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मध्यप्रदेश में 17 सितंबर को इतिहास लिखा जाने वाला है। इसके लिए तैयारियां पूरी हो गई हैं। सात दशक बाद भारत में चीते दहाड़ने वाले हैं। 17 सितंबर को ही जयपुर के रास्ते नामीबिया से आठ चीते भारत आएंगे। इनमें से तीन चीतों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क में छोड़ेंगे। मध्यप्रदेश वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 17 सितंबर को ही नामीबिया से आठ चीते जयपुर आ रहे हैं। मालवाहक विमान से चीते नामीबिया से जयपुर पहुंचेंगे। इसके बाद हेलीकॉप्टर से चीतों को कुनो राष्ट्रीय उद्यान भेजा जाएगा। चीतों को कितने हेलीकॉप्टर से कूनो राष्ट्रीय उद्यान ले जाया जाएगा, यह केंद्र सरकार तय करेगी।चीतों को शुरुआत में अलग-अलग रखने के लिए छह छोटे बाड़े बनाए गए हैं। चीतों को एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप में जाने से पहले और बाद में एक महीने तक सबसे अलग रखने की जरूरत होती है। एक महीने के क्वारंटाइन के बाद चीतों को जंगल में छोड़ा जाएगा। 70 साल बाद चीते भारत के जंगलों में दौड़ने वाले हैं। देश में अंतिम चीते की मृत्यु 1947 में कोरिया जिले में हुई थी, जो वर्तमान छत्तीसगढ़ में है। यह पहले मध्य प्रदेश का हिस्सा था। इस प्रजाति को 1952 में भारत से विलुप्त घोषित कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि 2009 में अफ्रीकी चीता इंट्रोडक्शन प्रोजेक्ट इन इंडिया की कल्पना की गई थी।
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