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ग्वालियर। ग्वालियर-चंबल संभाग में रबी फसलों पर फिर से खतरा मंडऱाता दिख रहा है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि बुधवार 29 मार्च की रात में हिमालय में आ रहे तीव्र आवृति वाले एक और ताजा पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से संभाग में 30 व 31 मार्च को बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। इससे पहले 14 से 26 मार्च के दौरान ग्वालियर सहित संभाग के जिलों में कहीं बारिश तो कहीं ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ था।
ग्वालियर अंचल में मंगलवार को मौसम लगभग शुष्क रहा। हालांकि दोपहर बाद आसमान में आंशिक बादल देखे गए। तेज धूप निकलने से दिन के तापमान में वृद्धि दर्ज की गई है। स्थानीय मौसम विज्ञानी सी.के. उपाध्याय ने बताया कि वर्तमान में चक्रवाती परिसंचरण के रूप में एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर में सक्रिय है। इसी क्रम में 29 मार्च बुधवार की रात तीव्र आवृति का एक और नया पश्चिमी विक्षोभ आएगा। इधर छत्तीसगढ़ के ऊपर से एक द्रोणिका लाइन गुजर रही है। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के साथ ग्वालियर-चंबल संभाग में भी 30 व 31 मार्च को इन मौसम प्रणालियों का असर देखने को मिल सकता है। इस दौरान ग्वालियर सहित संभाग में कहीं बारिश तो कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है जबकि एक अप्रैल से मौसम पुन: शुष्क हो जाएगा।
स्थानीय मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार पिछले दिन की अपेक्षा मंगलवार को अधिकतम तापमान 1.2 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 33.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो औसत से 1.4 डिग्री सेल्सियस कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 1.3 डिग्री सेल्सियस गिरावट के साथ 16.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह भी औसत से 1.8 डिग्री सेल्सियस कम है। आज सुबह हवा में नमी 52 और शाम को 29 प्रतिशत दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को भी अधिकतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है।
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