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भोपाल । मध्यप्रदेश में पिछले दो दिन से तेज बारिश का सिलसिला थम गया है, लेकिन 1 सितंबर से फिर बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होगा। इससे पूरा प्रदेश भीग जाएगा। 35 जिलों में तेज बारिश की संभावना है। इससे पहले आज शनिवार को भी सीहोर-देवास समेत 12 जिलों में तेज बारिश हो सकती है। प्रदेश में अब तक 33.9 इंच बारिश हो चुकी है, जो सीजन की 91 प्रतिशत है।
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया सिस्टम एक्टिव है। दूसरी ओर, मानसून ट्रफ ऊपर से गुजर रही है। इसके असर से शनिवार को ज्यादा जिलों में तो तेज बारिश नहीं होगी, लेकिन 1 से 3 सितंबर तक पूरे प्रदेश में भारी बारिश का दौर शुरू होगा। लो प्रेशर एरिया सिस्टम का असर बढ़ने से ऐसा होगा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में सीहोर, देवास, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, दमोह, डिंडौरी जिलों में तेज बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर समेत अन्य जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी।
इससे पहले प्रदेश के 13 जिलों में शुक्रवार को बारिश हुई। नर्मदापुरम जिले में 35 मिमी यानी, डेढ़ इंच पानी बरस गया। मंडला और उमरिया में 1-1 इंच, नौगांव, टीकमगढ़, खजुराहो, छिंदवाड़ा और इंदौर में आधा इंच से ज्यादा पानी गिर गया। इसी तरह बैतूल, शिवपुरी, उज्जैन, नरसिंहपुर और सतना जिले में भी हल्की बारिश दर्ज की गई। जबकि भोपाल में सुबह से रिमझिम बारिश का दौर शुरू हुआ, जो रात में भी चलता रहा।
प्रदेश के मंडला और सिवनी ऐसे जिले हैं, जहां 45-46 इंच पानी पानी गिर चुका है, जबकि रीवा में सबसे कम 22.3 इंच बारिश ही हुई है। प्रदेश के 10 जिलों में 40 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। मंडला में सबसे ज्यादा 46.87 इंच बारिश हुई है। सबसे ज्यादा बारिश वाले टॉप-10 जिलों में मंडला, सिवनी, सीधी, डिंडौरी, श्योपुर, भोपाल, छिंदवाड़ा, रायसेन, नर्मदापुरम और सागर है।
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