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भोपाल। पूरा मध्यप्रदेश इन दिनों शीतलहर की चपेट में है और कड़ाके की ठंड के कारण जनजीवन प्रभावित होने लगा है। पिछले सात दिन से लगातार मौसम ठंडा बना हुआ है। भोपाल और निकटवर्ती जिलों में तो चार दिन से धूप नहीं निकली। सोमवार सुबह भी यहां कड़ाके की ठंड रही। घना कोहरा होने से विजिबिलिटी 10 मीटर रह गई। ग्वालियर, गुना, सागर, रायसेन, उज्जैन समेत कई शहरों में भी ऐसा ही मौसम है। मौसम विभाग ने अगले 2 दिन में मालवा समेत आसपास के क्षेत्रों में ओले गिरने का अनुमान जताया है।
पश्चिमी विक्षोभ के असर से रविवार को प्रदेश में कहीं बारिश हुई, तो कहीं कोहरा छाया रहा। सर्द हवाओं से भी ठिठुरन बनी रही। स्थिति यह रही कि हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला और जम्मू के कटरा से भी ठंडे भोपाल, रायसेन और सागर रहे। वहीं, 11 शहरों में दिन का अधिकतम टेम्प्रेचर 20 डिग्री सेल्सियस से कम रहा। सोमवार को भी ऐसा ही मौसम रहेगा। वेस्टर्न डिस्टरबेंस की एक्टिविटी से कोहरा, बारिश और ठंड पड़ेगी।
राजधानी भोपाल रविवार को प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा शहर रहा। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को भोपाल में अधिकतम तापमान 17.5 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में अधिकतम तापमान 19.5 डिग्री रहा। इस तरह धर्मशाला की तुलना में भोपाल में 2 डिग्री की गिरावट रही। जम्मू के कटरा में 18.8 और बनिहाल में 19.6 डिग्री पारा रहा, जबकि उज्जैन में अधिकतम तापमान 19.8, सागर में 17.4, रायसेन में 17.8 और गुना में 18.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। रायसेन में अधिकतम टेम्प्रेचर 17.8 डिग्री और गुना में 18.8 डिग्री दर्ज किया गया। इससे पहले आधे प्रदेश में कोहरा और भोपाल-नर्मदापुरम में बूंदाबांदी होती रही।
मौसम विभाग के अनुसार साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम इन दिनों उत्तरप्रदेश के ऊपर है। दूसरा इंडो साइक्लोनिक सर्कुलेशन राजस्थान के ऊपर है। वहीं, गुजरात से यूपी तक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इस वजह से मध्यप्रदेश का मौसम भी बदला हुआ है। बारिश, कोहरा और हवाएं चल रही हैं। अगले दो दिन तक इस सिस्टम की गतिविधियां चलती रहेंगी। 8 जनवरी को फिर से एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जो 12 जनवरी तक रहेगा। इससे भी कोहरा और हल्की बारिश होने का अनुमान है।
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