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उज्जैन। उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर मंदिर के परिसर में खुदाई के दौरान भूगर्भ से निकले एक हजार साल पुराने शिव मंदिर का पुनर्निर्माण जारी है। पुनर्निमित मंदिर करीब 37 फीट ऊंचा होगा। इसके निर्माण में करीब चार माह का समय लगेगा। पुरातत्व विभाग द्वारा इसके निर्माण पर करीब 65 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
निर्माण कार्य की प्रगति देखने के लिए गुरुवार को मप्र पुरातत्व विभाग की आयुक्त उर्मिला शुक्ला महाकालेश्वर मंदिर पहुंची और निर्माण कार्यों का जायजा लिया। पुरातत्व आयुक्त एक माह के भीतर दूसरी बार दूसरी बार यहां पहुंची थी। इससे पहले उन्होंने 6 अप्रैल को स्थल निरीक्षण किया था।
गौरतलब है कि महाकाल मंदिर में नवनिर्माण के लिए की जा रही खुदाई के दौरान करीब दो साल पहले मंदिर परिसर के अग्र भाग से एक हजार पुराने शिव मंदिर के अवशेष प्राप्त हुए थे। इसके बाद विक्रम विश्वविद्यालय के पुराविद डॉ. रमण सोलंकी मौके पर पहुंचे और उन्होंने पुरा साक्ष्यों को देखकर यहां मंदिर होने की संभावना व्यक्त की थी। इसके बाद मामला मप्र पुरातत्व विभाग के भोपाल कार्यालय पहुंचा, तो विभाग ने विशेषज्ञों की निगरानी में आगे की खुदाई कराई। इस दौरान एक हजार साल पुराने शिव मंदिर का आधार भाग तथा शिवलिंग सहित विभिन्न देवी देवताओं की मूर्तियां प्राप्त हुई।
इसके बाद जिस स्थान से मंदिर प्राप्त हुआ है, उस स्थान पर पुरातत्व विभाग ने पुनर्निमाण करने की योजना तैयार की। करीब छह माह पहले पत्थरों पर नंबरिंग कर इसका खाका तैयार किया गया। अब नंबरिंग के आधार पर पत्थरों को जोड़कर मंदिर तैयार किया जा रहा है।
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