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भोपाल। बीमार पशुओं तक चिकित्सा सुविधा पहुँचाने के लिए भोपाल में 406 पशु चिकित्सा इकाई (पशु एंबुलेंस) तैयार करने की कार्यवाही जारी है। इन वाहनों में जीपीएस, माइक, माइक्रोस्कोप, रक्त जाँच किट, बैटरी चलित छोटा फ्रिज, दवाइयाँ, डिस्पोजेबल, सिरिंज, ग्लव्ज, कृत्रिम गर्भाधान किट और छोटे-मोटे ऑपरेशन की सुविधा रहेगी। गाँव में पहुँचने के बाद यह अस्पताल माइक से ग्रामीणों को अपने पहुँचने की सूचना भी देगा।
पशुपालन मंत्री प्रेमसिंह पटेल ने रविवार को बताया कि अप्रैल से यह व्यवस्था शुरू करने के प्रयास किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि बीमार होने पर मनुष्य तो अस्पताल पहुँच जाता है पर पशु नहीं। इसलिए प्रदेश में यह व्यवस्था शुरू की जा रही है। केन्द्र सरकार से प्रदेश के लिए स्वीकृत 406 पशु एंबुलेंस प्राप्त हो चुकी हैं। प्रति चलित पशु चिकित्सा इकाई में एक-एक पशु चिकित्सक, पैरावेट और वाहन चालक सह सहायक की व्यवस्था की जा रही है। इसके संचालन के लिए कॉल सेंटर की स्थापना भी की जाएगी, जिसमें 5 पशु चिकित्सक और 15 कॉल एक्जिक्यूटिव को आउटसोर्स से नियोजित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जिला पशु कल्याण समिति को पूर्णत: फेब्रिकेटेड वाहन उपलब्ध कराये जाने का प्रावधान किया गया है। पशु औषधि, ईधन और रख-रखाव के लिए प्रति वाहन 68 हजार रुपये प्रति माह दिये जायेंगे। संचालनालय पशुपालन एवं डेयरी, राज्य स्तर पर कॉल सेंटर का संचालन, नियंत्रण और अनुश्रवण करेगा। गंतव्य तक वाहन को आसानी से पहुँचाने के लिए जीपीएस भी लगाया जा रहा है।
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