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उज्जैन । विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर की नगरी उज्जैन में श्रावण मास के तीसरे सोमवार यानी पांच अगस्त को शक्तिपथ पर डमरू बजाने का विश्व रिकॉर्ड बनेगा। इसमें करीब 1500 डमरू वादक शामिल होंगे और महाकाल मंदिर में होने वाली भस्म आरती की धुन पर डमरू, झांझ व ढोल पर तैयार की गई विशेष धुन पर दस मिनट की प्रस्तुति देंगे। विश्व रिकॉर्ड बनने के बाद गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम प्रमाण पत्र प्रदान करेगी। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे।
महाकालेश्वर मंदिर के प्रशासक एवं अपर कलेक्टर मृणाल मीना ने शनिवार को बताया कि डमरू वादन की प्रस्तुति देने वालों में उज्जैन के करीब एक हजार वादक शामिल रहेंगे। इसके अलावा मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग भोपाल के करीब पांच सौ कलाकार रविवार सुबह उज्जैन पहुंचेंगे।
उन्होंने बताया कि महाकाल महालोक के सामने शक्तिपथ पर रविवार दोपहर मेगा रिहर्सल होगी। इसके लिए करीब 30 ब्लॉक बनाए जाएंगे। प्रत्येक ब्लॉक में एक मास्टर तथा 50 डमरू वादक मौजूद रहेंगे। सभी वादक 10 मिनट तक प्रस्तुति देंगे, जो वादक ठीक से डमरू नहीं बजा पाएंगे, उन्हें बदला जाएगा।
विश्व रिकॉर्ड की प्रस्तुति भी सोमवार को शक्ति पथ पर होगी। इसके बाद सभी झांझ, डमरू वादक शाम चार बजे महाकालेश्वर मंदिर से निकलने वाली भगवान महाकाल की सवारी में शामिल होंगे। सवारी में अन्य डमरू वादक भी शामिल रहेंगे।
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