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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि गोवर्धन पूजा का पर्व सार्वजनिक रूप से मनाया जाएगा। गोवर्धन पूजा सही अर्थों में पर्यावरण और प्रकृति की पूजा है, इसका आरंभ भगवान श्रीकृष्ण ने किया था। उन्होंने बृजवासियों से कहा था कि गोवर्धन पर्वत गायों को घास देता है, पर्वत पर लगे पेड़ों के फलों का उपयोग किया जाता है और पर्वत के जंगल लोगों को जीवन देते हैं। इसलिए यदि बृजवासियों को पूजा करना है तो गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाए। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा शुरू की गई परंपरा आज तक भारत में जारी है। गोवर्धन पूजा पर्यावरण की रक्षा है, जो आज बहुत प्रासंगिक हो गई है। इसलिये गोवर्धन पूजा पर्यावरणविदों और पर्यावरण प्रेमियों के साथ मनाई जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रकृति की पूजा ही धरती को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित कर सकती है, इसलिये प्रकृति प्रेमियों के साथ ही गोवर्धन पूजा का कार्यक्रम होगा।
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