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धार। अदालत के आदेश पर केंद्रीय पुरातत्व विभाग के अधीन धार की भोजशाला में वैज्ञानिक पद्धति से सर्वेक्षण का आज 30 वां दिन हैं। सर्वेक्षण शुरू हुए एक माह का समय पूरा हो चुका है। कोर्ट ने 6 सप्ताह का समय दिया था, जिसमें से दो सप्ताह का समय ही अब शेष है।
सर्वे के तीसवें दिन शनिवार को सुबह 22 एएसआई के अधिकारी, कर्मचारी, 24 मजदूरों व पक्षकारों ने भोजशाला परिसर में प्रवेश किया, अब दिनभर सर्वे के तहत टीमें अलग-अलग काम करेगी। बीते पांच दिनों से सर्वे के तहत कोई बडा काम नहीं हो पाया था, किंतु अब सर्वे के कार्य को गति मिलना शुरू हो गई है। एएसआई की टीम में शामिल जो अधिकारी पिछले दिनों चले गए थे, वे दोबारा लौट आए हैं। जानकारी के अनुसार एएसआई के अधिकारियों की सैंपलिंग की प्रक्रिया भी काफी धीमी और जटिल होती है। पहले स्थान को चिह्नित किया जाता हैं, जहां पर कुछ अवशेष मिले हैं। उसकी मौजूदा स्थिति का अवलोकन करने के साथ फोटो व वीडियोग्राफी की जाती है। इसके बाद तीखी नोक वाले उपकरणों का उपयोग करते हुए मिट्टी हटाई जाती है। फिर केमिकल सहित पानी का उपयोग होता है। ताकि मिट्टी पूरी तरीके से हट जाए। इसके बाद सुखाकर उस स्थान की लिस्टिंग करने का काम होता है।
इस मामले में कोर्ट में अगली सुनवाई 29 अप्रैल को होगी, ऐसे में पूरी उम्मीद जताई जा रही है कि एएसआई की ओर से कुछ और समय देने की मांग की जाएगी।
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