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राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि फिजियोथैरेपी के ज़रिए सम्पूर्ण स्वास्थ्य को ठीक रखा जा सकता है। इस दिशा में शोध एवं अनुसंधान के और अधिक प्रयास किए जाना चाहिए। राज्यपाल पटेल रविवार को गाँधी मेडिकल कॉलेज के सभागार में हुई एक दिवसीय आरोग्य भारती की राष्ट्रीय फिजियोथैरेपी कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि अपना स्वास्थ्य खुद की ज़िम्मेदारी है। आरोग्य भारती इस दिशा में काम कर रही है। योग और प्राणायाम को अपनी जीवन शैली में अपना कर स्वास्थ्य लाभ लिया जा सकता है। राज्यपाल पटेल ने बच्चों को फास्ट फ़ूड से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक चीजें कुदरत की देन हैं, उन्हें अपनाएँ। अनियमित खान-पान से स्वास्थ्य प्रभावित होता है। स्वास्थ्य सुधार की दृष्टि से नियमित खान-पान पर ध्यान देना होगा।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि फिजियोथैरेपी सम्पूर्ण स्वास्थ्य को ठीक रखने का काम करती है। इससे रोगों का निदान आसानी से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा तंत्र जहाँ एक ओर व्यवसाय है, वहीं इसके माध्यम से समाज-सेवा के भी पर्याप्त अवसर उपलब्ध हैं। सभी को इस दिशा में भी विचार करना चाहिए। राज्यपाल पटेल ने कहा कि फिजियोथैरेपी एक ऐसी उपचार प्रणाली है, जिसमें बिना दवाई और इंजेक्शन के शरीर की आंतरिक समस्याओं का निदान होता है। फिजियोथैरेपी में व्यायाम, उष्मा, प्रकाश, जल, विद्युत प्रवाह इत्यादि विशिष्ट उपचारात्मक उपायों से बीमारी और विकारों का उपचार किया जाता है।
आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव अशोक वाष्णेय ने कहा कि आरोग्य भारती स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य करने वाला सेवा संगठन है। हर व्यक्ति जीवन भर स्वस्थ रहना चाहता है। सेवा और शोध के क्षेत्र में आरोग्य भारती काम कर रही है। सभी भाषा में संस्था के पास साहित्य उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि फिजियोथैरिपी एक कम्पलीट साइंस है। इलनेस से वेलनेस ही पर्याप्त नहीं है, हमें वेलनेस से हैप्पीनेस की ओर बढ़ना होगा। आयुर्विज्ञान यूनिवर्सिटी जबलपुर के कुलपति अशोक खंडेलवाल ने फिजियोथैरेपी के इतिहास पर प्रकाश डाला। डॉ. एना अलेक्स ने कहा कि कॉन्फ्रेंस में जो ज्ञानवर्धन होगा उससे समाज को लाभ मिलेगा।
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