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खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने बताया कि कुपोषण की रोकथाम के लिए प्रदेश में सभी राशन दुकानों पर पोषणयुक्त फोर्टिफाइड चावल वितरित किया जाएगा। अभी तक फोर्टिफाइड चावल कुछ चिन्हित जिलों में ही वितरित किया जा रहा था। प्रदेश में राशन की दुकानों पर केन्द्र सरकार के निर्देशानुसार फोर्टिफाइड चावल का वितरण किया जा रहा है। खाद्य मंत्री ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा फोर्टिफाइड चावल के संबंध में मिलावटी होने का भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। वास्तविकता यह है कि फोर्टिफाइड चावल आयरनयुक्त है। इसके उपयोग से सिकलसेल एनीमिया, घेंघा जैसे घातक जानलेवा रोगों की रोकथाम की जा सकती है। प्रमुख सचिव खाद्य उमाकांत उमराव ने कहा कि फोर्टिफाइड चावल पूरी तरह से सुरक्षित है। इसमें पोषक तत्वों के अलावा कुछ भी अलग से नहीं है। केन्द्र सरकार के निर्देशानुसार गरीबी रेखा के नीचे आने वाले सभी पात्र परिवारों को उचित मूल्य दुकानों में फोर्टिफाइड चावल का वितरण किया जा रहा है। यह चावल पोषक तत्वों से युक्त एफएसएसएआई द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप है।
प्रमुख सचिव ने बताया कि चावल बनाने सामान्य चावल को पीस कर उसमें आयरन मिला कर फोर्टिफाइड चावल बनाया जाता है। एक क्विंटल चावल में एक किलो फोर्टिफाइड चावल मिलाया जाता है। इसलिए इसमें किसी अन्य प्रकार का चावल मिलाने जैसी कोई गुंजाईश ही नहीं रहती। उन्होंने बताया कि फोर्टिफाइड चावल से नुकसान नहीं बल्कि अनेक फायदे हैं। आयरन खून की कमी को रोकता है, जिससे एनीमिया से बचा जा सकता है। विटामिन बी-12 तंत्रिका तंत्र के सामान्य कामकाज में सहायक होता है। फोलिक एसिड गर्भावस्था के दौरान भ्रूण विकास एवं रक्त निर्माण में सहयोग करता है। फोर्टीफाइड चावल सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार राशन की दुकान पर वितरित किया जा रहा है। फोर्टिफाइड चावल भी सामान्य चावल की तरह संग्रहीत किया जा सकता है एवं पकाया जा सकता है।
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