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मोबाइल फोन के लगातार इस्तेमाल से गर्दन और कमर दर्द के मामले तो खूब सुने हैं, लेकिन अब घंटों मोबाइल पर बिताने के कारण लोगों को कब्ज (कॉन्स्टिपेशन) की परेशानी भी होने लगी है। लोग महीनों से इसके लिए न सिर्फ दवाएं ले रहे हैं, बल्कि फिजियोथेरेपी का सहारा भी ले रहे हैं।इस बारे में जब डाॅक्टरों और फिजियोथेरेपिस्ट से बात की गई तो पता चला लोग घंटों एक ही जगह बैठकर मोबाइल फोन चलाते हैं। इससे गर्दन स्थिर होकर आगे की ओर झुकती है। इससे कंधों पर जोर आता है तो राउंड होकर आगे झुकने लगते हैं। इससे सीने पर प्रेशर बढ़ने से फेफड़े दबते हैं। स्टमक, लीवर, आंतों पर भी दबाव पड़ता है। ऐसे में आंतों का मूवमेंट कम हो जाता है। तब खाना हजम न होने और कब्ज की परेशानी होने लगती है।मोबाइल एडिक्शन के कारण पेट की अन्य परेशानियों के चलते हर रोज 50 से ज्यादा मरीज अस्पतालों में इलाज कराने पहुंच रहे हैं। अकेले हमीदिया अस्पताल में ही मोबाइल फोन एडिक्शन के कारण होने वाली परेशानियों के रोजाना चार-पांच मरीज गेस्ट्रो डिपार्टमेंट में पहुंच रहे हैं।डीएम गेस्ट्रो डॉ. प्रणव रघुवंशी का कहना है कि एक ही मुद्रा में बैठे रहने से कैलाेरी बर्न कम होती है और फैट बढ़ता है। इससे कब्ज की परेशानी हो रही है। मोबाइल पर ज्यादा समय बिताने वाले हर आधे घंटे में कम से कम 5 मिनट का ब्रेक जरूर लें।
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