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उज्जैन । उच्च न्यायालय ने महाकाल मंदिर प्रशासक ओर राज्य सूचना आयुक्त आदि को नोटिस जारी करते हुए आठ हफ्तों में नोटिस का जवाब मांगा है। मंदिर प्रशासक गणेश धाकड़ के अनुसार माननीय उच्च न्यायालय ने पूछा है कि याचिकाकर्ता को सूचना के अधिकार के तहत जानकारी क्यों नहीं दी गई? अन्य बिंदुओं पर भी जानकारी मांगी गई है।
चर्चा में प्रशासक श्री धाकड़ ने बताया कि सारिका गुरू ने महाकाल मंदिर प्रबंध समिति से जनवरी, 22 में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी कि महाकाल मंदिर परिसर में स्थित 40 मंदिरों में पुरोहितों की और महाकाल मंदिर में 300 कर्मचारियों की नियुक्ति किस अधिकार के तहत की गई और उसका मापदण्ड क्या था? तत्कालिन प्रशासक ने उक्त जानकारी गोपनीय होने का वास्ता देकर नहीं दी थी। इसके बाद 7 फरवरी,23 को सारिका गुरू ने राज्य सूचना आयुक्त के यहां अपील की तो वहां से 30 अक्टूबर,23 को जवाब दिया और इसे गोपनीय आदि बताते हुए जानकारी नहीं दी गई थी। इसी आधार पर सारिका गुरू ने माननीय उच्च न्यायालय में नवंबर,24 में याचिका लगाई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस मामले में माननीय उच्च न्यायालय ने 3 दिसंबर को सुनवाई करते हुए राज्य सूचना आयुक्त,जिला प्रशासन,महाकाल मंदिर प्रशासक तथा लोक सूचना अधिकारी को नोटिस जारी करते हुए आठ हफ्ते में जवाब मांगा है। श्री धाकड़ के अनुसार नोटिस की प्रति में चाही गई जानकारी अनुसार मंदिर प्रबंध समिति के कानूनी सलाहकार द्वारा जवाब बनाया जाएगा ओर माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष में प्रस्तुत किय जाएगा।
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