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वन विहार द्वारा 15 एवं 16 दिसम्बर को रेस्क्यू स्क्वायड प्रशिक्षण सह समीक्षा कार्यशाला का आयोजन भारतीय वन प्रबंधन संस्थान के प्रांगण में की गई। कार्यशाला में शामिल सभी रेस्क्यू स्क्वायड ने वन्य प्राणी रेस्क्यू कार्यों का प्रेजेन्टेशन दिया। साथ ही उसमें आने वाली कठिनाइयों एवं सफलताओं पर चर्चा की। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य-प्राणी जी.एस. चौहान ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। तकनीकी-सत्र में विज्ञान वन्य-प्राणी विशेषज्ञ डॉक्टर ए.बी. श्रीवास्तव ने घायल रेस्क्यू वन्य-प्राणी के उपचार के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रिया, सावधानियाँ तथा उनके स्वास्थ्य प्रबंधन एवं सैंपल एकत्रीकरण की जानकारी दी। गिर राष्ट्रीय उद्यान डॉ. मोहन राम ने वन्य-प्राणी रेस्क्यू, पुनर्वास अनुसंधान की संभावनाओं के बारे में गिर फॉरेस्ट में किए जा रहे कार्यों का विवरण दिया। समापन-सत्र में प्रधान मुख्य वन संरक्षक चौहान, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य-प्राणी शुभ रंजन सेन तथा सत्यानंद और डॉ. ए.बी. श्रीवास्तव ने प्रतिभागियों के प्रश्नों का उत्तर दिया। भारतीय प्रबंध संस्थान के संचालक ने वन प्रबंधन के कार्यों की जानकारी दी। प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किये। कार्यशाला में प्रदेश के 16 रीजनल रेस्क्यू स्क्वाड, वन वृत्त स्तरीय 4 रस्क्यू स्क्वायड, वन मंडल स्तरीय 5 रेस्क्यू स्क्वायड और कान्हा, पन्ना, बांधवगढ़, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व क्षेत्र संचालक एवं उप संचालक शामिल हुए।
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