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दतिया। शारदीय नवरात्र के पवित्र दिनों में हर मंदिर और घरों में श्रद्धालू देवी अराधना में लीन हैं। ऐसा ही देवी दरबार दतिया में मॉ पीताम्बरा देवी मंदिर है, जहां आम हो या खास सभी की मनोकामना पूरी होती है। नवरात्र के चौथे दिन बुधवार को भी यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और कतारवद्ध होकर मॉ के दर्शन किए। मॉ पीताम्बरा न्याय की देवी है। यहां जो नहीं पहुंच पाता, वह मॉ से पत्राचार करता है।
कहते हैं कि सिद्ध मंदिर पहाडी या तालाब में होते हैं। दतिया के पीताम्बरा मंदिर का गर्भग्रह तालाब में है। यहॉ हिमकर ओझा जैसे तांत्रिकों ने देवी अराधना की है। इस मंदिर की प्राचीनता की बात की जाए तो यहां के श्री स्वामी महाराज से स्वयं अश्वस्थामा ने बातचीत के उल्लेख मिलते हैं। मंदिर के बीचों बीच प्राचीन वनखंडेश्वर महादेव का मंदिर है, जहॉ अश्वस्थामा ने साधना की है।
मॉ धूमावती माई की मूर्ति इसी मंदिर में है जहॉ मान्यता के अनुसार शनिवार को श्रद्धालूओं की भीड रहती है नमकीन प्रसाद चढाकर श्रद्धालू माता को प्रशन्न करते है। चीन युद्ध में स्वामी जी महाराज को राष्ट्रगुरू के नाम से पहिचान वनी यहॉ देश के हर संकट में स्वामी जी महाराज ने राष्ट्रहित में अनुष्ठान किया वर्तमान में चाहे कोरोना जैसी महामारी हो या अन्य कोई संकट पीताम्बरा मंदिर पर खास अनुष्ठान पीठ ट्रस्ट द्वारा हुआ है। आज माँ के दरबार में देश विदेश से लोग पहुॅचते है जिनकी हर मनोकामना मात्र दर्शन से पूरी होती है।
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