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विकास को आगे बढ़ाने के दायित्व निर्वहन में युवाओं को सशक्त बनाने विभिन्न विधाओं के विशेषज्ञों ने युवाओं को सुझाव दिये। सतत विकास में भागीदारी के लिये स्वयंसेवी संस्थाओं (सीएसओ), प्रदेश के विश्वविद्यालयों के छात्र एवं सरकारी अधिकारियों के लिए सुशासन संस्थान में 5 दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम “विकास संचार” में सुझाव दिये। समापन समारोह में प्रमुख सचिव जनसंपर्क राघवेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों द्वारा दिये गये सुझावों पर अमल कर स्वयं को सतत विकास में भागीदार बनाएँ। उन्होंने कहा कि विषय-विशेषज्ञों ने युवाओं से अनुभव साझा कर समझाइश भी दी। एग्पा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक हजेला ने समाज के वृहद मुद्दों पर चर्चा करते हुए सकारात्मक विकास संचार को आगे बढ़ाने के लिये कहा। उन्होंने कहा कि देवारण्य योजनाओं के क्रियान्वयन में सामने आ रही चुनौतियों का मुकाबला स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ मिल कर किया जा सकता है।
एग्पा के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी लोकेश शर्मा ने प्रतिभागी युवाओं को सकारात्मक कहानियाँ लिखने के लिये प्रेरित किया और संस्थान में पदस्थ यंग फेलो के साथ मिल कर लेखन कार्य करने को कहा। वरिष्ठ पत्रकार अभिलाश खांडेकर ने कहा कि विभिन्न विषयों के बारे में पहले समझ विकसित करें। उन्होंने लेखन कार्य में आगे बढ़ने के लिये जरूरी बातों को समझाया। पर्यावरण संबंधी सकारात्मक कार्यों को आगे बढ़ाने में विकास संचार की भूमिका को भी स्पष्ट किया गया। डायरेक्टर विकास संवाद सचिन कुमार जैन ने युवाओं को विभिन्न विषयों पर सकारात्मक लेखन के लिये आवश्यक सुझाव दिये। सीनियर एडवाइजर विकास संस्थान और कोर्स को-ऑर्डिनेटर मनोज कुमार जैन ने कार्यक्रम के संबंध में जानकारी दी।
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