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खंडवा में गुरूपूर्णिमा पर्व पर दो दिनी मेला आयोजित होता है। दादा धूनीवाले की नगरी में देशभर से श्रद्वालु आते है। इस बार करीब 4 से 5 लाख श्रद्वालुओं के आने का अनुमान है। इस पवित्र पर्व के दौरान शहर में तीन दिन तक मास-मदिरा दुकानें बंद रखी जाए, इसके लिए राष्ट्र भक्त युवा मंच और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष मुल्लू राठौर ने कलेक्टर से मांग की है। कई श्रद्वालु नंगे पैर मंदिर तक जाते है, मास-मदिरा की दुकानें बंद रहेगी तो धार्मिक भावनाएं आहत नहीं होगी।राष्ट्र भक्त युवा मंच के संकेत जाेशी और नेता प्रतिपक्ष मुल्लू राठौर ने बताया कि 1 जुलाई से 3 जुलाई तक गुरुपूर्णिमा महोत्सव का आयोजन होना तय है। जिसमें सुदूर अंचल और बाहरी राज्यों से भी नियमित भक्तगण दादाजी धूनीवाले के दर्शनार्थ के लिए पहुंचते है, जिनमें कई श्रृद्धालु नंगे पैर निशान चढ़ाने के लिये अनन्य शहरों से आते है। ऐसे में शहर की मुख्य सड़क पर लगी मांस एवं मदिरा की दुकानों के सामने से होकर गुजरना पड़ता है। विगत कुछ वर्षों से प्रायः देखने में आ रहा है कि, उक्त भक्तगण के समक्ष मांस-मदिरा की दुकानों से उनके गंदे कचरे को सड़क पर भी फेंका जाता है।जो भक्तगण के पैरों में आता है, इन्ही पैरों के साथ भूलवश वे भक्तगण मंदिर में प्रवेश करते है, जिससे हिन्दू जन सामान्य की भावनायें अत्यधिक आहत होती है। इसी के साथ मदिरा दुकानों के खुले होने पर कई असामाजिक तत्व शराब पीकर, भक्तगण से विवाद करने पर अमादा होते है। और ऐसे में गंभीर स्थितियां उत्पन्न होती है। शहर में शांति और सौहार्द्रता का वातावरण बनाये रखने के उद्देश्य से दुकानों को मात्र उत्सव के दौरान तीन दिवस तक बंद रखा जाना नितांत आवयश्क है। अन्यथा किसी भी तरह की अनहोनी होने की प्रबल संभावनायें है।
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