजन से कोयला लदी बोगियों को अलग कर दिया गया। इसकी वजह से बड़ा हादसा टल गया। साथ ही आग से ज्यादा नुकसान भी नहीं हुआ। मालगाड़ी कोयले से भरी हुई थी, जो कोटा डिवीजन जा रही थी। इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है।

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धार। केंद्रीय पुरातत्व विभाग के अधीन एएसआई की टीम द्वारा धार की भोजशाला का वैज्ञानिक पद्धति से सर्वे किया जा रहा है। सर्वे के 16 वें दिन शनिवार को एएसआई के अधिकारियों सहित पूरी टीम ने सुबह आठ बजे परिसर में प्रवेश किया। मजूदरों सहित हिंदू व मुस्लिम पक्षकार भी भोजशाला पहुंच चुके हैं। कोर्ट के निर्देश पर भोजशाला का सर्वे शुरू हुए 15 दिन हो चुके हैं। 15 वें दिन शुक्रवार को जुमे की नमाज होने के चलते 6 घंटे ही काम हो पाया था। ऐसे में आज 16वें दिन टीम के सदस्यों के पास पूरा समय है। हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप एएसआई को 6 सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करना है। हाईकोर्ट में अगली सुनवाई अब 29 अप्रैल को है। ऐसे में अब सर्वे के काम को गति मिलने की उम्मीद है। टीम में अलोक कुमार त्रिपाठी, अपर महा निदेशक, पुरातत्त्व विभाग व संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार सहित एएसआई के 25 सदस्य व 30 मजदूर शामिल हैं। सर्वे के काम के लिए लोहे की कंघी, प्लास्टिक की कंघी, प्लास्टिक के ब्रश, छोटी झाड़ू, छोटे-छोटे पाइप जैसे संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। वॉशिंग, क्लीनिंग और ब्रशिंग के साथ ही केमिकल की मदद भी ली जा रही है।

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भोपाल। अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के असर से मध्य प्रदेश में आज (शनिवार) से मौसम का मिजाज फिर बदलने जा रहा है। मौसम विभाग की मानें तो प्रदेश के अधिकतर शहरों में बादल छा जाएंगे, साथ ही जबलपुर, शहडलो, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम सहित प्रदेश के 19 शहरों में गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला शुरू हो सकता है। अलग-अलग शहरों में तेज रफ्तार से हवाएं चलने के साथ रुक-रुककर बारिश का दौर आगामी तीन दिन तक बना रह सकता है।     भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ पीके रायकवार ने बताया कि वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान के आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है, उसके साथ एक द्रोणिका भी संबद्ध है। राजस्थान में हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इसके अतिरिक्त पूर्वी विदर्भ से लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु होते हुए कोमरीन क्षेत्र तक एक द्रोणिका बनी हुई है।   वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि अलग-अलग स्थानों पर बनी इन तीन मौसम प्रणालियों के चलते आज से प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। इन मौसम प्रणालियों के कारण हवाओं का रुख दक्षिण-पश्चिमी हो गया है। हवाओं की रफ्तार भी 20 किलोमीटर प्रति घंटा के आसपास है। उन्होंने बताया कि आज राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, आगर मालवा, मंदसौर, गुना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, पांढुर्ना, भिंड एवं मुरैना जिले में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

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भोपाल। मध्यप्रदेश में अप्रैल महीने में आंधी-बारिश का ट्रेंड रहा है। इस बार भी ऐसा ही होने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 7 अप्रैल से अगले 2 दिन प्रदेश के कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर रहेगा। जबलपुर, भोपाल, शहडोल, रीवा समेत 18 जिलों में बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार 5 अप्रैल से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसका असर 1-2 दिन के बाद प्रदेश में देखने को मिलेगा। खासकर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश, आंधी और बादल रहेंगे। मौसम विभाग के अनुसार 6 अप्रैल को भोपाल, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बालाघाट, मंडला और डिंडोरी में बादल छाएंगे। वहीं, 7 अप्रैल को भोपाल, सीहोर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, उमरिया, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, रीवा और मऊगंज में हल्की बारिश भी हो सकती है। इन जिलों में 30 से 40 कि.मी. प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी भी चल सकती है।   इससे पहले पहले प्रदेश में गर्मी का असर दिखाई दे रहा है। बुधवार को ज्यादातर शहरों में पारा 38 डिग्री के पार रहा। सबसे गर्म दमोह रहा, जहां 41 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। मंडला, खंडवा और सिवनी में भी तापमान 40 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया। भोपाल में 38.5 डिग्री, इंदौर में 38.4 डिग्री, ग्वालियर में 37.8 डिग्री, जबलपुर में 39 डिग्री और उज्जैन में टेम्प्रेचर 38 डिग्री पहुंच गया। बैतूल, शिवपुरी, नर्मदापुरम, रतलाम, उमरिया, धार, मलाजखंड, सागर, सतना, गुना में पारा 39 डिग्री या इससे अधिक तापमान रहा।

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धार। अदालत के आदेश पर आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की टीम आज 14वें दिन धार की भोजशाला का सर्वे कर रही है। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट रंजना अग्निहोत्री भी वहां मौजूद हैं। उनका कहना है कि सारा काम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ही चल रहा है।   हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की राष्ट्रीय अध्यक्ष रंजना अग्निहोत्री आज दूसरे दिन धार में हैं। वे राजा भोज के समकालीन स्मारकों का भी अवलोकन करेंगी, जिसमें शहर के विजय मंदिर व मांडू स्थित संग्रहालय भी जाएंगी। इधर, सर्वे टीम गुरुवार को भोजशाला की नींव तक पहुंचने के लिए इसके पिछले हिस्से में खुदाई कर रही है। अभी तक नींव नहीं मिली है। यहां 2 सीढ़ियां जरूर पुराने जमाने के पत्थरों की नजर आई हैं, इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि नीचे तलघर की और जाने का कोई रास्ता हो सकता है। टीम का पूरा फोकस अभी इसी है। वहीं आज फिर गर्भगृह में भी एक टीम काम करेगी।   एडवोकेट रंजना अग्निहोत्री ने भोजशाला परिसर से बाहर निकलकर बताया कि हम सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों की प्रति लेकर अंदर गए थे। वहां सर्वे टीम से चर्चा हुई है। टीम ने बताया कि दोनों कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए उसे वर्ड टू वर्ड फॉलो किया जा रहा है। अंदर खुदाई का काम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार ही हो रहा है। पूरे भोजशाला परिसर की सफाई हो चुकी है। आगे कहां खुदाई होनी है उसके लिए मैपिंग की जा रही है, जो उनकी मैथड है, उसे वो आगे काम करेंगे।  

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उज्जैन। उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर के मंदिर में गुरुवार तड़के भगवान महाकाल का जल से अभिषेक करने के दूध, दही, घी, शहद, फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक पूजन किया। इस दौरान बाबा महाकाल का भांग और चंदन से जटाधारी शिव के रूप में श्रृंगार किया गया। भस्म आरती में भगवान महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। वहीं, मंदिर प्रबंध समिति ने आज से महाकालेश्वर मंदिर की व्यवस्थाओं में बदलाव किया है।     परम्परा के अनुसार, महाकालेश्वर मंदिर में चैत्र कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि पर गुरुवार तड़के चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित भगवान की प्रतिमाओं का पूजन किया। भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से कर पूजन अर्चन किया गया। प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को चांदी का मुकुट और रुद्राक्ष व पुष्पों की माला धारण करवाई गई। आज के श्रृंगार की विशेष बात यह रही कि दशमी तिथि की भस्मआरती में बाबा महाकाल का जटाधारी स्वरूप में श्रृंगार किया गया। जिसमें बाबा महाकाल के मस्तक पर चन्द्र और सूर्य को सजाया गया साथ ही जटाओं से मां गंगा भी निकली।     श्रृंगार के बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्म रमाई गई और भोग भी लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन किए। लोगों ने नंदी महाराज का दर्शन कर उनके कान के समीप जाकर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने का आशीर्वाद मांगा। इस दौरान श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल की जयकारे भी लगाए, जिससे पूरा मंदिर बाबा की जयकारे से गुंजायमान हो उठा।     अनाधिकृत रूप से गर्भगृह-नंदीहॉल में किसी को नहीं मिलेगा प्रवेश होली के दिन महाकाल मंदिर के गर्भगृह में लगी आग के बाद उज्जैन कलेक्टर नीरज सिंह के निर्देश पर गुरुवार को मंदिर की व्यवस्थाओं में बदलाव किए गए हैं। कलेक्टर ने मंदिर के प्रशासक मृणाल मीणा को पुजारी और पुरोहित के प्रतिनिधियों की लिस्ट तैयार करने के लिए कहा है। साथ ही अनाधिकृत रूप से किसी को भी गर्भगृह और नंदी हॉल में प्रवेश नहीं करने के निर्देश दिए हैं। भस्म आरती के दौरान नंदी हाल में प्रवेश पर रोक रहेगी। गर्भगृह में पहले ही रोक लगी है। अब भस्म आरती के दौरान गर्भगृह में सीमित संख्या में ही मंदिर से जुड़े लोग जा सकेंगे।     कलेक्टर नीरज सिंह ने मंदिर में मीडियाकर्मियों के लिए अलग से व्यवस्था बनाने के निर्देश प्रशासक मृणाल मीणा को दिए हैं। कलेक्टर सिंह ने बताया कि पर्व के दिनों में गर्भगृह के पास लगने वाले भीड़, वीआईपी के आगमन पर नंदी हाल में कवरेज के दौरान बड़ी संख्या में आने वाली भीड़ को भी कम करने के उपाय किए जा रहे हैं। अब महाकाल मंदिर के फोटोग्राफर ही फोटो और वीडियो मीडिया कों उपलब्ध करवाएंगे। मीडियाकर्मियों को भी नंदी हाल और गर्भगृह की देहरी तक जाने की रोक रहेगी। आने वाले समय मीडिया के लिए एक हॉल तैयार करवाया जाएगा, जहां फुटेज और बाइट देने की व्यवस्था की जाएगी।     फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा ने किए भगवान महाकाल के दर्शन इसी बीच दिग्गज फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा गुरुवार को उज्जैन पहुंचे। उन्होंने सुबह महाकालेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की। दरअसल, आशुतोष राणा की फिल्म 'वॉर 2' जल्द ही रिलीज होने वाली है। इस फिल्म की सफलता के लिए उन्होंने उज्जैन पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन किए। महाकालेश्वर मंदिर में अभिनेता आशुतोष राणा ने भस्म आरती में भी हिस्सा लिया। इतना ही नहीं उन्होंने नंदी हॉल से भगवान महाकाल की पूजा की। आशुतोष राणा महाकालेश्वर मंदिर में सफेद कुर्ता-पायजामा और ब्लैक नेहरू जैकेट पहने नजर आए। उन्होंने मंदिर के पुजारियों के मुताबिक परंपरा का पालन करते हुए ब्रह्म मुहूर्त में बाबा महाकाल के पट खुलने के बाद दूध, दही, घी, चीनी, शहद और पंचामृत से भगवान महाकाल का अभिषेक किया। वहीं भस्म आरती के बाद आशुतोष ने मंदिर के गर्भगृह में बाबा महाकाल की पूजा की और उनका आशीर्वाद लिया।

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भोपाल। राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के कई जिलों में इन दिनों भीषण गर्मी का दौर जारी है। बुधवार को भी भोपाल का तापमाप 38 डिग्री दर्ज किया गया। दिनभर तेज धूप छायी रही। हालांकि 5 अप्रैल को उत्तर भारत में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव हो सकता है। जिसका प्रदेश में 2-3 दिन बाद असर होने का अनुमान है। यदि सिस्टम आता है तो बूंदाबांदी-बादल छा सकते हैं। जिससे गर्मी से राहत मिलने की संभावना है।       मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को खंडवा और मंडला सबसे गर्म रहे। यहां तापमान 40 डिग्री के पार दर्ज किया गया। जबकि रतलाम, दमोह, सिवनी, बैतूल, खरगोन में पारा 39 डिग्री या इससे अधिक रहा। सबसे कम पारा पचमढ़ी में 32.8 डिग्री दर्ज किया गया। हालांकि, कुछ शहरों में हवा में ठंडक भी देखने को मिली। हवाओं की वजह से ऐसा हुआ। मौसम विभाग के अनुसार- अगले 4 से 5 दिन तक दिन के टेम्प्रेचर में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। रात में भी गर्मी का असर देखने को मिल सकता है।       राजधानी भोपाल की बात करें तो मंगलवार को अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री दर्ज किया गया। बादल भी छाए रहे। इंदौर में 36 डिग्री, ग्वालियर में 35.8 डिग्री, जबलपुर में 37.9 डिग्री और उज्जैन में तापमान 37 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले 2 दिन तक तेज धूप निकलने का अनुमान जताया है। वहीं, 5 और 6 अप्रैल को बादल छा सकते हैं। मध्यप्रदेश में इस बार अप्रैल के महीने में तेज गर्मी पड़ने की संभावना है। सबसे ज्यादा ग्वालियर-चंबल तपेगा। आखिरी सप्ताह में ग्वालियर में अधिकतम तापमान 46 डिग्री तक पहुंच सकता है। वहीं, भिंड, दतिया, मुरैना, श्योपुरकलां में पारा 46-47 डिग्री तक रहने का अनुमान है। निवाड़ी, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, खरगोन, शिवपुरी में तापमान 45 डिग्री तक रहेगा।

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धार। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ के आदेश पर धार की ऐतिहासिक भोजशाला में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) विभाग का सर्वे बुधवार को 13वें दिन भी जारी है। दिल्ली और भोपाल के अधिकारियों की 25 सदस्यीय सर्वे टीम ने सुबह करीब आठ बजे मजदूरों के साथ भोजशाला परिसर में प्रवेश किया और वैज्ञानिक पद्धति से सर्वे का काम शुरू किया। सर्वे टीम के साथ हिंदू पक्ष के गोपाल शर्मा, आशीष गोयल और मुस्लिम पक्ष के अब्दुल समद खान भी भोजशाला पहुंचे हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रही। सुरक्षा व्यवस्था के चाक चौबंद इंतजाम किए गए हैं।   सर्वे में टीम ने बुधवार सुबह पहले बाहरी क्षेत्र में स्थिति को देखा है। संभावना व्यक्त की जा रही है कि आज के सर्वे में विशेष रूप से भीतर खुदाई का कार्य शुरू हो सकता है। हालांकि, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की ओर से इसको लेकर कोई भी खुलासा नहीं किया जा रहा है। इसकी बड़ी वजह यह है कि इस पूरे मामले को गोपनीय रखकर अदालत को ही रिपोर्ट प्रस्तुत करना है। सर्वे टीम सुबह 8 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक सर्वे कार्य करेगी। फिलहाल, सर्वे का काम जारी है और इस काम में आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।     इधर, जानकारी मिली है कि हिन्दू फ्रंट फॉर जस्टिस की राष्ट्रीय अध्यक्ष और लखनऊ की एडवोकेट रंजना अग्निहोत्री बुधवार को तीन दिवसीय प्रवास पर धार पहुंचने वाली हैं। दरअसल, भोजशाला प्रकरण में उच्च न्यायालय इंदौर खंडपीठ में रंजना अग्निहोत्री ने ही आशीष जनक, आशीष गोयल, सुनील सारस्वत और मोहित गर्ग के साथ याचिका दाखिल की थी।

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भोपाल। प्रदेश के कई जिले इन दिनों तेज धूप की मार सह रहे हैं। खासकर राजधानी भोपाल में दिनभर तेज धूप का साया रहता है। अप्रैल की शुरुआत होते ही मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। हालांकि भोपाल में अप्रैल महीने में तेज गर्मी पड़ने का ट्रेंड है। पिछले 10 साल में टेम्प्रेचर 42 से 43 डिग्री के पार पहुंच चुका है। 28 साल पहले 19 अप्रैल 1996 को दिन का टेम्प्रेचर 44.4 डिग्री सेल्सियस रहा था, जो ऑल टाइम रिकॉर्ड है। अबकी बार भी भीषण गर्मी का अनुमान है।     मौसम विभाग का अनुमान है कि अप्रैल में पारा 43° तक पहुंच सकता है। धूल भरी हवाएं भी चलेंगी। लेकिन राहत यह है कि अप्रैल में बूंदाबांदी-बादल का मौसम भी बना रहेगा। गौरतलब है कि वैसे मार्च महीने से गर्मी की शुरुआत हो जाती है। इस बार मार्च में बारिश-ओले और आंधी का दौर चला। वहीं, तेज गर्मी भी पड़ी। 28 मार्च को तो पारा 40.5 डिग्री दर्ज किया गया था। मौसम विभाग के अनुसार, 15 अप्रैल तक पारा 40-41 डिग्री के बीच रहेगा, जबकि 16 अप्रैल के बाद पारा 43 डिग्री तक पहुंच सकता है।

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धार। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के आदेश पर धार की ऐतिहासिक भोजशाला में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) विभाग का सर्वे मंगलवार को 12वें दिन भी जारी है। सर्वे के बीच ही मंगलवार को भोजशाला में हिंदू समाज ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान भोजशाला मां सरस्वती के जयघोष से गूंज उठी। राजा भोज और मां सरस्वती जय घोष के साथ में मां सरस्वती की प्रतिमा लंदन से बाहर पहुंचे और भोजशाला में स्थापित हो, इस संकल्प के साथ महिलाएं और पुरुष बाहर आए। हिंदू समाज का अंदर प्रवेश होने के कारण एएसआई की टीम द्वारा बाहरी क्षेत्र में ही सर्वे किया जा रहा है।   भोजशाला में सर्वेक्षण का काम तेजी में अब तेजी आ गई है। मंगलवार को सर्वे के 12वें दिन एएसआई के 20 अधिकारियों और 34 मजदूरों ने सुबह करीब पौने आठ बजे भोजशाला में प्रवेश किया। टीम के साथ हिंदू पक्ष के गोपाल शर्मा, आशीष गोयल और मुस्लिम पक्ष के अब्दुल समद खान मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा की दृष्टि से भोजशाला परिसर के आसपास पुलिस बल तैनात किया हुआ है।     दरअसल, भोजशाला में प्रति मंगलवार को हिन्दू समाज द्वारा हनुमान चालीसा का पाठ किया जाता है, जबकि प्रति शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय द्वारा नमाज पढ़ी जाती है। इसी क्रम में भोजशाला में हर मंगलवार की तरह बार भी पूजा की गई। यहां हनुमान चालीसा का पाठ करने के बाद महिलाओं ने मां सरस्वती की पूजा की। इस दौरान हिंदू महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष शिवकुमार भार्गव भी साथियों के साथ भोजशाला पहुंचे।     बता दें कि मुस्लिम पक्ष द्वारा धार की भोजशाला में चल रहे एएसआई के सर्वे पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर सोमवार को सुनवाई हुई और सुप्रीम कोर्ट ने सर्वे पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। इसके चलते विशेष रूप से सर्वे को लेकर टीम ने मंगलवार को अपना काम शुरू किया।     हमारी याचिका खारिज नहीं हुईः अब्दुल समद   मंगलवार को मुस्लिम पक्ष के प्रतिनिधि अब्दुल समद ने भोजशाला में प्रवेश से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह भ्रामक बात है कि सुप्रीम कोर्ट में हमारी याचिका खारिज कर दी। वास्तविकता यह है कि हमारी याचिका खारिज नहीं की गई, बल्कि हमारी पूरी बात को सुना गया और दोनों पक्षों यानी एएसआई और सामने वाले पक्ष को नोटिस जारी किया गया।     उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि सर्वे के दौरान अंदर कोई भी एविडेंस में छेड़छाड़ न की जाए और साथ में यह भी निर्देश दिए कि अंदर चलने वाले सर्वे की कोई भी जानकारी बाहर नहीं आना चाहिए। शीर्ष कोर्ट ने उसके लिए भी गाइडलाइन जारी की है। इसके अलावा कोर्ट ने यह भी कहा कि एएसआई की रिपोर्ट को हाई कोर्ट रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश करें, उसके बाद ही उस पर फैसला होगा।     वहीं, मंगलवार को भोजशाला में होने वाले हिंदू सत्याग्रह में शामिल होने आए शिवकुमार भार्गव ने कहा कि भोजशाला में सर्वे के 12 दिन हो गए। यह बहुत खुशी की बात है और विशेष उत्साह का दिन है कि मां सरस्वती बहुत जल्द भोजशाला में स्थापित होने वाली है। सर्वे को लेकर अब तक जो भी जानकारियां सुनी गईं, उसके अनुसार अंदर जो एविडेंस सामने आ रहे हैं, वह सनातनी पक्ष में है और यह बहुत खुशी की बात है। हमारा हजारों वर्षों का संघर्ष अब बहुत जल्द पूरा होने वाला है और मां सरस्वती की स्थापना होगी। खुशी की बात है कि अयोध्या में रामचंद्र जी की स्थापना हो चुकी है और बहुत जल्दी भोजशाला में मां सरस्वती ही स्थापना होगी।

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सीहोर। सीहोर जिले में स्थित कुबेरेश्वर धाम के प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा घायल हो गए हैं। आष्टा में आयोजित महादेव की होली कार्यक्रम के दौरान किसी ने रंगों के बीच नारियल फेंक कर दिया जो उनके सिर में जा लगा, जिससे वह घायल हो गए। फिलहाल डॉक्टर ने उन्हें आराम की सलाह दी है। उन्होंने आगे की सभी कथाएं भी स्थगित कर दी है।     पंडित प्रदीप मिश्रा घायल होने के बाद भी नीमच के मनासा पहुंचे। यहां उन्होंने भक्तों को व्यास पीठ से बताया कि आष्टा में उनके सिर पर नारियल से चोट लगी है। डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें आराम की सलाह दी है। इसलिए अगले एक महिने तक कोई कथा नहीं होगी। मनास के भक्तों को यह बात सुनकर निराषा हुई। सभी ने पंडित प्रदीप मिश्रा के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उधर पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि मनासा की कथा अगले साल हम करेंगे और पूरा खर्चा कुबेरेश्वर समिति सीहोर के द्वारा किया जाएगा।

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धार। भोजशाला में एएसआई के सर्वे पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट के इनकार के बाद यहां 11वें दिन भी सर्वे किया गया। स्थानीय मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल कर भोजशाला का सर्वे कराने के मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश को रद्द करने की मांग की है। सोमवार को मामले में सुनवाई के बाद सु्प्रीम कोर्ट ने सर्वे पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने बताया कि मौलाना कमलाउद्दीन वेलफेयर सोसाइटी ने भोजशाला के सर्व को रोकने के संबंध में एक याचिका लगाई थी। कोर्ट ने वैज्ञानिक सर्वेक्षण पर रोक नहीं लगाई है। सर्वे जारी रहेगा। वहीं, भोजशाला मामले में हाई कोर्ट के वकील शिरीष दुबे ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद और विवेक तन्खा कोर्ट में मौजूद थे। उन्होंने कोर्ट को बताया कि काजी मोइनुद्दीन की ओर से याचिका लगाई गई थी। उन्होंने सर्वे को रोकने का आधार बताया कि काजी मोइनुद्दीन कमाल मौलाना के वंशज हैं। इंदौर हाई कोर्ट में काजी मोइनुद्दीन को पक्षकार नहीं बनाया गया है। उनकी अनुपस्थिति में सर्वे का आदेश हुआ है। सर्वे को निरस्त कर हमें सुना जाए। इस पर कोर्ट ने कहा कि यह याचिका मई 2022 में लगी और सर्वे का ऑर्डर 2024 में हुआ। क्या यह बात आपने हाई कोर्ट के समक्ष रखी थी। उन्होंने कहा कि जानकारी लगने के बाद हम सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं।

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नरसिंहपुर/जबलपुर। मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर रेलवे स्टेशन पर जैसे ही वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन रुकी, एकदम तेज चिंगारी आग में तब्दील हो गई। रेल के एक कोच में यह घटना घटी, जिसे तत्काल समय रहते काबू कर लिया गया। घटना इटारसी से जबलपुर जाते समय हुई है। फिलहाल तक घटना में जनहानि की जानकारी नहीं है। इस संबंध में अभी प्रारंभिक जानकारी मिली है। सूत्रों ने बताया कि वंदे भारत एक्सप्रेस के सी-5 कोच में विद्युतीय गतिरोध से (इलेक्ट्रिक शॉर्ट) के चलते यह आग भड़की थी, जिसे समय रहते तत्काल काबू में कर लिया गया। आग निकलते ही सभी यात्री ट्रेन से नीचे उतर गए थे। सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारी एवं कर्मचारी सी-5 कोच पर पहुंच गए थे और आग पर काबू पाया। अभी रेलवे की ओर से अधिकारिक बयान आना शेष है।

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भोपाल/धार। मध्य प्रदेश के धार जिले में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) के चल रहे सर्वे का रविवार को 10वां दिन है। सुबह छह बजे एएसआई की 25 सदस्यीय टीम मजदूरों के साथ वाग्देवी मंदिर परिसर यानी कि भोजशाला पहुंची। सबसे पहले टीम के सदस्यों ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए यहां भोजशाला समेत आसपास के 50 मीटर दायरे तक पूरे क्षेत्र का मेजरमेंट करने के साथ ही कुछ स्थानों को चिन्हित किया और उसके तत्काल बाद अपना सर्वे कार्य शुरू किया है। एएसआई की टीम आज बाबा कमाल की दरगाह के आसपास भी काम कर रही है। रविवार को हिंदूपक्ष की ओर से गोपाल शर्मा,आशीष गोयल और मुस्लिम पक्ष की ओर से अब्दुल समद इस टीम के साथ सर्वे स्थान में दाखिल हुए हैं।   उल्लेखनीय है कि रंगपंचमी होने के बाद भी सर्वे के नौवें दिन अधिकारी सुबह आठ बजे भोजशाला पहुंच गए थे, जहां सभी ने शाम पांच बजे तक कार्य किया था। धार कलेक्टर प्रियंका मिश्रा भी भोजशाला पहुंचीं थीं। उन्होंने परिसर का निरीक्षण करने के साथ ही एएसआई टीम से बात की थी। इसी के साथ सर्वे टीम में पांच नए सदस्य भी शामिल हुए जो आगरा, लखनऊ और भोपाल सर्कल के हैं। एक महिला अधिकारी बिहार से आई हैं। इसी कड़ी में एएसआई मुख्यालय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये भोजशाला में किए जा रहे सर्वे कार्य की रिपोर्ट ली और आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।     इसी के साथ भोजशाला में चल रहे इस सर्वे पर पूरे देश की निगाहें होने के कारण मुख्यालय द्वारा अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। हिंदू पक्ष की ओर से आशीष जैन का कहना है कि वाग्देवी के मंदिर, भोजशाला के अंदर खुदाई के दौरान मिल रहे अवशेष एक बार फिर से आज यह पूरी तरह से स्पष्ट कर देंगे कि यहां का सच क्या है। वैसे भी भोजशाला के स्तंभ और दीवारों पर बनी आकृतियों से साफ दिखाई देता है कि यहां मां सरस्वती का मंदिर है, यह ज्ञान का स्थल है, शिलालेखों, स्तंभों और भोजशाला के टुकड़े संरचना के बारे में गवाही दे रहे हैं। फिर भी कानून के दायरे में अब जब सच बाहर आएगा, तो उसका अपना ही महत्व है।     एएसआई की टीम भोजशाला के पिछले हिस्से में खुदाई कर रही है। भोजशाला के पिछले हिस्से में तीन स्थानों पर गड्ढे किए गए हैं। गर्भगृह के पीछे करीब 12 फीट तक गड्ढा किया गया है। इस गड्ढे के आधार पर ही भवन की नींव तलाशी जा रही है। गड्ढे की लंबाई, चौड़ाई और गहराई को बढ़ाया जा रहा है। इसके साथ दो अन्य गड्ढों से मिट्टी हटाकर परीक्षण किया जा रहा है। अभी तक टीम ने भोजशाला परिसर में मौजूद हवन कुंड की जांच की है। टीम के सदस्यों ने भोजशाला की छत, अकल कुइयां क्षेत्र में भी सर्वे किया है।     एसआईटी टीम ने भोजशाला के अंदर बाहर से मिट्टी के सैम्पल लिए हैं। खुदाई करके निकाले गए पत्थरों के सेम्पल लिए हैं ताकि भोजशाला की सही उम्र पता लगाया जा सके। आसपास के स्थलों पर कार्बन डेटिंग की जा रही है। नींव की खुदाई तक जाने के लिए सीढ़ियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। साइट पर उत्खनन के अलावा राडार (जीपीआर), ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस), कार्बन डेटिंग आदि तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सर्वे के दौरान वीडियो और फोटोग्राफी की भी इस्तेमाल की जा रही है।इसके साथ ही भोजशाला के बाहर कमाल मौला मज्जिद तक मार्किंग की गई। भोजशाला के बाहर कब्रिस्तान के सामने भी मार्किंग की गई। भोजशाला की छत को नापा है।     गौरतलब है कि हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ के निर्देश पर आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एसएसआई) ने पिछले शुक्रवार यानी 22 मार्च से सर्वे शुरू किया था। आज दूसरा रविवार है, पिछले रविवार को भी सर्वे टीम ने अवकाश नहीं मनाया था और इस रविवार को भी टीम मुस्तैदी से सर्वे कार्य में जुटी हुई है । फिलहाल इस स्थान को लेकर हिंदू और मुस्लिम दोनों ही परिसर पर अपना दावा प्रस्तुत करते हैं। हिंदू भोजशाला को वाग्देवी (देवी सरस्वती) का मंदिर मानते हैं, जबकि मुस्लिम इसे कमाल मौला मस्जिद बताते हैं। हिंदू समुदाय दावा करता है कि राजा भोज ने 1034 ईस्वी में भोजशाला में वाग्देवी की मूर्ति स्थापित की थी। अंग्रेज इस मूर्ति को 1875 में लंदन ले गए थे।

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धार। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के आदेश पर धार की ऐतिहासिक धार की भोजशाला में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) विभाग का सर्वे शनिवार को 9वें दिन भी जारी है। दिल्ली और भोपाल के आलाधिकारियों की सर्वे टीम शनिवार सुबह आठ बजे भोजशाला पहुंच कर सर्वे का काम शुरू किया। टीम के साथ हिंदू-मुस्लिम पक्ष के लोग भी मौजूद हैं। भोजशाला के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है।     भोजशाला में एएसआई टीम द्वारा जीपीआर तकनीक से राडार का उपयोग करते हुए सर्वे का किया जा रहा है। शनिवार सुबह भोजशाला पहुंचे हिंदू संगठन के आशीष गोयल ने कहा कि हमें पूरी उम्मीद है कि मां सरस्वती की प्रतिमा यहां स्थापित होगी। भोजशाला हमारी होगी। वर्तमान में सर्वे जारी है और यह सर्वे हमारे पक्ष में लग रहा है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक धरोहर में तीन स्थानों पर खुदाई चल रही है। मिट्टी के साथ-साथ जो भी पत्थर व अन्य अवशेष प्राप्त हो रहे हैं। उनमें से जो महत्वपूर्ण अवशेष हैं, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग उनको सुरक्षित कर रहा है। इनको लैब में परीक्षण के लिए भी भेजा जा रहा है। पूरी तरह से तकनीकी सर्वे है, जिसमें मशीनों का वैज्ञानिक रूप में उपयोग किया जा रहा है।     खास बात है कि रंगपंचमी का भी अवकाश नहीं रखा गया है। यहां एएसआई की टीम द्वारा बिना रुके यह सर्वे किया जा रहा है। इधर हिंदू संगठन द्वारा प्रतिवर्ष रंग पंचमी पर राधाकृष्ण भाग यात्रा भोजशाला के बाहरी परिसर मोती बाग चौक से निकल जाती है। इस बार भी यह यात्रा निकाली जाएगी। माना जा रहा है कि भोजशाला के गर्भ गृह में दो नए स्थानों पर खुदाई का काम हो सकता है।   वहीं, बाहरी परिसर में तीन स्थान पर खुदाई का कार्य जारी है। इसमें करीब 10 से 12 फीट के गड्ढे खोदे गए हैं। खुदाई के दौरान टीम को अवशेष प्राप्त हुए थे। इनकी फोटोग्राफी करने के साथ ही अवशेष की प्राचीनता का पता लगाया जा रहा है।

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भोपाल। साइक्लोनिक सर्कुलेशन, ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ की वजह से मध्यप्रदेश का मौसम एक बार फिर बदल गया है। शुक्रवार को मुरैना में ओले-बारिश हुई। ग्वालियर, सागर, रतलाम और भोपाल में भी हल्की बूंदाबांदी, आंधी और बादल छाए रहे। कई शहरों में गर्मी का भी असर रहा। दमोह में टेम्प्रेचर 42.5 डिग्री दर्ज किया गया। ऐसा ही मौसम शनिवार को भी रहेगा।   वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ, ट्रफ लाइन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव होने से प्रदेश में नमी आ रही है। इस वजह से कहीं गर्मी तो कहीं हल्की बारिश हो रही है। 30 मार्च को भी प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। साथ में गरज-चमक और 30 से 40 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा भी चलेगी। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को सागर, दमोह, जबलपुर, पन्ना, डिंडोरी, उमरिया, सतना, रीवा, मऊगंज और मैहर जिलों में हल्की बारिश होने का अनुमान है।   राजधानी भोपाल में शनिवार सुबह से धूप-छांव वाला मौसम है। शुक्रवार को सुबह से बादल छाए रहे। शाम को हल्की बूंदाबांदी हुई। मौसम विभाग के अनुसार- अगले 4 दिन तक मौसम का मिजाज ऐसा ही रहेगा।

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उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन में रंग पंचमी का पर्व हर्षोल्लास और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। बाबा महाकाल को भक्तिभाव से एक लोटा केसरयुक्त रंग का जल अर्पित कर प्रतीकात्मक रूप से रंगपंचमी का त्यौहार मनाया गया। भस्म आरती के दौरान प्रशासन, पुलिस और मंदिर प्रशासन का अमला पूरी तरह मुस्तैद रहा।   उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह द्वारा भस्म आरती की व्यवस्थाओं की सतत मॉनिटरिंग की गई। मन्दिर प्रशासक मृणाल मीना द्वारा भी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी की गई। प्रशासन, पुलिस एवं सुरक्षा एजेंसी के आपसी समन्वय से भस्म आरती का सुव्यवस्थित संचालन किया गया। श्रद्धालुओं के लिए भस्म आरती के दौरान व्यवस्थित बैठक व्यवस्था रही।   उल्लेखनीय है कि होली पर गर्भगृह में आगजनी की घटना होने के बाद महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के निर्णय अनुसार रंग पंचमी पर्व पर परम्परा के सम्यक निर्वहन के लिए भस्मार्ती में 01 लोटा केसरयुक्त जल भगवान महाकाल को अर्पण किया गया। इसके अतिरिक्त गर्भगृह, नंदी मण्डपम्, गणेश मण्डपम्, कार्तिकेय मण्डपम् और सम्पूर्ण मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार का रंग-गुलाल इत्यादि ले जाना, रंग-गुलाल उड़ाया जाना, आपस में रंग-गुलाल लगाना, किसी विशेष उपकरण का उपयोग कर रंग के उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंधित रहा।   सभी श्रद्धालुओं को मंदिर में किसी प्रकार का रंग-गुलाल लेकर प्रवेश नहीं कर सकें इसके लिए श्रद्धालुओं की विनम्रता पूर्वक जांच उपरांत ही, श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश दिया गया। समस्त द्वारों पर कार्यरत निरीक्षक और सुरक्षा कर्मियों ने श्रद्धालुओं के साथ विनम्र एवं सौजन्यता पूर्वक व्यवहार बनाए रखकर, श्रद्धालुओं की सतत् जांच करने के उपरांत ही मंदिर में प्रवेश दिए जाने की व्यवस्था की गई।   महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी, पुरोहित, प्रतिनिधि एवं मंदिर परिसर स्थित अन्य छोटे-बड़े मंदिर के पुजारी, सेवक, अपने साथ लाए जाने वाले सामान की स्वयं जांच कराकर मंदिर में प्रवेश लिया। मंदिर कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारियों ने भी कैमरो के माध्यम से समस्त द्वारो एवं सम्पूर्ण मंदिर परिक्षेत्र की सतत निगरानी की। भस्म आरती से पूर्व प्रशासक महाकाल मंदिर श्री मीना द्वारा समस्त अधिकारियों कर्मचारियों को दिशा निर्देशों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई एवं उनका क्रियान्वयन करने की निर्देश दिए गए थे।

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उज्जैन। इस साल रंग पंचमी का पर्व शनिवार, 30 मार्च को मनाया जाएगा। इस दौरान उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। रंग पंचमी पर्व पर महाकालेश्वर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने के दृष्टिगत मंदिर परिक्षेत्र में कानून एवं शांति व्यवस्था के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी नीरज कुमार सिंह के निर्देश पर कार्यपालक दंडाधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।   अपर कलेक्टर अनुकूल जैन ने शुक्रवार को बताया कि महाकालेश्वर मंदिर में अधिकारी और कार्यपालक दंडाधिकारियों की तीन शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गईं है। शनिवार, 30 मार्च को प्रातः 3:00 बजे से सुबह 8:00 तक तहसीलदार घट्टिया प्रकाश परिहार और अपर तहसीलदार उज्जैन राधेश्याम पाटीदार की ड्यूटी लगाई गई है। इसी प्रकार सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक अनुविभागीय दंडाधिकारी उज्जैन ग्रामीण अर्थ जैन और तहसीलदार कोठी महल शेफाली जैन तथा दोपहर 2:00 बजे से मंदिर के पट बंद होने तक डिप्टी कलेक्टर सरिता लाल और नायब तहसीलदार कोठी महल दरियाव सिंह भुर्रा की ड्यूटी लगाई गई है।

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भोपाल। प्रदेश में अगले दो दिन मौसम बदला रहेगा। राजधानी भोपाल में शुक्रवार सुबह से हल्के बादल छाए हैं। रतलाम में सुबह धूप के बीच बूंदाबांदी हुई। मौसम विभाग ने अगले दो दिन नर्मदापुरम, रीवा, सागर, दमोह, अनूपपुर समेत 20 से ज्यादा जिलों में हल्की बारिश और बादल छाने का अनुमान जताया है।   मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। ट्रफ लाइन भी है। इस वजह से प्रदेश में बादल छा रहे हैं। ऐसा ही मौसम 30 मार्च को भी रहेगा। वहीं, शुक्रवार से एक और पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने की संभावना है। इसका असर प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्से में देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम और नीमच में बारिश हो सकती है। वहीं, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सागर, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, सिवनी, पांढुर्णा और बालाघाट में शनिवार को बारिश हो सकती है।   गुरुवार को पूरे प्रदेश में गर्मी के तीखे तेवर देखने को मिले। दमोह सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री दर्ज किया गया। गुरुवार को कुल 14 शहरों में पारा 40 डिग्री के पार रहा। वहीं, गुरुवार की रात टीकमगढ़ प्रदेश में सबसे गर्म रहा। यहां न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री दर्ज हुआ। नर्मदापुरम में यह 25.8, दमोह में 25 डिग्री रहा। भोपाल में 23.8, इंदौर में 24.9, जबलपुर में 23.3, ग्वालियर में 22.0 तथा उज्जैन में 21.4 डिग्री न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।

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उज्जैन। उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर के मंदिर में गुरुवार तड़के भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल का जल से अभिषेक कर दूध, दही, घी, शहद, फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक पूजन किया गया। इसके बाद बाबा महाकाल को चंदन आभूषण और मस्तक पर चंदन का त्रिपुंड अर्पित कर भांग और सूखे मेवे से दिव्य श्रृंगार किया गया। इस दौरान भगवान महाकाल के इस दिव्य स्वरूप का सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। परम्परा के मुताबिक, महाकालेश्वर मंदिर में चैत्र कृष्ण पक्ष की तृतीया पर गुरुवार तड़के चार बजे मंदिर के पट खोल गए। पंडे-पुजारी ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन किया, इसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर फलों के रस से बने पंचामृत से भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर पूजन अर्चन किया। इसके बाद प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को चांदी का मुकुट और रुद्राक्ष व पुष्पों की माला धारण करवाई गई। खास बात यह रही कि भस्म आरती में भगवान महाकाल को नवीन मुकुट पहना कर चंद्र और रुद्राक्ष की माला पहना कर भांग और सूखे मेवे से मनमोहक श्रृंगार किया गया। इसके बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांक कर भस्मी रमाई गई और भोग भी लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या मे श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शनों का लाभ लिया। लोगों ने नंदी महाराज का दर्शन कर उनके कान के समीप जाकर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने का आशीर्वाद मांगा। इस दौरान श्रद्धालु बाबा महाकाल की जयकारे भी लगा रहे थे। इससे पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल की गूंज से गुंजायमान हो गया। महाकाल मंदिर में आग की घटना का मानव अधिकार आयोग ने लिया संज्ञान, 15 बिंदुओं पर मांगा जवाब   होली के दिन महाकाल मंदिर के गर्भगृह में भस्म आरती के दौरान आग लगने की घटना पर मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए उज्जैन कलेक्टर तथा महाकाल मंदिर प्रशासक से 15 बिंदुओं पर जांच रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने पूछा है कि घटना वाले दिन यानी 25 मार्च 2024 को महाकाल मंदिर उज्जैन के गर्भगृह में भस्म आरती के लिए कितने व्यक्तियों को जाने की अनुमति थी और घटना के समय कितने व्यक्ति मौजूद थे। गर्भगृह के अलावा भस्म आरती के समय शेष व्यक्ति-भक्तगण आदि गर्भगृह के दरवाजे से कितनी दूरी पर थे। भस्म आरती के समय गर्भगृह में गुलाल किस प्रकृति का उपलब्ध कराया गया था और यह व्यवस्था किसके द्वारा की गई थी। गर्भगृह में भस्म आरती के समय गुलाल से आग किस प्रकार और किन परिस्थितियों में लगी थी। आग के कारण गर्भगृह और उसके बाहर मौजूद कितने व्यक्ति झुलसे। उन सभी का पूर्ण विवरण और इलाज एवं वर्तमान स्थिति के संबंध में स्पष्ट प्रतिवेदन। आग में झुलसे ऐसे सभी व्यक्तियों के इलाज आदि पर व्यय की महाकाल मंदिर प्रबंधन और मध्य प्रदेश शासन की ओर से क्या व्यवस्था की गई। आग से झुलसे ऐसे व्यक्तियों को महाकाल मंदिर प्रबंधन एवं मध्यप्रदेश शासन की ओर से कोई आर्थिक मुआवजा राशि दी गई है अथवा नहीं। गर्भगृह या उसके पास गुलाल के साथ ही बताए अनुसार प्रेशर पम्प या रंग उड़ाने वाली छोटी स्प्रेगन किन परिस्थितियों में पहुंची थी। क्या उन्हें मंदिर के अंदर लाए जाने की अनुमति मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा दी गई थी। इस प्रकार की घटना महाकाल मंदिर के गर्भगृह या अन्य कहीं परिसर में न हो इसके लिए भविष्य में क्या सावधानियां और निर्देश प्रस्तावित हैं। मामले में उज्जैन कलेक्टर नीरज सिंह का कहना था कि गुरुवार शाम तक मजिस्ट्रीयल टीम द्वारा जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी, उसके बाद जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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धार। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के आदेश पर धार की ऐतिहासिक भोजशाला में भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण (एएसआई) का सर्वे सातवें दिन गुरुवार को भी जारी है। दिल्ली और भोपाल के अधिकारियों की 17 सदस्यीय टीम सुबह 7 बजकर 50 मिनट पर भोजशाला पहुंची और सर्वे का काम शुरू किया। इस दौरान टीम के साथ अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और मैपिंग के उपकरण भी नजर आए। एएसआई की टीम के साथ करीब 20 मजदूर भी परिसर में पहुंचे हैं। इस दौरान हिंदू पक्ष के गोपाल शर्मा और आशीष गोयल तथा मुस्लिम पक्षकार अब्दुल समद खान भी भोजशाला में पहुंचे हैं।     भोजशाला के बाहर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। एएसआई की टीम के साथ पहुंचे मजदूरों को जांच के बाद भोजशाला में प्रवेश दिया गया। भोजशाला में उत्खनन, कार्बन डेटिंग जीपीएस, जीआरएस पद्धति सहित आधुनिक संसाधनों द्वारा सर्वे का काम किया जा रहा है। सर्वे का काम पीछे की तरफ चल रहा है। यहां तीन स्पॉट बनाए गए हैं, उसमें साढ़े छह फीट गहराई तक गड्ढे कर दिए गए हैं।     गुरुवार को सुबह भोजशाला पहुंचे मुस्लिम पक्षकार अब्दुल समद ने फिर सर्वे पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राजा भोज का किला कहां था। किला था तो भोजशाला कहां थी। भोजशाला मिस्ट्री थी। उसको ढूंढने की कोशिश की जाए। हम भी चाहते हैं कि उसको ढूंढा जाए।     जाने क्या है विवाद दरअसल, राजा भोज ने धार की भोजशाला को बनाया था। जिला प्रशासन की वेबसाइट के अनुसार यह एक यूनिवर्सिटी थी, जिसमें वाग्देवी की प्रतिमा स्थापित की गई थी। मुस्लिम शासक ने इसे मस्जिद में बदल दिया था। इसके अवशेष प्रसिद्ध मौलाना कमालुद्दीन मस्जिद में भी देखे जा सकते हैं। यह मस्जिद भोजशाला के कैंपस में ही स्थित है, जबकि देवी प्रतिमा लंदन के म्यूजियम में रखी है। वर्ष 1902 में लॉर्ड कर्जन धार में मांडू के दौरे पर आए थे। उन्होंने भोजशाला के रखरखाव के लिए 50 हजार रुपये खर्च करने की मंजूरी दी थी। तब सर्वे भी किया गया था। सन 1951 को धार भोजशाला को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया गया है। तब हुए नोटिफिकेशन में भोजशाला और कमाल मौला की मस्जिद का उल्लेख है। याचिका हिंदू फॉर जस्टिस ट्रस्ट की तरफ से लगाई गई थी। इसके अलावा छह अन्य याचिकाएं भी इस मामले में पूर्व में लगी हैं। ट्रस्ट की तरफ से अधिवक्ता हरिशंकर जैन ने पक्ष रखते हुए बताया था कि 1902 में हुए सर्वे में भोजशाला में हिंदू चिन्ह, संस्कृत के शब्द आदि पाए गए हैं। इसकी वैज्ञानिक तरीके से जांच होना चाहिए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो।

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भोपाल। मध्यप्रदेश में गुरुवार से चौथी बार मौसम बदल गया है। भोपाल, इंदौर, छतरपुर, सतना, मैहर, रीवा समेत कई जिलों में बादल छा रहे हैं। इसके चलते इन जिलों में तेज धूप और गर्मी से राहत मिली है। ऐसा पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ लाइन की वजह से हो रहा है। 29 मार्च से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके कारण ग्वालियर-जबलपुर समेत प्रदेश के 29 जिलों में हल्की बारिश के आसार हैं।     मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। ट्रफ लाइन भी है। इस वजह से प्रदेश में बादल छा रहे हैं। ऐसा ही मौसम 28-29 मार्च को भी रहेगा। 29 मार्च से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। इसका 30 और 31 मार्च को प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्से में असर रहेगा। राजधानी भोपाल में अगले 4 दिन यानी, 31 मार्च तक बादल छाने का अनुमान है। वहीं, दिन का तापमान 38-39 डिग्री और रात का टेम्प्रेचर 21 से 23 डिग्री के बीच रह सकता है। उमस का असर भी रह सकता है।

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भोपाल। राज्य शिक्षा केन्द्र ने नवीन शैक्षणिक सत्र 2024-25 01 अप्रैल 2024 से प्रारंभ किया जाने के निर्देश दिये गये हैं। प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों की स्थानीय परीक्षाएं संपन्न हो गई हैं। समस्त बच्चों को एक अप्रैल से नवीन कक्षाओं में प्रावधिक प्रवेश देने के पश्चात् ग्रीष्मवकाश के पूर्व तक अध्ययन-अध्यापन सुनिश्चित किया जाए।     राज्य शिक्षा केन्द्र संचालक धनराजू एस ने बुधवार को बताया कि कक्षा एक के लिए नव प्रवेशित बच्चों को स्कूल रेडिनेस कार्यक्रम के अंतर्गत गतिविधियों का आयोजन किया जाये। कक्षा दो व तीन में क्रमशः कक्षा एक व दो के 10वें, 20वें एवं 30वें सप्ताह के ट्रेकर के आधार पर बच्चों द्वारा जिन दक्षताओं में सीखना शेष रह गया है। उनको चिन्हांकित करते हुए अभ्यास के अवसर प्रदान किए जाएं एवं छूटी हुई दक्षताओं को पूर्ण किया जाए।   संचालक धनराजू एस ने कहा कि कक्षा चार से आठ में कक्षोन्नत विद्यार्थियों की पूर्व कक्षा के प्रश्नपत्रों को हल कराते हुए आदर्श उत्तर लिखने का अभ्यास कराया जाए। विगत कक्षा की उपलब्ध स्थानीय वार्षिक परीक्षाओं की मुल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं का विश्लेषण निर्धारित प्रारूप अनुसार विद्यार्थीवार व कक्षावार किया जाकर न्यूनतम अधिगम स्तर (Low performing Learning Outcomes ) को चिह्नांकित कर विद्यार्थियों की छूटी हुई दक्षताओं के पुर्नअभ्यास करवाया जाए। राज्य द्वारा प्रदाय की जा रही 'प्रयास' अभ्यास पुस्तिका (कक्षा 2 से 3, 4 से 5 तथा 6 से 8) को 15 अप्रैल तक प्रत्येक विद्यार्थी को वितरण अनिवार्यतः किया जाये। शिक्षकों द्वारा विधार्थियों को इन अभ्यास पुस्तिकाओं के सन्दर्भ में आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया जाए, ताकि ग्रीष्म अवकाश में विद्यार्थी इस पुस्तिका पर कार्य कर सकें।

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भोपाल। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोकसभा निर्वाचन-2024 के निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार पहले चरण में मध्य प्रदेश के छह संसदीय क्षेत्रों में मतदान होना है। पहले चरण के लिए नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया बुधवार को पूरी हुई। नामांकन के अंतिम दिन 64 अभ्यर्थियों ने 89 नाम निर्देशन पत्र दाखिल किये हैं। इन छह संसदीय क्षेत्रों में अधिसूचना जारी होने से 27 मार्च तक कुल 113 अभ्यर्थियों द्वारा 153 नाम निर्देशन पत्र भरे गए हैं।     यह जानकारी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने दी। उन्होंने बताया कि अधिसूचना जारी होने से 27 मार्च तक लोकसभा संसदीय क्षेत्र क्रमांक-11 सीधी में 22 अभ्यर्थी द्वारा 30 नाम निर्देशन पत्र, लोकसभा संसदीय क्षेत्र क्रमांक-12 शहडोल(अजजा) में 10 अभ्यर्थी द्वारा 14 नाम निर्देशन पत्र, लोकसभा संसदीय क्षेत्र क्रमांक-13 जबलपुर में 22 अभ्यर्थी द्वारा 33 नाम निर्देशन पत्र, लोकसभा संसदीय क्षेत्र क्रमांक-14 मंडला (अजजा) में 16 अभ्यर्थी द्वारा 18 नाम निर्देशन पत्र, लोकसभा संसदीय क्षेत्र क्रमांक-15 बालाघाट में 19 अभ्यर्थी द्वारा 27 नाम निर्देशन पत्र एवं लोकसभा संसदीय क्षेत्र क्रमांक-16 छिन्दवाड़ा में 24 अभ्यर्थी द्वारा 31 नाम निर्देशन पत्र दाखिल किये गये हैं। नाम निर्देशन पत्र दाखिल किये गये अभ्यर्थियों के शपथ पत्र एवं अन्य जानकारियां भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट की लिंक https://affidavit.eci.gov.in/ पर देखी जा सकती हैं। नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा गुरुवार, 28 मार्च को होगी।     राजन ने बताया कि पहले चरण के लिये नामांकन भर चुके प्रत्याशी शनिवार, 30 मार्च तक अपने नाम वापस ले सकेंगे। पहले चरण के लिए शुक्रवार, 19 अप्रैल को मतदान होगा। मतगणना 4 जून को होगी।

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भोपाल। प्रदेश में 29 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। जिसके बाद 30 मार्च से प्रदेश के आधे हिस्से में फिर मौसम बदल जाएगा। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत 32 जिलों में कहीं बूंदाबांदी तो कहीं बादल छाएंगे। हालांकि, वर्तमान में भी एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। जिसका असर छतरपुर, सतना, मैहर और रीवा जिलों में देखने को मिल रहा है। इस कारण दिन के तापमान में मामूली गिरावट भी दिखाई दे रही है।   मंगलवार को प्रदेश के कई जिलों में गर्मी का असर देखने को मिला। दमोह में सीजन में पहली बार दिन का टेम्प्रेचर 40.2 डिग्री पहुंच गया। वहीं, नर्मदापुरम, रतलाम और धार में तापमान 39 डिग्री के पार रहा। बड़े शहरों की बात करें तो मंगलवार को उज्जैन सबसे गर्म रहा। यहां तापमान 38.5 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 37.3 डिग्री, इंदौर में 37.5 डिग्री, ग्वालियर में 36.5 डिग्री और जबलपुर में पारा 36.2 डिग्री रहा। वहीं, नौगांव, शिवपुरी, उमरिया और गुना में पारा 37 डिग्री से ज्यादा रहा। वहीं, खजुराहो, शाजापुर, खरगोन, बैतूल, मंडला और खंडवा में टेम्प्रेचर 38 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। पचमढ़ी में सबसे कम 32.8 डिग्री रहा।   मौसम वैज्ञानिकों ने फरवरी की तरह मार्च की विदाई भी बादल और बूंदाबांदी जैसे मौसम से होने की संभावना जताई है। 29 मार्च को वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने से 30 जिलों में मौसम बदला रहेगा। बूंदाबांदी हुई तो यह लगातार तीसरा महीना रहेगा, जिसकी विदाई बदले हुए मौसम से होगी। जनवरी में भी यही स्थिति बनी थी।

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उज्जैन। उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार तड़के भगवान महाकाल का सबसे पहले जल से अभिषेक किया गया। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद, फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का भांग चंदन और आभूषणों से श्रृंगार किया गया। बाबा महाकाल के मस्तक पर ॐ और त्रिशूल के साथ चन्दन का त्रिपुंड अर्पित कर श्रृंगार किया गया है।   खास बात यह रही कि आज प्रतिपदा की भस्मआरती में बाबा महाकाल का नवीन मुकुट पहनाकर सूर्य, चंद्र और चंदन का तिलक लगाकर बाबा महाकाल का श्रृंगार किया गया। श्रृंगार के बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांक कर भस्मी रमाई गई और फल और मिष्ठान का भोग भी लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गयी। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शनों का लाभ लिया। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज का दर्शन कर उनके कान के समीप जाकर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने का आशीर्वाद मांगा। इस दौरान श्रद्धालु महाकाल की जयकारे भी लगा रहे थे। पूरा मंदिर बाबा की जयकारे से गुंजायमान हो गया।   आज से बदला आरती का समय परम्परानुसार ज्योर्तिलिंग भगवान महाकाल की आरतियों के समय में चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से अश्विन पूर्णिमा तक परिवर्तन होता है। इसमें प्रथम भस्मार्ती प्रात: 04:00 से 06:00 बजे तक, द्वितीय दद्योदक आरती प्रात: 07:00 से 07:45 बजे तक, तृतीय भोग आरती प्रात: 10:00 से 10:45 बजे तक, चतुर्थ संध्या पूजन सायं 05:00 से 05:45 बजे तक, पंचम संध्या आरती सायं 07:00 से 07:45 बजे व शयन आरती रात्रि 10:30 ये 11:00 बजे तक होगी। वहीं भस्मार्ती, संध्या पूजन एवं शयन आरती अपने निर्धारित समय होगी।   महाकालेश्वर मंदिर के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने बताया कि उड़ीसा के नवरंगपुर में रहने वाली सौभाग्यवती जैन ने बाबा महाकाल के दर्शन किए और दान में 36 हजार 169 की राशि दी है। दान राशि देने पर महाकालेश्वर प्रबंध समिति की ओर से सौभाग्यवती जैन और उनके साथ आए अन्य श्रद्धालुओं का सम्मान किया गया। इसी तरह छत्तीसगढ़ के रिंकू शर्मा द्वारा मंदिर के पुरोहित रूपम शर्मा व नवनीत शर्मा की प्रेरणा से एमआई कंपनी का एक नग एलईडी टीवी (65 इंच) भगवान महाकाल को अर्पित किया गया। मंदिर प्रबंध समिति के सहायक प्रशासक प्रतीक द्विवेदी द्वारा प्राप्त कर विधिवत रसीद प्रदान की गई।

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धार। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ के आदेश पर धार की ऐतिहासिक भोजशाला में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग का सर्वे पांचवें दिन मंगलवार को भी जारी है। इसी बीच भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने मंगलवार को हिन्दुओं को पूजा-अर्चना की अनुमति दी गई है। इसके तहत सुरक्षा जांच के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोजशाला में पहुंचे और हनुमान चालीसा का पाठ किया।   कड़े सुरक्षा इंतजाम के बीच प्रत्येक श्रद्धालुओं की चेकिंग की गई और मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। पूजा के बाद बाहर आए श्रद्धालुओं ने कहा कि सर्वे के फैसले से हिंदू समाज खुश है। यहां 1952 से लगातार सत्याग्रह चल रहा है। हनुमान चालीसा के बाद आरती और पूजा संपन्न हुई। श्रद्धालुओं ने कहा कि निर्देश के अनुसार उन्होंने 11 बजे भोजशाला परिसर खाली कर दिया है। इधर, भोजशाला में एएसआई का सर्वे भी शुरू हो चुका है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की टीम भोजशाला के पिछले हिस्से में यह सर्वे कार्य कर रही है, ताकि किसी भी तरह से हिंदू समाज के लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। दोनों ही पक्ष की मौजूदगी में मंगलवार को यह सर्वे भीतरी परिसर में करवा पाना संभव नहीं था, इसलिए बाहरी परिसर में ही यह सर्वे करवाया जा रहा है। यहां आने वाले श्रद्धालु किसी भी तरह के सर्वे की प्रक्रिया को देख नहीं सकें, इसके लिए बड़े-बड़े पर्दे लगा दिए गए हैं। साथी मुख्य द्वार से केवल भीतर प्रवेश कर सकते हैं। अन्य स्थानों पर जाने पर रोक लगा दी गई है। चार स्थानों पर उत्खनन का कार्य जारी है। संभावना है कि इसमें हिंदू प्रतीक चिह्न मिल सकते हैं, इसी के मद्देनजर यह उत्खनन विशेष माना जा रहा है। एएसआई की दिल्ली और भोपाल की टीम भोजशाला का सर्वे कर रही है। यह वैज्ञानिक सर्वे मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के आदेश पर ज्ञानवापी की तर्ज पर हो रहा है। टीम कार्बन डेटिंग के साथ ही खुदाई कर परीक्षण कर रही है। हिंदू और मुस्लिम पक्ष की मौजूदगी में हो रहे इस सर्वे की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी करवाई जा रही है।

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भोपाल। मार्च में चौथी बार मध्यप्रदेश का मौसम एक बार फिर बदलने जा रहा है। 29 मार्च को एक्टिव हो रहे पश्चिमी विक्षोभ का असर प्रदेश में देखने को मिल सकता है। कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि बादल भी छा सकते हैं। इससे पहले तेज गर्मी का असर रहेगा। अब तक के ट्रेंड के अनुसार, कई शहरों में पारा 40 डिग्री के पार भी पहुंच सकता है।   सामान्य तौर पर मार्च महीने में तेज गर्मी, बारिश और ओले का ट्रेंड रहता है। इस बार ऐसा मौसम रह चुका है। अब तक 3 बार मौसम बदला है। जिसमें से दो बार आधे प्रदेश में जमकर ओले गिरे और बारिश भी हुई। चौथी बार फिर प्रदेश का मौसम बदलने जा रहा है। मार्च के आखिरी सप्ताह में भी बादल छाने और बूंदाबांदी होने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिक प्रमेंद्र कुमार रैकवार का कहना है कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से बारिश-बादल का मौसम बनेगा। 29 या 30 मार्च को बादल छाने और बूंदाबांदी की संभावना है। ऐसा हुआ तो यह लगातार तीसरा महीना रहेगा, जिसकी विदाई बदले हुए मौसम से होगी। जनवरी में भी यही स्थिति बनी थी।   इससे पहले प्रदेश में गर्मी ने रफ्तार पकड़ ली है। दिन में पारा 40 डिग्री तक पहुंच गया है, जबकि रात में 22 डिग्री के पार है। सोमवार को भी प्रदेश के दमोह और रतलाम सबसे गर्म रहे। यहां तापमान 39 डिग्री के पार पहुंच गया। पचमढ़ी में सबसे कम 31.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। फरवरी की तरह मार्च की विदाई पर भी बादल और बूंदाबांदी जैसे मौसम से होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक इस हफ्ते भी 2 पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव प्रदेश के मौसम पर दिखाई दे सकता है।   सागर में 38.2 डिग्री और नर्मदापुरम में तापमान 38.9 डिग्री दर्ज रहा। भोपाल में 37.5 डिग्री, जबलपुर में 37.4 डिग्री, उज्जैन में 37.2 डिग्री, इंदौर में 36.5 डिग्री और ग्वालियर में पारा 34.6 डिग्री दर्ज किया गया। टीकमगढ़, नौगांव, गुना, रायसेन, खजुराहो, सिवनी, खंडवा, बैतूल, मंडला, धार और खरगोन में तापमान 37 डिग्री से अधिक रहा।

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भोपाल। मध्यप्रदेश में सोमवार को होली का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। उज्जैन में महाकाल मंदिर में भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल के साथ भक्तों ने होली खेली। प्रदेश के अन्य मंदिरों में भी गुलाल व फूलों की होली भी खेली गई। मंदसौर के पशुपतिनाथ मंदिर में लोग जमकर झूमे। खजुराहो में विदेशी सैलानी भी डांस करते नजर आए। महाकाल मंदिर के गर्भगृह में आग लगने की वजह से मुख्यमंत्री निवास में होली मिलन समारोह स्थगित कर दिया गया। राजधानी भोपाल में सुबह से लोग सड़कों पर उतरकर होली खेलते रहे। सड़कों पर हुरियारों की मस्ती नजर आई। बच्चे भी पिचकारियों से एक-दूसरे पर रंग बरसाते खासकर छतों से राहगीरों पर रंग डाल रहे थे। पॉश कॉलोनियों से बस्तियों तक हुर्रियारों की टोलियां रंग-गुलाल उड़ा रही थी। शहर में मुख्य आयोजन सोमवारा मंदिर के सामने था। ढोल-नगाड़े, डीजे की धुन पर शहर की कालोनियों में जगह-जगह सामूहिक रूप से हुर्रियारे नाच-गा रहे थे। इधर, विश्व पर्यटक स्थल खजुराहो में होली पर अलग ही नजारा देखने को मिला। यहां विदेशी पर्यटक भी होली से इतने प्रभावित नजर आए कि वे खुद को होली से सराबोर करने से रोक नहीं पाए। सामाजिक समरसता का प्रतीक कहे जाने वाले इस त्योहार का विदेशियों ने खूब आनंद उठाया। पर्यटकों ने भी स्थानीय नागरिकों से रंग-गुलाल लगवाया और उन्हें भी गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। खजुराहो के स्थानीय नागरिक भी पर्यटकों के साथ उत्साह से होली खेली। खजुराहो में होली के त्योहार की शुरुआत मतंगेश्वर महादेव के मंदिर से की गई। मंदिर प्रांगण में सुबह से ही रंग की बौछारें शुरू हो गई। स्थानीय लोगों के साथ देशी- विदेशी पर्यटक बुंदेलखंडी गानों पर डीजे की धुन पर थिरकते और होली खेलते नजर आए। टूरिस्ट ग्रुपों को लेकर खजुराहो आए गाइडों ने बताया कि बुंदेलखंड की होली देखने और यहां की होली खेलने में पर्यटकों की खासी रुचि रहती है। वहीं, मंदसौर में पशुपतिनाथ मंदिर में होली पर जमकर जश्न मनाया गया। यहां श्रद्धालुओं ने भगवान पशुपतिनाथ के साथ गुलाल और फूलों से होली खेली।

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भोपाल। प्रदेश में ओले-बारिश का दौर थमने के बाद अब गर्मी अपने तेवर दिखाने लगी है। शनिवार को रतलाम में रिकॉर्ड 39 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया, जबकि भोपाल-नर्मदापुरम समेत 5 शहरों में 38 डिग्री के पार रहा। रीवा में तो एक ही दिन में 5 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिन तक गर्मी के तेवर ऐसे ही रहेंगे। रविवार को भी टेम्प्रेचर में बढ़ोतरी होगी। प्रदेश का पूर्वी हिस्सा यानी जबलपुर, रीवा संभाग शनिवार को सबसे ज्यादा गर्म रहा। कई शहरों में दिन का तापमान 5 डिग्री तक बढ़ गया। रीवा में 5.1 डिग्री, छिंदवाड़ा में 1.7 डिग्री, जबलपुर में 2.4 डिग्री, खजुराहो में 3.4 डिग्री, मंडला में 1.8 डिग्री, नौगांव में 3.8 डिग्री, सागर में 2.8 डिग्री, सतना में 3.2 डिग्री, सिवनी में 1.2 डिग्री, सीधी में 3.8 डिग्री, टीकमगढ़ में 3 डिग्री, उमरिया में 2 डिग्री, भोपाल में 2 डिग्री, रतलाम में 1.8 डिग्री, रायसेन में 1.6 डिग्री, ग्वालियर में 1.2 डिग्री की बढ़ोतरी हुई।   शनिवार को सबसे कम तापमान पचमढ़ी में 30.8 डिग्री रहा, जबकि रतलाम में तापमान 39 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 38.4 डिग्री, टीकमगढ़ में 38, सागर में 38.6 और नर्मदापुरम 38.8 डिग्री रहा। जबलपुर, उज्जैन, शाजापुर, रायसेन, नौगांव, खरगोन, सतना, खंडवा, मंडला और खजुराहो में पारा 37 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। इंदौर, ग्वालियर, धार, बैतूल, सीधी और उमरिया में पारा 36 से 36.9 डिग्री तक रहा।   वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अभी प्रदेश में कोई सिस्टम नहीं है। इस वजह से गर्मी का असर बढ़ रहा है। बारिश के आसार भी नहीं है। ऐसे में 27 से 31 मार्च के बीच कई शहरों में टेम्प्रेचर 40 डिग्री तक पहुंच सकता है।

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उज्जैन। मध्य प्रदेश की धर्मनगरी उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर के आंगन से देश में होली पर्व का आगाज हुआ। रविवार तड़के चार बजे भस्म आरती में भगवान महाकाल के साथ फूलों की होली खेली गई। रविवार शाम को संध्या कालीन आरती (शाम 6.30 ‎‎बजे) के बाद मंदिर प्रांगण में होलिका दहन होगा। परम्परा के अनुसार महाकालेश्वर मंदिर में फाल्गुन शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी के अवसर पर रविवार तड़के भस्म आरती की गई। इस दौरान चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारी ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन किया। इसके पश्चात भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर फलों के रस से बने पंचामृत से कर पूजन अर्चन किया। प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को चांदी का मुकुट और रुद्राक्ष व कमल के पुष्पों की माला धारण करवाई गई। इस श्रृंगार की विशेष बात यह रही कि आज चतुर्दशी की भस्मआरती में भगवान महाकाल का नवीन मुकुट पहनाकर त्रिपुंड के साथ मस्तक पर सर्प लगाकर मखाने की माला और पगड़ी पहनकर राजसी श्रृंगार किया गया। इसके बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्मी रमाई गई और गुजिया का भोग भी लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने भगवान महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। महानिर्वाणी अखाड़े की और से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शनों का लाभ लिया। इससे पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल की गूंज से गुंजायमान हो गया। चांदी का छत्र दान दिया महाकालेश्वर मंदिर में पुजारी इंद्रनारायण शर्मा की प्रेरणा से रविवार को राजस्थान के जयपुर के कपिल सोनी द्वारा 400 ग्राम चांदी का छत्र भगवान श्री महाकालेश्वर को अर्पित किया गया। इसे गर्भगृह निरीक्षक कमल जोशी द्वारा प्राप्त कर दानदाता का सम्मान कर विधिवत रसीद प्रदान की गई। छत्तीसगढ़ के रायपुर से दर्शन करने पहुंची नीलम शर्मा ने पुजारी विकास शर्मा की प्रेरणा से एक नग चांदी का छत्र, एक नग मुकुट और एक नग नाग भगवान महाकालेश्वर को अर्पित किया, जिसका कुल वजन लगभग 886 ग्राम है। इसे मंदिर प्रबंध समिति द्वारा प्राप्त कर विधिवत रसीद प्रदान की गई।

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धार। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के आदेश पर धार की ऐतिहासिक भोजशाला का आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) सर्वे तीसरे दिन रविवार को भी चल रहा है। हिंदू पक्ष के गोपाल शर्मा व आशीष गोयल और मुस्लिम पक्ष के अब्दुल समद खान भी सर्वे टीम के साथ मौजूद हैं। भोजशाला परिसर के साथ-साथ बाहर ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) की टीम ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के आदेश पर बीते शुक्रवार को यहां सर्वे शुरू किया था। सर्वे के तीसरे दिन मजदूरों ने भोजशाला परिसर में प्रवेश किया। परिसर में प्रवेश देने से पहले उनकी पूरी जांच की गई। उनके उपकरण भी जांचे गए। भोजशाला के आसपास कोई विवाद न हो, इसलिए पूरा परिसर छावनी में तब्दील किया गया है। एएसआई के सर्वे के तीसरे दिन मुस्लिम पक्षकार अब्दुल समद भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सर्वेक्षण पर कुछ आपत्ति जताई। उन्होंने पहले दिन के सर्वे को रद्द (शून्य) करने की मांग की है। इसे लेकर उन्होंने एएसआई को ई-मेल किया है। समद खान का कहना है कि हम सर्वे के खिलाफ नहीं हैं। उन्होंने कहा कि नया सर्वे कर नई चीजों को अंदर दाखिल करने की कोशिश की जा रही है, इस पर हमारी आपत्ति है। हमारा समाज चाहता है कि साल 2003 के बाद जो चीजें अंदर गई हैं, उन्हें सर्वे में शामिल न किया जाए। समद ने कहा कि एएसआई की टीम तीन तरीके से काम कर रही है। हम चाहते हैं कि एक वक्त पर एक ही जगह काम हो, क्योंकि मुस्लिम पक्षकारों की तरफ से मैं अकेला हूं। मैं एक वक्त पर तीन जगह मौजूद नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज एएसआई के सर्वे के खिलाफ नहीं है। बस दिलों का मैल खत्म होना चाहिए।   पहले दिन की वीडियोग्राफी-फोटोग्राफी के बाद शहर काजी वकार सादिक ने कहा था कि इस सर्वे के खिलाफ पूरा समाज लड़ेगा। एएसआई अपनी बात से बदल नहीं सकती। आज नहीं तो कल हमारी सुनवाई होगी। हमें हिंदुओं से कोई बैर नहीं है। केवल तेरह-चौदह लोग स्वयंभू बने हुए हैं। अब हम पांचों वक्त की नमाज अदा कराने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। इधर, भोज उत्सव समिति के सुमित चौधरी ने कहा कि मुस्लिम पक्षकार अब्दुल समद खान लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। भोजशाला परिसर में कुछ भी नहीं लाया जा सकता है। यहां पुलिस की कड़ी व्यवस्था है, सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं। इसके अलावा निजी सुरक्षा कर्मी भी तैनात रहते हैं। ऐसे में कुछ भी लाना संभव नहीं है।

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भोपाल। जैसे-जैसे रंगों का त्योहार नजदीक आता है, मध्यप्रदेश अपनी विविध होली समारोहों के माध्यम से समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक कला और आध्यात्मिक महत्व को प्रदर्शित करने के लिए तैयार हो जाता है। आसमान को सतरंगी कर देने वाली इंदौर की गेर हो या फिर जनजातीय क्षेत्र का लोक पर्व भगोरिया, प्रदेश का हर क्षेत्र रंगों के पर्व होली को अपनी सांस्कृतिक विविधता के साथ उत्साह और उल्लास के साथ मनाता है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड राज्य के पारंपरिक और सांस्कृतिक मूल्यों को प्रोत्साहित करता है और देशभर के पर्यटकों को प्रदेश के उल्लास भरे उत्सव में शामिल होने का न्योता दे रहा है। ओरछा में गर्भगृह से बाहर आएंगे राजा राम   29 मार्च को होली खेलने के लिए राजा राम गर्भगृह से बाहर निकलकर मंदिर के चौक में विराजते हैं। सुबह 5 बजे मंगला आरती होती है, जो साल में सिर्फ दो मौकों पर होती है। होली के अलावा रामनवमी पर मंगला आरती होती है। यहां परिसर में बुंदेलखंड की फाग टोलियां फाग गाती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से दूर-दूर से भजन और भाग मंडलियां यहां आती हैं। भगवान श्री रामराजा सरकार की होली देखने और महोत्सव में शामिल होने यहां दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। पर्यटन और संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव एवं एमपी टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक शिव शेखर शुक्ला ने शनिवार को बताया कि मध्य प्रदेश सांस्कृतिक विविधता और आध्यात्मिक विरासत का एक प्रतीक है, जो उत्साह और उल्लास से सराबोर होली समारोहों में भाग लेने के लिए आमंत्रित करता है। होली के दौरान मध्य प्रदेश एक आकर्षक गंतव्य बन जाता है। यहां की जनजातीय बहुल क्षेत्रों में मनाये जाने वाला भगोरिया पर्व भावनाओं, संस्कृति, और परंपराओं को मजबूत करने का एक माध्यम है। उज्जैन के महाकाल लोक में, भगवान शिव के निवास की दिव्य आभा के बीच उत्सव का आनंद लेने के लिए देश भर से भक्त इकट्ठा होते हैं, जहां एमपी का पहला होलिका दहन होता है। आकर्षण को बढ़ाते हुए, नर्मदापुरम जिले के सेठानी घाट पर एक भव्य महाआरती होती है, जहाँ नर्मदा नदी का पवित्र जल बहता है, जो रंगीन उत्सवों को एक आध्यात्मिक माहौल प्रदान करता है। इस बीच, छिंदवाड़ा में, मेघनाद मेले में विभिन्न महाराष्ट्रीयन समुदाय भगवान महादेव को रंग लगाने के लिए एक साथ आते हैं, जो एकता और सद्भाव का प्रतीक है। इंदौर गेर हर साल रंग पंचमी पर राजवाड़ा पैलेस में लाखों आगंतुकों का स्वागत करता है, जहां विशाल तोपों से पानी और रंगों से आसमान सतरंगी होता है और सड़कें खुशी और रंगों से सराबोर हो जाती हैं। बुन्देलखण्ड क्षेत्र में भी होली का उत्साह चरम पर होता है, विशेष रूप से ओरछा के राम राजा दरबार में, जहाँ यह त्योहार उल्लास, उमंग और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।

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धार। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के आदेश पर धार जिला मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक भोजशाला का ज्ञानवापी की तरह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई सर्वे) दूसरे दिन शनिवार को भी जारी है। एएसआई के दिल्ली और भोपाल के अधिकारियों की टीम सर्वे कर रही है। एएसआई के वकील हिमांशु जोशी, हिंदू पक्ष की ओर से आशीष गोयल और गोपाल शर्मा और कमाल मौलाना वेलफेयर सोसाइटी के समद खान भी सर्वे टीम के साथ भोजशाला में मौजूद हैं। भोजशाला में पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। शनिवार सुबह एएसआई टीम सर्वे करने के लिए भोजशाला पहुंची और साइंटिफिक तरीके से जांच शुरू की। परिसर के अंदर और बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। भोजशाला में एएसपी डॉ. इंद्रजीत बाकलवार, सीएसपी, तीन डीएसपी, आठ थाना प्रभारी सहित 175 पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। इसके अलावा शहर की ऊंची बिल्डिंगों पर भी पुलिस की तैनात की गई है। साथ ही 60 कैमरों की मदद से भी क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। परिसर में खुदाई करने वाले मजदूरों को भी जांच के बाद प्रवेश दिया गया। इस दौरान मोबाइल और अन्य गैजेट वस्तु बाहर ही जमा करवाए गए। खास बात यह है कि भोजशाला में सर्वे को लेकर पुलिस ने एक विशेष मॉनीटरिंग टीम बनाई है, जो केवल सोशल मीडिया पर ही अपनी नजर बनाए हुए हैं। भोजशाला से संबंधित अगर कोई भी भड़काऊ मैसेज आता है, पुलिस संबंधित के खिलाफ तुरंत एक्शन लेकर कार्रवाई करेगी। शनिवार को भोजशाला पहुंचे मुस्लिम पक्षकार और मौलाना कमालउद्दीन वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष अब्दुल समद ने कहा कि शुक्रवार को तबीयत खराब होने की वजह से वह सर्वे के दौरान नहीं शामिल हो सके। उन्होंने कहा कि पहले भी सर्वे हो चुका है और अब दोबारा सर्वे की जरूरत नहीं है।

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मुरैना। अंबाह थाना क्षेत्र के करौली माता रोड पर बम्मा के पास शुक्रवार को एक पेड़ के नीचे बैठे आधा दर्जन लोगों पर अचानक से मधुमक्खी ने हमला कर दिया। मधुमक्खियों का हमला इतनी तेजी से हुआ कि लोगों को संभलने का भी समय नहीं मिला और मधुमक्खियों ने लगभग आधा दर्जन लोगों को बुरी तरह से काट लिया।   बताया जाता है कि सरसों की फसल काटने के लिए शुक्रवार को कुछ लोग अपने खेत पर एकत्रित हुए थे। इस दौरान फसल काटने वाले एक पेड़ के नीचे बैठकर सुस्ताने लगे कि तभी अचानक इन सभी पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। हमला इतनी तेजी से था कि किसी को भी संभलने तक का मौका नहीं मिला। स्थिति यह हो गई कि एक-एक व्यक्ति के शरीर पर ही सैंकड़ों मधुमक्खी चिपक गईं। मधुमक्खियों के हमले में घायल युवक कैलाश पुत्र मोहन सखबार उम्र 34 साल की गंभीर हालात होने की वजह से उसे जिला अस्पताल में भर्ती करना पड़ा, जहां उसने दम तोड़ दिया। इसी इसी तरह एक अन्य युवक रिंकू गुर्जर पुत्र नरेश गुर्जर उम्र 33 साल निवासी भत्तपुर को भी बुरी तरह काट लिया था, उसकी गंभीर हालत को देखते हुए अम्बाह से जिला अस्पताल के लिए रैफर कर दिया था,जहाँ डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल वार्ड में भर्ती कराया गया है। वहीं 4 से 5 लोगों का अंबाह अस्पताल में ही इलाज किया जा रहा है। जिसमें रामनिवास पुत्र मातादिन, राजू पुत्र राम स्नेही ओझा, जय नारायण पुत्र जगदीश त्यागी शामिल हैं।

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भोपाल। मध्यप्रदेश में ओले-बारिश का दौर थमने के बाद मार्च के आखिरी सप्ताह में गर्मी के तेवर देखने को मिल सकते हैं। मौसम विभाग के अनुसार 23 मार्च से एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, लेकिन मध्यप्रदेश में उसका ज्यादा असर दिखाई नहीं देगा। इस कारण होली पर भी गर्मी रहेगी। इधर, तेज धूप के कारण गुरुवार को उज्जैन, नर्मदापुरम समेत प्रदेश के 10 शहरों में पारा 35 डिग्री से अधिक रहा।     सामान्यत: भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर-उज्जैन समेत प्रदेश के शहरों में 26 से 31 मार्च के बीच दिन का तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच जाता है। पिछले 10 सालों से मौसम का यही ट्रेंड देखने को मिल रहा है। इस बार भी ऐसा ही ट्रेंड रहने का अनुमान है। हालांकि 23 मार्च से एक नए सिस्टम के सक्रिय होने की बात कही जा रही है, लेकिन वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन का कहना है कि प्रदेश के मौस्म पर इसका कोई खास असर नहीं होगा। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिन तक दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की बढ़ोतरी होने का अनुमान जताया है। भोपाल में टेम्प्रेचर 36 डिग्री के पार पहुंच सकता है। इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, रतलाम, खंडवा, खरगोन, दमोह, धार, शाजापुर, बैतूल समेत कई शहरों में तापमान बढ़ा हुआ रह सकता है।   इससे पहले प्रदेश में पिछले 5 दिनों तक ओले-बारिश का दौर चला। छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर, रायसेन, जबलपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में ओलावृष्टि के साथ बारिश का दौर चला। गुरुवार को यह दौर थम गया। अब गर्मी का असर बढ़ रहा है। गुरुवार को नर्मदापुरम में पारा 37.1 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, रतलाम, खंडवा और खरगोन में 36 डिग्री, बैतूल, शाजापुर, धार, उज्जैन और दमोह में पारा 35 डिग्री से अधिक रहा। पचमढ़ी में तापमान सबसे कम 29.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, सीधी, सतना और मलाजखंड में पारा 30 डिग्री रहा। राजधानी भोपाल में 34.5 डिग्री, इंदौर में 34.1 डिग्री, ग्वालियर में 32.3 डिग्री, जबलपुर में 33 डिग्री और उज्जैन में टेम्प्रेचर 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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भोपाल। मध्य प्रदेश के धार जिला मुख्यालय पर स्थित ऐतिहासिक भोजशाला में ज्ञानवापी की तर्ज भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा सर्वे किया जाएगा। यह सर्वे शुक्रवार, 22 मार्च को शुरू होगा। इसके लिए केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने पत्र जारी कर जिला प्रशासन को इसकी सूचना दी है। यह पत्र इंदौर कमिश्नर सहित कलेक्टर धार व एसपी धार को जारी किया गया है। इसमें सर्वे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए बंदोबस्त करने के लिए कहा गया है। इस पत्र में अधिकारियों ने सर्वे शुरू करने की बात कही है।     पत्र मिलने के बाद गुरुवार को धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा और पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह प्रशासनिक टीम के साथ भोजशाला पहुंचे। उन्होंने पूरे परिसर का निरीक्षण किया। कलेक्टर मिश्रा ने भोजशाला पुलिस चौकी पर अतिरिक्त फोर्स तैनात करने के निर्देश दिए।     गौरतलब है कि मां सरस्वती मंदिर भोजशाला के वैज्ञानिक सर्वेक्षण के लिए हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस द्वारा मप्र उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ में आवेदन दिया था। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की तरफ से एडवोकेट हरिशंकर जैन और एडवोकेट विष्णुशंकर जैन ने पैरवी करते हुए कोर्ट को कहा कि पूर्व में भी जो सर्वेक्षण हुए हैं, वे साफ-साफ बता रहे हैं कि भोजशाला वाग्देवी का मंदिर है। इससे अतिरिक्त कुछ नहीं। हिंदुओं का यहां पूजा करने का पूरा अधिकार है। हिंदुओं को पूजा का अधिकार देने से भोजशाला के धार्मिक चरित्र पर कोई बदलाव नहीं होगा।     भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की ओर से एडवोकेट हिमांशु जोशी ने कोर्ट को बताया कि वर्ष 1902-03 में पुरातत्व विभाग भोजशाला का सर्वे कर चुका है। इसकी रिपोर्ट भी कोर्ट में प्रस्तुत है। रिपोर्ट के साथ फोटोग्राफ भी संलग्न हैं। इनमें भगवान विष्णु और कमल स्पष्ट नजर आ रहे हैं। नए सर्वे की कोई आवश्यकता ही नहीं है। सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर ही 2003 में आदेश जारी हुआ था।     भोजशाला विवाद सदियों पुराना है। हिंदुओं का कहना है कि यह सरस्वती देवी का मंदिर है। सदियों पहले मुसलमानों ने इसकी पवित्रता भंग करते हुए यहां मौलाना कमालुद्दीन की मजार बनाई थी। भोजशाला में आज भी देवी-देवताओं के चित्र और संस्कृत में श्लोक लिखे हुए हैं। अंग्रेज भोजशाला में लगी वाग्देवी की मूर्ति को लंदन ले गए थे। याचिका में कहा गया कि भोजशाला हिंदुओं के लिए उपासना स्थली है।     उच्च न्यायालय ने संस्था हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की याचिका पर सुनवाई के बाद गत 11 मार्च को भोजशाला का वैज्ञानिक सर्वे करने के आदेश जारी किए थे। इसमें पांच सदस्यीय दल भोजशाला का सर्वे करेगा। अलग-अलग बिंदुओं पर यह सर्वे होना है। इसके तहत मुख्य रूप से यह बात सामने आ सकती है कि यहां पर किस तरह के प्रतीक चिन्ह है और किस तरह की यहां की वास्तु शैली है। साथ ही यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि यह किस तरह की धरोहर है।   कोर्ट के आदेश अनुसार, एएसआई महानिदेशक की निगरानी में पांच सदस्यीय टीम भोजशाला का सर्वे करेगी। इसके साथ ही ये कमेटी अगले छह सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। साथ ही कोर्ट ने दोनों पक्ष यानी हिंदू और मुस्लिम पक्ष के दो-दो प्रतिनिधियों को सर्वे के दौरान वहां मौजूद रहने की अनुमति है। पूरे सर्वे की वीडियोग्राफी के साथ ही फोटो भी एकत्रित करने का आदेश दिए।

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भोपाल। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने भोपाल जिले की कानून एवं व्यवस्था की स्थिति को दृष्टिगत होली (जिस दिन रंग खेला जाए) 25 मार्च 2024 को सायं 5 बजे तक तथा रंगपंचमी के अवसर पर 30 मार्च 2024 को सायं 5 बजे तक की अवधि के लिए संपूर्ण भोपाल जिले के लिए शुष्क दिवस घोषित किया है। यह जानकारी गुरुवार को जनसंपर्क अधिकारी अरुण शर्मा ने दी।     उन्होंने बताया कि जारी आदेश अनुसार शुष्क दिवस व अवधि में भांग एवं भांगघोटा दुकानों को छोड़कर जिले की समस्त कम्पोजिट मदिरा दुकानें व इकाईयां (एफ.एल.-2, एफ.एल.-3, एफ.एल.-4, एफ.एल.-6, एफ.एल. -7, एफ.एल.-10, 10ए, वाईन आउटलेट एवं सभी प्रकार के मादक द्रव्यों के विक्रय की फुटकर एवं थोक दुकानें बंद रहेंगी एवं देशी तथा विदेशी मदिरा भाण्डागार बंद रहेंगे। सभी प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी व आबकारी उपनिरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि उनके प्रभाराधीन क्षेत्र में मदिरा का कय-विक्रय न हो, यह सुनिश्चित करें।

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भोपाल। मध्य प्रदेश के दमोह जिला स्थित प्रसिद्ध जैन तीर्थ कुंडलपुर में दिगम्बर जैनाचार्य विद्यासागर महाराज की परम्परा में नए आचार्य पद पदारोहण अनुष्ठान महामहोत्सव की तारीख तय हो गई है। आगामी 16 अप्रैल को आयोजित इस महामहोत्सव में देश-विदेश से जैन धर्मावलंबी शामिल होंगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत इसमें उपस्थित रहेंगे। एक प्रतिनिधिमंडल ने नागपुर जाकर उनसे मुलाकात की और उन्हें इस कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया है।   महामहोत्सव समिति के प्रशासनिक संयोजक रवीन्द्र जैन ने गुरुवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिगम्बर जैनाचार्य विद्यासागर महाराज की परम्परा में नए आचार्य पद पदारोहण अनुष्ठान महामहोत्सव आगामी 16 अप्रैल को आयोजित होगा। इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। यह आयोजन बड़े बाबा देवाधिदेव आदिनाथ भगवान के चरण सान्निध्य में होगा। मुनि संघ और आर्यिका संघ लगातार कुंडलपुर पहुंच रहे हैं।   जैन ने बताया कि भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी के राष्ट्रीय महामंत्री संतोष जैन पेंडारी के नेतृत्व में जैन समाज का प्रतिनिधिमंडल नागपुर में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत से मिला। सरसंघचालक ने महोत्सव में आने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। प्रतिनिधिमंडल में महोत्सव की सह-संयोजक डॉ. सुधा मलैया, कुंडलपुर कमेटी के महासचिव आरके जैन, सिद्धार्थ मलैया, स्वतंत्र जैन खिमलासा, प्रभात सेठ, ललित जैन उपस्थित रहे।

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भोपाल। वन विभाग द्वारा होली पर्व पर भोपाल शहरवासियों को होलिका दहन के लिये जलाऊ लकड़ी सुगमता से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रियायती दर पर विक्रय केन्द्र 24 मार्च 2024 को शहर के विभिन्न स्थानों पर उपलब्ध रहेंगे।     वन संरक्षक एवं पदेन वन मंडलाधिकारी सामान्य वन मंडल भोपाल आलोक पाठक ने बुधवार को बताया कि भोपाल शहर के अहमदपुर डिपो, विट्ठल मार्केट, कोलार पत्रकार कॉलोनी, सर्वधर्म कॉलोनी, गोविंदपुरा, जहांगीराबाद, बैरागढ़, मंगलवारा, मयूर विहार और ईमाम बाड़ा में रियायती दर पर जलाऊ लकड़ी प्रति किलो 8.16 के मान से सुबह 10 बजे से शाम 3 बजे तक उपलब्ध कराई जाएगी। अस्थाई डिपो मात्र एक दिवस के लिये लगाये जायेंगे।

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उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर के मंदिर में बुधवार को फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी के अवसर पर भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से कर पूजन किया गया। इसके बाद महाकाल का भगवान गणेश स्वरूप में विशेष श्रृंगार किया गया। परम्परा के मुताबिक बुधवार तड़के चार बजे महाकालेश्वर मंदिर के पट खुले। इसके बाद पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन किया। भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से कर पूजन किया गया। इसके बाद प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद भगवान महाकाल को चांदी का मुकुट और रुद्राक्ष व पुष्पों की माला धारण करवाई गई। श्रृंगार की विशेष बात यह रही कि एकदशी की भस्म आरती में बाबा महाकाल का वैष्णव तिलक लगाकर ड्रायफ्रूट से श्री गणेश स्वरूप में श्रृंगार किया गया और लड्डुओं का भोग लगाया गया। श्रृंगार के बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्म रमाई गई। भस्म आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल के जयकारों से गूंज उठा। क्रिकेटर केएल राहुल ने किए दर्शन भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी केएल राहुल ने अपने माता-पिता के साथ बुधवार सुबह उज्जैन पहुंचकर भगवान महाकाल के दर्शन किए। उन्होंने पूजन-अभिषेक कर भगवान का आशीर्वाद लिया। राहुल सुबह करीब छह बजे अपने माता- पिता के साथ महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। उन्होंने बाबा महाकाल के दर्शन किए और करीब आधे घंटे तक नंदी हॉल में बैठकर आशीर्वाद लिया। उन्होंने गर्भगृह की चौखट पर पहुंचकर मत्था टेका और बाबा महाकाल से प्रार्थना की। मंदिर प्रबंध समिति के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने बताया कि क्रिकेटर केएल राहुल बाबा महाकाल के दर्शन करने अपने पिता केएन राहुल और माता राजेश्वरी के साथ आए थे। केएल राहुल परिवार के साथ गर्भगृह की चौखट से भगवान की पूजा-अर्चना की। मंदिर के पुजारी पंडित आशीष पुजारी ने बताया कि केएल राहुल और उनके परिवार के द्वारा बाबा महाकाल का जलाभिषेक किया गया। पुष्प अर्पित किए गए और बाबा महाकाल की चौखट पर सिर झुकाकर आशीर्वाद भी लिया। इस दौरान वे शिव मंत्रों का जाप भी कर रहे थे।

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भोपाल। मध्यप्रदेश में लगातार पांचवें दिन बुधवार को भी ओले-बारिश का दौर जारी है। छिंदवाड़ा में बुधवार सुबह बारिश हुई और ओले गिरे। मौसम विभाग के अनुसार सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर, शहडोल, सीधी और सिंगरौली में भी बारिश-आंधी के साथ ओले गिर सकते हैं। इसके बाद मौसम साफ हो जाएगा। हालांकि, 20 मार्च से अगले 3 दिन में दो पश्चिमी विक्षोभ भी एक्टिव हो रहे हैं। जिनका प्रदेश में 2-3 दिन के बाद असर देखने को मिलेगा। इससे पहले मंगलवार को भी बैतूल जिले के मुलताई, छिंदवाड़ा और डिंडोरी में तेज हवाओं के साथ पानी गिरा। कई जगह बेर के आकार के ओले भी गिरे। ओलावृष्टि से टमाटर और गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। सिवनी और मंडला में भी बारिश और ओले गिरे हैं। जबलपुर में भी शाम को बारिश हुई। जिले के कुंडम, बघराजी क्षेत्र में ओले गिरने से चना, मसूर, गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। कई शहरों में ओले की सफेद चादर भी बिछ गई। मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी ओडिशा के ऊपर से छत्तीसगढ़ होते हुए विदर्भ तक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इस कारण दक्षिण-पश्चिमी हवाएं अरब सागर से नमी ला रही हैं। दक्षिण-पूर्वी हवाएं बंगाल की खाड़ी से मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से में भी नमी ला रही है। इस वजह से बारिश, ओले और तेज आंधी का दौर चल रहा है। पूर्वी मध्यप्रदेश में ओलावृष्टि और बारिश हो रही है। यह दौर बुधवार को भी जारी रहेगा। मार्च में अब तक तीन बार मौसम बदल चुका है। मार्च की शुरुआत में ही तेज बारिश और ओले का दौर चला था। दूसरे सप्ताह में हल्की बारिश हुई। वहीं, तीसरे सप्ताह में अब फिर से तेज बारिश और ओले का दौर चल रहा है। 20 से 22 मार्च के बीच फिर दो सिस्टम एक्टिव हो रहे हैं। इनका असर भी प्रदेश में देखने को मिल सकता है।

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अयोध्या। योगी सरकार बनने के बाद अपनी धरोहर-अपनी आस्था को पुनः सम्मान मिल रहा है। श्रीराम की नगरी में बुधवार को संतों-महंतों के बीच रंगभरी एकादशी को लेकर उत्साह का बेमिसाल माहौल देखने को मिला। योगी सरकार के द्वारा संतों महंतों को मिलने वाली सुरक्षा से साधु-संत खुलकर इस त्यौहार का आनंद लेते दिखे। अयोध्या में होली से पांच दिन पहले ही रंगोत्सव का त्यौहार रंगभरी एकादशी से शुरू हो गया। प्रभु श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या की पहली रंगभरी एकादशी बड़े ही धूमधाम से मनाई गई। रंगभरी एकादशी को हनुमानगढ़ी मंदिर में हनुमान जी को गुलाल लगाने के साथ उत्सव का आरंभ हुआ।   भक्तों को प्रसाद के रूप में लगाया गया गुलाल अखिल भारतीय निर्वाणी अखाड़ा हनुमानगढ़ी के 500 संतों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली खेली। इससे पहले संतों ने हनुमान जी के निशान की पूजा की। इभी संतों ने होली खेलते हुए अयोध्या की पंचकोसी परिक्रमा की। ब्रह्ममुहूर्त में ही रामनगरी के 10 हजार से अधिक मंदिरों के गर्भगृह में विराजमान भगवान की राग-भोग आरती, साज-सज्जा के साथ उनके गाल पर गुलाल लगाया गया। यही नहीं अवध में होली के आगाज पर मंदिरों में आने वाले भक्तों को भी प्रसाद के रूप में गुलाल लगाया गया। अबीर से सराबोर हुई रामनगरी की संस्कृति का उल्लास और भी चटख हो चला।   अबीर और गुलाल से रंगी नजर आईं अयोध्या की सड़कें फाल्गुन शुक्ल एकादशी मतलब रंगभरी एकादशी पर्व से अवध की होली का विधिवत शुभारंभ होता है। रंगभरी एकादशी के पर्व पर रामनगरी में संतों-महंतों ने अपने आराध्य के प्रति अनुराग प्रकट करते हुए अबीर-गुलाल उड़ाकर प्रभु के साथ होली खेली। हनुमानगढ़ी परिसर में रंगभरी एकादशी पर श्रद्धा अपने चरम पर दिखी। इस मौके पर धार्मिक नगरी अयोध्या कि सड़कें अबीर और गुलाल से रंगी नजर आईं। परम्परागत रूप से कड़ी सुरक्षा में प्रमुख सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी से संतों का जुलूस अयोध्या की सड़कों पर निकला। संतों ने ढोल की धुन पर जमकर नृत्य किया तथा अखाड़ों के पहलवानों ने अपनी शौर्य कला का भी प्रदर्शन किया   500 वर्ष बाद श्रीरामलला के विराजमान होने पर बढ़ा होली का उत्साह हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने बताया कि सिद्ध पीठ हनुमान गढ़ी से नागा साधुओं के साथ हनुमान जी का निशान लेकर रंगभरी एकादशी के मौके पर हम लोग पंचकोश की परिक्रमा करने के लिए निकले। स्वयं हनुमान जी अयोध्या के प्रमुख मठ मंदिरों में होली का निमंत्रण देने जा रहे हैं। हनुमान जी का निशान है, बल्लम है और छड़ी है। इस मौके पर पंचकोसी परिक्रमा की गई। हनुमानगढ़ी के नागा-साधुओं ने एक दूसरे को अबीर लगा कर होली की शुभकामनाएं दी। यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है। इस वर्ष भव्य तरीके से होली मनाई जा रही हैं। क्योंकि प्रभु राम अपने भव्य महल में 500 वर्ष बाद विराजमान हुए हैं, तो होली का उत्साह और अधिक बढ़ जाता है। हनुमानगढ़ी के नागा साधु हनुमान जी के साथ मठ मंदिरों में होली का निमंत्रण दे रहे हैं। इसी क्रम में अयोध्या नगर में सिद्धपीठ नाका हनुमानगढ़ी,सहादतगंज हनुमानगढ़ी, रिकाबगंज हनुमानगढ़ी मे भी रंगभरी एकादशी की धूम रही।   रंगोत्सव में सराबोर दिखे नागा साधु जुलूस में नागा साधुओं की टोली बैंड बाजे के साथ अखाड़ों के पहलवानों के करतब दिखाते हुए अयोध्या की सड़क पर निकले। होली की मस्ती में सराबोर संतो ने हर आने-जाने वाले लोगों को अबीर गुलाल से सराबोर कर दिया। अयोध्या में होली से चार दिन पूर्व ही होली का अहसास हो गया। नागा साधुओं का यह जुलूस अयोध्या के प्रमुख मार्गों से होता हुआ जुलूस के मार्ग में पड़ने वाले हर मंदिर तक पहुंचा, जहां पर नागा साधुओं ने भगवान् के विग्रह के साथ होली खेली। इसी क्रम में संतों ने परिक्रमा कर सरयू स्नान किया। इस दौरान निर्वाणी अखाड़ा के महंत मुरली दास, महंत संजय दास, वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास, महंत राजू दास, पुजारी रमेश दास, अभय दास, अभिषेक दास, सत्यदेव दास, मणिराम दास और राजेश पहलवान सहित अन्य नागा साधु मौजूद रहे।

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भोपाल। राजधानी के एमपी नगर में चेतक ब्रिज के समीप स्थित मैकेनिक मार्केट में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात आग लग गई। हादसे में दो दुकानें और तीन कारें जल गईं। आग से जली एक कार मैकेनिक के यहां सुधरने के लिए रखी गई थी। आग की सूचना पर पहुंची नगर निगम की फायर ब्रिगेड टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग को काबू किया, जो सुबह 6 बजे तक पूरी तरह से बुझ सकी।   पुल बोगदा स्थित फायर कंट्रोल रूम के फायरमैन फिरोज खान द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सोमवार-मंगलवार रात करीब 2 बजे एमपीनगर स्थित चेतक ब्रिज के नजदीक दुकानों में आग लगने की सूचना मिली थी। इस पर फतेहगढ़, माता मंदिर, भेल, बैरागढ़ सहित अन्य फायर स्टेशन से करीब 10 दमकल आग को बुझाने भेजे गए। आग मैकेनिक मार्केट के नजदीक नफीस के स्क्रेप गोदाम से शुरू हुई थी, जिसने देखते ही देखते आसपास की दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग से नफीस खां की इलेक्ट्रोनिक्स मटेरियल एवं ऐसी रिपेयरिंग की दुकान भी जल गई।   फायरमैन फिरोज खान ने बताया कि दुकानों में आग कैसे लगी? शुरुआती जांच में यह पता पता नहीं चला है। आग की शुरुआत नफीस खां की स्क्रेप दुकान से हुई और कुछ ही समय में आग, दूसरी दुकानों में फैल गई। स्क्रेप गोदाम में जले हुए इंजन ऑइल के ड्रम और खराब कारों का दूसरा सामान भी रखा हुआ था। इसके चलते गोदाम में तेज धमाके भी हुए। फायरमैन फिरोज खान के मुताबिक आग में मैकेनिक मार्केट और सामने बने मकान के एक रहवासी की कार सहित कुल तीन कार जली हैं। उन्होंने बताया कि नफीस खां के स्क्रैप सेंटर के सामने बने मकान में रखी सोनल शर्मा की नई कार भी जल गई।

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भोपाल। प्रदेश में मंगलवार को चौथे दिन मंगलवार को भी बेमौसम बारिश, ओले और आंधी का दौर जारी रहेगा। जबलपुर-नरसिंहपुर समेत 13 जिलों में ओले-बारिश का अलर्ट है। वहीं, डिंडोरी-अनूपपुर में रेड अलर्ट है। इन जिलों में 30 से 60 कि.मी. प्रति घंटे की स्पीड से आंधी भी चलेगी।   प्रदेश में लगातार तीसरे दिन सोमवार को मौसम बदला हुआ रहा और अनूपपुर, छिंदवाड़ा और बैतूल में ओले गिरे। वहीं, मंडला-सिवनी में बारिश भी हुई। दूसरी ओर भोपाल में बादल छाए रहे। अगले 2 दिन ऐसा ही मौसम रहेगा। हालांकि, इसके बाद वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा।   मौसम विभाग के अनुसार 19 मार्च को डिंडोरी और अनूपपुर में रेड अलर्ट है। यहां 50 से 60 कि.मी. प्रतिघंटे तक की रफ्तार से आंधी चल सकती है। सिवनी, बालाघाट, मंडला, जबलपुर, उमरिया, शहडोल और सिंगरौली में ओले-बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, कटनी, मैहर, सतना, रीवा, सीधी, मऊगंज में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कहीं-कहीं ओले भी गिर सकते हैं। वहीं, 20 मार्च को भी सीधी, सिंगरौली, डिंडोरी और अनूपपुर में गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी।   वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार वर्तमान में उत्तरी ओडिशा के ऊपर से छत्तीसगढ़ होते हुए विदर्भ तक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इस कारण दक्षिण-पश्चिमी हवाएं अरब सागर से नमी ला रही है। दक्षिण-पूर्वी हवाएं बंगाल की खाड़ी से मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से में भी नमी ला रही है। इस वजह से बारिश, ओले और तेज आंधी का दौर चल रहा है। पूर्वी मध्यप्रदेश में ओलावृष्टि और बारिश हो रही है।   मौजूदा सिस्टम की वजह से 20 मार्च तक प्रदेश में बारिश-ओले का दौर चलने का अनुमान है। इसके बाद एक पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होगा। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा। इसके लौटने के बाद फिर से गर्मी का असर बढ़ेगा।

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भोपाल। मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज बदल रहा है। जहां एक तरफ राजधानी भोपाल में दिनभर धूप की तपिश रही, वहीं कुछ जिलो में बेमौसम बारिश हो रही है। सोमवार को अनूपपुर, छिंदवाड़ा और बैतूल जिले में कई जगहों पर मौसम बदला और तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग ने मंगलवार को भी ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान जताया है। बता दें कि रविवार को भी जबलपुर, बैतूल, सिवनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर और सागर जिले में कई जगहों पर बारिश हुई।     जानकारी के अनुसार अनूपपुर जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर खूंटाटोला के जरियारी में तेज बारिश हुई। साथ ही करीब 20 मिनट तक ओले भी गिरे। जैतहरी जनपद के कुछ कच्चे मकानों को ओले गिरने से नुकसान पहुंचा है। वहीं, बैतूल जिले के मुलताई में भी दोपहर को तेज हवाओं के बारिश हुई। बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि जो गेहूं खेत में खड़ा है, वह तेज हवा के कारण खेत में ही आड़ा हो गया। ऐसे में उत्पादन पर प्रभाव पड़ेगा। साथ ही गेहूं की चमक भी फीकी हो जाएगी। छिंदवाड़ा में भी सोमवार दोपहर में मौसम बदल गया। तेज हवाओं के साथ पानी गिरने लगा। शहर के चार फाटक क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से संतोषी माता मंदिर का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।     यह है वजह आईएमडी भोपाल के सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि अभी उत्तरी ओडिशा के ऊपर से छत्तीसगढ़ होते हुए विदर्भ तक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इस कारण दक्षिण-पश्चिमी हवाएं अरब सागर से नमी ला रही है। दक्षिण-पूर्वी हवाएं बंगाल की खाड़ी से मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से में भी नमी ला रही है। जिसकी वजह से बारिश, ओले और तेज आंधी का दौर चल रहा है।   20 मार्च तक कई जिलों में बारिश-ओले गिरने की संभावना मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि 19 मार्च को शहडोल-अनूपपुर में रेड अलर्ट है। दमोह, नरसिंहपुर, सिवनी, पांढुर्णा, जबलपुर, कटनी, उमरिया, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट में आंधी-बारिश और ओले का मौसम रहेगा। बैतूल, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, सीधी, मऊगंज और सिंगरौली में गरज-चमक के साथ बारिश और ओले गिरने का अनुमान है। 20 मार्च को पांढुर्णा, बालाघाट, सिवनी, मंडला, जबलपुर, डिंडोरी, उमरिया, अनूपपुर, शहडोल, कटनी, मैहर, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली में बारिश-ओले गिरने की संभावना है । प्रदेश में 20 मार्च तक बारिश-ओले का दौर चलने का अनुमान है।

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इंदौर। शहर के कनाड़िया क्षेत्र में रविवार देर रात एसीपी कृष्णलाल चंदानी ने छापा मारा। वे स्थानीय पुलिस बल के बजाय रिजर्व बल लेकर पहुंचे। जैसे ही टीम अंदर घुसी तो पब संचालक और मैनेजर पीछे के रास्ते से फरार हो गए। यहां करीब 100 युवक-युवतियां नशे में झूमते मिले। पब के गनमैन और गार्ड को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पब संचालक, मैनेजर और एक अन्य की तलाश की जा रही है।   प्राप्त जानकारी के अनुसार विजयनगर जोन के एसीपी कृष्णलाल चंदानी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कनाड़िया थाना क्षेत्र के बिचौली मर्दाना के मिस्टर स्कल बार एंड पब में नशाखोरी चल रही है। इस सूचना पर एसपीपी ने रविवार रात कनाड़िया थाने के बजाय रिजर्व बल को अपने साथ लिया और दबिश देने पहुंच गए। दो से ज्यादा टीमें बनाई थीं। यहां पब में धूमधड़ाके के साथ बड़ी तादाद में युवक-युवतियां झूमते मिले। सभी की लिस्टिंग की गई। दूसरी टीम ने पब संचालक समेत स्टाफ पर छापा मारा। लेकिन टीम के अंदर आते ही पब संचालक भूपेन्द्र रघुवंशी, मैनेजर धर्मेन्द्र उज्जैनी और एक अन्य पीछे के रास्ते से भाग गया। सोमवार दोपहर तक ये नहीं पकड़े गए थे। पुलिस ने इस मामले में कुल पांच आरोपी बनाए हैं, इनमें पब संचालक, मैनेजर के अलावा गिरफ्तार पबकर्मी लक्की, गुरुप्रीत और एक अन्य शामिल है। दूसरी तरफ, पब में मिले युवक-युवतियों को हिदायत देकर छोड़ दिया गया। सभी का नाम-पता नोट किया है।  

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झाबुआ। लोक संस्कृति के पर्व भगोरिया हाट बाजारों की शुरुआत सोमवार से हो गई है। आने वाला एक सप्ताह बड़ा ही धूम धड़ाकेदार होने वाला है। बाजार सजे हैं तथा ग्रामीण जनों में हर्षोल्लास का शानदार वातावरण देखा जा रहा है, ऐसे में व्यापारी वर्ग भी बहुत आशान्वित हैं। इसलिए होली के पहले लगने वाले इन हाट बाजारों में अच्छी रंगत देखी जा सकेगी। इस वर्ष फसलों की पैदावार अच्छी है और लाडली बहनों की जेब भी भरी हुई है, इसलिए इन भगोरिया हाट बाजारों या मेलों में खूब रंग बिखरेगा। झाबुआ और अलीराजपुर जिले में जिले में पहला भगोरिया हाट पेटलावद, रंभापुर, मोहनकोट, कुंदनपुर, रजला, बेड़ावा आलीराजपुर, चंद्रशेखर आजाद नगर और बड़ागुड़ा में लग रहा है। इसके साथ ही आगामी पूरे सप्ताह हाट बाजारों में भगोरिया की मौज मस्ती देखने को मिलेगी और आने वाले सादर दिनों तक हाट बाजारों में ढोल मांदल की कर्ण प्रिय ध्वनि गुंजायमान होती रहेगी, साथ ही इस शानदार संगीत की ध्वनि के बीच लयबद्ध रुप से थिरकते युवाओं की उत्सवी टोलियों को भी देखा जा सकेगा। बाजार कुछ दिन पूर्व से ही सजने लगे थे और भगोरिया का उत्साह और तैयारियां देखी जा रही थी। ऐसे में निश्चित रूप से इस वर्ष के भगोरिया हाट जोरदार रहेंगे। झाबआ और आलीराजपुर में कब, कहां लगेगा भगोरिया मेला सोमवार 18 मार्च पेटलावद, रंभापुर, मोहनकोट, कुंदनपुर, रजला, बेड़ावा आलीराजपुर, चंद्रशेखर आजाद नगर और बड़ागुड़ा। मंगलवार 19 मार्च पिटोल, खरड़ू बड़ी, थांदला, तारखेड़ी व बरवेट, बखतगढ़, आंबुआ और अंधारवड़। बुधवार 20 मार्च उमरकोट, माछलिया, करवड़, बोड़ायता, चांदपुर, बरझर, बोरी, खट्टाली, कल्याणपुरा, मदरानी और ढेकल। गुरुवार 21 मार्च पारा, हरिनगर, सारंगी, समोई, चेनपुरा, फूलमाल, सोंडवा और जोबट। शुक्रवार 22 मार्च भगोर, बेकल्दा, मांडली, कालीदेवी कट्ठीवाड़ा, वालपुर और उदयगढ़। शनिवार 23 मार्च मेघनगर, राणापुर, बामनिया, झकनावदा, बलेड़ी नानपुर और उमराली। रविवार 24 मार्च झाबुआ, ढोलियावाड़, रायपुरिया, काकनवानी, छकतला, सोरवा, आमखूंट, झीरण, कनवाड़ा और कुलवट। काम पर गए ग्रामीण लौट आए हैं अपने घर, गांव भगोरिया ऐसा उत्सव है, जिसमें सम्मिलित होने के लिए अंचल का आदिवासी देश के किसी भी कोने में क्यों न हो, अपने गांव लौट आता है। जिले से बड़ी संख्या में आज भी जिले के ग्रामीणजन मजदूरी हेतु मध्यप्रदेश के शहरों सहित सीमावर्ती गुजरात, राजस्थान व महाराष्ट्र राज्य के शहरों जाते हैं, किंतु भगोरिया हाट के पूर्व इनके अपने घर गांव आने का सिलसिला शुरू हो जाता है।

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रतलाम। होली के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए बान्द्रा टर्मिनस एवं हावड़ा के लिए दो जोड़ी होली स्पेशल ट्रेनों का परिचालन स्पेशल किराया के साथ किया जा रहा है।   मंडल रेल प्रवक्ता खेमराज मीना के अनुसार 22 मार्च से 12 अप्रैल तक प्रति शुक्रवार को गाड़ी संख्या 09343 डॉ. अम्बेडकर नगर पटना स्पेशल डॉ. अम्बेडकर नगर से 04.05 बजे चलकर रतलाम मंडल के इंदौर(04.29/04.34), देवास(05.18/05.20), उज्जैन(06.10/06.30) एवं मक्सी (07.00/07.02) होते हुए शनिवार को प्रात: 03.30 बजे पटना पहुँचेगी। इसी प्रकार 23 मार्च से 13 अप्रैल तक प्रति शनिवार को गाड़ी संख्या 09344 पटना डॉ. अम्बेडकर नगर स्पेशल पटना से 06.00 बजे चलकर रतलाम मंडल के मक्सी(03.44/03.46, रविवार), उज्जैन(04.30/04.55), देवास (05.21/05.33) एवं इंदौर (06.20/06.30) होते हुए रविवार को 07.00 बजे डॉ. अम्बेडकर नगर पहुँचेगी। इस ट्रेन का दोनों दिशाओं में इंदौर, देवास, उज्जैन, मक्सी, संतहिरदाराम नगर, विदिशा, बीना, सागर, दमोह, कटनी मुड़वारा, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, पं. दीनदयाल उपाध्यायनगर, बक्सर, आरा एवं दानापुर स्टेशनों पर ठहराव दिया गया है। यह ट्रेन एलएचबी रेक से चलेगी जिसमें दो सेकंड एसी, छ:थर्ड एसी, आठ स्लीपर एवं तीन सामान्य श्रेणी के कोच रहेंगे।   18 मार्च सोमवार को गाड़ी संख्या 09417 अहमदाबाद दानापुर स्पेशल अहमदाबाद से 09.10 बजे चलकर रतलाम मंडल के रतलाम (14.40/15.00बजे) होते हुए मंगलवार को 20.30 बजे दानापुर स्टेशन पहुँचेगी। इसी प्रकार वापसी में गाड़ी संख्या 09418 दानापुर अहमदाबाद स्पेशल 20 मार्च बुधवार को दानापुर से 23.50 बजे चलकर रतलाम मंडल के रतलाम जंक्शन(05.00/05.10 बजे, गुरुवार) होते हुए गुरुवार को 11.10 बजे अहमदाबाद स्टेशन पहुँचेगी। यह ट्रेन एलएचबी रेक से चलेगी जिसमें दो सेकंड एसी, छ: थर्ड एसी, आठ स्लीपर एवं चार सामान्य श्रेणी के कोच रहेंगे। इस ट्रेन का दोनों दिशाओं में नडियाड, छायापुरी, रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, हिंडौन सिटी, भरतपुर जंक्शन, मथुरा जंक्शन, कासगंज, फर्रूखाबाद, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, सुल्तानपुर, जौनपुर सिटी, वाराणसी, पं. दीनदयाल उपाध्याय जं., बक्सर एवं आरा स्टेशनों पर ठहराव दिया गया है।   19 मार्च मंगलवार को गाड़ी संख्या 09061 वलसाड़ बरौनी स्पेशल, वलसाड से 02.15 बजे चलकर रतलाम मंडल के रतलाम(09.40/09.50 बजे) चलकर बुधवार को 18.00 बजे बरौनी जं. स्टेशन पहुँचेगी। इसी प्रकार 21 मार्च गुरुवार को गाड़ी संख्या 09062 बरौनी वलसाड स्पेशल, बरौनी से 12.15 बजे चलकर रतलाम मंडल के रतलाम(19.25/19.35 बजे, शुक्रवार) होते हुए शनिवार को 03.45 बजे वलसाड पहुँचेगी। यह ट्रेन आईसीएफ रेक से चलेगी जिसमें एक सेकंड एसी, तीन थर्ड एसी, पंद्रह स्लीपर तथा दो सामान्य श्रेणी के कोच रहेंगे। इस ट्रेन का दोनों दिशाओं में सूरत, वडोदरा, रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, भरतपुर, मथुरा, कासगंज, फर्रुखाबाद, कानपुर सेट्रल, लखनऊ, सुल्तानपुर, जौनपुर सिटी, वाराणसी, पं. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर, आरा, दानापुर, पाटलिपुत्र एवं हाजीपुर स्टेशनों पर ठहराव दिया गया है।   23 एवं 30 मार्च शनिवार को गाड़ी संख्या 09195 वडोदरा मऊ स्पेशल वडोदरा से 19.00 बजे चलकर रतलाम मंडल के दाहोद(20.50/20.52), रतलाम(22.35/22.45) होते हुए रविवार को 20.45 बजे मऊ स्टेशन पहुँचेगी। इसी प्रकार 24 एवं 31 मार्च को गाड़ी संख्या 09196 मऊ वडोदरा स्पेशल, मऊ से 23.00 बजे चलकर रतलाम मंडल के रतलाम(19.40/19.50 बजे, सोमवार) एवं दाहोद(21.11/21.13 बजे) होते हुए मंगलवार को 00.45 बजे वडोदरा स्टेशन पहुँचेगी। यह ट्रेन एलएचबी रेक से चलेगी जिसमें एक फस्र्ट एसी, दो सेकंड एसी, छ: थर्ड एसी, आठ स्लीपर एवं दो सामान्य श्रेणी के कोच रहेंगे। इस ट्रेन का दोनों दिशाओं में गोधरा, दाहोद, रतलाम, कोटा, बयाना, आगरा फोर्ट, टूण्डला, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, सुल्तानपुर एवं वाराणसी स्टेशनों पर ठहराव रहेगा।   18 मार्च सोमवार को गाड़ी संख्या 09111 वडोदरा गोरखपुर स्पेशल वडोदरा से 19.00 बजे चलकर रतलाम मंडल के रतलाम(22.35/22.45) होते हुए मंगलवार को 23.30 बजे गोरखपुर पहुँचेगी। इसी प्रकार वापसी में गाड़ी संख्या 09112 गोरखपुर वडोदरा स्पेशल 20 मार्च बुधवार को प्रात: 05.00 बजे चलकर रतलाम मंडल के रतलाम जंक्शन(04.15/04.25 बजे, गुरुवार) होते हुए गुरुवार को 08.35 बजे वडोदरा पहुँचेगी। यह ट्रेन एलएचबी रेक से चलेगी जिसमें एक फस्र्ट एसी, दो सेकंड एसी, छ: थर्ड एसी, आठ स्लीपर एवं दो सामान्य श्रेणी के कोच रहेंगे। इस ट्रेन का दोनों दिशाओं में गोधरा, रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, भरतपुर, आगरा फोर्ट, टूण्डला, सिकोहाबाद, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, बाराबंकी, गोंडा एवं बस्ती स्टेशनों पर ठहराव रहेगा।   20 मार्च बुधवार को गाड़ी संख्या 09183 मुम्बई सेंट्रल बनारस स्पेशल मुम्बई सेंट्रल से 22.50 बजे चलकर रतलाम मंडल के रतलाम(08.40/08.50 बजे, गुरुवार) होते हुए शुक्रवार को प्रात: 10.30 बजे बनारस पहुँचेगी। इसी प्रकार वापसी में 22 मार्च शुक्रवार को गाड़ी संख्या 09184 बनारस मुम्बई सेंट्रल स्पेशल बनारस से 14.30 बजे चलकर रतलाम मंडल के रतलाम (17.45/17.55 बजे, शनिवार) होते हुए रविवार को 04.20 बजे मुम्बई सेंट्रल पहुँचेगी।   यह ट्रेन एलएचबी रेक से चलेगी जिसमें एक फस्र्ट एसी, तीन सेकंड एसी, छ: थर्ड एसी, एवं चार थर्ड एसी इकोनॉमी श्रेणी के कोच रहेंगे। इस ट्रेन का दोनों दिशाओं में बोरीवली, पालघर, वापी, वलसाड, वडोदरा, रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, भरतपुर, आगरा फोर्ट, टूण्डला, सिकोहाबाद, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, राय बरेली, अमेठी, प्रतापगढ़, जंघई एवं भदोही स्टेशनों पर ठहराव रहेगा।   हापा-नाहरलगुन स्पेशल एक्सप्रेस, 20 मार्च बुधवार को हापा से 00.40 बजे बुधवार को प्रस्थान कर रतलाम मंडल के रतलाम(12.55/13.05, बुधवार), नागदा(13.53/13.55), उज्जैन(15.05/15.10)एवं मक्सी (16.40/16.42) होते हुए शुक्रवार को 16.00 बजे नाहरलगुन (अरुणाचल प्रदेश) पहुंचेगी। इसी प्रकार ट्रेन संख्या 09526 नाहरलगुन-हापा स्पेशल एक्सप्रेस 23 मार्च, 2024 को नाहरलगुन से शनिवार को 10.00 बजे प्रस्थान कर रतलाम मंडल के मक्सी (08.00/08.02 सोमवार),उज्जैन (08.45/08.50), नादगा (09.38/09.40) एवं रतलाम (10.20/10.30)होते हुए मंगलवार को 00.30 बजे हापा पहुंचेगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में राजकोट, वांकानेर, सुरेन्द्रनगर, अहमदाबाद, नडियाद, आणंद, छायापुरी,गोधरा,रतलाम,नागदा,उज्जैन,मक्सी,शाजापुर,शाजापुर,ब्यावराराजगढ़, रुठियाई, गुना, शिवपुरी, ग्वालियर, इटावा, गोविंदपुरी,प्रयागराज,ज्ञानपुर रोड, बनारस, वाराणसी, गाजीपुर सिटी, बलिया, छपरा, हाजीपुर, शाहपुर, पटोरी, बरौनी, बेगुसराय, खगडिय़ा, नौगछिया, कटिहार,बरसोई, किशनगंज, न्यू जलपाईगुड़ी, न्यू कूचबिहार, कोकराझार, न्यूबंगाईगांव, बारपेटा रोड, रंगिया, उदलगुरी, न्यू मिसामारी, रंगापाड़ा नॉर्थ और हारमती स्टेशनों पर रुकेगी। इसमें एक सेकंड एसी, तीन थर्ड एसी, 15 स्लीपर एवं दो सामान्य श्रेणी के कोच रहेंगे। ट्रेनों के परिचालन समय, ठहराव और संरचना से सम्बंधित विस्तृत जानकारी के लिए यात्री वेबसाइड या 139 पर कॉल कर या एनटीईएस ऐप पर जाकर अवलोकन कर सकते हैं।

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भोपाल। डॉ. अंबेडकर नगर (महू) से कटरा (वैष्णो देवी) जाने वाली मालवा एक्सप्रेस ट्रेन की शनिवार को शाम करीब चार बजे शाजापुर जिले के बेरछा स्टेशन के पास कपलिंग टूट गई। इससे ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई। इसके बाद रेलवे का तकनीकी अमला मौके पर पहुंचा और दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बोगियों को जोड़कर गंतव्य की ओर रवाना किया। इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है।     जानकारी के अनुसार ट्रेन नंबर 12919 मालवा सुपरफास्ट एक्सप्रेस शाजापुर जिले के मक्सी रेलवे स्टेशन को क्रॉस करने के बाद बेरछा और पीरउमरोद रेलवे स्टेशन के बीच अचानक ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई। जिसके बाद जैसे तैसे ट्रेन को रोका गया। इस दौरान यात्रियों भयभीत हो गए। हालांकि, सभी यात्री सुरक्षित हैं। सूचना मिलते ही बेरछा और मक्सी से रेलवे का दल मौकास्थल पर पहुंचा और जो बोगियां अलग हुई थीं, उन्हें जोड़ा। भोपाल और रतलाम से भी रेलवे का दल भी मौका पर पहुंचा और ट्रेन की जांच करने के बाद उसे रवाना किया। घटना का वीडियो ट्रेन में सवार एक युवक द्वारा बनाया गया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

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उज्जैन। उज्जैन स्थित बाबा महाकाल के दर्शन के लिए आम से लेकर खास तक सभी भक्तों के आने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में शनिवार को भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज उमेश यादव भी बाबा महाकाल के दरबार में पहुंचे। यहां उन्होंने अपनी पत्नी तानिया वाधवा के साथ महाकाल दर्शन कर पूजा अर्चना किया।   भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज उमेश यादव ने आईपीएल शुरू होने से पहले शनिवार को बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। उमेश यादव ने नंदी हॉल से भस्म आरती देखी और चांदी द्वार से बाबा महाकाल का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उमेश यादव महाकाल की भक्ति में रमे नजर आए। महाकाल मंदिर के पुजारी ने उमेश यादव को महाकाल मंदिर की पारंपरिक चुनरी भी भेंट की है। दर्शन के उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए क्रिकेटर उमेश यादव ने कहा कि वे बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए आते रहते हैं। आज भी ऐसा योग संयोग बना और वे बाबा महाकाल के दर पर आ गए। उमेश यादव ने श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति की व्यवस्थाओं की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मंदिर में दर्शन की व्यवस्था काफी अच्छी है, मुझे बहुत अच्छे दर्शन हुए। आपको बता दें कि इस से पहले उमेश यादव 20 मार्च 2023 और फिर जुलाई 2023 में भी उज्जैन आकर महाकाल के दर्शन कर चुके हैं।

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भोपाल। मध्यप्रदेश के मौसम में एक बार फिर बदलाव होने वाला है। प्रदेश में अगले 4 दिन यानी 19 मार्च तक ओले-बारिश का दौर चलेगा। मार्च में तीसरी बार शनिवार से मौसम बदलेगा। मंडला, डिंडोरी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिलों में बारिश के साथ ओले भी गिर सकते हैं, जबकि 40 से 50कि.मी. प्रतिघंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान भी है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आने से ऐसा होगा। मौसम के इस बदलाव का असर जबलपुर समेत पूर्वी हिस्से के 26 जिलों में असर पड़ेगा।   वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह का कहना है कि वर्तमान में उत्तरी ओडिशा के ऊपर से छत्तीसगढ़ होते हुए विदर्भ तक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इस कारण दक्षिण-पश्चिमी हवाएं अरब सागर से नमी ला रही है। दक्षिण-पूर्वी हवाएं बंगाल की खाड़ी से मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से में भी नमी ला रही है। इस वजह से बारिश, ओले और तेज आंधी चल सकती है। जबलपुर संभाग के सभी जिलों में ओलावृष्टि और बारिश होगी। पूर्वी हिस्से में मौसम बदला रहेगा। नए सिस्टम की एक्टिविटी से जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग में ज्यादा असर रहेगा, जबकि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर-उज्जैन संभाग में हल्के बादल छा सकते हैं। नर्मदापुरम संभाग में भी मौसम बदला रहेगा। सिस्टम से पहले शुक्रवार को प्रदेश में गर्मी का असर बना रहा। मौसम में आए इस बदलाव से प्रभावित जिलों में तापमान की बढ़त पर रोक लग सकती है।

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भोपाल। मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव से पहले अधिकारियों के तबादले का दौर जारी है। गुरुवार देर रात ही 37 आईएएस अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया। इसी क्रम में अब भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के नौ और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 47 अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। इस संबंध में शुक्रवार को दो अलग-अलग आदेश जारी किये गए।   सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और उज्जैन कमिश्नर संजय गोयल को तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग में सचिव बनाया गया है, जबकि इंदौर के श्रम आयुक्त संजय गुप्ता को उज्जैन कमिश्नर बनाया गया है। रीवा में अपर आयुक्त पद पर पदस्थ छोटे सिंह को राजस्व विभाग ग्वालियर संभाग में अपर आयुक्त पदस्थ किया गया है, संस्थागत वित्त विभाग के संचालक स्वप्निल जी वानखेड़े को सतना कलेक्टर बनाया गया है। ग्वालियर की अपर आयुक्त (राजस्व) सपना निगम को ग्वालियर राजस्व मंडल में सचिव, मंत्रालय में उप सचिव राजीव रंजन मीना को संस्थागत वित्त विभाग में संचालक, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग की उप सचिव संजना जैन को सतना जिला पंचायत में सीईओ, झाबुआ जिला पंचायत की सीईओ रेखा राठौर को खरगोन जिले की अपर कलेक्टर बनाया गया है।   राज्य शासन ने 47 आईपीएस अधिकारियों को इधर से उधर किया है। इनमें 11 जिलों के पुलिस अधीक्षक बदले गए हैं। अशोकनगर, खंडवा, डिंडोरी, सिंगरौली, शिवपुरी, खरगोन, छतरपुर, दमोह, राजगढ़, श्योपुर और निवाड़ी के एसपी का तबादला कर दिया गया है। इस संबंध में गृह विभाग ने आदेश जारी किए हैं।   गृह विभाग के आदेश के अनुसार भोपाल पुलिस मुख्यालय के विशेष पुलिस महानिदेशक गोविन्द प्रताप सिंह को जेल महानिदेशक, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सतर्कता पवन कुमार श्रीवास्तव को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अअवि, उप पुलिस महानिरीक्षक एसएएफ नवनीन भसीन को उज्जैन रैंज में उप पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय भोपाल के उप पुलिस महानिरीक्षक अमित सिंह को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त इंदौर, पुलिस मुख्यालय भोपाल के उप पुलिस महानिरीक्षक ओमप्रकाश त्रिपाठी को भोपाल ग्रामीण रेंज में उप पुलिस महानिरीक्षक पदस्थ किया गया है। भोपाल ग्रामीण रेंज की उप पुलिस महानिरीक्षक मोनिका शुक्ला को पुलिस मुख्यालय में उप पुलिस महानिरीक्षक, उप पुलिस महानिरीक्षक होमगार्ड भोपाल महेन्द्र चंद्र जैन को उप पुलिस महानिरीक्षक नारकोटिक्स इंदौर, जबलपुर के उप पुलिस महानिरीक्षक साकेत प्रकाश पांडे को रीवा रेंज में उप पुलिस महानिरीक्षक, छतरपुर के उप पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक अमित सांघी को उप पुलिस महानिरीक्षक एसएएफ भोपाल, उप पुलिस महानिरीक्षक रेडियो भोपाल को नर्मदापुर रेंज में उप पुलिस महानिरीक्षक, खंडवा के पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र कुमार सिंह को भोपाल पुलिस मुख्यालय में उप पुलिस महानिरीक्षक, उप पुलिस महानिरीक्षक भोपाल अतुल सिंह को खरगोन रेंज में उप पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया है। उप पुलिस महानिरीक्षक यातायात इंदौर मनीष कुमार अग्रवाल को उप पुलिस महानिरीक्षक होमगार्ड, सिंगरौली के पुलिस अधीक्षक मो. यूसुफ कुरैशी को भोपाल पुलिस मुख्यालय में उप पुलिस महानिरीक्षक, उप पुलिस महानिरीक्षक अपराध इंदौर निमिष अग्रवाल को इंदौर रेंज में उप पुलिस महानिरीक्षक, इंदौर के उप पुलिस महानिरीक्षक पंकज श्रीवास्तव को पुलिस मुख्यालय भोपाल में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, इंदौर के उप पुलिस महानिरीक्षक राजेश कुमार सिंह को उप पुलिस महानिरीक्षक पीआरटीएस इंदौर, भोपाल पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार खत्री को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रेडियो भोपाल, ग्वालियर के 13वीं वाहिनी विसबल सेनानी विनीत कुमार जैन को अशोकनगर में पुलिस अधीक्षक, भोपाल पुलिस मुख्यालय के सहायक पुलिस महानिरीक्षक राजेश सिंह को भोपाल में 25वीं वाहिनी विसबल में सेनानी बनाया गया है। भोपाल पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार राय को खंडवा में पुलिस अधीक्षक, भोपाल पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक संजय कुमार सिंह को भोपाल पुलिस उपायुक्त यातायात, शिवपुरी के पुलिस अधीक्षक रघुवंश कुमार सिंह को ग्वालियर में 13वीं वाहिनी विसबल में सेनानी, छिंदवाड़ा के 8वीं वाहिनी विसबल के सेनानी सिद्धार्थ चौधरी को जबलपुर में 6वीं वाहिनी विसबल सेनानी, भोपाल पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक अरविंद तिवारी को पुलिस उपायुक्त यातायात, पुलिस मुख्यालय भोपाल में सहायक पुलिस महानिरीक्षक हितेष चौधरी को भोपाल में 7वीं वाहिनी विसबल में सेनानी, पीटीसी इंदौर की पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर को इंदौर में 15वीं वाहिनी विसबल में सेनानी, अशोकनगर के पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ को शिवपुरी में पुलिस अधीक्षक पदस्थ किया गया है। भोपाल पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक वाहनी सिंह को डिंडौरी में पुलिस अधीक्षक, इंदौर रेल पुलिस अधीक्षक निवेदिता गुप्ता को सिंगरौली में पुलिस अधीक्षक, डिंडौरी के पुलिस अधीक्षक अखिल पटेल को भोपाल में पुलिस उपायुक्त (अपराध), राजगढ़ के पुलिस अधीक्षक को खरगोन में पुलिस अधीक्षक, भोपाल में 25वीं वाहिनी विसबल के सेनानी अगम जैन को छतरपुर में पुलिस अधीक्षक, इंदौर पीआरटीएस की पुलिस अधीक्षक हितिका वासल को इंदौर पीटीसी में पुलिस अधीक्षक, भोपाल पुलिस उपायुक्त (अपराध) श्रुतकीर्ति सोमवंशी को दमोह में पुलिस अधीक्षक, इंदौर जोन एक के पुलिस उपायुक्त आदित्य मिश्रा को राजगढ़ में पुलिस अधीक्षक, इंदौर जोन दो के पुलिस उपायुक्त अभिषेक आनंद को श्योपुर में पुलिस अधीक्षक, भोपाल पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक मृगाखी डेका को भोपाल रेल पुलिस अधीक्षक, मंडला के 35वीं वाहिनी विसबल के सेनानी संतोष कोरी को इंदौर में रेल पुलिस अधीक्षक पदस्थ किया गया है। भोपाल जोन एक के पुलिस उपायुक्त रामजी श्रीवास्तव को छिंदवाड़ा में 8वीं वाहिनी विसबल में सेनानी, दमोह के पुलिस अधीक्षक सुनील तिवारी को भोपाल पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक, श्योपुर के पुलिस अधीक्षक रायसिंह नरवरिया को निवाड़ी में पुलिस अधीक्षक, भोपाल पुलिस मुख्यालय में पुलिस उपायुक्त राम शरण प्रजापति को भोपाल में सहायक पुलिस महानिरीक्षक, जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला को इंदौर जोन एक में पुलिस उपायुक्त, इंदौर जोन चार के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा को इंदौर जोन में पुलिस उपायुक्त, ग्वालियर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऋषिकेष मीना को इंदौर जोन चार में पुलिस उपायुक्त और बालाघाट के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना को इंदौर जोन एक में पुलिस उपायुक्त पदस्थ किया गया है।

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भोपाल। मध्य प्रदेश के सिंगरौली में शुक्रवार दोपहर करीब 01 बजकर 48 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए। इसके चलते लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.1 तीव्रता मापी गई है। इसका केंद्र जमीन के पांच किलोमीटर अंदर था।   नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने एक्स पर लिखा कि भूकंप का केंद्र सिंगरौली में जमीन से पांच किलोमीटर नीचे गहराई में था। भूपंक के झटके दोपहर 01 बजकर 48 मिनट पर महूसस किये गए। फिलहाल जानमाल के किसी नुकसान की कोई जानकारी नहीं है। भूकंप की घटना के बाद सिंगरौली प्रशासन अलर्ट हो गया है। इससे पहले सिंगरौली में 31 दिसंबर 2023 को 3.6 तीव्रता का भूकंप आया था। पिछले साल दिसंबर महीने में दो बार भूकंप के झटके लगे थे। तीव्रता कम होने के कारण जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ था।

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भोपाल। राजधानी भोपाल के बागसेवनिया इलाके में शुक्रवार सुबह एक टेंट हाउस गोदाम में भीषण आग लग गई। आग लगने के बाद गोदाम में रखे चार सिलेंडरों में ब्लास्ट हो गया। धमाके से गोदाम का टीनशेड करीब 50 फीट दूर जाकर गिरा। धमाके की आवाज और आग की लपटों को देख लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। टेंट हाउस के गोदाम में जहां आग लगी, उसके आसपास घनी बस्ती है। आग की लपटों को देखकर लोगों ने इसकी सूचना फायर कंट्रोल रूम को दी गई। जिसके बाद मौके पर करीब दस से ज्यादा दमकलों को भेजा गया। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद इस आग पर काबू पा लिया गया। जानकारी के मुताबिक, राजधानी भोपाल के बाग सेवनिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत अरविंद विहार में संचालित हो रहे व्यंजन टेंट हाउस के गोदाम में शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे के आसपास अचानक आग लग गई। टेंट हाउस में आग लगी तो पहले यहां रखी कुर्सियों, पर्दे व साज-सज्जा के सामान जले। इस दौरान गोदाम के कर्मचारियों ने आग बुझाने की कोशिश की। कुछ ही देर में इस आग ने वहां रखे सिलेंडरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। जिससे एक के बाद एक चार सिलेंडर ब्लास्ट हुए। इससे गोदाम के टिनशेड की चद्दरें भी 50 से 100 फीट तक दूर जा गिरीं। कर्मचारियों ने भागकर जान बचाई। आग इतनी विकराल थी कि पांच किलोमीटर दूर से आग की लपटों का धुंआ देखा जा सकता था। कढ़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया आग लगने के बाद भोपाल के बोगदापुल, आइएसबीटी, माता मंदिर, कबाड़खाना और गोविंदपुरा फायर स्टेशन से लगभग 10 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची। नगर निगम के फायर अधिकारी रामेश्वर नील ने बताया कि ''लगभग तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका है।'' गोदाम किस संस्थान का है उन्होंने यह बताने से फिलहाल मना कर दिया। लेकिन स्थानीय लोगों ने बताया कि साकेत नगर स्थित व्यंजन रेस्टोरेंट और टेंट हाउस का यह गोदाम था। लोगों ने गोदाम में घरेलू गैस सिलेंडर से रिफिलिंग किए जाने का आरोप भी लगाया है। गोदाम में एलपीजी के घरेलू सिलेंडर भी मिले हैं। टेंट हाउस के गोदाम के आसपास करीब 100 से अधिक झुग्गियां व मकान है। यदि समय रहते दमकलकर्मी आग पर काबू नहीं पाते तो आग आसपास की बस्ती को भी अपनी चपेट में ले लेती और बड़ा हादसा हो सकता था। गोदाम बनाने के लिए नगर निगम द्वारा जो नियमावली बनाई गई है उसका पालन नहीं किया गया था। ऐसे में अब इस मामले में नगर निगम जांच करने की बात कह रहा है। विधायक कृष्णा गौर पहुंची घटना के बाद मंत्री कृष्णा गौर मौके पर पहुंची। इस दौरान उन्होंने कहा कि यहां अवैध रूप से काम किया जा रहा था। ऐसा काम अवैध बस्तियों में किया जाता है। बस्तियों में इस तरह के बड़े हादसे हो जाते हैं। मैंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ऐसी बस्तियों में अवैध काम हो रहे है, उन्हें चिन्हित कर बंद किया जाए। कृष्णा गौर ने कहा कि निश्चित रूप से यहां अवैध काम हो रहा था। स्थानीय लोगो का भी आरोप है। स्थिति कंट्रोल में है। कोई जनहानि नहीं हुई है।

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उज्जैन। महाशिवरात्रि पर्व पर शुक्रवार को उज्जैन में मिनी कुम्भ सा नजारा देखने को मिल रहा है। देश भर के श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान महाकालेश्वर के दर्शन कर रहे हैं। मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं पहुंचने के अनुमान अनुसार जिला प्रशासन, पुलिस व मंदिर समिति द्वारा योजना बनाई गई। अफसरों का दावा था कि एक बार लाइन में लगने के बाद श्रद्धालुओं को 40 मिनिट में दर्शन होंगे, लेकिन लोगों को मंदिर तक पहुंचने में 2 घंटे लग रहे हैं।   ऐसी हो रहे सामान्य लोगों को दर्शन सामान्य दर्शनार्थियों को नृसिंहघाट के सामने घाटी से गोंडबस्ती होते हुए चारधाम पार्किंग में बने झिकझेक से होकर महाकाल लोक पैदल मार्ग से महाकाल लोक में प्रवेश देने के बाद मानसरोवर गेट तक लाया जा रहा है। मानसरोवर गेट से टनल के रास्ते प्रवेश कर महाकालेश्वर मंदिर में प्रवेश और दर्शन के बाद निर्गम गेट से बड़ा गणेश मंदिर की ओर निकास मार्ग से बाहर किया जा रहा है। इनका कहना पुलिस प्रशासन व मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिये की गई व्यवस्था का परिणाम है कि लोगों को बिना धक्कों के बेरिकेड्स में सामान्य तरीके से चलकर 40 से 50 मिनिट के अंदर भगवान के दर्शन हो रहे हैं। प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं के लिये पेयजल, छांव, मेडिकल आदि की व्यवस्थाएं भी की गई हैं। अब तक ढाई लाख से अधिक श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर चुके हैं और यह सिलसिला सतत जारी है। संदीप सोनी, महाकालेश्वर मंदिर प्रशासक   इस कारण बिगड़ी नीलकंठ द्वार पर व्यवस्था पुलिस, प्रशासन के अफसर और मंदिर समिति द्वारा हरिफाटक ब्रिज, बेगमबाग की ओर से नीलकंठ द्वार व पार्किंग के रास्ते को वीआईपी, प्रोटोकॉल, नियमित दर्शनार्थियों के लिये आरक्षित रखा था। यहां से भारत माता मंदिर होते हुए लोगों को गेट नंबर 1 से मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा है। वापसी में उक्त लोग इसी मार्ग से लौट रहे हैं। यहां वीआईपी और वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान पुलिस द्वारा पासधारी और नियमित दर्शनार्थियों का प्रवेश रोका जा रहा है जिस कारण इस गेट पर भीड़ लगने के साथ ही श्रद्धालुओं और पुलिस व मंदिर समिति के सिक्यूरिटी गार्ड के बीच बहस और विवाद की स्थिति बन रही है। 2 किमी की दूरी 2 घंटे में हो रही हो रही पूरी नृसिंहघाट से बेरिकेड्स में प्रवेश करने के बाद महाकालेश्वर मंदिर के अंदर भगवान के दर्शनों तक दूरी करीब 2 किलोमीटर होती है। एक बार लाइन में लगने के बाद श्रद्धालुओं को बेरिकेड्स में लगातार चलना है। हालांकि बेरिकेड्स में कहीं भी श्रद्धालुओं को रोका नहीं जा रहा और लगातार चलते रहने पर उक्त दूरी 2 घंटे में तय हो रही है। छांव, पेयजल और चिकित्सा की सुविधा प्रशासन द्वारा लाइन में लगे सामान्य श्रद्धालुओं की सुविधा अंतर्गत धूप से बचने के लिये शामियाने लगाये गये हैं वहीं अलग-अलग स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था भी की गई है। इसके अतिरिक्त अलग-अलग जगह डॉक्टर्स व मेडिकल स्टाफ की टीम को आवश्यक दवाओं के साथ तैनात किया गया है। मानसरोवर के पास बैठे चिकित्सा स्टाफ ने बताया कि करीब 20-25 महिला पुरुष थकान, सिर दर्द और घबराहट की शिकायत लेकर आये थे जिन्हें दवा दी गई है।

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भोपाल। प्रदेश में बारिश-ओले का दौर थमने के बाद अब गर्मी का असर दिखाई देने लगा है। गुरुवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत प्रदेश के 19 जिलों में दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले 3 दिन यानी 10 मार्च तक मौसम ऐसा ही रहेगा। दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है।   प्रदेश में गुरुवार को नरसिंहपुर सबसे गर्म रहा। यहां पारा 34.4 डिग्री तक पहुंच गया। धार में 33.4 डिग्री, रतलाम में 33.2 डिग्री और मंडला में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल में 30.3 डिग्री, इंदौर में 31 डिग्री, ग्वालियर में 28 डिग्री, जबलपुर में 29.8 डिग्री और उज्जैन में पारा 31.7 डिग्री दर्ज रहा। पचमढ़ी, शिवपुरी, नौगांव, रीवा, सीधी, खजुराहो, रायसेन और सतना में पारा 30 डिग्री से कम रहा। वहीं, सागर, टीकमगढ़, गुना, उमरिया, छिंदवाड़ा, मलाजखंड, सिवनी, दमोह, शाजापुर, नर्मदापुरम, खरगोन, बैतूल और खंडवा में तापमान 30 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिक अभिजीत चक्रवर्ती का कहना है कि 10 मार्च तक प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा। प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी रहेगी। वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से प्रदेश में बारिश होने के आसार नहीं है, लेकिन ग्वालियर-चंबल संभाग के कुछ जिलों में बादल जरूर छाए रहेंगे।

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सीहोर। भगवान शिव की शिव महापुराण की कथा सुनने का सौभाग्य मिला है। शिव महापुराण की कथा भक्ति और मुक्ति कि यह पावन कथा संपूर्ण जगत का कल्याण करने वाली है, जगत का उद्धार करने वाली है। कुबेरेश्वरधाम की इस धरा से कथा का श्रवण करना एक साधना की तरह है। बाबा के घर आए हैं तो विश्वास रखे एक माह के अंदर ही आपकी पूजा सफल हो जाएगी।   यह विचार जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में गुरुवार से आरंभ हुए रुद्राक्ष महोत्सव के पहले दिन शिव महापुराण के अवसर पर कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने व्यक्त किए। उन्होंने इस दौरान देवराज प्रसंग के माध्यम से शिव महापुराण कथा का महत्व बताया।   पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि तुलसी दल, जल, बेलपत्र तीनों चीजें हमारे व्रत, पूजन और साधना का प्रमाण है और हमारे मंत्र, हमारी साधना, तप का प्रमाण है। सृष्टि, पालन, संहार, तिरोभाव, अनुग्रह यह पांचों कार्य महादेव के हैं। प्रथम चार कृत्य संसार का विस्तार करने वाले हैं। पांचवा कर्म अनुग्रह मोक्ष के लिए है। जो भगवान शिव का जाप प्रतिदिन करता है वह शिव कृपा का भागी होता है।   अमेरिका सहित अन्य देशों के श्रद्धालु आए कथा के दौरान यहां पर अमेरिका से आए आस्थावान श्रद्धालु के बारे में चर्चा करते हुए पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि अमेरिका जैसे आधुनिक देश में निवास करने वाले कथा का श्रवण करने आए हैं। इन्होंने बताया कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त थे, कथा के तप और रुद्राक्ष की महिमा से अब रोग से मुक्ति मिली है। यह पंडाल में फूलों की साज-सज्जा की है, यह पहले बाबा की पौथी पर माला चढ़ाने आते थे, कुबेरेश्वरधाम के कारण इनका कल्याण हुआ। इस तरह के अनेक प्रमाण भगवान शिव की भक्ति के लिए प्ररित करते हैं। आपको शिव की प्राप्ति के लिए भक्ति में संपूर्ण रूप से समर्पित भाव से करना होगा। भगवान की कृपा नहीं होती तब तक मनुष्य एक कदम भी उनकी ओर नहीं बढ़ा सकता पंडित मिश्रा ने कहा कि जब तक भगवान शंकर की कृपा नहीं होती तब तक मनुष्य एक कदम भी भगवान की ओर नहीं बढ़ा सकता। शिव पुराण कथा कहती है कि जब मनुष्य मां की कोख में होता है तो रक्त, जल में सना हुआ होता है और जब जन्म लेता है तो संसार के जितने सुख-दुख, धर्म कर्म है उनमें रमा हुआ होता है। अंतिम समय आता है तो वह भगवान का भजन करता है और प्राण छूटने पर भस्म में बदल जाता है। मनुष्य के अंतिम क्षण का समय बड़ा मूल होता है। अंतिम क्षण भक्ति में लगाओ तो शिवत्व अवश्य प्राप्त करोगे।   विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि इस बार की महाशिवरात्रि बहुत ही ज्यादा खास मानी जा रही है, क्योंकि इस दिन शुक्र प्रदोष व्रत का संयोग बन रहा है। प्रदोष व्रत के अलावा इस दिन और भी कई दुर्लभ योग बन रहे हैं। पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा सुबह मंदिर परिसर में बने विशाल शिवलिंग की अर्चना की जाएगी, उसके पश्चात दोपहर में एक बजे से कथा, शाम को साढ़े छह बजे कथा और रात्रि में भजन गायक प्रस्तुति देंगे।

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ग्वालियर। मौसम अब शुष्क हो गया है। धूप तेज होने लगी है। इसी के चलते आज दिन के तापमान में लगभग चार डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि फिलहाल मौसम साफ रहेगा। इस कारण अब दिन के साथ रात का तापमान भी बढ़ेगा। हालांकि 10 से 11 मार्च के बीच हिमालय में एक और पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है। 13 मार्च को ग्वालियर-चंबल संभाग में भी इसका असर देखने को मिल सकता है। मौसम के जानकार बता रहे हैं कि बीते बुधवार को हिमालय में आया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ और कमजोर होकर आगे बढ़ गया है। अब ग्वालियर-चंबल के मौसम को प्रभावित करने वाली कोई मौसम प्रणाली मौजूद नहीं है। इसलिए फिलहाल यहां का मौसम शुष्क रहेगा जिससे धूप में तेजी देखने को मिलेगी। इसके साथ ही ठंडी हवाएं भी थम गई हैं। इसके चलते अब अधिकतम के साथ-साथ न्यूनतम तापमान में भी वृद्धि होगी। 10 से 11 मार्च के आसपास हिमालय में एक और ताजा पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है। हिमालय क्षेत्र में 13 मार्च को इसकी तीव्रता बढ़ेगी। इस दौरान इस मौसम प्रणाली का ग्वालियर-चंबल संभाग में भी असर देखने को मिलेगा। यहां घने बादल छा सकते हैं। इसके साथ ही कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी हो सकती है। स्थानीय मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार पिछले दिन की तुलना में गुरुवार को अधिकतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 28.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो औसत से 3.2 डिग्री सेल्सियस कम है जबकि न्यूनतम तापमान 0.3 डिग्री सेल्सियस वृद्धि के साथ 10.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो औसत से 3.9 डिग्री सेल्सियस कम है। आज सुबह हवा में नमी 70 प्रतिशत दर्ज की गई जो औसत से 36 प्रतिशत अधिक है जबकि शाम को हवा में नमी घटकर 44 प्रतिशत दर्ज की गई जो औसत से 11 प्रतिशत अधिक है।

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उज्जैन। सनातन धर्म परंपरा में जिस प्रकार शक्ति की आराधना के लिए देवी मंदिरों में नवरात्रि मनाई जाती है, उसी प्रकार उज्जैन के विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में शिव नवरात्रि मनाई जाती है। बारह ज्योतिर्लिंगों में एकमात्र श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में ही शिव नवरात्रि उत्सवपूर्वक मनाई जाती है। श्री महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्रि का यह उत्सव फाल्गुन कृष्ण पंचमी 29 फरवरी से प्रारम्भ हो गया है, श्री महाशिवरात्रि महापर्व के अगले दिन तक चलेगा। इस दौरान श्री महाकालेश्वर भगवान जी के पट दर्शन हेतु लगभग 44 घंटे दर्शन हेतु खुले रहेगे। महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान श्री महाकालेश्वर जी के पूजन विधान श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक एवं अपर कलेक्टर संदीप कुमार सोनी ने बताया कि, 08 मार्च 2024 महाशिवरात्रि महापर्व पर भस्मार्ती हेतु श्री महाकालेश्वर भगवान जी के मंगल पट प्रात: 02:30 बजे खुलेगे। भस्मारती उपरांत 07:30 से 08:15 दद्योदक आरती, 10:30 से 11:15 तक भोग आरती के पश्यात दोपहर 12 बजे से उज्जैन तहसील की ओर से पूजन-अभिषेक संपन्न होगा। सायं 04 बजे होल्कर व सिंधिया स्टेट की ओर से पूजन व सायं पंचामृत पूजन के बाद भगवान श्री महाकालेश्वर को नित्य संध्या आरती के समान महाशिवरात्रि पर्व पर भी गर्म मीठे दूध का भोग लगाया जायेगा। रात्रि में सायं 07 बजे से 10 बजे तक कोटितीर्थ कुण्ड के तट पर विराजित श्री कोटेश्वर महादेव का पूजन, सप्तधान्य अर्पण, पुष्प मुकुट श्रृंगार (सेहरा) के उपरान्त आरती की जायेगी। रात्रि 11 बजे से सम्पूर्ण रात्रि 09 मार्च प्रात: 06 बजे तक भगवान श्री महाकालेश्वर जी का महाअभिषेक पूजन श्रृंगार चलेगा । जिसमे एकादश-एकादशनी रूद्रपाठ व विभिन्न मंत्रो के माध्यम से 11 ब्राह्मणों द्वारा देवादिदेव भगवान श्री महाकालेश्वर जी का अभिषेक किया जायेगा। उसके पश्यात भस्म लेपन, विभिन्न प्रकार के पाँच फलो के रसो से अभिषेक, पंचामृत पूजन (101 लीटर दूध, 31 किलो दही, 21 किलो खांडसारी , 21 शहद, 15 किलो घी) से अभिषेक, गंगाजल, गुलाब जल, भाँग आदि के साथ केसर मिश्रित दूध से अभिषेक किया जायेगा। अभिषेक उपरांत भगवान को नवीन वस्त्र धारण कराये जाकर सप्तधान्य का मुखारविंद धारण कराया जायेगा । जिसके बाद सप्तधान्य अर्पित किया जाएगा जिसमे चावल, खडा मूग, तिल, मसूर, गेहू, जव, साल, खड़ा उडद सम्मिलित रहेगे। श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारियो द्वारा भगवान श्री महाकालेश्वर का श्रृंगार कर पुष्प मुकुट (सेहरा) बांधा जाएगा। भगवान श्री महाकालेश्वर जी को चंद्र मुकुट, छत्र, त्रिपुंड व अन्य आभूषणों से श्रृंगारित किया जायेगा। भगवान पर न्योछावर नेग स्वरुप चांदी का सिक्का व बिल्वपत्र अर्पित की जायेगी। श्री महाकालेश्वर भगवान की सेहरा आरती की जायेगी व भगवान को विभिन्न मिष्ठान्न, फल, पञ्च मेवा आदि का भोग अर्पित किये जायेगे। सेहरा दर्शन के उपरांत वर्ष में एक बार दिन में 12 बजे होने वाली भस्मार्ती होगी । भस्मार्ती के बाद भोग आरती होगी व शिवनवरात्रि का पारणा किया जायेगा । 9 मार्च को सायं पूजन, श्रृंगार, सायं आरती व शयन आरती के बाद भगवान श्री महाकालेश्वर जी के पट मंगल होगे। इस दौरान श्री महाकालेश्वर भगवान पट लगभग 44 घण्टे खुले रहेंगे।

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उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मन्दिर में महाशिवरात्रि पर्व 8 मार्च को मनाया जायेगा। महाशिवरात्रि पर्व के दूसरे दिन वर्ष में एक बार दोपहर में भस्म आरती होगी। श्री महाकालेश्वर मन्दिर में बाहर से आने वाली श्रद्धालुओं को दर्शन की सुगम व्यवस्था की जा सके, इस हेतु श्रद्धालुओं के वाहनों की यातायात व्यवस्था निर्धारित की गई है। वीआईपी तथा शासकीय वाहनों की पार्किंग हरिफाटक ओवर ब्रिज के नीचे तथा कर्कराज पार्किंग पर व्यवस्था की गई है।   यातायात प्रभारी श्री परिहार ने जानकारी देते हुए बताया कि महाशिवरात्रि पर्व पर डायवर्शन प्लान के अनुसार बड़नगर से आने वाले वाहन मोहनपुरा ब्रिज के नीचे से मुल्लापुरा, भेरूपुरा होकर शंकराचार्य चौराहे पास कार्तिक मेला मैदान में पार्क होंगे। नागदा की ओर से आने वाले वाहन साड़ूमाता की बावड़ी, कुत्ता बावड़ी टर्निंग से रातड़िया रोड से राठौर क्षत्रिय तेली समाज मैदान में वाहन पार्क होंगे। आगर से आने वाले वाहनों को मकोड़िआम चौराहा से खाकचौक से जाट धर्मशाला से जूना सोमवारिया से कार्तिक मेला ग्राउण्ड में पार्क कराये जायेंगे। इसी तरह आगर से आने वाली बसों एवं बड़े वाहनों को चौपाल सागर से उन्हेल नाका से साड़ूमाता की बावड़ी से कुत्ता बावड़ी से राठौर क्षत्रिय तेली समाज मैदान में वाहन पार्क कराये जायेंगे।   इसी तरह मक्सी से आने वाले वाहनों को पांड्याखेड़ी से पाईप फैक्टरी, मन्नत गार्डन एवं इम्पीरियल होटल के पीछे वाली पार्किंग में पार्क कराया जायेगा। यहां से दर्शनार्थी सवारी बसों से कर्कराज पार्किंग तक जायेंगे, वहां से फिर दर्शन के लिये पैदल जा सकेंगे। देवास एवं भोपाल की तरफ से आने वाले वाहनों को मन्नत गार्डन एवं इम्पीरियल होटल के पीछे वाली पार्किंग में वाहन पार्क कराये जायेंगे। यहां से दर्शनार्थीसवारी बसों से कर्कराज पार्किंग तक जाकर वहां से दर्शन के लिये पैदल जा सकेंगे। इन्दौर की ओर से आने वाले वाहनों को मन्नत गार्डन एवं इम्पीरियल होटल के पीछे वाली पार्किंग में पार्क कराया जायेगा। यहां से दर्शनार्थी सवारी बसों से कर्कराज पार्किंग तक जायेंगे, जहां से फिर दर्शन के लिये पैदल जा सकेंगे। भारी वाहनों का डायवर्शन प्लान के अनुसार इन्दौर से नागदा, आगर एवं मक्सी की ओर से जाने वाले भारी वाहनों को तपोभूमि से नरवर बायपास होकर मारूति शोरूम, सैफी पेट्रोल पम्प से श्री सिंथेटिक्स होते हुए नागदा, आगर, मक्सी की ओर डायवर्शन किया जायेगा। इसी तरह मक्सी से देवास एवं इन्दौर की ओर जाने वाले भारी वाहनों को श्री सिंथेटिक्स से सैफी, मारूति शोरूम से देवास रोड एवं नरवर बायपास से तपोभूमि होकर इन्दौर के लिये डायवर्शन किया जायेगा।   वाहन प्रतिबंधित क्षेत्र/मार्ग निम्न रहेंगे- हरिफाटक टी से महाकाल घाटी चौराहे की ओर वाहनों का प्रवेश 7 मार्च को शाम 4 बजे से पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। हरिफाटक टी से इंटरप्रिटेशन की तरफ वाहनों का प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। जन्तर-मन्तर से जयसिंह पुरा, चारधाम पार्किंग की ओर वाहनों का प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। शंकराचार्य चौराहा से नृसिंह घाट तरफ वाहनों का प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। शंकराचार्य चौराहा से दानीगेट की तरफ एवं भूखीमाता टर्निंग से नृसिंह घाट की तरफ वाहनों का प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। इसी तरह दौलतगंज से लोहा पुल की तरफ, कंठाल चौराहा से छत्रीचौक, तेलीवाड़ा से कमरी मार्ग, दानीगेट से गणगौर दरवाजा हरसिद्धि पाल, केडी गेट से टंकी चौराहा, भार्गव तिराहा से कमरी मार्ग की तरफ वाहनों का प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।   पार्किंग व्यवस्था निम्नानुसार रहेगी- प्रशांतिधाम, इंजीनियरिंग कॉलेज खेल मैदान, इम्पीरियल गार्डन, मन्नत गार्डन, हरिफाटक ओवर ब्रिज के नीचे, कर्कराज पार्किंग, कार्तिक मेला ग्राउण्ड, राठौर क्षत्रिय ग्राउण्ड, गुरूद्वारा प्रस्तावित अस्पताल भूमि रहेंगे। इसी तरह इन्दौर रोड से आने वाले वाहनों के लिये रिजर्व पार्किंग की व्यवस्था प्रशांतिधाम, इंजीनियरिंग कॉलेज खेल मैदान, त्रिवेणी शनि मन्दिर मैदान पर व्यवस्था की गई है। उल्लेखनीय है कि मन्नत गार्डन तथा इम्पीरियल गार्डन की पार्किंग भर जाने पर इन्दौर, मक्सी रोड, देवास, भोपाल की ओर से आने वाले वाहनों को उपरोक्त पार्किंग स्थल पर पार्किंग कराया जाकर दर्शनार्थियों को लोक सेवा वाहनों से कर्कराज पार्किंग तक भेजा जायेगा।   मक्सी, बड़नगर, नागदा, आगर की ओर से आने वाले वाहनों की पार्किंग व्यवस्था कार्तिक मेला ग्राउण्ड, दुर्गादास राठौर क्षत्रिय एवं गुरूद्वारा प्रस्तावित अस्पताल भूमि पर की जायेगी। प्रशांतिधाम पार्किंग पर इन्दौर की ओर से आने वाले चारपहिया एवं अन्य वाहनों की पार्किंग कराई जायेगी। इंजीनियरिंग कॉलेज मैदान की पार्किंग पर मक्सी तथा देवास की ओर से आने वाले चारपहिया वाहन एवं अन्य वाहनों की पार्किंग कराई जायेगी। इम्पीरियल गार्डन पार्किंग पर इन्दौर, देवास एवं मक्सी की ओर से आने वाले दोपहिया वाहनों की पार्किंग कराई जायेगी। मन्नत गार्डन पार्किंग पर इन्दौर, देवास एवं मक्सी की ओर से आने वाले दोपहिया वाहनों की पार्किंग कराई जायेगी। हरिफाटक ब्रिज के नीचे की पार्किंग पर वीआईपी वाहनों की पार्किंग कराई जायेगी। कर्कराज पार्किंग पर शासकीय वाहनों एवं वीआईपी वाहनों की पार्किंग होगी। कार्तिक मेला ग्राउण्ड पार्किंग पर मक्सी एवं बड़नगर से आने वाले चारपहिया वाहनों की पार्किंग की जायेगी। क्षत्रिय राठौर तेली समाज पर पार्किंग आगर एवं नागदा से आने वाले चारपहिया वाहनों की पार्किंग की जायेगी। गुरूद्वारा प्रस्तावित अस्पताल मैदान पर आगर, बड़नगर एवं नागदा की ओर से आने वाले दोपहिया वाहनों की पार्किंग कराई जायेगी। दोपहिया वाहन की पार्किंग का प्लान इस प्रकार रहेगा- इन्दौर, देवास, मक्सी रोड से आने वाले समस्त दोपहिया वाहन हरिफाटक चौराहा से आगे नहीं जाने दिये जायेंगे। उन्हें मन्नत गार्डन एवं वाकणकर ब्रिज की पार्किंग में पार्क कराया जायेगा। इसी तरह बड़नगर एवं नागदा की ओर से आने वाले समस्त दोपहिया वाहनों को क्षत्रिय तेली समाज के बगल के मैदान एवं गुरूद्वारा की भूमि पर पार्क कराया जायेगा।

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भोपाल। कक्षा 5वीं और 8वीं की बोर्ड पैटर्न परीक्षा आज बुधवार से प्रारंभ हो रही हैं। राज्य शिक्षा केंद्र ने सभी विद्यार्थियों के परीक्षा में सुलभ आवागमन के लिये उनके नजदीकी स्कूलों में ही लगभग 12 हजार परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन परीक्षा केन्द्रों पर स्कूलों की क्षमतानुसार विद्यार्थियों के लिए सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध रहें, इसका भी विशेष ध्यान रखा गया है। इन दोनों ही कक्षाओं की परीक्षाओं में सरकारी, निजी एवं मदरसों के लगभग 25 लाख 50 हजार से अधिक विद्यार्थी शामिल होंगे।   जनसंपर्क अधिकारी घनश्याम सिरसाम ने जानकारी देते हुए बताया कि स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने दोनों ही कक्षाओं के विद्यार्थियों को परीक्षा के लिये अपनी शुभकामनाएं दी हैं। इस संबंध में जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा है कि सभी विद्यार्थियों ने दिल लगाकर परीक्षाओं की तैयारी की है। सभी भरपूर सफलता प्राप्त करें और सबके सद्प्रयासों को उत्कृष्ट परिणाम मिले, ऐसी कामना की है। स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने बड़ी संख्या में परीक्षा में शामिल हो रहे विद्यार्थियों के लिए सुचारू व्यवस्थाएँ स्थापित करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के सभी सहयोगियों और शिक्षकों की प्रशंसा की है।

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भोपाल। ओले, बारिश और आंधी का दौर खत्म होने के बाद सोमवार को मध्यप्रदेश के शहरों में दिन-रात के टेम्प्रेचर में गिरावट देखी गई। ऐसा ही मौसम मंगलवार को भी रहेगा। रात में पश्चिमी विक्षोभ भी एक्टिव हो रहा है, लेकिन फिलहाल बारिश होने का अनुमान नहीं है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो 10 मार्च तक मौसम साफ रहेगा।   प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में 1 से 3 मार्च तक पूरे प्रदेश में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई। 35 से अधिक जिलों में ओले भी गिरे और आंधी की रफ्तार 74 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच गई। भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, छिंदवाड़ा, दतिया, रायसेन, विदिशा, नर्मदापुरम समेत कई जिलों में मौसम बदला रहा। सोमवार को भी बालाघाट के मलाजखंड में हल्की बारिश हुई। वहीं, कई शहरों में दिन का टेम्प्रेचर लुढ़क गया। इससे पहले सोमवार को भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 22 जिलों में दिन के तापमान में 2 डिग्री तक की गिरावट हुई। धार में पारा 2.7 डिग्री लुढ़ककर 28.9 डिग्री पर आ गया। खजुराहो में पारा 3 डिग्री लुढ़का, जबकि मंडला में 2.2 डिग्री, दमोह में 1 डिग्री, सीधी में 2 डिग्री, मलाजखंड में 1.5 डिग्री, जबलपुर में 1.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। प्रदेश में शिवपुरी सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 25 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी, टीकमगढ़, खजुराहो, नौगांव, गुना और रायसेन में भी तापमान 27 डिग्री से कम रहा। खरगोन और नरसिंहपुर में टेम्प्रेचर 32 डिग्री रहा।   मौसम विभाग के अनुसार अनुसार वर्तमान में पूर्वी मध्यप्रदेश से लेकर विदर्भ होते हुए तमिलनाडु तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इस कारण प्रदेश के मौसम में भी ठंडक है। 5 मार्च की रात से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने का अनुमान है। हालांकि इसका प्रदेश में कम ही असर रहेगा।

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उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार को तड़के भारतीय अभिनेत्री सिमरत कौर रंधावा ने बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुईं और पूजा अर्चना की। आज बाबा महाकाल का अखरोट, काजू और चेरी से श्रंगार कर उन्हें मोर पंख की माला पहनाई गई और पान का भोग लगाया गया था। फाल्गुन कॄष्ण पक्ष की दशमी पर तड़के भस्म आरती के दौरान चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन किया। पुजारियों ने दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। आज के श्रृंगार की विशेष बात यह रही कि बाबा महाकाल का अखरोट, काजू और चेरी से श्रंगार कर उन्हें मोर पंख की माला पहनाई गई और पान का भोग लगाया गया था। बाद में बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्म रमाई गई। भस्म आरती के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।   अभिनेत्री सिमरत कौर रंधावा ने बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुईं और पूजा अर्चना की। सिमरत कौर ने नंदी हॉल में बैठकर बाबा महाकाल की आराधना की। दर्शन करने के बाद अभिनेत्री सिमरत कौर ने कहा कि बाबा महाकाल के दर्शन बहुत अच्छे हुए। प्रबंध समिति की व्यवस्थाएं बेहतर हैं। भस्म आरती में मुझे क्या अनुभव हुआ मैं यह शब्दों में नहीं बता सकती।   उल्लेखनीय है कि सिमरत कौर एक भारतीय अभिनेत्री हैं, जो मुख्य रूप से तेलुगू सिनेमा में काम करती हैं। वह वर्ष 2023 में तब सुर्खियों में आईं जब उन्होंने हिंदी फिल्म 'गदर-2' से बॉलीवुड में डेब्यू किया था।

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भोपाल। प्रदेश में राज्य शिक्षा केन्द्र, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित की जा रही पाँचवीं-आठवीं कक्षाओं की बोर्ड पैटर्न परीक्षा 6 मार्च से शुरू हो रही है। राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा विद्यार्थियों के सुलभ आवागमन की दृष्टि से परीक्षा के लिए नजदीकी स्कूलों में 11 हजार 986 परीक्षा केन्द्र बनाए हैं। पांचवीं-आठवीं बोर्ड पैटर्न परीक्षा में करीब 25.50 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। यह जानकारी सोमवार को राज्य शिक्षा केन्द्र के संचालक धनराजू एस ने दी।   उन्होंने बताया कि परीक्षा केन्द्रों के निर्धारण में इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि ये परीक्षा केन्द्र स्कूलों से कम से कम दूरी पर हों। साथ ही इन परीक्षा केन्द्रों पर स्कूलों की क्षमता अनुसार विद्यार्थियों के लिए सुविधाएँ उपलब्ध रहें। उल्लेखनीय है कि सरकारी स्कूलों के साथ ही निजी स्कूलों और मदरसों के विद्यार्थी भी इस बोर्ड पैटर्न परीक्षा में शामिल होंगे।   उन्होंने बताया कि प्रदेश में इस वर्ष एक लाख 14 हजार 956 सरकारी, प्रायवेट स्कूल और मदरसों के लगभग 25 लाख 51 हजार 818 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। इनमें से 203 निजी स्कूलों के 6,621 छात्रों के लिए एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के अनुसार पृथक से भाषा विषय के प्रश्न-पत्र तैयार किए गए हैं।   संचालक धनराजू एस ने बताया कि परीक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने पृथक से एक आईटी पोर्टल तैयार किया है। इसके माध्यम से परीक्षा का पूर्ण संचालन और समस्त व्यवस्थाएँ ऑनलाइन की गई हैं। इसी पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थियों का सत्यापन, परीक्षा केन्द्रों का निर्धारण, केन्द्राध्यक्षों की मेंपिंग, सामग्री वितरण आदि कार्यों के संपादन के साथ ही परीक्षार्थियों के रोल नम्बर और प्रवेश-पत्र जारी करने की सुविधा भी प्रदान की गई है। इसी पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थियों की परीक्षा में उपस्थिति दर्ज होगी। परीक्षा के बाद होने वाले मूल्यांकन कार्यों और अंक-सूची प्रदान करने की सुविधा भी इसी पोर्टल के द्वारा प्रदान की जायेगी।   पात्र विद्यार्थी को परीक्षा का अवसर उन्होंने बताया कि हालांकि सभी स्कूलों को प्रत्येक विद्यार्थी को इन परीक्षाओं में शामिल करवाने के निर्देश प्रदान किए हैं। इसके बाद भी कक्षा 5वीं या 8वीं का कोई भी विद्यार्थी अगर किसी कारण से परीक्षा तिथि तक भी पंजीकृत नही हो पाया हो, तो उसे भी परीक्षा में शामिल करने के लिए केन्द्राध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं। ऐसे विद्यार्थियों के विवरण को परीक्षा के बाद पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा।   परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की संख्या सरकारी स्कूल की संख्या- 87007 प्रायवेट स्कूल की संख्या - 25,159 मदरसों की संख्या- 825 छात्रों की संख्या का योग - सरकारी स्कूल में कक्षा 5 - 8,35,971 - सरकारी स्कूल में कक्षा 8- 8,35,120 - प्रायवेट स्कूलों में कक्षा 5 - 4,68,894 - प्रायवेट स्कूलों में कक्षा 8 - 4,03,795 - मदसरों में कक्षा 5 - 4721 - मदसरों में कक्षा 8 - 3317 कुल विद्यार्थी - 25,51,818

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भोपाल। मध्यप्रदेश के 35 से अधिक जिलों में पिछले 4 दिन से ओले, बारिश और आंधी का मौसम चल रहा है। इधर, मौसम विभाग ने 5 मार्च से फिर नये पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की बात कही है। हालांकि इसका असर कम रहेगा और बारिश नहीं होगी। ऐसे में 10 मार्च तक मौसम ठंडा-गर्म रहेगा। सोमवार से मौसम साफ हो गया है।   मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान और उसके आसपास चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। इसी चक्रवातीय परिसंचरण से लेकर उत्तरी अरब सागर तक माध्योपरी क्षोभमंडल में ट्रफ लाइन है। प्रेरित चक्रवातीय परिसंचलन उत्तरी पाकिस्तान और पंजाब के ऊपर सक्रिय है। इस कारण अरब सागर से दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के साथ नमी आ रही है। हालांकि, सोमवार से इसमें कमी आएगी और धूप खिल जाएगी। इससे दिन का तापमान बढ़ जाएगा। 5 मार्च को पश्चिमी विक्षोभ की वजह से कई जिलों में बादल छाए रह सकते हैं।

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नीमच। नगर के अति प्राचीनतम व आस्था के केंद्र भूतभावन भगवान भूतेश्वर महादेव मंदिर पर महाशिवरात्रि पर्व पर आगामी सात मार्च से 9 मार्च तक तीन दिवसीय विशाल मेले का आयोजन किया जा रहा है। इसमें पहले दिन सात मार्च को सायंकाल आरती पश्चात मेले का विधिवत शुभारंभ आमंत्रित अतिथियों की उपस्थिति में होगा। वहीं, शुक्रवार, 8 मार्च को बाबा भूतेश्वर महादेव का महाभिषेक व फूलों से शाही श्रृंगार के साथ छप्पन भोग का आयोजन होगा।     श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर समिति के अध्यक्ष राकेश भारद्वाज, सचिव राजेन्द्र पांडे व मेला समिति संयोजक अश्विन डांगी ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि आगामी आठ मार्च को महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर मंदिर पर किये जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों और भव्य व्यापक मेले की तैयारियों को लेकर समस्त मदिर की साज सज्जा, विद्युत व्यवस्था, रंगरोगन, सहित मेला प्रांगण की स्वच्छता आदि व्यवस्था की जा रही है।     गत वर्ष मेले को मिली अपार सफलता को देखते हुए इस बार तीन दिवसीय भव्य मेला उन्होंने बताया कि भगवान भूतेश्वर महादेव पर गत वर्ष प्रथम बार दो दिवसीय विशाल मेले का आयोजन किया गया था, जिसे श्रद्धालुओं ने काफी सराहा था। गत वर्ष मेले को मिली अपार सफलता को देखते हुए इस बार मंदिर समिति ने इस बार तीन दिवसीय मेला आयोजित करने का निर्णय लिया है। गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष समिति ने इसे और व्यापक स्तर पर मनाने हेतु सारी तैयारियां पुण कर ली है। इस बार मेले में बच्चों के मनोरंजन हेतु झूले चकरी, मिक्की माउस व खान-पान के स्टॉल लगाई गई है। खिलौने, प्लास्टिक सामान, ज्वेलरी शॉप, मनिहारी सामान की दूकानें आकर्षण का केन्द्र रहेंगी।

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भोपाल। मध्य प्रदेश में निजी अस्पताल संचालक अब इलाज के दौरान मरीज की मौत होने पर बकाया बिल की वसूली के लिए शव देने से मना नहीं कर सकेंगे। उन्हें शव परिजन के सुपुर्द करना ही होगा। इतना ही नहीं, मृतक के परिजन की जरूरत को समझते हुए संबंधित नगरीय निकाय से कोऑर्डिनेट कर निःशुल्क शव वाहन मुहैया कराने की जिम्मेदारी भी अस्पताल संचालक की होगी। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को नई गाइडलाइन जारी की है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सिफारिश पर प्रदेश के स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने यह व्यवस्था दी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए निर्देशों के अनुसार निजी अस्पताल में मृत्यु होने के बाद परिवार की आवश्यकता अनुसार मृतक के परिवहन के लिए उचित व्यवस्था करना होगा। इसके लिए स्थानीय नगरीय निकाय से समन्वय स्थापित कर शव परिवहन की निःशुल्क व्यवस्था करनी होगी। चिकित्सकीय देयक के भुगतान के अभाव में मृतक के शव को बंधक नहीं बना सकेंगे। भोपाल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि विभाग द्वारा जारी किए गए निर्देशों के संबंध में निजी नर्सिंग होम संचालकों को अवगत करवा दिया गया है। निजी अस्पताल में मृत्यु होने के पश्चात परिवार की आवश्यकता अनुसार मृतक के परिवहन के लिए उचित व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए स्थानीय नगरीय निकाय से समन्वय स्थापित कर शव परिवहन की निःशुल्क व्यवस्था की जायेगी। चिकित्सकीय देयक के भुगतान के अभाव में मृतक के शव को बंधक बनाए जाने की सूचना मिलने पर विभाग द्वारा संबंधित निजी अस्पताल के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

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भोपाल। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आने से मध्यप्रदेश में एक बार फिर मौसम बदल गया है। प्रदेश के 24 जिलों में बारिश हुई है। भोपाल में शनिवार सुबह तीन बजे से गरज-चमक के साथ पानी गिरा। हरदा और नर्मदापुरम में भी बारिश हुई है। मौसम विभाग ने ग्वालियर, जबलपुर-उज्जैन समेत 21 जिलों में ओले-बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।   मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान और उसके आसपास चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। वहीं, दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के ऊपर चक्रवाती हवाओं का घेरा है। ट्रफ लाइन भी गुजर रही है। इन सबके प्रभाव से दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के साथ अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है। इसके कारण प्रदेश में बारिश, ओले का दौर फिर से शुरू हुआ है।   मौसम विभाग के अनुसार 5 मार्च को फिर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा। इससे पहले, शुक्रवार को प्रदेश में गर्मी का असर भी देखने को मिला। शिवपुरी को छोड़ बाकी शहरों में दिन का टेम्प्रेचर 30 डिग्री के पार ही रहा। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटे में प्रदेश के कई जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने का अनुमान जताया है। हरदा, बैतूल, टीकमगढ़, छतरपुर के खजुराहो, पन्ना, सागर, भिंड, मुरैना, दतिया के रतनगढ़ और जबलपुर में ओले गिरने की संभावना भी है। यहां 60 कि.मी. प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है। नीमच, मंदसौर, रतलाम, सीहोर, खंडवा के ओंकारेश्वर, रायसेन, नर्मदापुरम के पचमढ़ी, विदिशा, ग्वालियर, श्योपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, कटनी में हवा की रफ्तार 40 किमी प्रति घंटा रह सकती है। सिवनी, दमोह, सतना के चित्रकूट, मैहर, रीवा, मऊगंज, बुरहानपुर, उमरिया, मंडला, बालाघाट और निवाड़ी में भी हल्की बारिश की संभावना है।

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छतरपुर। संतों की तपोभूमि बागेश्वर धाम में कलश यात्रा के साथ श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह यज्ञ प्रारंभ हो गया। कथा व्यास के रूप में वृंदावन से आए प्रख्यात कथावाचक पं. इन्द्रेश उपाध्याय महाराज कथा श्रवण करा रहे हैं। मंगलाचरण से कथा को प्रारंभ करते हुए कथाव्यास ने रामजी के मंगल चरित्र का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि पृथ्वी में रहने का सबका कोई न कोई औचित्य है, लेकिन कथा सुनकर मन मस्तिष्क में ठाकुर जी का भाव प्रकट हो तो जीवन सार्थक हो जाता है। श्रीमद् भागवत कथा ठाकुर जी के गुण और स्वभाव का स्वरूप है। उन्होंने कहा कि जो अपनी अरजी लेकर बागेश्वरधाम के बाला जी मंदिर आता है वह श्रीराम कथा के अंश पहले बाला जी को सुनाए और अपनी पीडा उनके समक्ष रखे तो रामभक्त उन भक्तों की जल्द मनोकमाना पूर्ण करेंगे। अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पं. संजीवकृष्ण ठाकुर एवं सुदामा कुटी के संत स्वामी सुतीक्ष्ण दास महाराज ने भी अपने आशीर्वचन दिए।   बागेश्वर धाम के कथा मंच से कथाव्यास इन्द्रेश उपाध्याय ने कहा कि हनुमान से मित्रता की सीख लें। लोग धन, यश, वैभव को देखकर मित्र बनाते हैं लेकिन हनुमान जी रामनाम से प्रेम रखने वाले से मित्रता करते हैं। उन्होंने कहा कि स्वरूप बदल सकता है लेकिन रूप में बदलाव नहीं आता। ठाकुर जी के तीन रूप हैं और वह हैं सत्य, चैतन्य और आनंद। राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार ने भी कथा में शामिल होकर महाराजश्री का आशीर्वाद लेते हुए पुण्य लाभ कमाया।     पौने तीन सौ करोड़ लोगों में पनप रही हिन्दू राष्ट्र की परिभावना: पं. कृष्णचन्द्र ठाकुर   श्री भागवत भास्कर पं. कृष्णचन्द्र ठाकुर बुन्देलखण्ड के पंचम विवाह महोत्सव में शामिल हुए। पिछले 50 वर्षों से कथा का रसपान करा रहे कृष्णचन्द्र ठाकुर ने कहा कि विश्व में करीब पौने तीन सौ करोड़ हिन्दू हैं जो हिन्दू राष्ट्र की परिभावना व्यक्त कर रहे हैं। सनातन को मानने वाले एवं जैन, बौद्ध, सिख आदि धर्मावलंबी भी हिन्दू हैं। वैधानिक भले ही न हों लेकिन आध्यात्मिक रूप से भारत हिन्दू राष्ट्र है।   संतों की उदारता से सबको मिल रहे दर्शन: बागेश्वर महाराज   कथा प्रारंभ होने के पहले बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने सभी संतों को प्रणाम करते हुए कहा कि यह संतों और मनीषियों की उदारता है जो यहां हम सबको दर्शन दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी कथाप्रेमी आनंदपूर्वक कथा सागर में गोता लगाएं।     भारत अपने स्वर्णकाल की यात्रा कर रहा: पं. श्यामसुंदर पाराशर   अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक डॉ. श्याम सुंदर पाराशर कथा महोत्सव के पहले दिन बागेश्वर धाम पधारे। उन्होंने अपने आशीर्वचन में कहा कि आध्यात्म, कला, राष्ट्र भक्ति की जिस तरह से उत्तर उत्तरोत्तर उन्नति हो रही है उसको देखकर यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि भारत फिर से स्वर्णकाल की ओर जा रहा है। उन्होंने कहा कि बागेश्वर पीठाधीश्वर अनंत शक्तियों से समृद्ध हैं फिर भी उनमें विनम्रता और सौम्यता है, यही गुण श्रेष्ठ बनाता है।

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उज्जैन। उज्जैन में जीवाजी वैधशाला परिसर में नवस्थापित विक्रमादित्य वैदिक घड़ी को देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे है। आनेवाले दिनों में इसे अपने मोबाइल पर एप के रूप में डाउन लोड किया जा सकेगा। उक्त विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का निर्माण लखनऊ की संस्था ''आरोहण'' के आरोह श्रीवास्तव ने किया है। इसमें GMT के 24 घंटों को 30 मुहूर्त (घटी) में बांटा गया है। हर घटी का धार्मिक नाम और खास मतलब होगा। घड़ी में घंटे, मिनट और सेकंड वाली सुई भी रहेगी। सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर यह टाइम की कैलकुलेशन करेगी। मुहूर्त गणना, पंचांग, मौसम से जुड़ी जानकारी भी हमें इस घड़ी के जरिए मिलेगी। वैदिक घड़ी में वैदिक समय, IST, GMT के साथ भारतीय काल गणना विक्रम संवत् की जानकारी मिलेगी। विक्रम संवत् पंचांग (भारतीय प्राचीन कैलेंडर) शामिल रहेगा। सूर्योदय से सूर्यास्त के साथ ग्रह, योग, भद्रा, चंद्र स्थिति, नक्षत्र, चौघड़िया, सूर्यग्रहण, चंद्रग्रहण की जानकारी देगा। अभिजीत मुहूर्त, ब्रह्म मुहूर्त, अमृत काल और मौसम से जुड़ी सभी जानकारी मिल सकेगी। घड़ी में हर घंटे बाद बैकग्राउंड में नई तस्वीर दिखेगी। द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर, नवग्रह, राशि चक्र के साथ दूसरे धार्मिक स्थल भी दिखाई देंगे। देश-दुनिया के खूबसूरत सूर्यास्त, सूर्य ग्रहण के नजारे भी दिखेंगे। वैदिक घड़ी इंटरनेट और ग्लोबल पॉजिशिनिंग सिस्टम (GPS) से जुड़ी होगी। वैदिक घड़ी से जुड़ा मोबाइल ऐप भी लॉन्च होगा। वैदिक घड़ी के सभी फीचर इस एप में रहेंगे। उज्जैन में लगने वाली घड़ी में जो बदलाव होंगे, वो एप में भी शो होंगे। आप इसे मैन्युअल भी ऑपरेट कर सकेंगे। इसे लोग प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकेंगे। उज्जैन को काल गणना (टाइम कैलकुलेशन) का केंद्र माना जाता रहा है। उज्जैन से कर्क रेखा (ट्रॉपिक ऑफ सेंसर) गुजरी है। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के अथक प्रयास से उज्जैन को टाइम कैलकुलेशन का सेंटर बनाने की भूमिका रही है।

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इन्दौर। देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर अंगदान के मामले में भी पीछे नहीं है। यहां शुक्रवार को एक बार फिर ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद परिजनों ने अंगदान का निर्णय लिया। इसके बाद ग्रीन कॉरिडोर बनाकर अंगों को प्रत्यारोपण के लिए दो अलग-अलग अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे दो लोगों को नई जिंदगी मिली। इंदौर में पिछले आठ वर्षों यह 53वां ग्रीन कॉरिडोर था। जानकारी के अनुसार देवास के रहने वाले देवांश जोशी गत 27 फरवरी को अपने दोस्तों के साथ अयोध्या राम मंदिर दर्शन के लिए निकला था लेकिन रास्ते में वह सड़क हादसे का शिकार हो गया। देवांश की असामयिक मौत के बाद परिजनों ने उसके लीवर एवं किडनी को दान करने का निर्णय लिया। इससे दो जिंदगियों को नया जीवन दिया। शुक्रवार दोपहर 12.36 बजे इंदौर में ग्रीन कॉरिडोर बनाकर देवांश के लीवर को चोइथराम अस्पताल भेजा गया और बाम्बे हास्पिटल में किडनी अन्य मरीज को प्रत्यारोपित की गई। तीन दिन में शहर में यह दूसरा ग्रीन कॉरिडोर बना। इससे पहले 27 फरवरी को यहां ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एक ब्रेनडेथ महिला के अंगों को विभिन्न अस्पताल भेजा गया था। इससे तीन लोगों को नई जिंदगी मिली थी। गौरतलब है कि देवास निवासी 21 वर्षीय देवांश पुत्र चंद्रमणि जोशी इंदौर के एसजीएसआईटीएस में इंजीनियरिंग कोर्स के द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह अपने 11 दोस्तों के साथ 27 फरवरी को देवास से अयोध्या स्थित राम मंदिर दर्शन के लिए पैदल यात्रा पर निकला था। गत 28 फरवरी की रात सांची (भोपाल के समीप) के आगे अज्ञात वाहन ने देवांश को टक्कर मार दी। इसके बाद दोस्त उसे भोपाल के निजी अस्पताल लेकर गए और फिर वहां से इलाज के लिए उसे इंदौर के बांबे अस्पताल लेकर आए। इंदौर के बाम्बे अस्पताल में चार सदस्यीय चिकित्सक दल ने देवांश का पहला ब्रेन डेथ सर्टिफिकेशन 29 फरवरी की रात 1.35 और दूसरा डेथ सर्टिफिकेट शुक्रवार सुबह 7.25 बजे जारी किया। मुस्कान ग्रुप पारमार्थिक ट्रस्ट के जीतू बगानी ने बताया कि ट्रस्ट के संदीपन आर्य के साथ परिजनों से अंगदान के लिए कहा गया। जिस पर मृतक देवांश की माता रश्मि जोशी व अन्य ने सहमति दी। इसके बाद दोपहर 12.36 बजे बांबे अस्पताल से चोइथराम अस्पताल के लिए ग्रीन कॉरिडोर बना। 16 मिनट में यह कॉरिडोर पूरा हुआ। इस दौरान डॉ. दिलीप सिंह चौहान, डॉ. अमित जोशी, डॉ. संतोष आहूजा आदि ने भूमिका निभाई। जीतू बगानी ने बताया कि मृतक देवांश को जन्म से एक ही किडनी थी, जिसे बांबे अस्पताल में पंजीकृत 42 वर्षीय महिला रोगी को प्रत्यारोपित की गई। वहीं लीवर चोइथराम अस्पताल में पंजीकृत रोगी को प्रत्यारोपित की गई। इसके साथ आंखों को शंकरा आई अस्पताल और त्वचा स्किन बैंक चोइथराम में दी गई। दिल भी दान किया जाना था लेकिन दिल 30 फीसदी ही काम कर रहा था, इसलिए दान नहीं हो सका। परिजन हाथ भी दान करना चाहते थे लेकिन तकनीकी कारणों से नहीं हो सका। एमजीएम मेडिकल कालेज के डीन डॉ. संजय दीक्षित ने बताया कि अंगदान की एक निश्चित प्रक्रिया है। सड़क हादसे में घायल युवक को 29 फरवरी को बॉम्बे अस्पताल लाया गया था। शुक्रवार को सुबह युवक को मृत घोषित करने के बाद परिजनों की स्वीकृति लेकर अंगदान की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके बाद शहर में ग्रीन कॉरिडोर बनाकर अंगों को अस्पताल पहुंचाया गया।

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सीहोर। जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में हर साल की तरह इस साल भी प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के सानिध्य में भव्य रुद्राक्ष महोत्सव शिव महापुराण का आयोजन किया जाएगा। भव्य आयोजन को लेकर तैयारियां जारी हैं। इस महोत्सव को लेकर शहर के सभी होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशाला हाउस फुल हो गए हैं। शहर के होटल या गेस्ट हाउस को बुक कराने का सिलसिला जारी है। इसके अलावा धाम के आस-पास के क्षेत्र ग्रामीणों ने अपने घरों में ठहराने की व्यवस्था की है।     आयोजन को लेकर समिति के व्यवस्थापक पंडित समीर शुक्ला, विनय मिश्रा सहित अन्य ने शुक्रवार को यहां पर मौजूद लोक निर्माण के अधिकारियों के राजस्व विभाग के अमले, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कुबेरेश्वरधाम आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए धाम के आस-पास के स्थानों पर पार्किंग व्यवस्था की जा रही है। इस बार प्रशासन को दो सौ से तीन सौ एकड़ में वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। कथा का श्रवण करने वालों के लिए समिति के द्वारा डोम लगाए जा रहे हैं, जिसमें करीब पांच लाख से अधिक श्रद्धालु कथा का श्रवण कर सकते हैं।     विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि पंडित प्रदीप मिश्रा की प्रेरणा से कुबेरेश्वरधाम देश भर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र है और हर साल करीब डेढ़ करोड़ से अधिक श्रद्धालु यहां पर आस्था और उत्साह के साथ अपनी मनोकामनाओं को लेकर आते हैं। समिति और प्रशासन के द्वारा अब आगामी रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियां की जा रही है। वहीं जिला प्रशासन के अधिकारियों ने कानून व शांति व्यवस्था तथा अन्य व्यवस्थाओं के लिए पुलिस बल की ड्यूटी की तैयारियां की है। इसके अलावा कुबेरेश्वरधाम पर पर्याप्त पार्किंग के लिए स्थान, वाहनों के आवागमन, बैरिकेटिंग, आने वाले श्रद्धालुओं की बैठक व्यवस्था, पेयजल, शौचालय सहित अन्य समुचित व्यवस्थाएं कराई जा रही है। जिससे श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत नहीं हो।     उन्होंने बताया कि धाम पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अत्याधुनिक और आटोमेटिक किचन का शुभारंभ हो गया है। मंदिर परिसर करीब 50 एकड़ से अधिक हिस्से में गौशाला, शिवलिंग का निर्माण सहित अन्य का निर्माण कार्य जारी है। वहीं 21 हजार स्क्वायर फीट से अधिक हिस्से में आधुनिक रसोईघर का निर्माण किया गया है। देश की सबसे अत्याधुनिक और आटोमेटिक किचन में एक वक्त में 50 हजार से अधिक लोग भोजन प्रसादी प्राप्त कर पाएंगे और अगर एक दिन की क्षमता की बात करें तो हम तीन लाख श्रद्धालुओं को भी भोजन प्रसादी उपलब्ध करवा सकते हैं। उसके मुताबिक किचन से लेकर सभी सुविधाएं जुटाई गई है।     कुबेरेश्वरधाम का आधुनिक किचन पूरी तरह भांप से भोजन तैयार होगा। ये ऑटोमोडेड रहेगा। बड़े-बड़े वैजल्स है, जिसमें दाल, चावल, सब्जियों के लिए टाइमर सेट रहता है, ऑटोमेटिक चपाती मशीन से निकलती है, कोल्ड स्टोरेज होगा, इसमें डिश वॉशर भी रहेंगे। इस भोजनशाला में एक लाख से अधिक लोग भोजन कर लें और आवश्यकता अनुसार भोजन भी तैयार किया जाता है। शिर्डी, तिरुपति बालाजी और वैष्णों देवी सहित अन्य तीर्थ स्थलों पर जो किचन चलते हैं, वैसा ही कुबेरेश्वरधाम में रसोईघर तैयार किया गया है, भरपेट भोजन की व्यवस्था के लिए अत्याधुनिक भोजनशाला का निर्माण किया गया। धाम पर बनाए गए रसोईघर में जो मशीनें हैं वह सब्जी काटने, आटा गूंदने, छानने से लेकर दाल-चावल, सब्जी पकाने का काम ऑटोमैटिक तरीके से करती है। वहीं रोटी मेकर की भी विशाल मशीनें लगाई है, जो एक घंटे में हजारों की संख्या में रोटी बना देती है। सब्जी और अन्य सामग्री धुलकर कोल्ड स्टोरेज में रखने की भी सुविधा है। वहीं भोजन परोसने के लिए स्टील की विशाल ट्रालियां भी बुलवाई गई है और ऑटोमैटिक डिश वॉटर प्लांट भी लगाया गया है।

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उज्जैन। संहार शक्ति व तमोगुण के अधिष्टाता सदाशिव की रात्रि महाशिवरात्रि महापर्व शिव आराधना की सर्वश्रेष्ठ रात्रि मानी जाती है क्योंकि, चतुर्दशी के स्वामी स्वयं शिव है। सनातन धर्म में 12 माह की 12 शिवरात्रियां होती है । जिसमे फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी की रात्रि महाशिवरात्रि के नाम से प्रसिद्ध है। श्री महाकालेश्वर मंदिर में शिवनवरात्रि का उत्सव बड़ी धूम-धाम व उल्हास के साथ मनाया जाता है। इस दौरान श्री महाकालेश्वर भगवान गुरूवार 29 फरवरी से 08 मार्च शुक्रवार तक अलग-अलग नौ रूपों में श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रांगण स्थित कोटितीर्थ के तट पर प्रात: 08 बजे से श्री गणेश पूजन व श्री कोटेश्वर महादेव भगवान का पूजन-अभिषेक-आरती के साथ शिव नवरात्रि महोत्सव के दूसरे दिवस का प्रारम्भ हुआ। श्री महाकालेश्वर मंदिर के मुख्य पुजारी घनश्याम शर्मा के आचार्यत्व में 11 ब्राम्हणों द्वारा श्री महाकालेश्वर भगवान जी का अभिषेक एकादश-एकादशनी रूद्रपाठ से किया गया । पूजन का यह क्रम 08 मार्च तक प्रतिदिन चलेगा। अपराह्न में 3 बजे सांध्य पंचामृत पूजन के पश्चात श्री महाकालेश्वर भगवान ने भांग श्रृंगार कर निराकार से साकार रूप धारण किया। शिव नवरात्रि के दूसरे दिन संध्या पूजन के पश्चात भगवान श्री महाकालेश्वर ने शेषनाग धारण कर भक्तों को दर्शन दिये। भगवान श्री महाकालेश्वर को गुलाबी रंग के नवीन वस्त्र के साथ मेखला, दुप्पटा, मुकुट, मुंड-माला, छत्र आदि से सुसज्जित कर भगवान जी का भांग, चंदन व सूखे मेंवे से श्रृंगार किया गया। साथ ही भगवान श्री महाकालेश्वर को मुकुट, मुण्ड माला, नागकुंडल एवं फलों की माला के साथ शेषनाग धारण करवाया गया। श्री महाकालेश्वर मंदिर के प्रागंण में शिवनवरात्रि निमित्त सन् 1909 से कानडकर परिवार, इन्दौर द्वारा वंशपरम्परानुगत हरिकीर्तन की सेवा दी जा रही है। इसी तारतम्य में कथारत्न हरि भक्त परायण पं. रमेश कानडकर जी के शिव कथा, हरि कीर्तन का आयोजन सायं 04:30 से 06 बजे तक मन्दिर परिसर मे नवग्रह मन्दिर के पास संगमरमर के चबूतरे पर चल रहा है। आज पं. कानडकर जी ने श्री धनधान्येश्वर महादेव जी की कथा का वर्णन किया। तबले पर संगत असीम कानडकर ने की। उल्लेखनीय है कि 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में श्री महाकालेश्वर मन्दिर स्थित है। इसे भारत के बारह प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। पुण्य सलीला शिप्रा तट पर स्थित उज्जैन प्राचीनकाल में उज्जयिनी के नाम से विख्यात था। इसे अवन्तिकापुरी भी कहते थे। यह स्थान हिन्दू धर्म की सात पवित्र पुरियों में से एक है। मान्यता है कि जो भी व्यक्ति श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करता है, उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। ज्योतिष शास्त्र में भी उज्जैन विशेष महत्व है। इसी के साथ ही श्री महाकालेश्वर मन्दिर के गर्भगृह में माता पार्वती, भगवान श्री गणेश व श्री कार्तिकेय की मोहक प्रतिमाएं हैं। गर्भगृह के सामने विशाल कक्ष में श्री नंदीकेश्वर भगवान प्रतिमा विराजित है। शनिवार 02 मार्च फाल्गुन कृष्ण सप्तमी को श्री महाकालेश्वर भगवान श्री घटाटोप के स्वरूप में श्रद्धालुओं को दर्शन देगें।

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रीवा। टाइगर और लेपर्ड स्टेट मध्यप्रदेश में गुरुवार की सुबह दोनों ही वन्यजीवों की दृष्टि से अच्छी नहीं रही। सुबह प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक बाघ का शव पाया गया है। वहीं, शहडोल जिले में एक तेंदुए का शव सड़क पर पाया गया है।   बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघों के मरने का सिलसिला जारी है। गुरुवार सुबह भी एक टाइगर रिजर्व में एक बाघ का शव मिला है, जिसके बाद रिजर्व की टीम जांच में जुट गई है। वन अधिकारियों के मुताबिक, पाया गया शव एक नर बाघ का है, जिसकी आयु करीब 6 वर्ष है। शव पनपथा कोर परिक्षेत्र के बगड़ो बीट कक्ष क्रमांक आर एफ 454 में मिला है। शव की स्थिति से वह कुछ दिन पुराना दिखाई दे रहा है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अधिकारी और डॉक्टरों की टीम जांच कर रही है।     शहडोल में सड़क पर मिला तेंदुए का शव   शहडोल में रीवा रोड पर गुरुवार सुबह एक लेपर्ड का शव पाया गया है। शव की स्थिति से मालूम हो रहा है कि तेंदुए की मौत किसी वाहन की टक्कर से हुई है। सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों को तेंदुए का शव दिखाई दिया, जिसके बाद उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस से सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई है और जांच शुरू कर दी है। मृत तेंदुए की उम्र करीब एक वर्ष बताई जा रही है।

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भोपाल। आज (गुरुवार ) वह तारीख है जो साल 2024 को 366 दिन का बना रही है। तीन साल तक 365 दिन के एक साल को बिताने के बाद चौथे साल यह 29 फरवरी के साथ 366 दिन का आया है। 29 फरवरी का दिन चार साल के इंतजार के बाद आया है। इस संबंध में भोपाल की राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि इसे लीप ईयर कहा जाता है। उन्होंने बताया कि आम तौर पर पृथ्वी द्वारा सूर्य की परिक्रमा करते हुये 365 दिन बीतने पर हैप्पी न्यू ईयर मना लिया जाता है, जबकि इस परिक्रमा को पूरा होने में 365 दिन 5 घंटे 48 मिनिट और 45 सेकंड लगते हैं। इस अतिरिक्त लगभग 6 घंटे को समायोजित करने के लिये चार साल होने पर फरवरी माह में एक अतिरिक्त दिन जोड़कर लीप ईयर बना दिया जाता है। इससे कैलेंडर के माह और उससे जुड़े मौसम का समायोजन बना रहता है।   वैज्ञानिक सारिका यह भी बताती है कि आम तौर पर किसी सन के अंक में चार का पूरा भाग देकर लीप ईयर की पहचान की जाती है। इसके अन्य परीक्षण के लिये 400 का पूरा भाग भी दिया जाता है। तो इस अतिरिक्त खास दिन को बेहद खास तरह से मनाइए, क्योंकि अगली 29 फरवरी के लिए 2028 का इंतजार करना होगा।

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भोपाल। उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिवर्ष की भांति इस साल भी शिव नवरात्रि का उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इसकी शुरुआत आज (गुरुवार) से हो रही है। आठ मार्च को महाशिवरात्रि तक चलने वाले इस महोत्सव के दौरान भगवान महाकाल नौ दिनों तक भक्तों को अलग-अलग रूपों में दर्शन देंगे। यानी शिव-नवरात्रि के नौ दिन तक भगवान का नौ रूपों में आकर्षक शृंगार किया जाएगा।     महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक संदीप कुमार सोनी ने इस संबंध में बताया कि भगवान महाकाल का दरबार निराला है। देश में सभी सभी पर्वों की शुरुआत बाबा महाकाल के आंगन से ही होती है। महाशिवरात्रि उत्सव की धूम भी पूरे नौ दिनों तक दिखाई देती है। यहां महाशिवरात्रि पर फाल्गुन कृष्ण पंचमी से त्रयोदशी तक शिव नवरात्रि उत्सव मनाया जाता है।     उन्होंने बताया कि आज शिव पंचमी के पूजन के साथ शिव नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। सबसे पहले पुजारी कोटितीर्थ कुंड के समीप स्थित श्री कोटेश्वर महाकाल को अभिषेक-पूजन कर हल्दी चढ़ाएंगे। करीब डेढ़ घंटे पूजन के उपरांत सुबह 9.30 बजे से गर्भगृह में भगवान महाकाल की पूजा होगी। पुजारी भगवान महाकाल का पंचामृत अभिषेक कर पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद 11 ब्राह्मणों द्वारा रुद्रपाठ किया जाएगा। पश्चात दोपहर एक बजे भोग आरती होगी। तीन बजे संध्या पूजा के बाद नौ दिन तक भगवान का अलग-अलग स्वरूपों में विशेष शृंगार किया जाएगा।     उनका कहना यह भी रहा कि शिवनवरात्रि के दौरान भगवान महाकाल का नौ दिन तक नौ रूपों में शृंगार होगा। पहले दिन भगवान महाकाल का चंदन श्रृगार होगा। भगवान को सोला दुपट्टा धारण कराया जाएगा। मुकुट, मुंडमाला और छत्र आदि आभूषण से शृंगार किया जाएगा। दूसरे दिन शेषनाग श्रृगार, तीसरे दिन घटाटोप शृंगार, चौथे दिन छबीना शृंगार, पांचवें दिन होलकर रूप, छठे दिन मनमहेश रूप, सातवें दिन उमा महेश शृंगार, आठवां दिन शिवतांडव शृंगार और नौवें दिन महाशिवरात्रि के मौके पर सप्तधान शृंगार किया जाएगा।     महाकाल मंदिर में प्रतिदिन सुबह 10ः30 बजे भोग आरती तथा शाम पांच बजे संध्या पूजा होती है। शिव नवरात्रि में पूजन का विशेष क्रम होने से भोग आरती दोपहर एक बजे तथा संध्या पूजा दोपहर तीन बजे होगी। शिव नवरात्र के नौ दिन मंदिर के पुजारी उपवास भी रखेंगे। महापर्व संपन्न होने के बाद नौ मार्च को मंदिर समिति पारण का आयोजन करेगी।  

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उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में शिवरात्रि उत्सव का प्रारंभ 29 फरवरी से हो रहा है। नौ दिवस में उपासना, तपस्या एवं साधना के लिये शिवनवरात्रि महापर्व मनाया जाता है। प्रतिवर्ष होने वाले शिवनवरात्रि महोत्सव 2024 में नौ दिनों तक भगवान श्री महाकालेश्वर जी अपने भक्तों को अलग-अलग स्वरूपों में दर्शन देकर उनकी मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं । महाशिवरात्रि महापर्व की तैयारियां श्री महाकालेश्वर मंदिर में जोरो पर चल रही है| श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर में स्थित मंदिरों एवं शिखरों की रंगाई पुताई से महाकाल मंदिर व श्री गर्भगृह चमकने लगा है। मन्दिर परिसर स्थित कोटितीर्थ कुण्ड व आसपास की सफाई भी पूर्ण हो गई है। अपर कलेक्टर एवं श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति प्रशासक संदीप कुमार सोनी लगातार मंदिर में महाशिवरात्रि महापर्व के संबंध में विविध प्रकार की तैयारियों का जायजा लेकर स्वयं निरीक्षण कर रहे है। प्रशासक श्री सोनी ने बताया कि, श्री महाकालेश्वर मन्दिर में महाशिवरात्रि महापर्व पर भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग अनुमति 08 एवं 09 मार्च 2024 को बन्द रहेगी। महाशिवरात्रि महापर्व पर दूर दराज से लाखों भक्त भगवान श्री महाकालेश्वर जी के दर्शन के लिये उज्जैन आयेगें। फाल्गुन कृष्ण पंचमी गुरूवार 29 फरवरी से शिव नवरात्रि उत्सव प्रारम्भ होगा और महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी शुक्रवार 08 फरवरी को मनाया जायेगा। फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी शनिवार 09 फरवरी को महाशिवरात्रि के दूसरे दिन भगवान के सप्तधान श्रृंगार व सवामन पुष्प मुकुट (सेहरा) दर्शन होगे तथा वर्ष में एक बार दोपहर में भगवान श्री महाकालेश्वर जी की भस्म आरती होगी। इस दौरान श्री महाकालेश्वर भगवान के पट लगभग 44 घंटे खुले रहेगे। आज से शिव नवरात्रि प्रारंभ होगी श्री कोटेश्वर महादेव का होगा प्रतिदिन प्रथम पूजन श्री महाकालेश्वर मन्दिर प्रबंध समिति के प्रशासक श्री संदीप कुमार सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि, महाशिवरात्रि पर्व के नौ दिन पूर्व गुरूवार 29 फरवरी से शिव नवरात्रि पर्व श्री महाकालेश्वर मन्दिर में मनाया जायेगा। इस दौरान भगवान श्री महाकालेश्वर जी और श्री कोटेश्वर महादेव भगवान का नित्य विशेष अभिषेक और पूजन किया जायेगा। 29 फरवरी को सर्वप्रथम श्री कोटेश्वर महादेव भगवान पर शिव पंचमी का पूजन अभिषेक प्रात: 8 बजे से 9 बजे तक होगा। कोटेश्वर महादेव के पूजन-आरती के पश्चात भगवान महाकालेश्वर का पूजन-अभिषेक प्रारम्भ होगा। श्री महाकालेश्वर भगवान का पूजन 11 ब्राह्मणों द्वारा एकादश एकादशनी रूद्राभिषेक से सम्पूर्ण शिव नवरात्रि के दौरान किया जायेगा। इसके बाद भोग आरती होगी। अपराह्न 3 बजे भगवान महाकालेश्वर के सांध्य पूजन के पश्चात श्रृंगार किया जायेगा। भगवान महाकालेश्वर के मुखारविन्द व आभूषण कक्ष से निकाले जाकर नये वस्त्र और आभूषण श्री गर्भगृह में विराजित भगवान श्री महाकालेश्वर को धारण कराये जायेंगे। यह क्रम 29 फरवरी के 08 मार्च शिव नवरात्रि तक नौ दिनों तक नित्य चलेगा। महाशिवरात्रि महापर्व पर होगी विशेष पूजन 08 मार्च 2024 महाशिवरात्रि महापर्व पर भस्मार्ती हेतु श्री महाकालेश्वर भगवान जी के मंगल पट प्रात: 02:30 बजे खुलेगे। भस्मारती उपरांत 07:30 से 08:15 दद्योदक आरती, 10:30 से 11:15 तक भोग आरती के पश्यात दोपहर 12 बजे से उज्जैन तहसील की ओर से पूजन-अभिषेक संपन्न होगा। सायं 04 बजे होल्कर व सिंधिया स्टेट की ओर से पूजन व सायं पंचामृत पूजन के बाद भगवान श्री महाकालेश्वर को नित्य संध्या आरती के समान गर्म मीठे दूध का भोग लगाया जायेगा | रात्रि में सायं 07 बजे से 10 बजे तक कोटितीर्थ कुण्ड के तट पर विराजित श्री कोटेश्वर महादेव का पूजन, सप्तधान्य अर्पण, पुष्प मुकुट श्रृंगार (सेहरा) के उपरान्त आरती की जायेगी | रात्रि 11 बजे से सम्पूर्ण रात्रि 09 मार्च प्रात: 06 बजे तक भगवान श्री महाकालेश्वर जी का पंचामृत पूजन, भस्म लेपन, विभिन्न फलो के रसो से अभिषेक, गुलाबजल, भाँग आदि से विभिन्न मंत्रो के माध्यम से 11 ब्राह्मणों द्वारा देवादिदेव भगवान श्री महाकालेश्वर जी का अभिषेक किया जायेगा । अभिषेक उपरांत सप्तधान्य अर्पित कर सप्तधान्य के मुखोटे से भगवान का श्रृंगार कर पुष्प मुकुट (सेहरा) बांधने के उपरांत सेहरा आरती की जायेगी व भगवान को विभिन्न मिष्ठान्न, फल आदि अर्पित किये जायेगे| सेहरा दर्शन के उपरांत वर्ष में एक बार दिन में 12 बजे होने वाली भस्मार्ती होगी । भस्मार्ती के बाद भोग आरती होगी व शिवनवरात्रि का पारणा किया जायेगा । 09 मार्च को सायं पूजन, सायं आरती व शयन आरती के बाद भगवान के पट मंगल होगे। 11 मार्च सोमवार को सायं पूजन से शयन आरती तक भगवान श्री महाकालेश्वर के पञ्च मुखारविन्द के दर्शन होगे। *शिव नवरात्रि के अवसर पर प्रतिदिन होगा हरि कथा का आयोजन शिवनवरात्रि के दौरान प्रतिदिन सायं को महाकाल परिसर स्थित सफेद मार्बल चबूतरे पर इन्दौर निवासी पं. श्री रमेश कानडकर का नारदीय कीर्तन होगा। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रांगण में 29 फरवरी से 09 मार्च तक शिवनवरात्रि निमित्त सनृ 1909 से कानडकर परिवार, इन्दौर द्वारा वंशपरम्परानुसार 115 वर्षों से हरिकीर्तन की सेवा दी जा रही है। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी उनकी परम्परा का निर्वहन करते हुए कथारत्न हरि भक्त पारायण पं. श्री रमेंश कानडकर जी द्वारा शिव कथा, हरि कीर्तन का आयोजन सायं 04 से 06 बजे तक मंदिर परिसर में नवग्रह मंदिर के पास संगमरमर के चबूतरे पर किया जा रहा है।

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रायसेन। नगर के सांची रोड पर बुधवार सुबह एक बाघ घूमता दिखा। सुबह 6.30 बजे मॉर्निंग वॉक पर निकले लोग बाघ को देख घबरा गए और उलटे पांव वापस लौट गए। उन्होंने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। इसके बाद टीम मौके पर पहुंची। सीसीटीवी फुटेज में एक बाघ रॉयल गार्डन की दीवार फांदता हुआ नजर आ रहा है।   रायसेन के वन मंडलाधिकारी विजय कुमार ने बताया कि नगर में जिस बाघ के घूमने की सूचना है, उसकी उम्र करीब ढाई साल है। वह शहरी क्षेत्र में आ गया है। उसकी मॉनिटरिंग करा रहे हैं। जब शावक बड़े होने लगते हैं और मां से बिछड़ते हैं तो वे अपनी टेरेटरी बनाते हैं। इस कारण वह जंगल से शहर की तरफ आ गया हैं। उन्होंने अपील की है कि बाघ के मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए लोग रात में घरों से न निकलें। सतर्कता बरतने की जरूरत है।

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भोपाल। मध्यप्रदेश के मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। मंगलवार शाम को ओलावृष्टि और आंधी तूफान का कहर देखने को मिला है। प्रदेश में खराब मौसम ने 5 लोगों की जान ले ली। फसलों को भी काफी नुकसान हुआ है। गेंहू और चने की फसल सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। प्रदेश के 24 शहर कस्बों में 2 इंच तक बारिश हुई। 16 जगह ओले गिरे। भोपाल में 74 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही थी। मौसम विभाग ने बुधवार को भी प्रदेश के कई जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।     मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के तीन दर्जन से अधिक जिलों में गरज चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। वहीं, कई जिलों में आंधी के साथ ओले गिरने के भी आसार है। इसे लेकर मौसम विभाग में अलर्ट जारी किया है। जानकारी के अनुसार प्रदेश में ओलावृष्टि और बारिश का स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव है।     विभाग ने नर्मदापुरम, हरदा, खरगोन, बड़वानी, इंदौर, शाजापुर, देवास,आगर, मालवा, नीमच, अशोकनगर, ग्वालियर, सिंगरौली,उज्जैन, सागर,बालाघाट, बुरहानपुर,खंडवा, गुना, शिवपुरी, दतिया, सीधी, मऊगंज,कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी,मंडला, दमोह,बैतूल, डिंडोरी, सतना, पन्ना,छतरपुर ,टीकमगढ़ ,निवाड़ी, पांढुरना, शहडोल और भोपाल संभाग के जिलों में गरज चमक के साथ बारिश का अनुमान जताया है। प्रदेश में अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस धार में दर्ज किया गया है, वहीं न्यूनतम तापमान 12.3 डिग्री सेल्सियस बिजावर छतरपुर में दर्ज किया गया है।

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भोपाल। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार तड़के फाल्गुन कृष्ण पक्ष की तृतीया पर भस्म आरती के दौरान पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से जलाभिषेक किया। इसके बाद भांग चन्दन ड्राईफ्रूट और आभूषणों से बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। परम्परा के अनुसार, मंगलवार को तड़के चार बजे श्री महाकालेश्वर मंदिर के पट खोले गए। तड़के भस्म आरती के दौरान चार बजे मंदिर के कपाट खोले गए। जल से भगवान महाकाल का अभिषेक करने के पश्चात दूध, दही, घी, शक्कर, शहद, फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया। इस दौरान प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया। इसके बाद बाबा महाकाल का भांग से श्रृंगार किया गया। इस श्रृंगार की खासियत यह रही कि ड्राइफ्रूट से बाबा महाकाल को सजाया गया और उन्हें चांदी के बिल्व पत्र अर्पित कर साफा भी बांधा गया। जिसके बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढंक कर भस्म रमाई गई। भस्म अर्पित करने के पश्चात भगवान महाकाल को रजत की मुण्डमाल और रुद्राक्ष की माला के साथ सुगंधित पुष्पों की माला अर्पित कर फल-मिष्ठान का भोग लगाया गया। छतीसगढ़ के भक्त ने दिया एक लाख का दान मंगलवार को छत्तीसगढ़ के अभनपुर से भस्मार्ती में शामिल होने के के लिए आए गोपी कुमार साहू द्वारा श्री महाकालेश्वर मंदिर में चल रहे विकास कार्य के लिए एक लाख रुपये का दान दिया। उन्होंने पुजारी संजय शर्मा की प्रेरणा से श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति को एक लाख रुपये का चेक प्रदान किया। प्रबंध समिति के भस्मार्ती प्रभारी आशीष दुबे ने दानदाता का सम्मान किया।

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भोपाल। मध्यप्रदेश में ओले-बारिश का दमदात सिस्टम एक्टिव है। इसके असर से सोमवार को छिंदवाड़ा में मूसलाधार बारिश हुई। तेज आंधी के साथ बिजली और ओले भी गिरे। नर्मदापुरम, बैतूल जिले में भी ओले गिरे हैं। जबलपुर, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नरसिंहपुर, भोपाल समेत 15 जिलों में बूंदाबांदी हुई। मंगलवार को भी मौसम बदला रहेगा। मौसम विभाग ने प्रदेश के 34 जिलों में अगले 24 घंटे के अंदर ओले-बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में सक्रिय सिस्टम की वजह से सोमवार को प्रदेश में मौसम बदला रहा। भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों में पूरे दिन बादल छाए रहे, जिससे दिन के तापमान में 1 से 3 डिग्री तक की गिरावट हुई। शाम को छिंदवाड़ा में मूसलाधार बारिश हुई। वहीं, तेज आंधी के साथ ओले भी गिरे। इससे फसलों को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार, छिंदवाड़ा जिले में 60 से 70 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चली। कहीं-कहीं आकाशीय बिजली गिरने की खबरें भी हैं। सिवनी, मंडला, बालाघाट, पूर्वी नर्मदापुरम, पचमढ़ी, सागर और दमोह जिलों में हल्की गरज के साथ बारिश हुई। नर्मदापुरम और बैतूल जिले में भी कहीं-कहीं ओले गिरे। मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के बड़े हिस्से में तेज बारिश, आंधी और ओले गिरने का अनुमान जताया है। जबलपुर-नर्मदापुरम समेत 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट है, जबकि भोपाल, सागर, विदिशा, सीहोर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर समेत 24 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां पर गरज-चमक के साथ बारिश होगी। वहीं, मंगलवार को प्रदेश के 19 जिलों में मौसम साफ रहने का अनुमान है। इन जिलों में इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, आगर-मालवा, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी और टीकमगढ़ शामिल हैं।

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भोपाल। रेल से यात्रा करने वालों के लिए रेलवे ने विशेष सूचना जारी की है। जारी सूचना के अनुसार छत्तीसगढ़ के बिलासपुर मंडल में नॉन इंटलॉकिंग के चलते रेल यातायात प्रभावित हो रही है। इस काम के चलते नर्मदा एक्सप्रेस समेत 6 ट्रेन 11 मार्च तक निरस्त रहेगी।       रेलवे ने बताया कि 1- 10 मार्च 2024 तक भोपाल से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18235 भोपाल-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी। दिनांक 28 फरवरी 2024 से 12 मार्च 2024 तक बिलासपुर से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18236 बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस रद्द रहेगी। दिनांक 28 फरवरी 2024 से 11 मार्च 2024 तक इंदौर से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18233 इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस रद्द रहेगी। दिनांक 27 फरवरी 2024 से 10 मार्च 2024 तक बिलासपुर से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18234 बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस रद्द रहेगी। दिनांक 03 मार्च 2024 एवं 10 मार्च 2024 को दुर्ग से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18213 दुर्ग-अजमेर एक्सप्रेस रद्द रहेगी। दिनांक 04 मार्च 2024 एवं 11 मार्च 2024 को अजमेर से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18214 अजमेर-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

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उज्जैन। महाकाल मंदिर परिसर में दर्शनार्थी जल्द ही इलेक्ट्रिक ट्रेन में बैठकर महालोक दर्शन कर मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे। इसके लिए महालोक परिसर में सर्वे कर ट्रेन की पटरी भी बिछाई जाएगी। इस प्रोजेक्ट पर करीब डेढ़ करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए मिनी इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। इस प्रस्ताव के बाद एक निजी कंपनी को सर्वे का काम सौंपा है, जो रिपोर्ट बनाकर मंदिर समिति को प्रस्तुत करेगी। फिलहाल त्रिवेणी संग्रहालय से महालोक परिसर में रूद्रसागर किनारे यह ट्रेन चलाने की योजना है। प्रस्तावित जगह पर सर्वे के बाद पटरी भी बिछाई जाएगी। मंदिर प्रबंध समिति से जुड़े अधिकारियों की मानें तो ट्रेन चलाने पर करीब एक से डेढ़ करोड़ रुपए खर्च हो सकते हैं। कलेक्टर एवं मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष नीरजकुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में ट्रेन चलाने का प्रस्ताव पारित किया जा चुका है। बैठक में समिति सदस्य और महापौर मुकेश टटवाल, निगम आयुक्त आशीष कुमार पाठक और महाकाल मंदिर समिति प्रशासक संदीप कुमार सोनी, सदस्य पंडित राजेन्द्र गुरु आदि उपस्थित थे। महाशिवरात्रि के बाद काम महाशिवरात्रि, 8 मार्च के बाद ट्रेन की योजना को धरातल पर उतारने का काम शुरू हो सकेगा। पहले सर्वे होगा की ट्रेन के लिए पटरी कहां से कहां तक बिछाई जाए। हालांकि इसमें किसी तरह की कोई अड़चन भी आड़े नहीं आ रही है।

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भोपाल। प्रदेश के आधे से अधिक जिलों में सोमवार सुबह से बादल छाए हुए हैं और सामान्य से तेज हवाएं चल रही हैं। अगले 3 दिन तक बारिश-ओले का स्ट्रॉन्ग सिस्टम रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने सोमवार को नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा और सिवनी में ऑरेंज अलर्ट और जबलपुर, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नरसिंहपुर समेत 12 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। यहां 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से हवाएं भी चल सकती हैं। 3 दिन तक प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश होगी और ओले गिरेंगे।   मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के 60% हिस्से यानी, 31 जिलों में सिस्टम की एक्टिविटी ज्यादा होने का अनुमान जताया है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि चक्रवाती घेरे की वजह से पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के ग्वालियर-चंबल में हल्की बूंदाबांदी हुई है। वहीं, बिहार के आसपास और छत्तीसगढ़ से तेलंगाना तक भी ट्रफ लाइन गुजर रही है। प्रति चक्रवात की वजह से आंध्र प्रदेश और ओडिशा तट के आसपास हवाएं भी चल रही हैं, जिससे मध्यप्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में नमी आ रही है। इस कारण अगले 3 दिन के लिए प्रदेश में ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। तीन दिन में ओले, तेज हवा और बारिश का दौर जारी रहेगा।   मौसम विभाग के अनुसार 26 फरवरी को देश के जबलपुर, इंदौर, नर्मदापुरम संभाग में ज्यादा असर रहेगा। नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा और सिवनी में बारिश के साथ ओले भी गिर सकते हैं, इसलिए ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नरसिंहपुर, दमोह, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर में यलो अलर्ट है। कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश तो कहीं ओले भी गिर सकते हैं।   27 फरवरी को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में सिस्टम की एक्टिविटी रहेगी। इसके चलते नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, जबलपुर और दमोह में बारिश-ओलों का ऑरेंज अलर्ट है। भोपाल, शाजापुर, सीहोर, देवास, खंडवा, हरदा, बुरहानपुर, रायसेन, विदिशा, सागर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, कटनी, सतना, रीवा, मऊगंज, सिंगरौली, सीधी, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, डिंडोरी, मंडला, सिवनी, बालाघाट आदि जिलों में यलो अलर्ट है। गरज-चमक के साथ बारिश, ओले और तेज हवाएं भी चलेंगी।   मौसम विभाग के अनुसार 28 फरवरी को सिस्टम की एक्टिविटी कमजोर हो जाएगी। छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, जबलपुर, मंडला और डिंडोरी में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।

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भोपाल। भारतीय शास्त्रीय नृत्य शैलियों के गुरु-प्रशिक्षक, नर्तक, कला मर्मज्ञ और कलानुरागियों के महाकुंभ 50वां खजुराहो नृत्य समारोह के छठवें दिन भी विविध कलाओं का संगम देखने को मिला। सुबह का आगाज जहां कला के अंतर्संबंधों को जानने से हुआ तो शाम को कथक नृत्य की प्रस्तुति ने दर्शकों को मुग्ध कर दिया। नृत्य का यह सिलसिला लगभग अपने अंतिम पायदान तक पहुंच चुका है। सांस्कृतिक सरोकारों की शीतल छाया में पुरखों की विरासत के सच्चे पहरेदारों ने अपनी साधना से समारोह के स्वर्णिम वर्ष को सार्थक कर दिया है। परम्पराओं और प्रयोगों की साझेदारी ने खजुराहो नृत्य समारोह के मंच पर भारतीय संस्कृति की चमक और भी दमक उठी है।   यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खजुराहो में यह अंतरराष्ट्रीय आयोजन 20 से 26 फरवरी तक किया जा रहा है। खजुराहो नृत्य समारोह के छठवें दिन रविवार को उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी के निदेशक जयंत भिसे ने आमंत्रित कलाकारों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया।   समारोह में रविवार की खूबसूरत शाम में नृत्य का सिलसिला पुणे की प्रेरणा देशपांडे के कथक नृत्य से शुरू हुआ। उन्होंने शिव वंदना से नृत्य का आरंभ किया। उसके पश्चात तीनताल में शुद्ध नृत्य की प्रस्तुति दी। इसमें उन्होंने कुछ तोड़े, टुकड़े, परन आदि की पेशकश दी। नृत्य का समापन उन्होंने रामभजन से किया। उनके साथ तबले पर सुप्रीत देशपांडे, सितार पर अनिरुद्ध जोशी, गायन में ऋषिकेश बडवे, हारमोनियम पर यश खड़के और पढंत पर ईश्वरी देशपांडे ने साथ दिया।   देश के प्रसिद्ध कथक गुरु और हाल ही में जिनके निर्देशन में कथक कुंभ में वर्ल्ड रिकॉर्ड बना, ऐसे पंडित राजेन्द्र गंगानी ने भी छठवें दिन समारोह में नृत्य प्रस्तुति देकर चार चांद लगा दिए। उन्होंने शिव स्तुति से नृत्य का शुभारंभ किया। नृत्य भावों से उन्होंने भगवान शिव को साकार करने की कोशिश की। इसके बाद तीन ताल में शुद्ध नृत्य प्रस्तुत करते हुए उन्होंने तोड़े, टुकड़े, परण, उपज का काम दिखाया और कुछ गतों का काम भी दिखाया। नृत्य का समापन उन्होंने राम स्तुति-"श्री रामचंद्र कृपालु भजमन" पर भाव पूर्ण नृत्य पेश कर किया। उनके साथ तबले पर फतेह सिंह गंगानी, गायन में माधव प्रसाद, पखावज पर आशीष गंगानी और सारंगी पर अमीर खां ने साथ दिया।   तीसरी प्रस्तुति में बैंगलोर से आईं नव्या नटराजन का भरतनाट्यम नृत्य हुआ। उन्होंने वर्णम की प्रस्तुति दी। भरतनाट्यम में वर्णम एक खास चीज है। इस प्रस्तुति में नव्या ने भगवान शिव के तमाम स्वरूपों को नृत्य भावों में पिरोकर पेश किया। उन्होंने नृत्य भावों के साथ लय के ताल मेल और आंगिक संतुलन को बखूबी दिखाया। राग नट कुरिंजी के सुरों और आदिताल में सजी रचना-"पापना सम शिवम" के साथ रावण द्वारा रचित शिवतांडव के छंदों पर नव्या ने भरतनाट्यम की तैयारी और तेजी दोनों का प्रदर्शन किया। उनके साथ गायन में रघुराम आर, नटवांगम पर डीवी प्रसन्न कुमार, मृदंगम पर पी जनार्दन राव और बांसुरी पर रघुनंदन रामकृष्ण ने साथ दिया।   नृत्य के इस खूबसूरत सिलसिले का समापन बनारस से पधारीं डॉ. विधि नागर और उनके साथियों के कथक नृत्य से हुई। विधि नागर ने तीव्रा ताल में निबद्ध राग गुणकली में ध्रुपद की बंदिश "डमरू हर कर बाजे" पर बड़े ही ओजपूर्ण ढंग से नृत्य प्रस्तुति दी। इस प्रस्तुति में उन्होंने भगवान विश्वनाथ के सौंदर्य को नृत्य भावों में सामने रखा। अगली प्रस्तुति समस्या पूर्ति की थी। इसमें उन्होंने साहित्य और नृत्य का समावेश दिखाया। राग शिवरंजनी की रचना "केहि कारन सुंदरी हाथ जरयो" के जरिए उन्होंने भाव पेश किया। फिर दरबारी में उन्होंने शुद्ध नृत्य से कथक का तकनीकी पक्ष दिखाया। काफी की ठुमरी - कहा करूं देखो गाड़ी डेट कन्हाई" पर भी उन्होंने सोलो नृत्य पेश कर भावाभिनय पेश किया। नृत्य का समापन उन्होंने संलयन्म से किया। इन प्रस्तुतियों में उनके साथ शिखा रमेश, अदिति थपलियाल, अमृत मिश्रा, रागिनी कल्याण और चित्रांशी पाणिकर ने सहयोग किया। जबकि विशाल मिश्र ने गायन एवं हारमोनियम, आनंद मिश्र ने तबला, आदित्य दीप ने पखावज सुधीर कुमार ने बांसुरी उमेश मिश्र ने सारंग रनित चटर्जी ने सितार पर साथ दिया।

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भोपाल। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची के बौद्ध स्तूप परिसर में रखे भगवान बुद्ध के शिष्यों अर्हन्त सारिपुत्र और अर्हंत महामोगल्यान के पवित्र अवशेषों को दर्शन के लिए बैंकाक, थाईलैंड और कंबोडिया विहार पर ले जाया गया है। थाईलैंड में विश्व के विभिन्न देशों से बड़ी संख्या में बौद्ध अनुयायी भगवान बुद्ध और उनके शिष्यों के पवित्र अवशेषों के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। यह जानकारी रविवार को मप्र के संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला ने दी। उन्होंने बताया कि संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशन में 22 फरवरी से 18 मार्च 2024 तक थाईलैंड और विभिन्न शहरों में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को अनुयायियों और आमजन के अवलोकन के लिए "बुद्धभूमि भारत" पैवेलियन में रखा गया है। यहां पवित्र अवशेषों को देखने के लिए बौद्ध अनुयायियों की भीड़ उमड़ रही है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में सांची स्तूप की प्रतिकृति और पर्यटन स्थलों के वीआर 360° वीडियो प्रदर्शित कर थाईलैंड के पर्यटकों को आकर्षित कर मध्यप्रदेश आने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। मप्र टूरिज्म बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक विवेक क्षोत्रिय के नेतृत्व में पहला दल थाईलैंड पहुंचा है। सांची से थाइलैंड पहुंचने के बाद अस्थि अवशेषों का एक भव्य समारोह में स्वागत किया गया। बैंकॉक में सनम लुआंग मंडप के एक भव्य मंडपम में स्थापित गया है, जहां दुनियाभर से बौद्ध अनुयायी इन अस्थि अवशेषों पर श्रद्धा अर्पित कर रहे हैं। यहां मध्यप्रदेश के स्टॉल में मौजूद अधिकारियों द्वारा अवशेषों एवं सांची स्तूपा के बारे में जानकारी दी जा रही है। वीआर के माध्यम से सैकड़ों लोगों, भिक्षुओं, अतिथियों, गणमान्य व्यक्तियों द्वारा सांची भ्रमण किया गया है। संस्कृति और पर्यटन विभाग की पहल से दुनिया भर के बौद्ध धर्मावलंबी इन अवशेषों के दर्शन कर पा रहे हैं। इस पवित्र यात्रा की समाप्ति 19 मार्च 2024 को होगी, जिसके बाद अस्थि अवशेषों को वापस सांची लाया जाएगा। कार्यक्रम रूपरेखा   1. सनम लुआंग मंडप, बैंकॉक: 22 फरवरी 2024 से 03 मार्च 2024 (11 दिन)   2. हो कुम लुआंग, रॉयल राजप्रुइक, चियांग माई: 04 मार्च 2024 से 08 मार्च 2024 (5 दिन)   3. वाट महा वानाराम, उबोन रत्चाथानी: 09 मार्च 2024 से 13 मार्च 2024 (5 दिन)   4. वाट महाथाट, ओलुक, क्राबी: 14 मार्च 2024 से 18 मार्च 2024 (5 दिन)

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भोपाल। मध्यप्रदेश के मौसम का मिजाज बदल चुका है। अब गर्मी का अहसास होने लगा है। पिछले कुछ दिनों से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर सहित प्रदेश के कई जिलों के तापमान में उछाल देखने को मिला है, लेकिन जल्द ही प्रदेश का मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के साथ ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है। 25 फरवरी से 28 फरवरी तक प्रदेश का मौसम खराब रह सकता है। इस दौरान कई जिलों में ओले गिरने की भी संभावना है।   मौसम विभाग का अनुमान है कि रविवार को प्रदेश के कई जिलों में बादल छाने और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। साथ ही जबलपुर-नर्मदापुरम समेत 10 जिलों में ओले गिरने की चेतावनी भी जारी की गई हैं। इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन संभाग में बादल छाए रहेंगे। वही दिन के तापमान में गिरावट होगी।   मौसम विभाग ने बताया कि एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ 26 फरवरी से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इसके साथ ही राजस्थान के मध्य भागों और इसके आसपास के क्षेत्र में एक चक्रवर्ती मौसम सक्रिय है। इन मौसम प्रणालियों के कारण मध्य प्रदेश का मौसम भी प्रभावित हो सकता है। आज 25 फरवरी को पूर्वी मध्य प्रदेश में गरज चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। जबकि 26 और 27 फरवरी को पूरे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में ओलावृष्टि होने की संभावना है।

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  4 साल पहले बनाई गई थी योजना   कोलार क्षेत्र में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, तो वहीं मेन रोड पर शॉपिंग मॉल और दुकानें बनने का सिलसिला जारी है। अब ऐसे में क्षेत्र में मल्टीलेबल पार्किंग की कमी महसूस की जाने लगी है। दरअसल मेन रोड पर वाहनों का जमावाड़ा लगा रहता है, जिसके चलते कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। इसके लिए नगर निगम ने पार्किंग का प्रस्ताव बनाया था, मगर यह प्रस्ताव अब फाइलों से गायब हो गया है ।   इसलिए पड़ रही जरूरत : यहां सड़क के दोनों तरफ आवासीय व व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बन गए हैं, लेकिन वाहन पार्किंग के लिए जगह नहीं है। इस वजह से वाहन पार्किंग को लेकर समस्या हो रही है। शॉपिंग के लिए आने वालों को अपने वाहन सड़क किनारे वाहन खड़े करने पड़ रहे हैं। इसके चलते ट्रैफिक प्रभावित हो रहा है। खास बात यह है कि वाहन पार्किंग की समस्या का समाधान करने के लिए नगर निगम कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है। 1500-1500 वर्गफीट पर बनना थी पार्किंग चार साल पहले निगम प्रशासन ने चूनाभट्टी में वाहन पार्किंग स्थल के लिए तीन स्थान प्रस्तावित किए थे। इनमें से एक चूनाभट्टी व काली मंदिर के पास और वेस्ट एंड प्लाजा के पास 1500-1500 वर्ग फीट में पार्किंग स्थल विकसित किए जाने थे। जिनमें 30 से 75 वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था होती, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।     Attachments area          

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  नहीं मान्य होगा लघु आकार का चित्र ,छह विभाग करेंगे कार्यवाही        अब सिगरेट और दूसरे तम्बाकू उत्पाद के प्रत्येक पैकेट पर प्रमुखता से सचित्र चेतावनी प्रदर्शित करना होगी। भारत सरकार ने इस संबंध में एक अप्रैल को सभी राज्यों को निर्देश भेजे हैं। इस तारतम्य में आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने अधिसूचना से सभी संबंधित को अवगत करवाया है। विशेष रूप से 6 विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी तय करते हुए उन्हें सभी वैधानिक प्रावधान पर अमल के लिए कहा गया है। इनमें राजस्व आयुक्त, परिवहन आयुक्त, स्वास्थ्य आयुक्त, श्रम आयुक्त, पुलिस महानिदेशक और उद्योग आयुक्त शामिल हैं।   सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद (विज्ञापन का निषेध तथा व्यापार एवं वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति एवं वितरण विनियमन) अधिनियम-2003 के अंतर्गत तम्बाकू उत्पाद पर सचित्र चेतावनी जरूरी की गई थी। पैकेट के मुख्य प्रदर्शित क्षेत्र में 85 प्रतिशत क्षेत्र में सचित्र चेतावनी के रूप में अनिवार्य रहेगी। इससे छोटे आकार की चेतावनी मान्य एवं विधि सम्मत नहीं होगी।   अधिनियम की धारा5 एवं 7 के तहत कार्यवाही करने के लिए विभिन्न विभाग स्तर पर अधिकारियों को अधिकृत किया गया है। प्राधिकृत अधिकारी अधिनियम के उल्लंघन पर दोषी तम्बाकू उत्पाद निर्माता/विक्रेता के विरुद्ध इस अधिनियम की धारा 7 सहपठित दण्डनीय धारा 20 के अंतर्गत कार्यवाही करेंगे।     Attachments area          

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    बावड़ियाकलां पर रेलवे द्वारा पटरी के ऊपर के हिस्से में 32 मीटर लंबे ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। वहीं, इसकी चौड़ाई 12 मीटर रहेगी। रेलवे ने इस क्रॉसिंग पर अपने हिस्से के ब्रिज के हिस्से के निर्माण के लिए 28 जून तक प्रस्ताव मंगाए हैं।  इसके बाद एक साल की समय सीमा भी अपने हिस्से के निर्माण की तय कर दी है। 6 करोड़ 67 लाख रुपए इस निर्माण पर रेलवे द्वारा खर्च किए जाएंगे। आए दिन इस क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम के चलते लोगों को खासी परेशानी होती है। इसी को देखते हुए बावड़ियाकलां क्रॉसिंग पर करीब 850 मीटर लंबा ब्रिज बनाया जाएगा। 38 करोड़ रुपए राज्य सरकार इस पर खर्च करेगी। इस तरह रेलवे और राज्य सरकार द्वारा 45 करोड़ रुपए इसके निर्माण पर खर्च किए जाएंगे। ब्रिज के निर्माण में तीन साल लगने की संभावना है।  औबेदुल्लागंज में भी मंजूरी: इसी तरह रेलवे ने औबेदुल्लागंज-नसरुल्लागंज रोड पर स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर भी अपने हिस्से में ब्रिज के निर्माण के लिए प्रस्ताव मंगा लिए हैं। सलकनपुर माता मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं समेत आम वाहनों को भी इस रेलवे क्रॉसिंग पर काफी समय तक खड़े रखना पड़ता है। इसी को देखते हुए इस क्रॉसिंग पर भी रोड ओवर ब्रिज बनाया जाएगा। 

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    अगले साल फरवरी में घोषित होने वाले स्वच्छता सर्वे की प्रक्रिया एक जून से शुरू हो जाएगी। केंद्र सरकार ने इसके लिए गाइड लाइन जारी कर दी हैं। इस बार सर्वे में एक लाख और उससे अधिक की आबादी के 500 शहरों को शामिल किया है। पिछले साल 10 लाख और उससे अधिक आबादी के 73 शहरों के बीच हुए सर्वे में भोपाल को 21 वां स्थान मिला था।    नगर निगम भोपाल ने इस बार पहले पांच शहरों में शामिल होने का लक्ष्य तय किया है। निगमायुक्त छवि भारद्वाज ने बताया कि डोर टू डोर कचरा कलेक्शन में अभी कुछ एरिया छूटा है। निगम द्वारा कराए सर्वे में यह बात सामने आई कि कई परिवारों के यहां डस्टबिन नहीं हैं। वे पॉलीथिन में कचरा इकट्ठा करके कहीं भी फेंक देते हैं। निगम ऐसे परिवारों को डस्टबिन वितरित करने की योजना तैयार कर रहा है। इसके लिए कुछ एनजीओ की मदद ली जाएगी।  चार जोन में बांटा जाएगा शहर को  सर्वे के लिए शहर को चार जोन में बांटा जाएगा। यह तीन स्तरों पर होगा। पहला नगर निगम से आंकड़े इकट्ठा किए जाएंगे। दूसरा केंद्र सरकार की सर्वे टीम खुद मैदानी हकीकत देखेगी और तीसरा नागरिकों से भी सफाई के बारे में फीडबैक लिया जाएगा। हर शहर में एक हजार या आबादी के 0.01 % लोग इसमें शामिल होंगे। ज्यादा लोगों को जोड़ने के लिए सोशल व ट्रेडिशनल मीडिया का उपयोग किया जाएगा।    स्वच्छ भारत अभियान के तहत रविवार को नगर निगम और आई क्लीन की टीम ने एमपी नगर जोन-2 में साफ-सफाई की। साथ ही दीवारों पर पेंटिंग भी की। नगर निगम कमिश्नर छवि भारद्वाज भी इस अभियान में शामिल हुईं और उन्होंने दीवारों पर चित्रकारी की।      Attachments area          

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  कोलार वालों के लिए सौगात    बावड़ियाकलां रेलवे क्रॉसिंग पर बनने वाले रेलवे ओवरब्रिज की डिजाइन पीडब्ल्यूडी ने तैयार कर ली है। अगले सप्ताह से काम भी शुरू हो जाएगा। यह ब्रिज 2 साल में बनकर तैयार होगा। रेलवे ओवरब्रिज बावड़िया की तरफ नहर की जमीन पर और होशंगाबाद रोड पर बीडीए की जमीन पर बनेगा। इसका फायदा गुलमोहर, शाहपुरा, कोलार, रोहित नगर, त्रिलंगा, होशंगाबाद रोड से लगी काॅलोनियों के लोगों को फायदा होगा। रेलवे क्रॉसिंग से हर घंटे 3500 से  अधिक  वाहन गुजरते हैं। रेलवे फाटक 1 दिन में 178 बार बंद होता है जिससे सड़क के दोनों तरफ जाम की स्थिति बन जाती है।  स्टेशन पर कैमरे  कोलार के नजदीकी रेलवे  स्टेशन हबीबगंज पर लगे सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। अभी तक यहां पर 47 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इनको बढ़ाकर 65 किया जाएगा। 18 नए कैमरे लगाने का प्रस्ताव रेलवे भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही यहां पर कैमरे लगाने का काम शुरू होगा। रेलवे के अफसरों का कहना है कि आईएसबीटी की तरफ स्थित पार्किंग के पास और पार्सल ऑफिस के पास कैमरे लगाए जाएंगे। अफसरों का कहना है कि रोजाना हजारों की संख्या में यहां पर यात्री आते हैं। कैमरों की संख्या बढ़ने से पूरे स्टेशन परिसर को कवर किया जाएगा। कोलार वालों के लिए सौगात    बावड़ियाकलां रेलवे क्रॉसिंग पर बनने वाले रेलवे ओवरब्रिज की डिजाइन पीडब्ल्यूडी ने तैयार कर ली है। अगले सप्ताह से काम भी शुरू हो जाएगा। यह ब्रिज 2 साल में बनकर तैयार होगा। रेलवे ओवरब्रिज बावड़िया की तरफ नहर की जमीन पर और होशंगाबाद रोड पर बीडीए की जमीन पर बनेगा। इसका फायदा गुलमोहर, शाहपुरा, कोलार, रोहित नगर, त्रिलंगा, होशंगाबाद रोड से लगी काॅलोनियों के लोगों को फायदा होगा। रेलवे क्रॉसिंग से हर घंटे 3500 से  अधिक  वाहन गुजरते हैं। रेलवे फाटक 1 दिन में 178 बार बंद होता है जिससे सड़क के दोनों तरफ जाम की स्थिति बन जाती है।  स्टेशन पर कैमरे  कोलार के नजदीकी रेलवे  स्टेशन हबीबगंज पर लगे सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। अभी तक यहां पर 47 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इनको बढ़ाकर 65 किया जाएगा। 18 नए कैमरे लगाने का प्रस्ताव रेलवे भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही यहां पर कैमरे लगाने का काम शुरू होगा। रेलवे के अफसरों का कहना है कि आईएसबीटी की तरफ स्थित पार्किंग के पास और पार्सल ऑफिस के पास कैमरे लगाए जाएंगे। अफसरों का कहना है कि रोजाना हजारों की संख्या में यहां पर यात्री आते हैं। कैमरों की संख्या बढ़ने से पूरे स्टेशन परिसर को कवर किया जाएगा।

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  भोपाल में  44 फीसदी कम हुई  हरियाली    अनियोजित शहरीकरण के चलते राजधानी भोपाल में पिछले दो दशक में 44 प्रतिशत हरियाली कम हुई है, जिसका सीधा असर पयार्वरण में असंतुलन, गिरते जलस्तर और बढ़ते तापमान के रूप में सामने आ रहा है। हालांकि विकास कार्यों के फेर में लगातार हो रही पेड़ों की कटाई अगले कुछ वर्षों तक रूकने वाली नहीं है।भोपाल के  कोलार ,होशंगाबाद और टीटी  नगर इलाके में सबसे ज्यादा पेड़ काटे गए हैं।    हरियाली में आई इस बड़ी गिरावट का खुलासा करने वाली इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बेंगलुरु की रिपोर्ट बताती है कि हालात नहीं सुधरे तो 2030 तक हरियाली सिकुड़कर महज 4.10 प्रतिशत से कम रह जाएगी। पिछले दो दशक पहले हरियाली 66 प्रतिशत थी और अब ये 22 प्रतिशत रह गई है। संस्था ने भोपाल, अहमदाबाद, हैदराबाद और कोलकाता की हरियाली के आंकड़े सेटेलाइट सेंसर से जुटाए हैं। राजधानी के विशेषज्ञों का भी कहना है कि पौधरोपण के साथ जल संरक्षण के उपायों को बढ़ाना पड़ेगा। हरियाली की कई जगह आज सूखे इलाकों ने ले ली है। रिसर्च बताती है कि शहर के तापमान में पिछले 12 साल में आठ प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इसकी बड़ी वजह जलस्रोतों पर हुए अतिक्रमण के चलते जलस्रोत में गिरावट और हरियाली में आई कमी है। आईआईएफएम में समाज शास्त्र व सामुदायिक विकास के एसोसिएट प्रोफेसर अमिताभ पांडे का कहना है कि भोपाल में शहरीकरण को बढ़ावा हरियाली की कीमत पर दिया जा रहा है। वनाच्छादित क्षेत्र के कम होने की मुख्य वजह अनियोजित शहरीकरण है। हालात ज्यादा खराब होने से पहले हम खुद को बचा सकते हैं, क्योंकि भोपाल आज भी अन्य शहरों के मुकाबले हरियारली के मामले में बेहतर स्थिति में है, लेकिन जिम्मेदार विभागों, बिल्डर, टाउन प्लानर्स को टारगेट देकर उनके प्रोजेक्ट में हरियाली बढ़ाने को कहा जाए और इसका सख्ती से पालन कराया जाए। प्रो. पांडे बताते हैं कि जहां पेड़ होने और न होने की जगहों के तापमान में 1-2 डिग्री से. का अंतर होता है। पेड़ घने हों, तो तापमान का अंतर बढ़ भी जाता है। जिन कांक्रीट के घरों पर पेड़ों की छांव रहती है, उनमें तपन कम लगती है। पेड़ पानी भी छोड़ते हैं, जिससे माइक्रो क्लाइमेट में 2-3 डिग्री का फर्क पड़ता है। जहां सड़कों के दोनों ओर पेड़ होते हैं, वहां भी तपन कम होती है। ट्री कवर पर काम करने वाले डॉ. सुदेश बाघमारे ने बताया कि राजधानी में सबसे अच्छी 0.5 डेंसिटी 74 बंगला, बिड़ला मंदिर की पहाड़ी पर है। एकांत पार्क, बोरवन पार्क (बैरागढ़) में 0.4 डेंसिटी मिलती है। जबकि बीएचईएल क्षेत्र में सामान्य तौर पर 0.3 और कहीं-कहीं 0.4 डेंसिटी है। नार्थ टीटीनगर और साउथ टीटीनगर के कुछ हिस्से में पेड़ों की कटाई के बाद डेंसिटी 0.2 तक आ गई है, जबकि पुराने शहर में 0.1 डेंसिटी है, जो सबसे खराब स्थिति है। उन्होंने बताया कि 0.5 डेंसिटी उम्दा मानी जाती है।     Attachments area          

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    अगस्त से पहले छूट भी मिलेगी     कोलार  में अब रहवासी साल में कभी भी प्राॅपर्टी टैक्स जमा कर सकेंगे और पेनाल्टी भी नहीं लगेगी। 31 अगस्त तक 6 फीसदी छूट पहले की तरह जारी रहेगी। इस संबंध में निगम प्रशासन ने आदेश जारी कर दिए हैं। लेकिन शर्त रखी गई है कि पिछले वर्षों का प्राॅपर्टी टैक्स बकाया न हो। अब तक नवंबर से जनवरी तक पांच प्रतिशत और फरवरी से मार्च तक 10 प्रतिशत पेनाल्टी का प्रावधान था।    प्राॅपर्टी टैक्स में वित्त वर्ष के बीच में ही पेनाल्टी लगाने के इस नियम का लंबे समय से विरोध हो रहा था। कहा जा रहा था कि जब प्राॅपर्टी टैक्स पूरे वित्त वर्ष का होता है तो बीच में पेनाल्टी कैसे ली जा सकती है। नगर निगम के इस साल के बजट में प्राॅपर्टी टैक्स से पेनाल्टी समाप्त करने की घोषणा की थी। तीन अप्रैल को पारित बजट के संदर्भ में निगम प्रशासन ने आदेश जारी कर दिए हैं। इसका फायदा शहर के करीब तीन लाख पचास हजार प्राॅपर्टी टैक्स के खाताधारकों को मिलेगा।   

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  महापौर की जांच में जलसंकट का खुलासा   कोलार क्षेत्र में पेयजल के लिए सबसे ज्यादा मारामारी हो रही है। 15 दिन से इंजीनियर, स्थानीय पार्षदों की टीम को लेकर महापौर आलोक शर्मा ने शहर भर में पेयजल को लेकर सर्वे कराया है। इसमें खुलासा हुआ है कि कोलार क्षेत्र में सर्वाधिक जलसंकट है। इसके बाद महापौर ने यहां 36 ट्यूबवेल स्वीकृत किए हैं। इसके साथ ही प्राइवेट टैंकर बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।  उधर कांग्रेस नेताओं ने सांसद आलोक संजर, महापौर आलोक शर्मा, नगर निगम अध्यक्ष सुरजीत सिंह पर कोलार से सौतेला व्यवहार करने के आरोप लगाए हैं।   सर्वधर्म ए-सेक्टर, सर्वधर्म बी-सेक्टर, पैलेस आर्चेड, मंदाकिनी, अमरनाथ कॉलोनी, सार्इंनाथ, महाबली, सर्वधर्म सी-सेक्टर, आशीर्वाद कॉलोनी, बंजारी, दानिशकुंज, नयापुरा, अकबरपुर, विनीतकुंज, राजहर्ष, राजवैद्य सहित कोलार क्षेत्र की करीब 18 झुग्गी क्षेत्र में पानी को लेकर हालत ख़राब है ।   रविवार को अवकाश के बावजूद भी नगर निगम कार्यालय पेयजल संकट को दूर करने की समीक्षा को लेकर खोला गया। इसमें कोलार से जुड़े सभी पार्षद और अधिकारी पहुंचे। इस दौरान पानी पर चर्चा हुई और फैसले लिए गए। पार्षदों को कहना है कि महापौर ने मांग से ज्यादा टयूबवेल और टैंकर स्वीकृत किए हैं। जलसंकट से कोलार को मुक्ति मिलेगी।   कोलार की जनता सांसद आलोक संजर और मेयर आलोक शर्मा की बेरूखी से खासी नाराज है। पब्लिक का कहना है कि ऐसे जलसंकट के समय सांसद और महापौर ने कोलार को छोड़ दिया है। अकेले विधायक रामेश्वर शर्मा ही नजर आते हैं। जनता का कहना है कि क्या कोलारवासियों ने सांसद संजर और महापौर शर्मा को निर्वाचित नहीं किया है। उधर, कांग्रेस का कहना है कि अगर सांसद और महापौर ने कोलार के प्रति जवाबदेही नहीं दिखाई, यहां की समस्याओं का निराकरण नहीं कराया तो इनके हर चौराहे पर पुतले फूंके जाएंगे। कांग्रेस ने सवाल किया कि आखिर क्या वजह है और कौन सा पॉवर सेंटर है जो इन्हें यहां आने से रोकता है।यह नेता कोलार से कन्नी काटते हैं।     Attachments area          

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    पार्षद और ठेकेदार की मिलीभगत से हुआ घटिया निर्माण      कोलार में कॉकस है पार्षद ,ठेकेदार और इंजीनियरों का जो लगातार घटिया काम करवा के माल कमा रहा है।   निर्माण कार्यों में भारी भ्रष्टाचार हो रहा है।सरकार और जनता की कमाई की गाढ़ी कमाई को यह कॉकस लूट रहा है ,यही वजह है  लाखों रुपए खर्च होने के बाद भी विकास कार्य नहीं दिख रहे हैं। ताजा मामला वार्ड 80 का है, जहां 8 लाख में बनी सड़क 8 दिन में उखड़ गई। बड़े लोग माने जाने वाले यह लोग इस पूरे मामले को दबाने में लगे हैं। वहीं वार्ड 80 के बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पार्षद के कारनामों की सूचि बनकर प्रदेश संगठन को भेज कर पार्षद के भ्रस्टाचार पर रोक लगाने की मांग की है।      वार्ड 80 में पार्षद ठेकेदारों और इंजीनियरों का एक गिरोह घटिया निर्माण करवा रहा है इसकी ताजा मिसाल  आशीर्वाद कॉलोनी में सामने आयी  है। यहां पर पिछले महीने करीब 8 लाख रुपए की राशि से सीमेंट क्रांकीट (सीसी) रोड बनाई थी। इसका निर्माण इतना घटिया है, कि वह तीन जगह से टूट गई है। ठेकेदार द्वारा किए गए निर्माण को लेकर रहवासियों में खासा आक्रोश है। शिकायत स्थानीय पार्षद रविंद्र यति से भी लोगों ने की लेकिन उन्होंने ठेकेदार के खिलाफ कुछ भी सुनना रास नहीं आया और उन्होंने अपने इलाके में घटिया निर्माण होने दिया जिसका नतीजा आठ दिन में ही सामने आ गया। इस कॉकस से परेशान लोगों ने  विधायक रामेशवर शर्मा से मामले की शिकायत की है जिसमे  ठेकेदार का पेमेंट रोकने के साथ पार्षद के सभी कामों की जांच की मांग की है।     इस मामले में ठेकेदार और इंजिनियर से ज्यादा पार्षद रवीन्द्र यति को लोग दोषी मान रहे हैं की उन्होंने अपने इलाके में लगातार घटिया निर्माण करवाए हैं और शिकायत के बावजूद यह करप्ट ठेकेदारों और इंजीनियरों को पनाह देते रहे हैं। रविंद्र यति की शिकायत बीजेपी संगठन से भी कार्यकर्ताओं ने की है कि  यति लगातार का कामकाज ठीक नहीं हैं, इनके सभी निर्माण कार्यों की जांच करवाई जाये तो बड़ा भ्रस्टाचार सामने आयेगा। यति के खिलाफ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष को भेजे पत्र  गया है इनके कारण पार्टी की साख ख़राब हो रही हैं ,अगर विधायक रामेश्वर शर्मा का अंकुश न हो तो वार्ड 80 बर्बादी की कगार पर पहुँच जाए।     इस काम को देखरहे इंजीनियर एचएस बेदी पर  मुख्य जवाबदारी निर्माण कार्य देखने की इन्हीं की है पर यह मौके पर गए ही नहीं। अब कह रहे हैं जांच कराएंगे। ठेकेदार सिद्धार्थ अग्रवाल को   अच्छा निर्माण करना चाहिए था, पर सबकी मिलीभगत में कांक्रीट के नाम पर सीमेंट पोत दी।  बताया जाता है इन दोनों से पार्षद का खास लगाव है।    बीजेपी संगठन को की गई शिकायत में पार्षद रविंद्र यति के कारनामों का सिलसिलेवार ब्यौरा है । कोलार के ही कुछ नेताओं और कुछ समाजसेवियों ने ऐसे निर्माण कार्यों की सूची तैयार कर अलग अलग नेताओं को दी है जहां पार्षदों, इंजीनियरों और ठेकेदारों के गठजोड़ ने कार्यों में गड़बड़ी की है।लेकिन सब से ज्यादा गड़बड़ी वाला वार्ड 80 को बताया गया है।   

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    वार्ड 82 में स्थित दानिश कुंज में एक बड़ा मामला सामने आया है। सोसायटी ने विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि यहां सड़क का निर्माण किया गया है। वहीं पार्षद भूपेंद्र माली ने बाकायदा बोर्ड लगाकर जनता को बताया है कि यह सड़क उन्होंने बनवाई है। मतलब यह हुआ कि नगर निगम ने बनाई है। यदि यह श्रेय लेने की होड़ है, तब तक तो ठीक है और यदि फाइलें बनवाकर भुगतान का खेल है तो बड़ा भ्रष्टाचार सामने आएगा। खास बात यह है कि सड़क जिसने भी बनवाई हो उखड़ने लगी है।   सड़कों में बड़ा खेल कोलार क्षेत्र में सड़कों के मामले में भारी मिलीभगत और भ्रष्टाचार सामने आ रहा है। यहां इजीनियर्स, पार्षद और ठेकेदारों का एक कॉकस काम कर रहा है। करोड़ों की सड़कें बनती हैं और 4 महीने में उखड़ जाती हैं।   इसलिए उठे सवाल कई बार यह मामले सामने आए हैं कि सड़कें बीएचईएल और सीपीए ने बनार्इं तथा फाइलें नगर निगम में बनी। इसलिए कई बार सवाल उठने लगते हैं।   चाहिए पैसे : समिति ने रोड बनाने की सूचना दी और बकाया राशि मांगी।   और सड़क उखड़ गई यह सड़क निगम या फिर सोसायटी, जिसने भी बनाई हो पर यह बनने के 30 दिन बाद ही उखड़ने लगी है।     Attachments area          

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  उच्च शिक्षा मंत्री  गुप्ता ने किया भूमि-पूजन   एक्सीलेंस कॉलेज से चूना भट्टी तक सी.सी. रोड का निर्माण होगा। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने रोड का भूमि-पूजन किया। रोड के लिये एक करोड़ 64 लाख 84 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। रोड की लम्बाई एक किलोमीटर है।  गुप्ता ने कहा कि रोड की तराई अच्छी तरह से करें।   श्री गुप्ता ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण सड़क का निर्माण समय-सीमा में करवायें। उन्होंने कहा कि रोड के बन जाने से उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और स्टॉफ की माँग पूरी हो जायेगी। गुप्ता ने कहा कि सरकार सिर्फ काम में भरोसा करती है। उन्होंने शासन की जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रदेश में सबके पास रहने के लिये घर और रोजगार का कम से कम एक जरिया हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़क, बिजली और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है।      Attachments area          

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    भोपाल  में शाहपुरा तालाब पर 3 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा।  महापौर परिषद ने शुक्रवार को इसकी प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी। इस ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 12 एमएलडी होगी। महापौर आलोक शर्मा की अध्यक्षता में हुई एमआईसी की बैठक में छोटे और बड़े तालाब में फाउंटेन स्थापित करने की भी प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। एमआईसी ने टीटी नगर स्थित सब्जी विक्रेताओं से तहबाजारी जमा कराने, संत हिरदाराम नगर मल्टीलेवल पार्किंग में एक दुकान का ऑफर स्वीकृत करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही भैंसाखेड़ी में सीवेज समस्या के निराकरण के लिए न्यूनतम ऑफर की स्वीकृति सहित कई प्रस्तावों को मंजूर किया गया।

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‘‘कर्मश्री’’ की प्रस्तुति कोलार में विश्वविख्यात भजन गायक विनोद अग्रवाल की भजन संध्या ‘‘एक शाम बांसुरी वाले के नाम’’ में मानो पूरा कोलार ही उमड़ पड़ा। भजन संध्या का आयोजन संस्था ‘‘कर्मश्री’’ के अध्यक्ष हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के तत्वावधान में किया गया था। गौरतलब है कि विधायक शर्मा और उनकी संस्था ‘‘कर्मश्री’’ द्वारा प्रतिवर्ष विनोद अग्रवाल की भजन संध्या ‘एक शाम बांसुरी वाले के नाम’’ का आयोजन किया जाता है। इसके बाद मुरली वाले के भजनों के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्यातीप्राप्त भजन सम्राट विनोद अग्रवाल ने राधाकृष्ण के समधुर भजनों की वह तान छेड़ी कि आयोजन स्थल पर बैठे हजारों श्रद्धालु श्रोता कान्हा की भक्ति के आनंदारितेक में डूब से गए। श्री अग्रवाल के साथ आए उनके पुत्र जतिन अग्रवाल और सह गायक धीरज बावरा, महावीर शर्मा, ललित शर्मा, विवेक मेहता ने भी कार्यक्रम की औपचारिक शुरूआत के पूर्व भजनों की प्रस्तुति दी, इनके साथ वाद्य यंत्रों पर सुमन और अंशु ने भी जबरदस्त संगत करते हुए श्रोताओं को बांधे रखा। भजन संध्या के आरंभ में ‘कर्मश्री’ अध्यक्ष एवं विधायक रामेश्वर शर्मा ने अंतर्राष्ट्रीय ख्याती प्राप्त भजन सम्राट विनोद अग्रवाल एवं साथ आए उनके पुत्र जतिन अग्रवाल और सह गायक धीरज बावरा, महावीर शर्मा, ललित शर्मा, विवेक मेहता सहित वाद्य यंत्रों पर संगत दे रहे सुमन और अंशु का स्वागत किया। पार्षद रविंद्र यति, भूपेंद्र माली, पवन बोराना, सहित श्यामसिंह मीणा ने भी श्री अग्रवाल सहित उनके साथ पधारे संगीतकारों का स्वागत किया। पैलसे आॅर्चड रहवासी समिति के अध्यक्ष सुनील श्रीवास्तव सहित पूरी समिति ने भजन सम्राट अग्रवाल का शाल-श्रीफल भेंट कर स्वागत किया। इन्हीं के द्वारा भजन सम्राट विनोद अग्रवाल और भजन संध्या के आयोजक विधायक रामेश्वर शर्मा को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया। विनोद जी जहां जाते है वहां कान्हा और राधा अवश्य आते हैं: रामेश्वर शर्मा कान्हा से मिलना है तो हमें उनके साथ तार जोड़ना होगा। भजन संध्या में मोबाईल छोड़ कर पूरे समय उपर वाले से तार जोड़ कर बैठे रहना होगा। यह विचार ‘कर्मश्री’ अध्यक्ष एवं हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने भजन संध्या के आरंभ के पूर्व आयोजन स्थल पर उपस्थित विशाल जनसमुदाय को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होेने कहा कि विनोद अग्रवाल जी पेशे से व्यवसायी हैं, लेकिन मन में कान्हा की भक्ति की वह लगन और कृपा प्राप्त हुई कि उन्होने राधा की गली में ही डेरा डाल दिया है। विनोद जी को सुनने में जिंदगी का अद्भुत आनंद है। इनकी खासियत है कि इनके भजन को दस बार सुनेंगे तो दसों बार अलग ही अनुभव पाएंगे। विनोद जी जो लिखते और गाते हैं वह अद्धितीय है,यह ईश्वरीय कृपा से ही संभव है। चाहे हम भागवत कथा कराएं, या राम कथा कराएं, कांवड़ यात्रा कराएं या फिर कितने ही धार्मिक आयोजन कराएं लेकिन लोग कहते हैं लोगों कि नशे की प्रवृत्ति बढ़ते जा रही है। इसके रोकने के लिए हमें अपने बच्चों को बचपन से ही फिल्मों की ओर मोड़ने के बजाए भजन संध्या सहित अन्य धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन में अवश्य ले जाना चाहिए। यहां बच्चों को ऐसे संस्कार मिलेंगे कि वह बच्चा जिंदगी भर माॅं-बाप की सेवा तो करेगा ही साथ ही जीवन में सफलता अर्जित कर देश और समाज के काम भी आएगा।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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(कोलार) उपनगर के विजय विलास कालोनी में रहने वाली एक छात्रा ने मंगलवार की रात को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली | पुलिस के मुताबिक विजय विलास मे रहने वाली छात्रा के पिता विवेक राव सरकारी कर्मचारी है तथा उनकी बेटी प्रतीक्षा शेंडे (१७) आईआईटी की तैयारी कर रही थी |परिजनों को तब पता चला जब मंगलवार रात को काफी देर तक वह कमरे से बाहर नहीं आई तभी सब लोग उसके कमरे में गए तो दरवाज़ा अन्दर से बंद था तो परिवार वालो को शक हुआ तब उन लोगों ने छात्रा के मामा संदीप को फोन कर घर बुलाया तभी फिर दरवाज़ा तोडा गया तो प्रतीक्षा फाँसी पर लटकी हुई थी |उसे तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया |पुलिस का कहना है की यह मामला तनाव को मद्देनज़र रखते हुए आत्महत्या का है |

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विदिशा। भोपाल-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग 146 पर ग्यारसपुर के समीप शनिवार सुबह एक पुलिया के नीचे सुबह तेंदुए का शव बरामद हुआ है। आसपास के लोगों ने तेंदुए को मृत देखा तो वन विभाग को सूचना दी। इसके बाद वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। वन अधिकारियों ने आशंका जताई है कि रात के अंधेरे में अज्ञात वाहन की टक्कर से तेंदुए की मौत हुई होगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।     क्षेत्र के डिप्टी रेंजर मोहन विश्वकर्मा ने बताया कि ग्यारसपुर से गुजरने वाले राजमार्ग के किनारे एक निजी स्कूल के सामने एक संकरी पुलिया के पास से गुजरने वाले लोगों ने शनिवार सुबह मृत तेंदुए को देखा और वन विभाग को सूचना दी। जानकारी मिलते ही वन अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच की। उन्होंने बताया कि तेंदुए के शरीर पर किसी शस्त्र के निशान नहीं पाए गए हैं और आसपास भी संदेहास्पद वस्तुएं नहीं पाई गई है। यहां से गुजरने वाले राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही काफी रहती है। आशंका है कि रात के समय सड़क पार करते समय यह तेंदुआ किसी भारी वाहन की टक्कर से पुलिया के नीचे गिरा होगा, जिसके कारण उसकी मौत हुई होगी। उनका कहना था कि तेंदुए के शव के पोस्टमार्टम के बाद ही असली वजह सामने आएगी।

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इंदौर। फिल्म अभिनेता आयुष्मान खुराना शनिवार सुबह उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर पहुंच कर भगवान महाकाल के दर्शन किए। उन्होंने चांदी द्वार से बाबा महाकाल का पूजा-अर्चन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उनके साथ स्टाफ के अन्य लोग भी मौजूद थे। सभी ने पूरी भक्ति से बाबा महाकाल के दर्शन किए। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर कुछ तस्वीरें भी शेयर की हैं। उनके माथे पर तिलक और रुद्राक्ष की माला थी। वे कैजुअल पीली टी-शर्ट पहने नजर आ रहे थे।       अभिनेता आयुष्मान खुराना शुक्रवार रात करीब 9 बजे उज्जैन पहुंचे थे। उन्होंने शनिवार तड़के महाकालेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की। मंदिर के पुजारी दिनेश गुरु और पंडित राम गुरु ने पूजा संपन्न करायी। पूजा-अर्चना के दौरान आयुष्मान बाबा महाकाल की भक्ति में लीन दिखाई दिए। यहां उन्होंने तिलक लगवाया, माला पहनी और सिर झुका कर बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। बाबा महाकाल की पूजा के बाद आयुष्मान खुराना नंदी हॉल में पहुंचे, जहां उन्होंने नंदी के कानों में अपनी मनोकामना कही। बाबा महाकाल के दर्शन करने के बाद आयुष्मान खुराना उज्जैन से रवाना हो गए। इस दौरान अपने चाहने वालों के साथ फोटो खिंचवाए और ऑटोग्राफ भी दिए।       महाकाल के दर्शन करते वक्त आयुष्मान यलो टी-शर्ट में नजर आए। उन्होंने फूलों की माला भी पहनी हुई थी। अभिनेता के माथे पर तिलक भी लगा हुआ था। आयुष्मान हाथ जोड़े बाबा का दर्शन कर रहे थे। अभिनेता का यह अंदाज उनके फैंस को काफी पसंद आया है। इस दौरान कई लोगों ने आयुष्मान के साथ तस्वीरें भी लेनी चाही। हालांकि, अभिनेता ने अपने फैंस का सम्मान किया और उन्हें पूरा समय भी दिया। इस दौरान उनके साथ सांसद प्रतिनिधि कपिल कटारिया और रोहित जैन भी मौजूद रहे।

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भोपाल। प्रदेश के 60 फीसदी हिस्से यानी 29 जिलों में अगले 3 दिन बारिश हो सकती है। इनमें भोपाल, जबलपुर, रीवा, सागर, शहडोल और नर्मदापुरम संभाग के जिले शामिल हैं। जबलपुर-नर्मदापुरम समेत प्रदेश के 10 जिलों में ओले भी गिर सकते हैं। वहीं, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन संभाग में बादल छाए रहेंगे, यहां बारिश का अनुमान नहीं है। बदले मौसम की वजह से दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट आ सकती है।   वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने शनिवार को बताया कि अभी प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ लाइन सक्रिय है। दक्षिणी छत्तीसगढ़ में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम है। इससे एमपी में बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है। बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में भी एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन है। इससे अगले 48 घंटे के दौरान एमपी के पूर्वी हिस्से जबलपुर और नर्मदापुरम, दक्षिण हिस्से- सागर, रीवा और शहडोल संभाग में नमी आने लग जाएगी और इस कारण हल्की से मध्यम और तेज बारिश के साथ ओले भी गिर सकते हैं।     मौसम विभाग के अनुसार 25 फरवरी को जबलपुर संभाग के छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी समेत बैतूल, नर्मदापुरम, बुरहानपुर में हल्की बारिश हो सकती है। 26 को प्रदेश के ज्यादातर हिस्से में सिस्टम का असर रहेगा। यहां दक्षिणी-पूर्वी हवाएं आएंगी साथ में पूर्वोत्तर से आने वाली हवाएं भी रहेंगी। ये दोनों हवाएं आपस में मिलेंगी और बारिश कराएगी। रीवा, जबलपुर, शहडोल, नर्मदापुरम, भोपाल और इंदौर संभाग के कुछ जिलों में बारिश हो सकती है। वहीं, मंडला, डिंडोरी, नरसिंहपुर, अनूपपुर, जबलपुर, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में ओले भी गिर सकते हैं। 27 फरवरी को भी सिस्टम एक्टिव रहेगा। इससे पूर्व-उत्तर हिस्से में बारिश होगी, जिनमें सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, उमरिया, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, सीधी, सिंगरौली, रीवा और मऊगंज शामिल हैं। गुना, अशोकनगर, विदिशा, नर्मदापुरम, रायसेन, बैतूल, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना में गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी।

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भोपाल। विश्व प्रसिद्ध ज्योर्तिलिंग भगवान महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार को माघ शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी पर भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल का दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से जलाभिषेक कर पूजन-अर्चन किया। इसके बाद प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को रजत का मुकुट और चन्द्र धारण करवाया गया।     परम्परा के अनुसार, महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार तड़के चार बजे मंदिर के पट खुले। पंडे-पुजारी ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन कर भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल का जलाभिषेक और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया। इसके बाद बाबा महाकाल का मावे से श्रृंगार कर उन्हें अखरोट और चेरी से सजाया गया। तत्पश्चात भगवान महाकाल के ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढंक कर भस्मी रमाई गई। भस्म अर्पित करने के पश्चात भगवान महाकाल को चांदी की मुण्डमाल और रुद्राक्ष माला के साथ सुगंधित पुष्पों की माला अर्पित कर फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या मे श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।     शुक्रवार को महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शनों का लाभ लिया। इस मौके पर श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंदिर प्रबंध समिति द्वारा संचालित श्री महाकालेश्वर नि:शुल्क अन्नक्षेत्र के लिए पुरोहित शिवम व्यास (लड्डू गुरु) व प्रोटोकॉल सहायक चंद्रप्रकाश शर्मा की प्रेरणा से मुम्बई निवासी प्रशान्त गुंजालकर ने पांच लाख रुपये की नगद राशि श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति को दान में दी।

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भोपाल। मध्यप्रदेश का मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों में दिन के समय तेज धूप निकलने के साथ ही गर्मी का एहसास हो रहा है। तो वहीं दूसरी तरफ प्रदेश के रीवा, ग्वालियर- चंबल संभाग में बारिश और ओलावृष्टि ने अभी भी फिजाओं में ठंडक घोल रखी है। मौसम विभाग ने 24 फरवरी से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के संकेत दिए हैं जिससे मौसम के एक बार फिर बदलने के आसार हैं। 25 फरवरी से प्रदेश के अधिकतर जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक उदय सरवटे ने जानकारी देते हुए बताया कि इस समय पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडल की पछुआ हवाओं के बीच एक ट्रफ़ लाइन के रूप में मौजूद है जबकि चक्रवातीय परिसंचरण उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर सक्रिय है जो पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश में नमी ला रहा है। साथ ही एक ट्रफ़ लाइन दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश से तमिलनाडु तक मौजूद है जो मौसम को प्रभावित कर रही है। मौसम विभाग के अनुसार 24 फरवरी से प्रदेश में एक और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस वेदर सिस्टम एक्टिव होगा। जिसकी वजह से 26 फरवरी के आस- पास प्रदेश के सभी जिलों में रुक- रुक कर बारिश का सिलसिला देखा जाएगा। इन जिलों में बारिश का आसार मौसम विभाग के द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के रीवा,सतना, सीधी, सिंगरौली, भिंड मुरैना, श्योपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, गुना, शिवपुरी ग्वालियर और दतिया जिलों में बारिश होने की संभावना जताई है। इसके अलावा भिंड, मुरैना, श्योपुर, रीवा, मऊगंज, सतना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, ग्वालियर और दतिया जिलों में बिजली चमकने के साथ आंधी- बारिश की आशंका जताई है।

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भोपाल। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शुक्रवार अलसुबह मिलावट खाद्य सामग्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 लाख रूपये का 38 क्विंटल अमानक मावा तथा पनीर जब्त किया है। पुलिस ने मावा और पनीर के सैम्पल जांच के लिए भेज हैं। यह जानकारी जनसम्पर्क अधिकारी अरुण शर्मा ने दी।   उन्होंने बताया कि ग्वालियर की ओर से अमानक मावा तथा पनीर की खेप आने की सूचना प्राप्त होने पर भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा शुक्रवार को प्रातः 5.45 बजे नवबहार सब्जी मण्डी पर वाहन कमांक एमपी-07-जीबी -0531 की जांच की गई। ट्रक में 79 डलिया (लगभग 31.50 क्विंटल) मावा तथा 13 पैकेट (लगभग 6.50 क्विंटल) पनीर होना पाया गया। अमानक होने की आशंका के कारण मावा के छह तथा पनीर के दो नमूने एकत्र कर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल प्रेषित किये गये हैं।   अभिहित अधिकारी देवेन्द्र कुमार वर्मा के निर्देशानुसार रिपोर्ट प्राप्त होने तक मावा तथा पनीर की सम्पूर्ण मात्रा को जब्त कर कोल्ड स्टोरेज में रखा गया है, जिससे इसका शीघ्र क्षय न हो। जांच प्रतिवेदन के आधार पर जप्तशुदा मावा तथा पनीर के विकय/विनष्टीकरण के विषय में निर्णय लिया जायेगा।   43 प्रकरणों में 4.35 लाख का जुर्माना अधिरोपित उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा प्रस्तुत किये गये प्रकरणों में से 43 प्रकरणों में निर्णय पारित करते हुये न्याय-निर्णायक अधिकारी तथा अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी हरेन्द्र नारायण के द्वारा कुल 4 लाख 35 हजार रुपये अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया है। पारित निर्णयों में नागपुर स्थित कृष्णा एजेंसीज के विरूद्ध मिथ्याछाप चमनबहार निर्मित करने के आरोप में पचास हजार रुपये, ओल्ड कबाड़खाना स्थित नेमा सुपाड़ी ट्रेडर्स के विरूद्ध पाम बीज मिश्रित अमानक सुपाड़ी का विक्रय करने के आरोप में पच्चीस हजार रुपये, बावड़िया कला स्थित श्री कृष्णा डेयरी शॉप के विरूद्ध अमानक मावा के विक्रय के आरोप में पच्चीस हजार रुपये, हर्षवर्धन नगर स्थित दवे सौराष्ट्र डेयरी के विरूद्ध अमानक घी के विकय के आरोप में पच्चीस हजार रुपये तथा बृजधाम डेयरी के विरूद्ध अमानक मावा के विक्रय के आरोप में पच्चीस हजार, ताजुल मस्जिद के पास स्थित जम-जम फास्ट फूड के विरूद्ध अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में खाद्य कारोबार के संचालन के आरोप में 20 हजार रुपये का जुर्माना शामिल है।

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भोपाल। पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम का असर गुरुवार को भी मध्यप्रदेश में रहेगा। तापमान में गिरावट होगी, वहीं ग्वालियर, चंबल और रीवा संभाग में बादल छाए रहेंगे। हल्की बारिश भी हो सकती है। इससे पहले बुधवार को ग्वालियर, शिवपुरी समेत कई शहरों में हल्की बारिश भी हुई।   ग्वालियर में बादलों की वजह से बुधवार को दिन का टेम्प्रेचर 4.4 डिग्री तक लुढ़क गया। रायसेन, बैतूल, भोपाल, धार, नर्मदापुरम, खंडवा, खरगोन, पचमढ़ी, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, नौगांव, रीवा, सागर, सतना, सीधी, टीकमगढ़ और उमरिया में भी दिन के तापमान में गिरावट हुई। गुरुवार को भी दिन का तापमान 1 से 2 डिग्री तक लुढ़क सकता है। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से दक्षिणी-पश्चिमी हवाएं अरब सागर से उत्तरी मध्यप्रदेश की तरफ नमी ला रही है। साथ ही भारत में जेट स्ट्रीम हवाओं की अधिकतम गति 330 किमी प्रतिघंटा तक है। इस कारण प्रदेश के तापमान में भी गिरावट हो रही है।   इसके चलते गुरुवार को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिलों में बादल छाए रहेंगे। वहीं, भिंड, दतिया, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। राजधानी भोपाल में बुधवार को दिन का तापमान 30.9 डिग्री दर्ज किया गया। गुरुवार को यह 30 डिग्री के आसपास रहेगा, जबकि 23 और 24 फरवरी को पारा 26 से 28 डिग्री के बीच रह सकता है। 25 फरवरी को राजधानी में बादल छा सकते हैं।

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उज्जैन। डांस दीवाने के ऑडिशन के लिए इंदौर आई कॉमेडियन गुरुवार तड़के भस्म आरती में शामिल हुईं और उन्होंने नंदी हाल में बैठकर भगवान महाकाल के दर्शन किए। इस दौरान भारती सिंह महाकाल की भक्ति में लीन दिखीं।   भस्म आरती के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए भारती सिंह ने कहा कि भगवान से कुछ भी मांगने का समय नहीं मिला। मैं तो बस महाकाल को देखती रही। मेरे आंसू निकल रहे थे। जैसे बच्चे को तैयार करते हैं, ऐसा लगा भगवान महाकाल उसी तरह तैयार हो रहे हैं। जो मेरी कॉमेडी पसंद करते हैं, उन सभी पर महाकाल का आशीर्वाद बना रहे।   उप मुख्यमंत्री देवड़ा भी हुए आरती में शामिल मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी गुरुवार को परिवार के साथ भगवान महाकाल की पूजा-अर्चना की। देवड़ा ने कहा कि आज परिवार के साथ भस्म आरती में शामिल हुए हैं। बाबा महाकाल से यही प्रार्थना है कि हमारा देश प्रगति करे, सभी लोग खुश रहें। श्री महाकालेश्वर मंदिर के गुरुवार तड़के 4 बजे कपाट खोले गए। भगवान महाकाल को जल से स्नान कराया गया। पंडे - पुजारियों ने दूध, दही, घी, शहद, फलों के रस से बने पंचामृत से बाबा का अभिषेक पूजन किया। मस्तक पर रजत चंद्र के साथ त्रिनेत्र और त्रिपुंड अर्पित कर राजा स्वरूप श्रृंगार किया गया।

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भोपाल। राजधानी में होटल ताज के ठीक सामने भदभदा झुग्गी बस्ती से अतिक्रमण हटाने का काम गुरुवार को भी जारी है। कड़ी सुरक्षा के बीच प्रशासन और नगर निगम की टीम जेसीबी मशीनों से अतिक्रमण हटा रही है। बस्ती में अब तक 134 अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं।   भदभदा झुग्गी बस्ती में गुरुवार को 110 घर हटाए जाने हैं। इनमें से सुबह 11 बजे तक 104 घर बुलडोजर चलाकर गिरा दिए गए, 6 और हटाए जाने हैं। ये वो घर हैं, जिनके मालिकों ने जिला प्रशासन को सहमति दी है। झुग्गी बस्ती पर प्रशासन का एक्शन बुधवार को शुरू हुआ था। बुधवार को 30 घर गिराए गए थे। एनजीटी ने बस्ती के 386 घरों को हटाने के आदेश दिए थे। कल और आज की कार्रवाई को मिलाकर अब तक 134 घर हटाए जा चुके हैं। कुछ मकानों के मालिकों को चांदपुर बैरसिया इलाके में जमीन दी गई। कुछ को मुआवजा दिया गया है।   कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि निगम की गाड़ियों के जरिए लोगों की गृहस्थी का सामान दूसरी जगहों पर शिफ्ट किया गया है। बुधवार को 30 परिवार शिफ्ट हुए थे, जिसके बाद 110 परिवारों ने शिफ्टिंग के लिए सहमति दी है। इन्हें आज शिफ्ट किया जा रहा है। जिन्हें जमीन चाहिए थी, उन्हें चांदपुर में पट्टे दिए गए हैं। कुछ को मुआवजा राशि के चेक भी दिए गए हैं। गुरुवार को भी पुलिस जवानों की मौजूदगी में भी शिफ्टिंग की कार्रवाई की जा रही। इसके लिए बस्ती की ओर जाने वाले मुख्य रास्ते समेत भदभदा चौराहा और करुणा धाम मार्ग पर बैरिकेडिंग कर रास्ते बंद कर दिए गए हैं।

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भोपाल। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बुधवार को मंत्रालय में प्रारंभिक शिक्षा स्तर पर जिलों में सम्पादित किये गये कार्यों के आधार पर जिलों की शैक्षणिक रिपोर्ट जारी की। यह रिपोर्ट दिसम्बर 2023 तक के आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई है। इस मौके पर राज्य शिक्षा केन्द्र संचालक धनराजू एस भी मौजूद थे।     इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान में तैयार की गई रिपोर्ट स्कूल शिक्षा के गुणात्मक सुधार में महत्वपूर्ण रोल अदा करेगी। उन्होंने कहा कि घुमंतु जाति के परिवारों के स्कूल जाने वाले बच्चों की पढ़ाई में रूकावट न आए, इसके लिये ऐसा कार्ड तैयार किया जायेगा, जिसके आधार पर एक स्थान छोड़कर अन्य स्थान जाने पर कार्ड के आधार पर बच्चे को स्कूल में एडमिशन दिया जायेगा।     उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में स्कूल शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिये ठोस प्रयास किये गये हैं। प्रदेश में सीएम राईज स्कूल और पीएमश्री स्कूल खोले जा रहे हैं। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय सुविधा उपलब्ध कराये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की यूनिफार्म व्यवस्था के संबंध में उन्होंने बताया कि प्रदेश के 22 जिलों में यूनिफार्म बनाने का कार्य स्व सहायता समूह के माध्यम से किया जा रहा है। शेष जिलों में बच्चों के बैंक खातों में यूनिफार्म की राशि हस्तांरित की जा रही है।     पाठ्य पुस्तकों का वितरण समय पर होगा स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें समय पर वितरित की जाएंगी। इसके निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में बच्चों के ड्रॉप आउट रेट को कम करने के भी प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों के अभिभावकों और शिक्षकों के बीच नियमित संवाद व्यवस्था को सुनिश्चित किया जा रहा है।     प्रारंभिक शिक्षा रिपोर्ट रिपोर्ट में बताया गया है कि सीधी जिले की रैंकिंग पिछले वर्ष 46वें नम्बर पर थी। इस वर्ष दिसम्बर 2023 में सीधी की रैंकिंग बढ़कर 12वीं हो गई। श्योपुर जिले में शैक्षणिक गुणवत्ता में गिरावट दर्ज हुई है। इसकी रैंकिंग पिछले वर्ष 22वें स्थान की थी, जो इस वर्ष 45वें स्थान की हो गई। यह रिपोर्ट बच्चों के नामांकन और ठहराव, सीखने के परिणाम और गुणवत्ता, शिक्षक व्यवसायिक विकास, समानता, अधोसंरचना तथा सुविधाएँ, सुशासन प्रक्रियाएँ एवं वित्तीय प्रबंधन और नवभारत साक्षरता कार्यक्रम पर तैयार की गई है।  

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भोपाल। राजधानी के होटल ताज के ठीक सामने स्थित भदभदा झुग्गी बस्ती से बुधवार सुबह अतिक्रमण हटाया जाना शुरू हो गया है। नगर निगम की टीम बुलडोजर लेकर यहां पहुंची। अब तक 26 लोग अपनी मर्जी से घर खाली कर जा चुके हैं। इससे पहले कलेक्टर ने अपनी मर्जी से अतिक्रमण हटाने के लिए मंगलवार तक का समय दिया था।   कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि बस्ती के लोगों को मंगलवार तक की मोहलत दी गई थी। इन्हें जिला प्रशासन ने तीन विकल्प दिये थे। मुआवजा राशि, पीएम आवास की मंजूरी और चांदबड़ में घर बनाने के लिए जगह। बाकी लोगों से भी स्वैच्छिक तरीके से घर खाली करवाए जा रहे हैं। नगर निगम और प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल के साथ मंगलवार सुबह भदभदा झुग्गी बस्ती पहुंची और कार्रवाई शुरू कर दी। भदभदा बस्ती के अंदर जाने वाले रास्ते पर पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रखे हैं। पुलिस के एक हजार जवान मौके पर हैं। मीडिया को भी बाहर ही रोककर रखा गया है। बस्ती के 26 परिवारों ने मुआवजा राशि का चेक लेकर अतिक्रमण हटाने की सहमति दे दी है।   गौरतलब है कि एनजीटी ने यहां से 386 अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था। जिसके बाद जिला प्रशासन अतिक्रमण हटा रहा है। इसे लेकर पिछले दिनों नगर निगम की ओर से मुनादी भी कराई थी। वहीं, रहवासियों को अतिक्रमण हटाने के लिए तीन दिन का समय दिया था। सोमवार को यह अवधि खत्म हो गई। इसी बीच कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने रहवासियों की मीटिंग की और फिर एक दिन की मोहलत और दे दी थी।

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भोपाल। मध्य प्रदेश में लगातार मौसम में बदलाव हो रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में एक साथ कई मौसम प्रणाली सक्रिय है जिसके चलते कुछ हिस्सों में बारिश और ओले गिरने के साथ तेज ठंज महसूस हो रही है तो अन्य हिस्सों में अब तापमान में बढ़ोतरी होने लगी है और धूप चुभने लगी है। मंगलवार को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड और दतिया में बादल छाने के साथ हल्की बारिश भी हुई। वहीं दूसरी तरफ राजधानी भोपाल, उज्जैन में तापमान में बढ़ोत्तरी होने से गर्मी का एहसास हुआ। मौसम विभाग ने उत्तरी मप्र के संभाग में आगले 3 दिन के लिए बारिश-ओले की संभावना जताई है।   वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक ममता यादव के अनुसार दो वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिविटी (पश्चिमी विक्षोभ) और साइकोनिक सर्कुलेशन सिस्टम के चलते मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। भोपाल में मंगलवार सुबह से ही गर्मी का असर रहा। इससे दिन का तापमान भी बढ़ गया। पिछले 24 घंटे में प्रदेश के तापमान में सामान्य से 2 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रिकॉर्ड किया गया। आने वाले दिनों में गर्मी बढ़ने की संभावना है। बुधवार को भी भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत प्रदेश के बाकि हिस्सों में साफ मौसम रहेगा। दमोह, टीकमगढ़ और खजुराहो में पारा 34 डिग्री पार होगा। उत्तर भारत में 280 से 290 किमी की रफ्तार से जेट स्ट्रीम चलेगी। जेट स्ट्रीम का असर तो प्रदेश में कम, लेकिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते बारिश का दौर देखने को मिलेगा।   ग्वालियर-चंबल में बारिश के साथ ओले गिरने के आसार वहीं मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चंबल संभाग में वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से मौसम बदल गया है। मंगलवार को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड और दतिया में बादल छाने के साथ हल्की बारिश भी हुई। दतिया जिले में मंगलवार को बारिश के साथ ओले गिरे हैं। इससे दिन के टेम्प्रेचर में गिरावट हुई है। बुधवार को भी यहां ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। भिंड और मुरैना में बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना है।

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भोपाल। समूचे देश में महाशिवरात्रि पर्व को शिव-पार्वती विवाह की तिथि के रूप में मनाया जाता है, लेकिन यह बात कम ही लोग जानते हैं कि शिव-पार्वती का विवाह फाल्गुन फरवरी-मार्च मास में नहीं बल्कि मार्गशीर्ष माह नवंबर-दिसंबर में हुआ था। श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ. मृत्युंञ्जय तिवारी के अनुसार महाशिवरात्रि पर भगवान शिव पहली बार लिंग रूप में प्रकट हुए थे। वैसे कुछ अन्य विद्वानों का मानना है कि शिवलिंग में शिव और पार्वती दोनों समाहित हैं। दोनों ही एक साथ पहली बार इस स्वरूप में प्रकट हुए थे, इस कारण महाशिवरात्रि को भी शिव-पार्वती विवाह की तिथि के रूप में मनाया जाता है।   शिवमहापुराण के रुद्रसंहिता के अनुसार शिव-पार्वती के विवाह की तिथि मार्गशीर्ष माह (अगहन मास) के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को आता है। वहीं, ईशान संहिता में वर्णन है कि फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को भगवान लिंग रूप में प्रकट हुए थे। इसी को महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। डॉ. तिवारी ने बताया कि ईशान संहिता ग्रंथ में बताया गया है कि फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मध्य रात्रि में भगवान शिव, लिंग के रूप में प्रकट हुए थे। पहली बार शिवलिंग की पूजा भगवान विष्णु और ब्रह्मा जी द्वारा की गई थी। इसलिए महाशिवरात्रि पर्व को भगवान शिव के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है और शिवलिंग की पूजा की जाती है।     माघकृष्ण चतुर्दश्यामादिदेवो महानिशिशिवलिंगतयोद्रूत: कोटिसूर्यसमप्रभ॥ (ईशान संहिता)     शिव पुराण: शिव विवाह की तिथि मार्गशीर्ष में   शिवपुराण के 35 वें अध्याय में रुद्र संहिता के अनुसार महर्षि वशिष्ठ ने राजा हिमालय को भगवान शिव और पार्वती विवाह के लिए समझाते हुए विवाह का मुहूर्त मार्गशीर्ष माह में होना तय किया था। जिसके बारे में इस संहिता ग्रंथ के 58 से 61 वें श्लोक में बताया गया है।     शिवरात्रि पर विशेष संयोग   भारतीय पंचांग के अनुसार महीने के कृष्ण पक्ष की चौदस जो शिवरात्रि का दिन है इस बार 8 मार्च शुक्रवार को सर्वार्थ सिद्धि योग पड़ने से ये दिन सर्वाधिक शुभ संयोग वाला है। जिससे शिव पूजा का महत्व और बढ़ जाएगा। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग शिव योग सिद्ध योग श्रवण नक्षत्र का अद्भुत संयोग रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग के दौरान किए गए सभी कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। ऐसे में इस शुभ समय शिवरात्रि मनाई जा रही है, इस बार शिव भक्तों को दोगुना फल मिलेगा।     शिव योगशिव योग में ध्यान और मंत्र जाप करना शुभ माना जाता है, इस शुभ समय पर भोलेनाथ की पूजा करने उनकी कृपा प्राप्त होती है। घर में शुभ कार्य होने के भी योग बनते हैं। सिद्ध योगसिद्ध योग भगवान गणेश से जुड़ा माना जाता है, इस योग में पूजा करने पर सभी कार्यों में सफलता मिलती है। इस मुहूर्त में किया गया कार्य घर में वृद्धि लाता है।     श्रवण नक्षत्र श्रवण नक्षत्र के स्वामी शनि देव हैं। श्रवण नक्षत्र में जो भी कार्य किया जाता है, उसका परिणाम शुभ ही होता है। इसी नक्षत्र की पूर्णिमा से भगवान शिव का श्रावण माह होता है। इसलिए इस दिन पूजा-पाठ के अलावा खरीदी और नए कामों की शुरुआत भी शुभ रहेगी। डॉ. तिवारी ने बताया कि शिवरात्रि शुक्र प्रदोष में पड़ रही है जो विशेष शुभकारी है। इस संयोग में भगवान शिव की पूजा और व्रत करने से हर तरह की परेशानियां दूर हो जाती है। शुक्रवार को प्रदोष व्रत रखने से नौकरी और बिजनेस में सफलता मिलती है। इस दिन व्रत और शिव-पार्वती पूजा से समृद्धि आती है। सौभाग्य और दांपत्य जीवन में भी सुख बढ़ता है।

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भोपाल। प्रशासन द्वारा भदभदा के समीप स्थित होटल ताज के सामने से अतिक्रमण हटाने के लिए दी गई समय सीमा सोमवार को समाप्त हो गई है। इसके बाद कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने अतिक्रमण कारियों को एक और दिन का समय दिया है। इसके लिए प्रशासन की ओर से गाड़ी की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। इसके बावजूद अगर लोग अतिक्रमण नहीं हटाते हैं, तो बुधवार से प्रशासन सख्ती से अतिक्रमण हटाएगा। भोपाल के बड़ा तालाब भदभदा क्षेत्र स्थित होटल ताज के सामने से भदभदा बस्ती के अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रशासन ने आज यानी कि मंगलवार को आखिरी मोहलत दी है। इसके लिए प्रशासन लोगों को गाड़ी भी देगा। कल, यानी बुधवार से खुद सख्ती से अतिक्रमण हटाएगा। एनजीटी के आदेश के बाद जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि इसे लेकर पिछले दिनों नगर निगम की ओर से मुनादी भी कराई थी। वहीं, रहवासियों को अतिक्रमण हटाने के लिए तीन दिन का समय दिया था। सोमवार को यह अवधि खत्म हो गई। इसी बीच कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने सोमवार को रहवासियों की मीटिंग की और फिर एक दिन की मोहलत और दी है।   इनका कहना है : कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह का कहना है कि रहवासियों को स्वयं अपना सामान शिफ्ट करने के लिए मंगलवार को एक दिन का अंतिम अवसर दिया गया है। साथ ही समझाइश दी गई है कि यदि वह स्वयं अपना सामान शिफ्ट करते हैं तो प्रशासन द्वारा वाहन आदि की व्यवस्था की जाएगी। सामान शिफ्ट न करने की स्थिति में बुधवार प्रशासन वैधानिक कार्रवाई करेगा।

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भोपाल। प्रशासन द्वारा भदभदा के समीप स्थित होटल ताज के सामने से अतिक्रमण हटाने के लिए दी गई समय सीमा सोमवार को समाप्त हो गई है। इसके बाद कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने अतिक्रमण कारियों को एक और दिन का समय दिया है। इसके लिए प्रशासन की ओर से गाड़ी की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। इसके बावजूद अगर लोग अतिक्रमण नहीं हटाते हैं, तो बुधवार से प्रशासन सख्ती से अतिक्रमण हटाएगा।   भोपाल के बड़ा तालाब भदभदा क्षेत्र स्थित होटल ताज के सामने से भदभदा बस्ती के अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रशासन ने आज यानी कि मंगलवार को आखिरी मोहलत दी है। इसके लिए प्रशासन लोगों को गाड़ी भी देगा। कल, यानी बुधवार से खुद सख्ती से अतिक्रमण हटाएगा। एनजीटी के आदेश के बाद जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि इसे लेकर पिछले दिनों नगर निगम की ओर से मुनादी भी कराई थी। वहीं, रहवासियों को अतिक्रमण हटाने के लिए तीन दिन का समय दिया था। सोमवार को यह अवधि खत्म हो गई। इसी बीच कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने सोमवार को रहवासियों की मीटिंग की और फिर एक दिन की मोहलत और दी है।   इनका कहना है : कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह का कहना है कि रहवासियों को स्वयं अपना सामान शिफ्ट करने के लिए मंगलवार को एक दिन का अंतिम अवसर दिया गया है। साथ ही समझाइश दी गई है कि यदि वह स्वयं अपना सामान शिफ्ट करते हैं तो प्रशासन द्वारा वाहन आदि की व्यवस्था की जाएगी। सामान शिफ्ट न करने की स्थिति में बुधवार प्रशासन वैधानिक कार्रवाई करेगा।

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भोपाल। मध्यप्रदेश में मौसम तेजी के साथ करवट बदलते हुए दिखाई दे रहा है। राज्य में 22 फरवरी तक मौसम बिगाड़ा रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से गुरुवार तक उत्तरी हिस्से (ग्वालियर-चंबल संभाग) में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का भी अनुमान मौसम विभाग की ओर से लगाया गया है। इस दौरान मालवा रीजन में इंदौर को छोड़कर कई जगह बादल छाए रहेंगे और कहीं कहीं ओले गिरने की भी आशंका भी जताई गई है।     राज्य के भिंड, मुरैना और श्योपुर में ओलावृष्टि भी हो सकती है। पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी, शिवपुरी, ग्वालियर और दतिया जिलों में गरज चमक के साथ बारिश होने का चेतावनी जारी की गई है। सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी और जबलपुर में बारिश के साथ बिजली गिरने की संभावना है। चंबल संभाग के जिलों में, ग्वालियर, सतना, रीवा, सतना, अनूपपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है। सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी और जबलपुर में बारिश होने के साथ बिजली गिर सकती है।     इस संबंध में मौसम वैज्ञानिक पीके साहा ने बताया कि फिलहाल उत्तरी कर्नाटक से लेकर दक्षिणी विदर्भ से मध्य छत्तीसगढ़ तक ट्रफ लाइन माध्य समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊंचाई पर विस्तृत है और पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो गया है, जिसके कारण से राज्य के मध्य-दक्षिण क्षेत्र में नमी आना अभी भी जारी है, जिसका कि प्रभाव पूरे राज्य में अधिकांश स्थानों पर देखने को मिलेगा।       उन्होंने बताया कि इसके अलावा अलग-अलग स्थानों पर मौसम प्रणालियां सक्रिय है और हवाओं का रुख भी दक्षिणी एवं दक्षिण-पूर्वी हो गया है। वर्तमान में उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस और चक्रवाती हवाओं बना हुआ है।उत्तर और मध्य भारत के ऊपर ऊपरी क्षोभ मंडल में 250 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने वाली जेट स्ट्रीम हवाओं के कारण भी मौसम में बदलाव आ रहा है। इसके प्रभाव से राजधानी भोपाल समेत ग्वालियर-चंबल में बादल छाए रहेंगे, जिसमें कि 22 फरवरी तक ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलो में कहीं-कहीं वर्षा और ओलावृष्टि भी हो सकती है।  

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भोपाल। मध्यप्रदेश में आज से अगले 4 दिन यानी 22 फरवरी तक उत्तरी हिस्से (ग्वालियर-चंबल संभाग) में मौसम बदला रहेगा। यहां गरज-चमक और हल्की बारिश का दौर रहेगा। सोमवार को श्योपुर कलां, मुरैना और भिंड में बादल छाए रहेंगे, जबकि 20 फरवरी को बारिश होगी। इससे पहले कई जिलों में दिन का तापमान बढ़ने लगा है। रविवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर संभाग में गर्मी का असर देखने को मिला।     मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, सोमवार को ग्वालियर-चंबल को छोड़कर बाकी हिस्से में आसमान साफ रहेगा, लेकिन जेट स्ट्रीम की वजह से दिन के टेम्प्रेचर में गिरावट हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत में शनिवार रात से पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो गया है। वहीं, चक्रवाती हवाओं का घेरा भी है। इससे दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के साथ अरब सागर से प्रदेश में नमी आ रही है। साथ ही उत्तर और मध्य भारत के ऊपर क्षोभ मंडल में 250 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने वाली जेट स्ट्रीम हवाओं के कारण भी प्रदेश में बढ़े हुए तापमान में गिरावट हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार 19 फरवरी को श्योपुरकलां, मुरैना और भिंड में बादल रहेंगे। वहीं, गरज-चमक की स्थिति भी बनी रहेगी। 20 फरवरी को ग्वालियर-चंबल संभाग में कहीं बूंदाबांदी तो कहीं बादल छाए रहेंगे। मुरैना-भिंड में तेज बारिश हो सकती है। श्योपुर कलां, ग्वालियर, दतिया और शिवपुरी में गरज-चमक की स्थिति रहेगी। 21 फरवरी को भी ग्वालियर, भिंड, मुरैना और दतिया में गरज-चमक की स्थिति रहेगी। 22 फरवरी को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुरकलां और शिवपुरी में गरज-चमक की स्थिति रहेगी।

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भोपाल। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मण्डल द्वारा पटवारी भर्ती परीक्षा-2022 का परिणाम रविवार को अंतिम रूप से जारी कर दिया गया है। परिणाम कर्मचारी चयन मण्डल की वेबसाइट https://esb.mp.gov.in पर उपलब्ध है। यह जानकारी राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव निकुंज श्रीवास्तव ने दी।   उन्होंने बताया कि पटवारी भर्ती परीक्षा 2024 के संबंध में चयनित अभ्यर्थियों की काउंसलिंग अभ्यर्थी को आवंटित जिले में 24 फरवरी को आयोजित की जायेगी।   प्रमुख सचिव श्रीवास्तव ने बताया कि परीक्षा परिणाम के संबंध में अभ्यर्थियों को पृथक से एसएमएस/ई-मेल/सूचना-पत्र द्वारा भी सूचित किया जा रहा है। इसके लिये काउंसलिंग संबंधी विस्तृत दिशा-निर्देश एमपी ऑनलाइन के पोर्टल https://prc.mponline.gov.in पर उपलब्ध हैं। इस लिंक पर जाकर अभ्यर्थी अपना प्रोफाइल क्रियेट कर अपने दस्तावेज अपलोड करें।   उन्होंने बताया कि चयनित अभ्यर्थी अपने मूल दस्तावेज 2 स्व-प्रमाणित प्रतियों के साथ लेकर 24 फरवरी, 2024 को नियत समय पर आवंटित ज़िले में काउंसलिंग स्थल पर उपस्थित होना सुनुश्चित करें। यदि अभ्यर्थी निर्धारित काउंसलिंग दिनांक को उपस्थित नहीं होते है, तो उस पद को रिक्त माना जाकर अभ्यर्थी की उम्मीदवारी निरस्त मानी जायेगी।

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भोपाल। कन्वर्जन के लिए शिक्षा और चिकित्सा पर ईसाई मिशनरी का कब्जा और उसके माध्यम से धीरे-धीरे बच्चों के मन को परिवर्तन कर कुछ बाद उनके मन में हिन्दू धर्म समेत ईसाई मत छोड़ अन्यों के प्रति वो घृणा का भाव भर दिया जाता है कि बच्चा 12वीं तक पहुंचते-पहुंचते पूरी तरह से अपने धर्म एवं मत से पूरी तरह अगल हो जाता है, फिर वह सिर्फ नाम का हिन्दू या अन्य रहता है और काम से पूरी तरह ईसाई बन चुका होता है। इस योजना पर कई चर्च पोषित संस्थाएं देश भर में पिछले कई सालों से काम कर रही हैं। लाख कानून होने के बाद लगता यही है कि इन्हें किसी से भय नहीं, मतान्तरण करने के लिए ये किसी भी हद तक जा सकती हैं। ऐसे ही एक मामले में फिर से मध्यप्रदेश बाल संरक्षण आयोग सक्रिय हुआ और यह देखकर दंग रह गया कि कैसे हिन्दू बच्चों का मतान्तरण यह स्कूल करा रहा है।   दरअसल, मामला मध्यप्रदेश के दमोह जिले के पथरिया का है। यहां ऑपरेशन मर्शी इंडिया फाउण्डेशन (ओएमआईएफ) द्वारा संचाहित गुड शेफर्ड स्कूल में अबोध बच्चों का मतान्तरण कराया जाना पाया गया। धर्मांतरण मामले में राज्य बाल आयोग की टीम ने मौके पर पहुंचकर देखा कि कैसे स्कूल में एक परिवार के चार हिन्दू बच्चों को ईसाई बना दिया गया। आयोग ने यहां बड़ी संख्या में बाइबिल तथा स्कूल सिलेबस की पुस्तकें जो कि ईसाईयत फैलाने का काम कर रही थीं जब्त की। स्कूल प्रबंधन समेत अन्य स्टॉफ को जैसे ही शनिवार को पता चला कि बाल आयोग की टीम आ रही है, वह विद्यालय में बच्चों को छोड़कर फरार हो गया। जिसके बाद जिला प्रशासन आगे आया और उसने तुरंत बच्चों की शिक्षा का नुकसान नहीं हो, इसके लिए मामले में गंभीरता दिखाते हुए यहां पर पढ़ने वाले बच्चों की वैकल्पिक शिक्षा देने की व्यवस्था की।     हिन्दू बच्चों को विद्यालय प्रबंधन ने बना दिया ईसाई   मप्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एससीपीसीओर) सदस्य ओंकार सिंह ने बताया कि स्कूल के रिकॉर्ड देखे हैं और एक शिकायतकर्ता की शिकायत पर जांच की गई है। जो यहां शिक्षक भी रहे। उन्होंने आरोप लगाया था कि हमारे हिन्दू बच्चों को ईसाई बना दिया गया, उनका धर्म परिवर्तन करा दिया गया है। जांच में आयोग की टीम को उनके दो बच्चों के फार्म मिले हैं, जिन पर हिन्दू धर्म के स्थान पर ईसाई लिखा पाया गया।     ओंकार सिंह ने बताया कि अन्य अभिभावक भी स्वीकार कर रहे हैं कि हमारे बच्चों का यहां धर्मांतरण कराया जा रहा था। यहां से बहुत कुछ जप्त हुआ है जोकि शिक्षा विभाग को सौंप दिया गया। हम चाहेंगे शासन बच्चों के भविष्य को देखते हुए स्कूल को अपने कब्जे में लेकर चलाए। इसके साथ ही जो दस्तावेज हमारे पास हैं, उसके आधार पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर किए जाने की मांग हम अपने प्रतिवेदन में करेंगे।   जिला शिक्षा अधिकारी एसके नेमा का इस विद्यालय को लेकर कहना रहा कि शुरू से हमारी निगाहों में यह है, यहां की शिकायते लगातार मिल रही थीं, जिसको देखते हुए समय-समय पर इसके ऊपर बीआरसी जेके जैन द्वारा कार्रवाई भी की गई है और अब बड़े स्तर पर यह कार्रवाई की जा रही है।     पूर्व अभिभावक विक्रांत कुशवाह ने सुनाई आपबीती एक अन्य पूर्व अभिभावक विक्रांत कुशवाह ने इस स्कूल को लेकर बताया कि उनके बच्चे यहां पढ़ते थे, उनसे कहा गया कि आपके भगवान और उनका शेर तो मांस खाता है, तुम क्यों नहीं खाते, तुम भी मांस खाया करो। देवि-देवताओं को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां की जा रही थीं। मेरे बच्चों से कहा जा रहा था कि तुम्हारे देवि-देवताओं के अनेक हाथ होते हैं, तुमने कभी ऐसा व्यक्ति देखा है जिसके अनेक हाथ हों! ऐसे ही अन्य बातों को लेकर हिन्दू धर्म का मजाक बनाया जा रहा था, जो मुझे पसंद नहीं आया और मैंने इसकी शिकायत स्कूल के प्राचार्य से की। जब देखा कि व्यवहार में कोई सुधार नहीं है, तो फिर अपने बच्चों को यहां से निकाल कर दूसरे विद्यालय में प्रवेश दिलवाया।   ऑपरेशन मर्शी इंडिया फाउण्डेशन को मतान्तरण के लिए हो रही विदेशी फंडिंग, गरीबी को बना रहे मोहरा अब बात इस गुड शेफर्ड स्कूल जैसे देशभर में 126 से अधिक विद्यालय चला रही तेलंगाना राज्य की संस्था ऑपरेशन मर्शी इंडिया फाउण्डेशन (ओएमआईएफ) की करते हैं। दरअसल, इस संस्थान के स्कूल में पढ़ाते रहे दम्पत्ति ने जो खुलासे किए हैं वह अपने आप में इस संस्थान के द्वारा देश भर में मतान्तरण कराए जाने की पोल खोल देते हैं। इन्होंने शासन के समक्ष आवेदन देकर धर्मांतरण कराए जाने का पूरा राज खोला है। जिसमें बताया गया, कैसे उन्हें पहले नौकरी देने के लिए ईसाई मत में मतान्तरित होने का लालच दिया गया, उनकी पत्नी के साथ क्या किया और जब वे नहीं माने तो उनके बच्चों को बिना उनकी अनुमति के ईसाई बनाने का प्रयास संस्था ने किया। उनके ईसाई नहीं बनने पर उनका स्थानान्तरण ही नहीं किया बल्कि कई माह का वेतन भी उन्हें नहीं दिया गया।   बच्चों को गुपचुप तरीके से ले जाते हैं चर्च   रविशंकर पुत्र स्व. दुबरीराम उम्र 47 वर्ष ने बताया कि उन पर शिक्षक रहते हुए स्कूल प्रबंधक सेरसिंह तेरंग व स्मिता मौल द्वारा पहले बच्चों के फार्म में ईसाई मत लिखे जाने के लिए के दबाव बनाया जाता रहा, फिर हम पति-पत्नि व बच्चों को चर्च जाने का दबाव बनाया जाने लगा, जिस पर हम लोगों ने आपत्ति व्यक्त की, कि हम लोग हिंदू हैं हम चर्च नहीं जा सकते हैं तब स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चों का नाम काटकर हम पति-पत्नी को नौकरी से निकाल देने की धमकी दी जाने लगी और कहा गया कि ईसाई बनने पर ही तुम्हारे बच्चे यहां पढ़ सकते हैं और तुम लोग नौकरी कर सकते हो नहीं तो सबको निकाल दिया जायेगा।   इस शिक्षक ने अपने खुलासे में बताया कि कैसे स्कूल प्रबंधन द्वारा पथरिया क्षेत्र के हिंदू परिवार के पढ़ने, वाले बच्चों को नैतिक शिक्षा के नाम पर ईसाई साहित्य पढ़ाया जाता है। बाल मन को बदलने का यहां मनोवैज्ञानिक प्रयास किया जा रहा है। यहां स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को चर्च में ले जाना, भीतर ही भीतर चोरी-छिपे ईसाईयत की प्रार्थनाएं कराना आम बात है। इतना ही नहीं इस गुड शेफर्ड स्कूल के प्रबंधक की पत्नि स्मिता मौल आरटीई के अभिभावकों से 1500 से 2000 रुपये भी लेती है। जब मैंने ऐसे अनेक गलत मामलों में विरोध किया तो ऑपरेशन मर्शी इंडिया फाउण्डेशन (ओएमआईएफ) द्वारा मेरा वेतन तथा ईपीएफ रोक दिया गया, सिर्फ इसलिए कि हम ईसाई मत स्वीकार कर लें।   ये लोग कराते हैं यहां बच्चों और उनके अभिभावकों का मतान्तरण रविशंकर ने बताया कि स्कूल प्रबंधन में सेर सिंह, स्मिता मोल, जगन्नाथ गंगई, सपन दलाई, अस्विनी जेना, शोभारानी इक्का, मोनो प्रभादास, तारा, गार्ड थोबन अहिरवार यहां गरीब हिन्दू परिवार जोकि आर्थिक रूप से बहुत ही लाचार हैं, उन्हें लालच देकर, अच्छे भविष्य का सपना दिखाकर ईसाई मत में मतान्तरित करने का काम कर रहे हैं। इसका कहना है कि ओएमआईएफ संस्था मुख्यतः सिकंदराबाद तेलंगाना की है, जहाँ से इनका कार्य संपूर्ण भारत में चल रहा है। इनके गुड शेफर्ड नाम से 126 स्कूल चल रहे हैं जो पूर्ण रूप से मतान्तरण के कार्य में संलग्न हैं, तथा इन्हें विदेशों से बड़ी मात्रा में फण्डिंग भी हो रही है।

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भोपाल। मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले में अनूठा दो दिवसीय केला उत्सव मनाया जा रहा है। बुरहानपुर जिला प्रशासन के सहयोग से 20 एवं 21 फरवरी को देश के प्रसिद्ध केला वैज्ञानिक और केला उत्पादक किसान केला उत्पादन, निर्यात की संभावनाओं, केला उत्पादकों की आर्थिक समृद्धि एवं से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श होगा। यह जानकारी रविवार को जनसंपर्क अधिकारी एएस ने दी।     उन्होंने बताया कि केले की विभिन्न प्रजातियों की प्रदर्शनी मुख्य आकर्षण होगी। केले के प्लांटेशन, प्र-संस्करण, विभिन्न खाद्य पदार्थो का निर्माण, फसल बिक्री की व्यवस्था और भंडारण, केला निर्यात की संभावनाओं को बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। केला उत्पादन और रेशे से उपयोगी हस्तशिल्प कलाकृतियाँ निर्माण से जुड़ी स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से भी चर्चा होगी।     बुरहानपुर मध्यप्रदेश का एकमात्र केला उत्पादक जिला है। केले को एक जिला-एक उत्पाद योजना में शामिल किया गया है और हाल ही में बुरहानपुर को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पुरस्कार मिला है। बुरहानपुर जिले में केले का क्षेत्रफल 23 हजार 650 हेक्टेयर है और 18 हजार से ज्यादा किसान केले की फसल ले रहे हैं। सालाना उत्पादन 16 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा होता है। केले की बिक्री का व्यापार सालाना 1700 करोड़ रूपये के करीब होता है। उत्पादन के क्षेत्र में इच्छुक निवेशकों को भी आमंत्रित किया गया है।     मध्यप्रदेश ने तेजी से वैश्विक कृषि निर्यात बाजार में अपना स्थान बना लिया है। बुरहानपुर जिले से ईराक, ईरान, दुबई, बहरीन और तुर्की को सालाना 30 हजार मीट्रिक टन केले का निर्यात हो रहा है। बुरहानपुर केले की प्रसिद्धि दूर-दूर तक पहुँच गई है। केला उत्पादक किसानों की मेहनत और सरकार की मदद ने बुरहानपुर को एक नई पहचान दिलाई है।  

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शिवपुरी। शिवपुरी जिले के करैरा तहसील के ग्राम सिल्लरपुर में एक हैरत में डालने वाला नजारा देखने में आया है। यहां करैरा तहसील के ग्राम सिल्लरपुर में सैंकड़ों गायों के शव जंगल में पड़े हैं। कुछ गाएं जिंदा भी हैं। ये गौवंश शिवपुरी झांसी राजमार्ग से महज पांच सौ मीटर को दूरी पर आरक्षित वन भूमि पर पड़ा है। इतनी बड़ी संख्या मृत गाएं देखकर ग्रामवासी हैरान परेशान हैं। ये कहां से आईं, कैसे आईं किसी को कानों कान खबर नहीं लगी। ऐसी शंका जताई जा रही है की गाएं, शहरी क्षेत्र से डंपरों लाकर रात के समय यहां पटकी गई हैं। झांसी यहां से नजदीक है, इसलिए आशंका है कि ये वहीं से लाई गई हैं।   मामले में अब ग्राम सिल्लरपुर के सरपंच अरविंद लोधी का कहना है कि चार से पांच सौ गाएं मौके पर पड़ी हैं। प्रशासन को कोई चिंता नहीं की,जबकि उसे खबर दे दी गई है। ये कहां से लाई गईं कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि इन गायों के शव देखकर गांव वाले खुद हैरान हैं। वहीं, करैरा से दो किमी दूर हाईवे से ग्राम सिल्लापुर में गायों के शव की सूचना के बाद अब प्रशासन ने जांच की बात कही है। बताया जा रहा है कि मृत गायों के पेट से पॉलीथिन निकल रही हैं। इस मामले में पशुपालन विभाग के उपसंचालक डॉ एमसी तमौरी ने कहा कि यह गायें किसी गौशाला की नहीं है फिर भी मामले की जांच कराई जा रही है।

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इंदौर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने जरूरी कार्य विस्तार करने के लिए आवश्यक रूप से आगामी दिनों में आठ दिन तक इंदौर-बिलासपुर एक्सप्रेस को निरस्त रखने का निर्णय लिया है। मेगा ब्लॉक के चलते 19 से 26 फरवरी तक इंदौर बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस निरस्त रखी जा रही है। इस संबंध में रेलवे की ओर से बताया गया कि इंदौर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल के घुनघुटी रेलवे स्टेशन पर तीसरी लाइन की कनेक्टिविटी के लिए रेलवे मेगा ब्लॉक लेगा। इस कारण इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन निरस्त की जा रही है। रेलवे जनसंपर्क का कहना यह भी है कि 18 से 25 फरवरी तक बिलासपुर-इंदौर (18234) और 19 से 26 फरवरी तक इंदौर-बिलासपुर एक्सप्रेस को निरस्त किया गया है।   इसके अलावा, रतलाम-इंदौर वाया फतेहाबाद के बीच रेलवे क्रॉसिंग (रतलाम-इटावा माता रोड, संख्या 196) पर 17 से 19 फरवरी तक रात 11 से सुबह पांच बजे तक प्रतिदिन मरम्मत कार्य किया जाएगा। इस दौरान रेलवे क्रॉसिंग से होकर आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही बंद रखी जाएगी।

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भोपाल। उत्तर भारत में 17 फरवरी से फिर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसका असर मध्यप्रदेश में 20-21 फरवरी को देखने को मिल सकता है। दो दिन तक ग्वालियर और चंबल संभाग में हल्की बारिश हो सकती है। इससे पहले, सुबह और रात में हल्की ठंड रहेगी। वहीं, सुबह हल्के से मध्यम कोहरा भी छाया रहेगा।   प्रदेश में अभी बारिश, ठंड और गर्मी का मिलाजुला असर है। कुछ इलाकों में बूंदाबांदी हो रही है, जबकि दिन में कई शहरों में अधिकतम तापमान 29-30 डिग्री के पार पहुंच चुका है। दूसरी ओर, रात के तापमान में गिरावट हो रही है। भोपाल, गुना, बैतूल, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, नौगांव, सागर, सतना, टीकमगढ़ में भी रात के तापमान में गिरावट हुई। वहीं, दिन के तापमान की बात करें तो गुरुवार को राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 26.8 डिग्री रहा। बुधवार के मुकाबले गुरुवार को तापमान में 0.2 डिग्री की गिरावट देखने को मिली। बैतूल, गुना, खंडवा, खरगोन, पचमढ़ी, शिवपुरी, छिंदवाड़ा, मंडला, सिवनी, उमरिया में भी पारा 1 डिग्री तक लुढ़क गया।   गुरुवार को पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां दिन का अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, सबसे गर्म खरगोन रहा। यहां तापमान 30 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 26.8 डिग्री, इंदौर में 28.2 डिग्री, ग्वालियर में 26.6 डिग्री, जबलपुर में 26.2 डिग्री और उज्जैन में 29.4 डिग्री दर्ज किया गया। सतना, नौगांव, शिवपुरी, खजुराहो, रायसेन और गुना में पारा 27 डिग्री से कम रहा। रतलाम, शाजापुर, धार, खंडवा, मंडला और खरगोन में अधिकतम तापमान 29 डिग्री के पार पहुंच गया।   प्रदेश के अधिकांश जिलों में इन दिनों कोहरा छा रहा है। शुक्रवार सुबह चंबल, रीवा और सागर संभाग के साथ भोपाल, विदिशा, रायसेन, ग्वालियर, दतिया, कटनी और जबलपुर में हल्के से मध्यम कोहरा छाया रहा। यहां विजिबिलिटी 200 से 800 मीटर तक रही। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अशफाक हुसैन ने बताया कि सेंट्रल छत्तीसगढ़ के ऊपर साइकोनिक सर्कुलेशन बना है। वहीं, ट्रफ लाइन गुजर रही है। इस वजह से प्रदेश में नमी आ रही है। अगले 24 घंटे में अनूपपुर, शहडोल, डिंडौरी में हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद मौसम खुल जाएगा और रात के टेम्प्रेचर में 2 से 3 डिग्री की गिरावट हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से 20-21 फरवरी को ग्वालियर-चंबल संभाग में बारिश होने का अनुमान है।

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मुरैना। राष्ट्रीय चम्बल घडिय़ाल अभ्यारण्य में विलुप्त प्राय: जलीय जीव एवं प्रवासी पक्षियों की गणना का कार्य गुरुवार से शुरू हो गया है। ग्वालियर चम्बल संभाग के मुख्य वन संरक्षक द्वारा गणना दल को नदी के पाली घाट से हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। यह दल श्योपुर जिले के बरोली घाट पर शुक्रवार, 16 फरवरी की शाम पहुंच जायेगा। इस दल में मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, राजस्थान के जलीय जीव एवं पक्षी विशेषज्ञ सहित रिसर्च स्कॉलर्स को भी शामिल किया गया है।   आगामी 15 दिवस के दौरान उत्तरप्रदेश के पचनदा तक जलीय जीव व पक्षियों की गणना दल द्वारा की जायेगी। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 435 किलोमीटर के इस क्षेत्र में विलुप्त प्राय: जलीय जीव घडिय़ाल, रिबर डाल्फिन, विभिन्न प्रकार के कछुओं सहित डेढ़ सैकड़ा से अधिक आने वाले पक्षियों एवं मगर की भी गणना की जायेगी।   वन विभाग द्वारा चम्बल नदी में जलीय जीव व पक्षियों की गणना का कार्य किया जा रहा है। वन विभाग द्वारा इस बार गणना में उत्तर प्रदेश व राजस्थान को भी शामिल किया गया है। जिससे तीनों राज्यों में राष्ट्रीय चम्बल घडिय़ाल अभ्यारण्य विलुप्त प्राय: जलीय जीव घडिय़ाल, रिबर डाल्फिन, कछुए एवं प्रवासी पक्षियों की वास्तविक स्थिति पता चल सके। इस गणना दल में वन विभाग मध्यप्रदेश विभाग की ओर से भूरा गायकवाड़ राष्ट्रीय चंबल अभ्याहरणय अधीक्षक, ज्योति डण्डौतिया देवरी हेचरी प्रभारी, वन विभाग राजस्थान के सदस्य एवं ओमकार बीएनएचएस, तरुण नायर डबलू सि टी और विकास वर्मा, सुभाष जी डब्लू आई आई के सदस्य आदि सम्मिलित है।   विदित हो कि वर्ष 1975 से लेकर 1977 तक हुये विश्वव्यापी सर्वे के दौरान 196 भारतीय प्रजाती के घडिय़ाल सम्पूर्ण विश्व में पाये गये थे। इनमें चम्बल नदी में ही 46 घडिय़ाल पाये जाने के बाद चम्बल नदी के 435 किलोमीटर क्षेत्र को राष्ट्रीय चम्बल घडिय़ाल अभ्यारण्य घोषित कर दिया गया। इसमें से रेत व मिट्टी का उत्खनन व परिवहन प्रतिबंधित कर दिया गया। प्रतिवर्ष की तरह विगत वर्ष हुये सर्वे के दौरान घडिय़ालों की संख्या 2100 से अधिक पाई गई। इस बार नदी में लगभग 50 नये घडिय़ाल और छोड़े गये हैं। इससे आंकलन किया जा रहा है कि इस वर्ष घडिय़ालों की संख्या और बढऩी चाहिए। एक मादा घडिय़ाल वर्ष में एक बार न्यूनतम 25 अधिकतम 55 अण्डे तक देती है।   प्राकृतिक वातावरण में घडिय़ाल की जीवन दर मात्र 2 फीसदी होने के कारण उनके संरक्षण व संवद्र्धन हेतु देवरी पर घडिय़ाल केन्द्र स्थापित किया गया है। जिसमें नदी के विभिन्न घाटों से प्रतिवर्ष 200 अण्डे लाकर निर्धारित समय पर हेचिंग होने के बाद बच्चों को 3 वर्ष तक पूर्ण सुरक्षा में रखा जाता है। इनकी लम्बाई एक मीटर बीस सेन्टीमीटर होने के बाद उन्हें चम्बल नदी के विभिन्न घाटों पर विचरण के लिये छोड़ दिया जाता है। इस वर्ष इनकी गणना के बाद यह पता चल सकेगा कि चम्बल नदी में घडिय़ालों की संख्या कितनी बढ़ी है।

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नर्मदापुरम। जिले में पूर्व वर्षों की तरह इस साल भी भव्य और पूर्ण भक्तिभाव से दो दिवसीय मां नर्मदा जयंती महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी औपचारिक शुरुआत सेठानी घाट पर आज (गुरुवार को) मंगलाचरण से होगी। नर्मदा जयंती का मुख्य कार्यक्रम शुक्रवार, 16 फरवरी की संध्या को जिले के पावन सेठानी घाट पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।     जनसम्पर्क अधिकारी रोमित उईके ने बताया कि नर्मदा जयंती महोत्सव के शुभारंभ के पश्चात प्रात: 10 बजे से दोपहर एक बजे तक रेगाली, मेंहदी, चित्रकला प्रतियोगिताएं तिलक भवन एवं सेठानीघाट पर आयोजित होंगी। इन प्रतियोगिताओं में कॉलेज, शालेय छात्र एवं छात्राओं द्वारा सहभागिता निभाई जाएगी। सायं 7 बजे माँ नर्मदा की महाआरती की जाएगी। रात्रि 8 बजे से सेठानीघाट पर ही सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।   उन्होंने बताया कि माँ नर्मदा जयंती महोत्सव का भव्य आयोजन 16 फरवरी को होगा। प्रात: 9.30 बजे माँ नर्मदा जन्मोत्सव और दोपहर तीन बजे से मोरछली चौक से कलश यात्रा निकाली जाएगी। सांय 5 बजे से रात्रि 8.30 बजे तक जलमंच से मुख्य कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। इसके बाद रात्रि 8.30 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।

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भोपाल। प्रदेश में सरकारी स्कूलों में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं बोर्ड परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए नि:शुल्क ई-स्कूटी देने की योजना शुरू की गई है। योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है।   जनसंपर्क अधिकारी मुकेश मोदी ने बुधवार को बताया कि पिछले शैक्षणिक सत्र 2022-23 में इस योजना का लाभ प्रदेश के 7 हजार 800 विद्यार्थियों को दिया गया। इन विद्यार्थियों को स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा ई-स्कूटी प्रदान की गई। पुरस्कृत विद्यार्थियों ने नियमित परीक्षार्थी के रूप में अपनी शाला में कक्षा 12वीं की परीक्षा में समस्त संकाय में सर्वाधिक अंक प्राप्त किये हैं। योजना में लाभ प्राप्त करने वाले चयनित विद्यार्थी को नि:शुल्क ई-स्कूटी के लिए अधिकतम 90 हजार रूपये की राशि प्रदान की गई है।   2.50 लाख विद्यार्थियों को दिलाई गई व्यवसायिक शिक्षा स्कूल शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा देने के लिए व्यवसायिक शिक्षा देने की योजना शुरू की है। पिछले शिक्षा सत्र में प्रदेश ने 1540 स्कूल में 12 ट्रेड्स में करीब 2 लाख 56 हजार विद्यार्थियों को व्यवसायिक शिक्षा दिलाई गई। विद्यार्थियों को एग्रीकल्चर, अपेरल, ऑटोमोटिव, ब्यूटी एण्ड वेलनेस, बैकिंग एण्ड फायनेंस सर्विसेस, इलेक्ट्रिकल्स एण्ड हार्डवेयर, मीडिया एण्ड एंटरटेनमेंट, आईटी विद्या में नि:शुल्क व्यवसायिक प्रशिक्षण दिलाया गया ।

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रायसेन। भारत सरकार द्वारा सांची में बौद्ध स्तूप परिसर में स्थित मंदिर में रखे भगवान बुद्ध के शिष्यों अर्हन्त सारिपुत्र और अर्हंत महामोगल्यान के पवित्र अवशेषों (अस्थियों) को दर्शनार्थ हेतु बैंकाक, थाईलैंड और कंबोडिया विहार ले जाने की अनुमति दी गई है। जिसके उपरांत भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय और मप्र शासन के संस्कृति विभाग के निर्देशानुसार सांची में बौद्ध स्तूप परिसर में स्थित चैतियगिरी विहार मंदिर में रखे भगवान बुद्ध के शिष्यों अर्हन्त सारिपुत्र और अर्हंत महामोगल्यान के पवित्र अवशेषों को बुधवार को महाबोधी सोसायटी श्रीलंका के प्रमुख वानगल उपतिस्स नायक थेरो की उपस्थिति में कलेक्टर अरविंद दुबे ने भारत सरकार द्वारा अधिकृत तथा राष्ट्रीय संग्रहालय के प्रतिनिधि डीजे प्रदीप को सुरक्षित तरीके से सौंपा गया।   भोपाल से पवित्र अवशेषों को हवाई जहाज के माध्यम से दिल्ली और फिर वहां से बैंकाक, थाईलैंड और कंबोडिया विहार दर्शनार्थ हेतु ले जाया जाएगा। यह पवित्र अवशेष वहां 22 फरवरी से 18 मार्च तक दर्शनार्थ हेतु रहेंगे और इसके उपरांत पुनः वापस भारत लाए जाएंगे।   शासन के निर्देशानुसार महाबोधी सोसायटी श्रीलंका के अध्यक्ष वानगल उपतित्स्स की उपस्थिति में कलेक्टर अरविंद दुबे द्वारा द्वारा शिष्य अर्हन्त सारिपुत्र और अर्हंत महामोगल्यान के पवित्र अवशेषों को राष्ट्रीय संग्रहालय के प्रतिनिधि डीजे प्रदीप को सुरक्षित तरीके से पूर्ण प्रक्रिया का अभिलेखीकरण, वीडियोग्राफी तथा पंचनामा तैयार कर सौंपा गया। इस अवसर पर आईबीसी के डायरेक्टर विजयेंद्र थापा, पुलिस अधीक्षक विकास शहवाल भी साथ रहे।   पवित्र अवशेषों को सर्वप्रथम सांची में बौद्ध स्तूप परिसर स्थित चैतियगिरी विहार में स्थित तहखाने से विधिवत पूजा-अर्चना कर मंदिर में लाया गया। इसके उपरांत यहां भी पवित्र अवशेषों की पूजा-अर्चना करने के उपरांत कलेक्टर दुबे द्वारा महाबोधी सोसायटी श्रीलंका के प्रमुख वानगल उपतिस्स नायक थेरो की उपस्थिति में राष्ट्रीय संग्रहालय के प्रतिनिधि डीजे प्रदीप को सौंपा गया। पवित्र अवशेषों को मंदिर के बाहर लाते समय गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। इसके पश्चात पवित्र अस्थियों को लेकर महाबोधी सोसायटी श्रीलंका के प्रमुख वानगल उपतिस्स नायक थेरो, राष्ट्रीय संग्रहालय के प्रतिनिधि डीजे प्रदीप तथा आईबीसी के डायरेक्टर विजयेन्द्र थापा वाहन से पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के साथ भोपाल के लिए रवाना हुए।

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भोपाल। उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार को वसंत पंचमी के अवसर पर बाबा महाकाल का मां सरस्वती के रूप में श्रृंगार किया गया है। भस्मारती में भगवान को पीले द्रव्य से स्नान कराया गया। पीले चंदन से आकर्षक श्रृंगार कर सरसों और गेंदे के पीले फूल अर्पित किए गए। विशेष आरती कर फिर पीले रंग की मिठाई का महाभोग लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु ने बाबा महाकाल के मां सरस्वती स्वरूप का आशीर्वाद लिया।   परम्परा के अनुसार बुधवार तड़के चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे पुजारियों ने दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से बाबा महाकाल का पूजन कर अभिषेक किया। इसके बाद प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद सरसों के फूल और पीले वस्त्र अर्पित कर मां सरस्वती के रूप में बाबा महाकाल का श्रृंगार किया गया। मावा, सूखा मेवा और ड्रायफ्रूट अर्पित करने के बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्म रमाई गई। सरसों के पुष्प अर्पित कर फल और मिष्ठान से बाबा महाकाल का भोग लगाया गया।     मंदिर के पुजारी महेश गुरु ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास के शुक्लपक्ष की पंचमी तिथि को देवी मां सरस्वती का प्राकट्य दिवस मनाया जाता है। ग्रंथों के अनुसार इस दिन मां सरस्वती प्रकट हुई थीं, तब देवताओं ने देवी स्तुति की। स्तुति से वेदों की ऋचाएं बनीं और उनसे वसंत राग। इसलिए इस दिन को वसंत पंचमी के रूप में मनाया जाता है। महाकालेश्वर मंदिर से आज से फाग उत्सव की शुरुआत हो गई है, जो होली तक चलेगा।   उन्होंने बताया कि बसंत पंचमी पर्व पर आज से होली की शुरुआत मानी जाती है। भगवान को प्रतिदिन गुलाल चढ़ाया जाएगा। ऐसा होली तक होगा। पुजारी महेश गुरु ने बताया कि महाकालेश्वर मंदिर में साल में तीन बार गुलाल आरती होती है, यानी आरती में गुलाल उड़ाया जाता है। सबसे पहले वसंत पंचमी पर्व पर संध्या कालीन आरती में गुलाल उड़ाकर वसंत ऋतु का अभिनंदन होता है। इसके बाद होली और रंग पंचमी पर्व पर भगवान और भक्तों के बीच गुलाल उड़ाया जाता है। भक्त और भगवान के बीच गुलाल उड़ाने की इस परंपरा में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।  

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भोपाल। वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में छात्र-छात्राओं में वन, वन्यप्राणियों एवं पर्यावरण के प्रति जागरूकता तथा प्रकृति संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने की दृष्टि से भोपाल शहर एवं उसके आस-पास के ग्रामों के शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिये एक दिवसीय नेचर कैम्प आयोजित किये जा रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को नेताजी सुभाषचन्द्र बोस आवासीय वालिका छात्रावास दीपशिखा स्कूल टी.टी. नगर भोपाल के 50 छात्रों एवं 02 शिक्षकों ने उक्त नेचर कैम्प में भाग लिया।     कार्यक्रम में स्रोत व्यक्ति रूप में भोपाल बर्ड्स से भो, खालिक उपस्थित रहे। विषय विशेषज्ञ द्वारा प्रतिभागियों को पक्षी दर्शन, तितली, कन्यप्राणी दर्शन, स्थल पर विद्यमान वानिकी गतिविधियों की जानकारी, वन, वन्यप्राणी व पर्यावरण से संबधित रोचक गतिविधियों कराई गई एवं जानकारी प्रदान कर उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया गया। वन विहार के विभिन्न स्थलों पर विद्यमान वानिकी गतिविधियों की जानकारी, वन, वन्यप्राणी व पर्यावरण से संबंधित जानकारी प्रदान कर उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया गया। इसके अतिरिक्त बाघ, तेंदुआ, भालू, मगर, घड़ियाल, चीतल, सांभर, नीलगाय आदि वन्यप्राणियों का भी अवलोकन किया। इस दौरान एस. के. सिन्हा, सहायक संचालक वन विहार, रविकांत जैन इकाई प्रभारी पर्यटन एवं विजयबाबू नंदवंशी बायोलॉजिस्ट तथा अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

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भोपाल। प्रदेश के कई जिलों में आज भी हल्की बारिश का अलर्ट है। सागर, रीवा और शहडोल संभाग में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन गुजरने के बाद फिर से उत्तरी हवाएं प्रदेश में आने लगेंगी। इससे प्रदेश में बुधवार से तेज ठंड का दौर फिर शुरू हो जाएगा।   प्रदेश के पन्ना जिले में सोमवार रात तेज बारिश हुई। करीब 250 ग्राम वजन तक के ओले भी गिरे, जिससे खेतों में खड़ी रबी की फसलें चौपट हो गईं। आज भी रुक-रुककर ओले गिर रहे हैं। अजयगढ़ तहसील के धर्मपुर क्षेत्र के देवलपुर सहित आधा दर्जन गांवों में मौसम ऐसा ही है। तहसीलदार का कहना है कि नुकसान के आकलन के लिए राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंच रही है। वहीं, मंगलवार सुबह ग्वालियर, जबलपुर समेत प्रदेश के 16 शहरों में कोहरा और धुंध छाई रही। इससे पहले रविवार को मलाजखंड, उमरिया, सिवनी, मंडला, जबलपुर, छिंदवाड़ा, पमचढ़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई, जबकि भोपाल समेत कई शहरों में बादल छाए रहे। शाम को राजधानी भोपाल में धुंध भी छा गई।   वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि दक्षिणी गुजरात के आसपास साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम और ट्रफ लाइन गुजर रही है। इन दोनों की वजह से प्रदेश में मौसम बदला हुआ है। सिस्टम गुजरने के बाद उत्तरी हवाएं चलने लगेंगी। इससे प्रदेश में बादल छंट जाएंगे और ठंड का असर एक बार फिर बढ़ जाएगा।

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उज्जैन। किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए कर्नाटक एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहे किसानों को सोमवार को भोपाल में हिरासत में लिए गए 75 से अधिक किसानों को भोपाल पुलिस ने महाकाल दर्शन कराने का हवाला देकर मंगलवार सुबह भोपाल-उज्जैन ट्रेन से उज्जैन भेज दिया। उज्जैन पुलिस और जीआरपी ने रेलवे स्टेशन पर सभी किसानों को अभिरक्षा में लिया। कुछ देर बाद पुलिस वाहन में सभी को रामघाट और महाकाल दर्शन के लिए रवाना किया गया।   बताया जाता है कि कर्नाटक के किसान कर्नाटका एक्सप्रेस से किसान आंदोलन में भाग लेने के लिए दिल्ली जा रहे थे। सोमवार सुबह 4 बजे भोपाल पुलिस ने किसानों को भोपाल में उतार लिया और हिरासत में ले लिया। इन किसानों को भोपाल के अशोका गार्डन इलाके के मनभा मैरिज गार्डन में ठहराया गया था। इनमें 25 महिलाएं भी हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें जबरदस्ती ट्रेन से उतार लिया गया। वापस कर्नाटक जाने के लिए कहा गया। धारवाड़ (कर्नाटक) के किसान नेता परशुराम ने बताया, हम दिल्ली जा रहे थे। भोपाल पुलिस ने सोमवार तड़के ट्रेन से उतार लिया। आज हम लोगों को ट्रेन में बैठाकर उज्जैन ले आए।   सुरक्षा के साथ भोजन, दर्शन के प्रबंध भोपाल पुलिस मुख्यालय से दिशा-निर्देश के बाद उज्जैन पुलिस रेलवे स्टेशन पर जीआरपी के साथ अलर्ट पर थी। सीएसपी दीपिका शिंदे ने बताया कि सभी किसानों को पुलिस सुरक्षा में रखा गया है। मुख्यालय के निर्देशानुसार सभी को पुलिस वाहन में पहले रामघाट ले जाया गया है। इसके बाद महाकाल दर्शन के लिए जाएंगे। इधर गिरफ्तार किसानों के भोपाल से उज्जैन आने की सुचना के बाद उज्जैन कांग्रेस के कई नेता भी रेलवे स्टेशन पहुंच गए। पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को किसानों से नहीं मिलने दिया। सीएसपी दीपिका शिंदे ने बताया कि शाम तक सभी किसानों को भोपाल या मुख्यालय के निर्देश अनुसार गंतव्य के लिए रवाना किया जाएगा।

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भोपाल। उमंग उल्लास व सरस्वती पूजन का पर्व वसंत पंचमी 14 फरवरी को मनाया जाएगा। इस बार बसंत पंचमी पर शुभ योग की साक्षी रहेगी। धर्म शास्त्र के अनुसार शुभ योग के स्वामी भगवान श्री गणेश हैं। इस योग में सुख सौभाग्य तथा मनोवांछित फल की प्राप्ति के लिए विशेष अनुष्ठान किए जा सकते हैं। इस योग में मां सरस्वती का पूजन भी शुभ फलदायी माना गया है।   विशेष बात यह है कि बसंत पंचमी पर रवि योग भी रहेगा यह योग स्वर्ण की खरीदी तथा नवीन प्रतिष्ठान के शुभारंभ के लिए विशेष माना गया है। इन विशिष्ट योग में विवाह आदि मांगलिक कार्य भी शुभ फलदायी माने गए हैं।     इस बार बसंत पंचमी बुधवार के दिन   प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ. मृत्युञ्जय तिवारी ने सोमवार को उक्त जानकारी देते हुए बताया कि इस बार बसंत पंचमी बुधवार के दिन रेवती नक्षत्र, शुभ योग तथा मीन राशि के चंद्रमा की साक्षी में आ रही है। शुभ योग को भगवान श्री गणेश का विशेष आशीर्वाद प्राप्त है। इसलिए इस योग में किए गए कार्य रिद्धि सिद्धि के साथ शुभ लाभ प्रदान करने वाले माने गए हैं।     कार्य की सफलता 5 गुना शुभ फलदायी   उन्होंने बताया कि रेवती नक्षत्र पंचक का अन्तिम नक्षत्र है। इस दृष्टि से उतरते नक्षत्र में किए गए कार्य की सफलता 5 गुना शुभ फलदायी मानी जाती है। ऐसे शुभ लक्षणों से युक्त बसंत पंचमी पर माता सरस्वती की पूजा, नवीन प्रतिष्ठानों का शुभारंभ, गृह प्रवेश, गृह आरंभ तथा विवाह आदि मांगलिक कार्य करना शुभ माना गया है।     विद्या आरंभ के लिए सर्वोत्तम दिन   डॉ. तिवारी ने बताया कि बसंत पंचमी ज्ञान की देवी माता सरस्वती के प्राकट्य का दिन है। इस दिन बच्चों का विद्या आरंभ संस्कार कराया जाता है। मान्यता है इस दिन ली गई दीक्षा और प्राप्त की गई शिक्षा जीवन पर्यंत शुभ बुद्धि के रूप में विराजमान रहती है। इसलिए विद्या आरंभ व पूजन की परंपरा शास्त्रों में भी बताई गई है।     दिनभर करें स्वर्ण व वाहनों की खरीदी भारतीय ज्योतिष शास्त्र में योग संयोग का बड़ा महत्व है। इस बार बसंत पंचमी पर रवि योग का संयोग रहेगा। रवि योग के संबंध में कहा जाता है कि इस दिन किसी नए कार्य की शुरुआत करने से सफलता प्राप्ति का योग प्रबल हो जाता है। इसलिए इस योग में नए कल कारखाने की शुरुआत, नई दुकान का शुभारंभ, दो व चार पहिया वाहनों की खरीदी तथा सोना खरीदना विशेष माना गया है। स्वर्ण से बने आभूषण व सोने के सिक्के भी इस दिन खरीदने का विशेष महत्व है।

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सीहोर/भोपाल। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के रहने वाले भारतीय सेना में सूबेदार अनिल वर्मा की सोमवार को उनके गृह ग्राम लसुड़िया परिहार में पूरे सैनिक सम्मान के साथ अन्त्येष्टि कर दी गई। इस मौके पर भारतीय सेना के जवानों ने गॉड ऑफ ऑनर दिया। इससे पहले गांव में उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें जनसैलाब उमड़ पड़ा। हजारों लोगों ने नम आंखों से बलिदानी को अंतिम विदाई दी। अंतिम यात्रा में मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री करण सिंह वर्मा शामिल हुए। अनिल वर्मा का 10 फरवरी 2024 को लेह में कर्तव्य निर्वहन के दौरान निधन हो गया था। उनके निधन की खबर से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। उनका पार्थिव शरीर इंडिगो फ्लाइट से भोपाल पहुंचा और सुबह करीब 7:00 बजे पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव सीहोर के लसूड़िया परिहार के लिए रवाना किया गया। लसूड़िया परिहार और आस-पास के गावों के सैकड़ों लोग उनके अंतिम दर्शन पाने के लिए अलसुबह से गांव पहुंच गए थे। इसके बाद पैतृक निवास से अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसके बाद उनका पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। इस मौके पर हजारों लोग मौजूद रहे।   प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने उनके गृह ग्राम लसूड़िया परिहार पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर प्रवीण सिंह, एसपी मयंक अवस्थी सहित अनेक सेना एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि अपने कर्तव्य को निभाते हुए अनिल वर्मा ने अपने प्राण त्याग दिए। भारत माता के ऐसे वीर सपूतों के कारण ही हम सभी और पूरा देश सुरक्षित है। मंत्री वर्मा ने कहा कि वीर सपूत अनिल वर्मा के माता-पिता को भी प्रणाम करता हूं। मंत्री ने प्रदेश सरकार की ओर से 11 लाख रुपये तथा स्वयं अपनी ओर से पांच लाख रुपये वीर सपूत वर्मा के परिजनों को प्रदान करने के साथ ही उनकी स्मृति में ग्राम वासियों से चर्चा कर भव्य स्मारक बनाने की बात कही। ग्राम लसूड़िया परिहार के सरपंच के अनुसार, अनिल वर्मा लसूड़िया परिहार गांव के पहले सैनिक थे, जो सेना में चयनित हुए थे। उनके दो बच्चे हैं, जिसमें 18 साल का बेटा और 14 साल की बेटी है। अनिल वर्मा 25 साल से सेना में अपनी सेवा दे रहे थे। उनकी मौत की सूचना से पूरे गांव में शोक है।

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भोपाल। मध्यप्रदेश में आज भी ओले गिरने और बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार जबलपुर, शहडोल, सिवनी, मंडला और अनूपपुर में ओले गिर सकते हैं। वहीं, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, बालाघाट, डिंडोरी, उमरिया, कटनी, सिंगरौली में गरज - चमक के साथ बारिश हो सकती है। रायसेन, बैतूल, दमोह में हल्की बूंदाबांदी होने का अनुमान है।   मौजूदा सिस्टम की वजह से मध्यप्रदेश और विशेषकर पूर्वी हिस्से में आंधी, बारिश, ओले और ठंडी हवाओं का दौर चल रहा है। इसके चलते मौसम वैज्ञानिकों ने लगातार दूसरे दिन प्रदेश में ओले-बारिश की संभावना व्यक्त की है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि दक्षिणी गुजरात के आसपास साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम और ट्रफ लाइन गुजर रही है। ये दोनों सिस्टम अभी भी सक्रिय हैं। दक्षिणी-पूर्वी हवाएं प्रदेश में बारिश ला रही हैं। इससे कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार 13 फरवरी को भी सागर, रीवा और शहडोल संभाग में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।   इधर, वर्तमान सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश में सर्दी एक बार फिर लौट आई है। दिन के समय भी ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे पारा लुढ़क रहा है। रविवार की रात दतिया में सबसे ठंडी रही। यहां न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री दर्ज हुआ। पचमढ़ी में यह 13.8 डिग्री रहा। राजगढ़ में 9.2, नौगांव में 9.2, गुना में 9.6 तथा धार में 9.8 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। छिंदवाड़ा में रविवार की रात सबसे गर्म रही, यहां न्यूनतम तापमान 16.6 डिग्री दर्ज किया गया।

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