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मध्यप्रदेश में 10-11 जनवरी को होने वाली इंवेस्टर समिट में अब देश-विदेश से निवेश लाने की तैयारी शुरू हो गई है। कोरोना काल के बाद भारत में उद्योग-धंधे दूसरे यूरोपीय देशों की तुलना में बेहतर रहे, इस कारण विदेशी कंपनियों का रुझान भी भारत की ओर बढ़ा है। यही कारण है कि अब प्रदेश सरकार भी अब विदेशी निवेश को पाने के प्रयास में लग गई है। इसके तहत नवंबर की इवेंस्टर समिट को लेकर विदेशों में भी ब्रांडिंग करने और कंपनियों को न्यौता देने की तैयारी है। अब तक जिन विदेशी कंपनियों ने रुचि दिखाई है, वे प्राथमिकता पर हैं। इसके अलावा जिन विदेशी कंपनियों का प्रदेश में पहले से निवेश हैं, उनके लिए भी रेड कॉरपेट बिछाया जा रहा है। इसके लिए नए सेक्टर चुनकर अब तक प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर काम हो रहा है। प्रदेश में अब तक देशी निवेश का एक रोडमैप तैयार हो गया है, जो इंवेस्टर समिट में सबसे सामने होगा। इस प्रकार के निवेश सेक्टर को विदेशी निवेश के लिए क्लस्टर के रूप में सामने रखा जा सकता है, ताकि विदेशी कंपनियां भी आकर्षित हों। सीएम शिवराज सिंह चौहान इंवेस्टर समिट के लिए दूसरे देशों का दौरा भी करेंगे। पहले यह दौरान जुलाई में होना था, लेकिन स्थानीय चुनाव के चलते टल गया। अब अक्टूबर या नवंबर में दौरा हो सकता है। सीएम दावोस, जर्मनी और लंदन जा सकते हैं। इन जगहों पर विदेशी कंपनियों के प्रमुखों से मिलकर मध्यप्रदेश में निवेश का न्यौता देंगे।
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