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दुष्कर्म के केस में एक अनोखा मामला सामने आया है जिसमें दुष्कर्म के चलते गर्भवती हुई नाबालिग ने गर्भपात कराने की गुहार लगाई। गुरुवार को वह कोर्ट पहुंची और जज से कहा कि वह बच्चे को जन्म नहीं देना चाहती। सभी पक्षों पर गौर करने के बाद कोर्ट ने गर्भपात की अनुमति प्रदान की। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि नाबालिग ने जीवित शिशु को जन्म दिया तो उसकी पहचान गोपनीय रखी जाए। चूंकि नाबालिग की बहन, शिशु को गोद लेने की इच्छा जता चुकी है, ऐसे में बच्चे को गोद देते समय बहन को प्राथमिकता दी जाए।इसके साथ ही नवजात का डीएनए सैंपल भी लिया जाए। दरअसल, पुलिस थाना भंवरपुरा में नाबालिग की शिकायत पर पुत्तो सिंह गुर्जर के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया। दुष्कर्म के चलते नाबालिग गर्भवती हो गई। उसकी बड़ी बहन ने हाई कोर्ट में याचिका दायर करते हुए गर्भपात करने की अनुमति मांगी।गुरुवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड की सीलबंद रिपोर्ट का अवलोकन किया, जिसमें नाबालिग का जल्द से जल्द गर्भपात कराने की अनुशंसा की गई। चूंकि, सुनवाई के दौरान नाबालिग कोर्ट में उपस्थित रही और गर्भपात कराने की बात पर अडिग रही। वहीं, नाबालिग की बड़ी बहन की इच्छा थी कि वह बच्चे को जन्म दे, ताकि वह उसे गोद ले सके।
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