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विशेष

उत्तर प्रदेश के तराई और पूर्वी जिलों में बीते 24 घंटों के दौरान हुई भारी वर्षा के कारण प्रमुख नदियों के जलस्तर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। 11 अगस्त 2026 को जारी बुलेटिन के अनुसार घाघरा, राप्ती और शारदा नदियां कई स्थानों पर चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गई हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और सिंचाई विभाग ने गोंडा, बहराइच, लखीमपुर खीरी तथा गोरखपुर जैसे संवेदनशील जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को अलर्ट पर रहने और स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। वर्षा और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले और तटीय इलाकों में एनडीआरएफ तथा एसडीआरएफ की टीमों को तैनात कर दिया गया है। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा राहत शिविरों की स्थापना और आवश्यक खाद्य सामग्री का भंडारण सुनिश्चित किया जा रहा है। अधिकारियों ने तटीय ग्रामीणों से अपील की है कि वे नदियों के किनारे न जाएं और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय कंट्रोल रूम को सूचित करें। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में अगले 48 घंटों के दौरान मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस बारिश से धान की फसल को काफी लाभ पहुंचेगा, लेकिन जलभराव वाले क्षेत्रों में फसलों को नुकसान से बचाने के लिए किसानों को जल निकासी का उचित प्रबंध करने की सलाह दी गई है। प्रशासन स्थिति पर पूरी तरह नजर बनाए हुए है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 11 August 2026

उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर में संचालित 'श्री महाकाल लोक' विस्तार परियोजना का दूसरा चरण 11 अगस्त 2026 को अपनी पूर्णता की ओर पहुंच चुका है। जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंध समिति की उच्चस्तरीय बैठक में निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। बताया गया कि रुद्रसागर के सौंदर्यीकरण, महाराजवाड़ा परिसर के संरक्षण और श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही के लिए तैयार किए जा रहे नए पैदल मार्गों का 90 प्रतिशत से अधिक कार्य सफलता से पूर्ण कर लिया गया है। दूसरे चरण के तहत श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आधुनिक होल्डिंग एरिया, विशाल अन्नक्षेत्र और आधुनिक पार्किंग सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। नए सुरक्षा नियंत्रण कक्ष में अत्याधुनिक सीसीटीवी और एआई-आधारित भीड़ निगरानी तकनीक स्थापित की गई है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि आगामी प्रमुख पर्वों के दौरान देश-विदेश से आने वाले लाखों भक्तों को इन सुविधाओं के चालू होने से बिना किसी असुविधा के सुलभ दर्शन प्राप्त हो सकेंगे। इस परियोजना से न केवल उज्जैन के धार्मिक पर्यटन को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान मिली है, बल्कि स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प और रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न हुए हैं। समीक्षा बैठक के बाद अधिकारियों ने शेष बचे फिनिशिंग कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं ताकि परियोजना के इस भाग को औपचारिक रूप से जनता को समर्पित किया जा सके।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 11 August 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

Kolar News

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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मेट्रो रेल परियोजना को लेकर 11 अगस्त 2026 को एक बड़ा और महत्वपूर्ण प्रशासनिक पड़ाव पूरा कर लिया गया है। सुभाष नगर डिपो से एम्स तक के प्राथमिक कॉरिडोर पर मेट्रो के सिग्नलिंग, ऑटोमैटिक ट्रेन कंट्रोल और सुरक्षा मानकों का गहन परीक्षण शुरू किया गया। शहरी विकास विभाग तथा मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में यह सुरक्षा ट्रायल आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य वाणिज्यिक परिचालन शुरू करने से पहले सिस्टम की सटीकता को जांचना है। परीक्षण के दौरान मेट्रो ट्रेन की गति, ब्रेक नियंत्रण, आपातकालीन स्टॉप, और स्टेशन डोर सिंक्रोनाइज़ेशन जैसी तकनीकी प्रणालियों का बारीकी से निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस कॉरिडोर पर सभी 8 स्टेशनों का सिविल निर्माण कार्य लगभग अंतिम चरण में है और यात्रियों की सुविधा के लिए टिकटिंग काउंटर तथा एस्केलेटर स्थापित किए जा चुके हैं। सुरक्षा मानकों पर मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त की हरी झंडी मिलने के बाद ही ट्रेनों को आम जनता के लिए पूरी तरह संचालित किया जाएगा। इस मेट्रो सेवा के शुरू होने से भोपाल शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार आएगा और होशंगाबाद रोड तथा एमपी नगर जैसे प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम से लोगों को राहत मिलेगी। यह परियोजना पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन को कम करने में भी काफी मददगार साबित होगी। शहरवासियों को उम्मीद है कि आगामी त्यौहारों के मौसम तक इस रूट पर नियमित वाणिज्यिक सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 11 August 2026

भारत में मेडिकल डिवाइस उद्योग को मजबूत करने के लिए सरकार और उद्योग जगत के बीच चर्चा तेज हुई है। नई दिल्ली में आयोजित India Medical Device 2026 कार्यक्रम में स्वास्थ्य तकनीक, artificial intelligence और देश में medical equipment manufacturing बढ़ाने पर जोर दिया गया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने AI आधारित स्वास्थ्य तकनीक पर Knowledge Paper भी जारी किया। सरकार का लक्ष्य चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र में भारत की घरेलू क्षमता बढ़ाने और देश को वैश्विक manufacturing hub के रूप में विकसित करना है। सरकारी कार्यक्रम में medical devices के क्षेत्र में innovation, research और manufacturing को बढ़ावा देने की जरूरत पर चर्चा हुई। स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच AI आधारित diagnostic और treatment support systems को भविष्य के महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में देखा जा रहा है। सरकार उद्योग और research institutions के सहयोग से इस sector में निवेश बढ़ाने पर जोर दे रही है।   सरकार की तरफ से जारी जानकारी के अनुसार भारत के medical device industry में आने वाले वर्षों में बड़े विस्तार की संभावना है। घरेलू उत्पादन बढ़ने से imported equipment पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही इससे healthcare technology में रोजगार, research और manufacturing के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

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Priyanshi Chaturvedi 9 August 2026

देश के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां फिर तेज हुई हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 9 अगस्त को कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। पूर्वी भारत में बने नए मौसम सिस्टम से मध्य भारत के कई इलाकों में नमी पहुंचने की उम्मीद है। दिल्ली-एनसीआर में भी बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन को जलभराव और यातायात जैसी समस्याओं को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी और पूर्वी हिस्सों में सक्रिय सिस्टम का प्रभाव आगे बढ़कर मध्य भारत तक पहुंच सकता है। इससे कुछ राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कई जगहों पर पहले से ही जलभराव की समस्या बनी हुई है, इसलिए भारी बारिश की स्थिति में लोगों को निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी जाती है।   मौसम का असर सड़क, रेल और हवाई यातायात पर भी पड़ सकता है। हालांकि बारिश का क्षेत्र और तीव्रता अलग-अलग इलाकों में अलग रहने की संभावना है। प्रशासन और मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं। लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों का पालन करने और जरूरी होने पर ही लंबी यात्रा करने की सलाह दी गई है। 

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Priyanshi Chaturvedi 9 August 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 अगस्त को IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया। उन्होंने graduating students को संबोधित करते हुए कहा कि देश तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रहा है और ऐसे समय में युवाओं की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। प्रधानमंत्री ने तकनीक, नवाचार और आत्मनिर्भरता को भारत की प्रगति के महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने छात्रों से अपनी शिक्षा का इस्तेमाल केवल व्यक्तिगत करियर बनाने के बजाय समाज और देश की समस्याओं के समाधान में करने की अपील की। समारोह में प्रधानमंत्री ने बदलती तकनीकी दुनिया का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले समय में artificial intelligence और नई तकनीकें काम करने के तरीके को बदलेंगी। ऐसे में युवाओं को लगातार सीखते रहने और नई परिस्थितियों के अनुसार खुद को तैयार करने की जरूरत होगी। उन्होंने IIT जैसे संस्थानों से निकलने वाले युवाओं को देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला वर्ग बताया। समारोह में बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षक और अभिभावक मौजूद रहे।   प्रधानमंत्री के संबोधन में innovation और देश की विकास यात्रा पर विशेष जोर रहा। IIT दिल्ली का दीक्षांत समारोह ऐसे समय हुआ है जब भारत technology, manufacturing और research के क्षेत्र में अपनी क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रहा है। प्रधानमंत्री ने graduates से बड़े लक्ष्य तय करने और उन्हें हासिल करने के लिए मेहनत करने का संदेश दिया

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Priyanshi Chaturvedi 9 August 2026

केंद्र सरकार ने Research, Development and Innovation Fund यानी RDI Fund को लेकर हितों के टकराव से जुड़े सवालों पर स्थिति स्पष्ट की है। सरकार का कहना है कि फंड को निर्धारित प्रक्रिया के तहत लागू किया जा रहा है और इसके संचालन में किसी तरह के निजी हितों के टकराव की बात नहीं है। यह फंड देश में अनुसंधान, विकास और नवाचार को बढ़ावा देने की व्यापक नीति का हिस्सा है। सरकार की ओर से यह स्पष्टीकरण ऐसे समय आया है जब सार्वजनिक धन से जुड़े फंड और उसके इस्तेमाल को लेकर पारदर्शिता पर चर्चा तेज है। RDI Fund का उद्देश्य शोध और नई तकनीक से जुड़े कामों को समर्थन देना है। सरकार का कहना है कि इसके क्रियान्वयन में निर्धारित व्यवस्था और निगरानी तंत्र का पालन किया जा रहा है।

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Priyanshi Chaturvedi 8 August 2026

देश के कई हिस्सों में इस मानसून लगातार भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। जुलाई से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 100 से अधिक लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। कई राज्यों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान चल रहे हैं। भारी बारिश ने सड़क, परिवहन और स्थानीय बुनियादी ढांचे पर भी दबाव बढ़ाया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार बारिश का पैटर्न कई क्षेत्रों में असामान्य रहा है। असम में जुलाई से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, जबकि उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में तेज बारिश ने मुश्किलें बढ़ाई हैं। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने और संवेदनशील क्षेत्रों में जान-माल के नुकसान को रोकने की है।

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Priyanshi Chaturvedi 8 August 2026

मानसून की सक्रियता के बीच दिल्ली-NCR समेत देश के कई हिस्सों में शनिवार को भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड, दिल्ली-NCR, राजस्थान, ओडिशा, केरल और कर्नाटक समेत कई क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। दिल्ली में अगस्त के पहले सप्ताह में बारिश ने पिछले 15 वर्षों का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। भारी बारिश के कारण कई इलाकों में सड़कें प्रभावित हुईं और सामान्य जनजीवन पर असर पड़ा। मौसम विभाग ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है। मध्य प्रदेश में भी 8 से 10 अगस्त के बीच व्यापक बारिश और कुछ जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

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Priyanshi Chaturvedi 8 August 2026

RSS प्रमुख मोहन भागवत के Gen-Z और युवा आंदोलनों को लेकर दिए बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है। छत्रपति संभाजी नगर में कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भागवत के बयान का स्वागत करते हुए BJP और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भागवत ने युवाओं के विरोध-प्रदर्शन को राष्ट्रविरोधी बताने से बचने और उनकी बात सुनने की बात कही है। दीपके ने तंज कसते हुए कहा कि RSS प्रमुख को यही संदेश BJP और प्रधानमंत्री मोदी तक भी पहुंचाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि भाजपा नेतृत्व भागवत की बात को गंभीरता से लेगा। दरअसल, मुंबई में एक युवा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा था कि किसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन करने वाले Gen-Z युवाओं को देशविरोधी कहना गलत है। उन्होंने कहा कि Gen-Z और Gen-Alpha की नई पीढ़ी पहले की पीढ़ियों की तुलना में ज्यादा ईमानदार है और हर बात को तर्क के आधार पर समझना चाहती है। भागवत के मुताबिक लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन अपनी बात रखने का वैध और संवैधानिक तरीका है। सरकार को युवाओं की समस्याओं और मांगों को गंभीरता से सुनकर बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए।

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Priyanshi Chaturvedi 7 August 2026

दिल्ली की हवा को लेकर संसद में पेश सरकारी आंकड़ों ने प्रदूषण की गंभीर स्थिति फिर सामने ला दी है। केंद्र सरकार के मुताबिक 2025 में राजधानी में एक भी दिन AQI ‘गुड’ यानी 0 से 50 के बीच नहीं रहा। 365 दिनों में 79 दिन हवा ‘सैटिस्फैक्टरी’, 121 दिन ‘मॉडरेट’, 86 दिन ‘पुअर’, 71 दिन ‘वेरी पुअर’ और 8 दिन ‘सीवियर’ श्रेणी में दर्ज हुई। यानी पूरे साल में 165 दिन हवा ‘पुअर’ या उससे खराब स्तर पर रही। इसके बावजूद सरकार ने प्रदूषण में सुधार का दावा किया है, लेकिन राजधानी को लगातार साफ हवा कब मिलेगी, इसकी कोई तय समय-सीमा नहीं बताई गई है। सरकार ने दिल्ली-NCR में प्रदूषण के लिए वाहनों और उद्योगों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्य की धूल, कचरा जलाना और सर्दियों में मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को प्रमुख कारण बताया है। अक्टूबर-नवंबर में पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के NCR इलाकों में पराली जलाने से भी प्रदूषण बढ़ता है। सरकार के अनुसार 2021 में गठित CAQM अब तक 101 स्टैचुटरी डायरेक्शन और 17 एडवाइजरी जारी कर चुका है। आंकड़ों की तुलना में 2016 के मुकाबले सुधार का दावा भी किया गया है—‘गुड’ और उससे बेहतर स्तर वाले दिन 110 से बढ़कर 200 हुए, जबकि ‘वेरी पुअर’ दिन 99 से घटकर 71 और ‘सीवियर’ दिन 25 से घटकर 8 रह गए। हालांकि, 165 दिन खराब हवा के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि दिल्लीवासियों को लगातार साफ हवा कब मिलेगी।

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Priyanshi Chaturvedi 7 August 2026

रेप केस में सजा काट रहे आसाराम के बेटे नारायण साईं को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर सीधे सुनवाई करने से इनकार करते हुए मामला गुजरात हाईकोर्ट को वापस भेज दिया। कोर्ट ने हाईकोर्ट को निर्देश दिया कि नारायण साईं की अपील पर तीन महीने के भीतर फैसला किया जाए। नारायण साईं ने हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें 2013 के रेप केस में मिली उम्रकैद की सजा पर रोक लगाने और जमानत देने से इनकार किया गया था। मामले की सुनवाई जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने की। सुनवाई के दौरान नारायण साईं की ओर से वरिष्ठ वकील एन. हरिहरण ने अपील पर जल्द सुनवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि मामले में 12 साल बीत चुके हैं और हाईकोर्ट में अपील के जल्द निपटारे की मांग स्वीकार नहीं की जा रही है। वकील ने सजा पर रोक और अपील की मेरिट पर दलील रखने की अनुमति मांगी। सुप्रीम कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर विस्तार से जाने से इनकार करते हुए हाईकोर्ट को अपील का शीघ्र निपटारा करने को कहा। अब नारायण साईं की अपील पर गुजरात हाईकोर्ट में सुनवाई होगी और उसे तीन महीने के भीतर फैसला करना होगा।

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Priyanshi Chaturvedi 7 August 2026

उत्तर प्रदेश विधानसभा में पेश संभल हिंसा जांच आयोग की रिपोर्ट में 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुई हिंसा को सुनियोजित साजिश बताया गया है। आयोग ने अपनी जांच में 199 गवाहों के बयान, एएसआई के अभिलेख, बैलेस्टिक रिपोर्ट, वैज्ञानिक साक्ष्य और संभल के सांप्रदायिक इतिहास का अध्ययन किया। रिपोर्ट के अनुसार, हिंसा अचानक नहीं भड़की, बल्कि इसके पीछे पहले से की गई तैयारी और सुनियोजित घटनाक्रम के संकेत मिले हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 21 नवंबर 2024 को एक WhatsApp ग्रुप में बड़ी संख्या में लोगों से शाही जामा मस्जिद पहुंचने की अपील की गई थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर इसी तरह के अन्य संदेश और एक सार्वजनिक बयान वायरल होने से इलाके में तनाव बढ़ गया। आयोग के मुताबिक, इन घटनाओं के बाद बड़ी संख्या में लोग मस्जिद के आसपास एकत्र हुए, जिससे हालात बिगड़ते गए और हिंसा भड़क उठी।    

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Priyanshi Chaturvedi 6 August 2026

बीजू जनता दल (BJD) ने ओडिशा में निजी कंपनी के माध्यम से प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट का विरोध करते हुए राज्य सरकार पर लोगों की सुरक्षा से समझौता करने का आरोप लगाया है। पार्टी नेता लेखाश्री सामंतसिंघार ने दावा किया कि एक निजी कंपनी ने 3000 मेगावाट क्षमता का परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। उनका कहना है कि परमाणु ऊर्जा जैसे संवेदनशील और रणनीतिक क्षेत्र को निजी कंपनियों के हवाले नहीं किया जाना चाहिए।   BJD ने सरकार से इस प्रस्ताव को तत्काल वापस लेने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि दुनिया में हुए बड़े परमाणु हादसे इस तरह की परियोजनाओं से जुड़े संभावित जोखिमों की याद दिलाते हैं। BJD ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने प्रस्ताव वापस नहीं लिया तो वह राज्यभर में आंदोलन करेगी। हालांकि, इस पूरे मामले पर राज्य सरकार की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 6 August 2026

जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक चले आंदोलन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की दो दिवसीय कोर कमेटी बैठक का दूसरा दिन छत्रपति संभाजीनगर में जारी है। बैठक में संगठन विस्तार, देशभर में जनआंदोलनों की रूपरेखा और बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा तथा नीट परीक्षा जैसे मुद्दों पर आगे की रणनीति पर चर्चा की जा रही है। गुरुवार दोपहर 2 बजे पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बैठक के प्रमुख फैसलों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देंगे। बैठक के पहले दिन अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि CJP फिलहाल चुनावी राजनीति में प्रवेश नहीं करेगी और न ही राजनीतिक दल के रूप में चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि संगठन एक मजबूत दबाव समूह (प्रेशर ग्रुप) के रूप में काम करेगा, ताकि जनहित के मुद्दों पर सरकारों पर प्रभावी दबाव बनाया जा सके। उनके अनुसार, जंतर-मंतर आंदोलन की सफलता विभिन्न विचारधाराओं के लोगों के एक मंच पर आने से मिली और इसी मॉडल को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।    

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 6 August 2026

  झारखंड में JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज हो गया है। CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। लगातार तीन दिनों से अन्न-जल त्यागने के कारण कई छात्रों की तबीयत बिगड़ने लगी है। मौके पर पहुंची चिकित्सकों की टीम ने प्रदर्शनकारियों की स्वास्थ्य जांच की, जिसमें कुछ छात्रों का ब्लड प्रेशर भी कम पाया गया। आंदोलन को NSUI का भी समर्थन मिला है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों से मुलाकात की। अभ्यर्थियों का कहना है कि केवल परीक्षा रद्द करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि सरकार को छह महीने के भीतर निष्पक्ष तरीके से दोबारा परीक्षा कराने की समयसीमा भी तय करनी चाहिए। छात्रों ने अपनी मांगों पर अड़े रहने का संकेत दिया है। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि सरकार निष्पक्ष जांच से बच रही है और CBI जांच की मांग पर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठा रही। छात्रों का कहना है कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव किया जाएगा। आंदोलनकारियों ने इसे "आर-पार की लड़ाई" बताते हुए सरकार पर उनकी अनदेखी करने का आरोप लगाया।      

Patrakar sneha singh

sneha singh 6 August 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फेसबुक पोस्ट हटाए जाने के विवाद के बाद मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग ने भारत सरकार से माफी मांगी है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, मेटा की ग्लोबल टीम ने केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव और आईटी सचिव एस. कृष्णन से मुलाकात कर माना कि प्लेटफॉर्म पर चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मैटेरियल (CSAM), डीपफेक और कंटेंट मॉडरेशन से जुड़ी खामियां रही हैं। यह बैठक सरकार की ओर से भेजे गए समन के बाद हुई, जिसमें पीएम मोदी की 23 जुलाई को पोस्ट की गई वीडियो को हटाने के मामले पर जवाब मांगा गया था।   बैठक में सरकार ने स्पष्ट किया कि मेटा केवल एक इंटरमीडियरी होने का दावा कर जिम्मेदारी से बच नहीं सकती, क्योंकि उसके एल्गोरिद्म यह तय करते हैं कि कौन-सा कंटेंट किस यूजर तक पहुंचेगा। सरकार ने वेरिफाइड अकाउंट्स की सुरक्षा, एल्गोरिद्मिक पक्षपात और भारतीय कानूनों के पालन को लेकर भी कंपनी से जवाब मांगा। सूत्रों के मुताबिक, इन मुद्दों पर आगे भी मेटा के अधिकारियों से पूछताछ जारी रहेगी।

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Priyanshi Chaturvedi 5 August 2026

पाकिस्तान द्वारा 5 अगस्त को 'यौम-ए-इस्तेहसाल' के रूप में मनाने और जम्मू-कश्मीर को लेकर दिए गए बयानों पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हमेशा से भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से रहे हैं और आगे भी रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि 5 अगस्त 2019 को किए गए संवैधानिक बदलाव भारत का आंतरिक मामला हैं और पाकिस्तान को इस पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। भारत ने यह भी कहा कि इन फैसलों के बाद क्षेत्र में विकास, सुशासन और लोकतांत्रिक सशक्तिकरण को नई गति मिली है।   विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान पर भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करने और अपने मानवाधिकार रिकॉर्ड से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। भारत ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई और मौलिक अधिकारों के उल्लंघन पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर है। साथ ही पाकिस्तान से अपनी धरती पर सक्रिय आतंकवादी संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने और भारतीय क्षेत्रों पर अवैध कब्जा समाप्त करने की भी अपील की।

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Priyanshi Chaturvedi 5 August 2026

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि बिना वैध थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस वाले वाहनों को पेट्रोल-डीजल न देने की व्यवस्था के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया जाए। जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने कहा कि पेट्रोल पंपों को वाहन बीमा डेटाबेस से जोड़ा जाए, ताकि जिन वाहनों का थर्ड-पार्टी बीमा वैध नहीं है, उन्हें ईंधन न दिया जाए। इसके साथ ही कोर्ट ने नई कारों और दोपहिया वाहनों के लिए अनिवार्य थर्ड-पार्टी बीमा की अवधि बढ़ाने का भी निर्देश दिया है।   सुप्रीम कोर्ट ने यह कदम देश में बड़ी संख्या में बिना बीमा वाले वाहनों को देखते हुए उठाया है। अदालत के सामने पेश आंकड़ों के अनुसार, सड़कों पर चल रहे करीब 56% वाहनों का थर्ड-पार्टी बीमा नहीं है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को समय पर मुआवजा मिलने में दिक्कत होती है। अदालत का मानना है कि प्रस्तावित व्यवस्था लागू होने से वाहन मालिकों में बीमा कराने की प्रवृत्ति बढ़ेगी और दुर्घटना पीड़ितों के हितों की बेहतर सुरक्षा हो सकेगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 5 August 2026

पूर्व राज्यपाल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और प्रख्यात शिक्षाविद डी.वाई. पाटिल का मंगलवार को 92 वर्ष की उम्र में महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार थे। डी.वाई. पाटिल ने 1967 में विधायक के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी और बाद में शिक्षा, स्वास्थ्य तथा समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने डी.वाई. पाटिल विश्वविद्यालय की स्थापना की और उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया था। उन्होंने त्रिपुरा और बिहार के राज्यपाल के रूप में सेवा दी, जबकि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला।   डी.वाई. पाटिल के निधन पर देशभर के राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर है। कई नेताओं ने उन्हें दूरदर्शी शिक्षाविद, समाजसेवी और जनसेवा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत अनेक नेताओं ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा और उनका प्रेरणादायी जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बना रहेगा।

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Priyanshi Chaturvedi 4 August 2026

कश्मीर के कुलगाम में चार दिन पहले दो प्रवासी मजदूरों की आतंकियों द्वारा हत्या किए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने उनकी सुरक्षा को लेकर नई रणनीति तैयार की है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया कि घाटी में अलग-अलग और असुरक्षित स्थानों पर रह रहे प्रवासी मजदूरों को सुरक्षित क्लस्टरों में बसाया जाएगा। इसके अलावा, घाटी में आने वाले प्रत्येक नए मजदूर को स्थानीय पुलिस थाने में अपनी जानकारी दर्ज करानी होगी, जिसके बाद पुलिस सुरक्षा सत्यापन करेगी।   प्रशासन का मुख्य फोकस बडगाम, अनंतनाग, कुलगाम और पुलवामा जैसे क्षेत्रों पर है, जहां बड़ी संख्या में ईंट-भट्ठों और बागानों में उत्तर प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ के प्रवासी श्रमिक काम करते हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रत्येक मजदूर को व्यक्तिगत सुरक्षा देना व्यावहारिक नहीं है, इसलिए उन्हें नामित सुरक्षित क्लस्टरों में ठहराने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि टारगेट किलिंग जैसी घटनाओं को रोका जा सके और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 4 August 2026

पटना में पेपर लीक और रोजगार की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकले छात्रों को मंगलवार को इनकम टैक्स गोलंबर पर पुलिस ने रोक दिया। बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान कुछ छात्र वाटर कैनन के बीच नाचते नजर आए, जबकि कई छात्र सड़क पर बैठ और लेट गए। पुलिस ने उन्हें हटाकर प्रदर्शन स्थल खाली कराया। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी और पुलिस के साथ हल्की झड़प भी हुई।   प्रदर्शन में कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, कांग्रेस के बिहार प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और पूर्णिया सांसद पप्पू यादव भी शामिल हुए। विनोद जाखड़ सड़क पर लेट गए, जबकि राजेश राम बैरिकेडिंग पर चढ़कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते दिखे। पुलिस ने विनोद जाखड़, राजेश राम और छात्रा भाग्य भारती समेत कई लोगों को हिरासत में ले लिया और प्रदर्शनकारियों को मौके से हटा दिया।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 4 August 2026

राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे और नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। हंगामे के बावजूद लोकसभा ने बिना चर्चा के सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सहित न्यायाधीशों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने संबंधी संशोधन विधेयक पारित कर दिया। वहीं, राज्यसभा ने MSME विकास (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दे दी, जिसके बाद सदन की कार्यवाही भी मंगलवार तक स्थगित कर दी गई। प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए गृह मंत्री अमित शाह से सदन में बयान देने की मांग की। मौजूदा मानसून सत्र में अब तक वंदे मातरम विधेयक, पब्लिक एग्जामिनेशन (संशोधन) विधेयक, सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक और MSME विकास (संशोधन) विधेयक को मंजूरी मिल चुकी है। वहीं, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, आयकर, विदेशी अंशदान (FCRA) और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान से जुड़े विधेयकों पर अभी संसद की मंजूरी बाकी है।    

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Priyanshi Chaturvedi 3 August 2026

कर्नाटक में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार आज शाम बेंगलुरु में होगा। कांग्रेस हाईकमान ने 20 मंत्रियों के नामों को मंजूरी दे दी है, जिनमें 12 नए चेहरों को पहली बार मंत्री बनने का अवसर मिलेगा, जबकि 8 मौजूदा मंत्रियों को भी कैबिनेट में जगह दी गई है। गायत्री शांतिगौड़ा मंत्रिमंडल की एकमात्र महिला मंत्री होंगी। शपथ ग्रहण समारोह शाम 4:05 बजे लोक भवन में आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही जी.एस. पाटिल को विधानसभा अध्यक्ष, ए.एस. पोन्नन्ना को उपाध्यक्ष, सलीम अहमद को विधान परिषद का सभापति और उमाश्री को उपसभापति बनाने को भी मंजूरी दी गई है। कैबिनेट विस्तार से पहले राज्य मंत्री प्रियंक खड़गे ने कहा था कि अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान को करना था, क्योंकि पार्टी के पास बड़ी संख्या में योग्य विधायक हैं और सीमित मंत्री पदों के लिए चयन चुनौतीपूर्ण था। कर्नाटक में संवैधानिक रूप से मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 34 मंत्री हो सकते हैं। राज्य की राजनीति में लिंगायत, वोक्कालिगा और कुरबा समुदायों का महत्वपूर्ण प्रभाव माना जाता है। इसी संतुलन को ध्यान में रखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे डॉ. यतींद्र सिद्धारमैया को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।    

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 3 August 2026

E20 ईंधन नीति के विरोध में सोमवार को नागपुर में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के आवास की ओर मार्च निकालने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने गडकरी के घर का घेराव करने की कोशिश की, लेकिन भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग के चलते उन्हें रोक दिया गया। इस दौरान कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शन के मद्देनज़र गडकरी के आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।   वहीं, जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में पुलिस, सेना की 44 राष्ट्रीय राइफल्स और सीआरपीएफ की 183वीं बटालियन ने संयुक्त अभियान के दौरान एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया। ड्रबगाम-पचार रोड पर लगाए गए संयुक्त नाके के दौरान आरोपी ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की, लेकिन जवानों ने उसे फ्रूट मंडी के पास पकड़ लिया। आरोपी की पहचान तौसीफ अहमद डार के रूप में हुई है। उसके पास से एक हैंड ग्रेनेड, तीन देश विरोधी पोस्टर और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है। पुलिस ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट और यूएपीए की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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Priyanshi Chaturvedi 3 August 2026

तमिलनाडु सरकार ने NEET परीक्षा के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ दर्ज सभी पुलिस मामलों को वापस लेने का फैसला किया है। स्कूल शिक्षा मंत्री राजमोहन ने बताया कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया है। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य छात्रों के हितों की रक्षा करना है और जल्द ही इससे जुड़ी विस्तृत जानकारी जारी की जाएगी।   NEET पेपर लीक को लेकर तमिलनाडु समेत कई राज्यों में छात्रों ने व्यापक प्रदर्शन किए थे। चेन्नई सहित विभिन्न स्थानों पर विरोध के दौरान पुलिस ने कई छात्रों के खिलाफ मामले दर्ज किए थे। अब सरकार के फैसले से इन छात्रों को कानूनी राहत मिलेगी। इसे युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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Priyanshi Chaturvedi 2 August 2026

23 अगस्त से शुरू होने वाली दलीप ट्रॉफी 2026 में सेंट्रल जोन की कप्तानी रजत पाटीदार, ईस्ट जोन की कमान ईशान किशन और वेस्ट जोन का नेतृत्व ऋतुराज गायकवाड़ करेंगे। इस बार टूर्नामेंट के फॉर्मेट के तहत सेंट्रल जोन और साउथ जोन को सीधे सेमीफाइनल में जगह मिली है, जबकि ईस्ट, वेस्ट, नॉर्थ और नॉर्थ-ईस्ट जोन की टीमें प्लेऑफ मुकाबले खेलकर अंतिम चार में पहुंचने की कोशिश करेंगी।   सेंट्रल जोन और साउथ जोन को सीधा सेमीफाइनल में स्थान इसलिए मिला है क्योंकि ये दोनों टीमें दलीप ट्रॉफी 2025 की फाइनलिस्ट थीं। पिछले संस्करण में सेंट्रल जोन ने साउथ जोन को हराकर खिताब जीता था। इसी नियम के तहत पूर्व विजेता और उपविजेता को सीधे सेमीफाइनल में प्रवेश दिया गया है, जबकि बाकी चार जोन की टीमें प्लेऑफ के जरिए सेमीफाइनल का टिकट हासिल करेंगी।

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Priyanshi Chaturvedi 2 August 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े कथित मॉर्फ्ड फोटो और AI वीडियो मामले में हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस द्वारा मेटा इंडिया प्रमुख समेत कई सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी नेता टी. साईकिरण गौड़ ने आरोप लगाया कि कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स प्रधानमंत्री की छवि खराब करने के उद्देश्य से सक्रिय हैं और इन्हें विपक्षी दलों से कथित तौर पर आर्थिक मदद मिल रही है। उनका दावा है कि जिन 20 अकाउंट्स के खिलाफ शिकायत की गई, वे छात्र नहीं बल्कि राजनीतिक मकसद से संचालित किए जा रहे हैं।   साईकिरण गौड़ ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के नाम पर मॉर्फ्ड वीडियो और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष समर्थित लोग सोशल मीडिया के जरिए प्रधानमंत्री को निशाना बनाने के लिए संगठित अभियान चला रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में सार्वजनिक रूप से कोई साक्ष्य पेश नहीं किया गया है। वहीं, हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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Priyanshi Chaturvedi 31 July 2026

मध्य प्रदेश में मूंग की कीमतों में करीब 500 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी से किसानों को राहत मिली है। हाल के आंदोलन के बाद राज्य सरकार ने मूंग खरीदी की सीमा बढ़ाई, जिससे बाजार में भाव भी मजबूत हुए। हालांकि, दूसरी ओर सरकार के लिए अतिरिक्त मूंग खरीदी बड़ा वित्तीय बोझ बन गई है। केंद्र द्वारा तय कोटे से अधिक खरीदी गई मूंग को समर्थन मूल्य पर उठाया नहीं जा रहा, जिसके कारण राज्य सरकार को इसे खुले बाजार में कम कीमत पर बेचना पड़ रहा है।   वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 में मध्य प्रदेश ने केंद्र के निर्धारित कोटे से 5.33 लाख मीट्रिक टन अधिक मूंग खरीदी। अधिकारियों के अनुसार, समर्थन मूल्य पर खरीदी गई इस उपज को बाजार में 1500 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल कम दाम पर बेचना पड़ा, जिससे पहले ही करीब 2 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। वहीं, पिछले साल खरीदी गई मूंग पर लगभग 1200 करोड़ रुपये के अतिरिक्त घाटे की आशंका जताई जा रही है।

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Priyanshi Chaturvedi 31 July 2026

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को झाबुआ जिले के थांदला में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेशभर के स्व-सहायता समूहों को करीब 300 करोड़ रुपये का ऋण वितरित करेंगे। इस दौरान झाबुआ जिले के 215 स्व-सहायता समूहों को भी 10.80 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना, स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना और छोटे व्यवसायों को मजबूत करना है। साथ ही मुख्यमंत्री प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों से संवाद करेंगे और 'आजीविका मेला' में स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों का अवलोकन भी करेंगे।   कार्यक्रम के दौरान झाबुआ जिले को 283 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात भी मिलेगी। इसमें 174.64 करोड़ रुपये की लागत वाले 29 विकास कार्यों का भूमिपूजन और 109.17 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण 28 परियोजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से जिले में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा, जबकि ऋण वितरण से स्व-सहायता समूहों की कार्यशील पूंजी बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर विकसित होंगे।

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Priyanshi Chaturvedi 31 July 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने संसद में पेश किए गए पब्लिक एग्जामिनेशन (अमेंडमेंट) बिल का समर्थन करते हुए कहा कि इससे शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। इस बयान के साथ उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के रुख से अलग राय रखी। एक दिन पहले सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने बिल को अप्रभावी बताते हुए कहा था कि केवल कानून में संशोधन से पेपर लीक की समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि सरकार की नीयत और परीक्षा प्रणाली में सुधार जरूरी है। वांगचुक ने केंद्र सरकार से हालिया छात्र आंदोलन के दौरान किए गए लिखित वादे को निभाने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। गौरतलब है कि नीट पेपर लीक के विरोध में देशभर में आंदोलन हुए थे और वांगचुक ने 26 दिनों तक भूख हड़ताल की थी। उनका कहना है कि सरकार को छात्रों से किए गए सभी आश्वासन पूरे करने चाहिए।    

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 30 July 2026

धार के भोजशाला/कमाल मौला परिसर विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को अंतरिम राहत देते हुए शुक्रवार की नमाज के लिए विवादित परिसर से सटी खसरा नंबर 596 की जमीन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मध्य प्रदेश सरकार से कहा कि हर शुक्रवार दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक नमाज के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था 14 जुलाई 2026 के पहले दिए गए आदेश के स्पष्टीकरण के रूप में की जा रही है।   यह आदेश मुस्लिम पक्ष की उस अर्जी पर आया, जिसमें नमाज के लिए विवादित परिसर के निकट वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रस्तुत साइट प्लान का उल्लेख करते हुए कहा कि खसरा नंबर 596 तक स्वतंत्र मार्ग उपलब्ध है, जिससे नमाज के दौरान विवादित परिसर में किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं होगा। मामले की आगे की सुनवाई और अंतिम निर्णय न्यायालय में लंबित है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 30 July 2026

दिल्ली जिमखाना क्लब की जमीन से जुड़े विवाद में केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा कि सार्वजनिक परिसरों से बेदखली की वैधानिक प्रक्रिया पर अदालत रोक नहीं लगा सकती। सरकार ने अपने जवाब में कहा कि क्लब की 28 फरवरी 1928 की स्थायी लीज 22 मई 2026 को कानूनी रूप से समाप्त कर दी गई थी। इसके बाद क्लब का कब्जा सार्वजनिक परिसर (पीपी) अधिनियम की धारा 2(जी) के तहत अधिकृत नहीं रहा और एस्टेट ऑफिसर द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस पूरी तरह वैध है।   केंद्र ने यह भी दलील दी कि लीज समझौता सरकार और दिल्ली जिमखाना क्लब लिमिटेड के बीच हुआ था, इसलिए क्लब का कोई सदस्य सरकार को अपने वैधानिक अधिकारों के प्रयोग से नहीं रोक सकता। सरकार का कहना है कि सार्वजनिक जमीन का उपयोग जनहित और पारदर्शिता के अनुरूप होना चाहिए, जबकि क्लब पक्ष अपनी ऐतिहासिक विरासत और संस्थागत पहचान को बनाए रखने की दलील दे रहा है। मामला फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट में विचाराधीन है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 30 July 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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कांवड़ यात्रा 2026 को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) हरिद्वार समेत लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे प्रमुख रूटों पर अतिरिक्त बसों का संचालन करेगा। साथ ही, प्रत्येक क्षेत्रीय मुख्यालय पर 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे, जो यात्रा की शुरुआत से समापन तक लगातार निगरानी करेंगे और किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करेंगे।   यात्रियों की सुविधा के लिए बस स्टेशनों पर स्वच्छ शौचालय, पेयजल, विश्राम स्थल, पूछताछ केंद्र, लाउडस्पीकर और खानपान की बेहतर व्यवस्था की जाएगी। वहीं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बस चालकों का ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट अनिवार्य होगा और निर्धारित गति सीमा का सख्ती से पालन कराया जाएगा। जिला प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय बनाकर रूट डायवर्जन की जानकारी तुरंत साझा की जाएगी, ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था बाधित न हो और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 27 July 2026

मध्यप्रदेश में मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी और खाद वितरण के लिए ई-टोकन व्यवस्था जैसी मांगों को लेकर किसान संगठनों ने आंदोलन तेज कर दिया है। भोपाल में प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए नर्मदापुरम और हरदा से रवाना हो रहे किसानों को प्रशासन ने रास्ते में रोक दिया। नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर एकत्रित किसानों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया और प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने पर नर्मदाजी में कूदने की चेतावनी दी, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया।   स्थिति को देखते हुए नर्मदापुरम और हरदा जिलों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर किसानों की आवाजाही रोकी जा रही है, जबकि कई किसान नेताओं को हिरासत में भी लिया गया है। भोपाल चौराहे और डोंगरवाड़ा तिराहे समेत संवेदनशील स्थानों पर कलेक्टर और एसपी स्वयं निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि किसानों को मार्च की अनुमति नहीं दी गई है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 27 July 2026

मध्यप्रदेश सरकार 'कृषक कल्याण वर्ष 2026' के तहत किसानों को बड़ी सौगात देने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को खंडवा में आयोजित 'बलराम कृषि महोत्सव' में शामिल होकर मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश के करीब 82 लाख किसानों के बैंक खातों में ₹3,300 करोड़ की सहायता राशि ट्रांसफर करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री किसानों से संवाद करेंगे और कृषि क्षेत्र में सरकार की योजनाओं, आधुनिक खेती और नवाचारों की जानकारी भी साझा करेंगे। बलराम कृषि महोत्सव में किसानों को बदलती जलवायु के अनुरूप खेती की नई तकनीक, जोखिम प्रबंधन, ड्रोन तकनीक, स्मार्ट सिंचाई, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, जल संरक्षण और डिजिटल कृषि सेवाओं की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता और कृषि अभियांत्रिकी समेत विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जहां विशेषज्ञ किसानों की समस्याओं का समाधान और आधुनिक कृषि तकनीकों पर मार्गदर्शन देंगे।    

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 27 July 2026

देश में पेपर लीक की घटनाएं अब किसी एक राज्य या परीक्षा तक सीमित नहीं रह गई हैं। वर्ष 2014 से जुलाई 2026 तक मीडिया रिपोर्टों और सरकारी कार्रवाई के आधार पर कम से कम 116 पेपर लीक के मामले सामने आए हैं, जिनसे करीब 7.5 करोड़ अभ्यर्थी प्रभावित हुए। इस दौरान पेपर माफिया का नेटवर्क 19 राज्यों तक फैला मिला। आंकड़ों के अनुसार, 2014 से 2024 के बीच 89 पेपर लीक के मामले दर्ज हुए, जिनमें 21 केंद्रीय और 68 राज्य स्तरीय परीक्षाएं शामिल थीं।   इसके बाद 2025 में 20 और 2026 में जुलाई तक नीट-यूजी समेत 7 बड़े पेपर लीक के मामले सामने आए। सबसे अधिक असर शिक्षक भर्ती, पुलिस भर्ती और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं पर पड़ा, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ। लगातार सामने आ रहे मामलों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और अभ्यर्थियों में वर्षों से जमा नाराजगी को और बढ़ा दिया है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 26 July 2026

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भले ही छात्र आंदोलन समाप्त हो गया हो, लेकिन इससे जुड़ी चर्चाएं अब भी जारी हैं। सोशल मीडिया पर ओडिशा की भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी की बेटी अर्चिता राहर से जुड़े कुछ कथित इंस्टाग्राम पोस्ट वायरल हो रहे हैं। इन पोस्ट्स में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कथित तौर पर लिखा गया कि वह अपना पोस्ट डिलीट नहीं करेंगी और छात्रों के साथ खड़ी हैं। हालांकि, इन पोस्ट्स की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इस मामले पर अर्चिता या सांसद अपराजिता सारंगी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।   वहीं असम में मंत्री केशब महंत की बेटी दिबीसा महंत कथित तौर पर नीट पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन में शामिल दिखीं, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री के खिलाफ नारे लगाए। इस पर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि किसी व्यक्ति के विरोध प्रदर्शन के लिए उसके माता-पिता को निशाना बनाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि दिबीसा को समझाया जाएगा, लेकिन इस मामले में मंत्री केशब महंत को ट्रोल नहीं किया जाना चाहिए।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 26 July 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' के 136वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए सबसे पहले कारगिल विजय दिवस पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस ऐसी तारीख है, जिसे याद रखने के लिए दिन याद रखने की जरूरत नहीं पड़ती। पीएम ने कहा कि भारतीय सैनिकों ने विपरीत परिस्थितियों में अदम्य साहस का परिचय देकर देश का गौरव बढ़ाया और उनका बलिदान हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं की उपलब्धियों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय छात्रों ने साइंस ओलंपियाड में शानदार प्रदर्शन कर देश का मान बढ़ाया है। साथ ही उन्होंने निजी क्षेत्र द्वारा विकसित भारत के पहले रॉकेट 'विक्रम-1' के सफल प्रक्षेपण को ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि युवा इनोवेटर्स ने अपने कौशल, जुनून और धैर्य के दम पर वह कर दिखाया, जो कभी असंभव माना जाता था।    

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 26 July 2026

देश में लगातार गरमाते पेपर लीक विवाद और भारी राजनीतिक दबाव के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) और अन्य परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर पिछले 36 दिनों से जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का धरना जारी था। इस्तीफे के बाद पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके ने इसे अपनी बड़ी जीत बताते हुए कहा कि जो लोग दावा करते थे कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, उन्हें जनभावनाओं के आगे झुकना ही पड़ा। दूसरी तरफ, धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर दो पन्नों और 575 शब्दों की अपनी चिट्ठी साझा कर इस निर्णय की जानकारी दी। इस पत्र में उन्होंने अपनी सरकार के प्रयासों का बचाव करते हुए दो अलग-अलग जगहों पर यह आरोप भी लगाया कि कुछ असामाजिक व राजनीतिक तत्व देश के युवाओं को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं। इस बड़े फैसले के बाद अब नए शिक्षा मंत्री के नाम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, वहीं प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पूरी तरह सुधार होने तक उनकी नजर सरकार के कदमों पर बनी रहेगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 25 July 2026

भारतीय सेना के सामने सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (SDAL) ने नागपुर में स्वदेशी काउंटर-ड्रोन सिस्टम 'भार्गवास्त्र' का सफल लाइव ट्रायल किया। कंपनी के अनुसार, यह प्रणाली ड्रोन और ड्रोन स्वार्म (ड्रोन के झुंड) जैसे आधुनिक हवाई खतरों से निपटने के लिए विकसित की गई है। इसे सेना के कमांड, कंट्रोल, कम्युनिकेशन, कंप्यूटर और इंटेलिजेंस (C4I) नेटवर्क से भी जोड़ा जा सकता है। कंपनी का दावा है कि यह सिस्टम वाहन पर आसानी से लगाया जा सकता है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर इसे तेजी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर तैनात किया जा सके।   कंपनी के मुताबिक, भार्गवास्त्र स्वदेशी रॉकेट और सटीक निशाना लगाने वाली माइक्रो-मिसाइलों से लैस है, जो दुश्मन के ड्रोन को हवा में ही नष्ट करने में सक्षम हैं। इसमें 10 किलोमीटर तक ड्रोन का पता लगाने वाला रडार और उन्नत सेंसर लगाए गए हैं, जो लक्ष्य की पहचान और ट्रैकिंग में मदद करते हैं। दावा किया गया है कि इस प्रणाली को रेगिस्तान, मैदानी इलाकों और समुद्र तल से 5,000 मीटर तक ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में भी प्रभावी ढंग से तैनात किया जा सकता है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 25 July 2026

भारतीय सेना के सामने सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (SDAL) ने नागपुर में स्वदेशी काउंटर-ड्रोन सिस्टम 'भार्गवास्त्र' का सफल लाइव ट्रायल किया। कंपनी के अनुसार, यह प्रणाली ड्रोन और ड्रोन स्वार्म (ड्रोन के झुंड) जैसे आधुनिक हवाई खतरों से निपटने के लिए विकसित की गई है। इसे सेना के कमांड, कंट्रोल, कम्युनिकेशन, कंप्यूटर और इंटेलिजेंस (C4I) नेटवर्क से भी जोड़ा जा सकता है। कंपनी का दावा है कि यह सिस्टम वाहन पर आसानी से लगाया जा सकता है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर इसे तेजी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर तैनात किया जा सके।   कंपनी के मुताबिक, भार्गवास्त्र स्वदेशी रॉकेट और सटीक निशाना लगाने वाली माइक्रो-मिसाइलों से लैस है, जो दुश्मन के ड्रोन को हवा में ही नष्ट करने में सक्षम हैं। इसमें 10 किलोमीटर तक ड्रोन का पता लगाने वाला रडार और उन्नत सेंसर लगाए गए हैं, जो लक्ष्य की पहचान और ट्रैकिंग में मदद करते हैं। दावा किया गया है कि इस प्रणाली को रेगिस्तान, मैदानी इलाकों और समुद्र तल से 5,000 मीटर तक ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में भी प्रभावी ढंग से तैनात किया जा सकता है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 25 July 2026

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसजेंडर समुदाय के रोजगार अधिकारों पर सुनवाई करते हुए दिल्ली सरकार से सवाल किया कि जब सरकारी भर्ती विज्ञापनों में पद केवल पुरुष और महिला श्रेणी में विभाजित किए जाते हैं, तो ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों की नियुक्ति कैसे होगी। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि केवल आवेदन पोर्टल में 'थर्ड जेंडर' का विकल्प जोड़ देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में उनकी वास्तविक भागीदारी सुनिश्चित करना भी जरूरी है। अदालत ने इस मामले में दिल्ली सरकार को विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।   सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद आवेदन पोर्टल में तीसरे लिंग का विकल्प जोड़ दिया गया है और याचिकाकर्ता आवेदन भी कर चुकी हैं। वहीं, याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि कई सरकारी भर्तियों में अब भी पद केवल पुरुष और महिला श्रेणियों में ही विज्ञापित किए जाते हैं। इस पर कोर्ट ने टिप्पणी की, "वे भी इंसान हैं, उन्हें सहानुभूति से देखें।" अदालत ने यह भी कहा कि आवेदन के बाद भी ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों को श्रेणी का हवाला देकर बाहर किया जा सकता है, इसलिए इस मुद्दे पर सरकार से विस्तृत जवाब मांगा गया है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 25 July 2026

मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) में लगातार हो रही गड़बड़ियों और पेपर लीक विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है। जस्टिस पी. एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने सुनवाई के दौरान साफ शब्दों में कहा कि परीक्षाओं में हो रही बार-बार की गलतियों को अब बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और अदालत इस पूरी प्रक्रिया की खुद बारकी से निगरानी (Close Monitoring) करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से यह भी सवाल किया कि क्या नीट परीक्षा को पूरी तरह कंप्यूटर-बेस्ड (CBT) मोड में ट्रांसफर किया जा सकता है और इसके लिए साइबर सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को आश्वस्त किया कि प्रश्नपत्रों की प्रिंटिंग से लेकर परीक्षा केंद्रों तक वितरण की पूरी प्रक्रिया का ब्योरा विस्तृत हलफनामे के जरिए कोर्ट को सौंपा जाएगा। इसके अलावा, इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों—जैसे सख्त बायोमेट्रिक जांच, जीपीएस ट्रैकिंग और नियमित साइबर ऑडिट—को लागू करने की प्रक्रिया तेजी से जारी है। सरकार ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि लाखों छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने और परीक्षा प्रणाली को फुलप्रूफ बनाने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 24 July 2026

मध्य प्रदेश में सरकारी खर्च की वित्तीय पारदर्शिता को लेकर भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। राज्य शासन के विभिन्न विभागों ने वर्ष 2024-25 तक विभिन्न विकास परियोजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं के लिए निकाले गए ₹60,113 करोड़ के 81 हजार से अधिक उपयोगिता प्रमाण-पत्र (Utilization Certificates) जमा नहीं किए हैं। कैग के अनुसार, यह वित्तीय नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है जो राज्य के कमजोर आंतरिक नियंत्रण और निगरानी तंत्र को उजागर करता है। बकाया प्रमाण-पत्रों में पंचायती राज, सामाजिक न्याय, और ग्रामीण विकास जैसे मुख्य विभाग सबसे आगे हैं, जहाँ सामाजिक न्याय विभाग में तो ₹53 करोड़ के खर्च के मुकाबले महज ₹5 लाख का प्रमाण-पत्र पेश किया गया। उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत न करने से न केवल सरकारी धन के दुरुपयोग और गबन का जोखिम बढ़ जाता है, बल्कि इससे लाभार्थियों तक सहायता पहुँचने में भी संशय बना रहता है। कैग ने चेतावनी दी है कि पुराने खर्च का ब्योरा न मिलने की स्थिति में केंद्र सरकार से मिलने वाला आगामी अनुदान और किस्तें रुक सकती हैं, जिससे कई महत्वपूर्ण योजनाएं और संस्थागत बजट प्रभावित हो सकते हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए कैग ने राज्य सरकार को त्वरित जांच करने, देरी के कारणों की पहचान करने और एक कठोर निगरानी व्यवस्था स्थापित करने की सिफारिश की है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 24 July 2026

नीट (NEET) पेपर लीक विवाद को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेतृत्व ने प्रदर्शनकारियों से संयम और शांति बनाए रखने की अपील की है। केंद्र सरकार के साथ जारी बातचीत और वार्ता के माहौल को बनाए रखने के लिए सीजेपी नेताओं ने समर्थकों से स्पष्ट कहा है कि वे किसी भी प्रकार की भड़काऊ नारेबाजी या उकसावे वाले कदमों से दूर रहें, जिससे सरकार के साथ चल रही वार्ता प्रभावित न हो। सोनम वांगचुक ने तोड़ा 26 दिनों का अनशन जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्रियों (जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह) की मौजूदगी में अपना 26 दिनों से जारी अनशन समाप्त कर दिया है। सरकार द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों पर कोई कानूनी/दंडात्मक कार्रवाई न करने और अन्य मांगों पर सकारात्मक विचार करने के लिखित आश्वासन के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 24 July 2026

NEET पेपर लीक को लेकर जारी आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया कि सरकार ने एक बार फिर बातचीत का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, संगठन ने कहा कि वह भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा के आवास पर बातचीत नहीं करेगा। CJP ने बातचीत के लिए किसी तटस्थ स्थान पर बैठक की शर्त रखी, जबकि महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में समाजसेवी अन्ना हजारे ने छात्रों के समर्थन में गांधी स्मारक पर मौन प्रदर्शन किया। उधर, सरकार ने दोहराया कि बातचीत के लिए उसके दरवाजे खुले हैं। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि सरकार छात्रों के मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष इससे बच रहा है। इससे पहले जे.पी. नड्डा ने भी कहा था कि CJP जब चाहे बातचीत कर सकता है और सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों में त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की है। इसके बावजूद CJP ने फिलहाल वार्ता से इनकार करते हुए अपना आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।    

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 23 July 2026

NEET पेपर लीक के विरोध में मुंबई में चल रहे छात्र प्रदर्शन के बीच एक पुलिसकर्मी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में कथित तौर पर पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारी छात्रों को दोबारा आंदोलन में शामिल होने पर झूठे ड्रग्स केस में फंसाने और पूरी जिंदगी जेल भेजने की धमकी देता दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद मुंबई पुलिस ने संबंधित पुलिसकर्मी को तत्काल ड्यूटी से हटा दिया और मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी है। मुंबई में शिवाजी पार्क, चेंबूर समेत कई इलाकों में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए 400 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। वायरल वीडियो को लेकर विपक्षी नेताओं और सोशल मीडिया पर भी सवाल उठाए गए। मुंबई पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।    

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 23 July 2026

सोनम वांगचुक के अनशन का गुरुवार को 26वां दिन है। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती वांगचुक ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि यदि सरकार यह भरोसा दे कि छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी, तो वह आज ही अपना अनशन समाप्त करने को तैयार हैं। उन्होंने सरकार को लिखे पत्र में पेपर लीक मामलों पर संसद में सार्थक चर्चा, कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा, जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार जैसी मांगें भी रखीं। उधर, केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा कि सरकार को वांगचुक का पत्र मिल गया है और सभी बिंदुओं पर चर्चा की जा रही है।   वांगचुक की सुरक्षा को देखते हुए मेदांता अस्पताल में करीब 600 पुलिसकर्मियों की तीन शिफ्टों में तैनाती की गई है और प्रवेश व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बुधवार को उनसे मिलने पहुंचे विपक्षी सांसदों को पुलिस ने अस्पताल के बाहर ही रोक दिया, जिसके बाद कुछ देर तक विरोध प्रदर्शन हुआ। वहीं, अस्पताल की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन में बताया गया कि वांगचुक आईसीयू में भर्ती हैं, उनकी स्थिति स्थिर है, सभी जरूरी स्वास्थ्य संकेतक सामान्य हैं और उनका इलाज उनकी सहमति से विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की निगरानी में जारी है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 23 July 2026

संसद के मानसून सत्र के दौरान NEET पेपर लीक और विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों व समर्थकों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। राहुल गांधी समेत तमाम विपक्षी सांसद विरोध स्वरूप काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। लोकसभा में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पुलिस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सरकार को घेरा, वहीं कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने शिक्षा मंत्री के तुरंत इस्तीफे पर जोर दिया। लगातार हो रहे हंगामे और नारेबाजी के कारण लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही को बार-बार स्थगित करना पड़ा। दूसरी तरफ, सरकार ने इस संवेदनशील मुद्दे पर सदन में विस्तृत चर्चा कराने की सहमति जताई है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सरकार पिछले कई दिनों से NEET मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। हंगामे के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की, जिसके बाद सरकार की ओर से इस विषय पर सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नीट पेपर लीक मामले पर संसद में होने वाली चर्चा के नियम, तारीख और समय की अवधि को सर्वसम्मति से तय करना है।

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Priyanshi Chaturvedi 22 July 2026

NEET परीक्षा में सुधार और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कथित बर्बरता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई से अदालत ने साफ इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने सख्त रुख अपनाते हुए याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि अदालत के पास वीडियो देखने का समय नहीं है और वे अपना व कोर्ट का समय बर्बाद न करें। इससे पहले मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने भी इस तरह की याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से मना करते हुए स्पष्ट टिप्पणी की थी कि अदालत को इन मामलों में न घसीटा जाए। दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है और इस पूरी घटना की जांच कराने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि पुलिस कार्रवाई में कई निर्दोष छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं। गौरतलब है कि 20 जुलाई को 'संसद मार्च' के दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज में 100 से अधिक छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए थे, जिसके बाद से यह मामला लगातार कानूनी और राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है।

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Priyanshi Chaturvedi 22 July 2026

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग स्थित व्यस्तम लाल चौक इलाके में बुधवार दोपहर आतंकियों ने पुलिस टीम पर अचानक अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस हमले में ड्यूटी पर तैनात हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन गंभीर रूप से घायल हो गए और इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय उन्होंने दम तोड़ दिया। जवाबी कार्रवाई के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने पूरे मुख्य बाजार और आसपास के इलाकों की सख्त नाकेबंदी कर बड़े पैमाने पर तलाश अभियान शुरू कर दिया है। घाटी में हाल के दिनों में आतंकी गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई है। इससे पहले 18 जुलाई को राजौरी में नियंत्रण रेखा (LoC) पर सेना ने आतंकियों की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया था, जबकि 8 जुलाई को शोपियां में सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर जाकिर अहमद गनी को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। अनंतनाग की घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं और हर संदिग्ध वाहन व व्यक्ति की गहन जांच की जा रही है।

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Priyanshi Chaturvedi 22 July 2026

संसद के मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर से संसद मार्च निकाल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने कई जगह बैरिकेडिंग की, आंसू गैस के गोले छोड़े और बल प्रयोग किया। इस दौरान पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बाद में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की ओर से बातचीत का निमंत्रण मिलने के बाद अभिजीत दीपके ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। इस बीच दिल्ली पुलिस ने उन खबरों का खंडन किया, जिनमें प्रदर्शनकारियों के ओखला स्थित एनटीए कार्यालय में घुसने का दावा किया गया था। पुलिस ने कहा कि एनटीए दफ्तर पूरी तरह सुरक्षित है और वहां कोई सुरक्षा उल्लंघन नहीं हुआ। अधिकारियों के अनुसार, केवल 5 से 7 अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को परीक्षा परिणाम से जुड़ी शिकायतों के लिए एनटीए अधिकारियों से मिलने की अनुमति दी गई थी। पुलिस ने लोगों से केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की।    

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Priyanshi Chaturvedi 20 July 2026

संसद के मानसून सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए बिना नाम लिए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तंज कसा। भारत के पहले निजी रॉकेट 'विक्रम-1' को ऑर्बिट में भेजने वाली स्काईरूट एयरोस्पेस का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि कंपनी की टीम की औसत उम्र 28 साल है और देश के युवा नए कीर्तिमान बना रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "हालांकि मैं किसी 56 साल के युवा की बात नहीं कर रहा।" प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी पर उनके पीछे खड़े संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भी मुस्कुराते नजर आए। प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी को राहुल गांधी पर राजनीतिक तंज माना जा रहा है, जिनकी उम्र 56 वर्ष है। मोदी और राहुल के बीच लंबे समय से '56 इंच की छाती' और '56 साल के युवा' को लेकर राजनीतिक बयानबाजी होती रही है। राहुल गांधी भी कई मौकों पर बेरोजगारी, महंगाई और चीन जैसे मुद्दों पर प्रधानमंत्री के '56 इंच' वाले बयान को निशाना बना चुके हैं।    

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Priyanshi Chaturvedi 20 July 2026

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों के संसद के करीब पहुंचने पर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई। संसद परिसर के आसपास अतिरिक्त पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए गए, जबकि प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और बल प्रयोग किया। इस बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान संसद भवन के भीतर गृह मंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे। वहीं, सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का दौर भी जारी रहा। प्रदर्शन के चलते संसद परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई तथा कुछ समय के लिए केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन के कुछ गेट बंद किए गए। उधर, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। पार्टी का दावा है कि उन्होंने एक नीट अभ्यर्थी के पिता के आग्रह पर यह फैसला लिया। साथ ही CJP ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन स्थल पर बिना किसी आपात स्थिति के एंबुलेंस पहुंचने से भगदड़ जैसी स्थिति बन सकती थी, जबकि प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।    

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Priyanshi Chaturvedi 20 July 2026

दिल्ली हाईकोर्ट ने अनशनरत सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से निजी अस्पताल स्थानांतरित करने की मांग पर तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि स्वास्थ्य बिगड़ने और पूर्व न्यायिक आदेशों के मद्देनज़र उन्हें सरकारी अस्पताल ले जाना पहली नजर में मनमाना कदम नहीं कहा जा सकता। कोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को तीन दिन के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी।   वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने याचिका दायर कर निजी अस्पताल में इलाज की अनुमति मांगी है। उधर, वांगचुक अस्पताल में भी अपना आमरण अनशन जारी रखे हुए हैं और ड्रिप व दवाएं लेने से इनकार कर रहे हैं। गौरतलब है कि वे 28 जून से NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन पर हैं। शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल लेकर गई थी।

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Priyanshi Chaturvedi 19 July 2026

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल जिले के जगदीशपुर (पुराना इस्लामनगर) में हुई कैबिनेट बैठक में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कानून किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और समान न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि "राम और रहीम, दोनों के लिए कानून समान होगा।" अब यूसीसी विधेयक को विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि 27 अप्रैल 2026 को गठित न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई समिति ने विभिन्न राज्यों के यूसीसी मॉडल और मौजूदा कानूनों का अध्ययन कर मसौदा तैयार किया। जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए वेब पोर्टल, जन-परामर्श बैठकों और करीब 3.5 करोड़ एसएमएस के माध्यम से लोगों से सुझाव लिए गए। सरकार के अनुसार, पोर्टल पर 9.58 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए, जबकि जिला और राज्य स्तर की बैठकों से भी एक हजार से ज्यादा सुझाव मिले।    

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Priyanshi Chaturvedi 19 July 2026

चतुर्मास के अवसर पर आचार्य समय सागर महाराज ने 20 मुनियों के संघ के साथ भोपाल में मंगल प्रवेश किया। नारायण नगर जैन मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे मार्ग पर गुरु भक्ति के जयघोष गूंजते रहे, जबकि विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने जगह-जगह आचार्य संघ का स्वागत किया। शोभायात्रा में जीव दया, गोसेवा, स्वदेशी हथकरघा और निर्माणाधीन रानी कमलापति जिनालय की प्रतिकृति आकर्षण का केंद्र रही। महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों से भी श्रद्धालु इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने भोपाल पहुंचे। रानी कमलापति जिनालय में आयोजित धर्मसभा में आचार्य समय सागर महाराज ने अपने गुरु आचार्य विद्यासागर महाराज के जीवन, तप, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण के विचारों को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि चतुर्मास आत्मचिंतन, संयम और आध्यात्मिक साधना का महत्वपूर्ण अवसर है। आने वाले दिनों में भोपाल में प्रवचन, स्वाध्याय, गुरु वंदना और विभिन्न धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।    

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Priyanshi Chaturvedi 19 July 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शनों और बढ़ते सुरक्षा इंतजामों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आधिकारिक आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है। मंत्री के आवास के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, जबकि दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा मंत्री के खिलाफ किसी प्रत्यक्ष खतरे की सूचना नहीं मिली है।   यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को 20 दिनों की भूख हड़ताल के बाद शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने उनके स्वास्थ्य की नियमित मेडिकल जांच और जरूरत पड़ने पर तत्काल उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। वहीं, जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को स्थान खाली करने का अल्टीमेटम भी दिया गया है। फिलहाल सुरक्षा बढ़ाने को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री या उनके कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 18 July 2026

आंध्र प्रदेश के बाद अब महाराष्ट्र में भी कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राज्य में इस वर्ष अब तक 48 मामले सामने आए हैं, जिनमें जुलाई में सबसे अधिक 21 संक्रमित मिले हैं। पुणे के डॉक्टरों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में अस्पतालों में कोविड मरीजों की संख्या बढ़ी है, लेकिन फिलहाल इसे नई लहर नहीं माना जा रहा। राहत की बात यह है कि अब तक किसी मरीज की मौत नहीं हुई है और अधिकांश संक्रमितों में हल्के लक्षण ही देखे गए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बार का संक्रमण ओमिक्रॉन से भी हल्का है और मरीजों में खांसी, जुकाम, गले में खराश और थकान जैसे लक्षण 3 से 5 दिनों में ठीक हो रहे हैं। डॉक्टरों का मानना है कि कई संक्रमित लोग दूसरी बीमारियों की जांच या सर्जरी से पहले किए गए टेस्ट में कोविड पॉजिटिव पाए जा रहे हैं, जबकि हल्के लक्षण वाले कई लोग जांच ही नहीं कराते। ऐसे में वास्तविक मामलों की संख्या अधिक हो सकती है, लेकिन विशेषज्ञों ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने, लक्षण होने पर जांच कराने और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से परामर्श लेने की सलाह दी है।    

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 18 July 2026

सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक को शनिवार तड़के दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से हटाकर वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। वांगचुक कथित NEET परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में पिछले 21 दिनों से आमरण अनशन पर थे। पुलिस के अनुसार, उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति, डॉक्टरों की सलाह और दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के तहत यह कार्रवाई की गई। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि वांगचुक होश में हैं और उनकी हालत फिलहाल स्थिर है, जबकि डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।   यह कार्रवाई 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च से दो दिन पहले हुई है, जिसमें वांगचुक और उनके समर्थक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करने वाले थे। इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने पुलिस पर जबरन उठाने और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए, जबकि दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज या बल प्रयोग के सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उसने केवल अदालत के निर्देशों का पालन किया। इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने वांगचुक और अन्य अनशनकारियों की नियमित स्वास्थ्य जांच और 24 घंटे चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए थे।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 18 July 2026

सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद शुक्रवार को धार की भोजशाला में पूजा और जुमे की नमाज को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सुबह हिंदू समाज ने पूजा-अर्चना की, जबकि प्रशासन मुस्लिम समुदाय के लिए परिसर से लगी अलग खुली जगह पर दोपहर 1 से 3 बजे के बीच नमाज की व्यवस्था करने की तैयारी में जुटा है। बारिश और स्थान को लेकर असमंजस के बीच जिला प्रशासन दोनों पक्षों से समन्वय कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास कर रहा है।   इधर, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने दोपहर में भोजशाला तक रैली का आयोजन किया है, जिसके चलते पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। कलेक्टर राजीव रंजन मीणा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अध्ययन कर उसके अनुरूप सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 5 अगस्त तय की है, जिससे भोजशाला विवाद पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 17 July 2026

भोपाल स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान (NIHSAD) के वैज्ञानिकों ने अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) से बचाव के लिए देश की पहली स्वदेशी वैक्सीन एमए-104 विकसित की है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली में आयोजित ICAR स्थापना दिवस समारोह में इस वैक्सीन को राष्ट्र को समर्पित किया। वैज्ञानिकों का दावा है कि यह वैक्सीन जीनोटाइप-2 वायरस के खिलाफ सुअरों में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर संक्रमण से होने वाली मौतों को कम करने में मदद करेगी। डॉ. अनिकेत सान्याल के नेतृत्व में विकसित इस वैक्सीन को भारत के सुअर पालन उद्योग के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान ICAR ने 43 नई फसल किस्में, 17 कृषि तकनीकें और 14 प्रकाशन भी जारी किए। इस अवसर पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसान कृषि की आत्मा हैं और वैज्ञानिक उसका मस्तिष्क, जबकि ICAR के शोध और नवाचारों ने देश को कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।    

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Priyanshi Chaturvedi 17 July 2026

नई दिल्ली में आयोजित भारत टेक्स-2026 और इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश के दौरान प्रदेश को 20,193 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन निवेशों से 27,592 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करने का आमंत्रण देते हुए जनवरी 2027 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में शामिल होने का न्योता भी दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क, रेल और एयर कनेक्टिविटी, पर्याप्त बिजली, श्रमिकों की उपलब्धता और उद्योग समर्थक नीतियों के कारण मध्यप्रदेश निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बन रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार श्रमिकों के वेतन पर आर्थिक सहायता, भूमि बैंक, फूड पार्क, लॉजिस्टिक्स पार्क और आधुनिक औद्योगिक ढांचे जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। वहीं, भारत टेक्स-2026 के दौरान टेक्सटाइल और परिधान क्षेत्र में 1,592 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनसे करीब 15,700 रोजगार मिलने की उम्मीद है।    

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 17 July 2026

सुप्रीम कोर्ट ने कक्षा 9 में तीसरी भाषा को शामिल करने पर चिंता जताते हुए कहा कि इस स्तर पर छात्रों पर पहले से ही पढ़ाई का काफी दबाव होता है। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने टिप्पणी की कि बोर्ड परीक्षा से पहले अतिरिक्त भाषा का बोझ बच्चों के मानसिक तनाव को बढ़ा सकता है। अदालत ने केंद्र सरकार से इस पर पुनर्विचार करने की सलाह देते हुए कहा कि तीसरी भाषा की पढ़ाई शुरुआती कक्षाओं में शुरू की जानी चाहिए।   यह टिप्पणी तमिलनाडु सरकार की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान आई, जिसमें मद्रास हाईकोर्ट के राज्य के हर जिले में जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) खोलने के आदेश को चुनौती दी गई है। तमिलनाडु सरकार तीन-भाषा नीति का विरोध कर रही है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सुझाव दिया कि तीसरी भाषा कक्षा 5 या 6 से शुरू होकर कक्षा 9 तक ही सीमित रहनी चाहिए, ताकि छात्र बोर्ड परीक्षाओं से पहले अतिरिक्त शैक्षणिक दबाव से बच सकें।

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Priyanshi Chaturvedi 16 July 2026

अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते हमलों के बीच भारत सरकार ने बड़ा एहतियाती कदम उठाया है। नौवहन महानिदेशालय (DG Shipping) ने शिपिंग कंपनियों को निर्देश दिया है कि अगले आदेश तक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों की तैनाती न की जाए। सरकार ने खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा हालात को देखते हुए जहाज मालिकों, प्रबंधन कंपनियों और भर्ती एजेंसियों को यह निर्देश जारी किया है। फरवरी से जारी संघर्ष के दौरान होर्मुज और आसपास के समुद्री क्षेत्र में अब तक 13 भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है। हाल ही में साइप्रस के झंडे वाले एक जहाज पर ईरानी हमले में लापता भारतीय नाविक की मौत की भी पुष्टि हुई। इसके बाद भारत ने ईरानी राजनयिक को तलब किया था। वहीं, सरकार ने फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में संचालित जहाजों को भी हाई अलर्ट पर रहने, सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने और ताजा समुद्री सुरक्षा सलाह का पालन करने के निर्देश दिए हैं। इसी बीच अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर नए हवाई हमले किए हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 16 July 2026

  केंद्र सरकार ने वाहनों की ईंधन दक्षता और प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से CAFE-III (कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल इकॉनमी) का नया ड्राफ्ट जारी किया है। प्रस्तावित नियमों के तहत कार निर्माताओं को कम ईंधन खपत और कम कार्बन उत्सर्जन वाले वाहन विकसित करने होंगे। पहली बार इथेनॉल, कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) और अन्य बायोफ्यूल से चलने वाले वाहनों को विशेष प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार ने ड्राफ्ट पर आम जनता और ऑटो कंपनियों से 6 अगस्त 2026 तक सुझाव मांगे हैं। ड्राफ्ट के अनुसार 2027-28 में कारों की औसत ईंधन खपत का लक्ष्य 3.996 लीटर प्रति 100 किमी रखा गया है, जिसे 2031-32 तक घटाकर 3.3273 लीटर प्रति 100 किमी करने की योजना है। इथेनॉल आधारित वाहनों को 8% तक कार्बन न्यूट्रैलिटी लाभ, जबकि CBG और अन्य बायोफ्यूल वाहनों को वास्तविक उपयोग के आधार पर प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को भी बढ़ावा देने की तैयारी है। बेहतर प्रदर्शन करने वाली कंपनियों को क्रेडिट मिलेगा, जबकि लक्ष्य पूरा न करने वालों को क्रेडिट खरीदना होगा। हालांकि सालाना 1,000 से कम यात्री वाहन बेचने वाली कंपनियों को इन नियमों से छूट मिलेगी।    

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 16 July 2026

मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य मंत्री लखन पटेल से पशुपालन एवं डेयरी विभाग का स्वतंत्र प्रभार वापस लेकर यह विभाग मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंप दिया है। लखन पटेल को अब आनंद विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इस बदलाव के बाद राज्य में जल्द मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री ने भी संकेत दिए थे कि कैबिनेट में नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है। पशुपालन एवं डेयरी विभाग किसानों की आय बढ़ाने और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहन देने वाली कई महत्वपूर्ण योजनाओं से जुड़ा है। विभाग वापस लिए जाने पर लखन पटेल ने कहा कि किस मंत्री को कौन-सा विभाग देना है, यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। फिलहाल मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास गृह, सामान्य प्रशासन, जनसंपर्क, नर्मदा घाटी विकास समेत कुल 12 विभागों की जिम्मेदारी है, जिससे कैबिनेट विस्तार की संभावनाओं को और बल मिला है।  

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Priyanshi Chaturvedi 15 July 2026

मध्य प्रदेश के हरदा जिले में मूंग की सरकारी खरीदी को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। आम किसान यूनियन के आह्वान पर हजारों किसान छोटी हरदा के पास इंदौर-नागपुर नेशनल हाईवे पर धरने पर बैठ गए। किसानों की मांग है कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 100 प्रतिशत मूंग खरीदे, ई-टोकन व्यवस्था में सुधार करे और लंबित फसल बीमा राशि का जल्द भुगतान सुनिश्चित करे। प्रदर्शन के दौरान किसान "चाहे जो मजबूरी हो, मूंग खरीदी पूरी हो" जैसे नारे लगाते रहे।   आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने हाईवे पर भारी पुलिस बल तैनात किया है और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन लागू किया गया है, जिससे छोटे और बड़े वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला जा रहा है। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 15 July 2026

मध्य प्रदेश की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट के आधार पर दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग को नोटिस जारी किया है। याचिका में दावा किया गया है कि 7,165 करोड़ रुपये से अधिक के बजट के बावजूद प्रदेश के 1,895 सरकारी स्कूल बिना एक भी शिक्षक के संचालित हो रहे हैं। वहीं 435 ऐसे स्कूल हैं, जहां कोई छात्र नहीं है, लेकिन शिक्षक पदस्थ हैं। हाईकोर्ट ने इसे बच्चों के शिक्षा के अधिकार से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है।   याचिका में यह भी कहा गया है कि वर्ष 2018 से 2023 के बीच 66,814 सरकारी स्कूलों के ऑडिट में कई अनियमितताएं सामने आईं। 85 स्कूलों में स्वीकृत पद न होने के बावजूद 128 शिक्षकों को वेतन दिया गया, जबकि शिक्षक प्रशिक्षण के लिए निर्धारित 7,165.09 करोड़ रुपये में से पांच वर्षों में केवल 35.71 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए। ग्रामीण क्षेत्रों में 28.32% शिक्षक पद खाली हैं और शिक्षा व्यवस्था की इस कमी का असर परीक्षा परिणामों पर भी पड़ा, जहां हाई स्कूल का पास प्रतिशत 67.74% से घटकर 38.53% रह गया।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 15 July 2026

भारत ने 2028-29 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अस्थायी सदस्यता हासिल करने के अभियान की औपचारिक शुरुआत कर दी है। संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत का 'SHANTI' (Securing Holistic Advancement through Norms, Trust and Integrity) विजन पेश करते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक संकटों के दौर में भारत शांति, बहुपक्षवाद, विश्वास और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। जयशंकर ने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में शामिल रहा है। अब तक भारत करीब 3 लाख सैनिक और कर्मियों को 50 शांति मिशनों में भेज चुका है, जबकि वर्तमान में 4,300 भारतीय जवान 10 सक्रिय मिशनों में तैनात हैं। उन्होंने ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूती देने, कूटनीति के जरिए विवादों के समाधान और 79 देशों में चल रही विकास परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। UNSC में 15 सदस्य होते हैं, जिनमें 5 स्थायी और 10 अस्थायी सदस्य शामिल हैं। अस्थायी सदस्यों का चुनाव संयुक्त राष्ट्र महासभा के 193 सदस्य देशों द्वारा दो-तिहाई बहुमत से दो वर्षों के लिए किया जाता है। भारत इससे पहले 8 बार सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य रह चुका है और अब 2028-29 के कार्यकाल के लिए एक बार फिर वैश्विक समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 14 July 2026

शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का जंतर-मंतर पर आमरण अनशन मंगलवार को 17वें दिन में पहुंच गया। 28 जून से नीट पेपर लीक और परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में शुरू किए गए इस अनशन के दौरान उनका वजन 67 किलोग्राम से घटकर 58.5 किलोग्राम रह गया है। वांगचुक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर कई राजनीतिक नेताओं और सार्वजनिक हस्तियों ने चिंता जताई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह और लेखिका अरुंधति रॉय समेत कई लोगों ने उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की है। वहीं, केजरीवाल ने 16 जुलाई को जंतर-मंतर पहुंचकर समर्थन देने की घोषणा की है।   कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आरोप लगाया कि सरकार वांगचुक की मांगों और उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर गंभीर नहीं है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि वांगचुक की मांसपेशियां कमजोर होने लगी हैं और उनकी जान को खतरा है। दीपके के मुताबिक, जब उनसे अनशन खत्म करने का आग्रह किया गया तो वांगचुक ने कहा, "मुझसे अनशन खत्म करने के लिए मत कहो, सरकार से पूछो कि वह बातचीत क्यों नहीं कर रही है।"

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 14 July 2026

ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेलबर्न मीट्स मोदी' कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम के आयोजकों ने कांग्रेस के उस आरोप को खारिज किया है, जिसमें दावा किया गया था कि कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए लोगों को पैसे देकर और चार्टर्ड विमान से बुलाया गया था। आयोजकों ने स्पष्ट कहा कि कार्यक्रम पूरी तरह सामुदायिक सहयोग से आयोजित हुआ और इसमें शामिल होने के लिए किसी भी व्यक्ति को भुगतान नहीं किया गया। इससे पहले कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया था कि 9 जुलाई को आयोजित कार्यक्रम में 25 से 30 हजार लोगों को पैसे देकर लाया गया था। कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी इसी तरह के दावे किए थे। हालांकि आयोजकों का कहना है कि इस आयोजन का खर्च न तो भारतीय जनता पार्टी, न भारत सरकार और न ही ऑस्ट्रेलिया सरकार ने उठाया, बल्कि इसे भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के सहयोग से आयोजित किया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कार्यक्रम के आयोजकों ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को पत्र लिखकर आरोपों को वापस लेने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह के बयान भारतीय मूल के ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के सम्मान और योगदान को ठेस पहुंचाते हैं। यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब प्रधानमंत्री मोदी 9-10 जुलाई के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान मेलबर्न में भारतीय समुदाय को संबोधित कर चुके हैं।  

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Priyanshi Chaturvedi 14 July 2026

राजधानी भोपाल में मास्टर प्लान और प्रस्तावित मेट्रोपॉलिटन रीजन को लागू करने की दिशा में परिसीमन का पहला चरण शुरू कर दिया गया है। इसके तहत शहर का दायरा बढ़ाते हुए आसपास की 22 ग्राम पंचायतों को नगर निगम सीमा में शामिल किया जाएगा। इस संबंध में जल्द ही आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी होने की संभावना है। नए परिसीमन का सबसे बड़ा असर हुजूर विधानसभा पर पड़ेगा, जहां ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के पुनर्गठन के कारण विधानसभा का स्वरूप बदल जाएगा। साथ ही शामिल होने वाले क्षेत्रों में नगर निगम, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएंडसीपी), सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026 और वेटलैंड संरक्षण से जुड़े सभी शहरी नियम लागू होंगे। परिसीमन के बाद भोपाल नगर निगम का क्षेत्रफल 463 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर लगभग 600 वर्ग किलोमीटर हो जाएगा। इंदौर रोड, बैरागढ़, कोलार, नर्मदापुरम रोड, रायसेन रोड, विदिशा रोड और बैरसिया रोड से जुड़े कई गांव शहरी सीमा का हिस्सा बन जाएंगे। जिला प्रशासन के अनुसार, इन ग्राम पंचायतों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम लागू करने के लिए नगर निगम और जिला पंचायत के बीच एमओयू किया जाएगा। हालांकि, स्थानीय लोगों को शहरी सुविधाएं मिलने में समय लग सकता है, लेकिन नगर निगम के कर और अन्य शहरी नियम लागू होने की प्रक्रिया जल्द शुरू हो जाएगी।

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Priyanshi Chaturvedi 13 July 2026

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण-भादौ मास की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में तय किया गया कि इस वर्ष भगवान महाकाल की कुल छह पारंपरिक सवारियां निकाली जाएंगी। पहली सवारी 3 अगस्त को, जबकि अंतिम राजसी (शाही) सवारी 7 सितंबर को निकलेगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार सामान्य दर्शनार्थियों को त्रिवेणी संग्रहालय से प्रवेश दिया जाएगा। सवारियां प्रत्येक सोमवार शाम 4 बजे महाकाल मंदिर से प्रारंभ होकर निर्धारित पारंपरिक मार्गों से गुजरते हुए पुनः मंदिर पहुंचेंगी। शाही सवारी में अतिरिक्त मार्ग भी शामिल रहेगा। श्रावण-भादौ मास के दौरान मंदिर की दैनिक व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। 30 जुलाई से 7 सितंबर तक मंदिर के पट प्रतिदिन सुबह 3 बजे खुलेंगे, जबकि प्रत्येक सोमवार को भस्म आरती रात 2:30 बजे से शुरू होगी। सामान्य दिनों में भस्म आरती सुबह 3 से 5 बजे तक और सोमवार को रात 2:30 से 4:30 बजे तक होगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन और बेहतर व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

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Priyanshi Chaturvedi 13 July 2026

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) इसी माह लागू की जाएगी। भिंड जिले के लहार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश के 55 जिलों में विशेषज्ञों के माध्यम से यूसीसी का अध्ययन कराया गया, जिसमें व्यापक समर्थन मिला है। मुख्यमंत्री के अनुसार, मुस्लिम महिलाओं ने भी इस कानून का समर्थन करते हुए इसे जल्द लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद अब "एक देश-एक विधान" की दिशा में मध्यप्रदेश भी महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 322 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 40 विकास कार्यों का लोकार्पण और 16 परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री ने महिला आरक्षण को लेकर कांग्रेस और विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने वाले कानूनों का विरोध कर विपक्ष ने अपनी सोच उजागर की है। डॉ. यादव ने आरोप लगाया कि प्रियंका गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर महिला विरोधी रुख अपनाया। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से 1,835 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई है।

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Priyanshi Chaturvedi 13 July 2026

प्रसिद्ध प्लेबैक गायिका एस. जानकी का शनिवार को 88 वर्ष की आयु में मैसूर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। शुक्रवार रात उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार आज शाम 5 बजे मैसूर के एचडी कोटे तालुका स्थित उनके पैतृक फार्महाउस में किया जाएगा। अपने लंबे संगीत सफर में उन्होंने हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम समेत कई भाषाओं में 48 हजार से अधिक गीत रिकॉर्ड किए।   एस. जानकी को हिंदी फिल्मों के 'बोल बेबी बोल', 'यार बिना चैन कहां रे', 'ओ मारिया', 'प्रभु मोरे अवगुण' और 'गोपाला-गोपाला' जैसे लोकप्रिय गीतों के लिए खास पहचान मिली। उन्हें चार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया था। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी मधुर आवाज हमेशा संगीत प्रेमियों के दिलों में जीवित रहेगी।

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Priyanshi Chaturvedi 12 July 2026

दतिया विधानसभा उपचुनाव में टिकट कटने के बाद शुरू हुई राजनीतिक हलचल अब थमती नजर आ रही है। पूर्व गृह मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने दिल्ली में प्रदेश प्रभारी एवं बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन से उनके आवास पर मुलाकात की। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मिश्रा ने कहा, "न मैं कभी नाराज था, न हूं और न ही कभी नाराज होऊंगा।" उन्होंने स्वीकार किया कि क्षणिक आवेश जरूर था, लेकिन अब वह पूरी तरह समाप्त हो चुका है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका राजनीतिक जीवन बीजेपी से जुड़ा है और वे पार्टी के साथ ही रहेंगे। नरोत्तम मिश्रा ने दतिया से बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी का समर्थन करते हुए उनकी जीत का भरोसा जताया। इससे पहले उन्होंने भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन महामंत्री अजय जामवाल से भी मुलाकात की थी। दतिया उपचुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 13 जुलाई है, मतदान 30 जुलाई को होगा और मतगणना 3 अगस्त को की जाएगी।

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Priyanshi Chaturvedi 12 July 2026

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि राज्य में जल्द ही समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि एक संविधान और एक देश के भीतर सभी नागरिकों के लिए कानून भी एक समान होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस नए कानूनी ढांचे के आने से समाज के सभी वर्गों के अधिकार समान होंगे, जिससे विशेष रूप से मुस्लिम महिलाओं को विवाह, तलाक और विरासत जैसे पारिवारिक मामलों में अधिक कानूनी सुरक्षा, सम्मान और अधिकार मिल सकेंगे। इस ऐतिहासिक कानून को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर जनता और विभिन्न संगठनों से राय मांगी थी, जिसके तहत अब तक नौ लाख से भी अधिक लिखित सुझाव और प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुई हैं। प्राप्त सुझावों में महिलाओं की तरफ से बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। सरकार इस कानून के मसौदे (ड्राफ्ट) को अंतिम रूप देने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति के माध्यम से काम कर रही है और इसे आगामी विधानसभा सत्र के दौरान सदन के पटल पर पेश करने की तैयारी है ताकि पूरे राज्य में सभी नागरिकों के लिए एक समान नागरिक कानून व्यवस्था स्थापित की जा सके।

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Priyanshi Chaturvedi 12 July 2026

ओडिशा में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा को लेकर विवाद गहरा गया है। कलिंग सेना नाम के एक क्षेत्रीय संगठन ने ISKCON (इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस) को रथ यात्रा से दूर रहने और ओडिशा छोड़ने की चेतावनी दी है। संगठन का आरोप है कि ISKCON भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं और निर्धारित तिथि के विपरीत आयोजित कर रहा है। इसी मुद्दे पर भुवनेश्वर स्थित ISKCON मंदिर के बाहर प्रदर्शन भी किया गया और संगठन ने गजपति महाराजा दिब्यसिंह देब का अपमान करने का आरोप लगाया।   कलिंग सेना ओडिशा का एक क्षेत्रीय सामाजिक और राजनीतिक संगठन है, जो खुद को ओडिया अस्मिता, भगवान जगन्नाथ की परंपराओं और राज्य की सांस्कृतिक विरासत का रक्षक बताता है। यह संगठन ओडिया भाषा, संस्कृति, प्राकृतिक संसाधनों पर राज्य के अधिकार और धार्मिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप का विरोध करता रहा है। कलिंग सेना पहले भी चुनावों में अपने उम्मीदवार उतार चुकी है और समय-समय पर ओडिशा के सांस्कृतिक व धार्मिक मुद्दों पर मुखर रुख अपनाती रही है।

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Priyanshi Chaturvedi 11 July 2026

अयोध्या के राम मंदिर में नकद चढ़ावे के स्वरूप में बदलाव देखने को मिल रहा है। पहले जहां 100, 200 और 500 रुपये के नोटों की संख्या अधिक होती थी, वहीं अब 10, 20 और 50 रुपये के नोट ज्यादा मिल रहे हैं। सूत्रों का मानना है कि यह श्रद्धालुओं के दान देने के तरीके में आए बदलाव का संकेत हो सकता है। हालांकि, मंदिर ट्रस्ट ने अभी तक चढ़ावे में कमी या श्रद्धालुओं की संख्या घटने को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, इसलिए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।   इस बदलाव की चर्चा हाल ही में सामने आए चढ़ावे की कथित चोरी के विवाद के बाद तेज हुई है। राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और यहां दिया गया चढ़ावा केवल आर्थिक योगदान नहीं, बल्कि भगवान राम के प्रति श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में चोरी की खबर ने कई भक्तों को निराश किया है। कुछ लोग इसे भरोसे पर लगी चोट से जोड़कर देख रहे हैं, हालांकि चढ़ावे में बदलाव के पीछे यही एक कारण है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

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Priyanshi Chaturvedi 11 July 2026

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बेंच के सामने कागज फेंकने और अपशब्द कहने वाले एक याचिकाकर्ता के खिलाफ फिलहाल कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। यह फैसला भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने लिया है। घटना के दौरान जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच सुनवाई कर रही थी। हंगामे के बाद सुरक्षाकर्मियों ने याचिकाकर्ता को कोर्टरूम से बाहर कर दिया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्रार की ओर से एफआईआर दर्ज कराने का विकल्प होने के बावजूद ऐसा नहीं किया गया। सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि इस तरह की घटनाएं कई बार केवल सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के उद्देश्य से की जाती हैं। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने से संबंधित व्यक्ति को अनावश्यक प्रचार मिल सकता है और उसका मकसद पूरा हो सकता है। इसी सोच के तहत सीजेआई ने मामले में आगे कोई कदम न उठाने का निर्देश दिया। जानकारी के मुताबिक, याचिकाकर्ता स्वयं अपना पक्ष रख रहा था और किसी वकील की ओर से उसका प्रतिनिधित्व नहीं किया जा रहा था।  

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Priyanshi Chaturvedi 11 July 2026

मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की सुरक्षा में एक बड़ी चूक का मामला सामने आया है। दिल्ली-मुंबई 8-लेन एक्सप्रेस-वे पर निरीक्षण के दौरान करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रहे केंद्रीय मंत्री के वीवीआईपी (VVIP) काफिले के सामने अचानक तीन ग्रामीण युवक आ गए। इन युवकों को बीच सड़क पर देखकर सुरक्षाकर्मियों और चालकों में हड़कंप मच गया, लेकिन ड्राइवरों ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए गाड़ियों को दूसरी लेन में मोड़ दिया। इस त्वरित कार्रवाई की वजह से एक बेहद गंभीर और बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय रतलाम पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों युवकों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में युवकों ने बताया कि उन्हें केंद्रीय मंत्री के काफिले के गुजरने की कोई जानकारी नहीं थी, बल्कि वे रोजमर्रा की तरह अपने बच्चों को हाईवे के दूसरी तरफ स्थित स्कूल छोड़ने के लिए रास्ता पार कर रहे थे। इस घटना ने एक्सप्रेस-वे बनने के बाद स्थानीय ग्रामीणों को आ रही कनेक्टिविटी की दिक्कतों और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसकी पुलिस गहराई से जांच कर रही है।

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Priyanshi Chaturvedi 10 July 2026

उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे से छह साल बाद फिर से शुरू होने जा रहे ऐतिहासिक भारत-चीन सीमा व्यापार पर एक बार फिर ब्रेक लग गया है। तिब्बत के तकलाकोट (पुलांग) मंडी में भारतीय व्यापारियों के लिए बनाई जा रही नई दुकानों और गोदामों का निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं हो सका है। चीनी विदेश मंत्रालय और वहां के स्थानीय प्रशासन ने बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने के लिए कुछ और समय मांगा है। इस तकनीकी देरी के कारण सीमा पार व्यापार की शुरुआत को फिलहाल टालना पड़ा है, जिससे दोनों देशों के सीमांत क्षेत्रों के कारोबारियों को अभी और इंतजार करना होगा। इस अचानक आए स्थगन से पिथौरागढ़ जिला प्रशासन द्वारा ट्रेड पास प्राप्त कर चुके लगभग 100 भारतीय व्यापारी और उनके सहयोगी धारचूला के गुंजी में ही रुक गए हैं। भारतीय सीमा के भीतर कस्टम, जांच और माल क्लीयरेंस की सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, लेकिन चीन की ओर से हरी झंडी न मिलने के कारण माल आगे नहीं भेजा जा पा रहा है। व्यापारियों को डर है कि मानसून की दस्तक और इस देरी की वजह से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, क्योंकि पड़ोसी देश नेपाल के व्यापारी पहले ही अन्य रास्तों से तकलाकोट मंडी पहुंच चुके हैं।

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Priyanshi Chaturvedi 10 July 2026

सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई के दौरान एक याचिकाकर्ता वकील ने अभद्र व्यवहार करते हुए हंगामा कर दिया। इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान वकील ने जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच के सामने पहले न्यायाधीश को आदेश देने की कोशिश की, फिर केस की फाइल हवा में उछाल दी और भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षा कर्मियों ने उसे कोर्टरूम से बाहर निकाल दिया।   हंगामे के बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने वकील के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई नहीं करने का फैसला किया। जस्टिस केवी विश्वनाथन ने कहा कि अदालत उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करना चाहती और मामले के रिकॉर्ड का परीक्षण करने के बाद विवादित आदेश में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं मिला। इसके साथ ही वकील की स्पेशल लीव पिटिशन (SLP) भी खारिज कर दी गई।

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Priyanshi Chaturvedi 10 July 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के दो दिवसीय दौरे के दौरान मेलबर्न में आयोजित 'मेलबर्न मीट्स मोदी' कार्यक्रम में करीब 30 हजार भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह उनका 12 वर्षों में ऑस्ट्रेलिया का तीसरा दौरा है और इस तरह उनकी "हैट्रिक" पूरी हो गई है। मोदी ने भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को क्रिकेट से जोड़ते हुए कहा कि दोनों देशों की साझेदारी टेस्ट मैच की तरह मजबूत और लंबी है, जबकि फैसले टी-20 की तरह तेज़ी से लिए जाते हैं। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ साझा सहयोग को भी दोनों देशों की प्राथमिकता बताया।   इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज की बैठक के बाद दोनों देशों के बीच यूरेनियम निर्यात सहित रक्षा, व्यापार, स्वच्छ ऊर्जा, अंतरिक्ष और क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्रों में कई अहम समझौतों पर सहमति बनी। भारत को ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम मिलने से स्वच्छ ऊर्जा मिशन को मजबूती मिलेगी, वहीं दोनों देश AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा और सप्लाई चेन जैसे उभरते क्षेत्रों में भी संयुक्त अनुसंधान करेंगे। साथ ही कोकोस (कीलिंग) द्वीप पर स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल स्थापित किया जाएगा, जिससे भारत के गगनयान मिशन को सहयोग मिलेगा।

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Priyanshi Chaturvedi 9 July 2026

आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले में 46 वर्षीय व्यक्ति की कोविड-19 से मौत हो गई। मरीज को पिछले महीने वेल्लोर के CMC अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी कोविड जांच पॉजिटिव आई। चार दिन तक इलाज चलने के बाद उसकी मौत हो गई। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, संक्रमण के कारण उसके फेफड़े गंभीर रूप से प्रभावित हो गए थे। मरीज को कंटेनमेंट जोन में रखा गया था और उसके संपर्क में आए लोगों की पहचान कर ट्रेसिंग के साथ इलाके में सैनिटाइजेशन अभियान भी शुरू कर दिया गया है।   घटना के बाद राज्य सरकार ने कोविड स्थिति की समीक्षा की, जिसमें कडप्पा और तिरुपति जिलों में 5 नए सक्रिय मामले सामने आए। मेडिकल एजुकेशन डायरेक्टर (DME) ने सभी सरकारी अस्पतालों से आइसोलेशन और ICU बेड, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, दवाइयों, टेस्ट किट, एंबुलेंस और मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता की रिपोर्ट मांगी है। वहीं, भारत में कोविड से आधिकारिक तौर पर करीब 5.3 लाख मौतें दर्ज हैं, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने महामारी के दौरान देश में लगभग 47 लाख मौतों का अनुमान जताया है।

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Priyanshi Chaturvedi 9 July 2026

दिल्ली समेत एनसीआर में अवैध निर्माण और सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि अब लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होगी। कोर्ट ने दिल्ली के मालवीय नगर में आग, लखनऊ की अग्निकांड घटना और साकेत में इमारत गिरने जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता।   सुप्रीम कोर्ट ने साकेत, लाजपत नगर और सरोजिनी नगर क्षेत्रों का निरीक्षण कराने के लिए एक विशेषज्ञ टीम गठित करने का निर्देश दिया है। इस टीम में IIT दिल्ली के दो वरिष्ठ प्रोफेसर, दो ड्राफ्ट्समैन और एमसीडी के अधिकारी शामिल होंगे, जो इमारतों की सुरक्षा और नियमों के पालन की जांच करेंगे। अदालत ने कहा कि जांच में किसी भी तरह की कमी मिलने पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही संबंधित अधिकारियों को अगली सुनवाई 4 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया गया है।

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Priyanshi Chaturvedi 9 July 2026

जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का टॉप कमांडर जाकिर अहमद गनी मारा गया। शनिवार से चनापोरा इलाके में जारी सर्च ऑपरेशन के पांचवें दिन उसका शव बरामद किया गया। संयुक्त अभियान में सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और CRPF शामिल हैं। वहीं, एक अन्य आतंकी लतीफ भट के इलाके में छिपे होने की आशंका के चलते ऑपरेशन अभी भी जारी है।   जाकिर गनी पहलगाम आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों की जारी 14 मोस्ट वांटेड स्थानीय आतंकियों की सूची में शामिल था। कुलगाम का रहने वाला जाकिर 2023 से दक्षिण कश्मीर और पीर पंजाल क्षेत्र में सक्रिय था और उसका नाम कई आतंकी मामलों से जुड़ा था। उसकी मौत के साथ हिट लिस्ट में शामिल 14 आतंकियों में से 9 मारे जा चुके हैं, जबकि बाकी आतंकियों की तलाश में सुरक्षाबलों का अभियान लगातार जारी है।

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Priyanshi Chaturvedi 8 July 2026

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का सिविल लाइंस स्थित फ्लैगस्टाफ रोड का सरकारी बंगला जल्द ही स्टेट गेस्ट हाउस में बदला जा सकता है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्ताव पर सरकार अंतिम फैसला लेने के करीब है। बंगला नंबर-6 में बाहर से आने वाले मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों के ठहरने की व्यवस्था होगी, जिसके लिए निर्धारित शुल्क भी लिया जाएगा।   प्रस्ताव के तहत गेस्ट हाउस में पार्किंग, वेटिंग हॉल और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। फिलहाल बंगला खाली है और उसके रखरखाव के लिए करीब 10 कर्मचारी तैनात हैं। मुख्यमंत्री रहते बंगले के महंगे नवीनीकरण को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद भाजपा ने इसे 'शीश महल' नाम दिया था।

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Priyanshi Chaturvedi 8 July 2026

तिब्बत स्थित पवित्र कैलाश पर्वत के भारत की सीमा से दर्शन करने की इच्छा रखने वाले श्रद्धालुओं को अभी करीब दो महीने और इंतजार करना पड़ेगा। सीमांत क्षेत्र के लिए जरूरी इनर लाइन परमिट (ILP) फिलहाल बंद हैं, जिसके कारण श्रद्धालु 17 हजार फीट ऊंचाई पर स्थित ओल्ड लिपुलेख व्यू पॉइंट तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। जिला प्रशासन के अनुसार, सितंबर में परमिट व्यवस्था दोबारा शुरू होने के बाद आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु भारत की सरजमीं से कैलाश पर्वत के दर्शन कर सकेंगे।   खराब मौसम, सीमाई सुरक्षा और ऊंचाई से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए भारतीय सेना ने इस संवेदनशील क्षेत्र में आम नागरिकों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाई है। ओल्ड लिपुलेख में मौसम तेजी से बदलता है और ऑक्सीजन की कमी भी बड़ी चुनौती बनती है। स्थानीय लोगों ने पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए परमिट जल्द बहाल करने की मांग की है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा मानकों की समीक्षा के बाद सितंबर से सामान्य यात्रियों के लिए फिर से कैलाश दर्शन का मार्ग खोला जा सकता है।

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Priyanshi Chaturvedi 8 July 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिन्तांग अदिपुर्ना मेडल ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियान्टो ने प्रदान किया। सम्मान प्राप्त करने के बाद पीएम मोदी ने इसे 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान बताते हुए कहा कि यह दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, गहरे और मजबूत संबंधों का प्रतीक है। उन्होंने इंडोनेशिया की सरकार और वहां के लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया 21वीं सदी की तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण साझेदार बन सकते हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), टेलीकॉम, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप इकोसिस्टम जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। इसके अलावा, इंडोनेशिया में भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) बेंगलुरु का कैंपस स्थापित करने की भी घोषणा की गई, जिससे शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा मिलेगी।   प्रधानमंत्री मोदी तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में इंडोनेशिया पहुंचे हैं, जहां उनकी राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियान्टो के साथ द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस यात्रा का उद्देश्य भारत की एक्ट ईस्ट नीति, महासागर विजन और स्वतंत्र, खुले एवं समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को और मजबूत करना है। दोनों नेताओं ने आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए कई अहम मुद्दों पर चर्चा की।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 7 July 2026

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के दौरान कश्मीर मुद्दे को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच एक नया विवाद सामने आया। कार्यक्रम में प्रस्तुत किए गए दक्षिण एशिया के नक्शे में भारत का कथित रूप से गलत झंडा और विवादित प्रस्तुति दिखाई गई, जिस पर भारतीय उच्चायोग की द्वितीय सचिव (राजनीतिक एवं सूचना) पूजा कुमारी झा ने तत्काल आपत्ति दर्ज कराई। हालांकि, सेमिनार के दौरान इस मुद्दे पर कोई औपचारिक चर्चा नहीं हो सकी। यह सेमिनार बांग्लादेश इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल एंड स्ट्रैटेजिक स्टडीज (BIISS) द्वारा आयोजित किया गया था, जिसका विषय था ‘विश्वास का पुनर्निर्माण, क्षेत्रीय एकीकरण का नवीनीकरण: सार्क को पुनर्जीवित करने के मार्ग’। मुख्य वक्ता और वरिष्ठ राजनयिक तारिक ए. करीम अपने संबोधन के दौरान दक्षिण एशिया का नक्शा प्रस्तुत कर रहे थे, तभी भारतीय प्रतिनिधि ने उसमें दिखाई गई त्रुटि पर विरोध जताया। कार्यक्रम में मौजूद कुछ लोगों का मानना था कि आपत्ति भाषण समाप्त होने के बाद उठाई जानी चाहिए थी, जबकि अन्य ने इसे भारत की उचित प्रतिक्रिया बताया। इस घटना ने कश्मीर मुद्दे की संवेदनशीलता और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की स्पष्ट नीति को एक बार फिर सामने ला दिया। भारत लंबे समय से अपने मानचित्र और संप्रभुता से जुड़े किसी भी गलत चित्रण का विरोध करता रहा है। फिलहाल इस मामले पर आयोजकों या बांग्लादेश की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 7 July 2026

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि राज्य में यूसीसी के लिए एक समिति का गठन कर दिया गया है और भाजपा सरकार अपने चुनावी संकल्प पत्र में किए गए वादों को तेजी से पूरा कर रही है। शाह ने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था मजबूत करने, अपराध पर अंकुश लगाने और घुसपैठ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125 फुट ऊंची प्रतिमा की आधारशिला भी रखी। उन्होंने कहा कि घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जबकि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के तहत पात्र शरणार्थियों को नागरिकता देने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। शाह ने इन पहलों को मुखर्जी की राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की विचारधारा से प्रेरित बताया। अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में 'सोनार बांग्ला' का सपना साकार हो रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार विकास, सुरक्षा और सुशासन के अपने सभी वादों को पूरा करेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया, लेकिन अब उनकी विरासत को उचित सम्मान दिया जा रहा है।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 7 July 2026

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में पहली बार ऐसा ऐतिहासिक रिकॉर्ड बना है, जब एक ही टूर्नामेंट में तीन खिलाड़ियों—लियोनेल मेसी, किलियन एम्बाप्पे और अर्लिंग हालैंड—ने सात-सात गोल दागे हैं। इस उपलब्धि ने न सिर्फ वर्ल्ड कप के इतिहास में नया अध्याय जोड़ा है, बल्कि गोल्डन बूट की रेस को भी बेहद रोमांचक बना दिया है। तीनों स्टार खिलाड़ी अपनी-अपनी टीमों को नॉकआउट चरण में आगे बढ़ाने के साथ व्यक्तिगत सम्मान के लिए भी कड़ी टक्कर दे रहे हैं। राउंड ऑफ़ 16 में ब्राजील के खिलाफ अर्लिंग हालैंड ने दो शानदार गोल कर नॉर्वे को 2-1 की ऐतिहासिक जीत दिलाई। इस जीत के साथ नॉर्वे पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचा। हालैंड ने 79वें मिनट में हेडर से पहला गोल किया और फिर अंतिम मिनटों में दूसरा गोल दागकर टूर्नामेंट में अपने गोलों की संख्या सात कर ली, जिससे उन्होंने मेसी और एम्बाप्पे की बराबरी कर ली।   वर्ल्ड कप 2026 में मेसी ने अपने अनुभव और शानदार खेल से एक बार फिर अपनी महानता साबित की है, जबकि एम्बाप्पे ने बड़े मुकाबलों में अपनी घातक फिनिशिंग का प्रदर्शन जारी रखा है। वहीं, अपने पहले वर्ल्ड कप में हालैंड ने न सिर्फ सात गोल किए, बल्कि अपेक्षाकृत कमज़ोर मानी जाने वाली नॉर्वे को ऐतिहासिक सफलता दिलाकर अपनी अलग पहचान भी बनाई। अब गोल्डन बूट की दौड़ टूर्नामेंट के सबसे बड़े आकर्षणों में से एक बन गई है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 6 July 2026

नोबेल शांति पुरस्कार विजेता 14वें दलाई लामा तिब्बती बौद्ध धर्म के सर्वोच्च आध्यात्मिक गुरु और विश्वभर में शांति, करुणा तथा अहिंसा के प्रतीक माने जाते हैं। वर्ष 1959 में तिब्बत छोड़कर भारत आने के बाद से वे हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में निर्वासित जीवन बिता रहे हैं। भारत ने उन्हें और हजारों तिब्बती शरणार्थियों को आश्रय दिया, जिसके कारण भारतीय समाज में उनके प्रति गहरा सम्मान है। उन्हें प्राचीन नालंदा बौद्ध परंपरा के संरक्षण और भारतीय बौद्ध दर्शन को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने का श्रेय भी दिया जाता है। दलाई लामा का जन्म 6 जुलाई 1935 को तिब्बत के तकस्टर गांव में ल्हामो थोंडुप के रूप में हुआ था। मात्र दो वर्ष की आयु में उन्हें 13वें दलाई लामा का पुनर्जन्म माना गया और बाद में तेनजिन ग्यात्सो के नाम से तिब्बत के आध्यात्मिक एवं लौकिक नेता के रूप में स्थापित किया गया। वर्ष 1989 में उन्हें शांति, अहिंसा और मानवाधिकारों के प्रति उनके योगदान के लिए नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। तिब्बती परंपरा में उन्हें करुणा के बोधिसत्व अवलोकितेश्वर का अवतार माना जाता है। उनके 91वें जन्मदिन के अवसर पर शिमला के दोरजे ड्रेक मठ सहित भारत और दुनिया के कई हिस्सों में विशेष प्रार्थनाएं और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके शांति और करुणा के संदेश को पूरी दुनिया के लिए प्रेरणादायक बताया। स्वास्थ्य कारणों से इस वर्ष वे सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो सके, लेकिन उनके अनुयायियों ने उनके दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 6 July 2026

मध्य प्रदेश के बड़े शहरों में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने डी-कंजेशन पॉलिसी पर काम तेज कर दिया है। इसके तहत सबसे अधिक जाम वाले क्षेत्रों में एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। पहले चरण में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और रीवा को शामिल किया गया है। जबलपुर में एक कॉरिडोर बनकर तैयार हो चुका है, जबकि भोपाल और ग्वालियर में निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इन परियोजनाओं की योजना वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर तैयार की जा रही है। विभाग प्रतिदिन गुजरने वाले वाहनों की संख्या, पीक ऑवर में ट्रैफिक की स्थिति, सड़क की क्षमता, दुर्घटनाओं का रिकॉर्ड और भविष्य के यातायात का आकलन कर रहा है। खास बात यह है कि गूगल मैप से ट्रैफिक डेटा लेकर पीक ऑवर का विश्लेषण किया जा रहा है, जिससे कॉरिडोर का लेआउट और डिजाइन अधिक प्रभावी बनाया जा सके।   राज्य के विभिन्न शहरों में करोड़ों रुपये की लागत से एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। भोपाल में 3.7 किमी, इंदौर में 7.44 किमी, उज्जैन में 5.32 किमी और ग्वालियर में 13.3 किमी लंबे कॉरिडोर पर काम चल रहा है, जबकि रीवा के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। इन परियोजनाओं का डिजाइन ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय की विशेषज्ञता से तैयार कराया जा रहा है, जिसमें रोड सेफ्टी और भविष्य की ट्रैफिक जरूरतों का विशेष ध्यान रखा गया है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 6 July 2026

अमेरिका ने अपने 250वें स्वतंत्रता दिवस को भव्य और ऐतिहासिक अंदाज में मनाया। राजधानी वॉशिंगटन डीसी में इतिहास की सबसे बड़ी आतिशबाजी ने आसमान को रोशनी से भर दिया। देशभर में लाखों लोग इस खास मौके के जश्न में शामिल हुए और राष्ट्रीय गौरव का उत्साह देखने को मिला। फिलाडेल्फिया, न्यूयॉर्क, मियामी समेत सभी 50 राज्यों में परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम, एयर शो और म्यूजिक कॉन्सर्ट आयोजित किए गए। न्यूयॉर्क में शानदार एयर शो ने लोगों का ध्यान खींचा, जबकि मियामी में मशहूर कलाकारों के कॉन्सर्ट ने समारोह को यादगार बना दिया। ऐतिहासिक स्थलों पर भी विशेष आयोजन किए गए, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। व्हाइट हाउस के अनुसार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने राष्ट्र को संबोधित किया और इस अवसर को अमेरिकी इतिहास का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उनके संबोधन के बाद वॉशिंगटन डीसी में भव्य आतिशबाजी का आयोजन हुआ, जिसने स्वतंत्रता के 250 वर्ष पूरे होने के इस समारोह को और भी खास बना दिया।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 5 July 2026

छत्तीसगढ़ की लोक कला और पंडवानी गायन को वैश्विक पहचान दिलाने वाली पद्म विभूषण सम्मानित पंडवानी गायिका तीजन बाई का 70 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने शनिवार देर रात रायपुर एम्स में अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से अस्वस्थ थीं। उनके निधन से लोक कला और सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। तीजन बाई को महाभारत की कथाएं सुनाने की प्रेरणा अपने नाना से मिली थी। महज 13 वर्ष की उम्र में उन्होंने पहली बार मंच पर पंडवानी की प्रस्तुति दी और अपनी दमदार आवाज़, प्रभावशाली अभिनय तथा अनूठी शैली से इस लोककला को देश-विदेश में नई पहचान दिलाई। भारतीय लोक संस्कृति में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया गया था। रविवार सुबह उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव गनियारी लाया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि तीजन बाई ने छत्तीसगढ़ की लोक कला को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि उनका निधन राज्य और भारतीय लोक संस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 5 July 2026

छत्तीसगढ़ की लोक कला और पंडवानी गायन को वैश्विक पहचान दिलाने वाली पद्म विभूषण सम्मानित पंडवानी गायिका तीजन बाई का 70 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने शनिवार देर रात रायपुर एम्स में अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से अस्वस्थ थीं। उनके निधन से लोक कला और सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। तीजन बाई को महाभारत की कथाएं सुनाने की प्रेरणा अपने नाना से मिली थी। महज 13 वर्ष की उम्र में उन्होंने पहली बार मंच पर पंडवानी की प्रस्तुति दी और अपनी दमदार आवाज़, प्रभावशाली अभिनय तथा अनूठी शैली से इस लोककला को देश-विदेश में नई पहचान दिलाई। भारतीय लोक संस्कृति में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया गया था। रविवार सुबह उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव गनियारी लाया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि तीजन बाई ने छत्तीसगढ़ की लोक कला को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि उनका निधन राज्य और भारतीय लोक संस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 5 July 2026

जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी के लिए खरीदी गई दो किताबों में आतंकी हाफिज सईद, मकबूल भट और अन्य अलगाववादी नेताओं का महिमामंडन किए जाने के आरोपों के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मामले में UAPA समेत कई धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है। विवाद बढ़ने पर स्कूल शिक्षा विभाग ने दोनों किताबों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का आदेश दिया, जबकि उपराज्यपाल के निर्देश पर 8 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया और एक संविदा कर्मचारी की सेवा समाप्त कर दी गई। आरोप है कि किताबों में जम्मू-कश्मीर को भारत अधिकृत कश्मीर बताया गया, प्रतिबंधित संगठन JKLF के संस्थापक मकबूल भट को शहीद और हाफिज सईद सहित कई अलगाववादी नेताओं को महान एवं प्रभावशाली व्यक्तित्व के रूप में प्रस्तुत किया गया। भाजपा ने इसे "एकेडमिक जिहाद" करार देते हुए किताबों पर प्रतिबंध लगाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने कहा कि इस तरह की सामग्री पाकिस्तान के एजेंडे को बढ़ावा देती है और नई पीढ़ी पर गलत प्रभाव डाल सकती है। पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और एक प्रकाशक के दफ्तर पर छापेमारी कर दस्तावेज व डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। लेखकों और प्रकाशकों को जम्मू-कश्मीर में ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है तथा उनकी प्रकाशित सामग्री वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की विस्तृत जांच के लिए दो अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जिन्हें 30 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 5 July 2026

प्रदेश में दिव्यांगजनों को बस किराए में 50 प्रतिशत छूट देने के सरकारी आदेश के बावजूद कई निजी बस संचालक इसका पालन नहीं कर रहे हैं। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद दिव्यांगजन आयुक्त डॉ. अजय खेमरिया ने परिवहन आयुक्त को पत्र लिखकर इस व्यवस्था की प्रभावी निगरानी और सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि केवल आदेश जारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि औचक निरीक्षण और नियमित जांच के जरिए पात्र दिव्यांग यात्रियों को वास्तविक लाभ दिलाना भी जरूरी है। पत्र में बताया गया है कि कई निजी बस संचालक किराए में छूट देने से इनकार कर रहे हैं और छूट मांगने पर दिव्यांग यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार तक किया जा रहा है। वहीं, जिन बसों में ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है, वहां भी दिव्यांगजनों के लिए 50 प्रतिशत किराया छूट का विकल्प नहीं दिया गया है, जिससे उन्हें पूरा किराया चुकाना पड़ रहा है। इसके अलावा कई बस अड्डों पर परिचालकों और कर्मचारियों को सरकार के इस आदेश की जानकारी तक नहीं है। दिव्यांगजन आयुक्त ने परिवहन विभाग से सभी जिला परिवहन अधिकारियों के माध्यम से निजी बस संचालकों के बीच इस नियम का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने और ऑनलाइन टिकट बुकिंग पोर्टल व मोबाइल ऐप में दिव्यांग यात्रियों के लिए किराया छूट का विकल्प अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश जारी करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि सरकार की जनहितकारी योजनाओं का लाभ तभी मिलेगा, जब उनका जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 3 July 2026

भारत का पहला निजी ऑर्बिटल रॉकेट 'विक्रम-1' लॉन्च के लिए पूरी तरह तैयार है। स्काईरूट एयरोस्पेस ने इसकी पहली टेस्ट फ्लाइट के लिए 12 जुलाई से 4 अगस्त तक की लॉन्च विंडो तय की है। इस मिशन की सफलता भारत के निजी स्पेस सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इससे छोटे सैटेलाइट्स को जरूरत के मुताबिक कम समय में अंतरिक्ष की अलग-अलग कक्षाओं में भेजना संभव होगा, जिससे संचार, कृषि, नेविगेशन, मौसम पूर्वानुमान और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसी सेवाओं को मजबूती मिलेगी। स्काईरूट एयरोस्पेस के संस्थापक पवन कुमार चंदाना के अनुसार, आने वाले वर्षों में सैटेलाइट लॉन्च की मांग तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में इसरो चंद्रयान, गगनयान और अंतरिक्ष स्टेशन जैसे बड़े मिशनों पर ध्यान केंद्रित करेगा, जबकि निजी कंपनियां नियमित और कम लागत वाले लॉन्च की जिम्मेदारी निभाएंगी। उन्होंने बताया कि विक्रम-1 का मॉडल स्पेसएक्स से अलग है और यह 'ऑन-डिमांड लॉन्च' सेवा देगा, जिससे ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार तय समय और तय कक्षा में सैटेलाइट भेज सकेंगे। पवन कुमार चंदाना का मानना है कि अगले 10 से 15 वर्षों में अंतरिक्ष तकनीक लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का सामान्य हिस्सा बन जाएगी। बेहतर इंटरनेट, 6जी कनेक्टिविटी, एआई आधारित सेवाएं, सटीक मौसम पूर्वानुमान, आपदा प्रबंधन और दूरदराज क्षेत्रों तक संचार जैसी सुविधाएं सैटेलाइट नेटवर्क के जरिए और प्रभावी होंगी। छोटे सैटेलाइट्स की बढ़ती संख्या और उनकी सीमित उम्र को देखते हुए भविष्य में लगातार नए लॉन्च की जरूरत होगी, जिससे भारत की स्पेस इकोनॉमी को नई रफ्तार मिलेगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 3 July 2026

सुप्रीम कोर्ट ने अदालतों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार की गई फर्जी कानूनी जानकारी और नकली फैसलों का इस्तेमाल बेहद गंभीर बताते हुए कड़ी चेतावनी दी है। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने कहा कि ऐसे मनगढ़ंत उदाहरण न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाते हैं। कोर्ट ने इसकी गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा कि यह खतरा भोपाल गैस त्रासदी में मिथाइल आइसोसाइनेट गैस के रिसाव जितना विनाशकारी हो सकता है। इसी टिप्पणी के साथ अदालत ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) का एक फैसला रद्द कर दिया। यह मामला एस्सेल इन्फ्राप्रोजेक्ट लिमिटेड, जम्मू-कश्मीर बैंक लिमिटेड और पूजा रमेश सिंह से जुड़े दिवालियापन विवाद का था। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि NCLT ने अपने फैसले के समर्थन में जिन कानूनी मामलों का हवाला दिया था, उनमें कई फैसले वास्तविक थे ही नहीं और उनकी साइटेशन भी पूरी तरह मनगढ़ंत थीं। जम्मू-कश्मीर बैंक ने शपथपत्र में स्पष्ट किया कि उसके वकीलों ने इन फर्जी मामलों का उल्लेख नहीं किया था, बल्कि इन्हें ट्रिब्यूनल की ओर से किए गए शोध के दौरान शामिल किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह AI तकनीक के खिलाफ नहीं है, लेकिन AI से प्राप्त जानकारी को बिना सत्यापन के अदालत में पेश करना गंभीर पेशेवर लापरवाही है। अदालत ने कहा कि अंतिम जांच और निर्णय की जिम्मेदारी हमेशा इंसानों की होनी चाहिए। साथ ही बार काउंसिल ऑफ इंडिया से AI के उपयोग को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश तैयार करने और अदालतों में फर्जी AI-जनित सामग्री पेश करने वालों के खिलाफ जवाबदेही तय करने की व्यवस्था बनाने की सिफारिश की है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 3 July 2026

इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 189 रन बनाए। अभिषेक शर्मा ने 59 रन की तूफानी पारी खेली, जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर ने 68 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। हालांकि, इसके बाद बारिश के कारण इंग्लैंड की पारी शुरू ही नहीं हो सकी और मुकाबला बिना किसी नतीजे के रद्द कर दिया गया। अभिषेक शर्मा ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के दौरान कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए। वह टी-20 इंटरनेशनल में सबसे कम 785 गेंदों में 100 छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए और वेस्टइंडीज के ईविन लुईस का 789 गेंदों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इसके अलावा, वह भारत के लिए टी-20 में 100 छक्के पूरे करने वाले पांचवें बल्लेबाज बने। इंग्लैंड की धरती पर उन्होंने सिर्फ 20 गेंदों में अर्धशतक जड़कर केएल राहुल का 27 गेंदों वाला पुराना रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।   कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी इतिहास रचते हुए इंग्लैंड में टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में अर्धशतक लगाने वाले पहले भारतीय कप्तान बनने का गौरव हासिल किया। उनकी 68 रन की पारी इंग्लैंड में किसी भी भारतीय टी-20 कप्तान का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है, जिससे उन्होंने विराट कोहली के 47 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। वहीं, चेस्टर-ली-स्ट्रीट का मैदान भारत के लिए अब भी बदकिस्मत साबित हुआ, क्योंकि यहां खेले गए तीनों अंतरराष्ट्रीय मुकाबले बारिश की वजह से बिना नतीजे के समाप्त हुए हैं।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 2 July 2026

पीडीपी प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए तेहरान जाएंगी। उन्हें ईरान की ओर से विशेष आधिकारिक निमंत्रण भेजा गया है। महबूबा मुफ्ती ने इसे अपने जीवन का "एक बार मिलने वाला सम्मान" बताते हुए कहा कि वह सुप्रीम लीडर को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए समारोह में शामिल होंगी। ईरान के सुप्रीम लीडर कार्यालय के अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग के निदेशक मोहसिन कुम्मी ने उन्हें भारत की विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। खामेनेई की 28 फरवरी को हुई हत्या के बाद राष्ट्रीय शोक और सुरक्षा कारणों से अंतिम संस्कार में देरी हुई थी। अब तेहरान में 3 से 6 जुलाई तक राजकीय अंतिम संस्कार समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के तहत इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसाला कॉम्प्लेक्स में अंतिम दर्शन, श्रद्धांजलि सभा और अंतिम संस्कार जुलूस निकाला जाएगा। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। निमंत्रण पत्र में महबूबा मुफ्ती की मौजूदगी को भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक दोस्ती और आपसी सम्मान का प्रतीक बताया गया है। भारत सरकार की ओर से इस राजकीय समारोह में बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा हिस्सा लेंगे। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यस्त विदेश दौरे के कारण उनके ईरान जाने की संभावना नहीं है। खामेनेई की मौत के बाद खाड़ी क्षेत्र में बढ़े सैन्य तनाव और युद्धविराम के चलते अंतिम संस्कार कार्यक्रम को स्थगित किया गया था, जिसे अब तय कार्यक्रम के अनुसार संपन्न कराया जाएगा।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 2 July 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची के साथ संयुक्त प्रेस बयान में उन्हें अपनी "छोटी बहन" बताते हुए भारत में उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री की पहली भारत यात्रा दोनों देशों के रिश्तों के लिए ऐतिहासिक अवसर है। मोदी ने बताया कि भारत और जापान ने आर्थिक सुरक्षा का संयुक्त रोडमैप तैयार किया है, जिसके तहत सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, एडवांस्ड मैटेरियल्स और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर काम किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि इंडिया-जापान बायोगैस इनिशिएटिव के तहत भारत में 1000 बायोगैस और ऑर्गेनिक खाद संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इससे गोबरधन योजना को गति मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। दोनों देशों ने बैटरी, ग्रीन हाइड्रोजन, परमाणु ऊर्जा, निवेश, रक्षा, स्टार्टअप, अनुसंधान और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। साथ ही अगले वर्ष भारत-जापान राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का भी फैसला किया गया।   जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने भी प्रधानमंत्री मोदी को अपना "बड़ा भाई" बताते हुए कहा कि दोनों देशों के संबंध आपसी विश्वास और पारिवारिक भावनाओं पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि जापान की फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक (FOIP) नीति और भारत की महासागर (MAHASAGAR) पहल एक-दूसरे की पूरक हैं। इसी सोच के तहत दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने तथा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नियम-आधारित व्यवस्था को बढ़ावा देने पर सहमति व्यक्त की।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 2 July 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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  नायरा एनर्जी ने पेट्रोल की कीमत में ₹5 प्रति लीटर और डीजल में ₹3 प्रति लीटर की कटौती की है। इस बदलाव के बाद भोपाल में पेट्रोल की कीमत घटकर ₹119.79 प्रति लीटर और डीजल ₹102.57 प्रति लीटर हो गया है। कंपनी ने देशभर में अपने 7,000 से अधिक पेट्रोल पंपों पर नई दरें लागू कर दी हैं। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में टैक्स की दरों के कारण कीमतों में मामूली अंतर हो सकता है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में यह राहत अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के कारण मिली है। हाल के दिनों में अमेरिका-ईरान तनाव कम होने से क्रूड ऑयल की कीमत लगभग 73 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है, जबकि इससे पहले यह 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थी। कच्चा तेल सस्ता होने का फायदा नायरा एनर्जी ने सीधे ग्राहकों तक पहुंचाया है। वहीं, सरकारी तेल कंपनियों—इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL)—ने फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। गौरतलब है कि मई में इन कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का हवाला देते हुए पेट्रोल और डीजल के दामों में कुल ₹7.50 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की थी।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 1 July 2026

1 जुलाई से आम लोगों की जेब पर असर डालने वाले कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में औसतन ₹180 की कटौती की है, जिससे दिल्ली में इसकी कीमत ₹2930 हो गई है। वहीं नायरा एनर्जी ने पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर सस्ता किया है। इसके अलावा पेट्रोल पंपों पर एक वाहन में प्रतिदिन 200 लीटर डीजल भरने की सीमा भी हटा दी गई है। दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने पासपोर्ट बनवाने और री-इश्यू कराने की फीस बढ़ा दी है। अब सामान्य पासपोर्ट के लिए ₹2,500 तक शुल्क देना होगा। वहीं ट्रेन में बिना टिकट यात्रा करने पर न्यूनतम जुर्माना ₹250 से बढ़ाकर ₹500 कर दिया गया है। साथ ही, UIDAI ने 31 दिसंबर 2026 तक आधार कार्ड में ईमेल अपडेट कराने की सुविधा मुफ्त कर दी है। इसके अलावा एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत में ₹5 प्रति लीटर की कटौती की गई है, जिससे भविष्य में हवाई यात्रा सस्ती हो सकती है। वहीं, किया इंडिया और टाटा मोटर्स सहित कई ऑटो कंपनियों ने 1 जुलाई से वाहनों की कीमतों में 1.5% से 2% तक बढ़ोतरी कर दी है, जिससे नई कार खरीदना अब पहले से महंगा हो गया है।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 1 July 2026

पुणे के चर्चित सिया गोयल और केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच के दौरान नए खुलासे सामने आए हैं। जानकारी के मुताबिक, शादी तय होने से पहले दोनों की कुंडली मिलाई गई थी, जिसमें 36 में से 27 गुण मिलने पर रिश्ते को शुभ माना गया था। ज्योतिषियों ने देव गण और मनुष्य गण के आधार पर दोनों के बीच अच्छे तालमेल की बात कही थी। इसके बावजूद यह रिश्ता एक दर्दनाक अंजाम तक पहुंच गया। पुलिस का दावा है कि सिया गोयल और उसके कथित साथी चेतन चौधरी ने केतन की हत्या से पहले तीन बार कोशिश की थी। जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों ने पुणे में अपने घर के पास एक सुनसान स्थान पर केतन को खाई में धक्का देने की रिहर्सल की थी। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं। पूछताछ के दौरान चेतन के भावुक होकर रोने की बात सामने आई है, जबकि सिया जांच में सहयोग नहीं कर रही है। इस मामले के बाद लोनावला स्थित लोहगढ़ किले पर पर्यटकों की संख्या करीब 50% बढ़ गई है। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल देखने पहुंच रहे हैं। वहीं, किले की एक खाई को 'सिया पॉइंट' कहे जाने पर इतिहासकारों और स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई है। विवाद के बीच जांच पूरी होने तक पुलिस ने एहतियातन लोहगढ़ किले को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया है।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 1 July 2026

पाकिस्तान ने एक बार फिर सिंधु जल संधि को लेकर भारत को तीखी चेतावनी दी है। पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने कहा कि यदि किसी ने पाकिस्तान के हिस्से का पानी रोकने की कोशिश की, तो "उन हाथों को काट देंगे।" वहीं सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने दावा किया कि सिंधु जल संधि आज भी कानूनी रूप से लागू है और भारत इसे एकतरफा न तो रद्द कर सकता है, न स्थगित कर सकता है और न ही इसमें बदलाव कर सकता है। पाकिस्तान इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए इस्लामाबाद में सिंधु जल संधि पर एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार भी आयोजित कर रहा है। भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को निलंबित करने का फैसला लिया था। भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं करता, तब तक संधि को बहाल नहीं किया जाएगा। इससे पहले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ भी जल सुरक्षा को लेकर भारत के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया और युद्ध जैसी चेतावनी दे चुके हैं, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। सिंधु जल संधि वर्ष 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुई थी। इस समझौते के तहत सिंधु नदी प्रणाली की छह नदियों के जल बंटवारे की व्यवस्था तय की गई थी, ताकि दोनों देशों के बीच जल विवाद को रोका जा सके। यह संधि दशकों तक दोनों देशों के बीच सहयोग का महत्वपूर्ण आधार रही है, लेकिन हाल के वर्षों में बढ़ते तनाव और आतंकवाद से जुड़े मुद्दों के कारण इसके भविष्य को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 30 June 2026

देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में शामिल HDFC बैंक ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को अपना नया चेयरमैन नियुक्त करने का फैसला किया है। बैंक के निदेशक मंडल ने उन्हें चार साल के लिए स्वतंत्र निदेशक नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है। उनकी नियुक्ति 30 जून 2026 से प्रभावी होगी, हालांकि इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की अंतिम मंजूरी जरूरी होगी। मंजूरी मिलने के बाद राजीव कुमार तीन साल के लिए बैंक के अंशकालिक चेयरमैन का पद संभालेंगे। वह अतनु चक्रवर्ती की जगह लेंगे, जिन्होंने मार्च 2026 में नैतिक कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया था। 1984 बैच के पूर्व IAS अधिकारी और भारत के पूर्व वित्त सचिव रह चुके राजीव कुमार को बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में लंबे प्रशासनिक अनुभव के लिए जाना जाता है। वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के सचिव रहते हुए उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में बढ़ते एनपीए, पूंजी की कमी और बैंकिंग सुधारों पर अहम काम किया। उनके नेतृत्व में एनपीए की पारदर्शी पहचान, दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता (IBC) के प्रभावी क्रियान्वयन, बैंक पुनर्पूंजीकरण और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय जैसे बड़े फैसलों को आगे बढ़ाया गया। इसके अलावा उन्होंने शेल कंपनियों पर कार्रवाई, पोंजी योजनाओं पर रोक और बैंकिंग क्षेत्र में जवाबदेही बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। इस बीच, HDFC बैंक के एमडी एवं सीईओ शशिधर जगदीशन का मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को समाप्त होने वाला है। उम्मीद की जा रही है कि बैंक का बोर्ड RBI की मंजूरी मिलने के बाद उन्हें तीसरे कार्यकाल के लिए भी सिफारिश करेगा। ऐसे समय में राजीव कुमार की संभावित नियुक्ति को बैंक के लिए मजबूत नेतृत्व और बेहतर कॉरपोरेट गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 30 June 2026

ओडिशा की स्कूली पाठ्यपुस्तकों में बड़ी संख्या में तथ्यात्मक और संपादकीय गलतियां सामने आने के बाद राज्य में विवाद गहरा गया है। कक्षा 8 की कला शिक्षा की पुस्तक 'कृति' में फिल्म हम दिल दे चुके सनम का लोकप्रिय गीत 'निंबूड़ा-निंबूड़ा' और फिल्म मिशन कश्मीर से चर्चित 'रिंद पोश माल' को लोकगीत के उदाहरण के रूप में शामिल किया गया है। इसके अलावा कक्षा 3 और 5 की पुस्तकों में भी कुछ लोकप्रिय गीतों का उल्लेख लोकसंगीत के संदर्भ में किया गया है। शिक्षा विभाग का कहना है कि इन गीतों को छात्रों को विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के उद्देश्य से शामिल किया गया था। विवाद तब और बढ़ गया जब राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) की पुस्तकों में कुल 1,678 गलतियां मिलने की पुष्टि हुई। इनमें सबसे अधिक 705 त्रुटियां कक्षा 8 की किताबों में पाई गईं। जांच में सामने आया कि कर्नाटक विधानसभा भवन को ओडिशा विधानसभा बताया गया, सर आइजैक न्यूटन को "महान पायलट" लिख दिया गया और हम्पी को कोणार्क सूर्य मंदिर के रूप में दर्शाया गया। इन गंभीर चूकों के बाद राज्य सरकार ने SCERT के पूर्व निदेशक सहित चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि अगले शैक्षणिक सत्र से पुस्तकों में सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति की 14 सिफारिशों को लागू किया जाएगा। संशोधित पन्ने तैयार कर सभी स्कूलों और जिला शिक्षा अधिकारियों को भेजे जाएंगे, जिन्हें आधिकारिक अध्ययन सामग्री के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। शिक्षा विभाग का कहना है कि नई किताबें पूरी तरह तैयार होने तक छात्र पुरानी पुस्तकों के साथ इन संशोधित पन्नों का उपयोग करेंगे, ताकि पढ़ाई पर किसी तरह का असर न पड़े।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 30 June 2026

अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले में भारत-चीन सीमा के पास चीनी पीएलए द्वारा कथित घुसपैठ और सड़क व कैम्प निर्माण के आरोपों ने एक बार फिर सीमा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में चीन ने धीरे-धीरे भारतीय क्षेत्र के चरागाहों, शिकार स्थलों और पारंपरिक उपयोग वाली जमीन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया है। हालांकि, इन दावों पर अभी तक केंद्र या राज्य सरकार की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इन आरोपों के खिलाफ नाह आदिवासी समुदाय ने खुलकर आवाज उठाई है। नाह वेलफेयर सोसाइटी (NWS) का कहना है कि जिन इलाकों में पहले स्थानीय लोग स्वतंत्र रूप से शिकार, खेती और पशु चराने का काम करते थे, वहां अब चीनी सेना की मौजूदगी बताई जा रही है। संगठन ने प्रशासन से मामले की जांच कर आवश्यक कदम उठाने की मांग की है और इसे स्थानीय लोगों के अधिकारों के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा का भी मुद्दा बताया है। इस मामले पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी चिंता जताई है। नाचो के विधायक नाकाप नालो ने कहा कि यदि ये आरोप सही हैं तो प्रशासन को इसकी आधिकारिक पुष्टि कर उचित कार्रवाई करनी चाहिए। फिलहाल जिला प्रशासन और राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में पूरे मामले की सच्चाई सामने आने के लिए आधिकारिक जांच और पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 29 June 2026

नोएडा के सेक्टर-119 स्थित अरण्य सोसाइटी में सोमवार सुबह एक हाईराइज टावर की 21वीं मंजिल पर बने फ्लैट में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह एसी में ब्लास्ट या शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है। आग की ऊंची लपटें और काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दिया, जबकि घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आग लगते ही सोसाइटी में रहने वाले लोग अपने फ्लैट छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत रेस्क्यू शुरू किया और पुलिस व दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की छह गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के घायल होने या फ्लैट में फंसे होने की सूचना नहीं मिली है। अधिकारियों के अनुसार आग पूरी तरह बुझने के बाद घटनास्थल का निरीक्षण किया जाएगा, जिसके बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने और हालात पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। इस घटना के बाद एक बार फिर नोएडा की हाईराइज सोसाइटी में फायर सेफ्टी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने बहुमंजिला इमारतों में फायर सेफ्टी सिस्टम, बिजली के उपकरणों और एयर कंडीशनर की नियमित जांच कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 29 June 2026

आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारतीय टीम के टॉप ऑर्डर का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा, जिसके चलते टीम को 2-0 से सीरीज गंवानी पड़ी। दो मैचों में संजू सैमसन, ईशान किशन और अभिषेक शर्मा ने मिलकर सिर्फ 67 रन बनाए। इसमें अभिषेक शर्मा के बल्ले से 49 रन आए, जबकि संजू सैमसन सिर्फ 5 और ईशान किशन 13 रन ही बना सके। इस खराब प्रदर्शन के बाद टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौका देने की मांग तेज हो गई है। 1 जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज में वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में शामिल किए जाने की संभावना बढ़ गई है। टीम संतुलन बनाए रखने के लिए संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी की दाएं-बाएं हाथ की ओपनिंग जोड़ी एक बेहतर विकल्प मानी जा रही है। वहीं ईशान किशन को नंबर-3 पर बल्लेबाजी की जिम्मेदारी मिल सकती है, जबकि खराब फॉर्म के चलते अभिषेक शर्मा को कुछ मैचों के लिए बाहर बैठना पड़ सकता है। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज भारतीय टीम के लिए वापसी का बड़ा मौका होगी। ऐसे में चयनकर्ता और टीम मैनेजमेंट फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों को प्राथमिकता दे सकते हैं। यदि वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलता है तो यह उनके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का सुनहरा अवसर होगा। वहीं टीम इंडिया की नजर आयरलैंड के खिलाफ मिली हार को भुलाकर इंग्लैंड के खिलाफ जीत के साथ नई शुरुआत करने पर होगी।

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Priyanshi Chaturvedi 29 June 2026

  अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे की रकम चोरी होने के मामले में पुलिस ने एक बेहद सख्त और बड़ा एक्शन लिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच कर रही एसआईटी (SIT) की 8 अलग-अलग टीमों ने जेल में बंद सभी 8 आरोपियों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। स्थानीय मजिस्ट्रेट और राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में सुबह-सुबह शुरू हुई इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया। पुलिस का मुख्य मकसद चोरी की गई बाकी रकम, उससे जुड़ी संपत्तियों के दस्तावेज और अन्य अहम सुरागों को तलाशना है। इस संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान पुलिस की एक टीम सबसे पहले मुख्य आरोपी रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के घर पहुंची। वहां अधिकारियों ने घर की अलमारियों, संदूकों और लॉकरों को पूरी तरह खंगाला, जिसकी बाकायदा वीडियोग्राफी भी कराई गई। जिन तीन आरोपियों के घरों पर ताले लटके मिले, वहां पुलिस ने पड़ोसियों और रिश्तेदारों से कड़ी पूछताछ की। जांच टीम अब तक इस पूरे मामले में आरोपियों के कब्जे से करीब ₹79.85 लाख की भारी-भरकम राशि बरामद कर चुकी है और परिजनों के बैंक खातों की भी जांच की जा रही है। इस संवेदनशील घटनाक्रम पर देश के वरिष्ठ नेताओं और धार्मिक संगठनों ने भी बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि राम मंदिर जैसे पवित्र स्थान के चढ़ावे में हेराफेरी करने वाले दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। आरोपियों की तीन दिन की न्यायिक कस्टडी खत्म होने वाली है, जिसके बाद पुलिस इन्हें सोमवार को कोर्ट में पेश कर आगे की पूछताछ के लिए रिमांड की मांग करेगी ताकि इस पूरी साजिश की आखिरी कड़ी तक पहुंचा जा सके।    

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Priyanshi Chaturvedi 28 June 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रविवार को सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'गार्जियन ऑफ ब्लू होराइजन' से सम्मानित किया गया। इस सम्मान के साथ प्रधानमंत्री मोदी अब तक 34 देशों के सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्राप्त करने वाले भारतीय नेता बन गए हैं। सम्मान मिलने पर उन्होंने सेशेल्स की जनता, सरकार और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी का आभार व्यक्त करते हुए इसे भारत और सेशेल्स की गहरी मित्रता का प्रतीक बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स की नेशनल असेंबली को भी संबोधित किया और ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स का संबंध केवल पिछले 50 वर्षों का नहीं, बल्कि अगस्त 1770 से जुड़ा है, जब 'थेलेमाक' जहाज के जरिए पांच भारतीय पहली बार वहां पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि भारत के लिए सेशेल्स केवल द्वीपों का समूह नहीं, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में एक भरोसेमंद और महत्वपूर्ण साझेदार है। अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी 29 जून को सेशेल्स के 50वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। भारत ने सेशेल्स के विकास के लिए 175 मिलियन डॉलर के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है और देश को भारत में निर्मित फास्ट पेट्रोल वेसल 'पीएस लेस्पवार' भी भेंट किया है। पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में योगदान के लिए मिला यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी का इस क्षेत्र में तीसरा बड़ा अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 28 June 2026

पुणे मर्डर केस की जांच में रविवार को पुलिस ने अहम कदम उठाते हुए आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को लोहगढ़ किले ले जाकर वारदात का सीन रीक्रिएट किया। सुबह करीब 6:30 बजे दोनों आरोपियों को घटनास्थल पर पहुंचाया गया, जहां पुलिस ने केतन के बराबर वजन की एक डमी तैयार कर पूरी घटना को दोहराया। डीएसपी गजानन टोंपे के अनुसार, सिया के बताए घटनाक्रम के आधार पर जांच टीम ने करीब ढाई घंटे तक मौके पर जांच की, ताकि घटना की हर कड़ी की पुष्टि की जा सके। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों की गूगल सर्च हिस्ट्री से भी कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस के मुताबिक सिया और चेतन ने कथित तौर पर लोहगढ़ किले के 'डेथ पॉइंट', वहां तक पहुंचने का रास्ता, खाइयों की जानकारी और 'जहर देकर कैसे मारें ताकि पुलिस को शक न हो' जैसे विषयों पर इंटरनेट पर खोज की थी। इसके अलावा, पुलिस पूछताछ के दौरान क्या जवाब देने हैं और कौन-कौन से व्हाट्सएप मैसेज डिलीट करने हैं, इससे जुड़ी जानकारी भी सर्च की गई थी। इन दावों की जांच जारी है। पुलिस ने यह भी बताया कि वारदात वाले दिन चेतन ने अपनी पहचान छिपाने के लिए अपना मोबाइल एक दुकान पर छोड़ दिया था और दूसरे फोन का इस्तेमाल किया। जांच एजेंसियों ने उसकी बाइक, हुडी, हेडफोन समेत अन्य सामान जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। वहीं, डिलीट किए गए व्हाट्सएप मैसेज भी रिकवर कर उनकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। मामले में सिया के माता-पिता और भाई से भी लंबी पूछताछ की जा चुकी है और पुलिस सभी सबूतों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 28 June 2026

केंद्र सरकार ने इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के स्पेशल डायरेक्टर महेश दीक्षित को देश की आंतरिक खुफिया एजेंसी का नया प्रमुख नियुक्त किया है। 1993 बैच के आंध्र प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी महेश दीक्षित 30 जून को सेवानिवृत्त हो रहे मौजूदा आईबी प्रमुख तपन कुमार डेका का स्थान लेंगे। सरकार ने उन्हें दो वर्ष के कार्यकाल के लिए आईबी निदेशक नियुक्त किया है। महेश दीक्षित फिलहाल एजेंसी के स्पेशल डायरेक्टर और दूसरे सबसे वरिष्ठ अधिकारी थे तथा उन्हें आतंकवाद विरोधी अभियानों और खुफिया संचालन का व्यापक अनुभव हासिल है। महेश दीक्षित ने अपने सेवा काल में कई संवेदनशील राष्ट्रीय सुरक्षा अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने से पहले सुरक्षा तैयारियों और कानून-व्यवस्था की रणनीति तैयार करने में उनका अहम योगदान माना जाता है। इसके बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में खुफिया जिम्मेदारियां संभालते हुए उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, आतंकवाद विरोधी अभियानों को प्रभावी बनाने और स्थानीय स्तर पर भरोसा कायम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साल 2023 में श्रीनगर में आयोजित जी-20 टूरिज्म वर्किंग ग्रुप की बैठक के दौरान भी महेश दीक्षित सुरक्षा प्रबंधन के प्रमुख अधिकारियों में शामिल रहे। विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की यात्रा के दौरान उन्होंने जमीनी हालात का सटीक आकलन कर सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया। उनके लंबे अनुभव, रणनीतिक सोच और संवेदनशील मामलों में प्रभावी नेतृत्व को देखते हुए केंद्र सरकार ने देश की सबसे महत्वपूर्ण खुफिया एजेंसी की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 26 June 2026

बिहार सरकार ने पटना के बांसघाट स्थित अत्याधुनिक श्मशान घाट के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी सद्गुरु जग्गी वासुदेव की संस्था ईशा फाउंडेशन (ईशा आउटरीच) को पांच वर्षों के लिए 1 रुपये की टोकन लीज पर सौंप दी है। करीब 89.40 करोड़ रुपये की लागत से बने इस श्मशान घाट में एसी वेटिंग हॉल, गंगाजल के तालाब और एक साथ 18 शवों के अंतिम संस्कार की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा बिहार कैबिनेट ने मुंगेर के तेलडीहा मंदिर के पास लगभग 15 से 17 एकड़ सरकारी जमीन भी ईशा फाउंडेशन को 99 वर्षों की लीज पर 1 रुपये में देने को मंजूरी दी है। नई व्यवस्था के तहत बांसघाट में अंतिम संस्कार के लिए 3,500 से 5,000 रुपये तक का शुल्क निर्धारित किया गया है, जबकि कुछ विशेष सुविधाओं के साथ यह राशि 10,000 रुपये तक पहुंच सकती है। इसी शुल्क को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सहित विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकारी धन से विकसित सार्वजनिक सुविधा को निजी संस्था को सौंपने से आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा, जबकि पहले सरकारी श्मशान घाटों में बहुत कम खर्च में अंतिम संस्कार हो जाता था। वहीं सरकार और ईशा फाउंडेशन का कहना है कि यह व्यवस्था तमिलनाडु में पहले से सफलतापूर्वक लागू मॉडल पर आधारित है, जहां संस्था 33 से अधिक श्मशान घाटों का संचालन कर रही है। उनका दावा है कि आधुनिक और प्रदूषण मुक्त अंतिम संस्कार की सुविधा उपलब्ध कराना, परिजनों को सम्मानजनक वातावरण देना और बेहतर रखरखाव सुनिश्चित करना इस पहल का उद्देश्य है। साथ ही, फाउंडेशन का कहना है कि तमिलनाडु में गरीबी रेखा से नीचे (BPL) आने वाले परिवारों को निशुल्क सेवाएं भी दी जाती हैं।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 26 June 2026

वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद भारत ने मानवीय सहायता के तहत 'ऑपरेशन अमिस्ताद' (Operation Amistad) शुरू किया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जानकारी दी कि भारतीय वायुसेना के दो C-17 ग्लोबमास्टर विमान वेनेजुएला के लिए रवाना हो चुके हैं। इन विमानों में भारतीय सेना की फील्ड हॉस्पिटल यूनिट, 35 टन से अधिक राहत सामग्री, दवाइयां, मेडिकल उपकरण और आवश्यक जीवनरक्षक सामान भेजा गया है। भूकंप में अब तक 245 लोगों की मौत और 4,300 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है, जिसके बाद भारत ने तत्काल राहत अभियान शुरू किया। राहत मिशन के तहत भेजे गए दोनों विमानों में दो अत्याधुनिक 'भीष्म क्यूब्स' भी शामिल हैं, जो आपदा या युद्ध जैसी परिस्थितियों में मोबाइल अस्पताल के रूप में काम करते हैं। इनके जरिए मौके पर ही सर्जरी, आपातकालीन उपचार और गंभीर रूप से घायल मरीजों की चिकित्सा की जा सकती है। भारतीय सेना की फील्ड हॉस्पिटल यूनिट में डॉक्टर, नर्स और मेडिकल स्टाफ शामिल हैं, जो स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर प्रभावित लोगों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराएंगे। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह इस कठिन समय में वेनेजुएला की सरकार और वहां की जनता के साथ मजबूती से खड़ा है। इससे पहले भी भारत तुर्की-सीरिया भूकंप समेत कई अंतरराष्ट्रीय आपदाओं में तेजी से राहत और बचाव सहायता पहुंचा चुका है। इस बीच तुर्की ने भी वेनेजुएला के लिए दो सैन्य विमान भेजने की घोषणा की है, जिनमें बचाव दल, चिकित्सा विशेषज्ञ और मानवीय सहायता कर्मी शामिल होंगे। दोनों देशों की यह पहल भूकंप प्रभावित लोगों को जल्द राहत पहुंचाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 26 June 2026

  उज्जैन जिले के बड़नगर में मोहर्रम के जुलूस के दौरान एक वैन (टाटा मैजिक) में किए गए विस्फोट का वीडियो सामने आया है। बताया जा रहा है कि 23 जून की रात अडान मोहल्ले से निकले जुलूस में एक वैन को क्रेन की मदद से करीब 40 फीट ऊंचाई पर लटकाया गया था। वैन पर दो युवक लाल झंडे लहराते नजर आए, जिसके बाद उसमें विस्फोट कर उसे उड़ा दिया गया। वैन पर ‘ले फिर आ गए’ लिखा हुआ था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना से जुड़े वीडियो इंस्टाग्राम आईडी ‘परवेज एडिट्स_2.0’ पर साझा किए गए थे। वीडियो में वैन विस्फोट के अलावा विभिन्न तरह के प्रदर्शन और विस्फोटक करतब भी दिखाई दे रहे हैं। वहीं हुसैनी अखाड़ा शाहजलालपुरा के कार्यक्रम में भी एक युवक को लटकाकर कई प्रकार के प्रदर्शन किए गए, जिनके वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। हिंदू जागरण मंच के रितेश माहेश्वरी ने इस मामले पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जुलूस में क्रेन पर लटकाई गई वैन पर आपत्तिजनक पोस्टर लगाए गए थे। उन्होंने प्रशासन से स्पष्ट करने की मांग की कि इस तरह की गतिविधियों की अनुमति दी गई थी या नहीं। बड़नगर थाना प्रभारी कमलेश सिंगार ने बताया कि पुलिस को मामले की जानकारी मिल चुकी है और आयोजकों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 25 June 2026

पुणे के चर्चित मंगेतर हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस के अनुसार, सिया ने अपने मंगेतर केतन से छुटकारा पाने की योजना 31 मई को लोहगढ़ किले की यात्रा के दौरान बनाई थी। जांच में सामने आया है कि केतन को पहाड़ी से धक्का देकर मारने की कोशिश एक बार नहीं बल्कि कई बार की गई। पहली कोशिश में केतन बच गया तो सिया ने इसे हादसा बताने के लिए सांप दिखने का बहाना बनाया। पुलिस के मुताबिक, सिया ने अपने प्रेमी चेतन के साथ मिलकर हत्या की पूरी साजिश रची थी। दोनों ने एक कैफे में मुलाकात कर लोहगढ़ किले पर केतन को खाई में धक्का देने की योजना बनाई और इसके लिए एक खास जगह भी चुन ली थी। इतना ही नहीं, यदि यह योजना विफल हो जाती तो 20 जून के बाद सड़क दुर्घटना के जरिए हत्या करने का बैकअप प्लान भी तैयार रखा गया था। जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात वाले दिन चेतन कथित तौर पर अपने कर्मचारी नीरज का मोबाइल फोन साथ लेकर गया था, जिससे दोनों के बीच संपर्क होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस रिमांड पर भेजे गए सिया और चेतन से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में सिया ने दावा किया कि वह यह रिश्ता जारी नहीं रखना चाहती थी और शादी से भी इनकार कर चुकी थी, लेकिन केतन शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था। पुलिस अब मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 25 June 2026

अहमदाबाद एयरपोर्ट पर बुधवार शाम एक बड़ा विमान हादसा टल गया, जब एअर इंडिया और इंडिगो के दो विमान एक ही टैक्सीवे पर आमने-सामने आ गए। जानकारी के मुताबिक, मुंबई से अहमदाबाद पहुंची एअर इंडिया की फ्लाइट पार्किंग बे की ओर जाते समय गलती से गलत दिशा में मुड़ गई और उसी टैक्सीवे पर पहुंच गई, जहां मुंबई जाने के लिए तैयार इंडिगो का विमान मौजूद था। समय रहते दोनों विमानों को रोक लिया गया, जिससे संभावित टक्कर टल गई। उस समय दोनों विमानों के बीच करीब 200 मीटर की दूरी रह गई थी। एअर इंडिया ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि फ्लाइट AI-2493 लैंडिंग के बाद पार्किंग के दौरान अनजाने में गलत मोड़ ले बैठी थी। एयरलाइन के अनुसार, यात्रियों और क्रू की सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ा और विमान को बाद में टो करके सही पार्किंग बे तक पहुंचाया गया। वहीं, इंडिगो ने कहा कि उसकी फ्लाइट 6E-5160 उड़ान भरने के लिए टैक्सीवे पर थी, तभी दूसरी एयरलाइन का विमान गलत दिशा से आ गया। दोनों विमानों को सुरक्षित दूरी पर रोकने के बाद इंडिगो की उड़ान सामान्य रूप से मुंबई रवाना हुई।   घटना की जानकारी विमानन नियामक अधिकारियों को दे दी गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। दोनों विमान एयरबस A320 श्रेणी के नैरो-बॉडी विमान थे, जिनमें आमतौर पर 150 से 180 यात्रियों के बैठने की क्षमता होती है। हालांकि घटना के समय विमानों में मौजूद यात्रियों की संख्या की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही घटना के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 25 June 2026

प्रधानमंत्री Narendra Modi 4 जुलाई 2026 को जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना का डिजिटल शिलान्यास करेंगे। लगभग 13,037 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना जयपुर के उत्तर और दक्षिण हिस्सों को सीधे मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने का काम करेगी। राज्य सरकार के अनुसार सभी आवश्यक प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरियां मिल चुकी हैं तथा प्रारंभिक निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री के राजस्थान दौरे के दौरान अन्य विकास परियोजनाओं की भी घोषणा या उद्घाटन होने की संभावना जताई जा रही है। जयपुर मेट्रो फेज-2 का नया कॉरिडोर सीकर रोड स्थित टोडी मोड़ से शुरू होकर टोंक रोड के प्रहलादपुरा तक जाएगा। लगभग 41 से 43 किलोमीटर लंबे इस रूट से वीकेआई इंडस्ट्रियल एरिया, विद्याधर नगर, अंबाबाड़ी, कलेक्ट्रेट, चांदपोल, एसएमएस अस्पताल, नारायण सिंह सर्कल, दुर्गापुरा, सांगानेर और सीतापुरा जैसे प्रमुख क्षेत्रों को सीधा मेट्रो संपर्क मिलेगा। इससे लाखों दैनिक यात्रियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। परियोजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता इंटरचेंज स्टेशन होंगे, जिनके माध्यम से मौजूदा Jaipur Metro फेज-1 और नए फेज-2 को जोड़ा जाएगा। चांदपोल और गवर्नमेंट हॉस्टल क्षेत्र के पास प्रस्तावित इंटरचेंज स्टेशनों से यात्री बिना स्टेशन परिसर से बाहर निकले आसानी से लाइन बदल सकेंगे। इससे पूरे शहर में सार्वजनिक परिवहन की कनेक्टिविटी और यात्रा सुविधा में उल्लेखनीय सुधार होने की संभावना है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 24 June 2026

मध्य प्रदेश और गुजरात में बुधवार को मानसून ने 9 दिन की देरी से दस्तक दी। दोनों राज्यों में मानसून के पहुंचने की सामान्य तारीख 15 जून मानी जाती है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों में मानसून पूरे मध्य प्रदेश को कवर कर सकता है। इसके साथ ही दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के 22 राज्यों तक पहुंच चुका है और 5 जुलाई तक शेष राज्यों को भी कवर करने की संभावना है। मुंबई में मंगलवार को 13 दिन की देरी से मानसून पहुंचा, जिसके बाद से लगातार तेज बारिश हो रही है। पिछले 24 घंटों में शहर के कई इलाकों में 300 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई। भारी बारिश के कारण अंधेरी सब-वे में जलभराव हो गया, जबकि विक्रोली में एक रिटेनिंग वॉल गिरने की घटना सामने आई। कई स्थानों पर पेड़ उखड़ने से वाहनों को नुकसान पहुंचा और यातायात प्रभावित हुआ। वहीं, अरुणाचल प्रदेश में पिछले एक सप्ताह से जारी भारी बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। कीयी पन्योर जिले में बाढ़ के कारण तीन लोग लापता हो गए हैं और 18 से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा है। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली में प्री-मानसून बारिश जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून अगले 2-3 दिनों में उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी पहुंच सकता है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 24 June 2026

पुणे में सामने आए चर्चित मर्डर केस में 20 वर्षीय सिया गोयल पर अपने मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। सोशल मीडिया पर दोनों का रिश्ता बेहद खुशहाल और रोमांटिक दिखाई देता था। सिया अक्सर केतन के साथ तस्वीरें और वीडियो साझा करती थी, जिनमें प्रपोजल, डांस, सरप्राइज गिफ्ट और शादी की तैयारियों से जुड़े पल शामिल थे। फरवरी में सगाई के बाद उसने केतन को टैग करते हुए भावनात्मक पोस्ट भी की थी। पुलिस जांच के अनुसार, सिया पिछले तीन साल से चेतन चौधरी नामक युवक के संपर्क में थी और वह तयशुदा शादी नहीं करना चाहती थी। आरोप है कि 18 जून को अपने जन्मदिन से एक दिन पहले उसने ट्रैकिंग के बहाने केतन को लोहगढ़ किले बुलाया, जहां चेतन पहले से मौजूद था। जांच के दौरान 33 डिग्री तापमान में हुडी पहनकर पहुंचे एक युवक की पहचान और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर पुलिस सिया और चेतन तक पहुंची। पुलिस का दावा है कि दोनों ने मिलकर केतन को लगभग 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया और घटना को हादसा बताने की कोशिश की। शुरुआत में मामला दुर्घटना माना गया था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर हत्या की साजिश का खुलासा हुआ। विडंबना यह रही कि घटना के बाद भी सिया ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए केतन की मौत पर दुख जताया, जिससे मामला और अधिक चर्चा में आ गया।

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Priyanshi Chaturvedi 24 June 2026

लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में 15 लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। सभी शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है। हादसे में जान गंवाने वालों में अधिकांश 20 से 30 वर्ष आयु के छात्र थे। पश्चिम बंगाल की एक छात्रा का शव देखकर उसकी मां बेहोश हो गईं, जिससे माहौल बेहद भावुक हो गया। मृतकों में 5 महिलाएं और 10 पुरुष शामिल हैं। घटना की जांच के लिए गठित एसआईटी और फॉरेंसिक टीम ने मंगलवार को घटनास्थल पहुंचकर बिल्डिंग को सील कर दिया और साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए। जांच में सामने आया है कि जिस इमारत में आग लगी, वह अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल की जा रही थी। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने बिल्डिंग मालिक को नोटिस जारी कर दिया है और जवाब मिलने के बाद इमारत को ध्वस्त करने की तैयारी की जा रही है।   पुलिस ने बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र शुक्ला समेत चार लोगों को गैर-इरादतन हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में फायर सेफ्टी के गंभीर उल्लंघन सामने आए हैं। इमरजेंसी निकास का अभाव और छत का बंद दरवाजा हादसे में मौतों का बड़ा कारण माना जा रहा है। वहीं एलडीए के चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।

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Priyanshi Chaturvedi 23 June 2026

भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे Vaibhav Suryavanshi को सीनियर टीम इंडिया के साथ आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए रवाना होने से पहले नंबर-3 जर्सी सौंपी गई। बीसीसीआई द्वारा भेजी गई जर्सी को देखकर 15 वर्षीय बल्लेबाज भावुक नजर आए। टीम के थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट रघु ने उन्हें जर्सी दी, जिसके बाद सूर्यवंशी ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस खास पल का वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया। सूर्यवंशी ने कहा कि बचपन में बल्ला उठाकर जो सपना देखा था, वह आज पूरा होता महसूस हो रहा है और इस खुशी को शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है। पहली बार भारतीय सीनियर टीम में चुने गए सूर्यवंशी देश के सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय टीम खिलाड़ी बन गए हैं। भारत का आयरलैंड दौरा 26 जून से और इंग्लैंड दौरा 1 जुलाई से शुरू होगा। यदि उन्हें बेलफास्ट में होने वाले मुकाबलों में खेलने का मौका मिलता है, तो वे 15 वर्ष की उम्र में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन जाएंगे। इससे वे Sachin Tendulkar का सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करने का रिकॉर्ड भी तोड़ सकते हैं। सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑरेंज कैप अपने नाम की। उन्होंने 16 मैचों में 776 रन बनाए, जिसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल रहे। इस उपलब्धि के साथ वे आईपीएल इतिहास में सबसे कम उम्र में ऑरेंज कैप जीतने वाले खिलाड़ी भी बन गए। उनके लगातार बेहतरीन प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय टीम तक पहुंचाया है और अब क्रिकेट प्रेमियों की नजरें उनके संभावित अंतरराष्ट्रीय डेब्यू पर टिकी हुई हैं।  

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Priyanshi Chaturvedi 23 June 2026

अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मामले की जांच कर रही तीन सदस्यीय एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है। एसआईटी सदस्य Vijay Vishwas Pant ने बताया कि यह गोपनीय जांच का प्रारंभिक प्रतिवेदन है, जिसे अपर मुख्य सचिव Sanjay Prasad को सौंप दिया गया है। रिपोर्ट की सामग्री सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि इसके आधार पर जल्द ही महत्वपूर्ण कार्रवाई हो सकती है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की एसआईटी गठित की थी। जांच के दौरान चढ़ावा गिनने वाले कर्मचारियों, ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोगों और बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के दायरे में बताई जा रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 20 पेज की रिपोर्ट में एफआईआर दर्ज करने और मंदिर ट्रस्ट के पुनर्गठन जैसी सिफारिशें किए जाने की चर्चा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। जांच में सामने आए सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों से दावा किया गया है कि चढ़ावे की गिनती के दौरान कुछ कर्मचारियों ने नकदी को कथित रूप से छिपाकर बाहर निकाला। साथ ही, सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था में कई खामियां भी पाई गईं। कर्मचारियों की ड्रेस कोड, चेकिंग प्रक्रिया और नकदी गिनती के प्रोटोकॉल में लापरवाही के आरोप लगे हैं। अब एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।  

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Priyanshi Chaturvedi 23 June 2026

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री और लेबर पार्टी के नेता कीर स्टार्मर ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी को अब नहीं लगता कि वह अगले आम चुनाव में जीत दिलाने के लिए सही नेता हैं। पिछले कुछ महीनों से पार्टी के भीतर उनके नेतृत्व को लेकर असंतोष बढ़ रहा था और स्थानीय चुनावों में खराब प्रदर्शन के बाद उन पर दबाव लगातार बढ़ता गया। स्टार्मर ने बताया कि लेबर पार्टी जुलाई के मध्य तक अपने नए नेता का चुनाव कर लेगी और तब तक वह कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभालते रहेंगे। उन्होंने कहा कि सोमवार सुबह उन्होंने अपने फैसले की जानकारी किंग चार्ल्स तृतीय को दे दी है। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति (NEC) 9 जुलाई से नामांकन प्रक्रिया शुरू करेगी और 17 जुलाई से पहले नए नेता के चयन की कोशिश की जाएगी। ब्रिटेन की संसदीय व्यवस्था के तहत लेबर पार्टी का नया नेता ही देश का अगला प्रधानमंत्री बनने का सबसे बड़ा दावेदार होगा।   स्टार्मर के उत्तराधिकारी के रूप में एंडी बर्नहैम सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। हाल ही में मेकरफील्ड उपचुनाव जीतकर संसद में लौटे बर्नहैम को पार्टी के कई सांसदों और विभिन्न गुटों का समर्थन प्राप्त है। कोविड-19 महामारी के दौरान मैनचेस्टर के हितों के लिए केंद्र सरकार के खिलाफ मुखर रुख अपनाने से उनकी लोकप्रियता बढ़ी थी। हालांकि अभी तक किसी नेता ने आधिकारिक रूप से दावेदारी पेश नहीं की है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बर्नहैम फिलहाल नेतृत्व की दौड़ में सबसे आगे हैं।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 22 June 2026

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सिंधु जल संधि के निलंबन को लेकर भारत को कड़ी चेतावनी दी है। पाकिस्तानी टीवी चैनल ARY न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान को अपनी जल सुरक्षा पर खतरा महसूस हुआ तो वह भारत के खिलाफ युद्ध का रास्ता भी अपना सकता है। आसिफ ने आरोप लगाया कि भारत पाकिस्तान के हिस्से के पानी के प्रवाह में हस्तक्षेप कर रहा है और पानी को रणनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है। यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया। भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस और विश्वसनीय कार्रवाई नहीं करता, तब तक संधि बहाल नहीं की जाएगी। दूसरी ओर, पाकिस्तान इस फैसले को अपने जल अधिकारों के लिए गंभीर खतरा बता रहा है। इसी बीच देश के कई हिस्सों, खासकर सिंध और बलूचिस्तान में पानी की भारी कमी दर्ज की जा रही है, जिससे कृषि और अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। सिंधु जल संधि भारत और पाकिस्तान के बीच 19 सितंबर 1960 को हुई थी, जिस पर तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तानी राष्ट्रपति अयूब खान ने हस्ताक्षर किए थे। Indus Waters Treaty के तहत सिंधु नदी प्रणाली की छह प्रमुख नदियों—सिंधु, झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलुज—के जल बंटवारे का ढांचा तय किया गया था। विश्व बैंक की मध्यस्थता में बनी यह संधि दशकों तक दोनों देशों के बीच जल प्रबंधन का आधार रही, लेकिन मौजूदा तनाव ने इसके भविष्य पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 22 June 2026

करीब 15 दिनों तक छत्तीसगढ़ की सीमा पर रुका मानसून आखिरकार दंतेवाड़ा के रास्ते राज्य में प्रवेश कर गया है। बंगाल की खाड़ी में बने मौसमीय सिस्टम ने मानसून को आगे बढ़ने में मदद की, जिसके बाद बस्तर संभाग में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में मानसून राज्य के बाकी हिस्सों को भी कवर कर लेगा। वहीं मेघालय में भारी बारिश का दौर जारी है, जहां खासी हिल्स जिले के मॉसिनराम में 24 घंटे के भीतर 530 मिमी बारिश दर्ज की गई। देश के कई हिस्सों में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। राजस्थान के श्रीगंगानगर में ओलावृष्टि हुई, जबकि तमिलनाडु के थूथुकुडी में धूल का बवंडर देखा गया। पहले इसे टॉरनेडो माना गया था, लेकिन बाद में मौसम विभाग ने स्पष्ट किया कि यह स्थानीय संवहन से बना धूल का बवंडर था। दूसरी ओर मध्य प्रदेश के पांच जिलों और उत्तर प्रदेश के 38 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। मानसून की धीमी रफ्तार का असर खेती और खरीफ बुआई पर भी पड़ा है। 12 जून तक खरीफ फसलों की बुआई पिछले साल की तुलना में 3.9% कम रही, जबकि दालों और कपास के रकबे में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। देश में जून महीने की बारिश सामान्य से 42.2% कम रही है, जिससे यह पिछले 126 वर्षों में दूसरा सबसे सूखा जून बन गया है। हालांकि जलाशयों में औसत से अधिक जल भंडारण होने के कारण फिलहाल सिंचाई के लिए कुछ राहत बनी हुई है, लेकिन कृषि क्षेत्र की उम्मीदें अब जुलाई और अगस्त की बारिश पर टिकी हैं।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 22 June 2026

भारतीय नौसेना में रविवार को तीन स्वदेशी युद्धपोतों—INS Dunagiri, INS Sanshodhak और INS Agray—को शामिल किया गया। देश में डिजाइन और निर्मित इन जहाजों के शामिल होने से नौसेना की परिचालन क्षमता और आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन को नई मजबूती मिली है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कहा कि नया भारत रक्षा क्षेत्र में केवल खरीदार नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर सैन्य शक्ति के रूप में आगे बढ़ रहा है। INS Dunagiri प्रोजेक्ट-17A का पांचवां स्टील्थ फ्रिगेट है, जिसे भारतीय नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो ने डिजाइन किया और Garden Reach Shipbuilders & Engineers (GRSE) ने बनाया है। यह अत्याधुनिक युद्धपोत ब्रह्मोस मिसाइलों समेत कई आधुनिक हथियार प्रणालियों से लैस है और इसकी स्टील्थ तकनीक इसे दुश्मन के रडार से बचने में मदद करती है। इसे पूर्वी नौसैनिक कमान और ईस्टर्न फ्लीट में तैनात किया जाएगा।   वहीं INS Sanshodhak समुद्री सर्वेक्षण और हाइड्रोग्राफिक डेटा संग्रह के लिए तैयार किया गया है तथा एक बार में लगभग 12,000 किलोमीटर तक यात्रा कर सकता है। दूसरी ओर INS Agray उथले समुद्री क्षेत्रों में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने में सक्षम है। यह हल्के टॉरपीडो, स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर और उन्नत सोनार सिस्टम से लैस है, जिससे भारतीय तटीय सुरक्षा और पनडुब्बी रोधी क्षमता को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 21 June 2026

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने रविवार को Kolkata में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह में हिस्सा लेते हुए कहा कि लोगों का लक्ष्य उम्र बढ़ने के साथ भी स्वस्थ, ऊर्जावान और लचीला बने रहना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 40 की उम्र में 20 साल जैसी लचक, 50 की उम्र में 30 साल जैसी ऊर्जा और 70 की उम्र में 50 साल जैसा स्वास्थ्य बनाए रखना योग की मदद से संभव है। प्रधानमंत्री ने योग को स्वस्थ जीवनशैली का आधार बताते हुए इसे सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए जरूरी बताया। कोलकाता के ऐतिहासिक Red Road पर आयोजित कार्यक्रम में हजारों लोगों ने प्रधानमंत्री के साथ योगाभ्यास किया। इस दौरान उन्होंने ताड़ासन, अर्धचक्रासन, भद्रासन और त्रिकोणासन समेत पांच योगासन किए। कॉमन प्रोटोकॉल योग सत्र के दौरान पीएम लोगों के बीच पहुंचे और उनकी योग मुद्राओं को सुधारते भी नजर आए। उन्होंने कहा कि योग आज दुनिया का सबसे बड़ा सामुदायिक उत्सव बन चुका है, जो विभिन्न देशों, संस्कृतियों और समाजों को जोड़ने का काम कर रहा है।   इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम "Yoga for Healthy Ageing" रखी गई है। पीएम मोदी ने कहा कि योग केवल शारीरिक फिटनेस का साधन नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और बेहतर जीवन जीने की कला भी सिखाता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते असंतुलन के बीच योग स्वास्थ्य, मानसिक शांति और मानवीय एकता का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है तथा यह सभी लोगों के लिए समान रूप से लाभकारी है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 21 June 2026

भारत-ए के युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi ने श्रीलंका-ए के खिलाफ ट्राई सीरीज फाइनल में इतिहास रच दिया। उन्होंने महज 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर 50 ओवर क्रिकेट में सबसे तेज फिफ्टी का 20 साल पुराना विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया। वैभव ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए केवल 29 गेंदों पर 94 रन बनाए और भारतीय टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। इससे पहले 50 ओवर क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड Kaushalya Weeraratne के नाम था, जिन्होंने 2006 में 12 गेंदों में फिफ्टी लगाई थी। वहीं वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड AB de Villiers के नाम है, जिन्होंने 2015 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 15 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की थी। वैभव की यह पारी भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।   मैच में भारत-ए ने 41.3 ओवर के बाद 6 विकेट पर 291 रन बना लिए थे। कप्तान Tilak Varma ने 90 गेंदों में 67 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, लेकिन वनुजा सहान की गेंद पर डीप मिडविकेट में कैच देकर आउट हो गए। दूसरी ओर निशांत सिंधु क्रीज पर टिके हुए हैं और टीम को बड़े स्कोर की ओर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 21 June 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मध्य प्रदेश के दतिया स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां पीतांबरा मंदिर के दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आम श्रद्धालुओं में भारी असंतोष देखने को मिला। मुख्यमंत्री के वीआईपी मूवमेंट और कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के चलते प्रशासन ने आम दर्शनार्थियों के लिए मंदिर परिसर में प्रवेश को लगभग डेढ़ घंटे के लिए पूरी तरह रोक दिया था। इस फैसले के कारण मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वारों पर भक्तों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे भीषण गर्मी और उमस में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुरक्षा के इस कड़े पहरे के कारण दूर-दराज से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं और स्थानीय पंडा-पुजारियों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने मौके पर ही अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की। कई घंटों से लाइन में लगे भक्तों का कहना था कि भगवान के दरबार में हर नागरिक एक समान होता है, ऐसे में वीआईपी दौरों के नाम पर आम जनता को इस तरह प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए। स्थानीय पुरोहितों ने भी मंदिर बंद किए जाने के समय को लेकर प्रशासन की अव्यवस्था और वीआईपी संस्कृति पर सवाल उठाए। इस पूरे हंगामे के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर परिसर के भीतर मां बगलामुखी की विशेष पूजा-अर्चना की और वनखंडेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर देश व प्रदेश की खुशहाली की कामना की। दर्शन और अनुष्ठान संपन्न होने के बाद जैसे ही मुख्यमंत्री का काफिला मंदिर परिसर से रवाना हुआ, प्रशासन ने मुख्य द्वारों को दोबारा खोला। इसके बाद ही स्थिति सामान्य हो सकी और थमी हुई कतारों के आगे बढ़ने के साथ श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 20 June 2026

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की पड़ताल में करीब 150 संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। इनमें से लगभग 25 लोगों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। छह दिन की जांच पूरी करने के बाद SIT लखनऊ लौटकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है। सूत्रों के मुताबिक, राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और निर्माण प्रभारी गोपाल राव के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। जांच के दौरान SIT ने मंदिर परिसर में कई घंटों तक पड़ताल की और चंपत राय, अनिल मिश्र, गोपाल राव समेत SBI बैंक के अधिकारियों से पूछताछ की। वहीं, गोपाल राव के भतीजे आनंद और मंदिर कर्मचारी सोमेश आनंद से पूछताछ नहीं हो सकी, क्योंकि दोनों कथित तौर पर संपर्क से बाहर हैं। अब तक गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर करीब 2 करोड़ रुपये की बरामदगी की जा चुकी है, जबकि एक आरोपी के घर से सोना मिलने की भी जानकारी सामने आई है।   यह मामला तब सुर्खियों में आया जब सपा नेता पवन पांडेय ने राम मंदिर से 5 से 7.5 करोड़ रुपये की चोरी का आरोप लगाया था। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। दूसरी ओर, चंपत राय ने चोरी के आरोपों से इनकार किया था। विवाद बढ़ने के बाद भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री से CBI जांच की मांग की, जिसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने मंदिर ट्रस्ट से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की थी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 20 June 2026

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav और केंद्रीय मंत्री Manohar Lal Khattar आज इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का भूमिपूजन करेंगे। करीब 48 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन की पहली सड़क परियोजना होगी, जिस पर 2,935 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह मार्ग इंदौर के पितृ पर्वत क्षेत्र से शुरू होकर उज्जैन के Chintaman Ganesh Temple के पास सिंहस्थ बायपास तक जाएगा, जिससे दोनों शहरों के बीच आवागमन तेज और सुगम होगा। सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही इस परियोजना से लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलेगी। परियोजना के लिए 917 किसानों की करीब 242.939 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की गई है, जिसके बदले सरकार ने 816 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा दिया है। यह कॉरिडोर इंदौर और उज्जैन के 28 गांवों को सीधे जोड़ेगा, जबकि आसपास के 40 से 50 गांवों के करीब 15 लाख लोगों को इसका लाभ मिलेगा। साथ ही, Devi Ahilyabai Holkar Airport से आने वाले यात्री सीधे उज्जैन पहुंच सकेंगे।   इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों, स्वच्छ भारत मिशन और बिजली वितरण योजनाओं की भी समीक्षा की। केंद्रीय मंत्री ने सिंहस्थ को "जीरो वेस्ट आयोजन" बनाने की दिशा में काम करने और इंदौर के स्वच्छता मॉडल को व्यापक स्तर पर लागू करने की बात कही। साथ ही, प्रदेश में एक करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने की योजना और सरकारी कार्यालयों से प्रीपेड मीटर व्यवस्था शुरू करने की घोषणा भी की गई, जिसका उद्देश्य बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 20 June 2026

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 'छात्रों की गूंज' नाम से देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य पेपर लीक, परीक्षा में अनियमितताओं, बढ़ती शिक्षा लागत और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर छात्रों की आवाज को सरकार तक पहुंचाना है। राहुल गांधी ने छात्रों से अभियान से जुड़ने, अपने सुझाव साझा करने और याचिका पर हस्ताक्षर करने की अपील करते हुए कहा कि जितनी अधिक भागीदारी होगी, उतनी ही मजबूती से उनकी मांगें उठाई जा सकेंगी। राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया संदेश और वीडियो के माध्यम से कहा कि कोटा में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को देशभर के युवाओं का व्यापक समर्थन मिला है। उन्होंने दावा किया कि लाखों छात्र शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं पर अपनी राय रख रहे हैं। राहुल के अनुसार, बढ़ती फीस और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का खर्च लाखों परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ डाल रहा है, जिससे शिक्षा और रोजगार के मुद्दे राष्ट्रीय चिंता का विषय बन गए हैं। इस अभियान को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि NEET परीक्षा की तैयारी और उससे जुड़ी प्रक्रिया पर हर साल लाखों परिवारों से बड़ी राशि खर्च कराई जाती है, जबकि राहुल गांधी ने कहा कि NEET, JEE, SSC, UPSC और RRB जैसी प्रमुख परीक्षाओं की तैयारी पर छात्र और उनके परिवार हर साल लगभग 3.5 लाख करोड़ रुपये खर्च करते हैं। कांग्रेस का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों पर आर्थिक दबाव कम करने के लिए व्यापक नीति बदलाव की जरूरत है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 19 June 2026

अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावा और दान चोरी के मामले पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को अयोध्या दौरे के दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि इस पवित्र स्थान पर हेरफेर करने वाला अपराधी चाहे कितना भी रसूखदार क्यों न हो, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने जनता को भरोसा दिलाया कि इस पूरे मामले की जांच पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और गहराई से की जा रही है, ताकि मंदिर की पवित्रता और भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले असली चेहरे बेनकाब हो सकें। मुख्यमंत्री ने रामभक्तों और देश की जनता से धैर्य बनाए रखने की भावुक अपील करते हुए एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, "हमने भगवान राम के भव्य मंदिर के लिए 500 वर्षों तक अनुशासित रहकर एक लंबा संघर्ष और इंतजार किया है, इसलिए जांच के नतीजों के लिए केवल 15 दिन और इंतजार कर लीजिए।" योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) तेजी से काम कर रहा है, जिसकी प्राथमिक रिपोर्ट एक हफ्ते में और अंतिम रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर सामने आ जाएगी, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। इसके साथ ही सीएम योगी ने राजनीतिक विरोधियों पर तीखा हमला बोलते हुए इसे अयोध्या को बदनाम करने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे या कारसेवकों पर गोलियां चलवाते थे, वे आज राजनीतिक लाभ के लिए रामभक्तों की सहानुभूति बटोरने का नाटक कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सभी से अपील की कि यदि किसी के पास इस मामले से जुड़े कोई भी पुख्ता सुबूत या दस्तावेज हैं, तो वे उन्हें सीधे SIT को सौंपें और जांच पूरी होने तक सार्वजनिक रूप से अनावश्यक बयानबाजी करने से बचें।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 19 June 2026

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे और आखिरी वनडे से पहले भारतीय टीम को बड़ी मजबूती मिली है। तेज गेंदबाज हर्षित राणा फिट होकर टीम इंडिया से जुड़ गए हैं। BCCI के अनुसार, उन्होंने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपना रिहैब पूरा कर लिया है और चेन्नई में टीम के साथ शामिल हो गए हैं। भारत पहले ही तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना चुका है। हर्षित राणा टी-20 वर्ल्ड कप से पहले चोटिल हो गए थे, जिसके कारण उन्हें सर्जरी करानी पड़ी और वे लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहे। फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद अब उनकी वापसी हुई है। जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज की गैरमौजूदगी में हर्षित के आने से भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी। 20 जून को चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में खेले जाने वाले तीसरे वनडे में हर्षित राणा को पदार्पण का मौका मिल सकता है। कप्तान शुभमन गिल के पास अब अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा और हर्षित राणा के रूप में तीन तेज गेंदबाजों का विकल्प होगा, जिससे टीम क्लीन स्वीप के इरादे से मैदान पर उतरेगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 19 June 2026

भारत ए और श्रीलंका ए के बीच दांबुला में खेले गए ट्राई सीरीज मैच के दौरान हुए विवाद पर BCCI ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं करेगा। BCCI सचिव Devajit Saikia ने कहा कि मैदान पर हुई घटनाओं पर कार्रवाई का अधिकार मैच रेफरी के पास है और बोर्ड पहले से तय प्रक्रिया का ही पालन करेगा। 15 जून को खेले गए मुकाबले के सुपर ओवर के बाद युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi की श्रीलंका के खिलाड़ी Vishen Halambage से बहस हो गई थी। बताया गया कि हलामबागे ने वैभव पर टिप्पणी की, जिसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने उन्हें धक्का दे दिया। इस दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराया। मैच रेफरी ने वैभव और हलामबागे पर 50-50 प्रतिशत मैच फीस जुर्माने की सिफारिश की है, जबकि विकेटकीपर Niroshan Dickwella और भारतीय कप्तान Tilak Varma पर भी अलग-अलग जुर्माने की सिफारिश की गई है।   चूंकि यह अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं था, इसलिए मैच रेफरी का फैसला स्वतः लागू नहीं होगा और अंतिम निर्णय संबंधित क्रिकेट बोर्डों को लेना है। BCCI ने साफ किया है कि वह रेफरी के अधिकार क्षेत्र में दखल नहीं देगा। अब जुर्माने या अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर अंतिम फैसला श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के रुख पर निर्भर करेगा।

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Priyanshi Chaturvedi 18 June 2026

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए अंतरिम शांति समझौते पर हस्ताक्षर हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फ्रांस के वर्साय पैलेस में समझौते पर दस्तखत किए, जबकि ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अपनी मंजूरी दी। समझौते के लागू होने के साथ ही दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव रोकने की घोषणा की गई। समझौते के तहत ईरान और लेबनान में सैन्य कार्रवाई समाप्त की जाएगी, होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोला जाएगा और अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी हटाई जाएगी। दोनों पक्षों का दावा है कि यह कदम क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने और व्यापारिक गतिविधियों को सामान्य बनाने में मदद करेगा। वहीं, इजराइली सेना (IDF) ने साफ कर दिया है कि वह दक्षिणी लेबनान से अपनी तैनाती फिलहाल नहीं हटाएगी। सेना के मुताबिक, सीमा से करीब 10 किलोमीटर अंदर तक उसकी सुरक्षा मौजूदगी जारी रहेगी और उत्तरी इजराइल की सुरक्षा के लिए संभावित खतरों के खिलाफ अभियान चलता रहेगा।  

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Priyanshi Chaturvedi 18 June 2026

अयोध्या के भव्य राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान में करोड़ों रुपये की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितता के आरोपों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे से ठीक पहले स्थानीय जिला प्रशासन ने एक अभूतपूर्व कदम उठाया है। प्रशासन और जिलाधिकारी (DM) ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को मुख्यमंत्री के स्वागत और पूजा-अर्चना के कार्यक्रम से दूर रहने की सख्त सलाह दी है। आमतौर पर सभी वीआईपी मेहमानों की अगवानी करने वाले चंपत राय से कहा गया है कि वे खुद आने के बजाय अपना कोई प्रतिनिधि भेजें, ताकि मुख्यमंत्री की सुरक्षा और गरिमा बनी रहे। इस महाघोटाले के सामने आने के बाद सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) पूरी मुस्तैदी से मामले की तह तक जाने में जुटा हुआ है। जांच टीम ने अब तक मंदिर ट्रस्ट के कार्यालय पहुंचकर चंपत राय, व्यवस्थापक गोपाल राव और उनके करीबियों सहित करीब 70 से अधिक संदिग्धों से कड़े सवाल-जवाब किए हैं। एसआईटी की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के परिणामस्वरूप संदिग्धों के ठिकानों से अब तक लगभग 2 से 3 करोड़ रुपये की भारी-भरकम नकदी बरामद की जा चुकी है। सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ दानपात्रों से पैसे निकालने और उनकी गिनती करने वाले कर्मचारियों की भूमिका की भी बारीकी से जांच हो रही है। इस संवेदनशील मुद्दे ने उत्तर प्रदेश की सियासत में भी भारी उबाल ला दिया है, जहां विपक्ष लगातार सरकार की घेराबंदी कर रहा है। समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों ने इसे करोड़ों सनातनी श्रद्धालुओं की आस्था पर बहुत बड़ा आघात बताते हुए पूरे मामले की अदालत की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं दूसरी ओर, मामले के लगातार तूल पकड़ने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने भी इस पूरे प्रकरण पर ट्रस्ट से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। इलाहाबाद हाई कोर्ट में भी इस घोटाले की सीबीआई (CBI) जांच और कैग (CAG) ऑडिट कराने के लिए जनहित याचिका दायर की जा चुकी है, जिससे ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर दबाव बेहद बढ़ गया है।  

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Priyanshi Chaturvedi 18 June 2026

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि राज्य सरकार आगामी विधानसभा के मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पेश करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार कई समसामयिक विषयों पर विधेयक लाएगी, जिनमें UCC सबसे महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि भगवान महाकाल की कृपा से यह विधेयक इसी सत्र में पारित हो सकता है। 20 जून से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में इस पर सभी की नजरें रहेंगी। राज्य सरकार का कहना है कि UCC लागू होने से विवाह, तलाक, गोद लेने, उत्तराधिकार और संपत्ति से जुड़े मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित होगी। इसके लिए गठित विशेषज्ञ समिति विभिन्न सामाजिक संगठनों, समुदायों और कानूनी विशेषज्ञों से सुझाव लेने के बाद अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप चुकी है। सरकार अब उसी रिपोर्ट के आधार पर विधेयक का अंतिम मसौदा तैयार कर रही है। प्रदेश सरकार UCC को सामाजिक समानता और न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है, जबकि विपक्ष और कुछ सामाजिक संगठनों का मानना है कि इस विषय पर व्यापक चर्चा और सभी पक्षों की सहमति जरूरी है। यदि यह विधेयक पारित होकर लागू हो जाता है, तो मध्य प्रदेश उत्तराखंड, गुजरात, गोवा और असम के बाद समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पांचवां राज्य बन जाएगा। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रस्तावित UCC विधेयक में कौन-कौन से प्रावधान शामिल किए जाएंगे।

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Priyanshi Chaturvedi 17 June 2026

फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान विश्व नेताओं की अनौपचारिक बातचीत माइक्रोफोन में रिकॉर्ड हो गई, जिसकी खूब चर्चा हो रही है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने बातचीत के दौरान बताया कि उन्होंने पिछले एक महीने से सिगरेट नहीं पी है और जागे रहने के लिए तीन कप कॉफी पी चुकी हैं। उनकी इस उपलब्धि पर यूरोपीय और अन्य देशों के नेताओं ने तालियां बजाकर उन्हें बधाई दी। सम्मेलन में नेताओं के बीच फुटबॉल, खेल और निजी पसंद-नापसंद को लेकर भी मजेदार बातचीत हुई। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपनी फुटबॉल टीम का समर्थन किया, जबकि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने केप वर्डे के प्रदर्शन की सराहना की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने UFC मुकाबलों का जिक्र किया और बाद में ग्रीनलैंड को लेकर की गई उनकी रहस्यमयी टिप्पणी भी चर्चा का विषय बन गई। G7 समिट में उपहारों का आदान-प्रदान भी आकर्षण का केंद्र रहा। मैक्रों अपनी घड़ी भूल गए तो ट्रम्प ने मजाक में कहा कि अगर छोड़ दी है तो उन्हें दे दी जाए। वहीं, मैक्रों ने सभी नेताओं को साइकिल भेंट की और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्त्ज ने ट्रम्प को उनके नाम और 47 नंबर वाली जर्मनी की फुटबॉल जर्सी उपहार में दी, जिस पर नेताओं ने मुस्कुराते हुए तस्वीरें भी खिंचवाईं।

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Priyanshi Chaturvedi 17 June 2026

फ्रांस के एवियन में आयोजित 52वें G7 शिखर सम्मेलन के वर्किंग सेशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिस्सा लिया। 'सभी के हित में संतुलित, समावेशी और टिकाऊ आर्थिक विकास' विषय पर आयोजित इस सत्र में उन्होंने वैश्विक सहयोग, भरोसे और साझेदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। इससे पहले आउटरीच सेशन में पीएम मोदी ने होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नागरिकों की मौत और समुद्री व्यापार पर पड़े संकट के प्रभाव का मुद्दा उठाया था। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी मौजूद थे। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज की दुनिया पहले से अधिक आपस में जुड़ी हुई है, लेकिन सफल साझेदारी की सबसे बड़ी शर्त आपसी भरोसा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया संसाधनों की नहीं, बल्कि विश्वास की कमी का सामना कर रही है। भारत की सोच 'वसुधैव कुटुंबकम' पर आधारित है, जहां विकास को लोगों की आकांक्षाओं से जोड़कर देखा जाता है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का उद्देश्य दूसरे देशों को आत्मनिर्भर बनने में सक्षम बनाना होना चाहिए। पीएम मोदी ने ग्लोबल साउथ की अपेक्षाओं का जिक्र करते हुए कहा कि विकासशील देशों को केवल सहायता नहीं, बल्कि समान भागीदारी की जरूरत है। वहीं, व्हाइट हाउस के अनुसार, सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच द्विपक्षीय बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, निवेश और रणनीतिक साझेदारी सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 17 June 2026

NEET री-एग्जाम को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए भारत सरकार ने टेलीग्राम पर 22 जून 2026 तक अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है। NTA के अनुसार, सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धारा 69A के तहत यह कदम उठाया गया है, क्योंकि कुछ लोग टेलीग्राम चैनलों और बॉट्स के जरिए पेपर लीक के फर्जी दावे कर छात्रों और अभिभावकों से ठगी कर रहे थे। साथ ही, टेलीग्राम के मैसेज एडिट फीचर को 30 जून तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पुराने संदेशों में बाद में फाइल जोड़कर फर्जी सबूत न बनाए जा सकें। NTA ने बताया कि I4C और विभिन्न राज्य पुलिस एजेंसियों ने "PAPER LEAKED NEET", "Re-NEET 2026" और "NEET MAFIA" जैसे कई टेलीग्राम चैनलों पर कार्रवाई की है। जांच में सामने आया कि ऐसे गिरोह लाखों रुपये की ठगी कर रहे थे और फर्जी बैंक खातों के जरिए करोड़ों का लेनदेन कर चुके थे। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि पेपर लीक से जुड़े ऐसे सभी दावे झूठे और भ्रामक हैं। हालांकि इस फैसले से पढ़ाई, नौकरी और निजी बातचीत के लिए टेलीग्राम का उपयोग करने वाले लाखों लोग प्रभावित होंगे, लेकिन सरकार का कहना है कि परीक्षा की पारदर्शिता और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए यह कदम जरूरी है। NTA ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई पेपर दिलाने या परीक्षा में मदद का दावा करे तो उसकी सूचना तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर दें।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 16 June 2026

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री Mohan Yadav की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में तबादलों की समय सीमा बढ़ाने का मुद्दा प्रमुख रूप से उठ सकता है। प्रदेश में 1 जून से 15 जून तक तबादलों पर लगी रोक हटाई गई थी और इस दौरान विभिन्न विभागों में करीब 15 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण किए गए। अब कई मंत्री इस अवधि को एक दिन या कुछ समय के लिए और बढ़ाने की मांग कर सकते हैं, हालांकि मुख्यमंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि तय समय सीमा का पालन किया जाना चाहिए। कैबिनेट बैठक में तबादलों के अलावा कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों पर भी चर्चा होने की संभावना है। स्वास्थ्य अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति 2026 को मंजूरी मिल सकती है, जिसके तहत निजी और सामाजिक संस्थाओं को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में निवेश के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। साथ ही अस्पतालों के विस्तार और चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने से जुड़े प्रस्तावों पर भी निर्णय लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री का दिनभर का कार्यक्रम भी व्यस्त है, जिसमें पार्टी बैठक, उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा और किसान कल्याण से जुड़ी बैठकें शामिल हैं। राज्य में तबादला प्रक्रिया के तहत राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित कई विभागों में बड़े पैमाने पर स्थानांतरण किए गए हैं। राजस्व विभाग में 4,500 से अधिक, स्कूल शिक्षा में 5,500 से ज्यादा और पुलिस विभाग में करीब 3,500 तबादले हुए हैं। नई व्यवस्था के अनुसार, आदेश जारी होने के 15 दिन के भीतर कर्मचारियों को नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य होगा। अब सभी की नजर कैबिनेट बैठक पर है, जहां तबादला अवधि बढ़ाने और अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसलों पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 16 June 2026

लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अयोध्या के राम मंदिर में हुए बड़े चढ़ावा घोटाले में आधिकारिक तौर पर दो प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली हैं। जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ एसआईटी की टीम ने सुरक्षा खामियों को समझने के लिए मंदिर परिसर का गहन निरीक्षण किया। इस त्वरित कानूनी कार्रवाई से पहले जांच दल ने साल 2021 से लेकर अब तक के सभी वित्तीय रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सुरक्षा और निगरानी प्रणाली को कैसे चकमा दिया गया। इस मामले में जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस ने मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के उन कर्मियों सहित 42 संदिग्धों पर शिकंजा कसा है, जो दान के पैसों की गिनती में शामिल थे। करीब आठ घंटे से अधिक समय तक चली मैराथन पूछताछ के दौरान कई सेवादारों और कर्मचारियों की संपत्ति में अचानक भारी उछाल आने की बात सामने आई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, संदिग्धों के ठिकानों पर की गई छापेमारी में अब तक करोड़ों रुपये की नकदी और भारी मात्रा में सोने के आभूषण बरामद किए जा चुके हैं। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने जनता को भरोसा दिलाया है कि करोड़ों भक्तों की आस्था से जुड़े इस मामले में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। एसआईटी इस पूरे घोटाले की विस्तृत फोरेंसिक और वित्तीय ऑडिट रिपोर्ट तैयार कर रही है, जिसे आगामी 15 दिनों के भीतर मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को सौंपा जाना अनिवार्य है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मंदिर प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने तथा दानपात्रों की गिनती से मानवीय हस्तक्षेप को पूरी तरह खत्म करने के लिए स्वचालित कैश-सॉर्टिंग मशीनें लगाने का फैसला किया है।  

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Priyanshi Chaturvedi 16 June 2026

दक्षिण पश्चिम मानसून की गतिविधि धीमी होने से भारत के क़रीब 16 राज्यो में बारिश का इंतजार बढ़ गया है | इनमें  मुख्य रूप से  उत्तरप्रदेश छत्तीसगढ़ बिहार और दिल्ली शामिल हैं | 15 जून यानि सोमवार को सैटेलाइट की तस्वीरों  में भारत के अधिकांश हिस्से में से मानसूनी बादल गायब नज़र आए | मौसम विभाग के आंकड़े अनुसार 4 जून से 15 जून के बीच सामान्य बारिश होनी चाहिए थी लेकिन केवल 19.2 मिमी बारिश हुई , देखा जाये तो बारिश में 64 % की कमी दर्ज की गई है | दक्षिणभारत में  फ़िलहाल मानसून तेलंगाना ,आंध्र प्रदेश के पास ठहरा, वहीँ पूर्वोत्तर में बारिश  के बाद बिहार ,पश्चिम बंगाल में रुक गया है |     बदलती हवाओ से प्रभावित हुआ मानसून मौसम विभाग के अनुसार  वायुमंडल में चल रही हवाओ के असामान्य पैटर्न के कारण मॉनसून कमजोर हो गया है | पश्चिमी जेट स्ट्रीम सामान्य से ज़्यादा  दक्षिण की ओर मुड़ गई है जिसके कारण मॉनसून  गति देने वाली हवाएं प्रभावित हुई है, और यही कारण है कि   बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में नमी होने के बावज़ूद भी बादल नहीं बन पा रहे |     अगले कुछ दिनों में मॉनसून के आगे बढने के आसार है ,हांलाकि प्री मॉनसून गतिविधि मध्य प्रदेश , राजस्थान  जैसे राज्यों में फ़िलहाल जारी हैं | 

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 15 June 2026

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर अब सिर्फ व्यापार, खानपान और औद्योगिक गतिविधियों के लिए ही नहीं, बल्कि IT और स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए भी देशभर में पहचान बना रहा है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, कुशल मानव संसाधन और निवेश अनुकूल नीतियों की बदौलत इंदौर टियर-2 शहरों में तकनीकी क्रांति का नेतृत्व कर रहा है। टीसीएस, इंफोसिस, कॉग्निजेंट, आईबीएम, एलटीआई माइंडट्री और इंपेटस जैसी बड़ी कंपनियां यहां अपने संचालन का विस्तार कर चुकी हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में शहर का आईटी और सॉफ्टवेयर निर्यात 4,038 करोड़ रुपए से अधिक पहुंचना इसकी बढ़ती ताकत का प्रमाण है। इंदौर में आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने पर आईटी और स्टार्टअप इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। खंडवा रोड पर करीब 550 करोड़ रुपए की लागत से 21 मंजिला अत्याधुनिक आईटी पार्क तैयार हो रहा है, जिससे 10 हजार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे। वहीं सुपर कॉरिडोर पर नया स्टार्टअप और आईटी पार्क विकसित करने की योजना पर काम शुरू हो चुका है। इसके अलावा परदेशीपुरा स्थित इलेक्ट्रॉनिक कॉम्प्लेक्स में नौ मंजिला आईटी पार्क-4 भी तैयार हो गया है, जहां करीब 1500 नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।   आईटी सेक्टर के इस तेजी से विस्तार का असर इंदौर के रियल एस्टेट और निवेश बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। सुपर कॉरिडोर, बायपास और खंडवा रोड क्षेत्र निवेशकों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। राज्य सरकार और विकास एजेंसियां फ्लैटेड इंडस्ट्री कैंपस, कन्वेंशन सेंटर, स्टार्टअप पार्क और अन्य आधुनिक सुविधाओं के विकास पर जोर दे रही हैं। यही वजह है कि इंदौर को अब "डॉलर और डॉट कॉम" की नई पहचान के साथ सेंट्रल इंडिया के सबसे बड़े आईटी और स्टार्टअप किंग के रूप में देखा जा रहा है।

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Priyanshi Chaturvedi 14 June 2026

भारतीय सेना ने अपनी नई ‘आर्मी यूनिफॉर्म-2026’ गाइडलाइन जारी करते हुए ब्रिटिश शासनकाल से चली आ रही कई परंपराओं और प्रतीकों को हटाने का फैसला किया है। 174 पेज की इस नई नियमावली में परेड, ड्रेस कोड और सैन्य व्यवहार से जुड़े कई बदलाव किए गए हैं। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब परेड के दौरान रिव्यूइंग ऑफिसर के लिए तलवार रखना अनिवार्य नहीं होगा। इसके अलावा कुछ पारंपरिक पाउच बेल्ट और औपनिवेशिक दौर से जुड़े शब्दों का उपयोग भी समाप्त कर दिया गया है। पहली बार औपचारिक सिविल ड्रेस में भारतीय शैली की बंदी जैकेट को शामिल किया गया है। नई गाइडलाइन के अनुसार तलवार का उपयोग अब केवल परेड कमांडर, कंटिंजेंट कमांडर और कुछ निर्धारित अधिकारियों तक सीमित रहेगा। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, सेना दिवस और गार्ड ऑफ ऑनर जैसे विशेष सैन्य समारोहों में ही किया जाएगा। सेना का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य परंपराओं को समाप्त करना नहीं, बल्कि उन्हें स्वतंत्र भारत की पहचान और सैन्य संस्कृति के अनुरूप ढालना है। नियमों में सैनिकों के व्यक्तिगत आचरण और यूनिफॉर्म के उपयोग को लेकर भी सख्ती बरती गई है। बिना अनुमति दाढ़ी रखना, असामान्य हेयरस्टाइल, दिखाई देने वाले गैजेट, टैटू, बॉडी पियर्सिंग और मेकअप पर रोक लगाई गई है। साथ ही सैन्य अधिकारी और जवान बिना अनुमति राजनीतिक, धार्मिक या विरोध प्रदर्शनों, निजी पार्टियों, शादियों और व्यावसायिक आयोजनों में यूनिफॉर्म पहनकर शामिल नहीं हो सकेंगे। इससे पहले सेना ने इस वर्ष 246 सड़कों, इमारतों और सैन्य परिसरों के नाम बदलकर उन्हें भारतीय सैन्य नायकों और वीरता पुरस्कार विजेताओं के नाम पर समर्पित किया था।  

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Priyanshi Chaturvedi 14 June 2026

इंदौर में चल रहे BRICS कृषि सम्मेलन के चौथे दिन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने वैश्विक कृषि सहयोग, खाद्य सुरक्षा और छोटे किसानों की मजबूती को सम्मेलन का केंद्रीय विषय बताया। 20 देशों के कृषि मंत्री, विशेषज्ञ और प्रतिनिधि इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत "वसुधैव कुटुंबकम" की भावना के साथ दुनिया को एक परिवार मानते हुए साझेदारी और समन्वय आधारित विकास का समर्थन करता है। सम्मेलन को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ता दबाव और बाजार की अनिश्चितताएं छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए सबसे बड़ी चुनौती हैं। उन्होंने कहा कि यदि छोटे किसान मजबूत होंगे तो वैश्विक खाद्य सुरक्षा भी मजबूत होगी। मंत्री ने बताया कि पिछले एक दशक में भारत के कृषि क्षेत्र में औसतन 4.5 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है और खाद्यान्न उत्पादन लगभग 376 मिलियन टन तक पहुंच चुका है। देश के 87 प्रतिशत किसान छोटे और सीमांत वर्ग से हैं, जिन्हें किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड और फसल बीमा जैसी योजनाओं से सहायता मिल रही है। केंद्रीय मंत्री ने प्राकृतिक खेती, मिट्टी संरक्षण और कृषि में तकनीकी नवाचार को भविष्य की जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं कृषि क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं, जबकि "ड्रोन दीदी" जैसी पहलें ग्रामीण भारत में तकनीकी बदलाव ला रही हैं। उन्होंने युवाओं से कृषि स्टार्टअप और नवाचार में आगे आने का आह्वान किया तथा BRICS देशों से छोटे किसानों की आय बढ़ाने, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और टिकाऊ कृषि विकास के लिए साझा प्रयास करने की अपील की। सम्मेलन में कृषि नवाचार, जलवायु अनुकूल खेती और वैश्विक कृषि सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा जारी है।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 12 June 2026

मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव लड़ रहीं कांग्रेस उम्मीदवार Meenakshi Natarajan का नामांकन पत्र रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा खारिज किए जाने के बाद मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। भाजपा उम्मीदवार Mahesh Kewat की शिकायत पर आरोप लगाया गया कि नटराजन ने अपने चुनावी हलफनामे में तेलंगाना की एक अदालत से जुड़े लंबित मामले की जानकारी नहीं दी। इसी आधार पर उनका नामांकन निरस्त कर दिया गया। कांग्रेस और मीनाक्षी नटराजन ने इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए कहा है कि उनके खिलाफ न तो कोई एफआईआर दर्ज है, न चार्जशीट दाखिल हुई है और न ही किसी अदालत ने मामले का संज्ञान लिया है। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में हलफनामे में उस मामले का उल्लेख करना अनिवार्य नहीं था। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि नामांकन रद्द करने से पहले उम्मीदवार को अपना पक्ष रखने या त्रुटि सुधारने का अवसर नहीं दिया गया, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।   सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति तो दी है, लेकिन फिलहाल चुनाव प्रक्रिया या परिणामों पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रावधानों के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद ऐसे मामलों को आमतौर पर चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद चुनाव याचिका के जरिए चुनौती दी जाती है। कांग्रेस की एकमात्र उम्मीदवार का नामांकन खारिज होने से राज्यसभा चुनाव में भाजपा की स्थिति और मजबूत होती दिखाई दे रही है, जबकि विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करने वाला कदम बताया है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 12 June 2026

इंदौर में चल रहे BRICS कृषि सम्मेलन के चौथे दिन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने वैश्विक कृषि सहयोग, खाद्य सुरक्षा और छोटे किसानों की मजबूती को सम्मेलन का केंद्रीय विषय बताया। 20 देशों के कृषि मंत्री, विशेषज्ञ और प्रतिनिधि इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत "वसुधैव कुटुंबकम" की भावना के साथ दुनिया को एक परिवार मानते हुए साझेदारी और समन्वय आधारित विकास का समर्थन करता है। सम्मेलन को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ता दबाव और बाजार की अनिश्चितताएं छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए सबसे बड़ी चुनौती हैं। उन्होंने कहा कि यदि छोटे किसान मजबूत होंगे तो वैश्विक खाद्य सुरक्षा भी मजबूत होगी। मंत्री ने बताया कि पिछले एक दशक में भारत के कृषि क्षेत्र में औसतन 4.5 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है और खाद्यान्न उत्पादन लगभग 376 मिलियन टन तक पहुंच चुका है। देश के 87 प्रतिशत किसान छोटे और सीमांत वर्ग से हैं, जिन्हें किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड और फसल बीमा जैसी योजनाओं से सहायता मिल रही है। केंद्रीय मंत्री ने प्राकृतिक खेती, मिट्टी संरक्षण और कृषि में तकनीकी नवाचार को भविष्य की जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं कृषि क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं, जबकि "ड्रोन दीदी" जैसी पहलें ग्रामीण भारत में तकनीकी बदलाव ला रही हैं। उन्होंने युवाओं से कृषि स्टार्टअप और नवाचार में आगे आने का आह्वान किया तथा BRICS देशों से छोटे किसानों की आय बढ़ाने, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और टिकाऊ कृषि विकास के लिए साझा प्रयास करने की अपील की। सम्मेलन में कृषि नवाचार, जलवायु अनुकूल खेती और वैश्विक कृषि सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा जारी है।  

Patrakar Vandana Singh

Vandana Singh 12 June 2026

NEET-UG 2026 पेपर लीक और विभिन्न परीक्षा विवादों के बाद राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। नई व्यवस्था के तहत विषय विशेषज्ञ केवल प्रश्न तैयार करेंगे, लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं होगी कि उनके सवाल किस परीक्षा में उपयोग किए जाएंगे। तैयार प्रश्नों को एक बड़े डिजिटल प्रश्न बैंक में सुरक्षित रखा जाएगा, जहां से तकनीक और एल्गोरिद्म की मदद से अंतिम प्रश्नपत्र तैयार किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य पेपर लीक की संभावनाओं को न्यूनतम करना और परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाना है। NTA अनुवाद प्रक्रिया में भी बदलाव करने जा रही है। एजेंसी की योजना लगभग 85 प्रतिशत प्रश्नों का अनुवाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के माध्यम से कराने की है, जबकि विशेषज्ञ केवल उसकी शुद्धता की जांच करेंगे। अधिकारियों का मानना है कि इससे मानव हस्तक्षेप कम होगा और संवेदनशील जानकारी सीमित लोगों तक ही रहेगी। साथ ही प्रश्नपत्रों की छपाई, परिवहन और भंडारण व्यवस्था को भी अधिक सुरक्षित बनाने पर काम किया जा रहा है। इस बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने कहा कि शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार की है और व्यवस्था सुधारने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी मंत्री पर सीधे भ्रष्टाचार या गलत कार्य का आरोप हो तो इस्तीफे की मांग उचित हो सकती है, लेकिन NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री पर ऐसा कोई प्रत्यक्ष आरोप नहीं है। सरकार का दावा है कि नए सुधार भविष्य में परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाएंगे।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 7 June 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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मध्य प्रदेश में रिकॉर्ड गेहूं खरीदी के बीच जबलपुर जिले के मझौली क्षेत्र से बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। प्रशासनिक जांच में मां अन्नपूर्णा वेयरहाउस से 5167.70 क्विंटल गेहूं गायब पाया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 37 लाख 67 हजार रुपए बताई जा रही है। मामले में खरीदी केंद्र प्रभारी, सहायक खाद्य अधिकारी समेत 10 लोगों की भूमिका संदिग्ध मिलने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जांच के दौरान रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर सामने आया। अधिकारियों के अनुसार स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन द्वारा 92,250 बारदाने उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन मौके पर केवल 48,347 क्विंटल गेहूं के अनुरूप उपयोग पाया गया। वहीं ऑनलाइन पोर्टल पर 96,694 बारदानों की एंट्री दर्ज थी। इस विसंगति ने बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े और रिकॉर्ड में हेरफेर की आशंका को मजबूत किया है। प्रशासनिक जांच में किसानों से अवैध वसूली, तौल पर्चियों के सत्यापन में लापरवाही और कर्मचारियों की नियुक्ति में नियमों के उल्लंघन जैसी अनियमितताएं भी सामने आई हैं। अधिकारियों का मानना है कि नियमों की अनदेखी कर फर्जी एंट्री और रिकॉर्ड में हेराफेरी की गई। अब पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी है।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 6 June 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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मध्य प्रदेश सरकार ने शासकीय कर्मचारियों के लिए मप्र सिविल सेवा नियम-2026 का संशोधित प्रारूप जारी किया है। नए प्रस्तावित नियमों के अनुसार अब किसी कर्मचारी को प्रोबेशन अवधि पूरी होने के बाद नियमित नियुक्ति के लिए वर्षों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। विभाग प्रमुखों को प्रोबेशन समाप्त होने के छह माह के भीतर कर्मचारी के कार्य का मूल्यांकन कर नियमितीकरण, प्रोबेशन बढ़ाने या अन्य निर्णय लेना होगा। यदि तय समय में कोई फैसला नहीं लिया जाता है तो संबंधित कर्मचारी स्वतः नियमित माना जाएगा। संशोधित नियमों में अनुशासन और जवाबदेही को भी सख्त किया गया है। प्रस्ताव के मुताबिक गंभीर श्रेणी के अपराधों में दोषी पाए जाने वाले शासकीय सेवकों की सेवा समाप्त की जा सकेगी। वर्तमान नियमों में मुख्य रूप से महिला अपराधों से जुड़े मामलों में ही ऐसी कार्रवाई का प्रावधान था। सरकार का मानना है कि नए नियमों से प्रशासनिक व्यवस्था अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।   सरकार ने दो बच्चों की नीति को भी यथावत रखने का प्रस्ताव रखा है, हालांकि पूर्व में विशेष परिस्थितियों में दो से अधिक संतान वाले कर्मचारियों को कुछ मामलों में राहत मिल सकती है। इसके अलावा नियमों में "अलग राज्य" और "अलग देश" जैसी परिभाषाओं की जगह केवल "भारत का निवासी" शब्द जोड़ा गया है। वरिष्ठता निर्धारण संबंधी प्रावधानों को भी सरल और स्पष्ट बनाया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रारूप को सार्वजनिक कर दिया है और शासकीय सेवक, उनके परिवारजन तथा आम नागरिक 15 जून तक सुझाव और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। सरकार प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद अंतिम नियम लागू करेगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 5 June 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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मध्य प्रदेश सरकार ने लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास और स्कूल शिक्षा विभाग के करीब 38 हजार कार्यभारित एवं आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारियों के सेवा अभिलेखों की विशेष जांच कराने का निर्णय लिया है। वित्त विभाग ने निर्देश जारी कर कहा है कि सेवानिवृत्ति से पहले कर्मचारियों के पूरे सेवाकाल, वेतन निर्धारण, समयमान वेतनमान, क्रमोन्नति और अन्य वित्तीय लाभों की समीक्षा की जाएगी। यदि किसी कर्मचारी को नियमों के विपरीत लाभ दिया गया पाया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वित्त विभाग के अनुसार इन विभागों में वेतन निर्धारण और सेवानिवृत्ति लाभों से जुड़े कई मामले लंबे समय से लंबित हैं, जिससे कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। विभागों को लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण करने और उसकी प्रगति रिपोर्ट वित्त विभाग को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने साफ किया है कि निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जा सकती है। विशेष अभियान के तहत विभागाध्यक्ष और आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को सेवा पुस्तिकाओं का परीक्षण कर त्रुटियों को सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यक होने पर पूर्व स्वीकृति लेकर संशोधन भी किए जाएंगे। सरकार ने अगले छह माह के भीतर सेवा अभिलेख, वेतन निर्धारण, क्रमोन्नति वेतनमान और अन्य वित्तीय लाभों से जुड़े सभी लंबित मामलों के निपटारे का लक्ष्य तय किया है, ताकि कर्मचारियों को समय पर न्याय और सही वित्तीय लाभ मिल सकें।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 5 June 2026

भोपाल मेट्रो परियोजना से प्रभावित संपत्ति मालिकों के लिए सरकार ने राहत देने वाला बड़ा फैसला लिया है। अब केवल नकद मुआवजा ही नहीं, बल्कि ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (TDR) के माध्यम से अतिरिक्त निर्माण का अधिकार भी दिया जाएगा। नई नीति के तहत जिन लोगों की जमीन या संपत्ति का केवल एक हिस्सा मेट्रो परियोजना के लिए अधिग्रहित होगा, उन्हें बची हुई जमीन पर अतिरिक्त निर्माण की अनुमति मिल सकेगी। इससे प्रभावित परिवारों और व्यापारियों को भविष्य में अतिरिक्त आय के अवसर भी मिल सकते हैं। नई व्यवस्था के अनुसार आंशिक भूमि अधिग्रहण की स्थिति में प्रभावित व्यक्ति को बाजार मूल्य के साथ 100 प्रतिशत सांत्वना राशि या फिर 200 प्रतिशत मूल्य के बराबर टीडीआर का विकल्प मिलेगा। भोपाल मेट्रो की दो प्रमुख लाइनों—करोंद से एम्स तक की ऑरेंज लाइन और भदभदा से रत्नागिरी तक की ब्लू लाइन—के लिए कुल 1342 संपत्तियां प्रभावित होने की संभावना है। इनमें लगभग 124 संपत्तियां ऐसी हैं जिनका केवल कुछ हिस्सा अधिग्रहित किया जाएगा, जिससे उन्हें इस नई नीति का सीधा लाभ मिल सकता है। मेट्रो परियोजना के तहत वर्तमान में कई क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। ऑरेंज लाइन के लिए भेल, जिन्सी, पुल बोगदा और पुल पातरा क्षेत्र में काम चल रहा है, जबकि ब्लू लाइन के लिए न्यू मार्केट, जहांगीराबाद और प्रभात चौराहा क्षेत्र में अधिग्रहण किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार अब तक लगभग 40 प्रतिशत निर्माण हटाए जा चुके हैं और शेष अधिग्रहण प्रक्रिया जारी है। मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि सभी प्रभावितों को राज्य सरकार की स्वीकृत नीति के अनुसार मुआवजा और पुनर्वास संबंधी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 2 June 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच के बीच सीबीआई द्वारा रिटायर्ड जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की गिरफ्तारी के बाद भोपाल में कानूनी और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। स्पेशल कोर्ट ने दोनों को पांच-पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। इसी बीच गिरिबाला सिंह द्वारा पूर्व में सुनाए गए कुछ चर्चित फैसले भी फिर सुर्खियों में आ गए हैं, जिनमें फैज कुरैशी हत्याकांड का फैसला प्रमुख माना जा रहा है। फैज कुरैशी हत्याकांड में अदालत ने वर्ष 2023 में आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था। फैसले में कहा गया था कि अभियोजन पक्ष हत्या के आरोप को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। कई प्रत्यक्षदर्शी गवाह अपने बयानों से मुकर गए थे और वैज्ञानिक साक्ष्य भी आरोपी की भूमिका को निर्णायक रूप से साबित नहीं कर पाए थे। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के स्थापित सिद्धांतों का हवाला देते हुए कहा था कि केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्य और पुलिस के बयान किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।   वहीं ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। सीबीआई डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी जानकारियों के आधार पर घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है। मामले में पूर्व न्यायिक अधिकारी की गिरफ्तारी और सीबीआई जांच की दिशा को लेकर कानूनी हलकों में बहस जारी है। साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि भोपाल में सीबीआई मामलों के लिए अलग अधिसूचित अदालत नहीं होने की स्थिति में आगे की सुनवाई और ट्रायल प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ेगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 30 May 2026

  Vinesh Phogat को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें एशियन गेम्स 2026 के सेलेक्शन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि विनेश ने देश को गौरवान्वित किया है, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि खेल मामलों में अदालतों का बार-बार और त्वरित हस्तक्षेप सही नहीं माना जा सकता। सुनवाई के दौरान जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने कहा कि यह मेडिकल कॉलेज एडमिशन जैसा मामला नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेलों से जुड़ा विषय है। कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले और उसकी प्रक्रिया पर भी चिंता जताई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि खेल से जुड़े विवादों का समाधान खेल संस्थाओं, खिलाड़ियों और संबंधित निकायों के बीच बेहतर तालमेल से होना चाहिए, न कि हर बार अदालत के हस्तक्षेप से। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने 22 मई को विनेश फोगाट को 30-31 मई को होने वाले ट्रायल में शामिल होने की अनुमति दी थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि Wrestling Federation of India की चयन नीति में मैटरनिटी ब्रेक के बाद लौट रही प्रतिष्ठित खिलाड़ी के लिए विशेष प्रावधान नहीं है। कोर्ट ने ट्रायल की वीडियो रिकॉर्डिंग कराने और Sports Authority of India व Indian Olympic Association के स्वतंत्र पर्यवेक्षक की मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए थे।    

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 29 May 2026

Siddaramaiah ने गुरुवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा पार्टी हाईकमान के निर्देशों का पालन किया है और आलाकमान के कहने पर ही पद छोड़ा है। सिद्धारमैया ने बताया कि उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यपाल Thawar Chand Gehlot के सचिव को सौंप दिया है। इस दौरान उपमुख्यमंत्री D. K. Shivakumar भी उनके साथ मौजूद रहे। इस्तीफे से पहले सिद्धारमैया ने अपने आवास पर मंत्रियों के साथ बैठक कर फैसले की जानकारी दी, जहां डीके शिवकुमार ने उनके पैर छूकर सम्मान जताया और दोनों नेताओं ने गले मिलकर एकजुटता का संदेश दिया। कर्नाटक में यह नेतृत्व परिवर्तन कांग्रेस की कथित रोटेशन पॉलिसी के तहत माना जा रहा है। मई 2023 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच लंबे समय तक खींचतान चली थी। तब पार्टी नेतृत्व ने समझौते के तौर पर रोटेशनल फॉर्मूला तैयार किया था, हालांकि कांग्रेस ने इसे कभी आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किया। सिद्धारमैया ने 20 मई 2023 को मुख्यमंत्री पद संभाला था और करीब तीन साल बाद अब पद छोड़ दिया। इस दौरान उनकी सरकार वाल्मीकि डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन घोटाले सहित कई विवादों में घिरी रही, जिससे सरकार पर एंटी-इंकम्बेंसी का दबाव बढ़ रहा था।   राज्य सरकार में मंत्री H. K. Patil ने संकेत दिए हैं कि अगले मुख्यमंत्री के तौर पर डीके शिवकुमार के नाम पर सहमति बन चुकी है। शुक्रवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में उन्हें औपचारिक रूप से नेता चुना जा सकता है, जिसके बाद कांग्रेस नई सरकार बनाने का दावा पेश करेगी। डीके शिवकुमार लंबे समय से राज्य कांग्रेस संगठन के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं और उन्हें 2023 की चुनावी जीत का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 28 May 2026

भोपाल की मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में अब जांच और तेज हो गई है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में नई एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को सीबीआई टीम ने कटारा हिल्स थाने पहुंचकर पति समर्थ सिंह से लंबी पूछताछ की, वहीं ट्विशा के माता-पिता, भाई और अन्य परिजनों के बयान भी दर्ज किए गए। भोपाल पुलिस ने केस डायरी और अहम साक्ष्य सीबीआई को सौंप दिए हैं। मामले में ट्विशा की सास और पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही हैं। उनकी अग्रिम जमानत पर जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। इस बीच सीबीआई अधिकारियों ने उनके बाग मुगलिया स्थित घर पहुंचकर करीब आधे घंटे तक पूछताछ की। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने कोर्ट में गिरिबाला सिंह की जमानत निरस्त करने की मांग की है। उनका आरोप है कि उन्होंने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है।   वहीं, गिरिबाला सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि ट्विशा गर्भावस्था के दौरान बच्चा नहीं रखना चाहती थी और वह नशे की लत से जूझ रही थी। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शादी के बाद ट्विशा के माता-पिता उससे मिलने नहीं आए और उसे “त्याग” दिया था। इन बयानों के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है, जबकि सीबीआई अब सभी पहलुओं की गहन जांच में जुटी हुई है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 27 May 2026

Gulmarg Gondola पर सोमवार को अचानक तकनीकी खराबी आने से रोपवे सेवा बीच रास्ते में रुक गई, जिससे करीब 300 पर्यटक हवा में फंसे रह गए। इनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे। घटना के बाद कई पर्यटक घबराकर रोने और चिल्लाने लगे। सूचना मिलते ही श्रीनगर से विशेष रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं और सेना, SDRF तथा NDRF के साथ मिलकर राहत अभियान शुरू किया गया। अब तक कई केबिन खाली कराए जा चुके हैं और कुछ पर्यटकों को रस्सियों के सहारे सुरक्षित नीचे उतारा गया। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने कहा कि सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और सभी पर्यटक सुरक्षित हैं। वहीं उपराज्यपाल Manoj Sinha ने डीजीपी को घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। संयुक्त रेस्क्यू टीम लगातार ऑपरेशन चला रही है ताकि सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और संयम बनाए रखने की अपील की है।   श्रीनगर से लगभग 51 किलोमीटर दूर स्थित गुलमर्ग गोंडोला दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची और दूसरी सबसे लंबी केबल कार प्रणाली मानी जाती है। यह रोपवे गुलमर्ग को कोंगदोरी और अफरवात पीक से जोड़ता है। गर्मियों और सर्दियों दोनों मौसम में यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। घटना के बाद रोपवे की सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी रखरखाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 25 May 2026

उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा 403 विधानसभा सीटों पर संगठन को मजबूत करने और “बात सीट की नहीं, जीत की है” जैसे नारे के बीच अब सहयोगी दलों और विरोधियों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। इसी क्रम में योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला और उनके दावों को “झूठ” करार दिया। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के बयान का समर्थन करते हुए ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव लगातार बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन उनके दावे कभी सच साबित नहीं होते। उन्होंने कहा, “2022 में उन्होंने 400 सीटें जीतने की बात कही थी, 2024 में सरकार बनाने का दावा किया था और 2017 में भी इसी तरह के बयान दिए थे, लेकिन सब गलत साबित हुए। अखिलेश यादव 100 फीसदी झूठ बोलते हैं और उन्हें खुद नहीं पता कि कौन सी सीट जीतेंगे।” राजभर ने तंज कसते हुए यह भी कहा कि अगर उन्हें राजनीति की इतनी समझ होती तो वे उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने के सपने नहीं देखते। वहीं भाजपा नेता और मंत्री अनिल राजभर ने भी समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा केवल चुनाव के समय नहीं, बल्कि साल के 365 दिन जनता के बीच रहती है। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता की समस्याओं के समाधान के लिए चौबीसों घंटे काम करती है। गौरतलब है कि यूपी में आगामी चुनावों को लेकर सपा और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग और रणनीति को लेकर लगातार बयानबाजी जारी है, जिससे राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।

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sneha singh 24 May 2026

भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। 13 दिन बाद आज शाम 5 बजे ट्विशा शर्मा का अंतिम संस्कार भोपाल के भदभदा विश्राम घाट पर किया जाएगा। इससे पहले भोपाल एम्स में दिल्ली एम्स की चार सदस्यीय मेडिकल टीम ने ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम किया। ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने अंतिम संस्कार की जानकारी देते हुए कहा कि परिवार लंबे समय से निष्पक्ष जांच और दूसरे पोस्टमार्टम की मांग कर रहा था। वहीं मां का रो-रोकर बुरा हाल है और परिवार अब भी मामले की सीबीआई जांच की मांग पर अड़ा हुआ है। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने आरोप लगाया है कि पहले पोस्टमार्टम में कई महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने दिल्ली एम्स मेडिकल बोर्ड को पत्र लिखकर निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच की मांग की थी। परिवार का कहना है कि पहले पोस्टमार्टम में कई पहलुओं की सही तरीके से जांच नहीं हुई, इसलिए दूसरे पोस्टमार्टम की जरूरत पड़ी। वहीं ट्विशा के भाई आशीष शर्मा ने कहा कि अंतिम संस्कार में कौन शामिल होगा, यह व्यक्तिगत श्रद्धा का विषय है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परिवार किसी को औपचारिक निमंत्रण नहीं दे रहा है। यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ 25 मई को इस मामले की सुनवाई करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने इसे “एक युवती की ससुराल में अप्राकृतिक मौत और कथित संस्थागत पूर्वाग्रह” से जुड़ा मामला बताते हुए सूचीबद्ध किया है। गौरतलब है कि नोएडा निवासी 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल निवासी समर्थ सिंह से हुई थी। परिवार का आरोप है कि शादी के बाद ट्विशा को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। 12 मई की रात परिवार से बातचीत के कुछ घंटों बाद उसकी मौत की खबर आई, जिसके बाद पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया गया।              

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sneha singh 24 May 2026

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शनिवार को आयोजित 19वें रोजगार मेले में 51 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी के लिए अपॉइंटमेंट लेटर सौंपे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देश के 47 शहरों में जुड़े इस कार्यक्रम में रेलवे, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य विभाग, वित्तीय सेवा और उच्च शिक्षा समेत कई विभागों में चयनित युवाओं को नियुक्ति दी गई। इसके साथ ही अब तक रोजगार मेलों के जरिए 12.50 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिल चुकी हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया भारत के युवाओं और देश की तकनीकी प्रगति को लेकर बेहद उत्साहित है। उन्होंने बताया कि हाल ही में पांच देशों की यात्रा के दौरान नीदरलैंड्स के साथ सेमीकंडक्टर और कृषि, स्वीडन के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल इनोवेशन, जबकि नॉर्वे के साथ ग्रीन टेक्नोलॉजी और समुद्री सहयोग पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले दशकों में वैश्विक विकास को आकार देने वाले इन क्षेत्रों में भारत के युवा बड़ी भूमिका निभाएंगे।   प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार और बेहतर अवसर देने के लिए लगातार काम कर रही है। रोजगार मेले की शुरुआत अक्टूबर 2022 में हुई थी, जब सरकार ने 10 लाख सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य रखा था। लोकसभा चुनाव से पहले फरवरी 2024 में आयोजित 12वें रोजगार मेले में सबसे ज्यादा 1 लाख नियुक्ति पत्र बांटे गए थे। सरकार का दावा है कि रोजगार मेलों के जरिए युवाओं को पारदर्शी और तेज भर्ती प्रक्रिया का लाभ मिल रहा है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 23 May 2026

  Rahul Gandhi ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के इटली दौरे के दौरान इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni को ‘मेलोडी’ टॉफी गिफ्ट करने पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि देश आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, जबकि प्रधानमंत्री विदेश दौरे पर “टॉफी बांटने” में व्यस्त हैं। उन्होंने इसे गंभीर नेतृत्व के बजाय “नौटंकी” करार दिया।   राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि किसान, युवा, महिलाएं, मजदूर और छोटे व्यापारी महंगाई और आर्थिक दबाव से परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए प्रचार और इमेज बिल्डिंग में लगी हुई है। कांग्रेस नेता ने कहा कि देश की असली समस्याओं पर चर्चा करने के बजाय बीजेपी नेता प्रधानमंत्री के वीडियो पर ताली बजा रहे हैं।   दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी अपने पांच देशों के दौरे के अंतिम चरण में इटली पहुंचे थे, जहां उन्होंने जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की। एक हल्के-फुल्के वीडियो में पीएम मोदी मेलोनी को ‘मेलोडी’ टॉफियों का पैकेट गिफ्ट करते नजर आए। मेलोनी ने वीडियो साझा करते हुए प्रधानमंत्री को धन्यवाद कहा, जिसके बाद #Melodi सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-इटली संबंधों, वैश्विक मुद्दों और द्विपक्षीय सहयोग पर भी चर्चा की।

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sneha singh 20 May 2026

  Rahul Gandhi के प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah पर दिए गए विवादित बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी अध्यक्ष Nitin Nabin ने कांग्रेस सांसद पर हमला बोलते हुए उन्हें “राजनीति का राहु” बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की भाषा और बयान भारतीय राजनीति की मर्यादा के खिलाफ हैं।   बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि राहुल गांधी का बयान उनकी “अराजक मानसिकता” को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार चुनावी हार के कारण कांग्रेस नेता हताशा में इस तरह की टिप्पणियां कर रहे हैं। नितिन नवीन ने कहा कि भारतीय राजनीति आपसी सम्मान और शिष्टाचार पर आधारित रही है, लेकिन राहुल गांधी की टिप्पणी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और खेदजनक है।   बीजेपी ने राहुल गांधी के बयान को राष्ट्रहित के मुद्दों से जोड़ते हुए कई सवाल उठाए। नितिन नवीन ने कहा, “क्या नक्सलवाद का खात्मा देशद्रोह है? क्या देश की सीमाओं की रक्षा करना गलत है? क्या भारत के तिरंगे की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ाना देशद्रोह का काम है?” बीजेपी ने साफ किया कि कांग्रेस नेता को उनके बयान की राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी। वहीं, इस बयान को लेकर राजनीतिक माहौल और गर्म होने की संभावना जताई जा रही है।

Patrakar sneha singh

sneha singh 20 May 2026

भोपाल के चर्चितTwisha Sharma मौत मामले में जांच लगातार गहराती जा रही है। अब जानकारी सामने आई है कि शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराए जाने की तैयारी चल रही है। इस बीच लंबे समय से मर्चुरी में रखा शव खराब होने लगा है, जिससे मामले को लेकर और सवाल उठ रहे हैं। पुलिस और SIT इस पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। परिवार का आरोप है कि शादी के बाद ट्विशा को मानसिक प्रताड़ना और दबाव का सामना करना पड़ रहा था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए व्हाट्सएप चैट स्क्रीनशॉट्स में भी ट्विशा ने अपनी मां से ससुराल में घुटन और तनाव की बात कही थी। पुलिस के मुताबिक, 12 मई की रात ट्विशा का शव फांसी के फंदे पर मिला था। हालांकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह फांसी बताई गई, लेकिन शरीर पर मिले चोट के निशानों ने मामले को संदिग्ध बना दिया है।   ट्विशा ने मॉडलिंग और अभिनय की दुनिया में भी काम किया था। वहMugguru Monagallu में नजर आ चुकी थीं और ‘मिस पुणे’ का खिताब भी जीत चुकी थीं। परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने पति समर्थ सिंह और ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और प्रताड़ना के आरोपों में मामला दर्ज किया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) भी गठित किया गया है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 19 May 2026

अमेरिका ने भारत को 428 मिलियन डॉलर से अधिक की रक्षा डील को मंजूरी दी है। इस समझौते के तहत भारतीय सेना को AH-64E अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर और M777A2 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर तोपों के लिए रखरखाव, तकनीकी सहायता और लॉजिस्टिक सपोर्ट उपलब्ध कराया जाएगा। अपाचे हेलीकॉप्टर सपोर्ट पैकेज की कीमत करीब 198.2 मिलियन डॉलर और M777 सिस्टम के रखरखाव पैकेज की कीमत लगभग 230 मिलियन डॉलर बताई गई है। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार इस डील से भारत की सैन्य क्षमता और मजबूत होगी। अपाचे हेलीकॉप्टरों के लिए इंजीनियरिंग, तकनीकी डेटा, प्रशिक्षण और लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया जाएगा, जबकि M777 होवित्जर के लिए स्पेयर पार्ट्स, मरम्मत, तकनीकी सहायता और फील्ड सर्विस सपोर्ट शामिल रहेगा। इस परियोजना मेंBoeing, Lockheed Martin औरBAE Systems प्रमुख भूमिका निभाएंगी।   अमेरिका ने कहा कि यह डील भारत-अमेरिका रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करेगी तथा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा बढ़ाने में मदद करेगी। AH-64E अपाचे हेलीकॉप्टर आधुनिक रडार, नाइट विजन और हेलफायर मिसाइलों से लैस हैं, जबकि M777 होवित्जर अपनी हल्की संरचना और लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता के कारण पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में बेहद प्रभावी मानी जाती है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 19 May 2026

Supreme Court of India ने सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ती डॉग बाइट घटनाओं को गंभीर मानते हुए स्ट्रीट डॉग्स को संवेदनशील इलाकों से हटाने संबंधी अपने पुराने आदेश में बदलाव करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि अस्पताल, स्कूल, कॉलेज, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे स्थानों पर लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकारें जमीनी हकीकत से आंखें नहीं मूंद सकतीं। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बच्चों, बुजुर्गों और विदेशी पर्यटकों पर हुए कुत्तों के हमलों का जिक्र किया। अदालत ने कहा कि देश में ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और कई जगह “सर्वाइवल ऑफ द फिटेस्ट” जैसी स्थिति बन गई है। कोर्ट ने संविधान केArticle 21 का हवाला देते हुए कहा कि हर नागरिक को भयमुक्त वातावरण में सार्वजनिक जीवन जीने का अधिकार है और किसी को भी हर समय हमले के डर में रहने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।   सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों को निर्देश दिया कि संवेदनशील क्षेत्रों से स्ट्रीट डॉग्स को हटाकर शेल्टर में भेजा जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल पकड़ने की कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि नसबंदी, वैक्सीनेशन और बेहतर शेल्टर व्यवस्था पर भी गंभीरता से काम करना होगा। कोर्ट ने संकेत दिया कि मानव जीवन और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में प्रशासनिक लापरवाही अब स्वीकार नहीं की जाएगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 19 May 2026

    Ukraine और Russia के बीच जारी युद्ध अब और ज्यादा खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। यूक्रेन ने रूस पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला किया है, जिसे पिछले एक साल में मॉस्को के आसपास का सबसे बड़ा हमला बताया जा रहा है। रूसी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस हमले में 500 से ज्यादा ड्रोन इस्तेमाल किए गए। राजधानी मॉस्को समेत पश्चिमी रूस के कई इलाकों में रातभर धमाकों की आवाजें सुनाई दीं और एयर डिफेंस सिस्टम लगातार सक्रिय रहा। इस हमले में कम से कम चार लोगों की मौत हुई है जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने 556 यूक्रेनी ड्रोन को मार गिराया। हालांकि इसके बावजूद कुछ ड्रोन अपने निशाने तक पहुंचने में सफल रहे, जिससे रिहायशी इलाकों और अहम ढांचों को नुकसान पहुंचा। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, तीन लोगों की मौत मॉस्को क्षेत्र में हुई जबकि एक व्यक्ति की जान बेलगोरोद इलाके में गई, जो यूक्रेन सीमा के पास स्थित है। रूस ने अभी तक नुकसान का पूरा ब्योरा जारी नहीं किया है, लेकिन शुरुआती जानकारी के अनुसार कुछ रणनीतिक ठिकानों और इंफ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बनाया गया। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब हाल ही में रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर बड़ा हमला किया था, जिसमें 24 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने चेतावनी दी थी कि यूक्रेन के शहरों और आम नागरिकों को निशाना बनाने की कीमत मॉस्को को चुकानी पड़ेगी। यूक्रेन की ओर से किया गया यह ताजा ड्रोन हमला दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध के और उग्र होने के संकेत माना जा रहा है।        

Patrakar sneha singh

sneha singh 17 May 2026

कर्नाटक सरकार में मंत्री Priyank Kharge ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर बीजेपी और RSS पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों संगठनों ने मिलकर छात्रों के भविष्य को व्यवस्थित तरीके से बर्बाद किया है। खरगे ने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने से करीब 22 लाख छात्र प्रभावित हुए हैं, जिनमें कई छात्र वर्षों की तैयारी के बाद मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।   प्रियांक खरगे ने इस पूरे मामले को “सामान्य गड़बड़ी” नहीं बल्कि “बड़ी त्रासदी” बताया। उन्होंने कहा कि कई छात्र दोबारा परीक्षा देने के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं हैं और कुछ छात्रों के आत्महत्या जैसे कदम उठाने की खबरें भी सामने आ रही हैं। खरगे ने आरोप लगाया कि छात्रों के भविष्य को पैसों के लिए दांव पर लगाया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी में थोड़ी भी नैतिकता बची है तो धर्मेंद्र प्रधान को मंत्रिमंडल से हटा देना चाहिए या उन्हें खुद इस्तीफा दे देना चाहिए।   इस दौरान खरगे ने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जो प्रधानमंत्री “परीक्षा पे चर्चा” की बात करते हैं, उन्हें अब NEET विवाद पर छात्रों से बात करनी चाहिए। वहीं, मामले की जांच कर रही CBI ने आरोपी मनीषा गुरुनाथ मंधारे को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया और आगे की जांच के लिए 14 दिन की कस्टडी मांगी। CBI के अनुसार, मंधारे NTA की पैनल सदस्य थीं और परीक्षा प्रक्रिया में एक्सपर्ट व ट्रांसलेटर की भूमिका निभा रही थीं। एजेंसी अब परीक्षा प्रक्रिया और छात्रों से कथित रूप से पैसे लेने के आरोपों की भी जांच कर रही है।

Patrakar sneha singh

sneha singh 17 May 2026

Madhya Pradesh में मौसम ने मई की गर्मी के बीच अचानक करवट ले ली है। प्रदेश में इस समय दो मौसम सिस्टम एक्टिव हैं, जिसके चलते 28 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार कई इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है, जबकि कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है। Bhopal समेत कई शहरों में दिन में तेज गर्मी का एहसास होगा, लेकिन शाम होते ही मौसम बदलने लगेगा और आंधी-बारिश का दौर शुरू हो सकता है। आमतौर पर मई को हीटवेव का महीना माना जाता है, लेकिन इस बार हिमालयी पश्चिमी विक्षोभ और मध्य भारत में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण मौसम में यह असामान्य बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने बताया कि यह सिस्टम 6 मई तक सक्रिय रहेगा, जबकि 10 मई से एक नया सिस्टम फिर से असर दिखा सकता है। प्रदेश के कई जिलों में येलो से ऑरेंज अलर्ट जारी है। तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है—Gwalior में पारा घटकर 34.8°C तक पहुंच गया, जबकि Jabalpur में 38°C दर्ज किया गया। हालांकि कुछ इलाकों में अब भी गर्मी बनी हुई है, लेकिन शाम के समय राहत मिलने के संकेत हैं।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 6 May 2026

Mohan Yadav की अध्यक्षता में हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक में किसानों और व्यापारियों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट ने दलहनों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए ₹2442 करोड़ के प्रावधान को मंजूरी दी, जिससे प्रदेश के किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। बैठक के बाद मंत्री Chetan Kashyap ने बताया कि यह निर्णय कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। कैबिनेट ने राज्य में व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन को भी मंजूरी दी। राष्ट्रीय मॉडल की तर्ज पर बनने वाले इस बोर्ड के अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री होंगे और इसमें 8 विभागों के साथ अशासकीय सदस्य भी शामिल होंगे। इसके अलावा जिला स्तर पर भी समितियां बनाई जाएंगी, ताकि व्यापार और निर्यात को बढ़ावा दिया जा सके। Bhopal के पास इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित करने का फैसला भी लिया गया है।   बैठक में ₹38,555 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी देते हुए लोक निर्माण विभाग की सड़कों और पुलों के संधारण, ग्रामीण सड़कों के निर्माण व उन्नयन और सड़क सुरक्षा योजनाओं को जारी रखने का निर्णय लिया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत ‘वात्सल्य’ योजना और आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण को भी मंजूरी मिली। साथ ही Indore में 9 से 13 जून तक अंतरराष्ट्रीय ब्रिक्स सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें 26 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 5 May 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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बलूचिस्तान में अलगाववादी संगठन Baloch Liberation Army (BLA) ने 15 अप्रैल से 25 अप्रैल के बीच 27 हमले करने का दावा किया है। संगठन के प्रवक्ता जीयांद बलूच के अनुसार, इन हमलों में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED), घात लगाकर हमले और ड्रोन स्ट्राइक शामिल हैं। BLA का कहना है कि इन हमलों में Pakistan Army के 42 जवान मारे गए और कई घायल हुए, जबकि एक सैनिक को बंधक भी बनाया गया है। BLA ने दावा किया है कि उसने कई जगहों पर पाकिस्तानी सेना की चौकियों और सैन्य ठिकानों पर अस्थायी कब्जा किया और वहां से हथियार भी जब्त किए। खारान, कोहलू, हरनाई और क्वेटा जैसे इलाकों में हमले किए गए, जहां सुरक्षा बलों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। संगठन के मुताबिक, कुछ इलाकों में हमलों के बाद पाकिस्तानी सैनिकों को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा, जिससे उनकी स्थिति कमजोर नजर आई। इन हमलों के दौरान BLA के भी तीन लड़ाके मारे जाने की पुष्टि हुई है। संगठन ने सोहंदा और अन्य क्षेत्रों में रिमोट कंट्रोल IED और घात लगाकर हमलों की जानकारी दी है। वहीं, क्वेटा में ‘ईगल स्क्वाड’ पुलिस यूनिट पर हमले में दो जवान घायल हुए। हालांकि, इन सभी दावों पर अभी तक Pakistan Armed Forces की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे स्थिति को लेकर असमंजस बना हुआ है।

Patrakar sneha singh

sneha singh 27 April 2026

Mohan Yadav के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए कई बड़ी योजनाओं की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसान राज्य के विकास की रीढ़ हैं और उनके बिना “विकसित मध्य प्रदेश” की कल्पना संभव नहीं है। सरकार का लक्ष्य किसानों की समृद्धि के जरिए “विकसित भारत 2047” में योगदान देना है। सरकार ने इस वर्ष को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन किया गया है। साथ ही उपार्जन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए स्लॉट बुकिंग अवधि बढ़ा दी गई है और सप्ताह में 6 दिन खरीदी सुनिश्चित की गई है। किसानों को समर्थन मूल्य पर बेहतर लाभ देने के लिए व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। कृषि क्षेत्र में सुधार के तहत सरकार ने कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं, जिनमें भूमि अधिग्रहण पर 4 गुना मुआवजा, दलहन और तिलहन फसलों को प्रोत्साहन, उड़द पर MSP के साथ 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस और सरसों के लिए भावांतर योजना शामिल हैं। इसके अलावा किसानों को सस्ती सिंचाई सुविधा, सोलर पंप योजना और दिन में बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है, जिससे किसान ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बन सकें।   सरकार का दावा है कि दूध उत्पादन और दुग्ध सहकारी समितियों के विस्तार से मध्य प्रदेश को “मिल्क कैपिटल” बनाने की दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है। नई योजनाओं और तकनीक आधारित सुधारों के जरिए सरकार किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन को बढ़ावा देने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 25 April 2026

Chabahar Port को लेकर भारत के सामने एक बड़ी कूटनीतिक चुनौती खड़ी हो गई है, क्योंकि इस परियोजना पर दी गई अमेरिकी प्रतिबंध छूट 26 अप्रैल 2026 को समाप्त होने जा रही है। यह छूट भारत को ईरान में निवेश और संचालन की अनुमति देती रही है, लेकिन इसके आगे बढ़ने को लेकर अभी तक अमेरिका की ओर से कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला है। यह पोर्ट भारत की उस रणनीति का अहम हिस्सा है जिसके जरिए वह पाकिस्तान को दरकिनार कर अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक सीधी पहुंच बनाना चाहता है। साथ ही, क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव और पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट के मुकाबले चाबहार की भूमिका और भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसलिए यह परियोजना केवल व्यापारिक नहीं, बल्कि भू-राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम है।   वर्तमान में भारत और अमेरिका के बीच इस मुद्दे पर बातचीत जारी है, लेकिन अब तक छूट बढ़ाने को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। भारत लगातार चाबहार की उपयोगिता को मानवीय सहायता, क्षेत्रीय संपर्क और व्यापारिक मार्ग के रूप में रेखांकित कर रहा है। अब देखना होगा कि आने वाले समय में अमेरिका इस छूट को आगे बढ़ाता है या भारत को वैकल्पिक रणनीतिक विकल्पों पर विचार करना पड़ता है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 25 April 2026

Aam Aadmi Party ने अपने तीन राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने के बाद सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें अयोग्य घोषित कराने की प्रक्रिया शुरू करने का ऐलान किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा है कि वे राज्यसभा के पीठासीन अधिकारी को पत्र लिखकर संविधान की 10वीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत कार्रवाई की मांग करेंगे। जिन सांसदों के खिलाफ यह कदम उठाया जा रहा है उनमेंRaghav Chadha, Sandeep Pathak औरAshok Kumar Mittal शामिल हैं। यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब इन तीनों नेताओं ने दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ले ली। AAP का आरोप है कि यह कदम “स्वेच्छा से पार्टी छोड़ने” के दायरे में आता है, जो दल-बदल कानून के तहत अयोग्यता का आधार बन सकता है। पार्टी का कहना है कि वह इस मामले को संवैधानिक प्रावधानों के तहत आगे ले जाएगी। दूसरी ओर, भाजपा में शामिल हुए नेताओं ने AAP पर अपने मूल विचारों से भटकने का आरोप लगाया है। वहीं AAP नेतृत्व ने इसे “राजनीतिक धोखा” बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे पंजाब व पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ विश्वासघात करार दिया है। इस घटनाक्रम ने संसद से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल बढ़ा दी है।   अब कानूनी नजरिए से मामला दल-बदल विरोधी कानून पर टिका है, जिसके तहत किसी भी सांसद को अयोग्य घोषित करने का अंतिम निर्णय राज्यसभा के सभापति के पास होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह साबित नहीं हो पाता कि दो-तिहाई सदस्यों का वैध विलय हुआ है, तो अयोग्यता की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। हालांकि अंतिम फैसला संवैधानिक प्रक्रिया और पीठासीन अधिकारी की भूमिका पर निर्भर करेगा।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 25 April 2026

Bhopal में शराब दुकानों की नई लोकेशन को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है।Arera Colony और शाहपुरा इलाके में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन किया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि अरेरा कॉलोनी में शराब दुकान मंदिर के पास और शाहपुरा में स्कूल से करीब 50 मीटर की दूरी पर खोली गई है, जो नियमों का उल्लंघन है। प्रदर्शन में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए। लोगों ने बैनर-पोस्टर के साथ नारेबाजी करते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि आवासीय क्षेत्रों में शराब दुकानों के कारण भीड़, शोर-शराबा और असामाजिक गतिविधियां बढ़ रही हैं, जिससे महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर असर पड़ रहा है।   रहवासियों ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर पिछले एक साल से शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विरोध का दायरा भोपाल के अन्य इलाकों जैसे कोलार रोड, अवधपुरी और ईंटखेड़ी तक भी फैल चुका है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा, जिसमें ठेकों की तालाबंदी भी शामिल हो सकती है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 24 April 2026

Bhopal में जिला शिक्षा समिति की बैठक के दौरान सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई। बैठक में जब जर्जर स्कूलों की सूची मांगी गई तो अधिकारी कोई स्पष्ट आंकड़ा प्रस्तुत नहीं कर सके। इस पर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई और व्यवस्था की तैयारी पर सवाल खड़े कर दिए। बैठक में पेयजल, शौचालय, अधूरे निर्माण कार्य और फंड के उपयोग जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई। समिति अध्यक्ष मोहन सिंह जाट ने अधिकारियों से स्पष्ट जानकारी मांगी, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद समिति ने सख्त निर्देश दिए कि सभी स्कूलों की स्थिति का पूरा डेटा जल्द उपलब्ध कराया जाए और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।   चर्चा के दौरान कई स्कूलों की जर्जर स्थिति भी सामने आई, खासकरKhitwas हाईस्कूल का मामला प्रमुख रहा, जहां दीवारों से पानी रिसने और भवन के कमजोर होने की बात सामने आई। समिति ने साफ कहा कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर तुरंत सुधार कार्य जरूरी है, ताकि किसी भी बड़े हादसे से बचा जा सके।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 24 April 2026

National Testing Agency ने आज 24 अप्रैल 2026 कोCUET PG 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस परीक्षा के जरिए देशभर की सेंट्रल, स्टेट और प्राइवेट यूनिवर्सिटीज में पोस्ट ग्रेजुएशन में प्रवेश मिलता है। इस साल करीब 4 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था और अब वे अपना स्कोरकार्ड ऑनलाइन देख सकते हैं। उम्मीदवार अपना रिजल्ट देखने के लिए आधिकारिक वेबसाइट exams.nta.nic.in/cuet-pg पर जाकर लॉगिन कर सकते हैं। इसके लिए एप्लिकेशन नंबर और पासवर्ड या जन्मतिथि की जरूरत होगी। लॉगिन करने के बाद स्कोरकार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा, जिसे डाउनलोड भी किया जा सकता है। रिजल्ट जारी होने के बाद अब सभी यूनिवर्सिटीज अपनी-अपनी कटऑफ और काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू करेंगी।   इस परीक्षा का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि अब अलग-अलग यूनिवर्सिटीज की अलग प्रवेश परीक्षाओं की जरूरत कम हो गई है। NTA ने 11 अप्रैल को प्रोविजनल आंसर की जारी कर आपत्तियां मांगी थीं, जिसके बाद फाइनल आंसर की तैयार की गई। इसके आधार पर ही आज रिजल्ट घोषित किया गया है। अब देशभर में एडमिशन प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी और छात्र अपने स्कोर के अनुसार विश्वविद्यालयों में आवेदन करेंगे।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 24 April 2026

भोपाल के रविंद्र भवन में आयोजित ब्लॉक अध्यक्ष सम्मेलन के दौरान कांग्रेस ने अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए एक नया प्रस्ताव सामने रखा है। इस योजना के तहत हर विधानसभा क्षेत्र में करीब 30 हजार परिवारों से 100-100 रुपये जुटाने पर विचार किया जा रहा है। यह राशि पूरी तरह से स्थानीय संगठनात्मक गतिविधियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर खर्च करने का प्रस्ताव है। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी ने बताया कि यह अभी प्रारंभिक चरण में है और अंतिम मंजूरी के लिए इसे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को भेजा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस फंड का उपयोग न तो प्रदेश स्तर पर होगा और न ही राष्ट्रीय स्तर पर, बल्कि इसका उद्देश्य बूथ और ब्लॉक स्तर पर संगठन को मजबूत करना है।   बैठक में यह भी तय किया गया कि संगठन के कामकाज की नियमित समीक्षा की जाएगी और जिला व ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों के प्रदर्शन का हर छह महीने में आकलन होगा। साथ ही बूथ, वार्ड और गांव स्तर पर सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया गया, ताकि संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

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Priyanshi Chaturvedi 17 April 2026

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार को दिल्ली में नया सरकारी आवास आवंटित किया गया है। उन्हें 9 सुनहरी बाग स्थित टाइप-8 श्रेणी का बंगला मिला है, जो राजधानी के सबसे वीआईपी इलाकों में माना जाता है। इस इलाके में कई शीर्ष केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता पहले से ही निवास करते हैं, जिससे यह एक हाई-प्रोफाइल राजनीतिक क्षेत्र बन जाता है। नए आवास के साथ नीतीश कुमार अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पड़ोसी भी हो गए हैं, जो 8 नंबर बंगले में रहते हैं। सुरक्षा के लिहाज से उनकी सुरक्षा व्यवस्था को भी अपग्रेड किया गया है और उन्हें CRPF की Z+ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। यह इलाका अत्यंत सुरक्षित और आधुनिक सुविधाओं से लैस माना जाता है।   इसके अलावा नीतीश कुमार का पटना स्थित आवास भी तय किया गया है, जहां वे 7 सर्कुलर रोड बंगले में रहेंगे। बताया जा रहा है कि यह आवास करीब 3 एकड़ में फैला हुआ है और इसमें 5 बेडरूम, स्टडी रूम, लिविंग एरिया और स्टाफ क्वार्टर जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। राजनीतिक गतिविधियों के लिए भी यह बंगला महत्वपूर्ण बन गया है, जहां आगामी जेडीयू विधायक दल की बैठक आयोजित होने की संभावना है।

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Priyanshi Chaturvedi 17 April 2026

मुंबई इंडियंस की लगातार खराब प्रदर्शन के बीच टीम की गेंदबाजी यूनिट पर सवाल खड़े हो गए हैं। कोच माहेला जयवर्धने ने माना कि सिर्फ जसप्रीत बुमराह ही नहीं, बल्कि पूरी गेंदबाजी इकाई दबाव बनाने में नाकाम रही है। पंजाब के खिलाफ मैच में 196 रन का बड़ा लक्ष्य महज 15.1 ओवर में हासिल हो जाना टीम की कमजोर गेंदबाजी को उजागर करता है। खासतौर पर पावरप्ले में विकेट न मिलना टीम के लिए सबसे बड़ी चिंता बन गया है।   लगातार चौथी हार के बाद कप्तान हार्दिक पांड्या पर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन कोच ने साफ किया कि हार का जिम्मेदार सिर्फ कप्तान को ठहराना गलत होगा। उन्होंने कहा कि यह पूरी टीम और मैनेजमेंट की सामूहिक जिम्मेदारी है। टीम को हर विभाग में सुधार की जरूरत है, खासकर गेंदबाजी और रणनीति में, ताकि आने वाले मैचों में वापसी की जा सके।     इस बीच रोहित शर्मा की फिटनेस को लेकर अच्छी खबर सामने आई है। कोच ने बताया कि उनकी चोट गंभीर नहीं है और उन्होंने दौड़ना व बल्लेबाजी शुरू कर दी है। हालांकि, टीम मैनेजमेंट किसी भी तरह की जल्दबाजी के मूड में नहीं है, क्योंकि टूर्नामेंट अभी लंबा है और खिलाड़ी की फिटनेस को प्राथमिकता दी जा रही है।

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sneha singh 17 April 2026

महासमुंद में 12वीं हिंदी की कॉपियों की जांच को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। पेपर लीक के बाद दोबारा परीक्षा कराना पहले ही चुनौती था, लेकिन अब मूल्यांकन कार्य में शिक्षकों की अनुपस्थिति ने स्थिति और गंभीर बना दी है। तय समय बीत जाने के बाद भी हजारों कॉपियां जांच के इंतजार में पड़ी हैं। करीब 7 हजार उत्तर पुस्तिकाओं में से केवल 3 हजार की ही जांच हो पाई, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।   शिक्षा विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी स्कूल प्राचार्यों को निर्देश जारी किए हैं कि हिंदी विषय के शिक्षकों को तुरंत कार्यमुक्त कर मूल्यांकन केंद्र भेजा जाए। साथ ही, जो शिक्षक लगातार अनुपस्थित रहेंगे, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। नोटिस जारी होने के बावजूद शिक्षकों की उपस्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ—13 अप्रैल को केवल 62 और 14 अप्रैल को 72 शिक्षक ही केंद्र पहुंचे, जिससे मूल्यांकन कार्य प्रभावित रहा।   कॉपियों की जांच में हो रही देरी का सीधा असर बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम पर पड़ सकता है। हर साल मई के दूसरे सप्ताह तक रिजल्ट जारी हो जाता है, लेकिन इस बार स्थिति अलग नजर आ रही है। छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि रिजल्ट में देरी से कॉलेज एडमिशन और काउंसलिंग प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। खासकर दूरदराज इलाकों के शिक्षकों की अनुपस्थिति के कारण समस्या और बढ़ गई है, जिससे पूरे मूल्यांकन शेड्यूल पर असर पड़ने की आशंका है।

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sneha singh 15 April 2026

मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) द्वारा घोषित 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणामों में पन्ना जिले की छात्रा प्रतिभा सिंह सोलंकी ने 500 में से 499 अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। इस शानदार उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जिले को गौरवान्वित कर दिया है। प्रदेशभर में उनकी सफलता की चर्चा हो रही है और यह परिणाम इस साल के बोर्ड रिजल्ट को और खास बनाता है।   प्रतिभा सिंह सोलंकी ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित पढ़ाई, अनुशासन और संतुलित स्टडी रूटीन को दिया। उनका कहना है कि स्कूल में ही उनके अधिकांश डाउट्स क्लियर हो जाते थे, जिससे घर पर वे केवल रिवीजन पर ध्यान देती थीं। वे रोजाना रात में 8 से 11 बजे तक पढ़ाई करती थीं और सुबह करीब 2 घंटे का समय भी पढ़ाई को देती थीं। साथ ही, वह खेलकूद के लिए भी समय निकालती थीं, जिससे मानसिक संतुलन बना रहता था और पढ़ाई में बेहतर फोकस मिल पाता था।   इस साल MPBSE के 10वीं और 12वीं के परिणामों में छात्राओं ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया है। 10वीं में 77.52% छात्राएं सफल रहीं, जबकि 12वीं में भी 79.41% छात्राओं ने सफलता हासिल की। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि बेटियां लगातार प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। कुल मिलाकर, इस वर्ष का रिजल्ट पिछले 16 सालों में सबसे बेहतरीन माना जा रहा है, जिसमें शासकीय स्कूलों का प्रदर्शन भी खासा प्रभावशाली रहा।

Patrakar sneha singh

sneha singh 15 April 2026

असम की राजनीति में उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया जब कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के परिवार पर गंभीर आरोप लगाए। खेड़ा ने दावा किया कि मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा के पास कथित तौर पर तीन अलग-अलग देशों के पासपोर्ट हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास विदेश से मिले कुछ दस्तावेज हैं, जो इस मामले में बड़े खुलासों की ओर इशारा करते हैं।   इन आरोपों को मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी ने पूरी तरह खारिज कर दिया। हिमंत बिस्वा सरमा ने इसे भ्रामक और राजनीति से प्रेरित बताया, जबकि रिनिकी भुइयां सरमा ने भी साफ कहा कि आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत हैं। इस बयानबाजी के बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी सियासी जुबानी जंग देखने को मिली, जिसमें आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है।   मामले के तूल पकड़ने के बाद अब यह कानूनी दायरे में भी पहुंच चुका है और सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश ने इस विवाद को और अहम बना दिया है। कांग्रेस इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा बता रही है, जबकि असम सरकार इसे गंभीर कानूनी मामला मान रही है। अब सभी की निगाहें आगामी सुनवाई और अदालत के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगा।

Patrakar sneha singh

sneha singh 15 April 2026

Donald Trump ने एक बार फिर अपने बयान से वैश्विक राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। एबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने साफ कहा कि वे ईरान के साथ जारी दो हफ्तों के सीजफायर को बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। उनका मानना है कि इसकी जरूरत ही नहीं पड़ेगी, क्योंकि उससे पहले ही Iran के साथ एक बड़ी डील हो सकती है। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दो दिन बेहद अहम हो सकते हैं और इस दौरान कोई बड़ा घटनाक्रम सामने आ सकता है।   ट्रंप ने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि वे युद्ध से ज्यादा समझौते को प्राथमिकता देते हैं। उनका मानना है कि डील के जरिए ईरान को दोबारा खड़ा होने का मौका मिलेगा और वहां की नई सरकार देश के पुनर्निर्माण पर ध्यान दे सकेगी। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि दोनों विकल्प—डील और सैन्य कार्रवाई—मौजूद हैं। इस बीच खबरें हैं कि अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति JD Vance, स्टीव विटकॉफ और Jared Kushner एक बार फिर बैकचैनल बातचीत में सक्रिय हो सकते हैं।   इंटरव्यू में ट्रंप का सबसे चर्चित बयान वह रहा जिसमें उन्होंने दावा किया कि अगर वे राष्ट्रपति नहीं होते तो दुनिया “टुकड़े-टुकड़े” हो चुकी होती। यह बयान उनकी आत्मविश्वास से भरी राजनीतिक शैली को दर्शाता है, जहां वे खुद को वैश्विक संकटों के समाधान के रूप में पेश करते हैं। उनके इस बयान ने समर्थकों और आलोचकों दोनों के बीच बहस छेड़ दी है, और आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान संबंधों की दिशा पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

Patrakar sneha singh

sneha singh 15 April 2026

china द्वारा Brahmaputra River पर दुनिया का सबसे बड़ा जलविद्युत बांध बनाने की योजना ने क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है। बताया जा रहा है कि यह प्रोजेक्ट आकार और क्षमता के मामले में Three Gorges Dam से भी बड़ा होगा, जिसे अब तक दुनिया का सबसे शक्तिशाली बांध माना जाता है। चीन के प्रधानमंत्री Li Qiang ने इसे “सदी का प्रोजेक्ट” बताया है, जो देश को स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों की ओर तेजी से आगे बढ़ाएगा। इस परियोजना की खासियत इसकी लोकेशन और तकनीकी डिजाइन है। तिब्बत क्षेत्र में नदी के तीव्र ढलान वाले मोड़ का उपयोग करते हुए यह बांध पारंपरिक दीवार संरचना के बिना भी भारी मात्रा में बिजली पैदा करेगा। अनुमान है कि यह बांध हर साल करीब 300 बिलियन किलोवॉट घंटे बिजली उत्पादन करेगा, जो इसे दुनिया की सबसे बड़ी हाइड्रोपावर परियोजना बना सकता है। यह प्रोजेक्ट चीन के 2030 तक कार्बन उत्सर्जन कम करने और 2060 तक नेट-जीरो लक्ष्य हासिल करने की रणनीति का अहम हिस्सा है। हालांकि, India के लिए यह परियोजना कई गंभीर चुनौतियां खड़ी कर सकती है। जल प्रवाह पर नियंत्रण से अरुणाचल प्रदेश और असम जैसे राज्यों में जल संकट और खेती पर असर पड़ सकता है, जबकि अचानक पानी छोड़े जाने पर बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा यह परियोजना भू-राजनीतिक दबाव का साधन भी बन सकती है। पर्यावरणीय दृष्टि से भी हिमालयी क्षेत्र में इस तरह का निर्माण भूकंप और भूस्खलन के खतरे को बढ़ा सकता है। ऐसे में भारत भी सियांग नदी पर अपने प्रोजेक्ट के जरिए इस चुनौती का मुकाबला करने की तैयारी कर रहा है।

Patrakar sneha singh

sneha singh 14 April 2026

Mohan Yadav के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार और निगम-मंडलों में नियुक्तियों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। इसी बीच भोपाल में बीजेपी कोर कमेटी की अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें प्रदेश के शीर्ष नेता शामिल होंगे। बैठक में संगठन और सरकार से जुड़े बड़े फैसलों पर मंथन होने की संभावना है, जिससे लंबे समय से चल रही राजनीतिक अनिश्चितता पर विराम लग सकता है।   बैठक में मुख्यमंत्री Mohan Yadav, प्रदेश अध्यक्ष Hemant Khandelwal, केंद्रीय मंत्री Shivraj Singh Chouhan और Jyotiraditya Scindia सहित कई दिग्गज नेता शामिल होंगे। इसके अलावा राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री Shiv Prakash और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री Ajay Jamwal भी बैठक का हिस्सा रहेंगे। इस दौरान प्रदेश के 16 सदस्यीय कोर समूह द्वारा वर्तमान राजनीतिक हालात और आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।   बैठक में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर भी अहम चर्चा होने की उम्मीद है। हाल ही में कैबिनेट ने यूसीसी के लिए समिति गठन को मंजूरी दी है, जो 60 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके अलावा नारी शक्ति वंदन अधिनियम, संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की जाएगी। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद मंत्रिमंडल विस्तार और नियुक्तियों को लेकर स्थिति काफी हद तक साफ हो सकती है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 14 April 2026

दिग्गज गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन होने के बाद सोमवार को उनका अंतिम सफर शुरू हुआ। मुंबई स्थित उनके आवास पर सुबह से ही फिल्मी हस्तियों, राजनेताओं और प्रशंसकों का तांता लगा रहा। उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जा रही है। सफेद और पीले फूलों से सजे मोक्ष रथ में उनका पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए शिवाजी पार्क ले जाया गया।   अंतिम संस्कार स्थल को भी श्रद्धांजलि स्वरूप फूलों से सजाया गया है, जहां उनकी तस्वीर के साथ भावभीनी विदाई दी जा रही है। इस दौरान संगीत और फिल्म जगत की कई हस्तियां मौजूद रहीं। गायक अनूप जलोटा औरउदित नारायण सहित कई कलाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी, वहीं अभिनेतारणवीर सिंह भी अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।   इस दुखद मौके पर ब्रेट ली ने भी सोशल मीडिया के जरिए भावुक श्रद्धांजलि दी और उनके साथ बिताए पलों को याद किया। वहीं देवेंद्र फडणवीस भी अंतिम संस्कार स्थल पर पहुंचे। जैसे-जैसे मोक्ष रथ मुंबई की सड़कों से गुजरा, हर तरफ शोक का माहौल नजर आया और हजारों प्रशंसकों ने अपनी प्रिय गायिका को नम आंखों से अंतिम विदाई दी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 13 April 2026

अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस वर्ष यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी, यानी कुल 57 दिनों तक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकेंगे। यात्रा में शामिल होने के लिए 15 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू होगी, जो ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से की जा सकती है। Shri Amarnathji Shrine Board के अनुसार बिना रजिस्ट्रेशन किसी भी श्रद्धालु को यात्रा की अनुमति नहीं मिलेगी।   ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए श्रद्धालु आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए आवेदन कर सकते हैं, जिसमें मोबाइल OTP वेरिफिकेशन, पासपोर्ट साइज फोटो और अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (CHC) अपलोड करना होगा। वहीं ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन देशभर की 556 बैंक शाखाओं में 15 अप्रैल से शुरू होगा, जहां “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर प्रति व्यक्ति 150 रुपये शुल्क लिया जाएगा। रजिस्ट्रेशन के बाद यात्रियों को RFID कार्ड जारी किया जाएगा, जो यात्रा के दौरान अनिवार्य होगा।   यात्रा के लिए 13 से 70 वर्ष तक के लोग पात्र हैं, जबकि 6 सप्ताह से अधिक गर्भवती महिलाओं को अनुमति नहीं दी जाएगी। अमरनाथ यात्रा के लिए दो प्रमुख मार्ग हैं—Pahalgam मार्ग, जो लगभग 46 किमी लंबा और अपेक्षाकृत आसान है, तथा Baltal मार्ग, जो केवल 14 किमी का है लेकिन काफी खड़ी चढ़ाई वाला है। इसके अलावा दोनों मार्गों से पंचतरणी तक हेलीकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध रहेगी।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 13 April 2026

Shivraj Singh Chouhan ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर ‘इंटीग्रेटेड फार्मिंग’ अपनाने पर जोर दिया है। भोपाल में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि केवल गेहूं और धान जैसी फसलों पर निर्भर रहकर छोटे किसानों की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि देश में औसत जोत का आकार काफी छोटा है, ऐसे में खेती को लाभकारी बनाने के लिए बहुआयामी मॉडल अपनाना जरूरी है।   उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे खेती के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन और कृषि वानिकी जैसी गतिविधियों को भी अपनाएं। इस मॉडल से न केवल आय के स्रोत बढ़ेंगे, बल्कि जोखिम भी कम होगा। इसी दिशा में सरकार 11 से 13 अप्रैल तक रायसेन में ‘उन्नत कृषि महोत्सव’ आयोजित कर रही है, जहां वैज्ञानिक किसानों को आधुनिक तकनीकों और इंटीग्रेटेड फार्मिंग के फायदे समझाएंगे।   इस दौरान चौहान ने कांग्रेस नेता Jitu Patwari के विरोध प्रदर्शन पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के कदम ‘अपरिपक्व राजनीति’ को दर्शाते हैं और जनहित के मुद्दों पर संवाद जरूरी है। साथ ही उन्होंने उर्वरकों की कीमतों को लेकर किसानों को भरोसा दिलाया कि वैश्विक दबाव के बावजूद सरकार अतिरिक्त बोझ किसानों पर नहीं पड़ने देगी। उन्होंने कृषि में तकनीक, प्राकृतिक खेती और विविधीकरण को भविष्य की दिशा बताते हुए इसे आत्मनिर्भरता की कुंजी बताया।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 11 April 2026

Anant Ambani का जन्मदिन इस बार जयपुर के प्रसिद्ध हाथी गांव में बेहद खास और अनोखे अंदाज में मनाया गया। समारोह में हाथियों के साथ जश्न आयोजित किया गया, जहां उनके लिए विशेष रूप से तैयार 2.5 फीट ऊंचा फल-केक काटा गया। इस आयोजन ने पशु प्रेम और संवेदनशीलता का संदेश दिया और मौजूद लोगों के लिए यह एक यादगार अनुभव बन गया।   इस कार्यक्रम में करीब 3000 किलो फलों और पौष्टिक आहार की भव्य व्यवस्था की गई थी। हाथी बाबू, पुष्पा और चंदा जैसे हाथियों ने इस विशेष दावत में भाग लिया, जिसमें केले, सेब, पपीता, गन्ना और हरे चारे जैसी चीजें शामिल थीं। आयोजकों के अनुसार, यह पूरा आयोजन हाथियों के स्वास्थ्य और देखभाल को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था।   समारोह में केवल हाथियों ही नहीं, बल्कि उनके महावतों को भी सम्मानित किया गया। उन्हें राशन किट, जूते, कैप और अन्य आवश्यक सामान भेंट किए गए। स्थानीय लोगों और पशु प्रेमियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन पशु कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाते हैं।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 11 April 2026

Election Commission of India के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दूसरे चरण के बाद देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। फाइनल सूची जारी होने के बाद कुल 6.08 करोड़ मतदाताओं के नाम हट गए हैं। SIR शुरू होने से पहले इन राज्यों-UT में करीब 51 करोड़ वोटर थे, जो अब घटकर 44.92 करोड़ रह गए हैं। इस प्रक्रिया में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, गुजरात, मध्य प्रदेश और गोवा सहित तीन केंद्र शासित प्रदेशों की सूची अपडेट की गई।   सबसे ज्यादा असर Uttar Pradesh में देखने को मिला, जहां करीब 2.04 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए और कुल वोटर संख्या 13% घटकर 13.39 करोड़ रह गई। वहीं West Bengal में भी लगभग 91 लाख मतदाता अंतिम सूची से बाहर हो गए। चुनाव आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के लिए की गई है, जिसमें मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट नामों को हटाया गया।   देशभर में SIR अभियान 24 जून 2025 से चल रहा है और अब तक लगभग 60 करोड़ मतदाताओं को कवर किया जा चुका है, जबकि करीब 39 करोड़ अभी बाकी हैं। पहले चरण में बिहार और दूसरे चरण में 9 राज्य व 3 केंद्र शासित प्रदेश शामिल थे। इस दौरान कुछ राज्यों में राजनीतिक दलों ने प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया। अब तीसरे चरण में 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया जाएगा, जिसकी शुरुआत इस महीने विधानसभा चुनावों के बाद होने की संभावना है।

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Priyanshi Chaturvedi 11 April 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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भोपाल के जहांगीराबाद परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) ने “समग्र क्षमता निर्माण प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन” कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में कमांडो ने आतंकवाद जैसी जटिल परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई की तकनीक दिखाई। राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक नेतृत्व कार्यक्रम में मौजूद रहे।   प्रदर्शन में एमआई-17 हेलीकॉप्टर से कमांडो ऊंची इमारतों में उतरकर आतंकियों को काबू करने की रणनीति दिखाते नजर आए। इसके बाद कमरे-दर-कमरे सर्च ऑपरेशन और हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट के जरिए आतंकियों को समर्पण कराना दर्शाया गया। VIP सुरक्षा और आम नागरिकों के रेस्क्यू ऑपरेशन का भी लाइव प्रदर्शन किया गया।   K-9 डॉग स्क्वॉड ने विस्फोटक सामग्री (IED) की पहचान की और बम निष्क्रियकरण, एंटी-ड्रोन तकनीक, अंडरवॉटर ऑपरेशन जैसी उन्नत क्षमताओं का प्रदर्शन किया। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल सुरक्षा बलों की तैयारियों को मजबूत करते हैं, बल्कि आम जनता में भी जागरूकता बढ़ाते हैं, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 6 April 2026

मध्यप्रदेश सरकार ने भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन का विस्तार करते हुए राजगढ़, रायसेन, सीहोर और विदिशा जिलों को शामिल करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस योजना का उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को एकीकृत विकास योजना के तहत जोड़ना है, जिससे बुनियादी सुविधाओं, आर्थिक गतिविधियों और पर्यावरण संतुलन में सुधार हो सके।   मेट्रोपॉलिटन रीजन में शामिल होने के बाद राजगढ़ जैसे जिले में सड़क, परिवहन, जल निकासी, आवास और अन्य शहरी सुविधाओं का समेकित विकास होगा। इससे न केवल नागरिकों का जीवन स्तर सुधरेगा बल्कि जिले की कनेक्टिविटी और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर भी मजबूत होगा।   विशेषज्ञों के अनुसार इस पहल से राजगढ़ में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। औद्योगिक क्षेत्र, वेयरहाउस और व्यापारिक गतिविधियों के जरिए स्थानीय रोजगार सृजित होंगे। ब्यावरा, आलमपुरा और जगन्यापुरा जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक हब विकसित किया जा रहा है, जिससे भूमि और संपत्ति की कीमतों में भी वृद्धि हो सकती है और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 6 April 2026

काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थापित हुई विश्व की प्रथम 'विक्रमादित्य वैदिक घड़ी'   काशी विश्वनाथ मंदिर में अब भारतीय कालगणना की अनूठी झलक देखने को मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर उज्जैन से आई विश्व की प्रथम 'विक्रमादित्य वैदिक घड़ी' को 4 अप्रैल, 2026 को विधिपूर्वक मंदिर परिसर में स्थापित किया गया। यह घड़ी न केवल समय बताने का साधन है, बल्कि भारतीय संस्कृति और वैज्ञानिक परंपरा का जीवंत प्रतीक भी है। उज्जैन से वाराणसी तक फैली इस पहल से देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में वैदिक समय की अद्भुत विरासत को आगे बढ़ाया जाएगा।   प्राचीन ज्ञान और आधुनिक तकनीक का अनोखा संगम   महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, उज्जैन द्वारा विकसित यह घड़ी सूर्योदय और सूर्यास्त के अनुसार समय का सटीक आंकलन करती है और पूरे दिन को 30 मुहूर्तों में विभाजित करती है। इसके माध्यम से श्रद्धालु न केवल भारतीय मानक समय (IST) जान पाएंगे, बल्कि पंचांग, तिथि, योग, नक्षत्र, ग्रह गोचर और भद्रा जैसी सूक्ष्म जानकारियों से भी परिचित होंगे। यह घड़ी प्राचीन वैज्ञानिक सोच और डिजिटल तकनीक का अनोखा मिश्रण प्रस्तुत करती है।   सांस्कृतिक विरासत को युवाओं तक पहुँचाने का प्रयास   मध्यप्रदेश सरकार के नेतृत्व में यह पहल भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को आधुनिक तकनीक के माध्यम से संरक्षित करने का अभिनव प्रयास है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 29 फरवरी, 2024 को उज्जैन में इस घड़ी का लोकार्पण किया था। अब काशी विश्वनाथ मंदिर में इसकी स्थापना से यह परंपरा और व्यापक रूप से लोगों तक पहुँच सकेगी। यह घड़ी युवाओं को अपनी जड़ों और भारतीय समय-संस्कृति की महानता से जोड़ने की प्रेरणा देती है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 6 April 2026

मध्य प्रदेश के लिए राहत भरी खबर सामने आई है, जहां पिछले एक दशक में ग्राउंड वाटर की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा लोकसभा में पेश आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 82.82% निगरानी कुओं में जलस्तर बढ़ा है, जो राष्ट्रीय औसत 73.25% से काफी बेहतर है। ‘डायनामिक ग्राउंड वॉटर असेसमेंट रिपोर्ट 2025’ के मुताबिक, 1036 कुओं के विश्लेषण में से 858 कुओं में पानी बढ़ा, जिनमें लगभग 49% कुओं में 0 से 2 मीटर तक वृद्धि दर्ज की गई।   राज्य के 317 ब्लॉकों में से 221 ब्लॉक ‘सुरक्षित’ श्रेणी में हैं, जो दर्शाता है कि यहां जल पुनर्भरण बेहतर हो रहा है। वहीं 64 ब्लॉक अर्ध-गंभीर, 6 गंभीर और 26 अति-दोहित श्रेणी में हैं। इस सुधार के पीछे अटल भूजल योजना, अमृत सरोवर निर्माण और जल शक्ति अभियान जैसे प्रयासों की बड़ी भूमिका रही है। लाखों जल संरक्षण कार्यों और आधुनिक सिंचाई तकनीकों ने भूजल स्तर को बढ़ाने में मदद की है।   जहां एक ओर जलस्तर में सुधार हुआ है, वहीं पानी की गुणवत्ता चिंता का विषय बन रही है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 55 में से 39 जिलों में भूजल में नाइट्रेट की मात्रा अधिक पाई गई है, जिससे स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकता है। इसका मुख्य कारण कृषि में रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग और सीवेज प्रबंधन की कमी माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अब जल संरक्षण के साथ-साथ पानी की गुणवत्ता सुधार पर भी उतना ही ध्यान देना जरूरी है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 5 April 2026

अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे के करीब 10 महीने बाद पीड़ित परिवारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर हादसे की असली वजह जानने की मांग की है। करीब 30 परिवारों ने ब्लैक बॉक्स और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) का डेटा सार्वजनिक करने की अपील की है। परिजनों ने साफ कहा कि उन्हें मुआवजा नहीं, बल्कि सच्चाई चाहिए—आखिर यह हादसा क्यों हुआ और क्या इसमें कोई तकनीकी खामी थी।     पीड़ित परिवारों ने एअर इंडिया पर पर्याप्त सहयोग न देने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि मृतकों के सामान की पहचान के लिए बनाई गई वेबसाइट पर तस्वीरें साफ नहीं हैं, जिससे पहचान करना मुश्किल हो रहा है। कई परिवारों ने डिजिटल सुविधाओं की कमी और धीमी प्रतिक्रिया पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि एक ईमेल के जवाब में 15 दिन तक लग जाते हैं, जिससे ग्रामीण पृष्ठभूमि के लोगों को और ज्यादा परेशानी हो रही है।   यह हादसा 12 जून 2025 को हुआ था, जब बोइंग 787-8 विमान टेकऑफ के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 260 लोगों की जान गई थी। पीड़ित परिवारों ने पत्र की प्रतियां एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो और डीजीसीए समेत अन्य अधिकारियों को भी भेजी हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट पहले ही सौंपी जा चुकी है, जबकि अंतिम रिपोर्ट इस साल जून में आने की संभावना है, जिससे हादसे की पूरी सच्चाई सामने आ सकती है।  

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Priyanshi Chaturvedi 5 April 2026

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत को लेकर तीखा बयान देते हुए कहा कि अगला संघर्ष सिर्फ सीमा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कोलकाता तक पहुंच सकता है। सियालकोट में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि भारत किसी “फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन” की योजना बना रहा है। आसिफ ने दावा किया कि भारत झूठा माहौल बनाने के लिए अपने ही लोगों या हिरासत में बंद पाकिस्तानियों का इस्तेमाल कर सकता है, हालांकि उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया।   पाकिस्तान के बयान पर भारत की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहले ही सख्त चेतावनी दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि अगर पाकिस्तान कोई गलत कदम उठाता है, तो भारतीय सेना निर्णायक जवाब देगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी उकसावे पर भारत पीछे नहीं हटेगा और सेना पूरी तैयारी के साथ जवाब देने में सक्षम है।   ख्वाजा आसिफ पहले भी भारत पर पाकिस्तान के खिलाफ प्रॉक्सी वॉर चलाने के आरोप लगा चुके हैं और अफगानिस्तान को भी इसमें शामिल बताया है। वहीं, पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने भी अतीत में विवादास्पद बयान देते हुए भारत के शहरों को निशाना बनाने की बात कही थी। इन बयानों के चलते दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

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Priyanshi Chaturvedi 5 April 2026

मध्य प्रदेश रेलवे ने इंदौर से उज्जैन तक कई नई सुविधाओं का निर्माण शुरू किया है। उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ को देखते हुए, 7 नई पिट लाइनें और 16 नई स्टेबलिंग लाइनें बनाई जा रही हैं। इसके चलते प्रतिदिन 21 प्राइमरी मेंटेनेंस और 11 प्लेटफॉर्म रिटर्न ट्रेनों सहित कुल 32 अतिरिक्त ट्रेनों की संचालन क्षमता विकसित होगी। नई बायपास लाइनें और ऑटोमेटिक सिग्नल सिस्टम भी लगाए जाएंगे, जिससे ट्रेनें इंजन बदले बिना मुड़ सकेंगी और यात्रा सुरक्षित होगी।   इंदौर स्टेशन: 6 प्लेटफॉर्म और 5 पिट लाइनें होंगी। स्टेशन का पुनर्विकास यात्री सुविधा और अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन में सहायक होगा। लक्ष्मीबाई नगर: 7 नई स्टेबलिंग लाइनें और 5 पिट लाइनें बनेंगी। कोचिंग मेंटेनेंस डिपो के साथ स्टेशन को सैटेलाइट टर्मिनल के रूप में विकसित किया जाएगा।   उज्जैन धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। आगामी सिंहस्थ 2028 को देखते हुए, 9 नई स्टेबलिंग/होल्डिंग लाइनें बनाई जाएंगी। इससे 11 प्लेटफॉर्म रिटर्न ट्रेनों को खड़ा करने और टर्मिनेट करने की क्षमता बढ़ेगी। नई लाइनों और सुधार से यात्रियों और अतिरिक्त ट्रेनों दोनों के संचालन में काफी मदद मिलेगी।

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Priyanshi Chaturvedi 3 April 2026

मध्य प्रदेश के 7 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। वित्तीय विभाग ने महंगाई भत्ता ( महंगाई भत्ता ) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का आदेश जारी किया है। इससे डीए 55 प्रतिशत से बढ़कर 58 प्रतिशत हो जाएगा। यह आदेश 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा और बढ़ा हुआ भत्ता मई 2026 के वेतन के साथ कर्मचारियों को मिलेगा।   सरकार ने एरियर के भुगतान को लेकर बड़ा फैसला लिया है। 1 जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 तक का बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता छह समान किस्तों में कर्मचारियों को दिया जाएगा। ये किश्तें मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026 में दी जाएंगी। इससे सरकार पर एक साथ वित्तीय दबाव नहीं पड़ेगा और कर्मचारियों को नियमित भुगतान मिलता रहेगा।   जो कर्मचारी 1 जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच सेवानिवृत्त हुए हैं या जिनका निधन हो गया है, उन्हें या उनके नामांकित सदस्य को एरियर की पूरी राशि एकमुश्त प्रदान की जाएगी। आदेश में यह भी निर्देश दिया गया है कि 50 पैसे या उससे अधिक राशि को अगले पूर्ण रुपये में जोड़ा जाएगा और 50 पैसे से कम को छोड़ दिया जाएगा। महंगाई भत्ता वेतन का हिस्सा नहीं माना जाएगा और इसका भुगतान संबंधित विभाग के स्वीकृत बजट के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा।

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Priyanshi Chaturvedi 3 April 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले स्थित बागेश्वर धाम में हनुमान जन्मोत्सव का भव्य उत्सव शुरू हो गया है। देश और दुनिया से हजारों श्रद्धालु यहां बालाजी महाराज के दर्शन और आशीर्वाद लेने पहुंचे हैं। गुरुवार सुबह से ही महा आरती का क्रम जारी है और भक्त अपनी श्रद्धा भाव के साथ दर्शन-पूजन कर रहे हैं।   प्रमुख आयोजन और विशेषताएं: षोडशोपचार पूजन और गाय के पवित्र दुग्ध से महाभिषेक के साथ बालाजी का भव्य श्रृंगार किया गया। दरबार में 56 भोग, ताजे फल, मिठाइयां और सुगंधित फूलों से सजावट की गई, जो भक्तों को मंत्रमुग्ध कर रही है। महा आरती की दिव्य ध्वनि से धाम गूंज उठा। भीड़ को देखते हुए बालाजी के पट सामान्य समय से अधिक एक घंटे तक खोले गए। सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम: शाम 4 बजे से 6 बजे तक, श्री धाम वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी महाराज हनुमान जी की विशेष कथा का श्रवण कराएंगे। मुख्य आकर्षण के रूप में शाम को 21 हजार दीपों के बीच बालाजी की महाआरती होगी। शाम 6 बजे से मानस सम्मेलन, जिसमें क्षेत्र के विद्वान रामचरितमानस का रसपान कराएंगे। भक्तिमय माहौल को और खास बनाने के लिए प्रसिद्ध भोजपुरी गायक रितेश पांडे अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा गुजरात से आए कलाकार भी सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करेंगे।   पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया कि अब हनुमान जन्मोत्सव भी रामनवमी और महाशिवरात्रि की तरह प्रतिवर्ष भव्यता के साथ मनाया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता का संदेश भी देना है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 2 April 2026

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने 2 अप्रैल 2026 को सुबह 4:05 बजे आर्टेमिस II मिशन (Artemis II) लॉन्च कर इतिहास रचा। यह मिशन 1972 के अपोलो-17 के बाद पहली बार मानव को चंद्रमा के करीब ले जाने वाला है। फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) और ओरियन स्पेसक्राफ्ट में चार अंतरिक्ष यात्री रवाना हुए। यह मिशन न केवल तकनीकी परीक्षण है बल्कि भविष्य के चंद्र अभियानों और मानव बस्ती की तैयारी के लिए भी अहम माना जा रहा है।   लॉन्चिंग से एक घंटे पहले लॉन्च अबॉर्ट सिस्टम में तकनीकी समस्या आई थी, लेकिन समय रहते इसे ठीक कर मिशन सफलतापूर्वक उच्च कक्षा में पहुँच गया। इस चरण में अंतरिक्ष यात्री ओरियन के सभी महत्वपूर्ण सिस्टम जैसे लाइफ सपोर्ट, थ्रस्टर और नेविगेशन की जांच कर रहे हैं। मैनुअल पायलटिंग का अभ्यास भी किया जा रहा है ताकि किसी आपात स्थिति में नियंत्रण बनाए रखा जा सके।   हाई अर्थ ऑर्बिट में परीक्षण पूरा होने के बाद यान ट्रांस लूनर इंजेक्शन प्रक्रिया शुरू करेगा, जिससे यह पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण सीमा से बाहर चंद्रमा की ओर बढ़ेगा। लगभग चार दिनों की यात्रा के बाद अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के करीब पहुंचेंगे और फ्री रिटर्न ट्राजेक्टरी का उपयोग करके बिना अतिरिक्त ईंधन खर्च किए पृथ्वी पर लौटेंगे। यह मिशन पिछले 54 वर्षों में डीप स्पेस में सबसे दूर तक मानव मिशन साबित हुआ और आने वाले आर्टेमिस III मिशन के लिए महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करेगा।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 2 April 2026

भारत ने रक्षा उपकरणों के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वित्त वर्ष 2025-26 में देश का रक्षा निर्यात ₹38,424 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 62.66% की वृद्धि दर्शाता है। यह उपलब्धि 2014 में सिर्फ ₹600 करोड़ के निर्यात से तुलना करने पर और भी प्रभावशाली लगती है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के अनुसार, यह वृद्धि देश की स्वदेशी क्षमताओं और उन्नत विनिर्माण शक्ति में वैश्विक विश्वास को दर्शाती है।   इस उपलब्धि में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र दोनों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (DPSU) का निर्यात में हिस्सा 54.84% रहा, जबकि निजी उद्योगों ने 45.16% का योगदान दिया। रक्षामंत्री ने बताया कि वर्तमान में निजी उद्योग रक्षा प्लेटफॉर्म, उपकरण और सहायक प्रणालियों में लगभग 25% योगदान दे रहे हैं, जो निकट भविष्य में कुल उत्पादन का 50% तक पहुंच सकता है।   भविष्य की योजनाओं पर भी जोर देते हुए राजनाथ सिंह ने बताया कि सरकार का लक्ष्य है कि वित्त वर्ष 2029-30 तक रक्षा निर्यात ₹50,000 करोड़ तक पहुंचे। उन्होंने भारतीय नौसेना के लिए ऑर्डर किए गए सभी युद्धपोत और पनडुब्बियों के डिजाइन, निर्माण और लाइफसाइकल सपोर्ट भारतीय शिपयार्ड में करने को आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ठोस कदम बताया। यह कदम भारत को वैश्विक रक्षा बाजार में और मजबूत बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक सफलता है।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 2 April 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में नया इतिहास रचते हुए सबसे लंबे समय तक सरकार चलाने वाले नेता का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने पवन कुमार चामलिंग को पीछे छोड़ते हुए 8931 दिनों तक सरकार के मुखिया के रूप में कार्य किया, जो अब तक का सबसे लंबा कार्यकाल है।   पीएम मोदी का यह सफर गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री बनने तक फैला है। उन्होंने 2001 में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद 2019 और 2024 में भी लगातार जीत हासिल की। उनका राजनीतिक करियर स्थिर नेतृत्व और लगातार जनसमर्थन का उदाहरण माना जा रहा है।   पीएम मोदी ने अपने कार्यकाल को याद करते हुए बताया कि गुजरात में शुरुआती दौर में कई चुनौतियां थीं, लेकिन उन्होंने विकास को प्राथमिकता दी। उनके अनुसार, बीते वर्षों में देश में गरीबी में कमी आई है और भारत वैश्विक स्तर पर मजबूत अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है। उन्होंने ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और जनता की सेवा को सर्वोच्च बताया।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 22 March 2026

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईद के मौके पर भाजपा पर आरोप लगाया कि वह वोटर लिस्ट के जरिए लोगों के मतदान अधिकार छीनने की कोशिश कर रही है। कोलकाता के रेड रोड पर नमाज के बाद जनता को संबोधित करते हुए ममता ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस लोकतंत्र और हर नागरिक के अधिकार की रक्षा के लिए आखिरी दम तक लड़ेगी।   तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव से पहले चल रही वोटर लिस्ट की विशेष जांच में कई लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं, खासकर अल्पसंख्यक इलाकों में। ममता ने साफ कहा कि वोटर लिस्ट के नाम पर किसी भी तरह का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भाजपा की किसी भी कोशिश का पार्टी मजबूती से मुकाबला करेगी।   ममता बनर्जी ने बंगाल की सांप्रदायिक सौहार्द की परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी मिलकर रहते हैं और राज्य में नफरत या विभाजन की राजनीति को जगह नहीं मिलेगी। इसी क्रम में सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी लोगों से धर्म के चश्मे हटाकर सोचने और भाईचारा बनाए रखने की अपील की, यह चुनावी माहौल में एक बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 21 March 2026

मध्य प्रदेश में महत्वपूर्ण राज्यसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही एक नए मोड़ ने राजनीतिक मुकाबले को और भी रोमांचक बना दिया है। विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा ​​को सुप्रीम कोर्ट से अयोग्यता पर राहत मिलने के बावजूद मतदान करने से रोक दिया गया है। इस घटनाक्रम ने विधानसभा के समीकरण को चुपचाप बदल दिया है और इस बात पर अटकलें तेज कर दी हैं कि क्या कांग्रेस अपनी एकमात्र सुनिश्चित सीट पर कब्जा बरकरार रख पाएगी। राज्य की तीन राज्यसभा सीटें रिक्त होने वाली हैं और अप्रैल-मई में चुनाव होने की संभावना है, ऐसे में असली मुकाबला सीटों की संख्या पर निर्भर करेगा। 230 सदस्यीय विधानसभा में प्रत्येक सीट पर उम्मीदवार को निर्वाचित कराने के लिए 58 विधायकों की आवश्यकता होती है। 160 से अधिक विधायकों की संख्या वाली भाजपा बिना किसी परेशानी के दो सीटें जीतने की मजबूत स्थिति में है। असली मुकाबला तीसरी सीट पर है, जहां कांग्रेस की स्थिति लगातार डांवाडोल होती जा रही है। विपक्ष के उपनेता हेमंत कटारे के इस्तीफे ने, जिसका आधिकारिक कारण "पारिवारिक कारण" बताया गया है, इस मामले में रहस्य का एक और नया मोड़ ला दिया है। कटारे ने किसी भी राजनीतिक मतभेद से इनकार किया है, लेकिन उनके पाला बदलने की अटकलें तेज हैं।  कांग्रेस, जिसके पास आधिकारिक तौर पर अब 65 विधायक हैं, असल में घटकर 63 रह गई है। बीना निर्वाचन क्षेत्र से निर्मला सप्रे नाम की एक विधायक दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता की कार्यवाही का सामना कर रही हैं, जबकि मुकेश मल्होत्रा ​​के मतदान न कर पाने से पार्टी की प्रभावी संख्या और भी कम हो गई है। इससे कांग्रेस के पास आवश्यक 58 वोटों के मुकाबले सिर्फ पांच अतिरिक्त वोट बचे हैं। भाजपा, जिसके पास 165 विधायक हैं, दो सीटें सीधे तौर पर जीत सकती है, जिसके लिए उसे 116 वोटों की आवश्यकता है। इसके बाद, उसके पास 47 अतिरिक्त वोट बचेंगे - जो तीसरी सीट के लिए आवश्यक संख्या से मात्र 11 कम हैं। हाल ही में हरियाणा और ओडिशा में हुए राज्यसभा चुनावों में अप्रत्याशित क्रॉस-वोटिंग देखने को मिली, जबकि बिहार में अनुपस्थित विधायकों ने नतीजों को पूरी तरह से बदल दिया। ऐसे में, अगर पांच-छह विधायक भी क्रॉस-वोटिंग करते हैं या मतदान से अनुपस्थित रहते हैं, तो कांग्रेस मध्य प्रदेश में अपनी एकमात्र सुनिश्चित राज्यसभा सीट खो सकती है।  कांग्रेस में बेचैनी कांग्रेस की मुश्किलें और बढ़ गई हैं उसके विधायक अभिजीत शाह का आरएसएस से जुड़े एक हिंदू सम्मेलन में शामिल होना। तिमारनी से युवा विधायक और भाजपा मंत्री विजय शाह के भतीजे शाह को मंच पर सम्मानित किया गया और बाद में उन्होंने कार्यक्रम का एक वीडियो भी साझा किया। उनके संदेश - 'हिंदू एकता ही सभी समस्याओं का समाधान है' - ने कांग्रेस के भीतर बेचैनी को और बढ़ा दिया है। इसी तरह, कांग्रेस विधायक भैरो सिंह परिहार ने पहले सार्वजनिक रूप से कहा था कि कांग्रेस में होने के बावजूद वे आरएसएस से जुड़े हुए हैं।  भाजपा भी इन्हीं आशंकाओं का फायदा उठा रही है, उसके नेता कांग्रेस के भीतर असंतोष की ओर इशारा करते हुए कह रहे हैं कि भगवा पार्टी को तीसरी सीट मिलना कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी। भाजपा विधायक मोहन सिंह राठौर ने कांग्रेस के विधायकों को संभालने के रिकॉर्ड पर भी कटाक्ष किया है। भारत आदिवासी पार्टी भी एक अप्रत्याशित भूमिका निभा रही है। इसके इकलौते विधायक कमलेश्वर डोडियार ने उम्मीदवार उतारने की मंशा जाहिर करते हुए तर्क दिया है कि आदिवासी प्रतिनिधित्व दो प्रमुख पार्टियों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए। कांग्रेस के भीतर भी उम्मीदवार को लेकर आम सहमति अभी बन रही है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने संकेत दिया है कि वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह एक मजबूत दावेदार हो सकते हैं, हालांकि उन्होंने स्वयं अपने वर्तमान पद की "गरिमा और जिम्मेदारी" का हवाला देते हुए चुनाव में उतरने से इनकार कर दिया है। सिंह पहले ही कह चुके हैं कि वे राज्यसभा में तीसरी बार चुने जाने के इच्छुक नहीं हैं, हालांकि उन्होंने पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वे अंतिम सांस तक पार्टी की सेवा करते रहेंगे।

Patrakar डॉ अजय खेमरिया

डॉ अजय खेमरिया 21 March 2026

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को मथुरा और वृंदावन पहुंची। इस दौरान उन्होंने नीम करौरी आश्रम और केलि कुंज आश्रम में भगवान राधा-कृष्ण के दर्शन किए और लेजर शो का अवलोकन भी किया।   राष्ट्रपति मुर्मू ने वृंदावन के प्रख्यात संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। कुटिया में यह बैठक निजी रखी गई थी, जिसमें केवल राष्ट्रपति, उनके परिवार के सदस्य और संत के करीबी शिष्य मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने भक्ति, निस्वार्थ सेवा और नाम जप के महत्व पर चर्चा की। राष्ट्रपति ने महाराज के सरल जीवन और उनके आध्यात्मिक उपदेशों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।   इसके अलावा राष्ट्रपति मुर्मू 21 मार्च को गोवर्धन गिरिराज परिक्रमा करेंगी। वे दानघाटी मंदिर में गिर्राजजी का दुग्धाभिषेक करेंगी और गोल्फ कार्ट के माध्यम से 21 किलोमीटर की परिक्रमा पूरी करेंगी। यह परिक्रमा करने वाली वे देश की पहली राष्ट्रपति बनेंगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 20 March 2026

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव 21 मार्च को जयपुर में उद्योगपतियों के साथ इंटरैक्टिव सेशन करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योग जगत को राज्य की नई औद्योगिक नीतियों, बेहतर अधोसंरचना और निवेश अवसरों से अवगत कराना है। आईटीसी राजपूताना में आयोजित इस सेशन में कृषि, फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, टेक्सटाइल, गारमेंट्स, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, नवीकरणीय ऊर्जा, माइनिंग और पर्यटन क्षेत्रों के उद्योगपति और संगठन शामिल होंगे।   डॉ. यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश अब केवल संभावनाओं तक सीमित नहीं रहा है। नीतिगत स्पष्टता, त्वरित निर्णय क्षमता और मजबूत औद्योगिक आधार के कारण राज्य निवेश को धरातल पर उतारने में अग्रणी बन गया है। निवेश केवल पूंजी नहीं, बल्कि रोजगार सृजन, कौशल विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और क्षेत्रीय विकास का माध्यम है। जयपुर सत्र में वन-टू-वन बैठक के जरिए सेक्टर-विशेष अवसरों, परियोजना स्तर के सहयोग और समयबद्ध निवेश क्रियान्वयन पर चर्चा होगी।   मध्य प्रदेश ने हाल ही में 18 नई औद्योगिक नीतियां लागू की हैं और दो ‘जन विश्वास अधिनियमों’ के माध्यम से प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया है। उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क, नर्मदापुरम में पावर एवं रिन्यूएबल एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन, ग्वालियर में फुटवियर पार्क, जबलपुर में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब और धार में पीएम मित्रा पार्क जैसी पहलें राज्य के औद्योगिक विकास को संतुलित रूप से बढ़ावा दे रही हैं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और रीवा में विकसित हो रहे आईटी और ग्लोबल स्किल्स पार्क राज्य के नवाचार, कौशल और प्रतिभा विकास को गति दे रहे हैं।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 20 March 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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मध्य प्रदेश सरकार ने राजनीतिक नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू करते हुए नए राज्य वित्त आयोग, मध्यप्रदेश का गठन किया है। आयोग का अध्यक्ष पूर्व मंत्री जयपाल सिंह पवैया होंगे। इसके साथ ही केके. सिंह सदस्य और वीरेंद्र कुमार सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे, जबकि अन्य सदस्यों की नियुक्ति बाद में की जाएगी। आयोग का गठन भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 और मध्य प्रदेश राज्य वित्त आयोग अधिनियम, 1994 के तहत राज्यपाल द्वारा किया गया है।   आयोग का कार्यकाल 1 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 31 अक्टूबर 2026 तक रहेगा। मुख्य उद्देश्य पंचायतों और नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति का पुनर्विलोकन करना है। आयोग राज्य और स्थानीय निकायों के बीच कर, शुल्क, पथकर और अन्य आय के वितरण के सिद्धांत तय करेगा। इसके साथ ही पंचायतों और नगरीय निकायों को मिलने वाले अनुदानों और वित्तीय संसाधनों के न्यायसंगत बंटवारे पर सिफारिशें भी देगा।   नए आयोग की सिफारिशों में भूमि कर और राजस्व बंटवारा, पेट्रोलियम उत्पादों से मिलने वाले कर का हिस्सा, पंचायतों व नगरपालिकाओं की ऋण सीमा और पुनर्भुगतान व्यवस्था, स्थानीय निकायों के व्यय और आय का संतुलन, जन-सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार, पर्यावरण संरक्षण और योजनाओं के प्रभावी संचालन के उपाय शामिल होंगे। आयोग की सिफारिशें राज्यपाल को पांच साल की अवधि में प्रस्तुत की जाएंगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 20 March 2026

इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) ने मैनेजमेंट ट्रेनी (MT) 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह भर्ती GATE 2025 के माध्यम से की जाएगी। कुल 52 रिक्तियां हैं, जिनमें केमिकल, मैकेनिकल, सिविल और इलेक्ट्रिकल शाखाओं के लिए MT (Construction) और MT (Other) पद शामिल हैं। आवेदन के लिए उम्मीदवारों के पास संबंधित विषय में पूर्णकालिक BE/B.Tech/B.Sc (Engineering) डिग्री और न्यूनतम 65% अंक होना अनिवार्य है। केवल वे उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने 2024 या 2025 में परीक्षा उत्तीर्ण की हो या अभी अंतिम वर्ष में अध्ययनरत हों। 2023 या उससे पहले उत्तीर्ण उम्मीदवार इस भर्ती के लिए पात्र नहीं हैं।   नियुक्ति के बाद उम्मीदवार को मासिक ₹60,000 वेतन, आवास और परिवहन सुविधाएँ मिलेंगी। यदि आवास या परिवहन उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं तो 15,000 रुपये का भत्ता दिया जाएगा। स्थायी वेतनमान ₹60,000 से ₹1,80,000 तक है, जबकि सालाना अनुमानित पैकेज (CTC) लगभग ₹20.31 लाख होगा, जिसमें सेवानिवृत्ति लाभ, प्रदर्शन आधारित बोनस और परियोजना स्थल के अनुसार भत्ते शामिल हैं।

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Priyanshi Chaturvedi 18 March 2026

गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन की राज एम्पायर सोसायटी में हरीश राणा के घर में हर ओर आध्यात्मिकता की छाप देखने को मिलती है। मुख्य गेट से लेकर घर के अंदर तक प्रजापिता ब्रह्माकुमारी से जुड़े चित्र लगे हैं, जो परिवार की गहरी आस्था को दर्शाते हैं। पिता अशोक राणा प्रतिदिन सुबह और शाम ध्यान व पूजा करते हैं। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उनका विश्वास अडिग बना हुआ है। वे गोमाता को नियमित रूप से भोजन कराते हैं और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय रहते हैं। अशोक राणा पेशे से कुशल शेफ हैं। सोसायटी के लोगों के अनुसार वे आसपास के इलाकों में सैंडविच की सप्लाई करते हैं और सप्ताहांत पर खासे व्यस्त रहते हैं। पहले वे एक पांच सितारा होटल में काम करते थे, लेकिन सेवानिवृत्ति के बाद परिवार के भरण-पोषण के लिए सैंडविच बनाकर बेचने लगे।

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Priyanshi Chaturvedi 18 March 2026

स्कूल शिक्षा में बड़े बदलाव के तहत एनसीईआरटी ने नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप पाठ्यक्रम और किताबों में बदलाव की जानकारी दी है। इसके अनुसार, कक्षा 10 और 11 के लिए नई किताबें सत्र 2027-28 से लागू होंगी, जबकि 2026-27 में छात्र पुरानी किताबों से ही पढ़ाई जारी रखेंगे। एनसीईआरटी ने बताया कि यह बदलाव चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। कक्षा 1 से 8 तक की नई किताबें पहले ही तैयार की जा चुकी हैं और ये प्रिंट के साथ-साथ डिजिटल रूप में भी उपलब्ध हैं। ये पुस्तके राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2023 के आधार पर तैयार की गई हैं, ताकि पढ़ाई अधिक व्यावहारिक और छात्र-केंद्रित बन सके। कक्षा 9 के लिए नया सिलेबस सत्र 2026-27 से लागू होगा। इसका ड्राफ्ट जारी कर दिया गया है और शिक्षकों व विशेषज्ञों से सुझाव मांगे जा रहे हैं। एनसीईआरटी ने स्कूलों और शिक्षकों से अपील की है कि वे इस बदलाव के अनुरूप तैयारी शुरू कर दें।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 18 March 2026

गुजरात में जल्द ही यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू हो सकता है। इसके लिए गठित पांच सदस्यीय समिति ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में विवाह, तलाक, संपत्ति और गोद लेने जैसे मामलों में सभी धर्मों और समुदायों के लिए समान कानूनी ढांचा लागू करने का सुझाव दिया गया है। गुजरात सरकार इस रिपोर्ट पर मंत्रियों और अधिकारियों के साथ आज चर्चा करेगी।     रिपोर्ट को 23 मार्च को विधानसभा में रखा जा सकता है और 24 मार्च को बिल पेश किए जाने की संभावना है, जो इस बजट सत्र का अंतिम दिन भी है। समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। ड्राफ्ट में खास तौर पर महिलाओं के समान अधिकार और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है, साथ ही गुजरात की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता का ध्यान रखते हुए सिफारिशें तैयार की गई हैं।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 17 March 2026

मिडिल ईस्ट में ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब हवाई यात्रा पर भी दिखने लगा है। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) महंगा हो गया है, जिसके बाद एयरलाइंस कंपनियों ने किराए में बढ़ोतरी शुरू कर दी है। एयर इंडिया के बाद इंडिगो ने भी घरेलू उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज लागू कर दिया है, जिससे यात्रियों को अब पहले से ज्यादा किराया चुकाना पड़ रहा है।   इंडिगो ने घरेलू उड़ानों पर 425 रुपये से लेकर 2300 रुपये तक फ्यूल सरचार्ज लगाना शुरू किया है। इसका असर खासतौर पर भोपाल से हैदराबाद, बेंगलुरु और पुणे जैसे शहरों की उड़ानों पर देखा जा रहा है, जहां यात्रियों से ज्यादा किराया लिया जा रहा है। दो दिन पहले एयर इंडिया ने भी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज लगाने की घोषणा की थी।   हर साल होली के बाद एयरलाइंस कंपनियां लो-फेयर स्कीम जारी करती हैं, जिसके तहत 30 दिन पहले टिकट बुक करने पर सस्ते किराए मिलते हैं। लेकिन इस बार युद्ध जैसे वैश्विक हालात के कारण किसी भी एयरलाइन ने ऐसी स्कीम शुरू नहीं की है। भोपाल एयरपोर्ट से फिलहाल इंडिगो की 14 जोड़ी और एयर इंडिया की तीन जोड़ी उड़ानों का संचालन हो रहा है। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी के अनुसार किराया तय करना एयरलाइंस कंपनियों का अधिकार होता है और यह वैश्विक परिस्थितियों व बुकिंग पर निर्भर करता है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 15 March 2026

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में महिला छात्रों और कामकाजी महिलाओं के लिए पीरियड्स में पेड लीव देने की याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। मुख्य न्यायाधीश धनंजय वाई. चंद्रचूड़ ने कहा कि अगर ऐसा कानून बनाया गया तो नियोक्ता महिलाओं को काम नहीं देंगे और उनका करियर प्रभावित होगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाएं अनजाने में महिलाओं के बारे में बने रूढ़ियों को मजबूत कर सकती हैं।   CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि पेड पीरियड्स लीव लागू करने से सामाजिक और व्यावसायिक असर पड़ सकता है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अगर प्राइवेट सेक्टर में हर महीने महिलाओं को छुट्टी दी जाएगी, तो नियोक्ता उन्हें जिम्मेदारी नहीं देंगे, यहां तक कि ज्यूडीशियल सर्विस में भी सामान्य मुकदमे नहीं सौंपे जाएंगे। कोर्ट ने सक्षम प्राधिकरण से पहले दिए गए आदेशों के आधार पर नीति तैयार करने का निर्देश दिया।   देश में पेड मेंस्ट्रुअल लीव के लिए कोई राष्ट्रीय नीति नहीं है, लेकिन कुछ राज्यों और कंपनियों ने इसे लागू किया है। बिहार में 1992 से सरकारी महिला कर्मचारियों को महीने में 2 दिन की छुट्टी मिलती है। कर्नाटक 2025 में पहला राज्य बना, जहां सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में यह अनिवार्य है। केरल और ओडिशा में भी सरकारी महिला कर्मचारियों और छात्राओं को प्रतिमाह 1 दिन छुट्टी मिलती है। निजी कंपनियों जैसे Zomato, Swiggy और L&T में भी महिलाएं इस सुविधा का लाभ ले रही हैं।

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  देश में बढ़ती LPG की मांग को लेकर , कालाबाजारी और जमाखोरी की शिकायतों के बीच केंद्र सरकार ने गैस सिलेंडर बुकिंग के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियम के अनुसार अब ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता एक सिलेंडर मिलने के बाद अगला LPG सिलेंडर कम से कम 45 दिन बाद ही बुक कर पाएंगे। पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि यह फैसला गैस की उपलब्धता बनाए रखने और जमाखोरी रोकने के लिए लिया गया है। इसका सीधा असर मध्यप्रदेश सहित देशभर के ग्रामीण उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।   गैस सिलेंडर बुकिंग से जुड़े नियम पिछले कुछ दिनों से लगातार बदल रहे हैं। पहले दो सिलेंडरों के बीच कोई समय सीमा तय नहीं थी, लेकिन 6 मार्च को 21 दिन का अंतर लागू किया गया। इसके बाद इसे बढ़ाकर 25 दिन किया गया और अब ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 45 दिन का लॉक-इन पीरियड लागू कर दिया गया है। हालांकि शहरी उपभोक्ताओं के लिए अभी भी 25 दिन का ही अंतर रखा गया है। सरकार का कहना है कि इससे गैस की सप्लाई संतुलित रहेगी और जरूरतमंदों तक समय पर सिलेंडर पहुंचेगा।   मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक सप्लाई पर असर के बीच सरकार LPG वितरण को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठा रही है। कई राज्यों के साथ मध्यप्रदेश में भी गैस गोदामों पर छापेमारी की गई है, जहां जमाखोरी के मामले सामने आए। अब सिलेंडर डिलीवरी के समय उपभोक्ता के मोबाइल पर OTP भेजा जाएगा, जिसे देने के बाद ही डिलीवरी पूरी मानी जाएगी। सरकार ने लोगों से अपील की है कि पैनिक बुकिंग या जरूरत से ज्यादा सिलेंडर स्टॉक न करें, ताकि असली जरूरतमंद परिवारों को परेशानी न हो।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 14 March 2026

    खरगोन के भगवानपुरा तहसील के धूलकोट गांव में फाग उत्सव के दूसरे दिन आदिवासी भिलाला समाज की अनूठी परंपरा ‘गुड़ तोड़’ का आयोजन हुआ। यह परंपरा हर दो वर्ष में मनाई जाती है। इस बार भी बड़ी संख्या में समाजजन और आसपास के जिलों से लोग इस कार्यक्रम को देखने पहुंचे। पूरे गांव में उत्सव का माहौल देखने को मिला।   कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान और भूमि पूजन के साथ हुई। इसके बाद बाजार चौक में करीब 12 फीट ऊंचा खंभा गाड़ा गया। खंभे के ऊपरी हिस्से में लाल कपड़े में गुड़ और चने की पोटली लटकाई गई। यही पोटली उतारना ‘गुड़ तोड़’ परंपरा का मुख्य आकर्षण होता है और इसका रोमांच दर्शकों के लिए सबसे बड़ा उत्सव बन जाता है।   पोटली को उतारने के लिए युवाओं की टीमें आगे बढ़ती हैं, लेकिन इस दौरान महिलाएं और बालिकाएं उन्हें सोटियों की मार देती हैं। सोटियों की मार से बचते हुए युवाओं को खंभे तक पहुंचकर पोटली उतारनी होती है। इसी वजह से यह आयोजन न केवल रोमांचक बनता है बल्कि समाज की सांस्कृतिक झलक भी दिखाता है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 11 March 2026

बड़वानी जिले के अंजड़ थाना क्षेत्र में खरगोन से आ रही मां शक्ति यात्री बस (एमपी 37 पी 1711) अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खेत में जा घुसी। यह घटना राजू गांधी नगर के पास हुई, जिसमें बस में सवार 30 से अधिक यात्री थे। हादसे में कई यात्रियों को चोटें आईं, लेकिन चालक की सूझबूझ से बस पलटने जैसी बड़ी घटना टल गई।   प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस का हैंडल लॉकर टूट जाने के कारण वाहन नियंत्रण से बाहर हो गया और सड़क से उतरकर खेत में चला गया। चालक रवि की सावधानी और अनुभव की वजह से बड़ा हादसा नहीं हुआ। घटना के समय बस में महिलाएं और पुरुष सभी सवार थे, और कई यात्री मामूली एवं गंभीर चोटों के साथ बाल-बाल बच गए।   हादसे में घायल यात्रियों को राजपुर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल दिनेश पिता बाबूलाल को बड़वानी जिला अस्पताल रेफर किया गया, जबकि अन्य यात्रियों का प्राथमिक उपचार स्वास्थ्य केंद्र में किया गया। पुलिस ने मौके पर जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों का अध्ययन किया जा रहा है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 11 March 2026

  जबलपुर हाईकोर्ट में एक याचिकाकर्ता अपने बैग में भ्रूण लेकर कोर्ट रूम तक पहुंच गया, जिसे गंभीर सुरक्षा चूक माना गया है। घटना के बाद एसपी सम्पत उपाध्याय ने सुरक्षा में तैनात चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। प्रारंभिक जांच में उनके लापरवाह रवैये की पुष्टि हुई है, जिसमें एक एएसआई और तीन हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल शामिल हैं।   रीवा जिले के बैकुंठपुर निवासी दयाशंकर पांडे अपनी याचिका की पैरवी करने कोर्ट आए थे। उनके अनुसार, वर्ष 2024 के चुनाव हारने के बाद लगातार उन पर हमले हुए। 1 मार्च को बाइक दुर्घटना में उनकी पत्नी घायल हुई और 8 मार्च को गर्भपात हुआ। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में अपनी सुरक्षा और न्याय की मांग करते हुए मामला उठाया।   जांच में पता चला कि गेट नंबर-6 पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने याचिकाकर्ता की बैग जांच में लापरवाही की और उसकी गतिविधियों को नजरअंदाज किया। इस पर एसपी ने एएसआई मुन्ना अहिरवार, हेड कांस्टेबल ब्रह्मदत्त खत्री, हेड कांस्टेबल अरुण उपाध्याय और कांस्टेबल प्रतीक सोनकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एसपी ने कहा कि यह कदम न्यायालयीन सुरक्षा में सुधार और लापरवाहियों को रोकने के लिए उठाया गया।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 11 March 2026

भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है, जिसमें उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए गए थे। यह मामला भोपाल के इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज के संचालन और कथित फर्जी दस्तावेजों से जुड़ा है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले में भोपाल पुलिस कमिश्नर को आरिफ मसूद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और पुलिस महानिदेशक को एसआईटी बनाकर जांच करने के सख्त निर्देश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल चंदूरकर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि राज्य सरकार का पक्ष जाने बिना हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश जारी करना उचित नहीं था और यह पहली नजर में काफी कठोर प्रतीत होता है।   सुप्रीम कोर्ट में आरिफ मसूद की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तंखा ने की। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने बिना सरकार का पक्ष सुने ही FIR और SIT का आदेश जारी कर दिया, जो न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार सही नहीं है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि मामला अभी हाईकोर्ट में विचाराधीन है और सभी पक्षों को अपनी दलीलें प्रस्तुत करने के बाद हाईकोर्ट ही अंतिम निर्णय करेगा।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 10 March 2026

आबकारी नीति मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी याचिका दायर की है। ईडी ने 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट के आदेश में उसके खिलाफ की गई टिप्पणियों को हटाने की मांग की है। एजेंसी का कहना है कि ट्रायल कोर्ट ने बिना उसका पक्ष सुने और बिना सबूतों की जांच किए टिप्पणियां की हैं, जो अनुचित और बेवजह हैं। इस मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत 23 अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी किया गया है। ईडी की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने हाईकोर्ट में कहा कि ट्रायल कोर्ट ने एजेंसी के खिलाफ टिप्पणियां करते समय उसका पक्ष नहीं सुना, जबकि ऐसी टिप्पणियां करने से पहले एजेंसी को मौका दिया जाना जरूरी था। न्यायाधीश स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने सभी पक्षकारों को नोटिस जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च 2026 को तय की है। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई की याचिका पर सुनवाई करते हुए राउन एवेन्यू कोर्ट की केंद्रीय जांच अधिकारी और एजेंसी के खिलाफ की गई टिप्पणियों और विभागीय कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। ट्रायल कोर्ट ने सीबीआई और ईडी की जांच के बारे में सख्त टिप्पणियां करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल और अन्य आरोपियों को आरोपमुक्त किया था। ईडी अब उच्च न्यायालय से अपील कर ट्रायल कोर्ट की ओर से की गई टिप्पणियों को हटाने की मांग कर रही है।

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Priyanshi Chaturvedi 10 March 2026

पंजाब जल संसाधन विभाग ने इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) के राजस्थान फीडर (आईजीएफ) को 20 मार्च से 3 मई 2026 तक रीलाइनिंग कार्य के चलते बंद करने की अधिसूचना जारी की है। इस डेढ़ माह की बंदी का उद्देश्य पंजाब में शेष नहर खंडों का निर्माण कार्य पूरा करना बताया गया है। जल संसाधन विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि इस दौरान पेयजल को प्राथमिकता दी जाएगी, लेकिन लंबी बंदी के कारण राजस्थान के 12 जिलों में पीने के पानी की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। आईजीएनपी श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर सहित पश्चिमी राजस्थान के 49 कस्बों और करीब 7,500 गांवों में लगभग 1.7 करोड़ लोगों को जलापूर्ति करता है। किसानों और स्थानीय लोगों में सिंचाई संकट को लेकर चिंता है। राज्य सरकार ने पहले से तैयारी की है कि बंदी के पहले चरण (15 दिन) में नहर में सीमित पानी छोड़ा जाए और बाद में पूर्ण बंदी लागू हो, ताकि शुरुआती दौर में पीने के पानी की आपूर्ति बनी रहे। पिछले वर्ष आईजीएनपी बंदी के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार भी सरकार ने आपातकालीन जल भंडारण बढ़ाने और नहर पाइपलाइनों के ट्यूबवेलों की मरम्मत जैसी तैयारियां की हैं। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि बंदी के दौरान आपात स्थिति में पेयजल आपूर्ति के लिए प्रति सेकंड लगभग 2,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। इससे सीमांत इलाकों में भी पीने के पानी की आपूर्ति चालू रहेगी और आपातकालीन जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा। किसानों और नागरिकों से आग्रह किया गया है कि इस अवधि में जल का संयमित उपयोग करें।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 10 March 2026

  पश्चिम एशिया में अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब लगातार हमलों का निशाना बन रहा है। खाड़ी के इस देश के ऑयल फील्ड और एयरपोर्ट पर हाल के दिनों में ईरान के ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल हमले हुए हैं। इसी बीच रियाद में पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और सऊदी रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान की अहम बैठक हुई। बैठक में दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने पर चर्चा की और संयुक्त रणनीतिक रक्षा समझौते के तहत सहयोग की बात कही। सऊदी अरब के शायबा ऑयल फील्ड पर ईरान द्वारा किए गए हालिया हमलों में छह ड्रोन और दो बैलिस्टिक मिसाइलें नष्ट कर दी गईं। यह क्षेत्र यूएई की सीमा के पास स्थित है और इस हमले के बाद ईरान की सक्रिय भागीदारी सामने आई है। पाकिस्तान की कूटनीतिक भूमिका अब और महत्वपूर्ण हो गई है। उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने संसद में खुलासा किया कि पाकिस्तान ने ईरान से संपर्क कर सुनिश्चित किया कि सऊदी अरब की जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ नहीं किया जाएगा। हालांकि, अगर ईरान द्वारा हमले जारी रहते हैं और पाकिस्तान-सऊदी रक्षा समझौता सक्रिय होता है, तो संघर्ष केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा। पाकिस्तान का शामिल होना दक्षिण एशिया को भी इस जटिल जंग में खींच सकता है, क्योंकि पाकिस्तान और ईरान की लंबी सीमा है। ऐसे हालात में क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका है।    

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Priyanshi Chaturvedi 7 March 2026

  अहमदाबाद में रविवार को होने वाले टी20 फाइनल मैच को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने नई दिल्ली से साबरमती के लिए एक विशेष ट्रेन चलाने का फैसला किया है। यह कदम हवाई टिकटों की बढ़ी कीमत और उपलब्धता की कमी को देखते हुए लिया गया है, जिससे मैच देखने जाने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके। विशेष ट्रेन नई दिल्ली से रात 11:45 बजे रवाना होगी और दिल्ली कैंट, गुरुग्राम और जयपुर होते हुए साबरमती पहुंचेगी। ट्रेन कल दोपहर 2:30 बजे साबरमती स्टेशन पर पहुंचने का अनुमान है। इस यात्रा की कुल अवधि लगभग 14 घंटे 45 मिनट होगी। विशेष ट्रेन संख्या 04062 में कुल 19 कोच लगाए गए हैं, जिनमें थर्ड एसी और सेकंड एसी की सुविधा उपलब्ध है। रेलवे ने इस सेवा को मैच के हजारों दर्शकों की सुविधा के लिए चलाया है ताकि वे आरामदायक और सुरक्षित यात्रा कर सकें। रेलवे ने यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए इस विशेष ट्रेन की व्यवस्था की है। इस ट्रेन के माध्यम से क्रिकेट फैंस को सीधे मैच स्थल तक पहुँचने का अवसर मिलेगा और वे बिना किसी झंझट के अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे। ट्रेन में यात्रा करने वाले लोग आरामदायक कोचों और सुविधाजनक सेवाओं का लाभ उठा पाएंगे।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 7 March 2026

  संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम घोषित होते ही रीवा जिले में खुशी का माहौल है। जिले की बेटी समीक्षा द्विवेदी ने परीक्षा में 56वीं रैंक हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनके इस शानदार प्रदर्शन पर परिवार, मित्र और पूरे समाज में उत्साह की लहर है। उनके मामा गोपाल कृष्ण तिवारी ने बताया कि समीक्षा की सफलता के पीछे उनकी कठोर मेहनत, अनुशासन और लगन ही मुख्य कारण हैं। दिन-रात की मेहनत के बाद उनका सपना आखिरकार साकार हुआ। समीक्षा की शुरुआती पढ़ाई इंदौर में हुई। इसके बाद उन्होंने चेन्नई स्थित SRM Institute of Science and Technology से बीटेक की डिग्री पूरी की और आगे की पढ़ाई के लिए IIT Kanpur में प्रवेश लिया। पिछले चार-पांच वर्षों से वे लगातार यूपीएससी की तैयारी कर रही थीं। इससे पहले वे दो बार इंटरव्यू तक पहुंच चुकी थीं, लेकिन अंतिम चयन सूची में जगह नहीं बना पाई थीं। पिछले साल वे महज आठ अंकों से चयन से चूक गई थीं, लेकिन इस बार उन्होंने अपनी मेहनत और रणनीति से सफलता हासिल कर ली। समीक्षा के पिता श्रीनिवास द्विवेदी मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भोपाल में क्षेत्रीय अधिकारी हैं। उनका पैतृक गांव मऊगंज जिले का डगदुआ है। शादी के बाद उनके पति बैंक ऑफ इंडिया में कार्यरत हैं। उनकी सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है, यह दिखाती है कि लगातार मेहनत और संघर्ष से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 7 March 2026

Madhya Pradesh में इस साल मार्च की शुरुआत से ही गर्मी ने तेज तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। आमतौर पर अप्रैल में महसूस होने वाली तेज गर्मी इस बार मार्च के पहले सप्ताह में ही नजर आने लगी है। प्रदेश का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है और मौसम विभाग ने अगले चार दिनों में तापमान 40 डिग्री के आसपास पहुंचने की संभावना जताई है। गुरुवार को Narmadapuram प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां इस सीजन में पहली बार तापमान 39 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। गर्मी का असर खासतौर पर Gwalior, Chambal और Sagar संभाग में ज्यादा देखा जा रहा है। इन क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 4 डिग्री तक अधिक दर्ज किया जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आसमान साफ रहने के कारण सूरज की तेज किरणें सीधे जमीन पर पड़ रही हैं, जिससे दिन के समय तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।   प्रदेश के बड़े शहरों में भी गर्मी का असर दिखाई दे रहा है। Indore, Ujjain, Jabalpur और Gwalior में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जबकि Bhopal में अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के मुताबिक अगले चार दिनों में तापमान 3 से 4 डिग्री तक और बढ़ सकता है। अनुमान है कि अप्रैल और मई में प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है और 15 से 20 दिन तक लू चलने की संभावना है। 

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 6 March 2026

शहर के बीटीआई रोड इलाके में आवारा कुत्तों के आतंक का मामला सामने आया है। यहां घर के बाहर टहलने निकली 65 वर्षीय सेवानिवृत्त महिला प्रतिभा मोडक पर अचानक कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि गुरुवार रात करीब 10 बजे महिला सड़क किनारे टहल रही थीं, तभी वहां मौजूद पांच से छह आवारा कुत्तों ने उन्हें घेर लिया और अचानक उन पर झपट पड़े। पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई। हमले के दौरान घबराई महिला ने खुद को बचाने के लिए भागने की कोशिश की, लेकिन कुत्तों ने उन्हें काट लिया और धक्का देकर सड़क पर गिरा दिया। गिरने के बाद कुत्तों का झुंड और आक्रामक हो गया और उन्हें घेरकर काटने लगा। इसी बीच आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत दौड़कर हस्तक्षेप किया और पत्थर फेंककर कुत्तों को भगाया। काफी प्रयास के बाद महिला को कुत्तों के चंगुल से छुड़ाया जा सका।   हमले में महिला के पैरों में कई जगह गहरे घाव हो गए, जिसके बाद उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार करते हुए एंटीबायोटिक दवाइयों के साथ रेबीज के इंजेक्शन लगाए। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आवारा कुत्तों को लेकर डर और नाराजगी है, वहीं नागरिकों ने नगर पालिका से इस समस्या पर जल्द ठोस कार्रवाई करने की मांग की है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 6 March 2026

  मध्य प्रदेश के Niwari जिले के Orchha थाना क्षेत्र के बागन गांव में उस समय सनसनी फैल गई, जब ग्रामीणों को एक मंदिर के बाहर रखा बोरा संदिग्ध हालत में मिला। जिज्ञासावश जब ग्रामीणों ने बोरा खोला तो उसमें भगवान की पांच प्रतिमाएं रखी हुई थीं। यह दृश्य देखकर ग्रामीण हैरान रह गए और देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव और आसपास के इलाके में फैल गई। ग्रामीणों के अनुसार बोरे में कुल पांच मूर्तियां थीं, जिनमें एक प्रतिमा Lord Ganesha की बताई जा रही है, जबकि अन्य चार प्रतिमाएं अलग-अलग देवी-देवताओं की हैं। प्रतिमाओं को ध्यान से देखने पर कुछ मूर्तियों के सिर पर धारदार औजार से काटे जाने जैसे गहरे निशान भी दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह सभी प्रतिमाएं करीब तीन महीने पहले मिली थीं और फिलहाल गांव के पास स्थित दांत देवी मंदिर में सुरक्षित रखी गई हैं, जहां ग्रामीण उनकी पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मूर्तिकला के जानकारों का मानना है कि तस्वीरों के आधार पर ये प्रतिमाएं अष्टधातु से निर्मित हैं और संभवतः लगभग 400 साल पुरानी हो सकती हैं। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को भी दी थी। वहीं इस मामले में एसडीओपी के.के. पांडे ने कहा कि उन्हें फिलहाल पूरी जानकारी नहीं है और वे थाना प्रभारी से चर्चा कर मामले की जांच करेंगे। प्राचीन मूर्तियों के मिलने से गांव में उत्सुकता और श्रद्धा का माहौल बना हुआ है।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 6 March 2026

 अग्निवीर वायु भर्ती के इच्छुक युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। वायुसेना ने अधिकतम आयु सीमा में एक साल की छूट देते हुए इसे पहले 21 वर्ष से बढ़ाकर 22 वर्ष कर दिया है। इससे उन उम्मीदवारों को लाभ मिलेगा जो आयु सीमा के कारण पहले आवेदन नहीं कर पा रहे थे।   हाल ही में जारी किए गए कोरिजेंडम के अनुसार अब ऐसे अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं जिनका जन्म 1 जनवरी 2005 से 1 जुलाई 2009 के बीच हुआ हो। इन दोनों तिथियों को मान्य माना जाएगा। इस बदलाव के बाद अधिक संख्या में युवा भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे और देश की सेवा का अवसर पा सकेंगे।   अग्निवीर वायु भर्ती के माध्यम से युवाओं को भारतीय वायुसेना में सेवा का मौका मिलता है। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता और मेडिकल परीक्षण जैसे चरण शामिल हैं। इन सभी चरणों में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को वायुसेना में अग्निवीर के रूप में नियुक्त किया जाता है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 5 March 2026

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ से फूलो देवी नेताम को राज्यसभा उम्मीदवार के रूप में घोषित कर दिया है। राज्यसभा के लिए छत्तीसगढ़ से भाजपा ने पहले ही Laxmi Verma को उम्मीदवार बनाया था। फूलो देवी नेताम का कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद उनकी सक्रियता और अनुभव को देखते हुए कांग्रेस ने उन्हें पुनः उच्च सदन भेजने का निर्णय लिया है।   राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि कल निर्धारित है। विधानसभा सचिवालय के अनुसार, नामांकन पत्र सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक जमा किए जा सकते हैं। इसी कारण कांग्रेस नेतृत्व पर शीघ्र निर्णय लेने का दबाव बढ़ गया था, ताकि पार्टी अपने उम्मीदवार को समय रहते नामांकन प्रक्रिया में शामिल कर सके।   सूत्रों के मुताबिक, पार्टी आलाकमान ने संभावित उम्मीदवारों पर मंथन किया। चर्चा में पूर्व उपमुख्यमंत्री T.S. Singhdev, मौजूदा सांसद फूलो देवी नेताम और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij के नाम थे। संगठनात्मक संतुलन और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए फूलो देवी नेताम के नाम पर सहमति बनी और इसका औपचारिक ऐलान कर दिया गया।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 5 March 2026

ICC Men's T20 World Cup 2026 के दौरान पाकिस्तान टीम से जुड़ा एक विवाद सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, Kandy, Sri Lanka के एक होटल में ठहरने के दौरान पाकिस्तान टीम के एक खिलाड़ी ने महिला हाउसकीपिंग स्टाफ के साथ बदतमीजी की। इस घटना से टीम की छवि पर सवाल खड़े हो गए, खासकर तब जब टूर्नामेंट में टीम का प्रदर्शन पहले ही निराशाजनक रहा था और वह सुपर-8 से आगे नहीं बढ़ सकी।   मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना श्रीलंका के खिलाफ पाकिस्तान के आखिरी सुपर-8 मैच से पहले हुई थी। जब महिला स्टाफ के साथ बदसलूकी हुई तो उसने तुरंत मदद के लिए आवाज लगाई। होटल के अन्य कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और मामले की जानकारी पाकिस्तान टीम के मैनेजर Naveed Cheema को दी। इसके बाद मैनेजर ने खिलाड़ी की ओर से माफी मांगी और उस पर अनुशासनहीन व्यवहार के लिए जुर्माना भी लगाया।   रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि पाकिस्तान टीम के कुछ खिलाड़ियों और बैकरूम स्टाफ पर पहले भी टूर के दौरान गलत व्यवहार के आरोप लग चुके हैं। उदाहरण के तौर पर युवा बल्लेबाज Haider Ali को पिछले साल इंग्लैंड दौरे के दौरान मैनचेस्टर में एक मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया था, हालांकि बाद में सबूतों के अभाव में उन्हें रिहा कर दिया गया था। इसके अलावा टीम के मसाजर पर भी पहले विदेश दौरे के दौरान महिला स्टाफ के साथ गलत व्यवहार की शिकायत सामने आ चुकी है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 5 March 2026

बुरहानपुर के गोकुल चंद्रमाजी मंदिर में बुधवार को फागुन उत्सव की रौनक देखने लायक थी। फूलों की बारिश और पारंपरिक फाग गीतों की मधुर गूंज से पूरा परिसर भक्तिरस में सराबोर हो गया। “फाग खेलन बरसाने आए हैं” और “मेरी चुनर में लग गयो दाग” जैसे गीतों ने उपस्थित श्रद्धालुओं के चेहरे पर मुस्कान और मन में उल्लास का जादू बिखेर दिया।   छैल-छबीली होली में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और कार्यक्रम की शुरुआत फूलों की वर्षा के साथ हुई। मंच पर गोपियों और ग्वाल-बाल की झांकियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उत्सव का सबसे खास क्षण तब आया, जब भक्तों ने गुलाल और लड्डू उड़ाकर आपस में होली खेली, जिससे मंदिर परिसर हर तरफ रंग और उमंग से जगमगा उठा।   मंदिर प्रमुख हरिकृष्ण मुखियाजी ने बताया कि यह उत्सव बसंत पंचमी से होलिका दहन तक लगभग 40 दिनों तक मनाया जाता है। 500 साल पुरानी इस परंपरा में भक्त राधा-कृष्ण की भक्ति और ब्रजधाम की झलक का आनंद लेते हैं। कार्यक्रम के अंत में राल अर्पित कर होलिका दहन किया गया, जिससे मंदिर परिसर भक्तिमय और उत्सव के आनंद से भरपूर नजर आया।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 3 March 2026

    पीवी सिंधू अब बंगलूरू अपने घर लौट चुकी हैं। ओलंपिक पदक विजेता बैडमिंटन स्टार को ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के लिए बर्मिंघम रवाना होना था, लेकिन ईरान-इस्राइल-यूएस के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण दुबई एयरपोर्ट बंद हो गया और सिंधू वहां फंस गई थीं। इस वजह से वह समय पर इंग्लैंड नहीं पहुंच पाईं और टूर्नामेंट से बाहर रहकर घर लौटने का फैसला किया।   घर लौटने के बाद सिंधू सीधे अपने अंडर-कंस्ट्रक्शन फ्लैट पहुंचीं, जहां दीवारें टूटी हुई थीं। उनके पति वेंकट दत्ता ने चुटकी लेते हुए एक तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की और लिखा, “सिंधू घर आ चुकी हैं और उन्होंने हमारे घर के दीवारों के खिलाफ हिंसा चुनी।” सिंधू ने भी इसे इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया और जवाब में लिखा, “ऑल इंग्लैंड के मेरे स्मैश का अनुभव नहीं मिला, इसलिए लिविंग रूम को ही अपना बैडमिंटन कोर्ट बना लिया।” दोनों ने साथ में हंसने वाले इमोजी भी जोड़े। सिंधू ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी सुरक्षित वापसी की जानकारी दी और लिखा, “बैक होम इन बंगलूरू एंड सेफ। पिछले कुछ दिन बेहद तनावपूर्ण और अनिश्चित रहे, लेकिन मैं अपने घर लौटकर बेहद आभारी हूं। दुबई प्रशासन, एयरपोर्ट स्टाफ, इमिग्रेशन टीम और सभी लोगों का धन्यवाद, जिन्होंने इस मुश्किल समय में हमारी मदद की। उनकी संवेदनशीलता और पेशेवर रवैया काबिले तारीफ है।”

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 3 March 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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अहान पांडे ने अपनी पहली ही फिल्म ‘Saiyara’ से धमाकेदार शुरुआत की थी और दर्शकों व क्रिटिक्स दोनों की खूब तारीफ बटोरी। लेकिन इस सफलता के तुरंत बाद उनके लिए मुश्किलों का दौर शुरू हो गया। हाल ही में अहान ने स्क्वायर इंडिया को इंटरव्यू में खुलासा किया कि फिल्म के बाद उन्हें कंधे की गंभीर चोट के कारण एक बेहद दर्दनाक सर्जरी से गुजरना पड़ा, जिसे उन्होंने अपनी जिंदगी की सबसे चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया बताया।   अहान ने बताया कि सर्जरी के बाद उनका शरीर लगभग पूरी तरह निष्क्रिय हो गया था। सामान्य गतिविधियां करना भी मुश्किल हो गया और हाथ उठाने में भी तेज दर्द होता था। डॉक्टरों ने उन्हें लंबी आराम अवधि और नियमित फिजियोथेरेपी करने की सलाह दी। इस दौरान अहान ने पब्लिक अपीयरेंस से दूरी बनाए रखी, ताकि वे पूरी तरह स्वस्थ होकर ही फिल्म और काम पर लौट सकें।     हालांकि यह समय उनके लिए आसान नहीं था, अहान ने हिम्मत नहीं हारी। धीरे-धीरे उन्होंने अपनी फिटनेस और ताकत को बहाल किया और मानसिक रूप से भी खुद को तैयार किया। अब वे पहले से ज्यादा मजबूत महसूस कर रहे हैं और अपने नए प्रोजेक्ट्स पर पूरी तरह ध्यान दे रहे हैं। फैंस के लिए यह खुशी की बात है कि अहान पांडे पूरी तरह स्वस्थ होकर स्क्रीन पर वापसी करने के लिए तैयार हैं।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 3 March 2026

  शाहजहांपुर के पत्रकार रामाशंकर ने आरोप लगाया कि उन्हें शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को फंसाने के लिए दबाव डाला गया। उन्होंने बताया कि आशुतोष ने फोन कर दबाव बनाते हुए कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद ने बद्रीनाथ में बच्ची का यौन शोषण किया। पत्रकार को आर्थिक सहयोग का लालच भी दिया गया, लेकिन उन्होंने इसका विरोध किया और कहा कि उनके पिता दंडी संन्यासी थे, इसलिए उनकी आत्मा झूठ बोलने की अनुमति नहीं देती। रामाशंकर ने आगे कहा कि जब उन्होंने सहयोग करने से इंकार किया, तो आशुतोष ने धमकी दी कि यदि वे साथ नहीं देंगे तो उनके पास और रास्ते हैं। इस घटना ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर लगे आरोपों को लेकर विवाद को और बढ़ा दिया है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने भी कहा कि उनके ऊपर लगे आरोपों की जांच यूपी पुलिस की बजाय किसी गैर भाजपा शासित राज्य की पुलिस से कराई जाए। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वे जांच में पूरा सहयोग देंगे और चाहते हैं कि जल्दी सच सामने आए ताकि झूठ बोलने वाले बेनकाब हों।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 24 February 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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ब्रज की होली सिर्फ एक दिन का त्योहार नहीं, बल्कि पूरे 9 दिनों तक चलने वाला उत्सव है, जिसमें मथुरा-वृंदावन की गलियां भक्ति, प्रेम और रंगों से सराबोर हो जाती हैं। 25 फरवरी 2026 से शुरू होने वाली होली की औपचारिक शुरुआत बरसाना के श्री लाडली जी मंदिर में लड्डू होली से होगी, जहां भक्त और पुजारी एक-दूसरे पर लड्डू बरसाते हैं और मंदिर प्रांगण जय-जयकार और भजनों से गूंज उठता है।   26 फरवरी को बरसाना में विश्व प्रसिद्ध लट्ठमार होली खेली जाएगी, जिसमें महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में पुरुषों पर हल्की लाठियां बरसाती हैं और पुरुष ढाल से बचते हैं। इसके अगले दिन, 27 फरवरी को नंदगांव में भी लट्ठमार होली का आयोजन होगा, जहां कृष्ण भक्ति और रंगों के बीच राधे-राधे के जयकारों से माहौल जगमगाएगा।   28 फरवरी को वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में फूलों वाली होली होगी, जिसमें गुलाल की जगह फूलों की वर्षा होती है और पूरा मंदिर सुगंध और रंगों से महक उठता है। 1 और 2 मार्च को गोकुल में छड़ी मार होली और रामन रेती की होली का आयोजन होगा। 3 मार्च की रात फाल्गुन पूर्णिमा पर होलिका दहन होगा और 4 मार्च को धुलेंडी पर पूरे ब्रज में रंग, अबीर और गुलाल की धूम रहेगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 22 February 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत  दो दिवसीय प्रवास पर शनिवार देर शाम देहरादून पहुंचे। आरएसएस के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के तहत वे विभिन्न संवाद सत्रों में भाग लेंगे। आगमन के बाद वे तिलक रोड स्थित जन कल्याण व्यास में ठहरे, जहां रविवार सुबह तक उनका प्रवास निर्धारित है।   रविवार दोपहर दो बजे से नींबूवाला स्थित संस्कृति विभाग के ऑडिटोरियम में प्रमुख जनों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित होगा। इस बैठक में गढ़वाल मंडल के विभिन्न जिलों से सामाजिक और अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम को विशेष रूप से संवाद-केंद्रित रखा गया है, जिसमें मंत्री, विधायक और राजनीतिक पदाधिकारियों को शामिल नहीं किया गया है।   दूसरे दिन पूर्व सैनिकों के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित किया जाएगा। दोनों दिनों के कार्यक्रमों में लगभग एक-एक हजार लोगों के शामिल होने की संभावना है। आरएसएस के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इन बैठकों का उद्देश्य विभिन्न वर्गों के साथ विचार-विमर्श और संगठनात्मक संपर्क को मजबूत करना बताया जा रहा है।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 22 February 2026

देश में हर 10 वर्ष में होने वाली जनगणना इस बार 2027 में आयोजित की जाएगी। इसकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और मई 2026 से घरों की गिनती का कार्य प्रारंभ होगा। जनगणना-2027 के तहत प्रत्येक मकान को एक अलग पहचान के रूप में यूनिक नंबर दिया जाएगा। हाल ही में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में चार्ज अधिकारियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों को जनगणना कार्य को गंभीरता और सटीकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए।   अधिकारियों को बताया गया कि 15 से 30 अप्रैल 2026 के बीच नागरिकों को जनगणना पोर्टल पर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा दी जाएगी। इसके बाद मई 2026 से मकानों की लिस्टिंग और नंबरिंग की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रशिक्षण में स्पष्ट किया गया कि कोई भी मकान सूचीकरण से छूटना नहीं चाहिए और प्रत्येक घर को अनिवार्य रूप से एक अलग नंबर आवंटित किया जाएगा। फरवरी 2027 में घर-घर जाकर विस्तृत जनगणना की जानकारी एकत्र की जाएगी।   जनगणना के सुचारू संचालन के लिए 700 से 800 की आबादी पर एक ब्लॉक बनाया जाएगा। प्रत्येक ब्लॉक पर एक एन्युमेटर नियुक्त होगा, जबकि छह एन्युमेटर पर एक सुपरवाइजर निगरानी करेगा, जो संबंधित चार्ज अधिकारी को रिपोर्ट करेगा। प्रशिक्षण में डेटा संग्रहण, सत्यापन प्रक्रिया और जनगणना के नीति संबंधी पहलुओं की भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जिले के प्रशासनिक अधिकारी और जनगणना प्रभारी उपस्थित रहे।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 20 February 2026

होली के मद्देनजर बढ़ती यात्रा मांग को देखते हुए भारतीय रेलने विशेष किराये पर कई स्पेशल ट्रेनों के संचालन का फैसला किया है। इसके तहत लोकमान्य तिलक टर्मिनस-बनारस रेलवे स्टेशन, पुणे जंक्शन रेलवे स्टेशन-गोरखपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस –गोरखपुर के बीच स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। रेलवे के अनुसार, इन ट्रेनों का उद्देश्य त्योहार के दौरान यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध कराना है।   एलटीटी–बनारस स्पेशल (01073/01074) 25-26 फरवरी और 4-5 मार्च को एलटीटी से दोपहर 12:15 बजे रवाना होगी और तीसरे दिन रात 1:10 बजे बनारस पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन 27-28 फरवरी और 6-7 मार्च को सुबह 6:35 बजे बनारस से चलेगी। ट्रेन में एसी द्वितीय श्रेणी, एसी तृतीय श्रेणी, शयनयान, सामान्य श्रेणी और एसएलआरडी सहित कुल 22 कोच होंगे। यह ट्रेन ठाणे, कल्याण, इगतपुरी, नासिक रोड, भुसावल, खंडवा, इटारसी, रानी कमलापति, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, प्रयागराज (सूबेदारगंज) और वाराणसी सहित प्रमुख स्टेशनों पर ठहरेगी।   इसी तरह पुणे–गोरखपुर (01415/01416) और सीएसएमटी–गोरखपुर (01079/01080) स्पेशल ट्रेनें 21 फरवरी से 8/10 मार्च तक रोजाना चलाई जाएंगी। पुणे–गोरखपुर ट्रेन में 18 कोच और सीएसएमटी–गोरखपुर ट्रेन में 22 कोच लगाए जाएंगे। ये ट्रेनें दौंड, मनमाड़, भुसावल, खंडवा, इटारसी, भोपाल/रानी कमलापति, बीना, झांसी, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, गोंडा और बस्ती जैसे अहम स्टेशनों पर रुकेंगी। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे अग्रिम आरक्षण कराकर सुविधा का लाभ उठाएं।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 20 February 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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बुधवार को भारतीय शेयर बाजार मामूली बढ़त के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 10.51 अंक या 0.01% की बढ़त के साथ 83,461.47 पर और एनएसई निफ्टी 0.25 अंक बढ़कर 25,725.65 पर कारोबार कर रहा था। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 5 पैसे मजबूत होकर 90.67 पर खुला। शुरुआती बढ़त के बाद आईटी और सेवा क्षेत्र के शेयरों में गिरावट के चलते सेंसेक्स और निफ्टी नकारात्मक स्तर पर चले गए। सेंसेक्स 247.92 अंक या 0.30% गिरकर 83,203.04 और निफ्टी 70.25 अंक या 0.27% गिरकर 25,655.15 पर आ गया। इंफोसिस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टीसीएस जैसी कंपनियों के शेयर पिछड़ गए, जबकि आईटीसी, टाटा स्टील, एसबीआई और बजाज फाइनेंस लाभ में रहे।   आईटी क्षेत्र से जुड़ी अनिश्चितताओं के चलते निवेशक इस क्षेत्र में अस्थिर रहे। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वीके विजयकुमार ने कहा कि निवेशक बड़े निवेश तब तक नहीं करेंगे जब तक वैल्यूएशन आकर्षक न हो। दूसरी ओर बैंकिंग, ऑटोमोबाइल, दूरसंचार और फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्रों की ओर निवेशक रुझान दिखा सकते हैं। एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 225 1% से अधिक बढ़त के साथ था, जबकि चीन, हांगकांग और कोरिया बंद रहे। ब्रेंट क्रूड 67.59 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 995.21 करोड़ रुपये और घरेलू निवेशकों ने 187.04 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 18 February 2026

बुधवार, 18 फरवरी की सुबह यूट्यूब यूजर्स को अचानक कई घंटों तक परेशानी का सामना करना पड़ा। डाउन डिटेक्टर वेबसाइट के अनुसार यह समस्या पहले अमेरिका में रिपोर्ट हुई, उसके बाद भारत और अन्य देशों में भी यूजर्स ने वीडियो स्ट्रीमिंग नहीं कर पाने की शिकायत की। यूट्यूब की पेरेंट कंपनी गूगल ने बताया कि रिकमंडेशन सिस्टम में आई गड़बड़ी की वजह से होमपेज, YouTube एप, YouTube Music और YouTube Kids पर वीडियो दिखाई नहीं दे रहे थे। कंपनी ने कहा कि होमपेज को फिलहाल ठीक कर लिया गया है और पूरी समस्या को दूर करने के लिए टीम काम कर रही है। इस महीने केवल यूट्यूब ही ठप नहीं हुआ बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स एक्स और इंस्टाग्राम भी प्रभावित हुए। एक्स इस महीने दो बार (5 और 16 फरवरी) डाउन हुआ, जिससे यूजर्स फीड रिफ्रेश और पोस्ट शेयर नहीं कर पाए। वहीं, 5 फरवरी को इंस्टाग्राम पर भी हजारों यूजर्स को मैसेज भेजने और पोस्ट अपलोड करने में दिक्कत हुई।   साल 2025 में इंटरनेट और क्लाउड सेवाओं में कई बड़े आउटेज हुए। अक्टूबर में Amazon Web Services, नवंबर में Cloudflare, जून में Google Cloud और अक्टूबर में Microsoft Azure जैसी बड़ी कंपनियों की सेवाएं कई घंटों तक ठप रहीं। यूट्यूब, नेटफ्लिक्स, स्नैपचैट, स्पॉटिफाई, ट्विच और PlayStation नेटवर्क समेत कई प्लेटफॉर्म्स प्रभावित हुए। भारत में यूट्यूब के 50 करोड़ से अधिक मंथली एक्टिव यूजर्स हैं और यह देश के सबसे बड़े डिजिटल बाजारों में शामिल है

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 18 February 2026

  हेमंत विरमानी, भारतीय मूल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर और टेक मैनेजर, अमेरिका के वॉशिंगटन में रहते हैं। उन्होंने करीब 11.5 साल तक अमेजन में काम किया और अक्टूबर 2025 में कंपनी की छंटनी में उनकी नौकरी चली गई। हेमंत अमेजन में सीनियर मैनेजर, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के पद पर थे और उनकी जिम्मेदारी इंजीनियरिंग टीम का नेतृत्व करना और टेक्नोलॉजी की रणनीति तैयार करना था। उनका काम खास तौर पर दुनिया भर में ऑनलाइन सामान बेचने की तकनीक को बेहतर बनाना था।   नौकरी जाने के बाद हेमंत ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने परिवार और खासकर अपनी बेटी से प्रोत्साहन पाया, जिसने उन्हें नई शुरुआत करने के लिए प्रेरित किया। बेटी की बातों और समर्थन ने हेमंत को अपने करियर में नए अवसरों की तलाश शुरू करने में मदद की।   अब हेमंत विरमानी अपने अनुभव और तकनीकी विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए नई कंपनियों और स्टार्टअप्स में परामर्श और नेतृत्व की भूमिकाएं निभा रहे हैं। उनका कहना है कि नौकरी छूटना एक चुनौती था, लेकिन सही मानसिकता और परिवार के समर्थन से इसे अवसर में बदला जा सकता है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 18 February 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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मध्यप्रदेश के सरकारी आईटीआई संस्थानों में लंबे समय से कार्यरत लगभग 900 अतिथि शिक्षक नियमित भर्ती प्रक्रिया को लेकर परेशान हैं। विभाग ने 1,120 प्रशिक्षण अधिकारी (टीओ) पदों पर भर्ती निकाली है, लेकिन इसमें अतिथि शिक्षकों को न तो आरक्षण मिला, न अनुभव का लाभ और न ही आयु सीमा में छूट दी गई। इससे उनकी नौकरी की उम्मीदें लगभग धूमिल हो गई हैं। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि कई लोग पिछले 10 से 15 वर्षों से न्यूनतम मानदेय पर संस्थानों को संभालते रहे हैं। अब जबकि नियमित नियुक्ति का अवसर आया है, उन्हें सामान्य अभ्यर्थियों की तरह प्रतियोगिता में खड़ा कर दिया गया है। कई शिक्षक आयु सीमा पार कर चुके हैं, जिससे उनकी भर्ती की संभावना और कम हो गई है। अन्य विभागों में अलग नीति अपनाए जाने का आरोप भी है। स्कूल शिक्षा विभाग में अतिथि शिक्षकों को 50 प्रतिशत आरक्षण मिलता है, जबकि उच्च शिक्षा विभाग में 25 प्रतिशत आरक्षण और अनुभव के अंक का प्रावधान है। आईटीआई अतिथि शिक्षकों को इसका कोई लाभ नहीं मिला। उच्च शिक्षा में भी कई अतिथि विद्वान नियुक्ति से बाहर हैं, जबकि मंत्री इंदर सिंह परमार ने नियम तैयार कर उन्हें नियमित करने की बात कही थी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 17 February 2026

अब हर विश्वविद्यालय को यूजी और पीजी की तरह पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया का कैलेंडर अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक करना होगा। इसका उद्देश्य प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और छात्रों को समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराना है। पहले कई विश्वविद्यालय पीएचडी की तारीखें, सीटों की संख्या और पात्रता शर्तें स्पष्ट रूप से नहीं बताते थे, जिससे सीटें खाली रह जाती थीं और उम्मीदवारों के लिए प्रक्रिया असमंजसपूर्ण बन जाती थी। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने निर्देश दिए हैं कि विश्वविद्यालय पीएचडी प्रवेश की पूरी जानकारी अपलोड करें। सूत्रों के अनुसार, कुछ विश्वविद्यालयों में चुनिंदा अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश में आसान रास्ता बनाए जाने के आरोप लगते रहे हैं। अब समय-सीमा और पात्रता नियम स्पष्ट होने से यह समस्या कम होगी और सीटें खाली नहीं रह पाएंगी। बीहार यूनिवर्सिटी में करीब 40 विषयों में कुल 2,379 पीएचडी सीटें हैं, जिनमें कई सीटें अभी भी खाली हैं। जुलाई में शुरू हुई प्रवेश प्रक्रिया में केवल नेट स्कोर को मान्यता देने की वजह से आधी सीटें खाली रह गईं। इसके अलावा, यूजीसी ने हाल ही में कई पीएचडी थीसिस को वापस किया है, जिनमें AI से लिखे गए कंटेंट पाए गए। इंग्लिश में जमा कई थीसिस में 40 प्रतिशत से अधिक कंटेंट चोरी पाया गया, जबकि हिंदी में गड़बड़ी कम पाई गई।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 17 February 2026

भारत सरकार अगले वर्ष 2027 में पूरे देश की जनगणना कराएगी, और इसके लिए आवश्यक तैयारियां इस वर्ष से ही शुरू कर दी गई हैं। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने सोमवार को साप्ताहिक समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि मई से शुरू होने वाले घर-घर सर्वे कार्य और लिस्टिंग की तैयारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि 15 से 30 अप्रैल 2026 तक नागरिक स्वयं अपनी जानकारी जनगणना पोर्टल में भर सकेंगे। कलेक्टर ने कहा कि जनगणना में घरों की लिस्टिंग के दौरान कई प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे और लिखित उत्तर लिए जाएंगे। नागरिकों को इस प्रक्रिया को लेकर किसी प्रकार का भय नहीं होना चाहिए और इसके लिए उन्हें समझाइश दी जाएगी। इसके साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षण भी जल्द शुरू किया जाएगा, ताकि जनगणना सुचारू और सही तरीके से संपन्न हो। साप्ताहिक समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने “संकल्प से समाधान अभियान” की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी एसडीएम और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में स्वयं उपस्थित होकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें और सुनिश्चित करें कि पात्र नागरिक योजनाओं का लाभ समय पर प्राप्त करें। बैठक में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण, विद्यार्थियों के लिए नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों की व्यवस्था और अभियान के पहले चरण में प्राप्त 80 हजार आवेदनों में से 51,650 स्वीकृत किए जाने की जानकारी भी साझा की गई।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 17 February 2026

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहनयादव आज 16 फरवरी को राजधानी Bhopal में प्रदेश के पहले साइबर पंजीयन कार्यालय की शुरुआत करेंगे। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा भी मौजूद रहेंगे। सरकार का दावा है कि इस नई व्यवस्था से रजिस्ट्री प्रक्रिया पहले से अधिक सरल, तेज और पारदर्शी बनेगी।   नई व्यवस्था के तहत प्रदेश के किसी भी जिले के 75 प्रकार के दस्तावेजों की रजिस्ट्री अब भोपाल स्थित इस साइबर कार्यालय से कराई जा सकेगी। यानी इंदौर, जबलपुर या ग्वालियर समेत किसी भी जिले की संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए संबंधित जिले में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। पूरी प्रक्रिया एक ही स्थान से डिजिटल माध्यम से पूरी की जा सकेगी, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी।   इस साइबर पंजीयन कार्यालय की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पूरी प्रक्रिया पेपरलेस और फेसलेस होगी। दस्तावेजों का सत्यापन, शुल्क भुगतान और पंजीयन ऑनलाइन किया जाएगा। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होने और पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। विदेश में रहने वाले लोग भी अब बिना कार्यालय पहुंचे ऑनलाइन माध्यम से संपत्ति खरीद-फरोख्त की रजिस्ट्री करा सकेंगे। सरकार का कहना है कि मॉडल सफल होने पर इसे अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 16 February 2026

महाशिवरात्रि के अवसर पर बाबा महाकाल के दर्शन और सीहोर क्षेत्र में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए रेलवे ने 13 से 23 फरवरी तक उज्जैन, भोपाल और संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) के बीच तीन जोड़ी मेला स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। त्योहारों के दौरान इस रूट पर ट्रेनों में भारी भीड़ रहती है, ऐसे में  अतिरिक्त ट्रेनों से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। खास तौर पर कम बजट में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह सुविधा लाभकारी साबित होगी।   रेलवे द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार यात्रियों को दिन में तीन अलग-अलग समय पर ट्रेन का विकल्प मिलेगा। 09305/06 सुबह 9 बजे उज्जैन से चलकर दोपहर 1:30 बजे संत हिरदाराम नगर पहुंचेगी और वापसी में 2:30 बजे रवाना होकर शाम 7:30 बजे उज्जैन लौटेगी। 09307/08 रात 9 बजे उज्जैन से चलकर 2:10 बजे भोपाल पहुंचेगी तथा वापसी में तड़के 3:10 बजे रवाना होकर सुबह 8 बजे उज्जैन आएगी। 09313/14 शाम 4 बजे उज्जैन से रवाना होकर 9:40 बजे संत हिरदाराम नगर पहुंचेगी और रात 10:30 बजे वापसी कर 2 बजे उज्जैन लौटेगी।   इन स्पेशल ट्रेनों का ठहराव तराना रोड, मक्सी, बेरछा, कालीसिंध, अकोदिया, शुजालपुर, कालापीपल और सीहोर सहित प्रमुख स्टेशनों पर होगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी। ट्रेनों में जनरल और स्लीपर कोच लगाए गए हैं। रेलवे ने महाशिवरात्रि के दौरान संभावित भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करने की भी बात कही है और यात्रियों को सलाह दी है कि वे समय से पहले स्टेशन पहुंचें तथा यात्रा संबंधी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त करें।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 13 February 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को नए प्रधानमंत्री कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट होंगे। वे दोपहर 1:30 बजे भवन के नाम का अनावरण करेंगे और शाम 6 बजे सेवा तीर्थ के साथ कर्तव्य भवन-1 और 2 का उद्घाटन कर सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इससे पहले साउथ ब्लॉक में केंद्रीय कैबिनेट की विशेष बैठक होगी, जो ब्रिटिश काल की सेक्रेटेरिएट बिल्डिंग में आखिरी कैबिनेट बैठक होगी। करीब 78 वर्षों तक सत्ता का केंद्र रहे नॉर्थ और साउथ ब्लॉक से अब प्रशासनिक कामकाज नए परिसर में स्थानांतरित हो जाएगा।     नई दिल्ली के दारा शिकोह रोड स्थित एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव में बना ‘सेवा तीर्थ’ करीब 2.26 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में फैला है और इसका निर्माण Larsen & Toubro ने ₹1189 करोड़ की लागत से किया है। तीन इमारतों वाले इस कॉम्प्लेक्स में सेवा तीर्थ-1 में पीएमओ, सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय और सेवा तीर्थ-3 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का कार्यालय होगा। कर्तव्य भवन-1 और 2 में वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा समेत कई प्रमुख मंत्रालयों को स्थान दिया गया है। यह पूरा विकास सेंट्रल विस्टा रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत किया गया है, जिसके अंतर्गत नया संसद भवन और कर्तव्य पथ का निर्माण भी शामिल है।   सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवनों को 4-स्टार GRIHA मानकों के अनुसार डिजाइन किया गया है, जिनमें रिन्यूएबल एनर्जी, जल संरक्षण, वेस्ट मैनेजमेंट और ऊर्जा दक्ष तकनीकों का उपयोग किया गया है। आधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल और उन्नत सुरक्षा प्रणाली से लैस ये भवन प्रशासनिक कार्यों को अधिक तेज और समन्वित बनाने में मदद करेंगे। सरकार का कहना है कि पुराने भवनों के रखरखाव और किराए पर हर साल लगभग ₹1500 करोड़ खर्च हो रहे थे। भविष्य में नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को ‘युगे-युगेन भारत नेशनल म्यूजियम’ में बदलने की योजना है, जहां 25–30 हजार कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 13 February 2026

मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने बजट सत्र शुरू होने और अनुपूरक बजट पेश होने से पहले बाजार से 5,000 करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया है। यह पिछले एक हफ्ते में सरकार द्वारा लिया गया दूसरा कर्ज है। इससे पहले 4 फरवरी को 5,300 करोड़ का कर्ज लिया गया था। सरकार यह कर्ज रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से तीन किस्तों में ले रही है। इस वित्तीय वर्ष में अब तक कुल 36 कर्जों के जरिए 67,300 करोड़ रुपये की राशि सरकार ने उधार ली है।   कर्ज की अलग-अलग किस्तों में विवरण के अनुसार, 10 फरवरी को लिए गए दो कर्ज 21 और 16 साल की अवधि के लिए हैं, जबकि तीसरा कर्ज 1,000 करोड़ रुपए का 8 साल के लिए लिया गया है, जिसका भुगतान छमाही ब्याज के रूप में किया जाएगा। सरकार ने यह कर्ज कृषि योजनाओं, सिंचाई, पॉवर प्रोजेक्ट और कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के स्थायी निर्माण के लिए लिया है।   चालू वित्त वर्ष में सरकार ने महीने-दर-महीने कई कर्ज लिए हैं। मई में पहला और दूसरा कर्ज 2,500-2,500 करोड़ रुपए का लिया गया, जून में दो कर्ज 2,000 और 2,500 करोड़ के लिए, जुलाई से सितम्बर तक कई दौर में कुल 16 कर्ज लिए गए। अक्टूबर से जनवरी तक भी विभिन्न महीनों में कई कर्जों के माध्यम से वित्तीय जरूरतों को पूरा किया गया। 3 और 10 फरवरी को लिए गए कर्जों के साथ इस वित्तीय वर्ष में कुल कर्ज का आंकड़ा 67,300 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।

Patrakar Vandana Singh

Vandana Singh 11 February 2026

मध्य प्रदेश की धर्मनगरी उज्जैन अब महाकाल मंदिर और महाकाल लोक के लिए ही नहीं, बल्कि अपने भव्य प्रवेश द्वारों के लिए भी प्रसिद्ध होने वाली है। उज्जैन विकास प्राधिकरण (UDA) ने शहर के प्रमुख मार्गों पर 92.25 करोड़ रुपये की लागत से 9 प्रवेश द्वार बनाने का निर्णय लिया है। ये द्वार केवल शहर की सौंदर्यीकरण योजना का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि उज्जैन की हजारों साल पुरानी सनातन परंपरा, खगोल-कालगणना, सिंहस्थ संस्कृति और राजकीय गौरव को भी दर्शाएंगे। योजना के तहत इंदौर रोड, देवास रोड, आगर रोड, मक्सी रोड, बड़नगर रोड और सिंहस्थ मार्ग समेत अन्य प्रमुख रास्तों पर ये द्वार बनाए जाएंगे।   इन प्रवेश द्वारों की डिजाइन पारंपरिक भारतीय स्थापत्य कला और आधुनिक इंजीनियरिंग का संयोजन होगी। निर्माण में गुलाबी-सफेद और पीले पत्थर का इस्तेमाल किया जाएगा, साथ ही द्वारों पर 3D नक्काशी में पौराणिक प्रसंग, धार्मिक प्रतीक, हाथी, शेर और मानव आकृतियां उकेरी जाएँगी। रात्रिकालीन दृश्य प्रभाव के लिए आरजीबी-डब्ल्यू लाइटिंग, एलईडी और सोलर सिस्टम लगाए जाएंगे, जिससे ये द्वार रात में भी उज्जैन की भव्य पहचान बने रहेंगे।   इन 9 द्वारों के नाम और उनके बजट इस प्रकार हैं: अमृत द्वार (9.68 करोड़), पंचजन्य द्वार (12.50 करोड़), गज द्वार (8.51 करोड़), कालगणना द्वार (11.07 करोड़), उज्जैनी द्वार (6.48 करोड़), सिंहस्थ द्वार (6.48 करोड़), त्रिशूल द्वार (10.65 करोड़), विक्रमादित्य द्वार (13.58 करोड़) और डमरू द्वार (13.29 करोड़)। ये द्वार न केवल शहर की सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक गौरव को दर्शाएंगे, बल्कि आधुनिक शहरी जरूरतों के अनुरूप सुरक्षा, सुगमता और सौंदर्य का भी संतुलन बनाएंगे।

Patrakar Vandana Singh

Vandana Singh 11 February 2026

राजस्थान सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, पेयजल, बिजली और शहरी विकास को प्राथमिकता दी है। सड़क, ब्रिज और मिसिंग लिंक सड़कों के निर्माण के लिए हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 250 अटल प्रगति पथ, 2000 सड़क सुरक्षा कैमरे और बारिश से टूटी सड़कों की मरम्मत के लिए भी अलग से प्रावधान किया गया है। पेयजल और जल जीवन मिशन के तहत 6500 गांवों को नल से जोड़ा जाएगा और तीन लाख नए पेयजल कनेक्शन दिए जाएंगे। इसके साथ ही राजस्थान में 220 केवीए के छह नए जीएसएस और 132 केवीए के 13 जीएसएस बनाए जाएंगे और बिजली सिस्टम की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए AI का इस्तेमाल किया जाएगा।   शहरी विकास और शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े कदम उठाए गए हैं। सभी संभाग मुख्यालयों को सिग्नल-फ्री बनाया जाएगा, 28 लाख परिवारों को पीएम आवास योजना के तहत मकान निर्माण के लिए अनुदान मिलेगा और 5000 से अधिक नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। 2500 से अधिक स्कूलों का जीर्णोद्धार और 450 करोड़ रुपये में नए स्कूल भवन बनाए जाएंगे। बच्चों को खेल किट और “जादुई पिटारा” उपलब्ध कराए जाने पर 323 करोड़ रुपये खर्च होंगे।   स्वास्थ्य और पर्यटन क्षेत्र में भी सरकार ने विशेष योजनाओं की घोषणा की है। गंभीर मरीजों के लिए ‘राज सुरक्षा’ योजना शुरू की जाएगी और मानसिक स्वास्थ्य के लिए ‘राज ममता’ कार्यक्रम लागू होगा। जयपुर, जोधपुर और बीकानेर जैसे बड़े शहरों में धर्मशालाएं, फायर सेफ्टी उपकरण और नए अस्पताल टॉवर्स बनाए जाएंगे। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए थार सर्किट, अल्ट्रा लक्जरी टूरिज्म जोन, बृज कन्वेंशन सेंटर और वॉर म्यूजियम जैसे नए प्रोजेक्ट किए जाएंगे। नए एयरपोर्ट और फ्लाइंग ट्रेनिंग सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे, जबकि डिजिटल सशक्तिकरण के तहत 25 हजार महिलाओं और युवाओं को मिनी ई-मित्र के रूप में अधिकृत किया जाएगा

Patrakar Vandana Singh

Vandana Singh 11 February 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद की नकल के तौर पर नई मस्जिद का निर्माण बुधवार से शुरू हो गया। इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व जनता उन्नयन पार्टी (जेयूपी) के अध्यक्ष हुमायूं कबीर कर रहे हैं। कबीर ने कहा कि जो लोग निर्माण का विरोध कर रहे हैं, उन्हें पीछे हट जाना चाहिए और हर व्यक्ति को अपने धर्म का पालन करने तथा पूजा स्थलों का निर्माण करने की स्वतंत्रता है। उन्होंने कहा कि यह निर्माण अल्लाह की इबादत के लिए है और इसका कोई राजनीतिक विरोध नहीं किया जा रहा।   हुमायूं कबीर ने 1992 में बाबरी मस्जिद के ढांचे के गिराए जाने की घटना को याद करते हुए कहा कि एक मुसलमान होने के नाते वह इस मस्जिद को बनाकर अपना छोटा सा योगदान देना चाहते हैं। निर्माण स्थल पर उनके समर्थक उत्साहपूर्वक काम में जुटे हैं और ईंटें ढोकर मदद कर रहे हैं। कबीर ने सोशल मीडिया पर मस्जिद का डिजाइन भी साझा किया और कहा कि कुछ लोग निर्माण को रोकने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अल्लाह की मदद से काम सुरक्षित तरीके से शुरू हो गया है।   इस मामले पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि बाबरी ढांचा दोबारा नहीं बनेगा। वहीं, हुमायूं कबीर ने बाबरी यात्रा की घोषणा की, जो मुर्शिदाबाद के पलाशी से शुरू होकर दिनाजपुर के इटाहार तक तीन दिन तक चलेगी। कबीर ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना भी की और दावा किया कि वह फिर से मुख्यमंत्री नहीं बनेंगी।

Patrakar Vandana Singh

Vandana Singh 11 February 2026

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद तिहाड़ जेल में सरेंडर करने पहुंचे। करीब 2.5 करोड़ रुपये के भुगतान की समय-सीमा पूरी न कर पाने के कारण कोर्ट ने उन्हें सरेंडर का आदेश दिया था। राजपाल यादव ने सरेंडर की अवधि बढ़ाने के लिए अर्जी भी लगाई थी, लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया और नरमी बरतने से इनकार कर दिया।   जेल में सरेंडर से पहले राजपाल यादव भावुक हो गए। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि उनके पास पैसे नहीं हैं और इस मुश्किल घड़ी में कोई दोस्त भी साथ नहीं है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति से उन्हें अकेले ही जूझना पड़ रहा है। बीते कुछ दिनों से यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है और एक्टर की निजी परेशानियां सामने आई हैं।   राजपाल यादव के समर्थन में अब अभिनेता सोनू सूद आगे आए हैं। सोनू सूद ने सोशल मीडिया पर लिखा कि राजपाल यादव एक गिफ्टेड कलाकार हैं और उन्होंने इंडस्ट्री को यादगार काम दिए हैं। उन्होंने कहा कि मुश्किल वक्त में इंडस्ट्री को साथ खड़ा होना चाहिए और भविष्य के काम के बदले दिया गया साइनिंग अमाउंट कोई दान नहीं, बल्कि सम्मान है। सोनू सूद ने यह भी कहा कि ऐसे समय में यह जताना जरूरी है कि कोई भी कलाकार अकेला नहीं है और फिल्म इंडस्ट्री सिर्फ एक काम की जगह नहीं, बल्कि एक परिवार है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 10 February 2026

  मणिपुर में नई सरकार बनने के महज एक हफ्ते के भीतर उखरुल जिले में हिंसा भड़क गई। उपद्रवियों ने लितान सरेइखोंग गांव में 25 घरों और चार सरकारी क्वार्टरों में आग लगा दी। हालात बिगड़ने के बाद पूरे जिले में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है, वहीं 10 फरवरी सुबह 11:30 बजे से अगले पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। तांगखुल और कुकी जनजातियों के बीच हुई झड़प के बाद इलाके में बीएसएफ, सीआरपीएफ और असम राइफल्स की भारी तैनाती की गई है। पुलिस के मुताबिक हिंसा की शुरुआत 7 फरवरी की शाम शराब के नशे में हुए एक झगड़े से हुई थी, जिसमें तांगखुल नागा समुदाय के एक व्यक्ति के साथ मारपीट हुई। इसके बाद आसपास के गांवों में आगजनी और फायरिंग की घटनाएं सामने आईं। दहशत के माहौल में लोग अपने स्तर पर ही घर छोड़ने को मजबूर हुए। सुरक्षा और समन्वय के लिए लितान थाने में जॉइंट कंट्रोल रूम बनाया गया है और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि स्थिति तनावपूर्ण जरूर है, लेकिन नियंत्रण में है। इस बीच उपमुख्यमंत्री लोसी दिखो खुद लितान पहुंचे और स्थानीय लोगों तथा विभिन्न संगठनों के नेताओं से मुलाकात कर हालात सामान्य करने की कोशिश की। राज्यभर में 115 नाके और चेकपोस्ट लगाए गए हैं, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर जरूरी सामान की सुरक्षित आवाजाही कराई जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी सूचना की पुष्टि आधिकारिक कंट्रोल रूम से करें।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 10 February 2026

  महाशिवरात्रि पर उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए हैं। इस अवसर पर 1500 से अधिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। सोमवार को एडीजी राकेश गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंदिर सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा व्यवस्था और वीवीआईपी मूवमेंट को लेकर विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की गई।   मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनकी निगरानी मंदिर परिसर में बने कंट्रोल रूम से की जाएगी। इसके साथ ही ड्रोन कैमरों से भी भीड़ पर नजर रखी जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था में 6 एएसपी, 18 डीएसपी, 38 थाना प्रभारी सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और जवान तैनात रहेंगे। भीड़ प्रबंधन के लिए नगर व ग्राम रक्षा समिति के सदस्यों के साथ-साथ जिम में कसरत करने वाले युवाओं और कॉलेज छात्रों को भी वालंटियर के रूप में जोड़ा गया है।   श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हर 300 मीटर पर मेडिकल टीम तैनात रहेगी तथा वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। महाकाल मंदिर क्षेत्र को नो व्हीकल जोन घोषित किया गया है और पार्किंग की अलग-अलग व्यवस्था की गई है। प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को 40 मिनट के भीतर सुगम और सुरक्षित दर्शन कराए जा सकें।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 10 February 2026

केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि केन्द्रीय बजट 2026-27 के तहत छत्तीसगढ़ का रेलवे बजट ऐतिहासिक रूप से बढ़ाकर 7,470 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके तहत प्रदेश के 32 रेलवे स्टेशनों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से विकसित किया जाएगा। इससे छत्तीसगढ़ में चल रही 54 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं को गति मिलेगी और माइनिंग कॉरिडोर से निवेश, उद्योग-व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।   मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के गांवों में रहने वाली महिलाओं को ‘शी-मार्ट’ के माध्यम से अपने उत्पाद की बिक्री और ब्रांडिंग में मदद मिलेगी। एमएसएमई सेक्टर के व्यापारियों के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की मदद इस बजट के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। मंत्री ने बजट के तीन उद्देश्य बताए – आर्थिक विकास पर जोर, जन-अपेक्षाओं को पूरा करना और सबका साथ-सबका विकास सुनिश्चित करना।   कार्यक्रम में मंत्री तोखन साहू ने बताया कि सरकारी निवेश से अर्थव्यवस्था में संसाधनों का स्थायी सर्कुलेशन होता है, जिससे आर्थिक वृद्धि बढ़ती है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने केन्द्र सरकार की विकसित भारत की दिशा में की जा रही योजनाओं पर प्रकाश डाला। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि इस बजट में सुधारात्मक उपायों पर जोर दिया गया है, जिससे व्यापारियों और नागरिकों का सरकारी तंत्र से रिश्ता सरल और सहज बने।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 9 February 2026

मध्य प्रदेश में सर्दी ने फिर अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। पूर्वी इलाकों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार कटनी और शहडोल सबसे ठंडे जिले रहे, जहां क्रमशः 5 और 6 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ। बीती रात कटनी के करौंदी क्षेत्र में प्रदेश का सबसे ठंडा मौसम रहा।   भोपाल में रात का तापमान 8 डिग्री तक पहुंच गया, जो फरवरी के लिहाज से सामान्य से कम है। दिन में अधिकतम तापमान 25-28 डिग्री के बीच दर्ज हो रहा है। ग्वालियर-चंबल अंचल में सुबह से कोहरे के कारण दृश्यता केवल 2 से 4 किलोमीटर तक सीमित रही। मौसम विभाग के अनुसार 10 और 11 फरवरी को हल्के से मध्यम कोहरे की संभावना बनी हुई है।   मौसम विभाग ने बताया कि 12 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, लेकिन अगले पांच दिनों तक बारिश या ओले की संभावना नहीं है। फिलहाल अगले 2-3 दिनों तक ठंड का असर जारी रहेगा। इसके बाद धीरे-धीरे तापमान में वृद्धि होने की संभावना है।

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Priyanshi Chaturvedi 9 February 2026

इंदौर में साकेत, तिलक नगर और मनीषपुरी से रिंग रोड के निर्माण कार्य का निरीक्षण महापौर पुष्यमित्र भार्गव और विधायक महेंद्र हार्डिया ने किया। नगर निगम के अफसरों के साथ निरीक्षण के दौरान महापौर ने सड़क के बीच लगे बिजली के पोल और अन्य बाधक निर्माण हटाने के निर्देश दिए ताकि अधूरी सड़क को शीघ्र पूरा किया जा सके।   महापौर ने मनीष मेडिकल से मेडीकेयर हॉस्पिटल तक सड़क को 30 फीट से बढ़ाकर 60 फीट चौड़ा करने के निर्देश दिए। साथ ही बंगाली से पीपल्याहाना तक की सर्विस रोड का चौड़ीकरण भी किया जाएगा ताकि ट्रैफिक जाम की समस्या कम हो। निरीक्षण में सड़क निर्माण की प्रगति, गुणवत्ता और समय सीमा पर चर्चा हुई और निगम शौचालय को हटाने के विकल्प पर भी विचार किया गया।   निरीक्षण के दौरान महापौर और विधायक ने लोगों से संवाद किया। क्षेत्रवासियों ने पानी की कमी और गंदे पानी की समस्या की जानकारी दी। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने आश्वासन दिया कि जलप्रदाय, गंदे पानी और सड़क से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निवारण किया जाएगा। इसके साथ ही संविद नगर के पास निगम स्वामित्व वाली खदान भूमि के लिए विस्तृत विकास योजना बनाने के भी निर्देश दिए गए।

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Priyanshi Chaturvedi 9 February 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के आदिवासी बहुल इलाकों में वर्षों से चल रहे विस्थापन, बेरोजगारी और बुनियादी सुविधाओं के संकट की आवाज अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गई है। सिंगरौली से पहुंचे आदिवासी प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं। लोकसभा परिसर में हुई इस मुलाकात में प्रतिनिधियों ने खनन परियोजनाओं और औद्योगिक विस्तार के कारण हो रहे विस्थापन की जमीनी हकीकत से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि ऊर्जा राजधानी कहलाने वाले सिंगरौली में विकास की कीमत आदिवासी समाज चुका रहा है। हजारों परिवार विस्थापित हो चुके हैं, लेकिन उन्हें न तो पूरा मुआवजा मिला और न ही उचित पुनर्वास और रोजगार। खनन और औद्योगिक प्रदूषण से खेती, जंगल और जल स्रोत प्रभावित हुए हैं, जिससे आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर भी चिंता जताई गई।   राहुल गांधी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए भरोसा दिलाया कि सिंगरौली के मुद्दों को संसद में मजबूती से उठाया जाएगा। उन्होंने जल्द ही सिंगरौली का दौरा कर जमीनी हालात देखने का आश्वासन दिया, जबकि प्रियंका गांधी ने भी आदिवासी समाज को हर संभव सहयोग देने की बात कही। इस मुलाकात के बाद आदिवासी समाज में नई उम्मीद जगी है कि उनकी आवाज अब राष्ट्रीय राजनीति में प्रभावी रूप से सुनी जाएगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 8 February 2026

मध्य प्रदेश में पुलिस भर्ती को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने आरक्षक जीडी के 7500 पदों पर भर्ती के लिए फिजिकल टेस्ट की तारीखें घोषित कर दी हैं। शारीरिक दक्षता परीक्षा 23 फरवरी से शुरू होगी, जो प्रदेश के 10 जिलों में आयोजित की जाएगी। इनमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, रीवा, बालाघाट, रतलाम और मुरैना जिले शामिल हैं।   23 फरवरी से 13 मार्च तक होगा फिजिकल टेस्ट आरक्षक भर्ती के लिए 30 अक्टूबर से 15 दिसंबर 2025 तक ऑनलाइन लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसका परिणाम 25 जनवरी 2026 को जारी किया गया। लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को अब अगले चरण के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन में शामिल होना होगा। यह प्रक्रिया 23 फरवरी से 13 मार्च के बीच हर दिन सुबह 6 बजे से शुरू होगी, जिसमें 800 मीटर दौड़, लंबी कूद और गोला फेंक की परीक्षा ली जाएगी।   चयन प्रक्रिया और वेतनमान पुलिस भर्ती की चयन प्रक्रिया में पहले लिखित परीक्षा, फिर शारीरिक दक्षता परीक्षा और अंत में दस्तावेज सत्यापन किया जाएगा। परीक्षा का स्तर हाई स्कूल योग्यता पर आधारित रहेगा। चयनित उम्मीदवारों को पुलिस विभाग में आरक्षक (कॉन्स्टेबल) के पद पर नियुक्ति दी जाएगी, जिनका वेतनमान 19,500 से 62,000 रुपये प्रतिमाह होगा।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 7 February 2026

मध्य प्रदेश में पुलिस भर्ती को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने आरक्षक जीडी के 7500 पदों पर भर्ती के लिए फिजिकल टेस्ट की तारीखें घोषित कर दी हैं। शारीरिक दक्षता परीक्षा 23 फरवरी से शुरू होगी, जो प्रदेश के 10 जिलों में आयोजित की जाएगी। इनमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, रीवा, बालाघाट, रतलाम और मुरैना जिले शामिल हैं।   23 फरवरी से 13 मार्च तक होगा फिजिकल टेस्ट आरक्षक भर्ती के लिए 30 अक्टूबर से 15 दिसंबर 2025 तक ऑनलाइन लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसका परिणाम 25 जनवरी 2026 को जारी किया गया। लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को अब अगले चरण के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन में शामिल होना होगा। यह प्रक्रिया 23 फरवरी से 13 मार्च के बीच हर दिन सुबह 6 बजे से शुरू होगी, जिसमें 800 मीटर दौड़, लंबी कूद और गोला फेंक की परीक्षा ली जाएगी।   चयन प्रक्रिया और वेतनमान पुलिस भर्ती की चयन प्रक्रिया में पहले लिखित परीक्षा, फिर शारीरिक दक्षता परीक्षा और अंत में दस्तावेज सत्यापन किया जाएगा। परीक्षा का स्तर हाई स्कूल योग्यता पर आधारित रहेगा। चयनित उम्मीदवारों को पुलिस विभाग में आरक्षक (कॉन्स्टेबल) के पद पर नियुक्ति दी जाएगी, जिनका वेतनमान 19,500 से 62,000 रुपये प्रतिमाह होगा।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 7 February 2026

मध्यप्रदेश में शनिवार को दलहन आत्मनिर्भरता राष्ट्रीय मिशन पर उच्चस्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम सीहोर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में होगा। सम्मेलन में देश के नौ राज्यों के कृषि मंत्री, किसान, एफपीओ और बीज उत्पादक शामिल होंगे। यहां दालों में आत्मनिर्भर भारत, समृद्ध किसान और पोषित राष्ट्र के लक्ष्य पर मंथन किया जाएगा, साथ ही खेत भ्रमण और किसानों से संवाद का भी कार्यक्रम रहेगा।   ग्रेनेक्स इंडिया एग्जीबिशन से दिखेगी नई तकनीक तीन दिवसीय ‘17वें ग्रेनेक्स इंडिया’ एग्जीबिशन के दूसरे दिन देश-विदेश की करीब 200 कंपनियां दाल, अनाज और मसालों के प्रसंस्करण से जुड़ी अत्याधुनिक मशीनें और तकनीक प्रदर्शित कर रही हैं। इसमें रोबोटिक, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग आधारित मशीनें, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और फूड प्रोसेसिंग से जुड़ी आधुनिक तकनीक शामिल है। मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि सरकार जमीन, मशीन और बिक्री तक हर स्तर पर सहयोग करेगी।   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के कल्याण और आर्थिक समृद्धि के लिए लगातार फैसले ले रही है। उन्होंने घोषणा की कि दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए उड़द और मसूर के किसानों को भी बोनस दिया जाएगा। साथ ही संकेत दिए कि धीरे-धीरे अन्य दलहनों पर से भी टैक्स हटाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य आयात पर निर्भरता कम कर किसानों की आय बढ़ाना और मध्यप्रदेश को कृषि और फूड प्रोसेसिंग का बड़ा केंद्र बनाना है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 7 February 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा से पहले छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सफलता पाने का तरीका है—“पहले मन को जोतो, फिर मन को जोड़ो, और उसके बाद जो पढ़ना है उसे व्यवस्थित करो।” उन्होंने बताया कि उनका यह “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम अब नौवें वर्ष में है और अलग-अलग राज्यों के छात्रों के साथ संवाद करते हुए उन्होंने पढ़ाई को बोझ नहीं, बल्कि जीवन को बेहतर बनाने का माध्यम बताया। पीएम मोदी ने कहा, “हमारा लक्ष्य ऐसा होना चाहिए जो पहुंच में हो, लेकिन पकड़ में न हो।”   इस दौरान पीएम मोदी ने छात्रों का असमिया ‘गमोसा’ पहनाकर स्वागत किया और इसे महिला सशक्तिकरण का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा सिर्फ अंक और परीक्षा तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे जीवन को सफल बनाने और संतुलन बनाए रखने के लिए अपनाना चाहिए। साथ ही उन्होंने छात्रों को इंटरनेट का सतर्क और किफायती उपयोग करने की सलाह दी और गेमिंग को स्किल डेवलपमेंट के रूप में देखने पर जोर दिया।   प्रधानमंत्री ने स्किल और ज्ञान के बीच संतुलन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी स्किल की शुरुआत ज्ञान से होती है, और जीवन तथा पेशेवर दोनों तरह की स्किल में ध्यान देना चाहिए। शिक्षक समुदाय को भी सलाह दी कि छात्रों की गति से हमेशा एक कदम आगे रहना चाहिए, ताकि उन्हें सीखने में चुनौती और प्रेरणा मिलती रहे।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 6 February 2026

लोकसभा की कार्यवाही शुक्रवार, 6 फरवरी को स्थगित कर दी गई है। स्पीकर ओम बिरला ने यह निर्णय विपक्ष के लगातार हंगामे और नारेबाजी के चलते लिया। अब सदन की कार्यवाही 9 फरवरी को सुबह 11 बजे फिर से शुरू होगी। इससे पहले कई दिनों से बजट सत्र 2026 के दौरान विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन और विरोध की वजह से सदन में चर्चा बाधित हो रही थी।   विपक्ष विशेष रूप से कांग्रेस और टीएमसी के सांसद विभिन्न मुद्दों पर सरकार की नीतियों का विरोध कर रहे हैं। इसमें भारत-अमेरिका ट्रेड डील, भारत-चीन बॉर्डर विवाद, राहुल गांधी को बोलने से रोकना और 8 कांग्रेस सांसदों के निलंबन जैसे मामले शामिल हैं। उनके लगातार हंगामे के कारण सदन का काफी समय व्यर्थ चला गया।   स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी हंगामे पर नाराजगी जताई और कहा कि लगातार स्थगित होने से बजट पर सामान्य चर्चा और अन्य कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए नुकसानदेह है और सदन में नियमों के अनुसार ही कार्यवाही होनी चाहिए।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 6 February 2026

दुनिया भर में नौकरियों का संकट गहराता जा रहा है। मीडिया संस्थानों से लेकर वैश्विक टेक कंपनियों तक बड़े पैमाने पर छंटनी देखी जा रही है। प्रतिष्ठित अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने अपने न्यूजरूम और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग टीम में भारी कटौती की है। पश्चिम एशिया की पूरी टीम हटाई गई, जबकि दिल्ली, बीजिंग, कीव और बर्लिन जैसे प्रमुख ब्यूरो या तो बंद कर दिए गए हैं या सीमित कर दिए गए। इसे पारंपरिक मीडिया के लिए डिजिटल दबाव और घटते संसाधनों का संकेत माना जा रहा है।   टेक सेक्टर में हालात और भी गंभीर हैं। 2025 में वैश्विक तकनीकी कंपनियों ने 1.2 लाख से ज्यादा नौकरियां खत्म कीं। इंटेल ने करीब 24 हजार, टीसीएस ने 20 हजार, वेरिजोन ने 15 हजार और एक्सेंचर ने 11 हजार कर्मचारियों की छंटनी की। माइक्रोसॉफ्ट, एसएपी और तोशिबा जैसी दिग्गज कंपनियों ने भी हजारों पद घटाए। विशेषज्ञों के मुताबिक लागत नियंत्रण, कारोबारी पुनर्गठन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बढ़ता फोकस इसके पीछे की बड़ी वजहें हैं, जहां ऑटोमेशन मानव श्रम की जगह ले रहा है।   2026 की शुरुआत भी राहत लेकर नहीं आई है। अमेजन ने चार महीनों के भीतर 30 हजार कॉरपोरेट कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया, जबकि ओरेकल में 20 से 30 हजार तक की संभावित छंटनी की अटकलें हैं। विश्व आर्थिक मंच के अनुसार, 41% कंपनियां आने वाले वर्षों में एआई के कारण वर्कफोर्स घटाने की तैयारी में हैं। हालांकि, रिपोर्ट यह भी इशारा करती है कि एआई, बिग डेटा और फिनटेक जैसे क्षेत्रों में नई नौकरियां तेजी से उभर सकती हैं, जिससे रोजगार का स्वरूप बदलेगा, खत्म नहीं होगा।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 5 February 2026

छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता और एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। अब शासकीय स्कूलों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध निजी (अशासकीय) स्कूलों में भी कक्षा 5वीं और 8वीं की वार्षिक परीक्षाएं केंद्रीकृत बोर्ड पैटर्न पर आयोजित की जाएंगी। यह व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू होगी, जिससे सभी स्कूलों में समान मूल्यांकन प्रणाली सुनिश्चित हो सकेगी।   इस बदलाव को लेकर बुधवार को जिला शिक्षा अधिकारी बी.आर. बघेल, जिला मिशन समन्वयक अशोक पांडे और परीक्षा नोडल अधिकारी जयनारायण पाणिग्राही की मौजूदगी में निजी स्कूल संचालकों की बैठक हुई। बैठक में परीक्षा संचालन और तैयारियों को लेकर विस्तृत रोडमैप तय किया गया। नई परीक्षा पद्धति के तहत कक्षा 5वीं की परीक्षा 50 अंकों की होगी, जिसमें 40 अंक लिखित और 10 अंक प्रोजेक्ट कार्य के होंगे, जबकि कक्षा 8वीं के लिए कुल 100 अंक निर्धारित किए गए हैं, जिनमें 80 अंक लिखित और 20 अंक प्रोजेक्ट के लिए रखे गए हैं।   स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रोजेक्ट कार्य 25 फरवरी तक पूरा कर उसके अंक 27 फरवरी तक सीलबंद लिफाफे में बीईओ कार्यालय में जमा करें। परीक्षा शुल्क कक्षा 5वीं के लिए 55 रुपये और कक्षा 8वीं के लिए 60 रुपये प्रति छात्र तय किया गया है, जिसे 5 फरवरी तक जमा करना होगा। परीक्षाएं पूरी तरह सरकारी निगरानी में होंगी, शासकीय स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा और किसी भी विद्यार्थी को परीक्षा से वंचित नहीं किया जाएगा। मूल्यांकन के बाद 25 अप्रैल तक अंकसूचियां तैयार होंगी और 30 अप्रैल को परिणाम घोषित किए जाएंगे।

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Priyanshi Chaturvedi 5 February 2026

वित्तीय वर्ष के अंतिम महीनों में सरकारी विभागों द्वारा अनावश्यक खर्च किए जाने पर वित्त विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। इसे देखते हुए वित्त विभाग ने आदेश जारी कर 15 फरवरी के बाद सभी तरह की सरकारी खरीदी पर पूरी तरह रोक लगा दी है। विभाग ने साफ कहा है कि कई कार्यालय केवल बजट उपयोग करने के उद्देश्य से जल्दबाजी में ऐसी सामग्री खरीद लेते हैं, जिसकी तत्काल आवश्यकता नहीं होती, जिससे सरकारी राशि बेवजह अवरुद्ध हो जाती है।   वित्त विभाग ने अपने आदेश में यह भी निर्देश दिया है कि 15 फरवरी तक जारी किए गए सभी खरीदी आदेशों का भुगतान अनिवार्य रूप से 15 मार्च तक पूरा कर लिया जाए। विभाग का कहना है कि वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और फिजूलखर्ची पर रोक लगाने के लिए यह कदम जरूरी है, क्योंकि यह प्रवृत्ति शासन के हित में नहीं है।   हालांकि, कुछ आवश्यक सेवाओं और योजनाओं को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है। विदेशी सहायता प्राप्त परियोजनाएं, नाबार्ड, सिडबी, राष्ट्रीय आवास बैंक व केंद्रीय सहायता पोषित योजनाएं, जेलों, अस्पतालों, छात्रावासों और आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़ी आवश्यक खरीदी, साथ ही लोक भवन, विधानसभा सचिवालय, मुख्यमंत्री निवास, मुख्यमंत्री सचिवालय और न्यायालयों से संबंधित जरूरी व्यय पर यह नियम लागू नहीं होगा।

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Priyanshi Chaturvedi 5 February 2026

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार की रात रायपुर पहुंचेंगे और 7 फरवरी को छत्तीसगढ़ दौरे पर विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। रविवार को वे रायपुर में नक्सलवाद की स्थिति पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे, जिसमें राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में नक्सल विरोधी अभियानों की प्रगति, मौजूदा हालात और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।   समीक्षा बैठक के बाद केंद्रीय गृहमंत्री बस्तर रवाना होंगे और पंडुम महोत्सव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह दौरा सांस्कृतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने की डेडलाइन के नजदीक आने के कारण यह दौरा विशेष महत्व रखता है।   छत्तीसगढ़ समेत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बल लगातार सर्च ऑपरेशन और एरिया डॉमिनेशन अभियान चला रहे हैं। सीमित समय के कारण अमित शाह का दौरा सुरक्षा एजेंसियों के लिए मार्गदर्शन और दिशा तय करने वाला माना जा रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले अमित शाह 4 अक्टूबर 2025 को बस्तर दशहरा महोत्सव में शामिल होने बस्तर आ चुके हैं, जो केंद्र सरकार की नक्सल नीति की गंभीरता को दर्शाता है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 4 February 2026

महिला एवं बाल विकास विभाग, गरियाबंद ने सहायक ग्रेड-03 पद पर सीधी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया है। यह पद अनारक्षित श्रेणी के लिए निर्धारित है। जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक पाण्डेय के अनुसार, विभाग में इस पद के लिए एक अवसर उपलब्ध है और योग्य अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं।     सहायक ग्रेड-03 पद के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त शिक्षा मण्डल से हायर सेकेंडरी और मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक होना अनिवार्य है। इसके साथ ही डाटा एंट्री ऑपरेटर या प्रोग्रामिंग में एक वर्षीय डिप्लोमा तथा हिंदी या अंग्रेजी मुद्रालेखन में 5000 की-डिप्रेशन प्रति घंटा की गति का प्रमाण पत्र होना चाहिए। चयन के लिए कौशल परीक्षा आयोजित की जाएगी।     इस पद का वेतनमान 5200 से 20200 रुपये और ग्रेड पे 1900 रुपये तय किया गया है, जो वेतन मैट्रिक्स लेवल-04 के अंतर्गत आता है। पात्र अभ्यर्थी 01 फरवरी से 15 फरवरी तक जिले की आधिकारिक वेबसाइट www.gariaband.gov.in  पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने वाले अभ्यर्थी छत्तीसगढ़ के मूल निवासी होने चाहिए और उनके रोजगार कार्यालय में जीवित पंजीयन होना अनिवार्य है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 4 February 2026

छत्तीसगढ़ में निजी अस्पतालों में इलाज करवा रहे मरीजों को एक बड़ी राहत मिली है। अब कोई भी मरीज अस्पताल की फार्मेसी से ही दवा खरीदने के लिए बाध्य नहीं होगा। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने प्रदेश के सभी निजी अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि वे सूचना बोर्ड लगाएं जिन पर स्पष्ट लिखा होगा कि मरीज किसी भी अधिकृत मेडिकल स्टोर से दवा खरीद सकते हैं। इससे मरीजों को दवा खरीदने के विकल्प खुद चुनने की स्वतंत्रता मिलेगी।     यह कदम रायपुर निवासी वासुदेव जोतवानी की शिकायत के बाद उठाया गया। उन्होंने बताया कि कई निजी अस्पताल मरीजों और उनके परिजनों पर दवा सिर्फ अपने अस्पताल की फार्मेसी से खरीदने के लिए दबाव बनाते थे। बाहर से दवा लाने पर इलाज की जिम्मेदारी न लेने जैसी बातें कही जाती थीं, जिससे खासकर गरीब मरीज मानसिक और आर्थिक दबाव में आ जाते थे। कई मामलों में अस्पतालों की फार्मेसियों में दवाओं की कीमतें बाजार के मुकाबले 100–150 प्रतिशत तक अधिक पाई गई थीं, जिससे मरीजों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ता था।   खाद्य एवं औषधि प्रशासन नियंत्रक कार्यालय ने सभी औषधि निरीक्षकों और सहायक औषधि नियंत्रकों को निर्देश दिया है कि वे हर निजी अस्पताल में सूचना बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाने को सुनिश्चित करें। इस बोर्ड पर स्पष्ट रूप से लिखा होगा कि मरीज अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी अधिकृत मेडिकल स्टोर से दवाएं ले सकते हैं। इस फैसले से न केवल मरीजों को वित्तीय राहत मिलेगी, बल्कि निजी अस्पतालों की मनमानी व्यवहार और अतिरिक्त लाभ के प्रयासों पर भी रोक लगेगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 4 February 2026

छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान ‘प्रोजेक्ट अंतरिक्ष संगवारी’ के उद्घाटन कार्यक्रम में भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन, अंतरिक्ष यात्री और अशोक चक्र से सम्मानित शुभांशु शुक्ला ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अपने मिशन के बाद यह उनकी पहली छत्तीसगढ़ यात्रा है और इस स्पेस सेंटर की शुरुआत का हिस्सा बनना उनके लिए गौरव का विषय है। उन्होंने बताया कि यह पहल बच्चों और युवाओं में विज्ञान और अंतरिक्ष के प्रति जिज्ञासा बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी, जो देश के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है।   केंद्रीय बजट 2026 को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए शुभांशु शुक्ला ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में सरकार और ISRO की ओर से मजबूत और निरंतर समर्थन देखने को मिल रहा है। उनके अनुसार, नेतृत्व की स्पष्ट सोच है कि भारत के अंतरिक्ष मिशन सफल हों और देश वैश्विक स्तर पर अग्रणी बने। उन्होंने कहा कि जब नीति स्तर पर इतना भरोसा और सहयोग मिलता है, तो वैज्ञानिकों और संस्थानों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वे इन अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम दें।   भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि पर बात करते हुए शुभांशु शुक्ला ने कहा कि स्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में दुनिया भारत को एक भरोसेमंद और उभरती हुई शक्ति के रूप में देख रही है। उन्होंने बताया कि मानव अंतरिक्ष मिशन सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण होते हैं, क्योंकि इनमें जीवन रक्षक प्रणालियों की सुरक्षा सर्वोपरि होती है। ऑक्सीजन सप्लाई, कार्बन डाइऑक्साइड नियंत्रण, तापमान और आर्द्रता जैसी व्यवस्थाएं अभी परीक्षण और विकास के चरण में हैं, जिन्हें शुरुआती मिशनों के जरिए परखा जा रहा है, ताकि भविष्य में भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित रूप से अंतरिक्ष में भेजा जा सके।

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Priyanshi Chaturvedi 3 February 2026

मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में सोमवार को आयोजित सांसद खेल महोत्सव के समापन समारोह में सियासत और क्रिकेट का दिलचस्प संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा शामिल हुए। इस मौके पर राजनीतिक मंच के अनुभवी खिलाड़ी शिवराज सिंह चौहान ने क्रिकेट की पिच पर भी अपना हुनर दिखाया। जडेजा की गेंद पर आगे बढ़ते हुए लगाए गए उनके शानदार शॉट ने पूरे पवेलियन को तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजा दिया।   खास बात यह रही कि शिवराज के इस शॉट की सराहना खुद गेंदबाजी कर रहे रविंद्र जडेजा ने भी की और ताली बजाई। शिवराज सिंह चौहान ने इस पल का वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा किया, जिसमें वे बल्ला थामे नजर आते हैं और सामने से जडेजा गेंदबाजी करते दिखते हैं। बाउंड्री की ओर गया यह शॉट दर्शकों के लिए खास आकर्षण बन गया और स्टेडियम में मौजूद हजारों लोग उत्साह से झूम उठे।   मैच के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने रविंद्र जडेजा की जमकर तारीफ करते हुए कहा, “जडेजा यानी जज्बा, जडेजा यानी जुनून और जडेजा यानी जीत।” उन्होंने कहा कि जडेजा गेंदबाजी में विकेटों की झड़ी लगा दें या बल्लेबाजी में रनों का अंबार, हर फॉर्मेट में वे फिट बैठते हैं। गौरतलब है कि इसी आयोजन में सांची और सिलवानी विधानसभा के बीच फाइनल मुकाबला खेला गया, जिसके लिए कबड्डी खेल मैदान को अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का रूप दिया गया था। फाइनल की विजेता टीम को ट्रॉफी रविंद्र जडेजा ने प्रदान की, जिसे देखने हजारों दर्शक मैदान में उमड़े।

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Priyanshi Chaturvedi 3 February 2026

मध्यप्रदेश समेत देशभर के सर्राफा बाजार में सोना-चांदी के दाम अचानक नीचे आ गए हैं। बीते तीन महीनों की लगातार तेजी के बाद पिछले चार दिनों से भावों में तेज गिरावट देखने को मिल रही है। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों में सोना और चांदी अपने ऊपरी स्तर से फिसल चुके हैं। जहां चांदी एक समय 4.20 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी, वहीं अब यह करीब 2.40 लाख रुपये पर आ गई है। वहीं सोना भी 1.75 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से गिरकर करीब 1.45–1.50 लाख रुपये पर आ गया है।   इस गिरावट को लेकर बाजार में इसे ‘गोल्ड-सिल्वर प्राइस क्रैश’ कहा जा रहा है, लेकिन एक्सपर्ट इसे क्रैश मानने से इनकार कर रहे हैं। एमपी के सर्राफा विशेषज्ञ नवनीत कुमार का कहना है कि यह गिरावट दरअसल बाजार का ‘करेक्शन फेज’ है, जो लंबे समय की तेजी के बाद आना स्वाभाविक और जरूरी होता है। ग्लोबल मार्केट का दबाव, डॉलर की मजबूती, मुनाफावसूली, बजट के आसपास निवेशकों की सतर्कता और MCX में वायदा कारोबार में बिकवाली इसके प्रमुख कारण हैं। खासकर चांदी पर असर ज्यादा दिखा है क्योंकि इसका इस्तेमाल उद्योगों में भी होता है।   विशेषज्ञों के मुताबिक यह करेक्शन हेल्दी मार्केट का संकेत है, न कि खतरे की घंटी। चांदी में करीब 35 से 40 फीसदी और सोने में करीब 14 फीसदी तक की गिरावट को करेक्शन माना जा रहा है। बाजार जानकारों का अनुमान है कि यह दौर कुछ समय और चल सकता है और मार्च के बाद सोना-चांदी एक बार फिर नई तेजी दिखा सकते हैं। फिलहाल शॉर्ट टर्म निवेशकों को सतर्क रहने और जल्दबाजी से बचने की सलाह दी जा रही है।

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Priyanshi Chaturvedi 2 February 2026

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली के बंगा भवन के बाहर भारी पुलिस तैनाती पर कड़ा विरोध जताया। सोमवार को सुरक्षाकर्मियों से मुखातिब होते हुए उन्होंने साफ कहा कि वह राजधानी में किसी आंदोलन के लिए नहीं आई हैं, बल्कि चुनावी सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने आई हैं। ममता ने कहा कि बंगाल से आए लोगों के साथ संवेदनशीलता से पेश किया जाना चाहिए और उन्हें डराया-धमकाया नहीं जाए।   ममता बनर्जी रविवार को दिल्ली पहुंचीं और बंगा भवन में ठहरे उन परिवारों से मिलीं, जो एसआईआर प्रक्रिया से प्रभावित हुए हैं। भवन के बाहर भारी पुलिस बल देखकर वह नाराज हो गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां-जहां प्रभावित परिवार ठहरे हैं, वहां दिल्ली पुलिस तैनात कर दी गई है। मीडिया से बातचीत में ममता ने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है और चुनाव आयोग के साथ बैठक तय है, ऐसे में लोगों को परेशान करने का कोई औचित्य नहीं है।   केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने तानाशाही का आरोप लगाया और कहा कि आम लोगों पर अत्याचार हो रहा है। उन्होंने दिल्ली की तुलना जमींदारी व्यवस्था से की और कहा कि यहां गरीबों के लिए कोई जगह नहीं है। ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात करेंगी और पहले ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर चुकी हैं।

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Priyanshi Chaturvedi 2 February 2026

 केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट में मध्यप्रदेश के लिए कई अहम संकेत मिले हैं। मोदी सरकार की कैबिनेट में शामिल प्रदेश के छह मंत्रियों में कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय संभाल रहे शिवराज सिंह चौहान के विभाग को सबसे अधिक बजट मिला है। बजट में के-2 और के-3 श्रेणी के शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 12 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे मध्यप्रदेश के करीब 10 शहरों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।   कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय को मिला रिकॉर्ड बजट केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अधीन कृषि एवं किसान कल्याण के लिए 1,30,561.38 करोड़ रुपये और कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के लिए 9,967.40 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस तरह केवल कृषि से जुड़े विभागों को कुल 1,40,528.78 करोड़ रुपये मिले हैं। वहीं ग्रामीण विकास मंत्रालय का कुल बजट 1,97,023.14 करोड़ रुपये है, जिसमें ग्रामीण विकास विभाग को 1,94,368.81 करोड़ और भूमि संसाधन विभाग को 2,654.33 करोड़ रुपये शामिल हैं।   अन्य मंत्रियों के विभागों को भी मिला मजबूत समर्थन केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के डाक और दूरसंचार विभाग को कुल 1,02,267.02 करोड़ रुपये मिले हैं, जबकि पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय को 6,812.30 करोड़ रुपये दिए गए हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार खटीक के विभागों को 15,357.31 करोड़, जनजातीय कार्य मंत्री डीडी उइके को 15,421.97 करोड़ और महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर के विभाग को 28,183.06 करोड़ रुपये का बजट मिला है। वहीं राज्यसभा सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री एल मुरुगन के सूचना एवं प्रसारण विभाग को 4,551.94 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

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Priyanshi Chaturvedi 2 February 2026

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026 के बजट में छात्राओं की उच्च शिक्षा को सुगम बनाने के लिए हर जिले में लड़कियों के लिए हॉस्टल बनाने की महत्वपूर्ण घोषणा की है। छत्तीसगढ़ के लिए यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य के कई जिलों में मेडिकल, इंजीनियरिंग और साइंस कॉलेज हैं, लेकिन सुरक्षित और आरामदायक छात्रावास की भारी कमी है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, अंबिकापुर और जगदलपुर जैसे शिक्षा केंद्रों में दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आने वाली छात्राओं को हॉस्टल न मिलने के कारण पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ती थी।   वित्त मंत्री ने कहा कि STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) संस्थानों में लंबे क्लास घंटे और प्रयोगशालाओं का काम लड़कियों के लिए अक्सर चुनौतीपूर्ण होता है। प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल की स्थापना से छात्राओं को एस्ट्रोफिजिक्स, एस्ट्रोनॉमी, मेडिसिन और इंजीनियरिंग जैसे कठिन क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे। आदिवासी बहुल जिलों जैसे बस्तर, कांकेर, कोरिया, सुकमा और नारायणपुर में यह योजना शिक्षा की पहुंच बढ़ाने में विशेष रूप से परिवर्तनकारी साबित होगी।   शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से छत्तीसगढ़ में पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले छात्राओं की दर कम होगी और बेटियों की उच्च शिक्षा में भागीदारी बढ़ेगी। भविष्य में महिला वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं की संख्या में इजाफा होगा। यह योजना छात्राओं को सशक्त बनाने और राज्य के शैक्षणिक परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखती है, जिससे शिक्षा के अवसर और समान रूप से सभी तक पहुँच सकेंगे।

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Priyanshi Chaturvedi 1 February 2026

उत्तर प्रदेश में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब किराए के मकान में रहने वाले बच्चों को आरटीई के तहत प्रवेश नहीं मिलेगा। इसके लिए बच्चों के अभिभावकों का घर रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीकृत होना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, बच्चों के यूनिफॉर्म के पैसे सीधे अभिभावकों के बैंक खाते में निदेशालय स्तर से भेजे जाएंगे, जिसमें आधार कार्ड के जरिए बैंक सत्यापन जरूरी होगा।     राजधानी में संचालित 1576 निजी स्कूलों में करीब 21,000 सीटों पर प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन 2 फरवरी से शुरू होंगे। बेसिक शिक्षा विभाग ने बताया कि आरटीई के तहत प्रवेश लेने वाले सभी बच्चों के दस्तावेज विभाग की वेबसाइट पर अपलोड होंगे और स्कूल प्रबंधक व प्रधानाचार्य यूजर आईडी के माध्यम से इन्हें जांच सकेंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार के अनुसार, पिछले साल 1,398 निजी स्कूलों में 18,000 सीटों के लिए आवेदन हुए थे, जबकि इस बार स्कूलों और सीटों की संख्या दोनों बढ़ गई हैं।   नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी और पहली कक्षा में प्रवेश के लिए आवेदन तीन चरणों में होंगे—पहला चरण 2 से 16 फरवरी, दूसरा 21 फरवरी से 7 मार्च और तीसरा 12 से 25 मार्च। लॉटरी के आधार पर पहली लॉटरी 18 फरवरी, दूसरी 9 मार्च और तीसरी 27 मार्च को जारी की जाएगी। प्रवेश के लिए आवश्यक दस्तावेजों में जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, ग्रामीण क्षेत्रों में जॉब कार्ड, चिकित्सा प्रमाणपत्र और आधार कार्ड शामिल होंगे। केवल इन दस्तावेजों के सत्यापन के बाद आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।

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Priyanshi Chaturvedi 1 February 2026

अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर सिक्स राउंड में आज भारत और पाकिस्तान की टीमें जिंबाब्वे के बुलावायो में आमने-सामने हैं। टॉस जीतकर पाकिस्तान के कप्तान फरहान यूसुफ ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया, जबकि भारत ने बैटिंग करने का विकल्प चुना। भारत की पारी की शुरुआत 14 वर्षीय ओपनर वैभव सूर्यवंशी और आरोन जॉर्ज ने की, जो टीम को मजबूत शुरुआत दिलाने और सेमीफाइनल की राह आसान बनाने के लिए मैदान पर हैं।   यह मुकाबला भारत के लिए खास महत्व रखता है क्योंकि टीम अंडर-19 एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान से मिली हार का बदला लेना चाहती है। सुपर सिक्स राउंड का यह अंतिम मैच है और इंग्लैंड पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुका है। भारत 6 अंकों और बेहतर नेट रन रेट के साथ बढ़त पर है, जबकि पाकिस्तान को भारत से आगे निकलने के लिए बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी।   भारत की टीम में कप्तान आयुष म्हात्रे के नेतृत्व में आरोन जॉर्ज, वैभव सूर्यवंशी, वेदांत त्रिवेदी, विहान मल्होत्रा और अभिज्ञान कुंडू जैसे प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं। पाकिस्तान की टीम में फरहान यूसुफ, हमजा जहूर, समीर मिन्हास और अहमद हुसैन मैदान में हैं। यह मुकाबला युवा क्रिकेटरों की क्षमता और रणनीति को परखने वाला अहम टकराव है, जिसमें जीत सीधे सेमीफाइनल में प्रवेश की कुंजी साबित होगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 1 February 2026

उत्तर प्रदेश के बांदा पहुंचे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदू राष्ट्र को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को गाली देने से देश हिंदू राष्ट्र नहीं बन सकता। इसके लिए हिंदुओं को पहले अपनी कुरीतियों को छोड़ना होगा। उन्होंने साफ कहा कि सनातन समाज की कमियों को दूर किए बिना हिंदू राष्ट्र की कल्पना अधूरी है और इसका एक ही रास्ता है—“जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई।”   अपने संबोधन के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने तीन तलाक का नाम लिए बिना उस पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि एक मजहब में इशारे भर से तलाक हो जाता है, जबकि सनातन परंपरा में तलाक की प्रक्रिया लंबी और कानूनी होती है, जो गलत नहीं बल्कि अच्छी बात है। उन्होंने कहा, “कायदे में रहेंगे तो फायदे में रहेंगे,” और संकेतों में दूसरे मजहब की सामाजिक स्थितियों पर टिप्पणी करते हुए संयम बरतने की बात भी कही।   इस दौरान उन्होंने आस्था को लेकर भी तीखा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कभी चादर चढ़ाना, कभी मोमबत्ती जलाना और फिर हनुमान जी की कृपा न मिलने की शिकायत करना गलत है। उन्होंने ऐसे लोगों को ‘ठठरी के’ कहते हुए कहा कि सच्ची श्रद्धा में भरोसा होना चाहिए। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बांदा में सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी के आमंत्रण पर पहुंचे थे, जहां उन्होंने कैलाशेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की और सुंदरकांड का पाठ भी किया।

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Priyanshi Chaturvedi 31 January 2026

अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यात पर 50% तक लगाए गए टैरिफ ने भारत की अर्थव्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। दिसंबर 2025 में अमेरिका को भारत के निर्यात में गिरावट इसके संकेत दे चुकी है। चूंकि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है, ऐसे में यह झटका देश के 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य को प्रभावित कर सकता है। इसी पृष्ठभूमि में 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाला केंद्रीय बजट बेहद अहम माना जा रहा है, जिसे ट्रंप-प्रूफिंग रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।   सूत्रों और विशेषज्ञों के मुताबिक बजट में निर्यात-आधारित विनिर्माण को मजबूत करने और एमएसएमई सेक्टर को सुरक्षा देने पर खास फोकस रहेगा। सरकार 25,060 करोड़ रुपये के निर्यात प्रोत्साहन मिशन के जरिए सस्ते कर्ज और ब्याज सब्सिडी दे सकती है, वहीं छोटे निर्यातकों के लिए ऋण पर 85% तक सरकारी गारंटी की संभावना है। इसके अलावा ‘भारतट्रेडनेट’ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लॉजिस्टिक्स लागत घटाने और नौकरशाही बाधाएं कम करने की तैयारी है, ताकि भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजार में ज्यादा प्रतिस्पर्धी बन सकें।   लंबी अवधि के समाधान के तौर पर बजट में रक्षा और हाई-टेक सेक्टर को भी अहम भूमिका मिल सकती है। जीई एफ414 इंजन, प्रीडेटर ड्रोन सौदे, एमआरओ हब की स्थापना और 1 लाख करोड़ रुपये के आरएंडडी फंड जैसे प्रावधानों से अमेरिका के साथ रणनीतिक व्यापार संतुलन साधने की कोशिश होगी। साथ ही, दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीका जैसे नए बाजारों में निर्यात बढ़ाने, क्रिटिकल मिनरल्स मिशन और ईवी-एआई सेक्टर को मजबूती देने के ऐलान संभव हैं। कुल मिलाकर बजट 2026 से सरकार तात्कालिक राहत के साथ-साथ भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक व्यापार झटकों से सुरक्षित करने की दीर्घकालिक नींव रखने की तैयारी में है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 31 January 2026

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को नेशनल एक्सप्रेसवे नेटवर्क से सीधे जोड़ने की बड़ी तैयारी शुरू हो गई है। शहर के नजदीक से गुजरने वाले प्रस्तावित एक्सप्रेसवे से डायरेक्ट कनेक्टिविटी देने के लिए दो नई लिंक रोड बनाई जाएंगी। अभी भोपाल में तीन लिंक रोड मौजूद हैं, लेकिन वे सिर्फ शहर के अंदरूनी इलाकों तक ही सीमित हैं, जबकि नई सड़कों से राजधानी सीधे हाई-स्पीड कॉरिडोर से जुड़ेगी और लोगों को तेज, सुगम सफर मिलेगा।   इन दो अतिरिक्त लिंक रोड के बनने से भोपाल का सीधा जुड़ाव कोटा-भोपाल-सागर एक्सप्रेसवे और सागर-रायसेन से गुजरने वाले नर्मदा प्रगति पथ से होगा। दोनों लिंक रोड करीब 20-20 किलोमीटर लंबी होंगी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया एक्सप्रेसवे पर काम करेगी, जबकि लिंक रोड का निर्माण एमपीआरडीसी द्वारा किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक अगले पांच महीनों में परियोजना की रूपरेखा तय होगी और एक साल के भीतर काम शुरू कर दिया जाएगा, जबकि पूरा नेटवर्क 2026 तक तैयार होने की उम्मीद है।   इस नई कनेक्टिविटी से भोपाल की पहुंच दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, विंध्य एक्सप्रेसवे और भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर जैसे बड़े मार्गों तक आसान हो जाएगी। इससे न सिर्फ यात्रा समय घटेगा, बल्कि उद्योगों, आयात-निर्यात और निवेश को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नेटवर्क भोपाल और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए गेम चेंजर साबित होगा

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Priyanshi Chaturvedi 31 January 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 31 जनवरी को रीवा जिले के गुढ़ विधानसभा क्षेत्र में भैरवनाथ मंदिर का लोकार्पण करेंगे। कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करेंगे और ध्वज चढ़ाने के बाद मंदिर परिसर के समीप आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण, शिलान्यास और हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण भी किया जाएगा।   कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए गुढ़ विधायक नागेन्द्र सिंह और कलेक्टर प्रतिभा पाल ने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने मुख्य कार्यक्रम स्थल, पार्किंग क्षेत्र और हेलीपैड का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेलीपैड पर चारों ओर से बेरिकेडिंग की जाए और मंदिर लोकार्पण के दौरान सीमित संख्या में ही लोगों को प्रवेश दिया जाए।   कलेक्टर ने समारोह में शामिल होने वाले आमजन की सुविधा और सुरक्षा को लेकर विशेष निर्देश दिए। उन्होंने बैठने की व्यवस्था, पेयजल, पार्किंग, साउंड सिस्टम, प्रकाश और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखने के साथ वाहनों की आवाजाही सुगम बनाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर सपना त्रिपाठी, जिला पंचायत सीईओ मेहताब सिंह गुर्जर, एएसपी आरती सिंह, एसडीएम गुढ़ सुधाकर सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 30 January 2026

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मंदसौर जिले में भगवान पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में 25 करोड़ रुपये की लागत से बने पशुपतिनाथ लोक का लोकार्पण किया। लोकार्पण से पहले उन्होंने भगवान पशुपतिनाथ की पूजा-अर्चना कर यज्ञ और आरती में भाग लिया और “जय श्री पशुपतिनाथ” का जयघोष किया। इससे पहले मल्हारगढ़ में आयोजित अन्नदाता सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने भावांतर भुगतान योजना के तहत प्रदेश के 1 लाख 17 हजार किसानों के खातों में 200 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक से ट्रांसफर की। इस दौरान 65 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया गया।   सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा गरीबों की बात की, लेकिन उनके लिए कुछ नहीं किया, इसी वजह से जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया। सीएम ने कहा कि 2028 का चुनाव आ रहा है और कांग्रेस को फिर से घर बैठाना है। उन्होंने किसानों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले किसानों को सम्मान निधि तक नहीं मिलती थी, यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संभव हुआ। साथ ही सोयाबीन के बाद सरसों और मूंगफली को भी भावांतर योजना में शामिल करने की बात कही।   मुख्यमंत्री ने मंदसौर जिले की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह जिला भगवान पशुपतिनाथ के आशीर्वाद से समृद्ध है और यहां कृषि, दुग्ध उत्पादन व औषधीय फसलों में बंपर उत्पादन हो रहा है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश देश के सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्यों में तीसरे स्थान पर है। मंदसौर की वीरता का उल्लेख करते हुए सीएम ने महाराजा यशोधर्मन और हाल की घटना में जान जोखिम में डालने वाले मनोहर सिंह का जिक्र किया और बताया कि उनके बेटे को पुलिस विभाग में नौकरी दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और जिले के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार काम कर रही है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 30 January 2026

UGC के नए इक्विटी नियमों को लेकर देशभर में जारी विरोध के बीच संसदीय समिति के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा विवाद के लिए संसदीय समिति नहीं, बल्कि यूजीसी जिम्मेदार है, क्योंकि उसने समिति की अहम सिफारिशों को नजरअंदाज कर दिया। दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि झूठे मामलों में सजा हटाने या सामान्य वर्ग को सूची से बाहर रखने जैसे फैसले यूजीसी के थे, न कि संसदीय समिति के।   दिग्विजय सिंह ने कहा कि यदि यूजीसी भेदभाव की स्पष्ट परिभाषा और उसके उदाहरण तय कर देती, तो इससे वंचित वर्गों को बेहतर सुरक्षा मिलती और फर्जी मामलों की संभावना भी कम होती। संसदीय समिति ने यही सुझाव दिया था, लेकिन उसे नहीं माना गया। उन्होंने बताया कि फरवरी 2025 में रोहित वेमुला और पायल तड़वी की माताओं की पहल और सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद केंद्र सरकार व यूजीसी ने उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव रोकने के लिए ड्राफ्ट इक्विटी रेगुलेशंस जारी किए थे।   दिग्विजय सिंह के मुताबिक, यूजीसी ने समिति की कुल पांच सिफारिशों में से केवल तीन को ही स्वीकार किया। एससी, एसटी और ओबीसी का इक्विटी कमेटी में 50 प्रतिशत से अधिक प्रतिनिधित्व और भेदभाव की विस्तृत परिभाषा तय करने जैसे अहम सुझावों को नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का समाधान अब यूजीसी और शिक्षा मंत्रालय को ही निकालना होगा, ताकि नियम प्रभावी, निष्पक्ष और दुरुपयोग से मुक्त हो सकें।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 30 January 2026

UGC के नए इक्विटी नियमों को लेकर देशभर में जारी विरोध के बीच संसदीय समिति के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा विवाद के लिए संसदीय समिति नहीं, बल्कि यूजीसी जिम्मेदार है, क्योंकि उसने समिति की अहम सिफारिशों को नजरअंदाज कर दिया। दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि झूठे मामलों में सजा हटाने या सामान्य वर्ग को सूची से बाहर रखने जैसे फैसले यूजीसी के थे, न कि संसदीय समिति के।   दिग्विजय सिंह ने कहा कि यदि यूजीसी भेदभाव की स्पष्ट परिभाषा और उसके उदाहरण तय कर देती, तो इससे वंचित वर्गों को बेहतर सुरक्षा मिलती और फर्जी मामलों की संभावना भी कम होती। संसदीय समिति ने यही सुझाव दिया था, लेकिन उसे नहीं माना गया। उन्होंने बताया कि फरवरी 2025 में रोहित वेमुला और पायल तड़वी की माताओं की पहल और सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद केंद्र सरकार व यूजीसी ने उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव रोकने के लिए ड्राफ्ट इक्विटी रेगुलेशंस जारी किए थे।   दिग्विजय सिंह के मुताबिक, यूजीसी ने समिति की कुल पांच सिफारिशों में से केवल तीन को ही स्वीकार किया। एससी, एसटी और ओबीसी का इक्विटी कमेटी में 50 प्रतिशत से अधिक प्रतिनिधित्व और भेदभाव की विस्तृत परिभाषा तय करने जैसे अहम सुझावों को नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का समाधान अब यूजीसी और शिक्षा मंत्रालय को ही निकालना होगा, ताकि नियम प्रभावी, निष्पक्ष और दुरुपयोग से मुक्त हो सकें।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 30 January 2026

यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इन नियमों के दुरुपयोग की आशंका जताते हुए चिंता व्यक्त की और कहा कि किसी भी व्यवस्था में देश के सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा होना जरूरी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी और तब तक पुराने यानी 2012 के नियम ही लागू रहेंगे। साथ ही केंद्र सरकार और UGC से इस मामले में जवाब मांगा गया है।   सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह देखना जरूरी है कि नया नियम समानता के सिद्धांतों के अनुरूप है या नहीं। कोर्ट ने संकेत दिए कि इस विषय पर एक विशेष समिति गठित की जा सकती है, जो नियमों की समीक्षा करेगी। अदालत का कहना है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में निष्पक्षता जरूरी है, लेकिन किसी भी नियम से असंतुलन या दुरुपयोग की स्थिति नहीं बननी चाहिए।   UGC के नए नियमों को लेकर देशभर में विरोध-प्रदर्शन जारी है। दिल्ली में UGC मुख्यालय के बाहर छात्रों ने धरना दिया, जबकि कई राज्यों में सामान्य वर्ग के लोगों ने नियमों के खिलाफ नाराजगी जताई है। यूपी के बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट रहे पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने असहमति जताते हुए इस्तीफा दे दिया। नए नियमों के तहत SC, ST और OBC छात्रों के लिए विशेष समितियां, हेल्पलाइन और निगरानी व्यवस्था का प्रावधान है, लेकिन विरोध करने वालों का कहना है कि इससे कैंपस में नई समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 29 January 2026

मध्य प्रदेश की राजस्व रैंकिंग में इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक के आंकड़ों के अनुसार रीवा संभाग प्रदेश में राजस्व संग्रहण के मामले में शीर्ष पर पहुंच गया है। इसकी मुख्य वजह खनिज नगरी सिंगरौली रही, जहां से सबसे अधिक राजस्व जमा कराया गया। 1260 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले रीवा संभाग ने 437.25 करोड़ रुपये की वसूली कर ली है, जो लक्ष्य का करीब 58 प्रतिशत है और यह इंदौर व भोपाल जैसे बड़े संभागों से भी अधिक है।   सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक सिंगरौली जिले ने अकेले 145 करोड़ रुपये के लक्ष्य में से 97.12 करोड़ रुपये का राजस्व जमा किया, जो करीब 67 प्रतिशत है। इसी मजबूत प्रदर्शन के चलते पूरे रीवा संभाग की रैंकिंग प्रदेश में ऊपर पहुंची है। वहीं अनूपपुर जिले ने लक्ष्य के प्रतिशत के लिहाज से बेहतर प्रदर्शन किया है, जहां 10 करोड़ के लक्ष्य में 7.84 करोड़ रुपये की वसूली हुई, हालांकि लक्ष्य राशि कम होने से शहडोल संभाग आगे नहीं आ सका।   दूसरी ओर, प्रदेश के कई जिलों का प्रदर्शन कमजोर रहा है। मऊगंज, मैहर और पांढुर्ना में राजस्व संग्रहण शून्य रहा है, जबकि आगर मालवा, शिवपुरी, दमोह, इंदौर, रायसेन, सागर, मुरैना और जबलपुर जैसे जिलों में सिर्फ 12 से 20 प्रतिशत तक ही वसूली हो सकी है। रीवा जिले में 18 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 7.35 करोड़ (41 प्रतिशत), सतना में 35 प्रतिशत और सीधी में 42 प्रतिशत राजस्व संग्रहण हुआ है। कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों के कलेक्टर्स को वसूली बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 29 January 2026

राजधानी भोपाल में आज शाम गणतंत्र दिवस समारोह का औपचारिक समापन ‘बीटिंग द रिट्रीट’ कार्यक्रम के साथ होगा। गुरुवार शाम 4.30 बजे जहांगीराबाद स्थित लाल परेड मैदान में आयोजित इस भव्य समारोह में राज्यपाल मंगूभाई पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। हर साल की तरह इस बार भी कार्यक्रम के दौरान शानदार आतिशबाजी देखने को मिलेगी, जिससे माहौल देशभक्ति से सराबोर हो जाएगा।   समारोह में पुलिस बैंड कॉन्सर्ट, पुलिस ब्रास बैंड, आर्मी बैंड डिस्प्ले और पाइप बैंड द्वारा संगीतमयी और मनोहारी प्रस्तुतियां दी जाएंगी। खास बात यह है कि दिल्ली के अलावा पूरे देश में सिर्फ भोपाल ही ऐसा शहर है, जहां ‘बीटिंग द रिट्रीट’ समारोह का आयोजन किया जाता है, जिसे देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।   बीटिंग द रिट्रीट एक प्राचीन सैन्य परंपरा है, जिसकी शुरुआत युद्ध के दौरान सूर्यास्त के समय सैनिकों के हथियार बंद कर लौटने से जुड़ी है। आधुनिक भारत में यह समारोह हर साल 29 जनवरी की शाम को आयोजित होता है और इसे गणतंत्र दिवस समारोह के औपचारिक समापन के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 29 January 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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डिजिटल शिक्षा को और आसान बनाने के लिए एनसीईआरटी (राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद) ने अपना आधिकारिक व्हाट्सअप चैनल शुरू किया है। इस चैनल के माध्यम से छात्र, शिक्षक और अभिभावक नोटिस, परीक्षा अपडेट, ई-बुक्स, डिजिटल स्टडी मटेरियल और नई शैक्षिक योजनाओं की जानकारी सीधे अपने मोबाइल पर प्राप्त कर सकेंगे। एनसीईआरटी का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य शैक्षिक जानकारियों को तेज़ और सरल तरीके से लोगों तक पहुँचाना है। व्हाट्सअप जैसी लोकप्रिय डिजिटल सुविधा के जरिये छात्र अब बिना किसी परेशानी के जरूरी अपडेट्स समय पर पा सकते हैं और अलग-अलग वेबसाइट्स पर खोजबीन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह चैनल शिक्षकों के लिए भी बेहद उपयोगी साबित होगा। यहां शिक्षक प्रशिक्षण प्रोग्राम, वर्कशॉप्स और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां भी साझा की जाएंगी। चैनल से जुड़ने के लिए व्हाट्सअप के ‘Updates’ सेक्शन में NCERT सर्च करें, ब्लू टिक वाला आधिकारिक चैनल पहचानें और ‘Follow’ बटन दबाएं। खास बात यह है कि इस चैनल पर यूजर्स की गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 28 January 2026

UGC 2026 के नए नियमों को लेकर देशभर में हो रहे विरोध और असंतोष के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पहली बार इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए नियम पूरी निष्पक्षता के साथ लागू होंगे और किसी भी वर्ग या समूह के साथ भेदभाव नहीं होने दिया जाएगा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब स्वर्ण समाज से जुड़े कई संगठन इन प्रावधानों का विरोध कर रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार कानून के किसी भी तरह के दुरुपयोग के प्रति सतर्क है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नियमों को लेकर यदि किसी को भ्रम या संदेह है, तो जल्द ही आवश्यक स्पष्टीकरण जारी किया जाएगा। मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार सभी हितधारकों की चिंताओं को गंभीरता से सुन रही है और संतुलित समाधान खोजने की दिशा में काम कर रही है। शिक्षा मंत्री ने दोहराया कि UGC के नए नियमों का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में समानता, निष्पक्षता और पारदर्शिता को मजबूत करना है। उन्होंने संस्थानों से अनुरोध किया कि वे इन नियमों को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ लागू करें। सरकार का मानना है कि संवाद और स्पष्टता के माध्यम से ही इस विवाद को हल किया जा सकता है और शिक्षा व्यवस्था में अविश्वास नहीं पनपने दिया जाएगा।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 28 January 2026

कॉमेडी क्वीन भारती सिंह और उनके पति हर्ष लिम्बाचिया ने अपने परिवार में नए सदस्य का स्वागत किया और अपने दूसरे बेटे का नामकरण समारोह सोशल मीडिया पर साझा किया। इंस्टाग्राम पर उन्होंने कई प्यारी तस्वीरें पोस्ट कीं, जिनमें बड़े बेटे लक्ष्य को छोटे भाई यशवीर को गोद में प्यार से देखता हुआ दिखाया गया है। नाम और अर्थ दोनों ने अपने दूसरे बेटे का नाम यशवीर रखा है, जिसका मतलब "प्रसिद्धि और गौरव" होता है। इससे पहले उनका बड़ा बेटा लक्ष्य है। भारती ने अपने फैंस के साथ इन खुशी भरे पलों को शेयर करते हुए उत्सव का संदेश भी दिया। सेलेब्स और फैंस ने दी शुभकामनाएं पोस्ट पर कई सेलेब्स ने अपने प्यार और बधाइयां दीं। बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी, टीवी एक्ट्रेस किश्वर राय मर्चेंट, ईशा सिंह और अदा खान ने खुशियों भरे इमोजी साझा किए, जबकि रुबीना दिलैक ने लिखा, "बहुत ही सुंदर!" फैंस ने भी दोनों बेटों के लिए ढेर सारा प्यार और आशीर्वाद भेजा। भारती और हर्ष की यह जोड़ी, जो कई हिट कॉमेडी शोज और 'H3 प्रोडक्शंस' के लिए जानी जाती है, इस समय अपनी खुशियों के लिए सोशल मीडिया पर खास चर्चा में हैं।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 28 January 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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क्रिकेट के इतिहास में सबसे बड़े रन बनाने वाले बल्लेबाजों की बात करें तो सबसे पहला नाम हमेशा सचिन तेंदुलकर का ही आता है। अपने शानदार करियर में सचिन ने कुल 664 मैचों में 34,357 रन बनाए। उनका यह रिकॉर्ड न केवल अद्वितीय है, बल्कि इसे तोड़ना आने वाले खिलाड़ियों के लिए बहुत कठिन प्रतीत होता है। सचिन की यह उपलब्धि उन्हें क्रिकेट की दुनिया में हमेशा अमर बना देती है। टीम इंडिया के वर्तमान स्टार बल्लेबाज विराट कोहली इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर हैं। कोहली ने अब तक 559 मैच खेलकर 28,215 रन बनाए हैं। इसका मतलब है कि वे अभी भी सचिन तेंदुलकर से लगभग 6,000 रन पीछे हैं। इसके बावजूद, कोहली ने श्रीलंका के महान बल्लेबाज कुमार संगकारा (28,016 रन) को पीछे छोड़ दिया है। इस प्रकार, इंटरनेशनल क्रिकेट में 28,000 से अधिक रन बनाने वाले केवल तीन ही खिलाड़ी हैं, जिनमें से दो भारतीय हैं।   अन्य प्रमुख बल्लेबाजों में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग और श्रीलंका के महान बल्लेबाज महेला जयवर्धने शामिल हैं। पोंटिंग ने 560 मैचों में 27,483 रन बनाए, जबकि जयवर्धने ने 652 मैच खेलकर 25,957 रन हासिल किए। यदि जयवर्धने ने रिटायरमेंट नहीं लिया होता, तो वे 26,000 रन के आंकड़े तक पहुँच सकते थे। ये सभी खिलाड़ी अपने समय के सुपरस्टार रहे हैं और क्रिकेट प्रेमियों के लिए हमेशा यादगार बने रहेंगे।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 28 January 2026

बांग्लादेश के टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर किए जाने के बाद पाकिस्तान ने आईसीसी के फैसले का विरोध किया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अध्यक्ष मोहसिन नक़वी ने आईसीसी पर ‘दोहरे मापदंड’ अपनाने का आरोप लगाया और संकेत दिया कि अगर जरूरत पड़ी तो पाकिस्तान भी टूर्नामेंट से हट सकता है। आईसीसी ने इस मामले में पीसीबी को कड़ी चेतावनी भी दी है।   नक़वी के अनुसार पाकिस्तान की भागीदारी पर अंतिम फैसला सरकार करेगी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भारत और पाकिस्तान के मामलों में आईसीसी ने बदलाव किया, तो बांग्लादेश के साथ ऐसा क्यों नहीं हुआ। उन्होंने साफ किया कि बोर्ड सीधे आईसीसी के अधीन नहीं है और सरकार के निर्देशों के अनुसार ही फैसला होगा।   अगर पाकिस्तान टूर्नामेंट से हटता है, तो उसकी जगह युगांडा को मौका मिल सकता है। युगांडा को ग्रुप ए में भारत, नामीबिया, नीदरलैंड्स और अमेरिका के साथ रखा जा सकता है। आईसीसी आम तौर पर टी20 रैंकिंग के आधार पर नई टीम का चयन करता है, जैसे बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया था। फिलहाल स्कॉटलैंड 14वें और युगांडा 21वें नंबर पर है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 25 January 2026

गणतंत्र दिवस के मौके पर 26 जनवरी को लाल परेड मैदान में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान यातायात को व्यवस्थित करने के लिए पुलिस ने विशेष डायवर्जन योजना बनाई है। सुबह 6 बजे से लेकर समारोह के समाप्त होने तक यह व्यवस्था लागू रहेगी। वहीं, सुबह 7:30 बजे से पुलिस मुख्यालय तिराहा से कंट्रोल रूम तिराहा तक सामान्य वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। रोशनपुरा, भारत टॉकीज, टीटी नगर, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड की ओर जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं।   लाल परेड मैदान की ओर अनुमति प्राप्त भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। नगर यातायात पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे तय किए गए डायवर्जन मार्गों का पालन करें ताकि यातायात में कोई बाधा न आए। किसी आपात स्थिति या असुविधा की स्थिति में यातायात हेल्पलाइन नंबर 0755-2677340 या 0755-2443850 पर संपर्क किया जा सकता है।   इसी दौरान, लोकभवन (राजभवन) रविवार से लगातार तीन दिनों तक आम नागरिकों के लिए खुला रहेगा। जनता इस दौरान लोकभवन की ऐतिहासिकता, सजावट और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकती है। ‘राजभवन से लोकभवन’ विषय पर आधारित विशेष प्रदर्शनी भी दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी। राज्यपाल मंगुभाई पटेल के निर्देश पर यह आयोजन नागरिकों में लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान के प्रति सम्मान और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।    

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 25 January 2026

मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने फरवरी–मार्च में आयोजित होने वाली 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार नकल और पेपर लीक की किसी भी संभावना को खत्म करने के लिए बोर्ड ने कड़े और तकनीकी उपाय अपनाए हैं। परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रश्न-पत्रों की डबल पैकिंग के साथ सख्त निगरानी प्रणाली लागू की गई है।   परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए प्रश्न-पत्रों को सील्ड बॉक्स में रखकर लोहे की पेटियों में सुरक्षित किया जाएगा। इन पेटियों को परीक्षा वाले दिन सीधे परीक्षा केंद्रों के एग्जाम हॉल में ही खोला जाएगा। इसके अलावा, मोबाइल एप के जरिए पूरी परीक्षा प्रक्रिया पर नजर रखी जाएगी, जिससे हर प्रश्न-पत्र बंडल की लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी।   बोर्ड परीक्षा में तैनात सभी अधिकारी अपने मोबाइल फोन में मंडल का विशेष एप डाउनलोड करेंगे। इसी एप के माध्यम से प्रश्न-पत्र खोलने, वितरण, परीक्षा समाप्ति के बाद बंडल तैयार करने और मूल्यांकन केंद्र पर जमा करने तक की पूरी जानकारी दर्ज की जाएगी। एमपी बोर्ड की परीक्षाएं 10 फरवरी से शुरू होंगी, जिनमें वर्ष 2026 में करीब 16 लाख छात्र 10वीं और 12वीं की परीक्षा में शामिल होंगे।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 25 January 2026

राज्य सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 19 अधिकारियों को पदोन्नति देने का महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। 2001 बैच के आईपीएस डॉ. आनंद छाबड़ा को 25 वर्षों की सेवा पूरी होने पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के पद पर पदोन्नत किया गया है। वहीं, 2008 बैच के प्रशांत कुमार अग्रवाल और मिलना कुर्रे को पुलिस महानिरीक्षक के पद पर पदोन्नति मिली है।   पुलिस महानिरीक्षक वेतनमान में प्रोफार्मा पदोन्नति   21 जनवरी को डीपीसी की बैठक के बाद गृह विभाग ने पदोन्नति आदेश जारी किया। इसके तहत वर्ष 2008 बैच की आईपीएस नीथू कमल और दावुलुरी श्रवण को 1 जनवरी 2026 से पुलिस महानिरीक्षक वेतनमान में प्रोफार्मा पदोन्नति दी गई है। इसके अलावा 2012 बैच के आठ अधिकारियों को उप पुलिस महानिरीक्षक के पद पर पदोन्नति मिली है।   2013 बैच के अधिकारियों को चयन श्रेणी में पदोन्नति   2013 बैच के चार अधिकारियों—डॉ. अभिषेक पल्लव, मोहित गर्ग, भोजराम पटेल और यशपाल सिंह—को चयन श्रेणी में पदोन्नति दी गई है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत आईपीएस जितेंद्र शुक्ला और आशुतोष सिंह को भी प्रोफार्मा पदोन्नति मिली है। इस सूची में विवेक शुक्ला, रजनेश सिंह, शशि मोहन सिंह, राजेश कुकरेजा, श्वेता राजमणी, राजेश कुमार अग्रवाल, विजय अग्रवाल और रामकृष्ण साहू जैसे नाम शामिल हैं।

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Priyanshi Chaturvedi 24 January 2026

भारतीय रेलवे ने लंबे इंतजार के बाद RRB NTPC UG CBT 2 रिजल्ट 2025-26 जारी कर दिया है। अंडरग्रेजुएट लेवल के पदों के लिए आयोजित दूसरे चरण की कंप्यूटर आधारित परीक्षा में शामिल उम्मीदवार अब अपना परिणाम क्षेत्रीय रेलवे भर्ती बोर्ड की वेबसाइट पर देख सकते हैं। बोर्ड ने मेरिट लिस्ट, स्कोरकार्ड और कट-ऑफ अंक भी अपलोड कर दिए हैं। पूरी चयन प्रक्रिया CEN 06/2024 के तहत संचालित की जा रही है।   रिजल्ट ऐसे चेक करें   अपना रिजल्ट देखने के लिए उम्मीदवारों को अपने क्षेत्रीय RRB की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। होमपेज पर “RRB NTPC UG CBT 2 Result / CEN 06/2024” लिंक मिलेगा। इस लिंक पर क्लिक करने के बाद PDF फाइल खुलेगी, जिसमें उम्मीदवार Ctrl+F दबाकर अपना रोल नंबर खोज सकते हैं। CBT 2 में सफल उम्मीदवारों को पद के अनुसार अगले चरण में शामिल होना होगा। कुछ पदों के लिए कंप्यूटर आधारित एप्टीट्यूड टेस्ट (CBAT) और कुछ के लिए टाइपिंग स्किल टेस्ट (TST) आयोजित किया जाएगा।   अगले चरण और चयन प्रक्रिया   अगले चरण की परीक्षा से लगभग 10 दिन पहले परीक्षा शहर की जानकारी और 4 दिन पहले ई-कॉल लेटर उपलब्ध कराया जाएगा। सभी चयनित उम्मीदवारों को अंतिम रूप से डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा। इस बार रिजल्ट जोन के अनुसार अलग-अलग PDF फाइल में जारी किया गया है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक चेन्नई जोन से 1,295, अहमदाबाद से 550 और भुवनेश्वर से 392 उम्मीदवार अगले चरण के लिए सफल हुए हैं। कोलकाता, मुंबई, बेंगलुरु, पटना, रांची और प्रयागराज समेत सभी बड़े RRBs ने अपनी-अपनी मेरिट लिस्ट प्रकाशित कर दी है।

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Priyanshi Chaturvedi 24 January 2026

पंजाब पुलिस ने गणतंत्र दिवस से पहले होशियारपुर में पाकिस्तान-समर्थित बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़े चार आतंकियों को गिरफ्तार कर बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया। आरोपियों के कब्जे से करीब 2.5 किलो RDX से भरा IED और दो पिस्तौल बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह हमला अमेरिका और पाकिस्तान से संचालित मॉड्यूल द्वारा योजना बद्ध था।   आरोपियों की पहचान और मॉड्यूल की जानकारी   पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि गिरफ्तार आतंकियों की पहचान दिलजोत सिंह, हरमन सिंह उर्फ हरी, अजय उर्फ महिरा और अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श कंडोला के रूप में हुई है। ये सभी एसबीएस नगर जिले के राहों क्षेत्र के निवासी हैं। जांच में यह भी सामने आया कि IED का इस्तेमाल गणतंत्र दिवस समारोहों के दौरान हमला करने के लिए किया जाना था।   अमेरिका-पाकिस्तान से संचालित था साजिशी जाल   सूत्रों के अनुसार, BKI के हैंडलर अमेरिका से आतंकियों को निर्देश दे रहे थे और पाकिस्तान की ISI उन्हें विस्फोटक सामग्री मुहैया करा रही थी। पुलिस ने चारों आतंकियों से पूछताछ शुरू कर दी है और उनके अन्य साथियों की पहचान के लिए विस्तृत जांच जारी है। खुफिया सूचना के आधार पर संयुक्त कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।

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Priyanshi Chaturvedi 24 January 2026

मध्य प्रदेश के धार जिले में ऐतिहासिक भोजशाला में शुक्रवार को बसंत पंचमी उत्सव की तैयारियां पूरी कर दी गई। हिन्दू समाज ने यज्ञ हवन कुंड प्रज्वलित कर पूजा अर्चना शुरू की। महाराजा भोज वसतोत्सव समिति के संयोजक गोपाल शर्मा और अन्य पदाधिकारियों ने विशेष पूजा अर्चना की। गर्भगृह में मां वागदेवी का तेल चित्र स्थापित किया गया और ‘मां वाग्देवी’, ‘राजा भोज’ और ‘जय श्री राम’ के जयघोष से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा।   सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रशासन ने उच्च सतर्कता बरती है। ASI के निर्देशानुसार दोपहर 01 से 03 बजे के बीच मुस्लिम समाज परिसर में जुमे की नमाज अदा करेगा। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था, जिसमें दोनों समुदायों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन को पूजा और नमाज के लिए अलग-अलग स्थान तय करने का निर्देश दिया गया। ताकि दोनों आयोजनों में कोई टकराव न हो, इसीलिए मौके पर भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।   इसके साथ ही हिंदू समाज दोपहर में लालबाग परिसर से मां वाग्देवी की प्रतिमा के साथ भव्य शोभा यात्रा भी निकालेगा। प्रशासन ने पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पुलिस ने शहर के सभी मुख्य मार्गों और कार्यक्रम स्थलों पर जवान तैनात कर सुरक्षित और शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित किया है।

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Priyanshi Chaturvedi 23 January 2026

भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। ट्रैफिक समिति की बैठक में सांसद आलोक शर्मा ने ब्लू लाइन के एलिवेटेड निर्माण पर सवाल उठाते हुए इसका काम तुरंत रोकने का आदेश दिया। सांसद ने भारत माता चौराहे से लिली टॉकीज और जहांगीराबाद तक मेट्रो को अंडरग्राउंड करने की सिफारिश की और कहा कि अब तक हुए सभी काम को नए सिरे से योजना के तहत देखा जाना चाहिए।   आलोक शर्मा ने बैठक में स्पष्ट किया कि यह क्षेत्र शहर का व्यस्त और संवेदनशील हिस्सा है, जहां एलिवेटेड मेट्रो निर्माण से यातायात, व्यापार और आम जनता की आवाजाही प्रभावित होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की सुविधा और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अंडरग्राउंड मेट्रो पर गंभीरता से विचार किया जाए। बैठक में नगर निगम कमिश्नर, पुलिस कमिश्नर, एडीएम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।   सांसद की आपत्ति के साथ ही बैठक में शहर के ब्लैक स्पॉट, लेफ्ट टर्न सुधार और बिजली पोल व डीपी शिफ्टिंग जैसी अन्य समस्याओं पर भी चर्चा हुई। अगले ट्रैफिक समिति की बैठक में पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, सड़क यातायात और रोड सेफ्टी विशेषज्ञों को शामिल कर निर्णायक प्रक्रिया को तेज करने और शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने का निर्णय लिया गया।

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Priyanshi Chaturvedi 23 January 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले भारत निर्वाचन आयोग ने अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) और अभिनेता कमल हासन की पार्टी मक्कल निधि मय्यम (MNM) को उनके चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए हैं। TVK को ‘सीटी’ जबकि MNM को ‘बैटरी टॉर्च’ चुनाव चिह्न दिया गया है। यह फैसला चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के तहत लिया गया है।   चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि ये दोनों पंजीकृत लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल हैं, जिन्हें आगामी विधानसभा चुनावों के लिए समान चुनाव चिह्न देने का अनुरोध स्वीकार किया गया है। आयोग के अनुसार, जिन विधानसभा क्षेत्रों में ये पार्टियां अपने उम्मीदवार नहीं उतारेंगी, वहां ये चिह्न अन्य उम्मीदवारों को ‘मुक्त चिह्न’ के रूप में भी आवंटित किए जा सकते हैं। साथ ही, यदि कोई पार्टी न्यूनतम योग्यता पूरी नहीं करती, तो भविष्य में उसका चुनाव चिह्न वापस लिया जा सकता है।   गौरतलब है कि विजय की TVK और कमल हासन की MNM दोनों ही पार्टियां इस विधानसभा चुनाव के जरिए राज्य की राजनीति में पहली बार किस्मत आजमा रही हैं। तमिलनाडु में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं और प्रमुख दल भी अपने वादों की घोषणा कर रहे हैं। इसी कड़ी में AIADMK महासचिव ई. पलानीस्वामी ने महिला कल्याण ‘कुलविलक्कु योजना’ समेत कई चुनावी वादों का ऐलान किया है, जिसके तहत राशन कार्डधारक परिवारों की महिला मुखिया को हर महीने 2,000 रुपये की सहायता देने की बात कही गई है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 22 January 2026

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मनरेगा की जगह लाई जा रही कथित G-RAM-G (जी-राम-जी) गारंटी योजना का विरोध करते हुए कहा कि उन्हें इस नए कानून के नाम की भी जानकारी नहीं है। दिल्ली के जवाहर भवन में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार मनरेगा को कमजोर कर खत्म करना चाहती है। राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा ने गरीबों को रोजगार का अधिकार दिया है और अगर विपक्ष एकजुट हुआ तो सरकार को इस फैसले से पीछे हटना पड़ेगा।   कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इसी मुद्दे पर सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा महात्मा गांधी के नाम और उनके विचारों को लोगों की स्मृति से मिटाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि वह बजट सत्र के दौरान संसद में मनरेगा और G-RAM-G योजना का मुद्दा जोर-शोर से उठाएगी। विपक्ष शासित राज्यों, जैसे कर्नाटक और तमिलनाडु, में मनरेगा के समर्थन में प्रस्ताव लाने की भी तैयारी है।   राहुल गांधी और खरगे की टिप्पणियों पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि इन बयानों से कांग्रेस की “हिंदू-विरोधी मानसिकता” उजागर होती है। इसी विवाद की कड़ी में कर्नाटक विधानसभा में भी हंगामा देखने को मिला, जब राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए भाषण को पढ़ने से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि उसमें G-RAM-G योजना की आलोचना की गई है।

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Priyanshi Chaturvedi 22 January 2026

26 जनवरी को मनाए जाने वाले भारत के गणतंत्र दिवस को लेकर मध्य प्रदेश में तैयारियां जोरों पर हैं। इस अवसर पर प्रदेश के सभी जिलों में राजकीय समारोह आयोजित किए जाएंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सूची जारी कर स्पष्ट किया है कि राज्यस्तरीय और जिलास्तरीय कार्यक्रमों में कौन-कौन से जनप्रतिनिधि राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। जारी सूची के अनुसार, राजधानी भोपाल के लाल परेड मैदान में होने वाले मुख्य समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ध्वजारोहण करेंगे। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने गृह नगर उज्जैन में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर जिले में झंडावंदन कर मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे।   विभाग द्वारा सभी जिलों के कलेक्टरों को भेजी गई सूची में बताया गया है कि किन जिलों में मंत्री, उप मुख्यमंत्री, राज्यमंत्री और अन्य जनप्रतिनिधि झंडावंदन करेंगे। सूची के अनुसार प्रदेश के 23 जिलों में स्थानीय कलेक्टर ही ध्वज फहराएंगे, जबकि शेष जिलों में सरकार के जनप्रतिनिधि गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होकर राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 22 January 2026

भोजशाला में वसंत पंचमी और जुमे की नमाज को लेकर उपजे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। नौ साल बाद 23 जनवरी को वसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ने से स्थिति संवेदनशील हो गई थी। दोनों समुदायों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आने के बाद प्रशासन ने धार स्थित भोजशाला को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया था। मामले की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के 8 अप्रैल 2003 के आदेश को यथावत रखने का निर्देश दिया है। कोर्ट के आदेश के अनुसार, वसंत पंचमी के दिन हिंदू समाज पूजा कर सकेगा, वहीं जुमे की नमाज के लिए दोपहर 1 से 3 बजे का समय निर्धारित रहेगा। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों और क्षेत्र की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए यह संतुलित व्यवस्था कायम रखी है। गौरतलब है कि हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने दिनभर पूजा की अनुमति की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जबकि मुस्लिम समाज ने भी अपने अधिकारों को लेकर याचिका दायर की थी। इससे पहले भी 1998, 2003, 2006, 2013 और 2016 में वसंत पंचमी और जुमे के एक साथ पड़ने पर विवाद सामने आया था। सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले से एक बार फिर पुरानी व्यवस्था को लागू रखते हुए स्थिति स्पष्ट कर दी गई है।

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Priyanshi Chaturvedi 22 January 2026

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी के खिलाफ एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने जमानती वारंट जारी किया है। इस वारंट की जमानती राशि 500 रुपये तय की गई है। कोर्ट में पेश न होने के कारण यह कार्रवाई की गई है, जिसके बाद पुलिस उनकी तलाश में जुट गई है।   यह मामला लोकसभा चुनाव 2024 से जुड़ा हुआ है। 4 मई 2024 को भिंड जिले के उमरी थाना पुलिस ने जीतू पटवारी के खिलाफ केस दर्ज किया था। आरोप है कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने बसपा प्रत्याशी देवाशीष जरारिया पर भाजपा से साठगांठ का आरोप लगाया था। इसी मामले में एमएलए कोर्ट ने उन्हें 16 जनवरी 2026 को पेश होने का नोटिस जारी किया था, लेकिन वे न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए।   कोर्ट में पेश न होने पर एमएलए कोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया है। फिलहाल पुलिस उन्हें तलाश रही है। इस मामले की अगली सुनवाई 20 फरवरी 2026 को निर्धारित की गई है। जमानती वारंट होने के चलते जीतू पटवारी 500 रुपये की जमानत राशि जमा कर रिहा हो सकते हैं, लेकिन सुनवाई के दौरान कोर्ट में उपस्थित होना अनिवार्य रहेगा।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 22 January 2026

मथुरा–वृंदावन में यमुना नदी में पांच फन वाले कालिया नाग के दिखाई देने का दावा इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक विशाल नाग को पानी से बाहर निकलते और फिर लहरों में समाते हुए दिखाया गया है। कुछ लोग इसे भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ इसे मथुरा और वृंदावन का अलग-अलग वीडियो बता रहे हैं। यहां तक कि सात फन वाले नाग का दावा करने वाले वीडियो भी सामने आए हैं।   इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल इन वीडियो को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। वीडियो में नाव पर बैठे कुछ लोग यमुना नदी में नाग को दिखाते हुए रिकॉर्डिंग करते नजर आते हैं। दावा किया जा रहा है कि यह कालिया नाग स्वयं लोगों ने अपनी आंखों से देखा और वीडियो बनाया है। हालांकि, वीडियो को ध्यान से देखने पर सांप की हरकतें और पानी की लहरें अस्वाभाविक प्रतीत होती हैं।   जांच में सामने आया है कि यह वीडियो AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जनरेट किया गया है। मेटा एआई के अनुसार वीडियो में पानी से सांप का निकलना और वापस जाना पूरी तरह बनावटी लगता है। पानी की गति और लहरों का व्यवहार भी वास्तविक नहीं है। ऐसे में यमुना नदी में पांच फन वाला कालिया नाग दिखाई देने का दावा फर्जी है और यह वीडियो लोगों को भ्रमित करने के लिए तैयार किया गया है।

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Priyanshi Chaturvedi 21 January 2026

मध्यप्रदेश में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के बहुप्रतीक्षित मामले में अब निर्णय की घड़ी नजदीक आ गई है। इस अहम मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को अंतिम सुनवाई होगी। ओबीसी आरक्षण से जुड़ी सभी याचिकाओं को अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है, जिन्हें पहले हाईकोर्ट से ट्रांसफर कर शीर्ष अदालत में लाया गया था। मामले की सुनवाई जस्टिस नरसिम्हा और जस्टिस अलोका अराधे की खंडपीठ करेगी।   ओबीसी आरक्षण को लेकर प्रदेश में लंबे समय से राजनीतिक और कानूनी विवाद चला आ रहा है। वर्ष 2019 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने ओबीसी आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत कर दिया था और इसके लिए कानून भी बनाया गया, लेकिन मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने 50 प्रतिशत की सीमा का हवाला देते हुए इस पर रोक लगा दी थी। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर बीजेपी सरकार की मंशा पर भी सवाल खड़े किए हैं।   विवाद के चलते प्रदेश में सरकारी भर्तियां प्रभावित हुई हैं और फिलहाल 87:13 फॉर्मूले के तहत नियुक्तियां की जा रही हैं। राज्य सरकार ने इस केस से जुड़ी सभी याचिकाएं हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करवाई हैं। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य के किसी कानून की संवैधानिकता की पहली जांच का अधिकार अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट को होता है। अब सभी की नजरें बुधवार की अंतिम सुनवाई और आने वाले फैसले पर टिकी हैं।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 21 January 2026

स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम–2026 में शामिल होने के लिए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दावोस पहुंच गए हैं। कड़ाके की ठंड के बीच जैकेट और पेंट में नजर आए सीएम मोहन यादव का एयरपोर्ट पर एमपी की फर्स्ट सेक्रेटरी वीना तिर्की ने स्वागत किया। इससे पहले भी मध्यप्रदेश का प्रतिनिधिमंडल पिछले दो दिनों से दावोस में मौजूद रहकर वैश्विक मंच पर राज्य की निवेश संभावनाओं को मजबूती से रख रहा है।   फ़ोरम के दूसरे दिन मध्यप्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने ऊर्जा परिवर्तन, डिजिटल नवाचार, अधोसंरचना विकास और निवेश सहयोग जैसे अहम विषयों पर दुनिया की अग्रणी कंपनियों के साथ रणनीतिक संवाद किया। इन बैठकों में प्रदेश के समग्र विकास, स्वच्छ ऊर्जा और तकनीक-आधारित आर्थिक वृद्धि के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।   इसी क्रम में प्रतिनिधिमंडल ने गूगल के एशिया पैसिफिक क्षेत्र के वाइस प्रेसिडेंट संजय गुप्ता के साथ AI मिशन, क्लाउड डेटा सेंटर और कार्बन-फ्री डिजिटल इकोसिस्टम पर सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। वहीं ट्री एनर्जी सॉल्यूशंस (TES) के सीईओ मार्को अल्वेरा के साथ ग्रीन हाइड्रोजन और e-NG आधारित स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं को लेकर बातचीत हुई, जो मध्यप्रदेश की भविष्य-उन्मुख ऊर्जा नीति को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 21 January 2026

बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने मध्य प्रदेश के बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री को लेकर विवादित बयान दिया है। पप्पू यादव ने धीरेंद्र शास्त्री को “चोर-उचक्का” बताते हुए उन पर तीखा हमला बोला। इसके साथ ही उन्होंने वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय और उनकी शादी को लेकर भी विवादित टिप्पणियां की हैं। सांसद के इस बयान के बाद सोशल मीडिया और मीडिया में काफी चर्चा और आलोचना हो रही है।   पप्पू यादव ने पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में धीरेंद्र शास्त्री के ‘तिरंगा पर चांद’ वाले बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चोर-उचक्का को कथावाचक बनाना गलत है और इसे सनातन परंपरा से जोड़ना उचित नहीं। उन्होंने अपने बयान में प्रेमानंद महाराज का सम्मान करते हुए कहा कि ऐसे सच्चे संतों का आदर करना चाहिए। इसके अलावा पप्पू यादव ने कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय और शिप्रा शर्मा की राजस्थान में हुई शादी का भी तंज कसते हुए कहा कि भारत को ढोंगीवाद से मुक्त रहने देना चाहिए।   यह विवाद धीरेंद्र शास्त्री के हालिया यूपी के बांदा में आरएसएस के शताब्दी हिंदू सम्मेलन में दिए गए बयान से शुरू हुआ। उस दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि यदि तिरंगे में चांद आ गया तो किसी हिंदू जाति का अस्तित्व नहीं बचेगा और देश को जातिवाद नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद की आवश्यकता है। पप्पू यादव के बयान ने इस विवाद को और बढ़ा दिया है, जिससे बागेश्वर धाम और कथावाचकों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 20 January 2026

नई दिल्ली में आयोजित ‘विश्व पुस्तक मेला 2026’ का समापन भव्य रूप से हुआ, लेकिन अंतिम दिन प्रगति मैदान के भारत मंडपम में कुछ स्टॉल्स पर किताबों की लूट की घटनाओं ने माहौल को बिगाड़ दिया। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़भाड़ वाले स्टॉल पर लोग किताबें पाने के लिए एक-दूसरे पर झपट रहे हैं और शेल्फ से किताबें खींच रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ प्रकाशकों ने मुफ्त किताबें बांटने की घोषणा की थी, जिससे अफरा-तफरी मच गई और लोग केवल किताबें बटोरने में लग गए।   इस घटना ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं भी पैदा की हैं। यूजर्स ने इसे नागरिक बोध की कमी और सार्वजनिक आचरण पर सवाल उठाने वाला बताया। एक यूजर ने लिखा, "पाठक चोरी नहीं करते और चोर कभी पढ़ते नहीं," जबकि एक अन्य ने कहा कि अधिकांश लोग किताबों के प्रति रुचि नहीं रखते, केवल उन्हें इकट्ठा करना चाहते हैं। कई लोगों ने आयोजन में भीड़ प्रबंधन की कमी और बेहतर व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया।   विश्व पुस्तक मेला 2026 का यह 53वां संस्करण 18 जनवरी को संपन्न हुआ। उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कतर और स्पेन के संस्कृति मंत्रियों के साथ किया था। मेले में 35 से अधिक देशों के 1,000 से ज्यादा प्रकाशकों ने हिस्सा लिया। साहित्य प्रेमियों के लिए यह उत्सव यादगार रहा, लेकिन आखिरी दिन की यह घटना आयोजन की छवि के लिए कड़वी याद छोड़ गई।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 20 January 2026

उत्तर प्रदेश के डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य ने विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परियोजना में देरी पाए जाने पर केवल ठेकेदार ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। डिप्टी CM ने विभागीय अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं और कहा कि शिथिलता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।   समीक्षा बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के व्यय की विस्तृत स्थिति भी पेश की गई। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के कुल 709.88 करोड़ रुपये के बजट में से 431.03 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 215.19 करोड़ रुपए तक का व्यय 7 जनवरी तक किया जा चुका है। डिप्टी CM ने व्यय की गति तेज करने और स्वीकृत धन का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।   उन्होंने कहा कि बचत धनराशि का इस्तेमाल जनहितकारी कार्यों में किया जाएगा। इसके अलावा मानक के अनुरूप कार्य न करने या अनावश्यक देरी करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने और परियोजनाओं को वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले पूरा करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। डिप्टी CM ने जोर देकर कहा कि विकास से जुड़े कार्य प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 20 January 2026

करूर भगदड़ मामले ने साउथ के मशहूर अभिनेता और टीवीके पार्टी प्रमुख जोसेफ विजय चंद्रशेखर के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने विजय को नई दिल्ली में पूछताछ के लिए समन भेजा है। यह समन इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले भी विजय से इस मामले में सवाल-जवाब किए जा चुके हैं, लेकिन जांच एजेंसी अब और गहराई से तथ्य जुटाना चाहती है। ताजा जानकारी के मुताबिक, विजय से पूछताछ 19 जनवरी को होगी। 12 जनवरी को हुई पूछताछ में विजय ने कहा था कि करूर भगदड़ के लिए न उनकी पार्टी जिम्मेदार थी और न ही वे खुद। उनका कहना था कि भीड़ बढ़ने का अंदेशा होने पर उन्होंने भाषण रोककर मंच से उतरकर सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश की। वहीं, पुलिस के बयान में कहा गया कि भगदड़ की वजह विजय और उनकी पार्टी के देरी से पहुंचने के कारण बढ़ी भीड़ थी। अब सीबीआई इन दोनों बयानों का मिलान कर वास्तविकता की जांच कर रही है। यह पूछताछ 27 सितंबर 2025 की उस घटना से जुड़ी है, जब करूर में विजय टीवीके पार्टी के प्रचार कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस हादसे में 41 लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए। विजय ने मृतकों के परिवारों को 20 लाख रुपये की सहायता राशि दी थी। मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज अजय रस्तोगी की समिति की निगरानी में चल रही है। सीबीआई ने हाल में जांच तेज कर दी है और विजय के साथ-साथ पार्टी के अन्य नेताओं से भी सवाल किए जा रहे हैं, ताकि घटना के सभी पहलुओं की स्पष्ट जानकारी मिल सके।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 18 January 2026

  जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) के ‘आइडियाज ऑफ जस्टिस’ सत्र में भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ ने न्याय व्यवस्था, जवाबदेही और सामाजिक बदलाव पर विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि जज भी समाज से आते हैं, जहाँ भ्रष्टाचार मौजूद है, लेकिन उनसे उच्चतम मानदंडों की अपेक्षा होती है। चंद्रचूड़ ने स्पष्ट किया कि करप्शन को जस्टिफाई नहीं किया जा सकता, लेकिन हर गलत फैसले को भ्रष्टाचार कहना भी आसान नहीं। उनके अनुसार, इसके लिए जवाबदेही तय करने वाला एफिशिएंट सिस्टम जरूरी है। पूर्व CJI ने ऐतिहासिक फैसलों का उदाहरण देते हुए बताया कि कुछ निर्णय फ्लोरिश के साथ आते हैं, जैसे समलैंगिकता को अपराधमुक्त करने वाला फैसला। उमर खालिद केस पर बोलते हुए उन्होंने बेल के सिद्धांत समझाया और कहा कि कानून इनोसेंस की पूर्वधारणा पर आधारित है। बेल न देने के केवल तीन अपवाद हैं: आरोपी दोबारा गंभीर अपराध कर सकता है, ट्रायल से भाग सकता है, या सबूतों में छेड़छाड़ कर सकता है। चंद्रचूड़ ने नेशनल सिक्योरिटी से जुड़े मामलों में बेल की प्रथा और प्री-ट्रायल डिटेंशन पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ट्रायल समय पर न होने पर आर्टिकल 21 के तहत स्पीडी ट्रायल का अधिकार प्रभावित होता है। जिला और हाईकोर्ट में बेल न देने की प्रवृत्ति से सुप्रीम कोर्ट पर केसों का बोझ बढ़ता है, जिससे सालाना लगभग 70 हजार मामले वहां पहुंचते हैं। उनका संदेश स्पष्ट था: संविधान सर्वोपरि है, और न्याय तंत्र को समाज और बदलते समय के अनुरूप प्रभावी और जवाबदेह होना चाहिए।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 18 January 2026

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनज़र सिंगूर में आयोजित जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीएम ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी पर जमकर निशाना साधा। पीएम ने कहा कि बंगाल की जनता टीएमसी को सत्ता से हटाने के लिए दृढ़ संकल्पित है और लोग 15 साल के “महान जंगलराज” को बदलना चाहते हैं। उन्होंने बिहार के उदाहरण का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा ने वहां जंगलराज को रोका और अब बंगाल में भी बदलाव का समय है। प्रधानमंत्री मोदी ने टीएमसी सरकार पर आरोप लगाया कि वह पश्चिम बंगाल और देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि टीएमसी घुसपैठियों को संरक्षण देती है और उनके लिए नकली दस्तावेज बनाने में मदद करती है। पीएम ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले 11 सालों में बार-बार बंगाल बॉर्डर पर फेंसिंग लगाने के लिए पत्र लिखा, लेकिन टीएमसी ने किसी पर ध्यान नहीं दिया। मोदी ने युवाओं को सतर्क रहने और घुसपैठ को रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में अपार संभावनाएं हैं – नदियाँ, तटरेखा और उपजाऊ भूमि – और भाजपा हर जिले की ताकत को और मजबूत करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार केंद्रीय योजनाओं को जनता तक पहुँचने से रोकती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मछुआरों के लिए डिजिटल पंजीकरण प्लेटफॉर्म को भी टीएमसी ने रोक दिया। पीएम ने आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार विकसित पूर्वी भारत के लिए लगातार काम कर रही है और भाजपा हर जिले में लोगों के हितों को बढ़ावा देगी।

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Priyanshi Chaturvedi 18 January 2026

बिहार के पश्चिमी चंपारण के चकिया में बन रहे विराट रामायण मंदिर में 17 जनवरी को विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित किया जाएगा। इस अवसर के लिए देश और विदेश से वैदिक विद्वान बुलाए गए हैं, जबकि कंबोडिया और कोलकाता से विशेष फूल और पूजा सामग्री मंगवाई गई हैं। मंदिर ट्रस्ट कमेटी कई दिनों से इस भव्य स्थापना की तैयारियों में जुटी हुई थी। 33 फुट ऊंचा शिवलिंग काले ग्रेनाइट के एक ही ब्लॉक से महाबलीपुरम में दस साल में बनाया गया। इसे ट्रक के माध्यम से पूर्वी चंपारण लाया गया। 210 मीट्रिक टन वाले इस विशाल शिवलिंग को स्थापित करने के लिए 750 टन क्षमता वाली दो क्रेन लाई गई हैं और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) स्थापना प्रक्रिया की तकनीकी देखरेख करेगी। शिवलिंग को भांग, धतूरा, बेल के पत्ते और 18 फुट लंबी माला से सजाया जाएगा। पूजा में अयोध्या, काशी, हरिद्वार, गुजरात, महाराष्ट्र और पटना के वैदिक विद्वान शामिल होंगे। शिवलिंग के अभिषेक के लिए कैलाश मानसरोवर, गंगोत्री, यमुनोत्री, हरिद्वार, प्रयागराज, गंगा सागर, सोनपुर और रामेश्वरम के साथ पांच प्रमुख नदियों का जल लाया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और अन्य गणमान्य लोग समारोह में उपस्थित रहेंगे। पूरा आयोजन माघ कृष्ण चतुर्दशी की शुभ तिथि पर होगा, जो शिवलिंग स्थापना और पूजा के लिए पौराणिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।

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Priyanshi Chaturvedi 16 January 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरुवल्लुवर दिवस के अवसर पर महान तमिल दार्शनिक और कवि संत तिरुवल्लुवर को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने तिरुवल्लुवर को तमिल संस्कृति का उत्कृष्ट प्रतीक बताया और देशवासियों से उनके कालजयी ग्रंथ 'तिरुक्कुरल' को पढ़ने का आग्रह किया। पीएम मोदी ने कहा कि तिरुवल्लुवर सामंजस्यपूर्ण और करुणामय समाज में विश्वास रखते थे और उनके आदर्श आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किए गए संदेश में लिखा कि तिरुवल्लुवर का काम और उनके आदर्श अनगिनत लोगों को प्रेरित करते हैं। उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि वे 'तिरुक्कुरल' पढ़ें, जो संत की अद्वितीय बुद्धि और नैतिक शिक्षाओं की झलक प्रस्तुत करता है। पीएम मोदी ने कहा कि तिरुवल्लुवर का मानना था कि समाज में सद्भाव और दया होना चाहिए। पीएम मोदी ने अपने संदेश से जुड़ा एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि तिरुवल्लुवर ने लिखा था कि विपरीत परिस्थितियों में कमजोर नहीं पड़ना चाहिए और कठिनाई का सामना करके लक्ष्य हासिल करना चाहिए। वीडियो में उन्होंने कहा कि तिरुवल्लुवर ने सैकड़ों वर्ष पहले शौर्य, सम्मान, मर्यादापूर्ण व्यवहार और विश्वसनीयता को किसी देश की सेना के चार मुख्य गुणों के रूप में बताया।

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Priyanshi Chaturvedi 16 January 2026

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने रियल एस्टेट डेवलपर्स के खिलाफ दिवालियापन कार्यवाही में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) या किसी सोसायटी को दखल देने से साफ मना कर दिया है। अदालत ने कहा कि सेक्शन 7 के तहत यह प्रक्रिया केवल लेनदार और कर्जदार के बीच होती है, और थर्ड पार्टी को इसमें सुनवाई का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सोसायटी तब तक वित्तीय लेनदार नहीं मानी जा सकती जब तक उसने खुद कोई कर्ज नहीं दिया हो या खरीदारों का अधिकृत प्रतिनिधित्व न हो। सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर आरडब्ल्यूए को प्रक्रिया के आरंभिक चरण में दखल देने की इजाजत दी गई, तो इससे कानून का दायरा बढ़ सकता है और डेवलपर्स अपनी समस्याओं को टालने के लिए सामूहिक हितों का बहाना बना सकते हैं। अदालत ने कहा कि सेक्शन 7 के तहत कार्यवाही व्यक्तिगत होती है और घर खरीदारों का सामूहिक प्रतिनिधित्व केवल दिवालियापन प्रक्रिया शुरू होने के बाद अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से संभव है। फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि घर खरीदारों के हित IBC के तहत पूरी तरह सुरक्षित हैं। भविष्य में रियल एस्टेट दिवालियापन मामलों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कोर्ट ने दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिनमें सभी अलॉटीज का विवरण देना, कब्जा न दिए जाने के कारण CoC द्वारा लिखित करना और परिसमापन सिफारिशों के लिए ठोस औचित्य प्रस्तुत करना शामिल है। यह निर्णय अहमदाबाद की ‘तक्षशिला एलेगना’ परियोजना से जुड़े 70 करोड़ रुपये के ऋण मामले में आया।

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Priyanshi Chaturvedi 16 January 2026

भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए एक ऐतिहासिक पहल की है। अब प्रदेश में इस गंभीर अनुवांशिक बीमारी का स्थाई इलाज, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, 15 से 30 लाख रुपए के खर्च के बावजूद पूरी तरह मुफ्त होगा। इसके लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) और नई दिल्ली की मेदांता फाउंडेशन के बीच एमओयू किया गया है। इस योजना के पहले चरण में इंदौर, उज्जैन और देवास जिलों के मरीजों को कवर किया जाएगा। योजना के तहत लाभ लेने वाले मरीज की आयु 12 साल या उससे कम और परिवार की आय 8 लाख रुपए से कम होनी चाहिए। साथ ही, ट्रांसप्लांट के लिए भाई या बहन का 100% HLA मैच होना अनिवार्य है। सरकार न केवल ट्रांसप्लांट का खर्च उठाएगी, बल्कि मरीज और उसके परिजनों के दिल्ली आने-जाने, रहने और खाने-पीने की व्यवस्था भी मुफ्त करेगी। इससे आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित बच्चों को राहत मिलेगी। एनएचएम मध्य प्रदेश की मिशन संचालक डॉ. सलोनी सिडाना ने बताया कि सरकार वर्तमान में जिलेवार डेटा जुटा रही है ताकि मरीजों की सटीक स्थिति का पता लगाया जा सके। थकान, पीलापन और पेट में सूजन जैसी लक्षणों वाली यह बीमारी लिवर और हृदय को नुकसान पहुंचा सकती है। इस पहल से हजारों बच्चों को सामान्य जीवन जीने की नई उम्मीद मिली है।

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Priyanshi Chaturvedi 16 January 2026

भोपाल में आयोजित ‘मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस–2026’ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रिमोट के माध्यम से ‘मध्यप्रदेश स्पेसटेक पॉलिसी-2026’ लॉन्च की। इस अवसर पर एआई, नवाचार और तकनीकी विकास को बढ़ावा देने वाले कई महत्वपूर्ण एमओयू का आदान-प्रदान भी हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में एआई और स्पेसटेक का उपयोग जनकल्याण, सुशासन और समावेशी विकास को नई दिशा देगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘फ्यूचर स्किल्स फॉर एआई–पावर्ड भारत’ पहल के तहत कौशल रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ युवाओं में एआई के प्रति जागरूकता फैलाने और उन्हें आधुनिक कौशल से लैस करने का काम करेगा। केंद्रीय सहयोग से राज्य के आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेजों में आधुनिक डेटा लैब्स की स्थापना की जा रही है, जिससे लाखों युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण मिलेगा। कार्यक्रम में इंडिया एआई मिशन और ‘युवा एआई फॉर ऑल’ की लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप एआई आधारित विकास की दिशा को उजागर करता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश एआई नीति और मिशन को भी जल्द लॉन्च करेगा, जिससे प्रदेश में नवाचार, तकनीकी क्षमता और समावेशी विकास को मजबूती मिलेगी।

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Priyanshi Chaturvedi 16 January 2026

मध्यप्रदेश विधानसभा बजट सत्र-2026 की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। यह मोहन सरकार का तीसरा बजट सत्र होगा, जो 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। इस दौरान कुल 12 बैठकें होंगी और पांच दिन का अवकाश रहेगा। सत्र के पहले दिन राज्यपाल मंगू भाई पटेल विधानसभा में अभिभाषण देंगे और सरकार की उपलब्धियों की जानकारी साझा करेंगे। इसके बाद अभिभाषण पर कृतज्ञता प्रस्ताव के माध्यम से चर्चा होगी।   डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा इस साल का तीसरा मुख्य बजट पेश करेंगे। पिछले बजट (2025-26) में लगभग 4.21 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जबकि इस बार किसानों और मध्यमवर्गीय परिवारों को महंगाई में राहत मिलने की उम्मीद है। बजट सत्र के दौरान 21, 22, 28 फरवरी और 1, 3 मार्च को अवकाश रहेगा। स्थगन प्रस्ताव और अन्य विधायी सूचनाएं 10 फरवरी तक विधानसभा सचिवालय में ली जाएंगी।

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Priyanshi Chaturvedi 15 January 2026

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन पर संकट गहरा गया है। चुनाव आयोग द्वारा चल रही SIR (Special Summary Revision) प्रक्रिया बेहद धीमी गति से चल रही है, जिससे तय समय पर अंतिम मतदाता सूची जारी करना चुनौतीपूर्ण बन गया है। लाखों नोटिस अभी भी लंबित हैं और सुनवाई का काम अधूरा है, जो चुनावी तैयारियों पर सीधा असर डाल सकता है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अब तक 65,78,058 SIR नोटिस जारी किए गए, लेकिन इनमें से केवल 32,49,091 नोटिस ही मतदाताओं तक पहुंच पाए हैं। बाकी 33,28,967 नोटिस अब भी डिलीवर नहीं हो सके हैं। इसके अलावा 74,19,356 मामलों में सुनवाई लंबित है। जो नोटिस डिलीवर हुए हैं, उनमें से भी केवल लगभग 40% मामलों में सुनवाई पूरी हुई है, जिससे प्रक्रिया की सुस्ती स्पष्ट होती है। उत्तर और दक्षिण 24 परगना, मुर्शिदाबाद और नदिया जैसे बड़े जिलों में नोटिस डिलीवरी और सुनवाई की स्थिति बेहद खराब है। चुनाव आयोग ने अतिरिक्त माइक्रो-ऑब्जर्वर तैनात करने और सुनवाई केंद्र बढ़ाने का दावा किया है, लेकिन प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार 14 फरवरी तक अंतिम सूची प्रकाशित करना मुश्किल है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया दी और प्रशासन को कानून के अनुसार निडर होकर कार्य करने के निर्देश दिए।

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Priyanshi Chaturvedi 14 January 2026

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि भारत शक्सगाम घाटी पर 1963 में पाकिस्तान और चीन के बीच हुए समझौते को अवैध मानता है। उन्होंने कहा कि भारत इस क्षेत्र में किसी भी गतिविधि को मंजूरी नहीं देता और CPEC 2.0 या चीन-पाकिस्तान द्वारा जारी किसी भी संयुक्त बयान को स्वीकार नहीं करता। इससे पहले लद्दाख के LG कवींद्र गुप्ता ने भी चीन के दावों को खारिज करते हुए कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाला पूरा कश्मीर (पीओके) भारत का हिस्सा है और चीन की विस्तारवादी नीति से कुछ हासिल नहीं होगा। शक्सगाम वैली जम्मू-कश्मीर के उत्तरी हिस्से में स्थित है और काराकोरम पर्वत श्रृंखला में आता है। यह क्षेत्र भारत का हिस्सा है, लेकिन फिलहाल चीन के नियंत्रण में है। 1963 में पाकिस्तान ने इस क्षेत्र को चीन को सौंप दिया था, जबकि भारत ने इसे अवैध करार दिया। शक्सगाम घाटी का रणनीतिक महत्व इसलिए है क्योंकि यह काराकोरम दर्रे के पास है और चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर (CPEC) के मार्ग में आता है। इसके अलावा सियाचिन और लद्दाख की सुरक्षा स्थिति भी इस क्षेत्र से सीधे जुड़ी हुई है। हाल ही में चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर के तहत शक्सगाम घाटी में चीन बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास कर रहा है। खबरों के अनुसार, इस क्षेत्र में 75 किलोमीटर लंबाई और 10 मीटर चौड़ाई वाला ऑल-वेधर रोड तैयार हो चुका है। भारत ने चेतावनी दी है कि ऐसे प्रोजेक्ट क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को बदल सकते हैं, जिसे वह अपना संप्रभु क्षेत्र मानता है। 1950 के दशक में चीनी घुसपैठ और 1963 में पाकिस्तान द्वारा चीन को शक्सगाम सौंपने के बाद से यह क्षेत्र भारत के लिए सुरक्षा और कानूनी दृष्टि से संवेदनशील बना हुआ है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 14 January 2026

रेलवन (RailOne) एप के जरिए अनरिजर्व्ड (जनरल) टिकट बुक करने पर अब यात्री 3% की छूट का लाभ ले सकते हैं। यह ऑफर UPI, क्रेडिट/डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग से भुगतान करने पर लागू होगा। इसके अलावा, यदि टिकट का भुगतान रेलवन एप के R-वॉलेट से किया जाए, तो छूट 6% तक बढ़ जाएगी। यह नई स्कीम आज से लागू होकर 14 जुलाई 2026 तक यानी 6 महीने तक चलेगी। ध्यान रहे कि यह छूट केवल रेलवन एप पर ही उपलब्ध है और किसी अन्य प्लेटफॉर्म या वेबसाइट से बुकिंग पर यह लागू नहीं होगी। भारतीय रेल मंत्रालय के अनुसार, रेलवन एक ‘वन-स्टॉप सॉल्यूशन’ है, जिसमें ट्रेन यात्रा से जुड़ी सभी सेवाएं उपलब्ध हैं। इसे Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर मुफ्त डाउनलोड किया जा सकता है। एप में एक बार लॉगिन (mPIN या बायोमेट्रिक) करने के बाद यात्री टिकट बुकिंग, लाइव ट्रेन स्टेटस, शिकायत दर्ज करने और अन्य सुविधाओं का लाभ एक ही जगह ले सकते हैं। पहले यात्रियों को IRCTC, NTES, Rail Madad और Food on Track जैसे अलग-अलग एप्स इस्तेमाल करने पड़ते थे, जिससे समय और मोबाइल स्टोरेज की समस्या होती थी। रेलवन एप इन सभी समस्याओं का समाधान प्रदान करता है। R-Wallet भारतीय रेलवे का डिजिटल वॉलेट है, जिससे यात्री रेल टिकट और अन्य सेवाओं का ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं। इसमें लॉगिन बायोमेट्रिक या mPIN से सुरक्षित होता है। R-Wallet से जनरल टिकट बुक करने पर 6% तक की छूट मिल सकती है। इसे इस्तेमाल करने के लिए रेलवन एप पर रजिस्ट्रेशन करना आवश्यक है। रजिस्ट्रेशन के लिए एप डाउनलोड कर मोबाइल नंबर से OTP वेरिफिकेशन करें और mPIN या बायोमेट्रिक लॉगिन एक्टिव करें। इसके बाद टिकट बुकिंग, लाइव ट्रेन स्थिति और अन्य सुविधाओं का लाभ आसानी से लिया जा सकता है।

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Priyanshi Chaturvedi 14 January 2026

मध्य प्रदेश की मोहन कैबिनेट की बैठक मंगलवार 13 जनवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित हुई। बैठक से पहले सीएम ने प्रदेश में शुरू किए गए समाधान अभियान की जानकारी दी। इस अभियान के तहत 16 विभागों की 91 हितग्राहीमूलक योजनाओं को पात्र लोगों तक घर-घर पहुंचाया जाएगा। अभियान का पहला चरण 12 जनवरी से 16 फरवरी तक, दूसरा चरण 16 फरवरी से 16 मार्च तक क्लस्टर शिविरों के रूप में और अंतिम चरण 31 मार्च तक जिला स्तर पर आयोजित होगा। सीएम ने सभी मंत्रियों को अपने-अपने जिलों में अभियान की सतत निगरानी के निर्देश दिए। यह बैठक खास इसलिए भी रही क्योंकि यह प्रदेश की पहली पूरी तरह ई-कैबिनेट बैठक थी, जिसमें सभी मंत्री टैबलेट के जरिए प्रस्तावों पर चर्चा करते नजर आए। कैबिनेट ने ग्वालियर व्यापार मेला 2026 में ऑटोमोबाइल बिक्री पर परिवहन टैक्स में 50 प्रतिशत छूट के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके साथ ही स्पेस टेक नीति 2026 पर मुहर लगाई गई, जिसका उद्देश्य स्पेस टेक्नोलॉजी, ड्रोन, सैटेलाइट डेटा और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना है। ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़े फैसले लिए गए, जिनमें सोलर सह स्टोरेज की तीन प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं—300 मेगावाट (4 घंटे), 300 मेगावाट (6 घंटे) और 200 मेगावाट (24 घंटे) की सोलर स्टोरेज परियोजनाएं, ताकि पीक डिमांड के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। कैबिनेट ने प्रदेश के 1.21 लाख से अधिक शिक्षकों के लिए चतुर्थ श्रेणी क्रमोन्नत वेतनमान योजना को मंजूरी दी, जिस पर करीब 322 करोड़ रुपये का व्यय आएगा। इसके अलावा प्रदेश में 200 नए सांदिपनी विद्यालय खोलने के दूसरे चरण को हरी झंडी दी गई, जिन पर लगभग 3660 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बैठक में मोहनपुरा विस्तारीकरण और सुल्तानपुर उद्धहन सिंचाई परियोजना सहित कई अहम प्रस्ताव भी पास किए गए, जिससे 11 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित होगी और 10 हजार से ज्यादा किसान परिवारों को लाभ मिलेगा। कुल मिलाकर, मोहन सरकार की इस कैबिनेट बैठक में विकास, तकनीक और जनकल्याण पर फोकस साफ नजर आया।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 13 January 2026

तमिल अभिनेता से नेता बने विजय की फिल्म ‘जना नायकन’ की रिलीज में हो रही देरी को लेकर सियासत गरमा गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस फिल्म को रोकने की कोशिश तमिल संस्कृति पर हमला है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिल लोगों की आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे इसमें कभी सफल नहीं होंगे। इससे पहले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन भी फिल्म की रिलीज में देरी को लेकर केंद्र की आलोचना कर चुके हैं। दरअसल, 9 जनवरी को मद्रास हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने सिंगल जज के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी, जिसमें CBFC को फिल्म को तुरंत सेंसर सर्टिफिकेट देने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद विजय की इस राजनीतिक पृष्ठभूमि वाली फिल्म का भविष्य अधर में लटक गया। फिल्म के प्रोड्यूसर KVN प्रोडक्शंस LLP ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की यह कार्रवाई तमिल संस्कृति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है।  ‘जना नायकन’ को विजय की राजनीति में सक्रिय एंट्री से पहले उनकी आखिरी फिल्म के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। यह फिल्म पहले पोंगल के मौके पर 9 जनवरी को रिलीज होने वाली थी, लेकिन कानूनी अड़चनों के कारण ऐसा नहीं हो सका। हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने CBFC को पूरा पक्ष रखने का मौका देने की बात कहते हुए अगली सुनवाई 21 जनवरी तय की है। अब सभी की नजरें अदालत के अगले फैसले पर टिकी हैं, जो तय करेगा कि फिल्म आखिरकार कब दर्शकों तक पहुंच पाएगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 13 January 2026

अब ऑनलाइन सामान 10 मिनट में मिलने का दावा बीते दिनों की बात हो सकती है। डिलीवरी पार्टनर्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए श्रम मंत्रालय ने 10 मिनट की डिलीवरी व्यवस्था पर रोक लगाने का फैसला किया है। इस मुद्दे पर सरकार ने स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट और जेप्टो जैसी प्रमुख ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों से बातचीत भी की है। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने स्पष्ट किया कि तय समय-सीमा के दबाव में डिलीवरी बॉय हादसों का शिकार हो रहे हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। श्रम मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद बड़ी डिलीवरी कंपनियों ने सरकार को आश्वासन दिया है कि वे अपने ब्रांड प्रमोशन और सोशल मीडिया से 10 मिनट की डिलीवरी का दावा हटा देंगी। इस दिशा में ब्लिंकिट ने पहल करते हुए अपनी टैगलाइन बदल दी है। कंपनी ने “10 मिनट में 10,000+ प्रोडक्ट डिलीवर” की जगह अब “आपके दरवाजे पर 30,000+ प्रोडक्ट डिलीवर” का संदेश अपनाया है। आने वाले दिनों में अन्य प्लेटफॉर्म्स के भी ऐसा ही करने की उम्मीद है। गौरतलब है कि 25 और 31 दिसंबर को देशभर में गिग वर्कर्स की हड़ताल के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर बहस तेज हुई थी। 10 मिनट की डिलीवरी के दबाव में तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने के कारण कई हादसों के मामले सामने आए थे। सरकार के इस फैसले का मकसद डिलीवरी पार्टनर्स के लिए सुरक्षित, संतुलित और बेहतर कार्य-परिस्थितियां सुनिश्चित करना है, ताकि काम के दौरान उनकी जान जोखिम में न पड़े।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 13 January 2026

boAt के को-फाउंडर अमन गुप्ता ने मध्य प्रदेश में आयोजित स्टार्टअप हैकाथॉन ‘हैक एंड मेक’ को संबोधित करते हुए कहा कि आज स्टार्टअप शुरू करने का सबसे अच्छा समय है। उन्होंने युवाओं को बताया कि सरकार का सपोर्ट, फंडिंग और मार्केट सभी तैयार हैं। उनका कहना था कि प्रदेश के युवा जन्मजात टैलेंटेड हैं और उनमें वह आग है जो उन्हें यूनिकॉर्न बनाने की क्षमता देती है। अमन गुप्ता ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने स्टार्टअप जर्नी में पांच बार असफलता झेली, लेकिन हर बार फिर उठकर शुरुआत की। अमन गुप्ता ने 12 घंटे के इनोवेशन स्प्रिंट में भाग लेने वाली 105 टीमों को स्टार्टअप के महत्वपूर्ण सूत्र बताए। उन्होंने बताया कि boAt की शुरुआत 2016 में सिर्फ एक आइडिया और कुछ लाख रुपए से हुई थी, और आज इसका वैल्यू 10 हजार करोड़ से अधिक है। उन्होंने कहा, "असफलता से डरो मत, असफलता सबसे बड़ा शिक्षक है। मैंने जितना असफलताओं से सीखा, उतना किसी बिजनेस स्कूल से नहीं सीखा।" उन्होंने बताया कि ब्रांड का नाम सरल और याद रखने योग्य होना चाहिए, इसलिए boAt का नाम चुना गया। अमन ने रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की और मध्य प्रदेश की नई स्टार्टअप नीति के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निवेश के साथ-साथ प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने का भरोसा दिया। युवाओं के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि पैरेंट्स को पहले छोटी सफलता दिखाएं, फिर वे स्टार्टअप के लिए पूरा सपोर्ट देंगे। अमन ने निष्कर्ष निकाला कि कंपनियां फेल हो सकती हैं, लेकिन इंस्पिरेशन कभी खत्म नहीं होती।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 12 January 2026

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारत में अपनी नियुक्ति के दौरान कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले साल भारत का दौरा कर सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए ट्रंप की शुभकामनाएं भी व्यक्त की और भारत-अमेरिका के संबंधों को ‘असली दोस्ती’ बताया। गोर ने कहा कि कोई भी देश वाशिंगटन के लिए भारत जितना महत्वपूर्ण नहीं है और दोनों देश व्यापार समझौते को मजबूत करने में सक्रिय रूप से जुड़े रहेंगे। हालांकि, पिछले साल ट्रंप ने 2026 में भारत आने का संकेत दिया था, वहीं नए अमेरिकी राजदूत ने अगले दौरे की बात 2027 या 2028 के लिए की है, जिससे दौरे को लेकर भ्रम बना हुआ है। सर्जियो गोर ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में वह सक्रिय रूप से शामिल रहेंगे और अगली बैठक जल्द होगी। उन्होंने बताया कि दोनों देश सुरक्षा, आतंकवाद विरोध, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सहयोग जारी रखेंगे। अमेरिकी दूतावास में आयोजित समारोह में गोर ने भारत को पैक्स सिलिका गठबंधन में अगले महीने पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल किए जाने की घोषणा की। यह गठबंधन अमेरिका के नेतृत्व में सुरक्षित, लचीली और नवाचार आधारित सिलिकॉन आपूर्ति श्रृंखला बनाने के लिए बनाया गया है। गोर ने अपने भाषण में इंडिया गेट का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप से भारत की खूबसूरती और प्रधानमंत्री मोदी के लिए उनके प्यार भरे संदेश लाए हैं। उन्होंने कहा कि व्हाइट हाउस में नए बॉलरूम और पेरिस के आर्क डी ट्रायम्फ जैसी परियोजनाओं पर भी ट्रंप काम कर रहे हैं, लेकिन दिल्ली में उनकी योजनाएं भी कम आकर्षक नहीं हैं। उनका कहना था कि ये दौरे और परियोजनाएं भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत करने का जरिया बनेंगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 12 January 2026

दिल्ली और उत्तर भारत में वायु प्रदूषण गंभीर समस्या बन चुकी है, खासकर ठंड और घने कोहरे के दौरान हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर तक गिर जाती है। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की अर्थशास्त्र प्रोफेसर संगीता बंसल ने अहमदाबाद विश्वविद्यालय में आयोजित 7वें वार्षिक आर्थिक सम्मेलन में कहा कि किसी क्षेत्र में वायु प्रदूषण केवल कारखानों या वाहनों की वजह से नहीं होता, बल्कि मौसम और भौगोलिक बनावट भी बड़ी भूमिका निभाती है। उन्होंने इंडो-गंगा के मैदान को 'वैली इफेक्ट' से ग्रस्त बताते हुए समझाया कि यहां पैदा होने वाला प्रदूषण बाहर नहीं फैलता और लंबे समय तक हवा में रहता है।   प्रोफेसर बंसल ने यह भी सुझाव दिया कि भारत में उत्सर्जन पर अभी तक कोई सीधा कर (एमिशन टैक्स) नहीं है, और सरकार को इसे लागू करना चाहिए। उनका कहना था कि ज्यादा प्रदूषित क्षेत्रों, जैसे इंडो-गंगा के मैदान, में उत्सर्जन पर अधिक टैक्स लगाना चाहिए। इससे कंपनियों को संवेदनशील इलाकों में फैक्ट्री लगाने में खर्च बढ़ेगा और वे कम संवेदनशील क्षेत्रों की ओर रुख करेंगी, जिससे कुल मिलाकर प्रदूषण में कमी आएगी और लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा बेहतर होगी।

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Priyanshi Chaturvedi 12 January 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सोमनाथ में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के मौके पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सोमनाथ मंदिर को तोड़ने वाले आज इतिहास के पन्नों में सिमट चुके हैं। पीएम ने कहा कि करीब 1000 साल पहले आक्रांताओं को लगा था कि वे सोमनाथ को नष्ट कर जीत गए हैं, लेकिन आज मंदिर पर फहराती ध्वजा हिंदुस्तान की शक्ति और आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से आज भी देश में ऐसी ताकतें मौजूद हैं, जो मंदिरों के पुनर्निर्माण का विरोध करती रही हैं और समाज को बांटने की कोशिश कर रही हैं। प्रधानमंत्री ने बिना नाम लिए कहा कि जब सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की शपथ ली थी, तब उन्हें भी रोकने की कोशिश की गई थी। उन्होंने याद दिलाया कि 1951 में मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के समय तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के शामिल होने पर भी आपत्ति जताई गई थी। पीएम मोदी ने कहा कि जिन देशों के पास अपनी विरासत होती है, वे उस पर गर्व करते हैं, लेकिन आजादी के बाद कुछ लोगों ने गुलामी की मानसिकता के चलते अपनी ही विरासत को भुलाने की कोशिश की। पीएम मोदी ने कहा कि 1026 में गजनवी और बाद में खिलजी ने सोमनाथ को तोड़ने की कोशिश की, लेकिन हर बार इसका पुनर्निर्माण हुआ। उन्होंने कहा कि यह संयोग है कि आज सोमनाथ पर पहले हमले के 1000 साल और पुनर्निर्माण के 75 साल पूरे हो रहे हैं। विदेशी आक्रांताओं और मजहबी कट्टरपंथियों ने सदियों तक भारत को तोड़ने की कोशिश की, लेकिन न सोमनाथ नष्ट हुआ और न ही भारत। इससे पहले पीएम मोदी ने मंदिर में करीब 30 मिनट तक पूजा-अर्चना की और शिवलिंग का अभिषेक किया।

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Priyanshi Chaturvedi 11 January 2026

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अहम आदेश में साफ किया है कि आपराधिक मामलों में फाइनल बहस के बाद फैसला सुरक्षित रखने वाला जज ही निर्णय सुनाएगा। चाहे उस जज का तबादला किसी दूसरी अदालत या जिले में क्यों न हो जाए, उत्तराधिकारी जज उस मामले में दोबारा फाइनल बहस कराने का आदेश नहीं दे सकता। जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा की बेंच ने कहा कि एक बार जब ट्रायल पूरा हो जाए और बहस सुन ली जाए, तो उसी जज को फैसला सुनाना चाहिए, ताकि न्याय में अनावश्यक देरी न हो।   हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल के आदेश का भी हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि ट्रांसफर के समय न्यायिक अधिकारियों को उन सभी मामलों की जानकारी देनी होगी, जिनमें उन्होंने फाइनल बहस सुनकर फैसला सुरक्षित रखा है। ऐसे मामलों में ट्रांसफर के बाद भी वही जज फैसला सुनाएगा। कोर्ट ने कहा कि नए जज द्वारा दोबारा बहस कराने से त्वरित न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन होता है और इससे मामलों में बेवजह देरी होती है। यह आदेश मकोका (MCOCA) के तहत दर्ज एक मामले में दिया गया। आरोपी ने हाईकोर्ट में अपील कर कहा था कि फाइनल बहस पूरी होने और फैसला सुरक्षित रखने के बाद जज का ट्रांसफर हो गया, जिसके बाद नए जज ने दोबारा बहस का आदेश दे दिया। हाईकोर्ट ने इस आदेश को रद्द करते हुए कहा कि पुराने जज को ही फैसला सुनाने का अधिकार है। कोर्ट ने मानवीय पहलू पर भी जोर देते हुए कहा कि जेल में बंद आरोपी के लिए फैसला सुरक्षित रहने की अवधि बेहद तनावपूर्ण होती है और दोबारा बहस कराना उसके लिए मानसिक रूप से कठिन हो सकता है। इसलिए अदालतों को कानून के साथ-साथ इंसानियत का भी ध्यान रखना चाहिए।

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Priyanshi Chaturvedi 11 January 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिका से विश्व हिंदू प्रवासियों ने एक पत्र भेजा है, जिसमें बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर गहरी चिंता जताई गई है। पत्र में हत्याओं, भीड़ के हमलों और कथित तौर पर सरकारी कार्रवाई की कमी का जिक्र करते हुए भारत सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की गई है। प्रवासी समूहों ने लिखा है कि यह अपील वे बेहद दुख और मजबूरी में कर रहे हैं। पत्र में एक युवा बांग्लादेशी हिंदू दीपू चंद्र दास की लिंचिंग और जिंदा जलाए जाने की घटना का हवाला देते हुए कहा गया है कि ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन उन्हें रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। पत्र में 1950 के लियाकत–नेहरू पैक्ट का भी जिक्र किया गया है। प्रवासी हिंदू समूहों ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने पाकिस्तान के साथ जो समझौता किया था, उसमें अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का वादा किया गया था, लेकिन यह समझौता पूरी तरह विफल साबित हुआ। उस समय बांग्लादेश पाकिस्तान का हिस्सा था और पूर्वी पाकिस्तान कहलाता था। इसके अलावा, 1971 के लिबरेशन वॉर के बाद भारत आए कई हिंदू शरणार्थियों को दोबारा बांग्लादेश भेजे जाने का भी उल्लेख किया गया है। प्रवासी समूहों ने मांग की है कि भारत सरकार बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 11 January 2026

भोपाल लिटरेचर फेस्टिवल को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विवाद इतना बढ़ा कि आयोजकों को एक सत्र को रद्द करना पड़ा। सवाल संस्कृति विभाग और राज्य सरकार की भूमिका पर भी उठ रहे हैं। पूरे देश में जहां शिक्षा, भारतीय ज्ञान परंपरा, सनातन संस्कृति और संस्कारों की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर ऐसे विषयों पर सत्र आयोजित किए जाने को लेकर आपत्ति जताई जा रही है। विवादित सत्र बाबर से जुड़ी एक किताब पर चर्चा को लेकर था, जिसे लेकर सोशल मीडिया और बौद्धिक हलकों में नाराजगी देखने को मिली। विवाद के बाद सत्र किया गया कैंसिल जानकारी के मुताबिक, भारत भवन स्थित बहुकला केंद्र में भोपाल लिटरेचर फेस्टिवल के तहत एक सत्र आयोजित किया जाना था, जिसमें ‘बाबर : क्वेस्ट फॉर हिंदुइज्म’ किताब पर चर्चा होनी थी। यह सत्र 10 जनवरी को दोपहर करीब 1 बजे प्रस्तावित था, जिसमें आभास मालदहियार और यश दीक्षित के बीच संवाद होना था। लेकिन सत्र से पहले ही विवाद शुरू हो गया और आयोजकों को इसे रद्द करना पड़ा। हैरानी की बात यह है कि भारत भवन एक सरकारी संस्थान है और न्यास नियमों के अनुसार किसी निजी संस्था को भवन देने की अनुमति नहीं है। कुछ न्यासियों का कहना है कि उन्हें न तो आयोजन की शर्तों की जानकारी थी और न ही सत्र की विषयवस्तु की। ऐसे में प्रशासन और संस्कृति विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

Patrakar Vandana Singh

Vandana Singh 10 January 2026

केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को जयपुर स्थित पुलिस अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में नव-चयनित 9,000 कांस्टेबल्स को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस मौके पर जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार की तारीफ की। अमित शाह ने कहा कि बिना खर्च और सिफारिश के पारदर्शी तरीके से युवाओं को नौकरी दी गई है। यह भर्ती भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद राजस्थान पुलिस की पहली बड़ी भर्ती है, जिससे कानून व्यवस्था और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के बिना प्रतिभा का सम्मान करते हुए युवाओं को रोजगार देना सरकार की बड़ी उपलब्धि है और राजस्थान में कानून व्यवस्था सुधारने का वादा पूरा किया गया है। पेपर लीक खत्म, अपराध में आई कमी अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस शासन में पेपर लीक की घटनाएं आम थीं, लेकिन भजनलाल शर्मा सरकार बनने के बाद यह सिलसिला पूरी तरह खत्म हो गया है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे होने के बावजूद राजस्थान में कानून व्यवस्था बेहतर हुई है और सरकार बनने के बाद अपराध की घटनाओं में करीब 14 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में आधे से ज्यादा मामलों में दोषियों को सजा मिल रही है और कानून व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इससे पहले जोधपुर में आयोजित माहेश्वरी ग्लोबल कन्वेंशन में भी अमित शाह शामिल हुए, जहां उन्होंने माहेश्वरी समाज के योगदान की सराहना करते हुए उसे देश के विकास में अहम भूमिका निभाने वाला समाज बताया।

Patrakar Vandana Singh

Vandana Singh 10 January 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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अयोध्या में राम मंदिर परिसर के एक्जिट गेट के बाहर नमाज पढ़ते हुए एक युवक को पुलिस ने हिरासत में लिया है। सूत्रों के अनुसार, युवक कश्मीर के शोपियां जिले का रहने वाला है। घटना की जानकारी मिलते ही वहां कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। लोगों की शिकायत के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को रोककर पूछताछ शुरू की। मंदिर परिसर में तैनात वाचर ने सबसे पहले संदिग्ध गतिविधि की सूचना दी थी। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की जा सके। खुफिया एजेंसियां सतर्क, जांच जारी हिरासत में लिए गए युवक की पहचान अबू अहमद शेख के रूप में हुई है। आरोप है कि वह दक्षिणी परकोटे क्षेत्र में नमाज पढ़ रहा था। बताया जा रहा है कि सुरक्षा कर्मियों ने जब उसे रोकने की कोशिश की तो उसने कथित तौर पर नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने तुरंत उसे हिरासत में ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही खुफिया एजेंसियां, स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। फिलहाल युवक से गहन पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह वहां क्यों आया था और उसके इरादे क्या थे। सुरक्षा के मद्देनजर मामले की सभी एंगल से जांच जारी है।

Patrakar Vandana Singh

Vandana Singh 10 January 2026

मध्यप्रदेश में इंदौर-भोपाल के बाद अब विंध्य क्षेत्र को भी मेट्रोपॉलिटन रीजन के रूप में विकसित करने की तैयारी है। रीवा दौरे पर पहुंचे डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और मैहर को जोड़कर एक नया मेट्रोपॉलिटन रीजन बनाया जाएगा। भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने बताया कि भोपाल की तर्ज पर रीवा और आसपास के क्षेत्रों को मिलाकर सुनियोजित शहरी विकास किया जाएगा, जिससे विंध्य क्षेत्र को नई पहचान और गति मिलेगी। डिप्टी सीएम ने बताया कि विंध्य एक्सप्रेस-वे का काम शुरू हो चुका है और भोपाल से सिंगरौली तक फोरलेन हाईवे का निर्माण तेजी से चल रहा है, जो सिर्फ सड़क नहीं बल्कि विकास की रीढ़ बनेगा। उन्होंने कहा कि रीवा शहर में पेयजल व्यवस्था को लगातार मजबूत किया गया है और आने वाले समय में पानी की आपूर्ति 95 एमएलडी तक पहुंचाई जाएगी। साथ ही मनरेगा को नए स्वरूप में ‘वीबी जी रामजी’ योजना के तहत लागू किया गया है, जिससे ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगेगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 9 January 2026

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल में एक बार फिर सख्त और विवादित तेवरों को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने अंतर्राष्ट्रीय कानून को लेकर बेहद बेबाक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उन्हें अंतर्राष्ट्रीय कानून की कोई परवाह नहीं है और न ही इसकी जरूरत महसूस होती है। ट्रंप के इस बयान को वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रिया के संदर्भ में देखा जा रहा है, जिस पर कई देशों ने सवाल खड़े किए हैं। इंटरव्यू में ट्रंप ने चीन-ताइवान तनाव पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने दावा किया कि जब तक वे राष्ट्रपति हैं, चीन ताइवान पर हमला नहीं करेगा। साथ ही यूरोप और यूक्रेन युद्ध पर बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि अगर वे सत्ता में नहीं होते तो रूस अब तक पूरे यूक्रेन पर कब्जा कर चुका होता। उन्होंने यह भी दोहराया कि नाटो को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही है और अमेरिका ही इस गठबंधन की असली चिंता करता है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 9 January 2026

इंडिया पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) के कोलकाता ऑफिस और कंपनी के सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के बाद बड़ा राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया। कोलकाता से लेकर दिल्ली तक विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। हालात को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 8 जनवरी को हुई पूरी कार्रवाई के क्रम और घटनाक्रम पर ईडी से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। सूत्रों के अनुसार, ईडी ने इस मामले में पहले ही अपने मूल मंत्रालय यानी केंद्रीय वित्त मंत्रालय को रिपोर्ट सौंप दी है और अब गृह मंत्रालय को भी अलग से रिपोर्ट देगी। वहीं, छापेमारी के दौरान ईडी को सुरक्षा देने वाली केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने भी अपनी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप दी है। सीआरपीएफ गृह मंत्रालय के अधीन आता है, ऐसे में मंत्रालय पूरे मामले की हर परत की समीक्षा कर रहा है। छापेमारी के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मौके पर पहुंचना इस पूरे प्रकरण का सबसे अहम पहलू बन गया। पहले वह प्रतीक जैन के आवास पहुंचीं और फिर पुलिस अधिकारियों के साथ I-PAC ऑफिस गईं, जहां से कुछ कागजी और इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों के साथ बाहर निकलीं। अब गृह मंत्रालय ने ईडी को निर्देश दिया है कि वह बताए कि छापेमारी के दौरान राज्य प्रशासन की ओर से क्या-क्या बाधाएं आईं और मुख्यमंत्री के साथ मौजूद वरिष्ठ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका क्या रही। ईडी की यह रिपोर्ट कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय तैयार कर दिल्ली मुख्यालय भेजेगा, जिसके बाद इसे गृह मंत्रालय को सौंपा जाएगा।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 9 January 2026

बाहुबली नेता बृजभूषण सिंह ने अपने 69वें जन्मदिन पर गोंडा में जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। वे करीब 100 गाड़ियों के काफिले के साथ नंदिनी निकेतन पहुंचे, जहां 10 किलोमीटर के रास्ते में जगह-जगह उनका भव्य स्वागत किया गया और बुलडोजर से फूल बरसाए गए। मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद राष्ट्रकथा के मंच से बृजभूषण ने कहा कि मंच पर सिर्फ साधु रहेंगे, “भगवान भी आएं तो उन्हें रोक दिया जाए।” बृजभूषण सिंह के जन्मदिन पर 5 लाख लोगों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है, जिसके लिए 15 बीघा में पंडाल लगाया गया और 1200 लोग भोजन तैयार कर रहे हैं। मेन्यू में पारंपरिक व्यंजन शामिल हैं। 1 से 8 जनवरी तक चले ‘राष्ट्र कथा’ आयोजन का आज समापन है, जिसमें अब तक कई महंत, भोजपुरी स्टार और यूपी-बिहार के नेता शामिल हो चुके हैं, जबकि आज भी कई राजनीतिक हस्तियों के पहुंचने की संभावना है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 8 January 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस के खिलाफ कड़े प्रतिबंधों से जुड़े एक अहम बिल को मंजूरी दे दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रस्तावित कानून में रूस से तेल खरीदने वाले देशों—भारत, चीन और ब्राजील—पर 500% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है। रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने बताया कि व्हाइट हाउस में ट्रम्प से बातचीत के बाद इस बिल को संसद में पेश करने की हरी झंडी मिली है और अगले हफ्ते इस पर वोटिंग हो सकती है। ‘सेंक्शनिंग ऑफ रशिया एक्ट 2025’ नाम के इस बिल को सीनेट में 80% से ज्यादा सांसदों का समर्थन हासिल है।   रूसी तेल की खरीद को लेकर अमेरिका पहले ही भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगा चुका है, जिससे कुल टैरिफ 50% हो गया है। अगर नया बिल पास होता है तो भारत के लिए मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। भारत चाहता है कि कुल टैरिफ घटाकर 15% किया जाए और रूसी तेल पर लगाई गई अतिरिक्त पेनाल्टी हटे। इसी बीच, सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने दावा किया कि भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने उनसे ट्रम्प तक यह संदेश पहुंचाने को कहा था कि भारत पर लगाया गया अतिरिक्त 25% टैरिफ हटाया जाए। दोनों देशों के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत जारी है और नए साल में किसी ठोस नतीजे की उम्मीद जताई जा रही है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 8 January 2026

सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों से जुड़े मामलों पर लगातार दूसरे दिन करीब ढाई घंटे तक सुनवाई हुई। इस दौरान जस्टिस नाथ ने कुत्तों के व्यवहार पर अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि कुत्ते इंसानों का डर पहचान लेते हैं, इसलिए काटते हैं। इस पर एक वकील ने असहमति जताई, लेकिन जस्टिस नाथ ने स्पष्ट किया कि यह बात वह अपने निजी अनुभव के आधार पर कह रहे हैं। वहीं याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि राज्यों की ओर से दिए गए आंकड़ों में नगर पालिकाओं द्वारा संचालित शेल्टर की स्पष्ट जानकारी नहीं है और देश में फिलहाल केवल 5 सरकारी शेल्टर हैं, जिनमें प्रत्येक की क्षमता करीब 100 कुत्तों की है।   सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि समस्या के समाधान के लिए ठोस इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी है। वकीलों ने दलील दी कि शेल्टर और मॉनिटरिंग की व्यवस्था के बिना कुत्तों को हटाना व्यावहारिक नहीं है। इससे पहले कोर्ट ने स्कूलों, अस्पतालों और रेलवे स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने और उन्हें तय शेल्टर में भेजने के निर्देश दिए थे। वहीं एनिमल वेलफेयर पक्ष ने कुत्तों को हटाने से चूहों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई, जिस पर कोर्ट ने हल्के अंदाज में टिप्पणी करते हुए संतुलित और नियमों के अनुरूप समाधान पर जोर दिया।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 8 January 2026

  विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है। कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोयला घोटाले से जुड़े मामले में IPAC प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और कार्यालय पर छापा मारा। रेड के दौरान उस समय बड़ा राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला, जब खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रतीक जैन के घर पहुंच गईं। IPAC तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए काम करती है, ऐसे में सीएम की मौजूदगी से माहौल और ज्यादा संवेदनशील हो गया। ममता बनर्जी सीधे ऑफिस के अंदर जाने लगीं, जबकि जांच एजेंसी के अधिकारी उन्हें रोकते नजर आए। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है।                    ED की कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी उनकी पार्टी के दस्तावेज जब्त कर रही है और यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक उत्पीड़न है। ममता ने कहा कि एक तरफ SIR के जरिए वोटरों के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसी रेड के माध्यम से उनकी पार्टी को “हाईजैक” करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने दावा किया कि करीब 1.5 करोड़ नाम हटाए गए हैं और दस्तावेजों का दुरुपयोग किया जा रहा है। ममता ने इसे लोकतंत्र और विपक्ष को दबाने की साजिश करार दिया।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 8 January 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर लंबी बातचीत की, जिसमें दोनों नेताओं ने भारत और इज़रायल के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी को और गहरा बनाने पर विचार-विमर्श किया। पीएम मोदी ने नेतन्याहू और इज़रायल की जनता को नए साल की शुभकामनाएं दीं और बातचीत के दौरान क्षेत्रीय स्थिति, आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयास और भविष्य में सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की। उन्होंने दोनों देशों के साझा दृष्टिकोण को दोहराते हुए आतंकवाद और अन्य सुरक्षा खतरों के खिलाफ ठोस और दृढ़ कदम उठाने की प्रतिबद्धता जताई। इस वार्ता में यह भी स्पष्ट हुआ कि भारत और इज़रायल न केवल सुरक्षा, बल्कि राजनीतिक, आर्थिक और तकनीकी मोर्चों पर भी लंबे समय से सहयोगी हैं और इसे और मजबूत करने की योजना है। भारत और इज़रायल के बीच सहयोग का दायरा कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में फैला हुआ है। दोनों देश रक्षा और आंतरिक सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, कृषि और जल प्रबंधन, स्वास्थ्य और जैव प्रौद्योगिकी, नवाचार और एआई, व्यापार और निवेश सहित कई सेक्टरों में एक दूसरे के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य केवल आर्थिक और तकनीकी लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयासों को भी सशक्त बनाना है। पीएम मोदी और नेतन्याहू ने वार्ता में यह साझा किया कि आने वाले वर्षों में दोनों देश अपनी रणनीतिक साझेदारी को और व्यापक बनाएंगे और वैश्विक चुनौतियों का सामना एकजुट होकर करेंगे।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 7 January 2026

यूपी कैबिनेट ने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दो महत्वपूर्ण फैसले लिए। फर्जी डिग्री प्रकरण में जेएस विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद को परिसमापन के लिए मंजूरी दी गई, जबकि आईआईएमटी विश्वविद्यालय, मेरठ को ग्रेटर नोएडा में ऑफ-कैंपस संचालन की अनुमति मिली। जेएस विश्वविद्यालय ने बीपीएड पाठ्यक्रम में फर्जी मार्कशीट और डिग्रियां जारी कीं, जिससे शिक्षा तंत्र की विश्वसनीयता प्रभावित हुई। योगी सरकार ने परिसमापन के दौरान विश्वविद्यालय की गतिविधियों के सीमित संचालन हेतु त्रि-सदस्यीय अंतरिम समिति भी गठित की। आईआईएमटी विश्वविद्यालय के ग्रेटर नोएडा ऑफ-कैंपस को एलओपी जारी करने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे। इस कदम से राज्य में शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और नियमों के पालन का संदेश मजबूत हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सख्त कार्रवाई अन्य निजी विश्वविद्यालयों को भी नियमों के पालन के लिए सचेत करेगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 7 January 2026

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ (JNUSU) ने हाल ही में कैंपस में लगे मोदी विरोधी नारों को लेकर विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। छात्रसंघ ने कहा कि यह पूरी कवायद विश्वविद्यालय की छवि खराब करने और छात्रों के उत्पीड़न को तेज करने की एक संगठित कोशिश है। उन्होंने याद दिलाया कि 5 जनवरी 2020 को नकाबपोश हथियारबंद हमलावरों ने जेएनयू परिसर में घुसकर साबरमती हॉस्टल और अन्य स्थानों पर छात्रों और शिक्षकों पर हमला किया था। उस रात को शांतिपूर्ण विरोध कर रहे छात्रों पर खुला हमला किया गया, जबकि पुलिस मूकदर्शक बनी रही। JNUSU ने सवाल उठाया कि कोमल शर्मा और एबीवीपी के वे गुंडे कहां हैं, जिन्होंने उस हमले की योजना बनाने और अंजाम देने की बात स्वीकार की थी। छात्रसंघ ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस, जो छोटे-से विरोध पर भी तेज़ी से कार्रवाई करती है, 5 जनवरी 2020 के मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि वर्तमान विवाद के जरिए छात्रों की आवाज दबाने और विश्वविद्यालय को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। यह विवाद उमर खालिद और शरजील इमाम की सुप्रीम कोर्ट में जमानत अस्वीकृत होने के बाद छात्रों द्वारा लगाए गए नारों के वीडियो के वायरल होने के बाद उठा।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 7 January 2026

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मास्टर प्लान के तहत अगले पांच साल में जयपुर, इंदौर, भोपाल, रायपुर, उज्जैन और अन्य प्रमुख शहर ‘रेल नगरी’ के रूप में विकसित होंगे। इस योजना के लागू होने के बाद इन शहरों के रेलवे स्टेशनों की क्षमता दोगुनी होगी, नई ट्रेनें चलेंगी और यात्रियों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मिलेंगी। योजना का उद्देश्य रेलवे नेटवर्क को आधुनिक और सक्षम बनाना है ताकि यात्री सुविधा और कनेक्टिविटी दोनों बढ़ सकें।   योजना में लंबी दूरी की एक्सप्रेस, मेल और वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके लिए शहरों में नए प्लेटफॉर्म, आरामदायक प्रतीक्षालय, चौड़े फुटओवर ब्रिज और एस्केलेटर जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उपनगरीय रेल के विस्तार से दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों में लोकल ट्रेन की फ्रीक्वेंसी भी बढ़ाई जाएगी। योजना के तहत नए टर्मिनल, मेगा कोचिंग कॉम्प्लेक्स, मल्टीट्रैकिंग और सिग्नलिंग सिस्टम का अपडेट भी शामिल है।   इस योजना में शामिल प्रमुख शहर हैं: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, जयपुर, जोधपुर, इंदौर, भोपाल, उज्जैन, रायपुर, हैदराबाद, बेंगलुरु, अहमदाबाद, पटना, लखनऊ, पुणे, नागपुर, वाराणसी, कानपुर, गोरखपुर, मथुरा, अयोध्या, आगरा, पं. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, चंडीगढ़, लुधियाना, अमृतसर, जम्मू, वडोदरा, सूरत, मडगांव, कोचीन, पुरी, भुवनेश्वर, विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, तिरुपति, हरिद्वार, गुवाहाटी, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया, मैसूर, कोयंबटूर, टाटानगर, रांची और बरेली।   इस मेगा प्रोजेक्ट के तीन चरणों में पूरे होने के बाद देश के रेलवे नेटवर्क में सुधार और यात्रियों की सुविधा में बड़ा बदलाव आएगा।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 6 January 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला पर हमले के बाद अब भारत को लेकर अपनी नाराजगी जताई है। उन्होंने रूसी तेल खरीद के मुद्दे पर भारत को चेतावनी दी और कहा कि अगर भारत मदद नहीं करता है तो वे जल्दी ही टैरिफ बढ़ा सकते हैं। हालांकि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ भी की और कहा कि वे नेक इंसान हैं और उन्हें खुश करना चाहते थे। ट्रंप ने यह बयान अपने विमान में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया। भारत पहले से ही अमेरिका से 50% टैरिफ झेल रहा है, जिसमें रूसी तेल खरीद पर 25% पेनल्टी शामिल है। ट्रंप ने कहा कि भारत पर जल्दी ही और टैरिफ बढ़ सकता है। इस बयान के बाद देश में सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को इसका जवाब देना चाहिए और आम आदमी पार्टी ने भी पूछा कि आखिर क्यों भारत को ट्रंप खुश करना जरूरी है। इस मामले पर भारत सरकार की तरफ से अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 6 January 2026

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को सागर द्वीप में 1,700 करोड़ रुपये की लागत वाले ‘गंगासागर सेतु’ का शिलान्यास किया। यह 4.75 किलोमीटर लंबा और चार लेन का पुल मुरीगंगा नदी पर बनेगा, जो काकद्वीप को सीधे सागर द्वीप से जोड़ेगा। अगले दो-तीन वर्षों में पुल का निर्माण पूरा होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने इसे गंगासागर तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए पौष संक्रांति से पहले विशेष उपहार बताया। पुल बनने के बाद श्रद्धालुओं को गंगासागर मेले में आने के लिए फेरी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वर्तमान में फेरी में औसतन 45 मिनट से 1.5 घंटे लगते हैं और खराब मौसम में यह समय और बढ़ जाता है। 4.75 किलोमीटर लंबा पुल सीधे सड़क मार्ग से सागर द्वीप को जोड़ देगा, जिससे यात्रा समय घटकर मात्र 10–15 मिनट रह जाएगा। इससे आवागमन तेज, सुगम और सुरक्षित हो जाएगा और शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों तक पहुंच भी आसान होगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 6 January 2026

  सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों के मुख्य आरोपियों उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका राष्ट्रीय सुरक्षा और यूएपीए प्रावधानों का हवाला देते हुए खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया उनके खिलाफ साजिश के ठोस सबूत हैं और उनकी भूमिका अन्य आरोपियों से अलग है। वहीं, पांच अन्य आरोपियों को 12 शर्तों के साथ सशर्त जमानत दी गई। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि देश की सुरक्षा का सवाल सर्वोपरि है और केवल देरी के आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उमर और शरजील के मामले में जांच और अभियोजन पक्ष के ठोस तथ्य मौजूद हैं। उनके खिलाफ आतंकी गतिविधियों से जुड़े आरोप हैं, जिसमें नागरिकों को नुकसान पहुंचाने और अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने की संभावना शामिल है। कोर्ट ने यह भी बताया कि जमानत बचाव पक्ष के मूल्यांकन का मंच नहीं है और प्रत्येक आरोपी की स्थिति गुणात्मक रूप से अलग होने के कारण अलग-अलग मूल्यांकन आवश्यक है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 5 January 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिल्ली दौरे पर हैं, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करीब 45 मिनट तक मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने यूपी मंत्रिमंडल विस्तार और 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर गहन मंथन किया। बैठक के बाद सीएम योगी गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात करेंगे, जिससे मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं तेज हो गई हैं। वर्तमान में यूपी मंत्रिमंडल में 54 मंत्री हैं, जबकि अधिकतम 60 पद हो सकते हैं। वर्ष 2024 के चुनाव के बाद कई पद खाली हो गए थे और 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए अब बचे हुए पदों को भरने की तैयारी चल रही है। इस विस्तार में जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों को भी ध्यान में रखा जाएगा। सीएम योगी इस दौरान बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं नितिन नबीन और जेपी नड्डा से भी मुलाकात करेंगे।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 5 January 2026

सुप्रीम कोर्ट ने अजमेर शरीफ दरगाह पर सालाना उर्स के दौरान केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री द्वारा ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की मजार पर चादर चढ़ाने पर रोक लगाने वाली याचिका खारिज कर दी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि याचिका न्यायसंगत नहीं है और इसे तुरंत खारिज किया जाता है। विश्व वैदिक सनातन संघ द्वारा दायर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन में यह तर्क रखा गया था कि इस परंपरा को संवैधानिक मूल्यों और देश की संप्रभुता के खिलाफ बताया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिका खारिज होने का अजमेर कोर्ट में पेंडिंग सिविल केस पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उर्स के मौके पर यूनियन मिनॉरिटी अफेयर्स मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री की ओर से चादर चढ़ाई, जो स्वतंत्र भारत में लगातार आने वाले प्रधानमंत्रियों द्वारा निभाई जाने वाली लंबी परंपरा का हिस्सा है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 5 January 2026

भोपाल मेट्रो को अब एक चौथाई यात्री भी नहीं मिल रहे हैं, जिसके चलते मेट्रो कॉर्पोरेशन ने उद्घाटन के सिर्फ 14 दिन बाद टाइमिंग और ट्रिप दोनों में बदलाव कर दिया है। अब एम्स स्टेशन से मेट्रो सुबह 9 बजे की बजाय दोपहर 12 बजे शुरू होगी, जबकि शाम 7:30 बजे एम्स से आखिरी मेट्रो सुभाष नगर के लिए चलेगी। पहले दोनों ओर कुल 17 ट्रिप लगाई जा रही थी, जो अब घटाकर 13 कर दी गई हैं। नए शेड्यूल के अनुसार मेट्रो 75 मिनट के अंतराल पर चलेगी। एम्स से सुभाष नगर के लिए सात और सुभाष नगर से एम्स के लिए छह ट्रिप होंगी। कमर्शियल रन के पहले दिन यानी 21 दिसंबर को 6,568 यात्री मेट्रो में सवार हुए थे, लेकिन धीरे-धीरे संख्या घटकर अब एक हजार के आसपास रह गई है। 5 जनवरी से नया शेड्यूल लागू होगा, जिससे यात्रियों की सुविधा और संचालन में सुधार लाने की कोशिश की जा रही है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 4 January 2026

भोपाल का निशातपुरा रेलवे ओवरब्रिज (ROB) इस साल नवंबर तक तैयार हो जाएगा। करीब 100 करोड़ रुपए से बनने वाला यह आरओबी नए और पुराने शहर को जोड़ते हुए देश का पहला ऐसा ओवरब्रिज होगा, जो एक साथ सात रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरेगा। शनिवार को मंत्री विश्वास सारंग ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। आरओबी भोपाल स्टेशन के प्लेटफार्म-1 से लेकर छोला खेड़ापति हनुमान मंदिर तक पहुंचेगा, जिससे करोंद, बैरसिया, बैरागढ़, विदिशा और पुराने शहर के कई इलाकों से आने-जाने वाले लोगों के लिए आवाजाही आसान होगी। निर्माण कार्य को सुगम बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी, रेलवे और एफसीआइ सहित संबंधित विभागों में समन्वय के लिए कमेटी बनाई गई है। भविष्य में यह आरओबी एयरपोर्ट तक आने-जाने के लिए भी उपयोगी होगा। इसके अलावा, अशोकनगर जिले में दो नदियों पर नए पुल, पांच बायपास रोड और तीन नए ओवरब्रिज का निर्माण भी चल रहा है, जो साल 2026 तक तैयार होंगे और यातायात की समस्या को कम करेंगे।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 4 January 2026

अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद उत्तर कोरिया ने पूर्वी सागर की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दी हैं। दक्षिण कोरिया की जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) ने बताया कि मिसाइलें प्योंगयांग के पास से सुबह लगभग 7:50 बजे लॉन्च की गईं। यह उत्तर कोरिया का इस साल का पहला हथियार परीक्षण माना जा रहा है। अमेरिका और जापान के साथ जानकारी साझा करते हुए दक्षिण कोरिया ने अतिरिक्त सतर्कता बरती है। अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड ने कहा कि उन्हें उत्तर कोरिया के मिसाइल लॉन्च की पूरी जानकारी है और वे अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान आकलन के अनुसार मिसाइल लॉन्च से अमेरिकी कर्मियों या किसी क्षेत्र में तत्काल कोई खतरा नहीं है। अमेरिका ने अपनी मातृभूमि और सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सतर्क रहने की बात कही।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 4 January 2026

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने अपने AI चैटबोट Grok पर अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट बनाने को लेकर कड़े नियम लागू कर दिए हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि Grok के जरिए बनाई गई फूहड़ या अश्लील सामग्री तुरंत हटाई जाएगी और ऐसे कंटेंट बनाने वाले यूजर्स का अकाउंट वही कार्रवाई झेलेगा जो सीधे अवैध कंटेंट अपलोड करने पर होती है। इसका मतलब है कि नियम तोड़ने वाले यूजर का अकाउंट हमेशा के लिए बैन कर दिया जाएगा। यह कदम भारत सरकार की तरफ से आपत्ति जताने के तीन दिन बाद आया। शिवसेना (UBT) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने आईटी मंत्री को पत्र लिखकर बताया था कि कुछ लोग AI का गलत इस्तेमाल कर महिलाओं की असली तस्वीरों को आपत्तिजनक रूप में बदल रहे हैं। X के मालिक इलॉन मस्क ने कहा कि Grok केवल यूजर के इनपुट के आधार पर काम करता है और जिम्मेदारी टूल की नहीं, बल्कि इसे इस्तेमाल करने वाले की होती है। नए नियमों के बाद अब AI का गलत इस्तेमाल करने वालों को सीधे सजा भुगतनी पड़ेगी।

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Priyanshi Chaturvedi 4 January 2026

बलूचिस्तान के नेता मीर यार बलूच ने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर क्षेत्र की बढ़ती अस्थिरता और पाकिस्तान-चीन गठबंधन को लेकर आगाह किया है। पत्र में मीर ने बलूचिस्तान के 6 करोड़ नागरिकों की ओर से भारत के प्रति दोस्ती, सहयोग और विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने मोदी सरकार के ऑपरेशन सिंदूर की सराहना करते हुए क्षेत्रीय सुरक्षा में किए गए साहसिक कदमों की तारीफ़ की और बलूच लोगों के 79 साल से चले आ रहे मानवाधिकार उल्लंघनों का जिक्र किया।   मीर ने चेतावनी दी कि चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) के अंतिम चरण के चलते चीन बलूचिस्तान में अपनी सेना तैनात कर सकता है, जो भारत और बलूचिस्तान दोनों के लिए गंभीर खतरा होगा। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि भारत और बलूचिस्तान के बीच ठोस, कार्रवाई लायक सहयोग स्थापित किया जाए, ताकि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्वतंत्रता सुनिश्चित की जा सके। पत्र में बलूच नेता ने बलूचिस्तान को स्वतंत्र गणराज्य के रूप में मान्यता दिलाने और चीन-पाकिस्तान गठबंधन की संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए भारत के साथ मजबूत संबंध बनाने की अपील की।

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Priyanshi Chaturvedi 2 January 2026

  आईआईटी दिल्ली के 2000 बैच के पूर्व छात्रों ने अपनी जड़ों की ओर लौटकर अपने संस्थान को 70 करोड़ रुपये का दान देकर मिसाल कायम की है। आमतौर पर छात्र डिग्री लेने के बाद अपने करियर और निजी जीवन में व्यस्त हो जाते हैं, लेकिन इस बैच ने रीयूनियन के अवसर पर देश और विदेश से कैंपस आकर संस्थान के लिए अपनी दरियादिली दिखाई। यह इतिहास में पहली बार हुआ कि किसी संस्थान को पासिंग आउट बैच द्वारा इतना बड़ा योगदान मिला है।       आईआईटी दिल्ली ने दान की राशि का अधिकांश हिस्सा ‘जनरल एंडोमेंट’ फंड में डालने का निर्णय लिया है, जिससे संस्थान भविष्य की रणनीतिक और शैक्षणिक जरूरतों को पूरा कर सके। इस फंड का इस्तेमाल नए अकादमिक प्रोग्राम, उन्नत प्रयोगशालाओं, छात्रवृत्ति कार्यक्रम और फैकल्टी एक्सीलेंस पर किया जाएगा। इस पहल को नेतृत्व देने वाले पूर्व छात्र रोहित दुबे ने कहा कि यह कदम संस्थान को लौटाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए अवसर तैयार करने की भावना को दर्शाता है। आईआईटी दिल्ली के डीन ऑफ एलुमनी रिलेशंस प्रो. नीलांजन सेनराय ने भी इसे रिसर्च और इंफ्रास्ट्रक्चर सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण बताया।

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Priyanshi Chaturvedi 2 January 2026

पिछले कुछ दिनों में रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी ने अरावली मामले और उन्नाव कांड जैसे मामलों पर सरकार से तीखे सवाल पूछकर सबको चौंका दिया है। आम धारणा रही है कि अर्नब सरकार समर्थक रहे हैं, लेकिन अब उनका रुख अचानक बदल गया है। लाइव AMA (Ask Me Anything) में अर्नब ने स्पष्ट किया कि उनकी पत्रकारिता का मकसद समर्थन या विरोध नहीं, बल्कि देशहित है। उन्होंने कहा कि अगर आवाज नहीं उठाई जाएगी तो बदलाव नहीं आएगा, और पत्रकारिता का असली उद्देश्य यही होना चाहिए।       अरावली मामले पर अर्नब ने कहा कि इसमें सिर्फ सही और गलत है, किसी पार्टी या सरकार का पक्ष नहीं। उन्होंने 20 दिसंबर के अदालत आदेश को गलत बताया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इसे रोकना पड़ा। अर्नब ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य सिर्फ सच को उजागर करना है और इसके लिए किसी तरह का क्रेडिट नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने भी महसूस किया कि आदेश सही नहीं था, और उनके लिए यह सही और गलत की लड़ाई है, न कि किसी राजनीतिक लाइन की।

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Priyanshi Chaturvedi 2 January 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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दिल्ली की यमुना नदी पर बने सिग्नेचर ब्रिज का रखरखाव और सुरक्षा अब लोक निर्माण विभाग (PWD) के हाथ में होगा। पहले इसकी जिम्मेदारी दिल्ली पर्यटन विभाग (DTTDC) के पास थी। PWD के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि अब ब्रिज का पूरा संचालन, सुरक्षा और रखरखाव PWD करेगा। यह बदलाव बजट और तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया गया है, क्योंकि पुल एक एडवांस संरचना है और विशेष देखभाल की आवश्यकता है।     ब्रिज पर चोरी, स्टंट और सुरक्षा संबंधी कई घटनाओं के चलते PWD ने नई सुरक्षा व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत 24 घंटे तीन शिफ्टों में गार्ड तैनात होंगे और एक सशस्त्र गनमैन सुरक्षा में रहेगा। इस इंतजाम पर लगभग 1.5 करोड़ रुपये खर्च होंगे। भारत का पहला असिमेट्रिकल केबल-स्टेड ब्रिज, जिसमें 127 स्टील केबल्स लगे हैं, आउटर रिंग रोड को करावल नगर और भजनपुरा से जोड़ता है। ब्रिज का 154 मीटर ऊंचा पाइलॉन और व्यूइंग बॉक्स फिलहाल आम जनता के लिए बंद हैं, लेकिन PWD की देखरेख से इसकी सुरक्षा और सुविधाओं में सुधार सुनिश्चित होगा।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 2 January 2026

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को #SkillTheNation एआई चैलेंज का शुभारंभ करते हुए देश को भविष्य की तकनीक से जोड़ने का मजबूत संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने ओडिशा के रायरांगपुर में इग्नू क्षेत्रीय केंद्र और कौशल केंद्र का वर्चुअल उद्घाटन भी किया। राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आज पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं और समाजों को नया रूप दे रही है। यह तकनीक लोगों के सीखने, काम करने और आधुनिक सेवाओं तक पहुंच के तरीकों को तेजी से बदल रही है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे युवा देश के लिए एआई केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि सकारात्मक और समावेशी परिवर्तन लाने का शक्तिशाली अवसर है। एआई से बदलेगा भारत का भविष्य राष्ट्रपति मुर्मू ने छात्रों और युवाओं से आह्वान किया कि वे एआई और नई तकनीकों से जुड़े अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज की सेवा, समस्याओं के समाधान और दूसरों को सशक्त बनाने में करें। उन्होंने एआई लर्निंग मॉड्यूल पूरा करने वाले सांसदों की भी सराहना की और इसे निरंतर सीखने का अच्छा उदाहरण बताया। राष्ट्रपति ने कहा कि एआई आने वाले दशक में जीडीपी, रोजगार और उत्पादकता बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाएगा और भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए यह एक अहम विकास चालक बनेगा। उन्होंने डेटा साइंस, एआई इंजीनियरिंग और डेटा एनालिटिक्स जैसे कौशलों को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि सरकार संस्थानों, उद्योग और शिक्षाविदों के साथ मिलकर एक जिम्मेदार और समावेशी तकनीकी भविष्य बनाने की दिशा में काम कर रही है। यह कार्यक्रम कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की ओर से आयोजित किया गया था, जिसका मकसद भारत के कार्यबल को एआई-संचालित भविष्य के लिए तैयार करना है।

Patrakar Vandana Singh

Vandana Singh 1 January 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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भारतीय रेल यात्रियों के लिए यह वाकई बड़ी खुशखबरी है। देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का परीक्षण और सर्टिफिकेशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि यह आधुनिक ट्रेन गुवाहाटी से कोलकाता के बीच चलाई जाएगी, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आने वाले दिनों में हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन खासतौर पर लंबी दूरी की रात की यात्राओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसमें यात्रियों को वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं, बेहतर सुरक्षा, आरामदायक स्लीपर कोच और आधुनिक तकनीक का अनुभव मिलेगा। रेल मंत्री के मुताबिक, यह ट्रेन भारतीय रेलवे के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है, जो प्रीमियम और सुविधाजनक यात्रा को नई ऊंचाई देगा। बुलेट ट्रेन का सपना: 15 अगस्त 2027 की तारीख तय वंदे भारत स्लीपर के साथ ही रेल मंत्री ने देश की पहली बुलेट ट्रेन को लेकर भी बड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त 2027 को भारत को अपनी पहली बुलेट ट्रेन मिल जाएगी। हल्के-फुल्के अंदाज में उन्होंने कहा कि लोग अभी से टिकट लेने की तैयारी कर लें, क्योंकि सरकार तय समय सीमा में इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल नवंबर में गुजरात दौरे के दौरान मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का खुद निरीक्षण किया था और सूरत बुलेट ट्रेन स्टेशन पर जाकर काम की बारीकी से समीक्षा की थी। पीएम मोदी ने कर्मचारियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा था कि यह परियोजना सिर्फ गुजरात नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है, जो भारत के परिवहन सिस्टम को आधुनिक और तेज बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

Patrakar Vandana Singh

Vandana Singh 1 January 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 129वें और वर्ष 2025 के अंतिम एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह साल भारत के लिए गर्व और उपलब्धियों से भरा रहा। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा, विज्ञान, अंतरिक्ष, खेल और वैश्विक मंचों पर भारत ने अपनी मजबूत छाप छोड़ी। पीएम मोदी ने बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने दुनिया को दिखा दिया कि आज का भारत अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करता, वहीं अंतरिक्ष के क्षेत्र में शुभांशु शुक्ला का इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन तक पहुंचना ऐतिहासिक उपलब्धि रही। पीएम मोदी ने कहा कि 2025 में भारत की आस्था, संस्कृति और विरासत एक साथ दिखाई दी। प्रयागराज महाकुंभ के भव्य आयोजन और अयोध्या में राम मंदिर पर ध्वजारोहण ने हर भारतीय को गर्व से भर दिया। उन्होंने युवाओं की सराहना करते हुए Smart India Hackathon 2025 का उल्लेख किया, जहां छात्रों ने सरकारी विभागों से जुड़ी सैकड़ों समस्याओं के व्यावहारिक समाधान पेश किए। साथ ही Geetanjali IISc को सांस्कृतिक केंद्र के रूप में उभरने का उदाहरण बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2025 खेलों के लिहाज से भी ऐतिहासिक रहा, जहां पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों समेत पैरा एथलीटों ने देश का नाम रोशन किया। उन्होंने विदेशों में रह रहे भारतीयों से अपनी मातृभाषा से जुड़े रहने का संदेश देते हुए दुबई की ‘कन्नड़ा पाठशाला’ का उदाहरण साझा किया। पीएम मोदी ने कहा कि जैसे-जैसे 2026 करीब आ रहा है, भारत एकजुट होकर नई चुनौतियों और संभावनाओं के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 28 December 2025

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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कांग्रेस पार्टी ने आज अपना 140वां स्थापना दिवस दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में पूरे सम्मान और उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और पार्टी के गौरवशाली इतिहास व योगदान को याद किया। कार्यक्रम में संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। खरगे ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा जनकल्याण, सशक्तिकरण और लोकतंत्र की मजबूती के लिए काम करती रही है।   अपने संबोधन में खरगे ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को मुंबई में हुई थी और स्वतंत्रता संग्राम में करोड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जेल जाकर देश की आजादी के लिए संघर्ष किया। उन्होंने महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के बलिदानों को याद करते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा देश की एकता, अखंडता और धर्मनिरपेक्षता की रक्षा की है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस और यूपीए सरकार के कार्यकाल में बने आरटीआई, आरटीई, मनरेगा और खाद्य सुरक्षा जैसे कानूनों का उल्लेख किया।   खरगे ने इस दौरान मोदी सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछले 11 वर्षों में लोकतांत्रिक संस्थाओं और जनता के अधिकारों को कमजोर किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने संस्थापकों के सपनों के भारत के लिए संघर्ष करती रहेगी और संविधान व लोकतंत्र की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से आवाज उठाती रहेगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 28 December 2025

देश की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए आज रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में तीनों सेनाओं के लिए इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट (EP) के तहत हथियारों की खरीद पर अहम निर्णय लिए जा सकते हैं। खास तौर पर मिसाइल प्रणालियों की खरीद इस बैठक का प्रमुख एजेंडा रहने वाला है, जिससे भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की मारक क्षमता को बढ़ाया जा सके।   बैठक में भारतीय नौसेना के लिए 700 से अधिक MR-SAM (मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल) की खरीद पर चर्चा हो सकती है। DRDO और इजराइल की साझेदारी से विकसित ये मिसाइलें करीब 70 किलोमीटर की रेंज तक दुश्मन के विमान, मिसाइल, ड्रोन और हेलिकॉप्टर को मार गिराने में सक्षम हैं। वहीं भारतीय वायुसेना 600 से ज्यादा Astra Mark-2 एयर-टू-एयर मिसाइलें खरीदने की योजना पर विचार कर रही है, जिनकी रेंज लगभग 200 किलोमीटर है और जिनसे सीमा के भीतर रहते हुए दुश्मन विमानों को निशाना बनाया जा सकता है। इसके अलावा SPICE प्रिसिजन गाइडेड बमों की खरीद पर भी फैसला संभव है।   भारतीय सेना के लिए नए लो-लेवल और हल्के रडार की जरूरत भी बैठक में उठाई जा सकती है। BEL द्वारा विकसित 3D असलेशा और 2D भाराणी रडार पहले से सेवा में हैं और अब दो दर्जन से ज्यादा नए रडार शामिल करने की मांग है। ये आकाशीर कमांड और रिपोर्टिंग सिस्टम का हिस्सा होंगे, जिसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रभावी प्रदर्शन किया था। DAC में रक्षा मंत्री, रक्षा राज्य मंत्री, CDS, तीनों सेनाओं के प्रमुख, रक्षा सचिव और DRDO प्रमुख शामिल हो सकते हैं। आज की बैठक को भारत की सैन्य ताकत बढ़ाने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 26 December 2025

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वोटर लिस्ट की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोमवार को नेताजी इनडोर स्टेडियम में तृणमूल कांग्रेस के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया खामियों से भरी हुई है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग राज्य सरकार को जानकारी दिए बिना पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर रहा है और बीजेपी के हित में काम कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान निष्क्रिय रहने वाले टीएमसी पार्षदों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने की साजिश का दावा सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि एसआईआर सुनवाई के लिए नियुक्त किए गए कई केंद्रीय अधिकारियों को स्थानीय भाषा का ज्ञान नहीं है, जिससे सही जांच संभव नहीं हो पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी करीब डेढ़ करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाने की कोशिश कर रही है, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है। ममता ने यह भी दावा किया कि वर्धमान जिले में दूसरे राज्यों, खासकर बिहार से बाहरी लोगों को लाया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इतनी कम समय में यह प्रक्रिया सही ढंग से पूरी हो सकती है और क्या बीएलओ को इसके लिए पर्याप्त प्रशिक्षण दिया गया है। ममता ने कहा कि यह सब लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Patrakar Vandana Singh

Vandana Singh 22 December 2025

भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी को पत्र लिखकर तेलंगाना सरकार के कामकाज पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पूछा कि 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस द्वारा किए गए छह प्रमुख वादे, सत्ता में आने के दो साल बाद भी पूरे क्यों नहीं हुए। रेड्डी ने यह भी जानना चाहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा दिल्ली में प्रस्तुत किए गए “तेलंगाना राइजिंग–2047” विजन डॉक्यूमेंट के दौरान क्या सोनिया गांधी ने पुराने चुनावी वादों की समीक्षा की थी।     तेलुगु में लिखे पत्र में रेड्डी ने याद दिलाया कि 17 सितंबर 2023 को हैदराबाद के तुक्कुगुडा में सोनिया गांधी ने ‘अभय हस्तम’ नामक घोषणापत्र जारी कर जनता को छह गारंटियों का व्यक्तिगत आश्वासन दिया था। उन्होंने सवाल किया कि सत्ता में दो साल पूरे होने के बाद क्या पार्टी नेतृत्व ने कभी इन वादों की स्थिति की समीक्षा की। रेड्डी ने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर नई योजनाओं की बात हो रही है, जबकि पुरानी गारंटियां अब भी अधूरी हैं।       केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सोनिया गांधी द्वारा मुख्यमंत्री को दी गई बधाई से ऐसा प्रतीत होता है कि या तो वह जमीनी हकीकत से अनजान हैं या फिर जनता से किए गए वादों को भुला दिया गया है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि चुनावी घोषणापत्र के “420 वादों” को कहां दफना दिया गया है। रेड्डी ने सोनिया गांधी से किसानों, महिलाओं, युवाओं, छात्रों और वंचित वर्गों से किए गए वादों पर स्पष्ट जवाब देने की मांग करते हुए कहा कि तेलंगाना की जनता जवाब का इंतजार कर रही है और वादों को पूरा न करने की स्थिति में उचित जवाब देगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 21 December 2025

दिल्ली और उत्तर भारत के कई हिस्सों में घने कोहरे के कारण शुक्रवार को हवाई और सड़क यातायात प्रभावित रहा। एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट सहित प्रमुख एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए विशेष ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। इन एयरलाइंस ने उड़ानों में देरी या रद्द होने की संभावना जताते हुए यात्रियों से फ्लाइट स्टेटस पहले से जांचने की सलाह दी। दिल्ली एयरपोर्ट ने भी CAT III ऑपरेशन शुरू कर दिया है, जिससे कम विजिबिलिटी में भी विमानों को सुरक्षित लैंडिंग की सुविधा मिल सके, हालांकि उड़ानों में देरी और व्यवधान संभव हैं।   एयर इंडिया ने यात्रियों को भरोसा दिलाया कि किसी भी देरी या कैंसलेशन की स्थिति में ग्राउंड स्टाफ सहायता देगा और वैकल्पिक इंतजाम किए जाएंगे। प्रभावित उड़ानों के यात्रियों को पहले से अलर्ट भेजा जाएगा, और वे बिना अतिरिक्त शुल्क के फ्लाइट बदल सकते हैं या फुल रिफंड ले सकते हैं। इंडिगो एयरलाइंस ने भी सुबह यात्रा करने वाले यात्रियों को देरी या रीशेड्यूल की संभावना से अवगत कराया और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने की बात कही। स्पाइसजेट ने भी कम विजिबिलिटी के कारण उड़ानों में व्यवधान की चेतावनी दी।   राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के बहुत खराब स्तर के कारण विजिबिलिटी 50 मीटर से कम रह गई। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, सफदरजंग में विजिबिलिटी शून्य और पालम में केवल 50 मीटर रही। CPCB के आंकड़ों के मुताबिक सुबह 07:05 बजे दिल्ली का AQI 387 पर पहुंच गया, जो पिछले दिन के 373 के औसत से भी खराब है। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि हवाओं में सुधार के बावजूद वीकेंड में एक नया पश्चिमी विक्षोभ हवा की गुणवत्ता को फिर से प्रभावित कर सकता है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 19 December 2025

मध्य प्रदेश के जबलपुर से भोपाल को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-45 पर देश की पहली टेबल टॉप रेड मार्किंग सड़क तैयार की गई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा बनाई गई इस सड़क को लोग ‘रेड कारपेट रोड’ के नाम से पहचानने लगे हैं। यह सड़क न केवल सुंदर है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण साबित होगी।     यह सड़क विशेष रूप से वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के पास से गुजरती है, जहां बाघ, तेंदुआ, हिरण और सांभर जैसी प्रजातियां अकसर मार्ग पार करती हैं। सड़क पर 5 मिलीमीटर मोटी उभरी हुई लाल रंग की मार्किंग और टेबल टॉप तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे वाहन चालक की स्पीड अपने आप कम होती है और वन्यजीव सुरक्षित रहते हैं। इसके अलावा, सड़क के दोनों किनारों पर सफेद शोल्डर लाइनें और 25 अंडरपास बनाए गए हैं।     11.9 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 122 करोड़ रुपए है और इसे 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यात्रियों का कहना है कि लाल रंग की वजह से सड़क बेहद खूबसूरत लग रही है, जैसे कोई रेड कारपेट बिछा हो। इस नई तकनीक से वन्यजीव सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है और यह देश में वन्यजीव संरक्षण और सड़क विकास का एक उत्कृष्ट उदाहरण बन चुकी है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 18 December 2025

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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मध्य प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं। सतपुड़ा, पेंच, बांधवगढ़ समेत प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में पर्यटकों के मोबाइल फोन उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। नई व्यवस्था 16 दिसंबर से प्रभावी हो चुकी है। इसके तहत अब पर्यटक कोर एरिया में मोबाइल फोन से न तो फोटो ले सकेंगे और न ही वीडियो बना सकेंगे। अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला वन्यजीवों की प्राकृतिक गतिविधियों में किसी तरह की बाधा न पहुंचे, इसे ध्यान में रखते हुए लिया गया है।   वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप है, जिसमें वन्यजीव संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। मोबाइल कैमरे, फ्लैश और लगातार होने वाली गतिविधियों से वन्यजीवों के व्यवहार पर नकारात्मक असर पड़ता है। इसी को देखते हुए कोर एरिया को पूरी तरह ‘डिस्टर्बेंस फ्री जोन’ बनाने की दिशा में यह कदम उठाया गया है।   इसके साथ ही टाइगर रिजर्व के बफर जोन में नाइट सफारी पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि रात के समय सफारी से टाइगर और अन्य वन्यजीवों की स्वाभाविक दिनचर्या प्रभावित होती है। नई व्यवस्था से उन्हें शांत और सुरक्षित वातावरण मिलेगा। हालांकि इस फैसले से पर्यटकों को अब सफारी का अनुभव बिना मोबाइल के करना होगा, लेकिन इसे वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 16 December 2025

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि (30 जनवरी) के अवसर पर मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। भोपाल नगर निगम ने आदेश जारी करते हुए नगर निगम सीमा क्षेत्र में संचालित सभी मांस दुकानों को इन दोनों दिनों में बंद रखने के निर्देश दिए हैं। यह निर्णय महात्मा गांधी की अहिंसा की नीति और राष्ट्रीय महत्व के दिनों की मर्यादा को सम्मान देने के उद्देश्य से लिया गया है। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने सभी मांस विक्रेताओं को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि इन तिथियों पर किसी भी प्रकार की बिक्री नहीं की जाएगी। नगर निगम ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों का लाइसेंस तत्काल निरस्त कर दिया जाएगा। साथ ही जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम की टीमें विशेष निरीक्षण अभियान चलाएंगी और उल्लंघन की स्थिति में मांस जब्त किया जाएगा। अधिकारियों ने मांस कारोबारियों से अपील की है कि वे आदेशों का पालन कर सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करें।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 16 December 2025

अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय बच्चन को लेकर लंबे समय से तलाक की अफवाहें चल रही थीं, जिन पर अब अभिषेक ने साफ और दो टूक बात कही है। पीपिंग मून से बातचीत में अभिषेक ने कहा कि पब्लिक फिगर होने के नाते लोगों का अंदाज़े लगाना आम बात है, लेकिन जो कुछ भी लिखा जा रहा है, वह पूरी तरह झूठ और बेबुनियाद है। उन्होंने कहा कि यह सब जानबूझकर दुख पहुंचाने के लिए किया जाता है। अभिषेक ने बताया कि उनकी शादी से पहले लोग शादी की तारीखें तय कर रहे थे और शादी के बाद यह कयास लगाने लगे कि वे कब अलग होंगे। उन्होंने साफ कहा कि वह और ऐश्वर्या एक-दूसरे का सच जानते हैं और एक प्यार करने वाले, ज़मीन से जुड़े परिवार की तरह साथ हैं, और यही उनके लिए सबसे अहम है।अभिषेक ने यह भी कहा कि तलाक की अटकलों से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि इनमें सच्चाई का कोई अंश नहीं है। उन्होंने साफ किया कि वह अपने परिवार को लेकर मनगढ़ंत कहानियां बर्दाश्त नहीं करेंगे। बीते एक साल में कपल की पर्सनल लाइफ खूब चर्चा में रही, लेकिन हाल के महीनों में दोनों कई मौकों पर साथ नज़र आए। अप्रैल में ऐश्वर्या पुणे में अपने कज़िन की शादी में अभिषेक और बेटी आराध्या के साथ शामिल हुईं। इसके अलावा आराध्या के स्कूल फंक्शन, जन्मदिन सेलिब्रेशन और एक स्टार-स्टडेड वेडिंग रिसेप्शन में भी यह परिवार साथ दिखा। बता दें कि अलग होने की अफवाहें तब तेज़ हुई थीं जब एक इवेंट में दोनों ने अलग-अलग एंट्री ली थी और अभिषेक ने “ग्रे डिवोर्स” से जुड़ा एक पोस्ट लाइक किया था। हालांकि, अब अभिषेक के बयान ने इन सभी अटकलों पर काफी हद तक विराम लगा दिया है।

Patrakar Vandana Singh

Vandana Singh 14 December 2025

आज संसद पर हुए आतंकी हमले को 24 साल पूरे हो गए। 13 दिसंबर 2001 को आतंकियों ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के सबसे बड़े प्रतीक संसद भवन पर हमला किया था। इस हमले में कई वीर जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना आतंकियों को आगे बढ़ने से रोका और देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए। इस अवसर पर संविधान सदन (पुरानी संसद भवन) में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जहां सबसे पहले उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शहीदों को नमन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने शहीद जवानों की तस्वीरों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान CISF के जवानों ने सम्मान गार्ड दिया और कुछ मिनट का मौन रखकर बलिदान को याद किया। उल्लेखनीय है कि 2023 तक यह जिम्मेदारी CRPF निभाती थी, अब CISF यह सम्मान दे रही है।   हमले की याद और नेताओं की मौजूदगी   इस श्रद्धांजलि सभा में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, जितेंद्र सिंह और अर्जुन राम मेघवाल भी शहीदों को नमन करने पहुंचे। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने लातूर में आयोजित अलग श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भाग लिया। गौरतलब है कि 13 दिसंबर 2001 को हथियारों से लैस पांच आतंकी संसद भवन में घुसने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें सुरक्षाबलों ने बहादुरी से रोक दिया। इस हमले में दिल्ली पुलिस के 6 जवान, संसद सुरक्षा बल के 2 जवान और एक टीवी पत्रकार शहीद हो गए थे। देश आज भी उन वीरों के बलिदान को याद करता है, जिन्होंने अपनी जान देकर संसद और लोकतंत्र की रक्षा की।

Patrakar Vandana Singh

Vandana Singh 13 December 2025

  मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार के दो वर्ष पूरे हो गए हैं। इस अवसर पर सीएम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं और जिला स्तर पर किए गए कार्यों की दो पुस्तकों का विमोचन किया। उन्होंने सबसे पहले नक्सल-मुक्त मध्य प्रदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि 1995 की भयावह घटनाओं के बाद कोई ठोस रणनीति नहीं बनी थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में मंडला, डिंडोरी और बालाघाट जैसे इलाकों में नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया कर दिया। उन्होंने बताया कि अब नक्सलियों में सरेंडर करने की होड़ लग गई थी। सिंहस्थ 2028 को दिव्य और भव्य बनाने की तैयारियों का भी जिक्र किया, जिसमें शिप्रा नदी को पुनर्जीवित कर प्राकृतिक जल से स्नान व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।   सीएम मोहन यादव ने बताया कि वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाया गया। इस दौरान ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में पहली बार बड़े निवेशकों का आगमन हुआ। प्रदेश को देश का पहला पीएम मित्र पार्क मिला, 55 पीएम एक्सीलेंस कॉलेज और कई मेडिकल कॉलेज खोले गए। टूरिज्म के क्षेत्र में हेलीकॉप्टर सेवा, GIS भोपाल जैसी नई पहचान और धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष काम हुआ। ऊर्जा विभाग में रिकॉर्ड सुधार और उद्योग विस्तार को लेकर सरकार ने अभूतपूर्व प्रयास किए।   महिलाओं और किसानों के लिए किए गए कदमों पर बात करते हुए सीएम ने कहा कि लाडली बहना योजना की राशि बढ़ाकर 1500 रुपये कर दी गई है। किसानों के लिए 2600 रुपये गेहूं के भाव और सोयाबीन पर भावंतर का लाभ दिया जाएगा। गौ-संरक्षण हेतु अनुदान बढ़ाकर 40 रुपये किया गया है और दूध उत्पादन को 20% तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि सायबर तहसील, ई-बस सेवा, साइंस सिटी व रिसर्च सिटी जैसे प्रोजेक्ट प्रदेश के भविष्य को नई दिशा देंगे। नशे के कारोबार के खिलाफ जन अभियान चलेगा और 19 स्थानों पर शराब की दुकानें बंद रहेंगी। सीएम ने दोहराया— “हर कमिटमेंट पूरा करेंगे।”

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 12 December 2025

दिल्ली में नवजात बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र से जुड़ी प्रक्रिया अब और सरल हो गई है। दिल्ली नगर निगम (MCD) ने तीन बड़े बदलाव लागू किए हैं, जिनसे माता-पिता को अब जन्म प्रमाणपत्र के लिए अलग से चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नई व्यवस्था के तहत अस्पताल, नर्सिंग होम या क्लिनिक में होने वाले संस्थागत प्रसव पर डिस्चार्ज से पहले ही नवजात का मुफ्त जन्म प्रमाणपत्र माता-पिता को दे दिया जाएगा। MCD के अनुसार, दिल्ली के 96% प्रसव पहले से ही संस्थागत होते हैं, और इस सुधार से प्रक्रिया लगभग 100% कवरेज की ओर बढ़ रही है।   MCD ने सिस्टम को डिजिलॉकर और UIDAI से भी जोड़ दिया है। जन्म पंजीकरण होते ही प्रमाणित डिजिटल कॉपी सीधे डिजिलॉकर में पहुंच जाएगी, जिससे कागज खोने या वेबसाइट डाउन होने की चिंता खत्म होगी। साथ ही UIDAI को स्वचालित सूचना भेजी जाएगी और उसका स्टाफ घर जाकर नवजात का आधार बनवाएगा। 2024 में दिल्ली में 3,06,459 बच्चों का जन्म हुआ, जिनमें 96.09% संस्थागत प्रसव शामिल थे।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 12 December 2025

दिल्ली में वायु प्रदूषण कम करने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। दिसंबर के आखिरी सप्ताह में IIT दिल्ली में पहला ‘क्लीन-एयर इनोवेशन शोकेस’ आयोजित किया जाएगा। इस इवेंट का उद्देश्य उन तकनीकों को चुनना है, जो दिल्ली की हवा को तेजी और प्रभावी तरीके से साफ़ कर सकें। देशभर से लगभग 300 प्रविष्टियां प्राप्त हुई हैं, जिनकी शुरुआती जांच पूरी हो चुकी है। अब चयनित टीमों को विशेषज्ञों की ITEC कमेटी के सामने अपने मॉडल और प्रोटोटाइप प्रदर्शित करना होगा।   इन तकनीकों को दो श्रेणियों में पेश किया जाएगा: वाहन से निकलने वाले PM2.5 और PM10 प्रदूषण को कम करने वाले उपकरण और हवा में पहले से मौजूद कणों को साफ़ या कैप्चर करने वाली तकनीकें। हर टीम को अपने प्रोटोटाइप का प्रदर्शन करना होगा ताकि यह साबित किया जा सके कि उनका समाधान वास्तविक परिस्थितियों में कैसे काम करता है। यह शोकेस सार्वजनिक रूप से आयोजित होगा, जहां आम लोग, छात्र, शोधकर्ता और सरकारी अधिकारी लाइव प्रदर्शन देख सकेंगे।   पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि योग्य तकनीकों को फील्ड ट्रायल और लैब टेस्टिंग के लिए भेजा जाएगा, जिसकी लागत DPCC वहन करेगा। सफल तकनीकों को दो चरणों में प्रोत्साहन दिया जाएगा: फील्ड ट्रायल सफल होने पर 5 लाख रुपये और बड़े पैमाने पर लागू होने पर 50 लाख रुपये। यह पहल दिल्ली की लंबी अवधि की साफ हवा रणनीति का हिस्सा है, जिसमें वैज्ञानिक तरीके और जनता की भागीदारी के माध्यम से प्रदूषण से लड़ने की तैयारी की जा रही है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 12 December 2025

बिहार चुनाव 2025 में सीमांचल की पांच सीटें जीतने के बाद AIMIM एक बार फिर सियासी चर्चाओं के केंद्र में आ गई है। इन विधायकों के एनडीए में जाने की अटकलें तेज हैं, खासकर तब से जब तीन AIMIM विधायक—सरवर आलम, मुर्शीद आलम और अख्तरुल ईमान—नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिले। मुलाकात के बाद मुर्शीद आलम ने नीतीश को “राजनीतिक गुरु” कहा, जिससे सियासी अटकलों को और हवा मिली। हालांकि AIMIM प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने इस मुलाकात को सिर्फ क्षेत्रीय समस्याओं पर चर्चा बताया और कहा कि इसमें किसी भी तरह की राजनीतिक सौदेबाजी शामिल नहीं थी।   अख्तरुल ईमान ने 2020 जैसी टूट की आशंका को खारिज करते हुए दावा किया कि AIMIM के विधायक पूरी तरह मजबूत हैं और जनता ने पिछली बार पार्टी छोड़ने वालों को जो सज़ा दी, उसके बाद कोई ऐसी गलती दोहराने की हिम्मत नहीं करेगा। उधर, मंत्रिमंडल विस्तार से पहले AIMIM के पांच विधायक सत्ता समीकरण में अहम हो गए हैं, इसलिए दोनों बड़े गठबंधन उन पर नजर बनाए हुए हैं। ईमान ने यह भी कहा कि सीमांचल के विकास के मुद्दों पर पार्टी सरकार को नैतिक समर्थन देगी, लेकिन यह सोचना गलत है कि नीतीश कुमार भाजपा से अलग हो जाएंगे—“भविष्य को किसने देखा है?”

Kolar News

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यूनेस्को ने दिवाली को अमूर्त विश्व धरोहर की सूची में शामिल कर दिया है। इस घोषणा के दौरान भारत सहित घाना, जॉर्जिया, कांगो, इथियोपिया और मिस्र जैसे देशों के सांस्कृतिक प्रतीक भी सूची में शामिल किए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "दिवाली हमारी सभ्यता की आत्मा है। यह संस्कृति और प्रकृति से जुड़ा है और ज्ञान व धर्म का प्रतीक है।" भारत की अब तक 15 अमूर्त विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं, जिनमें दुर्गा पूजा, कुंभ मेला, वैदिक मंत्रोच्चार, रामलीला और छऊ नृत्य शामिल हैं।     यूनेस्को की इंटर-गवर्नमेंटल कमेटी की 20वीं बैठक के अवसर पर दिल्ली में 10 दिसंबर को विशेष दीपावली समारोह का आयोजन किया जाएगा। राजधानी के लाल किले में मुख्य कार्यक्रम होंगे, जहां विदेशी मेहमान और बड़े अधिकारी दीप जलाने की रस्म, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पारंपरिक कला के प्रदर्शन देखेंगे। दिल्ली सरकार ने पूरे शहर को सजाने, सरकारी इमारतों को रोशनी से सजाने और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी पूरी कर ली है, ताकि दीपावली को “अंधकार से प्रकाश की ओर” ले जाने वाला वैश्विक संदेश दिया जा सके।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 10 December 2025

संसद के शीतकालीन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर लोकसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला और कहा कि 1937 में मुहम्मद अली जिन्ना के दबाव में कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम्’ को टुकड़ों में बांटकर धोखा दिया। पीएम मोदी ने महात्मा गांधी द्वारा इस गीत की तारीफ और राष्ट्रीय गान जैसा महत्व देने के बावजूद कांग्रेस द्वारा इसे तुष्टिकरण की राजनीति के लिए नजरअंदाज किए जाने का आरोप लगाया। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के दबाव में ‘वंदे मातरम्’ का विरोध करना शुरू किया और तुष्टिकरण की राजनीति के लिए घुटने टेके, जिसे उन्होंने विश्वासघात और विभाजन की नींव बताया। उन्होंने यह भी जोड़ा कि आज भी कांग्रेस की नीतियां पहले जैसी ही हैं और यह अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर राष्ट्रीय गीत को लेकर विवाद पैदा करने की कोशिश करती है।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 9 December 2025

पाकिस्तान के नए चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) आसिम मुनीर ने पद संभालते ही भारत के खिलाफ जहर उगला है। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान शांतिप्रिय देश है, लेकिन भारत “गलतफहमी में न रहे।” मुनीर ने चेतावनी दी कि यदि भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कोई कदम उठाया, तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा।   अफगानिस्तान के साथ बढ़ते तनाव पर भी मुनीर ने दो-टूक बयान दिया। उन्होंने कहा कि तालिबान के सामने पाकिस्तान से संबंध सुधारने या टीटीपी को समर्थन देने—दो ही विकल्प हैं। यदि तालिबान टीटीपी का साथ देगा, तो दोनों देशों के बीच शांति संभव नहीं। मुनीर ने साफ कहा कि अफगानिस्तान के लिए पाकिस्तान से रिश्ते सुधारना ही सही रास्ता है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 9 December 2025

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को गोरखपुर के सैनिक स्कूल पहुंचे और देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) स्व. बिपिन रावत की स्मृति में बने ऑडिटोरियम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने जनरल रावत की चौथी पुण्यतिथि के मौके पर उनकी प्रतिमा का भी अनावरण किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर रावत के जीवन और योगदान पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।   गोरखपुर सैनिक स्कूल में निर्मित ऑडिटोरियम में 1000 से अधिक लोगों के बैठने की सुविधा है। उद्घाटन समारोह में असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लाखेड़ा, जीबीआर मेमोरियल फाउंडेशन के अध्यक्ष सेवानिवृत्त एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया, सचिव मंजीत नेगी और जनरल बिपिन रावत की सुपुत्री कृतिका और तारिणी रावत उपस्थित रहे।   सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सैनिक स्कूल हर वर्ष 8 दिसंबर को जनरल बिपिन रावत और उनके साथ बलिदान देने वालों की स्मृति दिवस के रूप में मनाएगा, ताकि कैडेट्स में राष्ट्रभक्ति और प्रेरणा का भाव बना रहे। वहीं, मंगलवार दोपहर मुख्यमंत्री पिपरौली क्षेत्र के ग्राम नरकटहा में बने राजकीय ITI का उद्घाटन भी करेंगे, जिसका निर्माण पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के CSR फंड से 16 करोड़ रुपए की लागत से हुआ है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 9 December 2025

मध्य प्रदेश की लाडली बहनों के लिए खुशी का मौका है। 9 दिसंबर 2025 को लाडली बहना योजना की 31वीं किस्त के तहत 1.26 करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खाते में 1500 रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे। इस मौके पर छतरपुर जिले के सती की मढ़िया परिसर में कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और प्रदेश की लाडली बहनों से संवाद करेंगे। सीएम मोहन ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से इस संबंध में अहम जानकारी साझा की है।   मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ‘लाडली बहनों के खातों में खुशियों की 31वीं किस्त का अंतरण 9 दिसंबर, 2025 को किया जाएगा, जिससे प्रदेश की 1.26 करोड़ से अधिक बहनें लाभान्वित होंगी।’ स्थानीय प्रशासन ने कार्यक्रम से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और बड़ी संख्या में महिलाओं के पहुंचने की उम्मीद है। पिछले नवंबर में योजना के तहत 1.26 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को कुल 1857 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए थे। लाडली बहना योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। योजना के तहत मासिक सहायता राशि को आगामी वर्षों में धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि साल 2028 तक महिलाओं को हर महीने 3000 रुपए मिलना शुरू हो जाए, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक मजबूत हो सके।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 9 December 2025

मध्यप्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में बड़ी खामियों का खुलासा हुआ है। निर्वाचन सदन के अनुसार अब तक 99 प्रतिशत से अधिक एन्युमरेशन फॉर्म डिजिटलाइज किए जा चुके हैं। इस प्रक्रिया में प्रदेश में 8.13 लाख मृत मतदाताओं की पहचान की गई है, वहीं 2,43 लाख मतदाताओं के नाम दो जगह दर्ज होने की पुष्टि हुई है। इन फॉर्मों की जांच और सत्यापन प्रक्रिया अभी जारी है, जिससे आंकड़ों में और बढ़ोतरी की संभावना है।   निर्वाचन सदन ने फॉर्म प्रकाशन और प्राप्ति के दौरान अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं की पहचान के लिए 6 से 10 दिसंबर तक सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ, बीएलए और अन्य सहयोगियों की बैठकें आयोजित करने का निर्णय लिया है। एसआइआर के आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा मृत मतदाता जबलपुर और सागर जिले में पाए गए हैं, जबकि सीहोर और पन्ना में सबसे कम मामले सामने आए हैं। इन नामों को सूची से हटाया जाएगा और अन्य पात्र मतदाताओं के नाम प्रारूप सूची में शामिल किए जाएंगे।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 9 December 2025

  स्मृति मंधाना और म्यूजिक कंपोजर पलाश मुच्छल की शादी टूटने के बाद अब जेमिमा रोड्रिग्स का इंस्टाग्राम पोस्ट चर्चा में है। जेमिमा ने एक सिंगिंग ग्रुप का वीडियो शेयर किया, जिसमें वे ओलिविया डीन का गाना ‘मैन आय नीड’ गाते नजर आ रहे हैं। इसका अर्थ है—“ऐसा आदमी बनो, जिसकी मुझे जरूरत है।” फैंस का मानना है कि जेमिमा ने यह पोस्ट पलाश को टारगेट करते हुए डाला है। यह स्टोरी उसी समय आई जब स्मृति ने सोशल मीडिया पर आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि उनकी और पलाश की शादी अब कैंसिल हो चुकी है। इस कठिन समय में जेमिमा पहले भी स्मृति का साथ देती नजर आई हैं। शादी टलने की खबर के बाद वे बिग बैश लीग बीच में छोड़कर भारत लौट आई थीं। अब शादी रद्द होने के बाद उन्होंने फिर अपने तरीके से स्मृति का समर्थन जताया है। इधर स्मृति ने अपने पोस्ट में साफ कहा कि अब उनका फोकस सिर्फ क्रिकेट में देश के लिए ट्रॉफी जीतना है। वहीं, पलाश ने भी पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस विवाद से आगे बढ़ना चाहते हैं और बिना पुष्टि हुए वायरल स्क्रीनशॉट्स पर भरोसा न करने की अपील की। उन्होंने फेक चैट्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात भी कही।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 9 December 2025

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 8 और 9 दिसंबर को पूरे मंत्रिमंडल के साथ खजुराहो में प्रवास करेंगे और यहीं से सरकार का संचालन करेंगे। इस दौरान विकास योजनाओं की प्रगति, नीतिगत निर्णयों और जनहित के मुद्दों पर विस्तार से मंथन किया जाएगा। 9 दिसंबर को सीएम लाड़ली बहना सम्मेलन में शामिल होकर 1.26 करोड़ से अधिक बहनों के खातों में दिसंबर माह की किस्त जारी करेंगे। जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा और कार्यक्रम की तैयारियों को पूरा कर लिया है।   सीएम मोहन यादव 9 दिसंबर की सुबह 5 बजे पन्ना टाइगर रिज़र्व, कुटनी रिसॉर्ट डैम और स्नेह फॉल का भ्रमण करेंगे। इसके बाद वे कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे। प्रवास के दौरान मंत्री परिषद के साथ वे आदिवासी संग्रहालय, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और महाराजा छत्रसाल एवं सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमाओं का अनावरण करेंगे। इसके अलावा सीएम 27,055 लाख रुपये की लागत से 9 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और 24,010 लाख रुपये के 20 कार्यों का लोकार्पण करेंगे। साथ ही राजनगर में विकास आधारित प्रदर्शनी एवं हितलाभ वितरण भी किया जाएगा।   8 दिसंबर को कार्यक्रम की शुरुआत खाद्य विभाग की समीक्षा से होगी। वहीं 9 दिसंबर को औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, एमएसएमई, राजस्व, नगरीय विकास, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार, अजा-अजजा कल्याण और खनिज विभाग की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इसी दिन CCIP की बैठक भी आयोजित होगी और लोक निर्माण एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के पिछले दो वर्षों के कार्यों की समीक्षा की जाएगी। यह प्रवास प्रदेश की नीतियों में गति लाने और विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 8 December 2025

  देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो का परिचालन संकट रविवार को भी जारी रहा। केंद्र सरकार की सख्ती और वीकली रेस्ट नियम वापस लिए जाने के बावजूद स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। आज देशभर में इंडिगो की 250 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिससे हजारों यात्री फंस गए और दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, लखनऊ व चंडीगढ़ सहित कई एयरपोर्ट्स पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। यात्रियों ने आरोप लगाया कि उन्हें समय पर सूचना नहीं मिली तथा रिफंड और वैकल्पिक उड़ानों के बढ़े किरायों से परेशानी और बढ़ गई है। एयरलाइन ने यात्रियों से धैर्य रखने की अपील की है।   हैदराबाद एयरपोर्ट पर स्थिति सबसे खराब रही, जहां आज इंडिगो की 115 उड़ानें रद्द कर दी गईं—61 प्रस्थान और 54 आगमन वाली। अचानक लिए गए इस फैसले से यात्रियों को बड़ी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। दिल्ली एयरपोर्ट से बेंगलुरु, जयपुर, नागपुर, ग्वालियर और चेन्नई जाने वाली कई उड़ानें रद्द रहीं। मुंबई में भी 8 उड़ानें रद्द की गईं, जिनमें गोवा, जबलपुर, अहमदाबाद, मदुरै, अयोध्या धाम, पटना, कानपुर और गोरखपुर रूट शामिल हैं। लखनऊ में भी स्थिति प्रभावित रही, जहां 5 फ्लाइट्स रद्द होने से इंडिगो काउंटर पर लंबी कतारें लगी रहीं। उड़ानों में हो रही लगातार कटौती को देखते हुए केंद्र सरकार ने इंडिगो के CEO को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और 24 घंटे में जवाब मांगा है। साथ ही सभी एयरलाइंस के लिए किराया सीमा तय कर दी गई है—500 किमी तक 7,500 रुपए, 500–1000 किमी तक 12,000 रुपए, 1000–1500 किमी तक 15,000 रुपए और 1500 किमी से ऊपर 18,000 रुपए तक का किराया निर्धारित किया गया है (बिजनेस क्लास इससे बाहर है)। इसी बीच इंडिगो ने दावा किया है कि उसने 138 में से 135 डेस्टिनेशन पर सर्विस बहाल कर दी है और 95% रूट दोबारा शुरू हो चुके हैं, हालांकि भरोसा बहाल होने में समय लगने की बात भी स्वीकार की है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 7 December 2025

दिल्ली सरकार ने राजधानी की बढ़ती आबादी और जटिल होती परिवहन जरूरतों को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 21 सदस्यों वाली टास्क फोर्स गठित की है, जो दिल्ली यूनिफाइड मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (DUMTA) और दिल्ली अर्बन ट्रांसपोर्ट फंड (DUTF) के गठन का खाका तैयार करेगी। यह टास्क फोर्स मुख्य सचिव की अध्यक्षता में काम करेगी और तीन सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट उपराज्यपाल को सौंपेगी।   अधिसूचना के अनुसार प्रस्तावित DUMTA दिल्ली–एनसीआर के लिए एक व्यापक रणनीतिक मोबिलिटी प्लान तैयार करेगा। इसके तहत शहर की विभिन्न परिवहन एजेंसियों — जैसे डीटीसी, डीएमआरसी, एनएचएआई, पुलिस, नगर निगम, एनसीआरटीसी आदि — के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जाएगा। साथ ही, नया ढांचा प्रदूषण कम करने, सड़क दबाव घटाने और संगठित पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत बनाने पर केंद्रित होगा। यह अथॉरिटी दिल्ली अर्बन ट्रांसपोर्ट फंड का भी प्रबंधन करेगी, जिससे राजधानी की परिवहन परियोजनाओं को वित्तीय मजबूती मिलेगी।   गठित टास्क फोर्स में शहरी विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को सदस्य सचिव बनाया गया है। इसके अलावा परिवहन, वित्त, योजना और पीडब्ल्यूडी विभागों के प्रमुख अधिकारी सदस्य होंगे। दिल्ली विकास प्राधिकरण, दिल्ली पुलिस, नगर निगम, दिल्ली जल बोर्ड, NDMC, छावनी परिषद, NHAI, NCRPB और उत्तरी रेलवे के प्रतिनिधि भी शामिल किए गए हैं। वहीं डीटीसी, डीएमआरसी और एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक भी इस टास्क फोर्स का हिस्सा हैं। यह व्यापक प्रतिनिधित्व दिल्ली के परिवहन सिस्टम को एकीकृत और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 7 December 2025

बालाघाट। मध्य प्रदेश में नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता मिलने जा रही है। बालाघाट जिले में केबी डिवीजन के लीडर कबीर अपने 9 साथियों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले हैं। सरेंडर करने वालों में 4 महिला और 6 पुरुष नक्सली शामिल हैं। यह एमपी के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा नक्सली सरेंडर माना जा रहा है। कबीर एमसीसी जोन में 77 लाख की इनामी सूची में शामिल है। सभी नक्सली आज दोपहर तीन बजे बालाघाट पुलिस लाइन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने हथियार डालेंगे।   इस बड़े सरेंडर को केंद्र और राज्य सरकार की सख्त नीति का बड़ा परिणाम माना जा रहा है। केंद्र की मोदी सरकार नक्सलवाद पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है, वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सल मुक्त करने का लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कई बार स्पष्ट कर चुके हैं कि मध्य प्रदेश को तय समय सीमा के भीतर नक्सल मुक्त किया जाएगा। उनका कहना है कि नक्सली या तो सरेंडर करें या फिर नेस्तनाबूद होने के लिए तैयार रहें।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 7 December 2025

डॉ. बी.आर. आंबेडकर की पुण्यतिथि, जिसे महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है, 6 दिसंबर को उनकी जयंती के अवसर पर हर साल आयोजित की जाती है। इस दिन भारत के संविधान निर्माता और सामाजिक न्याय के अग्रणी डॉ. आंबेडकर को याद किया जाता है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और अन्य नेताओं ने संसद भवन परिसर में उनकी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि आंबेडकर का दूरदर्शी नेतृत्व और संविधान के प्रति अटूट प्रतिबद्धता हमारी राष्ट्रीय यात्रा को मार्गदर्शित करती रहेगी। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने डॉ. आंबेडकर को महापरिनिर्वाण दिवस पर याद करते हुए लिखा कि उनके समानता, न्याय और मानवीय गरिमा के आदर्श संविधान की रक्षा के मेरे संकल्प को मजबूत करते हैं। संसद परिसर में डॉ. आंबेडकर को श्रद्धांजलि देने के बाद राहुल ने कहा कि आंबेडकर जी एक आइकॉन हैं, जिन्होंने पूरे देश को रास्ता दिखाया और हमें संविधान दिया। उन्होंने नागरिकों से संविधान की रक्षा करने की अपील की।

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Priyanshi Chaturvedi 6 December 2025

भोपाल। मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। आगामी सिंहस्थ महाकुंभ को देखते हुए राज्य में 5 हजार नए होमगार्ड्स की भर्ती की जाएगी। राजधानी भोपाल में आयोजित होमगार्ड स्थापना दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परेड की सलामी लेते हुए यह घोषणा की। साथ ही उन्होंने बैगा, सहरिया और भारिया बटालियन के गठन, मुख्यमंत्री अदम्य साहस पुरस्कार और 10 टीमों को 51-51 हजार रुपये देने की भी घोषणा की। सीएम ने अनुकंपा अनुदान राशि बढ़ाने और होमगार्डों के लिए स्थाई आवास उपलब्ध कराने की बात भी कही।   मुख्यमंत्री ने कहा कि होमगार्ड पुलिस से कम नहीं, बल्कि हर संकट में सबसे पहले लोगों की मदद करने वाली ताकत है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष होमगार्ड ने 5 हजार से अधिक लोगों का जीवन बचाया है। सीएम ने दो महीने की सेवा बाध्यकाल (प्रोबेशन) अवधि समाप्त करने की घोषणा की और कहा कि हर देवालय में होमगार्ड को प्रार्थना दी जाएगी। कार्यक्रम में सीएम ने यह भी कहा कि जहां भी प्रदेश को जरूरत महसूस होती है, होमगार्ड हमेशा तैयार रहते हैं—चाहे बाढ़ हो, आपदा हो या कोई विशेष आयोजन।

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Priyanshi Chaturvedi 6 December 2025

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए ‘लखपति दीदी’ की तर्ज पर ‘लखपति किसान’ सम्मान देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो किसान एक बीघा भूमि से एक लाख रुपये की आय अर्जित करेंगे, उन्हें राज्य सरकार सार्वजनिक रूप से सम्मानित करेगी। इसके साथ ही बिचौलियों से किसानों को मुक्त करने और उनकी उपज का पूरा लाभ सीधे बाजार में दिलाने के लिए नई व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए।   कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने, खेतों में नवीन तकनीक अपनाने और हर संभाग में आदर्श नर्सरी विकसित करने पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि प्रदेश दाल, तिलहन और मक्का उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है, जबकि गेहूं और खाद्यान्न उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। उर्वरक वितरण, फसल बीमा राशि भुगतान, ई–मंडी व्यवस्था और एमपी फार्म गेट ऐप जैसी उपलब्धियों को भी मुख्यमंत्री ने सराहा। नरवाई प्रबंधन के लिए तीन वर्ष की कार्ययोजना और उर्वरक उपलब्धता आसान बनाने के लिए ई-विकास पोर्टल को प्रदेशभर में लागू करने की तैयारी है।   बैठक के दौरान कृषि और उद्यानिकी विभाग की आगामी तीन वर्ष की कार्ययोजना भी प्रस्तुत की गई। इसके तहत सभी नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों में साप्ताहिक जैविक/प्राकृतिक हाट बाजार शुरू किए जाएंगे। ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ दबाव सिंचाई प्रणाली का विस्तार करते हुए 2027–28 तक दो लाख हेक्टेयर भूमि को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, पराली जलाने की घटनाओं में 80% तक कमी लाने और सभी मंडियों को हाईटेक बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। तिलहन–दलहन के क्षेत्र विस्तार, अनुसंधान आधारित खेती और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को मजबूत बनाने पर भी विशेष बल दिया गया।

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Priyanshi Chaturvedi 6 December 2025

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लोन लेने वालों को बड़ी राहत देते हुए रेपो रेट में 0.25% की कटौती का ऐलान किया है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के फैसले घोषित किए, जिसके तहत रेपो रेट अब घटकर 5.25% पर आ गई है। यह फैसला 3 से 5 दिसंबर के बीच हुई द्विमासिक बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। रेपो रेट घटने का सीधा फायदा उपभोक्ताओं को मिलेगा और होम, ऑटो व पर्सनल लोन की EMI में कमी आएगी।   नीति घोषणा के दौरान RBI गवर्नर ने बताया कि देश में महंगाई 2.2% पर और आर्थिक वृद्धि 8% के आसपास बनी हुई है। ऐसे में ब्याज दरों में कटौती को उपयुक्त कदम माना गया है। हालांकि, पॉलिसी का रुख ‘न्यूट्रल’ ही रखा गया है, ताकि भविष्य की आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर लचीला निर्णय लिया जा सके। गवर्नर ने बताया कि ग्रामीण मांग मजबूत है, जबकि शहरी मांग में स्थिर सुधार हो रहा है। बढ़ती निवेश गतिविधि और बैंक क्रेडिट भी आर्थिक गति को तेज कर रहे हैं।   RBI ने अपनी नई पॉलिसी में GDP ग्रोथ के अनुमानों को भी संशोधित किया है। वित्त वर्ष 2026 के लिए अनुमान 6.8% से बढ़ाकर 7.3% कर दिया गया है। इसके अलावा चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के अनुमान को 6.4% से बढ़ाकर 7% और चौथी तिमाही को 6.2% से बढ़ाकर 6.5% कर दिया गया है। वित्त वर्ष 2027 की पहली दो तिमाहियों के लिए वृद्धि के अनुमान क्रमशः 6.7% और 6.8% तय किए गए हैं, जो आने वाले वर्षों में मजबूत आर्थिक गति का संकेत देते हैं।

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Priyanshi Chaturvedi 5 December 2025

यात्रियों की बढ़ी परेशानी, नवंबर में 1,200 से अधिक फ्लाइट कैंसिल; DGCA ने विस्तृत जांच और सुधार के निर्देश दिए।   देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) का परिचालन संकट गुरुवार को भी गहराता गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पूरे देश में 1,000 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिससे हजारों यात्रियों को घंटों इंतजार, लंबी कतारों और भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। लगातार शिकायतों के बीच DGCA ने कड़ा रुख अपनाया और एयरलाइन से जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।   इंडिगो ने DGCA की सख्ती के बीच आधिकारिक बयान जारी कर यात्रियों से माफी मांगी। बयान में कहा गया कि “पिछले दो दिनों में नेटवर्क और संचालन पर व्यापक असर पड़ा है। हम सभी यात्रियों और हितधारकों से क्षमा चाहते हैं। हमारी टीमें DGCA, AAI, BCAS, MOCA और सभी एयरपोर्ट ऑपरेटरों के साथ मिलकर स्थिति को सामान्य करने में लगी हैं।” कंपनी ने यात्रियों से उड़ान की स्थिति जांचते रहने की अपील भी की।   नवंबर इंडिगो के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण महीनों में रहा। सामान्य दिनों में 2,300 उड़ानें संचालित करने वाली इंडिगो को नवंबर में ही 1,232 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। DGCA की जांच रिपोर्ट में सामने आया कि 755 उड़ानें स्टाफ की कमी, 92 ATC फेलियर, 258 एयरपोर्ट प्रतिबंध और 127 अन्य कारणों से रद्द हुईं। नियामक ने एयरलाइन को क्रू बढ़ाने, परिचालन प्लानिंग सुधारने और सेवा गुणवत्ता बेहतर करने के कड़े निर्देश दिए हैं। हालांकि इंडिगो ने स्थिति सामान्य होने का आश्वासन दिया है, पर विशेषज्ञों के मुताबिक स्टाफ की भारी कमी को देखते हुए राहत में अभी समय लगेगा।

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Priyanshi Chaturvedi 5 December 2025

नई दिल्ली। भारत दौरे पर आए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन का दूसरे दिन राष्ट्रपति भवन में भव्य राजकीय स्वागत किया गया। सुबह 11 बजे शुरू हुए समारोह में पुतिन को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और 21 तोपों की सलामी से उनका स्वागत हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहे। भारत में गार्ड ऑफ ऑनर किसी भी विदेशी राष्ट्रप्रमुख को मिलने वाला सर्वोच्च औपचारिक सम्मान है, जिसे केवल राजकीय यात्रा पर आए नेताओं को प्रदान किया जाता है।   समारोह के बाद राष्ट्रपति पुतिन राजघाट पहुंचे, जहां उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वह हैदराबाद हाउस में होने वाली भारत–रूस की 23वीं सालाना समिट में शामिल होंगे। इस बैठक में पीएम मोदी और पुतिन रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, रणनीतिक साझेदारी समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे। बैठक में कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर होने की भी उम्मीद है।   समिट से पहले रूस ने भारत को आर्कटिक शिप बिल्डिंग प्रोजेक्ट में शामिल होने का बड़ा प्रस्ताव दिया है। रूस ने अपने आइस ब्रेकर और भारत की शिप बिल्डिंग क्षमताओं को मिलकर काम करने की पेशकश की है। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रूसी रक्षा मंत्री आंद्रे बेलोउसॉव से मुलाकात की, जिसमें दोनों देशों ने रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत स्वदेशी रक्षा उद्योग को बढ़ाने और रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए तेजी से काम कर रहा है। दोनों देशों ने पुष्टि की कि भारत–रूस संबंध गहरे विश्वास और पारस्परिक सम्मान पर आधारित हैं।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 5 December 2025

नई दिल्ली। दिल्ली ब्लास्ट मामले से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गुरुवार को बड़ा शिकंजा कसा। एजेंसी ने दिल्ली, बिहार और हरियाणा में एक साथ 22 ठिकानों पर व्यापक छापेमारी की। यह कार्रवाई उस अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क की जांच का हिस्सा है, जिसके माध्यम से उत्तर प्रदेश से बिहार के कई जिलों तक हथियार सप्लाई किए जाने की जानकारी सामने आई थी।   अधिकारियों के अनुसार, NIA की अलग-अलग टीमें तड़के से ही कई जिलों में तलाशी अभियान चला रही हैं। जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क न केवल गैर-कानूनी हथियारों की आपूर्ति से जुड़ा था, बल्कि इसके तार संभावित आतंकी गतिविधियों को समर्थन देने वाली साजिश से भी जुड़े हो सकते हैं। छापेमारी के दौरान एजेंसी ने संदिग्ध दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और कई अहम सबूत जब्त किए हैं।   दिल्ली, बिहार और हरियाणा में एक साथ ऑपरेशन   NIA ने तीनों राज्यों में एक समन्वित अभियान चलाते हुए स्थानीय पुलिस के सहयोग से सभी 22 लोकेशंस पर छापे मारे। दिल्ली व एनसीआर के कई क्षेत्रों, बिहार के प्रमुख जिलों और हरियाणा के कुछ स्थानों में टीमों ने तलाशी ली। यह कार्रवाई सीधे दिल्ली ब्लास्ट केस से जुड़ी आतंकी साजिश के सुरागों को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है।   हथियार सप्लाई चेन पर बड़ी प्रगति   जांच में पता चला है कि यूपी से बिहार तक सक्रिय अवैध हथियार तस्करी गिरोह ब्लास्ट केस से जुड़े शक के दायरे में है। NIA ने इस नेटवर्क से जुड़े कई लोगों की गतिविधियों पर पहले से ही कड़ी नजर रखी थी। गुरुवार की छापेमारी में प्राप्त दस्तावेज और डिजिटल सबूत इस नेटवर्क की संरचना और फंडिंग को समझने में महत्वपूर्ण साबित होंगे।   डिजिटल और दस्तावेजी सबूत जब्त   एजेंसी ने कुछ संदिग्ध मोबाइल फोन, लैपटॉप, पेन ड्राइव और दस्तावेज कब्जे में लिए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इनसे कई महत्वपूर्ण डिजिटल ट्रेल मिलने की उम्मीद है, जो दिल्ली ब्लास्ट केस की जांच को आगे बढ़ा सकते हैं।   मुख्य बिंदु • NIA ने दिल्ली, बिहार और हरियाणा में 22 लोकेशंस पर एक साथ छापेमारी की • कार्रवाई दिल्ली ब्लास्ट केस से जुड़ी आतंकी साजिश के सुरागों पर आधारित • यूपी–बिहार के अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क पर एजेंसी की बड़ी प्रगति • कई संदिग्ध दस्तावेज और डिजिटल सबूत जब्त किए गए

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नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन गुरुवार को विपक्षी सांसदों ने दिल्ली के बढ़ते एयर पॉल्यूशन को लेकर संसद के मकर द्वार पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कई सांसद गैस मास्क पहनकर पहुंचे और हाथों में बैनर थामे थे, जिनमें प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर के साथ लिखा था— “मौसम का मजा लीजिए।” विपक्ष की मांग है कि सदन में तुरंत प्रदूषण संकट पर विस्तृत चर्चा कराई जाए।   प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि बाहरी हालात बेहद खराब हैं। “हमें कौन सा मौसम एन्जॉय करना चाहिए? बच्चों को अस्थमा जैसी दिक्कतें हो रही हैं। वरिष्ठ नागरिक भी सांस लेने के लिए परेशान हैं। हर साल हालात बदतर होते जा रहे हैं,” उन्होंने कहा। विपक्ष का आरोप है कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण स्तर पर सरकार गंभीर कदम नहीं उठा रही।   इधर संसद के दोनों सदनों में आज कर सुधार, परमाणु ऊर्जा और आर्थिक सुधारों पर चर्चा होने की संभावना है। बुधवार को लोकसभा ने तंबाकू उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने से जुड़े सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) बिल 2025 को पास कर दिया। सरकार का दावा है कि इन सुधारों से राजस्व बढ़ेगा और अवैध मैन्युफैक्चरिंग पर रोक लगेगी।   इस बीच केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने चेतावनी दी कि फेक न्यूज और एआई डीपफेक लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं। उन्होंने बताया कि सरकार 36 घंटे में कंटेंट हटाने का नया नियम लागू कर चुकी है, और फर्जी सूचनाओं पर लगाम कसने के लिए और सख्त प्रावधान लाए जा रहे हैं।   दिल्ली प्रदूषण पर चर्चा की विपक्षी सांसदों की मांग तेज   कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार पर आर्थिक मोर्चे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब मनमोहन सिंह सरकार के समय रुपया कमजोर होता था, तब बीजेपी इसे बड़ा मुद्दा बनाती थी, लेकिन अब डॉलर के मुकाबले रुपया 90 पार पहुंच गया है।   कांग्रेस MP मनीष तिवारी ने भी इसे आर्थिक संकट बताया और कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि रुपये की इस गिरावट के लिए कौन जिम्मेदार है। तिवारी ने दिल्ली पॉल्यूशन पर चर्चा के लिए ‘सस्पेंशन ऑफ बिजनेस’ नोटिस भी दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण अब गंभीर स्वास्थ्य संकट बन चुका है और इससे सबसे ज्यादा बच्चे और बुजुर्ग प्रभावित हो रहे हैं।

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भोपाल के बड़ा तालाब अब कश्मीर की डल झील जैसा अनुभव देने लगा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक साथ 20 खूबसूरत शिकारे सेवाओं का शुभारंभ किया। इस भव्य आयोजन में नेता प्रतिपक्ष, विधानसभा अध्यक्ष, कैबिनेट मंत्री और भाजपा–कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। शहरवासी और पर्यटक बड़ी संख्या में इस अनोखे नजारे के साक्षी बने।     नगर निगम ने पिछले वर्ष ट्रायल के दौरान एक शिकारा चलाया था, जिसके उत्कृष्ट परिणाम सामने आए। इसके बाद 20 शिकारे औपचारिक रूप से तालाब में उतारे गए हैं। शिकारा सेवा फिलहाल सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक प्रस्तावित है, जबकि प्रति यात्री किराया लगभग ₹150 रखा जा सकता है। एनजीटी की रोक के कारण महीनों से क्रूज और मोटर बोट बंद थीं, ऐसे में नए शिकारे पर्यटन को नया आयाम देंगे।     यह शिकारा राइड करीब 2.3 किलोमीटर का पूरा सफर कराएगी और तालाब के बीच स्थित शाह अली शाह टापू के पास तक ले जाएगी। लकड़ी से बनी पारंपरिक कश्मीरी शैली की इन खूबसूरत नावों की क्षमता लगभग छह यात्रियों की होती है। भोपाल के बोट क्लब में पहले से मौजूद नावों के साथ अब शिकारा की सुविधा भी जुड़ गई है, जो स्थानीय लोगों और पर्यटकों को एक बिल्कुल नया, सुंदर और शांत अनुभव प्रदान करेगी।

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काशी की पवित्र धरती ने एक बार फिर देश और दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है, इस बार महाराष्ट्र के 19 वर्षीय वैदिक साधक देवव्रत महेश रेखे के माध्यम से। रेखे ने शुक्ल यजुर्वेद की माध्यंदिन शाखा के लगभग 2000 मंत्रों वाले कठिन ‘दंडक्रम पारायण’ को लगातार 50 दिनों तक बिना किसी व्यवधान के पूरा किया। यह साधना वाराणसी के रामघाट स्थित सांग्वेद विद्यालय में संपन्न हुई। इस अभूतपूर्व उपलब्धि के लिए उन्हें ‘वेदमूर्ति’ की उपाधि दी गई, और पीएम मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें बधाई दी। उनकी साधना न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि आधुनिक युवाओं को वैदिक परंपरा से जोड़ने का प्रेरक संदेश भी है।   सीएम योगी आदित्यनाथ ने देवव्रत महेश रेखे को बधाई देते हुए लिखा कि उनकी यह साधना पूरे आध्यात्मिक जगत के लिए “प्रेरणा का नव-दीप” है। उन्होंने कहा कि 50 दिनों तक अखंड अनुशासन और पूर्ण शुद्धता के साथ दंडक्रम पारायण संपन्न करना हमारी प्राचीन गुरु-परंपरा के गौरव का पुनर्जागरण है। योगी ने इस उपलब्धि के लिए रेखे के परिवार, आचार्यों और संत-मनीषियों का भी अभिनंदन किया और कहा कि यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का प्रकाशस्तंभ बने।   200 साल पहले नासिक में वेदमूर्ति नारायण शास्त्री देव ने पहला दंडक्रम पारायण किया था। अब देवव्रत महेश रेखे इस परंपरा को दोबारा जीवित करते हुए दूसरे वेदमूर्ति बने हैं। इस उपलब्धि के सम्मान स्वरूप उन्हें सोने का कंगन और 1,01,116 रुपये की धन राशि दी गई, जिसे जगद्गुरु शृंगेरी मठ के स्वामी श्री विधुशेखर भारती ने आशीर्वाद स्वरूप प्रदान किया। दंडक्रम पारायण शुक्ल यजुर्वेद के करीब 2000 मंत्रों को कंठस्थ करके विशेष शैली में पाठ करने की कठिनतम परीक्षा है, जिसे वैदिक पाठ का मुकुट माना जाता है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 3 December 2025

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद स्थित गांधी भवन में TPCC कार्यकारिणी की बैठक में संबोधन के दौरान एक विवादित टिप्पणी कर दी। उन्होंने कहा कि जैसे हिंदू धर्म में अलग-अलग आस्था रखने वाले करोड़ों लोग हैं, उसी तरह कांग्रेस भी विभिन्न विचारों वाले लोगों को अपने साथ जोड़ती है। उन्होंने कहा— “हिंदू धर्म में तीन करोड़ देवता हैं। कोई वेंकटेश्वर को मानता है, कोई शिव को। अविवाहित लोग हनुमान की पूजा करते हैं, दो-दो शादी करने वालों के देवता अलग होते हैं, शराब पीने वालों के अलग। येल्लम्मा, पोचम्मा, मैसम्मा... हर परंपरा में अपनी आस्था है।” रेवंत का यह बयान कांग्रेस में नई DCC नियुक्तियों पर उठ रहे आंतरिक मतभेदों के बीच आया, जिसे उन्होंने विचारों की विविधता का हिस्सा बताया।   विपक्ष बोला— आस्था पर चोट रेवंत रेड्डी की टिप्पणी सामने आते ही विपक्ष ने इसे हिंदुओं की भावनाओं के खिलाफ बताया और माफी की मांग शुरू हो गई। विपक्षी दलों का कहना है कि आस्था से जुड़े मुद्दों पर इस तरह टिप्पणी करना न केवल गैर जिम्मेदाराना है, बल्कि जानबूझकर हिंदू समुदाय को निशाना बनाने जैसा है। राजनीतिक हलकों में इसे कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान को साधने का एक प्रयास भी माना जा रहा है, जिसके बीच यह बयान विवाद में घिर गया है। रेवंत के विरोधियों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जानबूझकर धार्मिक मुद्दों को हल्का बनाकर पेश कर रहे हैं।   BJP ने CM पर साधा निशाना केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और BJP नेता बंदी संजय कुमार ने रेवंत रेड्डी के बयान को सीधा हिंदू समाज का अपमान बताया। उन्होंने X पर लिखा— “कांग्रेस की हिंदुओं से नफरत एक बार फिर सामने है। स्वयं रेवंत पहले कह चुके हैं कि कांग्रेस एक मुस्लिम पार्टी है, और आज उनकी टिप्पणी उसी सोच को साबित करती है।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा AIMIM के आगे झुकने वाली पार्टी रही है और जुबली हिल्स उपचुनाव के समय BJP ने चेतावनी दी थी कि कांग्रेस या BRS के शासन में हिंदू सुरक्षित नहीं रहेंगे। संजय ने दावा किया कि रेवंत रेड्डी का ताजा बयान BJP के आरोपों को सही साबित करता है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 3 December 2025

भोपाल गैस त्रासदी की 41वीं बरसी पर आज राजधानी भोपाल में स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। इस अवकाश के चलते शहर के सभी सरकारी दफ्तर, स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के कार्यालय सामान्य रूप से संचालित होंगे। हर वर्ष 3 दिसंबर को 1984 की इस भीषण औद्योगिक दुर्घटना की स्मृति में अवकाश दिया जाता है, जिसमें MIC गैस लीक होने से करीब 3800 लोगों की तत्काल मौत हुई थी और लाखों लोग प्रभावित हुए थे।   2–3 दिसंबर 1984 की रात यूनियन कार्बाइड के कीटनाशक संयंत्र से मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) गैस रिसाव ने पूरे शहर में तबाही मचा दी थी, जिसे दुनिया की सबसे भयावह औद्योगिक दुर्घटनाओं में गिना जाता है। इसी दर्दनाक घटना की याद में आज पूरा शहर पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है।   भोपाल में आज सेंट्रल लाइब्रेरी में सर्वधर्म प्रार्थना सभा आयोजित की गई, जिसमें गैस राहत मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह सहित विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु मौजूद रहे। इस दौरान गैस त्रासदी में दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी गई और धर्मग्रंथों का पाठ किया गया।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 3 December 2025

उत्तरप्रदेश की योगी सरकार ने अयोध्या में 52 एकड़ क्षेत्र में भव्य राम मंदिर संग्रहालय निर्माण का निर्णय लिया है। कैबिनेट बैठक में चर्चा के बाद इस परियोजना को औपचारिक मंजूरी दी गई। संग्रहालय का निर्माण टाटा संस की ओर से किया जाएगा। यह विशाल परिसर सनातन परंपरा, वेद-पुराण, प्राचीन भारतीय साहित्य और भारतीय मंदिर वास्तुकला की समृद्ध धरोहर को आधुनिक तरीके से प्रदर्शित करेगा।   माझा जमथरा क्षेत्र में होगा निर्माण मंदिर संग्रहालय का निर्माण अयोध्या के माझा जमथरा क्षेत्र में 52 एकड़ जमीन पर प्रस्तावित है। यह संरचना डिजाइन, गुणवत्ता और सुविधाओं के स्तर पर अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करेगी। सरकार अयोध्या में लगातार विकास परियोजनाएं चला रही है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकें। यह संग्रहालय क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।   यह संग्रहालय नई पीढ़ियों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। यहां आने वाले लोग सनातन संस्कृति की मूल अवधारणाओं को सरल तरीके से समझ सकेंगे। संग्रहालय में वेद-पुराण, प्राचीन भारतीय साहित्य, मंदिर वास्तुकला और हिंदू सांस्कृतिक विरासत पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। परियोजना स्वीकृत होने के बाद निर्माण की औपचारिक प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।   अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। हाल ही में यहां धार्मिक ध्वजा फहराई गई, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फहराया था। ध्वज समकोण त्रिभुजाकार है, जिसकी ऊंचाई 10 फीट और लंबाई 20 फीट है। इस पर सूर्य का चित्र बना है, जो भगवान राम के तेज और पराक्रम का प्रतीक है, साथ ही ‘ॐ’ और कोविदार वृक्ष का चिह्न भी अंकित है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 2 December 2025

सभी मोबाइल फोन में साइबर सिक्योरिटी एप ‘संचार साथी’ को प्री-इंस्टॉल करने के दूरसंचार विभाग (DoT) के आदेश पर बढ़ते विवाद के बीच मंगलवार को केंद्र सरकार की सफाई सामने आई। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट किया कि यह एप अनिवार्य नहीं है और यूजर चाहें तो इसे फोन से डिलीट कर सकते हैं। सरकार ने एक दिसंबर को स्मार्टफोन कंपनियों को निर्देश दिया था कि वे 90 दिनों के भीतर नए स्मार्टफोन्स में यह सुरक्षा एप जोड़कर बेचें। इसके बाद विपक्ष ने इसे लोगों की प्राइवेसी में दखल बताकर कड़ा विरोध जताया।   विपक्ष का आरोप कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने इस आदेश पर आपत्ति जताई। प्रियंका गांधी ने इसे नागरिकों की निजी जिंदगी पर हमला बताते हुए जासूसी एप तक करार दिया। वहीं, सांसद केसी वेणुगोपाल और रेणुका चौधरी ने भी सरकार पर लोगों की निजी जानकारी तक पहुंच बनाने का आरोप लगाया। CPI-M सांसद जॉन ब्रिटास ने इसे सुप्रीम कोर्ट के पुट्टास्वामी फैसले का उल्लंघन बताया। शशि थरूर ने कहा कि एप उपयोगी हो सकता है, लेकिन इसे स्वैच्छिक रखा जाना चाहिए। इस मामले को लेकर संसद में भी हंगामा हुआ और कई सांसदों ने इस पर चर्चा की मांग की।   सरकार का तर्क   सरकार के अनुसार, संचार साथी एप साइबर फ्रॉड, फर्जी IMEI नंबर और चोरी हुए मोबाइल फोन को ट्रैक करने में मदद करेगा। आदेश के मुताबिक यह एप नए स्मार्टफोन्स में प्री-इंस्टॉल होगा और पुराने मोबाइलों में सॉफ्टवेयर अपडेट के साथ जोड़ा जाएगा। हालांकि यह आदेश सार्वजनिक नहीं किया गया है और अभी केवल चुनिंदा कंपनियों को भेजा गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस एप की मदद से अब तक 7 लाख से ज्यादा खोए या चोरी हुए फोन बरामद किए जा चुके हैं।   संचार साथी एप क्या है और कैसे करेगा मदद?   ·         यह सरकार का विकसित साइबर सिक्योरिटी टूल है, जिसे 17 जनवरी 2025 को लॉन्च किया गया।   ·         फिलहाल यह गूगल प्ले स्टोर और ऐपल स्टोर पर स्वैच्छिक डाउनलोड के लिए उपलब्ध है।   ·         यह कॉल, मैसेज या वॉट्सऐप चैट से होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्टिंग की सुविधा देता है।   ·         फोन के IMEI नंबर की मदद से चोरी या गुम हुए मोबाइल को ब्लॉक और ट्रैक किया जा सकता है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 2 December 2025

मध्य प्रदेश के गुना जिले में ट्रैफिक नियमों का पालन करवाने के लिए पुलिस और RTO ने बेहद अनोखी पहल की। सोमवार को जयस्तंभ चौराहा सड़क सुरक्षा जागरूकता का केंद्र बन गया, जहां पुलिसकर्मी यमराज और चित्रगुप्त के वेश में लोगों को नियमों के प्रति जागरूक कर रहे थे। आमतौर पर बिना हेलमेट पकड़े जाने पर चालान काटा जाता है, लेकिन इस अभियान में गुना पुलिस ने अनूठा तरीका अपनाते हुए बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चालकों पर जुर्माना लगाने के बजाय उन्हें मौके पर ही ₹300 का ISI मार्का हेलमेट पहनाया और आगे से हमेशा हेलमेट पहनने का संकल्प दिलाया।   वहीं, जो लोग पहले से हेलमेट लगाए हुए थे, उन्हें पुलिस ने माला पहनाकर सम्मानित किया। अभियान के दौरान चार पहिया वाहनों की भी जांच की गई और सीट बेल्ट सहित अन्य नियमों का उल्लंघन करने वाले 57 वाहनों से कुल 24,500 का जुर्माना वसूला गया। पुलिस और RTO की इस संयुक्त पहल को लोगों ने सराहा और यह अनोखा अभियान सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।

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Priyanshi Chaturvedi 2 December 2025

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले संसद परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए विपक्ष और सत्ता पक्ष- दोनों से आग्रह किया कि यह सत्र न तो पराजय की बौखलाहट का मैदान बने और न ही विजय के अहंकार का मंच। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और अर्थतंत्र की मजबूती को आज दुनिया बड़ी बारीकी से देख रही है, ऐसे में संसद का हर क्षण राष्ट्र निर्माण के लिए उपयोग होना चाहिए, न कि राजनीतिक नकारात्मकता में व्यर्थ जाना चाहिए।प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि संसद देश को प्रगति की नई गति देने और भविष्य की दिशा तय करने का अहम माध्यम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संसद का शीतकालीन सत्र भी देश की विकास यात्रा में नई ऊर्जा भरेगा।उन्होंने कहा कि भारत ने लोकतंत्र को जिया है। लोकतंत्र की उमंग और उत्साह को समय-समय पर इस तरह प्रकट किया है कि लोकतंत्र के प्रति विश्वास और मजबूत होता रहता है। प्रधानमंत्री ने हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां मतदान का जो आंकड़ा आया है, वह लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत का प्रमाण है। विशेष रूप से माताओं-बहनों की बढ़ती भागीदारी को उन्होंने देश की बदलती सोच और बढ़ते विश्वास का प्रतीक बताया।प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ दल ऐसे हैं जो अपने पराजय भाव को पचा नहीं पाते। उन्होंने कहा कि उम्मीद थी कि बिहार के नतीजों के बाद समय के साथ सब संभल जाएंगे, लेकिन हाल की बयानबाजी से यह स्पष्ट है कि पराजय की पीड़ा अभी भी उन्हें विचलित कर रही है। यह दुखद है कि इस निराशा को वे संसद में लेकर आते हैं।उन्होंने बिना किसी दल का नाम लिए कहा कि संसद देश की नीतियों और भविष्य पर केंद्रित होनी चाहिए, न कि किसी राज्य की राजनीति का मंच बने। उन्होंने इस प्रवृत्ति को देश के लिए अस्वस्थ परंपरा करार दिया।मोदी ने कहा कि कुछ समय से संसद या तो चुनावों के लिए वार्म-अप अखाड़ा बन जाती है या फिर चुनावी हार के बाद गुस्सा निकालने का स्थल। यह परंपरा बंद होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “नेगेटिविटी की राजनीति की कुछ उपयोगिता हो सकती है, लेकिन राष्ट्र निर्माण के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अनिवार्य है। आइए, नकारात्मकता को सीमित रखें और अपना ध्यान राष्ट्र निर्माण पर केंद्रित करें।”प्रधानमंत्री ने युवा सांसदों को अधिक अवसर देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संसद में नई पीढ़ी के प्रतिनिधि नए विचारों और ताजगी भरे दृष्टिकोण के साथ आते हैं। देश को भी उनके अनुभव और ऊर्जा से लाभ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संसद नाटक का मंच नहीं, बल्कि डिलीवरी का स्थान है- वहां से निकलने वाला हर निर्णय देश के करोड़ों नागरिकों के जीवन को प्रभावित करता है।देश की आर्थिक प्रगति पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था आज नयी ऊंचाइयों को छू रही है और यह गति विकसित भारत के सपने को और मजबूत बनाती है। विश्व आज यह देख रहा है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था किस तरह विकास को गति दे सकती है।प्रधानमंत्री ने सभी दलों से अपील की कि शीतकालीन सत्र को सकारात्मकता, सहयोग और रचनात्मक बहस का मंच बनाएं, ताकि संसद की ऊर्जा देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में उपयोग हो सके। उन्होंने कहा, “संसद देश के लिए क्या सोच रही है और क्या करने वाली है-यही इस सत्र का केंद्र होना चाहिए। विपक्ष भी अपना दायित्व निभाए, मजबूत मुद्दे उठाए और पराजय की निराशा से बाहर आए।”  

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उज्जैन में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव की शुरुआत हो गई है। सोमवार सुबह दशहरा मैदान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गीता जयंती के पावन अवसर पर महोत्सव का शुभारंभ किया। सीएम यादव ने कहा कि “गीता एक पवित्र ग्रंथ है, जिसे हर बच्चे के बस्ते में होना चाहिए। गीता प्रैक्टिकल ज्ञान देती है और जीवन को समझने की प्रेरणा देती है।” कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधु-संत, स्कूली बच्चे और बटुक शामिल हुए। करीब 9 बजे मंच पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस दौरान संत रंगनाथाचार्य महाराज का विशेष स्वागत भी किया गया।   महोत्सव में 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का सामूहिक सस्वर पाठ किया, जिससे पूरा परिसर धार्मिक उत्साह से गूंज उठा। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में नृत्य-नाट्य, गीता पाठ और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ होंगी। संस्कृति और जनसंपर्क विभाग सहित कई संस्थाओं के सहयोग से यह भव्य आयोजन किया जा रहा है।   सोमवार शाम बॉलीवुड अभिनेता पुनीत इस्सर के निर्देशन में ‘जय श्री कृष्णो-गीता सार’ नृत्य-नाट्य का मंचन होगा। मंगलवार को नई दिल्ली की कलाकार वैष्वीर शर्मा प्रस्तुति देंगी और मोहित शेवानी के निर्देशन में ‘कृष्णायन’ नाट्य होगा। बुधवार को ‘विश्वनवंदनीय’ नाट्य और सलाउद्दीन पाशा द्वारा ‘गीता ऑन व्हील्स’ प्रस्तुति आयोजित की जाएगी। साथ ही ‘माधव दर्शनम्’ पर आधारित लघु चित्र शैलियों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र बनेगी।   वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला ग्रंथ है। उन्होंने बताया कि यह अंतरराष्ट्रीय महोत्सव समाज में ज्ञान, अनुशासन, कर्तव्य और सकारात्मकता का माहौल बनाने का माध्यम बनेगा।

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मोदी सरकार गुटखा-सिगरेट और पान मसाला उद्योग पर सख्त कार्रवाई करने जा रही है। जी हां…सरकार GST कंपनसेशन सेस खत्म होने के बाद भी तंबाकू और पान मसाला जैसे सिन गुड्स पर मौजूदा टैक्स बोझ बनाए रखने के लिए दो नए बिल ला रही है, ताकि इन पर पहले जैसा ही टैक्स असर जारी रहे। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण आज लोकसभा में सेंट्रल एक्साइज अमेंडमेंट बिल-2025 (Central Excise Amendment Bill-2025) और हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल-2025 (National Security Cess Bill-2025) पेश करेंगी। बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र-2025 आज (एक दिसंबर) से शुरू हो रहा है। 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलने वाले संसद के शीतकालीन सत्र में 10 बिल पेश होंगे। इन बिल में ‘नेशनल सिक्योरिटी और जन स्वास्थ्य सेस’ बिल है। जो निर्माताओं पर नियंत्रण रखेगा। रिपोर्ट के अनुसार सेंट्रल एक्साइज अमेंडमेंट बिल 2025, सिगरेट जैसे तंबाकू प्रोडक्ट्स पर एक्साइज ड्यूटी लगाकर तंबाकू पर GST कंपनसेशन सेस की जगह लेगा। वहीं, हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल 2025 पान मसाला पर कंपनसेशन सेस की जगह लेगा। इसका मकसद नेशनल सिक्योरिटी और पब्लिक हेल्थ पर होने वाले खर्च को पूरा करने के लिए पैसे जुटाना और इन मकसदों के लिए उन मशीनों या दूसरे प्रोसेस पर सेस लगाना है जिनसे खास सामान बनाए या तैयार किए जाते हैं।  

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मोदी सरकार गुटखा-सिगरेट और पान मसाला उद्योग पर सख्त कार्रवाई करने जा रही है। जी हां…सरकार GST कंपनसेशन सेस खत्म होने के बाद भी तंबाकू और पान मसाला जैसे सिन गुड्स पर मौजूदा टैक्स बोझ बनाए रखने के लिए दो नए बिल ला रही है, ताकि इन पर पहले जैसा ही टैक्स असर जारी रहे। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण आज लोकसभा में सेंट्रल एक्साइज अमेंडमेंट बिल-2025 (Central Excise Amendment Bill-2025) और हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल-2025 (National Security Cess Bill-2025) पेश करेंगी। बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र-2025 आज (एक दिसंबर) से शुरू हो रहा है। 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलने वाले संसद के शीतकालीन सत्र में 10 बिल पेश होंगे। इन बिल में ‘नेशनल सिक्योरिटी और जन स्वास्थ्य सेस’ बिल है। जो निर्माताओं पर नियंत्रण रखेगा। रिपोर्ट के अनुसार सेंट्रल एक्साइज अमेंडमेंट बिल 2025, सिगरेट जैसे तंबाकू प्रोडक्ट्स पर एक्साइज ड्यूटी लगाकर तंबाकू पर GST कंपनसेशन सेस की जगह लेगा। वहीं, हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल 2025 पान मसाला पर कंपनसेशन सेस की जगह लेगा। इसका मकसद नेशनल सिक्योरिटी और पब्लिक हेल्थ पर होने वाले खर्च को पूरा करने के लिए पैसे जुटाना और इन मकसदों के लिए उन मशीनों या दूसरे प्रोसेस पर सेस लगाना है जिनसे खास सामान बनाए या तैयार किए जाते हैं।  

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने संसद के शीतकालीन सत्र से एक दिन पहले रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक को सौहार्दपूर्ण बताया है। सरकार ने उम्मीद जतायी है कि संसद सत्र के सुचारू संचालन में सभी दलों का सहयोग मिलेगा।   बैठक की अध्यक्षता रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने की। संसदीय सौध में आयोजित इस बैठक में राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू एवं उनके सहयोगी अर्जुन राम मेघवाल, कांग्रेस के लोकसभा में उप नेता गौरव गोगोई सहित विभिन्न दलों के फ्लोर लीडर ने भाग लिया। बैठक में 36 राजनीतिक दलों के 50 नेताओं ने शिरकत की। विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान का मुद्दा उठाया गया। इसके अलावा सुरक्षा, लोकतंत्र और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी अपना पक्ष रखा।   संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा कि सर्वदलीय बैठक अत्यंत उयोगी और सौहार्दपूर्ण रही। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने अपनी ओर से कई मुद्दे उठाए और सुझाव रखे। इन पर चर्चा के बाद आज शाम होने वाली कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में इन्हें रखा जाएगा। वे सरकार की ओर से आश्वासन देते हैं कि हम विपक्ष के साथ सभी मुद्दों पर बातचीत करेंगे और उनसे अपेक्षा करते हैं कि संसद को सुचारू ढंग से संचालित करने में वे सहयोग करेंगे।   एसआईआर के मुद्दे पर रिजिजू ने कहा कि वे इस समय इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहेंगे। शाम को कार्य मंत्रणा समिति की बैठक होगी जिसमें कुछ मुद्दों पर सहमति बन सकती और कुछ मुद्दे चेयर के समक्ष उनकी अनुमति के लिए भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष एसआईआर के मुद्दे पर संसद नहीं चलने देगा ऐसा कोई विषय बैठक में नहीं आया है। रिजिजू ने कहा कि लोकतंत्र में गतिरोध संभव है और अगल-अलग एजेंडा होने के कारण मतभेद भी संभव हैं लेकिन हम विपक्ष से अनुरोध करते हैं कि वे सदन को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करेंगे।

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भारतीय खिलाड़ियों द्वारा नवंबर माह में हासिल की गई ऐतिहासिक उपलब्धियों की सराहना की। प्रधानमंत्री के अनुसार इस महीने भारतीय खेल जगत ने कई नए मुकाम हासिल किए, जो हर भारतीय को प्रेरित करते रहेंगे।   प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 128वें एपिसोड में कहा कि भारतीय खेलों के लिहाज से ये महीना सुपर हिट रहा है। इस महीने की शुरुआत भारतीय महिला टीम द्वारा आईसीसी महिला विश्व कप जीतने से शुरू हुई, लेकिन उसके बाद भी मैदान पर और ज्यादा एक्शन देखने को मिला है। कुछ दिन पहले ही टोक्यो में डेफलिंपिक्स हुए हैं, जहां भारत ने अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 20 पदक जीते हैं। हमारी महिला खिलाड़ियों ने भी कबड्डी वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास ही रच दिया। पूरे टुर्नामेंट में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करके हर भारतवासी का मन जीत लिया। इसी तरह वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल्स में भी हमारे खिलाड़ियों का प्रदर्शन शानदार रहा, जहां उन्होंने 20 पदक जीते।   प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि जिस बात की और भी अधिक चर्चा हो रही है, वो है हमारी महिला टीम का दृष्टिबाधित क्रिकेट विश्व कप जीतना। बड़ी बात यह है कि हमारी इस टीम ने बिना एक भी मैच हारे, इस टुर्नामेंट को जीता है। देशवासियो को इस टीम के हर खिलाड़ी पर बहुत गर्व है। मेरी इस टीम से प्रधानमंत्री निवास पर मुलाकात हुई। वाकई इस टीम का हौंसला, उनका जज्बा हमें बहुत कुछ सिखाता है। यह विजय हमारे खेल इतिहास की सबसे बड़ी जीतों में से एक है, जो हर भारतीय को प्रेरित करती रहेगी।   आईसीसी महिला वनडे विश्व कप में रचा इतिहास   भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इस महीने की शुरुआत में इतिहास रचते हुए आईसीसी महिला वनडे विश्व कप 2025 का खिताब अपने नाम किया था। दो नवंबर को नवी मुंबई में खेले गए फाइनल में भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका महिला टीम को 52 रन से हराकर पहली बार आईसीसी महिला विश्व कप की ट्रॉफी जीती।   दृष्टिबाधित महिला टीम ने जीता दिल   भारतीय दृष्टिबाधित महिला क्रिकेट टीम ने बीते 23 नवंबर को खेले गए पहले दृष्टिबाधित महिला टी20 क्रिकेट विश्व कप के फाइनल में नेपाल की टीम को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। श्रीलंका के कोलंबो स्थित पी सारा ओवल मैदान पर खेले गए फाइनल में नेपाल की टीम ने 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 114 रन बनाए। इसके जवाब में भारत की महिला टीम ने आसानी से 12.1 ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर 117 रन बनाते हुए जीत दर्ज की। भारतीय बेटियों की इस जीत ने हर देशवाशियों को गर्व से भर दिया।   कबड्डी में भी जीती ट्रॉफी   भारत की महिला कबड्डी टीम ने भी इतिहास रचते हुए महिला कबड्डी वर्ल्ड कप 2025 का खिताब अपने नाम किया। बांग्लादेश के ढाका में खेले गए फाइनल में चीनी ताइपे को 35-28 से हराकर लगातार भारतीय टीम ने लगातार दूसरी बार कबड्डी विश्व कप खिताब जीता।   डेफलिंपिक्स और विश्व मुक्केबाजी में भारतीय खिलाड़ियों का जलवा   जापान की राजधानी टोक्यो में 15 से 26 नवंबर तक आयोजित 25वें समर डेफलिंपिक्स में भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक का अपना सबसे यादगार और ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में भारत ने कुल 20 पदक अपने नाम किए, जिनमें 9 स्वर्ण, 7 रजत और 4 कांस्य पदक शामिल हैं।   इसके अलावा विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल्स 2025 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 9 स्वर्ण सहित कुल 20 पदक जीते।  

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नई दिल्ली । चुनाव आयोग ने देश के 12 राज्यों में जारी मतदाता सूची को अपडेट करने से जुड़ी प्रक्रिया एसआईआर की तिथियों में बदलाव करते हुए इन्हें एक सप्ताह आगे बढ़ाया है। चुनाव आयोग की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार अब मसौदा मतदाता सूची 9 के बजाय 16 दिसंबर और अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी की बजाय 14 फरवरी को प्रकाशित होगी।   विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार निर्वाचन आयोग ने सभी गतिविधियों की समय-सीमा एक सप्ताह बढ़ा दी है। नए कार्यक्रम के तहत गणना अवधि और मतदान केंद्रों के पुनर्गठन की प्रक्रिया अब 11 दिसंबर 2025 तक पूरी की जाएगी। नियंत्रक तालिका के अद्यतन और ड्राफ्ट मतदाता सूची की तैयारी का कार्य 12 से 15 दिसंबर 2025 तक किया जाएगा, जबकि ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन 16 दिसंबर 2025 को होगा। दावों और आपत्तियों को जमा करने की अवधि 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। नोटिस चरण, जिसमें जारी करना, सुनवाई, सत्यापन तथा गणना प्रपत्रों और दावों-आपत्तियों पर निर्णय शामिल हैं, 16 दिसंबर 2025 से 7 फरवरी 2026 तक चलेगा। मतदाता सूची के स्वास्थ्य मानकों की जांच और अंतिम प्रकाशन की अनुमति 10 फरवरी 2026 तक पूरी की जाएगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।   उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग देश के 12 राज्यों जिसमें पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश शामिल है, में मतदाता सूची को अपडेट कर रहा है। इसके लिए चुनाव आयोग नागरिकता और स्थानीय निवास के आधार पर मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने और हटाने की विशेष जांच पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया चला रहा है।   दूसरी ओर विपक्ष इसको लेकर चुनाव आयोग और सरकार पर हमलावर है। विपक्ष की ओर से आज सर्वदलीय बैठक में भी यह मुद्दा उठाया गया। कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि सरकार बड़ी जल्दबाजी में एसआईआर की प्रक्रिया संचालित कर रही है। आज इसकी तारीखों को एक सप्ताह आगे बढ़ाया गया है। हमें लगता है कि कोई मतदाता सूची से छूटे नहीं इसके लिए इसमें और अधिक समय लिया जाना चाहिए।

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नागपुर  । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने ‘राष्ट्र’ और ‘नेशन’ की अवधारणाओं के मूलभूत अंतर पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय राष्ट्रभाव प्राचीन, आत्मीय और एकता पर आधारित है, जबकि पश्चिमी देशों की ‘नेशन’ की अवधारणा संघर्ष, वर्चस्व और आक्रामकता के इतिहास से उत्पन्न हुई है।   नागपुर के रेशीमबाग में आयोजित राष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव में शनिवार को सरसंघचालक भागवत ने कहा कि समाज में संघ के स्वयंसेवकों को ‘राष्ट्रवादी’ कहा जाता है, इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भागवत ने कहा, “हम विवाद उत्पन्न करने वाले नहीं हैं। संघर्ष भारत का स्वभाव ही नहीं है। हमारी परंपरा परस्पर सहयोग, मित्रता और सामूहिक यात्रा की है। उन्होंने कहा, “भारत का ‘राष्ट्र’ सत्ता, सीमाओं या राजनीतिक संरचना पर आधारित नहीं है। यह संस्कार, परोपकार, विविधता में एकता और मानवता की भावना से जन्मा है। ‘नेशन’ की अवधारणा अंग्रेजों ने हम पर थोपी; लेकिन ‘राष्ट्र’ सिर्फ नेशनलिज़्म नहीं, बल्कि ‘राष्ट्रत्व’ है।   भागवत ने स्पष्ट किया कि पश्चिमी राष्ट्रवाद की आक्रामकता दो महायुद्धों का कारण बनी, जबकि भारतीय राष्ट्रभाव में अहंकार नहीं, बल्कि “वसुधैव कुटुंबकम्” और “परोपकार” की चेतना है। धर्म, भाषा, भोजन और क्षेत्रीय भिन्नताएं होने के बावजूद सभी भारतीय भारतमाता की संतान होने का एकात्म भाव साझा करते हैं, जो हमें जोड़कर रखता है। इतिहास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “राज्य व्यवस्था बदली, पराधीनता और स्वतंत्रता के चरण आए, लेकिन भारतीय राष्ट्रभाव अखंड रहा। सत्ता स्थापित होने से पहले ही राष्ट्र अस्तित्व में था।” महात्मा गांधी का संदर्भ देते हुए उन्होंने बताया कि ब्रिटिश शासन ने भारतीय विविधता को विभाजन का रूप दिया, जबकि भारत मूलतः एकात्म संस्कृति का देश है।   युवा साहित्यकारों को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा, नेशन’ का अनुवाद ‘राष्ट्र’ करने से अवधारणा का भावार्थ बदल जाता है। मैं राष्ट्रवादी नहीं, मैं राष्ट्रीय हूं। गलत शब्दों के उपयोग से समाज में भ्रम पैदा हो सकता है और संस्कृति पर प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने लेखक समुदाय से आग्रह किया कि वे मूल सिद्धांतों का अध्ययन कर अनुभव-आधारित लेखन करें।   उन्होंने कहा कि स्वातंत्र्य और समानता एक साथ नही आ सकती है, जब तक उसमें बंधुता न हो। जब लोग एक सामन होते हैं तो उसमें स्वतंत्रता नहीं रहती है वहीं जब लोग स्वतंत्र होते हैं, तब उसमें सामनता का अभाव होता है। इसलिए भारतीय अवधारणा में स्वतंत्रता और समानता के साथ बंधुता भी होती है।

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बेंगलुरु। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने आज कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के सत्ता नेतृत्व परिवर्तन काे लेकर राजनीतिक अफवाहाें और अंदरुनी संताेष काे एक स्वर से खारिज कर दिया है।    शनिवार काे मुख्यमंत्री के कावेरी निवास पर एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने एक स्वर में पत्रकाराें से खुलकर बात की। संवाददाता सम्मेलन में सिद्धारमैया ने कहा कि कोई बाहर से अनावश्यक भ्रम पैदा कर रहा है। हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है। वर्ष 2028 के चुनाव महत्वपूर्ण हैं। जिस तरह हमने 2023 में साथ मिलकर काम किया, हम भविष्य में भी साथ मिलकर काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र में शीतकालीन सत्र की पृष्ठभूमि में, आलाकमान ने हमें राज्य के मुद्दे सुलझाने को कहा है। हमने भी आलाकमान के निर्देशों का पालन करने का फैसला किया है। कल से कोई असमंजस नहीं रहेगा।पत्रकार सम्मेलन के दौरान उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि हमारे बीच कोई गुटबाजी नहीं है। अगर कोई एक गुट है, तो वह कांग्रेस गुट है। मुख्यमंत्री और मैं पूरी एकजुटता से काम कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य 2028 में भी कांग्रेस की सरकार को सत्ता में लाना है। उन्होंने यह भी कहा कि 2029 के लोकसभा चुनाव में भी कर्नाटक से राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को और ताकत देंगे।

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नई दिल्‍ली । नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने शनिवार को एयरबस ए-318, ए-319, ए-320 और ए321 एयरक्राफ्ट के लिए ज़रूरी सेफ्टी डायरेक्टिव जारी किया है। विमानन नियामक ने तीव्र सौर विकिरण के कारण एयरबस ए-320 श्रृंखला के कई विमानों में उड़ान नियंत्रण से जुड़े महत्वपूर्ण डेटा के खराब होने की आशंका के बीच ये निर्देश जारी किए हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने जारी आदेश में एयरलाइंस कंपनियों को कुछ एयरबस ए319, ए320, और ए321 एयरक्राफ्ट चलाने से तब तक रोक दिया, जब तक कि एयरबस सेफ्टी अलर्ट के हिसाब से जरूरी सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर में जरूरी बदलाव नहीं कर लिए जाते। फ्लाइट्स पर बैन रविवार सुबह 5.30 बजे से लागू होगा।   विमानन नियामक डीजीसीए के आदेश में कहा गया है, “यह पक्का किया जाना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति उस प्रोडक्ट को ऑपरेट न करे जो इस मैंडेटरी मॉडिफिकेशन के तहत आता है।”   फ्लाइट्स पर बैन रविवार सुबह 5.30 बजे से लागू होगा, जिससे एयरलाइंस छोटे एयरपोर्ट से एयरक्राफ्ट को बड़े एयरपोर्ट पर ले जा सकेंगी, जहां उनका मेंटेनेंस बेस होगा, जिससे वे रेक्टिफिकेशन एक्शन कर सकेंगी। इसबीच एयरबस ए320 ग्लोबल सॉफ्टवेयर समस्या पर एयर इंडिया ने जारी अपने ताजा बयान में कहा, "एयर इंडिया में सेफ्टी सबसे ज़रूरी है। दुनियाभर में ए-320 फैमिली एयरक्राफ्ट पर जरूरी सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर रीअलाइनमेंट के लिए EASA और एयरबस के जारी निर्देशों के बाद हमारे इंजीनियर इस काम को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। एयरलाइंस ने कहा कि “हमने अपने 40 फीसदी से ज़्यादा एयरक्राफ्ट पर रीसेट पहले ही पूरा कर लिया है, जिन पर इसका असर पड़ा है और हमें भरोसा है कि EASA द्वारा तय टाइमलाइन के अंदर पूरे फ़्लीट को कवर कर लेंगे। एयर इंडिया पुष्टि कर सकता है कि इस काम की वजह से कोई कैंसलेशन नहीं हुआ है और हमारे पूरे नेटवर्क में शेड्यूल पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। हालांकि, हमारी कुछ फ़्लाइट्स में थोड़ी देरी या रीशेड्यूल हो सकती हैं। हमारे साथी यात्रियों की मदद के लिए मौजूद हैं।"

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चेन्नई । बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात 'दितवाह' काे देखते हुए माैसम विभाग ने उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी और इसके आसपास के दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों मेंं भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। रामेश्वरम समुद्री क्षेत्र में हवा की गति तेज होने के कारण सभी रेलगाड़ियाें काे मंडपम में ही रोक दिया गया है।   'दितवाह' चक्रवात पिछले छह घंटों में तटीय क्षेत्रों और उससे जुड़े दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बन चुका है। यह आगे उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर 7 किमी/घंटा की गति से बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार यह चक्रवात आज 28 नवंबर सुबह 5.30 बजे तक यह श्रीलंका के त्रिकुंडमालई के दक्षिण-पश्चिम में लगभग 50 किमी दूर, मथ्चिक्कलप्पुधुर के उत्तर-पश्चिम में 90 किमी, हम्बनटोटा के उत्तर में 230 किमी, पुडुचेरी के दक्षिण-पूर्व में 440 किमी और चेन्नई के दक्षिण में 540 किमी की दूरी पर स्थित था। यह श्रीलंका के तटीय क्षेत्रों और उससे जुड़े दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के रास्ते उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर लगातार बढ़ रहा है और 30 नवंबर तक इसके उत्तर तमिलनाडु, पुडुचेरी और उससे लगे दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक पहुँचने की उम्मीद है।   मौसम विभाग की चेतावनी के बाद भारी बारिश से पूर्व सावधानी बरते हुए बचाव कार्यों के लिए 6 जिलों में राष्ट्रीय आपदा बचाव दल (एनडीआरएफ) के सदस्य भेजे गए हैं। तमिलनाडु और पुडुचेरी में संभावित भारी बारिश को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अनुरोध पर अरक्कोनम में एनडीआरएफ की 4वीं बटालियन से 8 विशेष टीमें भेजी गई हैं। इसमें पुडुचेरी के लिए दाे टीमें और तंजावुर, नागपट्टिनम, मयिलाडुतुरै, पुडुकोट्टई, कडलोर, तिरुवारूर जिलों के लिए प्रत्येक एक टीम भेजी गई हैं। लगभग 240 जवानों वाली इन टीमों के साथ रानी, मिकी, लाइका, रैंबो नाम के चार स्पाइनर डाॅग भी शामिल हैं।   इस बीच रामेश्वरम समुद्री क्षेत्र में हवा की गति 60 किमी प्रति घंटे होने के कारण सभी रेलगाड़ियाें काे मंडपम में ही रोक दिया गया है। इसके अलावा, चेन्नई, मदुरै और कैन्याकुमारी की ओर जाने वाली रेलगाड़ियों को भी मंडपम रेलवे स्टेशन से चलाने की जानकारी है। इस बीच, बारिश के कारण मायलाडुतुरई जिले में स्थित स्कूलों और कॉलेजों को आज अवकाश कर दिया गया है।  

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उडुपी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भगवद्गीता का संदेश केवल अध्यात्म नहीं बल्कि राष्ट्र-निर्माण और मानव कल्याण का शाश्वत मार्गदर्शन देता है। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण ने कुरुक्षेत्र के युद्धक्षेत्र में जो उपदेश दिए, वह बताते हैं कि शांति और सत्य की स्थापना के लिए कभी-कभी अत्याचारियों का अंत भी आवश्यक होता है। यही भाव आज भारत की सुरक्षा नीति में भी परिलक्षित होता है, जिसमें ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के साथ ‘धर्मो रक्षति रक्षितः’ का मंत्र भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को कर्नाटक के उडुपी स्थित श्रीकृष्ण मठ में आयोजित लक्ष कंठ गीता पारायण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत शांति और करुणा का संदेश दुनिया तक पहुंचाता है, लेकिन जब राष्ट्र की सुरक्षा पर संकट आता है तो देश सुदृढ़ इच्छाशक्ति के साथ जवाब देने में भी पीछे नहीं रहता। उन्होंने लाल किले की प्राचीर से घोषित ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य देश के महत्वपूर्ण स्थलों और औद्योगिक क्षेत्रों के चारों ओर ऐसी सुरक्षा दीवार खड़ी करना है, जिसे दुश्मन भेद न सके।उन्होंने कहा कि यदि दुश्मन हमले का दुस्साहस करता है तो भारत का ‘सुदर्शन चक्र’ उसे ध्वस्त करने के लिए पर्याप्त है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल ही में किए गए ऑपरेशन सिदूंर में भी देश ने आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ता दिखाई। पहलगाम में हुए आतंकी हमले में कई देशवासियों की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पहले ऐसी घटनाओं के बाद सरकारें अक्सर हाथ पर हाथ रखकर बैठ जाती थीं, लेकिन “नया भारत” न तो दबाव में झुकता है और न ही अपने नागरिकों की सुरक्षा के कर्तव्य से पीछे हटता है।प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ और ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ जैसी नीतियों की प्रेरणा भी श्रीकृष्ण की शिक्षाओं से मिलती है। श्रीकृष्ण गरीबों की सहायता और समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचने का संदेश देते हैं। यही प्रेरणा आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के मूल में है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का संदेश नारी सम्मान और नारी सुरक्षा का भी आधार है और इसी भावना ने देश को नारीशक्ति वंदन अधिनियम जैसा ऐतिहासिक निर्णय लेने की शक्ति दी।प्रधानमंत्री ने कहा कि श्रीकृष्ण सभी के कल्याण की बात करते हैं और इसी भावना ने भारत को वैक्सीन मैत्री, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और वसुधैव कुटुम्बकम जैसी वैश्विक पहलों में अग्रणी बनाया। उन्होंने कहा कि गीता के शब्द केवल दिशा नहीं दिखाते, बल्कि देश की नीतियों के लिए प्रेरक शक्ति भी बनते हैं।अयोध्या में हाल ही में स्थापित धर्म ध्वजा का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि तीन दिन पहले वह राम जन्मभूमि मंदिर में थे और आज उडुपी की इस पवित्र भूमि पर आने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन में उडुपी की बड़ी भूमिका रही है और यहां आने पर उन्हें आध्यात्मिक संतोष की अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि मंदिर के परिसर में माधवाचार्य को समर्पित विशेष आर्च गेट इस संबंध को और अधिक पवित्र बनाता है।मोदी ने कहा कि एक लाख लोगों द्वारा एक साथ गीता के श्लोकों का पाठ केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं बल्कि भारत की हजारों वर्षों पुरानी आध्यात्मिक परंपरा का जीवंत स्वरूप है। जब इतने लोग एक स्वर में मंत्रोच्चार करते हैं तो उससे निकलने वाली दिव्य ऊर्जा मन और मस्तिष्क को नया स्पंदन देती है। उन्होंने रामचरित मानस के दोहे ‘कलियुग केवल हरि गुन गाहा, गावत नर पावहिं भव थाहा’ का उल्लेख करते हुए कहा कि गीता और भक्ति का मार्ग मानव समाज को नई दिशा देता है।प्रधानमंत्री ने कहा कि उडुपी सुशासन का एक ऐतिहासिक केंद्र रहा है। साल 1968 में जब जनसंघ के वीएस आचार्य को नगर पालिका परिषद् में विजय मिली, तभी यहां से अच्छे प्रशासन की एक नई परंपरा की शुरुआत हुई। उन्होंने बताया कि उनका जन्म भले गुजरात में हुआ हो लेकिन गुजरात और उडुपी के बीच आध्यात्मिक संबंध बहुत गहरे रहे हैं। परंपरा है कि यहां स्थित श्रीकृष्ण की प्रतिमा की पूजा पहले द्वारका में माता रुक्मिणी करती थीं। बाद में माधवाचार्य ने इस विग्रह को उडुपी में स्थापित किया।प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष उन्होंने समुद्र के भीतर स्थित श्री द्वारका जी का भी दर्शन किया था और वहां से प्राप्त आध्यात्मिक ऊर्जा आज भी उन्हें प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि इस प्रतिमा के दर्शन ने उन्हें आत्मीय और आध्यात्मिक आनंद प्रदान किया।उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान को आज राष्ट्रीय आंदोलन के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन उडुपी ने इसे पांच दशक पहले ही अपनाया था। 1970 के दशक में जलापूर्ति और ड्रेनेज प्रणाली के नए मॉडल की शुरुआत भी यहीं से हुई थी।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उडुपी आकर गीता के मंत्रों के बीच, संतों और गुरुजनों के आशीर्वाद से उन्हें अनेक पुण्यों की अनुभूति होती है। आज का यह अवसर केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक शक्ति का वैश्विक संदेश है।  

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लखनऊ । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि विज्ञान और टेक्नोलॉजी के सहारे दुनिया ने बहुत प्रगति की है, लेकिन इसके साथ ही लोगों में एकाकीपन और तनाव भी बढ़ा है। ऐसे में ब्रहमकुमारीज संस्था का शुरु किया जा रहा योग, विश्वास और एकता का अभियान लोगों को अधिक मानवीय और जीवन काे आनंददायक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।   राष्ट्रपति मुर्मु शुक्रशार काे उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सुलतानपुर रोड पर स्थित ब्रह्माकुमारीज राजयोग सेंटर, गुलजार उपवन में  ब्रह्माकुमारीज संस्था की वार्षिक थीम 2025-26, 'विश्व एकता और भरोसे के लिए ध्यान' के शुभारंभ करने के बाद संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संस्था की बच्चियों ने मयूर नृत्य से राष्ट्रपति का स्वागत किया।  राष्ट्रपति मुर्मु ने ओम शांति कहकर अपना संबोधन शुरू किया। उन्होंने ध्यान योग अभियान की शुरुआत के लिए ब्रह्मकुमारीज बहनों को धन्यवाद दिया। उन्हाेंने कहा कि मनुष्य ने विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में खूब तरक्की की है, लेकिन समाज में तकनीकी उन्नति के साथ एकाकीपन, ईर्ष्या, अविश्वास और दुख भी बढ़ा है। इसके लिए मेडिटेशन एक कारगर उपाय हो सकता है। ब्रहमकुमारी संस्था की कई विशिष्टताओं का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति कहा कि केंद्र सरकार की ओर से महिला उत्थान, महिला सशक्तीकरण, आत्मनिर्भर भारत, ध्यान और पर्यावरण जैसे विषयों पर अभियान चलाए जा रहे हैं। केंद्र सरकार मिशन लाइफ के माध्यम से लोगों को स्वस्थ और मानवीय बनाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने वर्ष 2023 में भारत में आयोजित जी-20 की थीम का जिक्र करते हुए कहा कि ब्रह्मकुमारी का ध्यान और योग से जुड़ा य​ह अभियान मानवता काे पहले से अधिक सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सुख और शांति बाहरी दुनिया से नहीं बल्कि व्यक्ति के अंदर होती है और यह ध्यान और योग के माध्यम से ही अनुभव किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हम केवल आगे बढ़ने के लिए ही नहीं बल्कि स्वयं के भीतर झांकने की भी आदत डालें। विश्वास वहीं टिकता है, जहां विचार स्वस्थ और भावनाएं स्वच्छ होती हैं। हमारे भीतर आत्मिक चेतना जागृत होती है तो प्रेम, विश्वास और भाईचारा भी विकसित होता है। ब्रह्मकुमारीज संस्था की ओर से योग के माध्यम से पूरे विश्व में शांति, सुख और प्रेम का संदेश जन जन तक पहुंचाया जा रहा है। संस्था की ओर से नारी सशक्तिकरण और शिक्षा के क्षेत्र में भी किए जा रहे कार्य प्रशंसनीय है। राष्ट्रपति ने कहा कि ब्रह्मकुमारी संस्था केवल माउंटआबू तक सीमित नहीं है, बल्कि आज गांव -गांव में शिक्षा और संस्कार केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां संस्था के भाई और बहन लोगों में विश्वास,एकता और मानवता और ध्यान योग के प्रति जागरुक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज राज्य स्तरीय कार्यक्रम से एक नई शुरुआत हुई है और इसके लिए ब्रह्मकुमारी संस्था के पदाधिकारी अभिनंदन के पात्र हैं।  मेडिटेशन से दूर होता है तनाव: आनंदीबेन पटेलसमाराेह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ब्रह्मकुमारीज संस्थान की स्थापना और उसके उदृेेश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष 1937 में जब समाज व्याधियों से व्यथित था, ऐसे समय में इस संस्थान की नींव रखी गई। उन्होंने कहा कि राजयोग से सुख, शांति, पवित्रता जैसे गुण स्वतः आने लगते हैं। मेडिटेशन सिखाता है कि आत्मा अमर अविनाशी है। राजयोग एक अभ्यास नहीं, बल्कि संपूर्ण सकारात्मक जीवन शैली है। वर्तमान परिस्थितियां हमारे कर्मों का ही कल है। यह अपने आप से मिलने की अनुभूति है।महत्चपूर्ण है अभियान: योगीइस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह हमारे लिए गौरव का क्षण है कि ध्यान योग को लेकर हम इतना बड़ा अभियान शुरू करने जा रहे हैं। ऐसे में राष्ट्रपति की मौजूदगी हमारे लिए गौरव की बात है। इस समाराेह में आयाेजक संस्था के पदाधिकारियाें के अलावा प्रशासनिक अधिकारी, समाजसेवी और वरिष्ठ नागरिक माैजूद रहे।

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप स्काई रूट के इंफिनिटी कैंपस का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि पिछले 6 से 7 सालों में भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र बड़े बदलावों से गुजर रहा है और यह अब खुला, सहयोगी और नवाचार से प्रेरित अर्थतंत्र बन गया है।प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की ओर से अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी क्षेत्र के लिए खोलने से देश के युवा खासकर ‘जेन जी यूथ’ को भरपूर फायदा उठाने के अवसर मिले हैं। भारत के पास अंतरिक्ष क्षेत्र में क्षमताएं हैं और यह क्षमताएं केवल कुछ ही देश के पास हैं। हमारे पास कुशल इंजीनियर, उच्च गुणवत्ता उत्पादन अर्थतंत्र और विश्व की बेहतरीन प्रक्षेपण स्थल हैं। साथ ही नवाचार को प्रोत्साहित करने वाला माइंड सेट भी है। भारत की युवा शक्ति को नवाचार और जोखिम उठाने वाली क्षमता तथा उद्यमिता से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि इसके चलते आज विविध क्षेत्र में भारत नई बुलंदियां छू रहा है। स्काई रूट का इंफिनिटी कैंपस भारत की नई सोच नवाचार और युवा शक्ति काप्रतिबिंब है।उन्होंने ने स्काई रूट के प्रथम ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-एक का अनावरण भी किया। इसमें उपग्रह को कक्षा में प्रक्षेपित करने की क्षमता है। इस अत्याधुनिक केंद्र में बहु प्रक्षेपण वाहनों के डिजाइन विकास एकीकरण और प्रशिक्षण के लिए लगभग 20 हजार वर्ग फुट का कार्य क्षेत्र होगा तथा हर महीने का एक कक्षीय रॉकेट बनाने की क्षमता होगी।अंतरिक्ष के क्षेत्र में कार्य करने वाली सरकारी एजेंसी ‘इसरो’ की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दशकों तक संस्था ने भारत की अंतरिक्ष यात्रा को नई उड़ान दी है। उसने विश्वसनीयता, क्षमता और अपने काम से हर प्रकार से भारत की अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि भारत की अंतरिक्ष प्रतिभा दुनिया भर में एक मजबूत पहचान बना रही है। वैश्विक नवाचार वाले संस्थान भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। दुनिया भर में छोटे उपग्रह की मांग लगातार बढ़ रही है और अंतरिक्ष को अब एक रणनीतिक एसेट के तौर पर पहचाना जा रहा है। आने वाले सालों में वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था कई गुना बढ़ाने वाली है। यह भारत के युवाओं के लिए एक बड़ा मौका है।उल्लेखनीय है कि स्काई रूट भारत की अग्रणी निजी कंपनी बनकर उभरी है। इसकी स्थापना पवन चंदना और भरत ढाका ने की है। दोनों भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के पूर्व छात्र और इसरो के पूर्व वैज्ञानिक हैं और अब उद्यमी बन गए हैं। नवंबर 2022 में स्काई रूट ने अपना सब ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-एस लॉन्च किया। इससे वह अंतरिक्ष में रॉकेट लॉन्च करने वाली पहली भारतीय निजी कंपनी बन गई।  

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हांगकांग । दुनिया में अपनी निराली चमक और दमक के लिए विख्यात हांगकांग अपने इतिहास की भयावह आग से जूझ रहा है। कल आठ बहुमंजिला आवासीय इमारतों (टॉवर्स) में लगी आग में आज सुबह तक 44 लोगों की जान चली गई। इनमें से चार की आग बुझाई जा चुकी है। तीन इमारतों में दमकल विभाग के कर्मचारी अभी भी कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। एक टॉवर को सुरक्षित बताया जा रहा है। आग की लपटों से घिरे यह सभी टॉवर 'ताई पो के वांग फुक कोर्ट' क्षेत्र में हैं।हांगकांग के सबसे ज्यादा पढ़े-जाने वाले अंग्रेजी दैनिक द स्टैंडर्ड ने इस त्रासदी के हर पहलू पर अपनी वेबसाइट के सुबह स्थानीय समयानुसार 06ः50 बजे के डिस्पैच में लिखा कि 'ताई पो के वांग फुक कोर्ट' में आग से मरने वालों की संख्या 44 हुई। यह घोषणा स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग ने की। सनद रहे भारत और हांगकांग के समय में ढाई घंटे का अंतर है। इसे इस तरह समझें जब भारत में सुबह के छह बजते हैं तो वहां की घड़ी साढ़े आठ बजा रही होती है।द स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस और दमकल विभाग के अधिकारियों ने पूरा ब्यौरा देते हुए आज सुबह कहा कि इस संबंध में भवन निर्माण कंपनी के तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। दमकल विभाग के उप निदेशक चान हिंग-युंग ने पत्रकारों को बताया कि बचाव अभियान जारी है। आठ प्रभावित इमारतों में से एक को अभी भी कोई नुकसान नहीं हुआ है। चार की आग बुझाई जा चुकी है। तीन पर अभी भी काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि दमकल कर्मचारियों के आज दोपहर से शाम के बीच छत पर पहुंचने की उम्मीद है।दमकल विभाग ने पुष्टि की है कि बचाव टीमों ने रातभर 13वीं और तीसरी मंजिल के बीच काम किया। सबसे ज्यादा प्रभावित मंजिलों में 5वीं से 18वीं हैं। एंबुलेस सेवा (न्यू टेरिटरीज़ ईस्ट) के अधिकारी चाउ विंग-यिन ने कहा कि लगभग 100 लोगों को किसी तरह बचाकर नीचे लाया गया। इनमें से 40 की मौके पर ही मौत हो गई और चार अन्य ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। दमकल विभाग के सात जवान भी आग बुझाते समय झुलस गए।न्यू टेरिटरीज नॉर्थ रीजनल अपराध मुख्यालय के अधीक्षक चुंग लाई-यी ने कहा कि पुलिस ने जांच अपने हाथ में ले ली है। इस संबंध में निर्माण कंपनी के तीन तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें दो निदेशक और एक सलाहकार अभियंता है। न्यू टेरिटरीज के सभी अस्पतालों को सतर्क कर दिया गया है।हांगकांग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जॉन ली का-चिऊ आधीरात बाद 01:26 बजे कहा कि सरकार सभी बचाव और राहत कार्यों में मदद कर रही है। उन्होंने कहा, “सबसे पहली प्राथमिकता आग बुझाना, फंसे हुए लोगों को बचाना, घायलों का इलाज करना और आगे के इंतजामों के लिए मदद देना है।” ली ने आगे कहा कि आग बुझने के बाद पूरी जांच की जाएगी। दमकल विभाग ने भी एक विशेष जांच टास्क फोर्स बनाई है। रात डेढ़ बजे स्वास्थ्य सचिव लो चुंग-माऊ ने बताया कि लपटों में घिरे कुछ लोगों की मौत दम घुटने से भी हुई है।इसी दौरान रक्षा सचिव क्रिस टैंग पिंग-क्यूंग ने कहा कि इस त्रासदी की जांच की दिशा आपराधिक कृत्य के साथ शुरू होगी। रात साढ़े तीन बजे बताया गया कि पीड़ितों को सांस लेने में काफी दिक्कत हुई है। 29 पीड़ित अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें सात की हालत गंभीर है। आज तड़के बताया गया कि तीन बजे तक अस्पताल पहुंचाए गए लोगों की संख्या 48 हो गई। इनमें चार की मौत हो गई। पुलिस ने सुबह चार बजे घोषणा की कि गैर-इरादतन हत्या के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया

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चेन्नई । तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के निष्कासित वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री के.ए. सेंगोट्टैयन गुरुवार को तमिलगा वेत्रि कझगम (टीवीके) में शामिल हो गए। उन्हें टीवीके संस्थापक और अभिनेता से नेता बने विजय की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता दी गई।   सेंगोट्टैयन के टीवीके में शामिल होने की चर्चाएं पिछले कई दिनों से जारी थीं, जिन पर बुधवार को विजय के साथ हुई उनकी मुलाकात के बाद मुहर लग गई थी। सूत्रों के अनुसार, पार्टी में उन्हें संगठनात्मक महासचिव जैसी अहम जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।   पनयूर स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में विजय, टीवीके के वरिष्ठ नेता और सेंगोट्टैयन के समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इसी अवसर पर सेंगोट्टैयन के पार्टी में शामिल होने की आधिकारिक घोषणा की गई। पार्टी कार्यालय पनयूर में आयोजित कार्यक्रम में विजय, टीवीके के वरिष्ठ नेता और सेंगोट्टैयन के समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 26 नवंबर को संविधान दिवस पर देशवासियों के नाम लिखे पत्र में कहा कि संविधान निरंतर देश के विकास का सच्चा मार्गदर्शक बना हुआ है। ये भारत के संविधान की ही शक्ति है जिसने उन जैसे गरीब परिवार से निकले साधारण व्यक्ति को प्रधानमंत्री के पद पर पहुंचाया। संविधान की वजह से उन्हें 24 वर्षों से निरंतर सरकार के मुखिया के तौर पर काम करने का अवसर मिला है।   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साल 1949 में संविधान को ऐतिहासिक रूप से अपनाए जाने का स्मरण करते हुए राष्ट्र की प्रगति में इसकी स्थायी भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में सरकार ने इस पवित्र दस्तावेज़ के सम्मान में 26 नवंबर को संविधान दिवस घोषित किया था।   इसके साथ ही उन्होंने कहा कि संविधान हमें मतदान का अधिकार दिया है। एक नागरिक के तौर पर हमारा कर्तव्य है कि मतदान का कोई अवसर छोड़े नहीं। उन्होंने स्कूलों में हर वर्ष 26 नवंबर को फर्स्ट-टाइम वोटर्स का सम्मान करने की परंपरा विकसित करने का आह्वान किया।   प्रधानमंत्री ने पत्र में लिखा कि संविधान दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं बल्कि आत्ममंथन का भी क्षण है। इस दिन नागरिकों को यह विचार करना चाहिए कि वे राष्ट्र के प्रति अपने उत्तरदायित्वों का पालन कितनी निष्ठा से कर रहे हैं। पत्र में आग्रह किया गया है कि हर व्यक्ति लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए सक्रिय और सकारात्मक भूमिका निभाए।   प्रधानमंत्री ने नागरिकों को कर्तव्य बोध कराते हुए कहा कि हमारे संविधान का आर्टिकल 51A मौलिक कर्तव्यों को समर्पित है। ये कर्तव्य हमें सामाजिक और आर्थिक प्रगति प्राप्त करने का रास्ता दिखाते हैं। महात्मा गांधी ने हमेशा नागरिकों के कर्तव्यों पर बल दिया था। वे मानते थे कि जब हम ईमानदारी से कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं, तो हमें अधिकार भी स्वत: मिल जाते हैं।   उन्होंने कहा कि इस वर्ष का संविधान दिवस विशेष है क्योंकि यह सरदार पटेल और बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती, वंदे मातरम् के 150 वर्ष और गुरु तेग बहादुर की शहादत के 350 वर्ष का अवसर है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में संविधान पूर्ण रूप से लागू हुआ है।   प्रधानमंत्री ने संविधान सभा के सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. बाबासाहेब भीमराव आम्बेडकर और कई प्रतिष्ठित महिला सदस्यों को याद किया, जिनकी दूरदर्शिता ने संविधान को समृद्ध बनाया। उन्होंने संविधान की 60वीं वर्षगांठ के दौरान गुजरात में आयोजित संविधान गौरव यात्रा तथा इसकी 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित संसद के विशेष सत्र और राष्ट्रव्यापी कार्यक्रमों जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का उल्लेख किया, जिनमें रिकॉर्ड जन भागीदारी देखी गई।   उन्होंने भविष्य की ओर देखते हुए कहा कि इस सदी की शुरुआत के 25 वर्ष व्यतीत हो चुके हैं और केवल दो दशकों में भारत औपनिवेशिक शासन से आजादी के 100 वर्ष पूरे कर लेगा। वर्ष 2049 में संविधान को अपनाए हुए एक सदी हो जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज लिए गए निर्णय और नीतियां आने वाली पीढ़ियों के जीवन को आकार देंगे। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि रखें, क्योंकि हमारा देश, विकसित भारत की परिकल्पना की ओर अग्रसर है।  

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बीजापुर । छत्तीसगढ़ के बीजापुर में चलाये जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” के तहत बुधवार को 41 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया है। इन पर एक करोड़ 19 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वालों में 12 महिला और 29 पुरुष कैडर शामिल हैं।पुलिस के अनुसार मुख्यधारा में लौटे 41 नक्सली कैडरों में पीएलजीए बटालियन-1 और विभिन्न कंपनियों के 5 सदस्य, एसीएम कैडर के-3, प्लाटून व एरिया कमेटी सदस्य– 11, पीएलजीए सदस्य– 2, मिलिशिया प्लाटून कमांडर– 4, मिलिशिया डिप्टी कमांडर– 1, मिलिशिया सदस्य– 6, जनताना सरकार, डीएकेएमएस, केएएमएस के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष/सदस्य– 9 सदस्य शामिल हैं।बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति माओवादियों को आकर्षित कर रही है। आत्मसमर्पण करने वालों के परिजन भी चाहते हैं कि वे सामान्य जीवन जियें और समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें। उन्होंने कहा कि माओवादी भ्रामक और हिंसक विचारधाराओं को त्यागकर निर्भय होकर समाज की मुख्यधारा में लौटें। शासन की ‘पूना मारगेम’ नीति उनके भविष्य को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्वावलंबी बनाने के लिए हर संभव सुविधा प्रदान कर रही है।   आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी कैडर -   1. पण्डरू हपका उर्फ मोहन, उम्र 37 वर्ष, साकिन पदेडा रेगडगट्टापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर छग, पदनाम-बटालियन नंबर 1 पीपीसीएम, इनाम- 8 लाख रूपये। 2. बण्डी हपका पति पण्डरू हपका उर्फ मोहन उम्र 35 वर्ष साकिन पदेडा रेगडगट्टापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर, पदनाम-बटालियन नंबर 1 पीपीसीएम, इनाम- 8 लाख रूपये। 3. लक्खू कोरसा (उम्र 37 वर्ष) पदेडा मासापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर, कंपनी नंबर 2 पीपीसीएम, इनाम-8 लाख रूपये। 4. बदरू पुनेम (उम्र 35 वर्ष) जाति साकिन पुसनार ध्रुर्वापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर, पदनाम-प्लाटून नंबर 30 पीपीसीएम, इनाम -8 लाख रूपये। 5. सुखराम हेमला (उम्र 27 वर्ष) साकिन काकेकोरमा गुबालीपारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर, पदनाम- प्लाटून नबर 50 पीपीसीएम, इनाम-8. लाख रूपये। 6. मंजूला हेमला उर्फ शांति (उम्र 25 वर्ष) साकिन काकेकोरमा गुबालीपारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर, पदनाम- प्लाटून नंबर 50 पार्टी सदस्या इनाम 8 लाख रूपये। 7. मंगली माडवी उर्फ शांति उर्फ मंगलो (उम्र 29 वर्ष) साकिन कोतरापाल लक्खापारा थाना जांगला जिला बीजापुर, पदनाम- कंपनी नंबर 2 पार्टी सदस्या, इनाम -8 लाख रूपये। 8. जयराम कडियम (उम्र 28 वर्ष) साकिन सावनार मुकापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर, पदनाम- कंपनी नंबर 2 पार्टी सदस्य, इनाम -8 लाख रूपये। 9. पाण्डो मडकम उर्फ चांदनी (उम्र 35 वर्ष) साकिन कोतरापाल लक्खापारा थाना जांगला जिला बीजापुर, पदनाम- कंपनी नंबर 5 पार्टी सदस्या, इनाम-8 लाख रूपये। 10. माटा कडियम उर्फ मंगल(उम्र 28 वर्ष) साकिन मेटापाल तेलगापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर,पदनमा भैरमगढ एरिया कमेटी सदस्य (एसीएम), इनाम -5 लाख रूपये। 11. जमली कडियम पति माटा कडियम उर्फ मंगल उम्र 26 वर्ष साकिन मेटापाल तेलगापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर छ0ग पदनाम- भैरमगढ एरिया कमेटी सदस्य (एसीएम), इनाम-5 लाख रूपये। 12. जोगी मडकम उर्फ मालती (उम्र 28 वर्ष) साकिन सिंघनपल्ली स्कूलपारा थाना उसूर जिला बीजापुर, पदनाम-धमतरी- गरियाबंद - नुआपाड़ (डीजीएन) डीविजन सदस्य (एसीएम), पदनाम-5 लाख रूपये। 13. छोटू कारम (उम्र 25 वर्ष) साकिन हिरोली गायतापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर, पदनाम-तेलंगाना स्टेट कमेट पार्टी सदस्य, इनाम -2लाख रूपये। 14. अनिल मड़कम उर्फ मूडा (उम्र 20 वर्ष) साकिन पेद्दापाल नयापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर, पदनाम-पश्चिम बस्तर डीविजन सप्लाई टीम पार्टी सदस्य, इनाम 2 लाख रूपये। 15. सावित्री कारम उर्फ कविता पति छोटू कारम उम्र 21 वर्ष साकिन हिरोली गायतापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर, पदनाम- तेलंगाना स्टेट कमेटी पार्टी सदस्या, इनाम -2 लाख रूपये। 16. सोमारू माडवी (उम्र 49 वर्ष) साकिन जैगूर दोसोलपारा थाना जांगला जिला बीजापुर, पदनाम- फुलोड आरपीसी जनताना सरकार सदस्य / डीएकेएएमएस अध्यक्ष, इनाम -2 लाख रूपये। 17. हिडमो पोयाम (उम्र 34 वर्ष) साकिन हिंगुम नयापारा थाना जांगला जिला बीजापुर, इदेर आरपीसी जनताना सरकार सदस्य (इदेर आरपीसी डीएकेएएमएस अध्यक्ष), इनाम- 2 लाख रूपये। 18. रामबती बेडता (40 वर्ष) साकिन फुलोड बन्नापारा थाना जांगला जिला बीजापुर, पदनाम-फुलोड आरपीसी केएएमएस अध्यक्ष, इनाम- 2 लाख रूपये। 19. मंगलू लेकाम (उम्र 40 वर्ष) साकिन झारामोगिया पटेलपारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर, पदनाम- इदेर आरपीसी मिलिषिया प्लाटून कमाण्डर, इनाम - 2. लाख रूपये। 20. चैतू राम पोडियम (उम्र 32 वर्ष) साकिन बिरियाभूमि करेंपारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर, पदनाम- बिरियाभूमि आरपीसी मिलिशिया प्लाटून डिप्टी कमाण्डर, इनाम-2 लाख रूपये। 21. धनीराम अवलम उर्फ संतोष (उम्र 36 वर्ष) साकिन कडेर पटेलपारा थाना नैमेड जिला बीजापुर, पदनाम-दुरधा आरपीसी मिलिशिया प्लाटून कमाण्डर, इनाम-2 लाख रूपये। 22. कोमशीला बेडता (उम्र 30 वर्ष) साकिन फुलोड बेडतापारा थाना जांगला जिला बीजापुर, पदनाम- फुलोड आरपीसी मिलिशिया प्लाटून कमाण्डर, इनाम-2 लाख रूपये। 23. सोनू कवासी (उम्र 30 वर्ष) साकिन कोरंजेड स्कूलपारा थाना मद्देड़ जिला बीजापुर, पदनाम- गुज्जाकोंटा आरपीसी मिलिशिया प्लाटून डिप्टी कमाण्डर, इनाम- 2 लाख रूपये। 24. सीतू हेमला (उम्र 29 वर्ष) साकिन फुलादी बोडकूपारा थाना मिरतुर जिला बीजापुर, पदनाम- फुलादी आरपीसी मिलिशिया प्लाटून कमाण्डर, इनाम -2 लाख रूपये। 25. लोकेश कुम्मा (उम्र 20 वर्ष) साकिन बंदेपारा स्कूलपारा थाना मद्देड जिला बीजापुर, पदनाम- डीके जोन मोपोस टीम पार्टी सदस्य, इनाम एक लाख रूपये। 26. लक्ष्मी माडवी (उम्र 25 वर्ष) साकिन मराईगुडा गामापाडपारा थाना एर्राबोर जिला सुकमा, पदनाम पामेड एरिया कमेटी पार्टी सदस्या इर्नाम - एक लाख रूपये। 27. मुन्ना कोवासी (उम्र 21 वर्ष) दरभा स्कूलपारा थाना कुटरू जिला बीजापुर, पदनाम-भैरमगढ एरिया कमेटी पार्टी सदस्य, इनाम-एक लाख रूपये। 28. ईरपे तेलम उर्फ मीना (उम्र 18 वर्ष) साकिन तेलीपेटा पुरानापारा थाना कुटरू जिला बीजापुर, पदनाम- पश्चिम बस्तर डीविजन पीएलजीए सदस्या, इनाम-एक लाख रूपये। 29. पाण्डे ओयाम उर्फ रोशनी (उम्र 23 वर्ष) साकिन झारामोगिया स्कूलपारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर, पदनाम-तेलंगाना स्टेट कमेटी पीएलजीए सदस्य, इनाम-1 लाख रूपये। 30. गागरू फरसा उर्फ जगमोहन (उम्र 36 वर्ष) साकिन इदेर स्कूलपारा थाना जांगला जिला बीजापुर, पदनाम- इदेर आरपीसी जनताना सरकार अध्यक्ष, इनाम एक लाख रूपये। 31. डोल्ले बेडता (उम्र 37 वर्ष) साकिन जैगूर थाना जांगला जिला बीजापुर, पदनाम- फुलोड आरपीसी जनताना सरकार अध्यक्ष, इनाम -1 लाख रूपये। 32. मंगी डोडी (उम्र 36 वर्ष) साकिन कोत्तागुडा बिलपारा थाना बासागुडा जिला बीजापुर, पदनाम-पामेड एरिया कमेटी पार्टी सदस्या, इनाम -1 लाख रूपये। 33. लक्ष्मण वेको (उम्र 35 वर्ष) साकिन डालेर टेकामेटापारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर, पदनाम- बिरियाभूमि आरपीसी जनताना सरकार उपाध्यक्ष। 34. सरजू लेकाम (उम्र 20 वर्ष) साकिन झारामोगिया स्कूलपारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर, पदनाम- इदेर आरपीसी जनताना सरकार सदस्य। 35. बुधराम फरसा (उम्र 25 वर्ष) साकिन इदेर स्कूलपारा थाना जांगला जिला बीजापुर, पदनाम- इदेर आरपीसी जनताना सरकार सदस्य। 36. सनकू पोडियम (उम्र 35 वर्ष) साकिन इंगुम नयापारा थाना जांगला जिला बीजापुर, पदनाम- इदेर आरपीसी डीएकेएएमएस सदस्य। 37. लखमू राम फरसा उर्फ लक्खू (उम्र 29 वर्ष) साकिन इदेर स्कूलपारा थाना जांगला जिला बीजापुर, पदनाम- इदेर आरपीसी मिलिषिया प्लाटून सदस्य। 38. वंगा मिच्चा (30 वर्ष) साकिन बंदेपारा नयापारा थाना मद्देड जिला बीजापुर, पदनाम-गुज्जाकोंटा आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सी सेक्शन कमाण्डर। 39. नागा कुडियम (उम्र 28 वर्ष) साकिन बंदेपारा स्कूलपारा थाना मद्देड जिला बीजापुर, पदनाम-गुज्जाकोंटा आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्य। 40. पाण्डू मिच्चा (उम्र 22 वर्ष) साकिन बंदेपारा नयापारा थाना मद्देड जिला बीजापुर, पदनाम-गुज्जाकोंटा आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्य । 41. शंकर याचम (उम्र 27 वर्ष) साकिन कोरंजेड स्कूलपारा थाना मद्देड़ जिला बीजापुर, पदनाम-गुज्जाकोंटा आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्य।  

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संभल । उत्तर प्रदेश के संभल में 1978 के दंगों से जुड़े एक मामले में बुधवार को संभल कोतवाली क्षेत्र की एकता पुलिस चौकी महमूद खां सराय स्थित मुख्य बाजार में स्थित एक कुएं की खुदाई शुरू की गई है। जाच मे सामने आया है कि इस कुएं में परचून व्यापारी रामशरण रस्तोगी की हत्या के बाद उनके शव को तराजू-बाट बांधकर फेंका गया था। संभल हिंसा की बरसी पर 24 नवंबर 2024 को जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण विश्नोई ने क्षेत्र का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने फुट पेट्रोलिंग भी की। कुएं के ठीक सामने अकबरपुर मंडी में मृतक रामशरण रस्तोगी के भतीजे सुशील रस्तोगी की दुकान है, जिनसे अधिकारियों ने बातचीत की थी। इसके बाद शिकायत के आधार पर डीएम और एसपी ने सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार और पालिका ईओ डॉ. मणिभूषण तिवारी को कुएं की खुदाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद बुधवार को दोनों अधिकारियों की मौजूदगी में मजदूरों ने कुएं की खुदाई का काम शुरू किया है।मृतक रामशरण रस्तोगी के भतीजे सुशील रस्तोगी ने बताया कि 1978 के दंगों में उनके ताऊ की निर्मम हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि डीएम और एसपी ने उनसे इस संबंध में जानकारी ली थी। मृतक के पोते कपिल रस्तोगी ने भी हाल ही में, 10 फरवरी 2025 को एसडीएम और डीएम को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी।इस संबंध मे सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने बताया कि डीएम और एसपी ने 24 नवंबर को हिंसा की बरसी पर फुट पेट्रोलिंग के दौरान कुएं का निरीक्षण किया था। उन्होंने बताया कि कुएं की खुदाई के निर्देश दिए गए हैं और उसी क्रम में आज यह कार्य किया जा रहा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस कुएं का इतिहास बहुत पुराना है और यह 1978 के दंगों से जुड़ा हुआ है।  

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  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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अयोध्या । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज राम नगरी अयोध्या में वैदिक मंत्रों के बीच शुभ मुहूर्त में राम मंदिर के मुख्य शिखर पर धर्मध्वजा फहराई। हवा में केसरिया ध्वज के फहरते ही पूरी अयोध्या ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से गुंजायमान हो गई और पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉक्टर मोहन भागवत, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित प्रख्यात साधु- संत और धर्माचार्य उपस्थित रहे।सियावर राम चंद्र की जय बाेलकर राम मंदिर के ध्वजारोहण समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रभु श्री राम के व्यक्तित्व के विभिन्न रूपों का विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार भगवान राम के आदर्शों पर चलकर समाज के सभी वर्ग के लोगों को विकास कर रही हैं। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वे गुलामी मानसिकता को त्यागकर अपनी विरासत अपना कर विकसित भारत के लक्ष्य प्राप्ति के लिए साथ आएं।भगवान राम के लिए कुल नहीं व्यक्ति महत्वपूर्णप्रधानमंत्री ने प्रभु राम की विशेषताओं का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि प्रभु राम भाव से जुडते हैं, वे किसी व्यक्ति के कुल को नहीं देखते है। वे व्यक्ति को देखते हैं, तभी तो निषाद राज को अपना दोस्त बनाते हैं। शबरी के झूठे बेर खाते हैं । इसी भाव को लेकर आगे बढते हैं और पुरुषोत्तम राम बनते हैं। हमारी सरकार भी इसी भाव को लेकर बिना किसी धर्म—जाति देख विकास के केंद्र​बिंदु में काम कर ही है।ओरछा से लेकर तमिलनाडु तक रामत्व की चर्चाप्रधानमंत्री मोदी ने कहा ओरछा के राजा राम से लेकर, रामेश्वरम के भक्त राम तक, और शबरी के प्रभु राम से लेकर, मिथिला के पाहुन राम जी तक, भारत के हर घर में, हर भारतीय के मन में, और भारतवर्ष के हर कण-कण में राम हैं। लेकिन गुलामी की मानसिकता इतनी हावी हो गई कि प्रभु राम को भी काल्पनिक घोषित किया जाने लगा। दस साल में खत्म करें मैकाले वाली मानसिकता   उन्हाेंने कहा कि अपनी विरासत पर गर्व के साथ-साथ एक और बात भी महत्वपूर्ण है, और वो है- गुलामी की मानसिकता से पूरी तरह मुक्ति। आज से 190 साल पहले, साल 1835 में मैकाले नाम के एक अंग्रेज़ ने भारत को अपनी जड़ों से उखाड़ने के बीज बोए थे। मैकाले ने भारत में मानसिक गुलामी की नींव रखी थी। दस साल बाद, यानि 2035 में उस अपवित्र घटना को 200 वर्ष पूरे हो रहे हैं। कुछ दिन पहले ही मैंने एक कार्यक्रम में आग्रह किया था कि हमें आने वाले दस वर्षों तक, उस दस वर्षों का लक्ष्य लेकर चलना है कि भारत को गुलामी की मानसिकता से मुक्त करके रहेंगे। ये गुलामी की मानसिकता ही है, जिसने राम को नकारा । कुछ लोगों की इसी मानसिक गुलामी ने राम को भी काल्पनिक बता दिया।   सबसे पुराना लोकतंत्र भारत में लेकिन छुपाया गयाभारत देश की महान विरासत का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह प्रचारित किया गया कि हमारा संविधान भी विदेश से प्रेरित है, जबकि सच ये है कि भारत लोकतंत्र की जननी है । तमिलनाडु के एक गांव में शिलालेख में बताया है कि हजारों साल पहले कैसे सरकार चुनी जाती थी और कैसे शासन चलता था। लेकिन गुलामी की मानसिकता के कारण भारत की पीढ़ियों को ऐसी न जाने कितनी जानकारी से वंचित रखा गया।अब नौसेना के ध्वज पर हमारी विरासतउन्होंने कहा आप याद करिए, भारतीय नौसेना का ध्वज, सदियों तक उस ध्वज पर ऐसे प्रतीक बने रहे, जिनका हमारी सभ्यता, हमारी शक्ति, हमारी विरासत से कोई संबंध नहीं था। अब हमने नौसेना के ध्वज से गुलामी के हर प्रतीक को हटाया है। हमने छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत को स्थापित किया है। ये सिर्फ एक डिजाइन में बदलाव नहीं हुआ, ये मानसिकता बदलने का क्षण था। ये वो घोषणा थी कि भारत अब अपनी शक्ति, अपने प्रतीकों से परिभाषित करेगा, न कि किसी और की विरासत से।   अयोध्या की भूमि में आदर्श आचरण में बदलते हैंप्रधानमंत्री मोदी ने कहा, राम नगरी अयोध्या वह भूमि है, जहां आदर्श आचरण में बदलते हैं। यह वही भूमि है, जहां राम ने जीवन शुरू किया। इसी धरती ने बताया कि एक व्यक्ति अपने समाज की शक्ति से कैसे मर्यादा पुरुषोत्तम बनता है, जब भगवान यहां से गए तो युवराज राम थे, वह लौटे तो मर्यादा पुरुषोत्तम बनकर । उनके मर्यादा पुरुषोत्तम बनने में महर्षि वशिष्ठ का ज्ञान, महर्षि विश्वामित्र की दीक्षा, महर्षि अगस्त्य का मार्गदर्शन, निषादराज की मित्रता, मां शबरी की ममता, भक्त हनुमान का समर्पण, इन सबकी, अनगिनत ऐसे लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राम मंदिर भारत का चेतना स्थल समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत के लक्ष्य को रेखांकित करते हुए कहा कि विकसित भारत बनाने के लिए समाज की इसी सामूहिक शक्ति की आवश्यकता है। मुझे खुशी है कि राम मंदिर भारत के चेतना स्थली बन रहा है। यहां माता शबरी का मंदिर है, जो जनजातीय समाज के प्रेम प्रेरणा की मूर्ति हैं। यहां एक ही स्थान पर माता अहिल्या हैं, महर्षि वाल्मीकी हैं, महर्षि वशिष्ठ हैं, महर्षि विश्वामित्र हैं, महर्षि अगस्त्य हैं, और संत तुलसीदास हैं। रामलला के साथ-साथ इन सभी ऋषियों के दर्शन भी यहीं पर होते हैं। यहां जटायु जी और गिलहरी की मूर्तियां भी हैं, जो बड़े संकल्पों की सिद्धि के लिए हर छोटे से छोटे प्रयास के महत्व को दिखाती हैं। मैं आज हर देशवासी से कहूंगा कि वो जब भी राम मंदिर आएं, तो सप्त मंदिर के दर्शन भी अवश्य करें। ये मंदिर हमारी आस्था के साथ-साथ, मित्रता, कर्तव्य और सामाजिक सद्भाव के मूल्यों को भी शक्ति देते हैं।   जीत सत्य की होती है, असत्य की नहींपीएम मोदी ने कहा, मंदिर पर फहर रहा भगवा ध्वज सत्यमेव जयते का आह्वान करेगा। यानी जीत सत्य की होती है, असत्य की नहीं। सत्य में ही धर्म स्थापित है। यह ध्वज युगों युगों तक प्रेरणा देता रहेगा कि प्राण जाएं पर वचन नहीं जाए, जो कहा जाए वही किया भी जाए। जो लोग किसी कारण मंदिर नहीं आ पाते हैं, दूर से इस मंदिर के ध्वज को प्रणाम कर लेते हैं, उन्हें भी उतना ही पुण्य मिल जाता है। यह ध्वज भी मंदिर के ध्येय का प्रतीक है, यह दूर से ही रामलला की जन्मभूमि का दर्शन कराएगा।यह अयोध्या का धर्म ध्वज हैपीएम मोदी ने कहा, जो सामने ध्वज दिख रहा है वह अयोध्या का धर्म ध्वज है, जिस पर कोविदार वृक्ष अंकित है। यह वृक्ष अपने याद दिलाता है कि जब हम इसे भूलते हैं, तब अपनी पहचान खो देते हैं। धर्मध्वज प्रेरणा बनेगा कि प्राण जाए, पर वचन न जाए अर्थात जो कहा जाए, वही किया जाए. ये धर्मध्वज संदेश देगा- कर्मप्रधान विश्व रचि राखा अर्थात विश्व में कर्म और कर्तव्य की प्रधानता हो. ये धर्मध्वज कामना करेगा- बैर न बिग्रह आस न त्रासा, सुखमय ताहि सदा सब आसा यानी भेदभाव, पीड़ा, परेशानी से मुक्ति और समाज में शांति एवं सुख हो।   माेदी ने 11 साल की उपलब्धियाँ भी गिनाईप्रधानमंत्री नरेन््द्र मोदी ने अपने भाषण में पिछले 11 साल से किए जा रहे सर्वकल्याणकारी कार्यों की चर्चा की। पिछले 11 वर्षों में, महिला, दलित, पिछड़े, अति-पिछड़े, आदिवासी, वंचित, किसान, श्रमिक, युवा, हर वर्ग को विकास के केंद्र में रखा गया है। जब देश का हर व्यक्ति, हर वर्ग, हर क्षेत्र सशक्त होगा, तब संकल्प की सिद्धि में सबका प्रयास लगेगा। उन्होंने कहा कि पिछले 70 साल में भारत दुनिया की 11 वीं अर्थव्यवस्था था लेकिन 11 साल में 5वीं अर्थव्यवस्था बना और जल्दी तीसरी अर्थव्यवस्था बनकर भारत दुनिया का नेतत्व करेगा।त्रेतायुग वाली बन रही राम नगरीप्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अयोध्या त्रेतायुग वाली राम नगरी बन रही है। जब से प्राण प्रतिष्ठा हुई है, तब से लेकर आज तक करीब-करीब पैंतालीस करोड़ श्रद्धालु, यहां दर्शन के लिए आ चुके हैं। ये वो पवित्र भूमि है, जहां पैंतालीस करोड़ लोगों के चरण रज पड़े हैं। और इससे अयोध्या और आसपास के लोगों की आय में आर्थिक परिवर्तन आया है, वृद्धि हुई है। कभी अयोध्या विकास के पैमानों में बहुत पीछे थी, आज अयोध्या नगरी उत्तर प्रदेश के अग्रणी शहरों में से एक बन रही है। समाराेह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघके सरसंघचालकडॉक्टर मोहन भागवत ने कहा कि यह वही राम राज्य का ध्वज है, जो कभी अयोध्या में फहराता था, आज वह फहरा गया है। इस भगवा ध्वज पर रघुकुल का प्रतीक कोविदार वृक्ष है। यह वृक्ष रघुकुल की सत्ता का प्रतीक है। यह वही वृक्ष है जिसके लिए कहा जाता है, कि वृक्ष सबके लिए छाया देते हैं, स्वंय धूप में खड़े रहकर और फल भी दूसरों के लिए देते हैं। राम राज्य का ध्वज यही संदेश देता है कि स्थितियां कितनी भी प्रतिकूल हों लेकिन उसे अपने धैर्य के साथ अनुकूलता में बदलना है। आज हिंदू समाज ने 500 साल तक संघर्ष करके दिखा दिया है। इसी सत्य पर आधारित धर्म दुनिया को देने वाला भारत आज खड़ा हो गया है। उन्हाेंने कहा कि मंदिर के लिए सब कुछ न्याेछावर करने वालाें काे आज पूर्ण संतुष्टि मिली हाेगी।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ध्वजारोहण यज्ञ की पूर्णाहूति नहीं, बल्कि नए युग का शुभारंभ है। प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर 140 करोड़ भारतीयों की आस्था, सम्मान व आत्मगौरव का प्रतीक है। सीएम योगी ने भव्य मंदिर के निर्माण में योगदान देने वाले सभी कर्मयोगियों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि आज का दिन उन पूज्य संतों, योद्धाओं, श्रीरामभक्तों की अखंड साधना-संघर्ष को समर्पित है, जिन्होंने आंदोलन व संघर्ष के लिए जीवन को समर्पित किया । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत को स्मृति चिह्न भी प्रदान किया।इस अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज आदि मौजूद रहे। समाराेह का संचालन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने किया।  

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अयोध्या। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर धर्मध्वज फहराने को ऐतिहासिक बताया है और कहा कि आज हम सबके लिए सार्थकता का दिन है। राम मंदिर के निर्माण के लिए न जाने कितने लोगों ने प्राण न्योछावर किए, आज उन सबकी आत्मा तृप्त हुई होगी। अशोक सिंहल जी को वहां पर शांति मिली होगी और आज मंदिर का ध्वजारोहण हो गया।   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में आयोजित ध्वजारोहण समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. भागवत ने कहा कि यह उसी रामराज्य का ध्वज है जो कभी अयोध्या में और पूरे विश्व में फहराता था, आज मंदिर पर फहराया है। इस भगवा ध्वज पर रघुकुल का प्रतीक कोविदार वृक्ष है। यह वृक्ष रघुकुल की सत्ता का प्रतीक है। यह वही वृक्ष है जिसके लिए कहा जाता है कि वृक्ष सबके लिए छाया देते हैं, लेकिन स्वंय धूप में खड़े रहते हैं। फल भी दूसरों के लिए देते हैं। रामराज्य का ध्वज यही संदेश देता है कि स्थितियां कितनी भी प्रतिकूल हों लेकिन उसे अपने धैर्य के साथ अनुकूलता में बदलना है और आज हिंदू समाज ने राम मंदिर के लिए 500 साल तक संघर्ष करके दिखा दिया है। इसी सत्य पर आधारित धर्म दुनिया को देने वाला भारत आज खड़ा हो गया है। आज अयोध्या पूरी दुनिया का सांस्कृतिक चेतना का केंद्र बन रही है और पूरी दुनिया राममय है। यह धर्मध्वज ही नहीं अपितु भारत के पु्नर्जागरण का प्रतीक भी है और इसका भगवा रंग सदियाें के संकल्प का प्रतीक है।   डॉ. भागवत ने श्रीराम मंदिर आंदाेलन का जिक्र करते हुए कहा कि आज सदियों के घाव भर गए हैं और सदियों का संकल्प सिद्धि को प्राप्त हो गया है और 500 से चल रहे यज्ञ की पूर्णाहुति हो गई है। यह धर्मध्वज सहस्र शताब्दियों तक उद्घोष करेगा। सूर्य भगवान उस संकल्प का प्रतीक हैं। जैसे सपना उन लोगों ने देखा था, बिल्कुल वैसा ही या यूं कहें कि उससे भी भव्य मंदिर बन गया है। उन्हाेंने रथ के सारथी और सात घाेड़ाें काे अलग-अलग निरुपित करते हुए कहा कि भारत दया, विनम्रता, करुणा का संदेश दुनिया काे दे रहा है।   ध्वज में कोविदार वृक्ष की छवि के साथ 'ओम' अंकित राम मंदिर के शिखर पर फहराया गया ध्वज 10 फुट ऊंचा और 20 फुट लंबा, समकोण त्रिभुजाकार है। ध्वज पर एक उज्ज्वल सूर्य की छवि है, जो भगवान राम की प्रतिभा और वीरता का प्रतीक है, साथ ही कोविदार वृक्ष की छवि के साथ ध्वज पर 'ओम' अंकित है। इस ध्वज पर कोविदार वृक्ष का चिह्न अंकित है। इसके साथ सूर्य और ऊं के चिह्न को भी ध्वज में स्थान मिला है। कोविदार वृक्ष अयोध्या के रघुकुल वंश का प्रतीक चिह्न है। सूर्यवंशी होने के नाते ध्वज में सूर्य के चिह्न को स्थान दिया गया है। कोविदार वृक्ष श्रीराम के रघुवंश का प्रतीक चिह्न है। इसे उनके वंश के तप और त्याग के प्रतीक के रूप में राम मंदिर के शिखर पर स्थान दिया गया है।   ध्वजाराेहण से पहले पूजा-अर्चना ध्वजाराेहण से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डॉ. मोहन भागवत के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रामलला के दरबार में शीश नवाया, पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं। धर्मध्वज फहराने से पहले वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजन-अर्चन हुआ। यज्ञकुंडों से उठती आहुतियों की सुगंध और राम -राम की गूंज ने कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की।  ध्वजारोहण अनुष्ठान में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रधानमंत्री ने बटन दबाकर ध्वज फहराया। समाराेह में लगभग सात हजार अतिथि इस पल के साक्षी बने। इनमें डॉ. भागवत के साथ ही प्रमुख धर्मगुरु, संत समाज, व्यापार जगत के प्रमुख लाेग, दलित, वंचित, किन्नर और अघोरी समुदाय के प्रतिनिधि शामिल रहे।

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नई दिल्ली । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भरोसा जताया है कि आने वाले एक दशक में भारत शिपबिल्डिंग, शिप रिपेयर और समुद्री इनोवेशन के लिए एक ग्लोबल हब बनेगा। उन्होंने कहा कि आज हम एयरक्राफ्ट कैरियर से लेकर एडवांस्ड रिसर्च वेसल और एनर्जी बचाने वाले कमर्शियल जहाज तक सब कुछ डिलीवर करने में सक्षम हैं। दुनिया के समुद्री इतिहास में भारत की छाप है। हमारे पुरखों के लिए समुद्र सरहद नहीं थे, वे सांस्कृतिक, आर्थिक और स्ट्रेटेजिक जुड़ाव के पुल थे। आज इस विरासत का सम्मान करते हुए हम पुरानी यादों से पीछे मुड़कर नहीं देखते, बल्कि हम एक मकसद के साथ आगे देखते हैं।   रक्षा मंत्री मंगलवार को नई दिल्ली में ‘समुद्र उत्कर्ष’ सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारे पुरखों ने न सिर्फ मसालों, कपास और मोतियों का व्यापार किया, बल्कि वे महाद्वीपों के पार विचार, मूल्य और संस्कृति भी ले गए। भारत के लिए समुद्री व्यापार पर निर्भरता खास तौर पर ज्यादा है। भारत का लगभग 95 फीसदी व्यापार वॉल्यूम के हिसाब से और लगभग 70 फीसदी वैल्यू के हिसाब से समुद्री रास्तों से होता है। ऐसा हिंद महासागर में भारत की स्ट्रेटेजिक लोकेशन और 7,500 किमी. लंबी कोस्टलाइन की वजह से भी है। ट्रांसपोर्टेशन का यह तरीका महाद्वीपों के बीच बल्क कार्गो ले जाने, ग्लोबल सप्लाई चेन को आसान बनाने और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्थाओं को सपोर्ट करने का सबसे सस्ता और कुशल तरीका बना हुआ है।   ​उन्होंने कहा कि हाल ही में हमने म्यांमार भूकंप के दौरान​ 'ऑपरेशन ब्रह्मा​' लॉन्च किया, जिसमें​ भारतीय जहाज सतपुड़ा, सावित्री, घड़ियाल, करमुक जैसे स्वदेशी प्लेटफॉर्म तैनात किए गए, जिनसे बड़े पैमाने पर ज़रूरी मानवीय राहत पहुंचाई गई। भारत में बने प्लेटफॉर्म ने बार-बार दिखाया है कि वे ​सिर्फ देश की रक्षा ही नहीं, बल्कि इंसानियत की भी सेवा करते हैं। वर्ष 2015 में यमन में ऑपरेशन राहत से लेकर महामारी के दौरान ऑपरेशन समुद्र सेतु तक भारतीय जंगी जहाजों ने नागरिकों को घर पहुंचाया है, मेडिकल मदद पहुंचाई है और हिंद महासागर में राहत पहुंचाई है। हमारे शिपयार्ड ते​जी से पर्यावरण के अनुकूल टेक्नोलॉजी अपना रहे हैं। ये तरक्की हमारे शिपयार्ड को समुद्री विकास में सक्रिय योगदान देने वाले के तौर पर स्थापित करती है। ऐसा करके भारत के शिपयार्ड भविष्य के लिए एक सस्टेनेबल ब्लू इकॉनमी बना रहे हैं।   रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि हमारे शिपयार्ड​ डिफेंस प्लेटफॉर्म के अलावा कई तरह के खास जहाज डिजाइन और बनाते हैं, जैसे ओशनोग्राफिक रिसर्च शिप, फिशरीज़ प्रोटेक्शन वेसल, हाइड्रोग्राफिक सर्वे शिप, पॉल्यूशन कंट्रोल वेसल और कोस्टल पेट्रोल क्राफ्ट। ये प्लेटफॉर्म हमारे समुद्रों की गहरी साइंटिफिक समझ को मुमकिन बनाते हैं, मरीन इकोसिस्टम की मॉनिटरिंग को मजबूत करते हैं।​ साथ ही भारत के बड़े कोस्टलाइन और एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन में समुद्री कानून लागू करने की काबिलियत को बढ़ाते हैं।​ भारतीय नौसेना के पास एडवांस स्टेज में 262 स्वदेशी डिजाइन और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट चल रहे हैं।  मारे कुछ शिपयार्ड इस दशक में 100​ फीसदी स्वदेशी कंटेंट हासिल करने की राह पर हैं। इसका मतलब है कि भारत से सप्लाई होने वाले किसी भी नेवी के जहाज को सप्लाई चेन में कम से कम दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

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देहरादून । उत्तराखंड के टिहरी जिले में स्थित कुंजापुरी मंदिर के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की एक बस अनियंत्रित होकर खाई में  गिर गई। इस दुर्घटना में पांच यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा 24 लाेग घायल हुए हैं जिनमे सात लाेगाे काे अस्पतालाें में भर्ती कराया गया है। खबर लिखे जाने तक मृतकाे की शिनाख्त नही हाे सकी थी।   जानकारी के अनुसार आज दोपहर करीब 12 बजे टिहरी नरेंद्रनगर के कुंजापुरी मंदिर में दर्शन के वाद यात्रियों को लेकर लौट रही बस ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर नरेंद्र नगर इलाके में कुंजापुरी-हिंडोलाखाल के पास एक खाई में गिर गई। बताया जा रहा है कि बस में 29 लोग सवार थे।इनमें से पांच यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई और कई यात्री घायल हुए हैं। एसडीआरएफ के अनुसार तीन घायलों को एम्स ऋषिकेश और चार घायलों को नरेंद्रनगर अस्पताल भर्ती कराया गया है। इसके अलावा 17 अन्य लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। बताया जा रहा है कि बस में महाराष्ट्र व गुजरात समेत अन्य राज्यों के यात्री सवार थे। पुलिस यात्रियों की पहचान में जुटी है।  

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चिक्काबल्लापुर । कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोमवार को कहा कि इस मामले में पार्टी आलाकमान का फैसला अंतिम होगा। चिक्काबल्लापुर के शिदलाघट्टा में मीडिया से बातचीत में सिद्धारमैया ने कहा कि वह और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पार्टी आलाकमान के फैसले के अनुसार ही काम करेंगे। उन्होंने कहा कि नेतृत्व परिवर्तन और कैबिनेट विस्तार जैसे मुद्दों पर अंतिम निर्णय आलाकमान का होगा और वे दोनों उसी का पालन करेंगे। सिद्धारमैया ने यह भी बताया कि लगभग पांच महीने पहले आलाकमान के साथ हुई बैठक में कैबिनेट फेरबदल को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए थे। उस समय उन्होंने आलाकमान को सुझाव दिया था कि यह प्रक्रिया ढाई साल बाद करना बेहतर होगा, लेकिन यदि अब आलाकमान कोई नया निर्देश देगा, तो उसी के अनुसार कदम उठाए जाएंगे। इस बीच, उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के समर्थक कई विधायक दिल्ली में हैं और सूत्रों के अनपसार, नेतृत्व परिवर्तन को लेकर आलाकमान से मुलाकात की कोशिशें कर रहे हैं। माना जा रहा है कि राहुल गांधी के विदेश से लौटने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दक्षिण अफ्रीका की तीन दिवसीय यात्रा के बाद आज स्वदेश लौट आए। प्रधानमंत्री मोदी वहां जी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने सम्मेलन में कृत्रिम मेधा (एआई) के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक वैश्विक समझौते का आह्वान किया और कहा कि महत्वपूर्ण तकनीक को वित्त-केंद्रित होने के बजाय मानव केंद्रित होना चाहिए।प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को एक्स पोस्ट में कहा, '' सफल जोहान्सबर्ग जी-20 शिखर सम्मेलन खुशहाल और टिकाऊ धरती के लिए योगदान देगा। दुनिया के नेताओं के साथ मेरी मीटिंग और बातचीत बहुत फायदेमंद रही और इससे अलग-अलग देशों के साथ भारत के बाइलेटरल लिंक और गहरे होंगे। मैं इस सम्मेलन के आयोजन के लिए साउथ दक्षिण अफ्रीका के लोगों, राष्ट्रपति रामफोसा और दक्षिण अफ्रीका सरकार को धन्यवाद देना देता हूं। ''प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिण अफ्रीका में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टॉर्मर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यूंग, ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा से मुलाकात की।उन्होंने एक अन्य एक्स पोस्ट में कहा, '' जोहान्सबर्ग में दक्षिण अफ्रीका के गिरमिटिया गीत 'गंगा मैया' की प्रस्तुति भावविभोर कर गई। इस गीत को तमिल में सुनना अपने आप में एक अनूठा अनुभव रहा। इसमें उन लोगों की आशा और दृढ़ संकल्प की भावना समाहित है, जो कई दशक पहले यहां आए थे। भले ही उन्हें कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन वे विचलित नहीं हुए। गीतों और भजनों के माध्यम से उन्होंने भारत को अपने हृदय में बसा कर रखा है। अपनी जड़ों से इस सांस्कृतिक जुड़ाव को जीवंत देखना अभिभूत कर देने वाला है।''

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मुंबई । ठाणे जिले के अंबरनाथ में नगर निकाय के चुनाव प्रचार कर रहे उम्मीदवार की कार बीती रात कई वाहनों को टक्कर मारते हुए पलट जाने से 4 लोगों की मौत हो गई और 3 लोग घायल हो गए। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। इस घटना की जांच अंबरनाथ पुलिस स्टेशन की टीम कर रही है। अंबरनाथ के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस (एसीपी) शैलेश काले ने शनिवार को बताया कि एक्सीडेंट में कार ड्राइवर समेत 04 लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि इस घटना में दुर्घटनाग्रस्त वाहन पूरी तरह से कुचल गए हैं। मृतकों के शव बरामद कर सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। तीन और लोग घायल हुए हैं और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। उन्हें इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। इस घटना की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी ने बताया कि अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव के लिए शिवसेना शिंदे समूह की उम्मीदवार किरण चौबे अपने ड्राइवर लक्ष्मण शिंदे के साथ चुनाव प्रचार के लिए मटका चौक के पास बुवा पाड़ा इलाके की ओर कार से जा रही थीं, तभी कार चालक का पैर अचानक एक्सीलेटर में फंस गया और कार अनियंत्रित हो गई। अनियंत्रित कार कई दोपहिया वाहनों को कुचलते हुए डिवाइडर से टकरा कर पलट गई।   मृतकों की पहचान ड्राइवर शिंदे, चंद्रकांत अनारके (57) और शैलेश जाधव (45), और सुमित चेलानी (17) के रूप में की गई है। इस घटना में किरण चौबे भी घायल हो गई हैं और उनका इलाज निजी अस्पताल में हो रहा है। जबकि घायल अमित चव्हाण का इलाज सेंट्रल हॉस्पिटल में चल रहा है और घायल अभिषेक चव्हाण को कलवा के छत्रपति शिवाजी महाराज हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया है। पुलिस को दिए अपने बयान में किरण चौबे ने कहा कि जब कार पुल पर चढ़ रही थी तो शिंदे को एक फ़ोन आया और फ़ोन उठाते समय, उसने अचानक जवाब देना बंद कर दिया। इससे पहले कि वह कुछ कर पाती, उसने देखा कि चालक का पैर एक्सेलरेटर पर दबा हुआ था, जिससे गाड़ी बेकाबू हो गई।

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जोहान्सबर्ग । दक्षिण अफ़्रीका के जोहान्सबर्ग में जारी जी-20 शिखर सम्मेलन का अमेरिका द्वारा पूर्ण बहिष्कार किए जाने के बावजूद अन्य प्रमुख नेताओं ने अंतिम घाेषणापत्र का मसाैदा सफलतापूर्वक तैयार कर लिया है। हालांकि अमेरिका ने उसके बिना ऐसा किये जाने काे शर्मनाक करार दिया है।   मीडिया खबराें के मुताबिक दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफाेसा अफ्रीकी महाद्वीप के पहले जी 20 सम्मेलन काे एक बहुपक्षीय कूटनीतिक जीत के ताैर पर पेश करना चाहते हैं । हालाकि अमेरिकी अनुपस्थिति में ऐसा हाेना कुछ मुश्किल हाे गया है।   लेकिन कुछ राजनीतिक सूत्र ऐसा मान रहे हैं कि अमेरिका के न रहने से बाकी देश जलवायु परिवर्तन और विकासशील देशाें की मदद जैसे मसलाें पर ज्यादा खुलकर सहमति बना सकते हैं।   सूत्राें के अनुसार जी 20 के राजनयिक शिखर सम्मेलन से पहले ही नेताओं के लिए घाेषणापत्र तैयार कर चुके है जिसमें जलवायु परिवर्तन प्रमुख एजेंडा है। सूत्र के मुताबिक अमेरिका के विराेध के बावजूद घाेषणापत्र में स्पष्ट रूप से 'जलवायु परिवर्तन' शब्द का इस्तेमाल किया गया है।   गाैरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डाेनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में जलवायु परिवर्तन काे धाेखा करार देते हुए ब्राजील में संपन्न संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (सीओपी30) में काेई प्रतिनिधिमंडल नहीं भेजा। उन्हाेंने सम्मेलन के लिए विकासशील देेशाें काे माैसम आपदाओ से बचाने, स्वच्छ ऊर्जा में बदलाव और कर्ज कम करने में मदद संबधी दक्षिण अफ्रीका के एजेंडे काे सिरे से खारिज कर दिया है। हालांकि रामफाेसा ने पिछले सप्ताह कहा था कि वह अमेरिका काे खाली कुर्सी नहीं साैंपना चाहता।   जी 20 (ग्रुप आफ टवेंटी) का गठन 1999 में किया गया था। पहले यह केवल वित्त मंत्रियाें और सेंट्रल बैंक गवर्नराें की बैठक के ताैर पर ही जाना जाता था लेकिन 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद इसे शिखर सम्मेलन का स्तर दे दिया गया। वर्तमान में जी 20 में शामिल देश विश्व के सकल घरेलू उत्पाद दर जीडीपी का लगभग 85 प्रतिशत, अतंर्राष्ट्रीय व्यापार का 75 प्रतिशत और विश्व जनसंख्या के दाे तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं।

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दुबई/ नई दिल्ली । 'दुबई एयर शो 2025' के अंतिम दिन शुक्रवार दोपहर भारत का लड़ाकू विमान 'तेजस' दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हालांकि हादसे में पायलट सुरक्षित है। आईएएफ ने दुर्घटना के कारणाें की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी गठित कर दी है।   यह हादसा स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 2 बजे उस समय हुआ, जब तेजस 'दुबई एयर शो 2025' के अंतिम दिन अपनी प्रदर्शनी उड़ान में टेकऑफ के तुरंत बाद नियंत्रण खो बैठा। विमान अल मकतूम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे पर क्रैश हो गया। इस दाैरान पायलट ने कुशलतापूर्वक 'इजेक्ट' कर जान बचाई लेकिन विमान पूरी तरह नष्ट हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विमान ऊंचाई हासिल करने के बाद अचानक नीचे की ओर झुक गया और जमीन से टकरा गया।   हादसे के बाद दुबई पुलिस और नागरिक विमानन प्राधिकरण ने दुर्घटनास्थल को तुरंत सील कर बचाव कार्य शुरू किया। राहत की बात यह है कि हादसे के दाैरान आसपास कोई अन्य विमान या व्यक्ति नहीं था।   इस बीच भारतीय वायुसेना ने बयान जारी कर कहा है कि यह तेजस का पहला बड़ा हादसा है और पायलट विंग कमांडर स्तर के अनुभवी अधिकारी हैं, जिन्होंने सही समय पर इजेक्ट किया। आईएएफ ने दुर्घटना के कारणाें की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी गठित कर दी है। प्रारंभिक खबराें के मुताबिक दुर्घटना इंजन या तकनीकी खराबी के कारण हुई। हालांकि इस बाबत आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।   उधर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने साेशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, “हमारे बहादुर पायलट की सुरक्षित लैंडिंग राहत की बात है। घटना की पूरी जांच के बाद दुर्घटना के कारणों का पता चलेगा।”    आयोजक दुबई एयर शो कंपनी ने कहा कि दुर्घटना के कारण अन्य कार्यक्रम प्रभावित नहीं होंगे लेकिन सुरक्षा जांच तेज कर दी गई है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि तेजस का सुरक्षा रिकॉर्ड अब तक शानदार रहा है और पिछले 23 वर्षों में यह किसी भी हादसे का शिकार नहीं हुआ है।  

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज सुबह दक्षिण अफ्रीका के तीन दिवसीय दौरे पर रवाना हो गए। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की यात्रा पर रवाना होने से ठीक पहले भारत और दक्षिण अफ्रीका के संबंधों को याद करते हुए कहा कि भारत की 2023 की जी-20 अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को संगठन का स्थायी सदस्य बनाया गया था। अब अफ्रीका महाद्वीप में आयोजित होने वाला यह पहला जी20 सम्मेलन भारत के लिए गर्व की बात है।प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वे राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा के निमंत्रण पर 21 से 23 नवंबर तक जोहान्सबर्ग में आयोजित 20वें जी20 लीडर्स समिट में हिस्सा लेंगे। यह सम्मेलन अफ्रीका में आयोजित होने वाला पहला जी-20 शिखर सम्मेलन होगा।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस वर्ष का थीम ‘समानता, एकजुटता और स्थिरता’ है। इसके माध्यम से दक्षिण अफ्रीका, नई दिल्ली और रियो डी जनेरियो में आयोजित पिछले जी-20 सम्मेलनों के निष्कर्षों को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने सम्मेलन में भारत के विजन को बताते हुए कहा कि मैं सम्मेलन में भारत का नजरिया ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ के हमारे दृष्टिकोण के अनुरूप रखूंगा। यह दृष्टिकोण वैश्विक सहयोग, समानता और टिकाऊ विकास के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री जी-20 के अलावा आईबीएसए (भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका) के छठे शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे और अन्य देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इन बैठकों में आर्थिक सहयोग, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक शांति जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।साथ ही प्रधानमंत्री मोदी दक्षिण अफ्रीका में रहने वाले भारतीय समुदाय से भी संवाद करेंगे। यह समुदाय भारत के बाहर सबसे बड़ा प्रवासी समुदायों में से एक है। प्रधानमंत्री इस अवसर पर प्रवासी समुदाय के अनुभव और योगदान को समझेंगे और उनकी समस्याओं व उपलब्धियों पर चर्चा करेंगे।

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भुज। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए घुसपैठियों को रोकना अनिवार्य है। इसके लिए देशवासियों को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में पूरा सहयोग देना चाहिए।   गुजरात के भुज में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की हीरक जयंती समारोह को संबोधित करते हुए गृहमंत्री शाह ने कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के चलते एसआईआर का विरोध करने वाले दल देश के मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान को कमजोर कर रहे हैं, जबकि यह प्रक्रिया मजबूत लोकतंत्र की बुनियाद है।   शाह ने कहा कि देश से एक-एक घुसपैठिये को चुन-चुन कर बाहर निकाला जाएगा। बिहार की जनता के ताज़ा जनमत ने भी संदेश दे दिया है कि देशवासी घुसपैठियों को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस देश में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का चयन केवल भारत का नागरिक ही करेगा—किसी घुसपैठिये को लोकतांत्रिक व्यवस्था को दूषित करने का अधिकार नहीं है।गृह मंत्री ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया लोकतंत्र को घुसपैठ से मुक्त करने का एक महत्वपूर्ण कदम है, इसलिए देश की जनता को इसमें सक्रिय रूप से सहयोग करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो राजनीतिक दल इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं, वे देशहित के विपरीत काम कर रहे हैं, लेकिन सरकार अपने दृढ़ संकल्प से पीछे नहीं हटेगी।अमित शाह ने कहा कि बीएसएफ ने पिछले छह वर्षों में अपनी दक्षता और वीरता से विश्व को संदेश दिया है कि भारत की सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि 2013 बीएसएफ जवानों ने अपने प्राणों की सर्वोच्च आहुति देकर देश की सीमाओं को सुरक्षित रखा है। आतंकवाद, नक्सलवाद, आपदा प्रबंधन और संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में भी बीएसएफ ने हमेशा अग्रिम पंक्ति में काम किया है। उन्होंने कहा कि आज बीएसएफ 193 बटालियनों और 2.76 लाख से अधिक जवानों के साथ पाकिस्तान से सटी 2,279 किमी और बांग्लादेश से लगी 4,096 किमी लंबी सीमा की चौकसी कर रही है। शाह ने कहा कि जल, थल और गगन—तीनों क्षेत्रों की सुरक्षा में बीएसएफ का योगदान अद्वितीय है।गृहमंत्री ने कच्छ की जनता के साहस को याद करते हुए कहा कि प्रतिकूल परिस्थितियों में भी इस क्षेत्र ने देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि कच्छ की जनता ने युद्धों और भूकंप जैसी कठिन परिस्थितियों से उबरते हुए क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।शाह ने हाल के आतंकवादी हमलों का उल्लेख करते हुए कहा कि पाकिस्तान प्रेरित आतंकवादियों ने पहलगाम में पर्यटकों पर कायराना हमला किया था। प्रधानमंत्री के निर्देश पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया गया, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद, हिज्बुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा के नौ प्रमुख ठिकानों को नष्ट किया गया। इस कार्रवाई के दौरान सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज अहमद और सिपाही दीपक ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जिन्हें पूरा देश सदैव याद रखेगा।गृहमंत्री ने कहा कि सुरक्षा बलों के पराक्रम के चलते देश 31 मार्च 2026 तक पूरी तरह नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने बताया कि बीएसएफ ने छत्तीसगढ़ में 127 माओवादियों का आत्मसमर्पण कराया, 73 को गिरफ्तार किया और 22 को मार गिराया। उन्होंने कहा कि ‘तिरुपति से पशुपति’ तक फैलने के नक्सली सपने का अंत निश्चित है और उन क्षेत्रों में तेजी से विकास सुनिश्चित किया जाएगा।शाह ने बताया कि वर्ष 2025 में अब तक बीएसएफ ने 18 हजार किलोग्राम से अधिक ड्रग्स जब्त किए हैं। इसे उन्होंने ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और कहा कि देश को नशे के जाल से मुक्त करने में बीएसएफ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।गृहमंत्री ने कहा कि सीमा पर अभेद्य फेंसिंग के अधिकांश ट्रायल पूरे हो चुके हैं और जल्द ही ‘ई-बॉर्डर सिक्योरिटी’ का कॉन्सेप्ट लागू किया जाएगा। अगले पांच वर्षों में पूरी भू-सीमा को ई-सुरक्षा के मजबूत घेरे में लाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि समुद्री सुरक्षा को सशक्त बनाने के लिए ओखा में देश की पहली नेशनल एकेडमी फॉर कोस्टल पुलिसिंग (एनएसीपी) स्थापित की गई है, जिसका संचालन बीएसएफ के हाथों में है।शाह ने कहा कि जवानों के स्वास्थ्य, आवास और ड्यूटी घंटों में सुधार के लिए कई क्रांतिकारी कदम उठाए गए हैं। आने वाले दो वर्ष बीएसएफ के आधुनिकीकरण और जवानों के परिवारों के कल्याण को पूरी तरह समर्पित होंगे।अमित शाह ने बताया कि समारोह में बीएसएफ के वीर जवानों को पुलिस मेडल फॉर गैलेंट्री (मरणोपरांत), आठ प्रेसिडेंट्स मेडल और कई ट्रॉफियां प्रदान की गईं। बल की हीरक जयंती के उपलक्ष्य में एक स्मारक डाक टिकट भी जारी किया गया। समारोह में गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी और बीएसएफ के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे।

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अंबिकापुर । छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर में गुरुवार को जनजातीय गौरव दिवस के मुख्य समारोह का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दीप प्रज्ज्‍वल‍ित कर शुभारंभ किया। इस समारोह में लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ है और समारोह को लेकर जनजातियों में लोगों का जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।   राष्ट्रपति मुर्मु ने कार्यक्रम स्थल पर जनजातीय समाज के लोगों से आत्मीय मुलाकात की और छत्तीसगढ़ी एवं आदिवासी संस्कृति से जुड़े पारंपरिक व्यंजनों के वहां पर लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को करीब से देखा और सराहा। इससे पूर्व उनका हेलीकॉप्टर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गांधी स्टेडियम में उतरा, जिसके बाद वे सीधे पीजी कॉलेज ग्राउंड पहुँचीं, जहां मुख्य कार्यक्रम आयोजित है।   कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ हुई। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर जनजातीय गौरव दिवस के मुख्य समारोह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक नृत्य, सांस्कृतिक झांकियों और आदिवासी कला का विशेष प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र बना।   कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, कृषि मंत्री रामविचार नेमाम सहित राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री उपस्थित रहे। हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में शामिल हुए।

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नई दिल्ली । विधानसभा से पारित विधेयकों पर राज्यपाल और राष्ट्रपति के लिए समय सीमा तय करने पर उच्चतम न्यायालय की पांच जजों की संविधान पीठ ने फैसला सुनाया है। चीफ जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने कहा कि राज्यपाल और राष्ट्रपति के लिए बिल पर निर्णय के लिए समय-सीमा निश्चित नहीं की जा सकती है। संविधान पीठ ने ये भी कहा कि उच्चतम न्यायालय अनुच्छेद 143 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल कर राज्यपाल के पास लंबित विधेयकों को पारित घोषित नहीं कर सकता है। संविधान पीठ ने ये भी कहा कि राज्यपाल किसी बिल को विचार के लिए अनिश्चित समय तक अपने पास नहीं रोक सकते। संविधान पीठ ने कहा कि अगर राज्य विधानसभा की ओर से पारित विधेयक पर फैसला लेने में राज्यपाल काफी देर करते हैं तो उच्चतम न्यायालय हस्तक्षेप कर सकता है और राज्यपाल को दिशा-निर्देश जारी कर सकता है। संविधान पीठ ने कहा कि राज्यपाल किसी विधेयक पर सहमति दे सकते हैं या उसे रोक कर विधानसभा को लौटा सकते हैं या उसे राष्ट्रपति को रेफर कर सकते हैं। संविधान पीठ ने कहा कि भारत के संघवाद में राज्यपालों को विधेयकों को लेकर विधायिका के साथ संवाद करना चाहिए और इसमें बाधा खड़े नहीं करना चाहिए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मई में संविधान के अनुच्छेद 143(1) के तहत उच्चतम न्यायालय से राय मांगी थी। राष्ट्रपति ने पूछा था कि क्या कोर्ट यह तय कर सकता है कि राष्ट्रपति या राज्यपाल को बिलों पर कब तक निर्णय लेना चाहिए। राष्ट्रपति ने अपने रेफरेंस में उच्चतम न्यायालय से 14 सवाल रखे थे, जिनका जवाब उच्चतम न्यायालय से मांगा गया था। यह सवाल मुख्य रूप से अनुच्छेद 200 और 201 से जुड़े हैं, जिनमें राज्यपाल और राष्ट्रपति की शक्तियों का जिक्र है। संविधान पीठ ने रेफरेंस पर 11 सितंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था। संविधान पीठ ने इस मामले पर कुल 10 दिन सुनवाई की थी। संविधान पीठ ने 22 जुलाई को केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया था। संविधान पीठ में चीफ जस्टिस के अलावा जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस एएस चंदुरकर और जस्टिस पीएस नरसिम्हा शामिल थे। दरअसल, उच्चतम न्यायालय की दो सदस्यीय पीठ ने 8 अप्रैल को संविधान के अनुच्छेद 200 के तहत विधानसभा की ओर से पारित विधेयकों पर राज्यपाल को फैसला लेने के लिए दिशा-निर्देश जारी किया था, जिसके मुताबिक राज्यपाल को विधानसभा की ओर से भेजे गए किसी विधेयक पर फैसला लेने या राज्यपाल के पास भेजने के लिए अधिकतम एक महीने के अंदर फैसला लेना होगा। दो सदस्यीय पीठ के दिशा-निर्देश के मुताबिक अगर राज्यपाल विधेयक को राज्य सरकार की सलाह के विपरीत राष्ट्रपति को सलाह के लिए रखते हैं तो उस पर भी अधिकतम तीन माह के अंदर फैसला लेना होगा। दो सदस्यीय पीठ ने अपने दिशा-निर्देश में कहा था कि अगर राज्य विधानसभा किसी विधेयक को दोबारा पारित कराकर राज्यपाल को भेजती है तो उस पर अधिकतम एक महीने में फैसला करना होगा। दो सदस्यीय पीठ के इस फैसले के बाद राष्ट्रपति ने उच्चतम न्यायालय से रेफरेंस के जरिये सवाल पूछा था।

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पटना । बिहार की नवनिर्वाचित सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में नीतीश कुमार ने गुरुवार सुबह 11.30 बजे पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।    शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मौजूद रहे। शपथ ग्रहण के पश्चात मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री मोदी ने बधाई एवं शुभकामनायें दी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।   भाजपा कोटे से मंत्रियों की सूची उनकी जाति और विधानसभा सीट सम्राट चौधरी - मुंगेर - कुशवाहा विजय सिन्हा - लखीसराय - भूमिहार दिलीप जायसवाल - वैश्य - किशनगंज मंगल पांडे - ब्राह्मण - सिवान नितिन नवीन - कायस्थ - पटना सुरेंद्र मेहता - कुशवाहा - बेगूसराय संजय टाइगर - राजपूत - आरा लखेंद्र पासवान- पासवान - वैशाली श्रेयसी सिंह - राजपूत - जमुई अरुण शंकर प्रसाद- खजौली- मधुबनी- राम कृपाल यादव - यादव - पटना रमा निषाद - मल्लाह- औराई नारायण प्रसाद - बनिया- नौतन प्रमोद कुमार चंद्रवंशी - अति पिछड़ा - औरंगाबाद   जदयू कोटे से मंत्रियों की सूची उनकी जाति और विधानसभा सीट अशोक चौधरी (एमएलसी)- दलित - पटना लेसी सिंह- राजपूत - पूर्णिया सुनील कुमार- दलित - गोपालगंज विजेंद्र प्रसाद यादव- यादव- सुपौल श्रवण कुमार- कुर्मी - नालंदा विजय चौधरी- भूमिहार- सरायरंजन मदन साहनी- मल्लाह - बहादुरपुर जमा ख़ान- मुस्लिम- चैनपुर   लोजपा (आर) के मंत्रियों की सूची उनकी जाति और विधानसभा सीट संजय पासवान - पासवान- बखरी संजय सिंह - राजपूत - महुआ इनके अलावा हम से संतोष कुमार सुमन - दलित - गया से मंत्री बने हैं तथा आरएलएम के दीपक प्रकाश - कुशवाहा - नॉन इलेक्टेड मंत्री बनायें गए हैं।   राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) मंत्रिमंडल में दलित - 5, राजपूत - 4, कुशवाहा - 3, भूमिहार - 2, कुर्मी- 2, यादव - 2, वैश्य - 2, मल्लाह - 2 के अलावा ब्राह्मण, कायस्थ, मुस्लिम व ईबीसी से एक-एक मंत्री बना गए हैं।    शपथ ग्रहण समारोह में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ ही केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा, शिवराज सिंह चौहान, धर्मेन्द्र प्रधान, जीतन राम मांझी, राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, चिराग पासवान, अर्जुन राम मेघवाल, अनुप्रिया पटेल, जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा माैजूद रहे।    इसके अलावा आन्ध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चन्द्रबाबू नायडू, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडण्वीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा, राजस्थान की उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी, महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिन्दे, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तथा ब्रजेश पाठक सहित अन्य विशिष्ट अतिथि, सांसद, नवनिर्वाचित विधायक, विधान पार्षद, गणमान्य व्यक्ति, राजनीतिक कार्यकर्त्ता के साथ-साथ बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

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कोण्डागांव । छत्तीसगढ़ में कोण्डागांव जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग -30 पर मसोरा टोल नाका के पास हुए एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें स्कॉर्पियो वाहन खड़े ट्रक से जा टकराई। इस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस हादसे की असली वजहों का पता लगाने में जुटी है।   कोण्डागांव पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, स्कॉर्पियो में सवार 12 लोग बड़ेडोंगर से कोण्डागांव फिल्म देखने आए थे और मंगलवार की देर रात करीब एक बजे वापस लौटते समय यह दर्दनाक हादसा हो गया । स्कॉर्पियो और ट्रक के बीच की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने स्कॉर्पियो ने लोगों को निकाला और पास के अस्पतालों में पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन इस बीच पांच लोगों की मौत हो गई।   पुलिस ने बताया कि हादसे में मारे गए लोगों की पहचान नूतन मांझी (18), शत्रुघ्न मांझी (26), लखनराम मंडावी (40), उपेंद्र मंडावी (17) और रूपेश मंडावी (23) के रूप में हुई है। हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए है, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए जगदलपुर रेफर किया गया है। अन्य घायलों का उपचार कोण्डागांव जिला अस्पताल में ही जारी है।   स्थानीय निवासी वैभव शर्मा का कहना है कि सबसे बड़ी लापरवाही नेशनल हाईवे की है। सड़क किनारे गलत तरीके से गाड़ियां खड़ी होती हैं। सरकार को इस बात से अवगत कराया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। टोल प्लाजा पर गार्ड रहने के बाद भी लोग बात नहीं मानते, गाड़ी खड़ी कर देते हैं।   सिटी कोतवाली पुलिस ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार और चालक को झपकी आने बताया जा रहा है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। मौके पर एम्बुलेंस और पुलिस टीम ने भी राहत व बचाव कार्य शुरू किया। शवों का पोस्टमार्टम करावाया जा रहा है।  

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पुट्टापर्थी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि श्री सत्य साईं बाबा का शताब्दी वर्ष केवल एक धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि सार्वभौमिक प्रेम, शांति और सेवा की भावना का एक विराट उत्सव है। उन्होंने कहा कि श्री सत्य साईं बाबा ने अपने जीवन और कार्यों से ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भारतीय विचार को वैश्विक रूप दिया और आज भी उनकी शिक्षाएं करोड़ों लोगों की प्रेरणा बनी हुई हैं।   प्रधानमंत्री मोदी यहां श्री सत्य साईं बाबा के शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने बाबा को समर्पित 100 रुपये का स्मारक सिक्का और विशेष डाक टिकट भी जारी किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि बाबा का जीवन मानवता के लिए एक संदेश था, जिसमें सेवा, प्रेम और करुणा सर्वोच्च स्थान पर थे। पुट्टापर्थी की यह पावन भूमि हमेशा से आध्यात्मिक चेतना का केंद्र रही है और यहां होना उनके लिए एक भावनात्मक अनुभव है। मोदी ने बताया कि समारोह में शामिल होने से पहले उन्हें श्री सत्य साईं बाबा की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जो उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायी रहा।उन्होंने कहा कि भारतीय सभ्यता की जड़ें सेवा से जुड़ी हुई हैं और यह भावना हमारे धर्म, दर्शन और परंपराओं में रची-बसी हैं। चाहे भक्ति का मार्ग हो, ज्ञान का मार्ग हो या कर्म का- हर मार्ग सेवा के मार्ग पर ही ले जाता है। इसी परंपरा को श्री सत्य साईं बाबा ने अपने संपूर्ण जीवन में जिया। प्रधानमंत्री ने कहा, “बाबा का संदेश केवल आश्रमों या प्रवचनों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज के हर हिस्से में दिखाई देता है- शहरी इलाकों से लेकर आदिवासी बस्तियों तक, शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य सेवा तक।”मोदी ने बताया कि बाबा के अनुयायी मानव सेवा को ही ईश्वर की सेवा मानते हैं और यही भावना आज भी लाखों लोगों को नि:स्वार्थ भाव से समाज के लिए कार्य करने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने बाबा के वचनों का उल्लेख करते हुए कहा, “मदद हमेशा करो, कभी चोट मत पहुंचाओ। ज्यादा बातें नहीं, ज्यादा काम करो।” प्रधानमंत्री ने कहा कि यही शिक्षा आज के समय में समाज को एकजुट करने की सबसे बड़ी शक्ति है।प्रधानमंत्री ने समारोह में सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत 20 हजार बेटियों के नाम पर नए खाते खोले जाने की घोषणा का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दस वर्ष पहले केंद्र सरकार ने बेटियों की शिक्षा और सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह योजना शुरू की थी। उन्होंने कहा, “यह योजना उन योजनाओं में से एक है, जिसमें सर्वाधिक 8.2 प्रतिशत ब्याज बेटियों को मिलता है।”   मोदी ने बताया कि अब तक देशभर में 4 करोड़ से अधिक बेटियों के खाते खोले जा चुके हैं और इनमें सवा तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा हो चुकी है। उन्होंने कहा कि श्री सत्य साईं परिवार द्वारा 20 हजार नए खाते खोलना ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के प्रति समाज के सहयोग का सशक्त उदाहरण है।प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश में सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने वाली कई योजनाएं शुरू की गई हैं। वर्ष 2014 में केवल 25 करोड़ लोग ही सामाजिक सुरक्षा के दायरे में थे, लेकिन आज यह संख्या बढ़कर लगभग 100 करोड़ हो गई है। मोदी ने कहा, “गरीबों के कल्याण के लिए बनाई गई हमारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चर्चा हो रही है। यह भारत की बड़ी उपलब्धि है।” उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों, वंचितों और पिछड़ों के जीवन में सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, पीएम-श्रम योगी मानधन योजना और जन-धन योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन योजनाओं ने समाज के सबसे कमजोर वर्गों को सुरक्षा कवच प्रदान किया है।प्रधानमंत्री ने रवांडा यात्रा का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भारत ने रवांडा को 200 गिर गायें दान में दी थीं, जिसके बाद वहां ‘गिरिंका’ परंपरा को बढ़ावा मिला। इस परंपरा के तहत पहली बछिया को पड़ोसी परिवार को दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इस परंपरा ने ग्रामीण परिवारों में पोषण, दूध उत्पादन, आय और सामाजिक एकता को मजबूत किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की पहलों का प्रभाव वैश्विक स्तर पर दिखाई दे रहा है और इससे भारत की छवि एक जिम्मेदार और सहयोगी राष्ट्र के रूप में बनी है।प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए ‘लोकल फॉर वोकल’ पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों, कारीगरों और उद्यमियों को प्रोत्साहन देने से देश आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि श्री सत्य साईं बाबा हमेशा स्थानीय समुदायों के सशक्तिकरण की बात करते थे और यही भावना आज सरकार के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को ऊर्जा देती है।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब देशवासी स्थानीय उत्पादों को अपनाते हैं, तो इससे न केवल आर्थिक मजबूती आती है बल्कि संस्कृति और परंपराएं भी संरक्षित रहती हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि त्योहारों और विशेष अवसरों पर स्थानीय वस्तुओं को प्राथमिकता दें। प्रधानमंत्री ने कहा कि श्री सत्य साईं बाबा की शताब्दी वर्ष की आभा स्वयं समाज को सेवा और समर्पण की ओर प्रेरित कर रही है। उन्होंने सभी नागरिकों और भक्तों को इस अवसर पर शुभकामनाएं दीं और कहा कि बाबा की शिक्षाएं आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रकाशपुंज बनी रहेंगी।

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पटना। बिहार में नई सरकार के गठन की तैयारियों के बीच जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के नवनिर्वाचित विधायकों ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को फिर से अपना नेता चुन लिया है। बुधवार को मुख्यमंत्री आवास पर जदयू विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुना गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना।   जदयू की बैठक में पार्टी के सभी विधायक मौजूद रहे। बैठक के दौरान यह संदेश बड़े स्पष्ट रूप से सामने आया कि पार्टी नीतीश कुमार के अनुभव और नेतृत्व पर पूरी तरह भरोसा करती है। जदयू के वरिष्ठ नेताओं ने बैठक के बाद बताया कि राज्य को स्थिर नेतृत्व की जरूरत है और नीतीश कुमार की अगुवाई में ही बिहार का विकास तेज़ी से हो सकता है। नीतीश कुमार की ओर से भी यह संकेत दिया गया कि वे सत्ता में बदलाव को बिहार के हित में उपयोग करेंगे और आने वाले महीनों में नई योजनाओं और नीतियों के साथ विकास का नया रोडमैप सामने रखेंगे।   जदयू के अलावा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय के अटल सभागार में बुधवार को हुई विधायक दल की बैठक में सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से नेता चुन लिया गया। ठीक 11:30 बजे बैठक की शुरुआत हुई, जिसमें भाजपा के सभी 89 निर्वाचित विधायक मौजूद रहे। बैठक में भाजपा के विधान पार्षद भी पहुंचे।   सुबह से ही सभागार परिसर में सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए थे। पहले विधायकों का पारंपरिक तरीके से तिलक लगाकर और गुलाब का पुष्प देकर स्वागत किया गया। इसके बाद उनकी उपस्थिति पंजीकृत की गई और पहचान पत्र पहनाकर अंदर प्रवेश दिया गया। भाजपा नेता लगातार नामों का मिलान करते हुए यह सुनिश्चित कर रहे थे कि सभी निर्वाचित प्रतिनिधि बैठक में शामिल हों।   बैठक की अध्यक्षता भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और बिहार भाजपा प्रभारी विनोद तावड़े ने की। बैठक में कई केंद्रीय नेता भी मौजूद रहे, जिससे यह साफ होता है कि पार्टी बिहार में बनने वाली सरकार के स्वरूप और भविष्य की कार्ययोजना को लेकर गंभीर है। बैठक को लेकर सुबह से ही भारी राजनीतिक हलचल देखी गई।   बैठक से जुड़ी राजनीतिक हलचल शाम को और तेज होगी। गृहमंत्री अमित शाह शाम में भाजपा नेताओं के साथ एक अलग बैठक करेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में मंत्रिमंडल गठन से जुड़ी महत्वपूर्ण रूपरेखा पर चर्चा होगी। राजनीतिक जानकारों के अनुसार मंत्री पदों के बंटवारे और विभागों के आवंटन पर प्रारंभिक विचार-विमर्श इसी बैठक में होने की संभावना है।

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हैदराबाद। सऊदी अरब में बस दुर्घटना में मारे गए लोगों में से हैदराबाद के एक ही परिवार के 18 लोग शामिल हैं। तेलंगाना सरकार ने मृतकों के परिजनों को पांच-लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। सरकार मारे गए लोगों का वहीं अंतिम संस्कार कराने के लिए प्रत्येक परिवार से दो सदस्यों को और मंत्री अजहरुद्दीन के साथ पांच लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल सऊदी अरब भेज रही है।    मदीना हादसे को लेकर सोमवार को राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक हुई। बैठक में मदीना में सड़क हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की गई है। मंत्रिमंडल ने दुर्घटना प्रभावित परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवज़ा देने का निर्णय लिया है। मंत्रिमंडल ने सुझाव दिया है कि मंत्री अज़हरुद्दीन, एमआईएम के एक विधायक और अल्पसंख्यक मोर्चा के एक अधिकारी सहित एक सरकारी प्रतिनिधिमंडल तुरंत सऊदी अरब भेजा जाए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि शवों का अंतिम संस्कार वहां धार्मिक परंपरा के अनुसार किया जाएगा। इसके लिए प्रभावित परिवार के दो सदस्यों को ले जाने की व्यवस्था सरकार कर रही है।     सऊदी अरब में हुई सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार के 18 लोगों की मौत हुई है। यह परिवार हैदराबाद के विद्यानगर निवासी नजीरुद्दीन का है। नसीरुद्दीन सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी थे। वह अपने परिवार के साथ मक्का की तीर्थयात्रा पर गए थे। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही नसीरुद्दीन के रिश्तेदार और दोस्त उनके घर पहुंच गए। एक परिवार के 18 लोगों की मौत से इलाके में मातम छाया है।    उल्लेखनीय है कि सोमवार तड़के सऊदी अरब में मदीना के पास भारतीय श्रद्धालुओं से भरी बस एक टैंकर से टकरा गई, जिसके बस में आग गई। तेलंगाना हज समिति ने एक बयान जारी कर बताया कि इस सड़क हादसे में मरने वालों में 17 पुरुष, 18 महिलाएं और 10 बच्चे शामिल हैं। ये सभी हैदराबाद के निवासी थे। उन्होंने बताया कि ये सभी इसी महीने की 9 तारीख को चार ट्रैवल एजेंसियों के माध्यम से उमराह के लिए निकले थे। मक्का की तीर्थयात्रा के बाद यह सभी मदीना जा रहे थे। मदीना से 25 किलोमीटर पहले उनकी बस की एक डीजल टैंकर में टक्कर हो गई।    

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फरीदाबाद। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की आतंकवाद-विरोधी नीति स्पष्ट और कठोर है। उन्होंने आश्वस्त किया कि दिल्ली बम विस्फोट के दोषियों को पाताल से भी ढूंढकर न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाएगा और उन्हें सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।हरियाणा के फरीदाबाद में सोमवार को आयोजित उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 32वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने दिल्ली कार बम विस्फोट और जम्मू-कश्मीर के नौगाम पुलिस स्टेशन धमाके के दोषियों को “पाताल से भी खोजकर सख्त सजा दिलाने” का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद को जड़ से समाप्त करना सभी राज्यों की साझा प्रतिबद्धता है। बैठक में महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा, फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों की संख्या बढ़ाने, सहकारिता-आधारित विकास, जल प्रबंधन और क्षेत्रीय समन्वय से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।गृह मंत्री ने सूरजकुंड की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि न केवल कला और संस्कृति का केंद्र है बल्कि भारतीय परंपराओं के संरक्षण की प्रेरणाशक्ति भी है। उन्होंने सिख गुरुओं, विशेषकर गुरु तेग बहादुर और गुरु गोबिंद सिंह के बलिदानों को स्मरण करते हुए कहा कि उनकी वीरता और मूल्यों ने भारतीय सभ्यता को अमिट दिशा प्रदान की है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का दृष्टिकोण है कि सशक्त राज्य ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण करते हैं और इसे जमीन पर उतारने में क्षेत्रीय परिषदों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। संवाद, सहयोग, समन्वय और ‘पॉलिसी सिनर्जी’ के माध्यम से कई जटिल अंतर-राज्यीय मुद्दों का समाधान इन परिषदों के जरिए संभव हुआ है।महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अमित शाह ने कहा कि पोस्को और बलात्कार के मामलों की त्वरित जांच और शीघ्र निपटान आवश्यक है। उन्होंने राज्यों से फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों की संख्या बढ़ाने और मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।सहकारिता, कृषि, मछली पालन और पोल्ट्री जैसे क्षेत्रों को गरीबी उन्मूलन और रोजगार सृजन का बड़ा माध्यम बताते हुए गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सहकार से समृद्धि के मंत्र से प्रेरित होकर सहकारी तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सहकारिता मंत्रालय ने देशभर में सहकारी संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 57 बड़े कदम उठाए हैं, जिनमें पैक्स के कंप्यूटरीकरण, नई राष्ट्रीय सहकारी समितियों की स्थापना और त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी की स्थापना शामिल है।अमित शाह ने कहा कि 2004–14 की तुलना में 2014–25 के बीच क्षेत्रीय परिषदों की बैठकों में लगभग ढाई गुना वृद्धि हुई है। इस अवधि में कुल 64 बैठकें हुईं, जिनमें 1600 मुद्दों पर चर्चा हुई और 1303 (81.43 प्रतिशत) का समाधान निकाला गया। यह राज्यों, केन्द्र और अंतर-राज्य परिषद सचिवालय के सक्रिय सहयोग का परिणाम है।गृह मंत्री ने जल प्रबंधन को लेकर उत्तर भारत के सभी राज्यों से सामूहिक प्रयास की अपील की। उन्होंने कहा कि गाद निकासी के कार्य को सभी राज्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि जल संकट की समस्या का दीर्घकालीन समाधान हो सके।उन्होंने मिलेट्स को बढ़ावा देने की दिशा में राजस्थान के योगदान की सराहना करते हुए सुझाव दिया कि राज्यों को गरीबों को वितरित किए जाने वाले 5 किलो अनाज में मिलेट्स को शामिल करने पर विचार करना चाहिए। इससे न केवल मिलेट्स का उत्पादन बढ़ेगा बल्कि नई पीढ़ी में पौष्टिक अनाज के प्रति रुचि भी बढ़ेगी।बैठक में महिलाओं-बच्चों के खिलाफ अपराधों की त्वरित जांच, ईआरएसएस-112 प्रणाली, बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार, जल बंटवारा, पर्यावरण, उच्च शिक्षा, स्कूल ड्रॉपआउट दर में कमी और आयुष्मान भारत में सार्वजनिक अस्पतालों की भागीदारी सहित कई प्रमुख राष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई।बैठक में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, चंडीगढ़ और लद्दाख के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल, प्रशासक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।    

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ढाका/गोपालगंज। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को अपराध ट्रिब्यूनल ने मानवता के खिलाफ अपराधों के मामलों में फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद बांग्लादेश में व्यापक विद्रोह भड़क उठा है। राजधानी ढाका और हसीना के गढ़ गोपालगंज दोनों ही स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तनाव बढ़ गया है।गोपालगंज में विरोध और सड़क जामगोपालगंज के कशियानी उपजिला में दायित्व रखने वाले बैन किए गए छात्र संगठन छात्र लीग (Chhatra League) के कार्यकर्ताओं ने ढाका–खुलना राजमार्ग बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। विरोधी प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर लकड़ी के ठूंठ रख दिए, जिस कारण विभिन्न प्रकार की वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। पुलिस कार्य़ जल्द मौके पर पहुंची और जाम तोड़कर यातायात बहाल करने में सफल रही। प्रदर्शनकारियों ने शेख हसीना और आवामी लीग के समर्थन में नारे लगाए।ढाका में भी हिंसक झड़पेंसजा की खबर आने के बाद ढाका के धनमोंडी 32 इलाके में तनाव चरम पर पहुंच गया। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। शहर में पुलिस और सीमापार्टी बल की तैनाती की गई है। इससे पहले शनिवार शाम को ढाका में कई कच्चे बम फटे, जिससे सार्वजनिक भय बढ़ गया। राजधानी में सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी बंद रहने के बीच परिचालन बहुत कम हो गया है, क्योंकि लोग सड़क पर नहीं निकल रहे।सजा और राजनीतिक पृष्ठभूमिअंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण की जजों की पीठ ने लगभग दो घंटों तक सुनवाई के बाद शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज़्ज़मान खान कमाल को फांसी की सजा सुनाई। इस फैसले के मद्देनजर बांग्लादेश की राजनीति में अब और अधिक अस्थिरता की आशंका है, क्योंकि आवामी लीग समर्थक और हसीना के समर्थक बड़े पैमाने पर सड़क पर उतर आए हैं।

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लखनऊ/पटना। देश की राजनीति आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है,जहां कांग्रेस की भूमिका और भविष्य को लेकर बहस तेज हो गई है। बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों से यह तस्वीर और साफ दिख रही है। देश अब उस दिशा में बढ़ रहा है,जिसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) वर्षों से राजनीतिक नारा मानकर दोहराती रही 'कांग्रेस-मुक्त भारत'।   भाजपा प्रवक्ता आनन्द दूबे ने कहा कि भारत का राजनीतिक परिदृश्य 2025 में जिस तेजी से बदल रहा है,उसने अब वैश्विक राजनीति के विशेषज्ञों का ध्यान भी अपनी ओर खींच लिया है। दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक आबादी वाले देश में राष्ट्रीय दल कांग्रेस का लगातार सिकुड़ना और भाजपा का व्यापक उभार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अध्ययन का बड़ा विषय बन गया है। उन्होंने बताया कि वैश्विक थिंक-टैंक इसे 'भारत की राजनीतिक शक्ति में बदलाव' कह रहे हैं।   राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर जगमीत बावा मानते हैं कि भारत में यह बदलाव किसी साधारण चुनावी परिणाम का मामला नहीं है,बल्कि एक सदी पुराने दल के क्षरण और एक नए राजनीतिक विचार की स्थायी स्थापना का ऐतिहासिक मोड़ है।   क्षेत्रीय दलों के लिए बोझ बना कांग्रेस का साथ   राजनीति के तमाम विश्लेषकों का एक ही निष्कर्ष है कि पिछले 10 वर्षों में कांग्रेस किसी भी गठबंधन को मजबूती नहीं दे पाई। उल्टा हाल यह हो गया कि जिन राज्यों में क्षेत्रीय दल कांग्रेस के साथ आए, वे दल अपने पारंपरिक वोटबैंक को बचाने में संघर्ष करने लगे। कई राज्यों में कांग्रेस का साथ लेना, किसी भी गठबंधन के लिए 'इलेक्टोरल रिस्क' साबित हुआ। बिहार चुनाव 2025 इसका ताजा उदाहरण है। महागठबंधन की सबसे कमजोर कड़ी कांग्रेस ही बनी और नतीजों में उसका प्रदर्शन बेहद खराब रहा।   भाजपा के बढ़ते प्रभुत्व से कांग्रेस का क्षरण तेज   वरिष्ठ पत्रकार लव कुमार मिश्र की मानें, तो भाजपा अब सिर्फ एक मजबूत पार्टी नहीं,बल्कि एक राष्ट्रीय राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित हो चुकी है। हर चुनाव में भाजपा का नेतृत्व, संगठन और कैडर कांग्रेस से कोसों आगे दिखाई देता है। कांग्रेस के पास न मजबूत नेतृत्व, न स्पष्ट नैरेटिव और न ही जमीनी रणनीति है। तीनों की कमी ने उसे राष्ट्रीय राजनीति के हाशिये पर पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा का विकास, राष्ट्रवाद और हिंदुत्व मॉडल आज अधिकांश राज्यों में कांग्रेस के पारंपरिक वोटबैंक को भी अपनी ओर खींच चुका है।   देश कांग्रेस मुक्त राजनीति की ओर!   लव कुमार मिश्र ने कहा कि चुनावी आंकड़ों पर भरोसा करें, तो रुझान बिल्कुल साफ है। लगातार पराजय ने कांग्रेस को सिर्फ कमजोर नहीं किया, बल्कि कई राज्यों में उसे लगभग अप्रासंगिक भी बना दिया है। संगठनात्मक ढांचा टूट चुका है, युवा नेतृत्व नदारद है और पुराने नेताओं की पकड़ कमजोर हुई है। 2025 के बाद कांग्रेस एक राष्ट्रीय दल के बजाय धीरे-धीरे क्षेत्रीय-मानदंड वाली पार्टी बनने की ओर बढ़ती दिख रही है।   भारत की राजनीति में भाजपा का उभार   जनसंख्या के लिहाज से दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में भाजपा का मजबूत राजनीतिक प्रभुत्व अब वैश्विक थिंक-टैंकों के लिए एक नए राजनीतिक मॉडल के रूप में खड़ा हो रहा है। विशेषज्ञ बता रहे हैं कि भाजपा के नेतृत्व में भारत दीर्घकालिक वैचारिक सुदृढ़ीकरण के दौर से गुजर रहा है। भाजपा का संगठन कांग्रेस से 10 गुना अधिक सक्रिय है। नेतृत्व, नैरेटिव, कैडर, तकनीक, सोशल मीडिया हर स्तर पर बढ़त और हिंदुत्व, विकास तथा राष्ट्रवाद का सम्मिलित मॉडल अब अंतरराष्ट्रीय राजनीति के अध्ययन का विषय बन गया है।   कांग्रेस के पास न नेतृत्व, न रणनीति, न जन-आकर्षण   राजनीतिक विश्लेषक प्रोफेसर जगमीत बावा के अनुसार, तीन संकेत स्पष्ट हैं। उनका मानना है कि कांग्रेस के पास न नेतृत्व, न रणनीति, न जन-आकर्षण है। राजनीति में इतनी बड़ी पार्टी का बिना किसी मजबूत चेहरे के रह जाना 'अनुपम घटना' है। जिस पार्टी ने भारत को आजादी दिलाई,वही 10 करोड़ वोटर बेस खो चुकी है। यह दुनिया को चौंका रहा है। भारत में विपक्ष में कांग्रेस अब 'एसेट' नहीं, बल्कि 'लायबिलिटी' मानी जा रही है। यह बात राजनीति के लिए भी नया संकेत है।   'न्यू इंडिया मॉडल' पर दुनिया की नजर   जगमीत बावा ने बताया कि भारत आज वैश्विक भू-राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तेजी से उभर रहा है। ऐसे में देश के भीतर कांग्रेस का पतन और भाजपा का अभूतपूर्व उभार दुनिया को एक स्पष्ट संकेत दे रहा है कि भारत एक स्थायी, विचार आधारित, नेतृत्व केंद्रित राजनीतिक मॉडल की ओर बढ़ रहा है। यह मॉडल आने वाले वर्षों में एशिया और अफ्रीका की कई लोकतांत्रिक राजनीति को प्रभावित कर सकता है।  

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- अनुभव का थिंक-टैंक: रिटायर्ड अधिकारियों को सिस्टम से जोड़ने के हों प्रयास (प्रवीण कक्कड़) भारत राजनीति, व्यापार और सामाजिक नेतृत्व—तीनों ही क्षेत्रों में उम्र और अनुभव को सम्मान देता है। 60 वर्ष से अधिक आयु के नेता जब संसद में बोलते हैं तो उनकी बात दिशा बन जाती है। बड़े उद्योग अपने बोर्ड में अनुभवी लोगों को शामिल करते हैं, क्योंकि संकट की घड़ी में अनुभव ही सबसे विश्वसनीय सलाहकार होता है। समाज में भी वरिष्ठ नागरिक अपनी दृष्टि, अपनी स्मृति और अपनी जीवन-यात्रा से नई पीढ़ी को संभालने का काम करते हैं। लेकिन एक गहरी विडंबना है: पूरे देश में वही सम्मान और वही उपयोग पुलिस तथा प्रशासनिक सेवाओं के रिटायर्ड अधिकारियों को नहीं मिलता जबकि उनका अनुभव सबसे कठिन, सबसे जोखिमपूर्ण और सबसे व्यावहारिक होता है। एक पुलिस अधिकारी 30–35 वर्षों तक अपराध के मनोविज्ञान को समझता है, भीड़ की नब्ज पहचानता है, संवेदनशील परिस्थितियों को शांत करता है, नक्सल क्षेत्रों में रणनीति बनाता है, सामाजिक संघर्षों को संभालता है, और हर तरह के अपराध के “ग्राउंड रियलिटी पैटर्न” को अपनी आँखों से देखता है। ये अनुभव किताबों में नहीं पढ़े जाते बल्कि फिल्ड में सीखे जाते हैं और उस अनुभव से युवाओं को प्रेरणा दी जाती है। मध्य प्रदेश सहित देश के हर राज्य में ऐसे हज़ारों रिटायर्ड पुलिस अधिकारी हैं, जो आज भी ऊर्जा और विवेक से भरपूर हैं। पर रिटायरमेंट के साथ ही यह अमूल्य अनुभव एक तरह से “फाइल बंद” कर दिया जाता है। और यही वह राष्ट्रीय नुकसान है, जिसके समाधान पर अब गंभीरता से सोचना होगा।  अनुभव की कीमत राजनीति और व्यापार समझते हैं, लेकिन पुलिस-प्रशासन क्यों नहीं? राजनीति में वरिष्ठ नेता मार्गदर्शक बनते हैं। कॉर्पोरेट जगत में अनुभवी लोग बोर्ड में शामिल होते हैं। लेकिन पुलिस और प्रशासन में जो नागरिक जीवन की सुरक्षा का संवेदनशील स्तंभ हैं वहीं रिटायर्ड अधिकारियों के अनुभव का व्यवस्थित उपयोग लगभग न के बराबर है। जबकि पुलिस सेवा में अनुभव की कोई बराबरी ही नहीं। क्योंकि अपराधी कैसे सोचता है, दंगों में कौन सी गलती सबसे महँगी पड़ती है, आर्थिक अपराधों के पैटर्न क्या हैं, सायबर अपराधियों की मनोवृत्ति कैसे बदलती है, सामुदायिक पुलिसिंग में कौन-सी भाषा भरोसा बनाती है…यह सब केवल वही समझ सकता है जिसने इसे जिया है। मध्य प्रदेश: एक राष्ट्रीय मॉडल बनने की क्षमता मध्य प्रदेश भौगोलिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक रूप से बहुआयामी राज्य है। यहाँ शहरी अपराध भी हैं, ग्रामीण संवेदनशीलताएँ भी हैं, आदिवासी बेल्ट की विशिष्ट चुनौतियाँ भी हैं, और नक्सल क्षेत्रों का दबाव भी। ऐसे में रिटायर्ड पुलिस अधिकारियों के अनुभव का उपयोग न केवल ज़रूरी है, बल्कि नवाचार का अवसर भी है। राज्य अगर साहस दिखाए, तो यह मॉडल पूरे भारत के लिए मिसाल बन सकता है। कहाँ-कहाँ रिटायर्ड अधिकारियों का अनुभव सोना साबित हो सकता है 1. पुलिस ट्रेनिंग सेंटरों में अतिथि विशेषज्ञ (Guest Faculty) युवा भर्ती तकनीकी ज्ञान सीख लेते हैं, लेकिन जमीनी अनुभव नहीं मिलता। रिटायर्ड डीएसपी, एसपी, DIG, IG, ADG यदि पढ़ाएँ— •वास्तविक केस-स्टडी •पूछताछ की कला •क्राइम साइकोलॉजी •भीड़ प्रबंधन •महिला–बाल अपराध की संवेदनशीलता •तो पुलिस फोर्स का स्तर कई गुना बढ़ सकता है। 2. जटिल अपराधों की जाँच में Special Expert Panels हर ज़िले में 10–15 अनुभवी रिटायर्ड अधिकारियों का पैनल बनाया जाए: •हत्या व संगठित अपराध •साइबर फ्रॉड •नाबालिग अपराध •महिला अत्याचार •क्रॉस-डिस्ट्रिक्ट गैंग पैटर्न •अमेरिका, कनाडा, जापान में ऐसा दशकभर से चल रहा है। भारत में CBI/ED भी कई बार रिटायर्ड विशेषज्ञों की मदद लेती हैं। MP इसे जिला स्तर पर लागू कर सकता है। 3. सामुदायिक पुलिसिंग (Social Policing) •विश्वास पुलिसिंग का सबसे बड़ा आधार है। •रिटायर्ड अधिकारी यहाँ “सीनियर एडवाइज़र” बन सकते हैं— •महिलाओं की सुरक्षा अभियान •ड्रग डी-एडिक्शन प्रयास •स्कूल–कॉलेज सेफ़्टी कमेटी •साइबर अवेयरनेस •ट्रैफिक एवं सामाजिक जागरूकता •उनकी विश्वसनीयता जनता के मन में पुलिस के लिए सम्मान बढ़ाती है। 4. नीति निर्माण में Advisory Boards रिटायर्ड IAS/IPS अधिकारियों को Policy Advisory Council में शामिल किया जाए। नीतियाँ तभी सफल होती हैं जब उनमें फील्ड अनुभव की खुशबू हो। विश्व और भारत के सफल उदाहरण जापान – Ko-ban Policing System रिटायर्ड अधिकारी सामुदायिक पुलिसिंग के प्रशिक्षक हैं— परिणाम: अपराध दर ऐतिहासिक स्तर तक कम। सिंगापुर – Community Safety Ambassadors रिटायर्ड विशेषज्ञ स्थानीय समुदाय की सुरक्षा रणनीति गाइड करते हैं— परिणाम: दुनिया की सबसे सुरक्षित सोसायटी। तमिलनाडु – पूर्व DGP के. विजय कुमार का मॉडल “ नक्सल समस्या से निपटने में सेवानिवृत्त अधिकारियों की रणनीतिक भूमिका बेहद सफल रही ।” मध्य प्रदेश के लिए एक व्यवहारिक ब्लूप्रिंट 1. Retired Officers Resource Panel (RORP) हर ज़िले में 10–20 विशेषज्ञ। 2. पुलिस ट्रेनिंग में Guest Faculty System साप्ताहिक, मासिक सेशन। 3. District Expert Investigation Pool जटिल और संवेदनशील मामलों में सक्रिय भूमिका। 4. Senior Citizen Advisory Force सामाजिक पुलिसिंग और जनसंपर्क। 5. Policy Advisory Council (IPS/IAS Retired) राज्यस्तरीय प्रशासनिक सुधार। 6. सम्मान एवं पुनर्स्थापन कार्यक्रम “सेवा निवृत्त, अनुभव निवृत्त नहीं” का संदेश।   रिटायरमेंट किसी अधिकारी की क्षमता का अंत नहीं  रिटायरमेंट किसी अधिकारी की क्षमता का अंत नहीं, बल्कि अनुभव की पराकाष्ठा है। जिस राष्ट्र ने अपने अनुभवी लोगों को सम्मान दिया, वही राष्ट्र आगे बढ़ा। मध्य प्रदेश यदि रिटायर्ड अधिकारियों को प्रणालीबद्ध भूमिका दे देता है, तो सिर्फ अपराध नियंत्रण नहीं—बल्कि शासन, प्रशिक्षण और समाज में एक नई संस्कृति विकसित होगी। एक अनुभवी अधिकारी की एक सही सलाह—एक बड़े संकट को रोक सकती है,  और भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षित बना सकती है।

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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात ने शनिवार को उन परिस्थितियों का विवरण दिया जिनके कारण कल रात नौगाम पुलिस स्टेशन में घातक विस्फोट हुआ। इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई और 29 लोग घायल हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।   श्रीनगर में शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डीजीपी ने कहा कि चल रही जाँच के दौरान फरीदाबाद से बरामद भारी मात्रा में विस्फोटकों को मानक प्रक्रिया के तहत नौगाम पुलिस स्टेशन में सुरक्षित और संग्रहित किया गया है। बरामद सामग्री की संवेदनशील और अस्थिर प्रकृति के कारण नमूनाकरण और जाँच अत्यधिक सावधानी के साथ की जा रही है।   डीजीपी ने कहा कि सभी सावधानियों के बावजूद कल रात एक आकस्मिक विस्फोट हुआ जिसके परिणामस्वरूप 9 लोगों की दुखद मृत्यु हो गई और 29 अन्य घायल हो गए हैं। घटना के कारणों की जाँच जारी है।   पुलिस महानिदेशक के अनुसार 9 मृतकों में एक एसआईए अधिकारी, 3 एफएससीएल कर्मी, 2 क्राइम फ़ोटोग्राफ़र, 2 राजस्व अधिकारी और 1 दर्जी शामिल हैं। नागरिकों और पुलिसकर्मियों सहित 29 अन्य घायल हुए हैं जिनका इलाज चल रहा है। विस्फोट से इमारत और आसपास की संरचनाओं को भी भारी नुकसान हुआ। डीजीपी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस सभी मृतकों के परिवारों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ी है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती है।  

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पटना । बिहार में एक बार फिर नरेन्द्र मोदी और नीतीश कुमार की जोड़ी सुपरहिट हो गई है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को प्रचंड बहुमत मिला है। वहीं, तीसरी ताकत के रूप में पूरा जोर लगाने वाले प्रशांत किशोर (पीके) का खाता भी नहीं खुला। दिलचस्प यह है कि बिहार चुनाव में पीके से कम चर्चित रहे असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) 5 और मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) 1 सीट जीतने में सफल रही।   बिहार विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने सीमांचल क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन किया है। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने पांच सीटों पर आसान जीत दर्ज की और महागठबंधन को भारी नुकसान पहुंचाया। एआईएमआईएम के अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कुल 25 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। इनमें से 23 मुस्लिम उम्मीदवार थे। एआईएमआईएम मुख्य रूप से मुस्लिम बहुल सीमांचल क्षेत्र (किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार) में चुनाव लड़ रही थी।   एआईएमआईएम की ओर से जोकीहाट सीट से मोहम्मद मुर्शिद आलम, बहादुरगंज सीट से मो. तौसीफ आलम, कोचाधामन से मो. सरवर आलम, अमौर से अखतरुल ईमान और बायसी सीट से गुलाम सरवर ने जीत का परचम लहराया। एआईएमआईएम को कुल 9 लाख 30 हजार 504 (1.85 फीसदी) वोट मिले, जबकि राजद को 23 प्रतिशत वोट मिले हैं।    जोकीहाट विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने दूसरी बार बड़े-बड़े दिग्गजों को पटकनी देकर शानदार जीत दर्ज कर राजनीतिक गलियारों में सनसनी फैला दी है। चुनावी मैदान में तीन पूर्व मंत्रियों को मुर्शिद आलम ने धूल चटा दी। मैदान में महागठबंधन के उम्मीदवार पूर्व मंत्री शाहनवाज आलम, पूर्व सांसद और जनसुराज के उम्मीदवार सरफराज आलम व जदयू से पूर्व मंत्री शाहनवाज आलम डटे थे, लेकिन ओवैसी फैक्टर ने मुस्लिम मतदाताओं का ध्रुवीकरण कर सबों की मंशा पर पानी फेर दिया।   राजनीतिक विश्लेषक के.पी. त्रिपाठी कहते हैं कि ओवैसी ने सीमांचल की कई सीटों पर मजबूत मुस्लिम उम्मीदवार उतारे, जिससे सीधा मुकाबला हुआ। एआईएमआईएम ने मुस्लिम वोटों का एक बड़ा हिस्सा अपनी ओर खींच लिया, जिससे कई सीटों पर महागठबंधन के उम्मीदवार राजग के प्रत्याशियों के मुकाबले पिछड़ गए। एआईएमआईएम ने सीमांचल में अपनी गहरी पैठ बना ली है, यह समझने में महागठबंधन के रणनीतिकार चूके। कई सीटों पर एआईएमआईएम, राजद और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय मुकाबला देखने को मिला। इसका सीधा फायदा राजग को मिला।   राजनीतिक व टिप्पणीकार सुशील शुक्ल कहते हैं कि राजद ने एआईएमआईएम के सभी विधायकों को तोड़ कर अपने साथ मिला लिया था, इससे पार्टी की साख खराब हुई थी। ओवैसी की पार्टी ने पांच साल जमीन पर मेहनत की और इस चुनाव में आखिरकार अपना बदला चुका लिया। यह प्रदर्शन तेजस्वी की उस रणनीति पर सवाल खड़े करता है,जिसके तहत महागठबंधन ने एआईएमआईएम को किनारे कर दिया था। जनसुराज की गतिविधियों का लाभ भी सीमांचल में ओवैसी के उम्मीदवारों को ही मिल गया।   2020 के बिहार चुनाव में भी ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के 5 प्रत्याशी जीते थे। चुनाव बाद अख्तरुल ईमान को छोड़कर बाकी के चार विधायक राजद में शामिल हो गए थे। 2020 के चुनाव में एआईएमआईएम ने अमौर, बहादुरगंज, बायसी, जोकीहाट और कोचाधामन सीट पर जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में एआईएमआईएम को 1.24 प्रतिशत मत मिला था, जबकि राजद के पक्ष में 23.11 प्रतिशत वोटिंग हुई थी।    गौरतलब है कि 2025 के चुनाव से पहले एआईएमआईएम ने राजद के साथ गठबंधन के लिए पूरी कोशिश की थी। अख्तरुल ईमान ढोल नगाड़े लेकर राबड़ी देवी के आवास पर पहुंचे थे। इसके बाद भी तेजस्वी यादव ने एआईएमआईएम के साथ गठबंधन करने से मना कर दिया था। इतना ही नहीं, तेजस्वी यादव ने एआईएमआईएम से आए चारों विधायकों के टिकट भी काट दिए थे।   राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एआईएमआईएम का मजबूत प्रदर्शन महागठबंधन, खासकर राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के लिए वोट-कटवा साबित हुआ है। 2020 में भी यही हुआ था। बावजूद इसके महागठबंधन ने ओवैसी को कोई तवज्जो नहीं दी। यह रणनीति महागठबंधन को बहुत भारी पड़ गया। एआईएमआईएम का यह प्रदर्शन महागठबंधन के लिए एक बड़ा सबक भी है, वह यह कि ओवैसी की पार्टी से समझौता न करने की भारी कीमत महागठबंधन को चुकानी पड़ी है।  

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सूरत/नर्मदा । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज गुजरात के नर्मदा जिले के डेडियापाडा क्षेत्र पहुंचे, जहाँ उन्होंने सागबारा स्थित आदिवासियों की कुलदेवी देवमोगरा माता मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। वे ‘आदिवासी गौरव दिवस’ कार्यक्रम में शामिल होंगे।    गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान के आदिवासी समाज का यह मंदिर चार राज्यों के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है।प्रधानमंत्री के आगमन के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी उमड़ी भीड़ हुई थी इससे पूरे क्षेत्र में उत्साह माहौल दिखाई दिया।देवमोगरा माता कौन हैं?देवमोगरा माता (जिसे कुछ स्थानों पर पांडोरी माता या मोगली माता भी कहा जाता है) आदिवासी समाज की कुलदेवी मानी जाती हैं। इन्हें सतपुड़ा और नर्मदा घाटी के आदिवासियों की रक्षक देवी माना जाता है। देवी के बारे में मान्यता है कि वे जंगल, खेती, जनजातीय जीवन और संकटों में समुदाय की रक्षा करती हैं।गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान के भील, वसावा, कुकना, गामित, चौधरी समेत कई आदिवासी समुदाय विशेष रूप से इस देवी को पूजते हैं।देवमोगरा माता मंदिर का इतिहास—देवमोगरा मंदिर प्राचीन आस्था स्थल माना जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यह मंदिर कई पीढ़ियों पहले एक तपस्वी द्वारा देवी के दर्शन होने के बाद स्थापित किया गया था। प्रारंभ में यह एक छोटा प्राकृतिक स्थल था, जिसे बाद में श्रद्धालुओं ने विकसित कर मंदिर का स्वरूप दिया। हर वर्ष बड़े पैमाने पर आदिवासी मेला लगता है, जहां दूर-दूर से भक्त दर्शन के लिए आते हैं। डेडियापाडा-सागबारा क्षेत्र में यह स्थान आदिवासी संस्कृति का एक मुख्य आध्यात्मिक केंद्र है।प्रधानमंत्री ने की समाज और देश के लिए मंगल कामनाप्रधानमंत्री मोदी ने मंदिर पहुँचकर माता के दर्शन किए, पूजा-अर्चना की और प्रदेश के आदिवासी समाज और देश के लिए मंगलकामना की। इसके बाद वे डेडियापाडा में आयोजित ‘आदिवासी गौरव दिवस’ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हो गए।  

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  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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गाबोरोन (बोत्सवाना) । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि भारत के विकसित भारत 2047 विजन और अफ्रीका के एजेंडा 2063 के तहत दोनों देश मिलकर एक न्यायपूर्ण, टिकाऊ और समावेशी वैश्विक व्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। भारत और बोत्सवाना की साझेदारी लोकतंत्र, मानव गरिमा और समान विकास के साझा मूल्यों पर आधारित है।   राष्ट्रपति मुर्मु ने गुरुवार को बोत्सवाना की राजधानी गाबोरोन में नेशनल असेंबली को संबोधित करते हुए कहा कि बोत्सवाना लोकतंत्र, सुशासन और प्रभावी नेतृत्व का उदाहरण है, जहां राष्ट्रीय संसाधनों का उपयोग समाज के वंचित वर्गों के उत्थान और सर्वांगीण विकास के लिए किया जाता है। इस अवसर पर उनका स्वागत स्पीकर दिथापेलो एल केओरापेत्से, उपाध्यक्ष और विपक्ष के नेता ने किया।   राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और बोत्सवाना के बीच सहयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी, कृषि, रक्षा, व्यापार और निवेश जैसे क्षेत्रों में निरंतर मजबूत हुआ है। भारत बोत्सवाना के मानव संसाधन विकास और क्षमता निर्माण में अपनी भागीदारी पर गर्व महसूस करता है। पिछले एक दशक में बोत्सवाना के एक हजार से अधिक युवाओं ने भारत में शिक्षा और प्रशिक्षण प्राप्त किया है।   राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय कंपनियां बोत्सवाना के हीरा, ऊर्जा और अवसंरचना क्षेत्रों में सक्रिय हैं और नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल नवाचार, औषधि निर्माण तथा खनन क्षेत्रों में भी व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने दोनों देशों के व्यावसायिक समुदायों से आर्थिक साझेदारी की पूरी क्षमता का उपयोग करने की अपील की।   इससे पहले राष्ट्रपति मुर्मु ने बोत्सवाना की डायमंड ट्रेडिंग कंपनी का दौरा किया, जहां उनका स्वागत खनिज और ऊर्जा मंत्री बोगोलो केनेवेंडो तथा विदेश मंत्री फेन्यो बुटाले ने किया। इसके बाद उन्होंने थ्री दिकगोसि स्मारक का दौरा कर बोत्सवाना की स्वतंत्रता आंदोलन के तीन जनजातीय नेताओं खामा तृतीय, सेबेले प्रथम और बाथोएन प्रथम को श्रद्धांजलि अर्पित की।

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अंकारा । तुर्किये ने भारत की राजधानी दिल्ली में लाल किले के समीप सोमवार को हुए विस्फोट को लेकर भारतीय मीडिया में छपी उन रिपोर्टों को निराधार बताते हुए उनका खंडन किया है जिनमें कहा गया है कि भारत के खिलाफ हमलों के लिए तुर्किए आतंकवादियों को सहायता प्रदान कर रहा है।   तुर्किये सरकार के संचार विभाग ने बुधवार रात जारी एक बयान में कहा कि कुछ भारतीय मीडिया संस्थानों में यह दावा किया जा रहा है कि "तुर्किये भारत में आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ा है और आतंकवादी समूहों को सैन्य, राजनयिक और वित्तीय सहायता प्रदान करता है, जो दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुँचाने के उद्देश्य से एक दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार अभियान का हिस्सा है।"   बयान में कहा गया है कि तुर्किये सभी आतंकवादी कार्रवाइयाें का दृढ़ता से खंडन करता है, चाहे वे कहीं भी या किसी के द्वारा भी किए गए हों। वह अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ सहयोग के माध्यम से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक अग्रणी देश के रूप में खड़ा है। इस संदर्भ में, तुर्किये संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आतंकवाद-रोधी रणनीति में सक्रिय रूप से योगदान देता है और उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की आतंकवाद-रोधी नीतियों को 'आकार' देने में प्रभावी भूमिका निभाता है।   तुर्किए ने कहा, "यह दावा कि तुर्किये भारत या किसी अन्य देश को निशाना बनाकर "कट्टरपंथी गतिविधियों" में शामिल है, पूरी तरह से भ्रामक है और इसका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है। तुर्किये को निशाना बनाकर की गई ऐसी निराधार और भ्रामक रिपोर्टें अंतर्राष्ट्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता में हमारे देश के योगदान को कमज़ोर करने का प्रयास हैं। जनता को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी भ्रामक दावों एवं सूचनाओं पर विश्वास न करें।"   दिल्ली में सोमवार को लालकिले के पास एक कार में हुए विस्फोट की घटनाओं की जांच में पता चला है कि हमले में शामिल आरोपियों ने तुर्किए की यात्रा की थी और जांच एजेंसियां इस बात की जांच कर रहीं हैं कि कहीं पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश ए मोहम्मद के आतंकवादियों से आरोपियों की मुलाकात तुर्किए में ही हुई हो और शायद वहीं पर यह साजिश रची गयी हो। इस घटना में मृतकाें की संख्या बढ़कर 13 हाे गई है।

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कानपुर । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को हुए विस्फोट के बाद यूपी एटीएस ने बुधवार देर शाम कानुपर के हृदय रोग संस्थान के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ मोहम्मद आरिफ को उसके घर से उठाया है। डॉ आरिफ जम्मू कश्मीर के अनंतबाग का रहने वाला है और गिरफ्तार डॉक्टर शाहीन शाहीन और उसके भाई परवेज के संपर्क में था।    सूत्रों की मानें8तो प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि देश में होने वाली कई घटनाओं की रणनीतियों में उसकी सहभागिता रही थी। जांच एजेंसी ने डॉ आरिफ के लैपटॉप और मोबाइल फोन भी जब्त किये हैं। एटीएस उसे राजधानी दिल्ली लेकर गई है। जहां पर पकड़े गए सभी आरोपितों के साथ उससे भी पूछताछ की जाएगी।बताते चले की मामला संदिग्ध होने की वजह से अभी भी जांच एजेंसियां कानपुर में ही रहकर दिल्ली विस्फोट से जुड़े नेटवर्क को खंगाल रही है। कार्डियोलॉजी अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि डॉ आरिफ ने जम्मू कश्मीर के एक कॉलेज से एमबीबीएस किया। करीब तीन महीने पहले ही उसने कार्डियोलॉजी विभाग में ज्वाइनिंग की थी। अस्पताल में हॉस्टल खाली न होने के चलते उसने अशोकनगर स्थित एक फ्लैट लिया था। हालांकि फ्लैट और अस्पताल में रहने के दौरान वह किसी से कोई बातचीत भी नहीं करता था। दिल्ली विस्फोट मामले में अभी और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।  

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कुलगाम । प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने बुधवार को कुलगाम जिले के 200 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की।   एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आतंकवादी तंत्र और जमीनी स्तर पर इसके समर्थन ढांचे को खत्म करने के निरंतर प्रयासों के तहत जेईआई सदस्यों और उनके सहयोगियों के घरों और परिसरों पर छापे मारे गए। पिछले चार दिनों के दौरान जिले के विभिन्न इलाकों में ओजीडब्ल्यू, जेकेएनओपीएस, पूर्व में मुठभेड़ों वाले स्थानों और सक्रिय/मारे गए आतंकवादियों के ठिकानों पर 400 से अधिक घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाए गए हैं।   इन अभियानों के कारण जेकेएनओपीएस और अन्य प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े लगभग 500 व्यक्तियों से पूछताछ की गई, जिनमें से कई को निवारक कानूनों के तहत जिला जेल मट्टन, अनंतनाग में स्थानांतरित कर दिया गया है।   छापेमारी के दौरान आपत्तिजनक सामग्री और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए और कई जमात-ए-इस्लामी सदस्यों से पूछताछ की गई। आतंकवाद को सहायता देने वाले नेटवर्क का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने के लिए जमात-ए-इस्लामी सदस्यों को हिरासत में लिया गया।   अधिकारी ने कहा है कि कुलगाम पुलिस आतंकवाद और उसके नेटवर्क के प्रति शून्य-सहिष्णुता की नीति पर अडिग है और यह सुनिश्चित करती है कि किसी भी तत्व को जिले में शांति और सार्वजनिक व्यवस्था को भंग करने की अनुमति न दी जाए।

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पटना । बिहार की राजनीति एक बार फिर एक नए दौर में प्रवेश कर गई है। 2020 से 2025 तक के पाँच वर्षों में, राज्य ने राजनीति के लगभग हर पहलू को देखा है, गठबंधनों की जटिलताओं से लेकर जनभावनाओं में बदलाव और नेताओं के बीच बदलती गतिशीलता तक। यदि 2020 का चुनाव अल्पमत सरकार का प्रतीक था, तो 2025 का चुनाव जनमत की स्पष्टता का प्रतीक बन गया है।   2020 का चुनाव: उम्मीदों के उलट, सत्ता में राजग    साल 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव ने सभी एग्जिट पोल को गलत साबित कर दिया था। नतीजों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को 125 सीटें मिलीं और उसने 37.26 प्रतिशत वोट शेयर के साथ मामूली बहुमत से सरकार बनाई। दूसरी ओर, महागठबंधन 110 सीटों और 37.23 प्रतिशत वोट शेयर के साथ बेहद करीबी अंतर से पीछे रह गया। यह अब तक का सबसे कांटे का मुकाबला माना गया। राजग में भाजपा सबसे मजबूत पार्टी बनकर उभरी, जिसने 74 सीटें जीतीं, जबकि जदयू 43 सीटों पर सिमट गई। सहयोगी दल वीआईपी और हम ने 4-4 सीटें जीतकर सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई। उधर, राजद 75 सीटों के साथ सबसे बड़ी एकल पार्टी बनी, जबकि कांग्रेस को 19 और वाम दलों को 16 सीटें मिलीं। एआईएमआईएम को 5 सीटें और बसपा, लोजपा व निर्दलीयों को 1-1 सीट मिलीं।   राजनीतिक विश्लेषक व वरिष्ठ पत्रकार लव कुमार मिश्र मानते हैं कि 2020 का जनादेश संख्या का नहीं, रणनीति का चुनाव था, जहां भाजपा की आक्रामक प्रचार शैली और नीतीश कुमार की प्रशासनिक छवि ने मिलकर सत्ता को बचा लिया।   2025 का चुनाव: जनता का मूड बदला, बिहार ने बनाया रिकॉर्ड   पांच साल बाद 2025 के चुनाव में तस्वीर पूरी तरह अलग दिख रही है। दो चरणों में हुए मतदान में बंपर वोटिंग दर्ज हुई। आजादी के बाद का यह सबसे बड़ा जनसहभागिता का रिकॉर्ड बना। इतनी बंपर वोटिंग ने यह स्पष्ट कर दिया कि जनता इस बार सिर्फ सरकार नहीं, सोच बदलने के मूड में थी। 2020 में जहां वोटिंग प्रतिशत 57.09 था। वहीं, 2025 में यह उछलकर 67 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गया। महिलाओं और युवाओं की रिकॉर्ड भागीदारी ने बिहार के राजनीतिक मानचित्र को नया आकार दिया है। राजनीतिक विश्लेषक चन्द्रमा तिवारी मानते हैं कि 2020 में बिहार ने स्थिरता चुनी थी, 2025 में उसने जवाबदेही मांगी है। यह वही जनता है जो अब नेताओं को नहीं, काम को वोट देती है।   पांच साल का फासला, राजनीति का कायाकल्प   बिहार की राजनीति में 2020 से 2025 के बीच सबसे बड़ा बदलाव गठबंधन की मजबूरी से निकलकर जनता की मजबूती तक का सफर रहा। 2020 में सरकार मुश्किल से बनी थी, 2025 में जनता ने लोकतंत्र की नींव को और मजबूत कर दिया। 2020 में बिहार ने 'किसको जिताना है' पूछा था। 2025 में बिहार ने 'कौन हमारे लायक है' तय कर दिया। इतिहास गवाह है कि 2020 ने सत्ता दी थी, 2025 ने सूरत बदल दी है। बिहार अब केवल राजनीति का मैदान नहीं, बल्कि लोकतंत्र का मापदंड बन चुका है।

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भूटान की दो दिवसीय राजकीय यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच ऊर्जा, नवीकरणीय संसाधन, स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाया। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक ने 1020 मेगावाट की पुनातसांगछू दो जलविद्युत परियोजना का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। मोदी ने भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना और गेलफू माइंडफुलनेस सिटी परियोजना के लिए भारत के पूर्ण समर्थन की घोषणा की।   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक के निमंत्रण पर 11 और 12 नवंबर को भूटान की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं। उन्होंने भूटान की जनता के साथ चौथे राजा जिग्मे सिंगे वांगचुक के 70वें जन्मदिन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और थिम्पू में चल रहे वैश्विक शांति प्रार्थना उत्सव में शामिल हुए।   पीएमओ में अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने भूटान के राजा, चौथे द्रुक ग्यालपो और प्रधानमंत्री डाशो त्शेरिंग तोबगे के साथ बैठक की। वार्ताओं में द्विपक्षीय सहयोग, क्षेत्रीय मुद्दों और वैश्विक मामलों पर चर्चा हुई। भूटान के राजा ने 10 नवंबर को दिल्ली में हुए विस्फोट में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। भारत ने इस एकजुटता और समर्थन के लिए भूटान का आभार जताया।   प्रधानमंत्री मोदी ने भूटान के आर्थिक प्रोत्साहन कार्यक्रम के लिए भारत की सहायता का आश्वासन दिया और असम के हातिसार में आव्रजन जांच चौकी स्थापित करने की घोषणा की। दोनों देशों ने सीमा पार संपर्क और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर बल दिया। दररंगा आव्रजन जांच चौकी, जोगीगोफा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और भूटान भारत रेल परियोजनाओं में हुई प्रगति का स्वागत किया गया।   भारत ने भूटान में ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 40 अरब रुपये की रियायती ऋण सहायता देने की घोषणा की। दोनों पक्षों ने 1200 मेगावाट की पुनातसांगछू एक परियोजना के मुख्य बांध निर्माण कार्य को फिर से शुरू करने के निर्णय का स्वागत किया और इसके शीघ्र पूरा होने पर सहमति जताई।   भारत और भूटान ने उर्वरक आपूर्ति, विज्ञान और प्रौद्योगिकी शिक्षा, वित्तीय प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष सहयोग जैसे नए क्षेत्रों में भी प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। यूपीआई के दूसरे चरण के तहत भूटानी नागरिक अब भारत में अपने मोबाइल अनुप्रयोगों से भुगतान कर सकेंगे।   प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान तीन समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए, नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग, स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र में सहयोग तथा मानसिक स्वास्थ्य संस्थागत साझेदारी पर। भूटान के राजगीर स्थित रॉयल भूटान मंदिर के अभिषेक और वाराणसी में भूटान मंदिर एवं अतिथि गृह के लिए भूमि आवंटन के भारत सरकार के निर्णय का भी स्वागत किया गया।  

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नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने भारत की रेटिंग को बढ़ा कर ओवरवेट कर दिया है। फर्म ने निफ्टी के लिए 2026 के अंत तक 29,000 अंक के स्तर तक पहुंचने का टारगेट भी दिया है। गोल्डमैन सैक्स ने 13 महीने पहले अक्टूबर 2024 में भारत की रेटिंग को घटाकर न्यूट्रल कर दिया था। साथ ही घरेलू शेयर बाजार के महंगे वैल्यूएशन के कारण 2026 के अंत तक के लिए निफ्टी के टारगेट को 27,500 से घटा कर 27,000 कर दिया था।   तेरह माह बीतने के बाद ब्रोकरेज फर्म ने भारत की रेटिंग को अपग्रेड करने के साथ ही निफ्टी के 2026 के अंत तक के टारगेट को भी मौजूदा स्तर से करीब 15 प्रतिशत बढ़ा कर 29,000 अंक के स्तर तक पहुंचा दिया है। गोल्डमैन सैक्स ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार में वैल्यूएशन अब आकर्षक स्तर पर पहुंच गए हैं। इसके साथ ही देश की मौद्रिक और आर्थिक नीतियां भारत के विकास की रफ्तार को सपोर्ट करने के साथ ही मजबूत भी कर रही हैं।   ब्रोकरेज फर्म ने अपनी कहा है कि भारतीय बाजार में ब्याज दरों में कटौती और जीएसटी के रेट में किए गए सुधार के बाद डिमांड और कंजप्शन (मांग और खपत) में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। विदेशी निवेशकों के सेंटीमेंट में भी अक्टूबर के महीने में लगातार सुधार होता हुआ नजर आया है। इसके अलावा मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के दौरान कॉरपोरेट सेक्टर के तुलनात्मक तौर पर बेहतर नतीजों ने भारत के फंडामेंटल स्ट्रेंथ को एक बार फिर रेखांकित कर दिया है।   रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय बाजार के निवेशकों को आने वाले समय में कंज्यूमर स्टेपल्स, फाइनेंशियल्स, डिफेंस और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों जैसे सेक्टरों पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए। हालांकि फर्म की इस रिपोर्ट में ये चेतावनी भी दी गई है कि कमाई में कमी, बाहरी आर्थिक चुनौतियां और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को लेकर बढ़ती चिंताएं बाजार के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं।   इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक के ब्याज दरों में नरमी, जीएसटी दर में कटौती और राजकोषीय सख्ती अगले दो सालों में भारत की ग्रोथ रिकवरी को मजबूत कर सकते हैं। ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में ये भी साफ किया है कि भारत की अर्निंग प्रति शेयर डाउनग्रेड साइकिल सामान्य 10 महीने की तुलना में ज्यादा लंबी चली है, लेकिन पिछले तीन महीनों से इसमें स्थिरता आई है। इसके साथ ही सितंबर तिमाही के नतीजे भी उम्मीद से बेहतर रहे हैं, जिससे चुनिंदा सेक्टर्स के अपग्रेडेशन की संभावना बनी है। गोल्डमैन सैक्स को उम्मीद है कि एमएससीआई इंडिया इंडेक्स में शामिल कंपनियों का प्रॉफिट ग्रोथ 2025 में 10 प्रतिशत से बढ़कर 2026 में 14 प्रतिशत हो सकती है। ब्रोकरेज फर्म की इस रिपोर्ट में भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ और ट्रेड डील को लेकर जारी बातचीत का भी उल्लेख किया गया है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका के साथ व्यापारिक तनावों में नरमी बाजार के लिए एक अतिरिक्त पॉजिटिव ट्रिगर बन सकती है। गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले महीनों में कई फैक्टर भारत में कंजप्शन को सपोर्ट करेंगे। इनमें महंगाई में गिरावट तथा जीएसटी स्लैब कम करने और दरों में कटौती करने की बात को सबसे अहम माना गया है। इसके साथ ही कृषि उत्पादन में ओवरऑल बढ़ोतरी होने की संभावना, 8वें वेतन आयोग के कारण वेतन में होने वाली संभावित बढ़ोतरी और राजनीतिक वजहों से होने वाले खर्च में बढ़ोतरी को भी कंजप्शन के लिए अहम फैक्टर माना गया है।   ब्रोकरेज फर्म की रिपोर्ट में कहा गया है कि बाजार की मजबूती और आने वाले दिनों के सकारात्मक संकेतों के कारण कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मीडिया, टेलीकॉम, टेक्नोलॉजी, फाइनेंशियल सर्विसेज और डिफेंस और ऑयल एंड गैस सेक्टर में सबसे ज्यादा तेज आ सकती है। हालांकि इस रिपोर्ट में ये भी स्पष्ट किया गया है कि निवेशकों को अपनी निवेश नीति वैश्विक जियो-पॉलिटिकल माहौल और बाजार की स्थिति को देखते हुए इनवेस्टमेंट एक्सपर्ट्स की सलाह लेकर बनानी चाहिए, अन्यथा उन्हें भारी नुकसान का भी सामना करना पड़ सकता है।    

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पटना । बिहार में सारण जिले के अकिलपुर थाना क्षेत्र के मानस नयापानापुर -42 पट्टी गांव में इंदिरा आवास योजना से बना एक पुराना मकान अचानक भरभरा कर गिर पड़ा। इस मलबे में सोते हुए पूरे परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई।   मृतकों में 32 वर्षीय बबलू खान, उनकी पत्नी 30 वर्षीय रौशन खातून, 12 साल की बेटी रुकसार, 10 साल का बेटा मोहम्मद चांद और सबसे छोटी दो साल की चांदनी शामिल हैं। रात का खाना खाकर परिवार हर रोज की तरह सोया था। मकान गिरते ही आसपास के लोग दौड़े आए। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत हाथों से मलबा हटाना शुरू किया। किसी ने पुलिस को फोन किया। मौके पर पहुंची अकिलपुर पुलिस ने भी बचाव कार्य में जुट गई, लेकिन जब तक शव बाहर निकाले गए, सभी ने दम तोड़ दिया था। एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया, वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।   वरीय पुलिस अधीक्षक-सारण कुमार आशीष ने बताया कि रात्रि लगभग 09:30 बजे थाना अकिलपुर अंतर्गत ग्राम मानस में एक अत्यंत दुःखद घटना घटित हुई, जिसमें एक ही परिवार के पांच सदस्यों की दर्दनाक मृत्यु हो गई । घटना की सूचना थाना अकीलपुर को रात्रि लगभग 9:45 बजे प्राप्त हुई, जिसके उपरांत पुलिस बल द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल पर पहुंच कर राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया गया।   कुमार आशीष ने कहा कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह ईंट एवं सीमेंट की पक्की छत वाला मकान लगभग 25-30 वर्ष पुराना बताया जा रहा है। देर रात अचानक मकान का छत गिर जाने से यह हादसा हुआ, जिसमें पांच व्यक्तियों की मृत्यु हो गई । कुमार आशीष ने कहा कि सभी मृतकों के शवों के मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट की प्रक्रिया पूर्ण कर पोस्टमार्टम हेतु दानापुर, पटना भेजा गया है। घटनास्थल पर स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस बल की उपस्थिति में सभी आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है । वर्तमान में विधि-व्यवस्था की स्थिति पूर्णतः सामान्य एवं आवश्यक अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।   मुख्यमंत्री ने संवेदना व्यक्त की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अकिलपुर थाना क्षेत्र के मानस नया पानापुर 42 पट्टी गांव में एक मकान की छत गिर जाने से गृहस्वामी समेत एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत पर मर्माहत है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना काफी दुःखद है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

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अहमदाबाद । गुजरात के गांधीनगर और पालनपुर से गिरफ्तार किए गए तीन आईएसआईएस (इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया) आतंकियों के बारे में एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इन गिरफ्तार आतंकियों ने लखनऊ स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यालय और दिल्ली के आजादपुर बाजार की रेकी की थी। तीनों आतंकी सोशल मीडिया के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में आए और बदला लेना है, कुछ करना है, कई मुसलमानों को इकट्ठा करना है जैसी बातें करते थे। आतंकी आजाद सुलेमान शेख और मोहम्मद सुहैल ने पहले भी अहमदाबाद के संवेदनशील इलाकों और भीड़भाड़ वाली जगहों की रेकी की थी।   गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने बीते दिन केंद्रीय एजेंसियों के साथ एक संयुक्त अभियान में अहमदाबाद के पास से आईएसआईएस से जुड़े इन तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया था। ये आतंकी गुजरात और देश भर में बड़े आतंकी हमलों की साजिश रच रहे थे। इनकी पहचान आजाद सुलेमान शेख, मोहम्मद सुहैल और अहमद मोहिउद्दीन सैयद के रूप में हुई।   सूत्रों के अनुसार, ये आतंकी लखनऊ स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय और दिल्ली के भीड़भाड़ वाले आजादपुर बाजार की टोह ले रहे थे। दोनों ही जगहों को आतंकी हमले के संभावित ठिकानों के तौर पर चुना गया था। जांच ​​में पता चला है कि शेख और सुहैल ने राजस्थान के हनुमानगढ़ से हथियार इकट्ठा करके गांधीनगर के एक कब्रिस्तान में छिपा दिए थे। इसी बीच हैदराबाद निवासी मोहिउद्दीन इन हथियारों के साथ लौटने ही वाला था, लेकिन गुजरात एटीएस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 4 विदेशी पिस्तौल, 30 कारतूस और 40 लीटर अरंडी का तेल बरामद किया गया। मोहिउद्दीन के मोबाइल फोन की जांच से उसके दो साथियों के संपर्क और पूरे मॉड्यूल की गतिविधियों का पता चला है। इसके बाद, एटीएस ने दो अन्य आतंकियों को गिरफ्तार किया।   गुजरात एटीएस के डीआईजी सुनील जोशी के अनुसार, अहमद मोहिउद्दीन सैयद एक उच्च शिक्षित व्यक्ति है, जिसने चीन से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की है। वह आईएसआईएस-खुरासान प्रांत के सदस्य अबू खादिम के संपर्क में था, जिसने उसे भारत विरोधी गतिविधियों के लिए धन जुटाने और भर्ती अभियान चलाने का काम सौंपा था। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि मोहिउद्दीन साइनाइड से एक जहरीला पदार्थ तैयार करने की कोशिश कर रहा था। एटीएस फिलहाल इस बात की जांच कर रही है कि हथियारों की आपूर्ति कैसे की गई और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य स्लीपर सेल कहां सक्रिय हैं?  

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कटिहार । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को कटिहार के कोढ़ा विधानसभा से एनडीए से भाजपा प्रत्याशी कविता पासवान के समर्थन में विशाल जनसभा को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान में पहले चरण के मतदान में ही लोगों ने बिहार में एनडीए सरकार गठन का नीव डालने का काम किया।   गृहमंत्री ने कहा कि दूसरे चरण के मतदान के बाद जंगलराज वाले दूर-दूर तक दूरबीन से खोजने पर भी नजर नही आएंगे। सीमांचल सहित बिहार के अन्य क्षेत्र में हो रहे बंगालदेशी घुसपैठिये को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए अमित शाह ने लालू यादव, राहुल गाँधी पर जमकर हमला बोला।  उन्होंने कहा कि महागठबंधन वाले घुसपैठिये को बचाने में लगे हुए हैं।  बिहार में 'डिफेंस कॉरिडोर' के एनडीए के वादे को दोहराते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "मोदी जी राम मंदिर बनवाने का काम करते हैं, सीता माता मंदिर बनवाने का काम करते हैं, आतंकियों के घर में घुसकर मारने का काम करते हैं और कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाने का काम करते हैं। अब मोदी जी ने तय किया है कि बिहार में डिफेंस कॉरिडोर बनाएंगे।"उन्होंने एनडीए सरकार के काम गिनाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी ने सीमांचल और कटिहार के लिए ढेर सारे काम किए हैं। पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को विस्तारित करके कटिहार तक लाने वाले हैं। नारायणपुर से पूर्णिया तक 49 किमी लंबी सड़कें बनेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि दो हजार करोड़ से मनिहारी और साहेबगंज को जोड़ने वाला गंगा का पुल बन रहा है। इस तरह विकास के ढेर सारे काम यहां हो रहे हैं। डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना से न केवल बिहार के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, बल्कि राज्य की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।

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बेतिया । बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान में अब महज तीन दिन बचे हैं। लिहाजा, तमाम दलों के नेता मतदाताओं से अपनी-अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी बेतिया में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समेत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवारों के पक्ष में एक विशाल चुनावी सभा को संबोधित किया और लोगों से समर्थन मांगा।   पश्चिम चंपारण के जिला मुख्यालय बेतिया स्थित कुड़िया कोठी मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार के लोगों को कुशासन की नहीं, बल्कि विकास और सुशासन की सरकार चाहिए। बिहार के लोग किसी भी कीमत पर जंगलराज को वापस लौटने देना नहीं चाहते हैं। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने झूठे वादों का भ्रम फैलाने की कोशिश की है। पर उनके वादों पर तो खुद कांग्रेस को भरोसा नहीं है, इसलिए वह राजद के घोषणा पत्र की बात भी नहीं करते हैं।   प्रधानमंत्री ने दावा किया कि अबतक की सबसे बड़ी जीत के साथ बिहार में राजग की सरकार बनेगी। क्योंकि यह चुनाव राजग, नीतीश या मोदी नहीं लड़ रहा, बल्कि बिहार की जनता लड़ रही है।   प्रधानमंत्री मोदी ने महर्षि वाल्मीकि और माता सीता की धरती पर भोजपुरी भाषा में प्रणाम किया और कहा कि यहां के लोग हमेशा से न्याय करते आ रहे हैं। पश्चिम चंपारण इतिहास से जुड़ी हुई जगह है। देश की आजादी में चंपारण की धरती का बहुत बड़ा योगदान है। यहीं पर गांधी जी को महात्मा की उपाधि मिली। चंपारण संकल्प की धरती है।   उन्होंने कहा कि आप सभी को राजग के ईमानदार इरादों पर भरोसा भी है। आप सभी को नरेन्द्र मोदी और नीतीश कुमार पर भी भरोसा है। इसी भरोसा पर 06 नवंबर को हुए पहले चरण के मतदान में बिहार के लोगों ने जमकर मतदान किया है। राजग की सरकार बिहार में बनाना तय है। बस आप लोग 11 नवंबर को जमकर मतदान करें। बिहार में विकास ही विकास होगा।   प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं गरीबी से जी कर आया हूं। गरीबी क्या है? मैं अच्छी तरह से जानता हूं। मैंने इसी बेतिया से चुनाव अभियान शुरू किया था। उन्होंने कहा कि मोदी जो कहता है, उसे पूरा करके दिखाता है। अभी गयाजी में बिहार का सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बन रहा है और इसका फायदा इस पूरे बिहार को होगा। राम मंदिर बनाने की घोषणा की थी और उसे करके दिखा दिया हूं। अनुच्छेद 370 की दीवार गिरा दी है। हमने पहलगाम हमले का बदला लेने की बात इसी बिहार की धरती से कही थी। ऑपरेशन सिंदूर में तबाह होते पाकिस्तान को भी यहां के लोगों ने देखा है। बिहार के 1.40 करोड़ माताओं-बहनों के खाते में 10-10 हजार रुपये डाले गये है। इसका भी चुनाव के बाद विस्तार किया जाएगा।   प्रधानमंत्री ने कहा कि जंगलराजवालों के पास हर वह चीज है, जो निवेश और नौकरी के लिए खतरा है। अभी से बच्चों को रंगदार बनाने की बातें करते हैं। ये लोग खुली घोषणा कर रहे है, 'भैया की सरकार आएगी, तो कट्टा, दोनाली, फिरौती, रंगदारी होगी'। इनसे बहुत सतर्क रहना है। कांग्रेस और राजद वाले सत्ता के लिए किसी को भी धोखा दे सकते हैं। राजद ने कांग्रेस को सिर्फ वही सीटें दीं हैं, जहां वह 35-40 सालों से नहीं जीत पाई है।   प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार चुनाव के बाद जुब्बा साहनी (जुब्बा साहनी का जन्म मुजफ्फरपुर जिला के मीनापुर थाने के अंतर्गत चैनपुर बस्ती के अत्यंत निर्धन परिवार में हुआ था। भारत छोड़ो आन्दोलन के दौरान जुब्बा साहनी ने 16 अगस्त 1942 को मीनापुर थाने के अंग्रेज इंचार्ज लियो वालर को आग में जिंदा झोंक दिया था।) के नाम पर योजना शुरू की जाएगी। इससे मछली पालकों को लाभ मिलेगा।   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस वाले छठ पूजा को ड्रामा कहते हैं। छठी मइया की पूजा पूरी दुनिया कर रही है। ऐसा कहकर उन्होंने महिलाओं का अपमान किया है। इसका बदला आप 11 नवंबर को एक-एक वोट राजग के पक्ष में देकर लें।  

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वाराणसी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र व सांस्कृतिक नगरी वाराणसी से मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो के लिए चली नई वंदे भारत ट्रेन से यात्रियों ने पहली बार साढ़े सात घंटे में यात्रा पूरी की है। खजुराहो स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोगों ने ढोल नगाड़े और फूलों की बारिश कर स्वागत किया। ट्रेन में सवार यात्रियों, छात्रों और जनप्रतिनिधियों में इस ट्रेन को लेकर काफी उत्साह था। ट्रेन के स्वागत के लिए खजुराहो के पूरे रेलवे स्टेशन को फूलों और रेड कार्पेट से सजाया गया था। स्टेशन पर बड़ी संख्या में लोग वंदे भारत ट्रेन को देखने के लिए एकत्रित हुए थे। ट्रेन से उतरे यात्रियों और वंदे भारत ट्रेन पर लोगों ने फूल बरसाए और 'भारत माता की जय' के नारे लगाये। यह पहली बार है जब कोई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन सीधे खजुराहो स्टेशन पहुंची है, जिसे क्षेत्र के विकास और सुगम आवागमन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।   खजुराहो स्टेशन पर वंदे के स्वागत के लिए विधायक अरविंद पटेरिया एवं मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार मौजूद थे। इन दोनों के साथ उपस्थित अन्य नागरिकों ने ट्रेन और यात्रियों का स्वागत किया। स्टेशन परिसर “वंदे मातरम्” के जयघोष से गूंज उठा, जब यात्रियों ने इस ऐतिहासिक क्षण का उल्लासपूर्वक स्वागत किया   वंदे भारत ट्रेन में सवार महोबा के सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बिहार की राजनीति को लेकर विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब तक यहां विपक्ष की सत्ता थी, तब तक यह क्षेत्र नक्सलियों का गढ़ रहा लेकिन मोदी सरकार और राज्य सरकार की कड़ी कार्रवाई और उनको मुख्यधारा में लाने की नीतियों के चलते अब नक्सली नाममात्र के रह गए हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल के विपक्षी हो या बिहार के विपक्ष एसआईआर का विरोध इसलिए करते आये हैं, क्योंकि यहाँ घुसपैठी कम हो जायेंगे तो उनका वोट बैंक भी घट जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने आज सुबह प्रत्यक्ष रूप से उत्तर प्रदेश में बनारस से खजुराहो (मध्य प्रदेश) के लिए इस ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना किया था। प्रधानमंत्री ने इसके अलावा यहीं से लखनऊ से सहारनपुर, पंजाब के फ़िरोजपुर से दिल्ली और केरल के एर्नाकुलम से बेंगलुरु (कर्नाटक) के लिए तीन अन्य वंदे भारत ट्रेनों को वर्चुअली हरी झंडी दिखा कर रवाना किया।  

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वाशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डाेनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ व्यापार समझौते को लेकर जारी वार्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए आज स्पष्ट संकेत दिये कि वह अगले साल भारत की यात्रा कर सकते हैं।   यहां व्हाईट हाउस में गुरूवार काे संवाददाताओं से बातचीत में उन्हाेंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी काे एक 'दाेस्त' और 'बेहतरीन व्यक्ति' करार देते हुए कहा कि भारत ने काफी हद तक रूसी तेल की खरीद बंद कर दी है।   ट्रंप ने भारत के खिलाफ इस साल अगस्त में पचास प्रतिशत आयात शुल्क लगा दिए थे जिसमें से 25 प्रतिशत शुल्क रूस से तेल और हथियार खरीदे जाने के विराेध में लगाए गए। उनका आराेप है कि इस लेन- देन से रूस काे यूक्रेन के खिलाफ युद्ध जारी रखने में मदद मिल रही है। हालांकि भारत हमेशा से ही इस आराेप का खंडन करता रहा है।   गाैरतलब है कि ट्रंप का यह बयान उस समय आया है जब दाेनाे देश एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर एक उच्च स्तरीय वार्ता 'पूरी करने में संलग्न हैं।   संवाददाताओं द्वारा उनके भारत की यात्रा पर जाने की योजना के बारे में पूछे जाने पर उन्हाेंने संवाददाताओं से कहा," हम इस बारे में काम कर रहे हैं। मैं भारत जांऊगा। प्रधानमंत्री माेदी एक बेहतरीन व्यक्ति हैं और मैं वहां जरूर जाऊंगा।" ट्रंप ने कहा कि उनकी यह यात्रा अगले साल हाे सकती है।   उनका यह बयान भारत द्वारा इस साल "क्वाड" शिखर सम्मेलन की मेजबानी और उनकी वहां माैजूदगी के बारे में बनी अनिश्चितताओं के बीच आया है। क्वाड एक अनाैपचारिक मंच है जिसमें जापान, अमेरिका, आस्ट्रेलिया और भारत शामिल हैं और यह भारत- प्रशांत क्षेत्र में समृद्धि और सुरक्षा काे बढ़ाने के लक्ष्य के साथ गठित किया गया है। हालांकि इस शिखर सम्मेलन की तय तारीख के बारे में अभी काेई पुष्टि नहीं हुई है।   भारत द्वारा रूस से तेल आयात किए जाने के कारण भारत और अमेरिका के बीच महीनाें से बाधित व्यापार वार्ता हाल ही में बहाल हुई है। हालांकि भारत ने अभी तक रूस से तेल ना खरीदने के राष्ट्रपति ट्रंप के दावे की स्पष्ट ताैर पर पुष्टि नहीं की है। भारत चीन के बाद रूसी तेल का दूसरे सबसे बड़ा आयातक देश है। इस बीच ट्रंप प्रशासन भारत काे बाध्य कर रहा है कि वह रूस की बजाय अमेरिका से तेल और गैस का आयात करे। पिछले साल तक दाेनाें देशाें के बीच द्विपक्षीय व्यापार 190 अरब डालर तक पहुंच गया था जिसने अमेरिका काे भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार बना दिया था। प्रधानमंत्री माेदी और ट्रंप इसे 500 अरब डालर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखते हैं।   इस बीच नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की भारत यात्रा को लेकर बयान के बारे में प्रतिक्रिया पूछे जाने पर कहा कि उन्हें इस संदर्भ में किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं है। उन्हाेंने संवाददाताओं से कहा, "मैं इस समय आपकाें इस बारे में काेई जानकारी नहीं दे सकता। इस बाबत जानकारी मिलने पर मैं आप सबके साथ इसे साझा करूंगा।"  

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पटना । बिहार के औरंगाबाद और भभुआ में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि अनुसूचित समाज के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने किया अपमानित है। कांग्रेस के अनुसूचित समाज के प्रदेश अध्यक्ष को भी राजद ने अपमानित किया है। जंगलराज वालों के पास हर वो चीज है, जिससे यहां के लोगों को खतरा है।   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राजद नेताओं को जहां मौका मिलता है, वे कांग्रेस को अपमानित करने से बाज नहीं आते। कांग्रेस की कनपट्टी में कट्टा सटा कर राजद ने अपने को मुख्यमंत्री घोषित कराया। कांग्रेस को वही सीटें दी, जो दो दशक से राजद नहीं जीत पाई है। संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस को अनुसूचित जाति के प्रदेश अध्यक्ष को नहीं बुलाया गया।   प्रधानमंत्री ने भीड़ से पूछा कि अपनों को धोखा देनेवाले आपके हो सकते हैं क्या? राजद के लोग युवाओं को नौकरी देने की बजाय अभी से रंगदार बनाने में लग गए हैं। कट्टा, दोनाली, फिरौती, रंगदारी की पढ़ाई पढ़ाने लगे हैं। मोदी ने आगे कहा कि जंगल राज वाले नौकरी के बदले जमीन घोटाला मामले में जमानत पर चल रहे हैं। ये नौकरी क्या देंगे आप सोच सकते हैं। भीड़ से पूछा- बिहार को कट्टा सरकार चाहिए क्या, आवाज आई नहीं।   पहले चरण के मतदान में हुए बंपर मतदान पर प्रधानमंत्री ने कहा कि अभी से ही पराजय का कारण ढूंढने में राजद-कांग्रेस के लोग लग गए हैं। इस बार बिहार में राजग की अब तक सबसे बड़ी जीत होगी। महिलाओं का सम्मान करना राजग जानती है। पहले नगर निकाय व पंचायत चुनाव में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया, फिर नौकरी में 35 प्रतिशत और अब रोजगार के लिए एक करोड़ 40 लाख बहनों के खाते में 10-10 हजार रुपये दिए गए। रोजगार के लिए उन्हें दो लाख रुपये दिए जाएंगे।   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने याद दिलाते हुए कहा, " मैंने जो कहा वही किया। कश्मीर से धारा-370 समाप्त कराया। अगड़े वर्ग के गरीबों को आर्थिक सुधार के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण दिया। मैं जो कहता हूं वहीं करता हूं। बिहार में 60 लाख गरीब परिवारों को पक्का घर दिया। इसमें सभी वर्ग के लोग शामिल हैं। घर-घर मुफ्त बिजली के साथ किसानों को सम्मान राशि दी जा रही है। इस बार सरकार बनी, तो किसानों के सम्मान राशि में तीन हजार की बढ़ोतरी होगी। प्रत्येक वर्ष किसानों को नौ हजार रुपये मिलेंगे।"   प्रधानमंत्री ने मंच से राजग उम्मीदवारों को विजयी बनाने और बिहार में एक बार फिर से राजग की सरकार बनाने का आह्वान किया।

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पटना । बिहार विधानसभा चुनाव में पहले चरण के मतदान के बाद सियासी दिग्गजों ने दूसरे चरण में अपनी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को जमुई में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) उम्मीदवार के पक्ष में एक जनसभा को संबोधित किया और लोगों से समर्थन मांगा।   जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि कभी लाल गलियारे का गढ़ माने जाने वाला जमुई आज विकास की नई इबारत लिख रहा है। यह वही जमुई है, जो लाल आतंक के साये में था। यही वह जमीन थी, जहां नक्सलवादियों ने अपना ठिकाना बना लिया था, मगर आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नीतीश कुमार की डबल इंजन सरकार ने बिहार से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त कर विकास के मार्ग पर लाने का काम किया है।   अमित शाह ने कहा कि पहले बिहार के कई जिलों में भय का माहौल इतना था कि दोपहर तीन बजे तक ही मतदान कराया जाता था। अब शाम पांच बजे तक मतदान चलता है, क्योंकि डर का वातावरण खत्म हो गया है। उन्होंने लालू–राबड़ी शासन पर हमला करते हुए कहा कि उन दिनों बारात जाती थी, तो उगाही के लिए लोग कट्टा लेकर पहुंच जाते थे। अपहरण, फिरौती और नरसंहार आम बात थी। यही था उस दौर का बिहार। उसी जंगलराज ने राज्य की फैक्ट्रियां और कारोबार बंद करा दिए और बिहार को गरीबी की ओर धकेल दिया।   अमित शाह ने कहा कि बिहार सुशासन से विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। बिहार की जनता ने चुनाव के पहले चरण में ही डंके की चोट पर ये ऐलान कर दिया है कि जंगलराज भेष बदलकर, कपड़े बदलकर और चेहरा बदलकर आना चाहता है, लेकिन हम उसे आने नहीं देंगे। जमुई की जनता को आगाह करते हुए अमित शाह ने कहा कि अगर आपसे जरा भी गलती हुई, तो फिर से जंगलराज आने वाला है।   गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10 साल के अंदर बिहार के हर कोने में इंफ्रास्ट्रक्चर बनाकर, रोड, पुल, पुलिया, बिजली के कारखाने, गन्ने की फैक्ट्रियां, इथेनॉल और खाद की फैक्ट्रियां लगाकर विकास की शुरुआत की है। अगले 5 साल बिहार को विकसित बनाने के हैं।   उन्होंने कहा कि कल ही चुनाव के पहले चरण का मतदान समाप्त हुआ है और लालू–राहुल की पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया है। अब जमुई में भी उनका खाता नहीं खुलना चाहिए। यहां की सभी चारों सीटें राजग के खाते में डालनी हैं। जमुई में महागठबंधन के उम्मीदवारों को हराना है, उनका खाता नहीं खुलना चाहिए। जनता से उन्होंने अपील करते हुए कहा कि यहां की सभी चारों सीटें राजग के पाले में आनी चाहिए।  

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  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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नई दिल्ली । आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 की विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम के सदस्यों ने गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। राष्ट्रपति ने टीम की प्रत्येक सदस्य को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने विश्व कप जीतकर इतिहास रच दिया है।   द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि देश-विदेश के करोड़ों भारतीय इस ऐतिहासिक विजय का उत्सव मना रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि यह टीम भारत का प्रतिबिंब है। वे अलग-अलग क्षेत्रों, सामाजिक पृष्ठभूमियों और परिस्थितियों से आती हैं, लेकिन वे एक टीम हैं – टीम इंडिया। यह टीम भारत के सर्वश्रेष्ठ रूप को प्रदर्शित करती है। राष्ट्रपति ने कहा कि टीम ने सात बार की विश्व विजेता और तब तक अपराजित ऑस्ट्रेलियाई टीम को हराकर सभी भारतीयों के आत्मविश्वास को और सशक्त किया है। एक मज़बूत टीम के विरुद्ध कठिन मुकाबले में बड़े अंतर से फाइनल जीतना टीम इंडिया की उत्कृष्टता का यादगार उदाहरण है।   राष्ट्रपति ने महिला टीम को कहा कि आप सब रोल मॉडल बन गई हैं। नई पीढ़ी, विशेष रूप से लड़कियां, आपसे प्रेरणा लेकर जीवन में आगे बढ़ेंगी। उन्हें विश्वास है कि जिस समर्पण और साहस से आपने इतिहास रचा है, उसी भावना से भविष्य में भी भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएंगी। राष्ट्रपति ने कहा कि खिलाड़ियों ने उम्मीद और निराशा के उतार-चढ़ाव को अवश्य अनुभव किया होगा। कभी-कभी उन्हें नींद भी नहीं आई होगी, पर उन्होंने हर चुनौती पर विजय प्राप्त की। उन्होंने कहा कि न्यूज़ीलैंड पर जीत के बाद लोगों का विश्वास और भी मजबूत हुआ कि उतार-चढ़ाव के बावजूद हमारी बेटियां अवश्य जीतेंगी।   राष्ट्रपति ने कहा कि टीम की सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत, उत्कृष्ट खेल कौशल, दृढ़ निश्चय, परिवारों का स्नेह और क्रिकेट प्रेमियों का आशीर्वाद रहा है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट जैसे टीम गेम में सभी खिलाड़ियों का हर समय पूर्ण समर्पित रहना आवश्यक होता है। राष्ट्रपति ने हेड कोच, बॉलिंग कोच, फील्डिंग कोच और सपोर्ट स्टाफ की भी सराहना की और शुभकामनाएँ दीं कि वे अपने प्रदर्शन से टीम इंडिया के लिए सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करते रहें।

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भागलपुर। बिहार में भागलपुर के हवाई अड्डा मैदान में गुरुवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि बिहार का विकास एनडीए सरकार का एजेंडा है। प्रधानमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए स्वदेशी अपनाने की अपील करते हुए कहा कि आप लोग स्वदेशी को अपनाएं तभी हम आत्मनिर्भर बनेंगे। आपको अपने वोट से राजद और कांग्रेस का परमानेंट इलाज करना है   प्रधानमंत्री ने कहा कि भागलपुर का सिल्क, मधुबनी पैंटिग और मुजफ्फरपुर की लीची पूरे विश्व में प्रचलित है। हमें उसे अपनाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और राजद वालों ने हमारे आस्था का अपमान किया है। ये बिहार का अपमान है कि नहीं? छठ महापर्व का अपमान करने वाले को कड़ी से कड़ी सजा देना है। इन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए माओवादी को बढ़ा दिया। अब घुसपैठियों को घुसाने में लगे हैं। आपको अपने वोट से राजद और कांग्रेस का परमानेंट इलाज करना है।   प्रधानमंत्री मोदी ने मंच से एनडीए की जीत का आशीर्वाद जनता से मांगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में दो ही ऐसी जगह है जहां गंगा उत्तरवाहिनी होती है। पहला बनारस और दूसरा भागलपुर। भागलपुर संघर्ष और सम्मान की धरती है। इसने दो वीर दिए जिन्होंने देश का इतिहास बदल दिए। तिलकामांझी ओर कादम्बनी गांगुली। विक्रमशिला की भूमि ने देश और विश्व को ज्ञान का रास्ता दिखाया है।   प्रधानमंत्री ने कहा कि अब तक बिहार चुनाव के पहले चरण में जो मतदान हुए हैं उसकी शानदार तस्वीर सामने आ रही हैं। बिहार की माताएं बहने बिहार से जंगलराज वालों को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए मतदान कर रही है। आज सब वोट देने की सारी रिकॉर्ड तोड़ रही है। बिहार में कांग्रेस और राजद ने सरकार चलाई लेकिन उन्होंने महिलाओं को जीविका दीदी बनाने का काम किया। न खाते में पैसे दिए, आज एनडीए सरकार द्वारा दिया गया सभी बहनों के 1 करोड़ 40 लाख के खातों में 10 हजार पहुंच चुका है। अगर वो सरकार अभी होती तो ये राशि कांग्रेस और राजद के खाते में चली जाती।   प्रधानमंत्री ने कहा कि ये इंडी गठबंधन वाले एक दूसरे को नीचे दिखाने का काम करते हैं। राजद के बैनर में कांग्रेस के नेता की तस्वीर दूरबीन से खोजने से मिलेगी। यही हाल कांग्रेस में है। उनके नेता किसी राजद के नामदार का नाम नहीं लेते। राजद ने कांग्रेस की कनपटी पर कट्टा रख कर मुख्यमंत्री के उम्मीदवार की घोषणा करवाई। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी चौबे, मेयर डा. बसुंधरा लाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन, पूर्व सांसद अनिल यादव, कहकशां परवीन, सांसद अजय कुमार मंडल, गिरीधारी लाल यादव, विधान पार्षद डा. एनके यादव, विजय कुमार सिंह, सहित कई नेता मंच पर मौजूद थे।  

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नई दिल्‍ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित बैंक धोखाधड़ी एवं धन शोधन मामले में रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी को अगले हफ्ते एक बार फिर पूछताछ के लिए बुलाया है। ईडी ने 66 वर्षीय उद्योगपति से अगस्त में पूछताछ की थी। आध‍िकारिक सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि अनिल अंबानी को स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) में कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन मामले में पूछताछ के लिए 14 नवंबर को केंद्रीय जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है। ईडी ने हाल ही में अनिल अंबानी की रिलायंस समूह की कंपनियों के खिलाफ अपनी जांच के तहत 7,500 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्‍त की है। उल्‍लेखनीय है कि ईडी का ये ताजा समन अनिल अंबानी और उनके समूह की कंपनियों से जुड़ी 7,500 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को जब्‍त करने के दो दिन बाद आया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत चार अस्थायी जब्‍ती आदेश जारी किए हैं।

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  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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मीरजापुर । उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जनपद में बुधवार सुबह चुनार रेलवे स्टेशन पर बड़ा रेल हादसा हो गया। नेताजी एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से 8 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जिनमें 6 महिलाएं हैं। हादसे में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घटना सुबह करीब 9:30 बजे चुनार रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर हुई। बताया जा रहा है कि चोपन से आई पैसेंजर ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचने के बाद कार्तिक पूर्णिमा पर्व के चलते भीड़ अधिक होने से कुछ श्रद्धालु प्लेटफॉर्म की ओर न उतर कर दूसरी तरफ ट्रैक से नीचे उतरने लगे। तभी तेज रफ्तार से आई नेताजी एक्सप्रेस उसी ट्रैक से गुजर गई। श्रद्धालु कुछ समझ पाते, इससे पहले ही ट्रेन ने कई लोगों को चपेट में ले लिया। दुर्घटना के बाद मौके पर दिल दहला देने वाला मंजर था। रेलवे ट्रैक पर चारों ओर लोगों के शव बिखर गए। शवों के टुकड़ों को पुलिस ने बड़ी मशक्कत से समेट कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घायल यात्रियों को तुरंत जिला अस्पताल व अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है। मृतकों में अधिकांश कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए गंगा घाट जा रहे श्रद्धालु बताए जा रहे हैं।   अपर पुलिस अधीक्षक आपरेशन मनीष मिश्रा ने बताया कि इस हादसे में 6 महिला मृतकों की पहचान कर ली गई है। इनमें सविता (28) पत्नी राजकुमार निवासी कमरिया थाना राजगढ़, साधना (16) पुत्री विजय शंकर बिंद, शिव कुमारी (12) पुत्री विजय शंकर, अप्पू देवी (20) पुत्री श्याम प्रसाद, सुशीला देवी (60) पत्नी स्व. मोतीलाल निवासी महुआरी थाना पड़री, कलावती देवी (50) पत्नी जनार्दन यादव निवासी बसवा थाना कर्मा जनपद सोनभद्र हैं। अन्य मृतकों की पहचान करने के साथ अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।   हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और राहत कार्य शुरू कराया। उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हृदयविदारक घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार और राहत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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नई दिल्ली । कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को नई दिल्ली के इंदिरा भवन में ‘एच फाइल्स’ नाम से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हरियाणा चुनाव में बड़े पैमाने पर वोट चोरी के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि हरियाणा में जो हुआ, वही अब बिहार में भी दोहराया जा सकता है।   यह प्रेस कॉन्फ्रेंस उस वक्त हुई, जब गुरुवार बिहार में पहले चरण की 121 विधानसभा सीटों के लिए मतदान होना है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि हरियाणा में करीब 25 लाख फर्जी वोटर बनाए गए हैं और यह एक 'संगठित वोट चोरी' का मामला है। उन्होंने दावा किया कि यह फर्जीवाड़ा किसी स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि उच्च स्तर पर किया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में कुल लगभग दो करोड़ वोटर हैं, जिनमें से हर आठवां मतदाता फर्जी है।   उन्होंने आंकड़े देते हुए कहा कि हरियाणा में 25,41,144 वोट फर्जी हैं। इनमें 5,21,619 डुप्लीकेट वोटर, 93,174 अमान्य पते, और 19,26,351 बल्क वोटर शामिल हैं। इसके अलावा फॉर्म-6 (नाम जोड़ने) और फॉर्म-7 (नाम हटाने) का भी बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया, लेकिन चुनाव आयोग ने अब इन आंकड़ों तक पहुंच रोक दी है। राहुल गांधी ने बताया कि यह मामला बेहद गंभीर है, क्योंकि इतनी बड़ी वोट चोरी के बावजूद कांग्रेस पार्टी सिर्फ 22,779 वोटों के अंतर से हारी। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम सुनियोजित तरीके से प्रभावित किए गए।   कांग्रेस नेता ने ब्राजील की एक मॉडल की तस्वीर दिखाते हुए दावा किया कि उसी फोटो का इस्तेमाल अलग-अलग नामों से हरियाणा के कई बूथों पर 22 बार वोट डालने के लिए किया गया। उन्होंने कहा कि यह मॉडल कभी ‘सीमा’, कभी ‘सरस्वती’ और कभी ‘स्वीटी’ के नाम से वोटर लिस्ट में दर्ज है। उन्होंने बताया कि हरियाणा के दो बूथों पर एक ही महिला की फोटो 223 बार दोहराई गई। यह भी आरोप है कि शशांक गिरी नाम के व्यक्ति ने बूथ नंबर 431 और 508 में 14 बार वोट किया, जबकि रुद्राभिषेक जैन और नमन जैन नाम के दो भाइयों ने बूथ 130 और 131 में 18 बार मतदान किया।   राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव आयोग चाहे, तो एक साधारण प्रक्रिया चलाकर एक जैसे फोटो या पते वाले सभी नकली वोटरों को तुरंत पहचान सकता है, लेकिन वह ऐसा नहीं किया जा रहा है। राहुल गांधी ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का एक वीडियो भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में चलाया, जिसमें सैनी नतीजे आने से पहले यह कहते दिखे कि “बीजेपी एकतरफा सरकार बना रही है।” राहुल गांधी ने इस वीडियो को साजिश का सबूत बताया। उन्होंने कहा कि हरियाणा में कांग्रेस उम्मीदवारों को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी है।   राहुल गांधी ने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ कि पोस्टल बैलेट और फाइनल रिजल्ट में भारी अंतर था। जब हमने जांच की, तो सामने आया कि युवाओं का भविष्य चुरा लिया गया है। राहुल गांधी ने कहा कि यही पैटर्न बिहार में भी देखा जा रहा है। उन्होंने कुछ मतदाताओं को मंच पर बुलाकर दावा किया कि उनके और उनके परिवारों के नाम वोटर लिस्ट से बिना वजह काट दिए गए हैं। राहुल गांधी ने कहा कि भारत में अब जेन-जी और युवा ही सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलकर लोकतंत्र बचा सकते हैं।

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नई दिल्ली । घरेलू सर्राफा बाजार में चांदी के भाव में भी लगातार गिरावट का रुख बना हुआ है। आज इस चमकीली धातु की कीमत में 4,000 रुपये से लेकर 5,100 रुपये प्रति किलोग्राम तक की गिरावट आ गई है। इस गिरावट के कारण देश के अलग अलग सर्राफा बाजारों में चांदी 1,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम से लेकर 1,64,900 रुपये प्रति किलोग्राम तक के भाव पर बिक रही है। दिल्ली में आज चांदी की कीमत गिर कर 1,50,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई है। इसी तरह मुंबई, अहमदाबाद, कोलकाता, जयपुर, सूरत और पुणे में चांदी 1,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बनी हुई है। वहीं, बेंगलुरु में चांदी 1,51,000 रुपये के स्तर पर और पटना तथा भुवनेश्वर में 1,50,400 प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है। देश में चांदी की सबसे अधिक कीमत अभी भी चेन्नई और हैदराबाद में है, जहां ये चमकीली धातु आज 5,100 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट के बावजूद 1,64,900 रुपये के स्तर पर बनी हुई है। चेन्नई और हैदराबाद में चांदी पिछले 3 सप्ताह के दौरान 42 हजार रुपये से ज्यादा सस्ती हो चुकी है। इन दोनों शहरों में 15 अक्टूबर को चांदी 2,07,700 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर कारोबार कर रही थी, लेकिन अब इन दोनों शहरों में इसकी कीमत में 42,800 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट आ चुकी है।  

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  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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पटना । बिहार विधानसभा चुनाव के कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने साेमवार को सोनबरसा में एक जनसभा को संबोधित किया। चुनाव के प्रचार अभियान के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि आज बिहार की सरकार वास्तव में दिल्ली से संचालित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य से जुड़े सारे निर्णय केंद्र से लिए जा रहे हैं और मुख्यमंत्री की भी कोई सुनवाई नहीं होती।   कांग्रेस नेता प्रियंका गाधी ने कहा कि महागठबंधन जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा है और बिहार को एक नया दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अब समय आ गया है कि बिहार के लोग उन ताकतों से सावधान रहें जो सिर्फ वादे करती हैं। इस बार अपने बच्चों के भविष्य और बिहार की तरक्की के लिए महागठबंधन को भारी मतों से विजयी बनाइए। प्रियंका गाधी े कहा कि बिहार की जनता बेरोजगारी और पलायन का दंश झेल रही है, लेकिन सत्ता में बैठी पार्टियां पिछले 20 सालों से जनता को भटकाने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री को एक सुझाव देना चाहती हूं। एक नया मंत्रालय बना दीजिए, ‘अपमान मंत्रालय’। वे हमेशा सूची बनाते रहते हैं कि किसने उन्हें गाली दी, किसने उनका अपमान किया। वे अपना समय क्यों व्यर्थ कर रहे हैं? यह काम अपमान मंत्रालय कर देगा।प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री को अपना समय देश के विकास और युवाओं को रोजगार देने में लगाना चाहिए, न कि विरोधियों के बयानों पर प्रतिक्रिया देने में। उन्होंने केंद्र सरकार पर बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।उन्होंने जनसमूह से आह्वान किया कि वे राज्य के भविष्य और अपने बच्चों के बेहतर कल के लिए सोच-समझकर मतदान करें।प्रियंका गांधी की इस जनसभा में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। सभा के दौरान उन्होंने रोजगार, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को लेकर कांग्रेस की प्राथमिकताओं को भी रेखांकित किया।

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भोपाल । मध्‍य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऑलराउंडर मध्य प्रदेश की छतरपुर जिले की घुवारा की क्रांति गौड़ को एक करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है। महिला विश्व कप क्रिकेट प्रतियोगिता की विजय यात्रा में भारत को पहली बार विश्व विजेता बनने में क्रांति गौड़ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के भवन के लोकार्पण और समाधान योजना के शुभारंभ के बाद मीडिया से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रविवार रात देश की बेटियों ने आईसीसी महिला एक दिवसीय वनडे वर्ल्ड कप-2025 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास रच दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत के उच्चतम प्रतिमान स्थापित करते हुए आगे बढ़ने का यह अभूतपूर्व प्रमाण है। साथ ही प्रदेश में खेल को प्रोत्साहित करने के लिए क्रियान्वित योजनाओं का प्रतिफल भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय टीम पहली बार आईसीसी वर्ल्ड चैंपियन बनी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी खिलाड़ियों और देशवासियों को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की जीत पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।गौरततलब है कि इस ऐतिहासिक जीत में प्रदेश की बेटी और टीम की ऑलराउंडर क्रांति गौड़ की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। ऑल राउंडर क्रांति ने पाकिस्तान के खिलाफ (ग्रुप स्टेज) मैच में भी 3 खिलाड़ियों को आउट किया था। इस मुकाबले में उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था। बुंदेलखंड की बेटी क्रांति गौड़ घरेलु क्रिकेट के साथ अंतरराष्ट्रीय और डब्ल्यूपीएल में अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन से झंडे गाड़ रही हैं। वे परिवार में 6 भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं।  

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सहरसा । बिहार विधानसभा के लिए पहले चरण के लिए होने वाले मतदान का प्रचार अभियान अब अपने अंतिम चरण में है।तमाम दलों के नेता प्रदेश की जनता से अपने-अपने दलों के उम्मीदवारों के पक्ष में वोट करने की अपील कर रहे हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी पहले चरण की वोटिंग से पहले सहरसा में जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) समेत महागठबंधन के तमाम घटक दलों पर तीखा प्रहार किया।   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सहरसा में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार को एक बार फिर जंगलराज में धकेलने की कोशिश की जा रही है। राजद और कांग्रेस ने बदले की राजनीति में बिहार का विकास रोक दिया था। बिहार का फैसला अब सिर्फ बिहार का नहीं, बल्कि भारत के भविष्य का फैसला होगा। उन्होंने कहा कि जंगलराज की राजनीति को जनता ने एक बार हराया था और अब 2025 में उसे इतिहास से मिटा देने का समय आ गया है।   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की पहचान अब भ्रष्टाचार या डर नहीं, बल्कि विकास, डिजिटल शक्ति और वैश्विक सम्मान से है। जो लोग बिहार को 90 के दशक में अंधेरे में छोड़ गए थे, वे अब देश को पीछे धकेलना चाहते हैं। कांग्रेस और राजद की पहचान विनाश से है, जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की पहचान विकास से है।   प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि दिल्ली की कांग्रेस नीत सरकार ने राजद के साथ मिलकर बिहार का पैसा रोक दिया था, विकास योजनाओं पर ताले लगा दिए थे। यह बदले की राजनीति थी, बिहार की जनता को सजा दी गई थी। डॉ. मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकार ने कोसी महासेतु जैसे प्रोजेक्ट लटकाए रखे, सिर्फ इसलिए कि नीतीश सरकार राजग की थी। कांग्रेस-राजद ने बिहार के साथ दुश्मनी निभाई, बिहार के हक का पैसा रोक लिया।   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2014 में आपने (बिहार की जनता) मुझे दिल्ली भेजा, तो बदला लेने वालों को हमने वहीं से हटा दिया और कोसी महासेतु को पूरा कर बिहार की जनता को समर्पित किया।   दिल्ली में बैठे लोगों ने बिहार के विकास को रोकने की कसम खा ली थी   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दिल्ली की सरकार राजद के समर्थन से चल रही थी, इसलिए उन्होंने बिहार के खिलाफ बदला लेने की राजनीति की। उस समय दिल्ली में बैठे लोगों ने बिहार के विकास को रोकने की कसम खा ली थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और राजद ने कोसी, मिथिलांचल और पूरे बिहार को बर्बादी के रास्ते पर धकेला, लेकिन अब डबल इंजन की सरकार ने विकास की गाड़ी को नई रफ्तार दी है।   कांग्रेस-राजद की डिक्शनरी में सिर्फ ‘कट्टा और करप्शन’   प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर व्यंग्य करते हुए कहा कि राजद और कांग्रेस की डिक्शनरी में सिर्फ कट्टा, करप्शन, कुशासन और कटुता जैसे शब्द हैं। यही उनकी असली राजनीति है, जबकि राजग विकास, सुशासन और आत्मनिर्भर बिहार की बात करता है।   जंगलराज वालों को ऐसा पराजय दो कि लौटने का सपना भी न देखें   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि 2010 जैसा माहौल फिर लौट आया है। सहरसा से लेकर सुपौल और मधेपुरा तक जनता का जोश बता रहा है कि 'फिर एक बार, एनडीए सरकार'। उन्होंने बिहार की जनता से कहा कि जंगलराज वालों को ऐसा पराजय दो कि वे बिहार लौटने का सपना भी न देख सकें।   क्रिकेट से लेकर शिक्षा तक बेटियां आगे, यही है नए भारत की ताकत   प्रधानमंत्री ने अपने भाषण का बड़ा हिस्सा महिला सशक्तिकरण को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का मजाक उड़ाने वाले अब बेटियों की सफलता पर चुप हैं। बिहार की 1.40 करोड़ बहनों के खाते में जो पैसा पहुंचा है, उसे ये जंगलराज वाले रोकना चाहते हैं। उन्होंने महिला क्रिकेट विश्वकप जीतने पर भारतीय टीम को बधाई देते हुए कहा कि ये विजय भारत की बेटियों के आत्मविश्वास की मिसाल है।   वो दौर लौटा तो बेटियां फिर घर से निकलना छोड़ देंगी   प्रधानमंत्री मोदी ने सहरसा समेत पूरे बिहार की जनता को चेताया कि जिनके राज में बेटियां शाम ढलते ही घर लौट आती थीं, जिनके समय में लूट, अपहरण और हत्या बिहार की पहचान थी, वही अब विकास की बात कर रहे हैं। अगर ये लौटे तो फिर से वही डर, वही बदहाली लौटेगी।   राजद-कांग्रेस का डीएनए है लूट और झूठ   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राजद-कांग्रेस के राज में बिहार ने सबसे ज्यादा पीड़ा झेली। कोसी महासेतु का शिलान्यास अटलजी ने 2003 में किया, पर मनमोहन सरकार और राजद ने उसे रोक दिया। उन्होंने बिहार का पैसा काट दिया, योजनाओं को फाइलों में बंद कर दिया। जब आपने मुझे सेवा का मौका दिया तो हमने वही कोसी पुल बनाकर 2020 में बिहार को समर्पित किया। विपक्षी गठबंधन को वादों का ठेला बताते हुए उन्होंने कहा कि जिन्होंने बिहार का विकास रोका, अब वही झूठे वादे लेकर मैदान में हैं।   जंगलराज में रक्षक भी थे असुरक्षित   सहरसा के ऐतिहासिक संदर्भ में प्रधानमंत्री ने पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) सत्यपाल सिंह की शहादत का जिक्र करते हुए कहा कि जंगलराज में ईमानदार अधिकारियों को मार दिया जाता था। सड़के नहीं बनती थीं, सड़के बनाने वालों को उठा लिया जाता था। उस दौर में हर व्यापारी, हर ठेकेदार डर में जीता था, लेकिन नीतीश कुमार की सरकार ने जंगलराज को हटाकर सुसाशन दिया और अब डबल इंजन सरकार ने विकास की गति को कई गुना बढ़ा दिया है।   कोसी-मिथिलांचल बना विकास का हब   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बिहार में अब रेल, सड़क और उद्योगों का नया युग शुरू हुआ है। मधेपुरा की रेल फैक्ट्री ‘मेक इन इंडिया’ का गौरव बन गई है। अब वो दिन दूर नहीं जब बिहार में मोबाइल फोन और इलेक्ट्रिक गाड़ियां बनेंगी। 11,000 (ग्यारह हजार) करोड़ रुपये की तागत से कोसी-बागमती बेसिन में बाढ़ नियंत्रण योजनाएं चल रही हैं। मखाना और मत्स्य उद्योग को लेकर भी नई योजनाएं लाईं गई हैं। पहले बिहार दूसरे राज्यों से मछली मंगाता था, आज बिहार मछली दूसरे राज्यों को भेजता है।   बिहार बनेगा विकसित भारत की जड़   प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार की जनता जिस तरह लोकतंत्र की मशाल थामे हुए है, वह भारत की राजनीतिक परिपक्वता का प्रतीक है। बिहार में ही लोकतंत्र की जड़ें सबसे गहरी हैं। लिच्छवी गणराज्य से लेकर आज के भारत तक, यही भूमि तय करती है कि देश आगे बढ़ेगा या रुकेगा। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने 2010 में सुशासन का जो बीज बोया था, अब 2025 में वही विकसित भारत की जड़ बनेगा।   एआई और एग्रीटेक में बिहार होगा भारत का ग्रोथ इंजन   मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार बिहार को एआई, कृषि तकनीक और ग्रामीण स्टार्टअप्स के लिए हब बनाने की दिशा में काम कर रही है। पाटलिपुत्र एक बार फिर ज्ञान का केंद्र बनेगा। इस बार तक्षशिला नहीं, टेक्नोलॉजी और टैलेंट का संगम होगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल बिहार आने वाले दशक में भारत की अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकेगा, जहां मजदूरी से मोबाइल और हुनर से हुनरमंदी का युग शुरू होगा।   नालंदा की रौशनी बुझाने वालों को जवाब देगा बिहार   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस-राजद ने नालंदा विश्वविद्यालय के नाम पर सिर्फ 20 करोड़ रुपये दिए थे, जबकि हमारी सरकार ने 2000 करोड़ रुपये देकर नया कैंपस बनाया, जहां अब 21 देशों के छात्र पढ़ रहे हैं, जिनके राज में कॉलेजों के गेटों पर ताले लगते थे, वो आज शिक्षा की बातें कर रहे हैं।   घुसपैठियों को बचाने में लगे हैं विपक्षी   मोदी ने महागठबंधन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राजद और कांग्रेस को बिहार के भविष्य से नहीं, घुसपैठियों से लगाव है। जो घुसपैठिए आपकी जमीन और नौकरियां छीन रहे हैं, वे इन्हीं की राजनीति की कमाई हैं। बिहार को घुसपैठियों से बचाना है, बिहार को विकास के रास्ते पर रखना है।   बिहार की जनता तय करेगी विकास चाहिए या विनाश?   जनसभा के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार ने बहुत भुगता है। अब बिहार की जनता को फैसला करना है कि विकास चाहिए या विनाश? राजग की सरकार चाहिए या जंगलराज वालों का अत्याचार? सभा में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में नारा लगाया 'फिर एक बार, सुशासन सरकार'।

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पटना/आरा । बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज है। सभी दलों के नेता जनता को लुभाने में जुटे हुए हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी रविवार को बिहार में दो जनसभा और एक रोड शो कर रहे हैं। उन्होंने अपनी पहली जनसभा आरा में की और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के संकल्प पत्र में किए गए वादों को हर हाल में पूरा करने का दावा किया। उन्होंने विपक्षी महागठबंधन पर निशाना भी साधा।   बिहार के आरा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में चुनावी सभा को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि राजग का संकल्प है कि बिहार के युवा बिहार में काम करें और बिहार का नाम रोशन करें। इसके लिए हमने आने वाले दिनों में एक करोड़ रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का वादा किया है। यह सिर्फ एक घोषणा नहीं है, इसे साकार करने के लिए हमने एक ठोस योजना पेश की है। उन्होंने कहा कि संकल्प पत्र में किए गए वादों को राजग पूरा करती है और आगे भी पूरा करेगी।   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 'विकसित बिहार, विकसित भारत' की नींव है। विकसित बिहार का उनका विज़न औद्योगिक विकास और युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर पैदा करने पर केंद्रित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि आपके (बिहारवासियों के) सपने ही हमारा संकल्प हैं। इस बार भी बिहार की जनता राजग को रिकॉर्ड मतों से चुनाव जिताएगी। उन्होंने आगे कहा कि 'जंगल राज' के नेता सबसे करारी हार का रिकॉर्ड बनाएंगे।   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकसित बिहार के लिए राजग ने एक ईमानदार और दूरदर्शी घोषणापत्र पेश किया है। हमारी सभी योजनाएं और नीतियां बिहार के तेज विकास के लिए समर्पित हैं। एक तरफ राजग का ईमानदार घोषणापत्र है, वहीं दूसरी तरफ 'जंगल राज' गठबंधन ने अपने घोषणापत्र को धोखे और झूठ का दस्तावेज बना दिया है।   प्रधानमंत्री ने कहा, " मैं ‘जंगल राज’ वालों से कहना चाहता हूं कि ये भगवान जैसे लोग, बेवकूफ नहीं हैं। ये जनता है; ये सब जानती है।"   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने कांग्रेस की कनपटी पर कट्टा रख कर तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कराया। तेजस्वी पर सहमत नहीं थी कांग्रेस। घोषणा पत्र में भी कांग्रेस की नहीं सुनी गई। चुनाव के पहले ये हाल है, चुनाव के बाद सर फुटौव्वल करेंगे। सुशासन राजग ही दे सकता है, दे रहे हैं।    

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भोपाल । मध्य प्रदेश स्थापना दिवस की संध्या पर राजधानी भोपाल का आसमान तकनीक, संस्कृति और सृजनशीलता के अद्भुत संगम का साक्षी बना। लाल परेड ग्राउंड पर आयोजित “अभ्युदय मध्यप्रदेश” समारोह में आयोजित भव्य ड्रोन शो ने राज्य की गौरवशाली विरासत से लेकर आधुनिक विकास यात्रा तक की झलक एक साथ प्रस्तुत की।दरअसल, शाम सात बजे से शुरू हुए इस शो ने मात्र 15 मिनट में हजारों दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। “विरासत से विकास की ओर” थीम पर आधारित इस कार्यक्रम ने मध्य प्रदेश की आत्मा को आसमान में साकार कर दिया; परंपरा, प्रगति और नवाचार का ऐसा संगम, जिसने हर दर्शक के मन में गर्व और उत्साह भर दिया।उल्‍लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में 2000 ड्रोन का उपयोग एक साथ किसी आयोजन में हुआ है। शो के आरंभ में ड्रोन से उकेरे गए दृश्यों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। सबसे पहले भारत का मानचित्र बना, जिसमें मध्यप्रदेश को “देश के हृदय” के रूप में प्रदर्शित किया गया। इसके बाद प्रदेश के 55 जिलों का चित्रण हुआ, जो प्रदेश की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता को उजागर कर रहा था। फिर ड्रोन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की आकृतियाँ बनाईं, जो “विकसित भारत 2047” के दृष्टिकोण के साथ “अभ्युदय मध्यप्रदेश 2047” के लक्ष्य को जोड़ता प्रतीत हुआ।इसके बाद जैसे ही आकाश में सूर्योदय का दृश्य बना, ड्रोन ने सुनहरे रंगों में “अभ्युदय मध्यप्रदेश 2047” लिखा, जिससे पूरा वातावरण आशा और ऊर्जा से भर उठा।धर्म, संस्कृति और प्रकृति का समन्वयड्रोन शो का सबसे आकर्षक हिस्सा था महाकाल मंदिर और शिवलिंग की आरती का दृश्य। हजारों रोशनी से बने इन प्रतीकों ने मानो भोपाल के आसमान में उज्जैन की आध्यात्मिक छटा बिखेर दी। इसके बाद लोककला, मांडने और जनजातीय प्रतीकों की आकृतियाँ उभरकर आईं, जिन्होंने प्रदेश की लोकसंस्कृति की गहराई को दिखाया। जंगलों की भूमि मध्यप्रदेश की पहचान बने बाघ की छलांग, खेतों और सिंचाई के दृश्य, और उद्योग एवं एमपी इन्वेस्टर्स समिट के लोगो ने यह संदेश दिया कि राज्य परंपरा से निकलकर आधुनिक विकास की ओर दृढ़ता से बढ़ रहा है।विकास की उड़ान; मेट्रो, हाइवे और विज्ञान का संगमशो के अगले हिस्से में ड्रोन ने राजमार्ग, मेट्रो ट्रेन, और हवाई जहाज का जीवंत चित्रण किया। यह दृश्य राज्य की तीव्र गतिशीलता और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का प्रतीक था। इसके साथ ही जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान का संदेश पूरे आसमान में उभरा, जिसने दर्शकों के मन में गर्व और देशभक्ति की भावना जगा दी। ड्रोन द्वारा निर्मित वेधशाला और “अलौकिक सिंहस्थ 2028” का दृश्य कार्यक्रम की आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दृष्टि दोनों को जोड़ने वाला साबित हुआ। अंत में “अभ्युदय मध्यप्रदेश” का भव्य लोगो बनते ही आसमान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कार्यक्रम स्थल से शो का लाइव प्रसारण पूरे राज्य में किया गया, जिससे लाखों लोगों ने इस दृश्य आनंद का अनुभव घर बैठे लिया।लाल परेड ग्राउंड बना रोशनी और उत्सव का केंद्रपूरे आयोजन स्थल को आकर्षक रोशनी और सजावट से जगमगाया गया था। मंच पर पारंपरिक नृत्य, लोकगीत और प्रदेश की विविध लोकसंस्कृतियों की झलकें प्रस्तुत की गईं। राज्य स्थापना दिवस के इस आयोजन ने तकनीकी चमत्कार के साथ-साथ प्रदेश के सांस्कृतिक गौरव और आत्मविश्वास को भी नई ऊँचाई दी। लाल परेड ग्राउंड पर उपस्थित हजारों लोगों ने कहा कि यह शाम मध्यप्रदेश के इतिहास में “विरासत से विकास” की यात्रा का प्रतीक बन गई है। ड्रोन के बाद जो श्री कृष्‍ण चरित्र की मोहन प्रस्‍तुति हुई, उसने तो जैसे हजारों दर्शकों को भावविभोर कर दिया। कई दर्शकों की आंखों से आंसू तक झलकते हुए देखे गए। वहीं गायक जुबिन नौटियाल ने अंत तक लोगों को अपने गानों से मंत्रमुग्‍ध करके रखा।  

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हरिद्वार । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि हरिद्वार स्थित पतंजलि विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति ने कहा कि उपाधि पाने वाले विद्यार्थियों में 64 प्रतिशत संख्या बेटियों की हैं, जो पदक प्राप्त करने वाले छात्रों की तुलना में चौगुनी है। यहां शिक्षा प्राप्त कर रहे कुल विद्यार्थियों में बेटियों की संख्या 62 प्रतिशत है। यह केवल संख्या नहीं है, यह महिलाओं के नेतृत्व में आगे बढ़ने वाले विकसित भारत का अग्रिम स्वरूप है। मुझे विश्वास है कि हमारी शिक्षित बेटियां अपनी आंतरिक शक्ति और प्रतिभा से भारत-माता का गौरव बढ़ाएंगी।   राष्ट्रपति मुर्मु  रविवार को पतंजलि विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह काे संबाेधित कर रही थीं। राष्ट्रपति मुर्मु ने छात्र व छात्राओं काे उपाधि और मेडल प्रदान की। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रशंसा करने के साथ ही उनके जीवन-निर्माण में सहभागी अध्यापकों और अभिभावकों को भी शुभकामनाएं दी। इस माैके  पर राष्ट्रपति ने कहा कि उपाधि पाने वाले विद्यार्थियों में 64 प्रतिशत संख्या बेटियों की हैं, जो पदक प्राप्त करने वाले छात्रों की तुलना में चौगुनी है। यहां शिक्षा प्राप्त कर रहे कुल विद्यार्थियों में बेटियों की संख्या 62 प्रतिशत है। यह केवल संख्या नहीं है, यह महिलाओं के नेतृत्व में आगे बढ़ने वाले विकसित भारत का अग्रिम स्वरूप है। साथ ही, यह भारतीय संस्कृति की उस महान परंपरा का विस्तार है, जिसमें गार्गी, मैत्रेयी, अपाला और लोपामुद्रा जैसी विदुषी महिलाएं समाज को बौद्धिक और आध्यात्मिक नेतृत्व प्रदान करती थीं। मुझे विश्वास है कि हमारी शिक्षित बेटियां अपनी आंतरिक शक्ति और प्रतिभा से भारत-माता का गौरव बढ़ाएंगी। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि लोक-परंपरा में ‘हरि’-द्वार का यह परम पावन क्षेत्र ‘हर’-द्वार के नाम से भी जाना जाता है। इस परंपरा के अनुसार, यह पवित्र स्थान ‘हरि’ यानी विष्णु के दर्शन का द्वार भी है और ‘हर’ यानी शिव के दर्शन का भी द्वार है। ऐसे पवित्र भूखंड में देवी सरस्वती की आराधना करने वाले विद्यार्थी और आचार्य बहुत सौभाग्यशाली हैं। हिमालय के इस अंचल से अनेक पवित्र नदियां तो निकलती ही हैं, यहां से ज्ञान-गंगा की अनेक धाराएं भी प्रवाहित होती हैं। उनमें इस विश्व-विद्यालय की एक अविरल धारा भी जुड़ गई है। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की महान विभूतियों ने मानव-संस्कृति के निर्माण में अमूल्य योगदान दिया है। मुनियों में श्रेष्ठ, महर्षि पतंजलि ने योग के द्वारा चित्त की, व्याकरण के द्वारा वाणी की और आयुर्वेद के द्वारा शरीर की अशुद्धियों को दूर किया। उनको विनीत होकर, करबद्ध प्रणाम करने की हमारी परंपरा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय महर्षि पतंजलि की महती परंपरा को आज के समाज के लिए सुलभ कराया जा रहा है। योग एवं आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार में इस योगदान की सराहना करती हूं। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि विश्व बंधुत्व की भावना, प्राचीन वैदिक ज्ञान, नूतन वैज्ञानिक अनुसंधान का समन्वय और वैश्विक चुनौतियों का समाधान को विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक संदर्भों में आगे बढ़ा रहा है। विश्वविद्यालय के छात्र व शिक्षक सब इस ज्ञान-यज्ञ के गौरवशाली सहयोगी हैं। उन्होंने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम् का हमारा सांस्कृतिक आदर्श पृथ्वी एवं मानवता के समग्र कल्याण से अनुप्राणित है। उन्हाेंने कहा कि विश्वविद्यालय में योग एवं आयुर्वेद के शिक्षण को प्रमुखता दी जाती है। साथ ही, विज्ञान एवं अध्यात्म के समन्वय से शांतिपूर्ण जीवनशैली को अपनाने का मार्गदर्शन दिया जाता है। शिक्षा का यह मार्ग आपके जीवन-निर्माण में सहायक है तथा हमारे पूरे समाज के लिए कल्याणकारी है।   राष्ट्रपति ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता के एक अध्याय में, भगवान श्रीकृष्ण ने दैवी सद्गुणों और समृद्धियों के विषय में भी बताया है। उन्होंने दैवी सद्गुणों में ‘स्वाध्याय: तप आर्जवम्’ को शामिल किया है। स्वाध्याय का अर्थ है– निष्ठापूर्वक अध्ययन एवं मनन। तप का अर्थ है– कष्ट सहते हुए भी अपने कर्तव्य का पालन करना। आर्जवम् का अर्थ है– अन्तःकरण एवं आचरण की सरलता। दीक्षांत के बाद भी, स्वाध्याय की प्रक्रिया में आजीवन संलग्न रहना है। तपस्या और सरलता, जीवन को शक्ति देने वाले मूल्य हैं। सभी विद्यार्थी-गण स्वाध्याय, तपस्या एवं सरलता के जीवन-मूल्यों को अपनाकर अपने जीवन को सार्थक बनाएंगे। उन्होंने कहा कि व्यक्ति-निर्माण से परिवार-निर्माण होता है। परिवार-निर्माण से समाज और राष्ट्र का निर्माण होता है। एक संस्कार-वान व्यक्ति में साहस और शांति का संगम होता है। इस विश्वविद्यालय ने व्यक्ति-निर्माण से राष्ट्र-निर्माण का मार्ग अपनाया है। इसके लिए, मैं विश्वविद्यालय से जुड़े सभी लोगों की सराहना करती हूं। मुझे विश्वास है कि इस विश्वविद्यालय के पूर्व, वर्तमान व भावी विद्यार्थी सदाचार के साथ स्वस्थ समाज एवं विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

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- 1 नवंबर – मध्य प्रदेश स्थापना दिवस विशेष  (प्रवीण कक्कड़) भारत के मध्य में स्थित यह पावन भूभाग जब 1 नवंबर 1956 को “मध्य प्रदेश” नाम और स्वरूप में स्थापित हुआ, तब शायद किसी ने नहीं सोचा था कि यह प्रदेश आने वाले समय में संस्कृति, अध्यात्म, प्राकृतिक धरोहर और विकास का ऐसा जीवंत संगम बनेगा। आज मध्य प्रदेश केवल मानचित्र का केंद्र नहीं, भारतीयता का हृदय है। यहाँ की मिट्टी, यहाँ की बोलियाँ, यहाँ की नर्मदा और यहाँ का मानव—सभी में एक सहज अपनापन है। यही कारण है कि हर मध्य प्रदेशवासी गर्व से कहता है—यह प्रदेश “Heart of India” ही नहीं, “Soul of India” भी है।   इतिहास, अध्यात्म और कालजयी विरासत मध्य प्रदेश की हर धरा इतिहास की गाथा सुनाती है। सम्राट विक्रमादित्य की न्यायप्रियता से लेकर रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे जैसे महावीरों के साहस तक—यह भूमि त्याग, पराक्रम और संस्कृति की प्रतीक है। भीमबेटका की प्रागैतिहासिक चित्रगुफाएँ, साँची का स्तूप, मंदसौर का सूर्य मंदिर और भोजपुर का विशाल शिवालय—यह सिद्ध करते हैं कि यह प्रदेश सभ्यता का जनक और आस्था का आधार रहा है। और फिर उज्जैन… महाकाल की नगरी और ओम्कारेश्वर ज्योतिर्लिंग। जहाँ हर श्वास में “हर-हर महादेव” गूँजता है। यह प्रदेश केवल विरासत नहीं, बल्कि सजीव संस्कार है।   प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन सतपुड़ा की गोद, नर्मदा का आंचल और वन्य जीवन का अद्भुत संसार—मध्य प्रदेश प्रकृति की सर्वश्रेष्ठ रचना जैसा है। कान्हा, बांधवगढ़, पन्ना, पेंच और सतपुड़ा के जंगलों में जीवन की धड़कनें सुनाई देती हैं। भारत में बाघों की सबसे अधिक संख्या इसी प्रदेश की शान है। भेड़ाघाट के संगमरमर, तवा के शांत जल, मांडू की बादल घाटी और पचमढ़ी के शांत शिखर—हर गंतव्य प्रकृति और इतिहास दोनों का उत्सव है। इसीलिए मध्य प्रदेश को कई बार 'बेस्ट टूरिज्म स्टेट' का सम्मान मिला है।   अर्थव्यवस्था और प्रगति का उभरता केंद्र मध्य प्रदेश आज नीति, परिश्रम और प्रगति का प्रतीक है—   कृषि: सोयाबीन, दलहन एवं तिलहन उत्पादन में अग्रणी, कई बार कृषि कर्मण पुरस्कार से सम्मानित उद्योग और व्यापार: इंदौर—स्वच्छता और स्टार्टअप्स का मॉडल; भोपाल—हरियाली एवं स्मार्ट सिटी विकास का उदाहरण ऊर्जा: रीवा का सोलर प्रोजेक्ट वैश्विक पहचान शिक्षा व स्वास्थ्य: निरंतर सुधार और नवाचार सड़क व बुनियादी ढाँचा: गाँव से शहर तक जुड़ता आधुनिक विकास     संस्कृति, लोकजीवन और आत्मीयता मध्य प्रदेश की पहचान उसके लोग हैं। यहाँ की भाषा में मिठास है, व्यवहार में नम्रता है और संबंधों में आत्मीयता। पोहा-जलेबी से दाल-बाफला तक... मालवी, बघेली, निमाड़ी, बुंदेली सुरों से लेकर गोंड कला और भीली नृत्य तक—यह प्रदेश संस्कृति और जीवन का उत्सव है। यहाँ हर अतिथि का स्वागत स्नेह से होता है।   स्थापना दिवस: गर्व, चिंतन और संकल्प मध्य प्रदेश का स्थापना दिवस केवल इतिहास का स्मरण नहीं, भविष्य का संकल्प भी है। हमारा गर्व तभी सार्थक होगा जब हम अपने प्रदेश की पहचान में अपना योगदान जोड़ें। सिर्फ सरकारें प्रदेश नहीं बनातीं—जनता भी बनाती है। भविष्य की दिशा हमारे सामूहिक व्यवहार और दृष्टि से तय होती है। हम मध्य प्रदेश हैं — और यह हमारी जिम्मेदारी है प्रत्येक मध्य प्रदेशवासी का दायित्व है कि वह अपने प्रदेश को उत्कृष्ट बनाने में अपना योगदान दे—   - स्वच्छता को आदत बनाएँ, केवल अभियान नहीं - युवाओं में शिक्षा, कौशल और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा दें - पर्यटन स्थलों को संजोएँ, मार्गदर्शन और आतिथ्य को आदर्श बनाएँ - जनजातीय कला, लोकभाषाओं व स्थानीय शिल्पकारों को प्रोत्साहन दें - पर्यावरण व नदियों को बचाने का संकल्प लें—नर्मदा सिर्फ नदी नहीं, जीवन है - धैर्य, संवाद और सहयोग से सामाजिक सौहार्द को मजबूत करें - हर नागरिक अगर यह तय कर ले कि मुझे अपना प्रदेश आगे ले जाना है, तो कोई शक्ति मध्य प्रदेश को विश्व मानचित्र पर अग्रणी बनने से नहीं रोक सकती।   गर्व से कहें... यहाँ की मिट्टी में इतिहास है, हवाओं में अध्यात्म है, नदियों में जीवन है और दिलों में प्रेम। इसीलिए हम गर्व से कहते हैं—   “हम हैं मध्य प्रदेशवासी… भारत के हृदय की धड़कन।”   मध्य प्रदेश स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। जय मध्य प्रदेश। जय भारत।

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नई दिल्ली । ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) ने आज से 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कटौती कर दी है। हालांकि घरेलू उपयोग में आने वाले 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। मतलब घर के किचन के बजट में पर कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है। आज कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 4.50 रुपये से लेकर 6.50 रुपये तक की कटौती की गई है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक कीमत में की गई कटौती के बाद अब राजधानी दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 1,595.50 रुपये से कम होकर 1,590.50 रुपये हो गई है। पिछले महीने ही 1 अक्टूबर को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 15 रुपये तक की बढ़ोतरी की थी। इस बढ़ोतरी के बाद होटल, रेस्टोरेंट और कमर्शियल गैस का उपयोग करने वाले छोटे कारोबारियों पर महंगाई का बोझ बढ़ गया था। ऐसी स्थिति में आज कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में कटौती करके होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों को कुछ हद तक राहत दी गई है। ताजा कटौती में कोलकाता में कमर्शियल सिलेंडर के दामों में सबसे ज्यादा 6.50 रुपये की कमी की गई है। अब यहां 19 किलो का सिलेंडर 1,694 रुपये में मिल रहा है, जबकि अक्टूबर में इसका रेट 1,700.50 रुपये था। इसके अलावा, मुंबई में 19 किलो एलपीजी सिलेंडर का नया रेट 1,542 रुपये हो गया है, जो पिछले महीने से 5 रुपये कम है। वहीं चेन्नई में इसकी कीमत 1,750 रुपये तय की गई है, जो अक्टूबर के मुकाबले 4.5 रुपये कम है। इस कटौती के बाद पटना में अब 19 किलोग्राम वाला सिलेंडर 1,876 रुपये, नोएडा में 1,876 रुपये, लखनऊ में 1,876 रुपये, भोपाल में 1,853.50 रुपये और गुरुगाम में 1,607 रुपये में मिलेगा।   आज सिर्फ कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत मे ही कटौती हुई है। घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो के एलपीजी सिलेंडर (रसोई गैस) की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है। घरेलू उपयोग वाले सिलेंडर की कीमत में आखिरी बार 8 अप्रैल 2025 को बदलाव हुआ था। दिल्ली में इसकी कीमत अभी 853 रुपये है। इसी तरह कोलकाता में 879 रुपये, मुंबई में 852.50 रुपये, चेन्नई में 868.50 रुपये, लखनऊ में 890.50 रुपये, अहमदाबाद में 860 रुपये, हैदराबाद में 905 रुपये, वाराणसी में 916.50 रुपये और पटना में 951 रुपये है। जानकारों का कहना है कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत हर महीने अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमत और टैक्स स्ट्रक्चर के आधार पर तय की जाती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमत बढ़ाने या घटना का सीधा असर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की लागत पर भी पड़ता है। इसीलिए हर महीने की पहली तारीख को लागत की समीक्षा करके गैस सिलेंडर के नए दाम का ऐलान किया जाता है।   बताया जा रहा है कि अक्टूबर के महीने में अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्राकृतिक गैस की कीमत में गिरावट का रुख बना है। इसीलिए पिछले महीने कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 15 रुपये की बढ़ोतरी करने के बाद महंगाई को संतुलित करने के लिए आज नवंबर महीने के लिए कमर्शियल गैस की कीमत में कटौती करने का फैसला लिया गया है।  

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रायपुर । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि विश्व शांति की भावना भारत की मूल सोच में गहराई से जुड़ी हुई है और जब भी दुनिया में संकट आता है, भारत हमेशा ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ बनकर मानवता की सेवा के लिए सबसे पहले आगे बढ़ता है। यही भारत की पहचान और संस्कृति की सबसे बड़ी ताकत है, जो दुनिया को एक परिवार मानने की भावना से प्रेरित है।   प्रधानमंत्री ने आज छत्तीसगढ़ के नवां रायपुर में ब्रह्माकुमारी संस्थान के ध्यान केंद्र ‘शांति शिखर’ का उद्घाटन करते हुए कहा कि आज का दिन विशेष है क्योंकि छत्तीसगढ़ के गठन को 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने झारखंड और उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों के स्थापना दिवस पर भी शुभकामनाएं दीं और कहा कि राज्यों का विकास ही देश की प्रगति की सबसे बड़ी ताकत है।   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत वह देश है जो हर जीव में ईश्वर को देखता है और आत्मा में अनंत का अनुभव करता है। भारत के हर धार्मिक अनुष्ठान का समापन विश्व कल्याण की प्रार्थना से होता है, यही हमारी सभ्यता की सबसे बड़ी विशेषता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भारत विश्व का नेतृत्व कर रहा है। हमारे शास्त्रों ने हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीने की सीख दी है। नदियों को माता, जल को देवत्व और पेड़ों में भगवान का वास मानने की भावना ही प्रकृति के संरक्षण की सच्ची दिशा है।   प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ‘वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड’ और ‘वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर’ जैसे वैश्विक विचारों को साकार कर रहा है। भारत का ‘मिशन लाइफ’ पूरी मानवता के लिए है, जो सीमाओं से परे जाकर पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश देता है।   उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्था से अपने लंबे जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि यह आंदोलन बरगद के पेड़ की तरह फैल चुका है। उन्होंने ‘शांति शिखर’ को विश्व शांति के लिए सार्थक प्रयासों का नया केंद्र बताया और कहा कि यह संस्थान देश और दुनिया में करोड़ों लोगों को जोड़ने का कार्य करेगा।   कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।  

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गांधीनगर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि देश की एकता-अखंडता को बनाए रखने के लिए सरकार चार स्तंभों पर आधारित नीति द्वारा हर व्यक्ति को जोड़ने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह लौहपुरुष सरदार पटेल का भारत है, जो सुरक्षा और सम्मान के लिए कभी समझौता नहीं करता।  जब तक देश नक्सलवाद-माओवादी आतंक से पूरी तरह मुक्त नहीं हो जाता, तब तक यह सरकार चैन से नहीं बैठेगी।    प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को गुजरात के नर्मदा जिला स्थित एकता नगर में लौहपुरुष और अखंड भारत के शिल्पकार सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती का भव्य समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान सरदार पटेल की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के सान्निध्य में देशभक्ति के जोश और उत्साह के साथ अर्धसैनिक बलों की विभिन्न टुकड़ियों ने भव्य परेड की।     प्रधानमंत्री मोदी ने स्टेच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह की शुरुआत की। ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को सुदृढ़ करते हुए उन्होंने कहा कि एकता राष्ट्र और समाज के अस्तित्व की मूलभूत शक्ति है, जब तक समाज में एकता है, तब तक राष्ट्र की अखंडता सुरक्षित है। विकसित भारत के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए हमें एकता तोड़ने वाले हर षड्यंत्र को एकता की शक्ति से विफल करना होगा।    उन्होंने कहा कि भारत की एकता के चार मजबूत आधारस्तंभ हैं—पहला सांस्कृतिक एकता, जो हजारों वर्षों से बदलते राजनीतिक परिदृश्यों के बावजूद भारत को एक चेतन राष्ट्र के रूप में बनाए रखती है।   दूसरा स्तंभ है भाषाई एकता, जहाँ सैकड़ों भाषाएँ और बोलियाँ भारत की विविधता, सृजनशीलता और गौरव का जीवंत प्रतीक हैं। किसी भी समुदाय, शासन या समूह ने कभी भी किसी भाषा को थोपने का प्रयास नहीं किया।   तीसरा स्तंभ है भेदभाव-मुक्त विकास। गरीबी और असमानता समाज की सबसे बड़ी कमजोरी हैं। सरदार पटेल गरीबी उन्मूलन के लिए दीर्घकालीन नीति बनाना चाहते थे। वे कहते थे कि अगर भारत को आज़ादी 10 साल पहले मिली होती, तो 1947 तक देश अन्न संकट से मुक्त हो गया होता। जिस तरह उन्होंने रियासतों के विलय की जटिल चुनौती को सुलझाया, वैसे ही वे खाद्य संकट का समाधान भी कर लेते। आज उनकी अधूरी इच्छा को इस सरकार ने पूरा किया है।पिछले एक दशक में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है।   चौथा और अंतिम स्तंभ है कनेक्टिविटी– दिलों का जुड़ाव, जो आधुनिक भारत को विश्व के केंद्र में ला रहा है। रेकॉर्ड हाइवे, एक्सप्रेसवे, वंदे भारत और नमो भारत जैसी ट्रेनों द्वारा रेलवे में परिवर्तन कर, छोटे शहरों को एयरपोर्ट से जोड़ते हुए उत्तर-दक्षिण, पूर्व-पश्चिम की दूरी को कम किया गया है।   सरदार पटेल इतिहास बनाने में विश्वास रखते थे : प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरदार पटेल इतिहास लिखने में नहीं, इतिहास बनाने में विश्वास रखते थे। उन्होंने नीतियों और दृढ़ निर्णयों के बल पर आज़ादी के बाद 550 से अधिक रियासतों को एक सूत्र में बांधा। ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का विचार उनके लिए सर्वोच्च था। आज केंद्र सरकार की कार्यनीति में भी यही दृष्टिकोण मुख्य है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस एकता का महापर्व है। जैसे हम 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस गर्व से मनाते हैं, वैसे ही यह दिन प्रेरणा, गर्व और संकल्प का पवित्र अवसर है। आज पूरे देश में करोड़ों लोगों ने एकता की शपथ ली है, जो राष्ट्र की एकता को सुदृढ़ करने का प्रतीक है।   एकतानगर में एकता मॉल और एकता गार्डन जैसे प्रयासों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें उन विचारों और प्रवृत्तियों से दूर रहना चाहिए जो देश की एकता को नुकसान पहुंचाती हैं। यह केवल राष्ट्रीय कर्तव्य ही नहीं बल्कि सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि भी है। भारत माता की भक्ति हर नागरिक के लिए सर्वोच्च पूजा है और आज यह हर भारतीय के लिए प्रेरणा और कर्तव्यपथ का मार्गदर्शन है।   उन्होंने कहा कि सरदार पटेल देश की संप्रभुता को सर्वोपरि मानते थे। उनके निधन के बाद की सरकारों में यह गंभीरता और दृढ़ता कम हो गई। कश्मीर में की गई गलतियाँ, पूर्वोत्तर की समस्याएँ और देश में फैला नक्सल-माओवादी आतंक भारत की अखंडता के लिए चुनौती बने। तत्कालीन सरकारों ने सरदार पटेल की नीतियों का अनुसरण करने के बजाय राष्ट्रहित से समझौता किया। परिणामस्वरूप हिंसा, रक्तपात और विभाजन जैसी त्रासदियाँ देश ने देखीं।   उन्होंने कहा कि अगर सरदार पटेल के कश्मीर संबंधी सुझावों को स्वीकार किया गया होता, तो आज पूरा कश्मीर भारत का अभिन्न अंग होता। लेकिन तत्कालीन सरकारों ने उन्हें अनदेखा किया। कश्मीर को अलग विधान और प्रतीक देकर विभाजित किया गया, जिससे पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद को बढ़ावा मिला और देश ने इसकी भारी कीमत चुकाई।   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने सरदार पटेल के “एक भारत” के विज़न को भुला दिया था, लेकिन 2014 के बाद देश ने फिर से उस अडिग इच्छाशक्ति को अनुभव किया है। अनुच्छेद 370 को हटाकर कश्मीर को मुख्यधारा में लाया गया है। ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को दिखा दिया कि भारत पर आंख उठाने वालों को कड़ा जवाब मिलेगा। यह लौहपुरुष सरदार पटेल का भारत है— जो अपनी सुरक्षा और सम्मान से कभी समझौता नहीं करता।   उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में सरकार ने नक्सल-माओवादी आतंक की कमर तोड़ दी है। 2014 से पहले नक्सली अपने कानून चलाते थे, संविधान लागू नहीं होता था, पुलिस और प्रशासन बेबस था, स्कूलों-सड़कों-अस्पतालों पर हमले होते थे। लेकिन इस सरकार ने निर्णायक कार्रवाई की, अर्बन नक्सलियों और उनके समर्थकों को करारा जवाब दिया, वैचारिक युद्ध जीता और नक्सल क्षेत्रों को विकास के रास्ते पर लाया। उन्होंने सरदार पटेल की प्रतिमा की छाया में दृढ़ निश्चय के साथ कहा— “जब तक देश नक्सलवाद-माओवादी आतंक से पूरी तरह मुक्त नहीं हो जाता, तब तक यह सरकार चैन से नहीं बैठेगी।”   उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा घुसपैठिए हैं, जो वर्षों से हमारे संसाधनों पर कब्जा कर देश की जनसांख्यिकी को असंतुलित कर रहे हैं। पिछली सरकारों ने वोट बैंक की राजनीति के कारण आंख मूंद ली थी। लेकिन अब पहली बार देश ने इस खतरे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई शुरू की है और लाल किले से ‘डेमोग्राफी मिशन’ की घोषणा की गई है।   प्रधानमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए देशहित से ऊपर उठकर घुसपैठियों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्हें इस बात की परवाह नहीं कि अगर देश का विभाजन दोबारा हो जाए तो क्या होगा? लेकिन सच यह है कि अगर भारत की सुरक्षा और पहचान पर खतरा आएगा, तो हर नागरिक प्रभावित होगा। इसलिए राष्ट्रीय एकता दिवस पर हमें संकल्प लेना चाहिए कि देश में रह रहे हर घुसपैठिए को बाहर निकालकर ही रहेंगे, ताकि राष्ट्र की अखंडता और अस्तित्व को सुरक्षित रखा जा सके।    उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने देश की महान विभूतियों का अपमान किया, जबकि इस सरकार ने उन्हें सम्मान दिया, उनके स्मारक बनवाए और गुलामी की मानसिकता को बदलने का कार्य किया।   सरदार पटेल की भावना को स्मरण करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें देश के लिए काम करने में सबसे अधिक आनंद मिलता था। आज भी यही संदेश है — मातृभूमि की सेवा ही सबसे बड़ी आराधना है। जब 140 करोड़ भारतीय एक साथ खड़े होते हैं, तो पहाड़ भी रास्ता छोड़ देते हैं; जब एक स्वर में बोलते हैं, तो वह स्वर भारत की सफलता का उद्घोष बन जाता है। हम बंटेंगे नहीं, झुकेंगे नहीं; ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को साकार करते हुए विकसित और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करेंगे। प्रधानमंत्री ने परेड के बाद सड़क मार्ग से गुजरते हुए उपस्थित जनसमूह का अभिवादन स्वीकार किया।   इस अवसर पर सांसदों, विधायकों, मुख्य सचिव सहित उच्च अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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नई दिल्ली। देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 41वीं पुण्यतिथि पर शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।   तीनों वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी स्मृति स्थल पर इंदिरा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान राष्ट्र निर्माण में इंदिरा गांधी के योगदान को याद किया गया और उनके बलिदान को देश के इतिहास का अविस्मरणीय अध्याय बताया।    31 अक्तूबर 1984 को भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या उनके ही सुरक्षा कर्मियों द्वारा की गई थी।  

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हैदराबाद। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान व पूर्व सांसद अज़हरुद्दीन ने आज तेलंगाना की रेवंथ रेड्डी की सरकार के मंत्री पद की शपथ ली। राजभवन में एक समाराेह में राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने उन्हें पद व गाेपनीयता की शपथ दिलाई।   शपथ ग्रहण करने के बाद पत्रकाराें से बात करते हुए अज़हरुद्दीन ने कहा कि मंत्री बनने का अवसर पाकर वह बहुत खुश हैं। मेरे माता-पिता और परिवार के सदस्य मुझे मंत्री के रूप में देखकर बहुत खुश हैं। अज़हरुद्दीन ने कहा कि मंत्री बनने का अवसर देने के लिए मैं कांग्रेस आलाकमान, मुख्यमंत्री और राज्य के पार्टी नेताओं का आभारी हूं। शपथ ग्रहण समाराेह में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और अन्य मंत्री भी शामिल हुए।   क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद 19 फ़रवरी, 2009 को अजहरुद्दीन कांग्रेस पार्टी में शामिल हाे गए थे। उसी वर्ष वे उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद निर्वाचन क्षेत्र से सांसद चुने गए। वर्ष 2018 में अजहरुद्दीन को टीपीसीसी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।  अजहरुद्दीन ने वर्ष 2023 के चुनाव में जुबली हिल्स विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद तेलंगाना सरकार ने अजहरुद्दीन को राज्यपाल कोटे के तहत विधान परिषद का सदस्य (एमएलसी) के रूप में नामित किया था। अज़हरुद्दीन के मंत्री पद की शपथ लेने  के बाद अब उन्हें कौन सा विभाग दिया जाएगा, इस पर अटकलें लग रही हैं। अजहरुद्दीन के शामिल होने से अब रेवंथ रेड्डी के मंत्रिमंडल में कुल 16 सदस्य हो गए हैं। अभी दो और सदस्य शामिल हो सकते हैं।     हैदराबाद में 8 फ़रवरी, 1963 को जन्मे अज़हरुद्दीन अपने चाचा ज़ैनुल-अबुददीन से प्रेरित होकर क्रिकेट खेलना शुरू किया था। अज़हरुद्दीन ने एक क्रिकेटर के रूप में 1984 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। अज़हरुद्दीन ने अपने पहले तीन टेस्ट मैचों में शतक लगाकर सनसनी मचा दी थी। उन्होंने 1989 में भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान के रूप में कार्यभार संभाला। 16 साल के क्रिकेट करियर में उन्होंने 99 टेस्ट और 334 एकदिवसीय मैच खेले हैं।   

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पटना । बिहार के युवा दुनियाभर में अपना खून-पसीना बहाकर इंफ्रास्ट्रक्चर बनाते हैं, तो इस ऊर्जा और क्षमता का उपयोग बिहार को बनाने में क्यों नहीं किया जा सकता? बिहार की बदहाल स्थिति के लिए पिछले 20 वर्षों से शासन कर रही जदयू-भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। यह बातें लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार काे बिहार चुनाव प्रचार के दौरान नालंदा में आयोजित एक विशाल जनसभा में कही।    राहुल गांधी ने बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम का उल्लेख करते हुए कहा कि 1971 में अमेरिका ने अपनी नौसेना का सातवां बेड़ा भेजा था, लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने साफ कह दिया था कि वह डरती नहीं हैं। उन्होंने नालंदा के ऐतिहासिक महत्व को याद दिलाते हुए कहा कि एक समय नालंदा विश्वविद्यालय में विदेशों से लोग पढ़ने आते थे, लेकिन आज बिहार की पहचान पेपर लीक से जुड़ गई है। पिछले 20 सालों से भाजपा-जदयू ने बिहार के युवाओं से हर अवसर, हर उम्मीद छीन कर उन्हें या तो मजबूर बनाया है या मजदूर। जनसभा में उमड़े भारी जनसैलाब के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 20 साल के विकास के दावे पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि बिहार की स्थिति बदहाल है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार बिहार की सरकार नहीं चला रहे हैं, बल्कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह द्वारा उसे चलाया जा रहा है। मोदी जो बटन दबाते हैं, नीतीश वही चैनल चालू कर देते हैं।राहुल गांधी ने जनता को आगाह किया कि भाजपा-आरएसएस संविधान को खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वोट चोरी करके ही भाजपा हरियाणा और महाराष्ट्र का चुनाव जीती थी और अब उसी तरह बिहार में भी वोट चोरी की कोशिश करेगी, जिसे हर युवा को पोलिंग बूथ पर रोकना होगा। उन्होंने महागठबंधन के उम्मीदवारों को भारी मतों से जिताने की अपील करते हुए कहा कि उनकी सरकार बनने पर बिहार एक बार फिर शिक्षा और रोजगार का केंद्र बनेगा।

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पटना । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को छपरा के हवाई अड्डा मैदान में चुनावी सभा को संबोधित किया। उन्होंने भाषण की शुरुआत भोजपुरी में बोलकर की।   उन्होंने कहा कि मां गंगा, माँ अंबिका भवानी, बाबा हरिहरनाथ के पवित्र भूमि के हम प्रणाम करत बानी। डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद, जयप्रकाश नारायण, भिखारी ठाकुर के धरती पर रउरा सबके अभिनंदन करत बानी। वीर कुंवर सिंह के धरती महान बा।   प्रधानमंत्री ने कहा कि बनारसी बोलत-बोलत अब हमारा भोजपुरी में दिक्कत ना होला। काफी समझ में आ गैल बा. उन्होंने अपने भाषण में भोजपुरी के शेक्सपियर कहे जाने वाले भिखारी ठाकुर को भी याद किया। उन्होंने कहा कि सारण की मिट्टी में जादू है। यह आंदोलन, आस्था व कला की धरती है। भिखारी ठाकुर ने इस मिट्टी की महक पूरे दुनिया में फैलायी। समाज के संघर्ष को अपने गीतों में पिरोया। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा की गयी भोजपुरी की सेवा आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करेगी।   हाल ही में अपने त्रिनिदाद टोबेगो की यात्रा का संस्मरण सुनाते हुए उन्होंने बताया कि जब मैं वहां पहुंचा तब लोगों ने भोजपुरी के चौताल से मेरा स्वागत किया। पूरे विश्व में भोजपुरी का अलग ही सम्मान है। जब मैं यह देखता हूं तो गर्व की अनुभूति होती है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आज भोजपुरी क्षेत्र का विकास हो रहा है। उन्होंने बताया कि छपरा व आसपास के धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। हरिहरनाथ मंदिर कॉरिडोर के रूप में विकसित हो रहा है।जिससे पर्यटन आधारित रोजगार के अवसर मिलेंगे।   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राजद व कांग्रेस के नेताओ को राम मंदिर के निर्माण से दिक्कत है। यह लोग विदेश तो घूमते हैं। लेकिन अयोध्या में बने राम मंदिर को देखने की उनकी इच्छा नहीं होती। जो लोग आस्था का सम्मान नहीं करते। वह कभी विकास भी नहीं कर सकते।   जंगलराज का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि दो दशक पहले लोगों में डर व दहशत का माहौल था। आज एनडीए की सरकार में लोग खुशहाल हैं। प्रधानमंत्री ने मढौरा चीनी मिल का जिक्र करते हुए कहा कि जंगल राज के दौरान ही चीनी मिल बंद हो गयी. वहां बनने वाली मॉर्टन चॉकलेट पूरे देश में प्रसिद्ध थी। लेकिन आरजेडी व उनके सहयोगियों के कारण ही कल कारखाने बंद हो गये.   प्रधानमंत्री ने कहा कि मढौरा की औद्योगिक पहचान फिर से लौटेगी। एनडीए सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जंगलराज वाले शिकारी यहां के लोगों को गुमराह करने में लगे हैं। कांग्रेस व राजद ने अपना घोषणा पत्र नहीं बल्कि एक रेट लिस्ट जारी किया है। लालटेन व पंजे वाले बिहार और बिहारियों का अपमान करते हैं। हाल ही में छठ महापर्व को लेकर भी बिहार का अपमान किया गया। लेकिन इस पर राजद-कांग्रेस के नेताओं को सांप सूंघ जाता है। वह कुछ बोलते नहीं। महागठबंधन बिहार में वैसे लोगों को प्रचार के लिए बुला रही है। जो लोग अपने राज्यों में बिहारी का अपमान करते हैं।   उन्होंने पांच शब्दों कट्टा, क्रूरता, कटुता कुशासन और करप्शन को राजद और जंगलराज का पहचान बताया। उन्होंने कहा कि जहां कटुता होगी वहां सद्भावना और विकास नहीं हो सकता। जहां भ्रष्टाचार होगा वह सामाजिक न्याय नहीं मिल सकता। गरीब का हक लूट जाता है और केवल एक परिवार को ही लाभ मिलता है।   प्रधानमंत्री ने अपने सम्बोधन में छपरा की बेटी व चर्चित गायिका स्वाति मिश्रा का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के समय उनके द्वारा गया गीत मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जायेंगे राम आयेंगे काफी लोकप्रिय हुआ. सारण की इस बेटी ने अपने गीतों के माध्यम से सबको गौरवांवित करने का अवसर दिया. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भोजपुरी का विकास हम सब मिलकर करेंगे. यहां के युवाओं में काफी प्रतिभा है.   उन्होंने लोगों से अपील किया कि छठ पूजा में जो लोग घर गांव आए हैं उनको खास संदेश देना कि परिवार के साथ पर्व मनाने आए हैं तो 6 नवंबर को वोट देकर के ही वापस लौटें।   कार्यक्रम को लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी संबोधित किया और लोगों से एनडीए के सभी उम्मीदवारों को जिताने की अपील की. वहीं इस दौरान सारण के सांसद राजीव प्रताप रुड़ी, महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिगरिवाल, सारण के दसों विधानसभा क्षेत्रों के एनडीए उम्मीदवार उपस्थित थें।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन द्वारा कार्यक्रम से दो दिन पहले ही रूट चार्ट निर्धारित कर दिया गया था। जिसके अनुसार ही वाहनों का परिचालन हुआ. कई रूट में बड़े वाहनों के परिचालन पर रोक लगी थी। लोगों ने भी जिला प्रशासन द्वारा तय किये गये रूट चार्ट के अनुसार ही आवागमन किया। सभा स्थल से लेकर पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये थे। खासकर शहर के सभी प्रवेश मार्गों पर बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों की जांच की जा रही थी। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आम लोगों द्वारा भी पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग किया गया।

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मुंबई । महाराष्ट्र के मुंबई के पवई में 17 बच्चों को बंधक बनाने वाले रोहित आर्या की गुरुवार को पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई। पवई के रा (आरए) स्टूडियो के बाथरूम में जाकर जब पुलिस 17 बच्चों को बचाने का प्रयास कर रही थी, उसी समय रोहित आर्या ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर  दी थी। इसके बाद पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपित रोहित आर्या घायल हो गया। पुलिस ने तत्काल घायल रोहित आर्या को अंधेरी के सेवन हिल अस्पताल में पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने रोहित को मृत घोषित कर दिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मुंबई के पवई इलाके में स्थित रा स्टुडियो में आरोपित रोहित आर्या ने आज सुबह ही ऑडिशन के नाम पर 17 बच्चों को बुलाया था और सभी बच्चों को और दो अन्य लोगों को बंधक बना लिया था। दोपहर में जब बच्चे खाना खाने के लिए बाहर नहीं आए तो पालकों को शक हुआ। इसके बाद रोहित आर्या ने एक वीडियो जारी कर बच्चों को बंधक बनाए जाने की जानकारी सोशल मीडिया पर दी और चर्चा करने की मांग की। लेकिन पुलिस टीम मौके पर पहुंची और रा स्टुडियो के बाथरुम में बच्चों को छुड़ाने का प्रयास कर रही थी। इसी दौरान रोहित ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दिया था। पुलिस ने घटनास्थल से एक एयरगन बरामद की है। साथ ही घटनास्थल से बच्चों सहित 19 लोगों को सुरक्षित छुड़ा लिया और इन सभी का मेडिकल सेवन हिल अस्पताल में करवाया जा रहा है।

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अमरावती । आंध्र प्रदेश में चक्रवात मोंथा ने जमकर तबाही मचाई है। तेज हवाएं और भारी बारिश से कई जिलों में काफी नुकसान हुआ है। एसडीआरएफ, पुलिस और दमकल कर्मी बचाव व राहत कार्य में लगे हैं। तूफान से दो लोगों की मौत हुई है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने हेलीकॉप्टर से चक्रवात प्रभावित इलाकों का हवाई निरीक्षण किया। उन्होेंने पूरे राज्य के कई इलाकों में बाधित बिजली व्यवस्था बहाल करने, बंद सड़कों पर यातायात यथासंभव शुरू करने और पीड़ितों तक जरूरी सामान पहुंचाने के साथ नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं    मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार सुबह जिला कलेक्टरों, संबंधित अधिकारियों और मंत्रियों के साथ राज्य सचिवालय से वर्चुअली बातचीत की। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि चक्रवात से हुए नुकसान का आकलन जल्द तैयार किया जाए। उन्होंने अधिकारियों और मंत्रियों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में दौरा करने को कहा।  सचिवालय से जारी बयान के अनुसार मुख्यमंत्री चंद्रबाबू ने कहा कि चक्रवात से नुकसान को कम करने के लिए  हम सभी ने एक टीम की तरह काम किया। चक्रवात को रोका नहीं जा सकता.. एहतियाती उपायों से हम ज़्यादा नुकसान को रोकने में कामयाब रहे। उन्होंने कहा कि नुकसान के आकलन के बाद इसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार कोसौंपी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ, पुलिस और दमकल कर्मियों ने अच्छा काम किया। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू ने दावा किया है कि क्षतिग्रस्त बिजली व्यवस्था को बहाल करने के लिए सरकार ने दस हजार  लोगों को लगाया है। तूफ़ान के कारण दो की मौत हुई है। अगर मुसीबत में मदद के लिए सरकारी आदमी उपलब्ध होते हैं, तो इससे सरकार पर भरोसा बढ़ता है।   पुनर्वास केंद्रों में आए चक्रवात पीड़ितों को आर्थिक मदद देने आदेश चक्रवात मोंथा के पीड़ितों को राज्य सरकार की ओर से पुनर्वास केंद्रों में आए प्रत्येक पीड़ित को एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने के आदेश जारी किए हैं। पुनर्वास केंद्रों में आए पीड़ितों को अधिकतम तीन हजार रुपये दिए जाने की भी बात कही गई है। यह राशि पीड़ितों को पुनर्वास केंद्र से घर जाने से पहले दी जाएगी। आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष मुख्य सचिव साई प्रसाद ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं।   मुख्यमंत्री ने प्रभावित इलाकों का हवाई निरीक्षण आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने आज दोपहर बाद चक्रवात से प्रभावित इलाकों का हेलीकॉप्टर से हवाई निरीक्षण किया।  उन्होंने बापटला, पालनाडु, कृष्णा, एलुरु और डॉ. बीआर अंबेडकर कोनासीमा जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई निरीक्षण करने गए। मुख्यमंत्री कोनासीमा जिले के अल्लावरम मंडल के बंदरगाह का दौरा करेंगे। वे सड़क मार्ग से बारिश में डूबे खेतों का भी निरीक्षण करेंगे।      

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दरभंगा । बिहार चुनाव के बीच मंगलवार को अलीनगर विधानसभा की ऐतिहासिक धरती पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऐसी गर्जना की जिसने पूरे मिथिला को राजनीतिक जोश से भर दिया। विशाल भीड़ के बीच उन्होंने स्पष्ट कहा — “यह चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि मिथिला की संस्कृति, अस्मिता और राष्ट्रभक्ति की रक्षा का चुनाव है।”सभा स्थल पर ‘जय श्रीराम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों के बीच शाह ने अपने भाषण की शुरुआत मिथिला और माता सीता के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए की। उन्होंने कहा —मैं माता सीता की पवित्र भूमि पर आया हूं। यह धरती त्याग, मर्यादा और संस्कृति की प्रतीक है। अब इस भूमि से ही एक नई राजनीतिक संस्कृति का उदय होगा — जो निष्ठा, सेवा और सत्य पर आधारित होगी।”“मैथिली ठाकुर मिथिला की बेटी, नई राजनीति का प्रतीक”अमित शाह ने मंच से बीजेपी प्रत्याशी मैथिली ठाकुर की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा कि भाजपा ने परिवारवाद की राजनीति को तोड़ते हुए मिथिला की बेटी को जनप्रतिनिधित्व का अवसर दिया है। भाजपा ने 25 वर्षीय मैथिली ठाकुर को टिकट देकर यह साबित किया है कि अब राजनीति में परिवार नहीं, योग्यता और निष्ठा चलेगी। क्या लालू या कांग्रेस ऐसा कर सकते हैं? मिथिला की बेटी राजनीति में नए युग की पहचान बनेगी,” उन्होंने कहा। शाह ने आगे कहा कि मैथिली ठाकुर मिथिला की “संस्कृति और आस्था की सशक्त आवाज़” हैं। उन्होंने कहा कि “जब मैथिली ठाकुर विधानसभा में बोलेंगी, तो यह सिर्फ एक प्रतिनिधि की नहीं, बल्कि पूरी मिथिला की आवाज़ होगी।”एनडीनए विकास का नया अध्याय लिखा”गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विकासपरक नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि एनडीए रकार ने मिथिला के सम्मान और विकास दोनों की दिशा में अभूतपूर्व काम किया है। दरभंगा में एम्स का निर्माण मोदी जी की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मिथिला की पहचान को हमने संविधान में मान्यता दी — मैथिली भाषा को आठवीं अनुसूची में स्थान मिला और कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देकर उनके आदर्शों का सम्मान किया गया।”शाह ने कहा कि यह “दोहरा इंजन सरकार” ही है जिसने गरीबों को मुफ्त राशन, आवास और शौचालय जैसी योजनाओं का लाभ पहुंचाया।अमित शाह ने धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में मिथिला के लिए बड़ा वादा किया। उन्होंने कहा —“अब केंद्र सरकार ‘सीता सर्किट’ योजना के तहत दरभंगा, सीतामढ़ी, जनकपुर और अलीनगर को धार्मिक पर्यटन सर्किट से जोड़ेगी। सीता माता मंदिर का पुनरुद्धार होगा और मिथिला को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर लाया जाएगा।”विपक्ष पर तीखा हमलाअमित शाह ने महागठबंधन को निशाने पर लेते हुए कहा कि — “लालू-राबड़ी राज में बिहार अपराध, भ्रष्टाचार और जातिवाद की प्रयोगशाला बन गया था। आज मोदी जी के नेतृत्व में बिहार विकास और सुरक्षा की नई मिसाल पेश कर रहा है।” उन्होंने विपक्षी दलों पर व्यंग्य करते हुए कहा कि “महागठबंधन का घोषणापत्र जुमलों का पुलिंदा है, उन्हें जनता की नहीं, केवल अपने परिवार की चिंता है।”सभा में अभूतपूर्व भीड़, जनता में उत्साह चरम परअलीनगर की यह रैली एनडीए की अब तक की सबसे बड़ी सभाओं में से एक मानी गई। अनुमान है कि एक लाख से अधिक की भीड़ ने भाग लिया। मंच पर दरभंगा सांसद डॉ. गोपालजी ठाकुर, पूर्व मंत्री संजय झा, और अन्य एनडीए नेता मौजूद थे। शाह ने अंत में जनता से अपील करते हुए कहा — “यह चुनाव अलीनगर की सीट भर का नहीं, मिथिला की अस्मिता का चुनाव है। जब आप मैथिली ठाकुर को वोट देंगे, तो यह केवल एक उम्मीदवार की जीत नहीं होगी, यह मिथिला की संस्कृति और बिहार के स्वाभिमान की जीत होगी।”

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सियोल। अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज कहा कि अमेरिका और भारत शीघ्र ही बहुप्रतीक्षित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे।     अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के ग्योंगजू में आयोजित एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपीईसी) सीईओ शिखर सम्मेलन के दौरान यह बात कही। अमेरिका और भारत के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर जारी बातचीत के बीच उन्होंने  कहा, ‘‘अमेरिका, भारत के साथ व्यापार समझौता कर रहा है। दोनों देश बहुत अरसे से लंबित एक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। ’’   अमेरिकी राष्ट्रपति की यह टिप्पणी इस बात का संकेत है कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच समझौते के मसौदे को लेकर सहमति बन गयी है और अब जल्द ही इस पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। भारत और अमेरिका के बीच इस समझौते पर बातचीत महीनों से चल रही है, जिसमें यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध और भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गये  50 फीसदी आयात शुल्क को लेकर विवाद भी जुड़ा है। अमेरिका के इस 50 फीसदी शुल्क में रूसी कच्चे तेल की खरीद के लिए दंडस्वरूप लगाया गया अतिरिक्त 25 फीसदी शुल्क भी शामिल है।   ट्रंप की ये टिप्पणी ऐसे वक्‍त में आई है जब इस मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव कायम हैं। भारत ने अमेरिकी कार्रवाई को ‘‘अनुचित एवं अविवेकपूर्ण’’ करार दिया है। अमेरिका और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के लिए अब तक पांच दौर की वार्ता पूरी हो चुकी है। इससे पहले एक अधिकारी ने बताया था कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौता होने की कगार पर है। अधिकारी ने पिछले हफ्ते कहा था, ‘‘जहां तक सौदे का सवाल है, हम इसके काफी करीब हैं।’’ वहीं, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी पिछले हफ्ते ‘बर्लिन ग्लोबल डायलॉग’ में कहा था कि भारत कोई भी समझौता जल्दबाजी में या ‘‘किसी तरह के दबाव’’ में नहीं करेगा।

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नई दिल्ली । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को कहा कि जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया को प्रभावित कर रहा है। इस खतरे से निपटने के लिए तत्काल और ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। भारत जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए दृढ़ संकल्पित है। राष्ट्रपति मुर्मु ने आज नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन सभा (आईएसए) के आठवें सत्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि आईएसए समावेशिता, सम्मान और सामूहिक समृद्धि के स्रोत के रूप में सौर ऊर्जा का दोहन करने की मानवता की साझा आकांक्षा का प्रतीक है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि आईएसए सौर ऊर्जा को अपनाने और उपयोग को प्रोत्साहित करके इस वैश्विक चुनौती से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राष्ट्रपति ने कहा कि समावेशिता का विचार भारत की विकास यात्रा को परिभाषित करता है। सुदूर क्षेत्रों में घरों को रोशन करने का हमारा अनुभव हमारे इस विश्वास की पुष्टि करता है कि ऊर्जा समानता सामाजिक समानता का आधार है। उन्होंने कहा कि सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा तक पहुँच समुदायों को सशक्त बनाती है, स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देती है और ऐसे अवसर खोलती है जो बिजली आपूर्ति से कहीं आगे तक फैले हुए हैं।राष्ट्रपति ने सभी सदस्य देशों से बुनियादी ढाँचे से आगे बढ़कर लोगों के जीवन पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा केवल बिजली उत्पादन तक ही सीमित नहीं है बल्कि सशक्तिकरण और समावेशी विकास से भी जुड़ी है। राष्ट्रपति ने कहा कि हमें पूरे विश्व के लिए, वर्तमान पीढ़ी के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी अधिक समर्पण के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस सभा के विचार-विमर्श और निर्णय सौर ऊर्जा उत्पादन में मील का पत्थर साबित होंगे, जो एक समावेशी और समतामूलक विश्व के निर्माण में योगदान देगा।

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पटना । बिहार का यह चुनाव केवल विधानसभा की लड़ाई नहीं, बल्कि एक विचार की परीक्षा है। क्या भारत को स्थिर,निर्णायक और जिम्मेदार नेतृत्व चाहिए? दुनिया के बदलते हालातों के बीच बिहार की जनता इस सवाल का जवाब देने जा रही है। हो सकता है यह चुनाव नतीजों से ज्यादा, एक 'वैचारिक संदेश' के लिए याद किया जाए कि जब दुनिया उथल-पुथल में हो, तो भारत की जनता स्थिरता को चुनती है।   वरिष्ठ पत्रकार लवकुश मिश्रा की मानें, तो इस बार बिजली, सड़क, पानी मुद्दा नहीं है, शिक्षा-रोजगार-उद्योग मुद्दा जरूर है। बिहार के चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज भी एक विश्वास हैं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी ब्राण्ड हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के हालात तेजी से बदल रहे हैं। पश्चिम एशिया में युद्ध, रूस-यूक्रेन टकराव,एशिया में शक्ति संतुलन की नई बिसात और वैश्विक अर्थव्यवस्था की उठापटक जैसे माहौल में भारत एक उभरती शक्ति के रूप में नजर आ रहा है। यही कारण है कि देश के हर चुनाव में अब सवाल सिर्फ रोजगार,शिक्षा या सड़क तक सीमित नहीं, बल्कि कौन भारत को सुरक्षित और मजबूत रख सकता है? बिहार विधानसभा चुनाव में यह सवाल और गहराई से गूंज रहा है।   पत्रकार लवकुश मिश्रा ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत की भूमिका अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बढ़ी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जी—20 से लेकर संयुक्त राष्ट्र तक भारत को निर्णायक आवाज दी है। वहीं, अमेरिका, रूस और यूरोप के बीच संतुलन बनाना भी भारत की विदेश नीति की नई ताकत के रूप में देखा जा रहा है। इस माहौल में बिहार के मतदाता भी कह रहे हैं कि अब हमें सिर्फ स्थानीय नहीं, राष्ट्रीय सोच वाला नेतृत्व चाहिए।   मुजफ्फरपुर निवासी युवा मतदाता सुधीर कुमार गुप्ता कहते हैं कि दुनिया में जैसे हालात हैं, भारत को कमजोर सरकार नहीं चाहिए। मजबूत नेतृत्व ही देश को दिशा दे सकता है। बिहार को भी वैसा नेतृत्व चाहिए, जो देश के साथ कदम मिलाकर चले। उनके साथी रवि ने कहा कि रोजगार तो जरूरी है, लेकिन अगर देश कमजोर हुआ, तो सब बेकार। हमें ऐसा नेता चाहिए, जो भारत की ताकत बढ़ाए और बिहार को भी सुरक्षा और सम्मान दे। मतदाताओं के ऐसे विचार इस बात की ओर इशारा करते हैं कि बिहार की राजनीति में पहली बार वैश्विक घटनाओं का अप्रत्यक्ष असर दिख रहा है।   राजग का नारा : 'मजबूत भारत, सुरक्षित बिहार'   राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) इस बार चुनाव में मजबूत भारत, सुरक्षित बिहार को केंद्रीय थीम बना रहा है। भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रदीप दूबे कहते हैं कि दुनिया में जो उथल-पुथल है, उसमें भारत को स्थिर और निर्णायक सरकार की जरूरत है। बिहार के लोग जानते हैं कि मजबूत भारत तभी बनेगा, जब हर राज्य मजबूत होगा। भाजपा की रणनीति साफ है-राष्ट्रीय सुरक्षा, आत्मनिर्भर भारत और विकास के मुद्दों को स्थानीय स्तर पर जोड़कर मतदाताओं तक पहुंचाना।   युवाओं की अपेक्षा, अवसर और सुरक्षा दोनों   युवा मतदाता अमरेश कहते हैं कि अब चुनाव में सिर्फ जातीय समीकरण नहीं चलेगा। देश की स्थिति देखकर युवा सोचने लगा है कि कौन भारत को सही दिशा दे सकता है। वैश्विक दौर में जब भारत तकनीक, रक्षा और अर्थव्यवस्था में आगे बढ़ रहा है, तो बिहार को भी वही ऊर्जा चाहिए। हमें विकास की राजनीति चाहिए।   युवा पीढ़ी चाहती है कि भारत की ताकत सिर्फ बाहरी नहीं, आंतरिक भी हो। युवा मतदाता अमरेश कहते हैं कि हमें ऐसा नेतृत्व चाहिए जो रोजगार दे, लेकिन साथ ही देश का मान-सम्मान भी बचाए। ताकत सिर्फ सैन्य नहीं, आर्थिक भी होनी चाहिए।   मोदी फैक्टर अब भी निर्णायक   राजनीतिक विश्लेषक संतोष चौधरी का मानना है कि वैश्विक अस्थिरता के बीच प्रधानमंत्री मोदी की छवि निर्णायक नेता की बन चुकी है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर मोदी की छवि का असर घरेलू राजनीति पर पड़ रहा है। मतदाता अब सुरक्षा, स्थिरता और वैश्विक प्रतिष्ठा को भी वोट देने का कारण मानने लगे हैं। बिहार इसका अपवाद नहीं है।   गांवों में भी गूंज रहा है वैश्विक संदर्भ   जहां पहले गांवों में चर्चा होती थी-सड़क कब बनेगी? अब सवाल है, देश का भविष्य किसके हाथों में सुरक्षित रहेगा? रोहतास जनपद के रहने वाले चन्द्रमा तिवारी कहते हैं कि आज दुनिया में भारत का नाम है, लेकिन अगर राजनीति अस्थिर हुई, तो सब कुछ खतरे में पड़ जाएगा। हमें जातीय नेता या पार्टी नहीं, स्थिर सरकार चाहिए। इस तरह पहली बार बिहार की ग्रामीण राजनीति में विश्व राजनीति की परछाई दिख रही है।   मुद्दे पुराने, सोच नई   बिहार में बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे पारंपरिक मुद्दे अब भी मौजूद हैं, लेकिन मतदाता इस बार के चुनाव को राष्ट्र की स्थिरता से जोड़कर देख रहे हैं। मतदाता लल्ली तिवारी,चर्तुभुज चौधरी और संतोष ने कहा कि देश सुरक्षित रहेगा, तो राज्य भी आगे बढ़ेगा। इस बार यह भावना खासकर युवाओं और मध्यम वर्ग के मतदाताओं में खासा दिखाई दे रहा है।   महिलाएं भी इस बार निर्णायक   बिहार की शिक्षित महिला मतदाता भी कह रही हैं कि उन्हें सुरक्षा और सम्मान दोनों चाहिए। कोचस की शारदा देवी, बिन्दु और आकांक्षा देवी ने कहा कि अगर देश मजबूत होगा, तो महिलाओं की सुरक्षा भी बढ़ेगी। हमें स्थिर सरकार चाहिए जो कानून पर सख्त और समाज के प्रति संवेदनशील हो। महिलाओं के बीच यह भावना राजग के लिए सकारात्मक माहौल बना रही है।   जातीय गणित से आगे बढ़ रहा चुनाव   राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इस बार जातीय समीकरणों की भूमिका तो रहेगी, लेकिन निर्णायक नहीं। आरा के रहने वाले राजेंद्र तिवारी कहते हैं कि अब बिहार में जाति नहीं, नेतृत्व का भरोसा काम करेगा। मतदाता वैश्विक हालात समझ रहे हैं। वे ऐसे नेतृत्व को मौका देना चाहते हैं, जो न सिर्फ बिहार, बल्कि भारत को भी आगे ले जा सके।   अबकी बार भारत की मजबूती का संदेश देगा बिहार   राजनीतिक जानकार राजन पाण्डेय कहते हैं कि यह चुनाव सिर्फ सत्ता का नहीं, बल्कि नेतृत्व के भरोसे का भी है। मतदाता श्रीमोहन राय और सीताराम राय कहते हैं कि बिहार का मतदाता अब स्थानीय हितों से ऊपर सोच रहा है। यह संकेत है कि भारतीय लोकतंत्र परिपक्व हो रहा है। दुनिया में उथल-पुथल जितनी बढ़ेगी, भारत में स्थिरता की चाह उतनी ही मजबूत होगी।   महागठबंधन का जवाब : 'जनता के मुद्दे पहले'   दूसरी ओर महागठबंधन के नेता यह कहते नहीं थक रहे हैं कि मजबूत हाथों की बात सिर्फ भावनात्मक प्रचार है। राजद के एक प्रवक्ता का कहना है कि लोग पेट और रोजगार की चिंता में हैं। दुनिया की ताकतें भारत को देख रही हैं, लेकिन बिहार में युवा पलायन को मजबूर हैं। यहां हमें मजबूत अर्थव्यवस्था चाहिए, न कि सिर्फ नारों की मजबूती।

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चेन्नई । बंगाल की खाड़ी में चक्रवात 'मोंथा' एक अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान बन गया है। इस तूफान के आज (28 अक्तूबर) की शाम या रात में आंध्र प्रदेश के तट (काकीनाडा के पास, मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच) से टकराने की आशंका है, जिसकी गति 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, इसलिए तमिलनाडु के दो ज़िलों चेन्नई और तिरुवल्लूर में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। मौसम विभाग ने आज सुबह, 28 अक्टूबर, 2025 के अपने ताजा अपडेट में कहा है कि तूफान 'मोंथा' के कारण आंध्र प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कुछ अन्य राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई है। मौसम विभाग ने बताया है कि 'मोंथा' चक्रवात आज (मंगलवार को) सुबह एक अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफ़ान में तब्दील हो गया है। मौसम विभाग की ओर से यह घोषणा की गई है कि चक्रवात आज शाम या रात को आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच तट को पार करेगा। यह भी चेतावनी दी गई है कि तट पार करते समय हवा की गति 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग की ओर से बताया गया कि चक्रवात 'मोंथा' पिछले रविवार को बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे दक्षिण-पूर्व में बना था। कल तक, यह चेन्नई से 400 किलोमीटर पूर्व, आंध्र प्रदेश के काकीनाडा से 500 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व और पोर्ट ब्लेयर से 800 किलोमीटर पश्चिम में था। मोंथा चक्रवात 17 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश की ओर भी बढ़ रहा था। ऐसे में, भारतीय मौसम विभाग ने बताया है कि मोंढा चक्रवात आज सुबह एक अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफ़ान में तब्दील हो गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, 'मौंथा' चक्रवात जिस स्थान पर तट को पार करेगा, वह तमिलनाडु के पास है, इसलिए यह घोषणा की गई है कि न केवल आंध्र प्रदेश , बल्कि तमिलनाडु में भी भारी बारिश होगी। हालांकि, सोमवार की रात से ही तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम और समेत राज्य के अन्य जिलों में भारी बारिश हो रही है। 'मोंथा' का प्रभाव से आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, और झारखंड जैसे राज्यों में भी देखा जा रहा है। संभवतः बिहार के मौसम पर भी इसका असर पड़ेगा। मौसम विभाग ने कहा है कि आज दोपहर से तमिलनाडु के लगभग सभी जिलों में बारिश होगी और आंध्र प्रदेश से सटे तिरुवल्लूर, चेन्नई, कांचीपुरम, विल्लुपुरम, चेंगलपट्टू, वेल्लोर और रानीपेट सहित उत्तरी जिलों में भारी बारिश की संभावना है। एहतियात के तौर पर चेन्नई और तिरुवल्लूर में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। कांचीपुरम, रानीपेट और चेंगलपट्टू सहित कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, लेकिन अभी तक वहां के स्कूलों में छुट्टी घोषित नहीं की गई है। इसके अलावा, मछुआरों को तमिलनाडु के समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है। 'मोंथा' के कारण 60 ट्रेनें रद्दचक्रवाती तूफ़ान 'मोंथा' के तट की ओर बढ़ने के साथ ही पूरे आंध्र प्रदेश में भारी बारिश हो रही है। इसके चलते राज्य के 16 जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु सहित अन्य राज्यों से वहां से होकर गुजरने वाली 60 रेल गाड़ियों की सेवाएं रद्द कर दी गई हैं। दक्षिण रेलवे ने घोषणा की है कि 20 से ज़्यादा ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है। इसी तरह चेन्नई से विशाखापत्तनम सहित आंध्र प्रदेश के अन्य हिस्सों के लिए 12 उड़ानें भी रद्द कर दी गई हैं। भारी बारिश की संभावनामौसम विभाग ने कहा है कि आज शाम जब चक्रवात 'मोंथा' आंध्र प्रदेश से गुज़रेगा, तो चेन्नई, तिरुवल्लूर और कांचीपुरम जिलों में तेज़ गति से हवाएं चलेंगी। इसे

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चेन्नई । दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान 'मोंथा' तेजी से उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। पिछले छह घंटों में तूफान 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ा है। 'मोंथा' के मंगलवार (28 अक्तूबर) की सुबह तक एक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है और 27 से 30 अक्टूबर तक आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु में भारी बारिश होने की उम्मीद है। तमिलनाडु में आने वाले चक्रवाती तूफान 'मोंथा' को देखते हुए कई जिलों में स्कूल बंद करने की घोषणा की गई है। स्थानीय प्रशासन ने निचले और तटीय इलाकों में स्थित स्कूलों और कुछ कॉलेजों को अस्थायी छुट्टियां देने का फैसला किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 28 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, क्योंकि तूफान उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा है। 'मोंथा' के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु हाई अलर्ट पर है। आपदा प्रबंधन टीमें तैनात की गई हैं और मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सावधान रहने और तूफान के चरम समय में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। भारतीय मौसम विभाग, दक्षिणी क्षेत्र के प्रमुख डॉ. बी. अमुधा ने सोमवार को बताया कि बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात तूफान 'मोंथा' आंध्र प्रदेश के मसूलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच तट को पार कर सकता है। कल (मंगलवार) शाम मसूलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच काकीनाडा के पास एक भीषण चक्रवाती तूफ़ान का रूप लेकर तट को पार कर सकता है। इससे पहले, चेन्नई मौसम विभाग द्वारा जारी एक बयान में कहा गया था कि दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ा और मंगलवार रात यह एक चक्रवाती तूफ़ान "मोंथा" में बदल गया और दक्षिण-पश्चिम तथा उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में प्रबल हो गया। चक्रवाती तूफान "मोंथा" वर्तमान में बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य क्षेत्र में, चेन्नई से लगभग 520 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व, काकीनाडा से 570 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व, विशाखापत्तनम से 600 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व और पोर्ट ब्लेयर (अंडमान द्वीप समूह) से 850 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है। इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और कल (28 अक्टूबर) सुबह तक एक भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है। इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 28 तारीख की शाम या रात के समय काकीनाडा के पास मसूलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच आंध्र प्रदेश के तट पर दस्तक देने की संभावना है। उस समय, हवा की गति 90-100 किलोमीटर प्रति घंटा और कभी-कभी 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। भारी बारिश होने की संभावनाचक्रवाती तूफान 'मोंथा' की वजह से तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर गरज और बिजली के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। उत्तरी तमिलनाडु के तटीय और आसपास के जिलों तथा पुडुचेरी और कराईकल क्षेत्रों में एक-दो स्थानों पर 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे रफ्तार से तेज़ ज़मीनी हवाएं चलने की भी संभावना है। विशेष रूप से, चेन्नई, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, तिरुवल्लूर और रानीपेट जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है और कोयंबटूर, नीलगिरी, कुड्डालोर, विल्लुपुरम, तिरुवन्नामलाई, वेल्लोर जिलों और पुडुचेरी के पहाड़ी इलाकों में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।

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लखनऊ । आतंकी संगठन आईएसआईएस से जुड़े दोनों संदिग्ध आतंकी दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाकों में आत्मघाती हमला करने की योजना बना रहे थे, लेकिन उनके मंसूबों को फेल करते हुए उत्तर प्रदेश की एटीएस और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दोनों संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी से दिल्ली में दिवाली के दौरान संभावित बड़े धमाके की साजिश नाकाम हो गई। पुलिस ने अन्य संभावित सहयोगियों की तलाश तेज कर दी है।पुलिस महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) एलआर कुमार ने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि संदिग्ध आतंकी अदनान खान को 18 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के भोपाल से गिरफ्तार किया गया है,जबकि मोहम्मद अदनान की गिरफ्तारी 16 अक्टूबर को दिल्ली के सेक्टर-3 सादिक नगर से हुई है। ये दोनों आतंकी संगठन आईएसआईएस के संंबंधित विडियो देखकर इनकी विचारधारा से प्रभावित थे। ये लोग दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाके को टारगेट बनाकर भविष्य में हमला करने की योजना बना रहे थे।आईजी ने बताया कि भोपाल से गिरफ्तार अदनान अदनान खान के खिलाफ पहले से कई आपराधिक ​इतिहास है। 03 जून 2024 को एटीएस ने उसे वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे के आदेश देने वाले अतिरिक्त न्यायाधीश को धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 25 सितंबर को वह जमानत पर जेल से बाहर आ गया। इसके बाद भी वह कट्टर गतिविधियों में लिप्त रहा।अदनान खान मूल रूप से एटा (उत्तर प्रदेश) का निवासी है। उसके पिता सलीम खान दूरदर्शन में ड्राइवर हैं। 2023 में दिल्ली स्थानांतरण के कारण परिवार के साथ दिल्ली में जाकर सादिक नगर में रहने लगे। दोनों अभियुक्त फिलहाल स्पेशल सेल में पीसीआर वैन में रखे गए हैं। उनसे पूछताछ जारी है।  

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नई दिल्ली । चुनाव आयोग बिहार के बाद 12 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची को अपडेट करेगा। इससे जुड़ी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया आज रात से शुरु हो जाएगी। इनमें अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु शामिल हैं। इन राज्यों की कुल आबादी 51 करोड़ है। एसआईआर की प्रक्रिया कल से शुरु होगी और 7 फरवरी तक अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। आज रात से इन राज्यों की मतदाता सूची फ्रीज हो जाएगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को यहां के विज्ञान भवन में इस संबंध में एक पत्रकार वार्ता की। इस दौरान चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधु और विवेक जोशी भी उपस्थित रहे। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि कानून के तहत जरूरत पड़ने और चुनावों से पूर्व चुनाव आयोग मतदाता सूची को अपडेट कर सकता है। राजनीतिक दल भी मतदाता सूची को लेकर अलग-अलग तरह से मुद्दे उठाते रहते हैं। चुनाव आयोग एसआईआर के लिए कल से 3 नवंबर तक प्रिटिंग और प्रशिक्षण की प्रक्रिया पूरी कर लेगा। इसके बाद 4 नवंबर से अगले एक महीने तक सभी घरों में जाकर चुनावकर्मी फार्म वितरित करेंगे। नौ दिंसबर को चुनाव आयोग इन राज्यों की मसौदा सूची जारी करेगा। इसके बाद 1 महीने तक इस मौसूदा सूची से जुड़े दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद 9 जनवरी से एक महीने तक दावे सुने जाएंगे और जांच होगी। सात फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।  उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुसार देश में मतदाता बनने के लिए भारत का नागरिक होना, 18 साल से अधिक आयु का होना, किसी क्षेत्र का सामान्य रिहायशी होना और किसी अन्य कानून के तहत अयोग्य न घोषित व्यक्ति ही मतदाता बनने के लायक होता है।  उन्होंने कहा कि इतने सालों में मतदाता सूची में काफी बदलाव आए हैं। लोगों ने बहुत बड़ी संख्या में पलायन किया है। इसके चलते मतदाता एक से अधिक स्थान पर पंजीकृत हैं। कई मृत मतदाता भी मतदाता सूची में शामिल हैं और कई स्थानों पर गलत तरीके से विदेशियों को भी मतदाता सूची में शामिल किया गया है। उल्लेखनीय है कि एसआईआर की प्रक्रिया 1951 से 2004 तक आठ बार की जा चुकी है। आखरी बार फिर 2002 और 04 के बीच 21 साल पहले कराया गया था।

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात में सुरक्षा बलों में भारतीय नस्ल के श्वानों को अपनाने और प्रशिक्षित करने की सराहना की। उन्होंने बताया कि पांच वर्ष पहले उन्होंने देशवासियों और सुरक्षा बलों से भारतीय नस्ल के श्वानों को अपनाने का आग्रह किया था।   मन की बात के 127वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने बताया कि बीएसएफ और सीआरपीएफ ने अपने दस्तों में भारतीय नस्ल के श्वानों की संख्या बढ़ाई है। बीएसएफ का नेशनल ट्रेनिंग सेंटर ग्वालियर के टेकनपुर में है। यहां रामपुर हाउंड, मुधोल हाउंड और अन्य भारतीय नस्लों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन श्वानों के लिए प्रशिक्षण मैनुअल को भी संशोधित किया गया है ताकि उनकी विशेष क्षमताओं को उजागर किया जा सके।   प्रधानमंत्री ने कहा, “भारतीय नस्ल के श्वान अपने परिवेश और परिस्थितियों के अनुसार जल्दी ढल जाते हैं।”   उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ के बेंगलुरु स्थित डॉग ब्रीडिंग और ट्रेनिंग स्कूल में मोंग्रेल्स, मुधोल हाउंड, कोम्बाई और पांडिकोना जैसी भारतीय नस्लों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। पिछले वर्ष लखनऊ में आयोजित ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट में मुधोल हाउंड रिया ने विदेशी नस्लों को पीछे छोड़कर पहला पुरस्कार जीता था।  

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बारामूला । उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के रफियाबाद के डोगरीपोरा के वन क्षेत्र में तलाशी अभियान के दौरान सेना ने दो पुराने गोले बरामद किए। अधिकारियों ने बताया कि बाद में बम निरोधक दस्ते ने इन गोलों को सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया।   रक्षा सूत्रों के अनुसार, 32 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) के जवानों ने डोगरीपोरा वन क्षेत्र में नियमित तलाशी के दौरान दो संदिग्ध धातु की वस्तुओं का पता लगाया। घटनास्थल की तुरंत घेराबंदी की गई और बम निरोधक दल को विस्फोटकों की जाँच और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए बुलाया गया।   उचित तकनीकी मूल्यांकन और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के बाद बीडीएस दस्ते द्वारा नियंत्रित विस्फोट में दोनों गोलों को नष्ट कर दिया गया। ऑपरेशन बिना किसी नुकसान या चोट के सुचारू रूप से चला। बरामद गोले पुराने और जंग लगे हुए प्रतीत हो रहे थे।  

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चंडीगढ़ । पैसे कमाने की चाहत में डंकी रूट से अमेरिका गए हरियाणा के कैथल जिला के 14 युवकों को अमेरिका ने डिपोर्ट कर दिया है। कैथल पुलिस सभी युवाओं को लेकर रविवार को यहां पहुंची। पुलिस ने कई घंटे की जांच तथा कागजी कार्रवाई के बाद अमेरिका से लौटे युवाओं को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। सभी युवक ‘डंकी रूट’ के माध्यम से अमेरिका पहुंचे थे। इनमें से कुछ युवक कई-कई साल से अमेरिका में रह रहे थे, जबकि कुछ युवक कुछ महीने पहले ही वहां गए थे। इनमें से कुछेक को अमेरिका में पकड़े जाने के बाद डेढ़ साल तक जेल में रखा गया था। सभी युवाओं की उम्र 25 से 40 वर्ष के बीच है। इनमें ज्यादातर ऐसे हैं जिन्होंने विदेश जाकर पैसे कमाने के चक्कर में अपनी जमीन बेच दी तो किसी के परिवार ने जमीन गिरवीं रखकर पैसा उधार लिया। इसके बावजूद यह नौजवान अमेरिका में सेटल नहीं हो सके और ट्रंप सरकार ने डंकी रूट के आधार पर सभी को वापस भेज दिया है। कैथल के डीएसपी ललित यादव के अनुसार, रविवार को दिल्ली एयरपोर्ट से रिसीव करके सभी को कैथल पुलिस लाइन में लाया गया।डिपोर्ट किए गए युवकों में तारागढ़ निवासी नरेश कुमार, पीडल निवासी कर्ण, अग्रसेन कॉलोनी निवासी मुकेश, कैथल निवासी ऋतिक, जडोला निवासी सुखबीर सिंह, हाबड़ी निवासी अमित व दमनप्रीत, बुच्ची निवासी अभिषेक, बात्ता निवासी मोहित, पबनावा निवासी अशोक कुमार, सेरधा निवासी आशीष, सिसला निवासी प्रभात तथा ढांड निवासी सतनाम सिंह शामिल हैं। इनमें से कई युवक 5 से 7 साल तक अमेरिका में रह रहे थे, वहीं कुछ युवक हाल ही में गए थे और पकड़े जाने के बाद से जेल में बंद थे। बताया गया कि इन युवकों को दिल्ली लाने तक हाथ और पैरों में बेडिय़ां लगाई गई थीं।डीएसपी ललित यादव ने बताया कि सभी युवक डंकी रूट के माध्यम से अमेरिका में घुसे थे, जिसे अमेरिका की सरकार ने अवैध मानते हुए उन्हें वापस भेज दिया। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी युवक ने उन एजेंटों के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं करवाई है, जिन्होंने उन्हें गलत तरीके से विदेश भेजा था। यदि कोई शिकायत करता है तो पुलिस उसी अनुसार कार्रवाई करेगी। युवाओं ने कहा कि वे पहले परिवार से बातचीत करेंगे और उसके बाद ही आगे का निर्णय लेंगे।आपराधिक रिकार्ड मिलने पर एक युवक हिरासत मेंपुलिस ने अमेरिका से डिपोर्ट किए गए युवकों की जांच शुरू कर दी है। रविवार को जांच के दौरान तारागढ़ निवासी नरेश कुमार का आपराधिक रिकार्ड सामने आने पर उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया। जानकारी के अनुसार नरेश कुमार चेक बाउंस व एक्साइज एक्ट से संबंधित मामले में भगोड़ा चल रहा था। बाकी 13 युवकों का कोई भी आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया, उन्हें पूछताछ के बाद परिजनों के हवाले कर दिया गया।

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कोकराझार  । कोकराझार जिले में रेलवे लाइन पर पिछले दिनों आईईडी विस्फोट से जुड़ा माओवादी आज सुबह पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस अधीक्षक पुष्पराज सिंह ने संवाददाता सम्मेलन कर इसकी जानकारी दी।   बीते 23 अक्टूबर को तड़के कोकराझार रेलवे लाइन पर आईईडी विस्फोट से जुड़े उग्रवादी की तलाश में नादांगगुरी में पुलिस टीम ने छापेमारी की। छापेमारी के दौरान अचानक हुई मुठभेड़ में पुलिस ने रेलवे लाइन पर आईईडी विस्फोट से जुड़े एपिल मुर्मु उर्फ रोहित मुर्मु (40) को मार गिराया। मुठभेड़ स्थल से पिस्तौल, ग्रेनेड, वोटर कार्ड, झारखंड का आधारकार्ड बरामद किया गया। पुलिस का अभियान आज भी जारी है।   पुलिस अधीक्षक के मुताबिक एपिल मुर्मु उर्फ रोहित मुर्मु पहले झारखंड में एक बम विस्फोट की घटना में शामिल था। पिछले साल अक्टूबर में झारखंड की रेलवे लाइन पर बम विस्फोट कर वह असम भाग आया था। झारखंड में उसे रोहित मुर्मु के नाम से जाना जाता है और दूसरी ओर कोकराझार जिले के कचुगांव ग्राहमपुर निवासी के रूप में उसे एपिल मुर्मु के नाम से जाना जाता है। वह झारखंड और असम, दोनों राज्यों का निवासी था।   पहले वह नासला नामक उग्रवादी संगठन का सदस्य था। नासला के आत्मसमर्पण करने पर वह झारखंड भाग गया और वहां नासना समूह बनाकर संगठन का कमांडेंट बनकर अपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने लगा था। बाद में उसने माओवादी समूह के साथ संबंध बनाए। रोहित मुर्मु की तलाश में झारखंड से एक पुलिस दल असम आया था। साल 2015 से वह झारखंड में हिंसक गतिविधियों में लिप्त था।  

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नई दिल्ली । घरेलू सर्राफा बाजार में सोना और चांदी की कीमत में गिरावट का रुख लगातार जारी है। सोने की कीमत में आज लगातार छठे दिन गिरावट दर्ज की गई। आज के कारोबार में सोना 650 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 710 रुपये प्रति 10 ग्राम तक टूट गया है। वहीं, चांदी आज 4 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ता हो गया है।   कीमत में हुई इस कमी की वजह से देश के ज्यादातर सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोना आज 1,24,360 रुपये से लेकर 1,24,510 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह 22 कैरेट सोना आज 1,13,990 रुपये से लेकर 1,14,140 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। चांदी की कीमत में भी गिरावट आने के कारण ये चमकीली धातु दिल्ली सर्राफा बाजार में आज 1,54,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिक रही है। दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना 1,24,510 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 1,14,140 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,24,360 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,13,990 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 1,24,410 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,14,040 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।   इन प्रमुख शहरों के अलावा चेन्नई में 24 कैरेट सोना आज 1,24,360 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 1,13,990 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। कोलकाता में भी 24 कैरेट सोना 1,24,360 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,13,990 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 1,24,510 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 1,14,140 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,24,410 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,14,040 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,24,510 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,14,140 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।   देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी आज सोने की कीमत में गिरावट आई है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना 1,24,360 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 1,13,990 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।  

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बीजापुर । छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में में बीती रात नक्सलियों ने दाे ग्रामीणों की धारदार हथियार से हत्या कर दी। मृतकों की पहचान रवि कट्टम (25 वर्ष) और तिरुपति सोढ़ी (38 वर्ष) के रूप में हुई है। मृतक तिरुपति का भाई सीआरपीएफ में जवान है।   पुलिस ने आशंका जताई है कि नक्सलियों ने बदले की भावना से इस वारदात को अंजाम दिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही उसूर थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच के साथ ही पुलिस और सुरक्षा बलों ने आस-पास के क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रहे हैं। इस नक्सली हत्या की वारदात के बाद से इलाके में दहशत व्याप्त है।   बीजापुर के एएसपी चंद्रकांत गवर्णा ने शनिवार काे बताया कि उसूर थाना क्षेत्र अंतर्गत नेलाकांकेर गांव में शुक्रवार की रात नक्सली दोनों के घरों में घुसे और धारदार हथियारों से हमला करके उनकी हत्या कर वहां से भाग निकले। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद सुरक्षा बलों की गश्त और सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। उन्हाेंने कहा कि मामले की गहन जांच जारी है और दोषियों को पकड़ने के लिए हर संभव कदम उठाया जा रहा है। बताया गया कि तिरुपति सोढ़ी 8वीं पास था और पेशे से किसान था जबकि कट्टम रवि 12 वीं पास था। दोनों का आवापल्ली, बीजापुर मुख्यालय आना जाना होता था। इसलिए मुखबिरी के शक में नक्सलियों ने उनकी हत्या की है। विगत एक महीने में नक्सली सात ग्रामीणों की हत्या कर चुके हैं।   नक्सलियों ने बस्तर संभाग में अक्टूबर महीने में पांच ग्रामीणों को मौत के घाट उतारा है। चार अक्टूबर काे नक्सलियों ने सुकमा और बीजापुर जिलों में दो ग्रामीणों की हत्या की थी। इससे पहले सुकमा में दो और बीजापुर में एक ग्रामीण को मौत के घाट उतार दिया था। इससे पहले 28 सितंबर को बीजापुर में नक्सलियों ने एक युवक 27 साल का सुरेश कोरसा मनकेली पटेलपारा निवासी की हत्या कर दी थी। नक्सलियों ने सुरेश कोरसा काे अगवा कर मार डाला था। राज्य गठन के बाद से 25 सालों में बस्तर संभाग के अलग-अलग जिलों में नक्सलियाें ने 1820 से ज्यादा लोगों की हत्या कर चुके हैं।

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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए आईएसआईएस से जुड़े एक इंटरस्टेट मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। दिल्ली और मध्य प्रदेश के भोपाल में एक साथ हुई छापेमारी में दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह मॉड्यूल आगामी त्योहारों के दौरान दिल्ली में भीड़भाड़ वाले इलाकों में आतंकी हमला करने की योजना बना रहा था। पुलिस मुख्यालय में शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में स्पेशल सेल के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद सिंह कुशवाहा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों की पहचान सादिक नगर, दिल्ली निवासीमोहम्मद अदनान खान उर्फ अबू मुहरिब (19) और करोंद, भोपाल निवासी अदनान खान उर्फ अबू मोहम्मद (20) के रूप में हुई है। यह कार्रवाई स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त अमित कौशिक की देखरेख में की।  उन्होंने बताया कि दिल्ली निवासी मोहम्मद अदनान ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने आईएसआईएस के मौजूदा खलीफा अबू हफ्स अल-हाशिमी अल-कुरैशी के प्रति बैयत (निष्ठा की शपथ) ली थी। यह शपथ उसने सीरिया स्थित आईएसआईएस हैंडलर अबू इब्राहिम अल-कुरैशी के निर्देश पर ली थी और इसका वीडियो आईएसआईएस की पोशाक में रिकॉर्ड कर भेजा गया था। दोनों आरोपित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कट्टरपंथी वीडियो एडिट कर युवाओं को बरगलाने और भर्ती करने का काम करते थे। ये लोग इंस्ट्राग्राम और यूट्यूब पर कई बार बैन होने के बावजूद नए चैनल बनाकर कटरपंथी सामग्री फैलाते रहे है।जांच में सामने आया कि दोनों आरोपित न केवल ऑनलाइन प्रचार-प्रसार कर रहे थे, बल्कि अब इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बनाने की दिशा में सक्रिय थे। उनके पास से टाइमर क्लॉक, आईएसआईएस का झंडा, आईईडी बनाने की मैनुअल, पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क, लैपटॉप और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद हुई है। स्पेशल सेल की समय रहते कार्रवाई से दिल्ली में त्योहारों के दौरान संभावित आतंकी हमले की साजिश नाकाम हुई है।अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि भोपाल निवासी अदनान खान के पिता सलाम कई प्राइवेट फर्मों में अकाउंटेंट का काम करते हैं और उनकी मां पार्ट-टाइम एक्ट्रेस हैं। आरोपित ने भोपाल से 12वीं कक्षा पढ़ाई पूरी की और अभी भोपाल के ईदगाह में एक व्यक्ति की मेंटरशिप में चार्टर्ड अकाउंटेंसी कर रहा है। आरोपित ने 6 से 10 साल की उम्र के बीच मदरसा में पढ़ाई की। आरोपित को 2024 में यूपी एटीएस ने यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया था। उसने उस समय सोशल मीडिया पर एक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश को धमकी भरी पोस्ट डाली थी, जब न्यायालय ने ज्ञानवापी मामले में वीडियोग्राफिक सर्वे का आदेश दिया था। जमानत मिलने के बाद वह दोबारा ऑनलाइन कट्टरपंथी गतिविधियों में शामिल हो गया था।दिल्ली का मोहम्मद अदनान खान मूल रूप से एटा (उप्र) का रहने वाला है। उसके पिता दूरदर्शन में ड्राइवर हैं और उसकी मां अंजुम खान हाउस वाइफ हैं। उसकी तीन बड़ी बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। उसने एटा में पढ़ाई की और 10वीं क्लास पूरी की। 2022 में पिता के ट्रांसफर के बाद परिवार दिल्ली शिफ्ट हो गया। मोहम्मद अदनान ने दिल्ली में फिर से पढ़ाई शुरू करने की कोशिश की लेकिन परीक्षा पास नहीं कर पाया। बाद में उसने 2025 में डेटा इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा किया। दिल्ली आने के बाद वह सोशल मीडिया पर आईएसआईएस समर्थक पेजों से जुड़ गया और कट्टरपंथी विचारधारा की तरफ झुक गया।अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के अनुसार विग 16 अक्टूबर को दिल्ली के सादिक नगर में छापेमारी के दौरान स्पेशल सेल ने मोहम्मद अदनान को दबोचा। पूछताछ में उसने भोपाल के साथी अदनान का नाम बताया। इसके बाद 18 अक्टूबर को भोपाल एटीएस की मदद से करोंद इलाके से अदनान खान को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपितों ने पूछताछ में यह कबूल किया कि वे सीरिया स्थित आईएसआईएस हैंडलर के संपर्क में थे और भारत में युवाओं को आतंक के रास्ते पर ले जाने का अभियान चला रहे थे।

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करनूल । आंध्र प्रदेश में कुरनूल के बाहरी इलाके चिन्नाटकुरु में एक चलती बस में आग लगने से एक बाइक  सवार सहित 20 लाेगाें की माैत हाे गई है। हादसे में 13 लाेग झुलस गए हैं। हादसे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी ने शाेक जताया और  मृतकाें के परिजनाें काे प्रधानमंत्री राहत काेष से दाे-दाे लाख रुपये का मुआवजा देने की बात कही है। राज्य के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू  नायडू ने घटना की जांच के आदेश दिए है।  तेलंगाना सरकार ने दुर्घटना में मारे गए अपने राज्य के नागरिकाें काे पांच-पांच रुपये  का मुआवजा देने की घाेषणा की है।   शुक्रवार सुबह 3:30 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर कुरनूल जिले के चिन्नाटकुरु में उल्लिंडकोंडा चौराहे पर एक बाइक से टकराने के  बाद हैदराबाद से बेंगलुरु जा रही वेमुरी कावेरी ट्रैवल्स की बस में आग लग गई। बस में 40 यात्री सवार हाेने की बात सामने आई है।आग लगने के बाद 12 यात्री किसी तरह कूद कर अपनी जान बचाने में सफल हाे गए।हादसे में बाइकसवार और अन्य 19 बस  यात्री आग में जिंदा जल गए। अस्पताल से 13 झुलसे लोगों डिस्चार्ज कर दिया गया है1 हादसे में बस चालक और परिचालक बच गए हैं। कुरनूल बस दुर्घटना की जानकारी मिलने पर विदेश से ही आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने मंत्री मंडीपल्ली रामप्रसाद रेड्डी और अधिकारियों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक की। उन्होंने मृतकों की पहचान करने और परिवारों को तत्काल सहायता प्रदान करने के आदेश दिए। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी जिलाें में निजी बसों की फिटनेस, सुरक्षा और परमिट जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दुर्घटना का कारण लापरवाही पाई गई तो ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दुर्घटना में शामिल निजी बस के पंजीकरण, फिटनेस और परमिट की पूरी रिपोर्ट मांगी है। पुलिस जांच कर रही है।   इसी बीच तेलंगाना सरकार ने आंध्र प्रदेश के कुरनूल के बाहरी इलाके में हुई बस दुर्घटना के पीड़ितों के परिवारों के लिए मुआवज़े की घोषणा की है। दुर्घटना में मारे गए तेलंगाना के नागरिकों के परिवारों को 5 लाख रुपये और घायलों को 2 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है। मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने कहा कि घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी।बस अग्नि हादसे की सूचना पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी ने दुख व्यक्त किया। पीएमओ से जारी एक बयान में कहा गया कि आंध्र प्रदेश के करनूल में हुए भीषण सड़क हादसे पर प्रधानमंत्री काे गहरे सदमे में डाल दिया है। इस दुखद घड़ी में उनकी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। उन्हाेंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिवारों को दाे-दाे लाख रुपये और घायलों को 50-50 हज़ार रुपये की सहायता राशि देने की घाेषण भी की है।   इस बीच करनूल के जिलाधीश ने अपने आधिकारिक बयान में बस से 20 यात्रियों के शव निकलने की पुष्टि की है। उन्हाेंने कहा कि  फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम के बाद ही शव उनके परिजनों को सौंपे जाएंगे। उन्होंने कहा कि मृतकाें की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट भी करवाया जाएगा। हादसे की जानकारी के लिए करनूल और गद्यवाल जिले कंट्रोल रूम स्थापित किए गए ताकि बस यात्रियाें के परिजनों को अधिक जानकारी दी जा सके।  

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पटना । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की तरफ से चुनाव अभियान की शुरुआत करते हुए समस्तीपुर के कर्पूरी ग्राम पहुंचे और भारत रत्न स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर को पुष्पांजलि अर्पित की। समस्तीपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार में एकबार फिर एनडीए की मजबूत सरकार का दावा करते हुए कहा कि जब नीयत साफ हो, नीतियां देशहित में हों तो जनता आशीर्वाद देती है।   तेजस्वी और लालू यादव पर हमला करते प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब बिहार वापस से जंगलराज की तरफ जाने वाला नहीं है। यह साल 2005 का अक्टूबर महीना ही था, जब बिहार ने जंगलराज से मुक्ति पाई थी। नीतीश कुमार के नेतृत्व में सुशासन शुरू हुआ था। 10 साल कांग्रेस-राजद केंद्र सरकार में थी, तब कई रोड़े अटकाए। यहां कोई काम नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार को मुश्किल से निकाला। अब बिहार नये दौर में है। कोई कोना नहीं जहां विकास का काम नहीं हो रहा, कहीं जाएं, हर जगह विकास का काम हो रहा है। बिजली, पानी गैस सब पर काम हो रहा, ये समृद्धि का काम है। इससे सबको रोजगार का मौका मिलता है।   मोदी ने जनसभा में कहा कि 11 साल में हमने देखा है। एक-एक राज्य में जनता ने एनडीए को मौका दिया है। अभी महाराष्ट्र में देखिए पहले से कहीं अधिक जनादेश देकर एनडीए की सरकार बनाई। हरियाणा में देखा, पहले से अधिक सीट मिली। यही गुजरात में दिखा, उत्तराखंड में दिखा, फिर से बहुमत मिला। गुजरात के सारे रिकार्ड टूट गए। यूपी और उत्तराखंड में फिर से मौका मिला। ये उदाहरण बताते हैं कि एनडीए मतलब विकास की गारंटी। आपका उत्साह देखकर लग रहा कि बिहार में नीतीश बाबू के नेतृत्व एनडीए जीत के सारे रिकार्ड तोड़ देगी।   प्रधानमंत्री मोदी ने मिथिला भाषा में अपने भाषण की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि त्योहार के बीच इतनी भीड़ का आना बड़ी बात है। उन्होंने सभा में आए सभी लोगों का धन्यवाद किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां आने से पहले वह कर्पूरी ग्राम गए। वहां भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर को नमन करने का अवसर मिला। हम जैसे पिछड़े और गरीब परिवारों से निकले लोग इस मंच पर खड़े हैं, आजाद भारत में सामाजिक न्याय लाने में कर्पूरी ठाकुर की भूमिका बहुत बड़ी रही है। वे मां भारती के अनमोल रत्न थे। हमारी सरकार को उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने का सौभाग्य मिला।   मोदी ने कहा कि मुफ्त इलाज, नल का जल, हर प्रकार की सुविधा एनडीए सरकार दे रही है। सामाजिक न्याय के दिखाए रास्ते को एनडीए ने सुशासन का आधार बनाया है। हमने सबके हितों को प्राथमिकता दी है। एनडीए ने ही अनुसूचित जाति-जनजाति के आरक्षण को आगे बढ़ाया है। डाक्टरी की पढ़ाई के लिए गरीबों को, पिछड़ों को आरक्षण नहीं था, एनडीए सरकार ने ये प्रावधान किया। हमारी सरकार ने ओबीसी को प्राथमिकता दी। कर्पूरी बाबू मातृभाषा में पढ़ाई के बहुत बड़े हिमायती थे। स्थानीय भाषा में पढ़ाई पर बल दिया। अब वंचित का बेटा भी अपनी भाषा में पढ़ सकता है। उनकी प्रेरणा से समृद्धि ला रहे हैं। दूसरी तरफ विपक्षी क्या कह रहे हैं, आपको ज्यादा पता है। हजारों करोड़ों के घोटाले में जमानत पर हैं। जो जमानत पर हैं वे जननायक की उपाधि भी चोरी कर रहे, इसे हम नहीं सहेंगे।   

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केदारनाथ (उत्तराखंड) ।श्री केदारनाथ धाम के कपाट आज प्रातः 8ः30 बजे पूर्ण वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना एवं धार्मिक परम्पराओं के अनुसार शीतकाल के लिए बंद हो गए। कपाट बंद होने की प्रक्रिया प्रातः चार बजे विशेष पूजा-अर्चना के साथ प्रारम्भ हुई।   इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन, पुलिस अधीक्षक अक्षय कोंडे, मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीकेटीसी विजय थपलियाल और तीर्थ पुरोहितगण के अलावा श्रद्धालुगण मौजूद रहे।   कपाट बंद होने बाद बाबा केदारनाथ की डोली ने ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान किया है। डोली का प्रथम पड़ाव रामपुर में होगा। कल डोली गुप्तकाशी पहुंचेगी। 25 अक्टूबर को डोली अपने गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंच जाएगी।

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नई दिल्ली । सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा है कि राजस्थान पुलिस और आईबी ने उनका पीछा किया। इसके साथ ही गीतांजलि ने कहा है कि उनपर दिल्ली में भी नजर रखी गई।गीतांजलि ने कहा है कि जब वे जोधपुर जेल में अपने पति से मिलने गई थीं तो उन पर नजदीक से नजर रखी जा रही थी। उनका कहना है कि जब वे पति से मिलने के लिए ।7 और 11 अक्टूबर को जोधपुर पहुंचीं तो एयरपोर्ट पर उतरते ही उन्हें पुलिस के वाहन पर बैठा लिया गया। उनसे हर बार अपनी यात्रा से पहले यात्रा का पूरा विवरण अघिकारियों से साझा करने को कहा गया। यहां तक कि जब वे अपने पति से मुलाकात कर रही थीं उस समय भी मंगलेश नामक डीसीपी और एक महिला कांस्टेबल उनकी बातें सुन कर उन्हें नोट कर रहे थे। हलफनामे में कहा गया है कि जोधपुर में गीतांजलि को किसी से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। ऐसा करना संविधान में प्रदत्त अधिकारों का खुला उल्लंघन है।केंद्र सरकार ने 15 अक्टूबर को कहा था कि सोनम वांगचुक को उनकी गिरफ्तारी की वजह बता दी गई है। जिसके बाद गीतांजलि की ओर से पेश कपिल सिब्बल ने कहा था कि गिरफ्तारी की वजह बताने वाले बिंदुओं को चुनौती देने के लिए याचिका में संशोधन करने की जरूरत है। सिब्बल ने कहा था कि सोनम वांगचुक ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देने के लिए कुछ नोट्स तैयार किए हैं लेकिन वो नोट्स सोनम वांगचुक की पत्नी को शेयर नहीं करने दिया जा रहा है। उसके बाद कोर्ट ने सोनम वांगचुक की ओर से तैयार नोट्स उनके वकील के जरिये सोनम की पत्नी को शेयर करने का आदेश दिया था।कपिल सिब्बल ने 6 अक्टूबर को कहा था कि हिरासत गलत है, हम इसका विरोध करते हैं। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि सोनम वांगचुक को गिरफ्तारी की वजह की प्रति उपलब्ध करा दी गई है।याचिका में सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को चुनौती दी गई है। सोनम वांगचुक को 26 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था और वे राजस्थान के जोधपुर जेल में बंद हैं। गीतांजलि ने अपने पति को रिहा करने की मांग करते हुए याचिका में कहा कि सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के एक हफ्ते के बाद भी उनके स्वास्थ्य के बारे में उन्हें कोई सूचना नहीं है।   सोनम वांगचुक लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। इस दौरान लद्दाख में हुई हिंसा के बाद गोलीबारी में 4 लोगों की मौत हो गई थी।  

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नई दिल्ली । घरेलू सर्राफा बाजार में भाई दूज के दिन भी गिरावट का रुख बना हुआ है। सोने की कीमत में आज लगातार चौथे दिन गिरावट दर्ज की गई है। आज के कारोबार में सोना 4,300 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 4,690 रुपये प्रति 10 ग्राम तक टूट गया है। वहीं, चांदी आज 4 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ता हो गया है। कीमत में हुई इस कमी की वजह से देश के ज्यादातर सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोना आज 1,25,880 रुपये से लेकर 1,26,030 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह 22 कैरेट सोना आज 1,15,390 रुपये से लेकर 1,15,540 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। चांदी की कीमत में बड़ी गिरावट के कारण ये चमकीली धातु दिल्ली सर्राफा बाजार में आज 1,59,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिक रही है। दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना 1,26,030 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 1,15,540 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,25,880 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,15,390 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 1,25,930 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,15,440 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।   इन प्रमुख शहरों के अलावा चेन्नई में 24 कैरेट सोना आज 1,25,880 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 1,15,390 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। कोलकाता में भी 24 कैरेट सोना 1,25,880 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,15,390 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 1,26,030 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 1,15,540 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,25,930 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,15,440 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,26,030 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,15,540 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी आज सोने की कीमत में गिरावट आई है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना 1,25,880 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 1,15,390 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।  

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नई दिल्ली। ओलंपिक पदक विजेता भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की उपस्थिति में भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद उपाधि प्रदान की गई। लेफ्टिनेंट कर्नल (मानद) नीरज चोपड़ा और उनके परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत करते हुए रक्षा मंत्री ने उन्हें दृढ़ता, देशभक्ति और उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने की भारतीय भावना का प्रतीक बताया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने​ बुधवार को साउथ ब्लॉक में पिपिंग समारोह के दौरान स्टार भाला फेंक खिलाड़ी और दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा को प्रादेशिक सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के मानद पद का चमचमाता प्रतीक चिह्न औपचारिक रूप से प्रदान किया। राजनाथ सिंह ने कहा​ कि नीरज चोपड़ा अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रीय गौरव के सर्वोच्च आदर्शों के प्रतीक हैं। ​वह खेल जगत​ के साथ ही सशस्त्र बलों के लिए ​भी प्रेरणास्रोत हैं। इस अवसर पर थल सेनाध्यक्ष जनरल द्विवेदी और भारतीय सेना एवं प्रादेशिक सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।   हरियाणा के पानीपत जिले के खंडरा ​गांव में 24 दिसंबर​ 1997 को​ जन्मे​ नीरज चोपड़ा​ ने अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स में अपनी उल्लेखनीय उपलब्धियों के माध्यम से राष्ट्र और सशस्त्र बलों को गौरवान्वित किया है।​ उन्होंने 2016 में भारतीय सेना में भर्ती ​होकर राजपूताना राइफल्स में सेवा की है। इस स्टार भाला फेंक खिलाड़ी ने 2020 के टोक्यो ओलंपिक में ट्रैक एंड फील्ड में ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बनकर इतिहास रच दिया। उन्होंने 2024 के पेरिस ओलंपिक में रजत पदक और 2023 की विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखा। उन्होंने एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और डायमंड लीग स्पर्धाओं में भी कई स्वर्ण पदक जीते हैं। 90.23 मीटर (2025) का उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो भारतीय खेल इतिहास में एक मील का पत्थर है। राष्ट्र के प्रति उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों और अनुकरणीय सेवा के सम्मान में लेफ्टिनेंट कर्नल (मानद) नीरज चोपड़ा को​ इसी साल 16 अप्रैल को राष्ट्रपति द्रौपदी​ मुर्मु ने प्रादेशिक सेना में मानद कमीशन प्रदान किया​ था। इससे पहले उन्हें पद्मश्री, मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार, अर्जुन पुरस्कार, परम विशिष्ट सेवा पदक और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया ​जा चुका है।

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नई दिल्ली । घरेलू सर्राफा बाजार में सोने की कीमत में आज लगातार तीसरे दिन मामूली गिरावट दर्ज की गई है। कीमत में हुई इस कमी की वजह से देश के ज्यादातर सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोना आज 1,30,570 रुपये से लेकर 1,30,720 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह 22 कैरेट सोना आज भी 1,19,690 रुपये से लेकर 1,19,840 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना 1,30,720 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 1,19,840 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,30,570 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,19,690 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 1,30,620 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,19,740 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।   इन प्रमुख शहरों के अलावा चेन्नई में 24 कैरेट सोना आज 1,30,570 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 1,19,690 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। कोलकाता में भी 24 कैरेट सोना 1,30,570 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,19,690 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 1,30,720 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 1,19,840 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,30,620 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,19,740 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,30,720 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,19,840 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी आज सोने की कीमत में मामूली गिरावट आई है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना 1,30,570 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 1,19,690 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

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आगरा । मथुरा में वृंदावन रोड व आझही स्टेशन के बीच मंगलवार रात मालगाड़ी के बारह डिब्बे पटरी से उतर जाने के बाद रेलवे ट्रैक की अप एंड डाउन की लगभग सभी लाइनों पर रेल यातायात ठप हो गया। इसकी वजह से कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा या ट्रेनों के मार्ग परिवर्तित किए गए। कई ट्रेनों को मथुरा पहुंचने से पहले ही आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर रोक लिया गया। मथुरा रेल हादसे के बाद आगरा-दिल्ली रेल मार्ग की कई गाड़ियों को निरस्त कर दिया गया है और कई का मार्ग बदला गया है। शताब्दी, वंदे भारत समेत कई ट्रेनें निरस्त करने से यात्रियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रुट बदलने के बाद यात्रा में कई घंटे का इजाफा हुआ है जो यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बना है। दुर्घटना स्थल पर अप एंड डाउन की तीन लाइन अभी काफी हद तक प्रभावित है। चौथी लाइन को साफ किया जा रहा है जिस पर आंशिक रूप से संचालन शुरू हुआ है।आगरा रेल मंडल की जनसंपर्क अधिकारी प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि यह दुर्घटना आगरा रेल मंडल के पलवल मथुरा खंड के अंतर्गत वृंदावन एवं आझई स्टेशनो के बीच में हुई है। आगरा से राहत एवं बचाव ट्रेन को रवाना कर दिया गया। आगरा से ट्रेन के साथ भेजी गई टीम में कई अधिकारी कर्मचारी मौजूद है। दुर्घटना के बाद कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है तथा कई ट्रेनों के मार्ग भी बदले गए हैं जिसमें प्रमुख रूप से 64958 पलवल आगरा कैंट मेमू, 64955 आगरा कैंट टूंडला मेमू, 22470-22469 खजुराहो वंदे भारत, 12002-12001 शताब्दी एक्सप्रेस, 12280-12279 ताज एक्सप्रेस, 20452-20451 सोगारिया इंटरसिटी सुपरफास्ट एक्सप्रेस और 12050-12049 गतिमान एक्सप्रेस को रद्द कर दिया गया है। वहीं, 12486 हजूर साहिब एक्सप्रेस, 12472 स्वराज एक्सप्रेस, 20156 नई दिल्ली अंबेडकर नगर एक्सप्रेस, 12172 हरिद्वार मुंबई एक्सप्रेस, 22408 हजरत निजामुद्दीन अंबिकापुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस, 22210 दूरंतो एक्सप्रेस, 12722 दक्षिण सुपरफास्ट एक्सप्रेस, 01494 पुणे सुपरफास्ट के मार्ग के परिवर्तन किया है। इसके साथ ही कई ट्रेनों को आंशिक निरस्त भी किया गया है।   ट्रैक बाधित होने की वजह से कई ट्रेनों को छाता, धौलपुर, आगरा कैंट व अन्य स्टेशनों पर रोक दिया गया। वहीं, उत्तर मध्य रेलवे ने पश्चिम रेलवे और पश्चिम मध्य रेलवे की ओर जाने वाली ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन कर दिया है। रेवाड़ी, अलवर, जयपुर, सवाई माधोपुर, कोटा और बीना जाने वाली ट्रेन गाजियाबाद, मितावली, आगरा कैंट और बीना मार्ग से डायवर्ट करने की योजना बनाई गयी है।   मालगाड़ी दुर्घटना के कारण जनहानि तो नहीं हुई लेकिन दीपावली पर्व के कारण घर जाने और लौटने वाले यात्रियों की संख्या बहुत ज्यादा है। रुट परिवर्तन और गाड़ियों के कैंसिल होने की वजह से यात्रियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे ने यात्रियों से धैर्य रखने की अपील की है।  

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नई दिल्ली । लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में आज ही के दिन चीनी सैनिकों के हमले में 10 बहादुर पुलिसकर्मियों की शहादत की याद में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करके बलिदानियों को याद किया। उन्होंने कहा कि सेना भारत की भौगोलिक अखंडता की रक्षा करती है, तो पुलिस भारत की सामाजिक अखंडता की रक्षा करती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश से नक्सलवाद की समस्या अगले साल मार्च तक समाप्त हो जाएगी।   राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि आज पुलिस को न केवल अपराध से, बल्कि धारणा से भी लड़ना है। यह अच्छी बात है कि हमारी पुलिस अपने आधिकारिक कर्तव्य के साथ-साथ अपने नैतिक कर्तव्य का भी बखूबी निर्वहन कर रही है। आज देश के नागरिकों को विश्वास है कि अगर कुछ गलत होता है, तो पुलिस उनके साथ खड़ी रहेगी। रक्षा मंत्री ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस देश की सुरक्षा में अपने आप को समर्पित कर देने वाले हमारे पुलिस और सभी अर्धसैनिक बलों के जवानों के त्याग को याद करने का दिन है।   राजनाथ सिंह ने कहा कि पुलिस व्यवस्था तभी प्रभावी रूप से काम कर सकती है, जब समाज के नागरिक पुलिस के सहयोगी के रूप में काम करते हैं और कानून का सम्मान करते हैं। जब समाज और पुलिस के बीच संबंध आपसी समझ और ज़िम्मेदारी पर आधारित होते हैं, तब समाज और पुलिस बल दोनों समृद्ध होते हैं। वर्तमान चुनौतियों पर राजनाथ सिंह ने कहा कि सीमाओं पर अस्थिरता के साथ ही समाज में नए प्रकार के अपराध, आतंकवाद और वैचारिक युद्ध उभर रहे हैं। अपराध अधिक संगठित, अदृश्य और जटिल हो गया है और इसका उद्देश्य समाज में अराजकता पैदा करना, विश्वास को कम करना और राष्ट्र की स्थिरता को चुनौती देना है।   रक्षा मंत्री ने अपराध रोकने की अपनी आधिकारिक जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ समाज में विश्वास बनाए रखने के अपने नैतिक कर्तव्य को पूरा करने के लिए पुलिस की सराहना की। उन्होंने कहा कि अगर आज लोग चैन की नींद सो रहे हैं, तो इसका कारण हमारे सतर्क सशस्त्र बलों और सतर्क पुलिस पर उनका भरोसा है। यही विश्वास हमारे देश की स्थिरता की नींव है। लंबे समय से आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती रहे नक्सलवाद की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि पुलिस, सीआरपीएफ, बीएसएफ और स्थानीय प्रशासन के संगठित और समन्वित प्रयासों से वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लोगों ने राहत की सांस ली है।   उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश से नक्सलवाद की समस्या अगले साल मार्च तक समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कई शीर्ष नक्सलियों का सफाया किया गया है। राज्य के खिलाफ हथियार उठाने वाले अब आत्मसमर्पण करके विकास की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित जिलों की संख्या में भारी कमी आई है। कभी नक्सलियों के गढ़ रहे क्षेत्र अब शिक्षा के गढ़ बन रहे हैं। कभी लाल गलियारे के रूप में पहचान रखने वाले इलाके अब विकास के गलियारों में तब्दील हो गए हैं। इस सफलता में हमारी पुलिस और सुरक्षा बलों का महत्वपूर्ण योगदान है।   इस कार्यक्रम के तहत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और दिल्ली पुलिस की संयुक्त परेड आयोजित की गई। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री बंदी संजय कुमार, गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन डेका, सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी, सीएपीएफ के अन्य प्रमुख, सेवानिवृत्त महानिदेशक और पुलिस बिरादरी के अधिकारी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

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नई दिल्ली । घरेलू शेयर बाजार में आज दिवाली और लक्ष्मी पूजन की छुट्टी रहने वाली है। आज सिर्फ परंपरागत मुहूर्त ट्रेडिंग के लिए शेयर बाजार दोपहर 1:45 बजे से लेकर 2:45 बजे तक खुलेगा। आज के बाद कल 22 अक्टूबर को शेयर बाजार में दिवाली बलि प्रतिपदा की छुट्टी होगी। इस तरह घरेलू शेयर बाजार में लगातार दो दिन 21 और 22 अक्टूबर को छुट्टी रहेगी। इसके बाद 23 और 24 अक्टूबर को सामान्य कारोबार होगा, जबकि 25 अक्टूबर को शनिवार और 26 अक्टूबर को रविवार के चलते स्टॉक मार्केट बंद रहेंगे। इस तरह इस सप्ताह शेयर बाजार 4 दिन बंद रहेगा। इसका एक अर्थ ये भी है कि इस सप्ताह स्टॉक मार्केट में कल यानी सोमवार को हुए कारोबार समेत कुल तीन दिन ही सामान्य कारोबार होने वाला है। स्टॉक एक्सचेंज की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार आज और कल यानी 21 और 22 अक्टूबर को बीएसई में इक्विटी सेगमेंट और इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट समेत एसएलबी सेगमेंट, करेंसी डेरिवेटिव्स सेगमेंट्स, एनडीएस-आरएसटी, ट्राई पार्टी रेपो, कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट, इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट्स (ईजीआर) सेगमेंट सभी के लिए ट्रेडिंग हॉलिडे है। एनएसई में भी इन दोनों तारीखों पर इक्विटीज, इक्विटी डेरिवेटिव्स, कमोडिटीज डेरिवेटिव्स, कॉरपोरेट बॉन्ड्स, न्यू डेट सेगमेंट्स, निगोशिएटेड ट्रेड रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म, म्यूचुअल फंड्स, सिक्योरिटी लेंडिंग एंड बॉरोइंग स्कीम्स, करेंसी डेरिवेटिव्स और इंट्रेस्ट रेट डेरिवेटिव्स सभी सेगमेंट्स में छुट्टी रहेगी। इसके अलावा मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर भी दिवाली के मौके पर 21 और 22 अक्टूबर को छुट्टी रहेगी। दिवाली के बाद बाकी बचे हुए साल 2025 में शनिवार-रविवार के अलावा शेयर बाजार नवंबर में 5 तारीख को गुरु पूरब की छुट्टी होगी, जबकि 25 दिसंबर को क्रिसमस के मौके पर स्टॉक मार्केट बंद रहेगा। इन छुट्टियों के अलावा करेंसी डेरिवेटिव सेगमेंट में 5 सितंबर को ईद-ए-मिलाद की भी छुट्टी रहेगी।

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दीपावली के अवसर पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम समाज और आस-पास सद्भाव, सहयोग और सकारात्मकता का दीप जलाएं। उन्होंने कहा, “दीपावली हमें यह भी सिखाती है कि जब एक दीपक दूसरे दीपक को जलाता है, तो उसका प्रकाश कम नहीं होता, बल्कि और बढ़ता है।”प्रधानमंत्री ने दीपावली पर देशवासियों के नाम लिखे एक पत्र अयोध्या में राम मंदिर, ऑपरेशन सिंदूर, नक्सलवाद के खात्मे, जीएसटी उत्सव और स्वदेशी अपनाने का जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि हम सभी भाषाओं का सम्मान करें। हम स्वच्छता बनाए रखें। हम अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। हम अपने भोजन में तेल का उपयोग 10 प्रतिशत कम करें और योग को अपनाएं। ये सभी प्रयास हमें तेज़ी से विकसित भारत की ओर ले जाएंगे।प्रधानमंत्री ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के भव्य निर्माण के बाद यह दूसरी दीपावली है। भगवान श्रीराम हमें धर्म की शिक्षा देते हैं और अन्याय से लड़ने का साहस भी देते हैं। इसका जीता जागता उदाहरण हमने कुछ महीने पहले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देखा था। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, भारत ने न केवल धर्म की रक्षा की, बल्कि अन्याय का बदला भी लिया।नक्सलवाद के खात्मे की ओर बढ़ने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस दीपावली में पहली बार देशभर के दूरदराज कई जिलों में दीप जलाए जाएंगे। इन जिलों में नक्सलवादी आतंकवाद का जड़ से सफाया हो चुका है। हाल के दिनों में कई लोग हिंसा का रास्ता छोड़ विकास की मुख्यधारा में शामिल हुए हैं। यह देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।जीएसटी बचत उत्सव पर प्रधानमंत्री ने कहा कि संकटों से जूझ रहे विश्व में भारत स्थिरता और संवेदनशीलता दोनों का प्रतीक बनकर उभरा है। देश ने हाल के दिनों में अगली पीढ़ी के सुधारों की भी शुरुआत की है। नवरात्रि के पहले दिन जीएसटी की कम दरें लागू की गईं। इस बचत उत्सव के दौरान नागरिक हज़ारों करोड़ रुपये बचा रहे हैं।स्वदेशी अपनाने पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत की यात्रा में नागरिक के तौर पर हमारी प्राथमिक ज़िम्मेदारी राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “आइए हम ‘स्वदेशी’ (स्थानीय उत्पाद) अपनाएं और गर्व से कहें ‘यह स्वदेशी है!’। आइए हम ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को बढ़ावा दें।

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देहरादून।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आदि कैलाश जाने के बाद श्रद्धालुओं का आदि कैलाश यात्रा को लेकर रुझान बढ़ा है। आदि कैलाश की इस वर्ष यात्रा ने पिछले वर्षों का रिकार्ड तोड़ा है। इस साल 31 हजार 5 सौ 98 यात्री आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन कर चुके हैं।   पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि देवभूमि उत्तराखंड में अध्यात्मिक सुख और शांति की तलाश में श्रद्धालुओं के कदम तेजी से बढ़ रहे हैं। आदि कैलाश यात्रा को और अधिक व्यवस्थित किया जाएगा ताकि यात्रियों को यात्रा मार्ग पर सभी सुविधाएं उपलब्ध हों। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी यात्रा सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया है।आदि कैलाश: हिमालय की ऊंचाईयों पर जहां बसते हैं शंकरपिथौरागढ़ जिले में स्थित आदि कैलाश को छोटा कैलाश, शिव कैलाश, बाबा कैलाश व जोंगलिंगकोंग चोटी के नाम से जाना जाता है। हिमालय का यह हिस्सा हिन्दू शास्त्रों में अत्यंत पवित्र माना जाता है। यहां तक कहा गया है कि जिसने आदि कैलाश के दर्शन कर लिए उसने साक्षात शिव का सानिध्य प्राप्त कर लिया। पंच कैलाश में आदि कैलाश दूसरे स्थान पर है। बता दें कि पंच कैलाश में प्रथम कैलाश (तिब्बत), द्वितीय आदि कैलाश, ततीय श्रीखंड या शिखर कैलाश, चतुर्थ किन्नौर कैलाश और पंचम कैलाश मणि महेश कैलाश है। यहां गौरीकुंड व पार्वती नाम से दो ताल हैं। हिमालय की ऊंचाई पर स्थित इन ताला प्रकृति का दर्पण से प्रतीत होते हैं। स्वच्छ गहरे नीले पानी में प्रकृति ऐसे नजर आती है, जैसे श्रृंगार कर रही हो। इन दोनों तालों के प्रति सनातनियों की गहरी आस्था है।   ओम पर्वत, शिव के ओंकार रूप के दर्शनजन्मातंर के पुण्यों का उदय ही है कि ऊं पर्वत के दर्शन हो रहे हैं, ऊं शब्द को साक्षात समक्ष देखकर तो कई श्रद्धालुओं की आस्था नयनों से झलक उठती है। हिमालय की 6191 मीटर की ऊंचाई पर स्थित ओम पर्वत अद्भूत रचना है। यहां स्वयं ब्रहम, विष्णु और महेश की शक्ति एक पर्वत पर नजर आती है। आदि कैलाश यात्रा के दौरान यह पर्वत पौराणिक मान्यता है कि हिमालय में आठ ऊं स्थित है लेकिन अभी तक सिर्फ यही ओम पर्वत नजर आता है। .आदि कैलाश और ऊं पर्वत यात्रा ने बनाया रिकार्डआदि कैलाश यात्रा में इस साल यात्रियों संख्या का रिकार्ड बना है। उत्तराखंड पर्यटन विभाग के अनुसार वर्ष 2022 में 1757, 2023 में 10,025, 2024 में 29,352 और इस साल 31,598 यात्री आदि कैलाश व ऊं पर्वत के दर्शन कर चुके हैं। यात्रा लगातार विस्तार ले रही है और ऐसे में पिथौरागढ़ जिला प्रशासन की जिम्मेदारियां भी बढ़ रही है। पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी बताते हैं कि यात्रा कठिन जरूर है लेकिन यात्रियों को सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है।  

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लखनऊ । रक्षामंत्री और क्षेत्रीय सांसद राजनाथ सिंह ने रविवार को लखनऊ में भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेई और पूर्व राष्ट्रपति डा. एपीजेअब्दुल कलाम की प्रतिमाओं का अनावरण किया। इसके अलावा राजनाथ सिंह ने जानकीपुरम सेक्टर एफ में सामुदायिक केन्द्र और सेक्टर 6 में पुस्तकालय का भी लोकार्पण किया।   इस माैके पर लखनऊ के सांसद व रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हम सांसद रहें न रहें। लखनऊ के विकास के प्रति हमारी पूरी प्रतिबद्धता कायम रहेगी। जहां तक मुझसे हो सका है मैंने करने की कोशिश की है। राजनाथ सिंह ने कहा कि दुनिया के अन्य देशों से लखनऊ का एयर कनेक्शन बन जाना चाहिए। इसके लिए प्रयास हो रहा है।उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान एरोनाटिक्स लिमिटेड करिश्माई काम कर रहा है। लोगों को शादी ब्याह करने के लिए स्थान नहीं मिलता था। लखनऊ के हर विधानसभा क्षेत्र में एक बड़ा सामुदायिक केन्द्र स्थापित किया जाएगा। इसके रख-रखाव के लिए थोड़ा बहुत पैसा ही लगेगा। रक्षामंत्री ने कहा कि एक भी पार्क नहीं बचना चाहिए, जहां ओपेन​ जिम की व्यवस्था न हो। लखनऊ के 301 पार्कों में ओपेन जिम शुरू हो गया और 250 स्थानों पर ओपेन जिम की शुरूआत आज से हो रही है। लखनऊ में 1250 सोलर लाइट लगी हैं। 25 फलाईओवर स्वीकृत है। उसमें 14 बन गये हैं। इसके अलावा 11 फलाईओवर और स्वीकृत हैं।राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ विकास के पथ पर तेजी से बढ़ चला है। विश्व के 10 शहरों में हमारा लखनऊ भी आ गया है। मैं चाहता हूं कि यह लखनऊ नंबर एक पर आ जाय। हमारा शहर विश्वस्तरीय लखनऊ बनना चाहिए। अभी कुछ दिन पहले भारत के स्वच्छता सर्वेक्षण में लखनऊ को भारत के टॉप थ्री शहरों में चुना गया। उत्तर प्रदेश में नंबर वन, भारत में नंबर थ्री। हमारी कोशिश होनी चाहिए कि लखनऊ स्वच्छता के मामले में नंबर वन बने। मेरी दृष्टि में लखनऊ को एक ऐसा विश्व स्तरीय शहर बनाना है जहां परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत समागम हो   कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद डाॅ. दिनेश शर्मा, राज्यसभा सांसद बृजलाल, महापौर सुषमा खर्कवाल, एमएलसी मुकेश शर्मा, रामचंद्र प्रधान, महानगर अध्यक्ष भाजपा, आनंद द्विवेदी, विधायक नीरज बोरा, योगेश शुक्ला , राम औतार कनौजिया, सौरभ वाल्मीकि एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के बाद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक पार्षद राजकुमारी मौर्य के आवास पहुंचकर उनकी माताजी के चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित की। विगत दिनों उनकी माता का निधन हो गया था।    

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ढाका । हज़रत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (एचएसआईए) के कार्गो विलेज में शनिवार दोपहर लगी भीषण आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया है। देर रात हवाई अड्डे से उड़ानों का संचालन दोबारा शुरू हो गया। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।   ढाका स्थित हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के कार्गो विलेज एरिया में शनिवार दोपहर करीब सवा दो बजे भीषण आग लग गई थी।  आग इतनी तेजी से फैली कि सभी उड़ाने तुरंत रोकनी पड़ीं। आसमान में उठा काला धुआं आसपास के इलाकों में फैल गया। इस दौरान एचएसआईए से विमानों का संचालन रोक दिया गया। सतर्कता बरतते हुए कई घरेलू विमानों को ढाका में उतारने के बजाय चटगांव भेज दिया गया। अग्निशमन सेवा और हवाई अड्डा प्राधिकरण के त्वरित और साझा प्रयासों के साथ करीब 7 घंटे बाद आग पर काबू पाया गया।   मीडिया समूह प्रोथोम आलो ने नागरिक उड्डयन एवं पर्यटन मंत्रालय का हवाला देते हुए बताया है कि एचएसआईए के कार्गो विलेज में लगी आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया और रात 9:30 बजे उड़ानों का संचालन दोबारा शुरू हो गया।    मंत्रालय के मुताबिक दोपहर लगभग 2:15 बजे लगी आग पर अग्निशमन सेवा और हवाई अड्डा प्राधिकरण के त्वरित और समन्वित प्रयासों के बाद काबू पा लिया गया और इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए आधिकारिक जाँच शुरू कर दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि आग लगने के कारणों का पता लगाने और इसकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए उचित उपाय किए जाएँगे।

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गरियाबंद/रायपुर । छत्तीसगढ़ के बस्तर में 210 नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद आज छत्तीसगढ़ के गरियाबंद के उदंती एरिया कमेटी के नक्सली एरिया कमांडर सुनील के एक कथित जारी पत्र में धमतरी-गरियाबंद नुआपड़ा डिवीजन के साथियों से हथियार छोड़ने की अपील की गई है। इस संबंध में गरियाबंद के पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि ऐसे किसी पहल का स्वागत है।   गरियाबंद पुलिस ने ऐसे पत्र मिलने की पुष्टि की है और कहा है कि इसकी जांच-पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने कहा है कि ऐसे किसी भी कदम का स्वागत है। गरियाबंद एसपी निखिल राखेचा ने नक्सलियों से पूर्व में ही आत्मसमर्पण की अपील कर चुके हैं। उन्होंने जानकारी दी है कि गरियाबंद जिले में नक्सल संगठन की रीढ़ टूट चुकी है। कोई बड़ा सीनियर नक्सली बचा नहीं है। पिछले 9 महीनों में 15 सितम्बर तक गरियाबंद मे सक्रिय 27 नक्सलियों ने अलग-अलग जगह जाकर आत्मसमर्पण किया है, तो वही 28 नक्सलियों को मारा जा चुका है।आत्मसमर्पित नक्सलियों में जनवरी 2025 में हुए मुठभेड़ में मारे गए कुख्यात नक्सली सत्यम गावड़े की पत्नी नक्सलियों की नगरी कमेटी की सचिव आठ लाख की इनामी जानसी शामिल है। अक्टूबर माह में डीजीएन डिवीजन और ओडिशा स्टेट कमेटी से जुड़े तीन सक्रिय नक्सलियों नागेश उर्फ रामा कवासी,जैनी उर्फ देवे मडकम तथा मनीला उर्फ सुंदरी कवासी ने हथियारों के साथ गरियाबंद पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था। तीनों नक्सलियों पर 1-1 लाख रुपये का इनाम घोषित था। तीनों बीजापुर के रहने वाले हैं।   उल्लेखनीय है छत्तीसगढ़ की नक्सलियों को लेकर बनाई गई पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण को लेकर बनाई गई नीति एवं सशस्त्र बलों के दवाब से नक्सलियों का मनोबल टूटा है और उनके नेता अपने साथियों के साथ लगातार आत्मसमर्पण कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने देश को नक्सल मुक्त बनाने की समय सीमा मार्च 2026 तय की है। कई प्रदेशों में बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं।    दो दिन पहले गुरुवार को गढ़चिरौली में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने 61 नक्सलियों के आत्मसमर्पण और उसके बाद कल यानी शुक्रवार को जगदलपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सामने 210 नक्सलियों के आत्मसमर्पण किया है । अब उदंती एरिया कमेटी के एरिया कमांडर सुनील ने पत्र जारी कर बस्तर और महाराष्ट्र में आत्मसमर्पित नेताओं के आत्मसमर्पण के निर्णय को सही ठहराते हुए गोबरा, सीनापाली, एसडीके, सीतानदी में सक्रिय नक्सलियों से हथियार छोड़ने की अपील की है। नक्सली कमांडर सुनील ने रूपेश की तरह अपना मोबाइल नंबर जारी कर 20 अक्टूबर को सभी से एकत्रित होने की अपील की है।

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चंडीगढ़ । पंजाब में फतेहगढ़ साहिब जिला के सरहिंद रेलवे स्टेशन के पास आज सुबह गरीब रथ ट्रेन की एक बोगी में आग लग गई। गरीब रथ अमृतसर से बिहार के सहरसा जा रही थी। आग बोगी नंबर 19 में लगी। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।प्रारंभिक जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग लगने की सूचना मिलते ही इमरजेंसी ब्रेक से ट्रेन को रोका गया। जैसे ही ट्रेन रुकी तो यात्रियों में भगदड़ मच गई। एक-दूसरे से पहले नीचे उतरने के चक्कर में कई यात्री चोटिल हो गए। करीब एक घंटे बाद आग पर काबू पाया गया।अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन सुबह सात बजे सरहिंद स्टेशन से गुजरी। गांव ब्राह्मण माजरा के पास एक यात्री ने बोगी नंबर 19 से धुआं उठता देखा। उसने शोर मचाते हुए चेन खींच दी। धुएं के साथ आग की लपटें भी उठने लगी। इससे अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही रेलवे, फायर बिग्रेड और पुलिस टीमें मौके पर पहुंची। इससे पहले अफरातफरी के बीच यात्री बोगी से उतरने लगे। अन्य बोगी के यात्री भी नीचे उतर आए। टीटीई और पायलट इसकी सूचना रेलवे कंट्रोल रूम को दी।रेलवे ने बयान में कहा है कि आज सुबह साढ़े 7 बजे पंजाब के सरहिंद स्टेशन पर ट्रेन संख्या 12204 अमृतसर-सहरसा के एक डिब्बे में आग लग गई। घटना का पता चलते ही रेलवे अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए यात्रियों को दूसरे डिब्बों में स्थानांतरित कर दिया और आग भी जल्दी बुझा दी गई। ट्रेन शीघ्र ही रवाना होगी। कोई हताहत नहीं हुआ।  

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लखनऊ । केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ स्थित ब्रह्मोस एयरोस्पेस इकाई में तैयार की गई ब्रह्मोस मिसाइलों की पहली खेप को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान के लिए एक ट्रेलर था। पाकिस्तान की एक-एक इंच जमीन ब्रह्मोस की पहुंच में है। अब ब्रह्मोस से दुश्मन बच नहीं सकता।   रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन उत्तर प्रदेश की जनता के लिए महत्वपूर्ण है। उप्र और लखनऊ के विकास को देखकर खुशी तो होती ही है लेकिन आज जब इस भूमि पर डिफेंस सेक्टर से जुड़ी इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल हो रही है तो खुृशी के साथ गौरव का भाव भी मेरे अंदर स्वाभाविक रूप से आ रहा है। लखनऊ डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में अहम भूमिका निभा रहा है।   रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत अपने सपने को भरोसे में बदलने की ताकत रखता है। इसी भरोसे ने हमें ऑपरेशन सिंदूर में ताकत दी। उन्होंने कहा कि जीत हमारी आदत बन चुकी है। इस आदत को और मजबूत बनाना है। ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत दुनिया ने देखी। हर साल करीब 100 मिसाइल सिस्टम लखनऊ यूनिट से बनकर तैयार होगा। ब्रह्मोस जल सेना थल सेना वायु सेना की रीढ़ बन चुका है।   राजनाथ ने कहा कि लखनऊ मे​रे लिए सिर्फ संसदीय क्षेत्र ही नहीं बल्कि यह मेरे ह्रदय में बसा है। लखनऊ तहजीब का ही नहीं बल्कि टेक्नोलॉजी का शहर बन गया है। अब यह इंडस्ट्री का शहर बन गया है। यहां से निकलने वाला हर कदम ब्रह्मोस की विश्वसनीयता के साथ-साथ लखनऊ की विश्वसनीयता बढ़ी है। यह प्रोजेक्ट भारत के बढ़ते आत्मविश्वास व ताकत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पहले यूपी में गुण्डाराज था। उत्तर प्रदेश अब किसी भी चैलेंस के लिए तैयार है। आंतरिक सुरक्षा व बाह्य सुरक्षा उत्तर प्रदेश सभी चुनौतियों को लेने के लिए तैयार है।   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि ब्रह्मोस देश की रक्षा करने में सक्षम है। ब्रह्मोस की ताकत से पूरी ​दुनिया परिचित है। ब्रह्मोस मिसाइल से दुश्मन का बचना ​मुश्किल होगा।   इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद बृजलाल, महानगर अध्यक्ष भाजपा आनंद द्विवेदी उपस्थित थे।  

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फतेहपुर । उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में भीड़ की पिटाई के दौरान मारे गए हरिओम बाल्मीकि के पीड़ितों आज कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व सांसद राहुल गांधी ने मुलाकात की। राहुल ने पीड़ित परिजनों से बात की और उनका दुख-दर्द सुनने के बाद अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। राहुल गांधी ने मृतक के परिजनों को कांग्रेस पार्टी की तरफ से हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया।   घटना को कांग्रेस पार्टी ने गंभीरता से लिया। शुक्रवार को सुबह 9.30 बजे कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व सांसद राहुल गांधी मृतक हरिओम बाल्मीकि के पिता व भाई व अन्य परिजनों से मुलाकात करने पहुंचे। गांधी ने पीड़ित परिवार के लोगों को मदद का भरोसा दिया। राहुल गांधी ने कहा कि परिवार को न्याय मिलना चाहिए और हत्यारोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।   फतेहपुर के रहने वाले 38 साल के दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की विगत 2 अक्टूबर 2025 को रायबरेली जनपद में चोर समझ कर भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। युवक का शव रायबरेली जनपद के थाना हरचंदपुर के ईश्वरदास पुर रेलवे हाल्ट के पास मिला था। इसके बाद उसकी पिटाई का वीडियो वायरल हुआ। इस संबंध में अभियोग पंजीकृत करके 12 हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस जेल भेजने की कार्रवाई कर चुकी है। मृतक के भाई शिवम ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा है कि हम प्रशासन की कार्रवाई से संतुष्‍ट हैं। राहुल गांधी यहां राजनीति करने ना आएं। इससे पहले हरिओम के परिजनों ने राहुल गांधी से मिलने से इनकार किया था। वहीं, कांग्रेस ने इसे भाजपा की दबाव बनाने की साजिश करार दिया है।   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी बीते शनिवार को हरिओम वाल्मीकि की पत्नी संगीता और बेटी अनन्याव अन्य परिजनों से मुलाकात कर चुके हैं। मुख्यमंत्री के साथ रायबरेली की ऊंचाहार विधानसभा से विधायक मनोज पांडेय भी थे। जिला प्रशासन पहले ही हरिओम के भाई व बहन को सरकारी नौकरी दे चुकी है। बहन कुसुम को स्टाफ नर्स और भाई शिवम को समाज कल्याण विभाग के स्कूल में नौकरी दी गई है।  

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जगदलपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद से अब तक 2100 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। इसके अलावा करीब दो हजार नक्सलियों को गिरफ्तार और लगभग पांच सौ को निष्प्रभावी किया गया है।     केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने आज सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि जनवरी 2024 में छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार बनने के बाद से 2100 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है जबकि 1785 को गिरफ्तार किया गया है और 477 को निष्प्रभावी किया गया है। यह 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के हमारे दृढ़ संकल्प का प्रतिबिम्ब है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में गुरुवार को 170 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। एक दिन पहले 27 ने हथियार डाले थे। महाराष्ट्र में भी 61 नक्सली हथियार त्याग कर मुख्यधारा में लौटे। उन्हाेने बताया कि पिछले 2 दिनों में कुल 258 वामपंथी उग्रवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ा है। यह नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में बड़ी सफलता है।   शाह ने एक्स पर लिखा कि हिंसा छोड़कर भारत के संविधान में अपना विश्वास पुर्नस्र्थापित करने के इन सभी के निर्णय की सराहना करता हूं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार की निरंतर कोशिशों का ही यह परिणाम है कि नक्सलवाद आखिरी सांंसें ले रहा है। नक्सलियों के विरुद्ध हमारी नीति स्पष्ट है, जो आत्मसमर्पण करना चाहते हैं, उनका स्वागत है, लेकिन जो लोग हथियार उठाए रहेंगे, उन्हें हमारी सुरक्षाबलों की कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।   उन्होंने सभी नक्सलियों से मेरी अपील कि वे अपने हथियार त्याग दें और मुख्यधारा में लौट आएं। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से सोशल मीडिया साइट 'एक्स' पर बताया कि देश में अब नक्सली प्रभावित जिलों की संख्या 18 से घटकर 11 रह गई है। इसमें भी जो सबसे ज्यादा प्रभावित जिले थे। उनकी संख्या 6 से 3 रह गई है। अब केवल छत्तीसगढ़ का बीजापुर, सुकमा और नारायणपर ही 3 ऐसे जिले रह गए हैं।  

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  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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भोपाल । सिंगापुर में तीन दिवसीय आईटीबी एशिया 2025 में अतुल्य भारत के हृदय मध्य प्रदेश ने खूब रौनक बिखेरी। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने सिंगापुर के मरीना बे सैंड्स एक्सपो और कन्वेंशन सेंटर में आयोजित प्रतिष्ठित ट्रैवल ट्रेड शो आईटीबी एशिया 2025 में प्रभावशाली भागीदारी दर्ज की।   15 से 17 अक्टूबर तक चले इस आयोजन में राज्य के पर्यटन पवेलियन का उद्घाटन सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अंबुले ने किया। इस अवसर पर भारत के उच्चायोग में प्रथम सचिव (वाणिज्य) टी. प्रभाकर भी उपस्थित थे।आईटीबी एशिया में भागीदारी का उद्देश्य मध्य प्रदेश को एक समृद्ध सांस्कृतिक, प्राकृतिक और साहसिक गंतव्य के रूप में वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करना है। राज्य का प्रतिनिधित्व अपर मुख्य सचिव (पर्यटन, संस्कृति, गृह एवं धार्मिक न्यास) एवं एमपी टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक शिव शेखर शुक्ला और प्रबंधक (इवेंट्स एवं मार्केटिंग) सौरभ पांडे ने किया।शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि आईटीबी एशिया वैश्विक मंच पर मध्य प्रदेश की पर्यटन क्षमता और विविधता को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करता है। हमारा लक्ष्य राज्य को ऐसा अंतरराष्ट्रीय गंतव्य बनाना है, जहां विरासत, वन्यजीव, आध्यात्मिकता और सतत पर्यटन यात्रियों को अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करें।महत्वपूर्ण बैठकें और सहयोग की पहलअपर मुख्य सचिव शुक्ला ने इस दौरान कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों से मुलाकात की। उन्होंने केजी मुकिरी, लीड कंसल्टेंट, अफ्रीका एमआईसीई के साथ आगामी एमआईसीई समिट (9–11 सितंबर 2026) के संबंध में चर्चा की, जिसमें मध्य प्रदेश को तंजानिया, नाइजीरिया और साउथ अफ्रीका जैसे देशों में प्रस्तुत करने की संभावनाएं तलाशी गईं।इसके अलावा, उन्होंने मिच गोह, डायरेक्टर ऑफ पब्लिक पॉलिसी-एशिया पैसिफिक, एयरबीएनबी के साथ राज्य में सतत और समावेशी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए संभावित सहयोग पर विचार-विमर्श किया। बैठक में ग्रामीण होमस्टे संचालकों को आतिथ्य प्रशिक्षण देने और उन्हें वैश्विक प्लेटफॉर्म पर जोड़ने की पहल पर सहमति बनी।वैश्विक नेटवर्किंग और राज्य की पहचानआईटीबी एशिया 2025 में एमआईसीई, कॉर्पोरेट और ट्रैवल टेक्नोलॉजी सेक्टर के प्रमुख पेशेवरों, अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शकों और खरीदारों ने भाग लिया। मध्य प्रदेश के प्रतिनिधि मंडल ने कई बी2बी बैठकों के माध्यम से विदेशी टूर ऑपरेटरों और ट्रैवल कंपनियों से सहयोग की संभावनाएं तलाशीं। इन बैठकों में वन्यजीव अभ्यारण्य, सांस्कृतिक विरासत, साहसिक पर्यटन, तथा फिल्म और विवाह पर्यटन जैसे विषयों पर विशेष चर्चा हुई, जिससे ‘अतुल्य भारत का हृदय’ के रूप में राज्य की पहचान और मजबूत हुई।राज्य की झलक से सजा पवेलियनमध्य प्रदेश के पवेलियन में राज्य की पर्यटन संपत्तियां, यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, साहसिक गतिविधियां और जिम्मेदार पर्यटन पहलें प्रदर्शित की गईं। इसे एक स्वच्छ, हरित और सुरक्षित गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया गया, विशेष रूप से महिला यात्रियों के लिए अनुकूल वातावरण को रेखांकित किया गया। आईटीबी एशिया में मध्य प्रदेश की यह भागीदारी राज्य की वैश्विक दृश्यता बढ़ाने, व्यापारिक संबंध मजबूत करने और सतत एवं समावेशी पर्यटन आधारित आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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गांधीनगर । गुजरात राज्य के मंत्रिमंडल विस्तार की आधिकारिक घोषणा हो गई है। 17 अक्टूबर, शुक्रवार को सुबह 11:30 बजे गांधीनगर के महात्मा मंदिर में भाजपा के केंद्रीय नेताओं की उपस्थिति में नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह होगा।   राज्य सूचना विभाग ने अपने बयान में बताया कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मंत्रिमंडल के विस्तार में नामित मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह शुक्रवार, 17 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे गांधीनगर के महात्मा मंदिर में होगा। राज्यपाल आचार्य देवव्रत इस समारोह में नव-नियुक्त मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।   आम तौर पर हर बुधवार को कैबिनेट की बैठक होती है, लेकिन 15 अक्टूबर को बैठक नहीं हुई। भाजपा ने अपने सभी विधायकों और मंत्रियों को दो दिनों के लिए गांधीनगर में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। सभी को आज दोपहर तक गांधीनगर पहुंचने के आदेश दिए गए हैं।   आज भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री सुनील बंसल गुजरात पहुंचेंगे। दोपहर करीब 3 बजे मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल मुंबई के कार्यक्रम से गुजरात लौट आएंगे।   गुजरात में मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की चर्चाओं के बीच राज्यपाल आचार्य देवव्रत का हरियाणा के कुरुक्षेत्र दौरा छोटा कर दिया गया है। राज्यपाल मूल रूप से अपने गृह नगर कुरुक्षेत्र के दौरे पर थे, जो 16 अक्टूबर तक निर्धारित था।   हाल ही में भारतीय जनता पार्टी ने अहमदाबाद के जगदीश विश्वकर्मा को गुजरात प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके बाद ऐसा लग रहा है कि सौराष्ट्र क्षेत्र की अनदेखी हुई है। हाल ही में उपचुनाव में आम आदमी पार्टी के गोपाल इटालिया की जीत और सौराष्ट्र में उनकी सक्रियता को देखते हुए माना जा रहा है कि भाजपा के नए मंत्रिमंडल में सौराष्ट्र के नेताओं को अधिक प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है।   भाजपा में कई वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी की खबरें भी सामने आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ वरिष्ठ नेता भविष्य में आम आदमी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। ऐसी स्थिति की जानकारी भाजपा हाईकमान तक पहुंच चुकी है। इसलिए 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भाजपा कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। पार्टी अब उन प्रभावशाली लेकिन लंबे समय से दूर रखे हुए नेताओं को भी नए पद देकर जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी में है। कुछ पुराने और अनुभवी नेताओं को भी दोबारा मौका मिल सकता है ताकि किसी भी तरह का नुकसान रोका जा सके।   यह गौरतलब है कि 2021 में मुख्यमंत्री सहित पूरा मंत्रिमंडल बदल दिया गया था। चार साल पहले भाजपा हाईकमान ने तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय रूपाणी सहित पूरे मंत्रिमंडल को बदलकर सबको चौंका दिया था। उस समय विजय रूपाणी ने अचानक राजभवन जाकर इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद भूपेंद्र पटेल को मुख्यमंत्री बनाया गया था। उनके नेतृत्व में 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 156 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी।

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श्रीशैलम । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज सुबह आंध्र प्रदेश के एक दिवसीय दौरे पर कुरनूल पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री  ने सबसे पहले श्रीशैलम में स्थित मंदिर में भगवान भ्रामराम्बा व मल्लिकार्जुन के दर्शन कर पूजा अर्चना की।   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सुबह 11 बजे करनूल हवाई अड्डे पर पहुंचे। यहां प्रधानमंत्री का स्वागत राज्यपाल नजीर, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने किया। इसके बाद प्रधानमंत्री माेदी राज्य के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण के साथ एक सैन्य हेलीकॉप्टर से श्रीशैलम पहुंचे। यहां श्रीशैलम भ्रामराम्बा गेस्ट हाउस का दौरा किया और थोड़ी देर विश्राम के बाद वे श्री भामराम्बा मल्लिकार्जुन स्वामी वरला देवस्थानम में मल्लिकार्जुन स्वामी की विशेष पूजा-अर्चना की।  मंदिर में पुजारियों और मंदिर के अधिकारियों ने उनका औपचारिक स्वागत किया। माेदी ने भगवान मल्लिकार्जुन का पंचामृत से रुद्राभिषेक किया। यहां पूजा के बाद प्रधानमंत्री शिवाजी प्रेरणा केंद्र का दौरा करेंगे।   निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री माेदी यहां के बाद कुरनूल जाएंगे। वहां लगभग 13 हजार से अधिक की परियाेजनाओं का  उद्घाटन और लाेकार्पण करेंगे। इसके बाद माेदी एक जनसभा काे संबाेधित करेंगे।   

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नई दिल्ली । कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत के रुस से तेल खरीदना बंद करने वाले बयान पर कहा है कि यह भारत की विदेश नीति पर सवाल खड़े करने वाला है। राहुल ने एक्स पोस्ट में कहा कि ट्रंप को यह कहने का अवसर कैसे मिला कि भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा। प्रधानमंत्री को किस बात का डर है। वित्त मंत्री का अमेरिका दौरा क्यों स्थगित किया गया, भारत ने शर्म-अल-शेख सम्मेलन में भाग लेने से परहेज क्यों किया और प्रधानमंत्री ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर ट्रंप के बयान का विरोध क्यों नहीं कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार को कहा था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा। ट्रंप ने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा कि वे भारत के रूस से तेल खरीदने को लेकर खुश नहीं थे और प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें आश्वस्त किया है कि यह प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। मोदी उनके मित्र हैं और इस कदम से वैश्विक ऊर्जा संतुलन पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

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  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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जोधपुर । जोधपुर जैसलमेर रोड थईयात गांव के पास में मंगलवार दोपहर हुए निजी बस अग्रिकांड में मरने वालों की संख्या बढ़ कर 21 हो गई है, क्योंकि आज दोपहर में एक और मासूम दस वर्षीय यूनिस की मृत्यु हो गई। अब तक 19 शवों को जोधपुर लाकर एमजी अस्‍पताल और एम्स अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। डीएनए परीक्षण के बाद शव परिजन को सुपुर्द किये जायेंगे। अब 14 लोगों का उपचार चल रहा है। जिले के प्रभारी मंत्री मदन दिलावर एमजीएच पहुंचे और घायलों की कुशलक्षेम पूछने के साथ चिकित्सकीय व्यवस्था की जानकारी ली।   एमजीएच अधीक्षक डॉ.फतेह सिंह भाटी ने बताया कि नौ शव एमजीएच और दस शवों को एम्स अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। एक शव पहले से ही जोधपुर में मौजूद है। घायलों में पांच लोग वेंटिलेटर पर और आठ की हालत नाजुक बनी है। डॉक्टर भाटी ने बताया कि हर मरीज पर सघन निगरानी के साथ इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पूरी तरह मुस्तैद है। मरीजों की विशेषज्ञ डॉक्टर्स देखरेख कर रहे है। अब तक पहचान न होने वाले शवों को जोधपुर लाया गया है, ताकि उनकी डीएनए जांच की जा सके।   उल्‍लेखनीय है कि मंगलवार अपरान्ह साढ़े तीन बजे के आसपास जैसलमेर से जोधपुर की तरफ आ रही एक निजी बस के एसी में शार्ट सर्किट के बाद भीषण आग लग गई थी, हादसे में बीस लोगों की जलकर मौत हो गई। 15 लोग गंभीर और सामान्य तौर पर झुलस गए थे। बस में 57 लोग सवार थे। बस का इसी माह रजिस्ट्रेशन हुआ था और एकदम नई बस थी। रात में प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पहले जैसलमेर फिर जोधपुर के एमजी अस्‍पताल पहुंचे थे।घटनास्‍थल का दौरा करने के बाद चिकित्‍सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने बताया कि बस में पीछे से धमाके की आवाज आई। आशंका है कि एसी का कंप्रेशर फट गया, जिससे गैस और डीजल के साथ मिलकर भीषण आग लगी। एक ही दरवाजा था, इसलिए लोग फंस गए। आगे की सीट वाले यात्री  निकल गए।  50-50 लाख सहायता की मांगइधर, हादसे के बाद सर्व ब्राह्मण समाज के प्रदेश अध्यक्ष पं. एस के जोशी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मृतकों के परिजनों के लिए 50-50 लाख रुपये सहायता देने की मांग रखी। साथ ही घायलों को दस-दस लाख का आग्रह किया गया है।

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार विधानसभा चुनाव के लिए जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची बुधवार को जारी कर दी। इस सूची में पार्टी ने 57 उम्मीदवारों के नामों का की घोषणा की है। इस पहली लिस्ट में कई पुराने नेताओं के साथ कुछ नए चेहरों को भी मौका दिया गया है।   जदयू उम्मीदवारों की पहली सूची आलमनगर-नरेन्द्र नारायण यादव बिहारीगंज-निरंजन कुमार मेहता सिंहेश्वर-रमेश ऋषिदेव मधेपुरा-कविता साहा सोनबरसा-रत्नेश सादा महिषी-गुंजेवश्वर साह कुशेश्वरस्थान-अतिरेक कुमार बेनीपुर-विनय कुमार चौधरी दरभंगा ग्रामीण-ईश्वर मंडल बहादुरपुर-मदन सहनी गायघाट -कोमल सिंह मीनापुर -अजय कुशवाहा सकरा -आदित्य कुमार कांटी -अजीत कुमार भोरे -सुनील कुमार हथुआ -रामवक सिंह बरौली -मंजीत सिंह जीरादेई -भीषण कुशवाहा रघुनाथपुर -विकास कुमार सिंह बड़हरिया -इन्द्रदेव पटेल महाराजगंज -हेम नारायण साह एकमा -धुमल सिंह मांझी -रणधीर सिंह परसा -छोटे लाल राय वैशाली -सिद्धार्थ पटेल राजापाकर-मेहन्द्र राम महनार -उमेश सिंह कुशवाहा कल्याणपुर -महेश्वर हजारी वारिसनगर -डॉ. मांजरीक मृणाल समस्तीपुर -अश्वमेघ देवी मोरवा -विद्यासागर सिंह निषाद सरायरंजन -विजय कुमार चौधरी विभूतिपुर -रवीना कुशवाहा हसनपुर -राज कुमार राय चेरिया बरियारपुर -अभिषेक कुमार मटिहानी -राजकुमार सिंह अलौली -रामचंद्र सदा खगड़िया -बब्लू मंडल बेलदौर -पन्ना लाल पटेल जमालपुर -नचिकेता मंडल सूर्यगढ़ा -रामानंद मंडल शेखपुरा -रणधीर कुमार सोनी बरबीघा -डॉ. कुमार पुष्पंजय अस्थावां- जितेन्द्र कुमार राजगीर -कौशल किशोर इस्लामपुर -रूहेल रंजन हिलसा -कृष्ण मुरारी शरण नालंदा -श्रवण कुमार हरनौत -हरिनारायण सिंह मोकामा -अनंत सिंह फुलवारी -श्याम रजक मसौढ़ी -अरुण मांझी संदेश -राधा चरण साह जगदीशपुर -श्रीभगवान सिंह कुशवाहा डुमरांव -राहुल सिंह राजपुर - संतोष कुमार निराला को अपना उम्मीदवार बनाया है।   उल्लेखनीय है कि जदयू ने अपनी पहली सूची में सामाजिक समीकरणों पर विशेष ध्यान दिया है। इस सूची में लव कुश (कुर्मी-कोइरी) समाज से 23 उम्मीदवारों को मौका दिया गया है, जो जदयू का कोर वोट बैंक माना जाता है। इसके अलावा अति पिछड़ा वर्ग से 9, दलित वर्ग से 12 और सवर्ण (सामान्य वर्ग) से 12 उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है। पार्टी ने चार महिला उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है, जिनमें मधेपुरा से कविता साहा, गायघाट से कोमल सिंह, समस्तीपुर से अश्वमेघ देवी और विभूतिपुर से रवीना कुशवाहा शामिल हैं।  

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को केन्या के पूर्व प्रधानमंत्री रैला ओडिंगा के निधन पर शोक व्यक्त किया है। मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा, "मेरे प्रिय मित्र और केन्या के पूर्व प्रधानमंत्री रैला ओडिंगा के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। वह एक प्रखर राजनेता और भारत के प्रिय मित्र थे। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान मुझे उन्हें करीब से जानने का सौभाग्य प्राप्त हुआ और हमारा सहयोग वर्षों तक कायम रहा। मोदी ने कहा कि रैला ओडिंगा का भारत की संस्कृति, मूल्यों और प्राचीन ज्ञान के प्रति विशेष लगाव था और यह भारत-केन्या संबंधों को मजबूत करने के उनके प्रयासों में परिलक्षित होता था।प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया, "मेरे प्रिय मित्र और केन्या के पूर्व प्रधानमंत्री, रैला ओडिंगा के निधन से मुझे गहरा दुःख हुआ है। वे एक प्रखर राजनेता और भारत के प्रिय मित्र थे। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान से ही मुझे उन्हें करीब से जानने का सौभाग्य प्राप्त हुआ और हमारा जुड़ाव वर्षों तक कायम रहा। भारत की संस्कृति, मूल्यों और प्राचीन ज्ञान के प्रति उनका विशेष लगाव था। यह भारत-केन्या संबंधों को मज़बूत करने के उनके प्रयासों में परिलक्षित होता था। वे विशेष रूप से भारत की आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रशंसक थे, उन्होंने अपनी बेटी के स्वास्थ्य में इनके सकारात्मक प्रभाव को देखा था। मैं इस दुःख की घड़ी में उनके परिवार, मित्रों और केन्या के लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।" उल्लेखनीय है कि केन्या के पूर्व प्रधानमंत्री रैला ओडिंगा का बुधवार को केरल के कूथाट्टुकुलम स्थित एक आयुर्वेदिक अस्पताल में सुबह की सैर के दौरान हृदय गति रुकने से निधन हो गया। 10 अक्टूबर से उनकी आंखों का इलाज चल रहा था।      

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  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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पटना । बिहार विधानसभा चुनाव-2025 के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। पहली सूची में 71 उम्मीदवार के नाम शामिल है।   पटना में आयोजित पत्रकार वार्ता में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उम्मीदवारों के नामों का औपचारिक ऐलान किया। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के अहम घटक दल के रूप में भाजपा इस बार जनता दल (यूनाइटेड) और अन्य सहयोगी दलों के साथ मिलकर चुनाव मैदान में उतरेगी। राजग में हुए सीटों के बंटवारे के तहत भाजपा इस बार 101 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।   भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सीट और उम्मीदवारों की सूची   भाजपा ने बेतिया से रेणु देवी, रक्सौल से प्रमोद कुमार सिन्हा, पिपरा से श्यामबाबू प्रसाद यादव, मधुबन से राणा रणधीर सिंह, मोतिहारी से प्रमोद कुमार, ढाका से पवन जायसवाल, रीगा से बैद्यनाथ प्रसाद, बथनाहा से अनिल कुमार राम, परिहार से गायत्री देवी, सीतामढ़ी से सुनील कुमार पिंटू, बेनीपट्टी से विनोद नारायण झा, खजौली से अरुण शंकर प्रसाद, बिस्फी से हरिभूषण ठाकुर बचौल को टिकट दिया गया है।   भाजपा की ओर से राजनगर से सुजीत पासवान, झंझारपुर से नीतीश मिश्रा, छातापुर से नीरज कुमार बबलू, नरपतगंज से देवंती यादव, फारबिसगंज से विद्या सागर केसरी, सिकटी से विजय कुमार मंडल, किशनगंज से स्वीटी सिंह, बनमनखी से कृष्ण कुमार ऋषि, पूर्णिया से विजय कुमार खेमका, कटिहार से तारकिशोर प्रसाद, प्राणपुर से निशा सिंह, कोढ़ा से कविता देवी, सहरसा से आलोक रंजन झा, गौरा-बौराम से सुजीत कुमार सिंह और दरभंगा से संजय सरावगी को टिकट मिला है।   इसी तरह से केवटी से मुरारी मोहन झा, जाले से जिवेश कुमार मिश्रा, औराई से रमा निषाद, कुढ़नी से केदार प्रसाद गुप्ता, बरुराज से अरुण कुमार सिंह, साहेबगंज से राजू कुमार सिंह, बैकुंडपुर से मिथिलेश तिवारी, सिवान से मंगल पांडेय, दरौंदा से कर्णजीत सिंह, गोरेयाकोठी से देवेश कांत सिंह, तरैया से जनक सिंह, अमनौर से कृष्ण कुमार मंटू, हाजीपुर से अवधेश सिंह, लालगंज से संजय कुमार सिंह, पातेपुर से लखेंद्र कुमार रौशन, मेहिउद्दीननगर से राजेश कुमार सिंह, मछवारा से सुरेंद्र मेहता, तेघरा से रजनीश कुमार और बेगूसराय से कुंदन कुमार ,भागलपुर से रोहित पांडेय, बांका से राम नारायण मंडल,कटोरिया से पूरण लाल टुड्डू, तारापुर से सम्राट चौधरी, मुंगेर से कुमार प्रणय और लखीसराय से विजय कुमार सिन्हा को भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है।   भाजपा ने दक्षिण बिहार के बिहारशरीफ से सुनील कुमार, दीघा से संजीव चौरसिया, बांकीपुर से नितिन नबीन, कुम्हरार से संजय गुप्ता, पटना साहिब से रत्नेश कुशवाहा, दानापुर से रामकृपाल यादव, बिक्रम से सिद्धार्थ सौरव, बड़हरा से राघवेंद्र प्रताप सिंह, आरा से संजय सिंह टाइगर, तरारी से विशाल प्रशांत, अरवल से मनोज शर्मा, औरंगाबाद से त्रिविक्रम नारायण सिंह, गुरुआ से उपेंद्र दांगी, गया शहर से प्रेम कुमार, वजीरगंज से बीरेंद्र सिंह, हिसुआ से अनिल सिंहए वारिसलीगंज से अरुणा देवी और जमुई से श्रेयसी सिंह को चुनावी मैदान में उतारा है।   टिकट नहीं मिलने के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता और बिहार विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने कहा कि "मैं भारतीय जनता पार्टी के निर्णय के साथ हूं। भारतीय जनता पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया है। मुझे पार्टी से कोई शिकायत नहीं है। नई पीढ़ी का स्वागत है। अभिनंदन है।"   उन्होंने कहा, "कि पटना साहिब विधानसभा के लोगों ने मुझे लगातार सात बार विजयी बनाया है। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार के रूप में जो स्नेह और प्यार मुझे दिया उसे मैं कभी भूल नहीं पाऊंगा। सबका आभार।"

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नई दिल्‍ली । महंगाई के मोर्चे पर आम आदमी को बड़ी राहत मिली है। खुदरा महंगाई के बाद थोक महंगाई दर में गिरावट आई है। खाने-पीने की चीजों के दाम घटने से सितंबर महीने में थोक महंगाई दर घटकर 0.13 फीसदी पर आ गई। इससे पहले अगस्त में यह 0.52 फीसदी रही थी। पिछले वर्ष सितंबर में यह 1.91 फीसदी थी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने मंगलवार को जारी आंकड़ों में बताया कि सितंबर महीने में खाद्य और ईंधन की कीमतों में भारी गिरावट से थोक मूल्य सूचकांक (डब्‍ल्‍यूपीआई) पर आधारित थोक महंगाई दर घटकर 0.13 फीसदी रह गई, जो अगस्त में 0.52 फीसदी थी। इससे पहले जुलाई और जून महीने में ये क्रमशः -0.58 फीसदी और -0.19 फीसदी रही थी। आंकड़ों के मुताबिक खाद्य वस्तुओं की कीमतें सितंबर में 5.22 फीसदी कम हुईं, जबकि अगस्त में यह 3.06 फीसदी था। सब्जियों की कीमत सितंबर महीने में 24.41 फीसदी घटीं है, जबकि अगस्त में यह 14.18 फीसदी कम हुई थीं। विनिर्मित उत्पादों के मामले में महंगाई अगस्त के 2.55 फीसदी के मुकाबले घटकर 2.33 फीसदी रह गई। मंत्रालय के मुताबिक सितंबर, 2025 में मुद्रास्फीति यानी महंगाई की सकारात्मक दर मुख्य रूप से खाद्य उत्पादों, अन्य विनिर्माण, गैर-खाद्य वस्तुओं, अन्य परिवहन उपकरणों और वस्त्रों आदि की कीमतों में वृद्धि के कारण है। इसके अलावा ईंधन और बिजली की कीमतें सितंबर में 2.58 फीसदी कम हुईं, जबकि अगस्त महीने में इनमें 3.17 फीसदी की गिरावट आई थी।   उल्‍लेखनीय है कि सितंबर महीने में खुदरा महंगाई दर घटकर 8 साल के निचले स्तर 1.5 फीसदी पर आ गई है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) खुदरा महंगाई दर पर नजर रखता है। केंद्रीय बैंक ने अक्‍टूबर महीने की शुरुआत में नीतिगत दरों को 5.5 फीसदी पर अपरिवर्तित रखा था।

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नई दिल्ली । कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार के परिवार से मिलने के बाद उनकी आत्महत्या के मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी न होने पर नाराजगी जताते हुए सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की। राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट में कहा कि वाई पूरन कुमार की आत्महत्या समाज और सिस्टम की अंतरात्मा को झकझोर देने वाली त्रासदी है। उनकी पत्नी एक सप्ताह से पति का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार करने की प्रतीक्षा में हैं और पूरा दलित समाज इस पीड़ा को महसूस कर रहा है। सरकार तुरंत दोषियों के खिलाफ कदम उठाए।कांग्रेस महासचिव और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक्स पर कहा कि वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार ने जातिगत उत्पीड़न के चलते आत्महत्या की और परिवार न्याय के लिए भटक रहा है। यह प्रकरण दिखाता है कि इस सरकार में उच्च पदों पर पहुंचे दलितों को भी सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित नहीं है और ऐसी घटनाएं देश के लिए कलंक हैं।उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी ने मंगलवार को चंडीगढ़ में वाई पूरन कुमार की पत्नी अमनीत पी कुमार और उनकी बेटियों से मुलाकात की। उनके साथ हरियाणा के नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस के राव नरेंद्र सिंह, सांसद कुमारी सैलजा, वरूण चौधरी, दीपेंद्र सिंह हुड्डा एवं अन्य नेता भी मौजूद थे। मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने मीडिया से कहा कि यह सिर्फ एक परिवार का मामला नहीं है, बल्कि पूरे दलित समाज के लिए गलत संदेश जा रहा है कि वे चाहे योग्य एवं सफल हों, फिर भी दबाए जा सकते हैं।

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नई दिल्ली । दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने रेलवे टेंडर घोटाला मामले के आरोपितों लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ आरोप तय कर दिया है। स्पेशल जज विशाल गोगने ने आरोप तय करने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान साेमवार काे लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट के पूछे जाने पर तीनों ने कहा कि वो निर्दोष हैं और ट्रायल का सामना करेंगे। उसके बाद कोर्ट ने तीनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 428, 120बी और भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(2) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया। कोर्ट ने 29 मई को आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने के मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान लालू यादव की ओर से पेश वकील मनिंदर सिंह ने कहा था कि अभियोजन चलाने के लिए कोई साक्ष्य नहीं है, ऐसे में अनुमति की वैधता सवालों के घेरे में है। उन्होंने कहा था कि पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कहा कि लालू यादव के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए अनुमति की कोई जरुरत नहीं है। उसके बाद सीबीआई ने कहा कि उन्हें अभियोजन चलाने के लिए अनुमति मिल गई है। ये कानून सम्मत नहीं है।सीबीआई ने 28 फरवरी को कहा था कि आरोपितों के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए पुख्ता सबूत हैं। 28 जनवरी, 2019 को कोर्ट ने ईडी की ओर से दर्ज केस में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर नियमित जमानत दी थी। इससे पहले 9 जनवरी, 2019 को कोर्ट ने सीबीआई की ओर से दर्ज केस में लालू यादव को नियमित जमानत दी थी।कोर्ट ने 17 सितंबर, 2018 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दायर चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। इस मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी समेत 16 लोगों को आरोपित बनाया गया है। ईडी ने जिन्हें आरोपित बनाया है उनमें लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मेसर्स लारा प्रोजेक्ट एलएलपी, सरला गुप्ता, प्रेमचंद गुप्ता, गौरव गुप्ता, नाथ मल ककरानिया, राहुल यादव, विजय त्रिपाठी, देवकी नंदन तुलस्यान, मेसर्स सुजाता होटल, विनय कोचर, विजय कोचर, राजीव कुमार रेलान और मेसर्स अभिषेक फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।लालू यादव पर आरोप है कि उन्होंने रेलमंत्री रहते हुए रेलवे के दो होटलों को आईआरसीटीसी को ट्रांसफर किया और होटलों की देखभाल के लिए टेंडर जारी किये थे। रांची और पुरी के दो होटलों का आवंटन कोचर बंधु की कंपनी सुजाता होटल को ट्रांसफर कर दिया था।

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स्टॉकहोम । महंगाई के मोर्चे पर आम आदमी को राहत देने वाली खबर है। सितंबर महीने में खुदरा महंगाई दर घटकर आठ साल के निचले स्तर 1.54 फीसदी पर आ गई है, जो पिछले महीने अगस्‍त में 2.07 फीसदी थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने सोमवार को जारी आंकड़ों में बताया कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा महंगाई दर में यह गिरावट मुख्य रूप से सब्जियों और दालों सहित खाद्य पदार्थों की कीमतों में नरमी के कारण है। सितंबर, 2024 में खुदरा महंगाई दर 5.49 फीसदी थी। एनएसओ के मुताबिक सब्जियों और दालों के सस्ते होने से खुदरा महंगाई दर में दर्ज हुई है। सितंबर महीने के दौरान सालाना आधार पर खाद्य महंगाई -2.28 फीसदी रही है, जबकि अगस्त में यह -0.64 फीसदी और पिछले वर्ष सितंबर में यह 9.24 फीसदी रही थी। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया आरबीआई ने अक्टूबर की द्विमासिक मौद्रिक नीति में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने खुदरा महंगाई दर यानी मुद्रास्फीति अनुमान को अगस्त में अनुमानित 3.1 फीसदी से घटाकर 2.6 फीसदी कर दिया था।

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जयपुर । केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि 21वीं सदी का सबसे बड़ा सुधार (रिफॉर्म) देश के तीन नए आपराधिक न्याय कानूनों का क्रियान्वयन है। इनके पूर्ण रूप से लागू होने के बाद भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली दुनिया की सबसे आधुनिक प्रणाली बन जाएगी। शाह ने विश्वास जताया कि इन कानूनों के जरिये लंबित मामलों में तेजी आएगी और न्याय अब वर्षों नहीं, समयबद्ध रूप से मिलेगा। उन्होंने कहा कि 2027 से नई आपराधिक संहिताओं के तहत किसी भी एफआईआर के तीन वर्ष के भीतर सुप्रीम कोर्ट तक न्याय सुनिश्चित करने का लक्ष्य है। शाह सोमवार को सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी) में आयोजित नवीन आपराधिक कानूनों पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के अंतर्गत प्राप्त निवेश प्रस्तावों में से 4 लाख करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउंड ब्रेकिंग तथा लगभग 9,315 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इसके साथ ही शाह ने विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म के लिए 260 करोड़ रुपये और दुग्ध उत्पादकों को दूध सब्सिडी के 364 करोड़ रुपये की राशि का हस्तांतरण भी किया। उन्होंने 150 यूनिट मुफ्त बिजली योजना के तहत पंजीकरण की शुरुआत की और महिला सुरक्षा व एफएसएल (फारेंसिक साइंस लेबोरेटरी) से जुड़े वाहनों का फ्लैग ऑफ भी किया। अमित शाह ने कहा कि नए कानून लागू होने के बाद केवल एक वर्ष में ही देशभर में 50 प्रतिशत से अधिक मामलों में चार्जशीट समय पर दाखिल होने लगी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्ष में यह अनुपात 90 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। उन्होंने बताया कि लाखों पुलिसकर्मियों, न्यायिक अधिकारियों, जेल कर्मचारियों और एफएसएल स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया है। अब आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही अदालत में पेश होंगे। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी तथा पुलिस कस्टडी से फरार होने की घटनाओं पर लगभग पूरी तरह रोक लगेगी। शाह ने कहा कि नई वैज्ञानिक जांच प्रणाली के लिए विशेषज्ञ तैयार करने के लिए 2020 में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई है, इसका विस्तार देशभर हो रहा है। नई संहिताओं में आतंकवाद, मॉब लिंचिंग, संगठित अपराध और डिजिटल अपराध की स्पष्ट परिभाषा दी गई है। उन्होंने बताया कि अब कानून में 29 स्थानों पर समय-सीमा तय की गई है-जैसे 90 दिन में पीड़ित को अपडेट देना और 60-90 दिन में चार्जशीट दाखिल करना अनिवार्य है। अनुपस्थिति में भी ट्रायल चलाकर सजा देने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले राजस्थान में अपराधियों को सजा होने की दर 42 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 60 प्रतिशत हो गई है। पूर्ण रूप से लागू होने पर यह दर 90 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है।केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नए कानून दंड नहीं, बल्कि न्याय की भावना से प्रेरित होकर बनाए गए हैं। उन्होंने अपील की कि वे प्रदर्शनी का अवलोकन अवश्य करें ताकि नई न्याय प्रणाली को बेहतर ढंग से समझ सकें। इसी के माध्यम से आप जान पाएंगे कि 160 साल पुराने कानूनों को समाप्त करके नरेंद्र मोदी, जो नए तीन कानून लाए हैं। शाह ने इस अवसर पर कहा कि भाजपा सरकार वादों को धरातल पर उतारने में विश्वास रखती है। उन्होंने बताया कि पूर्व कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा गया था कि 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में कितने वास्तविक होंगे, लेकिन भजनलाल शर्मा सरकार ने अब तक 7 लाख करोड़ रुपये के एमओयू को जमीन पर उतार दिया है।   शाह ने कहा कि मैं दो बातें अवश्य कहना चाहता हूं। दीपावली निकट है और इस अवसर पर हमारी माताएं-बहनें विशेष रूप से सबसे अधिक खरीदारी करती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवरात्र के प्रथम दिन ही 395 से अधिक आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी दरों में बड़ी राहत दी है। इन वस्तुओं पर या तो जीएसटी की दर शून्य कर दी गई है, या फिर 28 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी कर राहत देश में पहले कभी नहीं दी गई। प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों की शुभ और सुलभ दीपावली सुनिश्चित करने की पूरी व्यवस्था की है। शाह ने देशवासियों से आग्रह करते हुए कहा कि दीपावली को सस्ती खरीदारी से जरूर शुभ करें, लेकिन स्वदेशी चीजों को ही खरीदें। किसानों के हित में शाह ने बताया कि मोदी सरकार ने यह निर्णय लिया है कि नाफेड और एचसीएफ के साथ पंजीकृत किसानों की तुअर, उड़द जैसी दालें 100 प्रतिशत एमएसपी पर खरीदी जाएंगी। उन्होंने कहा कि इससे देश दलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा।

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कोलकाता । पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में ओडिशा की मेडिकल छात्रा से हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अजीबोगरीब बयान दिया है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन को चुस्त करने के बजाय उन्होंने नसीहत दी है कि दूसरे राज्यों से बंगाल आई लड़कियों को रात के समय बाहर नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं, खासकर राज्य के बाहर से आने वाली लड़कियों को रात में बाहर नहीं जाना चाहिए और हॉस्टल के नियमों का पालन करना चाहिए। विपक्षी दलों ने सवाल खड़े किए हैं।   ममता बनर्जी ने रविवार को कोलकाता हवाई अड्डे पर मीडिया से बात करते हुए कहा, यह एक चौंकाने वाली घटना है। हमारी सरकार का ऐसे अपराधों के प्रति शून्य सहिष्णुता का रुख है। तीन आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं और बाकी की तलाश जारी है। किसी को छोड़ा नहीं जाएगा।    लेकिन इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा कि जो छात्राएं हॉस्टल में रहती हैं, खासकर जो बंगाल के बाहर से पढ़ने आई हैं, उन्हें हॉस्टल के नियमों का पालन करना चाहिए। उन्हें देर रात बाहर नहीं निकलना चाहिए, भले ही उन्हें कहीं जाने का मौलिक अधिकार हो।    मुख्यमंत्री का यह बयान सामने आते ही कई सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों ने इसे ‘पीड़िता को दोष देने वाली मानसिकता’ बताया। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री को यह बताना चाहिए कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठा रही है, न कि यह समझाना चाहिए कि लड़कियों को कब और कहां जाना चाहिए।    एक महिला अधिकार कार्यकर्ता ने कहा, अगर एक लड़की रात में बाहर जाती है तो इसका मतलब यह नहीं कि उसके साथ अपराध करने का किसी को अधिकार मिल गया। मुख्यमंत्री को यह कहना चाहिए था कि राज्य की हर लड़की हर वक्त सुरक्षित है, न कि उन्हें रोकने की सलाह देना चाहिए।    विपक्षी दलों ने भी मुख्यमंत्री के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की सरकार महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है। राज्य में लगातार बढ़ रहे अपराधों पर लगाम लगाने के बजाय मुख्यमंत्री पीड़िताओं को ही जिम्मेदार ठहरा रही हैं।    ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि जिस निजी मेडिकल कॉलेज में छात्रा पढ़ती थी, उसकी भी जिम्मेदारी बनती है कि वह कैंपस और आसपास के इलाकों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि “निजी कॉलेजों को अपने छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।    दुर्गापुर की यह घटना शुक्रवार रात की है, जब ओडिशा के बालेश्वर जिले की जलेश्वर निवासी एक मेडिकल छात्रा अपने दोस्त के साथ भाेजन करने के लिए कॉलेज से बाहर गई थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने उसे अगवा कर दुष्कर्म किया।

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नई दिल्ली । अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने दो दिनों के भीतर रविवार को दोबारा प्रेस कॉन्फ्रेंस की।आज की प्रेस वार्ता में उन्होंने शुक्रवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों को आमंत्रित न किए जाने के उठे विवाद पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय किसी जानबूझकर किए गए बहिष्कार के चलते नहीं था, बल्कि जल्दबाजी में दी गई सूचना और सीमित प्रतिभागियों की सूची के कारण ऐसा हुआ।   मुत्ताकी ने आज दिल्ली में एक बार फिर अफगान दूतावास में पत्रकार वार्ता की, जिसमें महिला पत्रकार भी मौजूद रही। उनके अनुसार यह तकनीकी मामला था और आयोजकों ने केवल कुछ चुने हुए पत्रकारों को आमंत्रित किया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसमें किसी प्रकार का भेदभाव शामिल नहीं था।   एक अन्य प्रश्न के उत्तर में महिलाओं के अधिकारों पर मुत्ताकी ने कहा कि तालिबान सरकार ने महिलाओं की शिक्षा को धार्मिक रूप से ‘हराम’ नहीं घोषित किया है। उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान में वर्तमान में एक करोड़ छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें लगभग 28 लाख लड़कियां शामिल हैं। मुत्ताकी ने कहा कि उनकी सरकार का संबंध विश्वभर के उलेमा और मदरसों से है, जिनमें भारत का देवबंद भी शामिल है।   उल्लेखनीय है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी की यहां आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों के प्रवेश पर रोक लगाए जाने को लेकर कांग्रेस नेताओं ने महिलाओं को देश का गौरव बताते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा था।   प्रियंका गांधी ने एक्स पोस्ट में लिखा था कि केंद्र सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि तालिबान के प्रतिनिधि की भारत यात्रा के दौरान आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस से महिला पत्रकारों को क्यों हटाया गया?   राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी की पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए लिखा था कि जब महिला पत्रकारों को सार्वजनिक मंचों से बाहर रखा जाता है, तो सरकार भारत की हर महिला को यह संदेश देती है कि वह उनके अधिकारों की रक्षा करने में कमजोर है।   विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा था कि अफगान मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं थी। यह कार्यक्रम पूरी तरह से अफगान पक्ष द्वारा आयोजित किया गया था।   उल्लेखनीय है कि विदेश मंत्री मुत्ताकी 9-16 अक्टूबर तक भारत की यात्रा पर हैं। 10 अक्टूबर को उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ मुलाकात की। इस बैठक में दोनों पक्षों ने आपसी व्यापार, मानवीय सहायता, और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।

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नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘सूचना का अधिकार अधिनियम 2005’ के 20 साल पूरे होने पर कहा कि आरटीआई ने शुरुआत में पारदर्शिता और जवाबदेही के नए युग की नींव रखी थी, लेकिन पिछले 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने इस कानून को व्यवस्थित रूप से कमजोर कर लोकतंत्र और नागरिकों के अधिकारों को खोखला कर दिया है।   खरगे ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि 20 साल पहले कांग्रेस नेतृत्व वाली संप्रग सरकार ने तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के मार्गदर्शन में आरटीआई अधिनियम लागू किया था। यह अधिनियम भ्रष्टाचार, सरकारी जवाबदेही और सार्वजनिक हित की रक्षा के लिए एक मजबूत उपकरण था, लेकिन 2014 के बाद इसके मूल उद्देश्य पर लगातार हमला हुआ।   उन्होंने कहा की साल 2019 में मोदी सरकार ने अधिनियम को बदल दिया और सूचना आयुक्तों के कार्यकाल और वेतन पर नियंत्रण कर स्वतंत्र अधिकारी को नौकरशाहों जैसा बना दिया। 2023 में लागू हुए डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण कानून ने आरटीआई के सार्वजनिक हित वाले हिस्से को प्रभावित किया और भ्रष्टाचार की जांच में बाधा डाली।   केंद्रीय सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर कोई नियुक्त नहीं है और वर्तमान में आठ पद 15 महीनों से खाली हैं, जिससे अपील प्रक्रिया धीमी हो गई है और हजारों लोग न्याय पाने से वंचित हैं।   उन्होंने दावा किया कि सरकार ने कोविड महामारी, राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2017-18, कृषि सर्वेक्षण 2016-2020 और पीएम केयर फंड के दौरान मौतों और आंकड़ों की जानकारी छुपाई, जिससे जवाबदेही से बचा जा सके।   कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आरटीआई अधिनियम के मूल उद्देश्य को बचाना और नागरिकों को उनकी जानकारी तक पहुंच सुनिश्चित करना अब और जरूरी हो गया है।  

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नई दिल्ली । अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी की यहां आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों के प्रवेश पर रोक लगाए जाने को लेकर कांग्रेस नेताओं ने महिलाओं को देश का गौरव बताते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस घटना को महिलाओं का अपमान बताते हुए सरकार से जवाब मांगा, वहीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए केंद्र की चुप्पी पर सवाल उठाए।प्रियंका गांधी ने एक्स पोस्ट में लिखा कि केंद्र सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि तालिबान के प्रतिनिधि की भारत यात्रा के दौरान आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस से महिला पत्रकारों को क्यों हटाया गया? अगर महिलाओं के अधिकारों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता केवल चुनावी दिखावा नहीं है, तो फिर देश की कुछ सबसे सक्षम महिलाओं का अपमान कैसे होने दिया गया, जबकि महिलाएं ही भारत की रीढ़ और समाज का गौरव हैं।राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी की पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए लिखा कि जब महिला पत्रकारों को सार्वजनिक मंचों से बाहर रखा जाता है, तो सरकार भारत की हर महिला को यह संदेश देती है कि वह उनके अधिकारों की रक्षा करने में कमजोर है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को हर क्षेत्र में समान भागीदारी का अधिकार है और ऐसे भेदभाव के सामने सरकार की चुप्पी नारी शक्ति पर उसके नारों की खोखलीपन को उजागर करती है।हालांकि, विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि अफगान मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं थी। यह कार्यक्रम पूरी तरह से अफगान पक्ष द्वारा आयोजित किया गया था।उल्लेखनीय है कि विदेश मंत्री मुत्ताकी 9-16 अक्टूबर तक भारत की यात्रा पर हैं। 10 अक्टूबर को उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ मुलाकात की। इस बैठक में दोनों पक्षों ने आपसी व्यापार, मानवीय सहायता, और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान शुक्रवार को मुत्ताकी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों को शामिल होने से रोका गया।

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वाशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी आयात पर अतिरिक्त 100 प्रतिशत टैरिफ (व्यापार शुल्क) लगाने की घोषणा की। यह पहली नवंबर से लागू होगा। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, “चीन ने हमारे खिलाफ अनुचित प्रतिबंध लगाए हैं। अब हम 100 प्रतिशत शुल्क लगाकर जवाब देंगे। यह और पहले से मौजूदा शुल्कों के भी ऊपर होगा।” वर्तमान समय में चीनी आयात पर औसतन 40 प्रतिशत शुल्क लगता है जाे अब ट्रंप के अतिरिक्त शुल्क की घाेषणा के बाद बढ़कर 140 प्रतिशत हाे जाएगा। इस बीच ट्रंप की इस घोषणा से स्टॉक मार्केट में भारी गिरावट आई और "डाउ जोन्स इंडेक्स" में 2 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। डाउ जाेन्स इंडेक्स एक स्टाक मार्केट इंडेक्स है जाे न्यूयार्क स्टाक एक्सचेंज और नास्डैक पर सूचीबद्ध 30 बड़ी सार्वजनिक रूप से ट्रेड की जाने वाली "ब्लू चिप" कपंनियाें के प्रदर्शन काे मांपता है। ट्रंप प्रशासन के अनुसार, यह शुल्क चीन के सभी अमेरिका-बद्ध निर्यात पर लागू होगा, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर शामिल हैं। राष्ट्रपति ने साथ ही सभी महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर पर निर्यात नियंत्रण लगाने की बात कही। यह कदम 2018 से चल रहे अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध का हिस्सा हैं जब ट्रंप ने पहले 25 प्रतिशत शुल्क लगाए थे। ट्रंप ने यह कदम चीन द्वारा दुर्लभ मिट्टी के खनिजों (रेर अर्थ मिनरल्स) पर निर्यात प्रतिबंध लगाने की जवाबी कार्रवाई के तहत उठाया है। इस बीच विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होगी। चैंबर ऑफ कॉमर्स के एक अधिकारी ने कहा, “यह उपभोक्ताओं पर बोझ डालेगा क्योंकि कीमतें बढ़ेंगी।” चीन ने राष्ट्रपति ट्रंप के इस कदम की आलाेचना करते हुए कहा कि वह इसकी बाबत उचित कदम उठाएगा। चीन ने दुर्लभ मृदा खनिजाें पर प्रतिबंध को आत्मरक्षा बताया, जो इलेक्ट्रिक वाहनों और रक्षा उद्योग के लिए आवश्यक हैं। ट्रंप का यह कदम 2024 में उनके चुनाव अभियान की रणनीति से जाेड़कर देखा जा रहा है। उस दाैरान उन्होंने चीन पर कड़ा रुख अपनाया था। सूत्राें के अनुसार प्रश्न यह है कि क्या यह शुल्क स्थायी होगा या इस बाबत वार्ता का रास्ता खुलेगा। अर्थशास्त्री वॉरेन बफेट ने चेतावनी दी है कि इससे वैश्विक मंदी का खतरा बढ़ सकता है। इस बीच, यूरोपीय संघ और भारत जैसे देश सतर्क हैं। भारत ने कहा है कि वह अमेरिका के साथ समन्वय करेगा। ट्रंप की इस नवीन घोषणा के बाद सोने की कीमतें बढ़ गई है जबकि चीनी युआन कमजोर पड़ा है।

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के किसानों से गेहूं और चावल के अलावा दालों पर ध्यान केंद्रित करते हुए फसलों में विविधता लाने का आग्रह किया ताकि प्रोटीन सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और भारत इस क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बन सके।प्रधानमंत्री ने शनिवार को यहां भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), पूसा में कृषि क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक घोषणाएं करते हुए 35,440 करोड़ रुपये की दो प्रमुख योजनाओं प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि घरेलू उत्पादन बढ़ाकर आयात निर्भरता कम करने के लिए दलहन मिशन जरूरी है। उन्होंने किसानों से गेहूं और चावल के साथ दाल उत्पादन पर विशेष ध्यान देने और फसलों में विविधता लाने का आह्वान किया ताकि देश में प्रोटीन सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।प्रधानमंत्री ने कहा कि आज से दलहन आत्मनिर्भरता मिशन शुरू हो रहा है। यह केवल दाल उत्पादन बढ़ाने का मिशन नहीं, बल्कि हमारी भावी पीढ़ियों को सशक्त बनाने का अभियान है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे कृषि प्रधान देश को अब गेहूं और चावल से आगे बढ़कर प्रोटीन आधारित फसलों की दिशा में सोचना होगा। प्रधानमंत्री ने बताया कि इस मिशन के तहत तूर, उड़द और मसूर दाल की पैदावार बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा और दाल की उचित खरीद की व्यवस्था की जाएगी, जिससे करीब दो करोड़ दाल किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।प्रधानमंत्री ने कहा कि 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाला यह मिशन दलहन क्षेत्र में नई क्रांति लाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि दाल की खेती के क्षेत्र में 35 लाख हेक्टेयर की वृद्धि की जाए, जिससे देश को दालों के आयात पर निर्भर नहीं रहना पड़े। भारत दुनिया का सबसे बड़ा खाद्यान उत्पादक देशों में से एक है, लेकिन दालों के मामले में हमें आत्मनिर्भर होना ही पड़ेगा। गेहूं और चावल से पेट तो भरता है, पर शरीर को सही पोषण के लिए पर्याप्त प्रोटीन की जरूरत होती है। दाल भारतीयों के लिए प्रोटीन का सबसे बड़ा स्रोत है और इसे आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह मिशन निर्णायक साबित होगा।प्रधानमंत्री ने साथ ही प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का भी शुभारंभ किया, जिसके तहत 24 हजार करोड़ रुपये का परिव्यय निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि यह योजना आकांक्षी ज़िलों के मॉडल से प्रेरित है। इसके तहत देश के 100 पिछड़े कृषि जिलों के विकास पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इन जिलों के चयन के लिए तीन प्रमुख मापदंड तय किए गए हैं — खेतों की उत्पादकता, खेती के चक्र की संख्या और किसानों को ऋण या निवेश की उपलब्धता।उन्होंने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में सरकारी योजनाओं का एकीकृत और समन्वित क्रियान्वयन है। इस योजना में 36 सरकारी योजनाओं को एक साथ जोड़ा गया है, ताकि किसानों तक हर स्तर पर सुविधा पहुंचे। योजना का डिजाइन इस प्रकार तैयार किया गया है कि इसे हर जिले की स्थानीय परिस्थितियों, मिट्टी और जलवायु के अनुरूप अनुकूलित किया जा सके। प्रधानमंत्री ने जिला अधिकारियों और किसानों से आग्रह किया कि वे स्थानीय स्तर पर ऐसी कार्य योजनाएं बनाएं जो वास्तव में क्षेत्र की आवश्यकताओं को पूरा करें।कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों में 5,450 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की परियोजनाओं का उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पण किया, साथ ही 815 करोड़ रुपये की अतिरिक्त परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी।प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह ऐतिहासिक दिन मां भारती के दो महान सपूतों — भारत रत्न जयप्रकाश नारायण और भारत रत्न नानाजी देशमुख — की जयंती का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा, “ये दोनों ही ग्रामीण भारत की आवाज थे, किसानों और गरीबों के कल्याण के प्रति समर्पित थे। ऐसे ऐतिहासिक दिन पर किसानों की आत्मनिर्भरता के लिए दो नई योजनाओं का शुभारंभ देश की कृषि क्रांति का नया अध्याय है।”प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने खेती-किसानी को अपने हाल पर छोड़ दिया था, जिससे कृषि व्यवस्था कमजोर होती चली गई। वर्ष 2014 के बाद हमने खेती के प्रति सरकार की सोच को पूरी तरह बदला। किसान के हित में बीज से लेकर बाजार तक सुधार किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में भारत का कृषि निर्यात लगभग दोगुना, अनाज उत्पादन 900 लाख मीट्रिक टन बढ़ा, फल और सब्जियों का उत्पादन 640 लाख मीट्रिक टन से अधिक बढ़ा है।उन्होंने कहा कि आज भारत दूध उत्पादन में दुनिया में नंबर एक और मछली उत्पादन में दूसरा सबसे बड़ा देश बन चुका है। शहद और अंडे का उत्पादन भी 2014 की तुलना में दोगुना हुआ है। प्रधानमंत्री ने बताया कि इन वर्षों में देश में छह बड़े उर्वरक कारखाने बनाए गए, 25 करोड़ से अधिक किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिए गए, और सूक्ष्म सिंचाई की सुविधा 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाई गई है। पीएम फसल बीमा योजना के तहत किसानों को लगभग दो लाख करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया है।प्रधानमंत्री ने बताया कि 10 हजार से अधिक किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) बनाए गए हैं, जिससे किसानों को एकजुट होकर बाजार तक पहुंचने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि “हमारे गांवों की महिलाएं आज नमो ड्रोन दीदियों के रूप में खाद और कीटनाशक छिड़काव जैसे आधुनिक कृषि तरीकों का नेतृत्व कर रही हैं। जीएसटी में हुए हालिया सुधारों से भी सबसे ज्यादा लाभ गांवों, किसानों और पशुपालकों को हुआ है।प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2014 से पहले कांग्रेस सरकार ने दस वर्षों में मात्र 5 करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी दी थी, जबकि हमारी सरकार ने पिछले दस वर्षों में 13 लाख करोड़ रुपये से अधिक की उर्वरक सब्सिडी प्रदान की है। भाजपा-नीत एनडीए सरकार एक बार में पीएम किसान सम्मान निधि के तहत जितनी राशि किसानों के खातों में भेजती है, उतना खर्च कांग्रेस सरकार पूरे वर्ष में खेती पर नहीं करती थी। अब तक 3.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक सीधे किसानों के खातों में जमा किए जा चुके हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए खेती में सुधार आवश्यक है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन, दोनों ही योजनाएं न केवल किसानों की आय बढ़ाएंगी बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत देंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जब गांवों में खेती मजबूत होगी, तो गांवों की अर्थव्यवस्था, किसानों की आय और देश की आत्मनिर्भरता — तीनों में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा।

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रायपुर । बस्‍तर में नक्‍सलियों का तो बिस्‍तर बंध गया, अब धर्म विरोध‍ियों का बिस्‍तर बांधना है। यह वक्‍तत्‍व पांच दिवसीय हनुमंत कथा के समापन अवसर पर बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बुधवार शाम को कही। उन्‍होंने आगे कहा क‍ि, बिच्छु के पास जहर होता है लेकिन महात्माओं के पास भजन और तप। वह हिन्दु- हिन्दु नहीं है जो अधर्म के खिलाफ आवाज ना उठाए, हमें अधर्म के खिलाफ जमकर आवाज बुलंद करनी चाहिए। उचारण ठीक हो या ना हो पर उच्च आचरण जरुर होना चाहिए। यदि उच्च आचरण होगा तो कितनी भी गड़बड़ हो जाए तुम हमेशा विजयी रहोगे।   कथा श्रवण करने के लिए पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संबोध‍ित करते हुए कहा कि, छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के साथ मजबूती से लड़ाई लड़ रहे हैं और नक्सलवाद बिल्कुल समाप्ति की ओर है। नक्सलवाद की कमर टूट गई है और नक्सलाद अंतिम सांसे ले रहा है, यह प्रभु श्रीराम, हनुमान जी के आर्शीवाद से ही संभव हो पा रहा है।प्रदेश में गौ अभ्‍यारण्‍य बनाए जाने के विषय पर मुख्‍यमंत्री ने कहा क‍ि, तहसील स्तर पर पांच-पांच हजार गोठान बनाने के संबंध में मंत्रिपरिषद में चर्चा कर जैसे महाराष्ट्र में गाय को गौमाता का दर्जा दिया गया है, उसी प्रकार हम भी छत्तीसगढ़ में जल्द ही गाय को गौमाता का दर्जा देंगे। इसके लिए जो भी प्रक्रिया है उसे पूरा कर जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि, मन को माधव से जोड़ो और तन को संसार से जोड़ो। अगर सही कनेक्शन होगा तभी तो लाइट जलेगी, जोड़ने वाला ही पूज्यनीय होता है तोड़ने वाला नहीं होता। पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि, हम लोग प्रेम तो करते है लेकिन रामजी से नहीं पड़ोसी-पड़ोसन से। जगत से प्रेम और परमात्मा से फोटो का प्रेम है।   उन्‍होंने कहा क‍ि, बाहर से रहो संसारी, अंदर से हो जाओ सन्यासी। सलाहकार हनुमानजी जैसा रखोगे तो तुम्हें रामजी के पास नहीं जाना पड़ेगा, वही लेकर आ जाएंगे और हनुमानजी के अंदर यही लीला है। हनुमानजी राजा भी बनाते है और राम से भी मिलवाते हैं। अग्नि में अगर जलाने की शक्ति है तो बचाने की भी शक्ति थी। पृथ्वी पर दूसरे रामजी हो सकते हैं लेकिन हनुमान जैसा दूसरा भक्त कोई नहीं हो सकता। हनुमान जी की जो भक्ति करता है वह रोगी होने के बाद भी निरोगी हो जाता है।पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि, जब नेता बिजी हो जाते है तो वह अपने पीए को भेजते है कि हम नहीं आ रहे है, आप चले जाओ, उसी प्रकार जब परमात्मा नहीं आते है तो महात्माओं को भेज देते हैं। छत्तीसगढ़ में टंका बजा रखा दक्षिण पीठाधीश्वर राजीव लोचनदास जी महाराज, वेद लक्ष्मी गौमाता की परंपराआ को पूरे विश्व में पहुंचाने वाले व वर्तमान में 7 से 16 नवंबर तक होने वाली पदयात्रा में उनकी अतिविशेष भूमिका रही है मलूखपीठाधिश्वर अभिरामदेवाचार्य महाराज की। पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने समाजसेवी बसंत अग्रवाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, हमें आज एक जगह पर बैठने का मौका मिला और हमें आज संत भी मिल गए और सत्संग करने का सौभाग्य भी।   पं. धीरेंद्र शास्त्री ने छत्तीसगढ़ पुलिस की साइबर ठगों के खिलाफ चलाए जा रहे जागरुकता अभियान की तारीफ। पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बड़े भाई आचार्य लोमेश गर्ग ने संबोधित करते हुए धर्म पर चलने और धर्म का आचरण करने की बात कही।   इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय,मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौश‍िल्या साय, राजीव लोचन महाराज, समाजसेवी बसंत अग्रवाल व उनके पूरे परिवार सहित कई मंत्रीगण व विधायक, जनप्रतिनिध‍िजन व बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकजन मौजूद रहे।उल्‍लेखनीय है कि, समाजसेवी चंदन - बसंत अग्रवाल (थान खम्हरिया वाले) के नेतृत्व में स्व. पुरुषोत्तम अग्रवाल स्मृति फाउंडेशन के तत्वावधान में दही हांडी उत्सव स्थल,अवधपुरी मैदान, श्रीनगर रोड, गुढिय़ारी में 4 से 8 अक्टूबर तक श्री हनुमंत कथा आयोज‍ित किया गया था। समाजसेवी चंदन - बसंत अग्रवाल ने पांच दिवसीय हनुमंत कथा व दिव्य दरबार में सहयोग के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।      

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भोपाल । मध्य प्रदेश में जहरीले कफ सिरप की वजह से बच्चों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार रात एक अन्य बच्चे की मौत हो गई। छिंदवाड़ा की उमरेठ तहसील के पचधार गांव के तीन वर्षीय मयंक सूर्यवंशी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वह 25 सितंबर से नागपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती था। इसके बाद मृतक बच्चों की कुल संख्या 22 हो गई है। इनमें 19 बच्चे छिंदवाड़ा, दो बैतूल और एक पांढुर्णा जिले का था। सभी की उम्र 8 वर्ष से कम है।   वहीं, कोल्ड्रिफ कफ सिरप बनाने वाली कंपनी श्रीसन फार्मा के निदेशक गोविंदन रंगनाथन को गिरफ्तार कर लिया गया है। छिंदवाड़ा के पुलिस अधीक्षक ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मामले में मध्य प्रदेश सरकार सरकार द्वारा बनाई गई विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बुधवार रात चेन्नई में दबिश देकर कंपनी के डायरेक्टर रंगनाथन को पकड़ा है। एसआईटी ने कंपनी से महत्वपूर्ण दस्तावेज, दवाओं के नमूने और प्रोडक्शन रिकॉर्ड भी जब्त किए हैं। उन्होंने बताया कि श्रीसन फार्मा के निदेशक रंगनाथन को गिरफ्तारी के बाद आज चेन्नई की एक अदालत में पेश किया जाएगा और ट्रांजिट रिमांड हासिल करने के बाद छिंदवाड़ा लाया जाएगा। दरअसल, मप्र में कोल्ड्रिफ कफ सिरप के कारण किडनी संक्रमण से लगातार हो रही बच्चों की मौत के बाद मध्य प्रदेश सरकार द्वारा बनाई विशेष जांच टीम (एसआईटी) बुधवार को तमिलनाडु पहुंची थी और चेन्नई और कांचीपुरम में कंपनी के रजिस्टर्ड ऑफिस और कांचीपुरम स्थित प्लांट का दौरा कर साक्ष्य जुटाए। अधिकारियों के मुताबिक, कंपनी का मालिक तीन दिन पहले ही परिसर छोड़कर चला गया था। इसके बाद छिंदवाड़ा जोन के पुलिस उप महानिरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने फरार दवा निर्माता कंपनी श्रीसन फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरर के संचालक रंगनाथन की गिरफ्तारी या गिरफ्तारी कराने वाले व्यक्ति को बीस हजार रुपये का नगद इनाम देने की घोषणा की थी। इधर, रंगनाथन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने श्रीसन फार्मा के खिलाफ जांच तेज कर दी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि सीरप के निर्माण में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई है। इसके परिणामस्वरूप यह जानलेवा उत्पाद बाजार में पहुंचा। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है। साथ ही सीरप के वितरण नेटवर्क और उन दवा दुकानों की भी जांच की जा रही है, जिन्होंने इस उत्पाद को बेचा। लोगों से अपील की गई है कि वे कोल्ड्रिफ सिरप का इस्तेमाल तुरंत बंद करें और अपने बच्चों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराएं। इस बीच कोल्ड्रिफ कफ सिरप की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। तमिलनाडु डायरेक्टर ऑफ ड्रग्स कंट्रोल की एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि यह सिरप नॉन फार्मास्यूटिकल ग्रेड केमिकल से तैयार किया गया था। जांच के दौरान कंपनी के मालिक ने मौखिक रूप से स्वीकार किया है कि उसने दो बार में प्रोपलीन ग्लायकॉल के 50 किलो के दो बैग खरीदे थे। यानी कंपनी ने 100 किलो जहरीला केमिकल खरीदा था। जांच में इसका न कोई बिल मिला है, न खरीद की एंट्री की गई। पूछताछ में जांच अधिकारियों को बताया गया कि भुगतान कभी कैश तो यूपीआई से किया था।

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नई दिल्ली । घरेलू सर्राफा बाजार में सोना और चांदी की कीमत में रिकॉर्ड तेजी का सिलसिला आज भी जारी है। ये दोनों चमकीली धातुएं आज एक बार फिर मजबूती के नए शिखर पर पहुंच गई हैं। आज के कारोबार में सोना 1,750 रुपये से लेकर 1,910 रुपये प्रति 10 ग्राम तक महंगा हुआ है। इसी तरह चांदी भी 3,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक उछल गया है।   कीमत में उछाल आने के कारण देश के ज्यादातर सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोना आज 1,23,940 रुपये से लेकर 1,24,090 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह 22 कैरेट सोना आज 1,13,610 रुपये से लेकर 1,13,760 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। वहीं, चांदी के भाव में भी तेजी आने के कारण ये चमकीली धातु दिल्ली सर्राफा बाजार में आज 1,60,100 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिक रही है। दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना 1,24,090 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 1,13,760 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,23,940 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,13,610 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 1,23,990 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,13,660 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।   इन प्रमुख शहरों के अलावा चेन्नई में 24 कैरेट सोना आज 1,23,940 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 1,13,610 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। कोलकाता में भी 24 कैरेट सोना 1,23,940 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,13,610 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 1,24,090 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 1,13,760 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,23,990 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,13,660 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,24,090 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,13,760 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी आज सोना महंगा हुआ है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना 1,23,940 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 1,13,610 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

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कोलकाता । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार रात प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान की तीखी आलोचना की है, जिसमें उन्होंने जलपाईगुड़ी जिले के नागराकाटा में भाजपा सांसद खगेन मुर्मू और विधायक शंकर घोष पर हुए हमले के लिए राज्य सरकार और तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया था।    ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर सोमवार आधी रात के बाद साझा किए गए अपने बयान में कहा कि प्रधानमंत्री ने बिना किसी जांच या तथ्यों की प्रतीक्षा किए उत्तर बंगाल की प्राकृतिक आपदा को राजनीति से जोड़ दिया। उन्होंने लिखा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण और गहरी चिंता का विषय है कि भारत के प्रधानमंत्री ने उचित जांच से पहले ही एक प्राकृतिक आपदा का राजनीतिकरण कर दिया। जब उत्तर बंगाल के लोग बाढ़ और भूस्खलन की विभीषिका से जूझ रहे हैं, तब राजनीति करना अत्यंत असंवेदनशील है।” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा नेताओं ने स्थानीय प्रशासन को बिना सूचना दिए केंद्रीय बलों के साथ भारी काफिला लेकर दुर्घटनास्थल का दौरा किया, जिससे राहत और बचाव कार्यों में बाधा उत्पन्न हुई। प्रधानमंत्री द्वारा तृणमूल कांग्रेस और राज्य सरकार को सीधे दोषी ठहराने पर ममता बनर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने किसी प्रमाणित साक्ष्य, कानूनी जांच या प्रशासनिक रिपोर्ट का इंतजार किए बिना आरोप लगाए हैं। लोकतंत्र में कानून को अपनी गति से चलने देना चाहिए, दोष तय करने का अधिकार केवल न्यायिक प्रक्रिया को है, किसी राजनीतिक टिप्पणी को नहीं।  

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नई दिल्ली । रायबरेली में एक दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की हत्या को कांग्रेस पार्टी ने संविधान, सामाजिक न्याय और मानवता की मूल भावना पर आघात बताया है।   कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि रायबरेली की घटना देश के संवैधानिक ढांचे और लोकतांत्रिक आदर्शों के खिलाफ है। भारत का संविधान हर नागरिक को समानता, सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार देता है। कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि वे समाज के वंचित, कमजोर और उत्पीड़ित तबकों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध हैं।   

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देहरादून । उत्तराखंड में बारिश जारी है। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, हेमकुंड साहिब क्षेत्र में बर्फबारी होने से पहाड़ों में ठंडक बढ़ गई है। मैदानी जिलों में भी बारिश से बारिश से सर्दी का आगाज हो गया है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।   उत्तराखंड में सोमवार सुबह से रुक-रुक कर बारिश जारी है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री के साथ ही हेमकुंड साहिब सभी ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से मौसम सर्द हो गया है। वहीं गंगोत्रीी-यमुनोत्री धाम के चारों तरफ की चोटियां बर्फ से ढक गई हैं।   बर्फबारी के बाद धामों में ठंड भी बढ़ गई है। देश-विदेश से पहुंचे तीर्थ यात्री बर्फबारी का आनंद ले रहे हैं। बर्फबारी के कारण हेलीकाप्टर सेवाएं भी उड़ान नहीं भर पा रही हैं। जबकि बर्फबारी के बाद ठंड से यात्रियों को राहत दिलाने के लिये अलाव की व्यवस्था की गई है। साथ ही यात्रियों को मेडिकल से संबंधित कोई परेशानी न हो, इसके लिये भी यात्रा मार्ग सहित धामों में चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।   मौसम केंद्र का पूर्वानुमान राज्य के सभी जनपदों के अधिकांश स्थानों में हल्की से मध्यम वर्षा, गर्जन के साथ बौछार होने की संभावना है। 3500 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना है। राज्य के पिथौरागढ़ बागेश्वर, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग एवं चमोली जनपदों में कहीं-कहीं भारी वर्षा व बर्फबारी (3500 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में) होने की संभावना है।

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जयपुर । राजस्थान की राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में रविवार देर रात लगी आग से आठ मरीजों की मौत हो गई। मृतकों में तीन महिलाएं भी हैं। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची और सबूत इकट्‌ठे किए। अग्निकांड की जांच के लिए शासन स्तर पर छह सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ट्रॉमा सेंटर में आग लगने की घटना काे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य सरकार से घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।   अधिकारियों के अनुसार रविवार रात लगभग 11 बजकर 20 मिनट पर ट्रॉमा सेंटर के न्यूरो आईसीयू वार्ड के स्टोर रूम में आग लगी। स्टोर में पेपर, मेडिकल उपकरण और ब्लड सैंपलर ट्यूब रखे हुए थे। देखते ही देखते आग ने आईसीयू को अपनी चपेट में ले लिया और पूरे वार्ड में धुआं फैल गया। फायर विभाग के कर्मचारी अवधेश पांडे के अनुसार अलार्म बजते ही टीम मौके पर पहुंच गई, लेकिन धुएं के कारण अंदर जाना संभव नहीं था। टीम ने बिल्डिंग की दूसरी ओर से खिड़कियों के शीशे तोड़कर पानी की बौछार की और लगभग डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। सभी मरीजों को बेड सहित सड़क पर शिफ्ट किया गया।   भरतपुर निवासी शेरू ने बताया कि आग लगने से करीब 20 मिनट पहले वार्ड में धुआं दिखाई देने लगा था। उन्होंने स्टाफ को सूचना दी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। थोड़ी देर बाद प्लास्टिक की ट्यूबें पिघलने लगीं और वार्ड बॉय बाहर निकल गए। उन्होंने बताया कि अपने मरीज को उन्होंने स्वयं बाहर निकाला, लेकिन आग के दो घंटे बाद ही उन्हें ग्राउंड फ्लोर पर शिफ्ट किया गया।   ट्रॉमा सेंटर के नोडल अधिकारी डॉक्टर डॉ. अनुराग धाकड़ ने बताया कि आग जिस आईसीयू में लगी, वहां 11 मरीज भर्ती थे। इनमें से छह की मौके पर मौत हो गई। आईसीयू में ग्लास वर्क होता है। इस वजह से धुएं और जहरीली गैसों के बाहर निकलने में बाधा आई। गैस तेजी से भीतर फैली और मरीजों की दम घुटने से मौत हो गई। अस्पताल के पास अपने अग्निशमन उपकरण मौजूद थे और उनका प्रयोग किया गया, परंतु जहरीली गैस की अधिकता के कारण स्टाफ को बार-बार बाहर आना पड़ा। इससे बचाव कार्य में विलंब हुआ। धाकड़ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को ही आग का मुख्य कारण माना जा रहा है। मामले की विस्तृत जांच के लिए समिति गठित की गई है।   ट्रॉमा सेंटर के उपाधीक्षक डॉ. जगदीश मोदी ने बताया कि आग लगते ही ऑन-ड्यूटी रेजिडेंट डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ ने मरीजों को बाहर निकालना शुरू कर दिया। हालांकि, धुएं से पूरे वार्ड में अफरा-तफरी मच गई और अटेंडेंट भी अपने मरीजों को लेकर बाहर भागने लगे। हादसे के बाद मरीजों को अन्य आईसीयू वार्डों में शिफ्ट कर ऑब्जर्वेशन पर रखा गया है। मृतकों की पहचान पिंटू (सीकर), दिलीप (आंधी, जयपुर), श्रीनाथ (भरतपुर), रुकमणि (भरतपुर), कुशमा (भरतपुर), सर्वेश (आगरा, उत्तर प्रदेश) बहादुर (सांगानेर, जयपुर) और दिगंबर वर्मा (सवाईमाधाेपुर) के रुप में हुई हैं।   गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह के ट्रॉमा सेंटर पहुंचने पर मृतकों के परिजनों ने रोष व्यक्त किया। उन्होंने आरोप लगाया कि आग की जानकारी समय पर देने के बावजूद अस्पताल स्टाफ ने लापरवाही बरती और मौके से भाग गया।   मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकों एवं अधिकारियों से जानकारी ली और त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मरीजों की सुरक्षा, इलाज और प्रभावित लोगों की देखभाल के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ है और उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।   पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 'एक्स' पर लिखा कि एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में आग लगने से 7 लोगों की मृत्यु बहुत दुखी करने वाली है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि इस हादसे में कम से कम जनहानि हो। प्रभु दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं घायलों को शीघ्र ‌स्वस्थ करें। राज्य सरकार इस घटना की उच्च स्तरीय जांच करवाकर यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में कहीं भी ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो सके। गहलाेत अस्पताल पहुंचे और अग्निकांड के शिकार मरीजाें के परिजनाें से बात की। गहलोत ने कहा कि इस घटना की न्यायिक जांच होनी चाहिए।

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने राजनीति, जनसेवा और खेल जगत तीनों क्षेत्रों में अमिट छाप छोड़ी। मल्होत्रा का जीवन भारतीय राजनीति और संगठन के लिए एक प्रेरणास्रोत है। प्रधानमंत्री ने सोमवार को एक्स और नमो एप पर एक आलेख साझा करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी परिवार ने हाल ही में अपने सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक को खो दिया। प्रो. मल्होत्रा ने जीवन में अनेक उपलब्धियां हासिल कीं, लेकिन उससे भी अधिक महत्वपूर्ण यह था कि उन्होंने परिश्रम, दृढ़ निश्चय और सेवा से भरा जीवन जिया। उनके जीवन को देखकर समझा जा सकता है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जनसंघ और भाजपा के मूल संस्कार क्या हैं– विपरीत परिस्थितियों में साहस, स्वयं से ऊपर सेवा भावना और राष्ट्रीय-सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति गहरी निष्ठा। उन्होंने उल्लेख किया कि विभाजन के समय मल्होत्रा परिवार ने भयावह परिस्थितियों का सामना किया, परंतु उस पीड़ा ने उन्हें आत्मकेंद्रित नहीं बनाया। इसके विपरीत, उन्होंने स्वयं को समाज सेवा में समर्पित कर दिया। उन्होंने बंटवारे में विस्थापित हुए हजारों परिवारों की मदद की और उनके पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जनसंघ के साथी मदनलाल खुराना और केदारनाथ साहनी के साथ उन्होंने दिल्ली में निःस्वार्थ सेवा कार्य किए, जिन्हें आज भी लोग याद करते हैं। मोदी ने याद किया कि 1967 में दिल्ली मेट्रोपॉलिटन काउंसिल के पहले चुनाव में जनसंघ ने शानदार प्रदर्शन किया था। लालकृष्ण आडवाणी चेयरमैन बने और मल्होत्रा को चीफ एग्जीक्यूटिव काउंसलर की जिम्मेदारी सौंपी गई—जो मुख्यमंत्री के समकक्ष पद था। उस समय उनकी उम्र मात्र 36 वर्ष थी। उन्होंने दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर और नागरिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया और राजधानी के विकास में नई दृष्टि दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि मल्होत्रा का दिल्ली से जुड़ाव अटूट रहा। ने हमेशा जनता के बीच रहकर जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाते रहे। 1960 के दशक में गौ रक्षा आंदोलन में उनकी सक्रिय भागीदारी रही, जहां उन्हें पुलिस अत्याचारों का भी सामना करना पड़ा। आपातकाल के दौरान उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया। 1984 में सिख विरोधी दंगों के दौरान जब सड़कों पर निर्दोष सिखों की हत्या हो रही थी, तब उन्होंने शांति और सद्भावना की आवाज उठाई और पीड़ितों के साथ खड़े रहे। प्रधानमंत्री ने लिखा कि मल्होत्रा का मानना था कि राजनीति केवल चुनाव जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि सिद्धांतों और मूल्यों की रक्षा का भी दायित्व है। वे संगठन के लिए एक संस्था निर्माता थे, जिन्होंने जनसंघ और भाजपा की दिल्ली इकाई को मजबूत नेतृत्व प्रदान किया। उन्होंने सिविक प्रशासन, विधानसभा और संसद सभी स्तरों पर उल्लेखनीय योगदान दिया। मोदी ने 1999 के लोकसभा चुनाव का उल्लेख किया, जब मल्होत्रा ने दक्षिण दिल्ली से डॉ. मनमोहन सिंह को हराया था। यह चुनाव बेहद हाई-प्रोफाइल था, लेकिन मल्होत्रा ने सकारात्मक प्रचार किया, कभी व्यक्तिगत हमले नहीं किए और 50 प्रतिशत से अधिक वोटों से विजय प्राप्त की। यह उनकी जनता के साथ गहरे संबंधों और मजबूत संगठनात्मक पकड़ का प्रमाण था। प्रधानमंत्री ने लिखा कि संसद में मल्होत्रा हमेशा सटीक तैयारी के साथ बोलते थे। यूपीए-1 के दौरान विपक्ष के उपनेता के रूप में उन्होंने भ्रष्टाचार और आतंकवाद के मुद्दों पर सरकार को घेरा। मोदी ने कहा, ‘‘उन दिनों मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था और हम अक्सर बातचीत करते थे। वे गुजरात की विकास यात्रा को लेकर हमेशा उत्सुक रहते थे।’’ राजनीति के साथ-साथ मल्होत्रा एक शिक्षाविद् और विद्वान भी थे। उन्होंने अपनी पढ़ाई समय से पहले पूरी की थी और हिंदी पर गहरी पकड़ रखते थे। वे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के भाषणों का हिंदी अनुवाद करते थे। उन्होंने संघ से जुड़ी कई सांस्कृतिक और शैक्षिक संस्थाओं की स्थापना की, जिनके माध्यम से अनेक प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिला। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन संस्थाओं ने समाज में सेवा और आत्मनिर्भरता की भावना को प्रोत्साहित किया। मल्होत्रा ने खेल प्रशासन में भी असाधारण योगदान दिया। वे आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के लंबे समय तक अध्यक्ष रहे और उनके नेतृत्व में भारतीय तीरंदाजी को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली। खिलाड़ियों के लिए अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा। प्रधानमंत्री ने कहा कि मल्होत्रा को लोग न केवल उनके पदों के लिए, बल्कि उनकी संवेदनशीलता और समर्पण भावना के लिए याद करते हैं। वे हमेशा लोगों की कठिनाइयों में उनके साथ खड़े रहे और विपरीत परिस्थितियों में भी अपने दायित्वों से पीछे नहीं हटे। मोदी ने बताया कि हाल ही में दिल्ली भाजपा के नए मुख्यालय के उद्घाटन के दौरान उन्होंने मल्होत्रा को स्नेहपूर्वक याद किया। उन्होंने कहा, ‘‘तीन दशक बाद जब भाजपा ने दिल्ली में सरकार बनाई, तो वे बहुत प्रसन्न थे। उनकी अपेक्षाएं बड़ी थीं, जिन्हें पूरा करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।’’ प्रधानमंत्री ने अपने लेख के अंत में कहा कि आने वाली पीढ़ियां मल्होत्रा के जीवन, कार्यों और आदर्शों से प्रेरणा लेती रहेंगी। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि समर्पण, संगठन और सेवा भावना से समाज और राष्ट्र के लिए कितना कुछ किया जा सकता है।

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नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में संपन्न होंगे। प्रथम और द्वितीय चरण का मतदान क्रमशः 6 और 11 नवंबर को होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी। यह जानकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को दी। ज्ञानेश कुमार ने यहां के विज्ञान भवन में सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि पहले चरण में 6 नवंबर को 121 सीटों पर और दूसरे चरण में 11 नवंबर को 122 सीटों पर मतदान होगा। बिहार विधानसभा चुनाव पूरी पारदर्शिता और शांति के साथ कराए जाएंगे। राज्य में कुल 7.43 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 3.92 करोड़ पुरुष, 3.50 करोड़ महिला और 1,725 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं। इसके अलावा 7.2 लाख दिव्यांग मतदाता, 4.04 लाख 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता, 14 हजार 100 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता और 1.63 लाख सेवा मतदाता हैं। राज्य में 18 से 19 वर्ष की आयु के 14.01 लाख और 20 से 29 वर्ष की आयु के 1.63 करोड़ मतदाता हैं। इस चुनाव में करीब 14 लाख मतदाता पहली बार मतदान करेंगे। नए मतदाताओं को 15 दिनों के भीतर वोटर कार्ड प्रदान किए जाएंगे।मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि राज्य में कुल 90,712 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 76,801 ग्रामीण क्षेत्रों और 13,911 शहरी क्षेत्रों में हैं। प्रत्येक मतदान केंद्र पर औसतन 818 मतदाता होंगे। इसके अलावा 292 दिव्यांग, 38 युवा और 1,044 महिला संचालित मतदान केंद्र बनाए गए हैं। साथ ही, 1,350 आदर्श मतदान केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की सुविधा उपलब्ध होगी ताकि निगरानी सुनिश्चित की जा सके।उन्होंने कहा कि बिहार ने मतदाता सूची को शुद्ध करने के मामले में पूरे देश के लिए एक मिसाल पेश की है। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूचियों को अद्यतन किया गया है। मसौदा सूची प्रकाशित होने के बाद सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों को दावे और आपत्तियाँ दर्ज कराने का अवसर दिया गया था। अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की गई। नामांकन की अंतिम तिथि से 10 दिन पहले तक वोटर लिस्ट में नाम जोड़ा जा सकता है, लेकिन अंतिम सूची जारी होने के बाद कोई नया नाम नहीं जोड़ा जाएगा।बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं, जिनमें 38 सीटें अनुसूचित जाति (एससी) और दो सीटें अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित हैं। वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है। चुनाव आयोग की इस पत्रकार वार्ता में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी मौजूद थे। मुख्य चुनाव आयुक्त ने विश्वास जताया कि आयोग की पूरी टीम और राज्य प्रशासन मिलकर बिहार में निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराएंगे।

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छिंदवाड़ा/भोपाल । मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में परासिया क्षेत्र के कफ सिरप से 11 बच्चों की मौत के बाद आखिरकार प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार देर रात परासिया थाना में डॉ. प्रवीण सोनी और श्रेसन फार्मास्युटिकल कंपनी (कांचीपुरम, तमिलनाडु) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसके बाद पुलिस अधीक्षक द्वारा बनाई गई स्पेशल पुलिस टीम ने छिंदवाड़ा के कोतवाली थाना क्षेत्र के राजपाल चौक से डॉक्टर प्रवीण सोनी को देर रात गिरफ्तार कर लिया। इसी डॉक्टर ने बच्चों को घातक कफ सिरप लिखा था। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बीएमओ डॉ. अंकित सल्लाम की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। दरअसल, शनिवार को तमिलनाडु से कफ सिरप के सैंम्पलों की जांच प्राप्त हुई थी। कोल्ड्रिफ कफ सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकोल की मात्रा अधिक होने की पुष्टि के बाद बीएमओ डॉ. सल्लाम की शिकायत पर पुलिस ने डॉक्टर प्रवीण सोनी और कंपनी के खिलाफ बीएनएस धारा 276 (औषधियों में मिलावट),बीएनएस धारा 105(3) (आपराधिक मानव वध) और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 की धारा 27(ए)(iii) और 26 के तहत मामला दर्ज किया है। इसमें 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है। इसके बाद शनिवार देर रात पुलिस ने कफ सिरप लिखने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार कर लिया है। बीएमओ डॉ. सल्लाम ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने डॉक्टर और कंपनी के खिलाफ जांच तेज कर दी है। प्रारंभिक साक्ष्यों के अनुसार, जिस दवा का उपयोग बच्चों के उपचार में किया गया, उसके नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए थे। जिसकी रिपोर्ट में दवा को एडलट्रेडेट यानी मिलावटी पाया गया। रिपोर्ट के आधार पर ही एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग इस पूरे प्रकरण को बेहद गंभीरता से ले रहा है। बच्चों की मौत की सच्चाई सामने लाने के लिए वैज्ञानिक और चिकित्सकीय दोनों स्तरों पर जांच चल रही है। यदि और किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों से अपील है कि बिना डॉक्टरी सलाह के सिरप न दें। गौरतबल है कि परासिया विकासखंड में किडनी फेल होने से अब तक 11 बच्चों की मौत हो चुकी है और अभी कई बच्चों का अस्पताल में उपचार जारी है। इनमें एक से पांच साल तक के बच्चे शामिल हैं। इन बच्चों को सर्दी, खांसी और बुखार हुआ था। सभी बच्चे बाल रोग चिकित्सक डॉ.प्रवीण सोनी के क्लिनिक में पहुंचे थे। डॉक्टर ने कई बच्चों को कोल्ड्रिफ कफ सिरप दिया गया था। बच्चों ने दवाई पी और बुखार उतर गया, खांसी ठीक हो गई, लेकिन दो दिन बाद पेशाब बंद हो गई। परिवारवालों ने छिंदवाड़ा से लेकर नागपुर तक इलाज करवाया, लेकिन उनकी जान नहीं बच पाई। आरोप है कि बच्चों की ऐसी हालत डॉक्टर की लिखी कफ सिरप से हुई, जिसे चार साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं देनी थी।   मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 11 बच्चों की मौतों को दुखद बताते हुए 4-4 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।  

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टोक्यो । जापान में शनिवार रात होन्शू के पूर्वी तट पर 6 तीव्रता के भूकंप से धरती कांप उठी। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार, होन्शू के पूर्वी तट के पास 6.0 तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र जमीन से करीब 50 किलोमीटर गहराई में था। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या सुनामी की चेतावनी नहीं है। उल्लेखनीय है कि जापान अत्यंत सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र में है। इसके द्वीपों में अक्सर भूकंप आते हैं। यहां कई विनाशकारी भूकंप आ चुके हैं, जो सुनामी का कारण बनते हैं। 

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नई दिल्ली । कांग्रेस ने देश में बढ़ती आर्थिक असमानता का दावा करते हुए केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों ने धन को कुछ चुनिंदा हाथों में केंद्रित कर दिया है, जिससे लोकतंत्र की आत्मा पर सीधा असर पड़ रहा है।   पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पोस्ट में कहा कि एक तरफ करोड़ों भारतीय रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं सिर्फ 1687 लोगों के पास देश की आधी संपत्ति केंद्रित है। सत्ता के गठजोड़ से कुछ उद्योगपति लगातार अमीर होते जा रहे हैं, जबकि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाला एमएसएमई क्षेत्र अभूतपूर्व दबाव में है।   कांग्रेस नेता ने कहा कि आम लोगों की कमाई के अवसर घट रहे हैं, महंगाई और कर्ज का बोझ बढ़ रहा है, जबकि शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर निवेश लगातार घटता जा रहा है। उन्होंने मनरेगा में वेतन संकट और श्रमिकों को समय पर भुगतान न होने को इस असमान नीति का उदाहरण बताया।   रमेश ने कहा कि अगर यह प्रवृत्ति जारी रही तो भारत भी उन देशों की कतार में शामिल हो जाएगा, जहां आर्थिक असमानता और कमजोर लोकतांत्रिक संस्थाएं राजनीतिक अराजकता को जन्म देती हैं।  

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भोपाल । मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया ब्लॉक में रोग को दूर करने वाला 'कफ सिरप' ही नौ बच्चों की मौत का जिम्मेदार बन गया। कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने के बाद पिछले 20 दिन में नौ बच्चों की किडनी फेल होने से मौत हो चुकी है। इनमें से ज्यादातर बच्चों ने नागपुर के निजी अस्पतालों में दम तोड़ा। कई बच्चे अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। छिंदवाड़ा जिले के नौ बच्चों की मौत की वजह बताए जा रहे कफ सिरप में जहरीले केमिकल की मिलावट पाई गई है। शुक्रवार को तमिलनाडु सरकार ने भी इसकी पुष्टि कर दी है। तमिलनाडु सरकार के ड्रग डिपार्टमेंट के अधिकारियों की जांच में श्रीसन कंपनी की कांचीपुरम यूनिट में हुई जांच में खुलासा हुआ है कि कोल्ड्रिफ कफ सिरप में 48.6% डाईथाइलीन ग्लॉयकाल की मिलावट है। ये एक जहरीला केमिकल है। इसके बाद तमिलनाडु सरकार ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप के प्रोडक्शन और सेल पर प्रतिबंध लगा दिया है। तमिलनाडु सरकार द्वारा शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कोल्ड्रिफ कफ सिरप के जिस बैच नंबर एसआर–13 को बच्चों की मौत के लिए संदिग्ध माना जा रहा है, उसे बनाने में दूषित केमिकल का इस्तेमाल हुआ है। तमिलनाडु ड्रग डिपार्टमेंट ने इस बैच की दवाओं के लिए सैंपल जांच के लिए भेजे थे, 24 घंटे में इसकी रिपोर्ट आ गई। इसी के बाद सरकार ने ये फैसला लिया। तमिलनाडु सरकार के आदेश में कहा गया है कि जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती, इस दवा के निर्माण और बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। छिंदवाड़ा के एसडीएम शुभम यादव ने बताया कि छह बच्चों में 'कफ सिरप' की हिस्ट्री मिली है, जिसमें एक 'डायएथिलीन ग्लायकॉल' केमिकल को मौत का जिम्मेदार माना जा रहा है। इन बच्चों में पांच में कोल्ड्रिफ और एक में नेक्सट्रॉस डीएस की हिस्ट्री मिली है। फिलहाल दोनों सिरप को बैन कर दिया गया है। वहीं, औषधि निरीक्षक शरद जैन ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कटारिया फार्मा पर उपलब्ध कोल्ड्रिफ के शेष स्टॉक की खरीदी बिक्री को तत्काल प्रभाव से बंद करवा दिया गया है। इसके साथ ही इस फर्म द्वारा छिंदवाड़ा जिले में भी जहां दवाई सप्लाई की गई थी उन फर्मों से भी इस दवाइयों के क्रय विक्रय को पूर्णतः प्रतिबंध करवा दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस दवाई के सैंपल जिला औषधि निरीक्षक छिंदवाड़ा द्वारा भी लिये जा चुके हैं। सैंपल की रिपोर्ट के आधार पर आगामी विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। औषधि निरीक्षक ने दवा के सभी थोक एवं फुटकर विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि यदि उनकी फर्म पर कोल्ड्रिफ सिरप उपलब्ध है तो वे नमूनों की जाँच रिपोर्ट आने तक इसका विक्रय न करें और उपलब्ध सिरप को स्टॉकिस्ट को तुरंत वापस कर दें। इधर, छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पवन नंदूरकर ने बताया कि रिसर्च में ऐसा पाया गया है कि 'कोल्ड सिरप' या 'कफ सिरप' बनाने के दौरान 'डायएथिलीन ग्लायकॉल' नाम के केमिकल के मिलाए जाने से इस तरह किडनी डैमेज के मामले सामने आते हैं। बैन किए गए दो कफ सिरप में ये केमिकल था या नहीं ये तो जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पता चलेगा। फिलहाल इनकी बिक्री पर रोक लगा दी गई है। डॉ. नंदूरकर ने बताया कि वैसे तो किडनी डैमेज के कई कारण हो सकते हैं। पानी की खराबी, धातु का होना, जहरीला पदार्थ, डिहाईड्रेशन आदि के कारण भी किडनी डैमेज हो सकती है। अब क्योंकि अभी तक सामने आए मामलों में ये कफ सिरप कॉमन रही है। इस कारण कोल्ड्रिफ और नेक्सट्रॉस डीएस में 'डायएथिलीन ग्लायकॉल' केमिकल गड़बड़ी की संभावना जताई जा रही है। डॉ. पवन नंदूरकर ने बताया कि अब तक नौ बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें दिव्यांश चंद्रवंशी (7 वर्ष), अदनान खान (5 वर्ष), हेतांश सोनी (5), उसैद (4), श्रेया यादव (18 माह), विकास यदुवंशी (4), योगिता विश्वकर्मा (5 वर्ष), संध्या भोसोम (सवा साल) और चंचलेश यदुवंशी शामिल है। दो बच्चों की मौत पिछले तीन दिनों में हुई है। सवा साल की संध्या भोसोम 17 सितंबर को बीमार हुई थी। उसे 18 सितंबर को परासिया के निजी चिकित्सालय लाया गया था। फिर उसका इलाज सरकारी अस्पताल में चला। इसके बाद फिर परासिया के निजी चिकित्सालय में वापस 26 सितंबर को भर्ती किया गया। बाद में उसे सीएचसी परासिया से छिंदवाड़ा रेफर किया गया। छिंदवाड़ा जिला चिकित्सालय से संध्या को 28 सितंबर को नागपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। नागपुर में एक अक्तूबर को उसकी मौत हो गई। संध्या के अलावा गायगोहान के चंचलेश यदुवंशी की भी नागपुर में उपचार के दौरान मौत हुई है। एसडीएम शुभम यादव ने बताया कि पूरे इलाके में 1420 बच्चों को मैपिंग की गई है। इन बच्चों को वायरल हुआ था। सभी पर नजर रखी जा रही है। परासिया में गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है। निजी अस्पतालों को कहा गया है कि वे वायरल केस आने पर उसे ट्रीट न करें। सीधे सरकारी अस्पताल को सूचित करें। जो व्यवस्था सरकार की तरफ से बनाई गई है। उसमें बच्चे का इलाज होगा। उन्होंने बताया कि पानी की जांच की गई हैं। वे सभी सामान्य हैं। एसडीएम शुभम यादव यादव ने बताया कि बच्चों को बुखार होने के साथ ही उल्टी-दस्त और खांसी भी है। ये पैटर्न 2022 में गांबिया में भी देखने को मिला था। वहां पर भारत से वैक्सीन गईं थी। इस आधार पर वहां जांच हुई तो पता चला कि कफ सिरप में एक केमिकल था, जो घटना के लिए जिम्मेदार था, जिसकी वजह से बच्चों की किडनी पर असर पड़ा था। इसी आधार पर परासिया में भी जांच हो रही है। उनका कहना है कि ब्लॉक में दो लाख से ज्यादा की आबादी है, इसमें 25 हाजर बच्चे हैं, जो पांच साल के या फिर इससे छोटे हैं। आशा वर्कर की मदद से सर्वे करके अब तक करीब 4658 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई है। इसमें से 4411 के टेस्ट किए जा चुके हैं इनकी रिपोर्ट सामान्य आई है। अभी अस्पताल में भर्ती बच्चों में से तीन की हालात गंभीर है, उनको डायलिसिस दिया जा रहा है। वे वेंटीलेटर पर हैं। क्या मिला जांच में? कांचीपुरम जिले के सुंगुवर्चत्रम में स्थित श्रीसन फार्मास्यूटिकल की यूनिट से कोल्ड्रिफ़ सिरप (बैच नंबर SR-13) जब्त किया गया। जांच में पता चला कि इसमें नॉन-फार्माकॉपिया ग्रेड प्रोपीलीन ग्लाइकॉल का इस्तेमाल हुआ, जो संभवतः डायथिलीन ग्लाइकॉल और एथिलीन ग्लाइकॉल से दूषित था। दोनों ही केमिकल किडनी को नुकसान पहुंचाने वाले जहरीले पदार्थ हैं। जैसे ही सैंपल चेन्नई की सरकारी ड्रग्स टेस्टिंग लैब में भेजे गए, वहां से 24 घंटे में रिपोर्ट दी गई। जांच रिपोर्ट के बाद तमिलनाडु सरकार का एक्शन - पूरे राज्य में कोल्ड्रिफ़ सिरप की बिक्री–वितरण पर तुरंत रोक लगाई गई। सभी ड्रग इंस्पेक्टर्स को थोक और रिटेल दुकानों से स्टॉक फ्रीज करने का आदेश दिया। ओडिशा और पुडुचेरी के अधिकारियों को भी अलर्ट किया गया। कंपनी को स्टॉप प्रोडक्शन ऑर्डर जारी कर दिया गया। मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस कैंसिल करने के लिए शो-कॉज नोटिस भी भेजा गया। तमिलनाडु सरकार ने रिपोर्ट में ये भी लिखा है कि मध्य प्रदेश सरकार की ड्रग कंट्रोल अथॉरिटी ने 1 अक्टूबर को 3.37 बजे कोल्ड्रिफ कफ सिरप की सूचना भेजी थी। 1 और 2 अक्टूबर को तमिलनाडु में सरकारी छुट्‌टी थी। इसके बावजूद हमने 27 मिनट के भीतर इस पर एक्शन लिया और जांच के आदेश जारी किए। तमिलनाडु सरकार के डिप्टी डायरेक्टर ड्रग कंट्रोलर एस गुरुभारती ने सीनियर ड्रग इंस्पेक्टर की जांच टीम बनाई। उसी दिन ये टीम फैक्ट्री में जांच के लिए पहुंची। इसके बाद अगले दिन यानी 2 अक्टूबर को भी जांच टीम फैक्ट्री पहुंची। जांच टीम को फैक्ट्री में कई तरह के प्रोटोकाल के उल्लंघन मिले हैं।

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मैहर । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत शनिवार सुबह मध्य प्रदेश के दो दिवसीय पर मैहर पहुंचे हैं। वे यहां प्रसिद्ध मां शारदा मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना करेंगे। मैहर का ये मंदिर शक्ति पीठ के रूप में जाना जाता है और लोगों के लिए आस्था का बड़ा केंद्र है। दर्शन के बाद सरसंघचालक सतना जिले के उतेली इलाके में आयोजित प्रांत स्तरीय विस्तारक वर्ग को संबोधित करेंगे। इस वर्ग में प्रदेश भर से संघप्रचारक शामिल होंगे और संगठन की आगे की योजनाओं पर चर्चा करेंगे।   सरसंघचालक डॉ भागवत शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे ट्रेन से मैहर रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां से उन्हें सुरक्षा घेरे में कार से संघ कार्यालय, बॉस कॉलोनी ले जाया गया। यहां कुछ समय विश्राम के बाद सरसंघचालक मां शारदा देवी मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने मंदिर प्रांगण को आम दर्शनार्थियों से खाली करा दिया है और सीढ़ी मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं को नियंत्रित संख्या में प्रवेश दिया जा रहा है। दर्शन के उपरांत सरसंघचालक का काफिला राम पथ गमन मार्ग से सतना के लिए रवाना होगा। संघसंघचालक के कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मैहर कलेक्टर रानी बाटड ने सुरक्षा कारणों से शनिवार सुबह 4 बजे से रात 8 बजे तक पूरे मैहर तहसील क्षेत्र को नो-फ्लाई जोन घोषित किया है। इस अवधि में ड्रोन, पैराग्लाइडर और हॉट एयर बैलून जैसी उड़ान गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरसंघचालक डॉ भागवत मैहर में मां शारदा मंदिर में दर्शन के उपरांत सतना जिले में अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वे उतेली इलाके में आयोजित प्रांत स्तरीय विस्तारक वर्ग में प्रदेश भर से आए स्वयंसेवकों और प्रचारकों को संबोधित करेंगे। वहीं, दूसरे दिन 5 अक्टूबर को वे सतना के सिंधी कैंप में स्थित बाबा मेहरशाह दरबार साहिब का लोकार्पण करेंगे। यह दरबार साहिब सिख समुदाय का महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है।   इसके बाद सरसंघचालक का सतना के बीटीआई ग्राउंड में संबोधन होगा जिसमें स्वयंसेवक और आम लोग मौजूद रहेंगे। सुरक्षा के लिए दोनों जगह पुलिस बल तैनात किया गया है। सतना कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस. ने बताया कि सभी कार्यक्रमों पर निगरानी रखी जा रही है और ट्रैफिक व पार्किंग का भी पूरा ध्यान रखा गया है।  

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को 62 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न युवा-केंद्रित योजनाओं का शुभारंभ करते हुए कहा कि एनडीए सरकार का संकल्प है कि अब बिहार का युवा अपने ही राज्य में सम्मानजनक रोजगार पाएगा और पलायन का दौर समाप्त होगा। उन्होंने कहा कि कभी शिक्षा और रोजगार के अभाव में लाखों युवाओं को बिहार छोड़कर दूसरे राज्यों की ओर जाना पड़ा था लेकिन आज राज्य विकास के नए युग में प्रवेश कर चुका है। प्रधानमंत्री ने यह बातें यहां विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय कौशल दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहीं। इस अवसर पर उन्होंने देशभर के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के 46 टॉपर छात्रों को सम्मानित किया। मोदी ने कहा कि यह समारोह भारत में कौशल विकास को नई प्रतिष्ठा देने का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार परिवर्तन (पीएम-सेतु) योजना की शुरुआत की, जिसके तहत 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश से देशभर के 1,000 आईटीआई को हब-एंड-स्पोक मॉडल पर अपग्रेड किया जाएगा। इस मॉडल में 200 हब आईटीआई और 800 स्पोक आईटीआई शामिल होंगे। इनके माध्यम से आधुनिक बुनियादी ढांचा, डिजिटल लर्निंग सिस्टम और इनक्यूबेशन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मोदी ने कहा, “पीएम-सेतु भारत के युवाओं को विश्व की स्किल डिमांड से जोड़ेगा।” उन्होंने बताया कि वर्तमान में देश के आईटीआई में 170 ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जा रहा है और पिछले 11 वर्षों में डेढ़ करोड़ से अधिक युवाओं को स्किल ट्रेनिंग मिल चुकी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 तक देश में 10,000 आईटीआई थीं, जबकि पिछले एक दशक में 5,000 और स्थापित की गई हैं।   प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में बिहार का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार की युवा आबादी देश की शक्ति है। उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं का सामर्थ्य बढ़ता है तो भारत की ताकत भी बढ़ती है। मोदी ने याद दिलाया कि दो दशक पहले बिहार की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी- न स्कूल खुलते थे, न भर्तियां होती थीं। इसी कारण मजबूरी में लाखों बच्चों को बनारस, दिल्ली और मुंबई पलायन करना पड़ा। उन्होंने कहा कि आरजेडी के कुशासन ने बिहार की जड़ों में कीड़ा लगा दिया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने उन बिगड़ी व्यवस्थाओं को फिर से पटरी पर लाया। आज बिहार में शिक्षा बजट कई गुना बढ़ा है, हर गांव में स्कूल खुल चुके हैं और पिछले दो वर्षों में ढाई लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। उन्होंने कहा कि कि अब हमारा लक्ष्य है कि बिहार का युवा बिहार में ही रोजगार पाए। प्रधानमंत्री ने बिहार के लिए कई नई योजनाओं और परियोजनाओं का शुभारंभ किया, जिनमें मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना और बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना शामिल हैं। इन योजनाओं के तहत हर साल पांच लाख स्नातक युवाओं को दो साल तक एक हजार मासिक भत्ता और मुफ्त कौशल प्रशिक्षण मिलेगा, जबकि क्रेडिट कार्ड योजना में छात्रों को 4 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त शिक्षा ऋण प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने बिहार युवा आयोग और जन नायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय का भी उद्घाटन किया। विश्वविद्यालय उद्योग-उन्मुख पाठ्यक्रमों के माध्यम से वैश्विक स्तर का कुशल कार्यबल तैयार करेगा। उन्होंने पीएम-उषा (प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान) के तहत बिहार के चार विश्वविद्यालयों- पटना विश्वविद्यालय, भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (मधेपुरा), जयप्रकाश विश्वविद्यालय (छपरा) और नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय (पटना)- में नई शैक्षणिक और अनुसंधान सुविधाओं की आधारशिला भी रखी। अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर का विशेष उल्लेख किया और कहा कि उन्होंने समाज के सबसे कमजोर तबके के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित किया। कर्पूरी ठाकुर को जननायक सोशल मीडिया की ट्रोल टीम ने नहीं बनाया, बल्कि बिहार के जन-जन ने बनाया है। मोदी ने बिहार की जनता को चेताया कि आजकल कुछ लोग ‘जननायक’ पद की भी चोरी करने की कोशिश में लगे हैं। इसलिए बिहार के लोग सतर्क रहें कि कर्पूरी ठाकुर का यह जनमानस द्वारा दिया गया सम्मान कोई चुरा न ले। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके नाम पर बनने वाला कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय, उनके शिक्षा विस्तार और समाज सेवा के सपनों को आगे बढ़ाने का माध्यम बनेगा। मोदी ने 34 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 400 नवोदय विद्यालयों और 200 एकलव्य आवासीय विद्यालयों में 1,200 व्यावसायिक कौशल प्रयोगशालाओं का भी उद्घाटन किया। इन प्रयोगशालाओं में आईटी, ऑटोमोटिव, कृषि, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में छात्रों को प्रशिक्षण मिलेगा।   इसके साथ ही उन्होंने एनआईटी पटना के बिहटा परिसर को राष्ट्र को समर्पित किया, जिसमें 5जी यूज केस लैब, इसरो के सहयोग से क्षेत्रीय अंतरिक्ष शैक्षणिक केंद्र और नवाचार एवं इनक्यूबेशन हब जैसी सुविधाएं शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में बिहार सरकार के 4,000 से अधिक नवनियुक्त उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित किए, साथ ही कक्षा 9 और 10 के 25 लाख छात्रों को 450 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति का प्रत्यक्ष लाभ भी हस्तांतरित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि साल 2014 से पहले भारत को नाज़ुक अर्थव्यवस्था कहा जाता था, लेकिन आज भारत दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में स्थान पाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश में इस समय जीएसटी बचत उत्सव चल रहा है और बिहार के युवा बाइक-स्कूटर पर जीएसटी घटने से बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की तरक्की ही भारत की तरक्की है। यही कारण है कि सरकार शिक्षा, कौशल और रोजगार को एकसाथ जोड़कर ‘विकसित भारत’ की दिशा में कदम बढ़ा रही है।

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नई दिल्ली । राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत जेल में बंद सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे एंग्मो ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर वांगचुक की गिरफ्तारी को चुनौती दी है। वांगचुक को 26 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल वांगचुक राजस्थान के जोधपुर जेल में बंद हैं।   गीतांजलि की ओर से वकील सर्वम रीतम खरे ने याचिका दायर की है। याचिका में सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए उन्हें रिहा करने की मांग की है। गीतांजलि ने याचिका में कहा है कि वांगचुक की गिरफ्तारी के एक हफ्ते के बाद भी उनके स्वास्थ्य के बारे में उन्हें कोई सूचना नहीं है।   उल्लेखनीय है कि वांगचुक लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे थे। लद्दाख में प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा के बाद हुई गोलीबारी में 4 लोगों की मौत हो गई थी।   

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खंडवा । मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में पंधाना थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अर्दला में गुरुवार शाम को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली तालाब में गिर गई। हादसे में आठ बच्चियों समेत 11 लोगों की मौत हो गई। इनमें नौ साल के बच्चे से लेकर 25 साल तक के युवा हैं। तीन लोगों की हालत गंभीर है। करीब 35 से 40 लोगों के डूबने की जानकारी मिली है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हादसे पर दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है।   पंधाना थाना पुलिस के मुताबिक, अर्दला गांव में गुरुवार शाम करीब 4 बजे देवी विसर्जन के लिए कच्चे पुल पर खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली तालाब में पलट गई, जिससे उसमें सवार सभी लोग पानी में जा गिरे। उनको बचाने के लिए 10-15 लोगों ने तालाब में छलांग लगा दी। सूचना मिलने पर शाम करीब 5 बजे पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। रात नौ बजे तक 11 शव निकाले जा चुके थे। सूचना मिलने पर खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता समेत प्रशानिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे।   खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि ट्रैक्टर ड्राइवर को तालाब की गहराई का अंदाजा नहीं था। अति उत्साह में वे लोग ट्रॉली समेत नीचे उतर गए। ट्रॉली पलटने से सभी लोग पानी में डूब गए। उन्होंने बताया कि रात नौ बजे तक 11 लोगों के शवों को तालाब से बाहर निकाला गया है। रेस्क्यू के लिए बुरहानपुर और ओंकारेश्वर से भी एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया था। रात नौ बजे रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हुआ।