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विशेष

मिडिल ईस्ट में ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब हवाई यात्रा पर भी दिखने लगा है। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) महंगा हो गया है, जिसके बाद एयरलाइंस कंपनियों ने किराए में बढ़ोतरी शुरू कर दी है। एयर इंडिया के बाद इंडिगो ने भी घरेलू उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज लागू कर दिया है, जिससे यात्रियों को अब पहले से ज्यादा किराया चुकाना पड़ रहा है।   इंडिगो ने घरेलू उड़ानों पर 425 रुपये से लेकर 2300 रुपये तक फ्यूल सरचार्ज लगाना शुरू किया है। इसका असर खासतौर पर भोपाल से हैदराबाद, बेंगलुरु और पुणे जैसे शहरों की उड़ानों पर देखा जा रहा है, जहां यात्रियों से ज्यादा किराया लिया जा रहा है। दो दिन पहले एयर इंडिया ने भी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज लगाने की घोषणा की थी।   हर साल होली के बाद एयरलाइंस कंपनियां लो-फेयर स्कीम जारी करती हैं, जिसके तहत 30 दिन पहले टिकट बुक करने पर सस्ते किराए मिलते हैं। लेकिन इस बार युद्ध जैसे वैश्विक हालात के कारण किसी भी एयरलाइन ने ऐसी स्कीम शुरू नहीं की है। भोपाल एयरपोर्ट से फिलहाल इंडिगो की 14 जोड़ी और एयर इंडिया की तीन जोड़ी उड़ानों का संचालन हो रहा है। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी के अनुसार किराया तय करना एयरलाइंस कंपनियों का अधिकार होता है और यह वैश्विक परिस्थितियों व बुकिंग पर निर्भर करता है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 15 March 2026

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में महिला छात्रों और कामकाजी महिलाओं के लिए पीरियड्स में पेड लीव देने की याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। मुख्य न्यायाधीश धनंजय वाई. चंद्रचूड़ ने कहा कि अगर ऐसा कानून बनाया गया तो नियोक्ता महिलाओं को काम नहीं देंगे और उनका करियर प्रभावित होगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाएं अनजाने में महिलाओं के बारे में बने रूढ़ियों को मजबूत कर सकती हैं।   CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि पेड पीरियड्स लीव लागू करने से सामाजिक और व्यावसायिक असर पड़ सकता है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अगर प्राइवेट सेक्टर में हर महीने महिलाओं को छुट्टी दी जाएगी, तो नियोक्ता उन्हें जिम्मेदारी नहीं देंगे, यहां तक कि ज्यूडीशियल सर्विस में भी सामान्य मुकदमे नहीं सौंपे जाएंगे। कोर्ट ने सक्षम प्राधिकरण से पहले दिए गए आदेशों के आधार पर नीति तैयार करने का निर्देश दिया।   देश में पेड मेंस्ट्रुअल लीव के लिए कोई राष्ट्रीय नीति नहीं है, लेकिन कुछ राज्यों और कंपनियों ने इसे लागू किया है। बिहार में 1992 से सरकारी महिला कर्मचारियों को महीने में 2 दिन की छुट्टी मिलती है। कर्नाटक 2025 में पहला राज्य बना, जहां सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में यह अनिवार्य है। केरल और ओडिशा में भी सरकारी महिला कर्मचारियों और छात्राओं को प्रतिमाह 1 दिन छुट्टी मिलती है। निजी कंपनियों जैसे Zomato, Swiggy और L&T में भी महिलाएं इस सुविधा का लाभ ले रही हैं।

Kolar News

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  देश में बढ़ती LPG की मांग को लेकर , कालाबाजारी और जमाखोरी की शिकायतों के बीच केंद्र सरकार ने गैस सिलेंडर बुकिंग के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियम के अनुसार अब ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता एक सिलेंडर मिलने के बाद अगला LPG सिलेंडर कम से कम 45 दिन बाद ही बुक कर पाएंगे। पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि यह फैसला गैस की उपलब्धता बनाए रखने और जमाखोरी रोकने के लिए लिया गया है। इसका सीधा असर मध्यप्रदेश सहित देशभर के ग्रामीण उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।   गैस सिलेंडर बुकिंग से जुड़े नियम पिछले कुछ दिनों से लगातार बदल रहे हैं। पहले दो सिलेंडरों के बीच कोई समय सीमा तय नहीं थी, लेकिन 6 मार्च को 21 दिन का अंतर लागू किया गया। इसके बाद इसे बढ़ाकर 25 दिन किया गया और अब ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 45 दिन का लॉक-इन पीरियड लागू कर दिया गया है। हालांकि शहरी उपभोक्ताओं के लिए अभी भी 25 दिन का ही अंतर रखा गया है। सरकार का कहना है कि इससे गैस की सप्लाई संतुलित रहेगी और जरूरतमंदों तक समय पर सिलेंडर पहुंचेगा।   मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक सप्लाई पर असर के बीच सरकार LPG वितरण को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठा रही है। कई राज्यों के साथ मध्यप्रदेश में भी गैस गोदामों पर छापेमारी की गई है, जहां जमाखोरी के मामले सामने आए। अब सिलेंडर डिलीवरी के समय उपभोक्ता के मोबाइल पर OTP भेजा जाएगा, जिसे देने के बाद ही डिलीवरी पूरी मानी जाएगी। सरकार ने लोगों से अपील की है कि पैनिक बुकिंग या जरूरत से ज्यादा सिलेंडर स्टॉक न करें, ताकि असली जरूरतमंद परिवारों को परेशानी न हो।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 14 March 2026

    खरगोन के भगवानपुरा तहसील के धूलकोट गांव में फाग उत्सव के दूसरे दिन आदिवासी भिलाला समाज की अनूठी परंपरा ‘गुड़ तोड़’ का आयोजन हुआ। यह परंपरा हर दो वर्ष में मनाई जाती है। इस बार भी बड़ी संख्या में समाजजन और आसपास के जिलों से लोग इस कार्यक्रम को देखने पहुंचे। पूरे गांव में उत्सव का माहौल देखने को मिला।   कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान और भूमि पूजन के साथ हुई। इसके बाद बाजार चौक में करीब 12 फीट ऊंचा खंभा गाड़ा गया। खंभे के ऊपरी हिस्से में लाल कपड़े में गुड़ और चने की पोटली लटकाई गई। यही पोटली उतारना ‘गुड़ तोड़’ परंपरा का मुख्य आकर्षण होता है और इसका रोमांच दर्शकों के लिए सबसे बड़ा उत्सव बन जाता है।   पोटली को उतारने के लिए युवाओं की टीमें आगे बढ़ती हैं, लेकिन इस दौरान महिलाएं और बालिकाएं उन्हें सोटियों की मार देती हैं। सोटियों की मार से बचते हुए युवाओं को खंभे तक पहुंचकर पोटली उतारनी होती है। इसी वजह से यह आयोजन न केवल रोमांचक बनता है बल्कि समाज की सांस्कृतिक झलक भी दिखाता है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 11 March 2026

बड़वानी जिले के अंजड़ थाना क्षेत्र में खरगोन से आ रही मां शक्ति यात्री बस (एमपी 37 पी 1711) अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खेत में जा घुसी। यह घटना राजू गांधी नगर के पास हुई, जिसमें बस में सवार 30 से अधिक यात्री थे। हादसे में कई यात्रियों को चोटें आईं, लेकिन चालक की सूझबूझ से बस पलटने जैसी बड़ी घटना टल गई।   प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस का हैंडल लॉकर टूट जाने के कारण वाहन नियंत्रण से बाहर हो गया और सड़क से उतरकर खेत में चला गया। चालक रवि की सावधानी और अनुभव की वजह से बड़ा हादसा नहीं हुआ। घटना के समय बस में महिलाएं और पुरुष सभी सवार थे, और कई यात्री मामूली एवं गंभीर चोटों के साथ बाल-बाल बच गए।   हादसे में घायल यात्रियों को राजपुर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल दिनेश पिता बाबूलाल को बड़वानी जिला अस्पताल रेफर किया गया, जबकि अन्य यात्रियों का प्राथमिक उपचार स्वास्थ्य केंद्र में किया गया। पुलिस ने मौके पर जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों का अध्ययन किया जा रहा है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 11 March 2026

  जबलपुर हाईकोर्ट में एक याचिकाकर्ता अपने बैग में भ्रूण लेकर कोर्ट रूम तक पहुंच गया, जिसे गंभीर सुरक्षा चूक माना गया है। घटना के बाद एसपी सम्पत उपाध्याय ने सुरक्षा में तैनात चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। प्रारंभिक जांच में उनके लापरवाह रवैये की पुष्टि हुई है, जिसमें एक एएसआई और तीन हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल शामिल हैं।   रीवा जिले के बैकुंठपुर निवासी दयाशंकर पांडे अपनी याचिका की पैरवी करने कोर्ट आए थे। उनके अनुसार, वर्ष 2024 के चुनाव हारने के बाद लगातार उन पर हमले हुए। 1 मार्च को बाइक दुर्घटना में उनकी पत्नी घायल हुई और 8 मार्च को गर्भपात हुआ। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में अपनी सुरक्षा और न्याय की मांग करते हुए मामला उठाया।   जांच में पता चला कि गेट नंबर-6 पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने याचिकाकर्ता की बैग जांच में लापरवाही की और उसकी गतिविधियों को नजरअंदाज किया। इस पर एसपी ने एएसआई मुन्ना अहिरवार, हेड कांस्टेबल ब्रह्मदत्त खत्री, हेड कांस्टेबल अरुण उपाध्याय और कांस्टेबल प्रतीक सोनकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एसपी ने कहा कि यह कदम न्यायालयीन सुरक्षा में सुधार और लापरवाहियों को रोकने के लिए उठाया गया।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 11 March 2026

भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है, जिसमें उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए गए थे। यह मामला भोपाल के इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज के संचालन और कथित फर्जी दस्तावेजों से जुड़ा है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले में भोपाल पुलिस कमिश्नर को आरिफ मसूद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और पुलिस महानिदेशक को एसआईटी बनाकर जांच करने के सख्त निर्देश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल चंदूरकर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि राज्य सरकार का पक्ष जाने बिना हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश जारी करना उचित नहीं था और यह पहली नजर में काफी कठोर प्रतीत होता है।   सुप्रीम कोर्ट में आरिफ मसूद की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तंखा ने की। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने बिना सरकार का पक्ष सुने ही FIR और SIT का आदेश जारी कर दिया, जो न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार सही नहीं है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि मामला अभी हाईकोर्ट में विचाराधीन है और सभी पक्षों को अपनी दलीलें प्रस्तुत करने के बाद हाईकोर्ट ही अंतिम निर्णय करेगा।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 10 March 2026

आबकारी नीति मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी याचिका दायर की है। ईडी ने 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट के आदेश में उसके खिलाफ की गई टिप्पणियों को हटाने की मांग की है। एजेंसी का कहना है कि ट्रायल कोर्ट ने बिना उसका पक्ष सुने और बिना सबूतों की जांच किए टिप्पणियां की हैं, जो अनुचित और बेवजह हैं। इस मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत 23 अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी किया गया है। ईडी की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने हाईकोर्ट में कहा कि ट्रायल कोर्ट ने एजेंसी के खिलाफ टिप्पणियां करते समय उसका पक्ष नहीं सुना, जबकि ऐसी टिप्पणियां करने से पहले एजेंसी को मौका दिया जाना जरूरी था। न्यायाधीश स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने सभी पक्षकारों को नोटिस जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च 2026 को तय की है। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई की याचिका पर सुनवाई करते हुए राउन एवेन्यू कोर्ट की केंद्रीय जांच अधिकारी और एजेंसी के खिलाफ की गई टिप्पणियों और विभागीय कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। ट्रायल कोर्ट ने सीबीआई और ईडी की जांच के बारे में सख्त टिप्पणियां करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल और अन्य आरोपियों को आरोपमुक्त किया था। ईडी अब उच्च न्यायालय से अपील कर ट्रायल कोर्ट की ओर से की गई टिप्पणियों को हटाने की मांग कर रही है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 10 March 2026

पंजाब जल संसाधन विभाग ने इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) के राजस्थान फीडर (आईजीएफ) को 20 मार्च से 3 मई 2026 तक रीलाइनिंग कार्य के चलते बंद करने की अधिसूचना जारी की है। इस डेढ़ माह की बंदी का उद्देश्य पंजाब में शेष नहर खंडों का निर्माण कार्य पूरा करना बताया गया है। जल संसाधन विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि इस दौरान पेयजल को प्राथमिकता दी जाएगी, लेकिन लंबी बंदी के कारण राजस्थान के 12 जिलों में पीने के पानी की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। आईजीएनपी श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर सहित पश्चिमी राजस्थान के 49 कस्बों और करीब 7,500 गांवों में लगभग 1.7 करोड़ लोगों को जलापूर्ति करता है। किसानों और स्थानीय लोगों में सिंचाई संकट को लेकर चिंता है। राज्य सरकार ने पहले से तैयारी की है कि बंदी के पहले चरण (15 दिन) में नहर में सीमित पानी छोड़ा जाए और बाद में पूर्ण बंदी लागू हो, ताकि शुरुआती दौर में पीने के पानी की आपूर्ति बनी रहे। पिछले वर्ष आईजीएनपी बंदी के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार भी सरकार ने आपातकालीन जल भंडारण बढ़ाने और नहर पाइपलाइनों के ट्यूबवेलों की मरम्मत जैसी तैयारियां की हैं। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि बंदी के दौरान आपात स्थिति में पेयजल आपूर्ति के लिए प्रति सेकंड लगभग 2,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। इससे सीमांत इलाकों में भी पीने के पानी की आपूर्ति चालू रहेगी और आपातकालीन जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा। किसानों और नागरिकों से आग्रह किया गया है कि इस अवधि में जल का संयमित उपयोग करें।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 10 March 2026

  पश्चिम एशिया में अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब लगातार हमलों का निशाना बन रहा है। खाड़ी के इस देश के ऑयल फील्ड और एयरपोर्ट पर हाल के दिनों में ईरान के ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल हमले हुए हैं। इसी बीच रियाद में पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और सऊदी रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान की अहम बैठक हुई। बैठक में दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने पर चर्चा की और संयुक्त रणनीतिक रक्षा समझौते के तहत सहयोग की बात कही। सऊदी अरब के शायबा ऑयल फील्ड पर ईरान द्वारा किए गए हालिया हमलों में छह ड्रोन और दो बैलिस्टिक मिसाइलें नष्ट कर दी गईं। यह क्षेत्र यूएई की सीमा के पास स्थित है और इस हमले के बाद ईरान की सक्रिय भागीदारी सामने आई है। पाकिस्तान की कूटनीतिक भूमिका अब और महत्वपूर्ण हो गई है। उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने संसद में खुलासा किया कि पाकिस्तान ने ईरान से संपर्क कर सुनिश्चित किया कि सऊदी अरब की जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ नहीं किया जाएगा। हालांकि, अगर ईरान द्वारा हमले जारी रहते हैं और पाकिस्तान-सऊदी रक्षा समझौता सक्रिय होता है, तो संघर्ष केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा। पाकिस्तान का शामिल होना दक्षिण एशिया को भी इस जटिल जंग में खींच सकता है, क्योंकि पाकिस्तान और ईरान की लंबी सीमा है। ऐसे हालात में क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका है।    

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 7 March 2026

  अहमदाबाद में रविवार को होने वाले टी20 फाइनल मैच को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने नई दिल्ली से साबरमती के लिए एक विशेष ट्रेन चलाने का फैसला किया है। यह कदम हवाई टिकटों की बढ़ी कीमत और उपलब्धता की कमी को देखते हुए लिया गया है, जिससे मैच देखने जाने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके। विशेष ट्रेन नई दिल्ली से रात 11:45 बजे रवाना होगी और दिल्ली कैंट, गुरुग्राम और जयपुर होते हुए साबरमती पहुंचेगी। ट्रेन कल दोपहर 2:30 बजे साबरमती स्टेशन पर पहुंचने का अनुमान है। इस यात्रा की कुल अवधि लगभग 14 घंटे 45 मिनट होगी। विशेष ट्रेन संख्या 04062 में कुल 19 कोच लगाए गए हैं, जिनमें थर्ड एसी और सेकंड एसी की सुविधा उपलब्ध है। रेलवे ने इस सेवा को मैच के हजारों दर्शकों की सुविधा के लिए चलाया है ताकि वे आरामदायक और सुरक्षित यात्रा कर सकें। रेलवे ने यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए इस विशेष ट्रेन की व्यवस्था की है। इस ट्रेन के माध्यम से क्रिकेट फैंस को सीधे मैच स्थल तक पहुँचने का अवसर मिलेगा और वे बिना किसी झंझट के अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे। ट्रेन में यात्रा करने वाले लोग आरामदायक कोचों और सुविधाजनक सेवाओं का लाभ उठा पाएंगे।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 7 March 2026

  संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम घोषित होते ही रीवा जिले में खुशी का माहौल है। जिले की बेटी समीक्षा द्विवेदी ने परीक्षा में 56वीं रैंक हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनके इस शानदार प्रदर्शन पर परिवार, मित्र और पूरे समाज में उत्साह की लहर है। उनके मामा गोपाल कृष्ण तिवारी ने बताया कि समीक्षा की सफलता के पीछे उनकी कठोर मेहनत, अनुशासन और लगन ही मुख्य कारण हैं। दिन-रात की मेहनत के बाद उनका सपना आखिरकार साकार हुआ। समीक्षा की शुरुआती पढ़ाई इंदौर में हुई। इसके बाद उन्होंने चेन्नई स्थित SRM Institute of Science and Technology से बीटेक की डिग्री पूरी की और आगे की पढ़ाई के लिए IIT Kanpur में प्रवेश लिया। पिछले चार-पांच वर्षों से वे लगातार यूपीएससी की तैयारी कर रही थीं। इससे पहले वे दो बार इंटरव्यू तक पहुंच चुकी थीं, लेकिन अंतिम चयन सूची में जगह नहीं बना पाई थीं। पिछले साल वे महज आठ अंकों से चयन से चूक गई थीं, लेकिन इस बार उन्होंने अपनी मेहनत और रणनीति से सफलता हासिल कर ली। समीक्षा के पिता श्रीनिवास द्विवेदी मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भोपाल में क्षेत्रीय अधिकारी हैं। उनका पैतृक गांव मऊगंज जिले का डगदुआ है। शादी के बाद उनके पति बैंक ऑफ इंडिया में कार्यरत हैं। उनकी सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है, यह दिखाती है कि लगातार मेहनत और संघर्ष से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 7 March 2026

Madhya Pradesh में इस साल मार्च की शुरुआत से ही गर्मी ने तेज तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। आमतौर पर अप्रैल में महसूस होने वाली तेज गर्मी इस बार मार्च के पहले सप्ताह में ही नजर आने लगी है। प्रदेश का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है और मौसम विभाग ने अगले चार दिनों में तापमान 40 डिग्री के आसपास पहुंचने की संभावना जताई है। गुरुवार को Narmadapuram प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां इस सीजन में पहली बार तापमान 39 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। गर्मी का असर खासतौर पर Gwalior, Chambal और Sagar संभाग में ज्यादा देखा जा रहा है। इन क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 4 डिग्री तक अधिक दर्ज किया जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आसमान साफ रहने के कारण सूरज की तेज किरणें सीधे जमीन पर पड़ रही हैं, जिससे दिन के समय तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।   प्रदेश के बड़े शहरों में भी गर्मी का असर दिखाई दे रहा है। Indore, Ujjain, Jabalpur और Gwalior में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जबकि Bhopal में अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के मुताबिक अगले चार दिनों में तापमान 3 से 4 डिग्री तक और बढ़ सकता है। अनुमान है कि अप्रैल और मई में प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है और 15 से 20 दिन तक लू चलने की संभावना है। 

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 6 March 2026

शहर के बीटीआई रोड इलाके में आवारा कुत्तों के आतंक का मामला सामने आया है। यहां घर के बाहर टहलने निकली 65 वर्षीय सेवानिवृत्त महिला प्रतिभा मोडक पर अचानक कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि गुरुवार रात करीब 10 बजे महिला सड़क किनारे टहल रही थीं, तभी वहां मौजूद पांच से छह आवारा कुत्तों ने उन्हें घेर लिया और अचानक उन पर झपट पड़े। पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई। हमले के दौरान घबराई महिला ने खुद को बचाने के लिए भागने की कोशिश की, लेकिन कुत्तों ने उन्हें काट लिया और धक्का देकर सड़क पर गिरा दिया। गिरने के बाद कुत्तों का झुंड और आक्रामक हो गया और उन्हें घेरकर काटने लगा। इसी बीच आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत दौड़कर हस्तक्षेप किया और पत्थर फेंककर कुत्तों को भगाया। काफी प्रयास के बाद महिला को कुत्तों के चंगुल से छुड़ाया जा सका।   हमले में महिला के पैरों में कई जगह गहरे घाव हो गए, जिसके बाद उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार करते हुए एंटीबायोटिक दवाइयों के साथ रेबीज के इंजेक्शन लगाए। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आवारा कुत्तों को लेकर डर और नाराजगी है, वहीं नागरिकों ने नगर पालिका से इस समस्या पर जल्द ठोस कार्रवाई करने की मांग की है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 6 March 2026

  मध्य प्रदेश के Niwari जिले के Orchha थाना क्षेत्र के बागन गांव में उस समय सनसनी फैल गई, जब ग्रामीणों को एक मंदिर के बाहर रखा बोरा संदिग्ध हालत में मिला। जिज्ञासावश जब ग्रामीणों ने बोरा खोला तो उसमें भगवान की पांच प्रतिमाएं रखी हुई थीं। यह दृश्य देखकर ग्रामीण हैरान रह गए और देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव और आसपास के इलाके में फैल गई। ग्रामीणों के अनुसार बोरे में कुल पांच मूर्तियां थीं, जिनमें एक प्रतिमा Lord Ganesha की बताई जा रही है, जबकि अन्य चार प्रतिमाएं अलग-अलग देवी-देवताओं की हैं। प्रतिमाओं को ध्यान से देखने पर कुछ मूर्तियों के सिर पर धारदार औजार से काटे जाने जैसे गहरे निशान भी दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह सभी प्रतिमाएं करीब तीन महीने पहले मिली थीं और फिलहाल गांव के पास स्थित दांत देवी मंदिर में सुरक्षित रखी गई हैं, जहां ग्रामीण उनकी पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मूर्तिकला के जानकारों का मानना है कि तस्वीरों के आधार पर ये प्रतिमाएं अष्टधातु से निर्मित हैं और संभवतः लगभग 400 साल पुरानी हो सकती हैं। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को भी दी थी। वहीं इस मामले में एसडीओपी के.के. पांडे ने कहा कि उन्हें फिलहाल पूरी जानकारी नहीं है और वे थाना प्रभारी से चर्चा कर मामले की जांच करेंगे। प्राचीन मूर्तियों के मिलने से गांव में उत्सुकता और श्रद्धा का माहौल बना हुआ है।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 6 March 2026

 अग्निवीर वायु भर्ती के इच्छुक युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। वायुसेना ने अधिकतम आयु सीमा में एक साल की छूट देते हुए इसे पहले 21 वर्ष से बढ़ाकर 22 वर्ष कर दिया है। इससे उन उम्मीदवारों को लाभ मिलेगा जो आयु सीमा के कारण पहले आवेदन नहीं कर पा रहे थे।   हाल ही में जारी किए गए कोरिजेंडम के अनुसार अब ऐसे अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं जिनका जन्म 1 जनवरी 2005 से 1 जुलाई 2009 के बीच हुआ हो। इन दोनों तिथियों को मान्य माना जाएगा। इस बदलाव के बाद अधिक संख्या में युवा भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे और देश की सेवा का अवसर पा सकेंगे।   अग्निवीर वायु भर्ती के माध्यम से युवाओं को भारतीय वायुसेना में सेवा का मौका मिलता है। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता और मेडिकल परीक्षण जैसे चरण शामिल हैं। इन सभी चरणों में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को वायुसेना में अग्निवीर के रूप में नियुक्त किया जाता है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 5 March 2026

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ से फूलो देवी नेताम को राज्यसभा उम्मीदवार के रूप में घोषित कर दिया है। राज्यसभा के लिए छत्तीसगढ़ से भाजपा ने पहले ही Laxmi Verma को उम्मीदवार बनाया था। फूलो देवी नेताम का कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद उनकी सक्रियता और अनुभव को देखते हुए कांग्रेस ने उन्हें पुनः उच्च सदन भेजने का निर्णय लिया है।   राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि कल निर्धारित है। विधानसभा सचिवालय के अनुसार, नामांकन पत्र सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक जमा किए जा सकते हैं। इसी कारण कांग्रेस नेतृत्व पर शीघ्र निर्णय लेने का दबाव बढ़ गया था, ताकि पार्टी अपने उम्मीदवार को समय रहते नामांकन प्रक्रिया में शामिल कर सके।   सूत्रों के मुताबिक, पार्टी आलाकमान ने संभावित उम्मीदवारों पर मंथन किया। चर्चा में पूर्व उपमुख्यमंत्री T.S. Singhdev, मौजूदा सांसद फूलो देवी नेताम और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij के नाम थे। संगठनात्मक संतुलन और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए फूलो देवी नेताम के नाम पर सहमति बनी और इसका औपचारिक ऐलान कर दिया गया।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 5 March 2026

ICC Men's T20 World Cup 2026 के दौरान पाकिस्तान टीम से जुड़ा एक विवाद सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, Kandy, Sri Lanka के एक होटल में ठहरने के दौरान पाकिस्तान टीम के एक खिलाड़ी ने महिला हाउसकीपिंग स्टाफ के साथ बदतमीजी की। इस घटना से टीम की छवि पर सवाल खड़े हो गए, खासकर तब जब टूर्नामेंट में टीम का प्रदर्शन पहले ही निराशाजनक रहा था और वह सुपर-8 से आगे नहीं बढ़ सकी।   मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना श्रीलंका के खिलाफ पाकिस्तान के आखिरी सुपर-8 मैच से पहले हुई थी। जब महिला स्टाफ के साथ बदसलूकी हुई तो उसने तुरंत मदद के लिए आवाज लगाई। होटल के अन्य कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और मामले की जानकारी पाकिस्तान टीम के मैनेजर Naveed Cheema को दी। इसके बाद मैनेजर ने खिलाड़ी की ओर से माफी मांगी और उस पर अनुशासनहीन व्यवहार के लिए जुर्माना भी लगाया।   रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि पाकिस्तान टीम के कुछ खिलाड़ियों और बैकरूम स्टाफ पर पहले भी टूर के दौरान गलत व्यवहार के आरोप लग चुके हैं। उदाहरण के तौर पर युवा बल्लेबाज Haider Ali को पिछले साल इंग्लैंड दौरे के दौरान मैनचेस्टर में एक मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया था, हालांकि बाद में सबूतों के अभाव में उन्हें रिहा कर दिया गया था। इसके अलावा टीम के मसाजर पर भी पहले विदेश दौरे के दौरान महिला स्टाफ के साथ गलत व्यवहार की शिकायत सामने आ चुकी है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 5 March 2026

बुरहानपुर के गोकुल चंद्रमाजी मंदिर में बुधवार को फागुन उत्सव की रौनक देखने लायक थी। फूलों की बारिश और पारंपरिक फाग गीतों की मधुर गूंज से पूरा परिसर भक्तिरस में सराबोर हो गया। “फाग खेलन बरसाने आए हैं” और “मेरी चुनर में लग गयो दाग” जैसे गीतों ने उपस्थित श्रद्धालुओं के चेहरे पर मुस्कान और मन में उल्लास का जादू बिखेर दिया।   छैल-छबीली होली में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और कार्यक्रम की शुरुआत फूलों की वर्षा के साथ हुई। मंच पर गोपियों और ग्वाल-बाल की झांकियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उत्सव का सबसे खास क्षण तब आया, जब भक्तों ने गुलाल और लड्डू उड़ाकर आपस में होली खेली, जिससे मंदिर परिसर हर तरफ रंग और उमंग से जगमगा उठा।   मंदिर प्रमुख हरिकृष्ण मुखियाजी ने बताया कि यह उत्सव बसंत पंचमी से होलिका दहन तक लगभग 40 दिनों तक मनाया जाता है। 500 साल पुरानी इस परंपरा में भक्त राधा-कृष्ण की भक्ति और ब्रजधाम की झलक का आनंद लेते हैं। कार्यक्रम के अंत में राल अर्पित कर होलिका दहन किया गया, जिससे मंदिर परिसर भक्तिमय और उत्सव के आनंद से भरपूर नजर आया।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 3 March 2026

    पीवी सिंधू अब बंगलूरू अपने घर लौट चुकी हैं। ओलंपिक पदक विजेता बैडमिंटन स्टार को ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के लिए बर्मिंघम रवाना होना था, लेकिन ईरान-इस्राइल-यूएस के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण दुबई एयरपोर्ट बंद हो गया और सिंधू वहां फंस गई थीं। इस वजह से वह समय पर इंग्लैंड नहीं पहुंच पाईं और टूर्नामेंट से बाहर रहकर घर लौटने का फैसला किया।   घर लौटने के बाद सिंधू सीधे अपने अंडर-कंस्ट्रक्शन फ्लैट पहुंचीं, जहां दीवारें टूटी हुई थीं। उनके पति वेंकट दत्ता ने चुटकी लेते हुए एक तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की और लिखा, “सिंधू घर आ चुकी हैं और उन्होंने हमारे घर के दीवारों के खिलाफ हिंसा चुनी।” सिंधू ने भी इसे इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया और जवाब में लिखा, “ऑल इंग्लैंड के मेरे स्मैश का अनुभव नहीं मिला, इसलिए लिविंग रूम को ही अपना बैडमिंटन कोर्ट बना लिया।” दोनों ने साथ में हंसने वाले इमोजी भी जोड़े। सिंधू ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी सुरक्षित वापसी की जानकारी दी और लिखा, “बैक होम इन बंगलूरू एंड सेफ। पिछले कुछ दिन बेहद तनावपूर्ण और अनिश्चित रहे, लेकिन मैं अपने घर लौटकर बेहद आभारी हूं। दुबई प्रशासन, एयरपोर्ट स्टाफ, इमिग्रेशन टीम और सभी लोगों का धन्यवाद, जिन्होंने इस मुश्किल समय में हमारी मदद की। उनकी संवेदनशीलता और पेशेवर रवैया काबिले तारीफ है।”

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 3 March 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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अहान पांडे ने अपनी पहली ही फिल्म ‘Saiyara’ से धमाकेदार शुरुआत की थी और दर्शकों व क्रिटिक्स दोनों की खूब तारीफ बटोरी। लेकिन इस सफलता के तुरंत बाद उनके लिए मुश्किलों का दौर शुरू हो गया। हाल ही में अहान ने स्क्वायर इंडिया को इंटरव्यू में खुलासा किया कि फिल्म के बाद उन्हें कंधे की गंभीर चोट के कारण एक बेहद दर्दनाक सर्जरी से गुजरना पड़ा, जिसे उन्होंने अपनी जिंदगी की सबसे चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया बताया।   अहान ने बताया कि सर्जरी के बाद उनका शरीर लगभग पूरी तरह निष्क्रिय हो गया था। सामान्य गतिविधियां करना भी मुश्किल हो गया और हाथ उठाने में भी तेज दर्द होता था। डॉक्टरों ने उन्हें लंबी आराम अवधि और नियमित फिजियोथेरेपी करने की सलाह दी। इस दौरान अहान ने पब्लिक अपीयरेंस से दूरी बनाए रखी, ताकि वे पूरी तरह स्वस्थ होकर ही फिल्म और काम पर लौट सकें।     हालांकि यह समय उनके लिए आसान नहीं था, अहान ने हिम्मत नहीं हारी। धीरे-धीरे उन्होंने अपनी फिटनेस और ताकत को बहाल किया और मानसिक रूप से भी खुद को तैयार किया। अब वे पहले से ज्यादा मजबूत महसूस कर रहे हैं और अपने नए प्रोजेक्ट्स पर पूरी तरह ध्यान दे रहे हैं। फैंस के लिए यह खुशी की बात है कि अहान पांडे पूरी तरह स्वस्थ होकर स्क्रीन पर वापसी करने के लिए तैयार हैं।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 3 March 2026

  शाहजहांपुर के पत्रकार रामाशंकर ने आरोप लगाया कि उन्हें शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को फंसाने के लिए दबाव डाला गया। उन्होंने बताया कि आशुतोष ने फोन कर दबाव बनाते हुए कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद ने बद्रीनाथ में बच्ची का यौन शोषण किया। पत्रकार को आर्थिक सहयोग का लालच भी दिया गया, लेकिन उन्होंने इसका विरोध किया और कहा कि उनके पिता दंडी संन्यासी थे, इसलिए उनकी आत्मा झूठ बोलने की अनुमति नहीं देती। रामाशंकर ने आगे कहा कि जब उन्होंने सहयोग करने से इंकार किया, तो आशुतोष ने धमकी दी कि यदि वे साथ नहीं देंगे तो उनके पास और रास्ते हैं। इस घटना ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर लगे आरोपों को लेकर विवाद को और बढ़ा दिया है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने भी कहा कि उनके ऊपर लगे आरोपों की जांच यूपी पुलिस की बजाय किसी गैर भाजपा शासित राज्य की पुलिस से कराई जाए। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वे जांच में पूरा सहयोग देंगे और चाहते हैं कि जल्दी सच सामने आए ताकि झूठ बोलने वाले बेनकाब हों।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 24 February 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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ब्रज की होली सिर्फ एक दिन का त्योहार नहीं, बल्कि पूरे 9 दिनों तक चलने वाला उत्सव है, जिसमें मथुरा-वृंदावन की गलियां भक्ति, प्रेम और रंगों से सराबोर हो जाती हैं। 25 फरवरी 2026 से शुरू होने वाली होली की औपचारिक शुरुआत बरसाना के श्री लाडली जी मंदिर में लड्डू होली से होगी, जहां भक्त और पुजारी एक-दूसरे पर लड्डू बरसाते हैं और मंदिर प्रांगण जय-जयकार और भजनों से गूंज उठता है।   26 फरवरी को बरसाना में विश्व प्रसिद्ध लट्ठमार होली खेली जाएगी, जिसमें महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में पुरुषों पर हल्की लाठियां बरसाती हैं और पुरुष ढाल से बचते हैं। इसके अगले दिन, 27 फरवरी को नंदगांव में भी लट्ठमार होली का आयोजन होगा, जहां कृष्ण भक्ति और रंगों के बीच राधे-राधे के जयकारों से माहौल जगमगाएगा।   28 फरवरी को वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में फूलों वाली होली होगी, जिसमें गुलाल की जगह फूलों की वर्षा होती है और पूरा मंदिर सुगंध और रंगों से महक उठता है। 1 और 2 मार्च को गोकुल में छड़ी मार होली और रामन रेती की होली का आयोजन होगा। 3 मार्च की रात फाल्गुन पूर्णिमा पर होलिका दहन होगा और 4 मार्च को धुलेंडी पर पूरे ब्रज में रंग, अबीर और गुलाल की धूम रहेगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 22 February 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत  दो दिवसीय प्रवास पर शनिवार देर शाम देहरादून पहुंचे। आरएसएस के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के तहत वे विभिन्न संवाद सत्रों में भाग लेंगे। आगमन के बाद वे तिलक रोड स्थित जन कल्याण व्यास में ठहरे, जहां रविवार सुबह तक उनका प्रवास निर्धारित है।   रविवार दोपहर दो बजे से नींबूवाला स्थित संस्कृति विभाग के ऑडिटोरियम में प्रमुख जनों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित होगा। इस बैठक में गढ़वाल मंडल के विभिन्न जिलों से सामाजिक और अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम को विशेष रूप से संवाद-केंद्रित रखा गया है, जिसमें मंत्री, विधायक और राजनीतिक पदाधिकारियों को शामिल नहीं किया गया है।   दूसरे दिन पूर्व सैनिकों के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित किया जाएगा। दोनों दिनों के कार्यक्रमों में लगभग एक-एक हजार लोगों के शामिल होने की संभावना है। आरएसएस के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इन बैठकों का उद्देश्य विभिन्न वर्गों के साथ विचार-विमर्श और संगठनात्मक संपर्क को मजबूत करना बताया जा रहा है।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 22 February 2026

देश में हर 10 वर्ष में होने वाली जनगणना इस बार 2027 में आयोजित की जाएगी। इसकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और मई 2026 से घरों की गिनती का कार्य प्रारंभ होगा। जनगणना-2027 के तहत प्रत्येक मकान को एक अलग पहचान के रूप में यूनिक नंबर दिया जाएगा। हाल ही में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में चार्ज अधिकारियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों को जनगणना कार्य को गंभीरता और सटीकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए।   अधिकारियों को बताया गया कि 15 से 30 अप्रैल 2026 के बीच नागरिकों को जनगणना पोर्टल पर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा दी जाएगी। इसके बाद मई 2026 से मकानों की लिस्टिंग और नंबरिंग की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रशिक्षण में स्पष्ट किया गया कि कोई भी मकान सूचीकरण से छूटना नहीं चाहिए और प्रत्येक घर को अनिवार्य रूप से एक अलग नंबर आवंटित किया जाएगा। फरवरी 2027 में घर-घर जाकर विस्तृत जनगणना की जानकारी एकत्र की जाएगी।   जनगणना के सुचारू संचालन के लिए 700 से 800 की आबादी पर एक ब्लॉक बनाया जाएगा। प्रत्येक ब्लॉक पर एक एन्युमेटर नियुक्त होगा, जबकि छह एन्युमेटर पर एक सुपरवाइजर निगरानी करेगा, जो संबंधित चार्ज अधिकारी को रिपोर्ट करेगा। प्रशिक्षण में डेटा संग्रहण, सत्यापन प्रक्रिया और जनगणना के नीति संबंधी पहलुओं की भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जिले के प्रशासनिक अधिकारी और जनगणना प्रभारी उपस्थित रहे।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 20 February 2026

होली के मद्देनजर बढ़ती यात्रा मांग को देखते हुए भारतीय रेलने विशेष किराये पर कई स्पेशल ट्रेनों के संचालन का फैसला किया है। इसके तहत लोकमान्य तिलक टर्मिनस-बनारस रेलवे स्टेशन, पुणे जंक्शन रेलवे स्टेशन-गोरखपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस –गोरखपुर के बीच स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। रेलवे के अनुसार, इन ट्रेनों का उद्देश्य त्योहार के दौरान यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध कराना है।   एलटीटी–बनारस स्पेशल (01073/01074) 25-26 फरवरी और 4-5 मार्च को एलटीटी से दोपहर 12:15 बजे रवाना होगी और तीसरे दिन रात 1:10 बजे बनारस पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन 27-28 फरवरी और 6-7 मार्च को सुबह 6:35 बजे बनारस से चलेगी। ट्रेन में एसी द्वितीय श्रेणी, एसी तृतीय श्रेणी, शयनयान, सामान्य श्रेणी और एसएलआरडी सहित कुल 22 कोच होंगे। यह ट्रेन ठाणे, कल्याण, इगतपुरी, नासिक रोड, भुसावल, खंडवा, इटारसी, रानी कमलापति, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, प्रयागराज (सूबेदारगंज) और वाराणसी सहित प्रमुख स्टेशनों पर ठहरेगी।   इसी तरह पुणे–गोरखपुर (01415/01416) और सीएसएमटी–गोरखपुर (01079/01080) स्पेशल ट्रेनें 21 फरवरी से 8/10 मार्च तक रोजाना चलाई जाएंगी। पुणे–गोरखपुर ट्रेन में 18 कोच और सीएसएमटी–गोरखपुर ट्रेन में 22 कोच लगाए जाएंगे। ये ट्रेनें दौंड, मनमाड़, भुसावल, खंडवा, इटारसी, भोपाल/रानी कमलापति, बीना, झांसी, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, गोंडा और बस्ती जैसे अहम स्टेशनों पर रुकेंगी। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे अग्रिम आरक्षण कराकर सुविधा का लाभ उठाएं।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 20 February 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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बुधवार को भारतीय शेयर बाजार मामूली बढ़त के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 10.51 अंक या 0.01% की बढ़त के साथ 83,461.47 पर और एनएसई निफ्टी 0.25 अंक बढ़कर 25,725.65 पर कारोबार कर रहा था। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 5 पैसे मजबूत होकर 90.67 पर खुला। शुरुआती बढ़त के बाद आईटी और सेवा क्षेत्र के शेयरों में गिरावट के चलते सेंसेक्स और निफ्टी नकारात्मक स्तर पर चले गए। सेंसेक्स 247.92 अंक या 0.30% गिरकर 83,203.04 और निफ्टी 70.25 अंक या 0.27% गिरकर 25,655.15 पर आ गया। इंफोसिस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टीसीएस जैसी कंपनियों के शेयर पिछड़ गए, जबकि आईटीसी, टाटा स्टील, एसबीआई और बजाज फाइनेंस लाभ में रहे।   आईटी क्षेत्र से जुड़ी अनिश्चितताओं के चलते निवेशक इस क्षेत्र में अस्थिर रहे। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वीके विजयकुमार ने कहा कि निवेशक बड़े निवेश तब तक नहीं करेंगे जब तक वैल्यूएशन आकर्षक न हो। दूसरी ओर बैंकिंग, ऑटोमोबाइल, दूरसंचार और फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्रों की ओर निवेशक रुझान दिखा सकते हैं। एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 225 1% से अधिक बढ़त के साथ था, जबकि चीन, हांगकांग और कोरिया बंद रहे। ब्रेंट क्रूड 67.59 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 995.21 करोड़ रुपये और घरेलू निवेशकों ने 187.04 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 18 February 2026

बुधवार, 18 फरवरी की सुबह यूट्यूब यूजर्स को अचानक कई घंटों तक परेशानी का सामना करना पड़ा। डाउन डिटेक्टर वेबसाइट के अनुसार यह समस्या पहले अमेरिका में रिपोर्ट हुई, उसके बाद भारत और अन्य देशों में भी यूजर्स ने वीडियो स्ट्रीमिंग नहीं कर पाने की शिकायत की। यूट्यूब की पेरेंट कंपनी गूगल ने बताया कि रिकमंडेशन सिस्टम में आई गड़बड़ी की वजह से होमपेज, YouTube एप, YouTube Music और YouTube Kids पर वीडियो दिखाई नहीं दे रहे थे। कंपनी ने कहा कि होमपेज को फिलहाल ठीक कर लिया गया है और पूरी समस्या को दूर करने के लिए टीम काम कर रही है। इस महीने केवल यूट्यूब ही ठप नहीं हुआ बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स एक्स और इंस्टाग्राम भी प्रभावित हुए। एक्स इस महीने दो बार (5 और 16 फरवरी) डाउन हुआ, जिससे यूजर्स फीड रिफ्रेश और पोस्ट शेयर नहीं कर पाए। वहीं, 5 फरवरी को इंस्टाग्राम पर भी हजारों यूजर्स को मैसेज भेजने और पोस्ट अपलोड करने में दिक्कत हुई।   साल 2025 में इंटरनेट और क्लाउड सेवाओं में कई बड़े आउटेज हुए। अक्टूबर में Amazon Web Services, नवंबर में Cloudflare, जून में Google Cloud और अक्टूबर में Microsoft Azure जैसी बड़ी कंपनियों की सेवाएं कई घंटों तक ठप रहीं। यूट्यूब, नेटफ्लिक्स, स्नैपचैट, स्पॉटिफाई, ट्विच और PlayStation नेटवर्क समेत कई प्लेटफॉर्म्स प्रभावित हुए। भारत में यूट्यूब के 50 करोड़ से अधिक मंथली एक्टिव यूजर्स हैं और यह देश के सबसे बड़े डिजिटल बाजारों में शामिल है

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 18 February 2026

  हेमंत विरमानी, भारतीय मूल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर और टेक मैनेजर, अमेरिका के वॉशिंगटन में रहते हैं। उन्होंने करीब 11.5 साल तक अमेजन में काम किया और अक्टूबर 2025 में कंपनी की छंटनी में उनकी नौकरी चली गई। हेमंत अमेजन में सीनियर मैनेजर, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के पद पर थे और उनकी जिम्मेदारी इंजीनियरिंग टीम का नेतृत्व करना और टेक्नोलॉजी की रणनीति तैयार करना था। उनका काम खास तौर पर दुनिया भर में ऑनलाइन सामान बेचने की तकनीक को बेहतर बनाना था।   नौकरी जाने के बाद हेमंत ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने परिवार और खासकर अपनी बेटी से प्रोत्साहन पाया, जिसने उन्हें नई शुरुआत करने के लिए प्रेरित किया। बेटी की बातों और समर्थन ने हेमंत को अपने करियर में नए अवसरों की तलाश शुरू करने में मदद की।   अब हेमंत विरमानी अपने अनुभव और तकनीकी विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए नई कंपनियों और स्टार्टअप्स में परामर्श और नेतृत्व की भूमिकाएं निभा रहे हैं। उनका कहना है कि नौकरी छूटना एक चुनौती था, लेकिन सही मानसिकता और परिवार के समर्थन से इसे अवसर में बदला जा सकता है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 18 February 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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मध्यप्रदेश के सरकारी आईटीआई संस्थानों में लंबे समय से कार्यरत लगभग 900 अतिथि शिक्षक नियमित भर्ती प्रक्रिया को लेकर परेशान हैं। विभाग ने 1,120 प्रशिक्षण अधिकारी (टीओ) पदों पर भर्ती निकाली है, लेकिन इसमें अतिथि शिक्षकों को न तो आरक्षण मिला, न अनुभव का लाभ और न ही आयु सीमा में छूट दी गई। इससे उनकी नौकरी की उम्मीदें लगभग धूमिल हो गई हैं। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि कई लोग पिछले 10 से 15 वर्षों से न्यूनतम मानदेय पर संस्थानों को संभालते रहे हैं। अब जबकि नियमित नियुक्ति का अवसर आया है, उन्हें सामान्य अभ्यर्थियों की तरह प्रतियोगिता में खड़ा कर दिया गया है। कई शिक्षक आयु सीमा पार कर चुके हैं, जिससे उनकी भर्ती की संभावना और कम हो गई है। अन्य विभागों में अलग नीति अपनाए जाने का आरोप भी है। स्कूल शिक्षा विभाग में अतिथि शिक्षकों को 50 प्रतिशत आरक्षण मिलता है, जबकि उच्च शिक्षा विभाग में 25 प्रतिशत आरक्षण और अनुभव के अंक का प्रावधान है। आईटीआई अतिथि शिक्षकों को इसका कोई लाभ नहीं मिला। उच्च शिक्षा में भी कई अतिथि विद्वान नियुक्ति से बाहर हैं, जबकि मंत्री इंदर सिंह परमार ने नियम तैयार कर उन्हें नियमित करने की बात कही थी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 17 February 2026

अब हर विश्वविद्यालय को यूजी और पीजी की तरह पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया का कैलेंडर अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक करना होगा। इसका उद्देश्य प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और छात्रों को समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराना है। पहले कई विश्वविद्यालय पीएचडी की तारीखें, सीटों की संख्या और पात्रता शर्तें स्पष्ट रूप से नहीं बताते थे, जिससे सीटें खाली रह जाती थीं और उम्मीदवारों के लिए प्रक्रिया असमंजसपूर्ण बन जाती थी। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने निर्देश दिए हैं कि विश्वविद्यालय पीएचडी प्रवेश की पूरी जानकारी अपलोड करें। सूत्रों के अनुसार, कुछ विश्वविद्यालयों में चुनिंदा अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश में आसान रास्ता बनाए जाने के आरोप लगते रहे हैं। अब समय-सीमा और पात्रता नियम स्पष्ट होने से यह समस्या कम होगी और सीटें खाली नहीं रह पाएंगी। बीहार यूनिवर्सिटी में करीब 40 विषयों में कुल 2,379 पीएचडी सीटें हैं, जिनमें कई सीटें अभी भी खाली हैं। जुलाई में शुरू हुई प्रवेश प्रक्रिया में केवल नेट स्कोर को मान्यता देने की वजह से आधी सीटें खाली रह गईं। इसके अलावा, यूजीसी ने हाल ही में कई पीएचडी थीसिस को वापस किया है, जिनमें AI से लिखे गए कंटेंट पाए गए। इंग्लिश में जमा कई थीसिस में 40 प्रतिशत से अधिक कंटेंट चोरी पाया गया, जबकि हिंदी में गड़बड़ी कम पाई गई।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 17 February 2026

भारत सरकार अगले वर्ष 2027 में पूरे देश की जनगणना कराएगी, और इसके लिए आवश्यक तैयारियां इस वर्ष से ही शुरू कर दी गई हैं। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने सोमवार को साप्ताहिक समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि मई से शुरू होने वाले घर-घर सर्वे कार्य और लिस्टिंग की तैयारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि 15 से 30 अप्रैल 2026 तक नागरिक स्वयं अपनी जानकारी जनगणना पोर्टल में भर सकेंगे। कलेक्टर ने कहा कि जनगणना में घरों की लिस्टिंग के दौरान कई प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे और लिखित उत्तर लिए जाएंगे। नागरिकों को इस प्रक्रिया को लेकर किसी प्रकार का भय नहीं होना चाहिए और इसके लिए उन्हें समझाइश दी जाएगी। इसके साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षण भी जल्द शुरू किया जाएगा, ताकि जनगणना सुचारू और सही तरीके से संपन्न हो। साप्ताहिक समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने “संकल्प से समाधान अभियान” की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी एसडीएम और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में स्वयं उपस्थित होकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें और सुनिश्चित करें कि पात्र नागरिक योजनाओं का लाभ समय पर प्राप्त करें। बैठक में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण, विद्यार्थियों के लिए नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों की व्यवस्था और अभियान के पहले चरण में प्राप्त 80 हजार आवेदनों में से 51,650 स्वीकृत किए जाने की जानकारी भी साझा की गई।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 17 February 2026

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहनयादव आज 16 फरवरी को राजधानी Bhopal में प्रदेश के पहले साइबर पंजीयन कार्यालय की शुरुआत करेंगे। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा भी मौजूद रहेंगे। सरकार का दावा है कि इस नई व्यवस्था से रजिस्ट्री प्रक्रिया पहले से अधिक सरल, तेज और पारदर्शी बनेगी।   नई व्यवस्था के तहत प्रदेश के किसी भी जिले के 75 प्रकार के दस्तावेजों की रजिस्ट्री अब भोपाल स्थित इस साइबर कार्यालय से कराई जा सकेगी। यानी इंदौर, जबलपुर या ग्वालियर समेत किसी भी जिले की संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए संबंधित जिले में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। पूरी प्रक्रिया एक ही स्थान से डिजिटल माध्यम से पूरी की जा सकेगी, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी।   इस साइबर पंजीयन कार्यालय की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पूरी प्रक्रिया पेपरलेस और फेसलेस होगी। दस्तावेजों का सत्यापन, शुल्क भुगतान और पंजीयन ऑनलाइन किया जाएगा। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होने और पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। विदेश में रहने वाले लोग भी अब बिना कार्यालय पहुंचे ऑनलाइन माध्यम से संपत्ति खरीद-फरोख्त की रजिस्ट्री करा सकेंगे। सरकार का कहना है कि मॉडल सफल होने पर इसे अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 16 February 2026

महाशिवरात्रि के अवसर पर बाबा महाकाल के दर्शन और सीहोर क्षेत्र में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए रेलवे ने 13 से 23 फरवरी तक उज्जैन, भोपाल और संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) के बीच तीन जोड़ी मेला स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। त्योहारों के दौरान इस रूट पर ट्रेनों में भारी भीड़ रहती है, ऐसे में  अतिरिक्त ट्रेनों से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। खास तौर पर कम बजट में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह सुविधा लाभकारी साबित होगी।   रेलवे द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार यात्रियों को दिन में तीन अलग-अलग समय पर ट्रेन का विकल्प मिलेगा। 09305/06 सुबह 9 बजे उज्जैन से चलकर दोपहर 1:30 बजे संत हिरदाराम नगर पहुंचेगी और वापसी में 2:30 बजे रवाना होकर शाम 7:30 बजे उज्जैन लौटेगी। 09307/08 रात 9 बजे उज्जैन से चलकर 2:10 बजे भोपाल पहुंचेगी तथा वापसी में तड़के 3:10 बजे रवाना होकर सुबह 8 बजे उज्जैन आएगी। 09313/14 शाम 4 बजे उज्जैन से रवाना होकर 9:40 बजे संत हिरदाराम नगर पहुंचेगी और रात 10:30 बजे वापसी कर 2 बजे उज्जैन लौटेगी।   इन स्पेशल ट्रेनों का ठहराव तराना रोड, मक्सी, बेरछा, कालीसिंध, अकोदिया, शुजालपुर, कालापीपल और सीहोर सहित प्रमुख स्टेशनों पर होगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी। ट्रेनों में जनरल और स्लीपर कोच लगाए गए हैं। रेलवे ने महाशिवरात्रि के दौरान संभावित भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करने की भी बात कही है और यात्रियों को सलाह दी है कि वे समय से पहले स्टेशन पहुंचें तथा यात्रा संबंधी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त करें।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 13 February 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को नए प्रधानमंत्री कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट होंगे। वे दोपहर 1:30 बजे भवन के नाम का अनावरण करेंगे और शाम 6 बजे सेवा तीर्थ के साथ कर्तव्य भवन-1 और 2 का उद्घाटन कर सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इससे पहले साउथ ब्लॉक में केंद्रीय कैबिनेट की विशेष बैठक होगी, जो ब्रिटिश काल की सेक्रेटेरिएट बिल्डिंग में आखिरी कैबिनेट बैठक होगी। करीब 78 वर्षों तक सत्ता का केंद्र रहे नॉर्थ और साउथ ब्लॉक से अब प्रशासनिक कामकाज नए परिसर में स्थानांतरित हो जाएगा।     नई दिल्ली के दारा शिकोह रोड स्थित एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव में बना ‘सेवा तीर्थ’ करीब 2.26 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में फैला है और इसका निर्माण Larsen & Toubro ने ₹1189 करोड़ की लागत से किया है। तीन इमारतों वाले इस कॉम्प्लेक्स में सेवा तीर्थ-1 में पीएमओ, सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय और सेवा तीर्थ-3 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का कार्यालय होगा। कर्तव्य भवन-1 और 2 में वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा समेत कई प्रमुख मंत्रालयों को स्थान दिया गया है। यह पूरा विकास सेंट्रल विस्टा रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत किया गया है, जिसके अंतर्गत नया संसद भवन और कर्तव्य पथ का निर्माण भी शामिल है।   सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवनों को 4-स्टार GRIHA मानकों के अनुसार डिजाइन किया गया है, जिनमें रिन्यूएबल एनर्जी, जल संरक्षण, वेस्ट मैनेजमेंट और ऊर्जा दक्ष तकनीकों का उपयोग किया गया है। आधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल और उन्नत सुरक्षा प्रणाली से लैस ये भवन प्रशासनिक कार्यों को अधिक तेज और समन्वित बनाने में मदद करेंगे। सरकार का कहना है कि पुराने भवनों के रखरखाव और किराए पर हर साल लगभग ₹1500 करोड़ खर्च हो रहे थे। भविष्य में नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को ‘युगे-युगेन भारत नेशनल म्यूजियम’ में बदलने की योजना है, जहां 25–30 हजार कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 13 February 2026

मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने बजट सत्र शुरू होने और अनुपूरक बजट पेश होने से पहले बाजार से 5,000 करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया है। यह पिछले एक हफ्ते में सरकार द्वारा लिया गया दूसरा कर्ज है। इससे पहले 4 फरवरी को 5,300 करोड़ का कर्ज लिया गया था। सरकार यह कर्ज रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से तीन किस्तों में ले रही है। इस वित्तीय वर्ष में अब तक कुल 36 कर्जों के जरिए 67,300 करोड़ रुपये की राशि सरकार ने उधार ली है।   कर्ज की अलग-अलग किस्तों में विवरण के अनुसार, 10 फरवरी को लिए गए दो कर्ज 21 और 16 साल की अवधि के लिए हैं, जबकि तीसरा कर्ज 1,000 करोड़ रुपए का 8 साल के लिए लिया गया है, जिसका भुगतान छमाही ब्याज के रूप में किया जाएगा। सरकार ने यह कर्ज कृषि योजनाओं, सिंचाई, पॉवर प्रोजेक्ट और कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के स्थायी निर्माण के लिए लिया है।   चालू वित्त वर्ष में सरकार ने महीने-दर-महीने कई कर्ज लिए हैं। मई में पहला और दूसरा कर्ज 2,500-2,500 करोड़ रुपए का लिया गया, जून में दो कर्ज 2,000 और 2,500 करोड़ के लिए, जुलाई से सितम्बर तक कई दौर में कुल 16 कर्ज लिए गए। अक्टूबर से जनवरी तक भी विभिन्न महीनों में कई कर्जों के माध्यम से वित्तीय जरूरतों को पूरा किया गया। 3 और 10 फरवरी को लिए गए कर्जों के साथ इस वित्तीय वर्ष में कुल कर्ज का आंकड़ा 67,300 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।

Patrakar Vandana Singh

Vandana Singh 11 February 2026

मध्य प्रदेश की धर्मनगरी उज्जैन अब महाकाल मंदिर और महाकाल लोक के लिए ही नहीं, बल्कि अपने भव्य प्रवेश द्वारों के लिए भी प्रसिद्ध होने वाली है। उज्जैन विकास प्राधिकरण (UDA) ने शहर के प्रमुख मार्गों पर 92.25 करोड़ रुपये की लागत से 9 प्रवेश द्वार बनाने का निर्णय लिया है। ये द्वार केवल शहर की सौंदर्यीकरण योजना का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि उज्जैन की हजारों साल पुरानी सनातन परंपरा, खगोल-कालगणना, सिंहस्थ संस्कृति और राजकीय गौरव को भी दर्शाएंगे। योजना के तहत इंदौर रोड, देवास रोड, आगर रोड, मक्सी रोड, बड़नगर रोड और सिंहस्थ मार्ग समेत अन्य प्रमुख रास्तों पर ये द्वार बनाए जाएंगे।   इन प्रवेश द्वारों की डिजाइन पारंपरिक भारतीय स्थापत्य कला और आधुनिक इंजीनियरिंग का संयोजन होगी। निर्माण में गुलाबी-सफेद और पीले पत्थर का इस्तेमाल किया जाएगा, साथ ही द्वारों पर 3D नक्काशी में पौराणिक प्रसंग, धार्मिक प्रतीक, हाथी, शेर और मानव आकृतियां उकेरी जाएँगी। रात्रिकालीन दृश्य प्रभाव के लिए आरजीबी-डब्ल्यू लाइटिंग, एलईडी और सोलर सिस्टम लगाए जाएंगे, जिससे ये द्वार रात में भी उज्जैन की भव्य पहचान बने रहेंगे।   इन 9 द्वारों के नाम और उनके बजट इस प्रकार हैं: अमृत द्वार (9.68 करोड़), पंचजन्य द्वार (12.50 करोड़), गज द्वार (8.51 करोड़), कालगणना द्वार (11.07 करोड़), उज्जैनी द्वार (6.48 करोड़), सिंहस्थ द्वार (6.48 करोड़), त्रिशूल द्वार (10.65 करोड़), विक्रमादित्य द्वार (13.58 करोड़) और डमरू द्वार (13.29 करोड़)। ये द्वार न केवल शहर की सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक गौरव को दर्शाएंगे, बल्कि आधुनिक शहरी जरूरतों के अनुरूप सुरक्षा, सुगमता और सौंदर्य का भी संतुलन बनाएंगे।

Patrakar Vandana Singh

Vandana Singh 11 February 2026

राजस्थान सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, पेयजल, बिजली और शहरी विकास को प्राथमिकता दी है। सड़क, ब्रिज और मिसिंग लिंक सड़कों के निर्माण के लिए हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 250 अटल प्रगति पथ, 2000 सड़क सुरक्षा कैमरे और बारिश से टूटी सड़कों की मरम्मत के लिए भी अलग से प्रावधान किया गया है। पेयजल और जल जीवन मिशन के तहत 6500 गांवों को नल से जोड़ा जाएगा और तीन लाख नए पेयजल कनेक्शन दिए जाएंगे। इसके साथ ही राजस्थान में 220 केवीए के छह नए जीएसएस और 132 केवीए के 13 जीएसएस बनाए जाएंगे और बिजली सिस्टम की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए AI का इस्तेमाल किया जाएगा।   शहरी विकास और शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े कदम उठाए गए हैं। सभी संभाग मुख्यालयों को सिग्नल-फ्री बनाया जाएगा, 28 लाख परिवारों को पीएम आवास योजना के तहत मकान निर्माण के लिए अनुदान मिलेगा और 5000 से अधिक नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। 2500 से अधिक स्कूलों का जीर्णोद्धार और 450 करोड़ रुपये में नए स्कूल भवन बनाए जाएंगे। बच्चों को खेल किट और “जादुई पिटारा” उपलब्ध कराए जाने पर 323 करोड़ रुपये खर्च होंगे।   स्वास्थ्य और पर्यटन क्षेत्र में भी सरकार ने विशेष योजनाओं की घोषणा की है। गंभीर मरीजों के लिए ‘राज सुरक्षा’ योजना शुरू की जाएगी और मानसिक स्वास्थ्य के लिए ‘राज ममता’ कार्यक्रम लागू होगा। जयपुर, जोधपुर और बीकानेर जैसे बड़े शहरों में धर्मशालाएं, फायर सेफ्टी उपकरण और नए अस्पताल टॉवर्स बनाए जाएंगे। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए थार सर्किट, अल्ट्रा लक्जरी टूरिज्म जोन, बृज कन्वेंशन सेंटर और वॉर म्यूजियम जैसे नए प्रोजेक्ट किए जाएंगे। नए एयरपोर्ट और फ्लाइंग ट्रेनिंग सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे, जबकि डिजिटल सशक्तिकरण के तहत 25 हजार महिलाओं और युवाओं को मिनी ई-मित्र के रूप में अधिकृत किया जाएगा

Patrakar Vandana Singh

Vandana Singh 11 February 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद की नकल के तौर पर नई मस्जिद का निर्माण बुधवार से शुरू हो गया। इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व जनता उन्नयन पार्टी (जेयूपी) के अध्यक्ष हुमायूं कबीर कर रहे हैं। कबीर ने कहा कि जो लोग निर्माण का विरोध कर रहे हैं, उन्हें पीछे हट जाना चाहिए और हर व्यक्ति को अपने धर्म का पालन करने तथा पूजा स्थलों का निर्माण करने की स्वतंत्रता है। उन्होंने कहा कि यह निर्माण अल्लाह की इबादत के लिए है और इसका कोई राजनीतिक विरोध नहीं किया जा रहा।   हुमायूं कबीर ने 1992 में बाबरी मस्जिद के ढांचे के गिराए जाने की घटना को याद करते हुए कहा कि एक मुसलमान होने के नाते वह इस मस्जिद को बनाकर अपना छोटा सा योगदान देना चाहते हैं। निर्माण स्थल पर उनके समर्थक उत्साहपूर्वक काम में जुटे हैं और ईंटें ढोकर मदद कर रहे हैं। कबीर ने सोशल मीडिया पर मस्जिद का डिजाइन भी साझा किया और कहा कि कुछ लोग निर्माण को रोकने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अल्लाह की मदद से काम सुरक्षित तरीके से शुरू हो गया है।   इस मामले पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि बाबरी ढांचा दोबारा नहीं बनेगा। वहीं, हुमायूं कबीर ने बाबरी यात्रा की घोषणा की, जो मुर्शिदाबाद के पलाशी से शुरू होकर दिनाजपुर के इटाहार तक तीन दिन तक चलेगी। कबीर ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना भी की और दावा किया कि वह फिर से मुख्यमंत्री नहीं बनेंगी।

Patrakar Vandana Singh

Vandana Singh 11 February 2026

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद तिहाड़ जेल में सरेंडर करने पहुंचे। करीब 2.5 करोड़ रुपये के भुगतान की समय-सीमा पूरी न कर पाने के कारण कोर्ट ने उन्हें सरेंडर का आदेश दिया था। राजपाल यादव ने सरेंडर की अवधि बढ़ाने के लिए अर्जी भी लगाई थी, लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया और नरमी बरतने से इनकार कर दिया।   जेल में सरेंडर से पहले राजपाल यादव भावुक हो गए। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि उनके पास पैसे नहीं हैं और इस मुश्किल घड़ी में कोई दोस्त भी साथ नहीं है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति से उन्हें अकेले ही जूझना पड़ रहा है। बीते कुछ दिनों से यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है और एक्टर की निजी परेशानियां सामने आई हैं।   राजपाल यादव के समर्थन में अब अभिनेता सोनू सूद आगे आए हैं। सोनू सूद ने सोशल मीडिया पर लिखा कि राजपाल यादव एक गिफ्टेड कलाकार हैं और उन्होंने इंडस्ट्री को यादगार काम दिए हैं। उन्होंने कहा कि मुश्किल वक्त में इंडस्ट्री को साथ खड़ा होना चाहिए और भविष्य के काम के बदले दिया गया साइनिंग अमाउंट कोई दान नहीं, बल्कि सम्मान है। सोनू सूद ने यह भी कहा कि ऐसे समय में यह जताना जरूरी है कि कोई भी कलाकार अकेला नहीं है और फिल्म इंडस्ट्री सिर्फ एक काम की जगह नहीं, बल्कि एक परिवार है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 10 February 2026

  मणिपुर में नई सरकार बनने के महज एक हफ्ते के भीतर उखरुल जिले में हिंसा भड़क गई। उपद्रवियों ने लितान सरेइखोंग गांव में 25 घरों और चार सरकारी क्वार्टरों में आग लगा दी। हालात बिगड़ने के बाद पूरे जिले में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है, वहीं 10 फरवरी सुबह 11:30 बजे से अगले पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। तांगखुल और कुकी जनजातियों के बीच हुई झड़प के बाद इलाके में बीएसएफ, सीआरपीएफ और असम राइफल्स की भारी तैनाती की गई है। पुलिस के मुताबिक हिंसा की शुरुआत 7 फरवरी की शाम शराब के नशे में हुए एक झगड़े से हुई थी, जिसमें तांगखुल नागा समुदाय के एक व्यक्ति के साथ मारपीट हुई। इसके बाद आसपास के गांवों में आगजनी और फायरिंग की घटनाएं सामने आईं। दहशत के माहौल में लोग अपने स्तर पर ही घर छोड़ने को मजबूर हुए। सुरक्षा और समन्वय के लिए लितान थाने में जॉइंट कंट्रोल रूम बनाया गया है और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि स्थिति तनावपूर्ण जरूर है, लेकिन नियंत्रण में है। इस बीच उपमुख्यमंत्री लोसी दिखो खुद लितान पहुंचे और स्थानीय लोगों तथा विभिन्न संगठनों के नेताओं से मुलाकात कर हालात सामान्य करने की कोशिश की। राज्यभर में 115 नाके और चेकपोस्ट लगाए गए हैं, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर जरूरी सामान की सुरक्षित आवाजाही कराई जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी सूचना की पुष्टि आधिकारिक कंट्रोल रूम से करें।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 10 February 2026

  महाशिवरात्रि पर उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए हैं। इस अवसर पर 1500 से अधिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। सोमवार को एडीजी राकेश गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंदिर सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा व्यवस्था और वीवीआईपी मूवमेंट को लेकर विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की गई।   मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनकी निगरानी मंदिर परिसर में बने कंट्रोल रूम से की जाएगी। इसके साथ ही ड्रोन कैमरों से भी भीड़ पर नजर रखी जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था में 6 एएसपी, 18 डीएसपी, 38 थाना प्रभारी सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और जवान तैनात रहेंगे। भीड़ प्रबंधन के लिए नगर व ग्राम रक्षा समिति के सदस्यों के साथ-साथ जिम में कसरत करने वाले युवाओं और कॉलेज छात्रों को भी वालंटियर के रूप में जोड़ा गया है।   श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हर 300 मीटर पर मेडिकल टीम तैनात रहेगी तथा वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। महाकाल मंदिर क्षेत्र को नो व्हीकल जोन घोषित किया गया है और पार्किंग की अलग-अलग व्यवस्था की गई है। प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को 40 मिनट के भीतर सुगम और सुरक्षित दर्शन कराए जा सकें।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 10 February 2026

केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि केन्द्रीय बजट 2026-27 के तहत छत्तीसगढ़ का रेलवे बजट ऐतिहासिक रूप से बढ़ाकर 7,470 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके तहत प्रदेश के 32 रेलवे स्टेशनों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से विकसित किया जाएगा। इससे छत्तीसगढ़ में चल रही 54 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं को गति मिलेगी और माइनिंग कॉरिडोर से निवेश, उद्योग-व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।   मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के गांवों में रहने वाली महिलाओं को ‘शी-मार्ट’ के माध्यम से अपने उत्पाद की बिक्री और ब्रांडिंग में मदद मिलेगी। एमएसएमई सेक्टर के व्यापारियों के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की मदद इस बजट के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। मंत्री ने बजट के तीन उद्देश्य बताए – आर्थिक विकास पर जोर, जन-अपेक्षाओं को पूरा करना और सबका साथ-सबका विकास सुनिश्चित करना।   कार्यक्रम में मंत्री तोखन साहू ने बताया कि सरकारी निवेश से अर्थव्यवस्था में संसाधनों का स्थायी सर्कुलेशन होता है, जिससे आर्थिक वृद्धि बढ़ती है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने केन्द्र सरकार की विकसित भारत की दिशा में की जा रही योजनाओं पर प्रकाश डाला। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि इस बजट में सुधारात्मक उपायों पर जोर दिया गया है, जिससे व्यापारियों और नागरिकों का सरकारी तंत्र से रिश्ता सरल और सहज बने।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 9 February 2026

मध्य प्रदेश में सर्दी ने फिर अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। पूर्वी इलाकों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार कटनी और शहडोल सबसे ठंडे जिले रहे, जहां क्रमशः 5 और 6 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ। बीती रात कटनी के करौंदी क्षेत्र में प्रदेश का सबसे ठंडा मौसम रहा।   भोपाल में रात का तापमान 8 डिग्री तक पहुंच गया, जो फरवरी के लिहाज से सामान्य से कम है। दिन में अधिकतम तापमान 25-28 डिग्री के बीच दर्ज हो रहा है। ग्वालियर-चंबल अंचल में सुबह से कोहरे के कारण दृश्यता केवल 2 से 4 किलोमीटर तक सीमित रही। मौसम विभाग के अनुसार 10 और 11 फरवरी को हल्के से मध्यम कोहरे की संभावना बनी हुई है।   मौसम विभाग ने बताया कि 12 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, लेकिन अगले पांच दिनों तक बारिश या ओले की संभावना नहीं है। फिलहाल अगले 2-3 दिनों तक ठंड का असर जारी रहेगा। इसके बाद धीरे-धीरे तापमान में वृद्धि होने की संभावना है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 9 February 2026

इंदौर में साकेत, तिलक नगर और मनीषपुरी से रिंग रोड के निर्माण कार्य का निरीक्षण महापौर पुष्यमित्र भार्गव और विधायक महेंद्र हार्डिया ने किया। नगर निगम के अफसरों के साथ निरीक्षण के दौरान महापौर ने सड़क के बीच लगे बिजली के पोल और अन्य बाधक निर्माण हटाने के निर्देश दिए ताकि अधूरी सड़क को शीघ्र पूरा किया जा सके।   महापौर ने मनीष मेडिकल से मेडीकेयर हॉस्पिटल तक सड़क को 30 फीट से बढ़ाकर 60 फीट चौड़ा करने के निर्देश दिए। साथ ही बंगाली से पीपल्याहाना तक की सर्विस रोड का चौड़ीकरण भी किया जाएगा ताकि ट्रैफिक जाम की समस्या कम हो। निरीक्षण में सड़क निर्माण की प्रगति, गुणवत्ता और समय सीमा पर चर्चा हुई और निगम शौचालय को हटाने के विकल्प पर भी विचार किया गया।   निरीक्षण के दौरान महापौर और विधायक ने लोगों से संवाद किया। क्षेत्रवासियों ने पानी की कमी और गंदे पानी की समस्या की जानकारी दी। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने आश्वासन दिया कि जलप्रदाय, गंदे पानी और सड़क से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निवारण किया जाएगा। इसके साथ ही संविद नगर के पास निगम स्वामित्व वाली खदान भूमि के लिए विस्तृत विकास योजना बनाने के भी निर्देश दिए गए।

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Priyanshi Chaturvedi 9 February 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के आदिवासी बहुल इलाकों में वर्षों से चल रहे विस्थापन, बेरोजगारी और बुनियादी सुविधाओं के संकट की आवाज अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गई है। सिंगरौली से पहुंचे आदिवासी प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं। लोकसभा परिसर में हुई इस मुलाकात में प्रतिनिधियों ने खनन परियोजनाओं और औद्योगिक विस्तार के कारण हो रहे विस्थापन की जमीनी हकीकत से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि ऊर्जा राजधानी कहलाने वाले सिंगरौली में विकास की कीमत आदिवासी समाज चुका रहा है। हजारों परिवार विस्थापित हो चुके हैं, लेकिन उन्हें न तो पूरा मुआवजा मिला और न ही उचित पुनर्वास और रोजगार। खनन और औद्योगिक प्रदूषण से खेती, जंगल और जल स्रोत प्रभावित हुए हैं, जिससे आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर भी चिंता जताई गई।   राहुल गांधी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए भरोसा दिलाया कि सिंगरौली के मुद्दों को संसद में मजबूती से उठाया जाएगा। उन्होंने जल्द ही सिंगरौली का दौरा कर जमीनी हालात देखने का आश्वासन दिया, जबकि प्रियंका गांधी ने भी आदिवासी समाज को हर संभव सहयोग देने की बात कही। इस मुलाकात के बाद आदिवासी समाज में नई उम्मीद जगी है कि उनकी आवाज अब राष्ट्रीय राजनीति में प्रभावी रूप से सुनी जाएगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 8 February 2026

मध्य प्रदेश में पुलिस भर्ती को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने आरक्षक जीडी के 7500 पदों पर भर्ती के लिए फिजिकल टेस्ट की तारीखें घोषित कर दी हैं। शारीरिक दक्षता परीक्षा 23 फरवरी से शुरू होगी, जो प्रदेश के 10 जिलों में आयोजित की जाएगी। इनमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, रीवा, बालाघाट, रतलाम और मुरैना जिले शामिल हैं।   23 फरवरी से 13 मार्च तक होगा फिजिकल टेस्ट आरक्षक भर्ती के लिए 30 अक्टूबर से 15 दिसंबर 2025 तक ऑनलाइन लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसका परिणाम 25 जनवरी 2026 को जारी किया गया। लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को अब अगले चरण के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन में शामिल होना होगा। यह प्रक्रिया 23 फरवरी से 13 मार्च के बीच हर दिन सुबह 6 बजे से शुरू होगी, जिसमें 800 मीटर दौड़, लंबी कूद और गोला फेंक की परीक्षा ली जाएगी।   चयन प्रक्रिया और वेतनमान पुलिस भर्ती की चयन प्रक्रिया में पहले लिखित परीक्षा, फिर शारीरिक दक्षता परीक्षा और अंत में दस्तावेज सत्यापन किया जाएगा। परीक्षा का स्तर हाई स्कूल योग्यता पर आधारित रहेगा। चयनित उम्मीदवारों को पुलिस विभाग में आरक्षक (कॉन्स्टेबल) के पद पर नियुक्ति दी जाएगी, जिनका वेतनमान 19,500 से 62,000 रुपये प्रतिमाह होगा।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 7 February 2026

मध्य प्रदेश में पुलिस भर्ती को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने आरक्षक जीडी के 7500 पदों पर भर्ती के लिए फिजिकल टेस्ट की तारीखें घोषित कर दी हैं। शारीरिक दक्षता परीक्षा 23 फरवरी से शुरू होगी, जो प्रदेश के 10 जिलों में आयोजित की जाएगी। इनमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, रीवा, बालाघाट, रतलाम और मुरैना जिले शामिल हैं।   23 फरवरी से 13 मार्च तक होगा फिजिकल टेस्ट आरक्षक भर्ती के लिए 30 अक्टूबर से 15 दिसंबर 2025 तक ऑनलाइन लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसका परिणाम 25 जनवरी 2026 को जारी किया गया। लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को अब अगले चरण के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन में शामिल होना होगा। यह प्रक्रिया 23 फरवरी से 13 मार्च के बीच हर दिन सुबह 6 बजे से शुरू होगी, जिसमें 800 मीटर दौड़, लंबी कूद और गोला फेंक की परीक्षा ली जाएगी।   चयन प्रक्रिया और वेतनमान पुलिस भर्ती की चयन प्रक्रिया में पहले लिखित परीक्षा, फिर शारीरिक दक्षता परीक्षा और अंत में दस्तावेज सत्यापन किया जाएगा। परीक्षा का स्तर हाई स्कूल योग्यता पर आधारित रहेगा। चयनित उम्मीदवारों को पुलिस विभाग में आरक्षक (कॉन्स्टेबल) के पद पर नियुक्ति दी जाएगी, जिनका वेतनमान 19,500 से 62,000 रुपये प्रतिमाह होगा।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 7 February 2026

मध्यप्रदेश में शनिवार को दलहन आत्मनिर्भरता राष्ट्रीय मिशन पर उच्चस्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम सीहोर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में होगा। सम्मेलन में देश के नौ राज्यों के कृषि मंत्री, किसान, एफपीओ और बीज उत्पादक शामिल होंगे। यहां दालों में आत्मनिर्भर भारत, समृद्ध किसान और पोषित राष्ट्र के लक्ष्य पर मंथन किया जाएगा, साथ ही खेत भ्रमण और किसानों से संवाद का भी कार्यक्रम रहेगा।   ग्रेनेक्स इंडिया एग्जीबिशन से दिखेगी नई तकनीक तीन दिवसीय ‘17वें ग्रेनेक्स इंडिया’ एग्जीबिशन के दूसरे दिन देश-विदेश की करीब 200 कंपनियां दाल, अनाज और मसालों के प्रसंस्करण से जुड़ी अत्याधुनिक मशीनें और तकनीक प्रदर्शित कर रही हैं। इसमें रोबोटिक, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग आधारित मशीनें, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और फूड प्रोसेसिंग से जुड़ी आधुनिक तकनीक शामिल है। मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि सरकार जमीन, मशीन और बिक्री तक हर स्तर पर सहयोग करेगी।   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के कल्याण और आर्थिक समृद्धि के लिए लगातार फैसले ले रही है। उन्होंने घोषणा की कि दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए उड़द और मसूर के किसानों को भी बोनस दिया जाएगा। साथ ही संकेत दिए कि धीरे-धीरे अन्य दलहनों पर से भी टैक्स हटाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य आयात पर निर्भरता कम कर किसानों की आय बढ़ाना और मध्यप्रदेश को कृषि और फूड प्रोसेसिंग का बड़ा केंद्र बनाना है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 7 February 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा से पहले छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सफलता पाने का तरीका है—“पहले मन को जोतो, फिर मन को जोड़ो, और उसके बाद जो पढ़ना है उसे व्यवस्थित करो।” उन्होंने बताया कि उनका यह “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम अब नौवें वर्ष में है और अलग-अलग राज्यों के छात्रों के साथ संवाद करते हुए उन्होंने पढ़ाई को बोझ नहीं, बल्कि जीवन को बेहतर बनाने का माध्यम बताया। पीएम मोदी ने कहा, “हमारा लक्ष्य ऐसा होना चाहिए जो पहुंच में हो, लेकिन पकड़ में न हो।”   इस दौरान पीएम मोदी ने छात्रों का असमिया ‘गमोसा’ पहनाकर स्वागत किया और इसे महिला सशक्तिकरण का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा सिर्फ अंक और परीक्षा तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे जीवन को सफल बनाने और संतुलन बनाए रखने के लिए अपनाना चाहिए। साथ ही उन्होंने छात्रों को इंटरनेट का सतर्क और किफायती उपयोग करने की सलाह दी और गेमिंग को स्किल डेवलपमेंट के रूप में देखने पर जोर दिया।   प्रधानमंत्री ने स्किल और ज्ञान के बीच संतुलन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी स्किल की शुरुआत ज्ञान से होती है, और जीवन तथा पेशेवर दोनों तरह की स्किल में ध्यान देना चाहिए। शिक्षक समुदाय को भी सलाह दी कि छात्रों की गति से हमेशा एक कदम आगे रहना चाहिए, ताकि उन्हें सीखने में चुनौती और प्रेरणा मिलती रहे।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 6 February 2026

लोकसभा की कार्यवाही शुक्रवार, 6 फरवरी को स्थगित कर दी गई है। स्पीकर ओम बिरला ने यह निर्णय विपक्ष के लगातार हंगामे और नारेबाजी के चलते लिया। अब सदन की कार्यवाही 9 फरवरी को सुबह 11 बजे फिर से शुरू होगी। इससे पहले कई दिनों से बजट सत्र 2026 के दौरान विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन और विरोध की वजह से सदन में चर्चा बाधित हो रही थी।   विपक्ष विशेष रूप से कांग्रेस और टीएमसी के सांसद विभिन्न मुद्दों पर सरकार की नीतियों का विरोध कर रहे हैं। इसमें भारत-अमेरिका ट्रेड डील, भारत-चीन बॉर्डर विवाद, राहुल गांधी को बोलने से रोकना और 8 कांग्रेस सांसदों के निलंबन जैसे मामले शामिल हैं। उनके लगातार हंगामे के कारण सदन का काफी समय व्यर्थ चला गया।   स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी हंगामे पर नाराजगी जताई और कहा कि लगातार स्थगित होने से बजट पर सामान्य चर्चा और अन्य कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए नुकसानदेह है और सदन में नियमों के अनुसार ही कार्यवाही होनी चाहिए।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 6 February 2026

दुनिया भर में नौकरियों का संकट गहराता जा रहा है। मीडिया संस्थानों से लेकर वैश्विक टेक कंपनियों तक बड़े पैमाने पर छंटनी देखी जा रही है। प्रतिष्ठित अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने अपने न्यूजरूम और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग टीम में भारी कटौती की है। पश्चिम एशिया की पूरी टीम हटाई गई, जबकि दिल्ली, बीजिंग, कीव और बर्लिन जैसे प्रमुख ब्यूरो या तो बंद कर दिए गए हैं या सीमित कर दिए गए। इसे पारंपरिक मीडिया के लिए डिजिटल दबाव और घटते संसाधनों का संकेत माना जा रहा है।   टेक सेक्टर में हालात और भी गंभीर हैं। 2025 में वैश्विक तकनीकी कंपनियों ने 1.2 लाख से ज्यादा नौकरियां खत्म कीं। इंटेल ने करीब 24 हजार, टीसीएस ने 20 हजार, वेरिजोन ने 15 हजार और एक्सेंचर ने 11 हजार कर्मचारियों की छंटनी की। माइक्रोसॉफ्ट, एसएपी और तोशिबा जैसी दिग्गज कंपनियों ने भी हजारों पद घटाए। विशेषज्ञों के मुताबिक लागत नियंत्रण, कारोबारी पुनर्गठन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बढ़ता फोकस इसके पीछे की बड़ी वजहें हैं, जहां ऑटोमेशन मानव श्रम की जगह ले रहा है।   2026 की शुरुआत भी राहत लेकर नहीं आई है। अमेजन ने चार महीनों के भीतर 30 हजार कॉरपोरेट कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया, जबकि ओरेकल में 20 से 30 हजार तक की संभावित छंटनी की अटकलें हैं। विश्व आर्थिक मंच के अनुसार, 41% कंपनियां आने वाले वर्षों में एआई के कारण वर्कफोर्स घटाने की तैयारी में हैं। हालांकि, रिपोर्ट यह भी इशारा करती है कि एआई, बिग डेटा और फिनटेक जैसे क्षेत्रों में नई नौकरियां तेजी से उभर सकती हैं, जिससे रोजगार का स्वरूप बदलेगा, खत्म नहीं होगा।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 5 February 2026

छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता और एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। अब शासकीय स्कूलों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध निजी (अशासकीय) स्कूलों में भी कक्षा 5वीं और 8वीं की वार्षिक परीक्षाएं केंद्रीकृत बोर्ड पैटर्न पर आयोजित की जाएंगी। यह व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू होगी, जिससे सभी स्कूलों में समान मूल्यांकन प्रणाली सुनिश्चित हो सकेगी।   इस बदलाव को लेकर बुधवार को जिला शिक्षा अधिकारी बी.आर. बघेल, जिला मिशन समन्वयक अशोक पांडे और परीक्षा नोडल अधिकारी जयनारायण पाणिग्राही की मौजूदगी में निजी स्कूल संचालकों की बैठक हुई। बैठक में परीक्षा संचालन और तैयारियों को लेकर विस्तृत रोडमैप तय किया गया। नई परीक्षा पद्धति के तहत कक्षा 5वीं की परीक्षा 50 अंकों की होगी, जिसमें 40 अंक लिखित और 10 अंक प्रोजेक्ट कार्य के होंगे, जबकि कक्षा 8वीं के लिए कुल 100 अंक निर्धारित किए गए हैं, जिनमें 80 अंक लिखित और 20 अंक प्रोजेक्ट के लिए रखे गए हैं।   स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रोजेक्ट कार्य 25 फरवरी तक पूरा कर उसके अंक 27 फरवरी तक सीलबंद लिफाफे में बीईओ कार्यालय में जमा करें। परीक्षा शुल्क कक्षा 5वीं के लिए 55 रुपये और कक्षा 8वीं के लिए 60 रुपये प्रति छात्र तय किया गया है, जिसे 5 फरवरी तक जमा करना होगा। परीक्षाएं पूरी तरह सरकारी निगरानी में होंगी, शासकीय स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा और किसी भी विद्यार्थी को परीक्षा से वंचित नहीं किया जाएगा। मूल्यांकन के बाद 25 अप्रैल तक अंकसूचियां तैयार होंगी और 30 अप्रैल को परिणाम घोषित किए जाएंगे।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 5 February 2026

वित्तीय वर्ष के अंतिम महीनों में सरकारी विभागों द्वारा अनावश्यक खर्च किए जाने पर वित्त विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। इसे देखते हुए वित्त विभाग ने आदेश जारी कर 15 फरवरी के बाद सभी तरह की सरकारी खरीदी पर पूरी तरह रोक लगा दी है। विभाग ने साफ कहा है कि कई कार्यालय केवल बजट उपयोग करने के उद्देश्य से जल्दबाजी में ऐसी सामग्री खरीद लेते हैं, जिसकी तत्काल आवश्यकता नहीं होती, जिससे सरकारी राशि बेवजह अवरुद्ध हो जाती है।   वित्त विभाग ने अपने आदेश में यह भी निर्देश दिया है कि 15 फरवरी तक जारी किए गए सभी खरीदी आदेशों का भुगतान अनिवार्य रूप से 15 मार्च तक पूरा कर लिया जाए। विभाग का कहना है कि वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और फिजूलखर्ची पर रोक लगाने के लिए यह कदम जरूरी है, क्योंकि यह प्रवृत्ति शासन के हित में नहीं है।   हालांकि, कुछ आवश्यक सेवाओं और योजनाओं को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है। विदेशी सहायता प्राप्त परियोजनाएं, नाबार्ड, सिडबी, राष्ट्रीय आवास बैंक व केंद्रीय सहायता पोषित योजनाएं, जेलों, अस्पतालों, छात्रावासों और आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़ी आवश्यक खरीदी, साथ ही लोक भवन, विधानसभा सचिवालय, मुख्यमंत्री निवास, मुख्यमंत्री सचिवालय और न्यायालयों से संबंधित जरूरी व्यय पर यह नियम लागू नहीं होगा।

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Priyanshi Chaturvedi 5 February 2026

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार की रात रायपुर पहुंचेंगे और 7 फरवरी को छत्तीसगढ़ दौरे पर विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। रविवार को वे रायपुर में नक्सलवाद की स्थिति पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे, जिसमें राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में नक्सल विरोधी अभियानों की प्रगति, मौजूदा हालात और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।   समीक्षा बैठक के बाद केंद्रीय गृहमंत्री बस्तर रवाना होंगे और पंडुम महोत्सव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह दौरा सांस्कृतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने की डेडलाइन के नजदीक आने के कारण यह दौरा विशेष महत्व रखता है।   छत्तीसगढ़ समेत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बल लगातार सर्च ऑपरेशन और एरिया डॉमिनेशन अभियान चला रहे हैं। सीमित समय के कारण अमित शाह का दौरा सुरक्षा एजेंसियों के लिए मार्गदर्शन और दिशा तय करने वाला माना जा रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले अमित शाह 4 अक्टूबर 2025 को बस्तर दशहरा महोत्सव में शामिल होने बस्तर आ चुके हैं, जो केंद्र सरकार की नक्सल नीति की गंभीरता को दर्शाता है।

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Priyanshi Chaturvedi 4 February 2026

महिला एवं बाल विकास विभाग, गरियाबंद ने सहायक ग्रेड-03 पद पर सीधी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया है। यह पद अनारक्षित श्रेणी के लिए निर्धारित है। जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक पाण्डेय के अनुसार, विभाग में इस पद के लिए एक अवसर उपलब्ध है और योग्य अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं।     सहायक ग्रेड-03 पद के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त शिक्षा मण्डल से हायर सेकेंडरी और मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक होना अनिवार्य है। इसके साथ ही डाटा एंट्री ऑपरेटर या प्रोग्रामिंग में एक वर्षीय डिप्लोमा तथा हिंदी या अंग्रेजी मुद्रालेखन में 5000 की-डिप्रेशन प्रति घंटा की गति का प्रमाण पत्र होना चाहिए। चयन के लिए कौशल परीक्षा आयोजित की जाएगी।     इस पद का वेतनमान 5200 से 20200 रुपये और ग्रेड पे 1900 रुपये तय किया गया है, जो वेतन मैट्रिक्स लेवल-04 के अंतर्गत आता है। पात्र अभ्यर्थी 01 फरवरी से 15 फरवरी तक जिले की आधिकारिक वेबसाइट www.gariaband.gov.in  पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने वाले अभ्यर्थी छत्तीसगढ़ के मूल निवासी होने चाहिए और उनके रोजगार कार्यालय में जीवित पंजीयन होना अनिवार्य है।

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Priyanshi Chaturvedi 4 February 2026

छत्तीसगढ़ में निजी अस्पतालों में इलाज करवा रहे मरीजों को एक बड़ी राहत मिली है। अब कोई भी मरीज अस्पताल की फार्मेसी से ही दवा खरीदने के लिए बाध्य नहीं होगा। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने प्रदेश के सभी निजी अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि वे सूचना बोर्ड लगाएं जिन पर स्पष्ट लिखा होगा कि मरीज किसी भी अधिकृत मेडिकल स्टोर से दवा खरीद सकते हैं। इससे मरीजों को दवा खरीदने के विकल्प खुद चुनने की स्वतंत्रता मिलेगी।     यह कदम रायपुर निवासी वासुदेव जोतवानी की शिकायत के बाद उठाया गया। उन्होंने बताया कि कई निजी अस्पताल मरीजों और उनके परिजनों पर दवा सिर्फ अपने अस्पताल की फार्मेसी से खरीदने के लिए दबाव बनाते थे। बाहर से दवा लाने पर इलाज की जिम्मेदारी न लेने जैसी बातें कही जाती थीं, जिससे खासकर गरीब मरीज मानसिक और आर्थिक दबाव में आ जाते थे। कई मामलों में अस्पतालों की फार्मेसियों में दवाओं की कीमतें बाजार के मुकाबले 100–150 प्रतिशत तक अधिक पाई गई थीं, जिससे मरीजों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ता था।   खाद्य एवं औषधि प्रशासन नियंत्रक कार्यालय ने सभी औषधि निरीक्षकों और सहायक औषधि नियंत्रकों को निर्देश दिया है कि वे हर निजी अस्पताल में सूचना बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाने को सुनिश्चित करें। इस बोर्ड पर स्पष्ट रूप से लिखा होगा कि मरीज अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी अधिकृत मेडिकल स्टोर से दवाएं ले सकते हैं। इस फैसले से न केवल मरीजों को वित्तीय राहत मिलेगी, बल्कि निजी अस्पतालों की मनमानी व्यवहार और अतिरिक्त लाभ के प्रयासों पर भी रोक लगेगी।

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Priyanshi Chaturvedi 4 February 2026

छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान ‘प्रोजेक्ट अंतरिक्ष संगवारी’ के उद्घाटन कार्यक्रम में भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन, अंतरिक्ष यात्री और अशोक चक्र से सम्मानित शुभांशु शुक्ला ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अपने मिशन के बाद यह उनकी पहली छत्तीसगढ़ यात्रा है और इस स्पेस सेंटर की शुरुआत का हिस्सा बनना उनके लिए गौरव का विषय है। उन्होंने बताया कि यह पहल बच्चों और युवाओं में विज्ञान और अंतरिक्ष के प्रति जिज्ञासा बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी, जो देश के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है।   केंद्रीय बजट 2026 को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए शुभांशु शुक्ला ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में सरकार और ISRO की ओर से मजबूत और निरंतर समर्थन देखने को मिल रहा है। उनके अनुसार, नेतृत्व की स्पष्ट सोच है कि भारत के अंतरिक्ष मिशन सफल हों और देश वैश्विक स्तर पर अग्रणी बने। उन्होंने कहा कि जब नीति स्तर पर इतना भरोसा और सहयोग मिलता है, तो वैज्ञानिकों और संस्थानों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वे इन अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम दें।   भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि पर बात करते हुए शुभांशु शुक्ला ने कहा कि स्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में दुनिया भारत को एक भरोसेमंद और उभरती हुई शक्ति के रूप में देख रही है। उन्होंने बताया कि मानव अंतरिक्ष मिशन सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण होते हैं, क्योंकि इनमें जीवन रक्षक प्रणालियों की सुरक्षा सर्वोपरि होती है। ऑक्सीजन सप्लाई, कार्बन डाइऑक्साइड नियंत्रण, तापमान और आर्द्रता जैसी व्यवस्थाएं अभी परीक्षण और विकास के चरण में हैं, जिन्हें शुरुआती मिशनों के जरिए परखा जा रहा है, ताकि भविष्य में भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित रूप से अंतरिक्ष में भेजा जा सके।

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Priyanshi Chaturvedi 3 February 2026

मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में सोमवार को आयोजित सांसद खेल महोत्सव के समापन समारोह में सियासत और क्रिकेट का दिलचस्प संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा शामिल हुए। इस मौके पर राजनीतिक मंच के अनुभवी खिलाड़ी शिवराज सिंह चौहान ने क्रिकेट की पिच पर भी अपना हुनर दिखाया। जडेजा की गेंद पर आगे बढ़ते हुए लगाए गए उनके शानदार शॉट ने पूरे पवेलियन को तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजा दिया।   खास बात यह रही कि शिवराज के इस शॉट की सराहना खुद गेंदबाजी कर रहे रविंद्र जडेजा ने भी की और ताली बजाई। शिवराज सिंह चौहान ने इस पल का वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा किया, जिसमें वे बल्ला थामे नजर आते हैं और सामने से जडेजा गेंदबाजी करते दिखते हैं। बाउंड्री की ओर गया यह शॉट दर्शकों के लिए खास आकर्षण बन गया और स्टेडियम में मौजूद हजारों लोग उत्साह से झूम उठे।   मैच के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने रविंद्र जडेजा की जमकर तारीफ करते हुए कहा, “जडेजा यानी जज्बा, जडेजा यानी जुनून और जडेजा यानी जीत।” उन्होंने कहा कि जडेजा गेंदबाजी में विकेटों की झड़ी लगा दें या बल्लेबाजी में रनों का अंबार, हर फॉर्मेट में वे फिट बैठते हैं। गौरतलब है कि इसी आयोजन में सांची और सिलवानी विधानसभा के बीच फाइनल मुकाबला खेला गया, जिसके लिए कबड्डी खेल मैदान को अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का रूप दिया गया था। फाइनल की विजेता टीम को ट्रॉफी रविंद्र जडेजा ने प्रदान की, जिसे देखने हजारों दर्शक मैदान में उमड़े।

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Priyanshi Chaturvedi 3 February 2026

मध्यप्रदेश समेत देशभर के सर्राफा बाजार में सोना-चांदी के दाम अचानक नीचे आ गए हैं। बीते तीन महीनों की लगातार तेजी के बाद पिछले चार दिनों से भावों में तेज गिरावट देखने को मिल रही है। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों में सोना और चांदी अपने ऊपरी स्तर से फिसल चुके हैं। जहां चांदी एक समय 4.20 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी, वहीं अब यह करीब 2.40 लाख रुपये पर आ गई है। वहीं सोना भी 1.75 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से गिरकर करीब 1.45–1.50 लाख रुपये पर आ गया है।   इस गिरावट को लेकर बाजार में इसे ‘गोल्ड-सिल्वर प्राइस क्रैश’ कहा जा रहा है, लेकिन एक्सपर्ट इसे क्रैश मानने से इनकार कर रहे हैं। एमपी के सर्राफा विशेषज्ञ नवनीत कुमार का कहना है कि यह गिरावट दरअसल बाजार का ‘करेक्शन फेज’ है, जो लंबे समय की तेजी के बाद आना स्वाभाविक और जरूरी होता है। ग्लोबल मार्केट का दबाव, डॉलर की मजबूती, मुनाफावसूली, बजट के आसपास निवेशकों की सतर्कता और MCX में वायदा कारोबार में बिकवाली इसके प्रमुख कारण हैं। खासकर चांदी पर असर ज्यादा दिखा है क्योंकि इसका इस्तेमाल उद्योगों में भी होता है।   विशेषज्ञों के मुताबिक यह करेक्शन हेल्दी मार्केट का संकेत है, न कि खतरे की घंटी। चांदी में करीब 35 से 40 फीसदी और सोने में करीब 14 फीसदी तक की गिरावट को करेक्शन माना जा रहा है। बाजार जानकारों का अनुमान है कि यह दौर कुछ समय और चल सकता है और मार्च के बाद सोना-चांदी एक बार फिर नई तेजी दिखा सकते हैं। फिलहाल शॉर्ट टर्म निवेशकों को सतर्क रहने और जल्दबाजी से बचने की सलाह दी जा रही है।

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Priyanshi Chaturvedi 2 February 2026

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली के बंगा भवन के बाहर भारी पुलिस तैनाती पर कड़ा विरोध जताया। सोमवार को सुरक्षाकर्मियों से मुखातिब होते हुए उन्होंने साफ कहा कि वह राजधानी में किसी आंदोलन के लिए नहीं आई हैं, बल्कि चुनावी सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने आई हैं। ममता ने कहा कि बंगाल से आए लोगों के साथ संवेदनशीलता से पेश किया जाना चाहिए और उन्हें डराया-धमकाया नहीं जाए।   ममता बनर्जी रविवार को दिल्ली पहुंचीं और बंगा भवन में ठहरे उन परिवारों से मिलीं, जो एसआईआर प्रक्रिया से प्रभावित हुए हैं। भवन के बाहर भारी पुलिस बल देखकर वह नाराज हो गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां-जहां प्रभावित परिवार ठहरे हैं, वहां दिल्ली पुलिस तैनात कर दी गई है। मीडिया से बातचीत में ममता ने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है और चुनाव आयोग के साथ बैठक तय है, ऐसे में लोगों को परेशान करने का कोई औचित्य नहीं है।   केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने तानाशाही का आरोप लगाया और कहा कि आम लोगों पर अत्याचार हो रहा है। उन्होंने दिल्ली की तुलना जमींदारी व्यवस्था से की और कहा कि यहां गरीबों के लिए कोई जगह नहीं है। ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात करेंगी और पहले ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर चुकी हैं।

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Priyanshi Chaturvedi 2 February 2026

 केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट में मध्यप्रदेश के लिए कई अहम संकेत मिले हैं। मोदी सरकार की कैबिनेट में शामिल प्रदेश के छह मंत्रियों में कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय संभाल रहे शिवराज सिंह चौहान के विभाग को सबसे अधिक बजट मिला है। बजट में के-2 और के-3 श्रेणी के शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 12 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे मध्यप्रदेश के करीब 10 शहरों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।   कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय को मिला रिकॉर्ड बजट केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अधीन कृषि एवं किसान कल्याण के लिए 1,30,561.38 करोड़ रुपये और कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के लिए 9,967.40 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस तरह केवल कृषि से जुड़े विभागों को कुल 1,40,528.78 करोड़ रुपये मिले हैं। वहीं ग्रामीण विकास मंत्रालय का कुल बजट 1,97,023.14 करोड़ रुपये है, जिसमें ग्रामीण विकास विभाग को 1,94,368.81 करोड़ और भूमि संसाधन विभाग को 2,654.33 करोड़ रुपये शामिल हैं।   अन्य मंत्रियों के विभागों को भी मिला मजबूत समर्थन केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के डाक और दूरसंचार विभाग को कुल 1,02,267.02 करोड़ रुपये मिले हैं, जबकि पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय को 6,812.30 करोड़ रुपये दिए गए हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार खटीक के विभागों को 15,357.31 करोड़, जनजातीय कार्य मंत्री डीडी उइके को 15,421.97 करोड़ और महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर के विभाग को 28,183.06 करोड़ रुपये का बजट मिला है। वहीं राज्यसभा सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री एल मुरुगन के सूचना एवं प्रसारण विभाग को 4,551.94 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

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Priyanshi Chaturvedi 2 February 2026

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026 के बजट में छात्राओं की उच्च शिक्षा को सुगम बनाने के लिए हर जिले में लड़कियों के लिए हॉस्टल बनाने की महत्वपूर्ण घोषणा की है। छत्तीसगढ़ के लिए यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य के कई जिलों में मेडिकल, इंजीनियरिंग और साइंस कॉलेज हैं, लेकिन सुरक्षित और आरामदायक छात्रावास की भारी कमी है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, अंबिकापुर और जगदलपुर जैसे शिक्षा केंद्रों में दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आने वाली छात्राओं को हॉस्टल न मिलने के कारण पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ती थी।   वित्त मंत्री ने कहा कि STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) संस्थानों में लंबे क्लास घंटे और प्रयोगशालाओं का काम लड़कियों के लिए अक्सर चुनौतीपूर्ण होता है। प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल की स्थापना से छात्राओं को एस्ट्रोफिजिक्स, एस्ट्रोनॉमी, मेडिसिन और इंजीनियरिंग जैसे कठिन क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे। आदिवासी बहुल जिलों जैसे बस्तर, कांकेर, कोरिया, सुकमा और नारायणपुर में यह योजना शिक्षा की पहुंच बढ़ाने में विशेष रूप से परिवर्तनकारी साबित होगी।   शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से छत्तीसगढ़ में पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले छात्राओं की दर कम होगी और बेटियों की उच्च शिक्षा में भागीदारी बढ़ेगी। भविष्य में महिला वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं की संख्या में इजाफा होगा। यह योजना छात्राओं को सशक्त बनाने और राज्य के शैक्षणिक परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखती है, जिससे शिक्षा के अवसर और समान रूप से सभी तक पहुँच सकेंगे।

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Priyanshi Chaturvedi 1 February 2026

उत्तर प्रदेश में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब किराए के मकान में रहने वाले बच्चों को आरटीई के तहत प्रवेश नहीं मिलेगा। इसके लिए बच्चों के अभिभावकों का घर रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीकृत होना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, बच्चों के यूनिफॉर्म के पैसे सीधे अभिभावकों के बैंक खाते में निदेशालय स्तर से भेजे जाएंगे, जिसमें आधार कार्ड के जरिए बैंक सत्यापन जरूरी होगा।     राजधानी में संचालित 1576 निजी स्कूलों में करीब 21,000 सीटों पर प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन 2 फरवरी से शुरू होंगे। बेसिक शिक्षा विभाग ने बताया कि आरटीई के तहत प्रवेश लेने वाले सभी बच्चों के दस्तावेज विभाग की वेबसाइट पर अपलोड होंगे और स्कूल प्रबंधक व प्रधानाचार्य यूजर आईडी के माध्यम से इन्हें जांच सकेंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार के अनुसार, पिछले साल 1,398 निजी स्कूलों में 18,000 सीटों के लिए आवेदन हुए थे, जबकि इस बार स्कूलों और सीटों की संख्या दोनों बढ़ गई हैं।   नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी और पहली कक्षा में प्रवेश के लिए आवेदन तीन चरणों में होंगे—पहला चरण 2 से 16 फरवरी, दूसरा 21 फरवरी से 7 मार्च और तीसरा 12 से 25 मार्च। लॉटरी के आधार पर पहली लॉटरी 18 फरवरी, दूसरी 9 मार्च और तीसरी 27 मार्च को जारी की जाएगी। प्रवेश के लिए आवश्यक दस्तावेजों में जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, ग्रामीण क्षेत्रों में जॉब कार्ड, चिकित्सा प्रमाणपत्र और आधार कार्ड शामिल होंगे। केवल इन दस्तावेजों के सत्यापन के बाद आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 1 February 2026

अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर सिक्स राउंड में आज भारत और पाकिस्तान की टीमें जिंबाब्वे के बुलावायो में आमने-सामने हैं। टॉस जीतकर पाकिस्तान के कप्तान फरहान यूसुफ ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया, जबकि भारत ने बैटिंग करने का विकल्प चुना। भारत की पारी की शुरुआत 14 वर्षीय ओपनर वैभव सूर्यवंशी और आरोन जॉर्ज ने की, जो टीम को मजबूत शुरुआत दिलाने और सेमीफाइनल की राह आसान बनाने के लिए मैदान पर हैं।   यह मुकाबला भारत के लिए खास महत्व रखता है क्योंकि टीम अंडर-19 एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान से मिली हार का बदला लेना चाहती है। सुपर सिक्स राउंड का यह अंतिम मैच है और इंग्लैंड पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुका है। भारत 6 अंकों और बेहतर नेट रन रेट के साथ बढ़त पर है, जबकि पाकिस्तान को भारत से आगे निकलने के लिए बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी।   भारत की टीम में कप्तान आयुष म्हात्रे के नेतृत्व में आरोन जॉर्ज, वैभव सूर्यवंशी, वेदांत त्रिवेदी, विहान मल्होत्रा और अभिज्ञान कुंडू जैसे प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं। पाकिस्तान की टीम में फरहान यूसुफ, हमजा जहूर, समीर मिन्हास और अहमद हुसैन मैदान में हैं। यह मुकाबला युवा क्रिकेटरों की क्षमता और रणनीति को परखने वाला अहम टकराव है, जिसमें जीत सीधे सेमीफाइनल में प्रवेश की कुंजी साबित होगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 1 February 2026

उत्तर प्रदेश के बांदा पहुंचे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदू राष्ट्र को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को गाली देने से देश हिंदू राष्ट्र नहीं बन सकता। इसके लिए हिंदुओं को पहले अपनी कुरीतियों को छोड़ना होगा। उन्होंने साफ कहा कि सनातन समाज की कमियों को दूर किए बिना हिंदू राष्ट्र की कल्पना अधूरी है और इसका एक ही रास्ता है—“जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई।”   अपने संबोधन के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने तीन तलाक का नाम लिए बिना उस पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि एक मजहब में इशारे भर से तलाक हो जाता है, जबकि सनातन परंपरा में तलाक की प्रक्रिया लंबी और कानूनी होती है, जो गलत नहीं बल्कि अच्छी बात है। उन्होंने कहा, “कायदे में रहेंगे तो फायदे में रहेंगे,” और संकेतों में दूसरे मजहब की सामाजिक स्थितियों पर टिप्पणी करते हुए संयम बरतने की बात भी कही।   इस दौरान उन्होंने आस्था को लेकर भी तीखा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कभी चादर चढ़ाना, कभी मोमबत्ती जलाना और फिर हनुमान जी की कृपा न मिलने की शिकायत करना गलत है। उन्होंने ऐसे लोगों को ‘ठठरी के’ कहते हुए कहा कि सच्ची श्रद्धा में भरोसा होना चाहिए। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बांदा में सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी के आमंत्रण पर पहुंचे थे, जहां उन्होंने कैलाशेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की और सुंदरकांड का पाठ भी किया।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 31 January 2026

अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यात पर 50% तक लगाए गए टैरिफ ने भारत की अर्थव्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। दिसंबर 2025 में अमेरिका को भारत के निर्यात में गिरावट इसके संकेत दे चुकी है। चूंकि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है, ऐसे में यह झटका देश के 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य को प्रभावित कर सकता है। इसी पृष्ठभूमि में 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाला केंद्रीय बजट बेहद अहम माना जा रहा है, जिसे ट्रंप-प्रूफिंग रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।   सूत्रों और विशेषज्ञों के मुताबिक बजट में निर्यात-आधारित विनिर्माण को मजबूत करने और एमएसएमई सेक्टर को सुरक्षा देने पर खास फोकस रहेगा। सरकार 25,060 करोड़ रुपये के निर्यात प्रोत्साहन मिशन के जरिए सस्ते कर्ज और ब्याज सब्सिडी दे सकती है, वहीं छोटे निर्यातकों के लिए ऋण पर 85% तक सरकारी गारंटी की संभावना है। इसके अलावा ‘भारतट्रेडनेट’ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लॉजिस्टिक्स लागत घटाने और नौकरशाही बाधाएं कम करने की तैयारी है, ताकि भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजार में ज्यादा प्रतिस्पर्धी बन सकें।   लंबी अवधि के समाधान के तौर पर बजट में रक्षा और हाई-टेक सेक्टर को भी अहम भूमिका मिल सकती है। जीई एफ414 इंजन, प्रीडेटर ड्रोन सौदे, एमआरओ हब की स्थापना और 1 लाख करोड़ रुपये के आरएंडडी फंड जैसे प्रावधानों से अमेरिका के साथ रणनीतिक व्यापार संतुलन साधने की कोशिश होगी। साथ ही, दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीका जैसे नए बाजारों में निर्यात बढ़ाने, क्रिटिकल मिनरल्स मिशन और ईवी-एआई सेक्टर को मजबूती देने के ऐलान संभव हैं। कुल मिलाकर बजट 2026 से सरकार तात्कालिक राहत के साथ-साथ भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक व्यापार झटकों से सुरक्षित करने की दीर्घकालिक नींव रखने की तैयारी में है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 31 January 2026

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को नेशनल एक्सप्रेसवे नेटवर्क से सीधे जोड़ने की बड़ी तैयारी शुरू हो गई है। शहर के नजदीक से गुजरने वाले प्रस्तावित एक्सप्रेसवे से डायरेक्ट कनेक्टिविटी देने के लिए दो नई लिंक रोड बनाई जाएंगी। अभी भोपाल में तीन लिंक रोड मौजूद हैं, लेकिन वे सिर्फ शहर के अंदरूनी इलाकों तक ही सीमित हैं, जबकि नई सड़कों से राजधानी सीधे हाई-स्पीड कॉरिडोर से जुड़ेगी और लोगों को तेज, सुगम सफर मिलेगा।   इन दो अतिरिक्त लिंक रोड के बनने से भोपाल का सीधा जुड़ाव कोटा-भोपाल-सागर एक्सप्रेसवे और सागर-रायसेन से गुजरने वाले नर्मदा प्रगति पथ से होगा। दोनों लिंक रोड करीब 20-20 किलोमीटर लंबी होंगी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया एक्सप्रेसवे पर काम करेगी, जबकि लिंक रोड का निर्माण एमपीआरडीसी द्वारा किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक अगले पांच महीनों में परियोजना की रूपरेखा तय होगी और एक साल के भीतर काम शुरू कर दिया जाएगा, जबकि पूरा नेटवर्क 2026 तक तैयार होने की उम्मीद है।   इस नई कनेक्टिविटी से भोपाल की पहुंच दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, विंध्य एक्सप्रेसवे और भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर जैसे बड़े मार्गों तक आसान हो जाएगी। इससे न सिर्फ यात्रा समय घटेगा, बल्कि उद्योगों, आयात-निर्यात और निवेश को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नेटवर्क भोपाल और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए गेम चेंजर साबित होगा

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 31 January 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 31 जनवरी को रीवा जिले के गुढ़ विधानसभा क्षेत्र में भैरवनाथ मंदिर का लोकार्पण करेंगे। कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करेंगे और ध्वज चढ़ाने के बाद मंदिर परिसर के समीप आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण, शिलान्यास और हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण भी किया जाएगा।   कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए गुढ़ विधायक नागेन्द्र सिंह और कलेक्टर प्रतिभा पाल ने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने मुख्य कार्यक्रम स्थल, पार्किंग क्षेत्र और हेलीपैड का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेलीपैड पर चारों ओर से बेरिकेडिंग की जाए और मंदिर लोकार्पण के दौरान सीमित संख्या में ही लोगों को प्रवेश दिया जाए।   कलेक्टर ने समारोह में शामिल होने वाले आमजन की सुविधा और सुरक्षा को लेकर विशेष निर्देश दिए। उन्होंने बैठने की व्यवस्था, पेयजल, पार्किंग, साउंड सिस्टम, प्रकाश और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखने के साथ वाहनों की आवाजाही सुगम बनाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर सपना त्रिपाठी, जिला पंचायत सीईओ मेहताब सिंह गुर्जर, एएसपी आरती सिंह, एसडीएम गुढ़ सुधाकर सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 30 January 2026

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मंदसौर जिले में भगवान पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में 25 करोड़ रुपये की लागत से बने पशुपतिनाथ लोक का लोकार्पण किया। लोकार्पण से पहले उन्होंने भगवान पशुपतिनाथ की पूजा-अर्चना कर यज्ञ और आरती में भाग लिया और “जय श्री पशुपतिनाथ” का जयघोष किया। इससे पहले मल्हारगढ़ में आयोजित अन्नदाता सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने भावांतर भुगतान योजना के तहत प्रदेश के 1 लाख 17 हजार किसानों के खातों में 200 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक से ट्रांसफर की। इस दौरान 65 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया गया।   सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा गरीबों की बात की, लेकिन उनके लिए कुछ नहीं किया, इसी वजह से जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया। सीएम ने कहा कि 2028 का चुनाव आ रहा है और कांग्रेस को फिर से घर बैठाना है। उन्होंने किसानों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले किसानों को सम्मान निधि तक नहीं मिलती थी, यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संभव हुआ। साथ ही सोयाबीन के बाद सरसों और मूंगफली को भी भावांतर योजना में शामिल करने की बात कही।   मुख्यमंत्री ने मंदसौर जिले की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह जिला भगवान पशुपतिनाथ के आशीर्वाद से समृद्ध है और यहां कृषि, दुग्ध उत्पादन व औषधीय फसलों में बंपर उत्पादन हो रहा है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश देश के सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्यों में तीसरे स्थान पर है। मंदसौर की वीरता का उल्लेख करते हुए सीएम ने महाराजा यशोधर्मन और हाल की घटना में जान जोखिम में डालने वाले मनोहर सिंह का जिक्र किया और बताया कि उनके बेटे को पुलिस विभाग में नौकरी दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और जिले के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार काम कर रही है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 30 January 2026

UGC के नए इक्विटी नियमों को लेकर देशभर में जारी विरोध के बीच संसदीय समिति के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा विवाद के लिए संसदीय समिति नहीं, बल्कि यूजीसी जिम्मेदार है, क्योंकि उसने समिति की अहम सिफारिशों को नजरअंदाज कर दिया। दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि झूठे मामलों में सजा हटाने या सामान्य वर्ग को सूची से बाहर रखने जैसे फैसले यूजीसी के थे, न कि संसदीय समिति के।   दिग्विजय सिंह ने कहा कि यदि यूजीसी भेदभाव की स्पष्ट परिभाषा और उसके उदाहरण तय कर देती, तो इससे वंचित वर्गों को बेहतर सुरक्षा मिलती और फर्जी मामलों की संभावना भी कम होती। संसदीय समिति ने यही सुझाव दिया था, लेकिन उसे नहीं माना गया। उन्होंने बताया कि फरवरी 2025 में रोहित वेमुला और पायल तड़वी की माताओं की पहल और सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद केंद्र सरकार व यूजीसी ने उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव रोकने के लिए ड्राफ्ट इक्विटी रेगुलेशंस जारी किए थे।   दिग्विजय सिंह के मुताबिक, यूजीसी ने समिति की कुल पांच सिफारिशों में से केवल तीन को ही स्वीकार किया। एससी, एसटी और ओबीसी का इक्विटी कमेटी में 50 प्रतिशत से अधिक प्रतिनिधित्व और भेदभाव की विस्तृत परिभाषा तय करने जैसे अहम सुझावों को नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का समाधान अब यूजीसी और शिक्षा मंत्रालय को ही निकालना होगा, ताकि नियम प्रभावी, निष्पक्ष और दुरुपयोग से मुक्त हो सकें।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 30 January 2026

UGC के नए इक्विटी नियमों को लेकर देशभर में जारी विरोध के बीच संसदीय समिति के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा विवाद के लिए संसदीय समिति नहीं, बल्कि यूजीसी जिम्मेदार है, क्योंकि उसने समिति की अहम सिफारिशों को नजरअंदाज कर दिया। दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि झूठे मामलों में सजा हटाने या सामान्य वर्ग को सूची से बाहर रखने जैसे फैसले यूजीसी के थे, न कि संसदीय समिति के।   दिग्विजय सिंह ने कहा कि यदि यूजीसी भेदभाव की स्पष्ट परिभाषा और उसके उदाहरण तय कर देती, तो इससे वंचित वर्गों को बेहतर सुरक्षा मिलती और फर्जी मामलों की संभावना भी कम होती। संसदीय समिति ने यही सुझाव दिया था, लेकिन उसे नहीं माना गया। उन्होंने बताया कि फरवरी 2025 में रोहित वेमुला और पायल तड़वी की माताओं की पहल और सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद केंद्र सरकार व यूजीसी ने उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव रोकने के लिए ड्राफ्ट इक्विटी रेगुलेशंस जारी किए थे।   दिग्विजय सिंह के मुताबिक, यूजीसी ने समिति की कुल पांच सिफारिशों में से केवल तीन को ही स्वीकार किया। एससी, एसटी और ओबीसी का इक्विटी कमेटी में 50 प्रतिशत से अधिक प्रतिनिधित्व और भेदभाव की विस्तृत परिभाषा तय करने जैसे अहम सुझावों को नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का समाधान अब यूजीसी और शिक्षा मंत्रालय को ही निकालना होगा, ताकि नियम प्रभावी, निष्पक्ष और दुरुपयोग से मुक्त हो सकें।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 30 January 2026

यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इन नियमों के दुरुपयोग की आशंका जताते हुए चिंता व्यक्त की और कहा कि किसी भी व्यवस्था में देश के सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा होना जरूरी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी और तब तक पुराने यानी 2012 के नियम ही लागू रहेंगे। साथ ही केंद्र सरकार और UGC से इस मामले में जवाब मांगा गया है।   सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह देखना जरूरी है कि नया नियम समानता के सिद्धांतों के अनुरूप है या नहीं। कोर्ट ने संकेत दिए कि इस विषय पर एक विशेष समिति गठित की जा सकती है, जो नियमों की समीक्षा करेगी। अदालत का कहना है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में निष्पक्षता जरूरी है, लेकिन किसी भी नियम से असंतुलन या दुरुपयोग की स्थिति नहीं बननी चाहिए।   UGC के नए नियमों को लेकर देशभर में विरोध-प्रदर्शन जारी है। दिल्ली में UGC मुख्यालय के बाहर छात्रों ने धरना दिया, जबकि कई राज्यों में सामान्य वर्ग के लोगों ने नियमों के खिलाफ नाराजगी जताई है। यूपी के बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट रहे पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने असहमति जताते हुए इस्तीफा दे दिया। नए नियमों के तहत SC, ST और OBC छात्रों के लिए विशेष समितियां, हेल्पलाइन और निगरानी व्यवस्था का प्रावधान है, लेकिन विरोध करने वालों का कहना है कि इससे कैंपस में नई समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

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Priyanshi Chaturvedi 29 January 2026

मध्य प्रदेश की राजस्व रैंकिंग में इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक के आंकड़ों के अनुसार रीवा संभाग प्रदेश में राजस्व संग्रहण के मामले में शीर्ष पर पहुंच गया है। इसकी मुख्य वजह खनिज नगरी सिंगरौली रही, जहां से सबसे अधिक राजस्व जमा कराया गया। 1260 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले रीवा संभाग ने 437.25 करोड़ रुपये की वसूली कर ली है, जो लक्ष्य का करीब 58 प्रतिशत है और यह इंदौर व भोपाल जैसे बड़े संभागों से भी अधिक है।   सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक सिंगरौली जिले ने अकेले 145 करोड़ रुपये के लक्ष्य में से 97.12 करोड़ रुपये का राजस्व जमा किया, जो करीब 67 प्रतिशत है। इसी मजबूत प्रदर्शन के चलते पूरे रीवा संभाग की रैंकिंग प्रदेश में ऊपर पहुंची है। वहीं अनूपपुर जिले ने लक्ष्य के प्रतिशत के लिहाज से बेहतर प्रदर्शन किया है, जहां 10 करोड़ के लक्ष्य में 7.84 करोड़ रुपये की वसूली हुई, हालांकि लक्ष्य राशि कम होने से शहडोल संभाग आगे नहीं आ सका।   दूसरी ओर, प्रदेश के कई जिलों का प्रदर्शन कमजोर रहा है। मऊगंज, मैहर और पांढुर्ना में राजस्व संग्रहण शून्य रहा है, जबकि आगर मालवा, शिवपुरी, दमोह, इंदौर, रायसेन, सागर, मुरैना और जबलपुर जैसे जिलों में सिर्फ 12 से 20 प्रतिशत तक ही वसूली हो सकी है। रीवा जिले में 18 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 7.35 करोड़ (41 प्रतिशत), सतना में 35 प्रतिशत और सीधी में 42 प्रतिशत राजस्व संग्रहण हुआ है। कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों के कलेक्टर्स को वसूली बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

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Priyanshi Chaturvedi 29 January 2026

राजधानी भोपाल में आज शाम गणतंत्र दिवस समारोह का औपचारिक समापन ‘बीटिंग द रिट्रीट’ कार्यक्रम के साथ होगा। गुरुवार शाम 4.30 बजे जहांगीराबाद स्थित लाल परेड मैदान में आयोजित इस भव्य समारोह में राज्यपाल मंगूभाई पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। हर साल की तरह इस बार भी कार्यक्रम के दौरान शानदार आतिशबाजी देखने को मिलेगी, जिससे माहौल देशभक्ति से सराबोर हो जाएगा।   समारोह में पुलिस बैंड कॉन्सर्ट, पुलिस ब्रास बैंड, आर्मी बैंड डिस्प्ले और पाइप बैंड द्वारा संगीतमयी और मनोहारी प्रस्तुतियां दी जाएंगी। खास बात यह है कि दिल्ली के अलावा पूरे देश में सिर्फ भोपाल ही ऐसा शहर है, जहां ‘बीटिंग द रिट्रीट’ समारोह का आयोजन किया जाता है, जिसे देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।   बीटिंग द रिट्रीट एक प्राचीन सैन्य परंपरा है, जिसकी शुरुआत युद्ध के दौरान सूर्यास्त के समय सैनिकों के हथियार बंद कर लौटने से जुड़ी है। आधुनिक भारत में यह समारोह हर साल 29 जनवरी की शाम को आयोजित होता है और इसे गणतंत्र दिवस समारोह के औपचारिक समापन के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।

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Priyanshi Chaturvedi 29 January 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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डिजिटल शिक्षा को और आसान बनाने के लिए एनसीईआरटी (राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद) ने अपना आधिकारिक व्हाट्सअप चैनल शुरू किया है। इस चैनल के माध्यम से छात्र, शिक्षक और अभिभावक नोटिस, परीक्षा अपडेट, ई-बुक्स, डिजिटल स्टडी मटेरियल और नई शैक्षिक योजनाओं की जानकारी सीधे अपने मोबाइल पर प्राप्त कर सकेंगे। एनसीईआरटी का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य शैक्षिक जानकारियों को तेज़ और सरल तरीके से लोगों तक पहुँचाना है। व्हाट्सअप जैसी लोकप्रिय डिजिटल सुविधा के जरिये छात्र अब बिना किसी परेशानी के जरूरी अपडेट्स समय पर पा सकते हैं और अलग-अलग वेबसाइट्स पर खोजबीन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह चैनल शिक्षकों के लिए भी बेहद उपयोगी साबित होगा। यहां शिक्षक प्रशिक्षण प्रोग्राम, वर्कशॉप्स और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां भी साझा की जाएंगी। चैनल से जुड़ने के लिए व्हाट्सअप के ‘Updates’ सेक्शन में NCERT सर्च करें, ब्लू टिक वाला आधिकारिक चैनल पहचानें और ‘Follow’ बटन दबाएं। खास बात यह है कि इस चैनल पर यूजर्स की गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 28 January 2026

UGC 2026 के नए नियमों को लेकर देशभर में हो रहे विरोध और असंतोष के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पहली बार इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए नियम पूरी निष्पक्षता के साथ लागू होंगे और किसी भी वर्ग या समूह के साथ भेदभाव नहीं होने दिया जाएगा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब स्वर्ण समाज से जुड़े कई संगठन इन प्रावधानों का विरोध कर रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार कानून के किसी भी तरह के दुरुपयोग के प्रति सतर्क है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नियमों को लेकर यदि किसी को भ्रम या संदेह है, तो जल्द ही आवश्यक स्पष्टीकरण जारी किया जाएगा। मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार सभी हितधारकों की चिंताओं को गंभीरता से सुन रही है और संतुलित समाधान खोजने की दिशा में काम कर रही है। शिक्षा मंत्री ने दोहराया कि UGC के नए नियमों का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में समानता, निष्पक्षता और पारदर्शिता को मजबूत करना है। उन्होंने संस्थानों से अनुरोध किया कि वे इन नियमों को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ लागू करें। सरकार का मानना है कि संवाद और स्पष्टता के माध्यम से ही इस विवाद को हल किया जा सकता है और शिक्षा व्यवस्था में अविश्वास नहीं पनपने दिया जाएगा।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 28 January 2026

कॉमेडी क्वीन भारती सिंह और उनके पति हर्ष लिम्बाचिया ने अपने परिवार में नए सदस्य का स्वागत किया और अपने दूसरे बेटे का नामकरण समारोह सोशल मीडिया पर साझा किया। इंस्टाग्राम पर उन्होंने कई प्यारी तस्वीरें पोस्ट कीं, जिनमें बड़े बेटे लक्ष्य को छोटे भाई यशवीर को गोद में प्यार से देखता हुआ दिखाया गया है। नाम और अर्थ दोनों ने अपने दूसरे बेटे का नाम यशवीर रखा है, जिसका मतलब "प्रसिद्धि और गौरव" होता है। इससे पहले उनका बड़ा बेटा लक्ष्य है। भारती ने अपने फैंस के साथ इन खुशी भरे पलों को शेयर करते हुए उत्सव का संदेश भी दिया। सेलेब्स और फैंस ने दी शुभकामनाएं पोस्ट पर कई सेलेब्स ने अपने प्यार और बधाइयां दीं। बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी, टीवी एक्ट्रेस किश्वर राय मर्चेंट, ईशा सिंह और अदा खान ने खुशियों भरे इमोजी साझा किए, जबकि रुबीना दिलैक ने लिखा, "बहुत ही सुंदर!" फैंस ने भी दोनों बेटों के लिए ढेर सारा प्यार और आशीर्वाद भेजा। भारती और हर्ष की यह जोड़ी, जो कई हिट कॉमेडी शोज और 'H3 प्रोडक्शंस' के लिए जानी जाती है, इस समय अपनी खुशियों के लिए सोशल मीडिया पर खास चर्चा में हैं।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 28 January 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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क्रिकेट के इतिहास में सबसे बड़े रन बनाने वाले बल्लेबाजों की बात करें तो सबसे पहला नाम हमेशा सचिन तेंदुलकर का ही आता है। अपने शानदार करियर में सचिन ने कुल 664 मैचों में 34,357 रन बनाए। उनका यह रिकॉर्ड न केवल अद्वितीय है, बल्कि इसे तोड़ना आने वाले खिलाड़ियों के लिए बहुत कठिन प्रतीत होता है। सचिन की यह उपलब्धि उन्हें क्रिकेट की दुनिया में हमेशा अमर बना देती है। टीम इंडिया के वर्तमान स्टार बल्लेबाज विराट कोहली इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर हैं। कोहली ने अब तक 559 मैच खेलकर 28,215 रन बनाए हैं। इसका मतलब है कि वे अभी भी सचिन तेंदुलकर से लगभग 6,000 रन पीछे हैं। इसके बावजूद, कोहली ने श्रीलंका के महान बल्लेबाज कुमार संगकारा (28,016 रन) को पीछे छोड़ दिया है। इस प्रकार, इंटरनेशनल क्रिकेट में 28,000 से अधिक रन बनाने वाले केवल तीन ही खिलाड़ी हैं, जिनमें से दो भारतीय हैं।   अन्य प्रमुख बल्लेबाजों में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग और श्रीलंका के महान बल्लेबाज महेला जयवर्धने शामिल हैं। पोंटिंग ने 560 मैचों में 27,483 रन बनाए, जबकि जयवर्धने ने 652 मैच खेलकर 25,957 रन हासिल किए। यदि जयवर्धने ने रिटायरमेंट नहीं लिया होता, तो वे 26,000 रन के आंकड़े तक पहुँच सकते थे। ये सभी खिलाड़ी अपने समय के सुपरस्टार रहे हैं और क्रिकेट प्रेमियों के लिए हमेशा यादगार बने रहेंगे।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 28 January 2026

बांग्लादेश के टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर किए जाने के बाद पाकिस्तान ने आईसीसी के फैसले का विरोध किया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अध्यक्ष मोहसिन नक़वी ने आईसीसी पर ‘दोहरे मापदंड’ अपनाने का आरोप लगाया और संकेत दिया कि अगर जरूरत पड़ी तो पाकिस्तान भी टूर्नामेंट से हट सकता है। आईसीसी ने इस मामले में पीसीबी को कड़ी चेतावनी भी दी है।   नक़वी के अनुसार पाकिस्तान की भागीदारी पर अंतिम फैसला सरकार करेगी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भारत और पाकिस्तान के मामलों में आईसीसी ने बदलाव किया, तो बांग्लादेश के साथ ऐसा क्यों नहीं हुआ। उन्होंने साफ किया कि बोर्ड सीधे आईसीसी के अधीन नहीं है और सरकार के निर्देशों के अनुसार ही फैसला होगा।   अगर पाकिस्तान टूर्नामेंट से हटता है, तो उसकी जगह युगांडा को मौका मिल सकता है। युगांडा को ग्रुप ए में भारत, नामीबिया, नीदरलैंड्स और अमेरिका के साथ रखा जा सकता है। आईसीसी आम तौर पर टी20 रैंकिंग के आधार पर नई टीम का चयन करता है, जैसे बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया था। फिलहाल स्कॉटलैंड 14वें और युगांडा 21वें नंबर पर है।

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Priyanshi Chaturvedi 25 January 2026

गणतंत्र दिवस के मौके पर 26 जनवरी को लाल परेड मैदान में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान यातायात को व्यवस्थित करने के लिए पुलिस ने विशेष डायवर्जन योजना बनाई है। सुबह 6 बजे से लेकर समारोह के समाप्त होने तक यह व्यवस्था लागू रहेगी। वहीं, सुबह 7:30 बजे से पुलिस मुख्यालय तिराहा से कंट्रोल रूम तिराहा तक सामान्य वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। रोशनपुरा, भारत टॉकीज, टीटी नगर, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड की ओर जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं।   लाल परेड मैदान की ओर अनुमति प्राप्त भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। नगर यातायात पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे तय किए गए डायवर्जन मार्गों का पालन करें ताकि यातायात में कोई बाधा न आए। किसी आपात स्थिति या असुविधा की स्थिति में यातायात हेल्पलाइन नंबर 0755-2677340 या 0755-2443850 पर संपर्क किया जा सकता है।   इसी दौरान, लोकभवन (राजभवन) रविवार से लगातार तीन दिनों तक आम नागरिकों के लिए खुला रहेगा। जनता इस दौरान लोकभवन की ऐतिहासिकता, सजावट और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकती है। ‘राजभवन से लोकभवन’ विषय पर आधारित विशेष प्रदर्शनी भी दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी। राज्यपाल मंगुभाई पटेल के निर्देश पर यह आयोजन नागरिकों में लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान के प्रति सम्मान और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।    

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 25 January 2026

मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने फरवरी–मार्च में आयोजित होने वाली 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार नकल और पेपर लीक की किसी भी संभावना को खत्म करने के लिए बोर्ड ने कड़े और तकनीकी उपाय अपनाए हैं। परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रश्न-पत्रों की डबल पैकिंग के साथ सख्त निगरानी प्रणाली लागू की गई है।   परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए प्रश्न-पत्रों को सील्ड बॉक्स में रखकर लोहे की पेटियों में सुरक्षित किया जाएगा। इन पेटियों को परीक्षा वाले दिन सीधे परीक्षा केंद्रों के एग्जाम हॉल में ही खोला जाएगा। इसके अलावा, मोबाइल एप के जरिए पूरी परीक्षा प्रक्रिया पर नजर रखी जाएगी, जिससे हर प्रश्न-पत्र बंडल की लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी।   बोर्ड परीक्षा में तैनात सभी अधिकारी अपने मोबाइल फोन में मंडल का विशेष एप डाउनलोड करेंगे। इसी एप के माध्यम से प्रश्न-पत्र खोलने, वितरण, परीक्षा समाप्ति के बाद बंडल तैयार करने और मूल्यांकन केंद्र पर जमा करने तक की पूरी जानकारी दर्ज की जाएगी। एमपी बोर्ड की परीक्षाएं 10 फरवरी से शुरू होंगी, जिनमें वर्ष 2026 में करीब 16 लाख छात्र 10वीं और 12वीं की परीक्षा में शामिल होंगे।

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Priyanshi Chaturvedi 25 January 2026

राज्य सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 19 अधिकारियों को पदोन्नति देने का महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। 2001 बैच के आईपीएस डॉ. आनंद छाबड़ा को 25 वर्षों की सेवा पूरी होने पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के पद पर पदोन्नत किया गया है। वहीं, 2008 बैच के प्रशांत कुमार अग्रवाल और मिलना कुर्रे को पुलिस महानिरीक्षक के पद पर पदोन्नति मिली है।   पुलिस महानिरीक्षक वेतनमान में प्रोफार्मा पदोन्नति   21 जनवरी को डीपीसी की बैठक के बाद गृह विभाग ने पदोन्नति आदेश जारी किया। इसके तहत वर्ष 2008 बैच की आईपीएस नीथू कमल और दावुलुरी श्रवण को 1 जनवरी 2026 से पुलिस महानिरीक्षक वेतनमान में प्रोफार्मा पदोन्नति दी गई है। इसके अलावा 2012 बैच के आठ अधिकारियों को उप पुलिस महानिरीक्षक के पद पर पदोन्नति मिली है।   2013 बैच के अधिकारियों को चयन श्रेणी में पदोन्नति   2013 बैच के चार अधिकारियों—डॉ. अभिषेक पल्लव, मोहित गर्ग, भोजराम पटेल और यशपाल सिंह—को चयन श्रेणी में पदोन्नति दी गई है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत आईपीएस जितेंद्र शुक्ला और आशुतोष सिंह को भी प्रोफार्मा पदोन्नति मिली है। इस सूची में विवेक शुक्ला, रजनेश सिंह, शशि मोहन सिंह, राजेश कुकरेजा, श्वेता राजमणी, राजेश कुमार अग्रवाल, विजय अग्रवाल और रामकृष्ण साहू जैसे नाम शामिल हैं।

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Priyanshi Chaturvedi 24 January 2026

भारतीय रेलवे ने लंबे इंतजार के बाद RRB NTPC UG CBT 2 रिजल्ट 2025-26 जारी कर दिया है। अंडरग्रेजुएट लेवल के पदों के लिए आयोजित दूसरे चरण की कंप्यूटर आधारित परीक्षा में शामिल उम्मीदवार अब अपना परिणाम क्षेत्रीय रेलवे भर्ती बोर्ड की वेबसाइट पर देख सकते हैं। बोर्ड ने मेरिट लिस्ट, स्कोरकार्ड और कट-ऑफ अंक भी अपलोड कर दिए हैं। पूरी चयन प्रक्रिया CEN 06/2024 के तहत संचालित की जा रही है।   रिजल्ट ऐसे चेक करें   अपना रिजल्ट देखने के लिए उम्मीदवारों को अपने क्षेत्रीय RRB की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। होमपेज पर “RRB NTPC UG CBT 2 Result / CEN 06/2024” लिंक मिलेगा। इस लिंक पर क्लिक करने के बाद PDF फाइल खुलेगी, जिसमें उम्मीदवार Ctrl+F दबाकर अपना रोल नंबर खोज सकते हैं। CBT 2 में सफल उम्मीदवारों को पद के अनुसार अगले चरण में शामिल होना होगा। कुछ पदों के लिए कंप्यूटर आधारित एप्टीट्यूड टेस्ट (CBAT) और कुछ के लिए टाइपिंग स्किल टेस्ट (TST) आयोजित किया जाएगा।   अगले चरण और चयन प्रक्रिया   अगले चरण की परीक्षा से लगभग 10 दिन पहले परीक्षा शहर की जानकारी और 4 दिन पहले ई-कॉल लेटर उपलब्ध कराया जाएगा। सभी चयनित उम्मीदवारों को अंतिम रूप से डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा। इस बार रिजल्ट जोन के अनुसार अलग-अलग PDF फाइल में जारी किया गया है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक चेन्नई जोन से 1,295, अहमदाबाद से 550 और भुवनेश्वर से 392 उम्मीदवार अगले चरण के लिए सफल हुए हैं। कोलकाता, मुंबई, बेंगलुरु, पटना, रांची और प्रयागराज समेत सभी बड़े RRBs ने अपनी-अपनी मेरिट लिस्ट प्रकाशित कर दी है।

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Priyanshi Chaturvedi 24 January 2026

पंजाब पुलिस ने गणतंत्र दिवस से पहले होशियारपुर में पाकिस्तान-समर्थित बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़े चार आतंकियों को गिरफ्तार कर बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया। आरोपियों के कब्जे से करीब 2.5 किलो RDX से भरा IED और दो पिस्तौल बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह हमला अमेरिका और पाकिस्तान से संचालित मॉड्यूल द्वारा योजना बद्ध था।   आरोपियों की पहचान और मॉड्यूल की जानकारी   पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि गिरफ्तार आतंकियों की पहचान दिलजोत सिंह, हरमन सिंह उर्फ हरी, अजय उर्फ महिरा और अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श कंडोला के रूप में हुई है। ये सभी एसबीएस नगर जिले के राहों क्षेत्र के निवासी हैं। जांच में यह भी सामने आया कि IED का इस्तेमाल गणतंत्र दिवस समारोहों के दौरान हमला करने के लिए किया जाना था।   अमेरिका-पाकिस्तान से संचालित था साजिशी जाल   सूत्रों के अनुसार, BKI के हैंडलर अमेरिका से आतंकियों को निर्देश दे रहे थे और पाकिस्तान की ISI उन्हें विस्फोटक सामग्री मुहैया करा रही थी। पुलिस ने चारों आतंकियों से पूछताछ शुरू कर दी है और उनके अन्य साथियों की पहचान के लिए विस्तृत जांच जारी है। खुफिया सूचना के आधार पर संयुक्त कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।

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Priyanshi Chaturvedi 24 January 2026

मध्य प्रदेश के धार जिले में ऐतिहासिक भोजशाला में शुक्रवार को बसंत पंचमी उत्सव की तैयारियां पूरी कर दी गई। हिन्दू समाज ने यज्ञ हवन कुंड प्रज्वलित कर पूजा अर्चना शुरू की। महाराजा भोज वसतोत्सव समिति के संयोजक गोपाल शर्मा और अन्य पदाधिकारियों ने विशेष पूजा अर्चना की। गर्भगृह में मां वागदेवी का तेल चित्र स्थापित किया गया और ‘मां वाग्देवी’, ‘राजा भोज’ और ‘जय श्री राम’ के जयघोष से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा।   सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रशासन ने उच्च सतर्कता बरती है। ASI के निर्देशानुसार दोपहर 01 से 03 बजे के बीच मुस्लिम समाज परिसर में जुमे की नमाज अदा करेगा। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था, जिसमें दोनों समुदायों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन को पूजा और नमाज के लिए अलग-अलग स्थान तय करने का निर्देश दिया गया। ताकि दोनों आयोजनों में कोई टकराव न हो, इसीलिए मौके पर भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।   इसके साथ ही हिंदू समाज दोपहर में लालबाग परिसर से मां वाग्देवी की प्रतिमा के साथ भव्य शोभा यात्रा भी निकालेगा। प्रशासन ने पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पुलिस ने शहर के सभी मुख्य मार्गों और कार्यक्रम स्थलों पर जवान तैनात कर सुरक्षित और शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित किया है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 23 January 2026

भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। ट्रैफिक समिति की बैठक में सांसद आलोक शर्मा ने ब्लू लाइन के एलिवेटेड निर्माण पर सवाल उठाते हुए इसका काम तुरंत रोकने का आदेश दिया। सांसद ने भारत माता चौराहे से लिली टॉकीज और जहांगीराबाद तक मेट्रो को अंडरग्राउंड करने की सिफारिश की और कहा कि अब तक हुए सभी काम को नए सिरे से योजना के तहत देखा जाना चाहिए।   आलोक शर्मा ने बैठक में स्पष्ट किया कि यह क्षेत्र शहर का व्यस्त और संवेदनशील हिस्सा है, जहां एलिवेटेड मेट्रो निर्माण से यातायात, व्यापार और आम जनता की आवाजाही प्रभावित होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की सुविधा और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अंडरग्राउंड मेट्रो पर गंभीरता से विचार किया जाए। बैठक में नगर निगम कमिश्नर, पुलिस कमिश्नर, एडीएम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।   सांसद की आपत्ति के साथ ही बैठक में शहर के ब्लैक स्पॉट, लेफ्ट टर्न सुधार और बिजली पोल व डीपी शिफ्टिंग जैसी अन्य समस्याओं पर भी चर्चा हुई। अगले ट्रैफिक समिति की बैठक में पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, सड़क यातायात और रोड सेफ्टी विशेषज्ञों को शामिल कर निर्णायक प्रक्रिया को तेज करने और शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने का निर्णय लिया गया।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 23 January 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले भारत निर्वाचन आयोग ने अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) और अभिनेता कमल हासन की पार्टी मक्कल निधि मय्यम (MNM) को उनके चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए हैं। TVK को ‘सीटी’ जबकि MNM को ‘बैटरी टॉर्च’ चुनाव चिह्न दिया गया है। यह फैसला चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के तहत लिया गया है।   चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि ये दोनों पंजीकृत लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल हैं, जिन्हें आगामी विधानसभा चुनावों के लिए समान चुनाव चिह्न देने का अनुरोध स्वीकार किया गया है। आयोग के अनुसार, जिन विधानसभा क्षेत्रों में ये पार्टियां अपने उम्मीदवार नहीं उतारेंगी, वहां ये चिह्न अन्य उम्मीदवारों को ‘मुक्त चिह्न’ के रूप में भी आवंटित किए जा सकते हैं। साथ ही, यदि कोई पार्टी न्यूनतम योग्यता पूरी नहीं करती, तो भविष्य में उसका चुनाव चिह्न वापस लिया जा सकता है।   गौरतलब है कि विजय की TVK और कमल हासन की MNM दोनों ही पार्टियां इस विधानसभा चुनाव के जरिए राज्य की राजनीति में पहली बार किस्मत आजमा रही हैं। तमिलनाडु में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं और प्रमुख दल भी अपने वादों की घोषणा कर रहे हैं। इसी कड़ी में AIADMK महासचिव ई. पलानीस्वामी ने महिला कल्याण ‘कुलविलक्कु योजना’ समेत कई चुनावी वादों का ऐलान किया है, जिसके तहत राशन कार्डधारक परिवारों की महिला मुखिया को हर महीने 2,000 रुपये की सहायता देने की बात कही गई है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 22 January 2026

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मनरेगा की जगह लाई जा रही कथित G-RAM-G (जी-राम-जी) गारंटी योजना का विरोध करते हुए कहा कि उन्हें इस नए कानून के नाम की भी जानकारी नहीं है। दिल्ली के जवाहर भवन में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार मनरेगा को कमजोर कर खत्म करना चाहती है। राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा ने गरीबों को रोजगार का अधिकार दिया है और अगर विपक्ष एकजुट हुआ तो सरकार को इस फैसले से पीछे हटना पड़ेगा।   कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इसी मुद्दे पर सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा महात्मा गांधी के नाम और उनके विचारों को लोगों की स्मृति से मिटाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि वह बजट सत्र के दौरान संसद में मनरेगा और G-RAM-G योजना का मुद्दा जोर-शोर से उठाएगी। विपक्ष शासित राज्यों, जैसे कर्नाटक और तमिलनाडु, में मनरेगा के समर्थन में प्रस्ताव लाने की भी तैयारी है।   राहुल गांधी और खरगे की टिप्पणियों पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि इन बयानों से कांग्रेस की “हिंदू-विरोधी मानसिकता” उजागर होती है। इसी विवाद की कड़ी में कर्नाटक विधानसभा में भी हंगामा देखने को मिला, जब राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए भाषण को पढ़ने से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि उसमें G-RAM-G योजना की आलोचना की गई है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 22 January 2026

26 जनवरी को मनाए जाने वाले भारत के गणतंत्र दिवस को लेकर मध्य प्रदेश में तैयारियां जोरों पर हैं। इस अवसर पर प्रदेश के सभी जिलों में राजकीय समारोह आयोजित किए जाएंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सूची जारी कर स्पष्ट किया है कि राज्यस्तरीय और जिलास्तरीय कार्यक्रमों में कौन-कौन से जनप्रतिनिधि राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। जारी सूची के अनुसार, राजधानी भोपाल के लाल परेड मैदान में होने वाले मुख्य समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ध्वजारोहण करेंगे। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने गृह नगर उज्जैन में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर जिले में झंडावंदन कर मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे।   विभाग द्वारा सभी जिलों के कलेक्टरों को भेजी गई सूची में बताया गया है कि किन जिलों में मंत्री, उप मुख्यमंत्री, राज्यमंत्री और अन्य जनप्रतिनिधि झंडावंदन करेंगे। सूची के अनुसार प्रदेश के 23 जिलों में स्थानीय कलेक्टर ही ध्वज फहराएंगे, जबकि शेष जिलों में सरकार के जनप्रतिनिधि गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होकर राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 22 January 2026

भोजशाला में वसंत पंचमी और जुमे की नमाज को लेकर उपजे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। नौ साल बाद 23 जनवरी को वसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ने से स्थिति संवेदनशील हो गई थी। दोनों समुदायों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आने के बाद प्रशासन ने धार स्थित भोजशाला को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया था। मामले की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के 8 अप्रैल 2003 के आदेश को यथावत रखने का निर्देश दिया है। कोर्ट के आदेश के अनुसार, वसंत पंचमी के दिन हिंदू समाज पूजा कर सकेगा, वहीं जुमे की नमाज के लिए दोपहर 1 से 3 बजे का समय निर्धारित रहेगा। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों और क्षेत्र की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए यह संतुलित व्यवस्था कायम रखी है। गौरतलब है कि हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने दिनभर पूजा की अनुमति की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जबकि मुस्लिम समाज ने भी अपने अधिकारों को लेकर याचिका दायर की थी। इससे पहले भी 1998, 2003, 2006, 2013 और 2016 में वसंत पंचमी और जुमे के एक साथ पड़ने पर विवाद सामने आया था। सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले से एक बार फिर पुरानी व्यवस्था को लागू रखते हुए स्थिति स्पष्ट कर दी गई है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 22 January 2026

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी के खिलाफ एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने जमानती वारंट जारी किया है। इस वारंट की जमानती राशि 500 रुपये तय की गई है। कोर्ट में पेश न होने के कारण यह कार्रवाई की गई है, जिसके बाद पुलिस उनकी तलाश में जुट गई है।   यह मामला लोकसभा चुनाव 2024 से जुड़ा हुआ है। 4 मई 2024 को भिंड जिले के उमरी थाना पुलिस ने जीतू पटवारी के खिलाफ केस दर्ज किया था। आरोप है कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने बसपा प्रत्याशी देवाशीष जरारिया पर भाजपा से साठगांठ का आरोप लगाया था। इसी मामले में एमएलए कोर्ट ने उन्हें 16 जनवरी 2026 को पेश होने का नोटिस जारी किया था, लेकिन वे न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए।   कोर्ट में पेश न होने पर एमएलए कोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया है। फिलहाल पुलिस उन्हें तलाश रही है। इस मामले की अगली सुनवाई 20 फरवरी 2026 को निर्धारित की गई है। जमानती वारंट होने के चलते जीतू पटवारी 500 रुपये की जमानत राशि जमा कर रिहा हो सकते हैं, लेकिन सुनवाई के दौरान कोर्ट में उपस्थित होना अनिवार्य रहेगा।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 22 January 2026

मथुरा–वृंदावन में यमुना नदी में पांच फन वाले कालिया नाग के दिखाई देने का दावा इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक विशाल नाग को पानी से बाहर निकलते और फिर लहरों में समाते हुए दिखाया गया है। कुछ लोग इसे भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ इसे मथुरा और वृंदावन का अलग-अलग वीडियो बता रहे हैं। यहां तक कि सात फन वाले नाग का दावा करने वाले वीडियो भी सामने आए हैं।   इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल इन वीडियो को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। वीडियो में नाव पर बैठे कुछ लोग यमुना नदी में नाग को दिखाते हुए रिकॉर्डिंग करते नजर आते हैं। दावा किया जा रहा है कि यह कालिया नाग स्वयं लोगों ने अपनी आंखों से देखा और वीडियो बनाया है। हालांकि, वीडियो को ध्यान से देखने पर सांप की हरकतें और पानी की लहरें अस्वाभाविक प्रतीत होती हैं।   जांच में सामने आया है कि यह वीडियो AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जनरेट किया गया है। मेटा एआई के अनुसार वीडियो में पानी से सांप का निकलना और वापस जाना पूरी तरह बनावटी लगता है। पानी की गति और लहरों का व्यवहार भी वास्तविक नहीं है। ऐसे में यमुना नदी में पांच फन वाला कालिया नाग दिखाई देने का दावा फर्जी है और यह वीडियो लोगों को भ्रमित करने के लिए तैयार किया गया है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 21 January 2026

मध्यप्रदेश में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के बहुप्रतीक्षित मामले में अब निर्णय की घड़ी नजदीक आ गई है। इस अहम मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को अंतिम सुनवाई होगी। ओबीसी आरक्षण से जुड़ी सभी याचिकाओं को अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है, जिन्हें पहले हाईकोर्ट से ट्रांसफर कर शीर्ष अदालत में लाया गया था। मामले की सुनवाई जस्टिस नरसिम्हा और जस्टिस अलोका अराधे की खंडपीठ करेगी।   ओबीसी आरक्षण को लेकर प्रदेश में लंबे समय से राजनीतिक और कानूनी विवाद चला आ रहा है। वर्ष 2019 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने ओबीसी आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत कर दिया था और इसके लिए कानून भी बनाया गया, लेकिन मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने 50 प्रतिशत की सीमा का हवाला देते हुए इस पर रोक लगा दी थी। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर बीजेपी सरकार की मंशा पर भी सवाल खड़े किए हैं।   विवाद के चलते प्रदेश में सरकारी भर्तियां प्रभावित हुई हैं और फिलहाल 87:13 फॉर्मूले के तहत नियुक्तियां की जा रही हैं। राज्य सरकार ने इस केस से जुड़ी सभी याचिकाएं हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करवाई हैं। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य के किसी कानून की संवैधानिकता की पहली जांच का अधिकार अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट को होता है। अब सभी की नजरें बुधवार की अंतिम सुनवाई और आने वाले फैसले पर टिकी हैं।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 21 January 2026

स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम–2026 में शामिल होने के लिए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दावोस पहुंच गए हैं। कड़ाके की ठंड के बीच जैकेट और पेंट में नजर आए सीएम मोहन यादव का एयरपोर्ट पर एमपी की फर्स्ट सेक्रेटरी वीना तिर्की ने स्वागत किया। इससे पहले भी मध्यप्रदेश का प्रतिनिधिमंडल पिछले दो दिनों से दावोस में मौजूद रहकर वैश्विक मंच पर राज्य की निवेश संभावनाओं को मजबूती से रख रहा है।   फ़ोरम के दूसरे दिन मध्यप्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने ऊर्जा परिवर्तन, डिजिटल नवाचार, अधोसंरचना विकास और निवेश सहयोग जैसे अहम विषयों पर दुनिया की अग्रणी कंपनियों के साथ रणनीतिक संवाद किया। इन बैठकों में प्रदेश के समग्र विकास, स्वच्छ ऊर्जा और तकनीक-आधारित आर्थिक वृद्धि के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।   इसी क्रम में प्रतिनिधिमंडल ने गूगल के एशिया पैसिफिक क्षेत्र के वाइस प्रेसिडेंट संजय गुप्ता के साथ AI मिशन, क्लाउड डेटा सेंटर और कार्बन-फ्री डिजिटल इकोसिस्टम पर सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। वहीं ट्री एनर्जी सॉल्यूशंस (TES) के सीईओ मार्को अल्वेरा के साथ ग्रीन हाइड्रोजन और e-NG आधारित स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं को लेकर बातचीत हुई, जो मध्यप्रदेश की भविष्य-उन्मुख ऊर्जा नीति को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।

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Priyanshi Chaturvedi 21 January 2026

बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने मध्य प्रदेश के बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री को लेकर विवादित बयान दिया है। पप्पू यादव ने धीरेंद्र शास्त्री को “चोर-उचक्का” बताते हुए उन पर तीखा हमला बोला। इसके साथ ही उन्होंने वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय और उनकी शादी को लेकर भी विवादित टिप्पणियां की हैं। सांसद के इस बयान के बाद सोशल मीडिया और मीडिया में काफी चर्चा और आलोचना हो रही है।   पप्पू यादव ने पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में धीरेंद्र शास्त्री के ‘तिरंगा पर चांद’ वाले बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चोर-उचक्का को कथावाचक बनाना गलत है और इसे सनातन परंपरा से जोड़ना उचित नहीं। उन्होंने अपने बयान में प्रेमानंद महाराज का सम्मान करते हुए कहा कि ऐसे सच्चे संतों का आदर करना चाहिए। इसके अलावा पप्पू यादव ने कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय और शिप्रा शर्मा की राजस्थान में हुई शादी का भी तंज कसते हुए कहा कि भारत को ढोंगीवाद से मुक्त रहने देना चाहिए।   यह विवाद धीरेंद्र शास्त्री के हालिया यूपी के बांदा में आरएसएस के शताब्दी हिंदू सम्मेलन में दिए गए बयान से शुरू हुआ। उस दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि यदि तिरंगे में चांद आ गया तो किसी हिंदू जाति का अस्तित्व नहीं बचेगा और देश को जातिवाद नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद की आवश्यकता है। पप्पू यादव के बयान ने इस विवाद को और बढ़ा दिया है, जिससे बागेश्वर धाम और कथावाचकों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है।

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Priyanshi Chaturvedi 20 January 2026

नई दिल्ली में आयोजित ‘विश्व पुस्तक मेला 2026’ का समापन भव्य रूप से हुआ, लेकिन अंतिम दिन प्रगति मैदान के भारत मंडपम में कुछ स्टॉल्स पर किताबों की लूट की घटनाओं ने माहौल को बिगाड़ दिया। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़भाड़ वाले स्टॉल पर लोग किताबें पाने के लिए एक-दूसरे पर झपट रहे हैं और शेल्फ से किताबें खींच रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ प्रकाशकों ने मुफ्त किताबें बांटने की घोषणा की थी, जिससे अफरा-तफरी मच गई और लोग केवल किताबें बटोरने में लग गए।   इस घटना ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं भी पैदा की हैं। यूजर्स ने इसे नागरिक बोध की कमी और सार्वजनिक आचरण पर सवाल उठाने वाला बताया। एक यूजर ने लिखा, "पाठक चोरी नहीं करते और चोर कभी पढ़ते नहीं," जबकि एक अन्य ने कहा कि अधिकांश लोग किताबों के प्रति रुचि नहीं रखते, केवल उन्हें इकट्ठा करना चाहते हैं। कई लोगों ने आयोजन में भीड़ प्रबंधन की कमी और बेहतर व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया।   विश्व पुस्तक मेला 2026 का यह 53वां संस्करण 18 जनवरी को संपन्न हुआ। उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कतर और स्पेन के संस्कृति मंत्रियों के साथ किया था। मेले में 35 से अधिक देशों के 1,000 से ज्यादा प्रकाशकों ने हिस्सा लिया। साहित्य प्रेमियों के लिए यह उत्सव यादगार रहा, लेकिन आखिरी दिन की यह घटना आयोजन की छवि के लिए कड़वी याद छोड़ गई।

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Priyanshi Chaturvedi 20 January 2026

उत्तर प्रदेश के डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य ने विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परियोजना में देरी पाए जाने पर केवल ठेकेदार ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। डिप्टी CM ने विभागीय अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं और कहा कि शिथिलता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।   समीक्षा बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के व्यय की विस्तृत स्थिति भी पेश की गई। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के कुल 709.88 करोड़ रुपये के बजट में से 431.03 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 215.19 करोड़ रुपए तक का व्यय 7 जनवरी तक किया जा चुका है। डिप्टी CM ने व्यय की गति तेज करने और स्वीकृत धन का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।   उन्होंने कहा कि बचत धनराशि का इस्तेमाल जनहितकारी कार्यों में किया जाएगा। इसके अलावा मानक के अनुरूप कार्य न करने या अनावश्यक देरी करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने और परियोजनाओं को वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले पूरा करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। डिप्टी CM ने जोर देकर कहा कि विकास से जुड़े कार्य प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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Priyanshi Chaturvedi 20 January 2026

करूर भगदड़ मामले ने साउथ के मशहूर अभिनेता और टीवीके पार्टी प्रमुख जोसेफ विजय चंद्रशेखर के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने विजय को नई दिल्ली में पूछताछ के लिए समन भेजा है। यह समन इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले भी विजय से इस मामले में सवाल-जवाब किए जा चुके हैं, लेकिन जांच एजेंसी अब और गहराई से तथ्य जुटाना चाहती है। ताजा जानकारी के मुताबिक, विजय से पूछताछ 19 जनवरी को होगी। 12 जनवरी को हुई पूछताछ में विजय ने कहा था कि करूर भगदड़ के लिए न उनकी पार्टी जिम्मेदार थी और न ही वे खुद। उनका कहना था कि भीड़ बढ़ने का अंदेशा होने पर उन्होंने भाषण रोककर मंच से उतरकर सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश की। वहीं, पुलिस के बयान में कहा गया कि भगदड़ की वजह विजय और उनकी पार्टी के देरी से पहुंचने के कारण बढ़ी भीड़ थी। अब सीबीआई इन दोनों बयानों का मिलान कर वास्तविकता की जांच कर रही है। यह पूछताछ 27 सितंबर 2025 की उस घटना से जुड़ी है, जब करूर में विजय टीवीके पार्टी के प्रचार कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस हादसे में 41 लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए। विजय ने मृतकों के परिवारों को 20 लाख रुपये की सहायता राशि दी थी। मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज अजय रस्तोगी की समिति की निगरानी में चल रही है। सीबीआई ने हाल में जांच तेज कर दी है और विजय के साथ-साथ पार्टी के अन्य नेताओं से भी सवाल किए जा रहे हैं, ताकि घटना के सभी पहलुओं की स्पष्ट जानकारी मिल सके।

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Priyanshi Chaturvedi 18 January 2026

  जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) के ‘आइडियाज ऑफ जस्टिस’ सत्र में भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ ने न्याय व्यवस्था, जवाबदेही और सामाजिक बदलाव पर विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि जज भी समाज से आते हैं, जहाँ भ्रष्टाचार मौजूद है, लेकिन उनसे उच्चतम मानदंडों की अपेक्षा होती है। चंद्रचूड़ ने स्पष्ट किया कि करप्शन को जस्टिफाई नहीं किया जा सकता, लेकिन हर गलत फैसले को भ्रष्टाचार कहना भी आसान नहीं। उनके अनुसार, इसके लिए जवाबदेही तय करने वाला एफिशिएंट सिस्टम जरूरी है। पूर्व CJI ने ऐतिहासिक फैसलों का उदाहरण देते हुए बताया कि कुछ निर्णय फ्लोरिश के साथ आते हैं, जैसे समलैंगिकता को अपराधमुक्त करने वाला फैसला। उमर खालिद केस पर बोलते हुए उन्होंने बेल के सिद्धांत समझाया और कहा कि कानून इनोसेंस की पूर्वधारणा पर आधारित है। बेल न देने के केवल तीन अपवाद हैं: आरोपी दोबारा गंभीर अपराध कर सकता है, ट्रायल से भाग सकता है, या सबूतों में छेड़छाड़ कर सकता है। चंद्रचूड़ ने नेशनल सिक्योरिटी से जुड़े मामलों में बेल की प्रथा और प्री-ट्रायल डिटेंशन पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ट्रायल समय पर न होने पर आर्टिकल 21 के तहत स्पीडी ट्रायल का अधिकार प्रभावित होता है। जिला और हाईकोर्ट में बेल न देने की प्रवृत्ति से सुप्रीम कोर्ट पर केसों का बोझ बढ़ता है, जिससे सालाना लगभग 70 हजार मामले वहां पहुंचते हैं। उनका संदेश स्पष्ट था: संविधान सर्वोपरि है, और न्याय तंत्र को समाज और बदलते समय के अनुरूप प्रभावी और जवाबदेह होना चाहिए।

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Priyanshi Chaturvedi 18 January 2026

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनज़र सिंगूर में आयोजित जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीएम ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी पर जमकर निशाना साधा। पीएम ने कहा कि बंगाल की जनता टीएमसी को सत्ता से हटाने के लिए दृढ़ संकल्पित है और लोग 15 साल के “महान जंगलराज” को बदलना चाहते हैं। उन्होंने बिहार के उदाहरण का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा ने वहां जंगलराज को रोका और अब बंगाल में भी बदलाव का समय है। प्रधानमंत्री मोदी ने टीएमसी सरकार पर आरोप लगाया कि वह पश्चिम बंगाल और देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि टीएमसी घुसपैठियों को संरक्षण देती है और उनके लिए नकली दस्तावेज बनाने में मदद करती है। पीएम ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले 11 सालों में बार-बार बंगाल बॉर्डर पर फेंसिंग लगाने के लिए पत्र लिखा, लेकिन टीएमसी ने किसी पर ध्यान नहीं दिया। मोदी ने युवाओं को सतर्क रहने और घुसपैठ को रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में अपार संभावनाएं हैं – नदियाँ, तटरेखा और उपजाऊ भूमि – और भाजपा हर जिले की ताकत को और मजबूत करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार केंद्रीय योजनाओं को जनता तक पहुँचने से रोकती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मछुआरों के लिए डिजिटल पंजीकरण प्लेटफॉर्म को भी टीएमसी ने रोक दिया। पीएम ने आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार विकसित पूर्वी भारत के लिए लगातार काम कर रही है और भाजपा हर जिले में लोगों के हितों को बढ़ावा देगी।

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Priyanshi Chaturvedi 18 January 2026

बिहार के पश्चिमी चंपारण के चकिया में बन रहे विराट रामायण मंदिर में 17 जनवरी को विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित किया जाएगा। इस अवसर के लिए देश और विदेश से वैदिक विद्वान बुलाए गए हैं, जबकि कंबोडिया और कोलकाता से विशेष फूल और पूजा सामग्री मंगवाई गई हैं। मंदिर ट्रस्ट कमेटी कई दिनों से इस भव्य स्थापना की तैयारियों में जुटी हुई थी। 33 फुट ऊंचा शिवलिंग काले ग्रेनाइट के एक ही ब्लॉक से महाबलीपुरम में दस साल में बनाया गया। इसे ट्रक के माध्यम से पूर्वी चंपारण लाया गया। 210 मीट्रिक टन वाले इस विशाल शिवलिंग को स्थापित करने के लिए 750 टन क्षमता वाली दो क्रेन लाई गई हैं और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) स्थापना प्रक्रिया की तकनीकी देखरेख करेगी। शिवलिंग को भांग, धतूरा, बेल के पत्ते और 18 फुट लंबी माला से सजाया जाएगा। पूजा में अयोध्या, काशी, हरिद्वार, गुजरात, महाराष्ट्र और पटना के वैदिक विद्वान शामिल होंगे। शिवलिंग के अभिषेक के लिए कैलाश मानसरोवर, गंगोत्री, यमुनोत्री, हरिद्वार, प्रयागराज, गंगा सागर, सोनपुर और रामेश्वरम के साथ पांच प्रमुख नदियों का जल लाया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और अन्य गणमान्य लोग समारोह में उपस्थित रहेंगे। पूरा आयोजन माघ कृष्ण चतुर्दशी की शुभ तिथि पर होगा, जो शिवलिंग स्थापना और पूजा के लिए पौराणिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।

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Priyanshi Chaturvedi 16 January 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरुवल्लुवर दिवस के अवसर पर महान तमिल दार्शनिक और कवि संत तिरुवल्लुवर को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने तिरुवल्लुवर को तमिल संस्कृति का उत्कृष्ट प्रतीक बताया और देशवासियों से उनके कालजयी ग्रंथ 'तिरुक्कुरल' को पढ़ने का आग्रह किया। पीएम मोदी ने कहा कि तिरुवल्लुवर सामंजस्यपूर्ण और करुणामय समाज में विश्वास रखते थे और उनके आदर्श आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किए गए संदेश में लिखा कि तिरुवल्लुवर का काम और उनके आदर्श अनगिनत लोगों को प्रेरित करते हैं। उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि वे 'तिरुक्कुरल' पढ़ें, जो संत की अद्वितीय बुद्धि और नैतिक शिक्षाओं की झलक प्रस्तुत करता है। पीएम मोदी ने कहा कि तिरुवल्लुवर का मानना था कि समाज में सद्भाव और दया होना चाहिए। पीएम मोदी ने अपने संदेश से जुड़ा एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि तिरुवल्लुवर ने लिखा था कि विपरीत परिस्थितियों में कमजोर नहीं पड़ना चाहिए और कठिनाई का सामना करके लक्ष्य हासिल करना चाहिए। वीडियो में उन्होंने कहा कि तिरुवल्लुवर ने सैकड़ों वर्ष पहले शौर्य, सम्मान, मर्यादापूर्ण व्यवहार और विश्वसनीयता को किसी देश की सेना के चार मुख्य गुणों के रूप में बताया।

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Priyanshi Chaturvedi 16 January 2026

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने रियल एस्टेट डेवलपर्स के खिलाफ दिवालियापन कार्यवाही में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) या किसी सोसायटी को दखल देने से साफ मना कर दिया है। अदालत ने कहा कि सेक्शन 7 के तहत यह प्रक्रिया केवल लेनदार और कर्जदार के बीच होती है, और थर्ड पार्टी को इसमें सुनवाई का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सोसायटी तब तक वित्तीय लेनदार नहीं मानी जा सकती जब तक उसने खुद कोई कर्ज नहीं दिया हो या खरीदारों का अधिकृत प्रतिनिधित्व न हो। सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर आरडब्ल्यूए को प्रक्रिया के आरंभिक चरण में दखल देने की इजाजत दी गई, तो इससे कानून का दायरा बढ़ सकता है और डेवलपर्स अपनी समस्याओं को टालने के लिए सामूहिक हितों का बहाना बना सकते हैं। अदालत ने कहा कि सेक्शन 7 के तहत कार्यवाही व्यक्तिगत होती है और घर खरीदारों का सामूहिक प्रतिनिधित्व केवल दिवालियापन प्रक्रिया शुरू होने के बाद अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से संभव है। फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि घर खरीदारों के हित IBC के तहत पूरी तरह सुरक्षित हैं। भविष्य में रियल एस्टेट दिवालियापन मामलों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कोर्ट ने दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिनमें सभी अलॉटीज का विवरण देना, कब्जा न दिए जाने के कारण CoC द्वारा लिखित करना और परिसमापन सिफारिशों के लिए ठोस औचित्य प्रस्तुत करना शामिल है। यह निर्णय अहमदाबाद की ‘तक्षशिला एलेगना’ परियोजना से जुड़े 70 करोड़ रुपये के ऋण मामले में आया।

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Priyanshi Chaturvedi 16 January 2026

भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए एक ऐतिहासिक पहल की है। अब प्रदेश में इस गंभीर अनुवांशिक बीमारी का स्थाई इलाज, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, 15 से 30 लाख रुपए के खर्च के बावजूद पूरी तरह मुफ्त होगा। इसके लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) और नई दिल्ली की मेदांता फाउंडेशन के बीच एमओयू किया गया है। इस योजना के पहले चरण में इंदौर, उज्जैन और देवास जिलों के मरीजों को कवर किया जाएगा। योजना के तहत लाभ लेने वाले मरीज की आयु 12 साल या उससे कम और परिवार की आय 8 लाख रुपए से कम होनी चाहिए। साथ ही, ट्रांसप्लांट के लिए भाई या बहन का 100% HLA मैच होना अनिवार्य है। सरकार न केवल ट्रांसप्लांट का खर्च उठाएगी, बल्कि मरीज और उसके परिजनों के दिल्ली आने-जाने, रहने और खाने-पीने की व्यवस्था भी मुफ्त करेगी। इससे आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित बच्चों को राहत मिलेगी। एनएचएम मध्य प्रदेश की मिशन संचालक डॉ. सलोनी सिडाना ने बताया कि सरकार वर्तमान में जिलेवार डेटा जुटा रही है ताकि मरीजों की सटीक स्थिति का पता लगाया जा सके। थकान, पीलापन और पेट में सूजन जैसी लक्षणों वाली यह बीमारी लिवर और हृदय को नुकसान पहुंचा सकती है। इस पहल से हजारों बच्चों को सामान्य जीवन जीने की नई उम्मीद मिली है।

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Priyanshi Chaturvedi 16 January 2026

भोपाल में आयोजित ‘मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस–2026’ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रिमोट के माध्यम से ‘मध्यप्रदेश स्पेसटेक पॉलिसी-2026’ लॉन्च की। इस अवसर पर एआई, नवाचार और तकनीकी विकास को बढ़ावा देने वाले कई महत्वपूर्ण एमओयू का आदान-प्रदान भी हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में एआई और स्पेसटेक का उपयोग जनकल्याण, सुशासन और समावेशी विकास को नई दिशा देगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘फ्यूचर स्किल्स फॉर एआई–पावर्ड भारत’ पहल के तहत कौशल रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ युवाओं में एआई के प्रति जागरूकता फैलाने और उन्हें आधुनिक कौशल से लैस करने का काम करेगा। केंद्रीय सहयोग से राज्य के आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेजों में आधुनिक डेटा लैब्स की स्थापना की जा रही है, जिससे लाखों युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण मिलेगा। कार्यक्रम में इंडिया एआई मिशन और ‘युवा एआई फॉर ऑल’ की लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप एआई आधारित विकास की दिशा को उजागर करता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश एआई नीति और मिशन को भी जल्द लॉन्च करेगा, जिससे प्रदेश में नवाचार, तकनीकी क्षमता और समावेशी विकास को मजबूती मिलेगी।

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Priyanshi Chaturvedi 16 January 2026

मध्यप्रदेश विधानसभा बजट सत्र-2026 की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। यह मोहन सरकार का तीसरा बजट सत्र होगा, जो 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। इस दौरान कुल 12 बैठकें होंगी और पांच दिन का अवकाश रहेगा। सत्र के पहले दिन राज्यपाल मंगू भाई पटेल विधानसभा में अभिभाषण देंगे और सरकार की उपलब्धियों की जानकारी साझा करेंगे। इसके बाद अभिभाषण पर कृतज्ञता प्रस्ताव के माध्यम से चर्चा होगी।   डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा इस साल का तीसरा मुख्य बजट पेश करेंगे। पिछले बजट (2025-26) में लगभग 4.21 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जबकि इस बार किसानों और मध्यमवर्गीय परिवारों को महंगाई में राहत मिलने की उम्मीद है। बजट सत्र के दौरान 21, 22, 28 फरवरी और 1, 3 मार्च को अवकाश रहेगा। स्थगन प्रस्ताव और अन्य विधायी सूचनाएं 10 फरवरी तक विधानसभा सचिवालय में ली जाएंगी।

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Priyanshi Chaturvedi 15 January 2026

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन पर संकट गहरा गया है। चुनाव आयोग द्वारा चल रही SIR (Special Summary Revision) प्रक्रिया बेहद धीमी गति से चल रही है, जिससे तय समय पर अंतिम मतदाता सूची जारी करना चुनौतीपूर्ण बन गया है। लाखों नोटिस अभी भी लंबित हैं और सुनवाई का काम अधूरा है, जो चुनावी तैयारियों पर सीधा असर डाल सकता है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अब तक 65,78,058 SIR नोटिस जारी किए गए, लेकिन इनमें से केवल 32,49,091 नोटिस ही मतदाताओं तक पहुंच पाए हैं। बाकी 33,28,967 नोटिस अब भी डिलीवर नहीं हो सके हैं। इसके अलावा 74,19,356 मामलों में सुनवाई लंबित है। जो नोटिस डिलीवर हुए हैं, उनमें से भी केवल लगभग 40% मामलों में सुनवाई पूरी हुई है, जिससे प्रक्रिया की सुस्ती स्पष्ट होती है। उत्तर और दक्षिण 24 परगना, मुर्शिदाबाद और नदिया जैसे बड़े जिलों में नोटिस डिलीवरी और सुनवाई की स्थिति बेहद खराब है। चुनाव आयोग ने अतिरिक्त माइक्रो-ऑब्जर्वर तैनात करने और सुनवाई केंद्र बढ़ाने का दावा किया है, लेकिन प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार 14 फरवरी तक अंतिम सूची प्रकाशित करना मुश्किल है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया दी और प्रशासन को कानून के अनुसार निडर होकर कार्य करने के निर्देश दिए।

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Priyanshi Chaturvedi 14 January 2026

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि भारत शक्सगाम घाटी पर 1963 में पाकिस्तान और चीन के बीच हुए समझौते को अवैध मानता है। उन्होंने कहा कि भारत इस क्षेत्र में किसी भी गतिविधि को मंजूरी नहीं देता और CPEC 2.0 या चीन-पाकिस्तान द्वारा जारी किसी भी संयुक्त बयान को स्वीकार नहीं करता। इससे पहले लद्दाख के LG कवींद्र गुप्ता ने भी चीन के दावों को खारिज करते हुए कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाला पूरा कश्मीर (पीओके) भारत का हिस्सा है और चीन की विस्तारवादी नीति से कुछ हासिल नहीं होगा। शक्सगाम वैली जम्मू-कश्मीर के उत्तरी हिस्से में स्थित है और काराकोरम पर्वत श्रृंखला में आता है। यह क्षेत्र भारत का हिस्सा है, लेकिन फिलहाल चीन के नियंत्रण में है। 1963 में पाकिस्तान ने इस क्षेत्र को चीन को सौंप दिया था, जबकि भारत ने इसे अवैध करार दिया। शक्सगाम घाटी का रणनीतिक महत्व इसलिए है क्योंकि यह काराकोरम दर्रे के पास है और चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर (CPEC) के मार्ग में आता है। इसके अलावा सियाचिन और लद्दाख की सुरक्षा स्थिति भी इस क्षेत्र से सीधे जुड़ी हुई है। हाल ही में चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर के तहत शक्सगाम घाटी में चीन बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास कर रहा है। खबरों के अनुसार, इस क्षेत्र में 75 किलोमीटर लंबाई और 10 मीटर चौड़ाई वाला ऑल-वेधर रोड तैयार हो चुका है। भारत ने चेतावनी दी है कि ऐसे प्रोजेक्ट क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को बदल सकते हैं, जिसे वह अपना संप्रभु क्षेत्र मानता है। 1950 के दशक में चीनी घुसपैठ और 1963 में पाकिस्तान द्वारा चीन को शक्सगाम सौंपने के बाद से यह क्षेत्र भारत के लिए सुरक्षा और कानूनी दृष्टि से संवेदनशील बना हुआ है।

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Priyanshi Chaturvedi 14 January 2026

रेलवन (RailOne) एप के जरिए अनरिजर्व्ड (जनरल) टिकट बुक करने पर अब यात्री 3% की छूट का लाभ ले सकते हैं। यह ऑफर UPI, क्रेडिट/डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग से भुगतान करने पर लागू होगा। इसके अलावा, यदि टिकट का भुगतान रेलवन एप के R-वॉलेट से किया जाए, तो छूट 6% तक बढ़ जाएगी। यह नई स्कीम आज से लागू होकर 14 जुलाई 2026 तक यानी 6 महीने तक चलेगी। ध्यान रहे कि यह छूट केवल रेलवन एप पर ही उपलब्ध है और किसी अन्य प्लेटफॉर्म या वेबसाइट से बुकिंग पर यह लागू नहीं होगी। भारतीय रेल मंत्रालय के अनुसार, रेलवन एक ‘वन-स्टॉप सॉल्यूशन’ है, जिसमें ट्रेन यात्रा से जुड़ी सभी सेवाएं उपलब्ध हैं। इसे Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर मुफ्त डाउनलोड किया जा सकता है। एप में एक बार लॉगिन (mPIN या बायोमेट्रिक) करने के बाद यात्री टिकट बुकिंग, लाइव ट्रेन स्टेटस, शिकायत दर्ज करने और अन्य सुविधाओं का लाभ एक ही जगह ले सकते हैं। पहले यात्रियों को IRCTC, NTES, Rail Madad और Food on Track जैसे अलग-अलग एप्स इस्तेमाल करने पड़ते थे, जिससे समय और मोबाइल स्टोरेज की समस्या होती थी। रेलवन एप इन सभी समस्याओं का समाधान प्रदान करता है। R-Wallet भारतीय रेलवे का डिजिटल वॉलेट है, जिससे यात्री रेल टिकट और अन्य सेवाओं का ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं। इसमें लॉगिन बायोमेट्रिक या mPIN से सुरक्षित होता है। R-Wallet से जनरल टिकट बुक करने पर 6% तक की छूट मिल सकती है। इसे इस्तेमाल करने के लिए रेलवन एप पर रजिस्ट्रेशन करना आवश्यक है। रजिस्ट्रेशन के लिए एप डाउनलोड कर मोबाइल नंबर से OTP वेरिफिकेशन करें और mPIN या बायोमेट्रिक लॉगिन एक्टिव करें। इसके बाद टिकट बुकिंग, लाइव ट्रेन स्थिति और अन्य सुविधाओं का लाभ आसानी से लिया जा सकता है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 14 January 2026

मध्य प्रदेश की मोहन कैबिनेट की बैठक मंगलवार 13 जनवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित हुई। बैठक से पहले सीएम ने प्रदेश में शुरू किए गए समाधान अभियान की जानकारी दी। इस अभियान के तहत 16 विभागों की 91 हितग्राहीमूलक योजनाओं को पात्र लोगों तक घर-घर पहुंचाया जाएगा। अभियान का पहला चरण 12 जनवरी से 16 फरवरी तक, दूसरा चरण 16 फरवरी से 16 मार्च तक क्लस्टर शिविरों के रूप में और अंतिम चरण 31 मार्च तक जिला स्तर पर आयोजित होगा। सीएम ने सभी मंत्रियों को अपने-अपने जिलों में अभियान की सतत निगरानी के निर्देश दिए। यह बैठक खास इसलिए भी रही क्योंकि यह प्रदेश की पहली पूरी तरह ई-कैबिनेट बैठक थी, जिसमें सभी मंत्री टैबलेट के जरिए प्रस्तावों पर चर्चा करते नजर आए। कैबिनेट ने ग्वालियर व्यापार मेला 2026 में ऑटोमोबाइल बिक्री पर परिवहन टैक्स में 50 प्रतिशत छूट के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके साथ ही स्पेस टेक नीति 2026 पर मुहर लगाई गई, जिसका उद्देश्य स्पेस टेक्नोलॉजी, ड्रोन, सैटेलाइट डेटा और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना है। ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़े फैसले लिए गए, जिनमें सोलर सह स्टोरेज की तीन प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं—300 मेगावाट (4 घंटे), 300 मेगावाट (6 घंटे) और 200 मेगावाट (24 घंटे) की सोलर स्टोरेज परियोजनाएं, ताकि पीक डिमांड के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। कैबिनेट ने प्रदेश के 1.21 लाख से अधिक शिक्षकों के लिए चतुर्थ श्रेणी क्रमोन्नत वेतनमान योजना को मंजूरी दी, जिस पर करीब 322 करोड़ रुपये का व्यय आएगा। इसके अलावा प्रदेश में 200 नए सांदिपनी विद्यालय खोलने के दूसरे चरण को हरी झंडी दी गई, जिन पर लगभग 3660 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बैठक में मोहनपुरा विस्तारीकरण और सुल्तानपुर उद्धहन सिंचाई परियोजना सहित कई अहम प्रस्ताव भी पास किए गए, जिससे 11 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित होगी और 10 हजार से ज्यादा किसान परिवारों को लाभ मिलेगा। कुल मिलाकर, मोहन सरकार की इस कैबिनेट बैठक में विकास, तकनीक और जनकल्याण पर फोकस साफ नजर आया।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 13 January 2026

तमिल अभिनेता से नेता बने विजय की फिल्म ‘जना नायकन’ की रिलीज में हो रही देरी को लेकर सियासत गरमा गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस फिल्म को रोकने की कोशिश तमिल संस्कृति पर हमला है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिल लोगों की आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे इसमें कभी सफल नहीं होंगे। इससे पहले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन भी फिल्म की रिलीज में देरी को लेकर केंद्र की आलोचना कर चुके हैं। दरअसल, 9 जनवरी को मद्रास हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने सिंगल जज के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी, जिसमें CBFC को फिल्म को तुरंत सेंसर सर्टिफिकेट देने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद विजय की इस राजनीतिक पृष्ठभूमि वाली फिल्म का भविष्य अधर में लटक गया। फिल्म के प्रोड्यूसर KVN प्रोडक्शंस LLP ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की यह कार्रवाई तमिल संस्कृति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है।  ‘जना नायकन’ को विजय की राजनीति में सक्रिय एंट्री से पहले उनकी आखिरी फिल्म के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। यह फिल्म पहले पोंगल के मौके पर 9 जनवरी को रिलीज होने वाली थी, लेकिन कानूनी अड़चनों के कारण ऐसा नहीं हो सका। हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने CBFC को पूरा पक्ष रखने का मौका देने की बात कहते हुए अगली सुनवाई 21 जनवरी तय की है। अब सभी की नजरें अदालत के अगले फैसले पर टिकी हैं, जो तय करेगा कि फिल्म आखिरकार कब दर्शकों तक पहुंच पाएगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 13 January 2026

अब ऑनलाइन सामान 10 मिनट में मिलने का दावा बीते दिनों की बात हो सकती है। डिलीवरी पार्टनर्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए श्रम मंत्रालय ने 10 मिनट की डिलीवरी व्यवस्था पर रोक लगाने का फैसला किया है। इस मुद्दे पर सरकार ने स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट और जेप्टो जैसी प्रमुख ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों से बातचीत भी की है। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने स्पष्ट किया कि तय समय-सीमा के दबाव में डिलीवरी बॉय हादसों का शिकार हो रहे हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। श्रम मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद बड़ी डिलीवरी कंपनियों ने सरकार को आश्वासन दिया है कि वे अपने ब्रांड प्रमोशन और सोशल मीडिया से 10 मिनट की डिलीवरी का दावा हटा देंगी। इस दिशा में ब्लिंकिट ने पहल करते हुए अपनी टैगलाइन बदल दी है। कंपनी ने “10 मिनट में 10,000+ प्रोडक्ट डिलीवर” की जगह अब “आपके दरवाजे पर 30,000+ प्रोडक्ट डिलीवर” का संदेश अपनाया है। आने वाले दिनों में अन्य प्लेटफॉर्म्स के भी ऐसा ही करने की उम्मीद है। गौरतलब है कि 25 और 31 दिसंबर को देशभर में गिग वर्कर्स की हड़ताल के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर बहस तेज हुई थी। 10 मिनट की डिलीवरी के दबाव में तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने के कारण कई हादसों के मामले सामने आए थे। सरकार के इस फैसले का मकसद डिलीवरी पार्टनर्स के लिए सुरक्षित, संतुलित और बेहतर कार्य-परिस्थितियां सुनिश्चित करना है, ताकि काम के दौरान उनकी जान जोखिम में न पड़े।

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Priyanshi Chaturvedi 13 January 2026

boAt के को-फाउंडर अमन गुप्ता ने मध्य प्रदेश में आयोजित स्टार्टअप हैकाथॉन ‘हैक एंड मेक’ को संबोधित करते हुए कहा कि आज स्टार्टअप शुरू करने का सबसे अच्छा समय है। उन्होंने युवाओं को बताया कि सरकार का सपोर्ट, फंडिंग और मार्केट सभी तैयार हैं। उनका कहना था कि प्रदेश के युवा जन्मजात टैलेंटेड हैं और उनमें वह आग है जो उन्हें यूनिकॉर्न बनाने की क्षमता देती है। अमन गुप्ता ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने स्टार्टअप जर्नी में पांच बार असफलता झेली, लेकिन हर बार फिर उठकर शुरुआत की। अमन गुप्ता ने 12 घंटे के इनोवेशन स्प्रिंट में भाग लेने वाली 105 टीमों को स्टार्टअप के महत्वपूर्ण सूत्र बताए। उन्होंने बताया कि boAt की शुरुआत 2016 में सिर्फ एक आइडिया और कुछ लाख रुपए से हुई थी, और आज इसका वैल्यू 10 हजार करोड़ से अधिक है। उन्होंने कहा, "असफलता से डरो मत, असफलता सबसे बड़ा शिक्षक है। मैंने जितना असफलताओं से सीखा, उतना किसी बिजनेस स्कूल से नहीं सीखा।" उन्होंने बताया कि ब्रांड का नाम सरल और याद रखने योग्य होना चाहिए, इसलिए boAt का नाम चुना गया। अमन ने रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की और मध्य प्रदेश की नई स्टार्टअप नीति के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निवेश के साथ-साथ प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने का भरोसा दिया। युवाओं के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि पैरेंट्स को पहले छोटी सफलता दिखाएं, फिर वे स्टार्टअप के लिए पूरा सपोर्ट देंगे। अमन ने निष्कर्ष निकाला कि कंपनियां फेल हो सकती हैं, लेकिन इंस्पिरेशन कभी खत्म नहीं होती।

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Priyanshi Chaturvedi 12 January 2026

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारत में अपनी नियुक्ति के दौरान कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले साल भारत का दौरा कर सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए ट्रंप की शुभकामनाएं भी व्यक्त की और भारत-अमेरिका के संबंधों को ‘असली दोस्ती’ बताया। गोर ने कहा कि कोई भी देश वाशिंगटन के लिए भारत जितना महत्वपूर्ण नहीं है और दोनों देश व्यापार समझौते को मजबूत करने में सक्रिय रूप से जुड़े रहेंगे। हालांकि, पिछले साल ट्रंप ने 2026 में भारत आने का संकेत दिया था, वहीं नए अमेरिकी राजदूत ने अगले दौरे की बात 2027 या 2028 के लिए की है, जिससे दौरे को लेकर भ्रम बना हुआ है। सर्जियो गोर ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में वह सक्रिय रूप से शामिल रहेंगे और अगली बैठक जल्द होगी। उन्होंने बताया कि दोनों देश सुरक्षा, आतंकवाद विरोध, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सहयोग जारी रखेंगे। अमेरिकी दूतावास में आयोजित समारोह में गोर ने भारत को पैक्स सिलिका गठबंधन में अगले महीने पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल किए जाने की घोषणा की। यह गठबंधन अमेरिका के नेतृत्व में सुरक्षित, लचीली और नवाचार आधारित सिलिकॉन आपूर्ति श्रृंखला बनाने के लिए बनाया गया है। गोर ने अपने भाषण में इंडिया गेट का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप से भारत की खूबसूरती और प्रधानमंत्री मोदी के लिए उनके प्यार भरे संदेश लाए हैं। उन्होंने कहा कि व्हाइट हाउस में नए बॉलरूम और पेरिस के आर्क डी ट्रायम्फ जैसी परियोजनाओं पर भी ट्रंप काम कर रहे हैं, लेकिन दिल्ली में उनकी योजनाएं भी कम आकर्षक नहीं हैं। उनका कहना था कि ये दौरे और परियोजनाएं भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत करने का जरिया बनेंगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 12 January 2026

दिल्ली और उत्तर भारत में वायु प्रदूषण गंभीर समस्या बन चुकी है, खासकर ठंड और घने कोहरे के दौरान हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर तक गिर जाती है। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की अर्थशास्त्र प्रोफेसर संगीता बंसल ने अहमदाबाद विश्वविद्यालय में आयोजित 7वें वार्षिक आर्थिक सम्मेलन में कहा कि किसी क्षेत्र में वायु प्रदूषण केवल कारखानों या वाहनों की वजह से नहीं होता, बल्कि मौसम और भौगोलिक बनावट भी बड़ी भूमिका निभाती है। उन्होंने इंडो-गंगा के मैदान को 'वैली इफेक्ट' से ग्रस्त बताते हुए समझाया कि यहां पैदा होने वाला प्रदूषण बाहर नहीं फैलता और लंबे समय तक हवा में रहता है।   प्रोफेसर बंसल ने यह भी सुझाव दिया कि भारत में उत्सर्जन पर अभी तक कोई सीधा कर (एमिशन टैक्स) नहीं है, और सरकार को इसे लागू करना चाहिए। उनका कहना था कि ज्यादा प्रदूषित क्षेत्रों, जैसे इंडो-गंगा के मैदान, में उत्सर्जन पर अधिक टैक्स लगाना चाहिए। इससे कंपनियों को संवेदनशील इलाकों में फैक्ट्री लगाने में खर्च बढ़ेगा और वे कम संवेदनशील क्षेत्रों की ओर रुख करेंगी, जिससे कुल मिलाकर प्रदूषण में कमी आएगी और लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा बेहतर होगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 12 January 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सोमनाथ में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के मौके पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सोमनाथ मंदिर को तोड़ने वाले आज इतिहास के पन्नों में सिमट चुके हैं। पीएम ने कहा कि करीब 1000 साल पहले आक्रांताओं को लगा था कि वे सोमनाथ को नष्ट कर जीत गए हैं, लेकिन आज मंदिर पर फहराती ध्वजा हिंदुस्तान की शक्ति और आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से आज भी देश में ऐसी ताकतें मौजूद हैं, जो मंदिरों के पुनर्निर्माण का विरोध करती रही हैं और समाज को बांटने की कोशिश कर रही हैं। प्रधानमंत्री ने बिना नाम लिए कहा कि जब सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की शपथ ली थी, तब उन्हें भी रोकने की कोशिश की गई थी। उन्होंने याद दिलाया कि 1951 में मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के समय तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के शामिल होने पर भी आपत्ति जताई गई थी। पीएम मोदी ने कहा कि जिन देशों के पास अपनी विरासत होती है, वे उस पर गर्व करते हैं, लेकिन आजादी के बाद कुछ लोगों ने गुलामी की मानसिकता के चलते अपनी ही विरासत को भुलाने की कोशिश की। पीएम मोदी ने कहा कि 1026 में गजनवी और बाद में खिलजी ने सोमनाथ को तोड़ने की कोशिश की, लेकिन हर बार इसका पुनर्निर्माण हुआ। उन्होंने कहा कि यह संयोग है कि आज सोमनाथ पर पहले हमले के 1000 साल और पुनर्निर्माण के 75 साल पूरे हो रहे हैं। विदेशी आक्रांताओं और मजहबी कट्टरपंथियों ने सदियों तक भारत को तोड़ने की कोशिश की, लेकिन न सोमनाथ नष्ट हुआ और न ही भारत। इससे पहले पीएम मोदी ने मंदिर में करीब 30 मिनट तक पूजा-अर्चना की और शिवलिंग का अभिषेक किया।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 11 January 2026

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अहम आदेश में साफ किया है कि आपराधिक मामलों में फाइनल बहस के बाद फैसला सुरक्षित रखने वाला जज ही निर्णय सुनाएगा। चाहे उस जज का तबादला किसी दूसरी अदालत या जिले में क्यों न हो जाए, उत्तराधिकारी जज उस मामले में दोबारा फाइनल बहस कराने का आदेश नहीं दे सकता। जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा की बेंच ने कहा कि एक बार जब ट्रायल पूरा हो जाए और बहस सुन ली जाए, तो उसी जज को फैसला सुनाना चाहिए, ताकि न्याय में अनावश्यक देरी न हो।   हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल के आदेश का भी हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि ट्रांसफर के समय न्यायिक अधिकारियों को उन सभी मामलों की जानकारी देनी होगी, जिनमें उन्होंने फाइनल बहस सुनकर फैसला सुरक्षित रखा है। ऐसे मामलों में ट्रांसफर के बाद भी वही जज फैसला सुनाएगा। कोर्ट ने कहा कि नए जज द्वारा दोबारा बहस कराने से त्वरित न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन होता है और इससे मामलों में बेवजह देरी होती है। यह आदेश मकोका (MCOCA) के तहत दर्ज एक मामले में दिया गया। आरोपी ने हाईकोर्ट में अपील कर कहा था कि फाइनल बहस पूरी होने और फैसला सुरक्षित रखने के बाद जज का ट्रांसफर हो गया, जिसके बाद नए जज ने दोबारा बहस का आदेश दे दिया। हाईकोर्ट ने इस आदेश को रद्द करते हुए कहा कि पुराने जज को ही फैसला सुनाने का अधिकार है। कोर्ट ने मानवीय पहलू पर भी जोर देते हुए कहा कि जेल में बंद आरोपी के लिए फैसला सुरक्षित रहने की अवधि बेहद तनावपूर्ण होती है और दोबारा बहस कराना उसके लिए मानसिक रूप से कठिन हो सकता है। इसलिए अदालतों को कानून के साथ-साथ इंसानियत का भी ध्यान रखना चाहिए।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 11 January 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिका से विश्व हिंदू प्रवासियों ने एक पत्र भेजा है, जिसमें बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर गहरी चिंता जताई गई है। पत्र में हत्याओं, भीड़ के हमलों और कथित तौर पर सरकारी कार्रवाई की कमी का जिक्र करते हुए भारत सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की गई है। प्रवासी समूहों ने लिखा है कि यह अपील वे बेहद दुख और मजबूरी में कर रहे हैं। पत्र में एक युवा बांग्लादेशी हिंदू दीपू चंद्र दास की लिंचिंग और जिंदा जलाए जाने की घटना का हवाला देते हुए कहा गया है कि ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन उन्हें रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। पत्र में 1950 के लियाकत–नेहरू पैक्ट का भी जिक्र किया गया है। प्रवासी हिंदू समूहों ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने पाकिस्तान के साथ जो समझौता किया था, उसमें अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का वादा किया गया था, लेकिन यह समझौता पूरी तरह विफल साबित हुआ। उस समय बांग्लादेश पाकिस्तान का हिस्सा था और पूर्वी पाकिस्तान कहलाता था। इसके अलावा, 1971 के लिबरेशन वॉर के बाद भारत आए कई हिंदू शरणार्थियों को दोबारा बांग्लादेश भेजे जाने का भी उल्लेख किया गया है। प्रवासी समूहों ने मांग की है कि भारत सरकार बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 11 January 2026

भोपाल लिटरेचर फेस्टिवल को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विवाद इतना बढ़ा कि आयोजकों को एक सत्र को रद्द करना पड़ा। सवाल संस्कृति विभाग और राज्य सरकार की भूमिका पर भी उठ रहे हैं। पूरे देश में जहां शिक्षा, भारतीय ज्ञान परंपरा, सनातन संस्कृति और संस्कारों की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर ऐसे विषयों पर सत्र आयोजित किए जाने को लेकर आपत्ति जताई जा रही है। विवादित सत्र बाबर से जुड़ी एक किताब पर चर्चा को लेकर था, जिसे लेकर सोशल मीडिया और बौद्धिक हलकों में नाराजगी देखने को मिली। विवाद के बाद सत्र किया गया कैंसिल जानकारी के मुताबिक, भारत भवन स्थित बहुकला केंद्र में भोपाल लिटरेचर फेस्टिवल के तहत एक सत्र आयोजित किया जाना था, जिसमें ‘बाबर : क्वेस्ट फॉर हिंदुइज्म’ किताब पर चर्चा होनी थी। यह सत्र 10 जनवरी को दोपहर करीब 1 बजे प्रस्तावित था, जिसमें आभास मालदहियार और यश दीक्षित के बीच संवाद होना था। लेकिन सत्र से पहले ही विवाद शुरू हो गया और आयोजकों को इसे रद्द करना पड़ा। हैरानी की बात यह है कि भारत भवन एक सरकारी संस्थान है और न्यास नियमों के अनुसार किसी निजी संस्था को भवन देने की अनुमति नहीं है। कुछ न्यासियों का कहना है कि उन्हें न तो आयोजन की शर्तों की जानकारी थी और न ही सत्र की विषयवस्तु की। ऐसे में प्रशासन और संस्कृति विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

Patrakar Vandana Singh

Vandana Singh 10 January 2026

केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को जयपुर स्थित पुलिस अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में नव-चयनित 9,000 कांस्टेबल्स को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस मौके पर जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार की तारीफ की। अमित शाह ने कहा कि बिना खर्च और सिफारिश के पारदर्शी तरीके से युवाओं को नौकरी दी गई है। यह भर्ती भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद राजस्थान पुलिस की पहली बड़ी भर्ती है, जिससे कानून व्यवस्था और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के बिना प्रतिभा का सम्मान करते हुए युवाओं को रोजगार देना सरकार की बड़ी उपलब्धि है और राजस्थान में कानून व्यवस्था सुधारने का वादा पूरा किया गया है। पेपर लीक खत्म, अपराध में आई कमी अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस शासन में पेपर लीक की घटनाएं आम थीं, लेकिन भजनलाल शर्मा सरकार बनने के बाद यह सिलसिला पूरी तरह खत्म हो गया है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे होने के बावजूद राजस्थान में कानून व्यवस्था बेहतर हुई है और सरकार बनने के बाद अपराध की घटनाओं में करीब 14 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में आधे से ज्यादा मामलों में दोषियों को सजा मिल रही है और कानून व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इससे पहले जोधपुर में आयोजित माहेश्वरी ग्लोबल कन्वेंशन में भी अमित शाह शामिल हुए, जहां उन्होंने माहेश्वरी समाज के योगदान की सराहना करते हुए उसे देश के विकास में अहम भूमिका निभाने वाला समाज बताया।

Patrakar Vandana Singh

Vandana Singh 10 January 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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अयोध्या में राम मंदिर परिसर के एक्जिट गेट के बाहर नमाज पढ़ते हुए एक युवक को पुलिस ने हिरासत में लिया है। सूत्रों के अनुसार, युवक कश्मीर के शोपियां जिले का रहने वाला है। घटना की जानकारी मिलते ही वहां कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। लोगों की शिकायत के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को रोककर पूछताछ शुरू की। मंदिर परिसर में तैनात वाचर ने सबसे पहले संदिग्ध गतिविधि की सूचना दी थी। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की जा सके। खुफिया एजेंसियां सतर्क, जांच जारी हिरासत में लिए गए युवक की पहचान अबू अहमद शेख के रूप में हुई है। आरोप है कि वह दक्षिणी परकोटे क्षेत्र में नमाज पढ़ रहा था। बताया जा रहा है कि सुरक्षा कर्मियों ने जब उसे रोकने की कोशिश की तो उसने कथित तौर पर नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने तुरंत उसे हिरासत में ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही खुफिया एजेंसियां, स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। फिलहाल युवक से गहन पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह वहां क्यों आया था और उसके इरादे क्या थे। सुरक्षा के मद्देनजर मामले की सभी एंगल से जांच जारी है।

Patrakar Vandana Singh

Vandana Singh 10 January 2026

मध्यप्रदेश में इंदौर-भोपाल के बाद अब विंध्य क्षेत्र को भी मेट्रोपॉलिटन रीजन के रूप में विकसित करने की तैयारी है। रीवा दौरे पर पहुंचे डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और मैहर को जोड़कर एक नया मेट्रोपॉलिटन रीजन बनाया जाएगा। भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने बताया कि भोपाल की तर्ज पर रीवा और आसपास के क्षेत्रों को मिलाकर सुनियोजित शहरी विकास किया जाएगा, जिससे विंध्य क्षेत्र को नई पहचान और गति मिलेगी। डिप्टी सीएम ने बताया कि विंध्य एक्सप्रेस-वे का काम शुरू हो चुका है और भोपाल से सिंगरौली तक फोरलेन हाईवे का निर्माण तेजी से चल रहा है, जो सिर्फ सड़क नहीं बल्कि विकास की रीढ़ बनेगा। उन्होंने कहा कि रीवा शहर में पेयजल व्यवस्था को लगातार मजबूत किया गया है और आने वाले समय में पानी की आपूर्ति 95 एमएलडी तक पहुंचाई जाएगी। साथ ही मनरेगा को नए स्वरूप में ‘वीबी जी रामजी’ योजना के तहत लागू किया गया है, जिससे ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगेगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 9 January 2026

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल में एक बार फिर सख्त और विवादित तेवरों को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने अंतर्राष्ट्रीय कानून को लेकर बेहद बेबाक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उन्हें अंतर्राष्ट्रीय कानून की कोई परवाह नहीं है और न ही इसकी जरूरत महसूस होती है। ट्रंप के इस बयान को वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रिया के संदर्भ में देखा जा रहा है, जिस पर कई देशों ने सवाल खड़े किए हैं। इंटरव्यू में ट्रंप ने चीन-ताइवान तनाव पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने दावा किया कि जब तक वे राष्ट्रपति हैं, चीन ताइवान पर हमला नहीं करेगा। साथ ही यूरोप और यूक्रेन युद्ध पर बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि अगर वे सत्ता में नहीं होते तो रूस अब तक पूरे यूक्रेन पर कब्जा कर चुका होता। उन्होंने यह भी दोहराया कि नाटो को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही है और अमेरिका ही इस गठबंधन की असली चिंता करता है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 9 January 2026

इंडिया पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) के कोलकाता ऑफिस और कंपनी के सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के बाद बड़ा राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया। कोलकाता से लेकर दिल्ली तक विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। हालात को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 8 जनवरी को हुई पूरी कार्रवाई के क्रम और घटनाक्रम पर ईडी से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। सूत्रों के अनुसार, ईडी ने इस मामले में पहले ही अपने मूल मंत्रालय यानी केंद्रीय वित्त मंत्रालय को रिपोर्ट सौंप दी है और अब गृह मंत्रालय को भी अलग से रिपोर्ट देगी। वहीं, छापेमारी के दौरान ईडी को सुरक्षा देने वाली केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने भी अपनी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप दी है। सीआरपीएफ गृह मंत्रालय के अधीन आता है, ऐसे में मंत्रालय पूरे मामले की हर परत की समीक्षा कर रहा है। छापेमारी के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मौके पर पहुंचना इस पूरे प्रकरण का सबसे अहम पहलू बन गया। पहले वह प्रतीक जैन के आवास पहुंचीं और फिर पुलिस अधिकारियों के साथ I-PAC ऑफिस गईं, जहां से कुछ कागजी और इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों के साथ बाहर निकलीं। अब गृह मंत्रालय ने ईडी को निर्देश दिया है कि वह बताए कि छापेमारी के दौरान राज्य प्रशासन की ओर से क्या-क्या बाधाएं आईं और मुख्यमंत्री के साथ मौजूद वरिष्ठ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका क्या रही। ईडी की यह रिपोर्ट कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय तैयार कर दिल्ली मुख्यालय भेजेगा, जिसके बाद इसे गृह मंत्रालय को सौंपा जाएगा।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 9 January 2026

बाहुबली नेता बृजभूषण सिंह ने अपने 69वें जन्मदिन पर गोंडा में जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। वे करीब 100 गाड़ियों के काफिले के साथ नंदिनी निकेतन पहुंचे, जहां 10 किलोमीटर के रास्ते में जगह-जगह उनका भव्य स्वागत किया गया और बुलडोजर से फूल बरसाए गए। मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद राष्ट्रकथा के मंच से बृजभूषण ने कहा कि मंच पर सिर्फ साधु रहेंगे, “भगवान भी आएं तो उन्हें रोक दिया जाए।” बृजभूषण सिंह के जन्मदिन पर 5 लाख लोगों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है, जिसके लिए 15 बीघा में पंडाल लगाया गया और 1200 लोग भोजन तैयार कर रहे हैं। मेन्यू में पारंपरिक व्यंजन शामिल हैं। 1 से 8 जनवरी तक चले ‘राष्ट्र कथा’ आयोजन का आज समापन है, जिसमें अब तक कई महंत, भोजपुरी स्टार और यूपी-बिहार के नेता शामिल हो चुके हैं, जबकि आज भी कई राजनीतिक हस्तियों के पहुंचने की संभावना है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 8 January 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस के खिलाफ कड़े प्रतिबंधों से जुड़े एक अहम बिल को मंजूरी दे दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रस्तावित कानून में रूस से तेल खरीदने वाले देशों—भारत, चीन और ब्राजील—पर 500% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है। रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने बताया कि व्हाइट हाउस में ट्रम्प से बातचीत के बाद इस बिल को संसद में पेश करने की हरी झंडी मिली है और अगले हफ्ते इस पर वोटिंग हो सकती है। ‘सेंक्शनिंग ऑफ रशिया एक्ट 2025’ नाम के इस बिल को सीनेट में 80% से ज्यादा सांसदों का समर्थन हासिल है।   रूसी तेल की खरीद को लेकर अमेरिका पहले ही भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगा चुका है, जिससे कुल टैरिफ 50% हो गया है। अगर नया बिल पास होता है तो भारत के लिए मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। भारत चाहता है कि कुल टैरिफ घटाकर 15% किया जाए और रूसी तेल पर लगाई गई अतिरिक्त पेनाल्टी हटे। इसी बीच, सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने दावा किया कि भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने उनसे ट्रम्प तक यह संदेश पहुंचाने को कहा था कि भारत पर लगाया गया अतिरिक्त 25% टैरिफ हटाया जाए। दोनों देशों के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत जारी है और नए साल में किसी ठोस नतीजे की उम्मीद जताई जा रही है।

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Priyanshi Chaturvedi 8 January 2026

सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों से जुड़े मामलों पर लगातार दूसरे दिन करीब ढाई घंटे तक सुनवाई हुई। इस दौरान जस्टिस नाथ ने कुत्तों के व्यवहार पर अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि कुत्ते इंसानों का डर पहचान लेते हैं, इसलिए काटते हैं। इस पर एक वकील ने असहमति जताई, लेकिन जस्टिस नाथ ने स्पष्ट किया कि यह बात वह अपने निजी अनुभव के आधार पर कह रहे हैं। वहीं याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि राज्यों की ओर से दिए गए आंकड़ों में नगर पालिकाओं द्वारा संचालित शेल्टर की स्पष्ट जानकारी नहीं है और देश में फिलहाल केवल 5 सरकारी शेल्टर हैं, जिनमें प्रत्येक की क्षमता करीब 100 कुत्तों की है।   सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि समस्या के समाधान के लिए ठोस इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी है। वकीलों ने दलील दी कि शेल्टर और मॉनिटरिंग की व्यवस्था के बिना कुत्तों को हटाना व्यावहारिक नहीं है। इससे पहले कोर्ट ने स्कूलों, अस्पतालों और रेलवे स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने और उन्हें तय शेल्टर में भेजने के निर्देश दिए थे। वहीं एनिमल वेलफेयर पक्ष ने कुत्तों को हटाने से चूहों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई, जिस पर कोर्ट ने हल्के अंदाज में टिप्पणी करते हुए संतुलित और नियमों के अनुरूप समाधान पर जोर दिया।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 8 January 2026

  विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है। कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोयला घोटाले से जुड़े मामले में IPAC प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और कार्यालय पर छापा मारा। रेड के दौरान उस समय बड़ा राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला, जब खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रतीक जैन के घर पहुंच गईं। IPAC तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए काम करती है, ऐसे में सीएम की मौजूदगी से माहौल और ज्यादा संवेदनशील हो गया। ममता बनर्जी सीधे ऑफिस के अंदर जाने लगीं, जबकि जांच एजेंसी के अधिकारी उन्हें रोकते नजर आए। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है।                    ED की कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी उनकी पार्टी के दस्तावेज जब्त कर रही है और यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक उत्पीड़न है। ममता ने कहा कि एक तरफ SIR के जरिए वोटरों के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसी रेड के माध्यम से उनकी पार्टी को “हाईजैक” करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने दावा किया कि करीब 1.5 करोड़ नाम हटाए गए हैं और दस्तावेजों का दुरुपयोग किया जा रहा है। ममता ने इसे लोकतंत्र और विपक्ष को दबाने की साजिश करार दिया।

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Priyanshi Chaturvedi 8 January 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर लंबी बातचीत की, जिसमें दोनों नेताओं ने भारत और इज़रायल के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी को और गहरा बनाने पर विचार-विमर्श किया। पीएम मोदी ने नेतन्याहू और इज़रायल की जनता को नए साल की शुभकामनाएं दीं और बातचीत के दौरान क्षेत्रीय स्थिति, आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयास और भविष्य में सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की। उन्होंने दोनों देशों के साझा दृष्टिकोण को दोहराते हुए आतंकवाद और अन्य सुरक्षा खतरों के खिलाफ ठोस और दृढ़ कदम उठाने की प्रतिबद्धता जताई। इस वार्ता में यह भी स्पष्ट हुआ कि भारत और इज़रायल न केवल सुरक्षा, बल्कि राजनीतिक, आर्थिक और तकनीकी मोर्चों पर भी लंबे समय से सहयोगी हैं और इसे और मजबूत करने की योजना है। भारत और इज़रायल के बीच सहयोग का दायरा कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में फैला हुआ है। दोनों देश रक्षा और आंतरिक सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, कृषि और जल प्रबंधन, स्वास्थ्य और जैव प्रौद्योगिकी, नवाचार और एआई, व्यापार और निवेश सहित कई सेक्टरों में एक दूसरे के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य केवल आर्थिक और तकनीकी लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयासों को भी सशक्त बनाना है। पीएम मोदी और नेतन्याहू ने वार्ता में यह साझा किया कि आने वाले वर्षों में दोनों देश अपनी रणनीतिक साझेदारी को और व्यापक बनाएंगे और वैश्विक चुनौतियों का सामना एकजुट होकर करेंगे।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 7 January 2026

यूपी कैबिनेट ने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दो महत्वपूर्ण फैसले लिए। फर्जी डिग्री प्रकरण में जेएस विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद को परिसमापन के लिए मंजूरी दी गई, जबकि आईआईएमटी विश्वविद्यालय, मेरठ को ग्रेटर नोएडा में ऑफ-कैंपस संचालन की अनुमति मिली। जेएस विश्वविद्यालय ने बीपीएड पाठ्यक्रम में फर्जी मार्कशीट और डिग्रियां जारी कीं, जिससे शिक्षा तंत्र की विश्वसनीयता प्रभावित हुई। योगी सरकार ने परिसमापन के दौरान विश्वविद्यालय की गतिविधियों के सीमित संचालन हेतु त्रि-सदस्यीय अंतरिम समिति भी गठित की। आईआईएमटी विश्वविद्यालय के ग्रेटर नोएडा ऑफ-कैंपस को एलओपी जारी करने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे। इस कदम से राज्य में शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और नियमों के पालन का संदेश मजबूत हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सख्त कार्रवाई अन्य निजी विश्वविद्यालयों को भी नियमों के पालन के लिए सचेत करेगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 7 January 2026

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ (JNUSU) ने हाल ही में कैंपस में लगे मोदी विरोधी नारों को लेकर विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। छात्रसंघ ने कहा कि यह पूरी कवायद विश्वविद्यालय की छवि खराब करने और छात्रों के उत्पीड़न को तेज करने की एक संगठित कोशिश है। उन्होंने याद दिलाया कि 5 जनवरी 2020 को नकाबपोश हथियारबंद हमलावरों ने जेएनयू परिसर में घुसकर साबरमती हॉस्टल और अन्य स्थानों पर छात्रों और शिक्षकों पर हमला किया था। उस रात को शांतिपूर्ण विरोध कर रहे छात्रों पर खुला हमला किया गया, जबकि पुलिस मूकदर्शक बनी रही। JNUSU ने सवाल उठाया कि कोमल शर्मा और एबीवीपी के वे गुंडे कहां हैं, जिन्होंने उस हमले की योजना बनाने और अंजाम देने की बात स्वीकार की थी। छात्रसंघ ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस, जो छोटे-से विरोध पर भी तेज़ी से कार्रवाई करती है, 5 जनवरी 2020 के मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि वर्तमान विवाद के जरिए छात्रों की आवाज दबाने और विश्वविद्यालय को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। यह विवाद उमर खालिद और शरजील इमाम की सुप्रीम कोर्ट में जमानत अस्वीकृत होने के बाद छात्रों द्वारा लगाए गए नारों के वीडियो के वायरल होने के बाद उठा।

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Priyanshi Chaturvedi 7 January 2026

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मास्टर प्लान के तहत अगले पांच साल में जयपुर, इंदौर, भोपाल, रायपुर, उज्जैन और अन्य प्रमुख शहर ‘रेल नगरी’ के रूप में विकसित होंगे। इस योजना के लागू होने के बाद इन शहरों के रेलवे स्टेशनों की क्षमता दोगुनी होगी, नई ट्रेनें चलेंगी और यात्रियों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मिलेंगी। योजना का उद्देश्य रेलवे नेटवर्क को आधुनिक और सक्षम बनाना है ताकि यात्री सुविधा और कनेक्टिविटी दोनों बढ़ सकें।   योजना में लंबी दूरी की एक्सप्रेस, मेल और वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके लिए शहरों में नए प्लेटफॉर्म, आरामदायक प्रतीक्षालय, चौड़े फुटओवर ब्रिज और एस्केलेटर जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उपनगरीय रेल के विस्तार से दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों में लोकल ट्रेन की फ्रीक्वेंसी भी बढ़ाई जाएगी। योजना के तहत नए टर्मिनल, मेगा कोचिंग कॉम्प्लेक्स, मल्टीट्रैकिंग और सिग्नलिंग सिस्टम का अपडेट भी शामिल है।   इस योजना में शामिल प्रमुख शहर हैं: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, जयपुर, जोधपुर, इंदौर, भोपाल, उज्जैन, रायपुर, हैदराबाद, बेंगलुरु, अहमदाबाद, पटना, लखनऊ, पुणे, नागपुर, वाराणसी, कानपुर, गोरखपुर, मथुरा, अयोध्या, आगरा, पं. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, चंडीगढ़, लुधियाना, अमृतसर, जम्मू, वडोदरा, सूरत, मडगांव, कोचीन, पुरी, भुवनेश्वर, विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, तिरुपति, हरिद्वार, गुवाहाटी, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया, मैसूर, कोयंबटूर, टाटानगर, रांची और बरेली।   इस मेगा प्रोजेक्ट के तीन चरणों में पूरे होने के बाद देश के रेलवे नेटवर्क में सुधार और यात्रियों की सुविधा में बड़ा बदलाव आएगा।

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Priyanshi Chaturvedi 6 January 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला पर हमले के बाद अब भारत को लेकर अपनी नाराजगी जताई है। उन्होंने रूसी तेल खरीद के मुद्दे पर भारत को चेतावनी दी और कहा कि अगर भारत मदद नहीं करता है तो वे जल्दी ही टैरिफ बढ़ा सकते हैं। हालांकि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ भी की और कहा कि वे नेक इंसान हैं और उन्हें खुश करना चाहते थे। ट्रंप ने यह बयान अपने विमान में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया। भारत पहले से ही अमेरिका से 50% टैरिफ झेल रहा है, जिसमें रूसी तेल खरीद पर 25% पेनल्टी शामिल है। ट्रंप ने कहा कि भारत पर जल्दी ही और टैरिफ बढ़ सकता है। इस बयान के बाद देश में सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को इसका जवाब देना चाहिए और आम आदमी पार्टी ने भी पूछा कि आखिर क्यों भारत को ट्रंप खुश करना जरूरी है। इस मामले पर भारत सरकार की तरफ से अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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Priyanshi Chaturvedi 6 January 2026

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को सागर द्वीप में 1,700 करोड़ रुपये की लागत वाले ‘गंगासागर सेतु’ का शिलान्यास किया। यह 4.75 किलोमीटर लंबा और चार लेन का पुल मुरीगंगा नदी पर बनेगा, जो काकद्वीप को सीधे सागर द्वीप से जोड़ेगा। अगले दो-तीन वर्षों में पुल का निर्माण पूरा होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने इसे गंगासागर तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए पौष संक्रांति से पहले विशेष उपहार बताया। पुल बनने के बाद श्रद्धालुओं को गंगासागर मेले में आने के लिए फेरी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वर्तमान में फेरी में औसतन 45 मिनट से 1.5 घंटे लगते हैं और खराब मौसम में यह समय और बढ़ जाता है। 4.75 किलोमीटर लंबा पुल सीधे सड़क मार्ग से सागर द्वीप को जोड़ देगा, जिससे यात्रा समय घटकर मात्र 10–15 मिनट रह जाएगा। इससे आवागमन तेज, सुगम और सुरक्षित हो जाएगा और शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों तक पहुंच भी आसान होगी।

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Priyanshi Chaturvedi 6 January 2026

  सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों के मुख्य आरोपियों उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका राष्ट्रीय सुरक्षा और यूएपीए प्रावधानों का हवाला देते हुए खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया उनके खिलाफ साजिश के ठोस सबूत हैं और उनकी भूमिका अन्य आरोपियों से अलग है। वहीं, पांच अन्य आरोपियों को 12 शर्तों के साथ सशर्त जमानत दी गई। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि देश की सुरक्षा का सवाल सर्वोपरि है और केवल देरी के आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उमर और शरजील के मामले में जांच और अभियोजन पक्ष के ठोस तथ्य मौजूद हैं। उनके खिलाफ आतंकी गतिविधियों से जुड़े आरोप हैं, जिसमें नागरिकों को नुकसान पहुंचाने और अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने की संभावना शामिल है। कोर्ट ने यह भी बताया कि जमानत बचाव पक्ष के मूल्यांकन का मंच नहीं है और प्रत्येक आरोपी की स्थिति गुणात्मक रूप से अलग होने के कारण अलग-अलग मूल्यांकन आवश्यक है।

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Priyanshi Chaturvedi 5 January 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिल्ली दौरे पर हैं, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करीब 45 मिनट तक मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने यूपी मंत्रिमंडल विस्तार और 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर गहन मंथन किया। बैठक के बाद सीएम योगी गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात करेंगे, जिससे मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं तेज हो गई हैं। वर्तमान में यूपी मंत्रिमंडल में 54 मंत्री हैं, जबकि अधिकतम 60 पद हो सकते हैं। वर्ष 2024 के चुनाव के बाद कई पद खाली हो गए थे और 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए अब बचे हुए पदों को भरने की तैयारी चल रही है। इस विस्तार में जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों को भी ध्यान में रखा जाएगा। सीएम योगी इस दौरान बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं नितिन नबीन और जेपी नड्डा से भी मुलाकात करेंगे।

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Priyanshi Chaturvedi 5 January 2026

सुप्रीम कोर्ट ने अजमेर शरीफ दरगाह पर सालाना उर्स के दौरान केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री द्वारा ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की मजार पर चादर चढ़ाने पर रोक लगाने वाली याचिका खारिज कर दी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि याचिका न्यायसंगत नहीं है और इसे तुरंत खारिज किया जाता है। विश्व वैदिक सनातन संघ द्वारा दायर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन में यह तर्क रखा गया था कि इस परंपरा को संवैधानिक मूल्यों और देश की संप्रभुता के खिलाफ बताया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिका खारिज होने का अजमेर कोर्ट में पेंडिंग सिविल केस पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उर्स के मौके पर यूनियन मिनॉरिटी अफेयर्स मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री की ओर से चादर चढ़ाई, जो स्वतंत्र भारत में लगातार आने वाले प्रधानमंत्रियों द्वारा निभाई जाने वाली लंबी परंपरा का हिस्सा है।

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Priyanshi Chaturvedi 5 January 2026

भोपाल मेट्रो को अब एक चौथाई यात्री भी नहीं मिल रहे हैं, जिसके चलते मेट्रो कॉर्पोरेशन ने उद्घाटन के सिर्फ 14 दिन बाद टाइमिंग और ट्रिप दोनों में बदलाव कर दिया है। अब एम्स स्टेशन से मेट्रो सुबह 9 बजे की बजाय दोपहर 12 बजे शुरू होगी, जबकि शाम 7:30 बजे एम्स से आखिरी मेट्रो सुभाष नगर के लिए चलेगी। पहले दोनों ओर कुल 17 ट्रिप लगाई जा रही थी, जो अब घटाकर 13 कर दी गई हैं। नए शेड्यूल के अनुसार मेट्रो 75 मिनट के अंतराल पर चलेगी। एम्स से सुभाष नगर के लिए सात और सुभाष नगर से एम्स के लिए छह ट्रिप होंगी। कमर्शियल रन के पहले दिन यानी 21 दिसंबर को 6,568 यात्री मेट्रो में सवार हुए थे, लेकिन धीरे-धीरे संख्या घटकर अब एक हजार के आसपास रह गई है। 5 जनवरी से नया शेड्यूल लागू होगा, जिससे यात्रियों की सुविधा और संचालन में सुधार लाने की कोशिश की जा रही है।

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Priyanshi Chaturvedi 4 January 2026

भोपाल का निशातपुरा रेलवे ओवरब्रिज (ROB) इस साल नवंबर तक तैयार हो जाएगा। करीब 100 करोड़ रुपए से बनने वाला यह आरओबी नए और पुराने शहर को जोड़ते हुए देश का पहला ऐसा ओवरब्रिज होगा, जो एक साथ सात रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरेगा। शनिवार को मंत्री विश्वास सारंग ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। आरओबी भोपाल स्टेशन के प्लेटफार्म-1 से लेकर छोला खेड़ापति हनुमान मंदिर तक पहुंचेगा, जिससे करोंद, बैरसिया, बैरागढ़, विदिशा और पुराने शहर के कई इलाकों से आने-जाने वाले लोगों के लिए आवाजाही आसान होगी। निर्माण कार्य को सुगम बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी, रेलवे और एफसीआइ सहित संबंधित विभागों में समन्वय के लिए कमेटी बनाई गई है। भविष्य में यह आरओबी एयरपोर्ट तक आने-जाने के लिए भी उपयोगी होगा। इसके अलावा, अशोकनगर जिले में दो नदियों पर नए पुल, पांच बायपास रोड और तीन नए ओवरब्रिज का निर्माण भी चल रहा है, जो साल 2026 तक तैयार होंगे और यातायात की समस्या को कम करेंगे।

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Priyanshi Chaturvedi 4 January 2026

अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद उत्तर कोरिया ने पूर्वी सागर की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दी हैं। दक्षिण कोरिया की जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) ने बताया कि मिसाइलें प्योंगयांग के पास से सुबह लगभग 7:50 बजे लॉन्च की गईं। यह उत्तर कोरिया का इस साल का पहला हथियार परीक्षण माना जा रहा है। अमेरिका और जापान के साथ जानकारी साझा करते हुए दक्षिण कोरिया ने अतिरिक्त सतर्कता बरती है। अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड ने कहा कि उन्हें उत्तर कोरिया के मिसाइल लॉन्च की पूरी जानकारी है और वे अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान आकलन के अनुसार मिसाइल लॉन्च से अमेरिकी कर्मियों या किसी क्षेत्र में तत्काल कोई खतरा नहीं है। अमेरिका ने अपनी मातृभूमि और सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सतर्क रहने की बात कही।

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Priyanshi Chaturvedi 4 January 2026

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने अपने AI चैटबोट Grok पर अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट बनाने को लेकर कड़े नियम लागू कर दिए हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि Grok के जरिए बनाई गई फूहड़ या अश्लील सामग्री तुरंत हटाई जाएगी और ऐसे कंटेंट बनाने वाले यूजर्स का अकाउंट वही कार्रवाई झेलेगा जो सीधे अवैध कंटेंट अपलोड करने पर होती है। इसका मतलब है कि नियम तोड़ने वाले यूजर का अकाउंट हमेशा के लिए बैन कर दिया जाएगा। यह कदम भारत सरकार की तरफ से आपत्ति जताने के तीन दिन बाद आया। शिवसेना (UBT) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने आईटी मंत्री को पत्र लिखकर बताया था कि कुछ लोग AI का गलत इस्तेमाल कर महिलाओं की असली तस्वीरों को आपत्तिजनक रूप में बदल रहे हैं। X के मालिक इलॉन मस्क ने कहा कि Grok केवल यूजर के इनपुट के आधार पर काम करता है और जिम्मेदारी टूल की नहीं, बल्कि इसे इस्तेमाल करने वाले की होती है। नए नियमों के बाद अब AI का गलत इस्तेमाल करने वालों को सीधे सजा भुगतनी पड़ेगी।

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Priyanshi Chaturvedi 4 January 2026

बलूचिस्तान के नेता मीर यार बलूच ने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर क्षेत्र की बढ़ती अस्थिरता और पाकिस्तान-चीन गठबंधन को लेकर आगाह किया है। पत्र में मीर ने बलूचिस्तान के 6 करोड़ नागरिकों की ओर से भारत के प्रति दोस्ती, सहयोग और विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने मोदी सरकार के ऑपरेशन सिंदूर की सराहना करते हुए क्षेत्रीय सुरक्षा में किए गए साहसिक कदमों की तारीफ़ की और बलूच लोगों के 79 साल से चले आ रहे मानवाधिकार उल्लंघनों का जिक्र किया।   मीर ने चेतावनी दी कि चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) के अंतिम चरण के चलते चीन बलूचिस्तान में अपनी सेना तैनात कर सकता है, जो भारत और बलूचिस्तान दोनों के लिए गंभीर खतरा होगा। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि भारत और बलूचिस्तान के बीच ठोस, कार्रवाई लायक सहयोग स्थापित किया जाए, ताकि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्वतंत्रता सुनिश्चित की जा सके। पत्र में बलूच नेता ने बलूचिस्तान को स्वतंत्र गणराज्य के रूप में मान्यता दिलाने और चीन-पाकिस्तान गठबंधन की संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए भारत के साथ मजबूत संबंध बनाने की अपील की।

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Priyanshi Chaturvedi 2 January 2026

  आईआईटी दिल्ली के 2000 बैच के पूर्व छात्रों ने अपनी जड़ों की ओर लौटकर अपने संस्थान को 70 करोड़ रुपये का दान देकर मिसाल कायम की है। आमतौर पर छात्र डिग्री लेने के बाद अपने करियर और निजी जीवन में व्यस्त हो जाते हैं, लेकिन इस बैच ने रीयूनियन के अवसर पर देश और विदेश से कैंपस आकर संस्थान के लिए अपनी दरियादिली दिखाई। यह इतिहास में पहली बार हुआ कि किसी संस्थान को पासिंग आउट बैच द्वारा इतना बड़ा योगदान मिला है।       आईआईटी दिल्ली ने दान की राशि का अधिकांश हिस्सा ‘जनरल एंडोमेंट’ फंड में डालने का निर्णय लिया है, जिससे संस्थान भविष्य की रणनीतिक और शैक्षणिक जरूरतों को पूरा कर सके। इस फंड का इस्तेमाल नए अकादमिक प्रोग्राम, उन्नत प्रयोगशालाओं, छात्रवृत्ति कार्यक्रम और फैकल्टी एक्सीलेंस पर किया जाएगा। इस पहल को नेतृत्व देने वाले पूर्व छात्र रोहित दुबे ने कहा कि यह कदम संस्थान को लौटाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए अवसर तैयार करने की भावना को दर्शाता है। आईआईटी दिल्ली के डीन ऑफ एलुमनी रिलेशंस प्रो. नीलांजन सेनराय ने भी इसे रिसर्च और इंफ्रास्ट्रक्चर सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण बताया।

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Priyanshi Chaturvedi 2 January 2026

पिछले कुछ दिनों में रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी ने अरावली मामले और उन्नाव कांड जैसे मामलों पर सरकार से तीखे सवाल पूछकर सबको चौंका दिया है। आम धारणा रही है कि अर्नब सरकार समर्थक रहे हैं, लेकिन अब उनका रुख अचानक बदल गया है। लाइव AMA (Ask Me Anything) में अर्नब ने स्पष्ट किया कि उनकी पत्रकारिता का मकसद समर्थन या विरोध नहीं, बल्कि देशहित है। उन्होंने कहा कि अगर आवाज नहीं उठाई जाएगी तो बदलाव नहीं आएगा, और पत्रकारिता का असली उद्देश्य यही होना चाहिए।       अरावली मामले पर अर्नब ने कहा कि इसमें सिर्फ सही और गलत है, किसी पार्टी या सरकार का पक्ष नहीं। उन्होंने 20 दिसंबर के अदालत आदेश को गलत बताया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इसे रोकना पड़ा। अर्नब ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य सिर्फ सच को उजागर करना है और इसके लिए किसी तरह का क्रेडिट नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने भी महसूस किया कि आदेश सही नहीं था, और उनके लिए यह सही और गलत की लड़ाई है, न कि किसी राजनीतिक लाइन की।

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Priyanshi Chaturvedi 2 January 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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दिल्ली की यमुना नदी पर बने सिग्नेचर ब्रिज का रखरखाव और सुरक्षा अब लोक निर्माण विभाग (PWD) के हाथ में होगा। पहले इसकी जिम्मेदारी दिल्ली पर्यटन विभाग (DTTDC) के पास थी। PWD के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि अब ब्रिज का पूरा संचालन, सुरक्षा और रखरखाव PWD करेगा। यह बदलाव बजट और तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया गया है, क्योंकि पुल एक एडवांस संरचना है और विशेष देखभाल की आवश्यकता है।     ब्रिज पर चोरी, स्टंट और सुरक्षा संबंधी कई घटनाओं के चलते PWD ने नई सुरक्षा व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत 24 घंटे तीन शिफ्टों में गार्ड तैनात होंगे और एक सशस्त्र गनमैन सुरक्षा में रहेगा। इस इंतजाम पर लगभग 1.5 करोड़ रुपये खर्च होंगे। भारत का पहला असिमेट्रिकल केबल-स्टेड ब्रिज, जिसमें 127 स्टील केबल्स लगे हैं, आउटर रिंग रोड को करावल नगर और भजनपुरा से जोड़ता है। ब्रिज का 154 मीटर ऊंचा पाइलॉन और व्यूइंग बॉक्स फिलहाल आम जनता के लिए बंद हैं, लेकिन PWD की देखरेख से इसकी सुरक्षा और सुविधाओं में सुधार सुनिश्चित होगा।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 2 January 2026

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को #SkillTheNation एआई चैलेंज का शुभारंभ करते हुए देश को भविष्य की तकनीक से जोड़ने का मजबूत संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने ओडिशा के रायरांगपुर में इग्नू क्षेत्रीय केंद्र और कौशल केंद्र का वर्चुअल उद्घाटन भी किया। राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आज पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं और समाजों को नया रूप दे रही है। यह तकनीक लोगों के सीखने, काम करने और आधुनिक सेवाओं तक पहुंच के तरीकों को तेजी से बदल रही है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे युवा देश के लिए एआई केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि सकारात्मक और समावेशी परिवर्तन लाने का शक्तिशाली अवसर है। एआई से बदलेगा भारत का भविष्य राष्ट्रपति मुर्मू ने छात्रों और युवाओं से आह्वान किया कि वे एआई और नई तकनीकों से जुड़े अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज की सेवा, समस्याओं के समाधान और दूसरों को सशक्त बनाने में करें। उन्होंने एआई लर्निंग मॉड्यूल पूरा करने वाले सांसदों की भी सराहना की और इसे निरंतर सीखने का अच्छा उदाहरण बताया। राष्ट्रपति ने कहा कि एआई आने वाले दशक में जीडीपी, रोजगार और उत्पादकता बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाएगा और भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए यह एक अहम विकास चालक बनेगा। उन्होंने डेटा साइंस, एआई इंजीनियरिंग और डेटा एनालिटिक्स जैसे कौशलों को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि सरकार संस्थानों, उद्योग और शिक्षाविदों के साथ मिलकर एक जिम्मेदार और समावेशी तकनीकी भविष्य बनाने की दिशा में काम कर रही है। यह कार्यक्रम कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की ओर से आयोजित किया गया था, जिसका मकसद भारत के कार्यबल को एआई-संचालित भविष्य के लिए तैयार करना है।

Patrakar Vandana Singh

Vandana Singh 1 January 2026

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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भारतीय रेल यात्रियों के लिए यह वाकई बड़ी खुशखबरी है। देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का परीक्षण और सर्टिफिकेशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि यह आधुनिक ट्रेन गुवाहाटी से कोलकाता के बीच चलाई जाएगी, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आने वाले दिनों में हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन खासतौर पर लंबी दूरी की रात की यात्राओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसमें यात्रियों को वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं, बेहतर सुरक्षा, आरामदायक स्लीपर कोच और आधुनिक तकनीक का अनुभव मिलेगा। रेल मंत्री के मुताबिक, यह ट्रेन भारतीय रेलवे के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है, जो प्रीमियम और सुविधाजनक यात्रा को नई ऊंचाई देगा। बुलेट ट्रेन का सपना: 15 अगस्त 2027 की तारीख तय वंदे भारत स्लीपर के साथ ही रेल मंत्री ने देश की पहली बुलेट ट्रेन को लेकर भी बड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त 2027 को भारत को अपनी पहली बुलेट ट्रेन मिल जाएगी। हल्के-फुल्के अंदाज में उन्होंने कहा कि लोग अभी से टिकट लेने की तैयारी कर लें, क्योंकि सरकार तय समय सीमा में इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल नवंबर में गुजरात दौरे के दौरान मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का खुद निरीक्षण किया था और सूरत बुलेट ट्रेन स्टेशन पर जाकर काम की बारीकी से समीक्षा की थी। पीएम मोदी ने कर्मचारियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा था कि यह परियोजना सिर्फ गुजरात नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है, जो भारत के परिवहन सिस्टम को आधुनिक और तेज बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

Patrakar Vandana Singh

Vandana Singh 1 January 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 129वें और वर्ष 2025 के अंतिम एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह साल भारत के लिए गर्व और उपलब्धियों से भरा रहा। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा, विज्ञान, अंतरिक्ष, खेल और वैश्विक मंचों पर भारत ने अपनी मजबूत छाप छोड़ी। पीएम मोदी ने बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने दुनिया को दिखा दिया कि आज का भारत अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करता, वहीं अंतरिक्ष के क्षेत्र में शुभांशु शुक्ला का इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन तक पहुंचना ऐतिहासिक उपलब्धि रही। पीएम मोदी ने कहा कि 2025 में भारत की आस्था, संस्कृति और विरासत एक साथ दिखाई दी। प्रयागराज महाकुंभ के भव्य आयोजन और अयोध्या में राम मंदिर पर ध्वजारोहण ने हर भारतीय को गर्व से भर दिया। उन्होंने युवाओं की सराहना करते हुए Smart India Hackathon 2025 का उल्लेख किया, जहां छात्रों ने सरकारी विभागों से जुड़ी सैकड़ों समस्याओं के व्यावहारिक समाधान पेश किए। साथ ही Geetanjali IISc को सांस्कृतिक केंद्र के रूप में उभरने का उदाहरण बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2025 खेलों के लिहाज से भी ऐतिहासिक रहा, जहां पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों समेत पैरा एथलीटों ने देश का नाम रोशन किया। उन्होंने विदेशों में रह रहे भारतीयों से अपनी मातृभाषा से जुड़े रहने का संदेश देते हुए दुबई की ‘कन्नड़ा पाठशाला’ का उदाहरण साझा किया। पीएम मोदी ने कहा कि जैसे-जैसे 2026 करीब आ रहा है, भारत एकजुट होकर नई चुनौतियों और संभावनाओं के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 28 December 2025

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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कांग्रेस पार्टी ने आज अपना 140वां स्थापना दिवस दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में पूरे सम्मान और उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और पार्टी के गौरवशाली इतिहास व योगदान को याद किया। कार्यक्रम में संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। खरगे ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा जनकल्याण, सशक्तिकरण और लोकतंत्र की मजबूती के लिए काम करती रही है।   अपने संबोधन में खरगे ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को मुंबई में हुई थी और स्वतंत्रता संग्राम में करोड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जेल जाकर देश की आजादी के लिए संघर्ष किया। उन्होंने महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के बलिदानों को याद करते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा देश की एकता, अखंडता और धर्मनिरपेक्षता की रक्षा की है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस और यूपीए सरकार के कार्यकाल में बने आरटीआई, आरटीई, मनरेगा और खाद्य सुरक्षा जैसे कानूनों का उल्लेख किया।   खरगे ने इस दौरान मोदी सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछले 11 वर्षों में लोकतांत्रिक संस्थाओं और जनता के अधिकारों को कमजोर किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने संस्थापकों के सपनों के भारत के लिए संघर्ष करती रहेगी और संविधान व लोकतंत्र की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से आवाज उठाती रहेगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 28 December 2025

देश की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए आज रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में तीनों सेनाओं के लिए इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट (EP) के तहत हथियारों की खरीद पर अहम निर्णय लिए जा सकते हैं। खास तौर पर मिसाइल प्रणालियों की खरीद इस बैठक का प्रमुख एजेंडा रहने वाला है, जिससे भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की मारक क्षमता को बढ़ाया जा सके।   बैठक में भारतीय नौसेना के लिए 700 से अधिक MR-SAM (मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल) की खरीद पर चर्चा हो सकती है। DRDO और इजराइल की साझेदारी से विकसित ये मिसाइलें करीब 70 किलोमीटर की रेंज तक दुश्मन के विमान, मिसाइल, ड्रोन और हेलिकॉप्टर को मार गिराने में सक्षम हैं। वहीं भारतीय वायुसेना 600 से ज्यादा Astra Mark-2 एयर-टू-एयर मिसाइलें खरीदने की योजना पर विचार कर रही है, जिनकी रेंज लगभग 200 किलोमीटर है और जिनसे सीमा के भीतर रहते हुए दुश्मन विमानों को निशाना बनाया जा सकता है। इसके अलावा SPICE प्रिसिजन गाइडेड बमों की खरीद पर भी फैसला संभव है।   भारतीय सेना के लिए नए लो-लेवल और हल्के रडार की जरूरत भी बैठक में उठाई जा सकती है। BEL द्वारा विकसित 3D असलेशा और 2D भाराणी रडार पहले से सेवा में हैं और अब दो दर्जन से ज्यादा नए रडार शामिल करने की मांग है। ये आकाशीर कमांड और रिपोर्टिंग सिस्टम का हिस्सा होंगे, जिसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रभावी प्रदर्शन किया था। DAC में रक्षा मंत्री, रक्षा राज्य मंत्री, CDS, तीनों सेनाओं के प्रमुख, रक्षा सचिव और DRDO प्रमुख शामिल हो सकते हैं। आज की बैठक को भारत की सैन्य ताकत बढ़ाने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है।  

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 26 December 2025

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वोटर लिस्ट की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोमवार को नेताजी इनडोर स्टेडियम में तृणमूल कांग्रेस के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया खामियों से भरी हुई है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग राज्य सरकार को जानकारी दिए बिना पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर रहा है और बीजेपी के हित में काम कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान निष्क्रिय रहने वाले टीएमसी पार्षदों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने की साजिश का दावा सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि एसआईआर सुनवाई के लिए नियुक्त किए गए कई केंद्रीय अधिकारियों को स्थानीय भाषा का ज्ञान नहीं है, जिससे सही जांच संभव नहीं हो पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी करीब डेढ़ करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाने की कोशिश कर रही है, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है। ममता ने यह भी दावा किया कि वर्धमान जिले में दूसरे राज्यों, खासकर बिहार से बाहरी लोगों को लाया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इतनी कम समय में यह प्रक्रिया सही ढंग से पूरी हो सकती है और क्या बीएलओ को इसके लिए पर्याप्त प्रशिक्षण दिया गया है। ममता ने कहा कि यह सब लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Patrakar Vandana Singh

Vandana Singh 22 December 2025

भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी को पत्र लिखकर तेलंगाना सरकार के कामकाज पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पूछा कि 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस द्वारा किए गए छह प्रमुख वादे, सत्ता में आने के दो साल बाद भी पूरे क्यों नहीं हुए। रेड्डी ने यह भी जानना चाहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा दिल्ली में प्रस्तुत किए गए “तेलंगाना राइजिंग–2047” विजन डॉक्यूमेंट के दौरान क्या सोनिया गांधी ने पुराने चुनावी वादों की समीक्षा की थी।     तेलुगु में लिखे पत्र में रेड्डी ने याद दिलाया कि 17 सितंबर 2023 को हैदराबाद के तुक्कुगुडा में सोनिया गांधी ने ‘अभय हस्तम’ नामक घोषणापत्र जारी कर जनता को छह गारंटियों का व्यक्तिगत आश्वासन दिया था। उन्होंने सवाल किया कि सत्ता में दो साल पूरे होने के बाद क्या पार्टी नेतृत्व ने कभी इन वादों की स्थिति की समीक्षा की। रेड्डी ने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर नई योजनाओं की बात हो रही है, जबकि पुरानी गारंटियां अब भी अधूरी हैं।       केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सोनिया गांधी द्वारा मुख्यमंत्री को दी गई बधाई से ऐसा प्रतीत होता है कि या तो वह जमीनी हकीकत से अनजान हैं या फिर जनता से किए गए वादों को भुला दिया गया है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि चुनावी घोषणापत्र के “420 वादों” को कहां दफना दिया गया है। रेड्डी ने सोनिया गांधी से किसानों, महिलाओं, युवाओं, छात्रों और वंचित वर्गों से किए गए वादों पर स्पष्ट जवाब देने की मांग करते हुए कहा कि तेलंगाना की जनता जवाब का इंतजार कर रही है और वादों को पूरा न करने की स्थिति में उचित जवाब देगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 21 December 2025

दिल्ली और उत्तर भारत के कई हिस्सों में घने कोहरे के कारण शुक्रवार को हवाई और सड़क यातायात प्रभावित रहा। एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट सहित प्रमुख एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए विशेष ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। इन एयरलाइंस ने उड़ानों में देरी या रद्द होने की संभावना जताते हुए यात्रियों से फ्लाइट स्टेटस पहले से जांचने की सलाह दी। दिल्ली एयरपोर्ट ने भी CAT III ऑपरेशन शुरू कर दिया है, जिससे कम विजिबिलिटी में भी विमानों को सुरक्षित लैंडिंग की सुविधा मिल सके, हालांकि उड़ानों में देरी और व्यवधान संभव हैं।   एयर इंडिया ने यात्रियों को भरोसा दिलाया कि किसी भी देरी या कैंसलेशन की स्थिति में ग्राउंड स्टाफ सहायता देगा और वैकल्पिक इंतजाम किए जाएंगे। प्रभावित उड़ानों के यात्रियों को पहले से अलर्ट भेजा जाएगा, और वे बिना अतिरिक्त शुल्क के फ्लाइट बदल सकते हैं या फुल रिफंड ले सकते हैं। इंडिगो एयरलाइंस ने भी सुबह यात्रा करने वाले यात्रियों को देरी या रीशेड्यूल की संभावना से अवगत कराया और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने की बात कही। स्पाइसजेट ने भी कम विजिबिलिटी के कारण उड़ानों में व्यवधान की चेतावनी दी।   राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के बहुत खराब स्तर के कारण विजिबिलिटी 50 मीटर से कम रह गई। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, सफदरजंग में विजिबिलिटी शून्य और पालम में केवल 50 मीटर रही। CPCB के आंकड़ों के मुताबिक सुबह 07:05 बजे दिल्ली का AQI 387 पर पहुंच गया, जो पिछले दिन के 373 के औसत से भी खराब है। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि हवाओं में सुधार के बावजूद वीकेंड में एक नया पश्चिमी विक्षोभ हवा की गुणवत्ता को फिर से प्रभावित कर सकता है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 19 December 2025

मध्य प्रदेश के जबलपुर से भोपाल को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-45 पर देश की पहली टेबल टॉप रेड मार्किंग सड़क तैयार की गई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा बनाई गई इस सड़क को लोग ‘रेड कारपेट रोड’ के नाम से पहचानने लगे हैं। यह सड़क न केवल सुंदर है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण साबित होगी।     यह सड़क विशेष रूप से वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के पास से गुजरती है, जहां बाघ, तेंदुआ, हिरण और सांभर जैसी प्रजातियां अकसर मार्ग पार करती हैं। सड़क पर 5 मिलीमीटर मोटी उभरी हुई लाल रंग की मार्किंग और टेबल टॉप तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे वाहन चालक की स्पीड अपने आप कम होती है और वन्यजीव सुरक्षित रहते हैं। इसके अलावा, सड़क के दोनों किनारों पर सफेद शोल्डर लाइनें और 25 अंडरपास बनाए गए हैं।     11.9 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 122 करोड़ रुपए है और इसे 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यात्रियों का कहना है कि लाल रंग की वजह से सड़क बेहद खूबसूरत लग रही है, जैसे कोई रेड कारपेट बिछा हो। इस नई तकनीक से वन्यजीव सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है और यह देश में वन्यजीव संरक्षण और सड़क विकास का एक उत्कृष्ट उदाहरण बन चुकी है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 18 December 2025

  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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मध्य प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं। सतपुड़ा, पेंच, बांधवगढ़ समेत प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में पर्यटकों के मोबाइल फोन उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। नई व्यवस्था 16 दिसंबर से प्रभावी हो चुकी है। इसके तहत अब पर्यटक कोर एरिया में मोबाइल फोन से न तो फोटो ले सकेंगे और न ही वीडियो बना सकेंगे। अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला वन्यजीवों की प्राकृतिक गतिविधियों में किसी तरह की बाधा न पहुंचे, इसे ध्यान में रखते हुए लिया गया है।   वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप है, जिसमें वन्यजीव संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। मोबाइल कैमरे, फ्लैश और लगातार होने वाली गतिविधियों से वन्यजीवों के व्यवहार पर नकारात्मक असर पड़ता है। इसी को देखते हुए कोर एरिया को पूरी तरह ‘डिस्टर्बेंस फ्री जोन’ बनाने की दिशा में यह कदम उठाया गया है।   इसके साथ ही टाइगर रिजर्व के बफर जोन में नाइट सफारी पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि रात के समय सफारी से टाइगर और अन्य वन्यजीवों की स्वाभाविक दिनचर्या प्रभावित होती है। नई व्यवस्था से उन्हें शांत और सुरक्षित वातावरण मिलेगा। हालांकि इस फैसले से पर्यटकों को अब सफारी का अनुभव बिना मोबाइल के करना होगा, लेकिन इसे वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 16 December 2025

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि (30 जनवरी) के अवसर पर मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। भोपाल नगर निगम ने आदेश जारी करते हुए नगर निगम सीमा क्षेत्र में संचालित सभी मांस दुकानों को इन दोनों दिनों में बंद रखने के निर्देश दिए हैं। यह निर्णय महात्मा गांधी की अहिंसा की नीति और राष्ट्रीय महत्व के दिनों की मर्यादा को सम्मान देने के उद्देश्य से लिया गया है। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने सभी मांस विक्रेताओं को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि इन तिथियों पर किसी भी प्रकार की बिक्री नहीं की जाएगी। नगर निगम ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों का लाइसेंस तत्काल निरस्त कर दिया जाएगा। साथ ही जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम की टीमें विशेष निरीक्षण अभियान चलाएंगी और उल्लंघन की स्थिति में मांस जब्त किया जाएगा। अधिकारियों ने मांस कारोबारियों से अपील की है कि वे आदेशों का पालन कर सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करें।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 16 December 2025

अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय बच्चन को लेकर लंबे समय से तलाक की अफवाहें चल रही थीं, जिन पर अब अभिषेक ने साफ और दो टूक बात कही है। पीपिंग मून से बातचीत में अभिषेक ने कहा कि पब्लिक फिगर होने के नाते लोगों का अंदाज़े लगाना आम बात है, लेकिन जो कुछ भी लिखा जा रहा है, वह पूरी तरह झूठ और बेबुनियाद है। उन्होंने कहा कि यह सब जानबूझकर दुख पहुंचाने के लिए किया जाता है। अभिषेक ने बताया कि उनकी शादी से पहले लोग शादी की तारीखें तय कर रहे थे और शादी के बाद यह कयास लगाने लगे कि वे कब अलग होंगे। उन्होंने साफ कहा कि वह और ऐश्वर्या एक-दूसरे का सच जानते हैं और एक प्यार करने वाले, ज़मीन से जुड़े परिवार की तरह साथ हैं, और यही उनके लिए सबसे अहम है।अभिषेक ने यह भी कहा कि तलाक की अटकलों से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि इनमें सच्चाई का कोई अंश नहीं है। उन्होंने साफ किया कि वह अपने परिवार को लेकर मनगढ़ंत कहानियां बर्दाश्त नहीं करेंगे। बीते एक साल में कपल की पर्सनल लाइफ खूब चर्चा में रही, लेकिन हाल के महीनों में दोनों कई मौकों पर साथ नज़र आए। अप्रैल में ऐश्वर्या पुणे में अपने कज़िन की शादी में अभिषेक और बेटी आराध्या के साथ शामिल हुईं। इसके अलावा आराध्या के स्कूल फंक्शन, जन्मदिन सेलिब्रेशन और एक स्टार-स्टडेड वेडिंग रिसेप्शन में भी यह परिवार साथ दिखा। बता दें कि अलग होने की अफवाहें तब तेज़ हुई थीं जब एक इवेंट में दोनों ने अलग-अलग एंट्री ली थी और अभिषेक ने “ग्रे डिवोर्स” से जुड़ा एक पोस्ट लाइक किया था। हालांकि, अब अभिषेक के बयान ने इन सभी अटकलों पर काफी हद तक विराम लगा दिया है।

Patrakar Vandana Singh

Vandana Singh 14 December 2025

आज संसद पर हुए आतंकी हमले को 24 साल पूरे हो गए। 13 दिसंबर 2001 को आतंकियों ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के सबसे बड़े प्रतीक संसद भवन पर हमला किया था। इस हमले में कई वीर जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना आतंकियों को आगे बढ़ने से रोका और देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए। इस अवसर पर संविधान सदन (पुरानी संसद भवन) में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जहां सबसे पहले उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शहीदों को नमन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने शहीद जवानों की तस्वीरों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान CISF के जवानों ने सम्मान गार्ड दिया और कुछ मिनट का मौन रखकर बलिदान को याद किया। उल्लेखनीय है कि 2023 तक यह जिम्मेदारी CRPF निभाती थी, अब CISF यह सम्मान दे रही है।   हमले की याद और नेताओं की मौजूदगी   इस श्रद्धांजलि सभा में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, जितेंद्र सिंह और अर्जुन राम मेघवाल भी शहीदों को नमन करने पहुंचे। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने लातूर में आयोजित अलग श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भाग लिया। गौरतलब है कि 13 दिसंबर 2001 को हथियारों से लैस पांच आतंकी संसद भवन में घुसने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें सुरक्षाबलों ने बहादुरी से रोक दिया। इस हमले में दिल्ली पुलिस के 6 जवान, संसद सुरक्षा बल के 2 जवान और एक टीवी पत्रकार शहीद हो गए थे। देश आज भी उन वीरों के बलिदान को याद करता है, जिन्होंने अपनी जान देकर संसद और लोकतंत्र की रक्षा की।

Patrakar Vandana Singh

Vandana Singh 13 December 2025

  मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार के दो वर्ष पूरे हो गए हैं। इस अवसर पर सीएम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं और जिला स्तर पर किए गए कार्यों की दो पुस्तकों का विमोचन किया। उन्होंने सबसे पहले नक्सल-मुक्त मध्य प्रदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि 1995 की भयावह घटनाओं के बाद कोई ठोस रणनीति नहीं बनी थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में मंडला, डिंडोरी और बालाघाट जैसे इलाकों में नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया कर दिया। उन्होंने बताया कि अब नक्सलियों में सरेंडर करने की होड़ लग गई थी। सिंहस्थ 2028 को दिव्य और भव्य बनाने की तैयारियों का भी जिक्र किया, जिसमें शिप्रा नदी को पुनर्जीवित कर प्राकृतिक जल से स्नान व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।   सीएम मोहन यादव ने बताया कि वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाया गया। इस दौरान ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में पहली बार बड़े निवेशकों का आगमन हुआ। प्रदेश को देश का पहला पीएम मित्र पार्क मिला, 55 पीएम एक्सीलेंस कॉलेज और कई मेडिकल कॉलेज खोले गए। टूरिज्म के क्षेत्र में हेलीकॉप्टर सेवा, GIS भोपाल जैसी नई पहचान और धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष काम हुआ। ऊर्जा विभाग में रिकॉर्ड सुधार और उद्योग विस्तार को लेकर सरकार ने अभूतपूर्व प्रयास किए।   महिलाओं और किसानों के लिए किए गए कदमों पर बात करते हुए सीएम ने कहा कि लाडली बहना योजना की राशि बढ़ाकर 1500 रुपये कर दी गई है। किसानों के लिए 2600 रुपये गेहूं के भाव और सोयाबीन पर भावंतर का लाभ दिया जाएगा। गौ-संरक्षण हेतु अनुदान बढ़ाकर 40 रुपये किया गया है और दूध उत्पादन को 20% तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि सायबर तहसील, ई-बस सेवा, साइंस सिटी व रिसर्च सिटी जैसे प्रोजेक्ट प्रदेश के भविष्य को नई दिशा देंगे। नशे के कारोबार के खिलाफ जन अभियान चलेगा और 19 स्थानों पर शराब की दुकानें बंद रहेंगी। सीएम ने दोहराया— “हर कमिटमेंट पूरा करेंगे।”

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 12 December 2025

दिल्ली में नवजात बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र से जुड़ी प्रक्रिया अब और सरल हो गई है। दिल्ली नगर निगम (MCD) ने तीन बड़े बदलाव लागू किए हैं, जिनसे माता-पिता को अब जन्म प्रमाणपत्र के लिए अलग से चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नई व्यवस्था के तहत अस्पताल, नर्सिंग होम या क्लिनिक में होने वाले संस्थागत प्रसव पर डिस्चार्ज से पहले ही नवजात का मुफ्त जन्म प्रमाणपत्र माता-पिता को दे दिया जाएगा। MCD के अनुसार, दिल्ली के 96% प्रसव पहले से ही संस्थागत होते हैं, और इस सुधार से प्रक्रिया लगभग 100% कवरेज की ओर बढ़ रही है।   MCD ने सिस्टम को डिजिलॉकर और UIDAI से भी जोड़ दिया है। जन्म पंजीकरण होते ही प्रमाणित डिजिटल कॉपी सीधे डिजिलॉकर में पहुंच जाएगी, जिससे कागज खोने या वेबसाइट डाउन होने की चिंता खत्म होगी। साथ ही UIDAI को स्वचालित सूचना भेजी जाएगी और उसका स्टाफ घर जाकर नवजात का आधार बनवाएगा। 2024 में दिल्ली में 3,06,459 बच्चों का जन्म हुआ, जिनमें 96.09% संस्थागत प्रसव शामिल थे।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 12 December 2025

दिल्ली में वायु प्रदूषण कम करने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। दिसंबर के आखिरी सप्ताह में IIT दिल्ली में पहला ‘क्लीन-एयर इनोवेशन शोकेस’ आयोजित किया जाएगा। इस इवेंट का उद्देश्य उन तकनीकों को चुनना है, जो दिल्ली की हवा को तेजी और प्रभावी तरीके से साफ़ कर सकें। देशभर से लगभग 300 प्रविष्टियां प्राप्त हुई हैं, जिनकी शुरुआती जांच पूरी हो चुकी है। अब चयनित टीमों को विशेषज्ञों की ITEC कमेटी के सामने अपने मॉडल और प्रोटोटाइप प्रदर्शित करना होगा।   इन तकनीकों को दो श्रेणियों में पेश किया जाएगा: वाहन से निकलने वाले PM2.5 और PM10 प्रदूषण को कम करने वाले उपकरण और हवा में पहले से मौजूद कणों को साफ़ या कैप्चर करने वाली तकनीकें। हर टीम को अपने प्रोटोटाइप का प्रदर्शन करना होगा ताकि यह साबित किया जा सके कि उनका समाधान वास्तविक परिस्थितियों में कैसे काम करता है। यह शोकेस सार्वजनिक रूप से आयोजित होगा, जहां आम लोग, छात्र, शोधकर्ता और सरकारी अधिकारी लाइव प्रदर्शन देख सकेंगे।   पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि योग्य तकनीकों को फील्ड ट्रायल और लैब टेस्टिंग के लिए भेजा जाएगा, जिसकी लागत DPCC वहन करेगा। सफल तकनीकों को दो चरणों में प्रोत्साहन दिया जाएगा: फील्ड ट्रायल सफल होने पर 5 लाख रुपये और बड़े पैमाने पर लागू होने पर 50 लाख रुपये। यह पहल दिल्ली की लंबी अवधि की साफ हवा रणनीति का हिस्सा है, जिसमें वैज्ञानिक तरीके और जनता की भागीदारी के माध्यम से प्रदूषण से लड़ने की तैयारी की जा रही है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 12 December 2025

बिहार चुनाव 2025 में सीमांचल की पांच सीटें जीतने के बाद AIMIM एक बार फिर सियासी चर्चाओं के केंद्र में आ गई है। इन विधायकों के एनडीए में जाने की अटकलें तेज हैं, खासकर तब से जब तीन AIMIM विधायक—सरवर आलम, मुर्शीद आलम और अख्तरुल ईमान—नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिले। मुलाकात के बाद मुर्शीद आलम ने नीतीश को “राजनीतिक गुरु” कहा, जिससे सियासी अटकलों को और हवा मिली। हालांकि AIMIM प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने इस मुलाकात को सिर्फ क्षेत्रीय समस्याओं पर चर्चा बताया और कहा कि इसमें किसी भी तरह की राजनीतिक सौदेबाजी शामिल नहीं थी।   अख्तरुल ईमान ने 2020 जैसी टूट की आशंका को खारिज करते हुए दावा किया कि AIMIM के विधायक पूरी तरह मजबूत हैं और जनता ने पिछली बार पार्टी छोड़ने वालों को जो सज़ा दी, उसके बाद कोई ऐसी गलती दोहराने की हिम्मत नहीं करेगा। उधर, मंत्रिमंडल विस्तार से पहले AIMIM के पांच विधायक सत्ता समीकरण में अहम हो गए हैं, इसलिए दोनों बड़े गठबंधन उन पर नजर बनाए हुए हैं। ईमान ने यह भी कहा कि सीमांचल के विकास के मुद्दों पर पार्टी सरकार को नैतिक समर्थन देगी, लेकिन यह सोचना गलत है कि नीतीश कुमार भाजपा से अलग हो जाएंगे—“भविष्य को किसने देखा है?”

Kolar News

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यूनेस्को ने दिवाली को अमूर्त विश्व धरोहर की सूची में शामिल कर दिया है। इस घोषणा के दौरान भारत सहित घाना, जॉर्जिया, कांगो, इथियोपिया और मिस्र जैसे देशों के सांस्कृतिक प्रतीक भी सूची में शामिल किए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "दिवाली हमारी सभ्यता की आत्मा है। यह संस्कृति और प्रकृति से जुड़ा है और ज्ञान व धर्म का प्रतीक है।" भारत की अब तक 15 अमूर्त विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं, जिनमें दुर्गा पूजा, कुंभ मेला, वैदिक मंत्रोच्चार, रामलीला और छऊ नृत्य शामिल हैं।     यूनेस्को की इंटर-गवर्नमेंटल कमेटी की 20वीं बैठक के अवसर पर दिल्ली में 10 दिसंबर को विशेष दीपावली समारोह का आयोजन किया जाएगा। राजधानी के लाल किले में मुख्य कार्यक्रम होंगे, जहां विदेशी मेहमान और बड़े अधिकारी दीप जलाने की रस्म, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पारंपरिक कला के प्रदर्शन देखेंगे। दिल्ली सरकार ने पूरे शहर को सजाने, सरकारी इमारतों को रोशनी से सजाने और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी पूरी कर ली है, ताकि दीपावली को “अंधकार से प्रकाश की ओर” ले जाने वाला वैश्विक संदेश दिया जा सके।

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Priyanshi Chaturvedi 10 December 2025

संसद के शीतकालीन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर लोकसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला और कहा कि 1937 में मुहम्मद अली जिन्ना के दबाव में कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम्’ को टुकड़ों में बांटकर धोखा दिया। पीएम मोदी ने महात्मा गांधी द्वारा इस गीत की तारीफ और राष्ट्रीय गान जैसा महत्व देने के बावजूद कांग्रेस द्वारा इसे तुष्टिकरण की राजनीति के लिए नजरअंदाज किए जाने का आरोप लगाया। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के दबाव में ‘वंदे मातरम्’ का विरोध करना शुरू किया और तुष्टिकरण की राजनीति के लिए घुटने टेके, जिसे उन्होंने विश्वासघात और विभाजन की नींव बताया। उन्होंने यह भी जोड़ा कि आज भी कांग्रेस की नीतियां पहले जैसी ही हैं और यह अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर राष्ट्रीय गीत को लेकर विवाद पैदा करने की कोशिश करती है।  

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Priyanshi Chaturvedi 9 December 2025

पाकिस्तान के नए चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) आसिम मुनीर ने पद संभालते ही भारत के खिलाफ जहर उगला है। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान शांतिप्रिय देश है, लेकिन भारत “गलतफहमी में न रहे।” मुनीर ने चेतावनी दी कि यदि भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कोई कदम उठाया, तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा।   अफगानिस्तान के साथ बढ़ते तनाव पर भी मुनीर ने दो-टूक बयान दिया। उन्होंने कहा कि तालिबान के सामने पाकिस्तान से संबंध सुधारने या टीटीपी को समर्थन देने—दो ही विकल्प हैं। यदि तालिबान टीटीपी का साथ देगा, तो दोनों देशों के बीच शांति संभव नहीं। मुनीर ने साफ कहा कि अफगानिस्तान के लिए पाकिस्तान से रिश्ते सुधारना ही सही रास्ता है।

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Priyanshi Chaturvedi 9 December 2025

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को गोरखपुर के सैनिक स्कूल पहुंचे और देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) स्व. बिपिन रावत की स्मृति में बने ऑडिटोरियम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने जनरल रावत की चौथी पुण्यतिथि के मौके पर उनकी प्रतिमा का भी अनावरण किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर रावत के जीवन और योगदान पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।   गोरखपुर सैनिक स्कूल में निर्मित ऑडिटोरियम में 1000 से अधिक लोगों के बैठने की सुविधा है। उद्घाटन समारोह में असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लाखेड़ा, जीबीआर मेमोरियल फाउंडेशन के अध्यक्ष सेवानिवृत्त एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया, सचिव मंजीत नेगी और जनरल बिपिन रावत की सुपुत्री कृतिका और तारिणी रावत उपस्थित रहे।   सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सैनिक स्कूल हर वर्ष 8 दिसंबर को जनरल बिपिन रावत और उनके साथ बलिदान देने वालों की स्मृति दिवस के रूप में मनाएगा, ताकि कैडेट्स में राष्ट्रभक्ति और प्रेरणा का भाव बना रहे। वहीं, मंगलवार दोपहर मुख्यमंत्री पिपरौली क्षेत्र के ग्राम नरकटहा में बने राजकीय ITI का उद्घाटन भी करेंगे, जिसका निर्माण पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के CSR फंड से 16 करोड़ रुपए की लागत से हुआ है।

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Priyanshi Chaturvedi 9 December 2025

मध्य प्रदेश की लाडली बहनों के लिए खुशी का मौका है। 9 दिसंबर 2025 को लाडली बहना योजना की 31वीं किस्त के तहत 1.26 करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खाते में 1500 रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे। इस मौके पर छतरपुर जिले के सती की मढ़िया परिसर में कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और प्रदेश की लाडली बहनों से संवाद करेंगे। सीएम मोहन ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से इस संबंध में अहम जानकारी साझा की है।   मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ‘लाडली बहनों के खातों में खुशियों की 31वीं किस्त का अंतरण 9 दिसंबर, 2025 को किया जाएगा, जिससे प्रदेश की 1.26 करोड़ से अधिक बहनें लाभान्वित होंगी।’ स्थानीय प्रशासन ने कार्यक्रम से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और बड़ी संख्या में महिलाओं के पहुंचने की उम्मीद है। पिछले नवंबर में योजना के तहत 1.26 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को कुल 1857 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए थे। लाडली बहना योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। योजना के तहत मासिक सहायता राशि को आगामी वर्षों में धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि साल 2028 तक महिलाओं को हर महीने 3000 रुपए मिलना शुरू हो जाए, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक मजबूत हो सके।

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Priyanshi Chaturvedi 9 December 2025

मध्यप्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में बड़ी खामियों का खुलासा हुआ है। निर्वाचन सदन के अनुसार अब तक 99 प्रतिशत से अधिक एन्युमरेशन फॉर्म डिजिटलाइज किए जा चुके हैं। इस प्रक्रिया में प्रदेश में 8.13 लाख मृत मतदाताओं की पहचान की गई है, वहीं 2,43 लाख मतदाताओं के नाम दो जगह दर्ज होने की पुष्टि हुई है। इन फॉर्मों की जांच और सत्यापन प्रक्रिया अभी जारी है, जिससे आंकड़ों में और बढ़ोतरी की संभावना है।   निर्वाचन सदन ने फॉर्म प्रकाशन और प्राप्ति के दौरान अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं की पहचान के लिए 6 से 10 दिसंबर तक सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ, बीएलए और अन्य सहयोगियों की बैठकें आयोजित करने का निर्णय लिया है। एसआइआर के आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा मृत मतदाता जबलपुर और सागर जिले में पाए गए हैं, जबकि सीहोर और पन्ना में सबसे कम मामले सामने आए हैं। इन नामों को सूची से हटाया जाएगा और अन्य पात्र मतदाताओं के नाम प्रारूप सूची में शामिल किए जाएंगे।

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Priyanshi Chaturvedi 9 December 2025

  स्मृति मंधाना और म्यूजिक कंपोजर पलाश मुच्छल की शादी टूटने के बाद अब जेमिमा रोड्रिग्स का इंस्टाग्राम पोस्ट चर्चा में है। जेमिमा ने एक सिंगिंग ग्रुप का वीडियो शेयर किया, जिसमें वे ओलिविया डीन का गाना ‘मैन आय नीड’ गाते नजर आ रहे हैं। इसका अर्थ है—“ऐसा आदमी बनो, जिसकी मुझे जरूरत है।” फैंस का मानना है कि जेमिमा ने यह पोस्ट पलाश को टारगेट करते हुए डाला है। यह स्टोरी उसी समय आई जब स्मृति ने सोशल मीडिया पर आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि उनकी और पलाश की शादी अब कैंसिल हो चुकी है। इस कठिन समय में जेमिमा पहले भी स्मृति का साथ देती नजर आई हैं। शादी टलने की खबर के बाद वे बिग बैश लीग बीच में छोड़कर भारत लौट आई थीं। अब शादी रद्द होने के बाद उन्होंने फिर अपने तरीके से स्मृति का समर्थन जताया है। इधर स्मृति ने अपने पोस्ट में साफ कहा कि अब उनका फोकस सिर्फ क्रिकेट में देश के लिए ट्रॉफी जीतना है। वहीं, पलाश ने भी पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस विवाद से आगे बढ़ना चाहते हैं और बिना पुष्टि हुए वायरल स्क्रीनशॉट्स पर भरोसा न करने की अपील की। उन्होंने फेक चैट्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात भी कही।

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Priyanshi Chaturvedi 9 December 2025

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 8 और 9 दिसंबर को पूरे मंत्रिमंडल के साथ खजुराहो में प्रवास करेंगे और यहीं से सरकार का संचालन करेंगे। इस दौरान विकास योजनाओं की प्रगति, नीतिगत निर्णयों और जनहित के मुद्दों पर विस्तार से मंथन किया जाएगा। 9 दिसंबर को सीएम लाड़ली बहना सम्मेलन में शामिल होकर 1.26 करोड़ से अधिक बहनों के खातों में दिसंबर माह की किस्त जारी करेंगे। जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा और कार्यक्रम की तैयारियों को पूरा कर लिया है।   सीएम मोहन यादव 9 दिसंबर की सुबह 5 बजे पन्ना टाइगर रिज़र्व, कुटनी रिसॉर्ट डैम और स्नेह फॉल का भ्रमण करेंगे। इसके बाद वे कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे। प्रवास के दौरान मंत्री परिषद के साथ वे आदिवासी संग्रहालय, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और महाराजा छत्रसाल एवं सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमाओं का अनावरण करेंगे। इसके अलावा सीएम 27,055 लाख रुपये की लागत से 9 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और 24,010 लाख रुपये के 20 कार्यों का लोकार्पण करेंगे। साथ ही राजनगर में विकास आधारित प्रदर्शनी एवं हितलाभ वितरण भी किया जाएगा।   8 दिसंबर को कार्यक्रम की शुरुआत खाद्य विभाग की समीक्षा से होगी। वहीं 9 दिसंबर को औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, एमएसएमई, राजस्व, नगरीय विकास, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार, अजा-अजजा कल्याण और खनिज विभाग की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इसी दिन CCIP की बैठक भी आयोजित होगी और लोक निर्माण एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के पिछले दो वर्षों के कार्यों की समीक्षा की जाएगी। यह प्रवास प्रदेश की नीतियों में गति लाने और विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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Priyanshi Chaturvedi 8 December 2025

  देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो का परिचालन संकट रविवार को भी जारी रहा। केंद्र सरकार की सख्ती और वीकली रेस्ट नियम वापस लिए जाने के बावजूद स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। आज देशभर में इंडिगो की 250 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिससे हजारों यात्री फंस गए और दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, लखनऊ व चंडीगढ़ सहित कई एयरपोर्ट्स पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। यात्रियों ने आरोप लगाया कि उन्हें समय पर सूचना नहीं मिली तथा रिफंड और वैकल्पिक उड़ानों के बढ़े किरायों से परेशानी और बढ़ गई है। एयरलाइन ने यात्रियों से धैर्य रखने की अपील की है।   हैदराबाद एयरपोर्ट पर स्थिति सबसे खराब रही, जहां आज इंडिगो की 115 उड़ानें रद्द कर दी गईं—61 प्रस्थान और 54 आगमन वाली। अचानक लिए गए इस फैसले से यात्रियों को बड़ी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। दिल्ली एयरपोर्ट से बेंगलुरु, जयपुर, नागपुर, ग्वालियर और चेन्नई जाने वाली कई उड़ानें रद्द रहीं। मुंबई में भी 8 उड़ानें रद्द की गईं, जिनमें गोवा, जबलपुर, अहमदाबाद, मदुरै, अयोध्या धाम, पटना, कानपुर और गोरखपुर रूट शामिल हैं। लखनऊ में भी स्थिति प्रभावित रही, जहां 5 फ्लाइट्स रद्द होने से इंडिगो काउंटर पर लंबी कतारें लगी रहीं। उड़ानों में हो रही लगातार कटौती को देखते हुए केंद्र सरकार ने इंडिगो के CEO को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और 24 घंटे में जवाब मांगा है। साथ ही सभी एयरलाइंस के लिए किराया सीमा तय कर दी गई है—500 किमी तक 7,500 रुपए, 500–1000 किमी तक 12,000 रुपए, 1000–1500 किमी तक 15,000 रुपए और 1500 किमी से ऊपर 18,000 रुपए तक का किराया निर्धारित किया गया है (बिजनेस क्लास इससे बाहर है)। इसी बीच इंडिगो ने दावा किया है कि उसने 138 में से 135 डेस्टिनेशन पर सर्विस बहाल कर दी है और 95% रूट दोबारा शुरू हो चुके हैं, हालांकि भरोसा बहाल होने में समय लगने की बात भी स्वीकार की है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 7 December 2025

दिल्ली सरकार ने राजधानी की बढ़ती आबादी और जटिल होती परिवहन जरूरतों को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 21 सदस्यों वाली टास्क फोर्स गठित की है, जो दिल्ली यूनिफाइड मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (DUMTA) और दिल्ली अर्बन ट्रांसपोर्ट फंड (DUTF) के गठन का खाका तैयार करेगी। यह टास्क फोर्स मुख्य सचिव की अध्यक्षता में काम करेगी और तीन सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट उपराज्यपाल को सौंपेगी।   अधिसूचना के अनुसार प्रस्तावित DUMTA दिल्ली–एनसीआर के लिए एक व्यापक रणनीतिक मोबिलिटी प्लान तैयार करेगा। इसके तहत शहर की विभिन्न परिवहन एजेंसियों — जैसे डीटीसी, डीएमआरसी, एनएचएआई, पुलिस, नगर निगम, एनसीआरटीसी आदि — के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जाएगा। साथ ही, नया ढांचा प्रदूषण कम करने, सड़क दबाव घटाने और संगठित पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत बनाने पर केंद्रित होगा। यह अथॉरिटी दिल्ली अर्बन ट्रांसपोर्ट फंड का भी प्रबंधन करेगी, जिससे राजधानी की परिवहन परियोजनाओं को वित्तीय मजबूती मिलेगी।   गठित टास्क फोर्स में शहरी विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को सदस्य सचिव बनाया गया है। इसके अलावा परिवहन, वित्त, योजना और पीडब्ल्यूडी विभागों के प्रमुख अधिकारी सदस्य होंगे। दिल्ली विकास प्राधिकरण, दिल्ली पुलिस, नगर निगम, दिल्ली जल बोर्ड, NDMC, छावनी परिषद, NHAI, NCRPB और उत्तरी रेलवे के प्रतिनिधि भी शामिल किए गए हैं। वहीं डीटीसी, डीएमआरसी और एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक भी इस टास्क फोर्स का हिस्सा हैं। यह व्यापक प्रतिनिधित्व दिल्ली के परिवहन सिस्टम को एकीकृत और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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Priyanshi Chaturvedi 7 December 2025

बालाघाट। मध्य प्रदेश में नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता मिलने जा रही है। बालाघाट जिले में केबी डिवीजन के लीडर कबीर अपने 9 साथियों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले हैं। सरेंडर करने वालों में 4 महिला और 6 पुरुष नक्सली शामिल हैं। यह एमपी के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा नक्सली सरेंडर माना जा रहा है। कबीर एमसीसी जोन में 77 लाख की इनामी सूची में शामिल है। सभी नक्सली आज दोपहर तीन बजे बालाघाट पुलिस लाइन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने हथियार डालेंगे।   इस बड़े सरेंडर को केंद्र और राज्य सरकार की सख्त नीति का बड़ा परिणाम माना जा रहा है। केंद्र की मोदी सरकार नक्सलवाद पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है, वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सल मुक्त करने का लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कई बार स्पष्ट कर चुके हैं कि मध्य प्रदेश को तय समय सीमा के भीतर नक्सल मुक्त किया जाएगा। उनका कहना है कि नक्सली या तो सरेंडर करें या फिर नेस्तनाबूद होने के लिए तैयार रहें।

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Priyanshi Chaturvedi 7 December 2025

डॉ. बी.आर. आंबेडकर की पुण्यतिथि, जिसे महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है, 6 दिसंबर को उनकी जयंती के अवसर पर हर साल आयोजित की जाती है। इस दिन भारत के संविधान निर्माता और सामाजिक न्याय के अग्रणी डॉ. आंबेडकर को याद किया जाता है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और अन्य नेताओं ने संसद भवन परिसर में उनकी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि आंबेडकर का दूरदर्शी नेतृत्व और संविधान के प्रति अटूट प्रतिबद्धता हमारी राष्ट्रीय यात्रा को मार्गदर्शित करती रहेगी। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने डॉ. आंबेडकर को महापरिनिर्वाण दिवस पर याद करते हुए लिखा कि उनके समानता, न्याय और मानवीय गरिमा के आदर्श संविधान की रक्षा के मेरे संकल्प को मजबूत करते हैं। संसद परिसर में डॉ. आंबेडकर को श्रद्धांजलि देने के बाद राहुल ने कहा कि आंबेडकर जी एक आइकॉन हैं, जिन्होंने पूरे देश को रास्ता दिखाया और हमें संविधान दिया। उन्होंने नागरिकों से संविधान की रक्षा करने की अपील की।

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Priyanshi Chaturvedi 6 December 2025

भोपाल। मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। आगामी सिंहस्थ महाकुंभ को देखते हुए राज्य में 5 हजार नए होमगार्ड्स की भर्ती की जाएगी। राजधानी भोपाल में आयोजित होमगार्ड स्थापना दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परेड की सलामी लेते हुए यह घोषणा की। साथ ही उन्होंने बैगा, सहरिया और भारिया बटालियन के गठन, मुख्यमंत्री अदम्य साहस पुरस्कार और 10 टीमों को 51-51 हजार रुपये देने की भी घोषणा की। सीएम ने अनुकंपा अनुदान राशि बढ़ाने और होमगार्डों के लिए स्थाई आवास उपलब्ध कराने की बात भी कही।   मुख्यमंत्री ने कहा कि होमगार्ड पुलिस से कम नहीं, बल्कि हर संकट में सबसे पहले लोगों की मदद करने वाली ताकत है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष होमगार्ड ने 5 हजार से अधिक लोगों का जीवन बचाया है। सीएम ने दो महीने की सेवा बाध्यकाल (प्रोबेशन) अवधि समाप्त करने की घोषणा की और कहा कि हर देवालय में होमगार्ड को प्रार्थना दी जाएगी। कार्यक्रम में सीएम ने यह भी कहा कि जहां भी प्रदेश को जरूरत महसूस होती है, होमगार्ड हमेशा तैयार रहते हैं—चाहे बाढ़ हो, आपदा हो या कोई विशेष आयोजन।

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Priyanshi Chaturvedi 6 December 2025

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए ‘लखपति दीदी’ की तर्ज पर ‘लखपति किसान’ सम्मान देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो किसान एक बीघा भूमि से एक लाख रुपये की आय अर्जित करेंगे, उन्हें राज्य सरकार सार्वजनिक रूप से सम्मानित करेगी। इसके साथ ही बिचौलियों से किसानों को मुक्त करने और उनकी उपज का पूरा लाभ सीधे बाजार में दिलाने के लिए नई व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए।   कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने, खेतों में नवीन तकनीक अपनाने और हर संभाग में आदर्श नर्सरी विकसित करने पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि प्रदेश दाल, तिलहन और मक्का उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है, जबकि गेहूं और खाद्यान्न उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। उर्वरक वितरण, फसल बीमा राशि भुगतान, ई–मंडी व्यवस्था और एमपी फार्म गेट ऐप जैसी उपलब्धियों को भी मुख्यमंत्री ने सराहा। नरवाई प्रबंधन के लिए तीन वर्ष की कार्ययोजना और उर्वरक उपलब्धता आसान बनाने के लिए ई-विकास पोर्टल को प्रदेशभर में लागू करने की तैयारी है।   बैठक के दौरान कृषि और उद्यानिकी विभाग की आगामी तीन वर्ष की कार्ययोजना भी प्रस्तुत की गई। इसके तहत सभी नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों में साप्ताहिक जैविक/प्राकृतिक हाट बाजार शुरू किए जाएंगे। ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ दबाव सिंचाई प्रणाली का विस्तार करते हुए 2027–28 तक दो लाख हेक्टेयर भूमि को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, पराली जलाने की घटनाओं में 80% तक कमी लाने और सभी मंडियों को हाईटेक बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। तिलहन–दलहन के क्षेत्र विस्तार, अनुसंधान आधारित खेती और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को मजबूत बनाने पर भी विशेष बल दिया गया।

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Priyanshi Chaturvedi 6 December 2025

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लोन लेने वालों को बड़ी राहत देते हुए रेपो रेट में 0.25% की कटौती का ऐलान किया है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के फैसले घोषित किए, जिसके तहत रेपो रेट अब घटकर 5.25% पर आ गई है। यह फैसला 3 से 5 दिसंबर के बीच हुई द्विमासिक बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। रेपो रेट घटने का सीधा फायदा उपभोक्ताओं को मिलेगा और होम, ऑटो व पर्सनल लोन की EMI में कमी आएगी।   नीति घोषणा के दौरान RBI गवर्नर ने बताया कि देश में महंगाई 2.2% पर और आर्थिक वृद्धि 8% के आसपास बनी हुई है। ऐसे में ब्याज दरों में कटौती को उपयुक्त कदम माना गया है। हालांकि, पॉलिसी का रुख ‘न्यूट्रल’ ही रखा गया है, ताकि भविष्य की आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर लचीला निर्णय लिया जा सके। गवर्नर ने बताया कि ग्रामीण मांग मजबूत है, जबकि शहरी मांग में स्थिर सुधार हो रहा है। बढ़ती निवेश गतिविधि और बैंक क्रेडिट भी आर्थिक गति को तेज कर रहे हैं।   RBI ने अपनी नई पॉलिसी में GDP ग्रोथ के अनुमानों को भी संशोधित किया है। वित्त वर्ष 2026 के लिए अनुमान 6.8% से बढ़ाकर 7.3% कर दिया गया है। इसके अलावा चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के अनुमान को 6.4% से बढ़ाकर 7% और चौथी तिमाही को 6.2% से बढ़ाकर 6.5% कर दिया गया है। वित्त वर्ष 2027 की पहली दो तिमाहियों के लिए वृद्धि के अनुमान क्रमशः 6.7% और 6.8% तय किए गए हैं, जो आने वाले वर्षों में मजबूत आर्थिक गति का संकेत देते हैं।

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Priyanshi Chaturvedi 5 December 2025

यात्रियों की बढ़ी परेशानी, नवंबर में 1,200 से अधिक फ्लाइट कैंसिल; DGCA ने विस्तृत जांच और सुधार के निर्देश दिए।   देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) का परिचालन संकट गुरुवार को भी गहराता गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पूरे देश में 1,000 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिससे हजारों यात्रियों को घंटों इंतजार, लंबी कतारों और भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। लगातार शिकायतों के बीच DGCA ने कड़ा रुख अपनाया और एयरलाइन से जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।   इंडिगो ने DGCA की सख्ती के बीच आधिकारिक बयान जारी कर यात्रियों से माफी मांगी। बयान में कहा गया कि “पिछले दो दिनों में नेटवर्क और संचालन पर व्यापक असर पड़ा है। हम सभी यात्रियों और हितधारकों से क्षमा चाहते हैं। हमारी टीमें DGCA, AAI, BCAS, MOCA और सभी एयरपोर्ट ऑपरेटरों के साथ मिलकर स्थिति को सामान्य करने में लगी हैं।” कंपनी ने यात्रियों से उड़ान की स्थिति जांचते रहने की अपील भी की।   नवंबर इंडिगो के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण महीनों में रहा। सामान्य दिनों में 2,300 उड़ानें संचालित करने वाली इंडिगो को नवंबर में ही 1,232 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। DGCA की जांच रिपोर्ट में सामने आया कि 755 उड़ानें स्टाफ की कमी, 92 ATC फेलियर, 258 एयरपोर्ट प्रतिबंध और 127 अन्य कारणों से रद्द हुईं। नियामक ने एयरलाइन को क्रू बढ़ाने, परिचालन प्लानिंग सुधारने और सेवा गुणवत्ता बेहतर करने के कड़े निर्देश दिए हैं। हालांकि इंडिगो ने स्थिति सामान्य होने का आश्वासन दिया है, पर विशेषज्ञों के मुताबिक स्टाफ की भारी कमी को देखते हुए राहत में अभी समय लगेगा।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 5 December 2025

नई दिल्ली। भारत दौरे पर आए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन का दूसरे दिन राष्ट्रपति भवन में भव्य राजकीय स्वागत किया गया। सुबह 11 बजे शुरू हुए समारोह में पुतिन को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और 21 तोपों की सलामी से उनका स्वागत हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहे। भारत में गार्ड ऑफ ऑनर किसी भी विदेशी राष्ट्रप्रमुख को मिलने वाला सर्वोच्च औपचारिक सम्मान है, जिसे केवल राजकीय यात्रा पर आए नेताओं को प्रदान किया जाता है।   समारोह के बाद राष्ट्रपति पुतिन राजघाट पहुंचे, जहां उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वह हैदराबाद हाउस में होने वाली भारत–रूस की 23वीं सालाना समिट में शामिल होंगे। इस बैठक में पीएम मोदी और पुतिन रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, रणनीतिक साझेदारी समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे। बैठक में कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर होने की भी उम्मीद है।   समिट से पहले रूस ने भारत को आर्कटिक शिप बिल्डिंग प्रोजेक्ट में शामिल होने का बड़ा प्रस्ताव दिया है। रूस ने अपने आइस ब्रेकर और भारत की शिप बिल्डिंग क्षमताओं को मिलकर काम करने की पेशकश की है। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रूसी रक्षा मंत्री आंद्रे बेलोउसॉव से मुलाकात की, जिसमें दोनों देशों ने रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत स्वदेशी रक्षा उद्योग को बढ़ाने और रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए तेजी से काम कर रहा है। दोनों देशों ने पुष्टि की कि भारत–रूस संबंध गहरे विश्वास और पारस्परिक सम्मान पर आधारित हैं।

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Priyanshi Chaturvedi 5 December 2025

नई दिल्ली। दिल्ली ब्लास्ट मामले से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गुरुवार को बड़ा शिकंजा कसा। एजेंसी ने दिल्ली, बिहार और हरियाणा में एक साथ 22 ठिकानों पर व्यापक छापेमारी की। यह कार्रवाई उस अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क की जांच का हिस्सा है, जिसके माध्यम से उत्तर प्रदेश से बिहार के कई जिलों तक हथियार सप्लाई किए जाने की जानकारी सामने आई थी।   अधिकारियों के अनुसार, NIA की अलग-अलग टीमें तड़के से ही कई जिलों में तलाशी अभियान चला रही हैं। जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क न केवल गैर-कानूनी हथियारों की आपूर्ति से जुड़ा था, बल्कि इसके तार संभावित आतंकी गतिविधियों को समर्थन देने वाली साजिश से भी जुड़े हो सकते हैं। छापेमारी के दौरान एजेंसी ने संदिग्ध दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और कई अहम सबूत जब्त किए हैं।   दिल्ली, बिहार और हरियाणा में एक साथ ऑपरेशन   NIA ने तीनों राज्यों में एक समन्वित अभियान चलाते हुए स्थानीय पुलिस के सहयोग से सभी 22 लोकेशंस पर छापे मारे। दिल्ली व एनसीआर के कई क्षेत्रों, बिहार के प्रमुख जिलों और हरियाणा के कुछ स्थानों में टीमों ने तलाशी ली। यह कार्रवाई सीधे दिल्ली ब्लास्ट केस से जुड़ी आतंकी साजिश के सुरागों को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है।   हथियार सप्लाई चेन पर बड़ी प्रगति   जांच में पता चला है कि यूपी से बिहार तक सक्रिय अवैध हथियार तस्करी गिरोह ब्लास्ट केस से जुड़े शक के दायरे में है। NIA ने इस नेटवर्क से जुड़े कई लोगों की गतिविधियों पर पहले से ही कड़ी नजर रखी थी। गुरुवार की छापेमारी में प्राप्त दस्तावेज और डिजिटल सबूत इस नेटवर्क की संरचना और फंडिंग को समझने में महत्वपूर्ण साबित होंगे।   डिजिटल और दस्तावेजी सबूत जब्त   एजेंसी ने कुछ संदिग्ध मोबाइल फोन, लैपटॉप, पेन ड्राइव और दस्तावेज कब्जे में लिए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इनसे कई महत्वपूर्ण डिजिटल ट्रेल मिलने की उम्मीद है, जो दिल्ली ब्लास्ट केस की जांच को आगे बढ़ा सकते हैं।   मुख्य बिंदु • NIA ने दिल्ली, बिहार और हरियाणा में 22 लोकेशंस पर एक साथ छापेमारी की • कार्रवाई दिल्ली ब्लास्ट केस से जुड़ी आतंकी साजिश के सुरागों पर आधारित • यूपी–बिहार के अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क पर एजेंसी की बड़ी प्रगति • कई संदिग्ध दस्तावेज और डिजिटल सबूत जब्त किए गए

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नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन गुरुवार को विपक्षी सांसदों ने दिल्ली के बढ़ते एयर पॉल्यूशन को लेकर संसद के मकर द्वार पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कई सांसद गैस मास्क पहनकर पहुंचे और हाथों में बैनर थामे थे, जिनमें प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर के साथ लिखा था— “मौसम का मजा लीजिए।” विपक्ष की मांग है कि सदन में तुरंत प्रदूषण संकट पर विस्तृत चर्चा कराई जाए।   प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि बाहरी हालात बेहद खराब हैं। “हमें कौन सा मौसम एन्जॉय करना चाहिए? बच्चों को अस्थमा जैसी दिक्कतें हो रही हैं। वरिष्ठ नागरिक भी सांस लेने के लिए परेशान हैं। हर साल हालात बदतर होते जा रहे हैं,” उन्होंने कहा। विपक्ष का आरोप है कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण स्तर पर सरकार गंभीर कदम नहीं उठा रही।   इधर संसद के दोनों सदनों में आज कर सुधार, परमाणु ऊर्जा और आर्थिक सुधारों पर चर्चा होने की संभावना है। बुधवार को लोकसभा ने तंबाकू उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने से जुड़े सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) बिल 2025 को पास कर दिया। सरकार का दावा है कि इन सुधारों से राजस्व बढ़ेगा और अवैध मैन्युफैक्चरिंग पर रोक लगेगी।   इस बीच केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने चेतावनी दी कि फेक न्यूज और एआई डीपफेक लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं। उन्होंने बताया कि सरकार 36 घंटे में कंटेंट हटाने का नया नियम लागू कर चुकी है, और फर्जी सूचनाओं पर लगाम कसने के लिए और सख्त प्रावधान लाए जा रहे हैं।   दिल्ली प्रदूषण पर चर्चा की विपक्षी सांसदों की मांग तेज   कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार पर आर्थिक मोर्चे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब मनमोहन सिंह सरकार के समय रुपया कमजोर होता था, तब बीजेपी इसे बड़ा मुद्दा बनाती थी, लेकिन अब डॉलर के मुकाबले रुपया 90 पार पहुंच गया है।   कांग्रेस MP मनीष तिवारी ने भी इसे आर्थिक संकट बताया और कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि रुपये की इस गिरावट के लिए कौन जिम्मेदार है। तिवारी ने दिल्ली पॉल्यूशन पर चर्चा के लिए ‘सस्पेंशन ऑफ बिजनेस’ नोटिस भी दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण अब गंभीर स्वास्थ्य संकट बन चुका है और इससे सबसे ज्यादा बच्चे और बुजुर्ग प्रभावित हो रहे हैं।

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भोपाल के बड़ा तालाब अब कश्मीर की डल झील जैसा अनुभव देने लगा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक साथ 20 खूबसूरत शिकारे सेवाओं का शुभारंभ किया। इस भव्य आयोजन में नेता प्रतिपक्ष, विधानसभा अध्यक्ष, कैबिनेट मंत्री और भाजपा–कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। शहरवासी और पर्यटक बड़ी संख्या में इस अनोखे नजारे के साक्षी बने।     नगर निगम ने पिछले वर्ष ट्रायल के दौरान एक शिकारा चलाया था, जिसके उत्कृष्ट परिणाम सामने आए। इसके बाद 20 शिकारे औपचारिक रूप से तालाब में उतारे गए हैं। शिकारा सेवा फिलहाल सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक प्रस्तावित है, जबकि प्रति यात्री किराया लगभग ₹150 रखा जा सकता है। एनजीटी की रोक के कारण महीनों से क्रूज और मोटर बोट बंद थीं, ऐसे में नए शिकारे पर्यटन को नया आयाम देंगे।     यह शिकारा राइड करीब 2.3 किलोमीटर का पूरा सफर कराएगी और तालाब के बीच स्थित शाह अली शाह टापू के पास तक ले जाएगी। लकड़ी से बनी पारंपरिक कश्मीरी शैली की इन खूबसूरत नावों की क्षमता लगभग छह यात्रियों की होती है। भोपाल के बोट क्लब में पहले से मौजूद नावों के साथ अब शिकारा की सुविधा भी जुड़ गई है, जो स्थानीय लोगों और पर्यटकों को एक बिल्कुल नया, सुंदर और शांत अनुभव प्रदान करेगी।

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काशी की पवित्र धरती ने एक बार फिर देश और दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है, इस बार महाराष्ट्र के 19 वर्षीय वैदिक साधक देवव्रत महेश रेखे के माध्यम से। रेखे ने शुक्ल यजुर्वेद की माध्यंदिन शाखा के लगभग 2000 मंत्रों वाले कठिन ‘दंडक्रम पारायण’ को लगातार 50 दिनों तक बिना किसी व्यवधान के पूरा किया। यह साधना वाराणसी के रामघाट स्थित सांग्वेद विद्यालय में संपन्न हुई। इस अभूतपूर्व उपलब्धि के लिए उन्हें ‘वेदमूर्ति’ की उपाधि दी गई, और पीएम मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें बधाई दी। उनकी साधना न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि आधुनिक युवाओं को वैदिक परंपरा से जोड़ने का प्रेरक संदेश भी है।   सीएम योगी आदित्यनाथ ने देवव्रत महेश रेखे को बधाई देते हुए लिखा कि उनकी यह साधना पूरे आध्यात्मिक जगत के लिए “प्रेरणा का नव-दीप” है। उन्होंने कहा कि 50 दिनों तक अखंड अनुशासन और पूर्ण शुद्धता के साथ दंडक्रम पारायण संपन्न करना हमारी प्राचीन गुरु-परंपरा के गौरव का पुनर्जागरण है। योगी ने इस उपलब्धि के लिए रेखे के परिवार, आचार्यों और संत-मनीषियों का भी अभिनंदन किया और कहा कि यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का प्रकाशस्तंभ बने।   200 साल पहले नासिक में वेदमूर्ति नारायण शास्त्री देव ने पहला दंडक्रम पारायण किया था। अब देवव्रत महेश रेखे इस परंपरा को दोबारा जीवित करते हुए दूसरे वेदमूर्ति बने हैं। इस उपलब्धि के सम्मान स्वरूप उन्हें सोने का कंगन और 1,01,116 रुपये की धन राशि दी गई, जिसे जगद्गुरु शृंगेरी मठ के स्वामी श्री विधुशेखर भारती ने आशीर्वाद स्वरूप प्रदान किया। दंडक्रम पारायण शुक्ल यजुर्वेद के करीब 2000 मंत्रों को कंठस्थ करके विशेष शैली में पाठ करने की कठिनतम परीक्षा है, जिसे वैदिक पाठ का मुकुट माना जाता है।

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Priyanshi Chaturvedi 3 December 2025

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद स्थित गांधी भवन में TPCC कार्यकारिणी की बैठक में संबोधन के दौरान एक विवादित टिप्पणी कर दी। उन्होंने कहा कि जैसे हिंदू धर्म में अलग-अलग आस्था रखने वाले करोड़ों लोग हैं, उसी तरह कांग्रेस भी विभिन्न विचारों वाले लोगों को अपने साथ जोड़ती है। उन्होंने कहा— “हिंदू धर्म में तीन करोड़ देवता हैं। कोई वेंकटेश्वर को मानता है, कोई शिव को। अविवाहित लोग हनुमान की पूजा करते हैं, दो-दो शादी करने वालों के देवता अलग होते हैं, शराब पीने वालों के अलग। येल्लम्मा, पोचम्मा, मैसम्मा... हर परंपरा में अपनी आस्था है।” रेवंत का यह बयान कांग्रेस में नई DCC नियुक्तियों पर उठ रहे आंतरिक मतभेदों के बीच आया, जिसे उन्होंने विचारों की विविधता का हिस्सा बताया।   विपक्ष बोला— आस्था पर चोट रेवंत रेड्डी की टिप्पणी सामने आते ही विपक्ष ने इसे हिंदुओं की भावनाओं के खिलाफ बताया और माफी की मांग शुरू हो गई। विपक्षी दलों का कहना है कि आस्था से जुड़े मुद्दों पर इस तरह टिप्पणी करना न केवल गैर जिम्मेदाराना है, बल्कि जानबूझकर हिंदू समुदाय को निशाना बनाने जैसा है। राजनीतिक हलकों में इसे कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान को साधने का एक प्रयास भी माना जा रहा है, जिसके बीच यह बयान विवाद में घिर गया है। रेवंत के विरोधियों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जानबूझकर धार्मिक मुद्दों को हल्का बनाकर पेश कर रहे हैं।   BJP ने CM पर साधा निशाना केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और BJP नेता बंदी संजय कुमार ने रेवंत रेड्डी के बयान को सीधा हिंदू समाज का अपमान बताया। उन्होंने X पर लिखा— “कांग्रेस की हिंदुओं से नफरत एक बार फिर सामने है। स्वयं रेवंत पहले कह चुके हैं कि कांग्रेस एक मुस्लिम पार्टी है, और आज उनकी टिप्पणी उसी सोच को साबित करती है।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा AIMIM के आगे झुकने वाली पार्टी रही है और जुबली हिल्स उपचुनाव के समय BJP ने चेतावनी दी थी कि कांग्रेस या BRS के शासन में हिंदू सुरक्षित नहीं रहेंगे। संजय ने दावा किया कि रेवंत रेड्डी का ताजा बयान BJP के आरोपों को सही साबित करता है।

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Priyanshi Chaturvedi 3 December 2025

भोपाल गैस त्रासदी की 41वीं बरसी पर आज राजधानी भोपाल में स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। इस अवकाश के चलते शहर के सभी सरकारी दफ्तर, स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के कार्यालय सामान्य रूप से संचालित होंगे। हर वर्ष 3 दिसंबर को 1984 की इस भीषण औद्योगिक दुर्घटना की स्मृति में अवकाश दिया जाता है, जिसमें MIC गैस लीक होने से करीब 3800 लोगों की तत्काल मौत हुई थी और लाखों लोग प्रभावित हुए थे।   2–3 दिसंबर 1984 की रात यूनियन कार्बाइड के कीटनाशक संयंत्र से मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) गैस रिसाव ने पूरे शहर में तबाही मचा दी थी, जिसे दुनिया की सबसे भयावह औद्योगिक दुर्घटनाओं में गिना जाता है। इसी दर्दनाक घटना की याद में आज पूरा शहर पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है।   भोपाल में आज सेंट्रल लाइब्रेरी में सर्वधर्म प्रार्थना सभा आयोजित की गई, जिसमें गैस राहत मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह सहित विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु मौजूद रहे। इस दौरान गैस त्रासदी में दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी गई और धर्मग्रंथों का पाठ किया गया।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 3 December 2025

उत्तरप्रदेश की योगी सरकार ने अयोध्या में 52 एकड़ क्षेत्र में भव्य राम मंदिर संग्रहालय निर्माण का निर्णय लिया है। कैबिनेट बैठक में चर्चा के बाद इस परियोजना को औपचारिक मंजूरी दी गई। संग्रहालय का निर्माण टाटा संस की ओर से किया जाएगा। यह विशाल परिसर सनातन परंपरा, वेद-पुराण, प्राचीन भारतीय साहित्य और भारतीय मंदिर वास्तुकला की समृद्ध धरोहर को आधुनिक तरीके से प्रदर्शित करेगा।   माझा जमथरा क्षेत्र में होगा निर्माण मंदिर संग्रहालय का निर्माण अयोध्या के माझा जमथरा क्षेत्र में 52 एकड़ जमीन पर प्रस्तावित है। यह संरचना डिजाइन, गुणवत्ता और सुविधाओं के स्तर पर अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करेगी। सरकार अयोध्या में लगातार विकास परियोजनाएं चला रही है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकें। यह संग्रहालय क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।   यह संग्रहालय नई पीढ़ियों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। यहां आने वाले लोग सनातन संस्कृति की मूल अवधारणाओं को सरल तरीके से समझ सकेंगे। संग्रहालय में वेद-पुराण, प्राचीन भारतीय साहित्य, मंदिर वास्तुकला और हिंदू सांस्कृतिक विरासत पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। परियोजना स्वीकृत होने के बाद निर्माण की औपचारिक प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।   अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। हाल ही में यहां धार्मिक ध्वजा फहराई गई, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फहराया था। ध्वज समकोण त्रिभुजाकार है, जिसकी ऊंचाई 10 फीट और लंबाई 20 फीट है। इस पर सूर्य का चित्र बना है, जो भगवान राम के तेज और पराक्रम का प्रतीक है, साथ ही ‘ॐ’ और कोविदार वृक्ष का चिह्न भी अंकित है।

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Priyanshi Chaturvedi 2 December 2025

सभी मोबाइल फोन में साइबर सिक्योरिटी एप ‘संचार साथी’ को प्री-इंस्टॉल करने के दूरसंचार विभाग (DoT) के आदेश पर बढ़ते विवाद के बीच मंगलवार को केंद्र सरकार की सफाई सामने आई। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट किया कि यह एप अनिवार्य नहीं है और यूजर चाहें तो इसे फोन से डिलीट कर सकते हैं। सरकार ने एक दिसंबर को स्मार्टफोन कंपनियों को निर्देश दिया था कि वे 90 दिनों के भीतर नए स्मार्टफोन्स में यह सुरक्षा एप जोड़कर बेचें। इसके बाद विपक्ष ने इसे लोगों की प्राइवेसी में दखल बताकर कड़ा विरोध जताया।   विपक्ष का आरोप कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने इस आदेश पर आपत्ति जताई। प्रियंका गांधी ने इसे नागरिकों की निजी जिंदगी पर हमला बताते हुए जासूसी एप तक करार दिया। वहीं, सांसद केसी वेणुगोपाल और रेणुका चौधरी ने भी सरकार पर लोगों की निजी जानकारी तक पहुंच बनाने का आरोप लगाया। CPI-M सांसद जॉन ब्रिटास ने इसे सुप्रीम कोर्ट के पुट्टास्वामी फैसले का उल्लंघन बताया। शशि थरूर ने कहा कि एप उपयोगी हो सकता है, लेकिन इसे स्वैच्छिक रखा जाना चाहिए। इस मामले को लेकर संसद में भी हंगामा हुआ और कई सांसदों ने इस पर चर्चा की मांग की।   सरकार का तर्क   सरकार के अनुसार, संचार साथी एप साइबर फ्रॉड, फर्जी IMEI नंबर और चोरी हुए मोबाइल फोन को ट्रैक करने में मदद करेगा। आदेश के मुताबिक यह एप नए स्मार्टफोन्स में प्री-इंस्टॉल होगा और पुराने मोबाइलों में सॉफ्टवेयर अपडेट के साथ जोड़ा जाएगा। हालांकि यह आदेश सार्वजनिक नहीं किया गया है और अभी केवल चुनिंदा कंपनियों को भेजा गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस एप की मदद से अब तक 7 लाख से ज्यादा खोए या चोरी हुए फोन बरामद किए जा चुके हैं।   संचार साथी एप क्या है और कैसे करेगा मदद?   ·         यह सरकार का विकसित साइबर सिक्योरिटी टूल है, जिसे 17 जनवरी 2025 को लॉन्च किया गया।   ·         फिलहाल यह गूगल प्ले स्टोर और ऐपल स्टोर पर स्वैच्छिक डाउनलोड के लिए उपलब्ध है।   ·         यह कॉल, मैसेज या वॉट्सऐप चैट से होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्टिंग की सुविधा देता है।   ·         फोन के IMEI नंबर की मदद से चोरी या गुम हुए मोबाइल को ब्लॉक और ट्रैक किया जा सकता है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 2 December 2025

मध्य प्रदेश के गुना जिले में ट्रैफिक नियमों का पालन करवाने के लिए पुलिस और RTO ने बेहद अनोखी पहल की। सोमवार को जयस्तंभ चौराहा सड़क सुरक्षा जागरूकता का केंद्र बन गया, जहां पुलिसकर्मी यमराज और चित्रगुप्त के वेश में लोगों को नियमों के प्रति जागरूक कर रहे थे। आमतौर पर बिना हेलमेट पकड़े जाने पर चालान काटा जाता है, लेकिन इस अभियान में गुना पुलिस ने अनूठा तरीका अपनाते हुए बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चालकों पर जुर्माना लगाने के बजाय उन्हें मौके पर ही ₹300 का ISI मार्का हेलमेट पहनाया और आगे से हमेशा हेलमेट पहनने का संकल्प दिलाया।   वहीं, जो लोग पहले से हेलमेट लगाए हुए थे, उन्हें पुलिस ने माला पहनाकर सम्मानित किया। अभियान के दौरान चार पहिया वाहनों की भी जांच की गई और सीट बेल्ट सहित अन्य नियमों का उल्लंघन करने वाले 57 वाहनों से कुल 24,500 का जुर्माना वसूला गया। पुलिस और RTO की इस संयुक्त पहल को लोगों ने सराहा और यह अनोखा अभियान सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 2 December 2025

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले संसद परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए विपक्ष और सत्ता पक्ष- दोनों से आग्रह किया कि यह सत्र न तो पराजय की बौखलाहट का मैदान बने और न ही विजय के अहंकार का मंच। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और अर्थतंत्र की मजबूती को आज दुनिया बड़ी बारीकी से देख रही है, ऐसे में संसद का हर क्षण राष्ट्र निर्माण के लिए उपयोग होना चाहिए, न कि राजनीतिक नकारात्मकता में व्यर्थ जाना चाहिए।प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि संसद देश को प्रगति की नई गति देने और भविष्य की दिशा तय करने का अहम माध्यम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संसद का शीतकालीन सत्र भी देश की विकास यात्रा में नई ऊर्जा भरेगा।उन्होंने कहा कि भारत ने लोकतंत्र को जिया है। लोकतंत्र की उमंग और उत्साह को समय-समय पर इस तरह प्रकट किया है कि लोकतंत्र के प्रति विश्वास और मजबूत होता रहता है। प्रधानमंत्री ने हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां मतदान का जो आंकड़ा आया है, वह लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत का प्रमाण है। विशेष रूप से माताओं-बहनों की बढ़ती भागीदारी को उन्होंने देश की बदलती सोच और बढ़ते विश्वास का प्रतीक बताया।प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ दल ऐसे हैं जो अपने पराजय भाव को पचा नहीं पाते। उन्होंने कहा कि उम्मीद थी कि बिहार के नतीजों के बाद समय के साथ सब संभल जाएंगे, लेकिन हाल की बयानबाजी से यह स्पष्ट है कि पराजय की पीड़ा अभी भी उन्हें विचलित कर रही है। यह दुखद है कि इस निराशा को वे संसद में लेकर आते हैं।उन्होंने बिना किसी दल का नाम लिए कहा कि संसद देश की नीतियों और भविष्य पर केंद्रित होनी चाहिए, न कि किसी राज्य की राजनीति का मंच बने। उन्होंने इस प्रवृत्ति को देश के लिए अस्वस्थ परंपरा करार दिया।मोदी ने कहा कि कुछ समय से संसद या तो चुनावों के लिए वार्म-अप अखाड़ा बन जाती है या फिर चुनावी हार के बाद गुस्सा निकालने का स्थल। यह परंपरा बंद होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “नेगेटिविटी की राजनीति की कुछ उपयोगिता हो सकती है, लेकिन राष्ट्र निर्माण के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अनिवार्य है। आइए, नकारात्मकता को सीमित रखें और अपना ध्यान राष्ट्र निर्माण पर केंद्रित करें।”प्रधानमंत्री ने युवा सांसदों को अधिक अवसर देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संसद में नई पीढ़ी के प्रतिनिधि नए विचारों और ताजगी भरे दृष्टिकोण के साथ आते हैं। देश को भी उनके अनुभव और ऊर्जा से लाभ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संसद नाटक का मंच नहीं, बल्कि डिलीवरी का स्थान है- वहां से निकलने वाला हर निर्णय देश के करोड़ों नागरिकों के जीवन को प्रभावित करता है।देश की आर्थिक प्रगति पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था आज नयी ऊंचाइयों को छू रही है और यह गति विकसित भारत के सपने को और मजबूत बनाती है। विश्व आज यह देख रहा है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था किस तरह विकास को गति दे सकती है।प्रधानमंत्री ने सभी दलों से अपील की कि शीतकालीन सत्र को सकारात्मकता, सहयोग और रचनात्मक बहस का मंच बनाएं, ताकि संसद की ऊर्जा देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में उपयोग हो सके। उन्होंने कहा, “संसद देश के लिए क्या सोच रही है और क्या करने वाली है-यही इस सत्र का केंद्र होना चाहिए। विपक्ष भी अपना दायित्व निभाए, मजबूत मुद्दे उठाए और पराजय की निराशा से बाहर आए।”  

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उज्जैन में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव की शुरुआत हो गई है। सोमवार सुबह दशहरा मैदान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गीता जयंती के पावन अवसर पर महोत्सव का शुभारंभ किया। सीएम यादव ने कहा कि “गीता एक पवित्र ग्रंथ है, जिसे हर बच्चे के बस्ते में होना चाहिए। गीता प्रैक्टिकल ज्ञान देती है और जीवन को समझने की प्रेरणा देती है।” कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधु-संत, स्कूली बच्चे और बटुक शामिल हुए। करीब 9 बजे मंच पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस दौरान संत रंगनाथाचार्य महाराज का विशेष स्वागत भी किया गया।   महोत्सव में 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का सामूहिक सस्वर पाठ किया, जिससे पूरा परिसर धार्मिक उत्साह से गूंज उठा। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में नृत्य-नाट्य, गीता पाठ और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ होंगी। संस्कृति और जनसंपर्क विभाग सहित कई संस्थाओं के सहयोग से यह भव्य आयोजन किया जा रहा है।   सोमवार शाम बॉलीवुड अभिनेता पुनीत इस्सर के निर्देशन में ‘जय श्री कृष्णो-गीता सार’ नृत्य-नाट्य का मंचन होगा। मंगलवार को नई दिल्ली की कलाकार वैष्वीर शर्मा प्रस्तुति देंगी और मोहित शेवानी के निर्देशन में ‘कृष्णायन’ नाट्य होगा। बुधवार को ‘विश्वनवंदनीय’ नाट्य और सलाउद्दीन पाशा द्वारा ‘गीता ऑन व्हील्स’ प्रस्तुति आयोजित की जाएगी। साथ ही ‘माधव दर्शनम्’ पर आधारित लघु चित्र शैलियों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र बनेगी।   वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला ग्रंथ है। उन्होंने बताया कि यह अंतरराष्ट्रीय महोत्सव समाज में ज्ञान, अनुशासन, कर्तव्य और सकारात्मकता का माहौल बनाने का माध्यम बनेगा।

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मोदी सरकार गुटखा-सिगरेट और पान मसाला उद्योग पर सख्त कार्रवाई करने जा रही है। जी हां…सरकार GST कंपनसेशन सेस खत्म होने के बाद भी तंबाकू और पान मसाला जैसे सिन गुड्स पर मौजूदा टैक्स बोझ बनाए रखने के लिए दो नए बिल ला रही है, ताकि इन पर पहले जैसा ही टैक्स असर जारी रहे। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण आज लोकसभा में सेंट्रल एक्साइज अमेंडमेंट बिल-2025 (Central Excise Amendment Bill-2025) और हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल-2025 (National Security Cess Bill-2025) पेश करेंगी। बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र-2025 आज (एक दिसंबर) से शुरू हो रहा है। 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलने वाले संसद के शीतकालीन सत्र में 10 बिल पेश होंगे। इन बिल में ‘नेशनल सिक्योरिटी और जन स्वास्थ्य सेस’ बिल है। जो निर्माताओं पर नियंत्रण रखेगा। रिपोर्ट के अनुसार सेंट्रल एक्साइज अमेंडमेंट बिल 2025, सिगरेट जैसे तंबाकू प्रोडक्ट्स पर एक्साइज ड्यूटी लगाकर तंबाकू पर GST कंपनसेशन सेस की जगह लेगा। वहीं, हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल 2025 पान मसाला पर कंपनसेशन सेस की जगह लेगा। इसका मकसद नेशनल सिक्योरिटी और पब्लिक हेल्थ पर होने वाले खर्च को पूरा करने के लिए पैसे जुटाना और इन मकसदों के लिए उन मशीनों या दूसरे प्रोसेस पर सेस लगाना है जिनसे खास सामान बनाए या तैयार किए जाते हैं।  

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मोदी सरकार गुटखा-सिगरेट और पान मसाला उद्योग पर सख्त कार्रवाई करने जा रही है। जी हां…सरकार GST कंपनसेशन सेस खत्म होने के बाद भी तंबाकू और पान मसाला जैसे सिन गुड्स पर मौजूदा टैक्स बोझ बनाए रखने के लिए दो नए बिल ला रही है, ताकि इन पर पहले जैसा ही टैक्स असर जारी रहे। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण आज लोकसभा में सेंट्रल एक्साइज अमेंडमेंट बिल-2025 (Central Excise Amendment Bill-2025) और हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल-2025 (National Security Cess Bill-2025) पेश करेंगी। बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र-2025 आज (एक दिसंबर) से शुरू हो रहा है। 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलने वाले संसद के शीतकालीन सत्र में 10 बिल पेश होंगे। इन बिल में ‘नेशनल सिक्योरिटी और जन स्वास्थ्य सेस’ बिल है। जो निर्माताओं पर नियंत्रण रखेगा। रिपोर्ट के अनुसार सेंट्रल एक्साइज अमेंडमेंट बिल 2025, सिगरेट जैसे तंबाकू प्रोडक्ट्स पर एक्साइज ड्यूटी लगाकर तंबाकू पर GST कंपनसेशन सेस की जगह लेगा। वहीं, हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल 2025 पान मसाला पर कंपनसेशन सेस की जगह लेगा। इसका मकसद नेशनल सिक्योरिटी और पब्लिक हेल्थ पर होने वाले खर्च को पूरा करने के लिए पैसे जुटाना और इन मकसदों के लिए उन मशीनों या दूसरे प्रोसेस पर सेस लगाना है जिनसे खास सामान बनाए या तैयार किए जाते हैं।  

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने संसद के शीतकालीन सत्र से एक दिन पहले रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक को सौहार्दपूर्ण बताया है। सरकार ने उम्मीद जतायी है कि संसद सत्र के सुचारू संचालन में सभी दलों का सहयोग मिलेगा।   बैठक की अध्यक्षता रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने की। संसदीय सौध में आयोजित इस बैठक में राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू एवं उनके सहयोगी अर्जुन राम मेघवाल, कांग्रेस के लोकसभा में उप नेता गौरव गोगोई सहित विभिन्न दलों के फ्लोर लीडर ने भाग लिया। बैठक में 36 राजनीतिक दलों के 50 नेताओं ने शिरकत की। विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान का मुद्दा उठाया गया। इसके अलावा सुरक्षा, लोकतंत्र और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी अपना पक्ष रखा।   संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा कि सर्वदलीय बैठक अत्यंत उयोगी और सौहार्दपूर्ण रही। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने अपनी ओर से कई मुद्दे उठाए और सुझाव रखे। इन पर चर्चा के बाद आज शाम होने वाली कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में इन्हें रखा जाएगा। वे सरकार की ओर से आश्वासन देते हैं कि हम विपक्ष के साथ सभी मुद्दों पर बातचीत करेंगे और उनसे अपेक्षा करते हैं कि संसद को सुचारू ढंग से संचालित करने में वे सहयोग करेंगे।   एसआईआर के मुद्दे पर रिजिजू ने कहा कि वे इस समय इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहेंगे। शाम को कार्य मंत्रणा समिति की बैठक होगी जिसमें कुछ मुद्दों पर सहमति बन सकती और कुछ मुद्दे चेयर के समक्ष उनकी अनुमति के लिए भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष एसआईआर के मुद्दे पर संसद नहीं चलने देगा ऐसा कोई विषय बैठक में नहीं आया है। रिजिजू ने कहा कि लोकतंत्र में गतिरोध संभव है और अगल-अलग एजेंडा होने के कारण मतभेद भी संभव हैं लेकिन हम विपक्ष से अनुरोध करते हैं कि वे सदन को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करेंगे।

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भारतीय खिलाड़ियों द्वारा नवंबर माह में हासिल की गई ऐतिहासिक उपलब्धियों की सराहना की। प्रधानमंत्री के अनुसार इस महीने भारतीय खेल जगत ने कई नए मुकाम हासिल किए, जो हर भारतीय को प्रेरित करते रहेंगे।   प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 128वें एपिसोड में कहा कि भारतीय खेलों के लिहाज से ये महीना सुपर हिट रहा है। इस महीने की शुरुआत भारतीय महिला टीम द्वारा आईसीसी महिला विश्व कप जीतने से शुरू हुई, लेकिन उसके बाद भी मैदान पर और ज्यादा एक्शन देखने को मिला है। कुछ दिन पहले ही टोक्यो में डेफलिंपिक्स हुए हैं, जहां भारत ने अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 20 पदक जीते हैं। हमारी महिला खिलाड़ियों ने भी कबड्डी वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास ही रच दिया। पूरे टुर्नामेंट में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करके हर भारतवासी का मन जीत लिया। इसी तरह वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल्स में भी हमारे खिलाड़ियों का प्रदर्शन शानदार रहा, जहां उन्होंने 20 पदक जीते।   प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि जिस बात की और भी अधिक चर्चा हो रही है, वो है हमारी महिला टीम का दृष्टिबाधित क्रिकेट विश्व कप जीतना। बड़ी बात यह है कि हमारी इस टीम ने बिना एक भी मैच हारे, इस टुर्नामेंट को जीता है। देशवासियो को इस टीम के हर खिलाड़ी पर बहुत गर्व है। मेरी इस टीम से प्रधानमंत्री निवास पर मुलाकात हुई। वाकई इस टीम का हौंसला, उनका जज्बा हमें बहुत कुछ सिखाता है। यह विजय हमारे खेल इतिहास की सबसे बड़ी जीतों में से एक है, जो हर भारतीय को प्रेरित करती रहेगी।   आईसीसी महिला वनडे विश्व कप में रचा इतिहास   भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इस महीने की शुरुआत में इतिहास रचते हुए आईसीसी महिला वनडे विश्व कप 2025 का खिताब अपने नाम किया था। दो नवंबर को नवी मुंबई में खेले गए फाइनल में भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका महिला टीम को 52 रन से हराकर पहली बार आईसीसी महिला विश्व कप की ट्रॉफी जीती।   दृष्टिबाधित महिला टीम ने जीता दिल   भारतीय दृष्टिबाधित महिला क्रिकेट टीम ने बीते 23 नवंबर को खेले गए पहले दृष्टिबाधित महिला टी20 क्रिकेट विश्व कप के फाइनल में नेपाल की टीम को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। श्रीलंका के कोलंबो स्थित पी सारा ओवल मैदान पर खेले गए फाइनल में नेपाल की टीम ने 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 114 रन बनाए। इसके जवाब में भारत की महिला टीम ने आसानी से 12.1 ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर 117 रन बनाते हुए जीत दर्ज की। भारतीय बेटियों की इस जीत ने हर देशवाशियों को गर्व से भर दिया।   कबड्डी में भी जीती ट्रॉफी   भारत की महिला कबड्डी टीम ने भी इतिहास रचते हुए महिला कबड्डी वर्ल्ड कप 2025 का खिताब अपने नाम किया। बांग्लादेश के ढाका में खेले गए फाइनल में चीनी ताइपे को 35-28 से हराकर लगातार भारतीय टीम ने लगातार दूसरी बार कबड्डी विश्व कप खिताब जीता।   डेफलिंपिक्स और विश्व मुक्केबाजी में भारतीय खिलाड़ियों का जलवा   जापान की राजधानी टोक्यो में 15 से 26 नवंबर तक आयोजित 25वें समर डेफलिंपिक्स में भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक का अपना सबसे यादगार और ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में भारत ने कुल 20 पदक अपने नाम किए, जिनमें 9 स्वर्ण, 7 रजत और 4 कांस्य पदक शामिल हैं।   इसके अलावा विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल्स 2025 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 9 स्वर्ण सहित कुल 20 पदक जीते।  

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नई दिल्ली । चुनाव आयोग ने देश के 12 राज्यों में जारी मतदाता सूची को अपडेट करने से जुड़ी प्रक्रिया एसआईआर की तिथियों में बदलाव करते हुए इन्हें एक सप्ताह आगे बढ़ाया है। चुनाव आयोग की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार अब मसौदा मतदाता सूची 9 के बजाय 16 दिसंबर और अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी की बजाय 14 फरवरी को प्रकाशित होगी।   विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार निर्वाचन आयोग ने सभी गतिविधियों की समय-सीमा एक सप्ताह बढ़ा दी है। नए कार्यक्रम के तहत गणना अवधि और मतदान केंद्रों के पुनर्गठन की प्रक्रिया अब 11 दिसंबर 2025 तक पूरी की जाएगी। नियंत्रक तालिका के अद्यतन और ड्राफ्ट मतदाता सूची की तैयारी का कार्य 12 से 15 दिसंबर 2025 तक किया जाएगा, जबकि ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन 16 दिसंबर 2025 को होगा। दावों और आपत्तियों को जमा करने की अवधि 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। नोटिस चरण, जिसमें जारी करना, सुनवाई, सत्यापन तथा गणना प्रपत्रों और दावों-आपत्तियों पर निर्णय शामिल हैं, 16 दिसंबर 2025 से 7 फरवरी 2026 तक चलेगा। मतदाता सूची के स्वास्थ्य मानकों की जांच और अंतिम प्रकाशन की अनुमति 10 फरवरी 2026 तक पूरी की जाएगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।   उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग देश के 12 राज्यों जिसमें पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश शामिल है, में मतदाता सूची को अपडेट कर रहा है। इसके लिए चुनाव आयोग नागरिकता और स्थानीय निवास के आधार पर मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने और हटाने की विशेष जांच पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया चला रहा है।   दूसरी ओर विपक्ष इसको लेकर चुनाव आयोग और सरकार पर हमलावर है। विपक्ष की ओर से आज सर्वदलीय बैठक में भी यह मुद्दा उठाया गया। कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि सरकार बड़ी जल्दबाजी में एसआईआर की प्रक्रिया संचालित कर रही है। आज इसकी तारीखों को एक सप्ताह आगे बढ़ाया गया है। हमें लगता है कि कोई मतदाता सूची से छूटे नहीं इसके लिए इसमें और अधिक समय लिया जाना चाहिए।

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नागपुर  । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने ‘राष्ट्र’ और ‘नेशन’ की अवधारणाओं के मूलभूत अंतर पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय राष्ट्रभाव प्राचीन, आत्मीय और एकता पर आधारित है, जबकि पश्चिमी देशों की ‘नेशन’ की अवधारणा संघर्ष, वर्चस्व और आक्रामकता के इतिहास से उत्पन्न हुई है।   नागपुर के रेशीमबाग में आयोजित राष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव में शनिवार को सरसंघचालक भागवत ने कहा कि समाज में संघ के स्वयंसेवकों को ‘राष्ट्रवादी’ कहा जाता है, इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भागवत ने कहा, “हम विवाद उत्पन्न करने वाले नहीं हैं। संघर्ष भारत का स्वभाव ही नहीं है। हमारी परंपरा परस्पर सहयोग, मित्रता और सामूहिक यात्रा की है। उन्होंने कहा, “भारत का ‘राष्ट्र’ सत्ता, सीमाओं या राजनीतिक संरचना पर आधारित नहीं है। यह संस्कार, परोपकार, विविधता में एकता और मानवता की भावना से जन्मा है। ‘नेशन’ की अवधारणा अंग्रेजों ने हम पर थोपी; लेकिन ‘राष्ट्र’ सिर्फ नेशनलिज़्म नहीं, बल्कि ‘राष्ट्रत्व’ है।   भागवत ने स्पष्ट किया कि पश्चिमी राष्ट्रवाद की आक्रामकता दो महायुद्धों का कारण बनी, जबकि भारतीय राष्ट्रभाव में अहंकार नहीं, बल्कि “वसुधैव कुटुंबकम्” और “परोपकार” की चेतना है। धर्म, भाषा, भोजन और क्षेत्रीय भिन्नताएं होने के बावजूद सभी भारतीय भारतमाता की संतान होने का एकात्म भाव साझा करते हैं, जो हमें जोड़कर रखता है। इतिहास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “राज्य व्यवस्था बदली, पराधीनता और स्वतंत्रता के चरण आए, लेकिन भारतीय राष्ट्रभाव अखंड रहा। सत्ता स्थापित होने से पहले ही राष्ट्र अस्तित्व में था।” महात्मा गांधी का संदर्भ देते हुए उन्होंने बताया कि ब्रिटिश शासन ने भारतीय विविधता को विभाजन का रूप दिया, जबकि भारत मूलतः एकात्म संस्कृति का देश है।   युवा साहित्यकारों को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा, नेशन’ का अनुवाद ‘राष्ट्र’ करने से अवधारणा का भावार्थ बदल जाता है। मैं राष्ट्रवादी नहीं, मैं राष्ट्रीय हूं। गलत शब्दों के उपयोग से समाज में भ्रम पैदा हो सकता है और संस्कृति पर प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने लेखक समुदाय से आग्रह किया कि वे मूल सिद्धांतों का अध्ययन कर अनुभव-आधारित लेखन करें।   उन्होंने कहा कि स्वातंत्र्य और समानता एक साथ नही आ सकती है, जब तक उसमें बंधुता न हो। जब लोग एक सामन होते हैं तो उसमें स्वतंत्रता नहीं रहती है वहीं जब लोग स्वतंत्र होते हैं, तब उसमें सामनता का अभाव होता है। इसलिए भारतीय अवधारणा में स्वतंत्रता और समानता के साथ बंधुता भी होती है।

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बेंगलुरु। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने आज कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के सत्ता नेतृत्व परिवर्तन काे लेकर राजनीतिक अफवाहाें और अंदरुनी संताेष काे एक स्वर से खारिज कर दिया है।    शनिवार काे मुख्यमंत्री के कावेरी निवास पर एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने एक स्वर में पत्रकाराें से खुलकर बात की। संवाददाता सम्मेलन में सिद्धारमैया ने कहा कि कोई बाहर से अनावश्यक भ्रम पैदा कर रहा है। हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है। वर्ष 2028 के चुनाव महत्वपूर्ण हैं। जिस तरह हमने 2023 में साथ मिलकर काम किया, हम भविष्य में भी साथ मिलकर काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र में शीतकालीन सत्र की पृष्ठभूमि में, आलाकमान ने हमें राज्य के मुद्दे सुलझाने को कहा है। हमने भी आलाकमान के निर्देशों का पालन करने का फैसला किया है। कल से कोई असमंजस नहीं रहेगा।पत्रकार सम्मेलन के दौरान उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि हमारे बीच कोई गुटबाजी नहीं है। अगर कोई एक गुट है, तो वह कांग्रेस गुट है। मुख्यमंत्री और मैं पूरी एकजुटता से काम कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य 2028 में भी कांग्रेस की सरकार को सत्ता में लाना है। उन्होंने यह भी कहा कि 2029 के लोकसभा चुनाव में भी कर्नाटक से राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को और ताकत देंगे।

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नई दिल्‍ली । नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने शनिवार को एयरबस ए-318, ए-319, ए-320 और ए321 एयरक्राफ्ट के लिए ज़रूरी सेफ्टी डायरेक्टिव जारी किया है। विमानन नियामक ने तीव्र सौर विकिरण के कारण एयरबस ए-320 श्रृंखला के कई विमानों में उड़ान नियंत्रण से जुड़े महत्वपूर्ण डेटा के खराब होने की आशंका के बीच ये निर्देश जारी किए हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने जारी आदेश में एयरलाइंस कंपनियों को कुछ एयरबस ए319, ए320, और ए321 एयरक्राफ्ट चलाने से तब तक रोक दिया, जब तक कि एयरबस सेफ्टी अलर्ट के हिसाब से जरूरी सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर में जरूरी बदलाव नहीं कर लिए जाते। फ्लाइट्स पर बैन रविवार सुबह 5.30 बजे से लागू होगा।   विमानन नियामक डीजीसीए के आदेश में कहा गया है, “यह पक्का किया जाना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति उस प्रोडक्ट को ऑपरेट न करे जो इस मैंडेटरी मॉडिफिकेशन के तहत आता है।”   फ्लाइट्स पर बैन रविवार सुबह 5.30 बजे से लागू होगा, जिससे एयरलाइंस छोटे एयरपोर्ट से एयरक्राफ्ट को बड़े एयरपोर्ट पर ले जा सकेंगी, जहां उनका मेंटेनेंस बेस होगा, जिससे वे रेक्टिफिकेशन एक्शन कर सकेंगी। इसबीच एयरबस ए320 ग्लोबल सॉफ्टवेयर समस्या पर एयर इंडिया ने जारी अपने ताजा बयान में कहा, "एयर इंडिया में सेफ्टी सबसे ज़रूरी है। दुनियाभर में ए-320 फैमिली एयरक्राफ्ट पर जरूरी सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर रीअलाइनमेंट के लिए EASA और एयरबस के जारी निर्देशों के बाद हमारे इंजीनियर इस काम को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। एयरलाइंस ने कहा कि “हमने अपने 40 फीसदी से ज़्यादा एयरक्राफ्ट पर रीसेट पहले ही पूरा कर लिया है, जिन पर इसका असर पड़ा है और हमें भरोसा है कि EASA द्वारा तय टाइमलाइन के अंदर पूरे फ़्लीट को कवर कर लेंगे। एयर इंडिया पुष्टि कर सकता है कि इस काम की वजह से कोई कैंसलेशन नहीं हुआ है और हमारे पूरे नेटवर्क में शेड्यूल पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। हालांकि, हमारी कुछ फ़्लाइट्स में थोड़ी देरी या रीशेड्यूल हो सकती हैं। हमारे साथी यात्रियों की मदद के लिए मौजूद हैं।"

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चेन्नई । बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात 'दितवाह' काे देखते हुए माैसम विभाग ने उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी और इसके आसपास के दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों मेंं भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। रामेश्वरम समुद्री क्षेत्र में हवा की गति तेज होने के कारण सभी रेलगाड़ियाें काे मंडपम में ही रोक दिया गया है।   'दितवाह' चक्रवात पिछले छह घंटों में तटीय क्षेत्रों और उससे जुड़े दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बन चुका है। यह आगे उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर 7 किमी/घंटा की गति से बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार यह चक्रवात आज 28 नवंबर सुबह 5.30 बजे तक यह श्रीलंका के त्रिकुंडमालई के दक्षिण-पश्चिम में लगभग 50 किमी दूर, मथ्चिक्कलप्पुधुर के उत्तर-पश्चिम में 90 किमी, हम्बनटोटा के उत्तर में 230 किमी, पुडुचेरी के दक्षिण-पूर्व में 440 किमी और चेन्नई के दक्षिण में 540 किमी की दूरी पर स्थित था। यह श्रीलंका के तटीय क्षेत्रों और उससे जुड़े दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के रास्ते उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर लगातार बढ़ रहा है और 30 नवंबर तक इसके उत्तर तमिलनाडु, पुडुचेरी और उससे लगे दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक पहुँचने की उम्मीद है।   मौसम विभाग की चेतावनी के बाद भारी बारिश से पूर्व सावधानी बरते हुए बचाव कार्यों के लिए 6 जिलों में राष्ट्रीय आपदा बचाव दल (एनडीआरएफ) के सदस्य भेजे गए हैं। तमिलनाडु और पुडुचेरी में संभावित भारी बारिश को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अनुरोध पर अरक्कोनम में एनडीआरएफ की 4वीं बटालियन से 8 विशेष टीमें भेजी गई हैं। इसमें पुडुचेरी के लिए दाे टीमें और तंजावुर, नागपट्टिनम, मयिलाडुतुरै, पुडुकोट्टई, कडलोर, तिरुवारूर जिलों के लिए प्रत्येक एक टीम भेजी गई हैं। लगभग 240 जवानों वाली इन टीमों के साथ रानी, मिकी, लाइका, रैंबो नाम के चार स्पाइनर डाॅग भी शामिल हैं।   इस बीच रामेश्वरम समुद्री क्षेत्र में हवा की गति 60 किमी प्रति घंटे होने के कारण सभी रेलगाड़ियाें काे मंडपम में ही रोक दिया गया है। इसके अलावा, चेन्नई, मदुरै और कैन्याकुमारी की ओर जाने वाली रेलगाड़ियों को भी मंडपम रेलवे स्टेशन से चलाने की जानकारी है। इस बीच, बारिश के कारण मायलाडुतुरई जिले में स्थित स्कूलों और कॉलेजों को आज अवकाश कर दिया गया है।  

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उडुपी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भगवद्गीता का संदेश केवल अध्यात्म नहीं बल्कि राष्ट्र-निर्माण और मानव कल्याण का शाश्वत मार्गदर्शन देता है। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण ने कुरुक्षेत्र के युद्धक्षेत्र में जो उपदेश दिए, वह बताते हैं कि शांति और सत्य की स्थापना के लिए कभी-कभी अत्याचारियों का अंत भी आवश्यक होता है। यही भाव आज भारत की सुरक्षा नीति में भी परिलक्षित होता है, जिसमें ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के साथ ‘धर्मो रक्षति रक्षितः’ का मंत्र भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को कर्नाटक के उडुपी स्थित श्रीकृष्ण मठ में आयोजित लक्ष कंठ गीता पारायण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत शांति और करुणा का संदेश दुनिया तक पहुंचाता है, लेकिन जब राष्ट्र की सुरक्षा पर संकट आता है तो देश सुदृढ़ इच्छाशक्ति के साथ जवाब देने में भी पीछे नहीं रहता। उन्होंने लाल किले की प्राचीर से घोषित ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य देश के महत्वपूर्ण स्थलों और औद्योगिक क्षेत्रों के चारों ओर ऐसी सुरक्षा दीवार खड़ी करना है, जिसे दुश्मन भेद न सके।उन्होंने कहा कि यदि दुश्मन हमले का दुस्साहस करता है तो भारत का ‘सुदर्शन चक्र’ उसे ध्वस्त करने के लिए पर्याप्त है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल ही में किए गए ऑपरेशन सिदूंर में भी देश ने आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ता दिखाई। पहलगाम में हुए आतंकी हमले में कई देशवासियों की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पहले ऐसी घटनाओं के बाद सरकारें अक्सर हाथ पर हाथ रखकर बैठ जाती थीं, लेकिन “नया भारत” न तो दबाव में झुकता है और न ही अपने नागरिकों की सुरक्षा के कर्तव्य से पीछे हटता है।प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ और ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ जैसी नीतियों की प्रेरणा भी श्रीकृष्ण की शिक्षाओं से मिलती है। श्रीकृष्ण गरीबों की सहायता और समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचने का संदेश देते हैं। यही प्रेरणा आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के मूल में है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का संदेश नारी सम्मान और नारी सुरक्षा का भी आधार है और इसी भावना ने देश को नारीशक्ति वंदन अधिनियम जैसा ऐतिहासिक निर्णय लेने की शक्ति दी।प्रधानमंत्री ने कहा कि श्रीकृष्ण सभी के कल्याण की बात करते हैं और इसी भावना ने भारत को वैक्सीन मैत्री, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और वसुधैव कुटुम्बकम जैसी वैश्विक पहलों में अग्रणी बनाया। उन्होंने कहा कि गीता के शब्द केवल दिशा नहीं दिखाते, बल्कि देश की नीतियों के लिए प्रेरक शक्ति भी बनते हैं।अयोध्या में हाल ही में स्थापित धर्म ध्वजा का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि तीन दिन पहले वह राम जन्मभूमि मंदिर में थे और आज उडुपी की इस पवित्र भूमि पर आने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन में उडुपी की बड़ी भूमिका रही है और यहां आने पर उन्हें आध्यात्मिक संतोष की अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि मंदिर के परिसर में माधवाचार्य को समर्पित विशेष आर्च गेट इस संबंध को और अधिक पवित्र बनाता है।मोदी ने कहा कि एक लाख लोगों द्वारा एक साथ गीता के श्लोकों का पाठ केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं बल्कि भारत की हजारों वर्षों पुरानी आध्यात्मिक परंपरा का जीवंत स्वरूप है। जब इतने लोग एक स्वर में मंत्रोच्चार करते हैं तो उससे निकलने वाली दिव्य ऊर्जा मन और मस्तिष्क को नया स्पंदन देती है। उन्होंने रामचरित मानस के दोहे ‘कलियुग केवल हरि गुन गाहा, गावत नर पावहिं भव थाहा’ का उल्लेख करते हुए कहा कि गीता और भक्ति का मार्ग मानव समाज को नई दिशा देता है।प्रधानमंत्री ने कहा कि उडुपी सुशासन का एक ऐतिहासिक केंद्र रहा है। साल 1968 में जब जनसंघ के वीएस आचार्य को नगर पालिका परिषद् में विजय मिली, तभी यहां से अच्छे प्रशासन की एक नई परंपरा की शुरुआत हुई। उन्होंने बताया कि उनका जन्म भले गुजरात में हुआ हो लेकिन गुजरात और उडुपी के बीच आध्यात्मिक संबंध बहुत गहरे रहे हैं। परंपरा है कि यहां स्थित श्रीकृष्ण की प्रतिमा की पूजा पहले द्वारका में माता रुक्मिणी करती थीं। बाद में माधवाचार्य ने इस विग्रह को उडुपी में स्थापित किया।प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष उन्होंने समुद्र के भीतर स्थित श्री द्वारका जी का भी दर्शन किया था और वहां से प्राप्त आध्यात्मिक ऊर्जा आज भी उन्हें प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि इस प्रतिमा के दर्शन ने उन्हें आत्मीय और आध्यात्मिक आनंद प्रदान किया।उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान को आज राष्ट्रीय आंदोलन के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन उडुपी ने इसे पांच दशक पहले ही अपनाया था। 1970 के दशक में जलापूर्ति और ड्रेनेज प्रणाली के नए मॉडल की शुरुआत भी यहीं से हुई थी।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उडुपी आकर गीता के मंत्रों के बीच, संतों और गुरुजनों के आशीर्वाद से उन्हें अनेक पुण्यों की अनुभूति होती है। आज का यह अवसर केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक शक्ति का वैश्विक संदेश है।  

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लखनऊ । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि विज्ञान और टेक्नोलॉजी के सहारे दुनिया ने बहुत प्रगति की है, लेकिन इसके साथ ही लोगों में एकाकीपन और तनाव भी बढ़ा है। ऐसे में ब्रहमकुमारीज संस्था का शुरु किया जा रहा योग, विश्वास और एकता का अभियान लोगों को अधिक मानवीय और जीवन काे आनंददायक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।   राष्ट्रपति मुर्मु शुक्रशार काे उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सुलतानपुर रोड पर स्थित ब्रह्माकुमारीज राजयोग सेंटर, गुलजार उपवन में  ब्रह्माकुमारीज संस्था की वार्षिक थीम 2025-26, 'विश्व एकता और भरोसे के लिए ध्यान' के शुभारंभ करने के बाद संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संस्था की बच्चियों ने मयूर नृत्य से राष्ट्रपति का स्वागत किया।  राष्ट्रपति मुर्मु ने ओम शांति कहकर अपना संबोधन शुरू किया। उन्होंने ध्यान योग अभियान की शुरुआत के लिए ब्रह्मकुमारीज बहनों को धन्यवाद दिया। उन्हाेंने कहा कि मनुष्य ने विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में खूब तरक्की की है, लेकिन समाज में तकनीकी उन्नति के साथ एकाकीपन, ईर्ष्या, अविश्वास और दुख भी बढ़ा है। इसके लिए मेडिटेशन एक कारगर उपाय हो सकता है। ब्रहमकुमारी संस्था की कई विशिष्टताओं का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति कहा कि केंद्र सरकार की ओर से महिला उत्थान, महिला सशक्तीकरण, आत्मनिर्भर भारत, ध्यान और पर्यावरण जैसे विषयों पर अभियान चलाए जा रहे हैं। केंद्र सरकार मिशन लाइफ के माध्यम से लोगों को स्वस्थ और मानवीय बनाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने वर्ष 2023 में भारत में आयोजित जी-20 की थीम का जिक्र करते हुए कहा कि ब्रह्मकुमारी का ध्यान और योग से जुड़ा य​ह अभियान मानवता काे पहले से अधिक सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सुख और शांति बाहरी दुनिया से नहीं बल्कि व्यक्ति के अंदर होती है और यह ध्यान और योग के माध्यम से ही अनुभव किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हम केवल आगे बढ़ने के लिए ही नहीं बल्कि स्वयं के भीतर झांकने की भी आदत डालें। विश्वास वहीं टिकता है, जहां विचार स्वस्थ और भावनाएं स्वच्छ होती हैं। हमारे भीतर आत्मिक चेतना जागृत होती है तो प्रेम, विश्वास और भाईचारा भी विकसित होता है। ब्रह्मकुमारीज संस्था की ओर से योग के माध्यम से पूरे विश्व में शांति, सुख और प्रेम का संदेश जन जन तक पहुंचाया जा रहा है। संस्था की ओर से नारी सशक्तिकरण और शिक्षा के क्षेत्र में भी किए जा रहे कार्य प्रशंसनीय है। राष्ट्रपति ने कहा कि ब्रह्मकुमारी संस्था केवल माउंटआबू तक सीमित नहीं है, बल्कि आज गांव -गांव में शिक्षा और संस्कार केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां संस्था के भाई और बहन लोगों में विश्वास,एकता और मानवता और ध्यान योग के प्रति जागरुक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज राज्य स्तरीय कार्यक्रम से एक नई शुरुआत हुई है और इसके लिए ब्रह्मकुमारी संस्था के पदाधिकारी अभिनंदन के पात्र हैं।  मेडिटेशन से दूर होता है तनाव: आनंदीबेन पटेलसमाराेह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ब्रह्मकुमारीज संस्थान की स्थापना और उसके उदृेेश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष 1937 में जब समाज व्याधियों से व्यथित था, ऐसे समय में इस संस्थान की नींव रखी गई। उन्होंने कहा कि राजयोग से सुख, शांति, पवित्रता जैसे गुण स्वतः आने लगते हैं। मेडिटेशन सिखाता है कि आत्मा अमर अविनाशी है। राजयोग एक अभ्यास नहीं, बल्कि संपूर्ण सकारात्मक जीवन शैली है। वर्तमान परिस्थितियां हमारे कर्मों का ही कल है। यह अपने आप से मिलने की अनुभूति है।महत्चपूर्ण है अभियान: योगीइस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह हमारे लिए गौरव का क्षण है कि ध्यान योग को लेकर हम इतना बड़ा अभियान शुरू करने जा रहे हैं। ऐसे में राष्ट्रपति की मौजूदगी हमारे लिए गौरव की बात है। इस समाराेह में आयाेजक संस्था के पदाधिकारियाें के अलावा प्रशासनिक अधिकारी, समाजसेवी और वरिष्ठ नागरिक माैजूद रहे।

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप स्काई रूट के इंफिनिटी कैंपस का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि पिछले 6 से 7 सालों में भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र बड़े बदलावों से गुजर रहा है और यह अब खुला, सहयोगी और नवाचार से प्रेरित अर्थतंत्र बन गया है।प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की ओर से अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी क्षेत्र के लिए खोलने से देश के युवा खासकर ‘जेन जी यूथ’ को भरपूर फायदा उठाने के अवसर मिले हैं। भारत के पास अंतरिक्ष क्षेत्र में क्षमताएं हैं और यह क्षमताएं केवल कुछ ही देश के पास हैं। हमारे पास कुशल इंजीनियर, उच्च गुणवत्ता उत्पादन अर्थतंत्र और विश्व की बेहतरीन प्रक्षेपण स्थल हैं। साथ ही नवाचार को प्रोत्साहित करने वाला माइंड सेट भी है। भारत की युवा शक्ति को नवाचार और जोखिम उठाने वाली क्षमता तथा उद्यमिता से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि इसके चलते आज विविध क्षेत्र में भारत नई बुलंदियां छू रहा है। स्काई रूट का इंफिनिटी कैंपस भारत की नई सोच नवाचार और युवा शक्ति काप्रतिबिंब है।उन्होंने ने स्काई रूट के प्रथम ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-एक का अनावरण भी किया। इसमें उपग्रह को कक्षा में प्रक्षेपित करने की क्षमता है। इस अत्याधुनिक केंद्र में बहु प्रक्षेपण वाहनों के डिजाइन विकास एकीकरण और प्रशिक्षण के लिए लगभग 20 हजार वर्ग फुट का कार्य क्षेत्र होगा तथा हर महीने का एक कक्षीय रॉकेट बनाने की क्षमता होगी।अंतरिक्ष के क्षेत्र में कार्य करने वाली सरकारी एजेंसी ‘इसरो’ की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दशकों तक संस्था ने भारत की अंतरिक्ष यात्रा को नई उड़ान दी है। उसने विश्वसनीयता, क्षमता और अपने काम से हर प्रकार से भारत की अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि भारत की अंतरिक्ष प्रतिभा दुनिया भर में एक मजबूत पहचान बना रही है। वैश्विक नवाचार वाले संस्थान भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। दुनिया भर में छोटे उपग्रह की मांग लगातार बढ़ रही है और अंतरिक्ष को अब एक रणनीतिक एसेट के तौर पर पहचाना जा रहा है। आने वाले सालों में वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था कई गुना बढ़ाने वाली है। यह भारत के युवाओं के लिए एक बड़ा मौका है।उल्लेखनीय है कि स्काई रूट भारत की अग्रणी निजी कंपनी बनकर उभरी है। इसकी स्थापना पवन चंदना और भरत ढाका ने की है। दोनों भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के पूर्व छात्र और इसरो के पूर्व वैज्ञानिक हैं और अब उद्यमी बन गए हैं। नवंबर 2022 में स्काई रूट ने अपना सब ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-एस लॉन्च किया। इससे वह अंतरिक्ष में रॉकेट लॉन्च करने वाली पहली भारतीय निजी कंपनी बन गई।  

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हांगकांग । दुनिया में अपनी निराली चमक और दमक के लिए विख्यात हांगकांग अपने इतिहास की भयावह आग से जूझ रहा है। कल आठ बहुमंजिला आवासीय इमारतों (टॉवर्स) में लगी आग में आज सुबह तक 44 लोगों की जान चली गई। इनमें से चार की आग बुझाई जा चुकी है। तीन इमारतों में दमकल विभाग के कर्मचारी अभी भी कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। एक टॉवर को सुरक्षित बताया जा रहा है। आग की लपटों से घिरे यह सभी टॉवर 'ताई पो के वांग फुक कोर्ट' क्षेत्र में हैं।हांगकांग के सबसे ज्यादा पढ़े-जाने वाले अंग्रेजी दैनिक द स्टैंडर्ड ने इस त्रासदी के हर पहलू पर अपनी वेबसाइट के सुबह स्थानीय समयानुसार 06ः50 बजे के डिस्पैच में लिखा कि 'ताई पो के वांग फुक कोर्ट' में आग से मरने वालों की संख्या 44 हुई। यह घोषणा स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग ने की। सनद रहे भारत और हांगकांग के समय में ढाई घंटे का अंतर है। इसे इस तरह समझें जब भारत में सुबह के छह बजते हैं तो वहां की घड़ी साढ़े आठ बजा रही होती है।द स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस और दमकल विभाग के अधिकारियों ने पूरा ब्यौरा देते हुए आज सुबह कहा कि इस संबंध में भवन निर्माण कंपनी के तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। दमकल विभाग के उप निदेशक चान हिंग-युंग ने पत्रकारों को बताया कि बचाव अभियान जारी है। आठ प्रभावित इमारतों में से एक को अभी भी कोई नुकसान नहीं हुआ है। चार की आग बुझाई जा चुकी है। तीन पर अभी भी काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि दमकल कर्मचारियों के आज दोपहर से शाम के बीच छत पर पहुंचने की उम्मीद है।दमकल विभाग ने पुष्टि की है कि बचाव टीमों ने रातभर 13वीं और तीसरी मंजिल के बीच काम किया। सबसे ज्यादा प्रभावित मंजिलों में 5वीं से 18वीं हैं। एंबुलेस सेवा (न्यू टेरिटरीज़ ईस्ट) के अधिकारी चाउ विंग-यिन ने कहा कि लगभग 100 लोगों को किसी तरह बचाकर नीचे लाया गया। इनमें से 40 की मौके पर ही मौत हो गई और चार अन्य ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। दमकल विभाग के सात जवान भी आग बुझाते समय झुलस गए।न्यू टेरिटरीज नॉर्थ रीजनल अपराध मुख्यालय के अधीक्षक चुंग लाई-यी ने कहा कि पुलिस ने जांच अपने हाथ में ले ली है। इस संबंध में निर्माण कंपनी के तीन तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें दो निदेशक और एक सलाहकार अभियंता है। न्यू टेरिटरीज के सभी अस्पतालों को सतर्क कर दिया गया है।हांगकांग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जॉन ली का-चिऊ आधीरात बाद 01:26 बजे कहा कि सरकार सभी बचाव और राहत कार्यों में मदद कर रही है। उन्होंने कहा, “सबसे पहली प्राथमिकता आग बुझाना, फंसे हुए लोगों को बचाना, घायलों का इलाज करना और आगे के इंतजामों के लिए मदद देना है।” ली ने आगे कहा कि आग बुझने के बाद पूरी जांच की जाएगी। दमकल विभाग ने भी एक विशेष जांच टास्क फोर्स बनाई है। रात डेढ़ बजे स्वास्थ्य सचिव लो चुंग-माऊ ने बताया कि लपटों में घिरे कुछ लोगों की मौत दम घुटने से भी हुई है।इसी दौरान रक्षा सचिव क्रिस टैंग पिंग-क्यूंग ने कहा कि इस त्रासदी की जांच की दिशा आपराधिक कृत्य के साथ शुरू होगी। रात साढ़े तीन बजे बताया गया कि पीड़ितों को सांस लेने में काफी दिक्कत हुई है। 29 पीड़ित अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें सात की हालत गंभीर है। आज तड़के बताया गया कि तीन बजे तक अस्पताल पहुंचाए गए लोगों की संख्या 48 हो गई। इनमें चार की मौत हो गई। पुलिस ने सुबह चार बजे घोषणा की कि गैर-इरादतन हत्या के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया

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चेन्नई । तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के निष्कासित वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री के.ए. सेंगोट्टैयन गुरुवार को तमिलगा वेत्रि कझगम (टीवीके) में शामिल हो गए। उन्हें टीवीके संस्थापक और अभिनेता से नेता बने विजय की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता दी गई।   सेंगोट्टैयन के टीवीके में शामिल होने की चर्चाएं पिछले कई दिनों से जारी थीं, जिन पर बुधवार को विजय के साथ हुई उनकी मुलाकात के बाद मुहर लग गई थी। सूत्रों के अनुसार, पार्टी में उन्हें संगठनात्मक महासचिव जैसी अहम जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।   पनयूर स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में विजय, टीवीके के वरिष्ठ नेता और सेंगोट्टैयन के समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इसी अवसर पर सेंगोट्टैयन के पार्टी में शामिल होने की आधिकारिक घोषणा की गई। पार्टी कार्यालय पनयूर में आयोजित कार्यक्रम में विजय, टीवीके के वरिष्ठ नेता और सेंगोट्टैयन के समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 26 नवंबर को संविधान दिवस पर देशवासियों के नाम लिखे पत्र में कहा कि संविधान निरंतर देश के विकास का सच्चा मार्गदर्शक बना हुआ है। ये भारत के संविधान की ही शक्ति है जिसने उन जैसे गरीब परिवार से निकले साधारण व्यक्ति को प्रधानमंत्री के पद पर पहुंचाया। संविधान की वजह से उन्हें 24 वर्षों से निरंतर सरकार के मुखिया के तौर पर काम करने का अवसर मिला है।   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साल 1949 में संविधान को ऐतिहासिक रूप से अपनाए जाने का स्मरण करते हुए राष्ट्र की प्रगति में इसकी स्थायी भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में सरकार ने इस पवित्र दस्तावेज़ के सम्मान में 26 नवंबर को संविधान दिवस घोषित किया था।   इसके साथ ही उन्होंने कहा कि संविधान हमें मतदान का अधिकार दिया है। एक नागरिक के तौर पर हमारा कर्तव्य है कि मतदान का कोई अवसर छोड़े नहीं। उन्होंने स्कूलों में हर वर्ष 26 नवंबर को फर्स्ट-टाइम वोटर्स का सम्मान करने की परंपरा विकसित करने का आह्वान किया।   प्रधानमंत्री ने पत्र में लिखा कि संविधान दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं बल्कि आत्ममंथन का भी क्षण है। इस दिन नागरिकों को यह विचार करना चाहिए कि वे राष्ट्र के प्रति अपने उत्तरदायित्वों का पालन कितनी निष्ठा से कर रहे हैं। पत्र में आग्रह किया गया है कि हर व्यक्ति लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए सक्रिय और सकारात्मक भूमिका निभाए।   प्रधानमंत्री ने नागरिकों को कर्तव्य बोध कराते हुए कहा कि हमारे संविधान का आर्टिकल 51A मौलिक कर्तव्यों को समर्पित है। ये कर्तव्य हमें सामाजिक और आर्थिक प्रगति प्राप्त करने का रास्ता दिखाते हैं। महात्मा गांधी ने हमेशा नागरिकों के कर्तव्यों पर बल दिया था। वे मानते थे कि जब हम ईमानदारी से कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं, तो हमें अधिकार भी स्वत: मिल जाते हैं।   उन्होंने कहा कि इस वर्ष का संविधान दिवस विशेष है क्योंकि यह सरदार पटेल और बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती, वंदे मातरम् के 150 वर्ष और गुरु तेग बहादुर की शहादत के 350 वर्ष का अवसर है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में संविधान पूर्ण रूप से लागू हुआ है।   प्रधानमंत्री ने संविधान सभा के सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. बाबासाहेब भीमराव आम्बेडकर और कई प्रतिष्ठित महिला सदस्यों को याद किया, जिनकी दूरदर्शिता ने संविधान को समृद्ध बनाया। उन्होंने संविधान की 60वीं वर्षगांठ के दौरान गुजरात में आयोजित संविधान गौरव यात्रा तथा इसकी 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित संसद के विशेष सत्र और राष्ट्रव्यापी कार्यक्रमों जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का उल्लेख किया, जिनमें रिकॉर्ड जन भागीदारी देखी गई।   उन्होंने भविष्य की ओर देखते हुए कहा कि इस सदी की शुरुआत के 25 वर्ष व्यतीत हो चुके हैं और केवल दो दशकों में भारत औपनिवेशिक शासन से आजादी के 100 वर्ष पूरे कर लेगा। वर्ष 2049 में संविधान को अपनाए हुए एक सदी हो जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज लिए गए निर्णय और नीतियां आने वाली पीढ़ियों के जीवन को आकार देंगे। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि रखें, क्योंकि हमारा देश, विकसित भारत की परिकल्पना की ओर अग्रसर है।  

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बीजापुर । छत्तीसगढ़ के बीजापुर में चलाये जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” के तहत बुधवार को 41 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया है। इन पर एक करोड़ 19 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वालों में 12 महिला और 29 पुरुष कैडर शामिल हैं।पुलिस के अनुसार मुख्यधारा में लौटे 41 नक्सली कैडरों में पीएलजीए बटालियन-1 और विभिन्न कंपनियों के 5 सदस्य, एसीएम कैडर के-3, प्लाटून व एरिया कमेटी सदस्य– 11, पीएलजीए सदस्य– 2, मिलिशिया प्लाटून कमांडर– 4, मिलिशिया डिप्टी कमांडर– 1, मिलिशिया सदस्य– 6, जनताना सरकार, डीएकेएमएस, केएएमएस के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष/सदस्य– 9 सदस्य शामिल हैं।बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति माओवादियों को आकर्षित कर रही है। आत्मसमर्पण करने वालों के परिजन भी चाहते हैं कि वे सामान्य जीवन जियें और समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें। उन्होंने कहा कि माओवादी भ्रामक और हिंसक विचारधाराओं को त्यागकर निर्भय होकर समाज की मुख्यधारा में लौटें। शासन की ‘पूना मारगेम’ नीति उनके भविष्य को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्वावलंबी बनाने के लिए हर संभव सुविधा प्रदान कर रही है।   आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी कैडर -   1. पण्डरू हपका उर्फ मोहन, उम्र 37 वर्ष, साकिन पदेडा रेगडगट्टापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर छग, पदनाम-बटालियन नंबर 1 पीपीसीएम, इनाम- 8 लाख रूपये। 2. बण्डी हपका पति पण्डरू हपका उर्फ मोहन उम्र 35 वर्ष साकिन पदेडा रेगडगट्टापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर, पदनाम-बटालियन नंबर 1 पीपीसीएम, इनाम- 8 लाख रूपये। 3. लक्खू कोरसा (उम्र 37 वर्ष) पदेडा मासापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर, कंपनी नंबर 2 पीपीसीएम, इनाम-8 लाख रूपये। 4. बदरू पुनेम (उम्र 35 वर्ष) जाति साकिन पुसनार ध्रुर्वापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर, पदनाम-प्लाटून नंबर 30 पीपीसीएम, इनाम -8 लाख रूपये। 5. सुखराम हेमला (उम्र 27 वर्ष) साकिन काकेकोरमा गुबालीपारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर, पदनाम- प्लाटून नबर 50 पीपीसीएम, इनाम-8. लाख रूपये। 6. मंजूला हेमला उर्फ शांति (उम्र 25 वर्ष) साकिन काकेकोरमा गुबालीपारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर, पदनाम- प्लाटून नंबर 50 पार्टी सदस्या इनाम 8 लाख रूपये। 7. मंगली माडवी उर्फ शांति उर्फ मंगलो (उम्र 29 वर्ष) साकिन कोतरापाल लक्खापारा थाना जांगला जिला बीजापुर, पदनाम- कंपनी नंबर 2 पार्टी सदस्या, इनाम -8 लाख रूपये। 8. जयराम कडियम (उम्र 28 वर्ष) साकिन सावनार मुकापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर, पदनाम- कंपनी नंबर 2 पार्टी सदस्य, इनाम -8 लाख रूपये। 9. पाण्डो मडकम उर्फ चांदनी (उम्र 35 वर्ष) साकिन कोतरापाल लक्खापारा थाना जांगला जिला बीजापुर, पदनाम- कंपनी नंबर 5 पार्टी सदस्या, इनाम-8 लाख रूपये। 10. माटा कडियम उर्फ मंगल(उम्र 28 वर्ष) साकिन मेटापाल तेलगापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर,पदनमा भैरमगढ एरिया कमेटी सदस्य (एसीएम), इनाम -5 लाख रूपये। 11. जमली कडियम पति माटा कडियम उर्फ मंगल उम्र 26 वर्ष साकिन मेटापाल तेलगापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर छ0ग पदनाम- भैरमगढ एरिया कमेटी सदस्य (एसीएम), इनाम-5 लाख रूपये। 12. जोगी मडकम उर्फ मालती (उम्र 28 वर्ष) साकिन सिंघनपल्ली स्कूलपारा थाना उसूर जिला बीजापुर, पदनाम-धमतरी- गरियाबंद - नुआपाड़ (डीजीएन) डीविजन सदस्य (एसीएम), पदनाम-5 लाख रूपये। 13. छोटू कारम (उम्र 25 वर्ष) साकिन हिरोली गायतापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर, पदनाम-तेलंगाना स्टेट कमेट पार्टी सदस्य, इनाम -2लाख रूपये। 14. अनिल मड़कम उर्फ मूडा (उम्र 20 वर्ष) साकिन पेद्दापाल नयापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर, पदनाम-पश्चिम बस्तर डीविजन सप्लाई टीम पार्टी सदस्य, इनाम 2 लाख रूपये। 15. सावित्री कारम उर्फ कविता पति छोटू कारम उम्र 21 वर्ष साकिन हिरोली गायतापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर, पदनाम- तेलंगाना स्टेट कमेटी पार्टी सदस्या, इनाम -2 लाख रूपये। 16. सोमारू माडवी (उम्र 49 वर्ष) साकिन जैगूर दोसोलपारा थाना जांगला जिला बीजापुर, पदनाम- फुलोड आरपीसी जनताना सरकार सदस्य / डीएकेएएमएस अध्यक्ष, इनाम -2 लाख रूपये। 17. हिडमो पोयाम (उम्र 34 वर्ष) साकिन हिंगुम नयापारा थाना जांगला जिला बीजापुर, इदेर आरपीसी जनताना सरकार सदस्य (इदेर आरपीसी डीएकेएएमएस अध्यक्ष), इनाम- 2 लाख रूपये। 18. रामबती बेडता (40 वर्ष) साकिन फुलोड बन्नापारा थाना जांगला जिला बीजापुर, पदनाम-फुलोड आरपीसी केएएमएस अध्यक्ष, इनाम- 2 लाख रूपये। 19. मंगलू लेकाम (उम्र 40 वर्ष) साकिन झारामोगिया पटेलपारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर, पदनाम- इदेर आरपीसी मिलिषिया प्लाटून कमाण्डर, इनाम - 2. लाख रूपये। 20. चैतू राम पोडियम (उम्र 32 वर्ष) साकिन बिरियाभूमि करेंपारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर, पदनाम- बिरियाभूमि आरपीसी मिलिशिया प्लाटून डिप्टी कमाण्डर, इनाम-2 लाख रूपये। 21. धनीराम अवलम उर्फ संतोष (उम्र 36 वर्ष) साकिन कडेर पटेलपारा थाना नैमेड जिला बीजापुर, पदनाम-दुरधा आरपीसी मिलिशिया प्लाटून कमाण्डर, इनाम-2 लाख रूपये। 22. कोमशीला बेडता (उम्र 30 वर्ष) साकिन फुलोड बेडतापारा थाना जांगला जिला बीजापुर, पदनाम- फुलोड आरपीसी मिलिशिया प्लाटून कमाण्डर, इनाम-2 लाख रूपये। 23. सोनू कवासी (उम्र 30 वर्ष) साकिन कोरंजेड स्कूलपारा थाना मद्देड़ जिला बीजापुर, पदनाम- गुज्जाकोंटा आरपीसी मिलिशिया प्लाटून डिप्टी कमाण्डर, इनाम- 2 लाख रूपये। 24. सीतू हेमला (उम्र 29 वर्ष) साकिन फुलादी बोडकूपारा थाना मिरतुर जिला बीजापुर, पदनाम- फुलादी आरपीसी मिलिशिया प्लाटून कमाण्डर, इनाम -2 लाख रूपये। 25. लोकेश कुम्मा (उम्र 20 वर्ष) साकिन बंदेपारा स्कूलपारा थाना मद्देड जिला बीजापुर, पदनाम- डीके जोन मोपोस टीम पार्टी सदस्य, इनाम एक लाख रूपये। 26. लक्ष्मी माडवी (उम्र 25 वर्ष) साकिन मराईगुडा गामापाडपारा थाना एर्राबोर जिला सुकमा, पदनाम पामेड एरिया कमेटी पार्टी सदस्या इर्नाम - एक लाख रूपये। 27. मुन्ना कोवासी (उम्र 21 वर्ष) दरभा स्कूलपारा थाना कुटरू जिला बीजापुर, पदनाम-भैरमगढ एरिया कमेटी पार्टी सदस्य, इनाम-एक लाख रूपये। 28. ईरपे तेलम उर्फ मीना (उम्र 18 वर्ष) साकिन तेलीपेटा पुरानापारा थाना कुटरू जिला बीजापुर, पदनाम- पश्चिम बस्तर डीविजन पीएलजीए सदस्या, इनाम-एक लाख रूपये। 29. पाण्डे ओयाम उर्फ रोशनी (उम्र 23 वर्ष) साकिन झारामोगिया स्कूलपारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर, पदनाम-तेलंगाना स्टेट कमेटी पीएलजीए सदस्य, इनाम-1 लाख रूपये। 30. गागरू फरसा उर्फ जगमोहन (उम्र 36 वर्ष) साकिन इदेर स्कूलपारा थाना जांगला जिला बीजापुर, पदनाम- इदेर आरपीसी जनताना सरकार अध्यक्ष, इनाम एक लाख रूपये। 31. डोल्ले बेडता (उम्र 37 वर्ष) साकिन जैगूर थाना जांगला जिला बीजापुर, पदनाम- फुलोड आरपीसी जनताना सरकार अध्यक्ष, इनाम -1 लाख रूपये। 32. मंगी डोडी (उम्र 36 वर्ष) साकिन कोत्तागुडा बिलपारा थाना बासागुडा जिला बीजापुर, पदनाम-पामेड एरिया कमेटी पार्टी सदस्या, इनाम -1 लाख रूपये। 33. लक्ष्मण वेको (उम्र 35 वर्ष) साकिन डालेर टेकामेटापारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर, पदनाम- बिरियाभूमि आरपीसी जनताना सरकार उपाध्यक्ष। 34. सरजू लेकाम (उम्र 20 वर्ष) साकिन झारामोगिया स्कूलपारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर, पदनाम- इदेर आरपीसी जनताना सरकार सदस्य। 35. बुधराम फरसा (उम्र 25 वर्ष) साकिन इदेर स्कूलपारा थाना जांगला जिला बीजापुर, पदनाम- इदेर आरपीसी जनताना सरकार सदस्य। 36. सनकू पोडियम (उम्र 35 वर्ष) साकिन इंगुम नयापारा थाना जांगला जिला बीजापुर, पदनाम- इदेर आरपीसी डीएकेएएमएस सदस्य। 37. लखमू राम फरसा उर्फ लक्खू (उम्र 29 वर्ष) साकिन इदेर स्कूलपारा थाना जांगला जिला बीजापुर, पदनाम- इदेर आरपीसी मिलिषिया प्लाटून सदस्य। 38. वंगा मिच्चा (30 वर्ष) साकिन बंदेपारा नयापारा थाना मद्देड जिला बीजापुर, पदनाम-गुज्जाकोंटा आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सी सेक्शन कमाण्डर। 39. नागा कुडियम (उम्र 28 वर्ष) साकिन बंदेपारा स्कूलपारा थाना मद्देड जिला बीजापुर, पदनाम-गुज्जाकोंटा आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्य। 40. पाण्डू मिच्चा (उम्र 22 वर्ष) साकिन बंदेपारा नयापारा थाना मद्देड जिला बीजापुर, पदनाम-गुज्जाकोंटा आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्य । 41. शंकर याचम (उम्र 27 वर्ष) साकिन कोरंजेड स्कूलपारा थाना मद्देड़ जिला बीजापुर, पदनाम-गुज्जाकोंटा आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्य।  

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संभल । उत्तर प्रदेश के संभल में 1978 के दंगों से जुड़े एक मामले में बुधवार को संभल कोतवाली क्षेत्र की एकता पुलिस चौकी महमूद खां सराय स्थित मुख्य बाजार में स्थित एक कुएं की खुदाई शुरू की गई है। जाच मे सामने आया है कि इस कुएं में परचून व्यापारी रामशरण रस्तोगी की हत्या के बाद उनके शव को तराजू-बाट बांधकर फेंका गया था। संभल हिंसा की बरसी पर 24 नवंबर 2024 को जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण विश्नोई ने क्षेत्र का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने फुट पेट्रोलिंग भी की। कुएं के ठीक सामने अकबरपुर मंडी में मृतक रामशरण रस्तोगी के भतीजे सुशील रस्तोगी की दुकान है, जिनसे अधिकारियों ने बातचीत की थी। इसके बाद शिकायत के आधार पर डीएम और एसपी ने सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार और पालिका ईओ डॉ. मणिभूषण तिवारी को कुएं की खुदाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद बुधवार को दोनों अधिकारियों की मौजूदगी में मजदूरों ने कुएं की खुदाई का काम शुरू किया है।मृतक रामशरण रस्तोगी के भतीजे सुशील रस्तोगी ने बताया कि 1978 के दंगों में उनके ताऊ की निर्मम हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि डीएम और एसपी ने उनसे इस संबंध में जानकारी ली थी। मृतक के पोते कपिल रस्तोगी ने भी हाल ही में, 10 फरवरी 2025 को एसडीएम और डीएम को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी।इस संबंध मे सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने बताया कि डीएम और एसपी ने 24 नवंबर को हिंसा की बरसी पर फुट पेट्रोलिंग के दौरान कुएं का निरीक्षण किया था। उन्होंने बताया कि कुएं की खुदाई के निर्देश दिए गए हैं और उसी क्रम में आज यह कार्य किया जा रहा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस कुएं का इतिहास बहुत पुराना है और यह 1978 के दंगों से जुड़ा हुआ है।  

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  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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अयोध्या । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज राम नगरी अयोध्या में वैदिक मंत्रों के बीच शुभ मुहूर्त में राम मंदिर के मुख्य शिखर पर धर्मध्वजा फहराई। हवा में केसरिया ध्वज के फहरते ही पूरी अयोध्या ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से गुंजायमान हो गई और पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉक्टर मोहन भागवत, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित प्रख्यात साधु- संत और धर्माचार्य उपस्थित रहे।सियावर राम चंद्र की जय बाेलकर राम मंदिर के ध्वजारोहण समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रभु श्री राम के व्यक्तित्व के विभिन्न रूपों का विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार भगवान राम के आदर्शों पर चलकर समाज के सभी वर्ग के लोगों को विकास कर रही हैं। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वे गुलामी मानसिकता को त्यागकर अपनी विरासत अपना कर विकसित भारत के लक्ष्य प्राप्ति के लिए साथ आएं।भगवान राम के लिए कुल नहीं व्यक्ति महत्वपूर्णप्रधानमंत्री ने प्रभु राम की विशेषताओं का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि प्रभु राम भाव से जुडते हैं, वे किसी व्यक्ति के कुल को नहीं देखते है। वे व्यक्ति को देखते हैं, तभी तो निषाद राज को अपना दोस्त बनाते हैं। शबरी के झूठे बेर खाते हैं । इसी भाव को लेकर आगे बढते हैं और पुरुषोत्तम राम बनते हैं। हमारी सरकार भी इसी भाव को लेकर बिना किसी धर्म—जाति देख विकास के केंद्र​बिंदु में काम कर ही है।ओरछा से लेकर तमिलनाडु तक रामत्व की चर्चाप्रधानमंत्री मोदी ने कहा ओरछा के राजा राम से लेकर, रामेश्वरम के भक्त राम तक, और शबरी के प्रभु राम से लेकर, मिथिला के पाहुन राम जी तक, भारत के हर घर में, हर भारतीय के मन में, और भारतवर्ष के हर कण-कण में राम हैं। लेकिन गुलामी की मानसिकता इतनी हावी हो गई कि प्रभु राम को भी काल्पनिक घोषित किया जाने लगा। दस साल में खत्म करें मैकाले वाली मानसिकता   उन्हाेंने कहा कि अपनी विरासत पर गर्व के साथ-साथ एक और बात भी महत्वपूर्ण है, और वो है- गुलामी की मानसिकता से पूरी तरह मुक्ति। आज से 190 साल पहले, साल 1835 में मैकाले नाम के एक अंग्रेज़ ने भारत को अपनी जड़ों से उखाड़ने के बीज बोए थे। मैकाले ने भारत में मानसिक गुलामी की नींव रखी थी। दस साल बाद, यानि 2035 में उस अपवित्र घटना को 200 वर्ष पूरे हो रहे हैं। कुछ दिन पहले ही मैंने एक कार्यक्रम में आग्रह किया था कि हमें आने वाले दस वर्षों तक, उस दस वर्षों का लक्ष्य लेकर चलना है कि भारत को गुलामी की मानसिकता से मुक्त करके रहेंगे। ये गुलामी की मानसिकता ही है, जिसने राम को नकारा । कुछ लोगों की इसी मानसिक गुलामी ने राम को भी काल्पनिक बता दिया।   सबसे पुराना लोकतंत्र भारत में लेकिन छुपाया गयाभारत देश की महान विरासत का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह प्रचारित किया गया कि हमारा संविधान भी विदेश से प्रेरित है, जबकि सच ये है कि भारत लोकतंत्र की जननी है । तमिलनाडु के एक गांव में शिलालेख में बताया है कि हजारों साल पहले कैसे सरकार चुनी जाती थी और कैसे शासन चलता था। लेकिन गुलामी की मानसिकता के कारण भारत की पीढ़ियों को ऐसी न जाने कितनी जानकारी से वंचित रखा गया।अब नौसेना के ध्वज पर हमारी विरासतउन्होंने कहा आप याद करिए, भारतीय नौसेना का ध्वज, सदियों तक उस ध्वज पर ऐसे प्रतीक बने रहे, जिनका हमारी सभ्यता, हमारी शक्ति, हमारी विरासत से कोई संबंध नहीं था। अब हमने नौसेना के ध्वज से गुलामी के हर प्रतीक को हटाया है। हमने छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत को स्थापित किया है। ये सिर्फ एक डिजाइन में बदलाव नहीं हुआ, ये मानसिकता बदलने का क्षण था। ये वो घोषणा थी कि भारत अब अपनी शक्ति, अपने प्रतीकों से परिभाषित करेगा, न कि किसी और की विरासत से।   अयोध्या की भूमि में आदर्श आचरण में बदलते हैंप्रधानमंत्री मोदी ने कहा, राम नगरी अयोध्या वह भूमि है, जहां आदर्श आचरण में बदलते हैं। यह वही भूमि है, जहां राम ने जीवन शुरू किया। इसी धरती ने बताया कि एक व्यक्ति अपने समाज की शक्ति से कैसे मर्यादा पुरुषोत्तम बनता है, जब भगवान यहां से गए तो युवराज राम थे, वह लौटे तो मर्यादा पुरुषोत्तम बनकर । उनके मर्यादा पुरुषोत्तम बनने में महर्षि वशिष्ठ का ज्ञान, महर्षि विश्वामित्र की दीक्षा, महर्षि अगस्त्य का मार्गदर्शन, निषादराज की मित्रता, मां शबरी की ममता, भक्त हनुमान का समर्पण, इन सबकी, अनगिनत ऐसे लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राम मंदिर भारत का चेतना स्थल समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत के लक्ष्य को रेखांकित करते हुए कहा कि विकसित भारत बनाने के लिए समाज की इसी सामूहिक शक्ति की आवश्यकता है। मुझे खुशी है कि राम मंदिर भारत के चेतना स्थली बन रहा है। यहां माता शबरी का मंदिर है, जो जनजातीय समाज के प्रेम प्रेरणा की मूर्ति हैं। यहां एक ही स्थान पर माता अहिल्या हैं, महर्षि वाल्मीकी हैं, महर्षि वशिष्ठ हैं, महर्षि विश्वामित्र हैं, महर्षि अगस्त्य हैं, और संत तुलसीदास हैं। रामलला के साथ-साथ इन सभी ऋषियों के दर्शन भी यहीं पर होते हैं। यहां जटायु जी और गिलहरी की मूर्तियां भी हैं, जो बड़े संकल्पों की सिद्धि के लिए हर छोटे से छोटे प्रयास के महत्व को दिखाती हैं। मैं आज हर देशवासी से कहूंगा कि वो जब भी राम मंदिर आएं, तो सप्त मंदिर के दर्शन भी अवश्य करें। ये मंदिर हमारी आस्था के साथ-साथ, मित्रता, कर्तव्य और सामाजिक सद्भाव के मूल्यों को भी शक्ति देते हैं।   जीत सत्य की होती है, असत्य की नहींपीएम मोदी ने कहा, मंदिर पर फहर रहा भगवा ध्वज सत्यमेव जयते का आह्वान करेगा। यानी जीत सत्य की होती है, असत्य की नहीं। सत्य में ही धर्म स्थापित है। यह ध्वज युगों युगों तक प्रेरणा देता रहेगा कि प्राण जाएं पर वचन नहीं जाए, जो कहा जाए वही किया भी जाए। जो लोग किसी कारण मंदिर नहीं आ पाते हैं, दूर से इस मंदिर के ध्वज को प्रणाम कर लेते हैं, उन्हें भी उतना ही पुण्य मिल जाता है। यह ध्वज भी मंदिर के ध्येय का प्रतीक है, यह दूर से ही रामलला की जन्मभूमि का दर्शन कराएगा।यह अयोध्या का धर्म ध्वज हैपीएम मोदी ने कहा, जो सामने ध्वज दिख रहा है वह अयोध्या का धर्म ध्वज है, जिस पर कोविदार वृक्ष अंकित है। यह वृक्ष अपने याद दिलाता है कि जब हम इसे भूलते हैं, तब अपनी पहचान खो देते हैं। धर्मध्वज प्रेरणा बनेगा कि प्राण जाए, पर वचन न जाए अर्थात जो कहा जाए, वही किया जाए. ये धर्मध्वज संदेश देगा- कर्मप्रधान विश्व रचि राखा अर्थात विश्व में कर्म और कर्तव्य की प्रधानता हो. ये धर्मध्वज कामना करेगा- बैर न बिग्रह आस न त्रासा, सुखमय ताहि सदा सब आसा यानी भेदभाव, पीड़ा, परेशानी से मुक्ति और समाज में शांति एवं सुख हो।   माेदी ने 11 साल की उपलब्धियाँ भी गिनाईप्रधानमंत्री नरेन््द्र मोदी ने अपने भाषण में पिछले 11 साल से किए जा रहे सर्वकल्याणकारी कार्यों की चर्चा की। पिछले 11 वर्षों में, महिला, दलित, पिछड़े, अति-पिछड़े, आदिवासी, वंचित, किसान, श्रमिक, युवा, हर वर्ग को विकास के केंद्र में रखा गया है। जब देश का हर व्यक्ति, हर वर्ग, हर क्षेत्र सशक्त होगा, तब संकल्प की सिद्धि में सबका प्रयास लगेगा। उन्होंने कहा कि पिछले 70 साल में भारत दुनिया की 11 वीं अर्थव्यवस्था था लेकिन 11 साल में 5वीं अर्थव्यवस्था बना और जल्दी तीसरी अर्थव्यवस्था बनकर भारत दुनिया का नेतत्व करेगा।त्रेतायुग वाली बन रही राम नगरीप्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अयोध्या त्रेतायुग वाली राम नगरी बन रही है। जब से प्राण प्रतिष्ठा हुई है, तब से लेकर आज तक करीब-करीब पैंतालीस करोड़ श्रद्धालु, यहां दर्शन के लिए आ चुके हैं। ये वो पवित्र भूमि है, जहां पैंतालीस करोड़ लोगों के चरण रज पड़े हैं। और इससे अयोध्या और आसपास के लोगों की आय में आर्थिक परिवर्तन आया है, वृद्धि हुई है। कभी अयोध्या विकास के पैमानों में बहुत पीछे थी, आज अयोध्या नगरी उत्तर प्रदेश के अग्रणी शहरों में से एक बन रही है। समाराेह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघके सरसंघचालकडॉक्टर मोहन भागवत ने कहा कि यह वही राम राज्य का ध्वज है, जो कभी अयोध्या में फहराता था, आज वह फहरा गया है। इस भगवा ध्वज पर रघुकुल का प्रतीक कोविदार वृक्ष है। यह वृक्ष रघुकुल की सत्ता का प्रतीक है। यह वही वृक्ष है जिसके लिए कहा जाता है, कि वृक्ष सबके लिए छाया देते हैं, स्वंय धूप में खड़े रहकर और फल भी दूसरों के लिए देते हैं। राम राज्य का ध्वज यही संदेश देता है कि स्थितियां कितनी भी प्रतिकूल हों लेकिन उसे अपने धैर्य के साथ अनुकूलता में बदलना है। आज हिंदू समाज ने 500 साल तक संघर्ष करके दिखा दिया है। इसी सत्य पर आधारित धर्म दुनिया को देने वाला भारत आज खड़ा हो गया है। उन्हाेंने कहा कि मंदिर के लिए सब कुछ न्याेछावर करने वालाें काे आज पूर्ण संतुष्टि मिली हाेगी।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ध्वजारोहण यज्ञ की पूर्णाहूति नहीं, बल्कि नए युग का शुभारंभ है। प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर 140 करोड़ भारतीयों की आस्था, सम्मान व आत्मगौरव का प्रतीक है। सीएम योगी ने भव्य मंदिर के निर्माण में योगदान देने वाले सभी कर्मयोगियों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि आज का दिन उन पूज्य संतों, योद्धाओं, श्रीरामभक्तों की अखंड साधना-संघर्ष को समर्पित है, जिन्होंने आंदोलन व संघर्ष के लिए जीवन को समर्पित किया । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत को स्मृति चिह्न भी प्रदान किया।इस अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज आदि मौजूद रहे। समाराेह का संचालन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने किया।  

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अयोध्या। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर धर्मध्वज फहराने को ऐतिहासिक बताया है और कहा कि आज हम सबके लिए सार्थकता का दिन है। राम मंदिर के निर्माण के लिए न जाने कितने लोगों ने प्राण न्योछावर किए, आज उन सबकी आत्मा तृप्त हुई होगी। अशोक सिंहल जी को वहां पर शांति मिली होगी और आज मंदिर का ध्वजारोहण हो गया।   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में आयोजित ध्वजारोहण समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. भागवत ने कहा कि यह उसी रामराज्य का ध्वज है जो कभी अयोध्या में और पूरे विश्व में फहराता था, आज मंदिर पर फहराया है। इस भगवा ध्वज पर रघुकुल का प्रतीक कोविदार वृक्ष है। यह वृक्ष रघुकुल की सत्ता का प्रतीक है। यह वही वृक्ष है जिसके लिए कहा जाता है कि वृक्ष सबके लिए छाया देते हैं, लेकिन स्वंय धूप में खड़े रहते हैं। फल भी दूसरों के लिए देते हैं। रामराज्य का ध्वज यही संदेश देता है कि स्थितियां कितनी भी प्रतिकूल हों लेकिन उसे अपने धैर्य के साथ अनुकूलता में बदलना है और आज हिंदू समाज ने राम मंदिर के लिए 500 साल तक संघर्ष करके दिखा दिया है। इसी सत्य पर आधारित धर्म दुनिया को देने वाला भारत आज खड़ा हो गया है। आज अयोध्या पूरी दुनिया का सांस्कृतिक चेतना का केंद्र बन रही है और पूरी दुनिया राममय है। यह धर्मध्वज ही नहीं अपितु भारत के पु्नर्जागरण का प्रतीक भी है और इसका भगवा रंग सदियाें के संकल्प का प्रतीक है।   डॉ. भागवत ने श्रीराम मंदिर आंदाेलन का जिक्र करते हुए कहा कि आज सदियों के घाव भर गए हैं और सदियों का संकल्प सिद्धि को प्राप्त हो गया है और 500 से चल रहे यज्ञ की पूर्णाहुति हो गई है। यह धर्मध्वज सहस्र शताब्दियों तक उद्घोष करेगा। सूर्य भगवान उस संकल्प का प्रतीक हैं। जैसे सपना उन लोगों ने देखा था, बिल्कुल वैसा ही या यूं कहें कि उससे भी भव्य मंदिर बन गया है। उन्हाेंने रथ के सारथी और सात घाेड़ाें काे अलग-अलग निरुपित करते हुए कहा कि भारत दया, विनम्रता, करुणा का संदेश दुनिया काे दे रहा है।   ध्वज में कोविदार वृक्ष की छवि के साथ 'ओम' अंकित राम मंदिर के शिखर पर फहराया गया ध्वज 10 फुट ऊंचा और 20 फुट लंबा, समकोण त्रिभुजाकार है। ध्वज पर एक उज्ज्वल सूर्य की छवि है, जो भगवान राम की प्रतिभा और वीरता का प्रतीक है, साथ ही कोविदार वृक्ष की छवि के साथ ध्वज पर 'ओम' अंकित है। इस ध्वज पर कोविदार वृक्ष का चिह्न अंकित है। इसके साथ सूर्य और ऊं के चिह्न को भी ध्वज में स्थान मिला है। कोविदार वृक्ष अयोध्या के रघुकुल वंश का प्रतीक चिह्न है। सूर्यवंशी होने के नाते ध्वज में सूर्य के चिह्न को स्थान दिया गया है। कोविदार वृक्ष श्रीराम के रघुवंश का प्रतीक चिह्न है। इसे उनके वंश के तप और त्याग के प्रतीक के रूप में राम मंदिर के शिखर पर स्थान दिया गया है।   ध्वजाराेहण से पहले पूजा-अर्चना ध्वजाराेहण से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डॉ. मोहन भागवत के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रामलला के दरबार में शीश नवाया, पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं। धर्मध्वज फहराने से पहले वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजन-अर्चन हुआ। यज्ञकुंडों से उठती आहुतियों की सुगंध और राम -राम की गूंज ने कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की।  ध्वजारोहण अनुष्ठान में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रधानमंत्री ने बटन दबाकर ध्वज फहराया। समाराेह में लगभग सात हजार अतिथि इस पल के साक्षी बने। इनमें डॉ. भागवत के साथ ही प्रमुख धर्मगुरु, संत समाज, व्यापार जगत के प्रमुख लाेग, दलित, वंचित, किन्नर और अघोरी समुदाय के प्रतिनिधि शामिल रहे।

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नई दिल्ली । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भरोसा जताया है कि आने वाले एक दशक में भारत शिपबिल्डिंग, शिप रिपेयर और समुद्री इनोवेशन के लिए एक ग्लोबल हब बनेगा। उन्होंने कहा कि आज हम एयरक्राफ्ट कैरियर से लेकर एडवांस्ड रिसर्च वेसल और एनर्जी बचाने वाले कमर्शियल जहाज तक सब कुछ डिलीवर करने में सक्षम हैं। दुनिया के समुद्री इतिहास में भारत की छाप है। हमारे पुरखों के लिए समुद्र सरहद नहीं थे, वे सांस्कृतिक, आर्थिक और स्ट्रेटेजिक जुड़ाव के पुल थे। आज इस विरासत का सम्मान करते हुए हम पुरानी यादों से पीछे मुड़कर नहीं देखते, बल्कि हम एक मकसद के साथ आगे देखते हैं।   रक्षा मंत्री मंगलवार को नई दिल्ली में ‘समुद्र उत्कर्ष’ सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारे पुरखों ने न सिर्फ मसालों, कपास और मोतियों का व्यापार किया, बल्कि वे महाद्वीपों के पार विचार, मूल्य और संस्कृति भी ले गए। भारत के लिए समुद्री व्यापार पर निर्भरता खास तौर पर ज्यादा है। भारत का लगभग 95 फीसदी व्यापार वॉल्यूम के हिसाब से और लगभग 70 फीसदी वैल्यू के हिसाब से समुद्री रास्तों से होता है। ऐसा हिंद महासागर में भारत की स्ट्रेटेजिक लोकेशन और 7,500 किमी. लंबी कोस्टलाइन की वजह से भी है। ट्रांसपोर्टेशन का यह तरीका महाद्वीपों के बीच बल्क कार्गो ले जाने, ग्लोबल सप्लाई चेन को आसान बनाने और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्थाओं को सपोर्ट करने का सबसे सस्ता और कुशल तरीका बना हुआ है।   ​उन्होंने कहा कि हाल ही में हमने म्यांमार भूकंप के दौरान​ 'ऑपरेशन ब्रह्मा​' लॉन्च किया, जिसमें​ भारतीय जहाज सतपुड़ा, सावित्री, घड़ियाल, करमुक जैसे स्वदेशी प्लेटफॉर्म तैनात किए गए, जिनसे बड़े पैमाने पर ज़रूरी मानवीय राहत पहुंचाई गई। भारत में बने प्लेटफॉर्म ने बार-बार दिखाया है कि वे ​सिर्फ देश की रक्षा ही नहीं, बल्कि इंसानियत की भी सेवा करते हैं। वर्ष 2015 में यमन में ऑपरेशन राहत से लेकर महामारी के दौरान ऑपरेशन समुद्र सेतु तक भारतीय जंगी जहाजों ने नागरिकों को घर पहुंचाया है, मेडिकल मदद पहुंचाई है और हिंद महासागर में राहत पहुंचाई है। हमारे शिपयार्ड ते​जी से पर्यावरण के अनुकूल टेक्नोलॉजी अपना रहे हैं। ये तरक्की हमारे शिपयार्ड को समुद्री विकास में सक्रिय योगदान देने वाले के तौर पर स्थापित करती है। ऐसा करके भारत के शिपयार्ड भविष्य के लिए एक सस्टेनेबल ब्लू इकॉनमी बना रहे हैं।   रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि हमारे शिपयार्ड​ डिफेंस प्लेटफॉर्म के अलावा कई तरह के खास जहाज डिजाइन और बनाते हैं, जैसे ओशनोग्राफिक रिसर्च शिप, फिशरीज़ प्रोटेक्शन वेसल, हाइड्रोग्राफिक सर्वे शिप, पॉल्यूशन कंट्रोल वेसल और कोस्टल पेट्रोल क्राफ्ट। ये प्लेटफॉर्म हमारे समुद्रों की गहरी साइंटिफिक समझ को मुमकिन बनाते हैं, मरीन इकोसिस्टम की मॉनिटरिंग को मजबूत करते हैं।​ साथ ही भारत के बड़े कोस्टलाइन और एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन में समुद्री कानून लागू करने की काबिलियत को बढ़ाते हैं।​ भारतीय नौसेना के पास एडवांस स्टेज में 262 स्वदेशी डिजाइन और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट चल रहे हैं।  मारे कुछ शिपयार्ड इस दशक में 100​ फीसदी स्वदेशी कंटेंट हासिल करने की राह पर हैं। इसका मतलब है कि भारत से सप्लाई होने वाले किसी भी नेवी के जहाज को सप्लाई चेन में कम से कम दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

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देहरादून । उत्तराखंड के टिहरी जिले में स्थित कुंजापुरी मंदिर के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की एक बस अनियंत्रित होकर खाई में  गिर गई। इस दुर्घटना में पांच यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा 24 लाेग घायल हुए हैं जिनमे सात लाेगाे काे अस्पतालाें में भर्ती कराया गया है। खबर लिखे जाने तक मृतकाे की शिनाख्त नही हाे सकी थी।   जानकारी के अनुसार आज दोपहर करीब 12 बजे टिहरी नरेंद्रनगर के कुंजापुरी मंदिर में दर्शन के वाद यात्रियों को लेकर लौट रही बस ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर नरेंद्र नगर इलाके में कुंजापुरी-हिंडोलाखाल के पास एक खाई में गिर गई। बताया जा रहा है कि बस में 29 लोग सवार थे।इनमें से पांच यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई और कई यात्री घायल हुए हैं। एसडीआरएफ के अनुसार तीन घायलों को एम्स ऋषिकेश और चार घायलों को नरेंद्रनगर अस्पताल भर्ती कराया गया है। इसके अलावा 17 अन्य लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। बताया जा रहा है कि बस में महाराष्ट्र व गुजरात समेत अन्य राज्यों के यात्री सवार थे। पुलिस यात्रियों की पहचान में जुटी है।  

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चिक्काबल्लापुर । कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोमवार को कहा कि इस मामले में पार्टी आलाकमान का फैसला अंतिम होगा। चिक्काबल्लापुर के शिदलाघट्टा में मीडिया से बातचीत में सिद्धारमैया ने कहा कि वह और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पार्टी आलाकमान के फैसले के अनुसार ही काम करेंगे। उन्होंने कहा कि नेतृत्व परिवर्तन और कैबिनेट विस्तार जैसे मुद्दों पर अंतिम निर्णय आलाकमान का होगा और वे दोनों उसी का पालन करेंगे। सिद्धारमैया ने यह भी बताया कि लगभग पांच महीने पहले आलाकमान के साथ हुई बैठक में कैबिनेट फेरबदल को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए थे। उस समय उन्होंने आलाकमान को सुझाव दिया था कि यह प्रक्रिया ढाई साल बाद करना बेहतर होगा, लेकिन यदि अब आलाकमान कोई नया निर्देश देगा, तो उसी के अनुसार कदम उठाए जाएंगे। इस बीच, उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के समर्थक कई विधायक दिल्ली में हैं और सूत्रों के अनपसार, नेतृत्व परिवर्तन को लेकर आलाकमान से मुलाकात की कोशिशें कर रहे हैं। माना जा रहा है कि राहुल गांधी के विदेश से लौटने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दक्षिण अफ्रीका की तीन दिवसीय यात्रा के बाद आज स्वदेश लौट आए। प्रधानमंत्री मोदी वहां जी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने सम्मेलन में कृत्रिम मेधा (एआई) के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक वैश्विक समझौते का आह्वान किया और कहा कि महत्वपूर्ण तकनीक को वित्त-केंद्रित होने के बजाय मानव केंद्रित होना चाहिए।प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को एक्स पोस्ट में कहा, '' सफल जोहान्सबर्ग जी-20 शिखर सम्मेलन खुशहाल और टिकाऊ धरती के लिए योगदान देगा। दुनिया के नेताओं के साथ मेरी मीटिंग और बातचीत बहुत फायदेमंद रही और इससे अलग-अलग देशों के साथ भारत के बाइलेटरल लिंक और गहरे होंगे। मैं इस सम्मेलन के आयोजन के लिए साउथ दक्षिण अफ्रीका के लोगों, राष्ट्रपति रामफोसा और दक्षिण अफ्रीका सरकार को धन्यवाद देना देता हूं। ''प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिण अफ्रीका में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टॉर्मर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यूंग, ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा से मुलाकात की।उन्होंने एक अन्य एक्स पोस्ट में कहा, '' जोहान्सबर्ग में दक्षिण अफ्रीका के गिरमिटिया गीत 'गंगा मैया' की प्रस्तुति भावविभोर कर गई। इस गीत को तमिल में सुनना अपने आप में एक अनूठा अनुभव रहा। इसमें उन लोगों की आशा और दृढ़ संकल्प की भावना समाहित है, जो कई दशक पहले यहां आए थे। भले ही उन्हें कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन वे विचलित नहीं हुए। गीतों और भजनों के माध्यम से उन्होंने भारत को अपने हृदय में बसा कर रखा है। अपनी जड़ों से इस सांस्कृतिक जुड़ाव को जीवंत देखना अभिभूत कर देने वाला है।''

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मुंबई । ठाणे जिले के अंबरनाथ में नगर निकाय के चुनाव प्रचार कर रहे उम्मीदवार की कार बीती रात कई वाहनों को टक्कर मारते हुए पलट जाने से 4 लोगों की मौत हो गई और 3 लोग घायल हो गए। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। इस घटना की जांच अंबरनाथ पुलिस स्टेशन की टीम कर रही है। अंबरनाथ के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस (एसीपी) शैलेश काले ने शनिवार को बताया कि एक्सीडेंट में कार ड्राइवर समेत 04 लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि इस घटना में दुर्घटनाग्रस्त वाहन पूरी तरह से कुचल गए हैं। मृतकों के शव बरामद कर सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। तीन और लोग घायल हुए हैं और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। उन्हें इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। इस घटना की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी ने बताया कि अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव के लिए शिवसेना शिंदे समूह की उम्मीदवार किरण चौबे अपने ड्राइवर लक्ष्मण शिंदे के साथ चुनाव प्रचार के लिए मटका चौक के पास बुवा पाड़ा इलाके की ओर कार से जा रही थीं, तभी कार चालक का पैर अचानक एक्सीलेटर में फंस गया और कार अनियंत्रित हो गई। अनियंत्रित कार कई दोपहिया वाहनों को कुचलते हुए डिवाइडर से टकरा कर पलट गई।   मृतकों की पहचान ड्राइवर शिंदे, चंद्रकांत अनारके (57) और शैलेश जाधव (45), और सुमित चेलानी (17) के रूप में की गई है। इस घटना में किरण चौबे भी घायल हो गई हैं और उनका इलाज निजी अस्पताल में हो रहा है। जबकि घायल अमित चव्हाण का इलाज सेंट्रल हॉस्पिटल में चल रहा है और घायल अभिषेक चव्हाण को कलवा के छत्रपति शिवाजी महाराज हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया है। पुलिस को दिए अपने बयान में किरण चौबे ने कहा कि जब कार पुल पर चढ़ रही थी तो शिंदे को एक फ़ोन आया और फ़ोन उठाते समय, उसने अचानक जवाब देना बंद कर दिया। इससे पहले कि वह कुछ कर पाती, उसने देखा कि चालक का पैर एक्सेलरेटर पर दबा हुआ था, जिससे गाड़ी बेकाबू हो गई।

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जोहान्सबर्ग । दक्षिण अफ़्रीका के जोहान्सबर्ग में जारी जी-20 शिखर सम्मेलन का अमेरिका द्वारा पूर्ण बहिष्कार किए जाने के बावजूद अन्य प्रमुख नेताओं ने अंतिम घाेषणापत्र का मसाैदा सफलतापूर्वक तैयार कर लिया है। हालांकि अमेरिका ने उसके बिना ऐसा किये जाने काे शर्मनाक करार दिया है।   मीडिया खबराें के मुताबिक दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफाेसा अफ्रीकी महाद्वीप के पहले जी 20 सम्मेलन काे एक बहुपक्षीय कूटनीतिक जीत के ताैर पर पेश करना चाहते हैं । हालाकि अमेरिकी अनुपस्थिति में ऐसा हाेना कुछ मुश्किल हाे गया है।   लेकिन कुछ राजनीतिक सूत्र ऐसा मान रहे हैं कि अमेरिका के न रहने से बाकी देश जलवायु परिवर्तन और विकासशील देशाें की मदद जैसे मसलाें पर ज्यादा खुलकर सहमति बना सकते हैं।   सूत्राें के अनुसार जी 20 के राजनयिक शिखर सम्मेलन से पहले ही नेताओं के लिए घाेषणापत्र तैयार कर चुके है जिसमें जलवायु परिवर्तन प्रमुख एजेंडा है। सूत्र के मुताबिक अमेरिका के विराेध के बावजूद घाेषणापत्र में स्पष्ट रूप से 'जलवायु परिवर्तन' शब्द का इस्तेमाल किया गया है।   गाैरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डाेनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में जलवायु परिवर्तन काे धाेखा करार देते हुए ब्राजील में संपन्न संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (सीओपी30) में काेई प्रतिनिधिमंडल नहीं भेजा। उन्हाेंने सम्मेलन के लिए विकासशील देेशाें काे माैसम आपदाओ से बचाने, स्वच्छ ऊर्जा में बदलाव और कर्ज कम करने में मदद संबधी दक्षिण अफ्रीका के एजेंडे काे सिरे से खारिज कर दिया है। हालांकि रामफाेसा ने पिछले सप्ताह कहा था कि वह अमेरिका काे खाली कुर्सी नहीं साैंपना चाहता।   जी 20 (ग्रुप आफ टवेंटी) का गठन 1999 में किया गया था। पहले यह केवल वित्त मंत्रियाें और सेंट्रल बैंक गवर्नराें की बैठक के ताैर पर ही जाना जाता था लेकिन 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद इसे शिखर सम्मेलन का स्तर दे दिया गया। वर्तमान में जी 20 में शामिल देश विश्व के सकल घरेलू उत्पाद दर जीडीपी का लगभग 85 प्रतिशत, अतंर्राष्ट्रीय व्यापार का 75 प्रतिशत और विश्व जनसंख्या के दाे तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं।

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दुबई/ नई दिल्ली । 'दुबई एयर शो 2025' के अंतिम दिन शुक्रवार दोपहर भारत का लड़ाकू विमान 'तेजस' दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हालांकि हादसे में पायलट सुरक्षित है। आईएएफ ने दुर्घटना के कारणाें की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी गठित कर दी है।   यह हादसा स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 2 बजे उस समय हुआ, जब तेजस 'दुबई एयर शो 2025' के अंतिम दिन अपनी प्रदर्शनी उड़ान में टेकऑफ के तुरंत बाद नियंत्रण खो बैठा। विमान अल मकतूम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे पर क्रैश हो गया। इस दाैरान पायलट ने कुशलतापूर्वक 'इजेक्ट' कर जान बचाई लेकिन विमान पूरी तरह नष्ट हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विमान ऊंचाई हासिल करने के बाद अचानक नीचे की ओर झुक गया और जमीन से टकरा गया।   हादसे के बाद दुबई पुलिस और नागरिक विमानन प्राधिकरण ने दुर्घटनास्थल को तुरंत सील कर बचाव कार्य शुरू किया। राहत की बात यह है कि हादसे के दाैरान आसपास कोई अन्य विमान या व्यक्ति नहीं था।   इस बीच भारतीय वायुसेना ने बयान जारी कर कहा है कि यह तेजस का पहला बड़ा हादसा है और पायलट विंग कमांडर स्तर के अनुभवी अधिकारी हैं, जिन्होंने सही समय पर इजेक्ट किया। आईएएफ ने दुर्घटना के कारणाें की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी गठित कर दी है। प्रारंभिक खबराें के मुताबिक दुर्घटना इंजन या तकनीकी खराबी के कारण हुई। हालांकि इस बाबत आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।   उधर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने साेशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, “हमारे बहादुर पायलट की सुरक्षित लैंडिंग राहत की बात है। घटना की पूरी जांच के बाद दुर्घटना के कारणों का पता चलेगा।”    आयोजक दुबई एयर शो कंपनी ने कहा कि दुर्घटना के कारण अन्य कार्यक्रम प्रभावित नहीं होंगे लेकिन सुरक्षा जांच तेज कर दी गई है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि तेजस का सुरक्षा रिकॉर्ड अब तक शानदार रहा है और पिछले 23 वर्षों में यह किसी भी हादसे का शिकार नहीं हुआ है।  

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज सुबह दक्षिण अफ्रीका के तीन दिवसीय दौरे पर रवाना हो गए। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की यात्रा पर रवाना होने से ठीक पहले भारत और दक्षिण अफ्रीका के संबंधों को याद करते हुए कहा कि भारत की 2023 की जी-20 अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को संगठन का स्थायी सदस्य बनाया गया था। अब अफ्रीका महाद्वीप में आयोजित होने वाला यह पहला जी20 सम्मेलन भारत के लिए गर्व की बात है।प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वे राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा के निमंत्रण पर 21 से 23 नवंबर तक जोहान्सबर्ग में आयोजित 20वें जी20 लीडर्स समिट में हिस्सा लेंगे। यह सम्मेलन अफ्रीका में आयोजित होने वाला पहला जी-20 शिखर सम्मेलन होगा।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस वर्ष का थीम ‘समानता, एकजुटता और स्थिरता’ है। इसके माध्यम से दक्षिण अफ्रीका, नई दिल्ली और रियो डी जनेरियो में आयोजित पिछले जी-20 सम्मेलनों के निष्कर्षों को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने सम्मेलन में भारत के विजन को बताते हुए कहा कि मैं सम्मेलन में भारत का नजरिया ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ के हमारे दृष्टिकोण के अनुरूप रखूंगा। यह दृष्टिकोण वैश्विक सहयोग, समानता और टिकाऊ विकास के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री जी-20 के अलावा आईबीएसए (भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका) के छठे शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे और अन्य देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इन बैठकों में आर्थिक सहयोग, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक शांति जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।साथ ही प्रधानमंत्री मोदी दक्षिण अफ्रीका में रहने वाले भारतीय समुदाय से भी संवाद करेंगे। यह समुदाय भारत के बाहर सबसे बड़ा प्रवासी समुदायों में से एक है। प्रधानमंत्री इस अवसर पर प्रवासी समुदाय के अनुभव और योगदान को समझेंगे और उनकी समस्याओं व उपलब्धियों पर चर्चा करेंगे।

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भुज। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए घुसपैठियों को रोकना अनिवार्य है। इसके लिए देशवासियों को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में पूरा सहयोग देना चाहिए।   गुजरात के भुज में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की हीरक जयंती समारोह को संबोधित करते हुए गृहमंत्री शाह ने कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के चलते एसआईआर का विरोध करने वाले दल देश के मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान को कमजोर कर रहे हैं, जबकि यह प्रक्रिया मजबूत लोकतंत्र की बुनियाद है।   शाह ने कहा कि देश से एक-एक घुसपैठिये को चुन-चुन कर बाहर निकाला जाएगा। बिहार की जनता के ताज़ा जनमत ने भी संदेश दे दिया है कि देशवासी घुसपैठियों को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस देश में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का चयन केवल भारत का नागरिक ही करेगा—किसी घुसपैठिये को लोकतांत्रिक व्यवस्था को दूषित करने का अधिकार नहीं है।गृह मंत्री ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया लोकतंत्र को घुसपैठ से मुक्त करने का एक महत्वपूर्ण कदम है, इसलिए देश की जनता को इसमें सक्रिय रूप से सहयोग करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो राजनीतिक दल इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं, वे देशहित के विपरीत काम कर रहे हैं, लेकिन सरकार अपने दृढ़ संकल्प से पीछे नहीं हटेगी।अमित शाह ने कहा कि बीएसएफ ने पिछले छह वर्षों में अपनी दक्षता और वीरता से विश्व को संदेश दिया है कि भारत की सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि 2013 बीएसएफ जवानों ने अपने प्राणों की सर्वोच्च आहुति देकर देश की सीमाओं को सुरक्षित रखा है। आतंकवाद, नक्सलवाद, आपदा प्रबंधन और संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में भी बीएसएफ ने हमेशा अग्रिम पंक्ति में काम किया है। उन्होंने कहा कि आज बीएसएफ 193 बटालियनों और 2.76 लाख से अधिक जवानों के साथ पाकिस्तान से सटी 2,279 किमी और बांग्लादेश से लगी 4,096 किमी लंबी सीमा की चौकसी कर रही है। शाह ने कहा कि जल, थल और गगन—तीनों क्षेत्रों की सुरक्षा में बीएसएफ का योगदान अद्वितीय है।गृहमंत्री ने कच्छ की जनता के साहस को याद करते हुए कहा कि प्रतिकूल परिस्थितियों में भी इस क्षेत्र ने देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि कच्छ की जनता ने युद्धों और भूकंप जैसी कठिन परिस्थितियों से उबरते हुए क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।शाह ने हाल के आतंकवादी हमलों का उल्लेख करते हुए कहा कि पाकिस्तान प्रेरित आतंकवादियों ने पहलगाम में पर्यटकों पर कायराना हमला किया था। प्रधानमंत्री के निर्देश पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया गया, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद, हिज्बुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा के नौ प्रमुख ठिकानों को नष्ट किया गया। इस कार्रवाई के दौरान सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज अहमद और सिपाही दीपक ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जिन्हें पूरा देश सदैव याद रखेगा।गृहमंत्री ने कहा कि सुरक्षा बलों के पराक्रम के चलते देश 31 मार्च 2026 तक पूरी तरह नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने बताया कि बीएसएफ ने छत्तीसगढ़ में 127 माओवादियों का आत्मसमर्पण कराया, 73 को गिरफ्तार किया और 22 को मार गिराया। उन्होंने कहा कि ‘तिरुपति से पशुपति’ तक फैलने के नक्सली सपने का अंत निश्चित है और उन क्षेत्रों में तेजी से विकास सुनिश्चित किया जाएगा।शाह ने बताया कि वर्ष 2025 में अब तक बीएसएफ ने 18 हजार किलोग्राम से अधिक ड्रग्स जब्त किए हैं। इसे उन्होंने ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और कहा कि देश को नशे के जाल से मुक्त करने में बीएसएफ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।गृहमंत्री ने कहा कि सीमा पर अभेद्य फेंसिंग के अधिकांश ट्रायल पूरे हो चुके हैं और जल्द ही ‘ई-बॉर्डर सिक्योरिटी’ का कॉन्सेप्ट लागू किया जाएगा। अगले पांच वर्षों में पूरी भू-सीमा को ई-सुरक्षा के मजबूत घेरे में लाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि समुद्री सुरक्षा को सशक्त बनाने के लिए ओखा में देश की पहली नेशनल एकेडमी फॉर कोस्टल पुलिसिंग (एनएसीपी) स्थापित की गई है, जिसका संचालन बीएसएफ के हाथों में है।शाह ने कहा कि जवानों के स्वास्थ्य, आवास और ड्यूटी घंटों में सुधार के लिए कई क्रांतिकारी कदम उठाए गए हैं। आने वाले दो वर्ष बीएसएफ के आधुनिकीकरण और जवानों के परिवारों के कल्याण को पूरी तरह समर्पित होंगे।अमित शाह ने बताया कि समारोह में बीएसएफ के वीर जवानों को पुलिस मेडल फॉर गैलेंट्री (मरणोपरांत), आठ प्रेसिडेंट्स मेडल और कई ट्रॉफियां प्रदान की गईं। बल की हीरक जयंती के उपलक्ष्य में एक स्मारक डाक टिकट भी जारी किया गया। समारोह में गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी और बीएसएफ के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे।

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अंबिकापुर । छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर में गुरुवार को जनजातीय गौरव दिवस के मुख्य समारोह का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दीप प्रज्ज्‍वल‍ित कर शुभारंभ किया। इस समारोह में लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ है और समारोह को लेकर जनजातियों में लोगों का जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।   राष्ट्रपति मुर्मु ने कार्यक्रम स्थल पर जनजातीय समाज के लोगों से आत्मीय मुलाकात की और छत्तीसगढ़ी एवं आदिवासी संस्कृति से जुड़े पारंपरिक व्यंजनों के वहां पर लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को करीब से देखा और सराहा। इससे पूर्व उनका हेलीकॉप्टर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गांधी स्टेडियम में उतरा, जिसके बाद वे सीधे पीजी कॉलेज ग्राउंड पहुँचीं, जहां मुख्य कार्यक्रम आयोजित है।   कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ हुई। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर जनजातीय गौरव दिवस के मुख्य समारोह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक नृत्य, सांस्कृतिक झांकियों और आदिवासी कला का विशेष प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र बना।   कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, कृषि मंत्री रामविचार नेमाम सहित राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री उपस्थित रहे। हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में शामिल हुए।

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नई दिल्ली । विधानसभा से पारित विधेयकों पर राज्यपाल और राष्ट्रपति के लिए समय सीमा तय करने पर उच्चतम न्यायालय की पांच जजों की संविधान पीठ ने फैसला सुनाया है। चीफ जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने कहा कि राज्यपाल और राष्ट्रपति के लिए बिल पर निर्णय के लिए समय-सीमा निश्चित नहीं की जा सकती है। संविधान पीठ ने ये भी कहा कि उच्चतम न्यायालय अनुच्छेद 143 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल कर राज्यपाल के पास लंबित विधेयकों को पारित घोषित नहीं कर सकता है। संविधान पीठ ने ये भी कहा कि राज्यपाल किसी बिल को विचार के लिए अनिश्चित समय तक अपने पास नहीं रोक सकते। संविधान पीठ ने कहा कि अगर राज्य विधानसभा की ओर से पारित विधेयक पर फैसला लेने में राज्यपाल काफी देर करते हैं तो उच्चतम न्यायालय हस्तक्षेप कर सकता है और राज्यपाल को दिशा-निर्देश जारी कर सकता है। संविधान पीठ ने कहा कि राज्यपाल किसी विधेयक पर सहमति दे सकते हैं या उसे रोक कर विधानसभा को लौटा सकते हैं या उसे राष्ट्रपति को रेफर कर सकते हैं। संविधान पीठ ने कहा कि भारत के संघवाद में राज्यपालों को विधेयकों को लेकर विधायिका के साथ संवाद करना चाहिए और इसमें बाधा खड़े नहीं करना चाहिए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मई में संविधान के अनुच्छेद 143(1) के तहत उच्चतम न्यायालय से राय मांगी थी। राष्ट्रपति ने पूछा था कि क्या कोर्ट यह तय कर सकता है कि राष्ट्रपति या राज्यपाल को बिलों पर कब तक निर्णय लेना चाहिए। राष्ट्रपति ने अपने रेफरेंस में उच्चतम न्यायालय से 14 सवाल रखे थे, जिनका जवाब उच्चतम न्यायालय से मांगा गया था। यह सवाल मुख्य रूप से अनुच्छेद 200 और 201 से जुड़े हैं, जिनमें राज्यपाल और राष्ट्रपति की शक्तियों का जिक्र है। संविधान पीठ ने रेफरेंस पर 11 सितंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था। संविधान पीठ ने इस मामले पर कुल 10 दिन सुनवाई की थी। संविधान पीठ ने 22 जुलाई को केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया था। संविधान पीठ में चीफ जस्टिस के अलावा जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस एएस चंदुरकर और जस्टिस पीएस नरसिम्हा शामिल थे। दरअसल, उच्चतम न्यायालय की दो सदस्यीय पीठ ने 8 अप्रैल को संविधान के अनुच्छेद 200 के तहत विधानसभा की ओर से पारित विधेयकों पर राज्यपाल को फैसला लेने के लिए दिशा-निर्देश जारी किया था, जिसके मुताबिक राज्यपाल को विधानसभा की ओर से भेजे गए किसी विधेयक पर फैसला लेने या राज्यपाल के पास भेजने के लिए अधिकतम एक महीने के अंदर फैसला लेना होगा। दो सदस्यीय पीठ के दिशा-निर्देश के मुताबिक अगर राज्यपाल विधेयक को राज्य सरकार की सलाह के विपरीत राष्ट्रपति को सलाह के लिए रखते हैं तो उस पर भी अधिकतम तीन माह के अंदर फैसला लेना होगा। दो सदस्यीय पीठ ने अपने दिशा-निर्देश में कहा था कि अगर राज्य विधानसभा किसी विधेयक को दोबारा पारित कराकर राज्यपाल को भेजती है तो उस पर अधिकतम एक महीने में फैसला करना होगा। दो सदस्यीय पीठ के इस फैसले के बाद राष्ट्रपति ने उच्चतम न्यायालय से रेफरेंस के जरिये सवाल पूछा था।

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पटना । बिहार की नवनिर्वाचित सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में नीतीश कुमार ने गुरुवार सुबह 11.30 बजे पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।    शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मौजूद रहे। शपथ ग्रहण के पश्चात मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री मोदी ने बधाई एवं शुभकामनायें दी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।   भाजपा कोटे से मंत्रियों की सूची उनकी जाति और विधानसभा सीट सम्राट चौधरी - मुंगेर - कुशवाहा विजय सिन्हा - लखीसराय - भूमिहार दिलीप जायसवाल - वैश्य - किशनगंज मंगल पांडे - ब्राह्मण - सिवान नितिन नवीन - कायस्थ - पटना सुरेंद्र मेहता - कुशवाहा - बेगूसराय संजय टाइगर - राजपूत - आरा लखेंद्र पासवान- पासवान - वैशाली श्रेयसी सिंह - राजपूत - जमुई अरुण शंकर प्रसाद- खजौली- मधुबनी- राम कृपाल यादव - यादव - पटना रमा निषाद - मल्लाह- औराई नारायण प्रसाद - बनिया- नौतन प्रमोद कुमार चंद्रवंशी - अति पिछड़ा - औरंगाबाद   जदयू कोटे से मंत्रियों की सूची उनकी जाति और विधानसभा सीट अशोक चौधरी (एमएलसी)- दलित - पटना लेसी सिंह- राजपूत - पूर्णिया सुनील कुमार- दलित - गोपालगंज विजेंद्र प्रसाद यादव- यादव- सुपौल श्रवण कुमार- कुर्मी - नालंदा विजय चौधरी- भूमिहार- सरायरंजन मदन साहनी- मल्लाह - बहादुरपुर जमा ख़ान- मुस्लिम- चैनपुर   लोजपा (आर) के मंत्रियों की सूची उनकी जाति और विधानसभा सीट संजय पासवान - पासवान- बखरी संजय सिंह - राजपूत - महुआ इनके अलावा हम से संतोष कुमार सुमन - दलित - गया से मंत्री बने हैं तथा आरएलएम के दीपक प्रकाश - कुशवाहा - नॉन इलेक्टेड मंत्री बनायें गए हैं।   राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) मंत्रिमंडल में दलित - 5, राजपूत - 4, कुशवाहा - 3, भूमिहार - 2, कुर्मी- 2, यादव - 2, वैश्य - 2, मल्लाह - 2 के अलावा ब्राह्मण, कायस्थ, मुस्लिम व ईबीसी से एक-एक मंत्री बना गए हैं।    शपथ ग्रहण समारोह में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ ही केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा, शिवराज सिंह चौहान, धर्मेन्द्र प्रधान, जीतन राम मांझी, राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, चिराग पासवान, अर्जुन राम मेघवाल, अनुप्रिया पटेल, जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा माैजूद रहे।    इसके अलावा आन्ध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चन्द्रबाबू नायडू, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडण्वीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा, राजस्थान की उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी, महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिन्दे, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तथा ब्रजेश पाठक सहित अन्य विशिष्ट अतिथि, सांसद, नवनिर्वाचित विधायक, विधान पार्षद, गणमान्य व्यक्ति, राजनीतिक कार्यकर्त्ता के साथ-साथ बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

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कोण्डागांव । छत्तीसगढ़ में कोण्डागांव जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग -30 पर मसोरा टोल नाका के पास हुए एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें स्कॉर्पियो वाहन खड़े ट्रक से जा टकराई। इस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस हादसे की असली वजहों का पता लगाने में जुटी है।   कोण्डागांव पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, स्कॉर्पियो में सवार 12 लोग बड़ेडोंगर से कोण्डागांव फिल्म देखने आए थे और मंगलवार की देर रात करीब एक बजे वापस लौटते समय यह दर्दनाक हादसा हो गया । स्कॉर्पियो और ट्रक के बीच की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने स्कॉर्पियो ने लोगों को निकाला और पास के अस्पतालों में पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन इस बीच पांच लोगों की मौत हो गई।   पुलिस ने बताया कि हादसे में मारे गए लोगों की पहचान नूतन मांझी (18), शत्रुघ्न मांझी (26), लखनराम मंडावी (40), उपेंद्र मंडावी (17) और रूपेश मंडावी (23) के रूप में हुई है। हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए है, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए जगदलपुर रेफर किया गया है। अन्य घायलों का उपचार कोण्डागांव जिला अस्पताल में ही जारी है।   स्थानीय निवासी वैभव शर्मा का कहना है कि सबसे बड़ी लापरवाही नेशनल हाईवे की है। सड़क किनारे गलत तरीके से गाड़ियां खड़ी होती हैं। सरकार को इस बात से अवगत कराया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। टोल प्लाजा पर गार्ड रहने के बाद भी लोग बात नहीं मानते, गाड़ी खड़ी कर देते हैं।   सिटी कोतवाली पुलिस ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार और चालक को झपकी आने बताया जा रहा है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। मौके पर एम्बुलेंस और पुलिस टीम ने भी राहत व बचाव कार्य शुरू किया। शवों का पोस्टमार्टम करावाया जा रहा है।  

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पुट्टापर्थी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि श्री सत्य साईं बाबा का शताब्दी वर्ष केवल एक धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि सार्वभौमिक प्रेम, शांति और सेवा की भावना का एक विराट उत्सव है। उन्होंने कहा कि श्री सत्य साईं बाबा ने अपने जीवन और कार्यों से ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भारतीय विचार को वैश्विक रूप दिया और आज भी उनकी शिक्षाएं करोड़ों लोगों की प्रेरणा बनी हुई हैं।   प्रधानमंत्री मोदी यहां श्री सत्य साईं बाबा के शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने बाबा को समर्पित 100 रुपये का स्मारक सिक्का और विशेष डाक टिकट भी जारी किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि बाबा का जीवन मानवता के लिए एक संदेश था, जिसमें सेवा, प्रेम और करुणा सर्वोच्च स्थान पर थे। पुट्टापर्थी की यह पावन भूमि हमेशा से आध्यात्मिक चेतना का केंद्र रही है और यहां होना उनके लिए एक भावनात्मक अनुभव है। मोदी ने बताया कि समारोह में शामिल होने से पहले उन्हें श्री सत्य साईं बाबा की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जो उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायी रहा।उन्होंने कहा कि भारतीय सभ्यता की जड़ें सेवा से जुड़ी हुई हैं और यह भावना हमारे धर्म, दर्शन और परंपराओं में रची-बसी हैं। चाहे भक्ति का मार्ग हो, ज्ञान का मार्ग हो या कर्म का- हर मार्ग सेवा के मार्ग पर ही ले जाता है। इसी परंपरा को श्री सत्य साईं बाबा ने अपने संपूर्ण जीवन में जिया। प्रधानमंत्री ने कहा, “बाबा का संदेश केवल आश्रमों या प्रवचनों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज के हर हिस्से में दिखाई देता है- शहरी इलाकों से लेकर आदिवासी बस्तियों तक, शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य सेवा तक।”मोदी ने बताया कि बाबा के अनुयायी मानव सेवा को ही ईश्वर की सेवा मानते हैं और यही भावना आज भी लाखों लोगों को नि:स्वार्थ भाव से समाज के लिए कार्य करने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने बाबा के वचनों का उल्लेख करते हुए कहा, “मदद हमेशा करो, कभी चोट मत पहुंचाओ। ज्यादा बातें नहीं, ज्यादा काम करो।” प्रधानमंत्री ने कहा कि यही शिक्षा आज के समय में समाज को एकजुट करने की सबसे बड़ी शक्ति है।प्रधानमंत्री ने समारोह में सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत 20 हजार बेटियों के नाम पर नए खाते खोले जाने की घोषणा का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दस वर्ष पहले केंद्र सरकार ने बेटियों की शिक्षा और सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह योजना शुरू की थी। उन्होंने कहा, “यह योजना उन योजनाओं में से एक है, जिसमें सर्वाधिक 8.2 प्रतिशत ब्याज बेटियों को मिलता है।”   मोदी ने बताया कि अब तक देशभर में 4 करोड़ से अधिक बेटियों के खाते खोले जा चुके हैं और इनमें सवा तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा हो चुकी है। उन्होंने कहा कि श्री सत्य साईं परिवार द्वारा 20 हजार नए खाते खोलना ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के प्रति समाज के सहयोग का सशक्त उदाहरण है।प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश में सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने वाली कई योजनाएं शुरू की गई हैं। वर्ष 2014 में केवल 25 करोड़ लोग ही सामाजिक सुरक्षा के दायरे में थे, लेकिन आज यह संख्या बढ़कर लगभग 100 करोड़ हो गई है। मोदी ने कहा, “गरीबों के कल्याण के लिए बनाई गई हमारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चर्चा हो रही है। यह भारत की बड़ी उपलब्धि है।” उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों, वंचितों और पिछड़ों के जीवन में सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, पीएम-श्रम योगी मानधन योजना और जन-धन योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन योजनाओं ने समाज के सबसे कमजोर वर्गों को सुरक्षा कवच प्रदान किया है।प्रधानमंत्री ने रवांडा यात्रा का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भारत ने रवांडा को 200 गिर गायें दान में दी थीं, जिसके बाद वहां ‘गिरिंका’ परंपरा को बढ़ावा मिला। इस परंपरा के तहत पहली बछिया को पड़ोसी परिवार को दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इस परंपरा ने ग्रामीण परिवारों में पोषण, दूध उत्पादन, आय और सामाजिक एकता को मजबूत किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की पहलों का प्रभाव वैश्विक स्तर पर दिखाई दे रहा है और इससे भारत की छवि एक जिम्मेदार और सहयोगी राष्ट्र के रूप में बनी है।प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए ‘लोकल फॉर वोकल’ पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों, कारीगरों और उद्यमियों को प्रोत्साहन देने से देश आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि श्री सत्य साईं बाबा हमेशा स्थानीय समुदायों के सशक्तिकरण की बात करते थे और यही भावना आज सरकार के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को ऊर्जा देती है।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब देशवासी स्थानीय उत्पादों को अपनाते हैं, तो इससे न केवल आर्थिक मजबूती आती है बल्कि संस्कृति और परंपराएं भी संरक्षित रहती हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि त्योहारों और विशेष अवसरों पर स्थानीय वस्तुओं को प्राथमिकता दें। प्रधानमंत्री ने कहा कि श्री सत्य साईं बाबा की शताब्दी वर्ष की आभा स्वयं समाज को सेवा और समर्पण की ओर प्रेरित कर रही है। उन्होंने सभी नागरिकों और भक्तों को इस अवसर पर शुभकामनाएं दीं और कहा कि बाबा की शिक्षाएं आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रकाशपुंज बनी रहेंगी।

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पटना। बिहार में नई सरकार के गठन की तैयारियों के बीच जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के नवनिर्वाचित विधायकों ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को फिर से अपना नेता चुन लिया है। बुधवार को मुख्यमंत्री आवास पर जदयू विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुना गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना।   जदयू की बैठक में पार्टी के सभी विधायक मौजूद रहे। बैठक के दौरान यह संदेश बड़े स्पष्ट रूप से सामने आया कि पार्टी नीतीश कुमार के अनुभव और नेतृत्व पर पूरी तरह भरोसा करती है। जदयू के वरिष्ठ नेताओं ने बैठक के बाद बताया कि राज्य को स्थिर नेतृत्व की जरूरत है और नीतीश कुमार की अगुवाई में ही बिहार का विकास तेज़ी से हो सकता है। नीतीश कुमार की ओर से भी यह संकेत दिया गया कि वे सत्ता में बदलाव को बिहार के हित में उपयोग करेंगे और आने वाले महीनों में नई योजनाओं और नीतियों के साथ विकास का नया रोडमैप सामने रखेंगे।   जदयू के अलावा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय के अटल सभागार में बुधवार को हुई विधायक दल की बैठक में सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से नेता चुन लिया गया। ठीक 11:30 बजे बैठक की शुरुआत हुई, जिसमें भाजपा के सभी 89 निर्वाचित विधायक मौजूद रहे। बैठक में भाजपा के विधान पार्षद भी पहुंचे।   सुबह से ही सभागार परिसर में सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए थे। पहले विधायकों का पारंपरिक तरीके से तिलक लगाकर और गुलाब का पुष्प देकर स्वागत किया गया। इसके बाद उनकी उपस्थिति पंजीकृत की गई और पहचान पत्र पहनाकर अंदर प्रवेश दिया गया। भाजपा नेता लगातार नामों का मिलान करते हुए यह सुनिश्चित कर रहे थे कि सभी निर्वाचित प्रतिनिधि बैठक में शामिल हों।   बैठक की अध्यक्षता भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और बिहार भाजपा प्रभारी विनोद तावड़े ने की। बैठक में कई केंद्रीय नेता भी मौजूद रहे, जिससे यह साफ होता है कि पार्टी बिहार में बनने वाली सरकार के स्वरूप और भविष्य की कार्ययोजना को लेकर गंभीर है। बैठक को लेकर सुबह से ही भारी राजनीतिक हलचल देखी गई।   बैठक से जुड़ी राजनीतिक हलचल शाम को और तेज होगी। गृहमंत्री अमित शाह शाम में भाजपा नेताओं के साथ एक अलग बैठक करेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में मंत्रिमंडल गठन से जुड़ी महत्वपूर्ण रूपरेखा पर चर्चा होगी। राजनीतिक जानकारों के अनुसार मंत्री पदों के बंटवारे और विभागों के आवंटन पर प्रारंभिक विचार-विमर्श इसी बैठक में होने की संभावना है।

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हैदराबाद। सऊदी अरब में बस दुर्घटना में मारे गए लोगों में से हैदराबाद के एक ही परिवार के 18 लोग शामिल हैं। तेलंगाना सरकार ने मृतकों के परिजनों को पांच-लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। सरकार मारे गए लोगों का वहीं अंतिम संस्कार कराने के लिए प्रत्येक परिवार से दो सदस्यों को और मंत्री अजहरुद्दीन के साथ पांच लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल सऊदी अरब भेज रही है।    मदीना हादसे को लेकर सोमवार को राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक हुई। बैठक में मदीना में सड़क हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की गई है। मंत्रिमंडल ने दुर्घटना प्रभावित परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवज़ा देने का निर्णय लिया है। मंत्रिमंडल ने सुझाव दिया है कि मंत्री अज़हरुद्दीन, एमआईएम के एक विधायक और अल्पसंख्यक मोर्चा के एक अधिकारी सहित एक सरकारी प्रतिनिधिमंडल तुरंत सऊदी अरब भेजा जाए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि शवों का अंतिम संस्कार वहां धार्मिक परंपरा के अनुसार किया जाएगा। इसके लिए प्रभावित परिवार के दो सदस्यों को ले जाने की व्यवस्था सरकार कर रही है।     सऊदी अरब में हुई सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार के 18 लोगों की मौत हुई है। यह परिवार हैदराबाद के विद्यानगर निवासी नजीरुद्दीन का है। नसीरुद्दीन सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी थे। वह अपने परिवार के साथ मक्का की तीर्थयात्रा पर गए थे। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही नसीरुद्दीन के रिश्तेदार और दोस्त उनके घर पहुंच गए। एक परिवार के 18 लोगों की मौत से इलाके में मातम छाया है।    उल्लेखनीय है कि सोमवार तड़के सऊदी अरब में मदीना के पास भारतीय श्रद्धालुओं से भरी बस एक टैंकर से टकरा गई, जिसके बस में आग गई। तेलंगाना हज समिति ने एक बयान जारी कर बताया कि इस सड़क हादसे में मरने वालों में 17 पुरुष, 18 महिलाएं और 10 बच्चे शामिल हैं। ये सभी हैदराबाद के निवासी थे। उन्होंने बताया कि ये सभी इसी महीने की 9 तारीख को चार ट्रैवल एजेंसियों के माध्यम से उमराह के लिए निकले थे। मक्का की तीर्थयात्रा के बाद यह सभी मदीना जा रहे थे। मदीना से 25 किलोमीटर पहले उनकी बस की एक डीजल टैंकर में टक्कर हो गई।    

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फरीदाबाद। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की आतंकवाद-विरोधी नीति स्पष्ट और कठोर है। उन्होंने आश्वस्त किया कि दिल्ली बम विस्फोट के दोषियों को पाताल से भी ढूंढकर न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाएगा और उन्हें सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।हरियाणा के फरीदाबाद में सोमवार को आयोजित उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 32वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने दिल्ली कार बम विस्फोट और जम्मू-कश्मीर के नौगाम पुलिस स्टेशन धमाके के दोषियों को “पाताल से भी खोजकर सख्त सजा दिलाने” का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद को जड़ से समाप्त करना सभी राज्यों की साझा प्रतिबद्धता है। बैठक में महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा, फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों की संख्या बढ़ाने, सहकारिता-आधारित विकास, जल प्रबंधन और क्षेत्रीय समन्वय से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।गृह मंत्री ने सूरजकुंड की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि न केवल कला और संस्कृति का केंद्र है बल्कि भारतीय परंपराओं के संरक्षण की प्रेरणाशक्ति भी है। उन्होंने सिख गुरुओं, विशेषकर गुरु तेग बहादुर और गुरु गोबिंद सिंह के बलिदानों को स्मरण करते हुए कहा कि उनकी वीरता और मूल्यों ने भारतीय सभ्यता को अमिट दिशा प्रदान की है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का दृष्टिकोण है कि सशक्त राज्य ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण करते हैं और इसे जमीन पर उतारने में क्षेत्रीय परिषदों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। संवाद, सहयोग, समन्वय और ‘पॉलिसी सिनर्जी’ के माध्यम से कई जटिल अंतर-राज्यीय मुद्दों का समाधान इन परिषदों के जरिए संभव हुआ है।महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अमित शाह ने कहा कि पोस्को और बलात्कार के मामलों की त्वरित जांच और शीघ्र निपटान आवश्यक है। उन्होंने राज्यों से फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों की संख्या बढ़ाने और मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।सहकारिता, कृषि, मछली पालन और पोल्ट्री जैसे क्षेत्रों को गरीबी उन्मूलन और रोजगार सृजन का बड़ा माध्यम बताते हुए गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सहकार से समृद्धि के मंत्र से प्रेरित होकर सहकारी तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सहकारिता मंत्रालय ने देशभर में सहकारी संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 57 बड़े कदम उठाए हैं, जिनमें पैक्स के कंप्यूटरीकरण, नई राष्ट्रीय सहकारी समितियों की स्थापना और त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी की स्थापना शामिल है।अमित शाह ने कहा कि 2004–14 की तुलना में 2014–25 के बीच क्षेत्रीय परिषदों की बैठकों में लगभग ढाई गुना वृद्धि हुई है। इस अवधि में कुल 64 बैठकें हुईं, जिनमें 1600 मुद्दों पर चर्चा हुई और 1303 (81.43 प्रतिशत) का समाधान निकाला गया। यह राज्यों, केन्द्र और अंतर-राज्य परिषद सचिवालय के सक्रिय सहयोग का परिणाम है।गृह मंत्री ने जल प्रबंधन को लेकर उत्तर भारत के सभी राज्यों से सामूहिक प्रयास की अपील की। उन्होंने कहा कि गाद निकासी के कार्य को सभी राज्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि जल संकट की समस्या का दीर्घकालीन समाधान हो सके।उन्होंने मिलेट्स को बढ़ावा देने की दिशा में राजस्थान के योगदान की सराहना करते हुए सुझाव दिया कि राज्यों को गरीबों को वितरित किए जाने वाले 5 किलो अनाज में मिलेट्स को शामिल करने पर विचार करना चाहिए। इससे न केवल मिलेट्स का उत्पादन बढ़ेगा बल्कि नई पीढ़ी में पौष्टिक अनाज के प्रति रुचि भी बढ़ेगी।बैठक में महिलाओं-बच्चों के खिलाफ अपराधों की त्वरित जांच, ईआरएसएस-112 प्रणाली, बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार, जल बंटवारा, पर्यावरण, उच्च शिक्षा, स्कूल ड्रॉपआउट दर में कमी और आयुष्मान भारत में सार्वजनिक अस्पतालों की भागीदारी सहित कई प्रमुख राष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई।बैठक में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, चंडीगढ़ और लद्दाख के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल, प्रशासक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।    

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ढाका/गोपालगंज। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को अपराध ट्रिब्यूनल ने मानवता के खिलाफ अपराधों के मामलों में फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद बांग्लादेश में व्यापक विद्रोह भड़क उठा है। राजधानी ढाका और हसीना के गढ़ गोपालगंज दोनों ही स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तनाव बढ़ गया है।गोपालगंज में विरोध और सड़क जामगोपालगंज के कशियानी उपजिला में दायित्व रखने वाले बैन किए गए छात्र संगठन छात्र लीग (Chhatra League) के कार्यकर्ताओं ने ढाका–खुलना राजमार्ग बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। विरोधी प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर लकड़ी के ठूंठ रख दिए, जिस कारण विभिन्न प्रकार की वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। पुलिस कार्य़ जल्द मौके पर पहुंची और जाम तोड़कर यातायात बहाल करने में सफल रही। प्रदर्शनकारियों ने शेख हसीना और आवामी लीग के समर्थन में नारे लगाए।ढाका में भी हिंसक झड़पेंसजा की खबर आने के बाद ढाका के धनमोंडी 32 इलाके में तनाव चरम पर पहुंच गया। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। शहर में पुलिस और सीमापार्टी बल की तैनाती की गई है। इससे पहले शनिवार शाम को ढाका में कई कच्चे बम फटे, जिससे सार्वजनिक भय बढ़ गया। राजधानी में सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी बंद रहने के बीच परिचालन बहुत कम हो गया है, क्योंकि लोग सड़क पर नहीं निकल रहे।सजा और राजनीतिक पृष्ठभूमिअंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण की जजों की पीठ ने लगभग दो घंटों तक सुनवाई के बाद शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज़्ज़मान खान कमाल को फांसी की सजा सुनाई। इस फैसले के मद्देनजर बांग्लादेश की राजनीति में अब और अधिक अस्थिरता की आशंका है, क्योंकि आवामी लीग समर्थक और हसीना के समर्थक बड़े पैमाने पर सड़क पर उतर आए हैं।

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लखनऊ/पटना। देश की राजनीति आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है,जहां कांग्रेस की भूमिका और भविष्य को लेकर बहस तेज हो गई है। बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों से यह तस्वीर और साफ दिख रही है। देश अब उस दिशा में बढ़ रहा है,जिसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) वर्षों से राजनीतिक नारा मानकर दोहराती रही 'कांग्रेस-मुक्त भारत'।   भाजपा प्रवक्ता आनन्द दूबे ने कहा कि भारत का राजनीतिक परिदृश्य 2025 में जिस तेजी से बदल रहा है,उसने अब वैश्विक राजनीति के विशेषज्ञों का ध्यान भी अपनी ओर खींच लिया है। दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक आबादी वाले देश में राष्ट्रीय दल कांग्रेस का लगातार सिकुड़ना और भाजपा का व्यापक उभार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अध्ययन का बड़ा विषय बन गया है। उन्होंने बताया कि वैश्विक थिंक-टैंक इसे 'भारत की राजनीतिक शक्ति में बदलाव' कह रहे हैं।   राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर जगमीत बावा मानते हैं कि भारत में यह बदलाव किसी साधारण चुनावी परिणाम का मामला नहीं है,बल्कि एक सदी पुराने दल के क्षरण और एक नए राजनीतिक विचार की स्थायी स्थापना का ऐतिहासिक मोड़ है।   क्षेत्रीय दलों के लिए बोझ बना कांग्रेस का साथ   राजनीति के तमाम विश्लेषकों का एक ही निष्कर्ष है कि पिछले 10 वर्षों में कांग्रेस किसी भी गठबंधन को मजबूती नहीं दे पाई। उल्टा हाल यह हो गया कि जिन राज्यों में क्षेत्रीय दल कांग्रेस के साथ आए, वे दल अपने पारंपरिक वोटबैंक को बचाने में संघर्ष करने लगे। कई राज्यों में कांग्रेस का साथ लेना, किसी भी गठबंधन के लिए 'इलेक्टोरल रिस्क' साबित हुआ। बिहार चुनाव 2025 इसका ताजा उदाहरण है। महागठबंधन की सबसे कमजोर कड़ी कांग्रेस ही बनी और नतीजों में उसका प्रदर्शन बेहद खराब रहा।   भाजपा के बढ़ते प्रभुत्व से कांग्रेस का क्षरण तेज   वरिष्ठ पत्रकार लव कुमार मिश्र की मानें, तो भाजपा अब सिर्फ एक मजबूत पार्टी नहीं,बल्कि एक राष्ट्रीय राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित हो चुकी है। हर चुनाव में भाजपा का नेतृत्व, संगठन और कैडर कांग्रेस से कोसों आगे दिखाई देता है। कांग्रेस के पास न मजबूत नेतृत्व, न स्पष्ट नैरेटिव और न ही जमीनी रणनीति है। तीनों की कमी ने उसे राष्ट्रीय राजनीति के हाशिये पर पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा का विकास, राष्ट्रवाद और हिंदुत्व मॉडल आज अधिकांश राज्यों में कांग्रेस के पारंपरिक वोटबैंक को भी अपनी ओर खींच चुका है।   देश कांग्रेस मुक्त राजनीति की ओर!   लव कुमार मिश्र ने कहा कि चुनावी आंकड़ों पर भरोसा करें, तो रुझान बिल्कुल साफ है। लगातार पराजय ने कांग्रेस को सिर्फ कमजोर नहीं किया, बल्कि कई राज्यों में उसे लगभग अप्रासंगिक भी बना दिया है। संगठनात्मक ढांचा टूट चुका है, युवा नेतृत्व नदारद है और पुराने नेताओं की पकड़ कमजोर हुई है। 2025 के बाद कांग्रेस एक राष्ट्रीय दल के बजाय धीरे-धीरे क्षेत्रीय-मानदंड वाली पार्टी बनने की ओर बढ़ती दिख रही है।   भारत की राजनीति में भाजपा का उभार   जनसंख्या के लिहाज से दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में भाजपा का मजबूत राजनीतिक प्रभुत्व अब वैश्विक थिंक-टैंकों के लिए एक नए राजनीतिक मॉडल के रूप में खड़ा हो रहा है। विशेषज्ञ बता रहे हैं कि भाजपा के नेतृत्व में भारत दीर्घकालिक वैचारिक सुदृढ़ीकरण के दौर से गुजर रहा है। भाजपा का संगठन कांग्रेस से 10 गुना अधिक सक्रिय है। नेतृत्व, नैरेटिव, कैडर, तकनीक, सोशल मीडिया हर स्तर पर बढ़त और हिंदुत्व, विकास तथा राष्ट्रवाद का सम्मिलित मॉडल अब अंतरराष्ट्रीय राजनीति के अध्ययन का विषय बन गया है।   कांग्रेस के पास न नेतृत्व, न रणनीति, न जन-आकर्षण   राजनीतिक विश्लेषक प्रोफेसर जगमीत बावा के अनुसार, तीन संकेत स्पष्ट हैं। उनका मानना है कि कांग्रेस के पास न नेतृत्व, न रणनीति, न जन-आकर्षण है। राजनीति में इतनी बड़ी पार्टी का बिना किसी मजबूत चेहरे के रह जाना 'अनुपम घटना' है। जिस पार्टी ने भारत को आजादी दिलाई,वही 10 करोड़ वोटर बेस खो चुकी है। यह दुनिया को चौंका रहा है। भारत में विपक्ष में कांग्रेस अब 'एसेट' नहीं, बल्कि 'लायबिलिटी' मानी जा रही है। यह बात राजनीति के लिए भी नया संकेत है।   'न्यू इंडिया मॉडल' पर दुनिया की नजर   जगमीत बावा ने बताया कि भारत आज वैश्विक भू-राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तेजी से उभर रहा है। ऐसे में देश के भीतर कांग्रेस का पतन और भाजपा का अभूतपूर्व उभार दुनिया को एक स्पष्ट संकेत दे रहा है कि भारत एक स्थायी, विचार आधारित, नेतृत्व केंद्रित राजनीतिक मॉडल की ओर बढ़ रहा है। यह मॉडल आने वाले वर्षों में एशिया और अफ्रीका की कई लोकतांत्रिक राजनीति को प्रभावित कर सकता है।  

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- अनुभव का थिंक-टैंक: रिटायर्ड अधिकारियों को सिस्टम से जोड़ने के हों प्रयास (प्रवीण कक्कड़) भारत राजनीति, व्यापार और सामाजिक नेतृत्व—तीनों ही क्षेत्रों में उम्र और अनुभव को सम्मान देता है। 60 वर्ष से अधिक आयु के नेता जब संसद में बोलते हैं तो उनकी बात दिशा बन जाती है। बड़े उद्योग अपने बोर्ड में अनुभवी लोगों को शामिल करते हैं, क्योंकि संकट की घड़ी में अनुभव ही सबसे विश्वसनीय सलाहकार होता है। समाज में भी वरिष्ठ नागरिक अपनी दृष्टि, अपनी स्मृति और अपनी जीवन-यात्रा से नई पीढ़ी को संभालने का काम करते हैं। लेकिन एक गहरी विडंबना है: पूरे देश में वही सम्मान और वही उपयोग पुलिस तथा प्रशासनिक सेवाओं के रिटायर्ड अधिकारियों को नहीं मिलता जबकि उनका अनुभव सबसे कठिन, सबसे जोखिमपूर्ण और सबसे व्यावहारिक होता है। एक पुलिस अधिकारी 30–35 वर्षों तक अपराध के मनोविज्ञान को समझता है, भीड़ की नब्ज पहचानता है, संवेदनशील परिस्थितियों को शांत करता है, नक्सल क्षेत्रों में रणनीति बनाता है, सामाजिक संघर्षों को संभालता है, और हर तरह के अपराध के “ग्राउंड रियलिटी पैटर्न” को अपनी आँखों से देखता है। ये अनुभव किताबों में नहीं पढ़े जाते बल्कि फिल्ड में सीखे जाते हैं और उस अनुभव से युवाओं को प्रेरणा दी जाती है। मध्य प्रदेश सहित देश के हर राज्य में ऐसे हज़ारों रिटायर्ड पुलिस अधिकारी हैं, जो आज भी ऊर्जा और विवेक से भरपूर हैं। पर रिटायरमेंट के साथ ही यह अमूल्य अनुभव एक तरह से “फाइल बंद” कर दिया जाता है। और यही वह राष्ट्रीय नुकसान है, जिसके समाधान पर अब गंभीरता से सोचना होगा।  अनुभव की कीमत राजनीति और व्यापार समझते हैं, लेकिन पुलिस-प्रशासन क्यों नहीं? राजनीति में वरिष्ठ नेता मार्गदर्शक बनते हैं। कॉर्पोरेट जगत में अनुभवी लोग बोर्ड में शामिल होते हैं। लेकिन पुलिस और प्रशासन में जो नागरिक जीवन की सुरक्षा का संवेदनशील स्तंभ हैं वहीं रिटायर्ड अधिकारियों के अनुभव का व्यवस्थित उपयोग लगभग न के बराबर है। जबकि पुलिस सेवा में अनुभव की कोई बराबरी ही नहीं। क्योंकि अपराधी कैसे सोचता है, दंगों में कौन सी गलती सबसे महँगी पड़ती है, आर्थिक अपराधों के पैटर्न क्या हैं, सायबर अपराधियों की मनोवृत्ति कैसे बदलती है, सामुदायिक पुलिसिंग में कौन-सी भाषा भरोसा बनाती है…यह सब केवल वही समझ सकता है जिसने इसे जिया है। मध्य प्रदेश: एक राष्ट्रीय मॉडल बनने की क्षमता मध्य प्रदेश भौगोलिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक रूप से बहुआयामी राज्य है। यहाँ शहरी अपराध भी हैं, ग्रामीण संवेदनशीलताएँ भी हैं, आदिवासी बेल्ट की विशिष्ट चुनौतियाँ भी हैं, और नक्सल क्षेत्रों का दबाव भी। ऐसे में रिटायर्ड पुलिस अधिकारियों के अनुभव का उपयोग न केवल ज़रूरी है, बल्कि नवाचार का अवसर भी है। राज्य अगर साहस दिखाए, तो यह मॉडल पूरे भारत के लिए मिसाल बन सकता है। कहाँ-कहाँ रिटायर्ड अधिकारियों का अनुभव सोना साबित हो सकता है 1. पुलिस ट्रेनिंग सेंटरों में अतिथि विशेषज्ञ (Guest Faculty) युवा भर्ती तकनीकी ज्ञान सीख लेते हैं, लेकिन जमीनी अनुभव नहीं मिलता। रिटायर्ड डीएसपी, एसपी, DIG, IG, ADG यदि पढ़ाएँ— •वास्तविक केस-स्टडी •पूछताछ की कला •क्राइम साइकोलॉजी •भीड़ प्रबंधन •महिला–बाल अपराध की संवेदनशीलता •तो पुलिस फोर्स का स्तर कई गुना बढ़ सकता है। 2. जटिल अपराधों की जाँच में Special Expert Panels हर ज़िले में 10–15 अनुभवी रिटायर्ड अधिकारियों का पैनल बनाया जाए: •हत्या व संगठित अपराध •साइबर फ्रॉड •नाबालिग अपराध •महिला अत्याचार •क्रॉस-डिस्ट्रिक्ट गैंग पैटर्न •अमेरिका, कनाडा, जापान में ऐसा दशकभर से चल रहा है। भारत में CBI/ED भी कई बार रिटायर्ड विशेषज्ञों की मदद लेती हैं। MP इसे जिला स्तर पर लागू कर सकता है। 3. सामुदायिक पुलिसिंग (Social Policing) •विश्वास पुलिसिंग का सबसे बड़ा आधार है। •रिटायर्ड अधिकारी यहाँ “सीनियर एडवाइज़र” बन सकते हैं— •महिलाओं की सुरक्षा अभियान •ड्रग डी-एडिक्शन प्रयास •स्कूल–कॉलेज सेफ़्टी कमेटी •साइबर अवेयरनेस •ट्रैफिक एवं सामाजिक जागरूकता •उनकी विश्वसनीयता जनता के मन में पुलिस के लिए सम्मान बढ़ाती है। 4. नीति निर्माण में Advisory Boards रिटायर्ड IAS/IPS अधिकारियों को Policy Advisory Council में शामिल किया जाए। नीतियाँ तभी सफल होती हैं जब उनमें फील्ड अनुभव की खुशबू हो। विश्व और भारत के सफल उदाहरण जापान – Ko-ban Policing System रिटायर्ड अधिकारी सामुदायिक पुलिसिंग के प्रशिक्षक हैं— परिणाम: अपराध दर ऐतिहासिक स्तर तक कम। सिंगापुर – Community Safety Ambassadors रिटायर्ड विशेषज्ञ स्थानीय समुदाय की सुरक्षा रणनीति गाइड करते हैं— परिणाम: दुनिया की सबसे सुरक्षित सोसायटी। तमिलनाडु – पूर्व DGP के. विजय कुमार का मॉडल “ नक्सल समस्या से निपटने में सेवानिवृत्त अधिकारियों की रणनीतिक भूमिका बेहद सफल रही ।” मध्य प्रदेश के लिए एक व्यवहारिक ब्लूप्रिंट 1. Retired Officers Resource Panel (RORP) हर ज़िले में 10–20 विशेषज्ञ। 2. पुलिस ट्रेनिंग में Guest Faculty System साप्ताहिक, मासिक सेशन। 3. District Expert Investigation Pool जटिल और संवेदनशील मामलों में सक्रिय भूमिका। 4. Senior Citizen Advisory Force सामाजिक पुलिसिंग और जनसंपर्क। 5. Policy Advisory Council (IPS/IAS Retired) राज्यस्तरीय प्रशासनिक सुधार। 6. सम्मान एवं पुनर्स्थापन कार्यक्रम “सेवा निवृत्त, अनुभव निवृत्त नहीं” का संदेश।   रिटायरमेंट किसी अधिकारी की क्षमता का अंत नहीं  रिटायरमेंट किसी अधिकारी की क्षमता का अंत नहीं, बल्कि अनुभव की पराकाष्ठा है। जिस राष्ट्र ने अपने अनुभवी लोगों को सम्मान दिया, वही राष्ट्र आगे बढ़ा। मध्य प्रदेश यदि रिटायर्ड अधिकारियों को प्रणालीबद्ध भूमिका दे देता है, तो सिर्फ अपराध नियंत्रण नहीं—बल्कि शासन, प्रशिक्षण और समाज में एक नई संस्कृति विकसित होगी। एक अनुभवी अधिकारी की एक सही सलाह—एक बड़े संकट को रोक सकती है,  और भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षित बना सकती है।

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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात ने शनिवार को उन परिस्थितियों का विवरण दिया जिनके कारण कल रात नौगाम पुलिस स्टेशन में घातक विस्फोट हुआ। इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई और 29 लोग घायल हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।   श्रीनगर में शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डीजीपी ने कहा कि चल रही जाँच के दौरान फरीदाबाद से बरामद भारी मात्रा में विस्फोटकों को मानक प्रक्रिया के तहत नौगाम पुलिस स्टेशन में सुरक्षित और संग्रहित किया गया है। बरामद सामग्री की संवेदनशील और अस्थिर प्रकृति के कारण नमूनाकरण और जाँच अत्यधिक सावधानी के साथ की जा रही है।   डीजीपी ने कहा कि सभी सावधानियों के बावजूद कल रात एक आकस्मिक विस्फोट हुआ जिसके परिणामस्वरूप 9 लोगों की दुखद मृत्यु हो गई और 29 अन्य घायल हो गए हैं। घटना के कारणों की जाँच जारी है।   पुलिस महानिदेशक के अनुसार 9 मृतकों में एक एसआईए अधिकारी, 3 एफएससीएल कर्मी, 2 क्राइम फ़ोटोग्राफ़र, 2 राजस्व अधिकारी और 1 दर्जी शामिल हैं। नागरिकों और पुलिसकर्मियों सहित 29 अन्य घायल हुए हैं जिनका इलाज चल रहा है। विस्फोट से इमारत और आसपास की संरचनाओं को भी भारी नुकसान हुआ। डीजीपी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस सभी मृतकों के परिवारों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ी है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती है।  

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पटना । बिहार में एक बार फिर नरेन्द्र मोदी और नीतीश कुमार की जोड़ी सुपरहिट हो गई है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को प्रचंड बहुमत मिला है। वहीं, तीसरी ताकत के रूप में पूरा जोर लगाने वाले प्रशांत किशोर (पीके) का खाता भी नहीं खुला। दिलचस्प यह है कि बिहार चुनाव में पीके से कम चर्चित रहे असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) 5 और मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) 1 सीट जीतने में सफल रही।   बिहार विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने सीमांचल क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन किया है। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने पांच सीटों पर आसान जीत दर्ज की और महागठबंधन को भारी नुकसान पहुंचाया। एआईएमआईएम के अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कुल 25 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। इनमें से 23 मुस्लिम उम्मीदवार थे। एआईएमआईएम मुख्य रूप से मुस्लिम बहुल सीमांचल क्षेत्र (किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार) में चुनाव लड़ रही थी।   एआईएमआईएम की ओर से जोकीहाट सीट से मोहम्मद मुर्शिद आलम, बहादुरगंज सीट से मो. तौसीफ आलम, कोचाधामन से मो. सरवर आलम, अमौर से अखतरुल ईमान और बायसी सीट से गुलाम सरवर ने जीत का परचम लहराया। एआईएमआईएम को कुल 9 लाख 30 हजार 504 (1.85 फीसदी) वोट मिले, जबकि राजद को 23 प्रतिशत वोट मिले हैं।    जोकीहाट विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने दूसरी बार बड़े-बड़े दिग्गजों को पटकनी देकर शानदार जीत दर्ज कर राजनीतिक गलियारों में सनसनी फैला दी है। चुनावी मैदान में तीन पूर्व मंत्रियों को मुर्शिद आलम ने धूल चटा दी। मैदान में महागठबंधन के उम्मीदवार पूर्व मंत्री शाहनवाज आलम, पूर्व सांसद और जनसुराज के उम्मीदवार सरफराज आलम व जदयू से पूर्व मंत्री शाहनवाज आलम डटे थे, लेकिन ओवैसी फैक्टर ने मुस्लिम मतदाताओं का ध्रुवीकरण कर सबों की मंशा पर पानी फेर दिया।   राजनीतिक विश्लेषक के.पी. त्रिपाठी कहते हैं कि ओवैसी ने सीमांचल की कई सीटों पर मजबूत मुस्लिम उम्मीदवार उतारे, जिससे सीधा मुकाबला हुआ। एआईएमआईएम ने मुस्लिम वोटों का एक बड़ा हिस्सा अपनी ओर खींच लिया, जिससे कई सीटों पर महागठबंधन के उम्मीदवार राजग के प्रत्याशियों के मुकाबले पिछड़ गए। एआईएमआईएम ने सीमांचल में अपनी गहरी पैठ बना ली है, यह समझने में महागठबंधन के रणनीतिकार चूके। कई सीटों पर एआईएमआईएम, राजद और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय मुकाबला देखने को मिला। इसका सीधा फायदा राजग को मिला।   राजनीतिक व टिप्पणीकार सुशील शुक्ल कहते हैं कि राजद ने एआईएमआईएम के सभी विधायकों को तोड़ कर अपने साथ मिला लिया था, इससे पार्टी की साख खराब हुई थी। ओवैसी की पार्टी ने पांच साल जमीन पर मेहनत की और इस चुनाव में आखिरकार अपना बदला चुका लिया। यह प्रदर्शन तेजस्वी की उस रणनीति पर सवाल खड़े करता है,जिसके तहत महागठबंधन ने एआईएमआईएम को किनारे कर दिया था। जनसुराज की गतिविधियों का लाभ भी सीमांचल में ओवैसी के उम्मीदवारों को ही मिल गया।   2020 के बिहार चुनाव में भी ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के 5 प्रत्याशी जीते थे। चुनाव बाद अख्तरुल ईमान को छोड़कर बाकी के चार विधायक राजद में शामिल हो गए थे। 2020 के चुनाव में एआईएमआईएम ने अमौर, बहादुरगंज, बायसी, जोकीहाट और कोचाधामन सीट पर जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में एआईएमआईएम को 1.24 प्रतिशत मत मिला था, जबकि राजद के पक्ष में 23.11 प्रतिशत वोटिंग हुई थी।    गौरतलब है कि 2025 के चुनाव से पहले एआईएमआईएम ने राजद के साथ गठबंधन के लिए पूरी कोशिश की थी। अख्तरुल ईमान ढोल नगाड़े लेकर राबड़ी देवी के आवास पर पहुंचे थे। इसके बाद भी तेजस्वी यादव ने एआईएमआईएम के साथ गठबंधन करने से मना कर दिया था। इतना ही नहीं, तेजस्वी यादव ने एआईएमआईएम से आए चारों विधायकों के टिकट भी काट दिए थे।   राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एआईएमआईएम का मजबूत प्रदर्शन महागठबंधन, खासकर राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के लिए वोट-कटवा साबित हुआ है। 2020 में भी यही हुआ था। बावजूद इसके महागठबंधन ने ओवैसी को कोई तवज्जो नहीं दी। यह रणनीति महागठबंधन को बहुत भारी पड़ गया। एआईएमआईएम का यह प्रदर्शन महागठबंधन के लिए एक बड़ा सबक भी है, वह यह कि ओवैसी की पार्टी से समझौता न करने की भारी कीमत महागठबंधन को चुकानी पड़ी है।  

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सूरत/नर्मदा । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज गुजरात के नर्मदा जिले के डेडियापाडा क्षेत्र पहुंचे, जहाँ उन्होंने सागबारा स्थित आदिवासियों की कुलदेवी देवमोगरा माता मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। वे ‘आदिवासी गौरव दिवस’ कार्यक्रम में शामिल होंगे।    गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान के आदिवासी समाज का यह मंदिर चार राज्यों के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है।प्रधानमंत्री के आगमन के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी उमड़ी भीड़ हुई थी इससे पूरे क्षेत्र में उत्साह माहौल दिखाई दिया।देवमोगरा माता कौन हैं?देवमोगरा माता (जिसे कुछ स्थानों पर पांडोरी माता या मोगली माता भी कहा जाता है) आदिवासी समाज की कुलदेवी मानी जाती हैं। इन्हें सतपुड़ा और नर्मदा घाटी के आदिवासियों की रक्षक देवी माना जाता है। देवी के बारे में मान्यता है कि वे जंगल, खेती, जनजातीय जीवन और संकटों में समुदाय की रक्षा करती हैं।गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान के भील, वसावा, कुकना, गामित, चौधरी समेत कई आदिवासी समुदाय विशेष रूप से इस देवी को पूजते हैं।देवमोगरा माता मंदिर का इतिहास—देवमोगरा मंदिर प्राचीन आस्था स्थल माना जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यह मंदिर कई पीढ़ियों पहले एक तपस्वी द्वारा देवी के दर्शन होने के बाद स्थापित किया गया था। प्रारंभ में यह एक छोटा प्राकृतिक स्थल था, जिसे बाद में श्रद्धालुओं ने विकसित कर मंदिर का स्वरूप दिया। हर वर्ष बड़े पैमाने पर आदिवासी मेला लगता है, जहां दूर-दूर से भक्त दर्शन के लिए आते हैं। डेडियापाडा-सागबारा क्षेत्र में यह स्थान आदिवासी संस्कृति का एक मुख्य आध्यात्मिक केंद्र है।प्रधानमंत्री ने की समाज और देश के लिए मंगल कामनाप्रधानमंत्री मोदी ने मंदिर पहुँचकर माता के दर्शन किए, पूजा-अर्चना की और प्रदेश के आदिवासी समाज और देश के लिए मंगलकामना की। इसके बाद वे डेडियापाडा में आयोजित ‘आदिवासी गौरव दिवस’ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हो गए।  

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  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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गाबोरोन (बोत्सवाना) । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि भारत के विकसित भारत 2047 विजन और अफ्रीका के एजेंडा 2063 के तहत दोनों देश मिलकर एक न्यायपूर्ण, टिकाऊ और समावेशी वैश्विक व्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। भारत और बोत्सवाना की साझेदारी लोकतंत्र, मानव गरिमा और समान विकास के साझा मूल्यों पर आधारित है।   राष्ट्रपति मुर्मु ने गुरुवार को बोत्सवाना की राजधानी गाबोरोन में नेशनल असेंबली को संबोधित करते हुए कहा कि बोत्सवाना लोकतंत्र, सुशासन और प्रभावी नेतृत्व का उदाहरण है, जहां राष्ट्रीय संसाधनों का उपयोग समाज के वंचित वर्गों के उत्थान और सर्वांगीण विकास के लिए किया जाता है। इस अवसर पर उनका स्वागत स्पीकर दिथापेलो एल केओरापेत्से, उपाध्यक्ष और विपक्ष के नेता ने किया।   राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और बोत्सवाना के बीच सहयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी, कृषि, रक्षा, व्यापार और निवेश जैसे क्षेत्रों में निरंतर मजबूत हुआ है। भारत बोत्सवाना के मानव संसाधन विकास और क्षमता निर्माण में अपनी भागीदारी पर गर्व महसूस करता है। पिछले एक दशक में बोत्सवाना के एक हजार से अधिक युवाओं ने भारत में शिक्षा और प्रशिक्षण प्राप्त किया है।   राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय कंपनियां बोत्सवाना के हीरा, ऊर्जा और अवसंरचना क्षेत्रों में सक्रिय हैं और नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल नवाचार, औषधि निर्माण तथा खनन क्षेत्रों में भी व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने दोनों देशों के व्यावसायिक समुदायों से आर्थिक साझेदारी की पूरी क्षमता का उपयोग करने की अपील की।   इससे पहले राष्ट्रपति मुर्मु ने बोत्सवाना की डायमंड ट्रेडिंग कंपनी का दौरा किया, जहां उनका स्वागत खनिज और ऊर्जा मंत्री बोगोलो केनेवेंडो तथा विदेश मंत्री फेन्यो बुटाले ने किया। इसके बाद उन्होंने थ्री दिकगोसि स्मारक का दौरा कर बोत्सवाना की स्वतंत्रता आंदोलन के तीन जनजातीय नेताओं खामा तृतीय, सेबेले प्रथम और बाथोएन प्रथम को श्रद्धांजलि अर्पित की।

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अंकारा । तुर्किये ने भारत की राजधानी दिल्ली में लाल किले के समीप सोमवार को हुए विस्फोट को लेकर भारतीय मीडिया में छपी उन रिपोर्टों को निराधार बताते हुए उनका खंडन किया है जिनमें कहा गया है कि भारत के खिलाफ हमलों के लिए तुर्किए आतंकवादियों को सहायता प्रदान कर रहा है।   तुर्किये सरकार के संचार विभाग ने बुधवार रात जारी एक बयान में कहा कि कुछ भारतीय मीडिया संस्थानों में यह दावा किया जा रहा है कि "तुर्किये भारत में आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ा है और आतंकवादी समूहों को सैन्य, राजनयिक और वित्तीय सहायता प्रदान करता है, जो दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुँचाने के उद्देश्य से एक दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार अभियान का हिस्सा है।"   बयान में कहा गया है कि तुर्किये सभी आतंकवादी कार्रवाइयाें का दृढ़ता से खंडन करता है, चाहे वे कहीं भी या किसी के द्वारा भी किए गए हों। वह अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ सहयोग के माध्यम से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक अग्रणी देश के रूप में खड़ा है। इस संदर्भ में, तुर्किये संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आतंकवाद-रोधी रणनीति में सक्रिय रूप से योगदान देता है और उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की आतंकवाद-रोधी नीतियों को 'आकार' देने में प्रभावी भूमिका निभाता है।   तुर्किए ने कहा, "यह दावा कि तुर्किये भारत या किसी अन्य देश को निशाना बनाकर "कट्टरपंथी गतिविधियों" में शामिल है, पूरी तरह से भ्रामक है और इसका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है। तुर्किये को निशाना बनाकर की गई ऐसी निराधार और भ्रामक रिपोर्टें अंतर्राष्ट्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता में हमारे देश के योगदान को कमज़ोर करने का प्रयास हैं। जनता को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी भ्रामक दावों एवं सूचनाओं पर विश्वास न करें।"   दिल्ली में सोमवार को लालकिले के पास एक कार में हुए विस्फोट की घटनाओं की जांच में पता चला है कि हमले में शामिल आरोपियों ने तुर्किए की यात्रा की थी और जांच एजेंसियां इस बात की जांच कर रहीं हैं कि कहीं पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश ए मोहम्मद के आतंकवादियों से आरोपियों की मुलाकात तुर्किए में ही हुई हो और शायद वहीं पर यह साजिश रची गयी हो। इस घटना में मृतकाें की संख्या बढ़कर 13 हाे गई है।

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कानपुर । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को हुए विस्फोट के बाद यूपी एटीएस ने बुधवार देर शाम कानुपर के हृदय रोग संस्थान के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ मोहम्मद आरिफ को उसके घर से उठाया है। डॉ आरिफ जम्मू कश्मीर के अनंतबाग का रहने वाला है और गिरफ्तार डॉक्टर शाहीन शाहीन और उसके भाई परवेज के संपर्क में था।    सूत्रों की मानें8तो प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि देश में होने वाली कई घटनाओं की रणनीतियों में उसकी सहभागिता रही थी। जांच एजेंसी ने डॉ आरिफ के लैपटॉप और मोबाइल फोन भी जब्त किये हैं। एटीएस उसे राजधानी दिल्ली लेकर गई है। जहां पर पकड़े गए सभी आरोपितों के साथ उससे भी पूछताछ की जाएगी।बताते चले की मामला संदिग्ध होने की वजह से अभी भी जांच एजेंसियां कानपुर में ही रहकर दिल्ली विस्फोट से जुड़े नेटवर्क को खंगाल रही है। कार्डियोलॉजी अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि डॉ आरिफ ने जम्मू कश्मीर के एक कॉलेज से एमबीबीएस किया। करीब तीन महीने पहले ही उसने कार्डियोलॉजी विभाग में ज्वाइनिंग की थी। अस्पताल में हॉस्टल खाली न होने के चलते उसने अशोकनगर स्थित एक फ्लैट लिया था। हालांकि फ्लैट और अस्पताल में रहने के दौरान वह किसी से कोई बातचीत भी नहीं करता था। दिल्ली विस्फोट मामले में अभी और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।  

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कुलगाम । प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने बुधवार को कुलगाम जिले के 200 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की।   एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आतंकवादी तंत्र और जमीनी स्तर पर इसके समर्थन ढांचे को खत्म करने के निरंतर प्रयासों के तहत जेईआई सदस्यों और उनके सहयोगियों के घरों और परिसरों पर छापे मारे गए। पिछले चार दिनों के दौरान जिले के विभिन्न इलाकों में ओजीडब्ल्यू, जेकेएनओपीएस, पूर्व में मुठभेड़ों वाले स्थानों और सक्रिय/मारे गए आतंकवादियों के ठिकानों पर 400 से अधिक घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाए गए हैं।   इन अभियानों के कारण जेकेएनओपीएस और अन्य प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े लगभग 500 व्यक्तियों से पूछताछ की गई, जिनमें से कई को निवारक कानूनों के तहत जिला जेल मट्टन, अनंतनाग में स्थानांतरित कर दिया गया है।   छापेमारी के दौरान आपत्तिजनक सामग्री और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए और कई जमात-ए-इस्लामी सदस्यों से पूछताछ की गई। आतंकवाद को सहायता देने वाले नेटवर्क का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने के लिए जमात-ए-इस्लामी सदस्यों को हिरासत में लिया गया।   अधिकारी ने कहा है कि कुलगाम पुलिस आतंकवाद और उसके नेटवर्क के प्रति शून्य-सहिष्णुता की नीति पर अडिग है और यह सुनिश्चित करती है कि किसी भी तत्व को जिले में शांति और सार्वजनिक व्यवस्था को भंग करने की अनुमति न दी जाए।

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पटना । बिहार की राजनीति एक बार फिर एक नए दौर में प्रवेश कर गई है। 2020 से 2025 तक के पाँच वर्षों में, राज्य ने राजनीति के लगभग हर पहलू को देखा है, गठबंधनों की जटिलताओं से लेकर जनभावनाओं में बदलाव और नेताओं के बीच बदलती गतिशीलता तक। यदि 2020 का चुनाव अल्पमत सरकार का प्रतीक था, तो 2025 का चुनाव जनमत की स्पष्टता का प्रतीक बन गया है।   2020 का चुनाव: उम्मीदों के उलट, सत्ता में राजग    साल 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव ने सभी एग्जिट पोल को गलत साबित कर दिया था। नतीजों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को 125 सीटें मिलीं और उसने 37.26 प्रतिशत वोट शेयर के साथ मामूली बहुमत से सरकार बनाई। दूसरी ओर, महागठबंधन 110 सीटों और 37.23 प्रतिशत वोट शेयर के साथ बेहद करीबी अंतर से पीछे रह गया। यह अब तक का सबसे कांटे का मुकाबला माना गया। राजग में भाजपा सबसे मजबूत पार्टी बनकर उभरी, जिसने 74 सीटें जीतीं, जबकि जदयू 43 सीटों पर सिमट गई। सहयोगी दल वीआईपी और हम ने 4-4 सीटें जीतकर सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई। उधर, राजद 75 सीटों के साथ सबसे बड़ी एकल पार्टी बनी, जबकि कांग्रेस को 19 और वाम दलों को 16 सीटें मिलीं। एआईएमआईएम को 5 सीटें और बसपा, लोजपा व निर्दलीयों को 1-1 सीट मिलीं।   राजनीतिक विश्लेषक व वरिष्ठ पत्रकार लव कुमार मिश्र मानते हैं कि 2020 का जनादेश संख्या का नहीं, रणनीति का चुनाव था, जहां भाजपा की आक्रामक प्रचार शैली और नीतीश कुमार की प्रशासनिक छवि ने मिलकर सत्ता को बचा लिया।   2025 का चुनाव: जनता का मूड बदला, बिहार ने बनाया रिकॉर्ड   पांच साल बाद 2025 के चुनाव में तस्वीर पूरी तरह अलग दिख रही है। दो चरणों में हुए मतदान में बंपर वोटिंग दर्ज हुई। आजादी के बाद का यह सबसे बड़ा जनसहभागिता का रिकॉर्ड बना। इतनी बंपर वोटिंग ने यह स्पष्ट कर दिया कि जनता इस बार सिर्फ सरकार नहीं, सोच बदलने के मूड में थी। 2020 में जहां वोटिंग प्रतिशत 57.09 था। वहीं, 2025 में यह उछलकर 67 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गया। महिलाओं और युवाओं की रिकॉर्ड भागीदारी ने बिहार के राजनीतिक मानचित्र को नया आकार दिया है। राजनीतिक विश्लेषक चन्द्रमा तिवारी मानते हैं कि 2020 में बिहार ने स्थिरता चुनी थी, 2025 में उसने जवाबदेही मांगी है। यह वही जनता है जो अब नेताओं को नहीं, काम को वोट देती है।   पांच साल का फासला, राजनीति का कायाकल्प   बिहार की राजनीति में 2020 से 2025 के बीच सबसे बड़ा बदलाव गठबंधन की मजबूरी से निकलकर जनता की मजबूती तक का सफर रहा। 2020 में सरकार मुश्किल से बनी थी, 2025 में जनता ने लोकतंत्र की नींव को और मजबूत कर दिया। 2020 में बिहार ने 'किसको जिताना है' पूछा था। 2025 में बिहार ने 'कौन हमारे लायक है' तय कर दिया। इतिहास गवाह है कि 2020 ने सत्ता दी थी, 2025 ने सूरत बदल दी है। बिहार अब केवल राजनीति का मैदान नहीं, बल्कि लोकतंत्र का मापदंड बन चुका है।

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भूटान की दो दिवसीय राजकीय यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच ऊर्जा, नवीकरणीय संसाधन, स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाया। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक ने 1020 मेगावाट की पुनातसांगछू दो जलविद्युत परियोजना का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। मोदी ने भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना और गेलफू माइंडफुलनेस सिटी परियोजना के लिए भारत के पूर्ण समर्थन की घोषणा की।   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक के निमंत्रण पर 11 और 12 नवंबर को भूटान की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं। उन्होंने भूटान की जनता के साथ चौथे राजा जिग्मे सिंगे वांगचुक के 70वें जन्मदिन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और थिम्पू में चल रहे वैश्विक शांति प्रार्थना उत्सव में शामिल हुए।   पीएमओ में अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने भूटान के राजा, चौथे द्रुक ग्यालपो और प्रधानमंत्री डाशो त्शेरिंग तोबगे के साथ बैठक की। वार्ताओं में द्विपक्षीय सहयोग, क्षेत्रीय मुद्दों और वैश्विक मामलों पर चर्चा हुई। भूटान के राजा ने 10 नवंबर को दिल्ली में हुए विस्फोट में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। भारत ने इस एकजुटता और समर्थन के लिए भूटान का आभार जताया।   प्रधानमंत्री मोदी ने भूटान के आर्थिक प्रोत्साहन कार्यक्रम के लिए भारत की सहायता का आश्वासन दिया और असम के हातिसार में आव्रजन जांच चौकी स्थापित करने की घोषणा की। दोनों देशों ने सीमा पार संपर्क और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर बल दिया। दररंगा आव्रजन जांच चौकी, जोगीगोफा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और भूटान भारत रेल परियोजनाओं में हुई प्रगति का स्वागत किया गया।   भारत ने भूटान में ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 40 अरब रुपये की रियायती ऋण सहायता देने की घोषणा की। दोनों पक्षों ने 1200 मेगावाट की पुनातसांगछू एक परियोजना के मुख्य बांध निर्माण कार्य को फिर से शुरू करने के निर्णय का स्वागत किया और इसके शीघ्र पूरा होने पर सहमति जताई।   भारत और भूटान ने उर्वरक आपूर्ति, विज्ञान और प्रौद्योगिकी शिक्षा, वित्तीय प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष सहयोग जैसे नए क्षेत्रों में भी प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। यूपीआई के दूसरे चरण के तहत भूटानी नागरिक अब भारत में अपने मोबाइल अनुप्रयोगों से भुगतान कर सकेंगे।   प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान तीन समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए, नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग, स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र में सहयोग तथा मानसिक स्वास्थ्य संस्थागत साझेदारी पर। भूटान के राजगीर स्थित रॉयल भूटान मंदिर के अभिषेक और वाराणसी में भूटान मंदिर एवं अतिथि गृह के लिए भूमि आवंटन के भारत सरकार के निर्णय का भी स्वागत किया गया।  

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नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने भारत की रेटिंग को बढ़ा कर ओवरवेट कर दिया है। फर्म ने निफ्टी के लिए 2026 के अंत तक 29,000 अंक के स्तर तक पहुंचने का टारगेट भी दिया है। गोल्डमैन सैक्स ने 13 महीने पहले अक्टूबर 2024 में भारत की रेटिंग को घटाकर न्यूट्रल कर दिया था। साथ ही घरेलू शेयर बाजार के महंगे वैल्यूएशन के कारण 2026 के अंत तक के लिए निफ्टी के टारगेट को 27,500 से घटा कर 27,000 कर दिया था।   तेरह माह बीतने के बाद ब्रोकरेज फर्म ने भारत की रेटिंग को अपग्रेड करने के साथ ही निफ्टी के 2026 के अंत तक के टारगेट को भी मौजूदा स्तर से करीब 15 प्रतिशत बढ़ा कर 29,000 अंक के स्तर तक पहुंचा दिया है। गोल्डमैन सैक्स ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार में वैल्यूएशन अब आकर्षक स्तर पर पहुंच गए हैं। इसके साथ ही देश की मौद्रिक और आर्थिक नीतियां भारत के विकास की रफ्तार को सपोर्ट करने के साथ ही मजबूत भी कर रही हैं।   ब्रोकरेज फर्म ने अपनी कहा है कि भारतीय बाजार में ब्याज दरों में कटौती और जीएसटी के रेट में किए गए सुधार के बाद डिमांड और कंजप्शन (मांग और खपत) में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। विदेशी निवेशकों के सेंटीमेंट में भी अक्टूबर के महीने में लगातार सुधार होता हुआ नजर आया है। इसके अलावा मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के दौरान कॉरपोरेट सेक्टर के तुलनात्मक तौर पर बेहतर नतीजों ने भारत के फंडामेंटल स्ट्रेंथ को एक बार फिर रेखांकित कर दिया है।   रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय बाजार के निवेशकों को आने वाले समय में कंज्यूमर स्टेपल्स, फाइनेंशियल्स, डिफेंस और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों जैसे सेक्टरों पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए। हालांकि फर्म की इस रिपोर्ट में ये चेतावनी भी दी गई है कि कमाई में कमी, बाहरी आर्थिक चुनौतियां और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को लेकर बढ़ती चिंताएं बाजार के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं।   इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक के ब्याज दरों में नरमी, जीएसटी दर में कटौती और राजकोषीय सख्ती अगले दो सालों में भारत की ग्रोथ रिकवरी को मजबूत कर सकते हैं। ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में ये भी साफ किया है कि भारत की अर्निंग प्रति शेयर डाउनग्रेड साइकिल सामान्य 10 महीने की तुलना में ज्यादा लंबी चली है, लेकिन पिछले तीन महीनों से इसमें स्थिरता आई है। इसके साथ ही सितंबर तिमाही के नतीजे भी उम्मीद से बेहतर रहे हैं, जिससे चुनिंदा सेक्टर्स के अपग्रेडेशन की संभावना बनी है। गोल्डमैन सैक्स को उम्मीद है कि एमएससीआई इंडिया इंडेक्स में शामिल कंपनियों का प्रॉफिट ग्रोथ 2025 में 10 प्रतिशत से बढ़कर 2026 में 14 प्रतिशत हो सकती है। ब्रोकरेज फर्म की इस रिपोर्ट में भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ और ट्रेड डील को लेकर जारी बातचीत का भी उल्लेख किया गया है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका के साथ व्यापारिक तनावों में नरमी बाजार के लिए एक अतिरिक्त पॉजिटिव ट्रिगर बन सकती है। गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले महीनों में कई फैक्टर भारत में कंजप्शन को सपोर्ट करेंगे। इनमें महंगाई में गिरावट तथा जीएसटी स्लैब कम करने और दरों में कटौती करने की बात को सबसे अहम माना गया है। इसके साथ ही कृषि उत्पादन में ओवरऑल बढ़ोतरी होने की संभावना, 8वें वेतन आयोग के कारण वेतन में होने वाली संभावित बढ़ोतरी और राजनीतिक वजहों से होने वाले खर्च में बढ़ोतरी को भी कंजप्शन के लिए अहम फैक्टर माना गया है।   ब्रोकरेज फर्म की रिपोर्ट में कहा गया है कि बाजार की मजबूती और आने वाले दिनों के सकारात्मक संकेतों के कारण कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मीडिया, टेलीकॉम, टेक्नोलॉजी, फाइनेंशियल सर्विसेज और डिफेंस और ऑयल एंड गैस सेक्टर में सबसे ज्यादा तेज आ सकती है। हालांकि इस रिपोर्ट में ये भी स्पष्ट किया गया है कि निवेशकों को अपनी निवेश नीति वैश्विक जियो-पॉलिटिकल माहौल और बाजार की स्थिति को देखते हुए इनवेस्टमेंट एक्सपर्ट्स की सलाह लेकर बनानी चाहिए, अन्यथा उन्हें भारी नुकसान का भी सामना करना पड़ सकता है।    

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पटना । बिहार में सारण जिले के अकिलपुर थाना क्षेत्र के मानस नयापानापुर -42 पट्टी गांव में इंदिरा आवास योजना से बना एक पुराना मकान अचानक भरभरा कर गिर पड़ा। इस मलबे में सोते हुए पूरे परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई।   मृतकों में 32 वर्षीय बबलू खान, उनकी पत्नी 30 वर्षीय रौशन खातून, 12 साल की बेटी रुकसार, 10 साल का बेटा मोहम्मद चांद और सबसे छोटी दो साल की चांदनी शामिल हैं। रात का खाना खाकर परिवार हर रोज की तरह सोया था। मकान गिरते ही आसपास के लोग दौड़े आए। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत हाथों से मलबा हटाना शुरू किया। किसी ने पुलिस को फोन किया। मौके पर पहुंची अकिलपुर पुलिस ने भी बचाव कार्य में जुट गई, लेकिन जब तक शव बाहर निकाले गए, सभी ने दम तोड़ दिया था। एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया, वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।   वरीय पुलिस अधीक्षक-सारण कुमार आशीष ने बताया कि रात्रि लगभग 09:30 बजे थाना अकिलपुर अंतर्गत ग्राम मानस में एक अत्यंत दुःखद घटना घटित हुई, जिसमें एक ही परिवार के पांच सदस्यों की दर्दनाक मृत्यु हो गई । घटना की सूचना थाना अकीलपुर को रात्रि लगभग 9:45 बजे प्राप्त हुई, जिसके उपरांत पुलिस बल द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल पर पहुंच कर राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया गया।   कुमार आशीष ने कहा कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह ईंट एवं सीमेंट की पक्की छत वाला मकान लगभग 25-30 वर्ष पुराना बताया जा रहा है। देर रात अचानक मकान का छत गिर जाने से यह हादसा हुआ, जिसमें पांच व्यक्तियों की मृत्यु हो गई । कुमार आशीष ने कहा कि सभी मृतकों के शवों के मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट की प्रक्रिया पूर्ण कर पोस्टमार्टम हेतु दानापुर, पटना भेजा गया है। घटनास्थल पर स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस बल की उपस्थिति में सभी आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है । वर्तमान में विधि-व्यवस्था की स्थिति पूर्णतः सामान्य एवं आवश्यक अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।   मुख्यमंत्री ने संवेदना व्यक्त की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अकिलपुर थाना क्षेत्र के मानस नया पानापुर 42 पट्टी गांव में एक मकान की छत गिर जाने से गृहस्वामी समेत एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत पर मर्माहत है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना काफी दुःखद है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

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अहमदाबाद । गुजरात के गांधीनगर और पालनपुर से गिरफ्तार किए गए तीन आईएसआईएस (इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया) आतंकियों के बारे में एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इन गिरफ्तार आतंकियों ने लखनऊ स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यालय और दिल्ली के आजादपुर बाजार की रेकी की थी। तीनों आतंकी सोशल मीडिया के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में आए और बदला लेना है, कुछ करना है, कई मुसलमानों को इकट्ठा करना है जैसी बातें करते थे। आतंकी आजाद सुलेमान शेख और मोहम्मद सुहैल ने पहले भी अहमदाबाद के संवेदनशील इलाकों और भीड़भाड़ वाली जगहों की रेकी की थी।   गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने बीते दिन केंद्रीय एजेंसियों के साथ एक संयुक्त अभियान में अहमदाबाद के पास से आईएसआईएस से जुड़े इन तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया था। ये आतंकी गुजरात और देश भर में बड़े आतंकी हमलों की साजिश रच रहे थे। इनकी पहचान आजाद सुलेमान शेख, मोहम्मद सुहैल और अहमद मोहिउद्दीन सैयद के रूप में हुई।   सूत्रों के अनुसार, ये आतंकी लखनऊ स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय और दिल्ली के भीड़भाड़ वाले आजादपुर बाजार की टोह ले रहे थे। दोनों ही जगहों को आतंकी हमले के संभावित ठिकानों के तौर पर चुना गया था। जांच ​​में पता चला है कि शेख और सुहैल ने राजस्थान के हनुमानगढ़ से हथियार इकट्ठा करके गांधीनगर के एक कब्रिस्तान में छिपा दिए थे। इसी बीच हैदराबाद निवासी मोहिउद्दीन इन हथियारों के साथ लौटने ही वाला था, लेकिन गुजरात एटीएस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 4 विदेशी पिस्तौल, 30 कारतूस और 40 लीटर अरंडी का तेल बरामद किया गया। मोहिउद्दीन के मोबाइल फोन की जांच से उसके दो साथियों के संपर्क और पूरे मॉड्यूल की गतिविधियों का पता चला है। इसके बाद, एटीएस ने दो अन्य आतंकियों को गिरफ्तार किया।   गुजरात एटीएस के डीआईजी सुनील जोशी के अनुसार, अहमद मोहिउद्दीन सैयद एक उच्च शिक्षित व्यक्ति है, जिसने चीन से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की है। वह आईएसआईएस-खुरासान प्रांत के सदस्य अबू खादिम के संपर्क में था, जिसने उसे भारत विरोधी गतिविधियों के लिए धन जुटाने और भर्ती अभियान चलाने का काम सौंपा था। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि मोहिउद्दीन साइनाइड से एक जहरीला पदार्थ तैयार करने की कोशिश कर रहा था। एटीएस फिलहाल इस बात की जांच कर रही है कि हथियारों की आपूर्ति कैसे की गई और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य स्लीपर सेल कहां सक्रिय हैं?  

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कटिहार । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को कटिहार के कोढ़ा विधानसभा से एनडीए से भाजपा प्रत्याशी कविता पासवान के समर्थन में विशाल जनसभा को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान में पहले चरण के मतदान में ही लोगों ने बिहार में एनडीए सरकार गठन का नीव डालने का काम किया।   गृहमंत्री ने कहा कि दूसरे चरण के मतदान के बाद जंगलराज वाले दूर-दूर तक दूरबीन से खोजने पर भी नजर नही आएंगे। सीमांचल सहित बिहार के अन्य क्षेत्र में हो रहे बंगालदेशी घुसपैठिये को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए अमित शाह ने लालू यादव, राहुल गाँधी पर जमकर हमला बोला।  उन्होंने कहा कि महागठबंधन वाले घुसपैठिये को बचाने में लगे हुए हैं।  बिहार में 'डिफेंस कॉरिडोर' के एनडीए के वादे को दोहराते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "मोदी जी राम मंदिर बनवाने का काम करते हैं, सीता माता मंदिर बनवाने का काम करते हैं, आतंकियों के घर में घुसकर मारने का काम करते हैं और कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाने का काम करते हैं। अब मोदी जी ने तय किया है कि बिहार में डिफेंस कॉरिडोर बनाएंगे।"उन्होंने एनडीए सरकार के काम गिनाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी ने सीमांचल और कटिहार के लिए ढेर सारे काम किए हैं। पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को विस्तारित करके कटिहार तक लाने वाले हैं। नारायणपुर से पूर्णिया तक 49 किमी लंबी सड़कें बनेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि दो हजार करोड़ से मनिहारी और साहेबगंज को जोड़ने वाला गंगा का पुल बन रहा है। इस तरह विकास के ढेर सारे काम यहां हो रहे हैं। डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना से न केवल बिहार के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, बल्कि राज्य की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।

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बेतिया । बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान में अब महज तीन दिन बचे हैं। लिहाजा, तमाम दलों के नेता मतदाताओं से अपनी-अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी बेतिया में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समेत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवारों के पक्ष में एक विशाल चुनावी सभा को संबोधित किया और लोगों से समर्थन मांगा।   पश्चिम चंपारण के जिला मुख्यालय बेतिया स्थित कुड़िया कोठी मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार के लोगों को कुशासन की नहीं, बल्कि विकास और सुशासन की सरकार चाहिए। बिहार के लोग किसी भी कीमत पर जंगलराज को वापस लौटने देना नहीं चाहते हैं। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने झूठे वादों का भ्रम फैलाने की कोशिश की है। पर उनके वादों पर तो खुद कांग्रेस को भरोसा नहीं है, इसलिए वह राजद के घोषणा पत्र की बात भी नहीं करते हैं।   प्रधानमंत्री ने दावा किया कि अबतक की सबसे बड़ी जीत के साथ बिहार में राजग की सरकार बनेगी। क्योंकि यह चुनाव राजग, नीतीश या मोदी नहीं लड़ रहा, बल्कि बिहार की जनता लड़ रही है।   प्रधानमंत्री मोदी ने महर्षि वाल्मीकि और माता सीता की धरती पर भोजपुरी भाषा में प्रणाम किया और कहा कि यहां के लोग हमेशा से न्याय करते आ रहे हैं। पश्चिम चंपारण इतिहास से जुड़ी हुई जगह है। देश की आजादी में चंपारण की धरती का बहुत बड़ा योगदान है। यहीं पर गांधी जी को महात्मा की उपाधि मिली। चंपारण संकल्प की धरती है।   उन्होंने कहा कि आप सभी को राजग के ईमानदार इरादों पर भरोसा भी है। आप सभी को नरेन्द्र मोदी और नीतीश कुमार पर भी भरोसा है। इसी भरोसा पर 06 नवंबर को हुए पहले चरण के मतदान में बिहार के लोगों ने जमकर मतदान किया है। राजग की सरकार बिहार में बनाना तय है। बस आप लोग 11 नवंबर को जमकर मतदान करें। बिहार में विकास ही विकास होगा।   प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं गरीबी से जी कर आया हूं। गरीबी क्या है? मैं अच्छी तरह से जानता हूं। मैंने इसी बेतिया से चुनाव अभियान शुरू किया था। उन्होंने कहा कि मोदी जो कहता है, उसे पूरा करके दिखाता है। अभी गयाजी में बिहार का सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बन रहा है और इसका फायदा इस पूरे बिहार को होगा। राम मंदिर बनाने की घोषणा की थी और उसे करके दिखा दिया हूं। अनुच्छेद 370 की दीवार गिरा दी है। हमने पहलगाम हमले का बदला लेने की बात इसी बिहार की धरती से कही थी। ऑपरेशन सिंदूर में तबाह होते पाकिस्तान को भी यहां के लोगों ने देखा है। बिहार के 1.40 करोड़ माताओं-बहनों के खाते में 10-10 हजार रुपये डाले गये है। इसका भी चुनाव के बाद विस्तार किया जाएगा।   प्रधानमंत्री ने कहा कि जंगलराजवालों के पास हर वह चीज है, जो निवेश और नौकरी के लिए खतरा है। अभी से बच्चों को रंगदार बनाने की बातें करते हैं। ये लोग खुली घोषणा कर रहे है, 'भैया की सरकार आएगी, तो कट्टा, दोनाली, फिरौती, रंगदारी होगी'। इनसे बहुत सतर्क रहना है। कांग्रेस और राजद वाले सत्ता के लिए किसी को भी धोखा दे सकते हैं। राजद ने कांग्रेस को सिर्फ वही सीटें दीं हैं, जहां वह 35-40 सालों से नहीं जीत पाई है।   प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार चुनाव के बाद जुब्बा साहनी (जुब्बा साहनी का जन्म मुजफ्फरपुर जिला के मीनापुर थाने के अंतर्गत चैनपुर बस्ती के अत्यंत निर्धन परिवार में हुआ था। भारत छोड़ो आन्दोलन के दौरान जुब्बा साहनी ने 16 अगस्त 1942 को मीनापुर थाने के अंग्रेज इंचार्ज लियो वालर को आग में जिंदा झोंक दिया था।) के नाम पर योजना शुरू की जाएगी। इससे मछली पालकों को लाभ मिलेगा।   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस वाले छठ पूजा को ड्रामा कहते हैं। छठी मइया की पूजा पूरी दुनिया कर रही है। ऐसा कहकर उन्होंने महिलाओं का अपमान किया है। इसका बदला आप 11 नवंबर को एक-एक वोट राजग के पक्ष में देकर लें।  

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वाराणसी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र व सांस्कृतिक नगरी वाराणसी से मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो के लिए चली नई वंदे भारत ट्रेन से यात्रियों ने पहली बार साढ़े सात घंटे में यात्रा पूरी की है। खजुराहो स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोगों ने ढोल नगाड़े और फूलों की बारिश कर स्वागत किया। ट्रेन में सवार यात्रियों, छात्रों और जनप्रतिनिधियों में इस ट्रेन को लेकर काफी उत्साह था। ट्रेन के स्वागत के लिए खजुराहो के पूरे रेलवे स्टेशन को फूलों और रेड कार्पेट से सजाया गया था। स्टेशन पर बड़ी संख्या में लोग वंदे भारत ट्रेन को देखने के लिए एकत्रित हुए थे। ट्रेन से उतरे यात्रियों और वंदे भारत ट्रेन पर लोगों ने फूल बरसाए और 'भारत माता की जय' के नारे लगाये। यह पहली बार है जब कोई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन सीधे खजुराहो स्टेशन पहुंची है, जिसे क्षेत्र के विकास और सुगम आवागमन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।   खजुराहो स्टेशन पर वंदे के स्वागत के लिए विधायक अरविंद पटेरिया एवं मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार मौजूद थे। इन दोनों के साथ उपस्थित अन्य नागरिकों ने ट्रेन और यात्रियों का स्वागत किया। स्टेशन परिसर “वंदे मातरम्” के जयघोष से गूंज उठा, जब यात्रियों ने इस ऐतिहासिक क्षण का उल्लासपूर्वक स्वागत किया   वंदे भारत ट्रेन में सवार महोबा के सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बिहार की राजनीति को लेकर विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब तक यहां विपक्ष की सत्ता थी, तब तक यह क्षेत्र नक्सलियों का गढ़ रहा लेकिन मोदी सरकार और राज्य सरकार की कड़ी कार्रवाई और उनको मुख्यधारा में लाने की नीतियों के चलते अब नक्सली नाममात्र के रह गए हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल के विपक्षी हो या बिहार के विपक्ष एसआईआर का विरोध इसलिए करते आये हैं, क्योंकि यहाँ घुसपैठी कम हो जायेंगे तो उनका वोट बैंक भी घट जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने आज सुबह प्रत्यक्ष रूप से उत्तर प्रदेश में बनारस से खजुराहो (मध्य प्रदेश) के लिए इस ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना किया था। प्रधानमंत्री ने इसके अलावा यहीं से लखनऊ से सहारनपुर, पंजाब के फ़िरोजपुर से दिल्ली और केरल के एर्नाकुलम से बेंगलुरु (कर्नाटक) के लिए तीन अन्य वंदे भारत ट्रेनों को वर्चुअली हरी झंडी दिखा कर रवाना किया।  

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वाशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डाेनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ व्यापार समझौते को लेकर जारी वार्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए आज स्पष्ट संकेत दिये कि वह अगले साल भारत की यात्रा कर सकते हैं।   यहां व्हाईट हाउस में गुरूवार काे संवाददाताओं से बातचीत में उन्हाेंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी काे एक 'दाेस्त' और 'बेहतरीन व्यक्ति' करार देते हुए कहा कि भारत ने काफी हद तक रूसी तेल की खरीद बंद कर दी है।   ट्रंप ने भारत के खिलाफ इस साल अगस्त में पचास प्रतिशत आयात शुल्क लगा दिए थे जिसमें से 25 प्रतिशत शुल्क रूस से तेल और हथियार खरीदे जाने के विराेध में लगाए गए। उनका आराेप है कि इस लेन- देन से रूस काे यूक्रेन के खिलाफ युद्ध जारी रखने में मदद मिल रही है। हालांकि भारत हमेशा से ही इस आराेप का खंडन करता रहा है।   गाैरतलब है कि ट्रंप का यह बयान उस समय आया है जब दाेनाे देश एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर एक उच्च स्तरीय वार्ता 'पूरी करने में संलग्न हैं।   संवाददाताओं द्वारा उनके भारत की यात्रा पर जाने की योजना के बारे में पूछे जाने पर उन्हाेंने संवाददाताओं से कहा," हम इस बारे में काम कर रहे हैं। मैं भारत जांऊगा। प्रधानमंत्री माेदी एक बेहतरीन व्यक्ति हैं और मैं वहां जरूर जाऊंगा।" ट्रंप ने कहा कि उनकी यह यात्रा अगले साल हाे सकती है।   उनका यह बयान भारत द्वारा इस साल "क्वाड" शिखर सम्मेलन की मेजबानी और उनकी वहां माैजूदगी के बारे में बनी अनिश्चितताओं के बीच आया है। क्वाड एक अनाैपचारिक मंच है जिसमें जापान, अमेरिका, आस्ट्रेलिया और भारत शामिल हैं और यह भारत- प्रशांत क्षेत्र में समृद्धि और सुरक्षा काे बढ़ाने के लक्ष्य के साथ गठित किया गया है। हालांकि इस शिखर सम्मेलन की तय तारीख के बारे में अभी काेई पुष्टि नहीं हुई है।   भारत द्वारा रूस से तेल आयात किए जाने के कारण भारत और अमेरिका के बीच महीनाें से बाधित व्यापार वार्ता हाल ही में बहाल हुई है। हालांकि भारत ने अभी तक रूस से तेल ना खरीदने के राष्ट्रपति ट्रंप के दावे की स्पष्ट ताैर पर पुष्टि नहीं की है। भारत चीन के बाद रूसी तेल का दूसरे सबसे बड़ा आयातक देश है। इस बीच ट्रंप प्रशासन भारत काे बाध्य कर रहा है कि वह रूस की बजाय अमेरिका से तेल और गैस का आयात करे। पिछले साल तक दाेनाें देशाें के बीच द्विपक्षीय व्यापार 190 अरब डालर तक पहुंच गया था जिसने अमेरिका काे भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार बना दिया था। प्रधानमंत्री माेदी और ट्रंप इसे 500 अरब डालर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखते हैं।   इस बीच नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की भारत यात्रा को लेकर बयान के बारे में प्रतिक्रिया पूछे जाने पर कहा कि उन्हें इस संदर्भ में किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं है। उन्हाेंने संवाददाताओं से कहा, "मैं इस समय आपकाें इस बारे में काेई जानकारी नहीं दे सकता। इस बाबत जानकारी मिलने पर मैं आप सबके साथ इसे साझा करूंगा।"  

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पटना । बिहार के औरंगाबाद और भभुआ में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि अनुसूचित समाज के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने किया अपमानित है। कांग्रेस के अनुसूचित समाज के प्रदेश अध्यक्ष को भी राजद ने अपमानित किया है। जंगलराज वालों के पास हर वो चीज है, जिससे यहां के लोगों को खतरा है।   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राजद नेताओं को जहां मौका मिलता है, वे कांग्रेस को अपमानित करने से बाज नहीं आते। कांग्रेस की कनपट्टी में कट्टा सटा कर राजद ने अपने को मुख्यमंत्री घोषित कराया। कांग्रेस को वही सीटें दी, जो दो दशक से राजद नहीं जीत पाई है। संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस को अनुसूचित जाति के प्रदेश अध्यक्ष को नहीं बुलाया गया।   प्रधानमंत्री ने भीड़ से पूछा कि अपनों को धोखा देनेवाले आपके हो सकते हैं क्या? राजद के लोग युवाओं को नौकरी देने की बजाय अभी से रंगदार बनाने में लग गए हैं। कट्टा, दोनाली, फिरौती, रंगदारी की पढ़ाई पढ़ाने लगे हैं। मोदी ने आगे कहा कि जंगल राज वाले नौकरी के बदले जमीन घोटाला मामले में जमानत पर चल रहे हैं। ये नौकरी क्या देंगे आप सोच सकते हैं। भीड़ से पूछा- बिहार को कट्टा सरकार चाहिए क्या, आवाज आई नहीं।   पहले चरण के मतदान में हुए बंपर मतदान पर प्रधानमंत्री ने कहा कि अभी से ही पराजय का कारण ढूंढने में राजद-कांग्रेस के लोग लग गए हैं। इस बार बिहार में राजग की अब तक सबसे बड़ी जीत होगी। महिलाओं का सम्मान करना राजग जानती है। पहले नगर निकाय व पंचायत चुनाव में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया, फिर नौकरी में 35 प्रतिशत और अब रोजगार के लिए एक करोड़ 40 लाख बहनों के खाते में 10-10 हजार रुपये दिए गए। रोजगार के लिए उन्हें दो लाख रुपये दिए जाएंगे।   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने याद दिलाते हुए कहा, " मैंने जो कहा वही किया। कश्मीर से धारा-370 समाप्त कराया। अगड़े वर्ग के गरीबों को आर्थिक सुधार के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण दिया। मैं जो कहता हूं वहीं करता हूं। बिहार में 60 लाख गरीब परिवारों को पक्का घर दिया। इसमें सभी वर्ग के लोग शामिल हैं। घर-घर मुफ्त बिजली के साथ किसानों को सम्मान राशि दी जा रही है। इस बार सरकार बनी, तो किसानों के सम्मान राशि में तीन हजार की बढ़ोतरी होगी। प्रत्येक वर्ष किसानों को नौ हजार रुपये मिलेंगे।"   प्रधानमंत्री ने मंच से राजग उम्मीदवारों को विजयी बनाने और बिहार में एक बार फिर से राजग की सरकार बनाने का आह्वान किया।

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पटना । बिहार विधानसभा चुनाव में पहले चरण के मतदान के बाद सियासी दिग्गजों ने दूसरे चरण में अपनी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को जमुई में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) उम्मीदवार के पक्ष में एक जनसभा को संबोधित किया और लोगों से समर्थन मांगा।   जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि कभी लाल गलियारे का गढ़ माने जाने वाला जमुई आज विकास की नई इबारत लिख रहा है। यह वही जमुई है, जो लाल आतंक के साये में था। यही वह जमीन थी, जहां नक्सलवादियों ने अपना ठिकाना बना लिया था, मगर आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नीतीश कुमार की डबल इंजन सरकार ने बिहार से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त कर विकास के मार्ग पर लाने का काम किया है।   अमित शाह ने कहा कि पहले बिहार के कई जिलों में भय का माहौल इतना था कि दोपहर तीन बजे तक ही मतदान कराया जाता था। अब शाम पांच बजे तक मतदान चलता है, क्योंकि डर का वातावरण खत्म हो गया है। उन्होंने लालू–राबड़ी शासन पर हमला करते हुए कहा कि उन दिनों बारात जाती थी, तो उगाही के लिए लोग कट्टा लेकर पहुंच जाते थे। अपहरण, फिरौती और नरसंहार आम बात थी। यही था उस दौर का बिहार। उसी जंगलराज ने राज्य की फैक्ट्रियां और कारोबार बंद करा दिए और बिहार को गरीबी की ओर धकेल दिया।   अमित शाह ने कहा कि बिहार सुशासन से विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। बिहार की जनता ने चुनाव के पहले चरण में ही डंके की चोट पर ये ऐलान कर दिया है कि जंगलराज भेष बदलकर, कपड़े बदलकर और चेहरा बदलकर आना चाहता है, लेकिन हम उसे आने नहीं देंगे। जमुई की जनता को आगाह करते हुए अमित शाह ने कहा कि अगर आपसे जरा भी गलती हुई, तो फिर से जंगलराज आने वाला है।   गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10 साल के अंदर बिहार के हर कोने में इंफ्रास्ट्रक्चर बनाकर, रोड, पुल, पुलिया, बिजली के कारखाने, गन्ने की फैक्ट्रियां, इथेनॉल और खाद की फैक्ट्रियां लगाकर विकास की शुरुआत की है। अगले 5 साल बिहार को विकसित बनाने के हैं।   उन्होंने कहा कि कल ही चुनाव के पहले चरण का मतदान समाप्त हुआ है और लालू–राहुल की पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया है। अब जमुई में भी उनका खाता नहीं खुलना चाहिए। यहां की सभी चारों सीटें राजग के खाते में डालनी हैं। जमुई में महागठबंधन के उम्मीदवारों को हराना है, उनका खाता नहीं खुलना चाहिए। जनता से उन्होंने अपील करते हुए कहा कि यहां की सभी चारों सीटें राजग के पाले में आनी चाहिए।  

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  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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नई दिल्ली । आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 की विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम के सदस्यों ने गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। राष्ट्रपति ने टीम की प्रत्येक सदस्य को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने विश्व कप जीतकर इतिहास रच दिया है।   द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि देश-विदेश के करोड़ों भारतीय इस ऐतिहासिक विजय का उत्सव मना रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि यह टीम भारत का प्रतिबिंब है। वे अलग-अलग क्षेत्रों, सामाजिक पृष्ठभूमियों और परिस्थितियों से आती हैं, लेकिन वे एक टीम हैं – टीम इंडिया। यह टीम भारत के सर्वश्रेष्ठ रूप को प्रदर्शित करती है। राष्ट्रपति ने कहा कि टीम ने सात बार की विश्व विजेता और तब तक अपराजित ऑस्ट्रेलियाई टीम को हराकर सभी भारतीयों के आत्मविश्वास को और सशक्त किया है। एक मज़बूत टीम के विरुद्ध कठिन मुकाबले में बड़े अंतर से फाइनल जीतना टीम इंडिया की उत्कृष्टता का यादगार उदाहरण है।   राष्ट्रपति ने महिला टीम को कहा कि आप सब रोल मॉडल बन गई हैं। नई पीढ़ी, विशेष रूप से लड़कियां, आपसे प्रेरणा लेकर जीवन में आगे बढ़ेंगी। उन्हें विश्वास है कि जिस समर्पण और साहस से आपने इतिहास रचा है, उसी भावना से भविष्य में भी भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएंगी। राष्ट्रपति ने कहा कि खिलाड़ियों ने उम्मीद और निराशा के उतार-चढ़ाव को अवश्य अनुभव किया होगा। कभी-कभी उन्हें नींद भी नहीं आई होगी, पर उन्होंने हर चुनौती पर विजय प्राप्त की। उन्होंने कहा कि न्यूज़ीलैंड पर जीत के बाद लोगों का विश्वास और भी मजबूत हुआ कि उतार-चढ़ाव के बावजूद हमारी बेटियां अवश्य जीतेंगी।   राष्ट्रपति ने कहा कि टीम की सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत, उत्कृष्ट खेल कौशल, दृढ़ निश्चय, परिवारों का स्नेह और क्रिकेट प्रेमियों का आशीर्वाद रहा है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट जैसे टीम गेम में सभी खिलाड़ियों का हर समय पूर्ण समर्पित रहना आवश्यक होता है। राष्ट्रपति ने हेड कोच, बॉलिंग कोच, फील्डिंग कोच और सपोर्ट स्टाफ की भी सराहना की और शुभकामनाएँ दीं कि वे अपने प्रदर्शन से टीम इंडिया के लिए सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करते रहें।

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भागलपुर। बिहार में भागलपुर के हवाई अड्डा मैदान में गुरुवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि बिहार का विकास एनडीए सरकार का एजेंडा है। प्रधानमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए स्वदेशी अपनाने की अपील करते हुए कहा कि आप लोग स्वदेशी को अपनाएं तभी हम आत्मनिर्भर बनेंगे। आपको अपने वोट से राजद और कांग्रेस का परमानेंट इलाज करना है   प्रधानमंत्री ने कहा कि भागलपुर का सिल्क, मधुबनी पैंटिग और मुजफ्फरपुर की लीची पूरे विश्व में प्रचलित है। हमें उसे अपनाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और राजद वालों ने हमारे आस्था का अपमान किया है। ये बिहार का अपमान है कि नहीं? छठ महापर्व का अपमान करने वाले को कड़ी से कड़ी सजा देना है। इन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए माओवादी को बढ़ा दिया। अब घुसपैठियों को घुसाने में लगे हैं। आपको अपने वोट से राजद और कांग्रेस का परमानेंट इलाज करना है।   प्रधानमंत्री मोदी ने मंच से एनडीए की जीत का आशीर्वाद जनता से मांगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में दो ही ऐसी जगह है जहां गंगा उत्तरवाहिनी होती है। पहला बनारस और दूसरा भागलपुर। भागलपुर संघर्ष और सम्मान की धरती है। इसने दो वीर दिए जिन्होंने देश का इतिहास बदल दिए। तिलकामांझी ओर कादम्बनी गांगुली। विक्रमशिला की भूमि ने देश और विश्व को ज्ञान का रास्ता दिखाया है।   प्रधानमंत्री ने कहा कि अब तक बिहार चुनाव के पहले चरण में जो मतदान हुए हैं उसकी शानदार तस्वीर सामने आ रही हैं। बिहार की माताएं बहने बिहार से जंगलराज वालों को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए मतदान कर रही है। आज सब वोट देने की सारी रिकॉर्ड तोड़ रही है। बिहार में कांग्रेस और राजद ने सरकार चलाई लेकिन उन्होंने महिलाओं को जीविका दीदी बनाने का काम किया। न खाते में पैसे दिए, आज एनडीए सरकार द्वारा दिया गया सभी बहनों के 1 करोड़ 40 लाख के खातों में 10 हजार पहुंच चुका है। अगर वो सरकार अभी होती तो ये राशि कांग्रेस और राजद के खाते में चली जाती।   प्रधानमंत्री ने कहा कि ये इंडी गठबंधन वाले एक दूसरे को नीचे दिखाने का काम करते हैं। राजद के बैनर में कांग्रेस के नेता की तस्वीर दूरबीन से खोजने से मिलेगी। यही हाल कांग्रेस में है। उनके नेता किसी राजद के नामदार का नाम नहीं लेते। राजद ने कांग्रेस की कनपटी पर कट्टा रख कर मुख्यमंत्री के उम्मीदवार की घोषणा करवाई। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी चौबे, मेयर डा. बसुंधरा लाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन, पूर्व सांसद अनिल यादव, कहकशां परवीन, सांसद अजय कुमार मंडल, गिरीधारी लाल यादव, विधान पार्षद डा. एनके यादव, विजय कुमार सिंह, सहित कई नेता मंच पर मौजूद थे।  

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नई दिल्‍ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित बैंक धोखाधड़ी एवं धन शोधन मामले में रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी को अगले हफ्ते एक बार फिर पूछताछ के लिए बुलाया है। ईडी ने 66 वर्षीय उद्योगपति से अगस्त में पूछताछ की थी। आध‍िकारिक सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि अनिल अंबानी को स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) में कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन मामले में पूछताछ के लिए 14 नवंबर को केंद्रीय जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है। ईडी ने हाल ही में अनिल अंबानी की रिलायंस समूह की कंपनियों के खिलाफ अपनी जांच के तहत 7,500 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्‍त की है। उल्‍लेखनीय है कि ईडी का ये ताजा समन अनिल अंबानी और उनके समूह की कंपनियों से जुड़ी 7,500 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को जब्‍त करने के दो दिन बाद आया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत चार अस्थायी जब्‍ती आदेश जारी किए हैं।

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  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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मीरजापुर । उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जनपद में बुधवार सुबह चुनार रेलवे स्टेशन पर बड़ा रेल हादसा हो गया। नेताजी एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से 8 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जिनमें 6 महिलाएं हैं। हादसे में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घटना सुबह करीब 9:30 बजे चुनार रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर हुई। बताया जा रहा है कि चोपन से आई पैसेंजर ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचने के बाद कार्तिक पूर्णिमा पर्व के चलते भीड़ अधिक होने से कुछ श्रद्धालु प्लेटफॉर्म की ओर न उतर कर दूसरी तरफ ट्रैक से नीचे उतरने लगे। तभी तेज रफ्तार से आई नेताजी एक्सप्रेस उसी ट्रैक से गुजर गई। श्रद्धालु कुछ समझ पाते, इससे पहले ही ट्रेन ने कई लोगों को चपेट में ले लिया। दुर्घटना के बाद मौके पर दिल दहला देने वाला मंजर था। रेलवे ट्रैक पर चारों ओर लोगों के शव बिखर गए। शवों के टुकड़ों को पुलिस ने बड़ी मशक्कत से समेट कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घायल यात्रियों को तुरंत जिला अस्पताल व अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है। मृतकों में अधिकांश कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए गंगा घाट जा रहे श्रद्धालु बताए जा रहे हैं।   अपर पुलिस अधीक्षक आपरेशन मनीष मिश्रा ने बताया कि इस हादसे में 6 महिला मृतकों की पहचान कर ली गई है। इनमें सविता (28) पत्नी राजकुमार निवासी कमरिया थाना राजगढ़, साधना (16) पुत्री विजय शंकर बिंद, शिव कुमारी (12) पुत्री विजय शंकर, अप्पू देवी (20) पुत्री श्याम प्रसाद, सुशीला देवी (60) पत्नी स्व. मोतीलाल निवासी महुआरी थाना पड़री, कलावती देवी (50) पत्नी जनार्दन यादव निवासी बसवा थाना कर्मा जनपद सोनभद्र हैं। अन्य मृतकों की पहचान करने के साथ अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।   हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और राहत कार्य शुरू कराया। उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हृदयविदारक घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार और राहत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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नई दिल्ली । कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को नई दिल्ली के इंदिरा भवन में ‘एच फाइल्स’ नाम से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हरियाणा चुनाव में बड़े पैमाने पर वोट चोरी के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि हरियाणा में जो हुआ, वही अब बिहार में भी दोहराया जा सकता है।   यह प्रेस कॉन्फ्रेंस उस वक्त हुई, जब गुरुवार बिहार में पहले चरण की 121 विधानसभा सीटों के लिए मतदान होना है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि हरियाणा में करीब 25 लाख फर्जी वोटर बनाए गए हैं और यह एक 'संगठित वोट चोरी' का मामला है। उन्होंने दावा किया कि यह फर्जीवाड़ा किसी स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि उच्च स्तर पर किया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में कुल लगभग दो करोड़ वोटर हैं, जिनमें से हर आठवां मतदाता फर्जी है।   उन्होंने आंकड़े देते हुए कहा कि हरियाणा में 25,41,144 वोट फर्जी हैं। इनमें 5,21,619 डुप्लीकेट वोटर, 93,174 अमान्य पते, और 19,26,351 बल्क वोटर शामिल हैं। इसके अलावा फॉर्म-6 (नाम जोड़ने) और फॉर्म-7 (नाम हटाने) का भी बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया, लेकिन चुनाव आयोग ने अब इन आंकड़ों तक पहुंच रोक दी है। राहुल गांधी ने बताया कि यह मामला बेहद गंभीर है, क्योंकि इतनी बड़ी वोट चोरी के बावजूद कांग्रेस पार्टी सिर्फ 22,779 वोटों के अंतर से हारी। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम सुनियोजित तरीके से प्रभावित किए गए।   कांग्रेस नेता ने ब्राजील की एक मॉडल की तस्वीर दिखाते हुए दावा किया कि उसी फोटो का इस्तेमाल अलग-अलग नामों से हरियाणा के कई बूथों पर 22 बार वोट डालने के लिए किया गया। उन्होंने कहा कि यह मॉडल कभी ‘सीमा’, कभी ‘सरस्वती’ और कभी ‘स्वीटी’ के नाम से वोटर लिस्ट में दर्ज है। उन्होंने बताया कि हरियाणा के दो बूथों पर एक ही महिला की फोटो 223 बार दोहराई गई। यह भी आरोप है कि शशांक गिरी नाम के व्यक्ति ने बूथ नंबर 431 और 508 में 14 बार वोट किया, जबकि रुद्राभिषेक जैन और नमन जैन नाम के दो भाइयों ने बूथ 130 और 131 में 18 बार मतदान किया।   राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव आयोग चाहे, तो एक साधारण प्रक्रिया चलाकर एक जैसे फोटो या पते वाले सभी नकली वोटरों को तुरंत पहचान सकता है, लेकिन वह ऐसा नहीं किया जा रहा है। राहुल गांधी ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का एक वीडियो भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में चलाया, जिसमें सैनी नतीजे आने से पहले यह कहते दिखे कि “बीजेपी एकतरफा सरकार बना रही है।” राहुल गांधी ने इस वीडियो को साजिश का सबूत बताया। उन्होंने कहा कि हरियाणा में कांग्रेस उम्मीदवारों को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी है।   राहुल गांधी ने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ कि पोस्टल बैलेट और फाइनल रिजल्ट में भारी अंतर था। जब हमने जांच की, तो सामने आया कि युवाओं का भविष्य चुरा लिया गया है। राहुल गांधी ने कहा कि यही पैटर्न बिहार में भी देखा जा रहा है। उन्होंने कुछ मतदाताओं को मंच पर बुलाकर दावा किया कि उनके और उनके परिवारों के नाम वोटर लिस्ट से बिना वजह काट दिए गए हैं। राहुल गांधी ने कहा कि भारत में अब जेन-जी और युवा ही सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलकर लोकतंत्र बचा सकते हैं।

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नई दिल्ली । घरेलू सर्राफा बाजार में चांदी के भाव में भी लगातार गिरावट का रुख बना हुआ है। आज इस चमकीली धातु की कीमत में 4,000 रुपये से लेकर 5,100 रुपये प्रति किलोग्राम तक की गिरावट आ गई है। इस गिरावट के कारण देश के अलग अलग सर्राफा बाजारों में चांदी 1,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम से लेकर 1,64,900 रुपये प्रति किलोग्राम तक के भाव पर बिक रही है। दिल्ली में आज चांदी की कीमत गिर कर 1,50,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई है। इसी तरह मुंबई, अहमदाबाद, कोलकाता, जयपुर, सूरत और पुणे में चांदी 1,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बनी हुई है। वहीं, बेंगलुरु में चांदी 1,51,000 रुपये के स्तर पर और पटना तथा भुवनेश्वर में 1,50,400 प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है। देश में चांदी की सबसे अधिक कीमत अभी भी चेन्नई और हैदराबाद में है, जहां ये चमकीली धातु आज 5,100 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट के बावजूद 1,64,900 रुपये के स्तर पर बनी हुई है। चेन्नई और हैदराबाद में चांदी पिछले 3 सप्ताह के दौरान 42 हजार रुपये से ज्यादा सस्ती हो चुकी है। इन दोनों शहरों में 15 अक्टूबर को चांदी 2,07,700 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर कारोबार कर रही थी, लेकिन अब इन दोनों शहरों में इसकी कीमत में 42,800 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट आ चुकी है।  

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  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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पटना । बिहार विधानसभा चुनाव के कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने साेमवार को सोनबरसा में एक जनसभा को संबोधित किया। चुनाव के प्रचार अभियान के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि आज बिहार की सरकार वास्तव में दिल्ली से संचालित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य से जुड़े सारे निर्णय केंद्र से लिए जा रहे हैं और मुख्यमंत्री की भी कोई सुनवाई नहीं होती।   कांग्रेस नेता प्रियंका गाधी ने कहा कि महागठबंधन जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा है और बिहार को एक नया दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अब समय आ गया है कि बिहार के लोग उन ताकतों से सावधान रहें जो सिर्फ वादे करती हैं। इस बार अपने बच्चों के भविष्य और बिहार की तरक्की के लिए महागठबंधन को भारी मतों से विजयी बनाइए। प्रियंका गाधी े कहा कि बिहार की जनता बेरोजगारी और पलायन का दंश झेल रही है, लेकिन सत्ता में बैठी पार्टियां पिछले 20 सालों से जनता को भटकाने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री को एक सुझाव देना चाहती हूं। एक नया मंत्रालय बना दीजिए, ‘अपमान मंत्रालय’। वे हमेशा सूची बनाते रहते हैं कि किसने उन्हें गाली दी, किसने उनका अपमान किया। वे अपना समय क्यों व्यर्थ कर रहे हैं? यह काम अपमान मंत्रालय कर देगा।प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री को अपना समय देश के विकास और युवाओं को रोजगार देने में लगाना चाहिए, न कि विरोधियों के बयानों पर प्रतिक्रिया देने में। उन्होंने केंद्र सरकार पर बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।उन्होंने जनसमूह से आह्वान किया कि वे राज्य के भविष्य और अपने बच्चों के बेहतर कल के लिए सोच-समझकर मतदान करें।प्रियंका गांधी की इस जनसभा में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। सभा के दौरान उन्होंने रोजगार, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को लेकर कांग्रेस की प्राथमिकताओं को भी रेखांकित किया।

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भोपाल । मध्‍य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऑलराउंडर मध्य प्रदेश की छतरपुर जिले की घुवारा की क्रांति गौड़ को एक करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है। महिला विश्व कप क्रिकेट प्रतियोगिता की विजय यात्रा में भारत को पहली बार विश्व विजेता बनने में क्रांति गौड़ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के भवन के लोकार्पण और समाधान योजना के शुभारंभ के बाद मीडिया से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रविवार रात देश की बेटियों ने आईसीसी महिला एक दिवसीय वनडे वर्ल्ड कप-2025 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास रच दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत के उच्चतम प्रतिमान स्थापित करते हुए आगे बढ़ने का यह अभूतपूर्व प्रमाण है। साथ ही प्रदेश में खेल को प्रोत्साहित करने के लिए क्रियान्वित योजनाओं का प्रतिफल भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय टीम पहली बार आईसीसी वर्ल्ड चैंपियन बनी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी खिलाड़ियों और देशवासियों को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की जीत पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।गौरततलब है कि इस ऐतिहासिक जीत में प्रदेश की बेटी और टीम की ऑलराउंडर क्रांति गौड़ की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। ऑल राउंडर क्रांति ने पाकिस्तान के खिलाफ (ग्रुप स्टेज) मैच में भी 3 खिलाड़ियों को आउट किया था। इस मुकाबले में उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था। बुंदेलखंड की बेटी क्रांति गौड़ घरेलु क्रिकेट के साथ अंतरराष्ट्रीय और डब्ल्यूपीएल में अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन से झंडे गाड़ रही हैं। वे परिवार में 6 भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं।  

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सहरसा । बिहार विधानसभा के लिए पहले चरण के लिए होने वाले मतदान का प्रचार अभियान अब अपने अंतिम चरण में है।तमाम दलों के नेता प्रदेश की जनता से अपने-अपने दलों के उम्मीदवारों के पक्ष में वोट करने की अपील कर रहे हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी पहले चरण की वोटिंग से पहले सहरसा में जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) समेत महागठबंधन के तमाम घटक दलों पर तीखा प्रहार किया।   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सहरसा में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार को एक बार फिर जंगलराज में धकेलने की कोशिश की जा रही है। राजद और कांग्रेस ने बदले की राजनीति में बिहार का विकास रोक दिया था। बिहार का फैसला अब सिर्फ बिहार का नहीं, बल्कि भारत के भविष्य का फैसला होगा। उन्होंने कहा कि जंगलराज की राजनीति को जनता ने एक बार हराया था और अब 2025 में उसे इतिहास से मिटा देने का समय आ गया है।   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की पहचान अब भ्रष्टाचार या डर नहीं, बल्कि विकास, डिजिटल शक्ति और वैश्विक सम्मान से है। जो लोग बिहार को 90 के दशक में अंधेरे में छोड़ गए थे, वे अब देश को पीछे धकेलना चाहते हैं। कांग्रेस और राजद की पहचान विनाश से है, जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की पहचान विकास से है।   प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि दिल्ली की कांग्रेस नीत सरकार ने राजद के साथ मिलकर बिहार का पैसा रोक दिया था, विकास योजनाओं पर ताले लगा दिए थे। यह बदले की राजनीति थी, बिहार की जनता को सजा दी गई थी। डॉ. मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकार ने कोसी महासेतु जैसे प्रोजेक्ट लटकाए रखे, सिर्फ इसलिए कि नीतीश सरकार राजग की थी। कांग्रेस-राजद ने बिहार के साथ दुश्मनी निभाई, बिहार के हक का पैसा रोक लिया।   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2014 में आपने (बिहार की जनता) मुझे दिल्ली भेजा, तो बदला लेने वालों को हमने वहीं से हटा दिया और कोसी महासेतु को पूरा कर बिहार की जनता को समर्पित किया।   दिल्ली में बैठे लोगों ने बिहार के विकास को रोकने की कसम खा ली थी   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दिल्ली की सरकार राजद के समर्थन से चल रही थी, इसलिए उन्होंने बिहार के खिलाफ बदला लेने की राजनीति की। उस समय दिल्ली में बैठे लोगों ने बिहार के विकास को रोकने की कसम खा ली थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और राजद ने कोसी, मिथिलांचल और पूरे बिहार को बर्बादी के रास्ते पर धकेला, लेकिन अब डबल इंजन की सरकार ने विकास की गाड़ी को नई रफ्तार दी है।   कांग्रेस-राजद की डिक्शनरी में सिर्फ ‘कट्टा और करप्शन’   प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर व्यंग्य करते हुए कहा कि राजद और कांग्रेस की डिक्शनरी में सिर्फ कट्टा, करप्शन, कुशासन और कटुता जैसे शब्द हैं। यही उनकी असली राजनीति है, जबकि राजग विकास, सुशासन और आत्मनिर्भर बिहार की बात करता है।   जंगलराज वालों को ऐसा पराजय दो कि लौटने का सपना भी न देखें   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि 2010 जैसा माहौल फिर लौट आया है। सहरसा से लेकर सुपौल और मधेपुरा तक जनता का जोश बता रहा है कि 'फिर एक बार, एनडीए सरकार'। उन्होंने बिहार की जनता से कहा कि जंगलराज वालों को ऐसा पराजय दो कि वे बिहार लौटने का सपना भी न देख सकें।   क्रिकेट से लेकर शिक्षा तक बेटियां आगे, यही है नए भारत की ताकत   प्रधानमंत्री ने अपने भाषण का बड़ा हिस्सा महिला सशक्तिकरण को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का मजाक उड़ाने वाले अब बेटियों की सफलता पर चुप हैं। बिहार की 1.40 करोड़ बहनों के खाते में जो पैसा पहुंचा है, उसे ये जंगलराज वाले रोकना चाहते हैं। उन्होंने महिला क्रिकेट विश्वकप जीतने पर भारतीय टीम को बधाई देते हुए कहा कि ये विजय भारत की बेटियों के आत्मविश्वास की मिसाल है।   वो दौर लौटा तो बेटियां फिर घर से निकलना छोड़ देंगी   प्रधानमंत्री मोदी ने सहरसा समेत पूरे बिहार की जनता को चेताया कि जिनके राज में बेटियां शाम ढलते ही घर लौट आती थीं, जिनके समय में लूट, अपहरण और हत्या बिहार की पहचान थी, वही अब विकास की बात कर रहे हैं। अगर ये लौटे तो फिर से वही डर, वही बदहाली लौटेगी।   राजद-कांग्रेस का डीएनए है लूट और झूठ   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राजद-कांग्रेस के राज में बिहार ने सबसे ज्यादा पीड़ा झेली। कोसी महासेतु का शिलान्यास अटलजी ने 2003 में किया, पर मनमोहन सरकार और राजद ने उसे रोक दिया। उन्होंने बिहार का पैसा काट दिया, योजनाओं को फाइलों में बंद कर दिया। जब आपने मुझे सेवा का मौका दिया तो हमने वही कोसी पुल बनाकर 2020 में बिहार को समर्पित किया। विपक्षी गठबंधन को वादों का ठेला बताते हुए उन्होंने कहा कि जिन्होंने बिहार का विकास रोका, अब वही झूठे वादे लेकर मैदान में हैं।   जंगलराज में रक्षक भी थे असुरक्षित   सहरसा के ऐतिहासिक संदर्भ में प्रधानमंत्री ने पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) सत्यपाल सिंह की शहादत का जिक्र करते हुए कहा कि जंगलराज में ईमानदार अधिकारियों को मार दिया जाता था। सड़के नहीं बनती थीं, सड़के बनाने वालों को उठा लिया जाता था। उस दौर में हर व्यापारी, हर ठेकेदार डर में जीता था, लेकिन नीतीश कुमार की सरकार ने जंगलराज को हटाकर सुसाशन दिया और अब डबल इंजन सरकार ने विकास की गति को कई गुना बढ़ा दिया है।   कोसी-मिथिलांचल बना विकास का हब   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बिहार में अब रेल, सड़क और उद्योगों का नया युग शुरू हुआ है। मधेपुरा की रेल फैक्ट्री ‘मेक इन इंडिया’ का गौरव बन गई है। अब वो दिन दूर नहीं जब बिहार में मोबाइल फोन और इलेक्ट्रिक गाड़ियां बनेंगी। 11,000 (ग्यारह हजार) करोड़ रुपये की तागत से कोसी-बागमती बेसिन में बाढ़ नियंत्रण योजनाएं चल रही हैं। मखाना और मत्स्य उद्योग को लेकर भी नई योजनाएं लाईं गई हैं। पहले बिहार दूसरे राज्यों से मछली मंगाता था, आज बिहार मछली दूसरे राज्यों को भेजता है।   बिहार बनेगा विकसित भारत की जड़   प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार की जनता जिस तरह लोकतंत्र की मशाल थामे हुए है, वह भारत की राजनीतिक परिपक्वता का प्रतीक है। बिहार में ही लोकतंत्र की जड़ें सबसे गहरी हैं। लिच्छवी गणराज्य से लेकर आज के भारत तक, यही भूमि तय करती है कि देश आगे बढ़ेगा या रुकेगा। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने 2010 में सुशासन का जो बीज बोया था, अब 2025 में वही विकसित भारत की जड़ बनेगा।   एआई और एग्रीटेक में बिहार होगा भारत का ग्रोथ इंजन   मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार बिहार को एआई, कृषि तकनीक और ग्रामीण स्टार्टअप्स के लिए हब बनाने की दिशा में काम कर रही है। पाटलिपुत्र एक बार फिर ज्ञान का केंद्र बनेगा। इस बार तक्षशिला नहीं, टेक्नोलॉजी और टैलेंट का संगम होगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल बिहार आने वाले दशक में भारत की अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकेगा, जहां मजदूरी से मोबाइल और हुनर से हुनरमंदी का युग शुरू होगा।   नालंदा की रौशनी बुझाने वालों को जवाब देगा बिहार   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस-राजद ने नालंदा विश्वविद्यालय के नाम पर सिर्फ 20 करोड़ रुपये दिए थे, जबकि हमारी सरकार ने 2000 करोड़ रुपये देकर नया कैंपस बनाया, जहां अब 21 देशों के छात्र पढ़ रहे हैं, जिनके राज में कॉलेजों के गेटों पर ताले लगते थे, वो आज शिक्षा की बातें कर रहे हैं।   घुसपैठियों को बचाने में लगे हैं विपक्षी   मोदी ने महागठबंधन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राजद और कांग्रेस को बिहार के भविष्य से नहीं, घुसपैठियों से लगाव है। जो घुसपैठिए आपकी जमीन और नौकरियां छीन रहे हैं, वे इन्हीं की राजनीति की कमाई हैं। बिहार को घुसपैठियों से बचाना है, बिहार को विकास के रास्ते पर रखना है।   बिहार की जनता तय करेगी विकास चाहिए या विनाश?   जनसभा के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार ने बहुत भुगता है। अब बिहार की जनता को फैसला करना है कि विकास चाहिए या विनाश? राजग की सरकार चाहिए या जंगलराज वालों का अत्याचार? सभा में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में नारा लगाया 'फिर एक बार, सुशासन सरकार'।

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पटना/आरा । बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज है। सभी दलों के नेता जनता को लुभाने में जुटे हुए हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी रविवार को बिहार में दो जनसभा और एक रोड शो कर रहे हैं। उन्होंने अपनी पहली जनसभा आरा में की और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के संकल्प पत्र में किए गए वादों को हर हाल में पूरा करने का दावा किया। उन्होंने विपक्षी महागठबंधन पर निशाना भी साधा।   बिहार के आरा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में चुनावी सभा को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि राजग का संकल्प है कि बिहार के युवा बिहार में काम करें और बिहार का नाम रोशन करें। इसके लिए हमने आने वाले दिनों में एक करोड़ रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का वादा किया है। यह सिर्फ एक घोषणा नहीं है, इसे साकार करने के लिए हमने एक ठोस योजना पेश की है। उन्होंने कहा कि संकल्प पत्र में किए गए वादों को राजग पूरा करती है और आगे भी पूरा करेगी।   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 'विकसित बिहार, विकसित भारत' की नींव है। विकसित बिहार का उनका विज़न औद्योगिक विकास और युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर पैदा करने पर केंद्रित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि आपके (बिहारवासियों के) सपने ही हमारा संकल्प हैं। इस बार भी बिहार की जनता राजग को रिकॉर्ड मतों से चुनाव जिताएगी। उन्होंने आगे कहा कि 'जंगल राज' के नेता सबसे करारी हार का रिकॉर्ड बनाएंगे।   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकसित बिहार के लिए राजग ने एक ईमानदार और दूरदर्शी घोषणापत्र पेश किया है। हमारी सभी योजनाएं और नीतियां बिहार के तेज विकास के लिए समर्पित हैं। एक तरफ राजग का ईमानदार घोषणापत्र है, वहीं दूसरी तरफ 'जंगल राज' गठबंधन ने अपने घोषणापत्र को धोखे और झूठ का दस्तावेज बना दिया है।   प्रधानमंत्री ने कहा, " मैं ‘जंगल राज’ वालों से कहना चाहता हूं कि ये भगवान जैसे लोग, बेवकूफ नहीं हैं। ये जनता है; ये सब जानती है।"   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने कांग्रेस की कनपटी पर कट्टा रख कर तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कराया। तेजस्वी पर सहमत नहीं थी कांग्रेस। घोषणा पत्र में भी कांग्रेस की नहीं सुनी गई। चुनाव के पहले ये हाल है, चुनाव के बाद सर फुटौव्वल करेंगे। सुशासन राजग ही दे सकता है, दे रहे हैं।    

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भोपाल । मध्य प्रदेश स्थापना दिवस की संध्या पर राजधानी भोपाल का आसमान तकनीक, संस्कृति और सृजनशीलता के अद्भुत संगम का साक्षी बना। लाल परेड ग्राउंड पर आयोजित “अभ्युदय मध्यप्रदेश” समारोह में आयोजित भव्य ड्रोन शो ने राज्य की गौरवशाली विरासत से लेकर आधुनिक विकास यात्रा तक की झलक एक साथ प्रस्तुत की।दरअसल, शाम सात बजे से शुरू हुए इस शो ने मात्र 15 मिनट में हजारों दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। “विरासत से विकास की ओर” थीम पर आधारित इस कार्यक्रम ने मध्य प्रदेश की आत्मा को आसमान में साकार कर दिया; परंपरा, प्रगति और नवाचार का ऐसा संगम, जिसने हर दर्शक के मन में गर्व और उत्साह भर दिया।उल्‍लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में 2000 ड्रोन का उपयोग एक साथ किसी आयोजन में हुआ है। शो के आरंभ में ड्रोन से उकेरे गए दृश्यों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। सबसे पहले भारत का मानचित्र बना, जिसमें मध्यप्रदेश को “देश के हृदय” के रूप में प्रदर्शित किया गया। इसके बाद प्रदेश के 55 जिलों का चित्रण हुआ, जो प्रदेश की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता को उजागर कर रहा था। फिर ड्रोन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की आकृतियाँ बनाईं, जो “विकसित भारत 2047” के दृष्टिकोण के साथ “अभ्युदय मध्यप्रदेश 2047” के लक्ष्य को जोड़ता प्रतीत हुआ।इसके बाद जैसे ही आकाश में सूर्योदय का दृश्य बना, ड्रोन ने सुनहरे रंगों में “अभ्युदय मध्यप्रदेश 2047” लिखा, जिससे पूरा वातावरण आशा और ऊर्जा से भर उठा।धर्म, संस्कृति और प्रकृति का समन्वयड्रोन शो का सबसे आकर्षक हिस्सा था महाकाल मंदिर और शिवलिंग की आरती का दृश्य। हजारों रोशनी से बने इन प्रतीकों ने मानो भोपाल के आसमान में उज्जैन की आध्यात्मिक छटा बिखेर दी। इसके बाद लोककला, मांडने और जनजातीय प्रतीकों की आकृतियाँ उभरकर आईं, जिन्होंने प्रदेश की लोकसंस्कृति की गहराई को दिखाया। जंगलों की भूमि मध्यप्रदेश की पहचान बने बाघ की छलांग, खेतों और सिंचाई के दृश्य, और उद्योग एवं एमपी इन्वेस्टर्स समिट के लोगो ने यह संदेश दिया कि राज्य परंपरा से निकलकर आधुनिक विकास की ओर दृढ़ता से बढ़ रहा है।विकास की उड़ान; मेट्रो, हाइवे और विज्ञान का संगमशो के अगले हिस्से में ड्रोन ने राजमार्ग, मेट्रो ट्रेन, और हवाई जहाज का जीवंत चित्रण किया। यह दृश्य राज्य की तीव्र गतिशीलता और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का प्रतीक था। इसके साथ ही जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान का संदेश पूरे आसमान में उभरा, जिसने दर्शकों के मन में गर्व और देशभक्ति की भावना जगा दी। ड्रोन द्वारा निर्मित वेधशाला और “अलौकिक सिंहस्थ 2028” का दृश्य कार्यक्रम की आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दृष्टि दोनों को जोड़ने वाला साबित हुआ। अंत में “अभ्युदय मध्यप्रदेश” का भव्य लोगो बनते ही आसमान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कार्यक्रम स्थल से शो का लाइव प्रसारण पूरे राज्य में किया गया, जिससे लाखों लोगों ने इस दृश्य आनंद का अनुभव घर बैठे लिया।लाल परेड ग्राउंड बना रोशनी और उत्सव का केंद्रपूरे आयोजन स्थल को आकर्षक रोशनी और सजावट से जगमगाया गया था। मंच पर पारंपरिक नृत्य, लोकगीत और प्रदेश की विविध लोकसंस्कृतियों की झलकें प्रस्तुत की गईं। राज्य स्थापना दिवस के इस आयोजन ने तकनीकी चमत्कार के साथ-साथ प्रदेश के सांस्कृतिक गौरव और आत्मविश्वास को भी नई ऊँचाई दी। लाल परेड ग्राउंड पर उपस्थित हजारों लोगों ने कहा कि यह शाम मध्यप्रदेश के इतिहास में “विरासत से विकास” की यात्रा का प्रतीक बन गई है। ड्रोन के बाद जो श्री कृष्‍ण चरित्र की मोहन प्रस्‍तुति हुई, उसने तो जैसे हजारों दर्शकों को भावविभोर कर दिया। कई दर्शकों की आंखों से आंसू तक झलकते हुए देखे गए। वहीं गायक जुबिन नौटियाल ने अंत तक लोगों को अपने गानों से मंत्रमुग्‍ध करके रखा।  

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हरिद्वार । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि हरिद्वार स्थित पतंजलि विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति ने कहा कि उपाधि पाने वाले विद्यार्थियों में 64 प्रतिशत संख्या बेटियों की हैं, जो पदक प्राप्त करने वाले छात्रों की तुलना में चौगुनी है। यहां शिक्षा प्राप्त कर रहे कुल विद्यार्थियों में बेटियों की संख्या 62 प्रतिशत है। यह केवल संख्या नहीं है, यह महिलाओं के नेतृत्व में आगे बढ़ने वाले विकसित भारत का अग्रिम स्वरूप है। मुझे विश्वास है कि हमारी शिक्षित बेटियां अपनी आंतरिक शक्ति और प्रतिभा से भारत-माता का गौरव बढ़ाएंगी।   राष्ट्रपति मुर्मु  रविवार को पतंजलि विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह काे संबाेधित कर रही थीं। राष्ट्रपति मुर्मु ने छात्र व छात्राओं काे उपाधि और मेडल प्रदान की। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रशंसा करने के साथ ही उनके जीवन-निर्माण में सहभागी अध्यापकों और अभिभावकों को भी शुभकामनाएं दी। इस माैके  पर राष्ट्रपति ने कहा कि उपाधि पाने वाले विद्यार्थियों में 64 प्रतिशत संख्या बेटियों की हैं, जो पदक प्राप्त करने वाले छात्रों की तुलना में चौगुनी है। यहां शिक्षा प्राप्त कर रहे कुल विद्यार्थियों में बेटियों की संख्या 62 प्रतिशत है। यह केवल संख्या नहीं है, यह महिलाओं के नेतृत्व में आगे बढ़ने वाले विकसित भारत का अग्रिम स्वरूप है। साथ ही, यह भारतीय संस्कृति की उस महान परंपरा का विस्तार है, जिसमें गार्गी, मैत्रेयी, अपाला और लोपामुद्रा जैसी विदुषी महिलाएं समाज को बौद्धिक और आध्यात्मिक नेतृत्व प्रदान करती थीं। मुझे विश्वास है कि हमारी शिक्षित बेटियां अपनी आंतरिक शक्ति और प्रतिभा से भारत-माता का गौरव बढ़ाएंगी। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि लोक-परंपरा में ‘हरि’-द्वार का यह परम पावन क्षेत्र ‘हर’-द्वार के नाम से भी जाना जाता है। इस परंपरा के अनुसार, यह पवित्र स्थान ‘हरि’ यानी विष्णु के दर्शन का द्वार भी है और ‘हर’ यानी शिव के दर्शन का भी द्वार है। ऐसे पवित्र भूखंड में देवी सरस्वती की आराधना करने वाले विद्यार्थी और आचार्य बहुत सौभाग्यशाली हैं। हिमालय के इस अंचल से अनेक पवित्र नदियां तो निकलती ही हैं, यहां से ज्ञान-गंगा की अनेक धाराएं भी प्रवाहित होती हैं। उनमें इस विश्व-विद्यालय की एक अविरल धारा भी जुड़ गई है। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की महान विभूतियों ने मानव-संस्कृति के निर्माण में अमूल्य योगदान दिया है। मुनियों में श्रेष्ठ, महर्षि पतंजलि ने योग के द्वारा चित्त की, व्याकरण के द्वारा वाणी की और आयुर्वेद के द्वारा शरीर की अशुद्धियों को दूर किया। उनको विनीत होकर, करबद्ध प्रणाम करने की हमारी परंपरा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय महर्षि पतंजलि की महती परंपरा को आज के समाज के लिए सुलभ कराया जा रहा है। योग एवं आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार में इस योगदान की सराहना करती हूं। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि विश्व बंधुत्व की भावना, प्राचीन वैदिक ज्ञान, नूतन वैज्ञानिक अनुसंधान का समन्वय और वैश्विक चुनौतियों का समाधान को विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक संदर्भों में आगे बढ़ा रहा है। विश्वविद्यालय के छात्र व शिक्षक सब इस ज्ञान-यज्ञ के गौरवशाली सहयोगी हैं। उन्होंने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम् का हमारा सांस्कृतिक आदर्श पृथ्वी एवं मानवता के समग्र कल्याण से अनुप्राणित है। उन्हाेंने कहा कि विश्वविद्यालय में योग एवं आयुर्वेद के शिक्षण को प्रमुखता दी जाती है। साथ ही, विज्ञान एवं अध्यात्म के समन्वय से शांतिपूर्ण जीवनशैली को अपनाने का मार्गदर्शन दिया जाता है। शिक्षा का यह मार्ग आपके जीवन-निर्माण में सहायक है तथा हमारे पूरे समाज के लिए कल्याणकारी है।   राष्ट्रपति ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता के एक अध्याय में, भगवान श्रीकृष्ण ने दैवी सद्गुणों और समृद्धियों के विषय में भी बताया है। उन्होंने दैवी सद्गुणों में ‘स्वाध्याय: तप आर्जवम्’ को शामिल किया है। स्वाध्याय का अर्थ है– निष्ठापूर्वक अध्ययन एवं मनन। तप का अर्थ है– कष्ट सहते हुए भी अपने कर्तव्य का पालन करना। आर्जवम् का अर्थ है– अन्तःकरण एवं आचरण की सरलता। दीक्षांत के बाद भी, स्वाध्याय की प्रक्रिया में आजीवन संलग्न रहना है। तपस्या और सरलता, जीवन को शक्ति देने वाले मूल्य हैं। सभी विद्यार्थी-गण स्वाध्याय, तपस्या एवं सरलता के जीवन-मूल्यों को अपनाकर अपने जीवन को सार्थक बनाएंगे। उन्होंने कहा कि व्यक्ति-निर्माण से परिवार-निर्माण होता है। परिवार-निर्माण से समाज और राष्ट्र का निर्माण होता है। एक संस्कार-वान व्यक्ति में साहस और शांति का संगम होता है। इस विश्वविद्यालय ने व्यक्ति-निर्माण से राष्ट्र-निर्माण का मार्ग अपनाया है। इसके लिए, मैं विश्वविद्यालय से जुड़े सभी लोगों की सराहना करती हूं। मुझे विश्वास है कि इस विश्वविद्यालय के पूर्व, वर्तमान व भावी विद्यार्थी सदाचार के साथ स्वस्थ समाज एवं विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

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- 1 नवंबर – मध्य प्रदेश स्थापना दिवस विशेष  (प्रवीण कक्कड़) भारत के मध्य में स्थित यह पावन भूभाग जब 1 नवंबर 1956 को “मध्य प्रदेश” नाम और स्वरूप में स्थापित हुआ, तब शायद किसी ने नहीं सोचा था कि यह प्रदेश आने वाले समय में संस्कृति, अध्यात्म, प्राकृतिक धरोहर और विकास का ऐसा जीवंत संगम बनेगा। आज मध्य प्रदेश केवल मानचित्र का केंद्र नहीं, भारतीयता का हृदय है। यहाँ की मिट्टी, यहाँ की बोलियाँ, यहाँ की नर्मदा और यहाँ का मानव—सभी में एक सहज अपनापन है। यही कारण है कि हर मध्य प्रदेशवासी गर्व से कहता है—यह प्रदेश “Heart of India” ही नहीं, “Soul of India” भी है।   इतिहास, अध्यात्म और कालजयी विरासत मध्य प्रदेश की हर धरा इतिहास की गाथा सुनाती है। सम्राट विक्रमादित्य की न्यायप्रियता से लेकर रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे जैसे महावीरों के साहस तक—यह भूमि त्याग, पराक्रम और संस्कृति की प्रतीक है। भीमबेटका की प्रागैतिहासिक चित्रगुफाएँ, साँची का स्तूप, मंदसौर का सूर्य मंदिर और भोजपुर का विशाल शिवालय—यह सिद्ध करते हैं कि यह प्रदेश सभ्यता का जनक और आस्था का आधार रहा है। और फिर उज्जैन… महाकाल की नगरी और ओम्कारेश्वर ज्योतिर्लिंग। जहाँ हर श्वास में “हर-हर महादेव” गूँजता है। यह प्रदेश केवल विरासत नहीं, बल्कि सजीव संस्कार है।   प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन सतपुड़ा की गोद, नर्मदा का आंचल और वन्य जीवन का अद्भुत संसार—मध्य प्रदेश प्रकृति की सर्वश्रेष्ठ रचना जैसा है। कान्हा, बांधवगढ़, पन्ना, पेंच और सतपुड़ा के जंगलों में जीवन की धड़कनें सुनाई देती हैं। भारत में बाघों की सबसे अधिक संख्या इसी प्रदेश की शान है। भेड़ाघाट के संगमरमर, तवा के शांत जल, मांडू की बादल घाटी और पचमढ़ी के शांत शिखर—हर गंतव्य प्रकृति और इतिहास दोनों का उत्सव है। इसीलिए मध्य प्रदेश को कई बार 'बेस्ट टूरिज्म स्टेट' का सम्मान मिला है।   अर्थव्यवस्था और प्रगति का उभरता केंद्र मध्य प्रदेश आज नीति, परिश्रम और प्रगति का प्रतीक है—   कृषि: सोयाबीन, दलहन एवं तिलहन उत्पादन में अग्रणी, कई बार कृषि कर्मण पुरस्कार से सम्मानित उद्योग और व्यापार: इंदौर—स्वच्छता और स्टार्टअप्स का मॉडल; भोपाल—हरियाली एवं स्मार्ट सिटी विकास का उदाहरण ऊर्जा: रीवा का सोलर प्रोजेक्ट वैश्विक पहचान शिक्षा व स्वास्थ्य: निरंतर सुधार और नवाचार सड़क व बुनियादी ढाँचा: गाँव से शहर तक जुड़ता आधुनिक विकास     संस्कृति, लोकजीवन और आत्मीयता मध्य प्रदेश की पहचान उसके लोग हैं। यहाँ की भाषा में मिठास है, व्यवहार में नम्रता है और संबंधों में आत्मीयता। पोहा-जलेबी से दाल-बाफला तक... मालवी, बघेली, निमाड़ी, बुंदेली सुरों से लेकर गोंड कला और भीली नृत्य तक—यह प्रदेश संस्कृति और जीवन का उत्सव है। यहाँ हर अतिथि का स्वागत स्नेह से होता है।   स्थापना दिवस: गर्व, चिंतन और संकल्प मध्य प्रदेश का स्थापना दिवस केवल इतिहास का स्मरण नहीं, भविष्य का संकल्प भी है। हमारा गर्व तभी सार्थक होगा जब हम अपने प्रदेश की पहचान में अपना योगदान जोड़ें। सिर्फ सरकारें प्रदेश नहीं बनातीं—जनता भी बनाती है। भविष्य की दिशा हमारे सामूहिक व्यवहार और दृष्टि से तय होती है। हम मध्य प्रदेश हैं — और यह हमारी जिम्मेदारी है प्रत्येक मध्य प्रदेशवासी का दायित्व है कि वह अपने प्रदेश को उत्कृष्ट बनाने में अपना योगदान दे—   - स्वच्छता को आदत बनाएँ, केवल अभियान नहीं - युवाओं में शिक्षा, कौशल और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा दें - पर्यटन स्थलों को संजोएँ, मार्गदर्शन और आतिथ्य को आदर्श बनाएँ - जनजातीय कला, लोकभाषाओं व स्थानीय शिल्पकारों को प्रोत्साहन दें - पर्यावरण व नदियों को बचाने का संकल्प लें—नर्मदा सिर्फ नदी नहीं, जीवन है - धैर्य, संवाद और सहयोग से सामाजिक सौहार्द को मजबूत करें - हर नागरिक अगर यह तय कर ले कि मुझे अपना प्रदेश आगे ले जाना है, तो कोई शक्ति मध्य प्रदेश को विश्व मानचित्र पर अग्रणी बनने से नहीं रोक सकती।   गर्व से कहें... यहाँ की मिट्टी में इतिहास है, हवाओं में अध्यात्म है, नदियों में जीवन है और दिलों में प्रेम। इसीलिए हम गर्व से कहते हैं—   “हम हैं मध्य प्रदेशवासी… भारत के हृदय की धड़कन।”   मध्य प्रदेश स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। जय मध्य प्रदेश। जय भारत।

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नई दिल्ली । ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) ने आज से 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कटौती कर दी है। हालांकि घरेलू उपयोग में आने वाले 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। मतलब घर के किचन के बजट में पर कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है। आज कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 4.50 रुपये से लेकर 6.50 रुपये तक की कटौती की गई है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक कीमत में की गई कटौती के बाद अब राजधानी दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 1,595.50 रुपये से कम होकर 1,590.50 रुपये हो गई है। पिछले महीने ही 1 अक्टूबर को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 15 रुपये तक की बढ़ोतरी की थी। इस बढ़ोतरी के बाद होटल, रेस्टोरेंट और कमर्शियल गैस का उपयोग करने वाले छोटे कारोबारियों पर महंगाई का बोझ बढ़ गया था। ऐसी स्थिति में आज कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में कटौती करके होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों को कुछ हद तक राहत दी गई है। ताजा कटौती में कोलकाता में कमर्शियल सिलेंडर के दामों में सबसे ज्यादा 6.50 रुपये की कमी की गई है। अब यहां 19 किलो का सिलेंडर 1,694 रुपये में मिल रहा है, जबकि अक्टूबर में इसका रेट 1,700.50 रुपये था। इसके अलावा, मुंबई में 19 किलो एलपीजी सिलेंडर का नया रेट 1,542 रुपये हो गया है, जो पिछले महीने से 5 रुपये कम है। वहीं चेन्नई में इसकी कीमत 1,750 रुपये तय की गई है, जो अक्टूबर के मुकाबले 4.5 रुपये कम है। इस कटौती के बाद पटना में अब 19 किलोग्राम वाला सिलेंडर 1,876 रुपये, नोएडा में 1,876 रुपये, लखनऊ में 1,876 रुपये, भोपाल में 1,853.50 रुपये और गुरुगाम में 1,607 रुपये में मिलेगा।   आज सिर्फ कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत मे ही कटौती हुई है। घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो के एलपीजी सिलेंडर (रसोई गैस) की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है। घरेलू उपयोग वाले सिलेंडर की कीमत में आखिरी बार 8 अप्रैल 2025 को बदलाव हुआ था। दिल्ली में इसकी कीमत अभी 853 रुपये है। इसी तरह कोलकाता में 879 रुपये, मुंबई में 852.50 रुपये, चेन्नई में 868.50 रुपये, लखनऊ में 890.50 रुपये, अहमदाबाद में 860 रुपये, हैदराबाद में 905 रुपये, वाराणसी में 916.50 रुपये और पटना में 951 रुपये है। जानकारों का कहना है कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत हर महीने अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमत और टैक्स स्ट्रक्चर के आधार पर तय की जाती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमत बढ़ाने या घटना का सीधा असर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की लागत पर भी पड़ता है। इसीलिए हर महीने की पहली तारीख को लागत की समीक्षा करके गैस सिलेंडर के नए दाम का ऐलान किया जाता है।   बताया जा रहा है कि अक्टूबर के महीने में अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्राकृतिक गैस की कीमत में गिरावट का रुख बना है। इसीलिए पिछले महीने कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 15 रुपये की बढ़ोतरी करने के बाद महंगाई को संतुलित करने के लिए आज नवंबर महीने के लिए कमर्शियल गैस की कीमत में कटौती करने का फैसला लिया गया है।  

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रायपुर । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि विश्व शांति की भावना भारत की मूल सोच में गहराई से जुड़ी हुई है और जब भी दुनिया में संकट आता है, भारत हमेशा ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ बनकर मानवता की सेवा के लिए सबसे पहले आगे बढ़ता है। यही भारत की पहचान और संस्कृति की सबसे बड़ी ताकत है, जो दुनिया को एक परिवार मानने की भावना से प्रेरित है।   प्रधानमंत्री ने आज छत्तीसगढ़ के नवां रायपुर में ब्रह्माकुमारी संस्थान के ध्यान केंद्र ‘शांति शिखर’ का उद्घाटन करते हुए कहा कि आज का दिन विशेष है क्योंकि छत्तीसगढ़ के गठन को 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने झारखंड और उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों के स्थापना दिवस पर भी शुभकामनाएं दीं और कहा कि राज्यों का विकास ही देश की प्रगति की सबसे बड़ी ताकत है।   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत वह देश है जो हर जीव में ईश्वर को देखता है और आत्मा में अनंत का अनुभव करता है। भारत के हर धार्मिक अनुष्ठान का समापन विश्व कल्याण की प्रार्थना से होता है, यही हमारी सभ्यता की सबसे बड़ी विशेषता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भारत विश्व का नेतृत्व कर रहा है। हमारे शास्त्रों ने हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीने की सीख दी है। नदियों को माता, जल को देवत्व और पेड़ों में भगवान का वास मानने की भावना ही प्रकृति के संरक्षण की सच्ची दिशा है।   प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ‘वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड’ और ‘वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर’ जैसे वैश्विक विचारों को साकार कर रहा है। भारत का ‘मिशन लाइफ’ पूरी मानवता के लिए है, जो सीमाओं से परे जाकर पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश देता है।   उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्था से अपने लंबे जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि यह आंदोलन बरगद के पेड़ की तरह फैल चुका है। उन्होंने ‘शांति शिखर’ को विश्व शांति के लिए सार्थक प्रयासों का नया केंद्र बताया और कहा कि यह संस्थान देश और दुनिया में करोड़ों लोगों को जोड़ने का कार्य करेगा।   कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।  

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गांधीनगर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि देश की एकता-अखंडता को बनाए रखने के लिए सरकार चार स्तंभों पर आधारित नीति द्वारा हर व्यक्ति को जोड़ने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह लौहपुरुष सरदार पटेल का भारत है, जो सुरक्षा और सम्मान के लिए कभी समझौता नहीं करता।  जब तक देश नक्सलवाद-माओवादी आतंक से पूरी तरह मुक्त नहीं हो जाता, तब तक यह सरकार चैन से नहीं बैठेगी।    प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को गुजरात के नर्मदा जिला स्थित एकता नगर में लौहपुरुष और अखंड भारत के शिल्पकार सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती का भव्य समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान सरदार पटेल की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के सान्निध्य में देशभक्ति के जोश और उत्साह के साथ अर्धसैनिक बलों की विभिन्न टुकड़ियों ने भव्य परेड की।     प्रधानमंत्री मोदी ने स्टेच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह की शुरुआत की। ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को सुदृढ़ करते हुए उन्होंने कहा कि एकता राष्ट्र और समाज के अस्तित्व की मूलभूत शक्ति है, जब तक समाज में एकता है, तब तक राष्ट्र की अखंडता सुरक्षित है। विकसित भारत के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए हमें एकता तोड़ने वाले हर षड्यंत्र को एकता की शक्ति से विफल करना होगा।    उन्होंने कहा कि भारत की एकता के चार मजबूत आधारस्तंभ हैं—पहला सांस्कृतिक एकता, जो हजारों वर्षों से बदलते राजनीतिक परिदृश्यों के बावजूद भारत को एक चेतन राष्ट्र के रूप में बनाए रखती है।   दूसरा स्तंभ है भाषाई एकता, जहाँ सैकड़ों भाषाएँ और बोलियाँ भारत की विविधता, सृजनशीलता और गौरव का जीवंत प्रतीक हैं। किसी भी समुदाय, शासन या समूह ने कभी भी किसी भाषा को थोपने का प्रयास नहीं किया।   तीसरा स्तंभ है भेदभाव-मुक्त विकास। गरीबी और असमानता समाज की सबसे बड़ी कमजोरी हैं। सरदार पटेल गरीबी उन्मूलन के लिए दीर्घकालीन नीति बनाना चाहते थे। वे कहते थे कि अगर भारत को आज़ादी 10 साल पहले मिली होती, तो 1947 तक देश अन्न संकट से मुक्त हो गया होता। जिस तरह उन्होंने रियासतों के विलय की जटिल चुनौती को सुलझाया, वैसे ही वे खाद्य संकट का समाधान भी कर लेते। आज उनकी अधूरी इच्छा को इस सरकार ने पूरा किया है।पिछले एक दशक में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है।   चौथा और अंतिम स्तंभ है कनेक्टिविटी– दिलों का जुड़ाव, जो आधुनिक भारत को विश्व के केंद्र में ला रहा है। रेकॉर्ड हाइवे, एक्सप्रेसवे, वंदे भारत और नमो भारत जैसी ट्रेनों द्वारा रेलवे में परिवर्तन कर, छोटे शहरों को एयरपोर्ट से जोड़ते हुए उत्तर-दक्षिण, पूर्व-पश्चिम की दूरी को कम किया गया है।   सरदार पटेल इतिहास बनाने में विश्वास रखते थे : प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरदार पटेल इतिहास लिखने में नहीं, इतिहास बनाने में विश्वास रखते थे। उन्होंने नीतियों और दृढ़ निर्णयों के बल पर आज़ादी के बाद 550 से अधिक रियासतों को एक सूत्र में बांधा। ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का विचार उनके लिए सर्वोच्च था। आज केंद्र सरकार की कार्यनीति में भी यही दृष्टिकोण मुख्य है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस एकता का महापर्व है। जैसे हम 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस गर्व से मनाते हैं, वैसे ही यह दिन प्रेरणा, गर्व और संकल्प का पवित्र अवसर है। आज पूरे देश में करोड़ों लोगों ने एकता की शपथ ली है, जो राष्ट्र की एकता को सुदृढ़ करने का प्रतीक है।   एकतानगर में एकता मॉल और एकता गार्डन जैसे प्रयासों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें उन विचारों और प्रवृत्तियों से दूर रहना चाहिए जो देश की एकता को नुकसान पहुंचाती हैं। यह केवल राष्ट्रीय कर्तव्य ही नहीं बल्कि सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि भी है। भारत माता की भक्ति हर नागरिक के लिए सर्वोच्च पूजा है और आज यह हर भारतीय के लिए प्रेरणा और कर्तव्यपथ का मार्गदर्शन है।   उन्होंने कहा कि सरदार पटेल देश की संप्रभुता को सर्वोपरि मानते थे। उनके निधन के बाद की सरकारों में यह गंभीरता और दृढ़ता कम हो गई। कश्मीर में की गई गलतियाँ, पूर्वोत्तर की समस्याएँ और देश में फैला नक्सल-माओवादी आतंक भारत की अखंडता के लिए चुनौती बने। तत्कालीन सरकारों ने सरदार पटेल की नीतियों का अनुसरण करने के बजाय राष्ट्रहित से समझौता किया। परिणामस्वरूप हिंसा, रक्तपात और विभाजन जैसी त्रासदियाँ देश ने देखीं।   उन्होंने कहा कि अगर सरदार पटेल के कश्मीर संबंधी सुझावों को स्वीकार किया गया होता, तो आज पूरा कश्मीर भारत का अभिन्न अंग होता। लेकिन तत्कालीन सरकारों ने उन्हें अनदेखा किया। कश्मीर को अलग विधान और प्रतीक देकर विभाजित किया गया, जिससे पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद को बढ़ावा मिला और देश ने इसकी भारी कीमत चुकाई।   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने सरदार पटेल के “एक भारत” के विज़न को भुला दिया था, लेकिन 2014 के बाद देश ने फिर से उस अडिग इच्छाशक्ति को अनुभव किया है। अनुच्छेद 370 को हटाकर कश्मीर को मुख्यधारा में लाया गया है। ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को दिखा दिया कि भारत पर आंख उठाने वालों को कड़ा जवाब मिलेगा। यह लौहपुरुष सरदार पटेल का भारत है— जो अपनी सुरक्षा और सम्मान से कभी समझौता नहीं करता।   उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में सरकार ने नक्सल-माओवादी आतंक की कमर तोड़ दी है। 2014 से पहले नक्सली अपने कानून चलाते थे, संविधान लागू नहीं होता था, पुलिस और प्रशासन बेबस था, स्कूलों-सड़कों-अस्पतालों पर हमले होते थे। लेकिन इस सरकार ने निर्णायक कार्रवाई की, अर्बन नक्सलियों और उनके समर्थकों को करारा जवाब दिया, वैचारिक युद्ध जीता और नक्सल क्षेत्रों को विकास के रास्ते पर लाया। उन्होंने सरदार पटेल की प्रतिमा की छाया में दृढ़ निश्चय के साथ कहा— “जब तक देश नक्सलवाद-माओवादी आतंक से पूरी तरह मुक्त नहीं हो जाता, तब तक यह सरकार चैन से नहीं बैठेगी।”   उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा घुसपैठिए हैं, जो वर्षों से हमारे संसाधनों पर कब्जा कर देश की जनसांख्यिकी को असंतुलित कर रहे हैं। पिछली सरकारों ने वोट बैंक की राजनीति के कारण आंख मूंद ली थी। लेकिन अब पहली बार देश ने इस खतरे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई शुरू की है और लाल किले से ‘डेमोग्राफी मिशन’ की घोषणा की गई है।   प्रधानमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए देशहित से ऊपर उठकर घुसपैठियों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्हें इस बात की परवाह नहीं कि अगर देश का विभाजन दोबारा हो जाए तो क्या होगा? लेकिन सच यह है कि अगर भारत की सुरक्षा और पहचान पर खतरा आएगा, तो हर नागरिक प्रभावित होगा। इसलिए राष्ट्रीय एकता दिवस पर हमें संकल्प लेना चाहिए कि देश में रह रहे हर घुसपैठिए को बाहर निकालकर ही रहेंगे, ताकि राष्ट्र की अखंडता और अस्तित्व को सुरक्षित रखा जा सके।    उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने देश की महान विभूतियों का अपमान किया, जबकि इस सरकार ने उन्हें सम्मान दिया, उनके स्मारक बनवाए और गुलामी की मानसिकता को बदलने का कार्य किया।   सरदार पटेल की भावना को स्मरण करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें देश के लिए काम करने में सबसे अधिक आनंद मिलता था। आज भी यही संदेश है — मातृभूमि की सेवा ही सबसे बड़ी आराधना है। जब 140 करोड़ भारतीय एक साथ खड़े होते हैं, तो पहाड़ भी रास्ता छोड़ देते हैं; जब एक स्वर में बोलते हैं, तो वह स्वर भारत की सफलता का उद्घोष बन जाता है। हम बंटेंगे नहीं, झुकेंगे नहीं; ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को साकार करते हुए विकसित और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करेंगे। प्रधानमंत्री ने परेड के बाद सड़क मार्ग से गुजरते हुए उपस्थित जनसमूह का अभिवादन स्वीकार किया।   इस अवसर पर सांसदों, विधायकों, मुख्य सचिव सहित उच्च अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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नई दिल्ली। देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 41वीं पुण्यतिथि पर शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।   तीनों वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी स्मृति स्थल पर इंदिरा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान राष्ट्र निर्माण में इंदिरा गांधी के योगदान को याद किया गया और उनके बलिदान को देश के इतिहास का अविस्मरणीय अध्याय बताया।    31 अक्तूबर 1984 को भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या उनके ही सुरक्षा कर्मियों द्वारा की गई थी।  

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हैदराबाद। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान व पूर्व सांसद अज़हरुद्दीन ने आज तेलंगाना की रेवंथ रेड्डी की सरकार के मंत्री पद की शपथ ली। राजभवन में एक समाराेह में राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने उन्हें पद व गाेपनीयता की शपथ दिलाई।   शपथ ग्रहण करने के बाद पत्रकाराें से बात करते हुए अज़हरुद्दीन ने कहा कि मंत्री बनने का अवसर पाकर वह बहुत खुश हैं। मेरे माता-पिता और परिवार के सदस्य मुझे मंत्री के रूप में देखकर बहुत खुश हैं। अज़हरुद्दीन ने कहा कि मंत्री बनने का अवसर देने के लिए मैं कांग्रेस आलाकमान, मुख्यमंत्री और राज्य के पार्टी नेताओं का आभारी हूं। शपथ ग्रहण समाराेह में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और अन्य मंत्री भी शामिल हुए।   क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद 19 फ़रवरी, 2009 को अजहरुद्दीन कांग्रेस पार्टी में शामिल हाे गए थे। उसी वर्ष वे उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद निर्वाचन क्षेत्र से सांसद चुने गए। वर्ष 2018 में अजहरुद्दीन को टीपीसीसी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।  अजहरुद्दीन ने वर्ष 2023 के चुनाव में जुबली हिल्स विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद तेलंगाना सरकार ने अजहरुद्दीन को राज्यपाल कोटे के तहत विधान परिषद का सदस्य (एमएलसी) के रूप में नामित किया था। अज़हरुद्दीन के मंत्री पद की शपथ लेने  के बाद अब उन्हें कौन सा विभाग दिया जाएगा, इस पर अटकलें लग रही हैं। अजहरुद्दीन के शामिल होने से अब रेवंथ रेड्डी के मंत्रिमंडल में कुल 16 सदस्य हो गए हैं। अभी दो और सदस्य शामिल हो सकते हैं।     हैदराबाद में 8 फ़रवरी, 1963 को जन्मे अज़हरुद्दीन अपने चाचा ज़ैनुल-अबुददीन से प्रेरित होकर क्रिकेट खेलना शुरू किया था। अज़हरुद्दीन ने एक क्रिकेटर के रूप में 1984 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। अज़हरुद्दीन ने अपने पहले तीन टेस्ट मैचों में शतक लगाकर सनसनी मचा दी थी। उन्होंने 1989 में भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान के रूप में कार्यभार संभाला। 16 साल के क्रिकेट करियर में उन्होंने 99 टेस्ट और 334 एकदिवसीय मैच खेले हैं।   

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पटना । बिहार के युवा दुनियाभर में अपना खून-पसीना बहाकर इंफ्रास्ट्रक्चर बनाते हैं, तो इस ऊर्जा और क्षमता का उपयोग बिहार को बनाने में क्यों नहीं किया जा सकता? बिहार की बदहाल स्थिति के लिए पिछले 20 वर्षों से शासन कर रही जदयू-भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। यह बातें लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार काे बिहार चुनाव प्रचार के दौरान नालंदा में आयोजित एक विशाल जनसभा में कही।    राहुल गांधी ने बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम का उल्लेख करते हुए कहा कि 1971 में अमेरिका ने अपनी नौसेना का सातवां बेड़ा भेजा था, लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने साफ कह दिया था कि वह डरती नहीं हैं। उन्होंने नालंदा के ऐतिहासिक महत्व को याद दिलाते हुए कहा कि एक समय नालंदा विश्वविद्यालय में विदेशों से लोग पढ़ने आते थे, लेकिन आज बिहार की पहचान पेपर लीक से जुड़ गई है। पिछले 20 सालों से भाजपा-जदयू ने बिहार के युवाओं से हर अवसर, हर उम्मीद छीन कर उन्हें या तो मजबूर बनाया है या मजदूर। जनसभा में उमड़े भारी जनसैलाब के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 20 साल के विकास के दावे पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि बिहार की स्थिति बदहाल है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार बिहार की सरकार नहीं चला रहे हैं, बल्कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह द्वारा उसे चलाया जा रहा है। मोदी जो बटन दबाते हैं, नीतीश वही चैनल चालू कर देते हैं।राहुल गांधी ने जनता को आगाह किया कि भाजपा-आरएसएस संविधान को खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वोट चोरी करके ही भाजपा हरियाणा और महाराष्ट्र का चुनाव जीती थी और अब उसी तरह बिहार में भी वोट चोरी की कोशिश करेगी, जिसे हर युवा को पोलिंग बूथ पर रोकना होगा। उन्होंने महागठबंधन के उम्मीदवारों को भारी मतों से जिताने की अपील करते हुए कहा कि उनकी सरकार बनने पर बिहार एक बार फिर शिक्षा और रोजगार का केंद्र बनेगा।

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पटना । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को छपरा के हवाई अड्डा मैदान में चुनावी सभा को संबोधित किया। उन्होंने भाषण की शुरुआत भोजपुरी में बोलकर की।   उन्होंने कहा कि मां गंगा, माँ अंबिका भवानी, बाबा हरिहरनाथ के पवित्र भूमि के हम प्रणाम करत बानी। डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद, जयप्रकाश नारायण, भिखारी ठाकुर के धरती पर रउरा सबके अभिनंदन करत बानी। वीर कुंवर सिंह के धरती महान बा।   प्रधानमंत्री ने कहा कि बनारसी बोलत-बोलत अब हमारा भोजपुरी में दिक्कत ना होला। काफी समझ में आ गैल बा. उन्होंने अपने भाषण में भोजपुरी के शेक्सपियर कहे जाने वाले भिखारी ठाकुर को भी याद किया। उन्होंने कहा कि सारण की मिट्टी में जादू है। यह आंदोलन, आस्था व कला की धरती है। भिखारी ठाकुर ने इस मिट्टी की महक पूरे दुनिया में फैलायी। समाज के संघर्ष को अपने गीतों में पिरोया। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा की गयी भोजपुरी की सेवा आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करेगी।   हाल ही में अपने त्रिनिदाद टोबेगो की यात्रा का संस्मरण सुनाते हुए उन्होंने बताया कि जब मैं वहां पहुंचा तब लोगों ने भोजपुरी के चौताल से मेरा स्वागत किया। पूरे विश्व में भोजपुरी का अलग ही सम्मान है। जब मैं यह देखता हूं तो गर्व की अनुभूति होती है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आज भोजपुरी क्षेत्र का विकास हो रहा है। उन्होंने बताया कि छपरा व आसपास के धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। हरिहरनाथ मंदिर कॉरिडोर के रूप में विकसित हो रहा है।जिससे पर्यटन आधारित रोजगार के अवसर मिलेंगे।   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राजद व कांग्रेस के नेताओ को राम मंदिर के निर्माण से दिक्कत है। यह लोग विदेश तो घूमते हैं। लेकिन अयोध्या में बने राम मंदिर को देखने की उनकी इच्छा नहीं होती। जो लोग आस्था का सम्मान नहीं करते। वह कभी विकास भी नहीं कर सकते।   जंगलराज का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि दो दशक पहले लोगों में डर व दहशत का माहौल था। आज एनडीए की सरकार में लोग खुशहाल हैं। प्रधानमंत्री ने मढौरा चीनी मिल का जिक्र करते हुए कहा कि जंगल राज के दौरान ही चीनी मिल बंद हो गयी. वहां बनने वाली मॉर्टन चॉकलेट पूरे देश में प्रसिद्ध थी। लेकिन आरजेडी व उनके सहयोगियों के कारण ही कल कारखाने बंद हो गये.   प्रधानमंत्री ने कहा कि मढौरा की औद्योगिक पहचान फिर से लौटेगी। एनडीए सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जंगलराज वाले शिकारी यहां के लोगों को गुमराह करने में लगे हैं। कांग्रेस व राजद ने अपना घोषणा पत्र नहीं बल्कि एक रेट लिस्ट जारी किया है। लालटेन व पंजे वाले बिहार और बिहारियों का अपमान करते हैं। हाल ही में छठ महापर्व को लेकर भी बिहार का अपमान किया गया। लेकिन इस पर राजद-कांग्रेस के नेताओं को सांप सूंघ जाता है। वह कुछ बोलते नहीं। महागठबंधन बिहार में वैसे लोगों को प्रचार के लिए बुला रही है। जो लोग अपने राज्यों में बिहारी का अपमान करते हैं।   उन्होंने पांच शब्दों कट्टा, क्रूरता, कटुता कुशासन और करप्शन को राजद और जंगलराज का पहचान बताया। उन्होंने कहा कि जहां कटुता होगी वहां सद्भावना और विकास नहीं हो सकता। जहां भ्रष्टाचार होगा वह सामाजिक न्याय नहीं मिल सकता। गरीब का हक लूट जाता है और केवल एक परिवार को ही लाभ मिलता है।   प्रधानमंत्री ने अपने सम्बोधन में छपरा की बेटी व चर्चित गायिका स्वाति मिश्रा का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के समय उनके द्वारा गया गीत मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जायेंगे राम आयेंगे काफी लोकप्रिय हुआ. सारण की इस बेटी ने अपने गीतों के माध्यम से सबको गौरवांवित करने का अवसर दिया. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भोजपुरी का विकास हम सब मिलकर करेंगे. यहां के युवाओं में काफी प्रतिभा है.   उन्होंने लोगों से अपील किया कि छठ पूजा में जो लोग घर गांव आए हैं उनको खास संदेश देना कि परिवार के साथ पर्व मनाने आए हैं तो 6 नवंबर को वोट देकर के ही वापस लौटें।   कार्यक्रम को लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी संबोधित किया और लोगों से एनडीए के सभी उम्मीदवारों को जिताने की अपील की. वहीं इस दौरान सारण के सांसद राजीव प्रताप रुड़ी, महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिगरिवाल, सारण के दसों विधानसभा क्षेत्रों के एनडीए उम्मीदवार उपस्थित थें।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन द्वारा कार्यक्रम से दो दिन पहले ही रूट चार्ट निर्धारित कर दिया गया था। जिसके अनुसार ही वाहनों का परिचालन हुआ. कई रूट में बड़े वाहनों के परिचालन पर रोक लगी थी। लोगों ने भी जिला प्रशासन द्वारा तय किये गये रूट चार्ट के अनुसार ही आवागमन किया। सभा स्थल से लेकर पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये थे। खासकर शहर के सभी प्रवेश मार्गों पर बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों की जांच की जा रही थी। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आम लोगों द्वारा भी पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग किया गया।

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मुंबई । महाराष्ट्र के मुंबई के पवई में 17 बच्चों को बंधक बनाने वाले रोहित आर्या की गुरुवार को पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई। पवई के रा (आरए) स्टूडियो के बाथरूम में जाकर जब पुलिस 17 बच्चों को बचाने का प्रयास कर रही थी, उसी समय रोहित आर्या ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर  दी थी। इसके बाद पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपित रोहित आर्या घायल हो गया। पुलिस ने तत्काल घायल रोहित आर्या को अंधेरी के सेवन हिल अस्पताल में पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने रोहित को मृत घोषित कर दिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मुंबई के पवई इलाके में स्थित रा स्टुडियो में आरोपित रोहित आर्या ने आज सुबह ही ऑडिशन के नाम पर 17 बच्चों को बुलाया था और सभी बच्चों को और दो अन्य लोगों को बंधक बना लिया था। दोपहर में जब बच्चे खाना खाने के लिए बाहर नहीं आए तो पालकों को शक हुआ। इसके बाद रोहित आर्या ने एक वीडियो जारी कर बच्चों को बंधक बनाए जाने की जानकारी सोशल मीडिया पर दी और चर्चा करने की मांग की। लेकिन पुलिस टीम मौके पर पहुंची और रा स्टुडियो के बाथरुम में बच्चों को छुड़ाने का प्रयास कर रही थी। इसी दौरान रोहित ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दिया था। पुलिस ने घटनास्थल से एक एयरगन बरामद की है। साथ ही घटनास्थल से बच्चों सहित 19 लोगों को सुरक्षित छुड़ा लिया और इन सभी का मेडिकल सेवन हिल अस्पताल में करवाया जा रहा है।

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अमरावती । आंध्र प्रदेश में चक्रवात मोंथा ने जमकर तबाही मचाई है। तेज हवाएं और भारी बारिश से कई जिलों में काफी नुकसान हुआ है। एसडीआरएफ, पुलिस और दमकल कर्मी बचाव व राहत कार्य में लगे हैं। तूफान से दो लोगों की मौत हुई है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने हेलीकॉप्टर से चक्रवात प्रभावित इलाकों का हवाई निरीक्षण किया। उन्होेंने पूरे राज्य के कई इलाकों में बाधित बिजली व्यवस्था बहाल करने, बंद सड़कों पर यातायात यथासंभव शुरू करने और पीड़ितों तक जरूरी सामान पहुंचाने के साथ नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं    मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार सुबह जिला कलेक्टरों, संबंधित अधिकारियों और मंत्रियों के साथ राज्य सचिवालय से वर्चुअली बातचीत की। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि चक्रवात से हुए नुकसान का आकलन जल्द तैयार किया जाए। उन्होंने अधिकारियों और मंत्रियों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में दौरा करने को कहा।  सचिवालय से जारी बयान के अनुसार मुख्यमंत्री चंद्रबाबू ने कहा कि चक्रवात से नुकसान को कम करने के लिए  हम सभी ने एक टीम की तरह काम किया। चक्रवात को रोका नहीं जा सकता.. एहतियाती उपायों से हम ज़्यादा नुकसान को रोकने में कामयाब रहे। उन्होंने कहा कि नुकसान के आकलन के बाद इसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार कोसौंपी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ, पुलिस और दमकल कर्मियों ने अच्छा काम किया। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू ने दावा किया है कि क्षतिग्रस्त बिजली व्यवस्था को बहाल करने के लिए सरकार ने दस हजार  लोगों को लगाया है। तूफ़ान के कारण दो की मौत हुई है। अगर मुसीबत में मदद के लिए सरकारी आदमी उपलब्ध होते हैं, तो इससे सरकार पर भरोसा बढ़ता है।   पुनर्वास केंद्रों में आए चक्रवात पीड़ितों को आर्थिक मदद देने आदेश चक्रवात मोंथा के पीड़ितों को राज्य सरकार की ओर से पुनर्वास केंद्रों में आए प्रत्येक पीड़ित को एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने के आदेश जारी किए हैं। पुनर्वास केंद्रों में आए पीड़ितों को अधिकतम तीन हजार रुपये दिए जाने की भी बात कही गई है। यह राशि पीड़ितों को पुनर्वास केंद्र से घर जाने से पहले दी जाएगी। आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष मुख्य सचिव साई प्रसाद ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं।   मुख्यमंत्री ने प्रभावित इलाकों का हवाई निरीक्षण आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने आज दोपहर बाद चक्रवात से प्रभावित इलाकों का हेलीकॉप्टर से हवाई निरीक्षण किया।  उन्होंने बापटला, पालनाडु, कृष्णा, एलुरु और डॉ. बीआर अंबेडकर कोनासीमा जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई निरीक्षण करने गए। मुख्यमंत्री कोनासीमा जिले के अल्लावरम मंडल के बंदरगाह का दौरा करेंगे। वे सड़क मार्ग से बारिश में डूबे खेतों का भी निरीक्षण करेंगे।      

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दरभंगा । बिहार चुनाव के बीच मंगलवार को अलीनगर विधानसभा की ऐतिहासिक धरती पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऐसी गर्जना की जिसने पूरे मिथिला को राजनीतिक जोश से भर दिया। विशाल भीड़ के बीच उन्होंने स्पष्ट कहा — “यह चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि मिथिला की संस्कृति, अस्मिता और राष्ट्रभक्ति की रक्षा का चुनाव है।”सभा स्थल पर ‘जय श्रीराम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों के बीच शाह ने अपने भाषण की शुरुआत मिथिला और माता सीता के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए की। उन्होंने कहा —मैं माता सीता की पवित्र भूमि पर आया हूं। यह धरती त्याग, मर्यादा और संस्कृति की प्रतीक है। अब इस भूमि से ही एक नई राजनीतिक संस्कृति का उदय होगा — जो निष्ठा, सेवा और सत्य पर आधारित होगी।”“मैथिली ठाकुर मिथिला की बेटी, नई राजनीति का प्रतीक”अमित शाह ने मंच से बीजेपी प्रत्याशी मैथिली ठाकुर की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा कि भाजपा ने परिवारवाद की राजनीति को तोड़ते हुए मिथिला की बेटी को जनप्रतिनिधित्व का अवसर दिया है। भाजपा ने 25 वर्षीय मैथिली ठाकुर को टिकट देकर यह साबित किया है कि अब राजनीति में परिवार नहीं, योग्यता और निष्ठा चलेगी। क्या लालू या कांग्रेस ऐसा कर सकते हैं? मिथिला की बेटी राजनीति में नए युग की पहचान बनेगी,” उन्होंने कहा। शाह ने आगे कहा कि मैथिली ठाकुर मिथिला की “संस्कृति और आस्था की सशक्त आवाज़” हैं। उन्होंने कहा कि “जब मैथिली ठाकुर विधानसभा में बोलेंगी, तो यह सिर्फ एक प्रतिनिधि की नहीं, बल्कि पूरी मिथिला की आवाज़ होगी।”एनडीनए विकास का नया अध्याय लिखा”गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विकासपरक नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि एनडीए रकार ने मिथिला के सम्मान और विकास दोनों की दिशा में अभूतपूर्व काम किया है। दरभंगा में एम्स का निर्माण मोदी जी की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मिथिला की पहचान को हमने संविधान में मान्यता दी — मैथिली भाषा को आठवीं अनुसूची में स्थान मिला और कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देकर उनके आदर्शों का सम्मान किया गया।”शाह ने कहा कि यह “दोहरा इंजन सरकार” ही है जिसने गरीबों को मुफ्त राशन, आवास और शौचालय जैसी योजनाओं का लाभ पहुंचाया।अमित शाह ने धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में मिथिला के लिए बड़ा वादा किया। उन्होंने कहा —“अब केंद्र सरकार ‘सीता सर्किट’ योजना के तहत दरभंगा, सीतामढ़ी, जनकपुर और अलीनगर को धार्मिक पर्यटन सर्किट से जोड़ेगी। सीता माता मंदिर का पुनरुद्धार होगा और मिथिला को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर लाया जाएगा।”विपक्ष पर तीखा हमलाअमित शाह ने महागठबंधन को निशाने पर लेते हुए कहा कि — “लालू-राबड़ी राज में बिहार अपराध, भ्रष्टाचार और जातिवाद की प्रयोगशाला बन गया था। आज मोदी जी के नेतृत्व में बिहार विकास और सुरक्षा की नई मिसाल पेश कर रहा है।” उन्होंने विपक्षी दलों पर व्यंग्य करते हुए कहा कि “महागठबंधन का घोषणापत्र जुमलों का पुलिंदा है, उन्हें जनता की नहीं, केवल अपने परिवार की चिंता है।”सभा में अभूतपूर्व भीड़, जनता में उत्साह चरम परअलीनगर की यह रैली एनडीए की अब तक की सबसे बड़ी सभाओं में से एक मानी गई। अनुमान है कि एक लाख से अधिक की भीड़ ने भाग लिया। मंच पर दरभंगा सांसद डॉ. गोपालजी ठाकुर, पूर्व मंत्री संजय झा, और अन्य एनडीए नेता मौजूद थे। शाह ने अंत में जनता से अपील करते हुए कहा — “यह चुनाव अलीनगर की सीट भर का नहीं, मिथिला की अस्मिता का चुनाव है। जब आप मैथिली ठाकुर को वोट देंगे, तो यह केवल एक उम्मीदवार की जीत नहीं होगी, यह मिथिला की संस्कृति और बिहार के स्वाभिमान की जीत होगी।”

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सियोल। अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज कहा कि अमेरिका और भारत शीघ्र ही बहुप्रतीक्षित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे।     अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के ग्योंगजू में आयोजित एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपीईसी) सीईओ शिखर सम्मेलन के दौरान यह बात कही। अमेरिका और भारत के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर जारी बातचीत के बीच उन्होंने  कहा, ‘‘अमेरिका, भारत के साथ व्यापार समझौता कर रहा है। दोनों देश बहुत अरसे से लंबित एक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। ’’   अमेरिकी राष्ट्रपति की यह टिप्पणी इस बात का संकेत है कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच समझौते के मसौदे को लेकर सहमति बन गयी है और अब जल्द ही इस पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। भारत और अमेरिका के बीच इस समझौते पर बातचीत महीनों से चल रही है, जिसमें यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध और भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गये  50 फीसदी आयात शुल्क को लेकर विवाद भी जुड़ा है। अमेरिका के इस 50 फीसदी शुल्क में रूसी कच्चे तेल की खरीद के लिए दंडस्वरूप लगाया गया अतिरिक्त 25 फीसदी शुल्क भी शामिल है।   ट्रंप की ये टिप्पणी ऐसे वक्‍त में आई है जब इस मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव कायम हैं। भारत ने अमेरिकी कार्रवाई को ‘‘अनुचित एवं अविवेकपूर्ण’’ करार दिया है। अमेरिका और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के लिए अब तक पांच दौर की वार्ता पूरी हो चुकी है। इससे पहले एक अधिकारी ने बताया था कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौता होने की कगार पर है। अधिकारी ने पिछले हफ्ते कहा था, ‘‘जहां तक सौदे का सवाल है, हम इसके काफी करीब हैं।’’ वहीं, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी पिछले हफ्ते ‘बर्लिन ग्लोबल डायलॉग’ में कहा था कि भारत कोई भी समझौता जल्दबाजी में या ‘‘किसी तरह के दबाव’’ में नहीं करेगा।

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नई दिल्ली । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को कहा कि जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया को प्रभावित कर रहा है। इस खतरे से निपटने के लिए तत्काल और ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। भारत जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए दृढ़ संकल्पित है। राष्ट्रपति मुर्मु ने आज नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन सभा (आईएसए) के आठवें सत्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि आईएसए समावेशिता, सम्मान और सामूहिक समृद्धि के स्रोत के रूप में सौर ऊर्जा का दोहन करने की मानवता की साझा आकांक्षा का प्रतीक है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि आईएसए सौर ऊर्जा को अपनाने और उपयोग को प्रोत्साहित करके इस वैश्विक चुनौती से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राष्ट्रपति ने कहा कि समावेशिता का विचार भारत की विकास यात्रा को परिभाषित करता है। सुदूर क्षेत्रों में घरों को रोशन करने का हमारा अनुभव हमारे इस विश्वास की पुष्टि करता है कि ऊर्जा समानता सामाजिक समानता का आधार है। उन्होंने कहा कि सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा तक पहुँच समुदायों को सशक्त बनाती है, स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देती है और ऐसे अवसर खोलती है जो बिजली आपूर्ति से कहीं आगे तक फैले हुए हैं।राष्ट्रपति ने सभी सदस्य देशों से बुनियादी ढाँचे से आगे बढ़कर लोगों के जीवन पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा केवल बिजली उत्पादन तक ही सीमित नहीं है बल्कि सशक्तिकरण और समावेशी विकास से भी जुड़ी है। राष्ट्रपति ने कहा कि हमें पूरे विश्व के लिए, वर्तमान पीढ़ी के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी अधिक समर्पण के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस सभा के विचार-विमर्श और निर्णय सौर ऊर्जा उत्पादन में मील का पत्थर साबित होंगे, जो एक समावेशी और समतामूलक विश्व के निर्माण में योगदान देगा।

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पटना । बिहार का यह चुनाव केवल विधानसभा की लड़ाई नहीं, बल्कि एक विचार की परीक्षा है। क्या भारत को स्थिर,निर्णायक और जिम्मेदार नेतृत्व चाहिए? दुनिया के बदलते हालातों के बीच बिहार की जनता इस सवाल का जवाब देने जा रही है। हो सकता है यह चुनाव नतीजों से ज्यादा, एक 'वैचारिक संदेश' के लिए याद किया जाए कि जब दुनिया उथल-पुथल में हो, तो भारत की जनता स्थिरता को चुनती है।   वरिष्ठ पत्रकार लवकुश मिश्रा की मानें, तो इस बार बिजली, सड़क, पानी मुद्दा नहीं है, शिक्षा-रोजगार-उद्योग मुद्दा जरूर है। बिहार के चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज भी एक विश्वास हैं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी ब्राण्ड हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के हालात तेजी से बदल रहे हैं। पश्चिम एशिया में युद्ध, रूस-यूक्रेन टकराव,एशिया में शक्ति संतुलन की नई बिसात और वैश्विक अर्थव्यवस्था की उठापटक जैसे माहौल में भारत एक उभरती शक्ति के रूप में नजर आ रहा है। यही कारण है कि देश के हर चुनाव में अब सवाल सिर्फ रोजगार,शिक्षा या सड़क तक सीमित नहीं, बल्कि कौन भारत को सुरक्षित और मजबूत रख सकता है? बिहार विधानसभा चुनाव में यह सवाल और गहराई से गूंज रहा है।   पत्रकार लवकुश मिश्रा ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत की भूमिका अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बढ़ी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जी—20 से लेकर संयुक्त राष्ट्र तक भारत को निर्णायक आवाज दी है। वहीं, अमेरिका, रूस और यूरोप के बीच संतुलन बनाना भी भारत की विदेश नीति की नई ताकत के रूप में देखा जा रहा है। इस माहौल में बिहार के मतदाता भी कह रहे हैं कि अब हमें सिर्फ स्थानीय नहीं, राष्ट्रीय सोच वाला नेतृत्व चाहिए।   मुजफ्फरपुर निवासी युवा मतदाता सुधीर कुमार गुप्ता कहते हैं कि दुनिया में जैसे हालात हैं, भारत को कमजोर सरकार नहीं चाहिए। मजबूत नेतृत्व ही देश को दिशा दे सकता है। बिहार को भी वैसा नेतृत्व चाहिए, जो देश के साथ कदम मिलाकर चले। उनके साथी रवि ने कहा कि रोजगार तो जरूरी है, लेकिन अगर देश कमजोर हुआ, तो सब बेकार। हमें ऐसा नेता चाहिए, जो भारत की ताकत बढ़ाए और बिहार को भी सुरक्षा और सम्मान दे। मतदाताओं के ऐसे विचार इस बात की ओर इशारा करते हैं कि बिहार की राजनीति में पहली बार वैश्विक घटनाओं का अप्रत्यक्ष असर दिख रहा है।   राजग का नारा : 'मजबूत भारत, सुरक्षित बिहार'   राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) इस बार चुनाव में मजबूत भारत, सुरक्षित बिहार को केंद्रीय थीम बना रहा है। भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रदीप दूबे कहते हैं कि दुनिया में जो उथल-पुथल है, उसमें भारत को स्थिर और निर्णायक सरकार की जरूरत है। बिहार के लोग जानते हैं कि मजबूत भारत तभी बनेगा, जब हर राज्य मजबूत होगा। भाजपा की रणनीति साफ है-राष्ट्रीय सुरक्षा, आत्मनिर्भर भारत और विकास के मुद्दों को स्थानीय स्तर पर जोड़कर मतदाताओं तक पहुंचाना।   युवाओं की अपेक्षा, अवसर और सुरक्षा दोनों   युवा मतदाता अमरेश कहते हैं कि अब चुनाव में सिर्फ जातीय समीकरण नहीं चलेगा। देश की स्थिति देखकर युवा सोचने लगा है कि कौन भारत को सही दिशा दे सकता है। वैश्विक दौर में जब भारत तकनीक, रक्षा और अर्थव्यवस्था में आगे बढ़ रहा है, तो बिहार को भी वही ऊर्जा चाहिए। हमें विकास की राजनीति चाहिए।   युवा पीढ़ी चाहती है कि भारत की ताकत सिर्फ बाहरी नहीं, आंतरिक भी हो। युवा मतदाता अमरेश कहते हैं कि हमें ऐसा नेतृत्व चाहिए जो रोजगार दे, लेकिन साथ ही देश का मान-सम्मान भी बचाए। ताकत सिर्फ सैन्य नहीं, आर्थिक भी होनी चाहिए।   मोदी फैक्टर अब भी निर्णायक   राजनीतिक विश्लेषक संतोष चौधरी का मानना है कि वैश्विक अस्थिरता के बीच प्रधानमंत्री मोदी की छवि निर्णायक नेता की बन चुकी है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर मोदी की छवि का असर घरेलू राजनीति पर पड़ रहा है। मतदाता अब सुरक्षा, स्थिरता और वैश्विक प्रतिष्ठा को भी वोट देने का कारण मानने लगे हैं। बिहार इसका अपवाद नहीं है।   गांवों में भी गूंज रहा है वैश्विक संदर्भ   जहां पहले गांवों में चर्चा होती थी-सड़क कब बनेगी? अब सवाल है, देश का भविष्य किसके हाथों में सुरक्षित रहेगा? रोहतास जनपद के रहने वाले चन्द्रमा तिवारी कहते हैं कि आज दुनिया में भारत का नाम है, लेकिन अगर राजनीति अस्थिर हुई, तो सब कुछ खतरे में पड़ जाएगा। हमें जातीय नेता या पार्टी नहीं, स्थिर सरकार चाहिए। इस तरह पहली बार बिहार की ग्रामीण राजनीति में विश्व राजनीति की परछाई दिख रही है।   मुद्दे पुराने, सोच नई   बिहार में बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे पारंपरिक मुद्दे अब भी मौजूद हैं, लेकिन मतदाता इस बार के चुनाव को राष्ट्र की स्थिरता से जोड़कर देख रहे हैं। मतदाता लल्ली तिवारी,चर्तुभुज चौधरी और संतोष ने कहा कि देश सुरक्षित रहेगा, तो राज्य भी आगे बढ़ेगा। इस बार यह भावना खासकर युवाओं और मध्यम वर्ग के मतदाताओं में खासा दिखाई दे रहा है।   महिलाएं भी इस बार निर्णायक   बिहार की शिक्षित महिला मतदाता भी कह रही हैं कि उन्हें सुरक्षा और सम्मान दोनों चाहिए। कोचस की शारदा देवी, बिन्दु और आकांक्षा देवी ने कहा कि अगर देश मजबूत होगा, तो महिलाओं की सुरक्षा भी बढ़ेगी। हमें स्थिर सरकार चाहिए जो कानून पर सख्त और समाज के प्रति संवेदनशील हो। महिलाओं के बीच यह भावना राजग के लिए सकारात्मक माहौल बना रही है।   जातीय गणित से आगे बढ़ रहा चुनाव   राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इस बार जातीय समीकरणों की भूमिका तो रहेगी, लेकिन निर्णायक नहीं। आरा के रहने वाले राजेंद्र तिवारी कहते हैं कि अब बिहार में जाति नहीं, नेतृत्व का भरोसा काम करेगा। मतदाता वैश्विक हालात समझ रहे हैं। वे ऐसे नेतृत्व को मौका देना चाहते हैं, जो न सिर्फ बिहार, बल्कि भारत को भी आगे ले जा सके।   अबकी बार भारत की मजबूती का संदेश देगा बिहार   राजनीतिक जानकार राजन पाण्डेय कहते हैं कि यह चुनाव सिर्फ सत्ता का नहीं, बल्कि नेतृत्व के भरोसे का भी है। मतदाता श्रीमोहन राय और सीताराम राय कहते हैं कि बिहार का मतदाता अब स्थानीय हितों से ऊपर सोच रहा है। यह संकेत है कि भारतीय लोकतंत्र परिपक्व हो रहा है। दुनिया में उथल-पुथल जितनी बढ़ेगी, भारत में स्थिरता की चाह उतनी ही मजबूत होगी।   महागठबंधन का जवाब : 'जनता के मुद्दे पहले'   दूसरी ओर महागठबंधन के नेता यह कहते नहीं थक रहे हैं कि मजबूत हाथों की बात सिर्फ भावनात्मक प्रचार है। राजद के एक प्रवक्ता का कहना है कि लोग पेट और रोजगार की चिंता में हैं। दुनिया की ताकतें भारत को देख रही हैं, लेकिन बिहार में युवा पलायन को मजबूर हैं। यहां हमें मजबूत अर्थव्यवस्था चाहिए, न कि सिर्फ नारों की मजबूती।

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चेन्नई । बंगाल की खाड़ी में चक्रवात 'मोंथा' एक अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान बन गया है। इस तूफान के आज (28 अक्तूबर) की शाम या रात में आंध्र प्रदेश के तट (काकीनाडा के पास, मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच) से टकराने की आशंका है, जिसकी गति 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, इसलिए तमिलनाडु के दो ज़िलों चेन्नई और तिरुवल्लूर में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। मौसम विभाग ने आज सुबह, 28 अक्टूबर, 2025 के अपने ताजा अपडेट में कहा है कि तूफान 'मोंथा' के कारण आंध्र प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कुछ अन्य राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई है। मौसम विभाग ने बताया है कि 'मोंथा' चक्रवात आज (मंगलवार को) सुबह एक अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफ़ान में तब्दील हो गया है। मौसम विभाग की ओर से यह घोषणा की गई है कि चक्रवात आज शाम या रात को आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच तट को पार करेगा। यह भी चेतावनी दी गई है कि तट पार करते समय हवा की गति 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग की ओर से बताया गया कि चक्रवात 'मोंथा' पिछले रविवार को बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे दक्षिण-पूर्व में बना था। कल तक, यह चेन्नई से 400 किलोमीटर पूर्व, आंध्र प्रदेश के काकीनाडा से 500 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व और पोर्ट ब्लेयर से 800 किलोमीटर पश्चिम में था। मोंथा चक्रवात 17 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश की ओर भी बढ़ रहा था। ऐसे में, भारतीय मौसम विभाग ने बताया है कि मोंढा चक्रवात आज सुबह एक अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफ़ान में तब्दील हो गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, 'मौंथा' चक्रवात जिस स्थान पर तट को पार करेगा, वह तमिलनाडु के पास है, इसलिए यह घोषणा की गई है कि न केवल आंध्र प्रदेश , बल्कि तमिलनाडु में भी भारी बारिश होगी। हालांकि, सोमवार की रात से ही तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम और समेत राज्य के अन्य जिलों में भारी बारिश हो रही है। 'मोंथा' का प्रभाव से आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, और झारखंड जैसे राज्यों में भी देखा जा रहा है। संभवतः बिहार के मौसम पर भी इसका असर पड़ेगा। मौसम विभाग ने कहा है कि आज दोपहर से तमिलनाडु के लगभग सभी जिलों में बारिश होगी और आंध्र प्रदेश से सटे तिरुवल्लूर, चेन्नई, कांचीपुरम, विल्लुपुरम, चेंगलपट्टू, वेल्लोर और रानीपेट सहित उत्तरी जिलों में भारी बारिश की संभावना है। एहतियात के तौर पर चेन्नई और तिरुवल्लूर में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। कांचीपुरम, रानीपेट और चेंगलपट्टू सहित कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, लेकिन अभी तक वहां के स्कूलों में छुट्टी घोषित नहीं की गई है। इसके अलावा, मछुआरों को तमिलनाडु के समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है। 'मोंथा' के कारण 60 ट्रेनें रद्दचक्रवाती तूफ़ान 'मोंथा' के तट की ओर बढ़ने के साथ ही पूरे आंध्र प्रदेश में भारी बारिश हो रही है। इसके चलते राज्य के 16 जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु सहित अन्य राज्यों से वहां से होकर गुजरने वाली 60 रेल गाड़ियों की सेवाएं रद्द कर दी गई हैं। दक्षिण रेलवे ने घोषणा की है कि 20 से ज़्यादा ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है। इसी तरह चेन्नई से विशाखापत्तनम सहित आंध्र प्रदेश के अन्य हिस्सों के लिए 12 उड़ानें भी रद्द कर दी गई हैं। भारी बारिश की संभावनामौसम विभाग ने कहा है कि आज शाम जब चक्रवात 'मोंथा' आंध्र प्रदेश से गुज़रेगा, तो चेन्नई, तिरुवल्लूर और कांचीपुरम जिलों में तेज़ गति से हवाएं चलेंगी। इसे

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चेन्नई । दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान 'मोंथा' तेजी से उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। पिछले छह घंटों में तूफान 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ा है। 'मोंथा' के मंगलवार (28 अक्तूबर) की सुबह तक एक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है और 27 से 30 अक्टूबर तक आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु में भारी बारिश होने की उम्मीद है। तमिलनाडु में आने वाले चक्रवाती तूफान 'मोंथा' को देखते हुए कई जिलों में स्कूल बंद करने की घोषणा की गई है। स्थानीय प्रशासन ने निचले और तटीय इलाकों में स्थित स्कूलों और कुछ कॉलेजों को अस्थायी छुट्टियां देने का फैसला किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 28 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, क्योंकि तूफान उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा है। 'मोंथा' के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु हाई अलर्ट पर है। आपदा प्रबंधन टीमें तैनात की गई हैं और मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सावधान रहने और तूफान के चरम समय में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। भारतीय मौसम विभाग, दक्षिणी क्षेत्र के प्रमुख डॉ. बी. अमुधा ने सोमवार को बताया कि बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात तूफान 'मोंथा' आंध्र प्रदेश के मसूलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच तट को पार कर सकता है। कल (मंगलवार) शाम मसूलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच काकीनाडा के पास एक भीषण चक्रवाती तूफ़ान का रूप लेकर तट को पार कर सकता है। इससे पहले, चेन्नई मौसम विभाग द्वारा जारी एक बयान में कहा गया था कि दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ा और मंगलवार रात यह एक चक्रवाती तूफ़ान "मोंथा" में बदल गया और दक्षिण-पश्चिम तथा उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में प्रबल हो गया। चक्रवाती तूफान "मोंथा" वर्तमान में बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य क्षेत्र में, चेन्नई से लगभग 520 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व, काकीनाडा से 570 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व, विशाखापत्तनम से 600 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व और पोर्ट ब्लेयर (अंडमान द्वीप समूह) से 850 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है। इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और कल (28 अक्टूबर) सुबह तक एक भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है। इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 28 तारीख की शाम या रात के समय काकीनाडा के पास मसूलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच आंध्र प्रदेश के तट पर दस्तक देने की संभावना है। उस समय, हवा की गति 90-100 किलोमीटर प्रति घंटा और कभी-कभी 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। भारी बारिश होने की संभावनाचक्रवाती तूफान 'मोंथा' की वजह से तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर गरज और बिजली के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। उत्तरी तमिलनाडु के तटीय और आसपास के जिलों तथा पुडुचेरी और कराईकल क्षेत्रों में एक-दो स्थानों पर 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे रफ्तार से तेज़ ज़मीनी हवाएं चलने की भी संभावना है। विशेष रूप से, चेन्नई, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, तिरुवल्लूर और रानीपेट जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है और कोयंबटूर, नीलगिरी, कुड्डालोर, विल्लुपुरम, तिरुवन्नामलाई, वेल्लोर जिलों और पुडुचेरी के पहाड़ी इलाकों में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।

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लखनऊ । आतंकी संगठन आईएसआईएस से जुड़े दोनों संदिग्ध आतंकी दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाकों में आत्मघाती हमला करने की योजना बना रहे थे, लेकिन उनके मंसूबों को फेल करते हुए उत्तर प्रदेश की एटीएस और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दोनों संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी से दिल्ली में दिवाली के दौरान संभावित बड़े धमाके की साजिश नाकाम हो गई। पुलिस ने अन्य संभावित सहयोगियों की तलाश तेज कर दी है।पुलिस महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) एलआर कुमार ने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि संदिग्ध आतंकी अदनान खान को 18 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के भोपाल से गिरफ्तार किया गया है,जबकि मोहम्मद अदनान की गिरफ्तारी 16 अक्टूबर को दिल्ली के सेक्टर-3 सादिक नगर से हुई है। ये दोनों आतंकी संगठन आईएसआईएस के संंबंधित विडियो देखकर इनकी विचारधारा से प्रभावित थे। ये लोग दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाके को टारगेट बनाकर भविष्य में हमला करने की योजना बना रहे थे।आईजी ने बताया कि भोपाल से गिरफ्तार अदनान अदनान खान के खिलाफ पहले से कई आपराधिक ​इतिहास है। 03 जून 2024 को एटीएस ने उसे वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे के आदेश देने वाले अतिरिक्त न्यायाधीश को धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 25 सितंबर को वह जमानत पर जेल से बाहर आ गया। इसके बाद भी वह कट्टर गतिविधियों में लिप्त रहा।अदनान खान मूल रूप से एटा (उत्तर प्रदेश) का निवासी है। उसके पिता सलीम खान दूरदर्शन में ड्राइवर हैं। 2023 में दिल्ली स्थानांतरण के कारण परिवार के साथ दिल्ली में जाकर सादिक नगर में रहने लगे। दोनों अभियुक्त फिलहाल स्पेशल सेल में पीसीआर वैन में रखे गए हैं। उनसे पूछताछ जारी है।  

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नई दिल्ली । चुनाव आयोग बिहार के बाद 12 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची को अपडेट करेगा। इससे जुड़ी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया आज रात से शुरु हो जाएगी। इनमें अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु शामिल हैं। इन राज्यों की कुल आबादी 51 करोड़ है। एसआईआर की प्रक्रिया कल से शुरु होगी और 7 फरवरी तक अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। आज रात से इन राज्यों की मतदाता सूची फ्रीज हो जाएगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को यहां के विज्ञान भवन में इस संबंध में एक पत्रकार वार्ता की। इस दौरान चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधु और विवेक जोशी भी उपस्थित रहे। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि कानून के तहत जरूरत पड़ने और चुनावों से पूर्व चुनाव आयोग मतदाता सूची को अपडेट कर सकता है। राजनीतिक दल भी मतदाता सूची को लेकर अलग-अलग तरह से मुद्दे उठाते रहते हैं। चुनाव आयोग एसआईआर के लिए कल से 3 नवंबर तक प्रिटिंग और प्रशिक्षण की प्रक्रिया पूरी कर लेगा। इसके बाद 4 नवंबर से अगले एक महीने तक सभी घरों में जाकर चुनावकर्मी फार्म वितरित करेंगे। नौ दिंसबर को चुनाव आयोग इन राज्यों की मसौदा सूची जारी करेगा। इसके बाद 1 महीने तक इस मौसूदा सूची से जुड़े दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद 9 जनवरी से एक महीने तक दावे सुने जाएंगे और जांच होगी। सात फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।  उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुसार देश में मतदाता बनने के लिए भारत का नागरिक होना, 18 साल से अधिक आयु का होना, किसी क्षेत्र का सामान्य रिहायशी होना और किसी अन्य कानून के तहत अयोग्य न घोषित व्यक्ति ही मतदाता बनने के लायक होता है।  उन्होंने कहा कि इतने सालों में मतदाता सूची में काफी बदलाव आए हैं। लोगों ने बहुत बड़ी संख्या में पलायन किया है। इसके चलते मतदाता एक से अधिक स्थान पर पंजीकृत हैं। कई मृत मतदाता भी मतदाता सूची में शामिल हैं और कई स्थानों पर गलत तरीके से विदेशियों को भी मतदाता सूची में शामिल किया गया है। उल्लेखनीय है कि एसआईआर की प्रक्रिया 1951 से 2004 तक आठ बार की जा चुकी है। आखरी बार फिर 2002 और 04 के बीच 21 साल पहले कराया गया था।

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात में सुरक्षा बलों में भारतीय नस्ल के श्वानों को अपनाने और प्रशिक्षित करने की सराहना की। उन्होंने बताया कि पांच वर्ष पहले उन्होंने देशवासियों और सुरक्षा बलों से भारतीय नस्ल के श्वानों को अपनाने का आग्रह किया था।   मन की बात के 127वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने बताया कि बीएसएफ और सीआरपीएफ ने अपने दस्तों में भारतीय नस्ल के श्वानों की संख्या बढ़ाई है। बीएसएफ का नेशनल ट्रेनिंग सेंटर ग्वालियर के टेकनपुर में है। यहां रामपुर हाउंड, मुधोल हाउंड और अन्य भारतीय नस्लों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन श्वानों के लिए प्रशिक्षण मैनुअल को भी संशोधित किया गया है ताकि उनकी विशेष क्षमताओं को उजागर किया जा सके।   प्रधानमंत्री ने कहा, “भारतीय नस्ल के श्वान अपने परिवेश और परिस्थितियों के अनुसार जल्दी ढल जाते हैं।”   उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ के बेंगलुरु स्थित डॉग ब्रीडिंग और ट्रेनिंग स्कूल में मोंग्रेल्स, मुधोल हाउंड, कोम्बाई और पांडिकोना जैसी भारतीय नस्लों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। पिछले वर्ष लखनऊ में आयोजित ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट में मुधोल हाउंड रिया ने विदेशी नस्लों को पीछे छोड़कर पहला पुरस्कार जीता था।  

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बारामूला । उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के रफियाबाद के डोगरीपोरा के वन क्षेत्र में तलाशी अभियान के दौरान सेना ने दो पुराने गोले बरामद किए। अधिकारियों ने बताया कि बाद में बम निरोधक दस्ते ने इन गोलों को सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया।   रक्षा सूत्रों के अनुसार, 32 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) के जवानों ने डोगरीपोरा वन क्षेत्र में नियमित तलाशी के दौरान दो संदिग्ध धातु की वस्तुओं का पता लगाया। घटनास्थल की तुरंत घेराबंदी की गई और बम निरोधक दल को विस्फोटकों की जाँच और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए बुलाया गया।   उचित तकनीकी मूल्यांकन और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के बाद बीडीएस दस्ते द्वारा नियंत्रित विस्फोट में दोनों गोलों को नष्ट कर दिया गया। ऑपरेशन बिना किसी नुकसान या चोट के सुचारू रूप से चला। बरामद गोले पुराने और जंग लगे हुए प्रतीत हो रहे थे।  

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चंडीगढ़ । पैसे कमाने की चाहत में डंकी रूट से अमेरिका गए हरियाणा के कैथल जिला के 14 युवकों को अमेरिका ने डिपोर्ट कर दिया है। कैथल पुलिस सभी युवाओं को लेकर रविवार को यहां पहुंची। पुलिस ने कई घंटे की जांच तथा कागजी कार्रवाई के बाद अमेरिका से लौटे युवाओं को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। सभी युवक ‘डंकी रूट’ के माध्यम से अमेरिका पहुंचे थे। इनमें से कुछ युवक कई-कई साल से अमेरिका में रह रहे थे, जबकि कुछ युवक कुछ महीने पहले ही वहां गए थे। इनमें से कुछेक को अमेरिका में पकड़े जाने के बाद डेढ़ साल तक जेल में रखा गया था। सभी युवाओं की उम्र 25 से 40 वर्ष के बीच है। इनमें ज्यादातर ऐसे हैं जिन्होंने विदेश जाकर पैसे कमाने के चक्कर में अपनी जमीन बेच दी तो किसी के परिवार ने जमीन गिरवीं रखकर पैसा उधार लिया। इसके बावजूद यह नौजवान अमेरिका में सेटल नहीं हो सके और ट्रंप सरकार ने डंकी रूट के आधार पर सभी को वापस भेज दिया है। कैथल के डीएसपी ललित यादव के अनुसार, रविवार को दिल्ली एयरपोर्ट से रिसीव करके सभी को कैथल पुलिस लाइन में लाया गया।डिपोर्ट किए गए युवकों में तारागढ़ निवासी नरेश कुमार, पीडल निवासी कर्ण, अग्रसेन कॉलोनी निवासी मुकेश, कैथल निवासी ऋतिक, जडोला निवासी सुखबीर सिंह, हाबड़ी निवासी अमित व दमनप्रीत, बुच्ची निवासी अभिषेक, बात्ता निवासी मोहित, पबनावा निवासी अशोक कुमार, सेरधा निवासी आशीष, सिसला निवासी प्रभात तथा ढांड निवासी सतनाम सिंह शामिल हैं। इनमें से कई युवक 5 से 7 साल तक अमेरिका में रह रहे थे, वहीं कुछ युवक हाल ही में गए थे और पकड़े जाने के बाद से जेल में बंद थे। बताया गया कि इन युवकों को दिल्ली लाने तक हाथ और पैरों में बेडिय़ां लगाई गई थीं।डीएसपी ललित यादव ने बताया कि सभी युवक डंकी रूट के माध्यम से अमेरिका में घुसे थे, जिसे अमेरिका की सरकार ने अवैध मानते हुए उन्हें वापस भेज दिया। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी युवक ने उन एजेंटों के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं करवाई है, जिन्होंने उन्हें गलत तरीके से विदेश भेजा था। यदि कोई शिकायत करता है तो पुलिस उसी अनुसार कार्रवाई करेगी। युवाओं ने कहा कि वे पहले परिवार से बातचीत करेंगे और उसके बाद ही आगे का निर्णय लेंगे।आपराधिक रिकार्ड मिलने पर एक युवक हिरासत मेंपुलिस ने अमेरिका से डिपोर्ट किए गए युवकों की जांच शुरू कर दी है। रविवार को जांच के दौरान तारागढ़ निवासी नरेश कुमार का आपराधिक रिकार्ड सामने आने पर उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया। जानकारी के अनुसार नरेश कुमार चेक बाउंस व एक्साइज एक्ट से संबंधित मामले में भगोड़ा चल रहा था। बाकी 13 युवकों का कोई भी आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया, उन्हें पूछताछ के बाद परिजनों के हवाले कर दिया गया।

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कोकराझार  । कोकराझार जिले में रेलवे लाइन पर पिछले दिनों आईईडी विस्फोट से जुड़ा माओवादी आज सुबह पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस अधीक्षक पुष्पराज सिंह ने संवाददाता सम्मेलन कर इसकी जानकारी दी।   बीते 23 अक्टूबर को तड़के कोकराझार रेलवे लाइन पर आईईडी विस्फोट से जुड़े उग्रवादी की तलाश में नादांगगुरी में पुलिस टीम ने छापेमारी की। छापेमारी के दौरान अचानक हुई मुठभेड़ में पुलिस ने रेलवे लाइन पर आईईडी विस्फोट से जुड़े एपिल मुर्मु उर्फ रोहित मुर्मु (40) को मार गिराया। मुठभेड़ स्थल से पिस्तौल, ग्रेनेड, वोटर कार्ड, झारखंड का आधारकार्ड बरामद किया गया। पुलिस का अभियान आज भी जारी है।   पुलिस अधीक्षक के मुताबिक एपिल मुर्मु उर्फ रोहित मुर्मु पहले झारखंड में एक बम विस्फोट की घटना में शामिल था। पिछले साल अक्टूबर में झारखंड की रेलवे लाइन पर बम विस्फोट कर वह असम भाग आया था। झारखंड में उसे रोहित मुर्मु के नाम से जाना जाता है और दूसरी ओर कोकराझार जिले के कचुगांव ग्राहमपुर निवासी के रूप में उसे एपिल मुर्मु के नाम से जाना जाता है। वह झारखंड और असम, दोनों राज्यों का निवासी था।   पहले वह नासला नामक उग्रवादी संगठन का सदस्य था। नासला के आत्मसमर्पण करने पर वह झारखंड भाग गया और वहां नासना समूह बनाकर संगठन का कमांडेंट बनकर अपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने लगा था। बाद में उसने माओवादी समूह के साथ संबंध बनाए। रोहित मुर्मु की तलाश में झारखंड से एक पुलिस दल असम आया था। साल 2015 से वह झारखंड में हिंसक गतिविधियों में लिप्त था।  

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नई दिल्ली । घरेलू सर्राफा बाजार में सोना और चांदी की कीमत में गिरावट का रुख लगातार जारी है। सोने की कीमत में आज लगातार छठे दिन गिरावट दर्ज की गई। आज के कारोबार में सोना 650 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 710 रुपये प्रति 10 ग्राम तक टूट गया है। वहीं, चांदी आज 4 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ता हो गया है।   कीमत में हुई इस कमी की वजह से देश के ज्यादातर सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोना आज 1,24,360 रुपये से लेकर 1,24,510 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह 22 कैरेट सोना आज 1,13,990 रुपये से लेकर 1,14,140 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। चांदी की कीमत में भी गिरावट आने के कारण ये चमकीली धातु दिल्ली सर्राफा बाजार में आज 1,54,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिक रही है। दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना 1,24,510 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 1,14,140 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,24,360 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,13,990 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 1,24,410 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,14,040 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।   इन प्रमुख शहरों के अलावा चेन्नई में 24 कैरेट सोना आज 1,24,360 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 1,13,990 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। कोलकाता में भी 24 कैरेट सोना 1,24,360 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,13,990 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 1,24,510 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 1,14,140 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,24,410 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,14,040 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,24,510 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,14,140 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।   देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी आज सोने की कीमत में गिरावट आई है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना 1,24,360 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 1,13,990 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।  

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बीजापुर । छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में में बीती रात नक्सलियों ने दाे ग्रामीणों की धारदार हथियार से हत्या कर दी। मृतकों की पहचान रवि कट्टम (25 वर्ष) और तिरुपति सोढ़ी (38 वर्ष) के रूप में हुई है। मृतक तिरुपति का भाई सीआरपीएफ में जवान है।   पुलिस ने आशंका जताई है कि नक्सलियों ने बदले की भावना से इस वारदात को अंजाम दिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही उसूर थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच के साथ ही पुलिस और सुरक्षा बलों ने आस-पास के क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रहे हैं। इस नक्सली हत्या की वारदात के बाद से इलाके में दहशत व्याप्त है।   बीजापुर के एएसपी चंद्रकांत गवर्णा ने शनिवार काे बताया कि उसूर थाना क्षेत्र अंतर्गत नेलाकांकेर गांव में शुक्रवार की रात नक्सली दोनों के घरों में घुसे और धारदार हथियारों से हमला करके उनकी हत्या कर वहां से भाग निकले। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद सुरक्षा बलों की गश्त और सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। उन्हाेंने कहा कि मामले की गहन जांच जारी है और दोषियों को पकड़ने के लिए हर संभव कदम उठाया जा रहा है। बताया गया कि तिरुपति सोढ़ी 8वीं पास था और पेशे से किसान था जबकि कट्टम रवि 12 वीं पास था। दोनों का आवापल्ली, बीजापुर मुख्यालय आना जाना होता था। इसलिए मुखबिरी के शक में नक्सलियों ने उनकी हत्या की है। विगत एक महीने में नक्सली सात ग्रामीणों की हत्या कर चुके हैं।   नक्सलियों ने बस्तर संभाग में अक्टूबर महीने में पांच ग्रामीणों को मौत के घाट उतारा है। चार अक्टूबर काे नक्सलियों ने सुकमा और बीजापुर जिलों में दो ग्रामीणों की हत्या की थी। इससे पहले सुकमा में दो और बीजापुर में एक ग्रामीण को मौत के घाट उतार दिया था। इससे पहले 28 सितंबर को बीजापुर में नक्सलियों ने एक युवक 27 साल का सुरेश कोरसा मनकेली पटेलपारा निवासी की हत्या कर दी थी। नक्सलियों ने सुरेश कोरसा काे अगवा कर मार डाला था। राज्य गठन के बाद से 25 सालों में बस्तर संभाग के अलग-अलग जिलों में नक्सलियाें ने 1820 से ज्यादा लोगों की हत्या कर चुके हैं।

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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए आईएसआईएस से जुड़े एक इंटरस्टेट मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। दिल्ली और मध्य प्रदेश के भोपाल में एक साथ हुई छापेमारी में दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह मॉड्यूल आगामी त्योहारों के दौरान दिल्ली में भीड़भाड़ वाले इलाकों में आतंकी हमला करने की योजना बना रहा था। पुलिस मुख्यालय में शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में स्पेशल सेल के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद सिंह कुशवाहा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों की पहचान सादिक नगर, दिल्ली निवासीमोहम्मद अदनान खान उर्फ अबू मुहरिब (19) और करोंद, भोपाल निवासी अदनान खान उर्फ अबू मोहम्मद (20) के रूप में हुई है। यह कार्रवाई स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त अमित कौशिक की देखरेख में की।  उन्होंने बताया कि दिल्ली निवासी मोहम्मद अदनान ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने आईएसआईएस के मौजूदा खलीफा अबू हफ्स अल-हाशिमी अल-कुरैशी के प्रति बैयत (निष्ठा की शपथ) ली थी। यह शपथ उसने सीरिया स्थित आईएसआईएस हैंडलर अबू इब्राहिम अल-कुरैशी के निर्देश पर ली थी और इसका वीडियो आईएसआईएस की पोशाक में रिकॉर्ड कर भेजा गया था। दोनों आरोपित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कट्टरपंथी वीडियो एडिट कर युवाओं को बरगलाने और भर्ती करने का काम करते थे। ये लोग इंस्ट्राग्राम और यूट्यूब पर कई बार बैन होने के बावजूद नए चैनल बनाकर कटरपंथी सामग्री फैलाते रहे है।जांच में सामने आया कि दोनों आरोपित न केवल ऑनलाइन प्रचार-प्रसार कर रहे थे, बल्कि अब इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बनाने की दिशा में सक्रिय थे। उनके पास से टाइमर क्लॉक, आईएसआईएस का झंडा, आईईडी बनाने की मैनुअल, पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क, लैपटॉप और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद हुई है। स्पेशल सेल की समय रहते कार्रवाई से दिल्ली में त्योहारों के दौरान संभावित आतंकी हमले की साजिश नाकाम हुई है।अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि भोपाल निवासी अदनान खान के पिता सलाम कई प्राइवेट फर्मों में अकाउंटेंट का काम करते हैं और उनकी मां पार्ट-टाइम एक्ट्रेस हैं। आरोपित ने भोपाल से 12वीं कक्षा पढ़ाई पूरी की और अभी भोपाल के ईदगाह में एक व्यक्ति की मेंटरशिप में चार्टर्ड अकाउंटेंसी कर रहा है। आरोपित ने 6 से 10 साल की उम्र के बीच मदरसा में पढ़ाई की। आरोपित को 2024 में यूपी एटीएस ने यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया था। उसने उस समय सोशल मीडिया पर एक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश को धमकी भरी पोस्ट डाली थी, जब न्यायालय ने ज्ञानवापी मामले में वीडियोग्राफिक सर्वे का आदेश दिया था। जमानत मिलने के बाद वह दोबारा ऑनलाइन कट्टरपंथी गतिविधियों में शामिल हो गया था।दिल्ली का मोहम्मद अदनान खान मूल रूप से एटा (उप्र) का रहने वाला है। उसके पिता दूरदर्शन में ड्राइवर हैं और उसकी मां अंजुम खान हाउस वाइफ हैं। उसकी तीन बड़ी बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। उसने एटा में पढ़ाई की और 10वीं क्लास पूरी की। 2022 में पिता के ट्रांसफर के बाद परिवार दिल्ली शिफ्ट हो गया। मोहम्मद अदनान ने दिल्ली में फिर से पढ़ाई शुरू करने की कोशिश की लेकिन परीक्षा पास नहीं कर पाया। बाद में उसने 2025 में डेटा इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा किया। दिल्ली आने के बाद वह सोशल मीडिया पर आईएसआईएस समर्थक पेजों से जुड़ गया और कट्टरपंथी विचारधारा की तरफ झुक गया।अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के अनुसार विग 16 अक्टूबर को दिल्ली के सादिक नगर में छापेमारी के दौरान स्पेशल सेल ने मोहम्मद अदनान को दबोचा। पूछताछ में उसने भोपाल के साथी अदनान का नाम बताया। इसके बाद 18 अक्टूबर को भोपाल एटीएस की मदद से करोंद इलाके से अदनान खान को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपितों ने पूछताछ में यह कबूल किया कि वे सीरिया स्थित आईएसआईएस हैंडलर के संपर्क में थे और भारत में युवाओं को आतंक के रास्ते पर ले जाने का अभियान चला रहे थे।

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करनूल । आंध्र प्रदेश में कुरनूल के बाहरी इलाके चिन्नाटकुरु में एक चलती बस में आग लगने से एक बाइक  सवार सहित 20 लाेगाें की माैत हाे गई है। हादसे में 13 लाेग झुलस गए हैं। हादसे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी ने शाेक जताया और  मृतकाें के परिजनाें काे प्रधानमंत्री राहत काेष से दाे-दाे लाख रुपये का मुआवजा देने की बात कही है। राज्य के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू  नायडू ने घटना की जांच के आदेश दिए है।  तेलंगाना सरकार ने दुर्घटना में मारे गए अपने राज्य के नागरिकाें काे पांच-पांच रुपये  का मुआवजा देने की घाेषणा की है।   शुक्रवार सुबह 3:30 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर कुरनूल जिले के चिन्नाटकुरु में उल्लिंडकोंडा चौराहे पर एक बाइक से टकराने के  बाद हैदराबाद से बेंगलुरु जा रही वेमुरी कावेरी ट्रैवल्स की बस में आग लग गई। बस में 40 यात्री सवार हाेने की बात सामने आई है।आग लगने के बाद 12 यात्री किसी तरह कूद कर अपनी जान बचाने में सफल हाे गए।हादसे में बाइकसवार और अन्य 19 बस  यात्री आग में जिंदा जल गए। अस्पताल से 13 झुलसे लोगों डिस्चार्ज कर दिया गया है1 हादसे में बस चालक और परिचालक बच गए हैं। कुरनूल बस दुर्घटना की जानकारी मिलने पर विदेश से ही आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने मंत्री मंडीपल्ली रामप्रसाद रेड्डी और अधिकारियों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक की। उन्होंने मृतकों की पहचान करने और परिवारों को तत्काल सहायता प्रदान करने के आदेश दिए। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी जिलाें में निजी बसों की फिटनेस, सुरक्षा और परमिट जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दुर्घटना का कारण लापरवाही पाई गई तो ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दुर्घटना में शामिल निजी बस के पंजीकरण, फिटनेस और परमिट की पूरी रिपोर्ट मांगी है। पुलिस जांच कर रही है।   इसी बीच तेलंगाना सरकार ने आंध्र प्रदेश के कुरनूल के बाहरी इलाके में हुई बस दुर्घटना के पीड़ितों के परिवारों के लिए मुआवज़े की घोषणा की है। दुर्घटना में मारे गए तेलंगाना के नागरिकों के परिवारों को 5 लाख रुपये और घायलों को 2 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है। मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने कहा कि घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी।बस अग्नि हादसे की सूचना पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी ने दुख व्यक्त किया। पीएमओ से जारी एक बयान में कहा गया कि आंध्र प्रदेश के करनूल में हुए भीषण सड़क हादसे पर प्रधानमंत्री काे गहरे सदमे में डाल दिया है। इस दुखद घड़ी में उनकी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। उन्हाेंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिवारों को दाे-दाे लाख रुपये और घायलों को 50-50 हज़ार रुपये की सहायता राशि देने की घाेषण भी की है।   इस बीच करनूल के जिलाधीश ने अपने आधिकारिक बयान में बस से 20 यात्रियों के शव निकलने की पुष्टि की है। उन्हाेंने कहा कि  फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम के बाद ही शव उनके परिजनों को सौंपे जाएंगे। उन्होंने कहा कि मृतकाें की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट भी करवाया जाएगा। हादसे की जानकारी के लिए करनूल और गद्यवाल जिले कंट्रोल रूम स्थापित किए गए ताकि बस यात्रियाें के परिजनों को अधिक जानकारी दी जा सके।  

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पटना । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की तरफ से चुनाव अभियान की शुरुआत करते हुए समस्तीपुर के कर्पूरी ग्राम पहुंचे और भारत रत्न स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर को पुष्पांजलि अर्पित की। समस्तीपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार में एकबार फिर एनडीए की मजबूत सरकार का दावा करते हुए कहा कि जब नीयत साफ हो, नीतियां देशहित में हों तो जनता आशीर्वाद देती है।   तेजस्वी और लालू यादव पर हमला करते प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब बिहार वापस से जंगलराज की तरफ जाने वाला नहीं है। यह साल 2005 का अक्टूबर महीना ही था, जब बिहार ने जंगलराज से मुक्ति पाई थी। नीतीश कुमार के नेतृत्व में सुशासन शुरू हुआ था। 10 साल कांग्रेस-राजद केंद्र सरकार में थी, तब कई रोड़े अटकाए। यहां कोई काम नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार को मुश्किल से निकाला। अब बिहार नये दौर में है। कोई कोना नहीं जहां विकास का काम नहीं हो रहा, कहीं जाएं, हर जगह विकास का काम हो रहा है। बिजली, पानी गैस सब पर काम हो रहा, ये समृद्धि का काम है। इससे सबको रोजगार का मौका मिलता है।   मोदी ने जनसभा में कहा कि 11 साल में हमने देखा है। एक-एक राज्य में जनता ने एनडीए को मौका दिया है। अभी महाराष्ट्र में देखिए पहले से कहीं अधिक जनादेश देकर एनडीए की सरकार बनाई। हरियाणा में देखा, पहले से अधिक सीट मिली। यही गुजरात में दिखा, उत्तराखंड में दिखा, फिर से बहुमत मिला। गुजरात के सारे रिकार्ड टूट गए। यूपी और उत्तराखंड में फिर से मौका मिला। ये उदाहरण बताते हैं कि एनडीए मतलब विकास की गारंटी। आपका उत्साह देखकर लग रहा कि बिहार में नीतीश बाबू के नेतृत्व एनडीए जीत के सारे रिकार्ड तोड़ देगी।   प्रधानमंत्री मोदी ने मिथिला भाषा में अपने भाषण की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि त्योहार के बीच इतनी भीड़ का आना बड़ी बात है। उन्होंने सभा में आए सभी लोगों का धन्यवाद किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां आने से पहले वह कर्पूरी ग्राम गए। वहां भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर को नमन करने का अवसर मिला। हम जैसे पिछड़े और गरीब परिवारों से निकले लोग इस मंच पर खड़े हैं, आजाद भारत में सामाजिक न्याय लाने में कर्पूरी ठाकुर की भूमिका बहुत बड़ी रही है। वे मां भारती के अनमोल रत्न थे। हमारी सरकार को उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने का सौभाग्य मिला।   मोदी ने कहा कि मुफ्त इलाज, नल का जल, हर प्रकार की सुविधा एनडीए सरकार दे रही है। सामाजिक न्याय के दिखाए रास्ते को एनडीए ने सुशासन का आधार बनाया है। हमने सबके हितों को प्राथमिकता दी है। एनडीए ने ही अनुसूचित जाति-जनजाति के आरक्षण को आगे बढ़ाया है। डाक्टरी की पढ़ाई के लिए गरीबों को, पिछड़ों को आरक्षण नहीं था, एनडीए सरकार ने ये प्रावधान किया। हमारी सरकार ने ओबीसी को प्राथमिकता दी। कर्पूरी बाबू मातृभाषा में पढ़ाई के बहुत बड़े हिमायती थे। स्थानीय भाषा में पढ़ाई पर बल दिया। अब वंचित का बेटा भी अपनी भाषा में पढ़ सकता है। उनकी प्रेरणा से समृद्धि ला रहे हैं। दूसरी तरफ विपक्षी क्या कह रहे हैं, आपको ज्यादा पता है। हजारों करोड़ों के घोटाले में जमानत पर हैं। जो जमानत पर हैं वे जननायक की उपाधि भी चोरी कर रहे, इसे हम नहीं सहेंगे।   

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केदारनाथ (उत्तराखंड) ।श्री केदारनाथ धाम के कपाट आज प्रातः 8ः30 बजे पूर्ण वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना एवं धार्मिक परम्पराओं के अनुसार शीतकाल के लिए बंद हो गए। कपाट बंद होने की प्रक्रिया प्रातः चार बजे विशेष पूजा-अर्चना के साथ प्रारम्भ हुई।   इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन, पुलिस अधीक्षक अक्षय कोंडे, मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीकेटीसी विजय थपलियाल और तीर्थ पुरोहितगण के अलावा श्रद्धालुगण मौजूद रहे।   कपाट बंद होने बाद बाबा केदारनाथ की डोली ने ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान किया है। डोली का प्रथम पड़ाव रामपुर में होगा। कल डोली गुप्तकाशी पहुंचेगी। 25 अक्टूबर को डोली अपने गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंच जाएगी।

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नई दिल्ली । सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा है कि राजस्थान पुलिस और आईबी ने उनका पीछा किया। इसके साथ ही गीतांजलि ने कहा है कि उनपर दिल्ली में भी नजर रखी गई।गीतांजलि ने कहा है कि जब वे जोधपुर जेल में अपने पति से मिलने गई थीं तो उन पर नजदीक से नजर रखी जा रही थी। उनका कहना है कि जब वे पति से मिलने के लिए ।7 और 11 अक्टूबर को जोधपुर पहुंचीं तो एयरपोर्ट पर उतरते ही उन्हें पुलिस के वाहन पर बैठा लिया गया। उनसे हर बार अपनी यात्रा से पहले यात्रा का पूरा विवरण अघिकारियों से साझा करने को कहा गया। यहां तक कि जब वे अपने पति से मुलाकात कर रही थीं उस समय भी मंगलेश नामक डीसीपी और एक महिला कांस्टेबल उनकी बातें सुन कर उन्हें नोट कर रहे थे। हलफनामे में कहा गया है कि जोधपुर में गीतांजलि को किसी से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। ऐसा करना संविधान में प्रदत्त अधिकारों का खुला उल्लंघन है।केंद्र सरकार ने 15 अक्टूबर को कहा था कि सोनम वांगचुक को उनकी गिरफ्तारी की वजह बता दी गई है। जिसके बाद गीतांजलि की ओर से पेश कपिल सिब्बल ने कहा था कि गिरफ्तारी की वजह बताने वाले बिंदुओं को चुनौती देने के लिए याचिका में संशोधन करने की जरूरत है। सिब्बल ने कहा था कि सोनम वांगचुक ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देने के लिए कुछ नोट्स तैयार किए हैं लेकिन वो नोट्स सोनम वांगचुक की पत्नी को शेयर नहीं करने दिया जा रहा है। उसके बाद कोर्ट ने सोनम वांगचुक की ओर से तैयार नोट्स उनके वकील के जरिये सोनम की पत्नी को शेयर करने का आदेश दिया था।कपिल सिब्बल ने 6 अक्टूबर को कहा था कि हिरासत गलत है, हम इसका विरोध करते हैं। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि सोनम वांगचुक को गिरफ्तारी की वजह की प्रति उपलब्ध करा दी गई है।याचिका में सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को चुनौती दी गई है। सोनम वांगचुक को 26 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था और वे राजस्थान के जोधपुर जेल में बंद हैं। गीतांजलि ने अपने पति को रिहा करने की मांग करते हुए याचिका में कहा कि सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के एक हफ्ते के बाद भी उनके स्वास्थ्य के बारे में उन्हें कोई सूचना नहीं है।   सोनम वांगचुक लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। इस दौरान लद्दाख में हुई हिंसा के बाद गोलीबारी में 4 लोगों की मौत हो गई थी।  

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नई दिल्ली । घरेलू सर्राफा बाजार में भाई दूज के दिन भी गिरावट का रुख बना हुआ है। सोने की कीमत में आज लगातार चौथे दिन गिरावट दर्ज की गई है। आज के कारोबार में सोना 4,300 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 4,690 रुपये प्रति 10 ग्राम तक टूट गया है। वहीं, चांदी आज 4 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ता हो गया है। कीमत में हुई इस कमी की वजह से देश के ज्यादातर सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोना आज 1,25,880 रुपये से लेकर 1,26,030 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह 22 कैरेट सोना आज 1,15,390 रुपये से लेकर 1,15,540 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। चांदी की कीमत में बड़ी गिरावट के कारण ये चमकीली धातु दिल्ली सर्राफा बाजार में आज 1,59,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिक रही है। दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना 1,26,030 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 1,15,540 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,25,880 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,15,390 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 1,25,930 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,15,440 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।   इन प्रमुख शहरों के अलावा चेन्नई में 24 कैरेट सोना आज 1,25,880 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 1,15,390 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। कोलकाता में भी 24 कैरेट सोना 1,25,880 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,15,390 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 1,26,030 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 1,15,540 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,25,930 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,15,440 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,26,030 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,15,540 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी आज सोने की कीमत में गिरावट आई है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना 1,25,880 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 1,15,390 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।  

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नई दिल्ली। ओलंपिक पदक विजेता भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की उपस्थिति में भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद उपाधि प्रदान की गई। लेफ्टिनेंट कर्नल (मानद) नीरज चोपड़ा और उनके परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत करते हुए रक्षा मंत्री ने उन्हें दृढ़ता, देशभक्ति और उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने की भारतीय भावना का प्रतीक बताया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने​ बुधवार को साउथ ब्लॉक में पिपिंग समारोह के दौरान स्टार भाला फेंक खिलाड़ी और दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा को प्रादेशिक सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के मानद पद का चमचमाता प्रतीक चिह्न औपचारिक रूप से प्रदान किया। राजनाथ सिंह ने कहा​ कि नीरज चोपड़ा अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रीय गौरव के सर्वोच्च आदर्शों के प्रतीक हैं। ​वह खेल जगत​ के साथ ही सशस्त्र बलों के लिए ​भी प्रेरणास्रोत हैं। इस अवसर पर थल सेनाध्यक्ष जनरल द्विवेदी और भारतीय सेना एवं प्रादेशिक सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।   हरियाणा के पानीपत जिले के खंडरा ​गांव में 24 दिसंबर​ 1997 को​ जन्मे​ नीरज चोपड़ा​ ने अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स में अपनी उल्लेखनीय उपलब्धियों के माध्यम से राष्ट्र और सशस्त्र बलों को गौरवान्वित किया है।​ उन्होंने 2016 में भारतीय सेना में भर्ती ​होकर राजपूताना राइफल्स में सेवा की है। इस स्टार भाला फेंक खिलाड़ी ने 2020 के टोक्यो ओलंपिक में ट्रैक एंड फील्ड में ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बनकर इतिहास रच दिया। उन्होंने 2024 के पेरिस ओलंपिक में रजत पदक और 2023 की विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखा। उन्होंने एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और डायमंड लीग स्पर्धाओं में भी कई स्वर्ण पदक जीते हैं। 90.23 मीटर (2025) का उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो भारतीय खेल इतिहास में एक मील का पत्थर है। राष्ट्र के प्रति उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों और अनुकरणीय सेवा के सम्मान में लेफ्टिनेंट कर्नल (मानद) नीरज चोपड़ा को​ इसी साल 16 अप्रैल को राष्ट्रपति द्रौपदी​ मुर्मु ने प्रादेशिक सेना में मानद कमीशन प्रदान किया​ था। इससे पहले उन्हें पद्मश्री, मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार, अर्जुन पुरस्कार, परम विशिष्ट सेवा पदक और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया ​जा चुका है।

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नई दिल्ली । घरेलू सर्राफा बाजार में सोने की कीमत में आज लगातार तीसरे दिन मामूली गिरावट दर्ज की गई है। कीमत में हुई इस कमी की वजह से देश के ज्यादातर सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोना आज 1,30,570 रुपये से लेकर 1,30,720 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह 22 कैरेट सोना आज भी 1,19,690 रुपये से लेकर 1,19,840 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना 1,30,720 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 1,19,840 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,30,570 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,19,690 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 1,30,620 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,19,740 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।   इन प्रमुख शहरों के अलावा चेन्नई में 24 कैरेट सोना आज 1,30,570 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 1,19,690 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। कोलकाता में भी 24 कैरेट सोना 1,30,570 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,19,690 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 1,30,720 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 1,19,840 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,30,620 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,19,740 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,30,720 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,19,840 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी आज सोने की कीमत में मामूली गिरावट आई है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना 1,30,570 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 1,19,690 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

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आगरा । मथुरा में वृंदावन रोड व आझही स्टेशन के बीच मंगलवार रात मालगाड़ी के बारह डिब्बे पटरी से उतर जाने के बाद रेलवे ट्रैक की अप एंड डाउन की लगभग सभी लाइनों पर रेल यातायात ठप हो गया। इसकी वजह से कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा या ट्रेनों के मार्ग परिवर्तित किए गए। कई ट्रेनों को मथुरा पहुंचने से पहले ही आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर रोक लिया गया। मथुरा रेल हादसे के बाद आगरा-दिल्ली रेल मार्ग की कई गाड़ियों को निरस्त कर दिया गया है और कई का मार्ग बदला गया है। शताब्दी, वंदे भारत समेत कई ट्रेनें निरस्त करने से यात्रियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रुट बदलने के बाद यात्रा में कई घंटे का इजाफा हुआ है जो यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बना है। दुर्घटना स्थल पर अप एंड डाउन की तीन लाइन अभी काफी हद तक प्रभावित है। चौथी लाइन को साफ किया जा रहा है जिस पर आंशिक रूप से संचालन शुरू हुआ है।आगरा रेल मंडल की जनसंपर्क अधिकारी प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि यह दुर्घटना आगरा रेल मंडल के पलवल मथुरा खंड के अंतर्गत वृंदावन एवं आझई स्टेशनो के बीच में हुई है। आगरा से राहत एवं बचाव ट्रेन को रवाना कर दिया गया। आगरा से ट्रेन के साथ भेजी गई टीम में कई अधिकारी कर्मचारी मौजूद है। दुर्घटना के बाद कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है तथा कई ट्रेनों के मार्ग भी बदले गए हैं जिसमें प्रमुख रूप से 64958 पलवल आगरा कैंट मेमू, 64955 आगरा कैंट टूंडला मेमू, 22470-22469 खजुराहो वंदे भारत, 12002-12001 शताब्दी एक्सप्रेस, 12280-12279 ताज एक्सप्रेस, 20452-20451 सोगारिया इंटरसिटी सुपरफास्ट एक्सप्रेस और 12050-12049 गतिमान एक्सप्रेस को रद्द कर दिया गया है। वहीं, 12486 हजूर साहिब एक्सप्रेस, 12472 स्वराज एक्सप्रेस, 20156 नई दिल्ली अंबेडकर नगर एक्सप्रेस, 12172 हरिद्वार मुंबई एक्सप्रेस, 22408 हजरत निजामुद्दीन अंबिकापुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस, 22210 दूरंतो एक्सप्रेस, 12722 दक्षिण सुपरफास्ट एक्सप्रेस, 01494 पुणे सुपरफास्ट के मार्ग के परिवर्तन किया है। इसके साथ ही कई ट्रेनों को आंशिक निरस्त भी किया गया है।   ट्रैक बाधित होने की वजह से कई ट्रेनों को छाता, धौलपुर, आगरा कैंट व अन्य स्टेशनों पर रोक दिया गया। वहीं, उत्तर मध्य रेलवे ने पश्चिम रेलवे और पश्चिम मध्य रेलवे की ओर जाने वाली ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन कर दिया है। रेवाड़ी, अलवर, जयपुर, सवाई माधोपुर, कोटा और बीना जाने वाली ट्रेन गाजियाबाद, मितावली, आगरा कैंट और बीना मार्ग से डायवर्ट करने की योजना बनाई गयी है।   मालगाड़ी दुर्घटना के कारण जनहानि तो नहीं हुई लेकिन दीपावली पर्व के कारण घर जाने और लौटने वाले यात्रियों की संख्या बहुत ज्यादा है। रुट परिवर्तन और गाड़ियों के कैंसिल होने की वजह से यात्रियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे ने यात्रियों से धैर्य रखने की अपील की है।  

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नई दिल्ली । लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में आज ही के दिन चीनी सैनिकों के हमले में 10 बहादुर पुलिसकर्मियों की शहादत की याद में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करके बलिदानियों को याद किया। उन्होंने कहा कि सेना भारत की भौगोलिक अखंडता की रक्षा करती है, तो पुलिस भारत की सामाजिक अखंडता की रक्षा करती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश से नक्सलवाद की समस्या अगले साल मार्च तक समाप्त हो जाएगी।   राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि आज पुलिस को न केवल अपराध से, बल्कि धारणा से भी लड़ना है। यह अच्छी बात है कि हमारी पुलिस अपने आधिकारिक कर्तव्य के साथ-साथ अपने नैतिक कर्तव्य का भी बखूबी निर्वहन कर रही है। आज देश के नागरिकों को विश्वास है कि अगर कुछ गलत होता है, तो पुलिस उनके साथ खड़ी रहेगी। रक्षा मंत्री ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस देश की सुरक्षा में अपने आप को समर्पित कर देने वाले हमारे पुलिस और सभी अर्धसैनिक बलों के जवानों के त्याग को याद करने का दिन है।   राजनाथ सिंह ने कहा कि पुलिस व्यवस्था तभी प्रभावी रूप से काम कर सकती है, जब समाज के नागरिक पुलिस के सहयोगी के रूप में काम करते हैं और कानून का सम्मान करते हैं। जब समाज और पुलिस के बीच संबंध आपसी समझ और ज़िम्मेदारी पर आधारित होते हैं, तब समाज और पुलिस बल दोनों समृद्ध होते हैं। वर्तमान चुनौतियों पर राजनाथ सिंह ने कहा कि सीमाओं पर अस्थिरता के साथ ही समाज में नए प्रकार के अपराध, आतंकवाद और वैचारिक युद्ध उभर रहे हैं। अपराध अधिक संगठित, अदृश्य और जटिल हो गया है और इसका उद्देश्य समाज में अराजकता पैदा करना, विश्वास को कम करना और राष्ट्र की स्थिरता को चुनौती देना है।   रक्षा मंत्री ने अपराध रोकने की अपनी आधिकारिक जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ समाज में विश्वास बनाए रखने के अपने नैतिक कर्तव्य को पूरा करने के लिए पुलिस की सराहना की। उन्होंने कहा कि अगर आज लोग चैन की नींद सो रहे हैं, तो इसका कारण हमारे सतर्क सशस्त्र बलों और सतर्क पुलिस पर उनका भरोसा है। यही विश्वास हमारे देश की स्थिरता की नींव है। लंबे समय से आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती रहे नक्सलवाद की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि पुलिस, सीआरपीएफ, बीएसएफ और स्थानीय प्रशासन के संगठित और समन्वित प्रयासों से वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लोगों ने राहत की सांस ली है।   उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश से नक्सलवाद की समस्या अगले साल मार्च तक समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कई शीर्ष नक्सलियों का सफाया किया गया है। राज्य के खिलाफ हथियार उठाने वाले अब आत्मसमर्पण करके विकास की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित जिलों की संख्या में भारी कमी आई है। कभी नक्सलियों के गढ़ रहे क्षेत्र अब शिक्षा के गढ़ बन रहे हैं। कभी लाल गलियारे के रूप में पहचान रखने वाले इलाके अब विकास के गलियारों में तब्दील हो गए हैं। इस सफलता में हमारी पुलिस और सुरक्षा बलों का महत्वपूर्ण योगदान है।   इस कार्यक्रम के तहत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और दिल्ली पुलिस की संयुक्त परेड आयोजित की गई। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री बंदी संजय कुमार, गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन डेका, सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी, सीएपीएफ के अन्य प्रमुख, सेवानिवृत्त महानिदेशक और पुलिस बिरादरी के अधिकारी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

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नई दिल्ली । घरेलू शेयर बाजार में आज दिवाली और लक्ष्मी पूजन की छुट्टी रहने वाली है। आज सिर्फ परंपरागत मुहूर्त ट्रेडिंग के लिए शेयर बाजार दोपहर 1:45 बजे से लेकर 2:45 बजे तक खुलेगा। आज के बाद कल 22 अक्टूबर को शेयर बाजार में दिवाली बलि प्रतिपदा की छुट्टी होगी। इस तरह घरेलू शेयर बाजार में लगातार दो दिन 21 और 22 अक्टूबर को छुट्टी रहेगी। इसके बाद 23 और 24 अक्टूबर को सामान्य कारोबार होगा, जबकि 25 अक्टूबर को शनिवार और 26 अक्टूबर को रविवार के चलते स्टॉक मार्केट बंद रहेंगे। इस तरह इस सप्ताह शेयर बाजार 4 दिन बंद रहेगा। इसका एक अर्थ ये भी है कि इस सप्ताह स्टॉक मार्केट में कल यानी सोमवार को हुए कारोबार समेत कुल तीन दिन ही सामान्य कारोबार होने वाला है। स्टॉक एक्सचेंज की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार आज और कल यानी 21 और 22 अक्टूबर को बीएसई में इक्विटी सेगमेंट और इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट समेत एसएलबी सेगमेंट, करेंसी डेरिवेटिव्स सेगमेंट्स, एनडीएस-आरएसटी, ट्राई पार्टी रेपो, कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट, इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट्स (ईजीआर) सेगमेंट सभी के लिए ट्रेडिंग हॉलिडे है। एनएसई में भी इन दोनों तारीखों पर इक्विटीज, इक्विटी डेरिवेटिव्स, कमोडिटीज डेरिवेटिव्स, कॉरपोरेट बॉन्ड्स, न्यू डेट सेगमेंट्स, निगोशिएटेड ट्रेड रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म, म्यूचुअल फंड्स, सिक्योरिटी लेंडिंग एंड बॉरोइंग स्कीम्स, करेंसी डेरिवेटिव्स और इंट्रेस्ट रेट डेरिवेटिव्स सभी सेगमेंट्स में छुट्टी रहेगी। इसके अलावा मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर भी दिवाली के मौके पर 21 और 22 अक्टूबर को छुट्टी रहेगी। दिवाली के बाद बाकी बचे हुए साल 2025 में शनिवार-रविवार के अलावा शेयर बाजार नवंबर में 5 तारीख को गुरु पूरब की छुट्टी होगी, जबकि 25 दिसंबर को क्रिसमस के मौके पर स्टॉक मार्केट बंद रहेगा। इन छुट्टियों के अलावा करेंसी डेरिवेटिव सेगमेंट में 5 सितंबर को ईद-ए-मिलाद की भी छुट्टी रहेगी।

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दीपावली के अवसर पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम समाज और आस-पास सद्भाव, सहयोग और सकारात्मकता का दीप जलाएं। उन्होंने कहा, “दीपावली हमें यह भी सिखाती है कि जब एक दीपक दूसरे दीपक को जलाता है, तो उसका प्रकाश कम नहीं होता, बल्कि और बढ़ता है।”प्रधानमंत्री ने दीपावली पर देशवासियों के नाम लिखे एक पत्र अयोध्या में राम मंदिर, ऑपरेशन सिंदूर, नक्सलवाद के खात्मे, जीएसटी उत्सव और स्वदेशी अपनाने का जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि हम सभी भाषाओं का सम्मान करें। हम स्वच्छता बनाए रखें। हम अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। हम अपने भोजन में तेल का उपयोग 10 प्रतिशत कम करें और योग को अपनाएं। ये सभी प्रयास हमें तेज़ी से विकसित भारत की ओर ले जाएंगे।प्रधानमंत्री ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के भव्य निर्माण के बाद यह दूसरी दीपावली है। भगवान श्रीराम हमें धर्म की शिक्षा देते हैं और अन्याय से लड़ने का साहस भी देते हैं। इसका जीता जागता उदाहरण हमने कुछ महीने पहले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देखा था। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, भारत ने न केवल धर्म की रक्षा की, बल्कि अन्याय का बदला भी लिया।नक्सलवाद के खात्मे की ओर बढ़ने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस दीपावली में पहली बार देशभर के दूरदराज कई जिलों में दीप जलाए जाएंगे। इन जिलों में नक्सलवादी आतंकवाद का जड़ से सफाया हो चुका है। हाल के दिनों में कई लोग हिंसा का रास्ता छोड़ विकास की मुख्यधारा में शामिल हुए हैं। यह देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।जीएसटी बचत उत्सव पर प्रधानमंत्री ने कहा कि संकटों से जूझ रहे विश्व में भारत स्थिरता और संवेदनशीलता दोनों का प्रतीक बनकर उभरा है। देश ने हाल के दिनों में अगली पीढ़ी के सुधारों की भी शुरुआत की है। नवरात्रि के पहले दिन जीएसटी की कम दरें लागू की गईं। इस बचत उत्सव के दौरान नागरिक हज़ारों करोड़ रुपये बचा रहे हैं।स्वदेशी अपनाने पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत की यात्रा में नागरिक के तौर पर हमारी प्राथमिक ज़िम्मेदारी राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “आइए हम ‘स्वदेशी’ (स्थानीय उत्पाद) अपनाएं और गर्व से कहें ‘यह स्वदेशी है!’। आइए हम ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को बढ़ावा दें।

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देहरादून।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आदि कैलाश जाने के बाद श्रद्धालुओं का आदि कैलाश यात्रा को लेकर रुझान बढ़ा है। आदि कैलाश की इस वर्ष यात्रा ने पिछले वर्षों का रिकार्ड तोड़ा है। इस साल 31 हजार 5 सौ 98 यात्री आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन कर चुके हैं।   पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि देवभूमि उत्तराखंड में अध्यात्मिक सुख और शांति की तलाश में श्रद्धालुओं के कदम तेजी से बढ़ रहे हैं। आदि कैलाश यात्रा को और अधिक व्यवस्थित किया जाएगा ताकि यात्रियों को यात्रा मार्ग पर सभी सुविधाएं उपलब्ध हों। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी यात्रा सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया है।आदि कैलाश: हिमालय की ऊंचाईयों पर जहां बसते हैं शंकरपिथौरागढ़ जिले में स्थित आदि कैलाश को छोटा कैलाश, शिव कैलाश, बाबा कैलाश व जोंगलिंगकोंग चोटी के नाम से जाना जाता है। हिमालय का यह हिस्सा हिन्दू शास्त्रों में अत्यंत पवित्र माना जाता है। यहां तक कहा गया है कि जिसने आदि कैलाश के दर्शन कर लिए उसने साक्षात शिव का सानिध्य प्राप्त कर लिया। पंच कैलाश में आदि कैलाश दूसरे स्थान पर है। बता दें कि पंच कैलाश में प्रथम कैलाश (तिब्बत), द्वितीय आदि कैलाश, ततीय श्रीखंड या शिखर कैलाश, चतुर्थ किन्नौर कैलाश और पंचम कैलाश मणि महेश कैलाश है। यहां गौरीकुंड व पार्वती नाम से दो ताल हैं। हिमालय की ऊंचाई पर स्थित इन ताला प्रकृति का दर्पण से प्रतीत होते हैं। स्वच्छ गहरे नीले पानी में प्रकृति ऐसे नजर आती है, जैसे श्रृंगार कर रही हो। इन दोनों तालों के प्रति सनातनियों की गहरी आस्था है।   ओम पर्वत, शिव के ओंकार रूप के दर्शनजन्मातंर के पुण्यों का उदय ही है कि ऊं पर्वत के दर्शन हो रहे हैं, ऊं शब्द को साक्षात समक्ष देखकर तो कई श्रद्धालुओं की आस्था नयनों से झलक उठती है। हिमालय की 6191 मीटर की ऊंचाई पर स्थित ओम पर्वत अद्भूत रचना है। यहां स्वयं ब्रहम, विष्णु और महेश की शक्ति एक पर्वत पर नजर आती है। आदि कैलाश यात्रा के दौरान यह पर्वत पौराणिक मान्यता है कि हिमालय में आठ ऊं स्थित है लेकिन अभी तक सिर्फ यही ओम पर्वत नजर आता है। .आदि कैलाश और ऊं पर्वत यात्रा ने बनाया रिकार्डआदि कैलाश यात्रा में इस साल यात्रियों संख्या का रिकार्ड बना है। उत्तराखंड पर्यटन विभाग के अनुसार वर्ष 2022 में 1757, 2023 में 10,025, 2024 में 29,352 और इस साल 31,598 यात्री आदि कैलाश व ऊं पर्वत के दर्शन कर चुके हैं। यात्रा लगातार विस्तार ले रही है और ऐसे में पिथौरागढ़ जिला प्रशासन की जिम्मेदारियां भी बढ़ रही है। पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी बताते हैं कि यात्रा कठिन जरूर है लेकिन यात्रियों को सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है।  

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लखनऊ । रक्षामंत्री और क्षेत्रीय सांसद राजनाथ सिंह ने रविवार को लखनऊ में भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेई और पूर्व राष्ट्रपति डा. एपीजेअब्दुल कलाम की प्रतिमाओं का अनावरण किया। इसके अलावा राजनाथ सिंह ने जानकीपुरम सेक्टर एफ में सामुदायिक केन्द्र और सेक्टर 6 में पुस्तकालय का भी लोकार्पण किया।   इस माैके पर लखनऊ के सांसद व रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हम सांसद रहें न रहें। लखनऊ के विकास के प्रति हमारी पूरी प्रतिबद्धता कायम रहेगी। जहां तक मुझसे हो सका है मैंने करने की कोशिश की है। राजनाथ सिंह ने कहा कि दुनिया के अन्य देशों से लखनऊ का एयर कनेक्शन बन जाना चाहिए। इसके लिए प्रयास हो रहा है।उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान एरोनाटिक्स लिमिटेड करिश्माई काम कर रहा है। लोगों को शादी ब्याह करने के लिए स्थान नहीं मिलता था। लखनऊ के हर विधानसभा क्षेत्र में एक बड़ा सामुदायिक केन्द्र स्थापित किया जाएगा। इसके रख-रखाव के लिए थोड़ा बहुत पैसा ही लगेगा। रक्षामंत्री ने कहा कि एक भी पार्क नहीं बचना चाहिए, जहां ओपेन​ जिम की व्यवस्था न हो। लखनऊ के 301 पार्कों में ओपेन जिम शुरू हो गया और 250 स्थानों पर ओपेन जिम की शुरूआत आज से हो रही है। लखनऊ में 1250 सोलर लाइट लगी हैं। 25 फलाईओवर स्वीकृत है। उसमें 14 बन गये हैं। इसके अलावा 11 फलाईओवर और स्वीकृत हैं।राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ विकास के पथ पर तेजी से बढ़ चला है। विश्व के 10 शहरों में हमारा लखनऊ भी आ गया है। मैं चाहता हूं कि यह लखनऊ नंबर एक पर आ जाय। हमारा शहर विश्वस्तरीय लखनऊ बनना चाहिए। अभी कुछ दिन पहले भारत के स्वच्छता सर्वेक्षण में लखनऊ को भारत के टॉप थ्री शहरों में चुना गया। उत्तर प्रदेश में नंबर वन, भारत में नंबर थ्री। हमारी कोशिश होनी चाहिए कि लखनऊ स्वच्छता के मामले में नंबर वन बने। मेरी दृष्टि में लखनऊ को एक ऐसा विश्व स्तरीय शहर बनाना है जहां परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत समागम हो   कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद डाॅ. दिनेश शर्मा, राज्यसभा सांसद बृजलाल, महापौर सुषमा खर्कवाल, एमएलसी मुकेश शर्मा, रामचंद्र प्रधान, महानगर अध्यक्ष भाजपा, आनंद द्विवेदी, विधायक नीरज बोरा, योगेश शुक्ला , राम औतार कनौजिया, सौरभ वाल्मीकि एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के बाद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक पार्षद राजकुमारी मौर्य के आवास पहुंचकर उनकी माताजी के चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित की। विगत दिनों उनकी माता का निधन हो गया था।    

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ढाका । हज़रत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (एचएसआईए) के कार्गो विलेज में शनिवार दोपहर लगी भीषण आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया है। देर रात हवाई अड्डे से उड़ानों का संचालन दोबारा शुरू हो गया। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।   ढाका स्थित हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के कार्गो विलेज एरिया में शनिवार दोपहर करीब सवा दो बजे भीषण आग लग गई थी।  आग इतनी तेजी से फैली कि सभी उड़ाने तुरंत रोकनी पड़ीं। आसमान में उठा काला धुआं आसपास के इलाकों में फैल गया। इस दौरान एचएसआईए से विमानों का संचालन रोक दिया गया। सतर्कता बरतते हुए कई घरेलू विमानों को ढाका में उतारने के बजाय चटगांव भेज दिया गया। अग्निशमन सेवा और हवाई अड्डा प्राधिकरण के त्वरित और साझा प्रयासों के साथ करीब 7 घंटे बाद आग पर काबू पाया गया।   मीडिया समूह प्रोथोम आलो ने नागरिक उड्डयन एवं पर्यटन मंत्रालय का हवाला देते हुए बताया है कि एचएसआईए के कार्गो विलेज में लगी आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया और रात 9:30 बजे उड़ानों का संचालन दोबारा शुरू हो गया।    मंत्रालय के मुताबिक दोपहर लगभग 2:15 बजे लगी आग पर अग्निशमन सेवा और हवाई अड्डा प्राधिकरण के त्वरित और समन्वित प्रयासों के बाद काबू पा लिया गया और इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए आधिकारिक जाँच शुरू कर दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि आग लगने के कारणों का पता लगाने और इसकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए उचित उपाय किए जाएँगे।

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गरियाबंद/रायपुर । छत्तीसगढ़ के बस्तर में 210 नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद आज छत्तीसगढ़ के गरियाबंद के उदंती एरिया कमेटी के नक्सली एरिया कमांडर सुनील के एक कथित जारी पत्र में धमतरी-गरियाबंद नुआपड़ा डिवीजन के साथियों से हथियार छोड़ने की अपील की गई है। इस संबंध में गरियाबंद के पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि ऐसे किसी पहल का स्वागत है।   गरियाबंद पुलिस ने ऐसे पत्र मिलने की पुष्टि की है और कहा है कि इसकी जांच-पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने कहा है कि ऐसे किसी भी कदम का स्वागत है। गरियाबंद एसपी निखिल राखेचा ने नक्सलियों से पूर्व में ही आत्मसमर्पण की अपील कर चुके हैं। उन्होंने जानकारी दी है कि गरियाबंद जिले में नक्सल संगठन की रीढ़ टूट चुकी है। कोई बड़ा सीनियर नक्सली बचा नहीं है। पिछले 9 महीनों में 15 सितम्बर तक गरियाबंद मे सक्रिय 27 नक्सलियों ने अलग-अलग जगह जाकर आत्मसमर्पण किया है, तो वही 28 नक्सलियों को मारा जा चुका है।आत्मसमर्पित नक्सलियों में जनवरी 2025 में हुए मुठभेड़ में मारे गए कुख्यात नक्सली सत्यम गावड़े की पत्नी नक्सलियों की नगरी कमेटी की सचिव आठ लाख की इनामी जानसी शामिल है। अक्टूबर माह में डीजीएन डिवीजन और ओडिशा स्टेट कमेटी से जुड़े तीन सक्रिय नक्सलियों नागेश उर्फ रामा कवासी,जैनी उर्फ देवे मडकम तथा मनीला उर्फ सुंदरी कवासी ने हथियारों के साथ गरियाबंद पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था। तीनों नक्सलियों पर 1-1 लाख रुपये का इनाम घोषित था। तीनों बीजापुर के रहने वाले हैं।   उल्लेखनीय है छत्तीसगढ़ की नक्सलियों को लेकर बनाई गई पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण को लेकर बनाई गई नीति एवं सशस्त्र बलों के दवाब से नक्सलियों का मनोबल टूटा है और उनके नेता अपने साथियों के साथ लगातार आत्मसमर्पण कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने देश को नक्सल मुक्त बनाने की समय सीमा मार्च 2026 तय की है। कई प्रदेशों में बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं।    दो दिन पहले गुरुवार को गढ़चिरौली में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने 61 नक्सलियों के आत्मसमर्पण और उसके बाद कल यानी शुक्रवार को जगदलपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सामने 210 नक्सलियों के आत्मसमर्पण किया है । अब उदंती एरिया कमेटी के एरिया कमांडर सुनील ने पत्र जारी कर बस्तर और महाराष्ट्र में आत्मसमर्पित नेताओं के आत्मसमर्पण के निर्णय को सही ठहराते हुए गोबरा, सीनापाली, एसडीके, सीतानदी में सक्रिय नक्सलियों से हथियार छोड़ने की अपील की है। नक्सली कमांडर सुनील ने रूपेश की तरह अपना मोबाइल नंबर जारी कर 20 अक्टूबर को सभी से एकत्रित होने की अपील की है।

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चंडीगढ़ । पंजाब में फतेहगढ़ साहिब जिला के सरहिंद रेलवे स्टेशन के पास आज सुबह गरीब रथ ट्रेन की एक बोगी में आग लग गई। गरीब रथ अमृतसर से बिहार के सहरसा जा रही थी। आग बोगी नंबर 19 में लगी। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।प्रारंभिक जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग लगने की सूचना मिलते ही इमरजेंसी ब्रेक से ट्रेन को रोका गया। जैसे ही ट्रेन रुकी तो यात्रियों में भगदड़ मच गई। एक-दूसरे से पहले नीचे उतरने के चक्कर में कई यात्री चोटिल हो गए। करीब एक घंटे बाद आग पर काबू पाया गया।अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन सुबह सात बजे सरहिंद स्टेशन से गुजरी। गांव ब्राह्मण माजरा के पास एक यात्री ने बोगी नंबर 19 से धुआं उठता देखा। उसने शोर मचाते हुए चेन खींच दी। धुएं के साथ आग की लपटें भी उठने लगी। इससे अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही रेलवे, फायर बिग्रेड और पुलिस टीमें मौके पर पहुंची। इससे पहले अफरातफरी के बीच यात्री बोगी से उतरने लगे। अन्य बोगी के यात्री भी नीचे उतर आए। टीटीई और पायलट इसकी सूचना रेलवे कंट्रोल रूम को दी।रेलवे ने बयान में कहा है कि आज सुबह साढ़े 7 बजे पंजाब के सरहिंद स्टेशन पर ट्रेन संख्या 12204 अमृतसर-सहरसा के एक डिब्बे में आग लग गई। घटना का पता चलते ही रेलवे अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए यात्रियों को दूसरे डिब्बों में स्थानांतरित कर दिया और आग भी जल्दी बुझा दी गई। ट्रेन शीघ्र ही रवाना होगी। कोई हताहत नहीं हुआ।  

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लखनऊ । केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ स्थित ब्रह्मोस एयरोस्पेस इकाई में तैयार की गई ब्रह्मोस मिसाइलों की पहली खेप को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान के लिए एक ट्रेलर था। पाकिस्तान की एक-एक इंच जमीन ब्रह्मोस की पहुंच में है। अब ब्रह्मोस से दुश्मन बच नहीं सकता।   रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन उत्तर प्रदेश की जनता के लिए महत्वपूर्ण है। उप्र और लखनऊ के विकास को देखकर खुशी तो होती ही है लेकिन आज जब इस भूमि पर डिफेंस सेक्टर से जुड़ी इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल हो रही है तो खुृशी के साथ गौरव का भाव भी मेरे अंदर स्वाभाविक रूप से आ रहा है। लखनऊ डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में अहम भूमिका निभा रहा है।   रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत अपने सपने को भरोसे में बदलने की ताकत रखता है। इसी भरोसे ने हमें ऑपरेशन सिंदूर में ताकत दी। उन्होंने कहा कि जीत हमारी आदत बन चुकी है। इस आदत को और मजबूत बनाना है। ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत दुनिया ने देखी। हर साल करीब 100 मिसाइल सिस्टम लखनऊ यूनिट से बनकर तैयार होगा। ब्रह्मोस जल सेना थल सेना वायु सेना की रीढ़ बन चुका है।   राजनाथ ने कहा कि लखनऊ मे​रे लिए सिर्फ संसदीय क्षेत्र ही नहीं बल्कि यह मेरे ह्रदय में बसा है। लखनऊ तहजीब का ही नहीं बल्कि टेक्नोलॉजी का शहर बन गया है। अब यह इंडस्ट्री का शहर बन गया है। यहां से निकलने वाला हर कदम ब्रह्मोस की विश्वसनीयता के साथ-साथ लखनऊ की विश्वसनीयता बढ़ी है। यह प्रोजेक्ट भारत के बढ़ते आत्मविश्वास व ताकत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पहले यूपी में गुण्डाराज था। उत्तर प्रदेश अब किसी भी चैलेंस के लिए तैयार है। आंतरिक सुरक्षा व बाह्य सुरक्षा उत्तर प्रदेश सभी चुनौतियों को लेने के लिए तैयार है।   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि ब्रह्मोस देश की रक्षा करने में सक्षम है। ब्रह्मोस की ताकत से पूरी ​दुनिया परिचित है। ब्रह्मोस मिसाइल से दुश्मन का बचना ​मुश्किल होगा।   इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद बृजलाल, महानगर अध्यक्ष भाजपा आनंद द्विवेदी उपस्थित थे।  

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फतेहपुर । उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में भीड़ की पिटाई के दौरान मारे गए हरिओम बाल्मीकि के पीड़ितों आज कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व सांसद राहुल गांधी ने मुलाकात की। राहुल ने पीड़ित परिजनों से बात की और उनका दुख-दर्द सुनने के बाद अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। राहुल गांधी ने मृतक के परिजनों को कांग्रेस पार्टी की तरफ से हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया।   घटना को कांग्रेस पार्टी ने गंभीरता से लिया। शुक्रवार को सुबह 9.30 बजे कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व सांसद राहुल गांधी मृतक हरिओम बाल्मीकि के पिता व भाई व अन्य परिजनों से मुलाकात करने पहुंचे। गांधी ने पीड़ित परिवार के लोगों को मदद का भरोसा दिया। राहुल गांधी ने कहा कि परिवार को न्याय मिलना चाहिए और हत्यारोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।   फतेहपुर के रहने वाले 38 साल के दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की विगत 2 अक्टूबर 2025 को रायबरेली जनपद में चोर समझ कर भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। युवक का शव रायबरेली जनपद के थाना हरचंदपुर के ईश्वरदास पुर रेलवे हाल्ट के पास मिला था। इसके बाद उसकी पिटाई का वीडियो वायरल हुआ। इस संबंध में अभियोग पंजीकृत करके 12 हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस जेल भेजने की कार्रवाई कर चुकी है। मृतक के भाई शिवम ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा है कि हम प्रशासन की कार्रवाई से संतुष्‍ट हैं। राहुल गांधी यहां राजनीति करने ना आएं। इससे पहले हरिओम के परिजनों ने राहुल गांधी से मिलने से इनकार किया था। वहीं, कांग्रेस ने इसे भाजपा की दबाव बनाने की साजिश करार दिया है।   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी बीते शनिवार को हरिओम वाल्मीकि की पत्नी संगीता और बेटी अनन्याव अन्य परिजनों से मुलाकात कर चुके हैं। मुख्यमंत्री के साथ रायबरेली की ऊंचाहार विधानसभा से विधायक मनोज पांडेय भी थे। जिला प्रशासन पहले ही हरिओम के भाई व बहन को सरकारी नौकरी दे चुकी है। बहन कुसुम को स्टाफ नर्स और भाई शिवम को समाज कल्याण विभाग के स्कूल में नौकरी दी गई है।  

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जगदलपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद से अब तक 2100 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। इसके अलावा करीब दो हजार नक्सलियों को गिरफ्तार और लगभग पांच सौ को निष्प्रभावी किया गया है।     केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने आज सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि जनवरी 2024 में छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार बनने के बाद से 2100 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है जबकि 1785 को गिरफ्तार किया गया है और 477 को निष्प्रभावी किया गया है। यह 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के हमारे दृढ़ संकल्प का प्रतिबिम्ब है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में गुरुवार को 170 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। एक दिन पहले 27 ने हथियार डाले थे। महाराष्ट्र में भी 61 नक्सली हथियार त्याग कर मुख्यधारा में लौटे। उन्हाेने बताया कि पिछले 2 दिनों में कुल 258 वामपंथी उग्रवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ा है। यह नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में बड़ी सफलता है।   शाह ने एक्स पर लिखा कि हिंसा छोड़कर भारत के संविधान में अपना विश्वास पुर्नस्र्थापित करने के इन सभी के निर्णय की सराहना करता हूं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार की निरंतर कोशिशों का ही यह परिणाम है कि नक्सलवाद आखिरी सांंसें ले रहा है। नक्सलियों के विरुद्ध हमारी नीति स्पष्ट है, जो आत्मसमर्पण करना चाहते हैं, उनका स्वागत है, लेकिन जो लोग हथियार उठाए रहेंगे, उन्हें हमारी सुरक्षाबलों की कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।   उन्होंने सभी नक्सलियों से मेरी अपील कि वे अपने हथियार त्याग दें और मुख्यधारा में लौट आएं। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से सोशल मीडिया साइट 'एक्स' पर बताया कि देश में अब नक्सली प्रभावित जिलों की संख्या 18 से घटकर 11 रह गई है। इसमें भी जो सबसे ज्यादा प्रभावित जिले थे। उनकी संख्या 6 से 3 रह गई है। अब केवल छत्तीसगढ़ का बीजापुर, सुकमा और नारायणपर ही 3 ऐसे जिले रह गए हैं।  

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  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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भोपाल । सिंगापुर में तीन दिवसीय आईटीबी एशिया 2025 में अतुल्य भारत के हृदय मध्य प्रदेश ने खूब रौनक बिखेरी। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने सिंगापुर के मरीना बे सैंड्स एक्सपो और कन्वेंशन सेंटर में आयोजित प्रतिष्ठित ट्रैवल ट्रेड शो आईटीबी एशिया 2025 में प्रभावशाली भागीदारी दर्ज की।   15 से 17 अक्टूबर तक चले इस आयोजन में राज्य के पर्यटन पवेलियन का उद्घाटन सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अंबुले ने किया। इस अवसर पर भारत के उच्चायोग में प्रथम सचिव (वाणिज्य) टी. प्रभाकर भी उपस्थित थे।आईटीबी एशिया में भागीदारी का उद्देश्य मध्य प्रदेश को एक समृद्ध सांस्कृतिक, प्राकृतिक और साहसिक गंतव्य के रूप में वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करना है। राज्य का प्रतिनिधित्व अपर मुख्य सचिव (पर्यटन, संस्कृति, गृह एवं धार्मिक न्यास) एवं एमपी टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक शिव शेखर शुक्ला और प्रबंधक (इवेंट्स एवं मार्केटिंग) सौरभ पांडे ने किया।शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि आईटीबी एशिया वैश्विक मंच पर मध्य प्रदेश की पर्यटन क्षमता और विविधता को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करता है। हमारा लक्ष्य राज्य को ऐसा अंतरराष्ट्रीय गंतव्य बनाना है, जहां विरासत, वन्यजीव, आध्यात्मिकता और सतत पर्यटन यात्रियों को अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करें।महत्वपूर्ण बैठकें और सहयोग की पहलअपर मुख्य सचिव शुक्ला ने इस दौरान कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों से मुलाकात की। उन्होंने केजी मुकिरी, लीड कंसल्टेंट, अफ्रीका एमआईसीई के साथ आगामी एमआईसीई समिट (9–11 सितंबर 2026) के संबंध में चर्चा की, जिसमें मध्य प्रदेश को तंजानिया, नाइजीरिया और साउथ अफ्रीका जैसे देशों में प्रस्तुत करने की संभावनाएं तलाशी गईं।इसके अलावा, उन्होंने मिच गोह, डायरेक्टर ऑफ पब्लिक पॉलिसी-एशिया पैसिफिक, एयरबीएनबी के साथ राज्य में सतत और समावेशी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए संभावित सहयोग पर विचार-विमर्श किया। बैठक में ग्रामीण होमस्टे संचालकों को आतिथ्य प्रशिक्षण देने और उन्हें वैश्विक प्लेटफॉर्म पर जोड़ने की पहल पर सहमति बनी।वैश्विक नेटवर्किंग और राज्य की पहचानआईटीबी एशिया 2025 में एमआईसीई, कॉर्पोरेट और ट्रैवल टेक्नोलॉजी सेक्टर के प्रमुख पेशेवरों, अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शकों और खरीदारों ने भाग लिया। मध्य प्रदेश के प्रतिनिधि मंडल ने कई बी2बी बैठकों के माध्यम से विदेशी टूर ऑपरेटरों और ट्रैवल कंपनियों से सहयोग की संभावनाएं तलाशीं। इन बैठकों में वन्यजीव अभ्यारण्य, सांस्कृतिक विरासत, साहसिक पर्यटन, तथा फिल्म और विवाह पर्यटन जैसे विषयों पर विशेष चर्चा हुई, जिससे ‘अतुल्य भारत का हृदय’ के रूप में राज्य की पहचान और मजबूत हुई।राज्य की झलक से सजा पवेलियनमध्य प्रदेश के पवेलियन में राज्य की पर्यटन संपत्तियां, यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, साहसिक गतिविधियां और जिम्मेदार पर्यटन पहलें प्रदर्शित की गईं। इसे एक स्वच्छ, हरित और सुरक्षित गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया गया, विशेष रूप से महिला यात्रियों के लिए अनुकूल वातावरण को रेखांकित किया गया। आईटीबी एशिया में मध्य प्रदेश की यह भागीदारी राज्य की वैश्विक दृश्यता बढ़ाने, व्यापारिक संबंध मजबूत करने और सतत एवं समावेशी पर्यटन आधारित आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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गांधीनगर । गुजरात राज्य के मंत्रिमंडल विस्तार की आधिकारिक घोषणा हो गई है। 17 अक्टूबर, शुक्रवार को सुबह 11:30 बजे गांधीनगर के महात्मा मंदिर में भाजपा के केंद्रीय नेताओं की उपस्थिति में नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह होगा।   राज्य सूचना विभाग ने अपने बयान में बताया कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मंत्रिमंडल के विस्तार में नामित मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह शुक्रवार, 17 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे गांधीनगर के महात्मा मंदिर में होगा। राज्यपाल आचार्य देवव्रत इस समारोह में नव-नियुक्त मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।   आम तौर पर हर बुधवार को कैबिनेट की बैठक होती है, लेकिन 15 अक्टूबर को बैठक नहीं हुई। भाजपा ने अपने सभी विधायकों और मंत्रियों को दो दिनों के लिए गांधीनगर में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। सभी को आज दोपहर तक गांधीनगर पहुंचने के आदेश दिए गए हैं।   आज भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री सुनील बंसल गुजरात पहुंचेंगे। दोपहर करीब 3 बजे मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल मुंबई के कार्यक्रम से गुजरात लौट आएंगे।   गुजरात में मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की चर्चाओं के बीच राज्यपाल आचार्य देवव्रत का हरियाणा के कुरुक्षेत्र दौरा छोटा कर दिया गया है। राज्यपाल मूल रूप से अपने गृह नगर कुरुक्षेत्र के दौरे पर थे, जो 16 अक्टूबर तक निर्धारित था।   हाल ही में भारतीय जनता पार्टी ने अहमदाबाद के जगदीश विश्वकर्मा को गुजरात प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके बाद ऐसा लग रहा है कि सौराष्ट्र क्षेत्र की अनदेखी हुई है। हाल ही में उपचुनाव में आम आदमी पार्टी के गोपाल इटालिया की जीत और सौराष्ट्र में उनकी सक्रियता को देखते हुए माना जा रहा है कि भाजपा के नए मंत्रिमंडल में सौराष्ट्र के नेताओं को अधिक प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है।   भाजपा में कई वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी की खबरें भी सामने आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ वरिष्ठ नेता भविष्य में आम आदमी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। ऐसी स्थिति की जानकारी भाजपा हाईकमान तक पहुंच चुकी है। इसलिए 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भाजपा कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। पार्टी अब उन प्रभावशाली लेकिन लंबे समय से दूर रखे हुए नेताओं को भी नए पद देकर जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी में है। कुछ पुराने और अनुभवी नेताओं को भी दोबारा मौका मिल सकता है ताकि किसी भी तरह का नुकसान रोका जा सके।   यह गौरतलब है कि 2021 में मुख्यमंत्री सहित पूरा मंत्रिमंडल बदल दिया गया था। चार साल पहले भाजपा हाईकमान ने तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय रूपाणी सहित पूरे मंत्रिमंडल को बदलकर सबको चौंका दिया था। उस समय विजय रूपाणी ने अचानक राजभवन जाकर इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद भूपेंद्र पटेल को मुख्यमंत्री बनाया गया था। उनके नेतृत्व में 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 156 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी।

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श्रीशैलम । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज सुबह आंध्र प्रदेश के एक दिवसीय दौरे पर कुरनूल पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री  ने सबसे पहले श्रीशैलम में स्थित मंदिर में भगवान भ्रामराम्बा व मल्लिकार्जुन के दर्शन कर पूजा अर्चना की।   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सुबह 11 बजे करनूल हवाई अड्डे पर पहुंचे। यहां प्रधानमंत्री का स्वागत राज्यपाल नजीर, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने किया। इसके बाद प्रधानमंत्री माेदी राज्य के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण के साथ एक सैन्य हेलीकॉप्टर से श्रीशैलम पहुंचे। यहां श्रीशैलम भ्रामराम्बा गेस्ट हाउस का दौरा किया और थोड़ी देर विश्राम के बाद वे श्री भामराम्बा मल्लिकार्जुन स्वामी वरला देवस्थानम में मल्लिकार्जुन स्वामी की विशेष पूजा-अर्चना की।  मंदिर में पुजारियों और मंदिर के अधिकारियों ने उनका औपचारिक स्वागत किया। माेदी ने भगवान मल्लिकार्जुन का पंचामृत से रुद्राभिषेक किया। यहां पूजा के बाद प्रधानमंत्री शिवाजी प्रेरणा केंद्र का दौरा करेंगे।   निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री माेदी यहां के बाद कुरनूल जाएंगे। वहां लगभग 13 हजार से अधिक की परियाेजनाओं का  उद्घाटन और लाेकार्पण करेंगे। इसके बाद माेदी एक जनसभा काे संबाेधित करेंगे।   

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नई दिल्ली । कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत के रुस से तेल खरीदना बंद करने वाले बयान पर कहा है कि यह भारत की विदेश नीति पर सवाल खड़े करने वाला है। राहुल ने एक्स पोस्ट में कहा कि ट्रंप को यह कहने का अवसर कैसे मिला कि भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा। प्रधानमंत्री को किस बात का डर है। वित्त मंत्री का अमेरिका दौरा क्यों स्थगित किया गया, भारत ने शर्म-अल-शेख सम्मेलन में भाग लेने से परहेज क्यों किया और प्रधानमंत्री ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर ट्रंप के बयान का विरोध क्यों नहीं कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार को कहा था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा। ट्रंप ने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा कि वे भारत के रूस से तेल खरीदने को लेकर खुश नहीं थे और प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें आश्वस्त किया है कि यह प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। मोदी उनके मित्र हैं और इस कदम से वैश्विक ऊर्जा संतुलन पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

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  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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जोधपुर । जोधपुर जैसलमेर रोड थईयात गांव के पास में मंगलवार दोपहर हुए निजी बस अग्रिकांड में मरने वालों की संख्या बढ़ कर 21 हो गई है, क्योंकि आज दोपहर में एक और मासूम दस वर्षीय यूनिस की मृत्यु हो गई। अब तक 19 शवों को जोधपुर लाकर एमजी अस्‍पताल और एम्स अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। डीएनए परीक्षण के बाद शव परिजन को सुपुर्द किये जायेंगे। अब 14 लोगों का उपचार चल रहा है। जिले के प्रभारी मंत्री मदन दिलावर एमजीएच पहुंचे और घायलों की कुशलक्षेम पूछने के साथ चिकित्सकीय व्यवस्था की जानकारी ली।   एमजीएच अधीक्षक डॉ.फतेह सिंह भाटी ने बताया कि नौ शव एमजीएच और दस शवों को एम्स अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। एक शव पहले से ही जोधपुर में मौजूद है। घायलों में पांच लोग वेंटिलेटर पर और आठ की हालत नाजुक बनी है। डॉक्टर भाटी ने बताया कि हर मरीज पर सघन निगरानी के साथ इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पूरी तरह मुस्तैद है। मरीजों की विशेषज्ञ डॉक्टर्स देखरेख कर रहे है। अब तक पहचान न होने वाले शवों को जोधपुर लाया गया है, ताकि उनकी डीएनए जांच की जा सके।   उल्‍लेखनीय है कि मंगलवार अपरान्ह साढ़े तीन बजे के आसपास जैसलमेर से जोधपुर की तरफ आ रही एक निजी बस के एसी में शार्ट सर्किट के बाद भीषण आग लग गई थी, हादसे में बीस लोगों की जलकर मौत हो गई। 15 लोग गंभीर और सामान्य तौर पर झुलस गए थे। बस में 57 लोग सवार थे। बस का इसी माह रजिस्ट्रेशन हुआ था और एकदम नई बस थी। रात में प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पहले जैसलमेर फिर जोधपुर के एमजी अस्‍पताल पहुंचे थे।घटनास्‍थल का दौरा करने के बाद चिकित्‍सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने बताया कि बस में पीछे से धमाके की आवाज आई। आशंका है कि एसी का कंप्रेशर फट गया, जिससे गैस और डीजल के साथ मिलकर भीषण आग लगी। एक ही दरवाजा था, इसलिए लोग फंस गए। आगे की सीट वाले यात्री  निकल गए।  50-50 लाख सहायता की मांगइधर, हादसे के बाद सर्व ब्राह्मण समाज के प्रदेश अध्यक्ष पं. एस के जोशी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मृतकों के परिजनों के लिए 50-50 लाख रुपये सहायता देने की मांग रखी। साथ ही घायलों को दस-दस लाख का आग्रह किया गया है।

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार विधानसभा चुनाव के लिए जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची बुधवार को जारी कर दी। इस सूची में पार्टी ने 57 उम्मीदवारों के नामों का की घोषणा की है। इस पहली लिस्ट में कई पुराने नेताओं के साथ कुछ नए चेहरों को भी मौका दिया गया है।   जदयू उम्मीदवारों की पहली सूची आलमनगर-नरेन्द्र नारायण यादव बिहारीगंज-निरंजन कुमार मेहता सिंहेश्वर-रमेश ऋषिदेव मधेपुरा-कविता साहा सोनबरसा-रत्नेश सादा महिषी-गुंजेवश्वर साह कुशेश्वरस्थान-अतिरेक कुमार बेनीपुर-विनय कुमार चौधरी दरभंगा ग्रामीण-ईश्वर मंडल बहादुरपुर-मदन सहनी गायघाट -कोमल सिंह मीनापुर -अजय कुशवाहा सकरा -आदित्य कुमार कांटी -अजीत कुमार भोरे -सुनील कुमार हथुआ -रामवक सिंह बरौली -मंजीत सिंह जीरादेई -भीषण कुशवाहा रघुनाथपुर -विकास कुमार सिंह बड़हरिया -इन्द्रदेव पटेल महाराजगंज -हेम नारायण साह एकमा -धुमल सिंह मांझी -रणधीर सिंह परसा -छोटे लाल राय वैशाली -सिद्धार्थ पटेल राजापाकर-मेहन्द्र राम महनार -उमेश सिंह कुशवाहा कल्याणपुर -महेश्वर हजारी वारिसनगर -डॉ. मांजरीक मृणाल समस्तीपुर -अश्वमेघ देवी मोरवा -विद्यासागर सिंह निषाद सरायरंजन -विजय कुमार चौधरी विभूतिपुर -रवीना कुशवाहा हसनपुर -राज कुमार राय चेरिया बरियारपुर -अभिषेक कुमार मटिहानी -राजकुमार सिंह अलौली -रामचंद्र सदा खगड़िया -बब्लू मंडल बेलदौर -पन्ना लाल पटेल जमालपुर -नचिकेता मंडल सूर्यगढ़ा -रामानंद मंडल शेखपुरा -रणधीर कुमार सोनी बरबीघा -डॉ. कुमार पुष्पंजय अस्थावां- जितेन्द्र कुमार राजगीर -कौशल किशोर इस्लामपुर -रूहेल रंजन हिलसा -कृष्ण मुरारी शरण नालंदा -श्रवण कुमार हरनौत -हरिनारायण सिंह मोकामा -अनंत सिंह फुलवारी -श्याम रजक मसौढ़ी -अरुण मांझी संदेश -राधा चरण साह जगदीशपुर -श्रीभगवान सिंह कुशवाहा डुमरांव -राहुल सिंह राजपुर - संतोष कुमार निराला को अपना उम्मीदवार बनाया है।   उल्लेखनीय है कि जदयू ने अपनी पहली सूची में सामाजिक समीकरणों पर विशेष ध्यान दिया है। इस सूची में लव कुश (कुर्मी-कोइरी) समाज से 23 उम्मीदवारों को मौका दिया गया है, जो जदयू का कोर वोट बैंक माना जाता है। इसके अलावा अति पिछड़ा वर्ग से 9, दलित वर्ग से 12 और सवर्ण (सामान्य वर्ग) से 12 उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है। पार्टी ने चार महिला उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है, जिनमें मधेपुरा से कविता साहा, गायघाट से कोमल सिंह, समस्तीपुर से अश्वमेघ देवी और विभूतिपुर से रवीना कुशवाहा शामिल हैं।  

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को केन्या के पूर्व प्रधानमंत्री रैला ओडिंगा के निधन पर शोक व्यक्त किया है। मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा, "मेरे प्रिय मित्र और केन्या के पूर्व प्रधानमंत्री रैला ओडिंगा के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। वह एक प्रखर राजनेता और भारत के प्रिय मित्र थे। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान मुझे उन्हें करीब से जानने का सौभाग्य प्राप्त हुआ और हमारा सहयोग वर्षों तक कायम रहा। मोदी ने कहा कि रैला ओडिंगा का भारत की संस्कृति, मूल्यों और प्राचीन ज्ञान के प्रति विशेष लगाव था और यह भारत-केन्या संबंधों को मजबूत करने के उनके प्रयासों में परिलक्षित होता था।प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया, "मेरे प्रिय मित्र और केन्या के पूर्व प्रधानमंत्री, रैला ओडिंगा के निधन से मुझे गहरा दुःख हुआ है। वे एक प्रखर राजनेता और भारत के प्रिय मित्र थे। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान से ही मुझे उन्हें करीब से जानने का सौभाग्य प्राप्त हुआ और हमारा जुड़ाव वर्षों तक कायम रहा। भारत की संस्कृति, मूल्यों और प्राचीन ज्ञान के प्रति उनका विशेष लगाव था। यह भारत-केन्या संबंधों को मज़बूत करने के उनके प्रयासों में परिलक्षित होता था। वे विशेष रूप से भारत की आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रशंसक थे, उन्होंने अपनी बेटी के स्वास्थ्य में इनके सकारात्मक प्रभाव को देखा था। मैं इस दुःख की घड़ी में उनके परिवार, मित्रों और केन्या के लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।" उल्लेखनीय है कि केन्या के पूर्व प्रधानमंत्री रैला ओडिंगा का बुधवार को केरल के कूथाट्टुकुलम स्थित एक आयुर्वेदिक अस्पताल में सुबह की सैर के दौरान हृदय गति रुकने से निधन हो गया। 10 अक्टूबर से उनकी आंखों का इलाज चल रहा था।      

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  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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पटना । बिहार विधानसभा चुनाव-2025 के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। पहली सूची में 71 उम्मीदवार के नाम शामिल है।   पटना में आयोजित पत्रकार वार्ता में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उम्मीदवारों के नामों का औपचारिक ऐलान किया। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के अहम घटक दल के रूप में भाजपा इस बार जनता दल (यूनाइटेड) और अन्य सहयोगी दलों के साथ मिलकर चुनाव मैदान में उतरेगी। राजग में हुए सीटों के बंटवारे के तहत भाजपा इस बार 101 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।   भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सीट और उम्मीदवारों की सूची   भाजपा ने बेतिया से रेणु देवी, रक्सौल से प्रमोद कुमार सिन्हा, पिपरा से श्यामबाबू प्रसाद यादव, मधुबन से राणा रणधीर सिंह, मोतिहारी से प्रमोद कुमार, ढाका से पवन जायसवाल, रीगा से बैद्यनाथ प्रसाद, बथनाहा से अनिल कुमार राम, परिहार से गायत्री देवी, सीतामढ़ी से सुनील कुमार पिंटू, बेनीपट्टी से विनोद नारायण झा, खजौली से अरुण शंकर प्रसाद, बिस्फी से हरिभूषण ठाकुर बचौल को टिकट दिया गया है।   भाजपा की ओर से राजनगर से सुजीत पासवान, झंझारपुर से नीतीश मिश्रा, छातापुर से नीरज कुमार बबलू, नरपतगंज से देवंती यादव, फारबिसगंज से विद्या सागर केसरी, सिकटी से विजय कुमार मंडल, किशनगंज से स्वीटी सिंह, बनमनखी से कृष्ण कुमार ऋषि, पूर्णिया से विजय कुमार खेमका, कटिहार से तारकिशोर प्रसाद, प्राणपुर से निशा सिंह, कोढ़ा से कविता देवी, सहरसा से आलोक रंजन झा, गौरा-बौराम से सुजीत कुमार सिंह और दरभंगा से संजय सरावगी को टिकट मिला है।   इसी तरह से केवटी से मुरारी मोहन झा, जाले से जिवेश कुमार मिश्रा, औराई से रमा निषाद, कुढ़नी से केदार प्रसाद गुप्ता, बरुराज से अरुण कुमार सिंह, साहेबगंज से राजू कुमार सिंह, बैकुंडपुर से मिथिलेश तिवारी, सिवान से मंगल पांडेय, दरौंदा से कर्णजीत सिंह, गोरेयाकोठी से देवेश कांत सिंह, तरैया से जनक सिंह, अमनौर से कृष्ण कुमार मंटू, हाजीपुर से अवधेश सिंह, लालगंज से संजय कुमार सिंह, पातेपुर से लखेंद्र कुमार रौशन, मेहिउद्दीननगर से राजेश कुमार सिंह, मछवारा से सुरेंद्र मेहता, तेघरा से रजनीश कुमार और बेगूसराय से कुंदन कुमार ,भागलपुर से रोहित पांडेय, बांका से राम नारायण मंडल,कटोरिया से पूरण लाल टुड्डू, तारापुर से सम्राट चौधरी, मुंगेर से कुमार प्रणय और लखीसराय से विजय कुमार सिन्हा को भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है।   भाजपा ने दक्षिण बिहार के बिहारशरीफ से सुनील कुमार, दीघा से संजीव चौरसिया, बांकीपुर से नितिन नबीन, कुम्हरार से संजय गुप्ता, पटना साहिब से रत्नेश कुशवाहा, दानापुर से रामकृपाल यादव, बिक्रम से सिद्धार्थ सौरव, बड़हरा से राघवेंद्र प्रताप सिंह, आरा से संजय सिंह टाइगर, तरारी से विशाल प्रशांत, अरवल से मनोज शर्मा, औरंगाबाद से त्रिविक्रम नारायण सिंह, गुरुआ से उपेंद्र दांगी, गया शहर से प्रेम कुमार, वजीरगंज से बीरेंद्र सिंह, हिसुआ से अनिल सिंहए वारिसलीगंज से अरुणा देवी और जमुई से श्रेयसी सिंह को चुनावी मैदान में उतारा है।   टिकट नहीं मिलने के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता और बिहार विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने कहा कि "मैं भारतीय जनता पार्टी के निर्णय के साथ हूं। भारतीय जनता पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया है। मुझे पार्टी से कोई शिकायत नहीं है। नई पीढ़ी का स्वागत है। अभिनंदन है।"   उन्होंने कहा, "कि पटना साहिब विधानसभा के लोगों ने मुझे लगातार सात बार विजयी बनाया है। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार के रूप में जो स्नेह और प्यार मुझे दिया उसे मैं कभी भूल नहीं पाऊंगा। सबका आभार।"

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नई दिल्‍ली । महंगाई के मोर्चे पर आम आदमी को बड़ी राहत मिली है। खुदरा महंगाई के बाद थोक महंगाई दर में गिरावट आई है। खाने-पीने की चीजों के दाम घटने से सितंबर महीने में थोक महंगाई दर घटकर 0.13 फीसदी पर आ गई। इससे पहले अगस्त में यह 0.52 फीसदी रही थी। पिछले वर्ष सितंबर में यह 1.91 फीसदी थी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने मंगलवार को जारी आंकड़ों में बताया कि सितंबर महीने में खाद्य और ईंधन की कीमतों में भारी गिरावट से थोक मूल्य सूचकांक (डब्‍ल्‍यूपीआई) पर आधारित थोक महंगाई दर घटकर 0.13 फीसदी रह गई, जो अगस्त में 0.52 फीसदी थी। इससे पहले जुलाई और जून महीने में ये क्रमशः -0.58 फीसदी और -0.19 फीसदी रही थी। आंकड़ों के मुताबिक खाद्य वस्तुओं की कीमतें सितंबर में 5.22 फीसदी कम हुईं, जबकि अगस्त में यह 3.06 फीसदी था। सब्जियों की कीमत सितंबर महीने में 24.41 फीसदी घटीं है, जबकि अगस्त में यह 14.18 फीसदी कम हुई थीं। विनिर्मित उत्पादों के मामले में महंगाई अगस्त के 2.55 फीसदी के मुकाबले घटकर 2.33 फीसदी रह गई। मंत्रालय के मुताबिक सितंबर, 2025 में मुद्रास्फीति यानी महंगाई की सकारात्मक दर मुख्य रूप से खाद्य उत्पादों, अन्य विनिर्माण, गैर-खाद्य वस्तुओं, अन्य परिवहन उपकरणों और वस्त्रों आदि की कीमतों में वृद्धि के कारण है। इसके अलावा ईंधन और बिजली की कीमतें सितंबर में 2.58 फीसदी कम हुईं, जबकि अगस्त महीने में इनमें 3.17 फीसदी की गिरावट आई थी।   उल्‍लेखनीय है कि सितंबर महीने में खुदरा महंगाई दर घटकर 8 साल के निचले स्तर 1.5 फीसदी पर आ गई है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) खुदरा महंगाई दर पर नजर रखता है। केंद्रीय बैंक ने अक्‍टूबर महीने की शुरुआत में नीतिगत दरों को 5.5 फीसदी पर अपरिवर्तित रखा था।

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नई दिल्ली । कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार के परिवार से मिलने के बाद उनकी आत्महत्या के मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी न होने पर नाराजगी जताते हुए सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की। राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट में कहा कि वाई पूरन कुमार की आत्महत्या समाज और सिस्टम की अंतरात्मा को झकझोर देने वाली त्रासदी है। उनकी पत्नी एक सप्ताह से पति का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार करने की प्रतीक्षा में हैं और पूरा दलित समाज इस पीड़ा को महसूस कर रहा है। सरकार तुरंत दोषियों के खिलाफ कदम उठाए।कांग्रेस महासचिव और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक्स पर कहा कि वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार ने जातिगत उत्पीड़न के चलते आत्महत्या की और परिवार न्याय के लिए भटक रहा है। यह प्रकरण दिखाता है कि इस सरकार में उच्च पदों पर पहुंचे दलितों को भी सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित नहीं है और ऐसी घटनाएं देश के लिए कलंक हैं।उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी ने मंगलवार को चंडीगढ़ में वाई पूरन कुमार की पत्नी अमनीत पी कुमार और उनकी बेटियों से मुलाकात की। उनके साथ हरियाणा के नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस के राव नरेंद्र सिंह, सांसद कुमारी सैलजा, वरूण चौधरी, दीपेंद्र सिंह हुड्डा एवं अन्य नेता भी मौजूद थे। मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने मीडिया से कहा कि यह सिर्फ एक परिवार का मामला नहीं है, बल्कि पूरे दलित समाज के लिए गलत संदेश जा रहा है कि वे चाहे योग्य एवं सफल हों, फिर भी दबाए जा सकते हैं।

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नई दिल्ली । दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने रेलवे टेंडर घोटाला मामले के आरोपितों लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ आरोप तय कर दिया है। स्पेशल जज विशाल गोगने ने आरोप तय करने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान साेमवार काे लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट के पूछे जाने पर तीनों ने कहा कि वो निर्दोष हैं और ट्रायल का सामना करेंगे। उसके बाद कोर्ट ने तीनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 428, 120बी और भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(2) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया। कोर्ट ने 29 मई को आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने के मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान लालू यादव की ओर से पेश वकील मनिंदर सिंह ने कहा था कि अभियोजन चलाने के लिए कोई साक्ष्य नहीं है, ऐसे में अनुमति की वैधता सवालों के घेरे में है। उन्होंने कहा था कि पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कहा कि लालू यादव के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए अनुमति की कोई जरुरत नहीं है। उसके बाद सीबीआई ने कहा कि उन्हें अभियोजन चलाने के लिए अनुमति मिल गई है। ये कानून सम्मत नहीं है।सीबीआई ने 28 फरवरी को कहा था कि आरोपितों के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए पुख्ता सबूत हैं। 28 जनवरी, 2019 को कोर्ट ने ईडी की ओर से दर्ज केस में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर नियमित जमानत दी थी। इससे पहले 9 जनवरी, 2019 को कोर्ट ने सीबीआई की ओर से दर्ज केस में लालू यादव को नियमित जमानत दी थी।कोर्ट ने 17 सितंबर, 2018 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दायर चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। इस मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी समेत 16 लोगों को आरोपित बनाया गया है। ईडी ने जिन्हें आरोपित बनाया है उनमें लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मेसर्स लारा प्रोजेक्ट एलएलपी, सरला गुप्ता, प्रेमचंद गुप्ता, गौरव गुप्ता, नाथ मल ककरानिया, राहुल यादव, विजय त्रिपाठी, देवकी नंदन तुलस्यान, मेसर्स सुजाता होटल, विनय कोचर, विजय कोचर, राजीव कुमार रेलान और मेसर्स अभिषेक फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।लालू यादव पर आरोप है कि उन्होंने रेलमंत्री रहते हुए रेलवे के दो होटलों को आईआरसीटीसी को ट्रांसफर किया और होटलों की देखभाल के लिए टेंडर जारी किये थे। रांची और पुरी के दो होटलों का आवंटन कोचर बंधु की कंपनी सुजाता होटल को ट्रांसफर कर दिया था।

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स्टॉकहोम । महंगाई के मोर्चे पर आम आदमी को राहत देने वाली खबर है। सितंबर महीने में खुदरा महंगाई दर घटकर आठ साल के निचले स्तर 1.54 फीसदी पर आ गई है, जो पिछले महीने अगस्‍त में 2.07 फीसदी थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने सोमवार को जारी आंकड़ों में बताया कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा महंगाई दर में यह गिरावट मुख्य रूप से सब्जियों और दालों सहित खाद्य पदार्थों की कीमतों में नरमी के कारण है। सितंबर, 2024 में खुदरा महंगाई दर 5.49 फीसदी थी। एनएसओ के मुताबिक सब्जियों और दालों के सस्ते होने से खुदरा महंगाई दर में दर्ज हुई है। सितंबर महीने के दौरान सालाना आधार पर खाद्य महंगाई -2.28 फीसदी रही है, जबकि अगस्त में यह -0.64 फीसदी और पिछले वर्ष सितंबर में यह 9.24 फीसदी रही थी। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया आरबीआई ने अक्टूबर की द्विमासिक मौद्रिक नीति में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने खुदरा महंगाई दर यानी मुद्रास्फीति अनुमान को अगस्त में अनुमानित 3.1 फीसदी से घटाकर 2.6 फीसदी कर दिया था।

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जयपुर । केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि 21वीं सदी का सबसे बड़ा सुधार (रिफॉर्म) देश के तीन नए आपराधिक न्याय कानूनों का क्रियान्वयन है। इनके पूर्ण रूप से लागू होने के बाद भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली दुनिया की सबसे आधुनिक प्रणाली बन जाएगी। शाह ने विश्वास जताया कि इन कानूनों के जरिये लंबित मामलों में तेजी आएगी और न्याय अब वर्षों नहीं, समयबद्ध रूप से मिलेगा। उन्होंने कहा कि 2027 से नई आपराधिक संहिताओं के तहत किसी भी एफआईआर के तीन वर्ष के भीतर सुप्रीम कोर्ट तक न्याय सुनिश्चित करने का लक्ष्य है। शाह सोमवार को सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी) में आयोजित नवीन आपराधिक कानूनों पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के अंतर्गत प्राप्त निवेश प्रस्तावों में से 4 लाख करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउंड ब्रेकिंग तथा लगभग 9,315 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इसके साथ ही शाह ने विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म के लिए 260 करोड़ रुपये और दुग्ध उत्पादकों को दूध सब्सिडी के 364 करोड़ रुपये की राशि का हस्तांतरण भी किया। उन्होंने 150 यूनिट मुफ्त बिजली योजना के तहत पंजीकरण की शुरुआत की और महिला सुरक्षा व एफएसएल (फारेंसिक साइंस लेबोरेटरी) से जुड़े वाहनों का फ्लैग ऑफ भी किया। अमित शाह ने कहा कि नए कानून लागू होने के बाद केवल एक वर्ष में ही देशभर में 50 प्रतिशत से अधिक मामलों में चार्जशीट समय पर दाखिल होने लगी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्ष में यह अनुपात 90 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। उन्होंने बताया कि लाखों पुलिसकर्मियों, न्यायिक अधिकारियों, जेल कर्मचारियों और एफएसएल स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया है। अब आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही अदालत में पेश होंगे। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी तथा पुलिस कस्टडी से फरार होने की घटनाओं पर लगभग पूरी तरह रोक लगेगी। शाह ने कहा कि नई वैज्ञानिक जांच प्रणाली के लिए विशेषज्ञ तैयार करने के लिए 2020 में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई है, इसका विस्तार देशभर हो रहा है। नई संहिताओं में आतंकवाद, मॉब लिंचिंग, संगठित अपराध और डिजिटल अपराध की स्पष्ट परिभाषा दी गई है। उन्होंने बताया कि अब कानून में 29 स्थानों पर समय-सीमा तय की गई है-जैसे 90 दिन में पीड़ित को अपडेट देना और 60-90 दिन में चार्जशीट दाखिल करना अनिवार्य है। अनुपस्थिति में भी ट्रायल चलाकर सजा देने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले राजस्थान में अपराधियों को सजा होने की दर 42 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 60 प्रतिशत हो गई है। पूर्ण रूप से लागू होने पर यह दर 90 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है।केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नए कानून दंड नहीं, बल्कि न्याय की भावना से प्रेरित होकर बनाए गए हैं। उन्होंने अपील की कि वे प्रदर्शनी का अवलोकन अवश्य करें ताकि नई न्याय प्रणाली को बेहतर ढंग से समझ सकें। इसी के माध्यम से आप जान पाएंगे कि 160 साल पुराने कानूनों को समाप्त करके नरेंद्र मोदी, जो नए तीन कानून लाए हैं। शाह ने इस अवसर पर कहा कि भाजपा सरकार वादों को धरातल पर उतारने में विश्वास रखती है। उन्होंने बताया कि पूर्व कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा गया था कि 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में कितने वास्तविक होंगे, लेकिन भजनलाल शर्मा सरकार ने अब तक 7 लाख करोड़ रुपये के एमओयू को जमीन पर उतार दिया है।   शाह ने कहा कि मैं दो बातें अवश्य कहना चाहता हूं। दीपावली निकट है और इस अवसर पर हमारी माताएं-बहनें विशेष रूप से सबसे अधिक खरीदारी करती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवरात्र के प्रथम दिन ही 395 से अधिक आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी दरों में बड़ी राहत दी है। इन वस्तुओं पर या तो जीएसटी की दर शून्य कर दी गई है, या फिर 28 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी कर राहत देश में पहले कभी नहीं दी गई। प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों की शुभ और सुलभ दीपावली सुनिश्चित करने की पूरी व्यवस्था की है। शाह ने देशवासियों से आग्रह करते हुए कहा कि दीपावली को सस्ती खरीदारी से जरूर शुभ करें, लेकिन स्वदेशी चीजों को ही खरीदें। किसानों के हित में शाह ने बताया कि मोदी सरकार ने यह निर्णय लिया है कि नाफेड और एचसीएफ के साथ पंजीकृत किसानों की तुअर, उड़द जैसी दालें 100 प्रतिशत एमएसपी पर खरीदी जाएंगी। उन्होंने कहा कि इससे देश दलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा।

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कोलकाता । पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में ओडिशा की मेडिकल छात्रा से हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अजीबोगरीब बयान दिया है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन को चुस्त करने के बजाय उन्होंने नसीहत दी है कि दूसरे राज्यों से बंगाल आई लड़कियों को रात के समय बाहर नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं, खासकर राज्य के बाहर से आने वाली लड़कियों को रात में बाहर नहीं जाना चाहिए और हॉस्टल के नियमों का पालन करना चाहिए। विपक्षी दलों ने सवाल खड़े किए हैं।   ममता बनर्जी ने रविवार को कोलकाता हवाई अड्डे पर मीडिया से बात करते हुए कहा, यह एक चौंकाने वाली घटना है। हमारी सरकार का ऐसे अपराधों के प्रति शून्य सहिष्णुता का रुख है। तीन आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं और बाकी की तलाश जारी है। किसी को छोड़ा नहीं जाएगा।    लेकिन इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा कि जो छात्राएं हॉस्टल में रहती हैं, खासकर जो बंगाल के बाहर से पढ़ने आई हैं, उन्हें हॉस्टल के नियमों का पालन करना चाहिए। उन्हें देर रात बाहर नहीं निकलना चाहिए, भले ही उन्हें कहीं जाने का मौलिक अधिकार हो।    मुख्यमंत्री का यह बयान सामने आते ही कई सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों ने इसे ‘पीड़िता को दोष देने वाली मानसिकता’ बताया। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री को यह बताना चाहिए कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठा रही है, न कि यह समझाना चाहिए कि लड़कियों को कब और कहां जाना चाहिए।    एक महिला अधिकार कार्यकर्ता ने कहा, अगर एक लड़की रात में बाहर जाती है तो इसका मतलब यह नहीं कि उसके साथ अपराध करने का किसी को अधिकार मिल गया। मुख्यमंत्री को यह कहना चाहिए था कि राज्य की हर लड़की हर वक्त सुरक्षित है, न कि उन्हें रोकने की सलाह देना चाहिए।    विपक्षी दलों ने भी मुख्यमंत्री के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की सरकार महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है। राज्य में लगातार बढ़ रहे अपराधों पर लगाम लगाने के बजाय मुख्यमंत्री पीड़िताओं को ही जिम्मेदार ठहरा रही हैं।    ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि जिस निजी मेडिकल कॉलेज में छात्रा पढ़ती थी, उसकी भी जिम्मेदारी बनती है कि वह कैंपस और आसपास के इलाकों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि “निजी कॉलेजों को अपने छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।    दुर्गापुर की यह घटना शुक्रवार रात की है, जब ओडिशा के बालेश्वर जिले की जलेश्वर निवासी एक मेडिकल छात्रा अपने दोस्त के साथ भाेजन करने के लिए कॉलेज से बाहर गई थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने उसे अगवा कर दुष्कर्म किया।

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नई दिल्ली । अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने दो दिनों के भीतर रविवार को दोबारा प्रेस कॉन्फ्रेंस की।आज की प्रेस वार्ता में उन्होंने शुक्रवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों को आमंत्रित न किए जाने के उठे विवाद पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय किसी जानबूझकर किए गए बहिष्कार के चलते नहीं था, बल्कि जल्दबाजी में दी गई सूचना और सीमित प्रतिभागियों की सूची के कारण ऐसा हुआ।   मुत्ताकी ने आज दिल्ली में एक बार फिर अफगान दूतावास में पत्रकार वार्ता की, जिसमें महिला पत्रकार भी मौजूद रही। उनके अनुसार यह तकनीकी मामला था और आयोजकों ने केवल कुछ चुने हुए पत्रकारों को आमंत्रित किया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसमें किसी प्रकार का भेदभाव शामिल नहीं था।   एक अन्य प्रश्न के उत्तर में महिलाओं के अधिकारों पर मुत्ताकी ने कहा कि तालिबान सरकार ने महिलाओं की शिक्षा को धार्मिक रूप से ‘हराम’ नहीं घोषित किया है। उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान में वर्तमान में एक करोड़ छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें लगभग 28 लाख लड़कियां शामिल हैं। मुत्ताकी ने कहा कि उनकी सरकार का संबंध विश्वभर के उलेमा और मदरसों से है, जिनमें भारत का देवबंद भी शामिल है।   उल्लेखनीय है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी की यहां आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों के प्रवेश पर रोक लगाए जाने को लेकर कांग्रेस नेताओं ने महिलाओं को देश का गौरव बताते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा था।   प्रियंका गांधी ने एक्स पोस्ट में लिखा था कि केंद्र सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि तालिबान के प्रतिनिधि की भारत यात्रा के दौरान आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस से महिला पत्रकारों को क्यों हटाया गया?   राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी की पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए लिखा था कि जब महिला पत्रकारों को सार्वजनिक मंचों से बाहर रखा जाता है, तो सरकार भारत की हर महिला को यह संदेश देती है कि वह उनके अधिकारों की रक्षा करने में कमजोर है।   विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा था कि अफगान मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं थी। यह कार्यक्रम पूरी तरह से अफगान पक्ष द्वारा आयोजित किया गया था।   उल्लेखनीय है कि विदेश मंत्री मुत्ताकी 9-16 अक्टूबर तक भारत की यात्रा पर हैं। 10 अक्टूबर को उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ मुलाकात की। इस बैठक में दोनों पक्षों ने आपसी व्यापार, मानवीय सहायता, और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।

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नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘सूचना का अधिकार अधिनियम 2005’ के 20 साल पूरे होने पर कहा कि आरटीआई ने शुरुआत में पारदर्शिता और जवाबदेही के नए युग की नींव रखी थी, लेकिन पिछले 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने इस कानून को व्यवस्थित रूप से कमजोर कर लोकतंत्र और नागरिकों के अधिकारों को खोखला कर दिया है।   खरगे ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि 20 साल पहले कांग्रेस नेतृत्व वाली संप्रग सरकार ने तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के मार्गदर्शन में आरटीआई अधिनियम लागू किया था। यह अधिनियम भ्रष्टाचार, सरकारी जवाबदेही और सार्वजनिक हित की रक्षा के लिए एक मजबूत उपकरण था, लेकिन 2014 के बाद इसके मूल उद्देश्य पर लगातार हमला हुआ।   उन्होंने कहा की साल 2019 में मोदी सरकार ने अधिनियम को बदल दिया और सूचना आयुक्तों के कार्यकाल और वेतन पर नियंत्रण कर स्वतंत्र अधिकारी को नौकरशाहों जैसा बना दिया। 2023 में लागू हुए डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण कानून ने आरटीआई के सार्वजनिक हित वाले हिस्से को प्रभावित किया और भ्रष्टाचार की जांच में बाधा डाली।   केंद्रीय सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर कोई नियुक्त नहीं है और वर्तमान में आठ पद 15 महीनों से खाली हैं, जिससे अपील प्रक्रिया धीमी हो गई है और हजारों लोग न्याय पाने से वंचित हैं।   उन्होंने दावा किया कि सरकार ने कोविड महामारी, राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2017-18, कृषि सर्वेक्षण 2016-2020 और पीएम केयर फंड के दौरान मौतों और आंकड़ों की जानकारी छुपाई, जिससे जवाबदेही से बचा जा सके।   कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आरटीआई अधिनियम के मूल उद्देश्य को बचाना और नागरिकों को उनकी जानकारी तक पहुंच सुनिश्चित करना अब और जरूरी हो गया है।  

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नई दिल्ली । अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी की यहां आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों के प्रवेश पर रोक लगाए जाने को लेकर कांग्रेस नेताओं ने महिलाओं को देश का गौरव बताते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस घटना को महिलाओं का अपमान बताते हुए सरकार से जवाब मांगा, वहीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए केंद्र की चुप्पी पर सवाल उठाए।प्रियंका गांधी ने एक्स पोस्ट में लिखा कि केंद्र सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि तालिबान के प्रतिनिधि की भारत यात्रा के दौरान आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस से महिला पत्रकारों को क्यों हटाया गया? अगर महिलाओं के अधिकारों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता केवल चुनावी दिखावा नहीं है, तो फिर देश की कुछ सबसे सक्षम महिलाओं का अपमान कैसे होने दिया गया, जबकि महिलाएं ही भारत की रीढ़ और समाज का गौरव हैं।राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी की पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए लिखा कि जब महिला पत्रकारों को सार्वजनिक मंचों से बाहर रखा जाता है, तो सरकार भारत की हर महिला को यह संदेश देती है कि वह उनके अधिकारों की रक्षा करने में कमजोर है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को हर क्षेत्र में समान भागीदारी का अधिकार है और ऐसे भेदभाव के सामने सरकार की चुप्पी नारी शक्ति पर उसके नारों की खोखलीपन को उजागर करती है।हालांकि, विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि अफगान मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं थी। यह कार्यक्रम पूरी तरह से अफगान पक्ष द्वारा आयोजित किया गया था।उल्लेखनीय है कि विदेश मंत्री मुत्ताकी 9-16 अक्टूबर तक भारत की यात्रा पर हैं। 10 अक्टूबर को उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ मुलाकात की। इस बैठक में दोनों पक्षों ने आपसी व्यापार, मानवीय सहायता, और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान शुक्रवार को मुत्ताकी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों को शामिल होने से रोका गया।

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वाशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी आयात पर अतिरिक्त 100 प्रतिशत टैरिफ (व्यापार शुल्क) लगाने की घोषणा की। यह पहली नवंबर से लागू होगा। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, “चीन ने हमारे खिलाफ अनुचित प्रतिबंध लगाए हैं। अब हम 100 प्रतिशत शुल्क लगाकर जवाब देंगे। यह और पहले से मौजूदा शुल्कों के भी ऊपर होगा।” वर्तमान समय में चीनी आयात पर औसतन 40 प्रतिशत शुल्क लगता है जाे अब ट्रंप के अतिरिक्त शुल्क की घाेषणा के बाद बढ़कर 140 प्रतिशत हाे जाएगा। इस बीच ट्रंप की इस घोषणा से स्टॉक मार्केट में भारी गिरावट आई और "डाउ जोन्स इंडेक्स" में 2 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। डाउ जाेन्स इंडेक्स एक स्टाक मार्केट इंडेक्स है जाे न्यूयार्क स्टाक एक्सचेंज और नास्डैक पर सूचीबद्ध 30 बड़ी सार्वजनिक रूप से ट्रेड की जाने वाली "ब्लू चिप" कपंनियाें के प्रदर्शन काे मांपता है। ट्रंप प्रशासन के अनुसार, यह शुल्क चीन के सभी अमेरिका-बद्ध निर्यात पर लागू होगा, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर शामिल हैं। राष्ट्रपति ने साथ ही सभी महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर पर निर्यात नियंत्रण लगाने की बात कही। यह कदम 2018 से चल रहे अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध का हिस्सा हैं जब ट्रंप ने पहले 25 प्रतिशत शुल्क लगाए थे। ट्रंप ने यह कदम चीन द्वारा दुर्लभ मिट्टी के खनिजों (रेर अर्थ मिनरल्स) पर निर्यात प्रतिबंध लगाने की जवाबी कार्रवाई के तहत उठाया है। इस बीच विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होगी। चैंबर ऑफ कॉमर्स के एक अधिकारी ने कहा, “यह उपभोक्ताओं पर बोझ डालेगा क्योंकि कीमतें बढ़ेंगी।” चीन ने राष्ट्रपति ट्रंप के इस कदम की आलाेचना करते हुए कहा कि वह इसकी बाबत उचित कदम उठाएगा। चीन ने दुर्लभ मृदा खनिजाें पर प्रतिबंध को आत्मरक्षा बताया, जो इलेक्ट्रिक वाहनों और रक्षा उद्योग के लिए आवश्यक हैं। ट्रंप का यह कदम 2024 में उनके चुनाव अभियान की रणनीति से जाेड़कर देखा जा रहा है। उस दाैरान उन्होंने चीन पर कड़ा रुख अपनाया था। सूत्राें के अनुसार प्रश्न यह है कि क्या यह शुल्क स्थायी होगा या इस बाबत वार्ता का रास्ता खुलेगा। अर्थशास्त्री वॉरेन बफेट ने चेतावनी दी है कि इससे वैश्विक मंदी का खतरा बढ़ सकता है। इस बीच, यूरोपीय संघ और भारत जैसे देश सतर्क हैं। भारत ने कहा है कि वह अमेरिका के साथ समन्वय करेगा। ट्रंप की इस नवीन घोषणा के बाद सोने की कीमतें बढ़ गई है जबकि चीनी युआन कमजोर पड़ा है।

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के किसानों से गेहूं और चावल के अलावा दालों पर ध्यान केंद्रित करते हुए फसलों में विविधता लाने का आग्रह किया ताकि प्रोटीन सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और भारत इस क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बन सके।प्रधानमंत्री ने शनिवार को यहां भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), पूसा में कृषि क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक घोषणाएं करते हुए 35,440 करोड़ रुपये की दो प्रमुख योजनाओं प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि घरेलू उत्पादन बढ़ाकर आयात निर्भरता कम करने के लिए दलहन मिशन जरूरी है। उन्होंने किसानों से गेहूं और चावल के साथ दाल उत्पादन पर विशेष ध्यान देने और फसलों में विविधता लाने का आह्वान किया ताकि देश में प्रोटीन सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।प्रधानमंत्री ने कहा कि आज से दलहन आत्मनिर्भरता मिशन शुरू हो रहा है। यह केवल दाल उत्पादन बढ़ाने का मिशन नहीं, बल्कि हमारी भावी पीढ़ियों को सशक्त बनाने का अभियान है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे कृषि प्रधान देश को अब गेहूं और चावल से आगे बढ़कर प्रोटीन आधारित फसलों की दिशा में सोचना होगा। प्रधानमंत्री ने बताया कि इस मिशन के तहत तूर, उड़द और मसूर दाल की पैदावार बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा और दाल की उचित खरीद की व्यवस्था की जाएगी, जिससे करीब दो करोड़ दाल किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।प्रधानमंत्री ने कहा कि 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाला यह मिशन दलहन क्षेत्र में नई क्रांति लाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि दाल की खेती के क्षेत्र में 35 लाख हेक्टेयर की वृद्धि की जाए, जिससे देश को दालों के आयात पर निर्भर नहीं रहना पड़े। भारत दुनिया का सबसे बड़ा खाद्यान उत्पादक देशों में से एक है, लेकिन दालों के मामले में हमें आत्मनिर्भर होना ही पड़ेगा। गेहूं और चावल से पेट तो भरता है, पर शरीर को सही पोषण के लिए पर्याप्त प्रोटीन की जरूरत होती है। दाल भारतीयों के लिए प्रोटीन का सबसे बड़ा स्रोत है और इसे आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह मिशन निर्णायक साबित होगा।प्रधानमंत्री ने साथ ही प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का भी शुभारंभ किया, जिसके तहत 24 हजार करोड़ रुपये का परिव्यय निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि यह योजना आकांक्षी ज़िलों के मॉडल से प्रेरित है। इसके तहत देश के 100 पिछड़े कृषि जिलों के विकास पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इन जिलों के चयन के लिए तीन प्रमुख मापदंड तय किए गए हैं — खेतों की उत्पादकता, खेती के चक्र की संख्या और किसानों को ऋण या निवेश की उपलब्धता।उन्होंने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में सरकारी योजनाओं का एकीकृत और समन्वित क्रियान्वयन है। इस योजना में 36 सरकारी योजनाओं को एक साथ जोड़ा गया है, ताकि किसानों तक हर स्तर पर सुविधा पहुंचे। योजना का डिजाइन इस प्रकार तैयार किया गया है कि इसे हर जिले की स्थानीय परिस्थितियों, मिट्टी और जलवायु के अनुरूप अनुकूलित किया जा सके। प्रधानमंत्री ने जिला अधिकारियों और किसानों से आग्रह किया कि वे स्थानीय स्तर पर ऐसी कार्य योजनाएं बनाएं जो वास्तव में क्षेत्र की आवश्यकताओं को पूरा करें।कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों में 5,450 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की परियोजनाओं का उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पण किया, साथ ही 815 करोड़ रुपये की अतिरिक्त परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी।प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह ऐतिहासिक दिन मां भारती के दो महान सपूतों — भारत रत्न जयप्रकाश नारायण और भारत रत्न नानाजी देशमुख — की जयंती का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा, “ये दोनों ही ग्रामीण भारत की आवाज थे, किसानों और गरीबों के कल्याण के प्रति समर्पित थे। ऐसे ऐतिहासिक दिन पर किसानों की आत्मनिर्भरता के लिए दो नई योजनाओं का शुभारंभ देश की कृषि क्रांति का नया अध्याय है।”प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने खेती-किसानी को अपने हाल पर छोड़ दिया था, जिससे कृषि व्यवस्था कमजोर होती चली गई। वर्ष 2014 के बाद हमने खेती के प्रति सरकार की सोच को पूरी तरह बदला। किसान के हित में बीज से लेकर बाजार तक सुधार किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में भारत का कृषि निर्यात लगभग दोगुना, अनाज उत्पादन 900 लाख मीट्रिक टन बढ़ा, फल और सब्जियों का उत्पादन 640 लाख मीट्रिक टन से अधिक बढ़ा है।उन्होंने कहा कि आज भारत दूध उत्पादन में दुनिया में नंबर एक और मछली उत्पादन में दूसरा सबसे बड़ा देश बन चुका है। शहद और अंडे का उत्पादन भी 2014 की तुलना में दोगुना हुआ है। प्रधानमंत्री ने बताया कि इन वर्षों में देश में छह बड़े उर्वरक कारखाने बनाए गए, 25 करोड़ से अधिक किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिए गए, और सूक्ष्म सिंचाई की सुविधा 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाई गई है। पीएम फसल बीमा योजना के तहत किसानों को लगभग दो लाख करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया है।प्रधानमंत्री ने बताया कि 10 हजार से अधिक किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) बनाए गए हैं, जिससे किसानों को एकजुट होकर बाजार तक पहुंचने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि “हमारे गांवों की महिलाएं आज नमो ड्रोन दीदियों के रूप में खाद और कीटनाशक छिड़काव जैसे आधुनिक कृषि तरीकों का नेतृत्व कर रही हैं। जीएसटी में हुए हालिया सुधारों से भी सबसे ज्यादा लाभ गांवों, किसानों और पशुपालकों को हुआ है।प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2014 से पहले कांग्रेस सरकार ने दस वर्षों में मात्र 5 करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी दी थी, जबकि हमारी सरकार ने पिछले दस वर्षों में 13 लाख करोड़ रुपये से अधिक की उर्वरक सब्सिडी प्रदान की है। भाजपा-नीत एनडीए सरकार एक बार में पीएम किसान सम्मान निधि के तहत जितनी राशि किसानों के खातों में भेजती है, उतना खर्च कांग्रेस सरकार पूरे वर्ष में खेती पर नहीं करती थी। अब तक 3.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक सीधे किसानों के खातों में जमा किए जा चुके हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए खेती में सुधार आवश्यक है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन, दोनों ही योजनाएं न केवल किसानों की आय बढ़ाएंगी बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत देंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जब गांवों में खेती मजबूत होगी, तो गांवों की अर्थव्यवस्था, किसानों की आय और देश की आत्मनिर्भरता — तीनों में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा।

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रायपुर । बस्‍तर में नक्‍सलियों का तो बिस्‍तर बंध गया, अब धर्म विरोध‍ियों का बिस्‍तर बांधना है। यह वक्‍तत्‍व पांच दिवसीय हनुमंत कथा के समापन अवसर पर बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बुधवार शाम को कही। उन्‍होंने आगे कहा क‍ि, बिच्छु के पास जहर होता है लेकिन महात्माओं के पास भजन और तप। वह हिन्दु- हिन्दु नहीं है जो अधर्म के खिलाफ आवाज ना उठाए, हमें अधर्म के खिलाफ जमकर आवाज बुलंद करनी चाहिए। उचारण ठीक हो या ना हो पर उच्च आचरण जरुर होना चाहिए। यदि उच्च आचरण होगा तो कितनी भी गड़बड़ हो जाए तुम हमेशा विजयी रहोगे।   कथा श्रवण करने के लिए पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संबोध‍ित करते हुए कहा कि, छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के साथ मजबूती से लड़ाई लड़ रहे हैं और नक्सलवाद बिल्कुल समाप्ति की ओर है। नक्सलवाद की कमर टूट गई है और नक्सलाद अंतिम सांसे ले रहा है, यह प्रभु श्रीराम, हनुमान जी के आर्शीवाद से ही संभव हो पा रहा है।प्रदेश में गौ अभ्‍यारण्‍य बनाए जाने के विषय पर मुख्‍यमंत्री ने कहा क‍ि, तहसील स्तर पर पांच-पांच हजार गोठान बनाने के संबंध में मंत्रिपरिषद में चर्चा कर जैसे महाराष्ट्र में गाय को गौमाता का दर्जा दिया गया है, उसी प्रकार हम भी छत्तीसगढ़ में जल्द ही गाय को गौमाता का दर्जा देंगे। इसके लिए जो भी प्रक्रिया है उसे पूरा कर जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि, मन को माधव से जोड़ो और तन को संसार से जोड़ो। अगर सही कनेक्शन होगा तभी तो लाइट जलेगी, जोड़ने वाला ही पूज्यनीय होता है तोड़ने वाला नहीं होता। पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि, हम लोग प्रेम तो करते है लेकिन रामजी से नहीं पड़ोसी-पड़ोसन से। जगत से प्रेम और परमात्मा से फोटो का प्रेम है।   उन्‍होंने कहा क‍ि, बाहर से रहो संसारी, अंदर से हो जाओ सन्यासी। सलाहकार हनुमानजी जैसा रखोगे तो तुम्हें रामजी के पास नहीं जाना पड़ेगा, वही लेकर आ जाएंगे और हनुमानजी के अंदर यही लीला है। हनुमानजी राजा भी बनाते है और राम से भी मिलवाते हैं। अग्नि में अगर जलाने की शक्ति है तो बचाने की भी शक्ति थी। पृथ्वी पर दूसरे रामजी हो सकते हैं लेकिन हनुमान जैसा दूसरा भक्त कोई नहीं हो सकता। हनुमान जी की जो भक्ति करता है वह रोगी होने के बाद भी निरोगी हो जाता है।पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि, जब नेता बिजी हो जाते है तो वह अपने पीए को भेजते है कि हम नहीं आ रहे है, आप चले जाओ, उसी प्रकार जब परमात्मा नहीं आते है तो महात्माओं को भेज देते हैं। छत्तीसगढ़ में टंका बजा रखा दक्षिण पीठाधीश्वर राजीव लोचनदास जी महाराज, वेद लक्ष्मी गौमाता की परंपराआ को पूरे विश्व में पहुंचाने वाले व वर्तमान में 7 से 16 नवंबर तक होने वाली पदयात्रा में उनकी अतिविशेष भूमिका रही है मलूखपीठाधिश्वर अभिरामदेवाचार्य महाराज की। पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने समाजसेवी बसंत अग्रवाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, हमें आज एक जगह पर बैठने का मौका मिला और हमें आज संत भी मिल गए और सत्संग करने का सौभाग्य भी।   पं. धीरेंद्र शास्त्री ने छत्तीसगढ़ पुलिस की साइबर ठगों के खिलाफ चलाए जा रहे जागरुकता अभियान की तारीफ। पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बड़े भाई आचार्य लोमेश गर्ग ने संबोधित करते हुए धर्म पर चलने और धर्म का आचरण करने की बात कही।   इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय,मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौश‍िल्या साय, राजीव लोचन महाराज, समाजसेवी बसंत अग्रवाल व उनके पूरे परिवार सहित कई मंत्रीगण व विधायक, जनप्रतिनिध‍िजन व बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकजन मौजूद रहे।उल्‍लेखनीय है कि, समाजसेवी चंदन - बसंत अग्रवाल (थान खम्हरिया वाले) के नेतृत्व में स्व. पुरुषोत्तम अग्रवाल स्मृति फाउंडेशन के तत्वावधान में दही हांडी उत्सव स्थल,अवधपुरी मैदान, श्रीनगर रोड, गुढिय़ारी में 4 से 8 अक्टूबर तक श्री हनुमंत कथा आयोज‍ित किया गया था। समाजसेवी चंदन - बसंत अग्रवाल ने पांच दिवसीय हनुमंत कथा व दिव्य दरबार में सहयोग के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।      

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भोपाल । मध्य प्रदेश में जहरीले कफ सिरप की वजह से बच्चों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार रात एक अन्य बच्चे की मौत हो गई। छिंदवाड़ा की उमरेठ तहसील के पचधार गांव के तीन वर्षीय मयंक सूर्यवंशी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वह 25 सितंबर से नागपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती था। इसके बाद मृतक बच्चों की कुल संख्या 22 हो गई है। इनमें 19 बच्चे छिंदवाड़ा, दो बैतूल और एक पांढुर्णा जिले का था। सभी की उम्र 8 वर्ष से कम है।   वहीं, कोल्ड्रिफ कफ सिरप बनाने वाली कंपनी श्रीसन फार्मा के निदेशक गोविंदन रंगनाथन को गिरफ्तार कर लिया गया है। छिंदवाड़ा के पुलिस अधीक्षक ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मामले में मध्य प्रदेश सरकार सरकार द्वारा बनाई गई विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बुधवार रात चेन्नई में दबिश देकर कंपनी के डायरेक्टर रंगनाथन को पकड़ा है। एसआईटी ने कंपनी से महत्वपूर्ण दस्तावेज, दवाओं के नमूने और प्रोडक्शन रिकॉर्ड भी जब्त किए हैं। उन्होंने बताया कि श्रीसन फार्मा के निदेशक रंगनाथन को गिरफ्तारी के बाद आज चेन्नई की एक अदालत में पेश किया जाएगा और ट्रांजिट रिमांड हासिल करने के बाद छिंदवाड़ा लाया जाएगा। दरअसल, मप्र में कोल्ड्रिफ कफ सिरप के कारण किडनी संक्रमण से लगातार हो रही बच्चों की मौत के बाद मध्य प्रदेश सरकार द्वारा बनाई विशेष जांच टीम (एसआईटी) बुधवार को तमिलनाडु पहुंची थी और चेन्नई और कांचीपुरम में कंपनी के रजिस्टर्ड ऑफिस और कांचीपुरम स्थित प्लांट का दौरा कर साक्ष्य जुटाए। अधिकारियों के मुताबिक, कंपनी का मालिक तीन दिन पहले ही परिसर छोड़कर चला गया था। इसके बाद छिंदवाड़ा जोन के पुलिस उप महानिरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने फरार दवा निर्माता कंपनी श्रीसन फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरर के संचालक रंगनाथन की गिरफ्तारी या गिरफ्तारी कराने वाले व्यक्ति को बीस हजार रुपये का नगद इनाम देने की घोषणा की थी। इधर, रंगनाथन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने श्रीसन फार्मा के खिलाफ जांच तेज कर दी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि सीरप के निर्माण में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई है। इसके परिणामस्वरूप यह जानलेवा उत्पाद बाजार में पहुंचा। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है। साथ ही सीरप के वितरण नेटवर्क और उन दवा दुकानों की भी जांच की जा रही है, जिन्होंने इस उत्पाद को बेचा। लोगों से अपील की गई है कि वे कोल्ड्रिफ सिरप का इस्तेमाल तुरंत बंद करें और अपने बच्चों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराएं। इस बीच कोल्ड्रिफ कफ सिरप की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। तमिलनाडु डायरेक्टर ऑफ ड्रग्स कंट्रोल की एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि यह सिरप नॉन फार्मास्यूटिकल ग्रेड केमिकल से तैयार किया गया था। जांच के दौरान कंपनी के मालिक ने मौखिक रूप से स्वीकार किया है कि उसने दो बार में प्रोपलीन ग्लायकॉल के 50 किलो के दो बैग खरीदे थे। यानी कंपनी ने 100 किलो जहरीला केमिकल खरीदा था। जांच में इसका न कोई बिल मिला है, न खरीद की एंट्री की गई। पूछताछ में जांच अधिकारियों को बताया गया कि भुगतान कभी कैश तो यूपीआई से किया था।

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नई दिल्ली । घरेलू सर्राफा बाजार में सोना और चांदी की कीमत में रिकॉर्ड तेजी का सिलसिला आज भी जारी है। ये दोनों चमकीली धातुएं आज एक बार फिर मजबूती के नए शिखर पर पहुंच गई हैं। आज के कारोबार में सोना 1,750 रुपये से लेकर 1,910 रुपये प्रति 10 ग्राम तक महंगा हुआ है। इसी तरह चांदी भी 3,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक उछल गया है।   कीमत में उछाल आने के कारण देश के ज्यादातर सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोना आज 1,23,940 रुपये से लेकर 1,24,090 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह 22 कैरेट सोना आज 1,13,610 रुपये से लेकर 1,13,760 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। वहीं, चांदी के भाव में भी तेजी आने के कारण ये चमकीली धातु दिल्ली सर्राफा बाजार में आज 1,60,100 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिक रही है। दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना 1,24,090 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 1,13,760 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,23,940 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,13,610 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 1,23,990 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,13,660 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।   इन प्रमुख शहरों के अलावा चेन्नई में 24 कैरेट सोना आज 1,23,940 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 1,13,610 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। कोलकाता में भी 24 कैरेट सोना 1,23,940 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,13,610 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 1,24,090 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 1,13,760 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,23,990 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,13,660 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,24,090 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,13,760 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी आज सोना महंगा हुआ है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना 1,23,940 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 1,13,610 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

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कोलकाता । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार रात प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान की तीखी आलोचना की है, जिसमें उन्होंने जलपाईगुड़ी जिले के नागराकाटा में भाजपा सांसद खगेन मुर्मू और विधायक शंकर घोष पर हुए हमले के लिए राज्य सरकार और तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया था।    ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर सोमवार आधी रात के बाद साझा किए गए अपने बयान में कहा कि प्रधानमंत्री ने बिना किसी जांच या तथ्यों की प्रतीक्षा किए उत्तर बंगाल की प्राकृतिक आपदा को राजनीति से जोड़ दिया। उन्होंने लिखा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण और गहरी चिंता का विषय है कि भारत के प्रधानमंत्री ने उचित जांच से पहले ही एक प्राकृतिक आपदा का राजनीतिकरण कर दिया। जब उत्तर बंगाल के लोग बाढ़ और भूस्खलन की विभीषिका से जूझ रहे हैं, तब राजनीति करना अत्यंत असंवेदनशील है।” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा नेताओं ने स्थानीय प्रशासन को बिना सूचना दिए केंद्रीय बलों के साथ भारी काफिला लेकर दुर्घटनास्थल का दौरा किया, जिससे राहत और बचाव कार्यों में बाधा उत्पन्न हुई। प्रधानमंत्री द्वारा तृणमूल कांग्रेस और राज्य सरकार को सीधे दोषी ठहराने पर ममता बनर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने किसी प्रमाणित साक्ष्य, कानूनी जांच या प्रशासनिक रिपोर्ट का इंतजार किए बिना आरोप लगाए हैं। लोकतंत्र में कानून को अपनी गति से चलने देना चाहिए, दोष तय करने का अधिकार केवल न्यायिक प्रक्रिया को है, किसी राजनीतिक टिप्पणी को नहीं।  

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नई दिल्ली । रायबरेली में एक दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की हत्या को कांग्रेस पार्टी ने संविधान, सामाजिक न्याय और मानवता की मूल भावना पर आघात बताया है।   कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि रायबरेली की घटना देश के संवैधानिक ढांचे और लोकतांत्रिक आदर्शों के खिलाफ है। भारत का संविधान हर नागरिक को समानता, सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार देता है। कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि वे समाज के वंचित, कमजोर और उत्पीड़ित तबकों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध हैं।   

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देहरादून । उत्तराखंड में बारिश जारी है। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, हेमकुंड साहिब क्षेत्र में बर्फबारी होने से पहाड़ों में ठंडक बढ़ गई है। मैदानी जिलों में भी बारिश से बारिश से सर्दी का आगाज हो गया है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।   उत्तराखंड में सोमवार सुबह से रुक-रुक कर बारिश जारी है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री के साथ ही हेमकुंड साहिब सभी ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से मौसम सर्द हो गया है। वहीं गंगोत्रीी-यमुनोत्री धाम के चारों तरफ की चोटियां बर्फ से ढक गई हैं।   बर्फबारी के बाद धामों में ठंड भी बढ़ गई है। देश-विदेश से पहुंचे तीर्थ यात्री बर्फबारी का आनंद ले रहे हैं। बर्फबारी के कारण हेलीकाप्टर सेवाएं भी उड़ान नहीं भर पा रही हैं। जबकि बर्फबारी के बाद ठंड से यात्रियों को राहत दिलाने के लिये अलाव की व्यवस्था की गई है। साथ ही यात्रियों को मेडिकल से संबंधित कोई परेशानी न हो, इसके लिये भी यात्रा मार्ग सहित धामों में चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।   मौसम केंद्र का पूर्वानुमान राज्य के सभी जनपदों के अधिकांश स्थानों में हल्की से मध्यम वर्षा, गर्जन के साथ बौछार होने की संभावना है। 3500 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना है। राज्य के पिथौरागढ़ बागेश्वर, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग एवं चमोली जनपदों में कहीं-कहीं भारी वर्षा व बर्फबारी (3500 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में) होने की संभावना है।

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जयपुर । राजस्थान की राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में रविवार देर रात लगी आग से आठ मरीजों की मौत हो गई। मृतकों में तीन महिलाएं भी हैं। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची और सबूत इकट्‌ठे किए। अग्निकांड की जांच के लिए शासन स्तर पर छह सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ट्रॉमा सेंटर में आग लगने की घटना काे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य सरकार से घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।   अधिकारियों के अनुसार रविवार रात लगभग 11 बजकर 20 मिनट पर ट्रॉमा सेंटर के न्यूरो आईसीयू वार्ड के स्टोर रूम में आग लगी। स्टोर में पेपर, मेडिकल उपकरण और ब्लड सैंपलर ट्यूब रखे हुए थे। देखते ही देखते आग ने आईसीयू को अपनी चपेट में ले लिया और पूरे वार्ड में धुआं फैल गया। फायर विभाग के कर्मचारी अवधेश पांडे के अनुसार अलार्म बजते ही टीम मौके पर पहुंच गई, लेकिन धुएं के कारण अंदर जाना संभव नहीं था। टीम ने बिल्डिंग की दूसरी ओर से खिड़कियों के शीशे तोड़कर पानी की बौछार की और लगभग डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। सभी मरीजों को बेड सहित सड़क पर शिफ्ट किया गया।   भरतपुर निवासी शेरू ने बताया कि आग लगने से करीब 20 मिनट पहले वार्ड में धुआं दिखाई देने लगा था। उन्होंने स्टाफ को सूचना दी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। थोड़ी देर बाद प्लास्टिक की ट्यूबें पिघलने लगीं और वार्ड बॉय बाहर निकल गए। उन्होंने बताया कि अपने मरीज को उन्होंने स्वयं बाहर निकाला, लेकिन आग के दो घंटे बाद ही उन्हें ग्राउंड फ्लोर पर शिफ्ट किया गया।   ट्रॉमा सेंटर के नोडल अधिकारी डॉक्टर डॉ. अनुराग धाकड़ ने बताया कि आग जिस आईसीयू में लगी, वहां 11 मरीज भर्ती थे। इनमें से छह की मौके पर मौत हो गई। आईसीयू में ग्लास वर्क होता है। इस वजह से धुएं और जहरीली गैसों के बाहर निकलने में बाधा आई। गैस तेजी से भीतर फैली और मरीजों की दम घुटने से मौत हो गई। अस्पताल के पास अपने अग्निशमन उपकरण मौजूद थे और उनका प्रयोग किया गया, परंतु जहरीली गैस की अधिकता के कारण स्टाफ को बार-बार बाहर आना पड़ा। इससे बचाव कार्य में विलंब हुआ। धाकड़ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को ही आग का मुख्य कारण माना जा रहा है। मामले की विस्तृत जांच के लिए समिति गठित की गई है।   ट्रॉमा सेंटर के उपाधीक्षक डॉ. जगदीश मोदी ने बताया कि आग लगते ही ऑन-ड्यूटी रेजिडेंट डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ ने मरीजों को बाहर निकालना शुरू कर दिया। हालांकि, धुएं से पूरे वार्ड में अफरा-तफरी मच गई और अटेंडेंट भी अपने मरीजों को लेकर बाहर भागने लगे। हादसे के बाद मरीजों को अन्य आईसीयू वार्डों में शिफ्ट कर ऑब्जर्वेशन पर रखा गया है। मृतकों की पहचान पिंटू (सीकर), दिलीप (आंधी, जयपुर), श्रीनाथ (भरतपुर), रुकमणि (भरतपुर), कुशमा (भरतपुर), सर्वेश (आगरा, उत्तर प्रदेश) बहादुर (सांगानेर, जयपुर) और दिगंबर वर्मा (सवाईमाधाेपुर) के रुप में हुई हैं।   गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह के ट्रॉमा सेंटर पहुंचने पर मृतकों के परिजनों ने रोष व्यक्त किया। उन्होंने आरोप लगाया कि आग की जानकारी समय पर देने के बावजूद अस्पताल स्टाफ ने लापरवाही बरती और मौके से भाग गया।   मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकों एवं अधिकारियों से जानकारी ली और त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मरीजों की सुरक्षा, इलाज और प्रभावित लोगों की देखभाल के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ है और उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।   पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 'एक्स' पर लिखा कि एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में आग लगने से 7 लोगों की मृत्यु बहुत दुखी करने वाली है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि इस हादसे में कम से कम जनहानि हो। प्रभु दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं घायलों को शीघ्र ‌स्वस्थ करें। राज्य सरकार इस घटना की उच्च स्तरीय जांच करवाकर यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में कहीं भी ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो सके। गहलाेत अस्पताल पहुंचे और अग्निकांड के शिकार मरीजाें के परिजनाें से बात की। गहलोत ने कहा कि इस घटना की न्यायिक जांच होनी चाहिए।

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने राजनीति, जनसेवा और खेल जगत तीनों क्षेत्रों में अमिट छाप छोड़ी। मल्होत्रा का जीवन भारतीय राजनीति और संगठन के लिए एक प्रेरणास्रोत है। प्रधानमंत्री ने सोमवार को एक्स और नमो एप पर एक आलेख साझा करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी परिवार ने हाल ही में अपने सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक को खो दिया। प्रो. मल्होत्रा ने जीवन में अनेक उपलब्धियां हासिल कीं, लेकिन उससे भी अधिक महत्वपूर्ण यह था कि उन्होंने परिश्रम, दृढ़ निश्चय और सेवा से भरा जीवन जिया। उनके जीवन को देखकर समझा जा सकता है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जनसंघ और भाजपा के मूल संस्कार क्या हैं– विपरीत परिस्थितियों में साहस, स्वयं से ऊपर सेवा भावना और राष्ट्रीय-सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति गहरी निष्ठा। उन्होंने उल्लेख किया कि विभाजन के समय मल्होत्रा परिवार ने भयावह परिस्थितियों का सामना किया, परंतु उस पीड़ा ने उन्हें आत्मकेंद्रित नहीं बनाया। इसके विपरीत, उन्होंने स्वयं को समाज सेवा में समर्पित कर दिया। उन्होंने बंटवारे में विस्थापित हुए हजारों परिवारों की मदद की और उनके पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जनसंघ के साथी मदनलाल खुराना और केदारनाथ साहनी के साथ उन्होंने दिल्ली में निःस्वार्थ सेवा कार्य किए, जिन्हें आज भी लोग याद करते हैं। मोदी ने याद किया कि 1967 में दिल्ली मेट्रोपॉलिटन काउंसिल के पहले चुनाव में जनसंघ ने शानदार प्रदर्शन किया था। लालकृष्ण आडवाणी चेयरमैन बने और मल्होत्रा को चीफ एग्जीक्यूटिव काउंसलर की जिम्मेदारी सौंपी गई—जो मुख्यमंत्री के समकक्ष पद था। उस समय उनकी उम्र मात्र 36 वर्ष थी। उन्होंने दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर और नागरिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया और राजधानी के विकास में नई दृष्टि दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि मल्होत्रा का दिल्ली से जुड़ाव अटूट रहा। ने हमेशा जनता के बीच रहकर जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाते रहे। 1960 के दशक में गौ रक्षा आंदोलन में उनकी सक्रिय भागीदारी रही, जहां उन्हें पुलिस अत्याचारों का भी सामना करना पड़ा। आपातकाल के दौरान उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया। 1984 में सिख विरोधी दंगों के दौरान जब सड़कों पर निर्दोष सिखों की हत्या हो रही थी, तब उन्होंने शांति और सद्भावना की आवाज उठाई और पीड़ितों के साथ खड़े रहे। प्रधानमंत्री ने लिखा कि मल्होत्रा का मानना था कि राजनीति केवल चुनाव जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि सिद्धांतों और मूल्यों की रक्षा का भी दायित्व है। वे संगठन के लिए एक संस्था निर्माता थे, जिन्होंने जनसंघ और भाजपा की दिल्ली इकाई को मजबूत नेतृत्व प्रदान किया। उन्होंने सिविक प्रशासन, विधानसभा और संसद सभी स्तरों पर उल्लेखनीय योगदान दिया। मोदी ने 1999 के लोकसभा चुनाव का उल्लेख किया, जब मल्होत्रा ने दक्षिण दिल्ली से डॉ. मनमोहन सिंह को हराया था। यह चुनाव बेहद हाई-प्रोफाइल था, लेकिन मल्होत्रा ने सकारात्मक प्रचार किया, कभी व्यक्तिगत हमले नहीं किए और 50 प्रतिशत से अधिक वोटों से विजय प्राप्त की। यह उनकी जनता के साथ गहरे संबंधों और मजबूत संगठनात्मक पकड़ का प्रमाण था। प्रधानमंत्री ने लिखा कि संसद में मल्होत्रा हमेशा सटीक तैयारी के साथ बोलते थे। यूपीए-1 के दौरान विपक्ष के उपनेता के रूप में उन्होंने भ्रष्टाचार और आतंकवाद के मुद्दों पर सरकार को घेरा। मोदी ने कहा, ‘‘उन दिनों मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था और हम अक्सर बातचीत करते थे। वे गुजरात की विकास यात्रा को लेकर हमेशा उत्सुक रहते थे।’’ राजनीति के साथ-साथ मल्होत्रा एक शिक्षाविद् और विद्वान भी थे। उन्होंने अपनी पढ़ाई समय से पहले पूरी की थी और हिंदी पर गहरी पकड़ रखते थे। वे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के भाषणों का हिंदी अनुवाद करते थे। उन्होंने संघ से जुड़ी कई सांस्कृतिक और शैक्षिक संस्थाओं की स्थापना की, जिनके माध्यम से अनेक प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिला। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन संस्थाओं ने समाज में सेवा और आत्मनिर्भरता की भावना को प्रोत्साहित किया। मल्होत्रा ने खेल प्रशासन में भी असाधारण योगदान दिया। वे आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के लंबे समय तक अध्यक्ष रहे और उनके नेतृत्व में भारतीय तीरंदाजी को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली। खिलाड़ियों के लिए अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा। प्रधानमंत्री ने कहा कि मल्होत्रा को लोग न केवल उनके पदों के लिए, बल्कि उनकी संवेदनशीलता और समर्पण भावना के लिए याद करते हैं। वे हमेशा लोगों की कठिनाइयों में उनके साथ खड़े रहे और विपरीत परिस्थितियों में भी अपने दायित्वों से पीछे नहीं हटे। मोदी ने बताया कि हाल ही में दिल्ली भाजपा के नए मुख्यालय के उद्घाटन के दौरान उन्होंने मल्होत्रा को स्नेहपूर्वक याद किया। उन्होंने कहा, ‘‘तीन दशक बाद जब भाजपा ने दिल्ली में सरकार बनाई, तो वे बहुत प्रसन्न थे। उनकी अपेक्षाएं बड़ी थीं, जिन्हें पूरा करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।’’ प्रधानमंत्री ने अपने लेख के अंत में कहा कि आने वाली पीढ़ियां मल्होत्रा के जीवन, कार्यों और आदर्शों से प्रेरणा लेती रहेंगी। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि समर्पण, संगठन और सेवा भावना से समाज और राष्ट्र के लिए कितना कुछ किया जा सकता है।

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नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में संपन्न होंगे। प्रथम और द्वितीय चरण का मतदान क्रमशः 6 और 11 नवंबर को होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी। यह जानकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को दी। ज्ञानेश कुमार ने यहां के विज्ञान भवन में सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि पहले चरण में 6 नवंबर को 121 सीटों पर और दूसरे चरण में 11 नवंबर को 122 सीटों पर मतदान होगा। बिहार विधानसभा चुनाव पूरी पारदर्शिता और शांति के साथ कराए जाएंगे। राज्य में कुल 7.43 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 3.92 करोड़ पुरुष, 3.50 करोड़ महिला और 1,725 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं। इसके अलावा 7.2 लाख दिव्यांग मतदाता, 4.04 लाख 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता, 14 हजार 100 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता और 1.63 लाख सेवा मतदाता हैं। राज्य में 18 से 19 वर्ष की आयु के 14.01 लाख और 20 से 29 वर्ष की आयु के 1.63 करोड़ मतदाता हैं। इस चुनाव में करीब 14 लाख मतदाता पहली बार मतदान करेंगे। नए मतदाताओं को 15 दिनों के भीतर वोटर कार्ड प्रदान किए जाएंगे।मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि राज्य में कुल 90,712 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 76,801 ग्रामीण क्षेत्रों और 13,911 शहरी क्षेत्रों में हैं। प्रत्येक मतदान केंद्र पर औसतन 818 मतदाता होंगे। इसके अलावा 292 दिव्यांग, 38 युवा और 1,044 महिला संचालित मतदान केंद्र बनाए गए हैं। साथ ही, 1,350 आदर्श मतदान केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की सुविधा उपलब्ध होगी ताकि निगरानी सुनिश्चित की जा सके।उन्होंने कहा कि बिहार ने मतदाता सूची को शुद्ध करने के मामले में पूरे देश के लिए एक मिसाल पेश की है। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूचियों को अद्यतन किया गया है। मसौदा सूची प्रकाशित होने के बाद सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों को दावे और आपत्तियाँ दर्ज कराने का अवसर दिया गया था। अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की गई। नामांकन की अंतिम तिथि से 10 दिन पहले तक वोटर लिस्ट में नाम जोड़ा जा सकता है, लेकिन अंतिम सूची जारी होने के बाद कोई नया नाम नहीं जोड़ा जाएगा।बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं, जिनमें 38 सीटें अनुसूचित जाति (एससी) और दो सीटें अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित हैं। वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है। चुनाव आयोग की इस पत्रकार वार्ता में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी मौजूद थे। मुख्य चुनाव आयुक्त ने विश्वास जताया कि आयोग की पूरी टीम और राज्य प्रशासन मिलकर बिहार में निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराएंगे।

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छिंदवाड़ा/भोपाल । मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में परासिया क्षेत्र के कफ सिरप से 11 बच्चों की मौत के बाद आखिरकार प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार देर रात परासिया थाना में डॉ. प्रवीण सोनी और श्रेसन फार्मास्युटिकल कंपनी (कांचीपुरम, तमिलनाडु) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसके बाद पुलिस अधीक्षक द्वारा बनाई गई स्पेशल पुलिस टीम ने छिंदवाड़ा के कोतवाली थाना क्षेत्र के राजपाल चौक से डॉक्टर प्रवीण सोनी को देर रात गिरफ्तार कर लिया। इसी डॉक्टर ने बच्चों को घातक कफ सिरप लिखा था। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बीएमओ डॉ. अंकित सल्लाम की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। दरअसल, शनिवार को तमिलनाडु से कफ सिरप के सैंम्पलों की जांच प्राप्त हुई थी। कोल्ड्रिफ कफ सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकोल की मात्रा अधिक होने की पुष्टि के बाद बीएमओ डॉ. सल्लाम की शिकायत पर पुलिस ने डॉक्टर प्रवीण सोनी और कंपनी के खिलाफ बीएनएस धारा 276 (औषधियों में मिलावट),बीएनएस धारा 105(3) (आपराधिक मानव वध) और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 की धारा 27(ए)(iii) और 26 के तहत मामला दर्ज किया है। इसमें 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है। इसके बाद शनिवार देर रात पुलिस ने कफ सिरप लिखने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार कर लिया है। बीएमओ डॉ. सल्लाम ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने डॉक्टर और कंपनी के खिलाफ जांच तेज कर दी है। प्रारंभिक साक्ष्यों के अनुसार, जिस दवा का उपयोग बच्चों के उपचार में किया गया, उसके नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए थे। जिसकी रिपोर्ट में दवा को एडलट्रेडेट यानी मिलावटी पाया गया। रिपोर्ट के आधार पर ही एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग इस पूरे प्रकरण को बेहद गंभीरता से ले रहा है। बच्चों की मौत की सच्चाई सामने लाने के लिए वैज्ञानिक और चिकित्सकीय दोनों स्तरों पर जांच चल रही है। यदि और किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों से अपील है कि बिना डॉक्टरी सलाह के सिरप न दें। गौरतबल है कि परासिया विकासखंड में किडनी फेल होने से अब तक 11 बच्चों की मौत हो चुकी है और अभी कई बच्चों का अस्पताल में उपचार जारी है। इनमें एक से पांच साल तक के बच्चे शामिल हैं। इन बच्चों को सर्दी, खांसी और बुखार हुआ था। सभी बच्चे बाल रोग चिकित्सक डॉ.प्रवीण सोनी के क्लिनिक में पहुंचे थे। डॉक्टर ने कई बच्चों को कोल्ड्रिफ कफ सिरप दिया गया था। बच्चों ने दवाई पी और बुखार उतर गया, खांसी ठीक हो गई, लेकिन दो दिन बाद पेशाब बंद हो गई। परिवारवालों ने छिंदवाड़ा से लेकर नागपुर तक इलाज करवाया, लेकिन उनकी जान नहीं बच पाई। आरोप है कि बच्चों की ऐसी हालत डॉक्टर की लिखी कफ सिरप से हुई, जिसे चार साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं देनी थी।   मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 11 बच्चों की मौतों को दुखद बताते हुए 4-4 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।  

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टोक्यो । जापान में शनिवार रात होन्शू के पूर्वी तट पर 6 तीव्रता के भूकंप से धरती कांप उठी। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार, होन्शू के पूर्वी तट के पास 6.0 तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र जमीन से करीब 50 किलोमीटर गहराई में था। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या सुनामी की चेतावनी नहीं है। उल्लेखनीय है कि जापान अत्यंत सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र में है। इसके द्वीपों में अक्सर भूकंप आते हैं। यहां कई विनाशकारी भूकंप आ चुके हैं, जो सुनामी का कारण बनते हैं। 

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नई दिल्ली । कांग्रेस ने देश में बढ़ती आर्थिक असमानता का दावा करते हुए केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों ने धन को कुछ चुनिंदा हाथों में केंद्रित कर दिया है, जिससे लोकतंत्र की आत्मा पर सीधा असर पड़ रहा है।   पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पोस्ट में कहा कि एक तरफ करोड़ों भारतीय रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं सिर्फ 1687 लोगों के पास देश की आधी संपत्ति केंद्रित है। सत्ता के गठजोड़ से कुछ उद्योगपति लगातार अमीर होते जा रहे हैं, जबकि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाला एमएसएमई क्षेत्र अभूतपूर्व दबाव में है।   कांग्रेस नेता ने कहा कि आम लोगों की कमाई के अवसर घट रहे हैं, महंगाई और कर्ज का बोझ बढ़ रहा है, जबकि शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर निवेश लगातार घटता जा रहा है। उन्होंने मनरेगा में वेतन संकट और श्रमिकों को समय पर भुगतान न होने को इस असमान नीति का उदाहरण बताया।   रमेश ने कहा कि अगर यह प्रवृत्ति जारी रही तो भारत भी उन देशों की कतार में शामिल हो जाएगा, जहां आर्थिक असमानता और कमजोर लोकतांत्रिक संस्थाएं राजनीतिक अराजकता को जन्म देती हैं।  

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भोपाल । मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया ब्लॉक में रोग को दूर करने वाला 'कफ सिरप' ही नौ बच्चों की मौत का जिम्मेदार बन गया। कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने के बाद पिछले 20 दिन में नौ बच्चों की किडनी फेल होने से मौत हो चुकी है। इनमें से ज्यादातर बच्चों ने नागपुर के निजी अस्पतालों में दम तोड़ा। कई बच्चे अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। छिंदवाड़ा जिले के नौ बच्चों की मौत की वजह बताए जा रहे कफ सिरप में जहरीले केमिकल की मिलावट पाई गई है। शुक्रवार को तमिलनाडु सरकार ने भी इसकी पुष्टि कर दी है। तमिलनाडु सरकार के ड्रग डिपार्टमेंट के अधिकारियों की जांच में श्रीसन कंपनी की कांचीपुरम यूनिट में हुई जांच में खुलासा हुआ है कि कोल्ड्रिफ कफ सिरप में 48.6% डाईथाइलीन ग्लॉयकाल की मिलावट है। ये एक जहरीला केमिकल है। इसके बाद तमिलनाडु सरकार ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप के प्रोडक्शन और सेल पर प्रतिबंध लगा दिया है। तमिलनाडु सरकार द्वारा शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कोल्ड्रिफ कफ सिरप के जिस बैच नंबर एसआर–13 को बच्चों की मौत के लिए संदिग्ध माना जा रहा है, उसे बनाने में दूषित केमिकल का इस्तेमाल हुआ है। तमिलनाडु ड्रग डिपार्टमेंट ने इस बैच की दवाओं के लिए सैंपल जांच के लिए भेजे थे, 24 घंटे में इसकी रिपोर्ट आ गई। इसी के बाद सरकार ने ये फैसला लिया। तमिलनाडु सरकार के आदेश में कहा गया है कि जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती, इस दवा के निर्माण और बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। छिंदवाड़ा के एसडीएम शुभम यादव ने बताया कि छह बच्चों में 'कफ सिरप' की हिस्ट्री मिली है, जिसमें एक 'डायएथिलीन ग्लायकॉल' केमिकल को मौत का जिम्मेदार माना जा रहा है। इन बच्चों में पांच में कोल्ड्रिफ और एक में नेक्सट्रॉस डीएस की हिस्ट्री मिली है। फिलहाल दोनों सिरप को बैन कर दिया गया है। वहीं, औषधि निरीक्षक शरद जैन ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कटारिया फार्मा पर उपलब्ध कोल्ड्रिफ के शेष स्टॉक की खरीदी बिक्री को तत्काल प्रभाव से बंद करवा दिया गया है। इसके साथ ही इस फर्म द्वारा छिंदवाड़ा जिले में भी जहां दवाई सप्लाई की गई थी उन फर्मों से भी इस दवाइयों के क्रय विक्रय को पूर्णतः प्रतिबंध करवा दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस दवाई के सैंपल जिला औषधि निरीक्षक छिंदवाड़ा द्वारा भी लिये जा चुके हैं। सैंपल की रिपोर्ट के आधार पर आगामी विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। औषधि निरीक्षक ने दवा के सभी थोक एवं फुटकर विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि यदि उनकी फर्म पर कोल्ड्रिफ सिरप उपलब्ध है तो वे नमूनों की जाँच रिपोर्ट आने तक इसका विक्रय न करें और उपलब्ध सिरप को स्टॉकिस्ट को तुरंत वापस कर दें। इधर, छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पवन नंदूरकर ने बताया कि रिसर्च में ऐसा पाया गया है कि 'कोल्ड सिरप' या 'कफ सिरप' बनाने के दौरान 'डायएथिलीन ग्लायकॉल' नाम के केमिकल के मिलाए जाने से इस तरह किडनी डैमेज के मामले सामने आते हैं। बैन किए गए दो कफ सिरप में ये केमिकल था या नहीं ये तो जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पता चलेगा। फिलहाल इनकी बिक्री पर रोक लगा दी गई है। डॉ. नंदूरकर ने बताया कि वैसे तो किडनी डैमेज के कई कारण हो सकते हैं। पानी की खराबी, धातु का होना, जहरीला पदार्थ, डिहाईड्रेशन आदि के कारण भी किडनी डैमेज हो सकती है। अब क्योंकि अभी तक सामने आए मामलों में ये कफ सिरप कॉमन रही है। इस कारण कोल्ड्रिफ और नेक्सट्रॉस डीएस में 'डायएथिलीन ग्लायकॉल' केमिकल गड़बड़ी की संभावना जताई जा रही है। डॉ. पवन नंदूरकर ने बताया कि अब तक नौ बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें दिव्यांश चंद्रवंशी (7 वर्ष), अदनान खान (5 वर्ष), हेतांश सोनी (5), उसैद (4), श्रेया यादव (18 माह), विकास यदुवंशी (4), योगिता विश्वकर्मा (5 वर्ष), संध्या भोसोम (सवा साल) और चंचलेश यदुवंशी शामिल है। दो बच्चों की मौत पिछले तीन दिनों में हुई है। सवा साल की संध्या भोसोम 17 सितंबर को बीमार हुई थी। उसे 18 सितंबर को परासिया के निजी चिकित्सालय लाया गया था। फिर उसका इलाज सरकारी अस्पताल में चला। इसके बाद फिर परासिया के निजी चिकित्सालय में वापस 26 सितंबर को भर्ती किया गया। बाद में उसे सीएचसी परासिया से छिंदवाड़ा रेफर किया गया। छिंदवाड़ा जिला चिकित्सालय से संध्या को 28 सितंबर को नागपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। नागपुर में एक अक्तूबर को उसकी मौत हो गई। संध्या के अलावा गायगोहान के चंचलेश यदुवंशी की भी नागपुर में उपचार के दौरान मौत हुई है। एसडीएम शुभम यादव ने बताया कि पूरे इलाके में 1420 बच्चों को मैपिंग की गई है। इन बच्चों को वायरल हुआ था। सभी पर नजर रखी जा रही है। परासिया में गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है। निजी अस्पतालों को कहा गया है कि वे वायरल केस आने पर उसे ट्रीट न करें। सीधे सरकारी अस्पताल को सूचित करें। जो व्यवस्था सरकार की तरफ से बनाई गई है। उसमें बच्चे का इलाज होगा। उन्होंने बताया कि पानी की जांच की गई हैं। वे सभी सामान्य हैं। एसडीएम शुभम यादव यादव ने बताया कि बच्चों को बुखार होने के साथ ही उल्टी-दस्त और खांसी भी है। ये पैटर्न 2022 में गांबिया में भी देखने को मिला था। वहां पर भारत से वैक्सीन गईं थी। इस आधार पर वहां जांच हुई तो पता चला कि कफ सिरप में एक केमिकल था, जो घटना के लिए जिम्मेदार था, जिसकी वजह से बच्चों की किडनी पर असर पड़ा था। इसी आधार पर परासिया में भी जांच हो रही है। उनका कहना है कि ब्लॉक में दो लाख से ज्यादा की आबादी है, इसमें 25 हाजर बच्चे हैं, जो पांच साल के या फिर इससे छोटे हैं। आशा वर्कर की मदद से सर्वे करके अब तक करीब 4658 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई है। इसमें से 4411 के टेस्ट किए जा चुके हैं इनकी रिपोर्ट सामान्य आई है। अभी अस्पताल में भर्ती बच्चों में से तीन की हालात गंभीर है, उनको डायलिसिस दिया जा रहा है। वे वेंटीलेटर पर हैं। क्या मिला जांच में? कांचीपुरम जिले के सुंगुवर्चत्रम में स्थित श्रीसन फार्मास्यूटिकल की यूनिट से कोल्ड्रिफ़ सिरप (बैच नंबर SR-13) जब्त किया गया। जांच में पता चला कि इसमें नॉन-फार्माकॉपिया ग्रेड प्रोपीलीन ग्लाइकॉल का इस्तेमाल हुआ, जो संभवतः डायथिलीन ग्लाइकॉल और एथिलीन ग्लाइकॉल से दूषित था। दोनों ही केमिकल किडनी को नुकसान पहुंचाने वाले जहरीले पदार्थ हैं। जैसे ही सैंपल चेन्नई की सरकारी ड्रग्स टेस्टिंग लैब में भेजे गए, वहां से 24 घंटे में रिपोर्ट दी गई। जांच रिपोर्ट के बाद तमिलनाडु सरकार का एक्शन - पूरे राज्य में कोल्ड्रिफ़ सिरप की बिक्री–वितरण पर तुरंत रोक लगाई गई। सभी ड्रग इंस्पेक्टर्स को थोक और रिटेल दुकानों से स्टॉक फ्रीज करने का आदेश दिया। ओडिशा और पुडुचेरी के अधिकारियों को भी अलर्ट किया गया। कंपनी को स्टॉप प्रोडक्शन ऑर्डर जारी कर दिया गया। मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस कैंसिल करने के लिए शो-कॉज नोटिस भी भेजा गया। तमिलनाडु सरकार ने रिपोर्ट में ये भी लिखा है कि मध्य प्रदेश सरकार की ड्रग कंट्रोल अथॉरिटी ने 1 अक्टूबर को 3.37 बजे कोल्ड्रिफ कफ सिरप की सूचना भेजी थी। 1 और 2 अक्टूबर को तमिलनाडु में सरकारी छुट्‌टी थी। इसके बावजूद हमने 27 मिनट के भीतर इस पर एक्शन लिया और जांच के आदेश जारी किए। तमिलनाडु सरकार के डिप्टी डायरेक्टर ड्रग कंट्रोलर एस गुरुभारती ने सीनियर ड्रग इंस्पेक्टर की जांच टीम बनाई। उसी दिन ये टीम फैक्ट्री में जांच के लिए पहुंची। इसके बाद अगले दिन यानी 2 अक्टूबर को भी जांच टीम फैक्ट्री पहुंची। जांच टीम को फैक्ट्री में कई तरह के प्रोटोकाल के उल्लंघन मिले हैं।

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मैहर । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत शनिवार सुबह मध्य प्रदेश के दो दिवसीय पर मैहर पहुंचे हैं। वे यहां प्रसिद्ध मां शारदा मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना करेंगे। मैहर का ये मंदिर शक्ति पीठ के रूप में जाना जाता है और लोगों के लिए आस्था का बड़ा केंद्र है। दर्शन के बाद सरसंघचालक सतना जिले के उतेली इलाके में आयोजित प्रांत स्तरीय विस्तारक वर्ग को संबोधित करेंगे। इस वर्ग में प्रदेश भर से संघप्रचारक शामिल होंगे और संगठन की आगे की योजनाओं पर चर्चा करेंगे।   सरसंघचालक डॉ भागवत शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे ट्रेन से मैहर रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां से उन्हें सुरक्षा घेरे में कार से संघ कार्यालय, बॉस कॉलोनी ले जाया गया। यहां कुछ समय विश्राम के बाद सरसंघचालक मां शारदा देवी मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने मंदिर प्रांगण को आम दर्शनार्थियों से खाली करा दिया है और सीढ़ी मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं को नियंत्रित संख्या में प्रवेश दिया जा रहा है। दर्शन के उपरांत सरसंघचालक का काफिला राम पथ गमन मार्ग से सतना के लिए रवाना होगा। संघसंघचालक के कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मैहर कलेक्टर रानी बाटड ने सुरक्षा कारणों से शनिवार सुबह 4 बजे से रात 8 बजे तक पूरे मैहर तहसील क्षेत्र को नो-फ्लाई जोन घोषित किया है। इस अवधि में ड्रोन, पैराग्लाइडर और हॉट एयर बैलून जैसी उड़ान गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरसंघचालक डॉ भागवत मैहर में मां शारदा मंदिर में दर्शन के उपरांत सतना जिले में अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वे उतेली इलाके में आयोजित प्रांत स्तरीय विस्तारक वर्ग में प्रदेश भर से आए स्वयंसेवकों और प्रचारकों को संबोधित करेंगे। वहीं, दूसरे दिन 5 अक्टूबर को वे सतना के सिंधी कैंप में स्थित बाबा मेहरशाह दरबार साहिब का लोकार्पण करेंगे। यह दरबार साहिब सिख समुदाय का महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है।   इसके बाद सरसंघचालक का सतना के बीटीआई ग्राउंड में संबोधन होगा जिसमें स्वयंसेवक और आम लोग मौजूद रहेंगे। सुरक्षा के लिए दोनों जगह पुलिस बल तैनात किया गया है। सतना कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस. ने बताया कि सभी कार्यक्रमों पर निगरानी रखी जा रही है और ट्रैफिक व पार्किंग का भी पूरा ध्यान रखा गया है।  

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को 62 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न युवा-केंद्रित योजनाओं का शुभारंभ करते हुए कहा कि एनडीए सरकार का संकल्प है कि अब बिहार का युवा अपने ही राज्य में सम्मानजनक रोजगार पाएगा और पलायन का दौर समाप्त होगा। उन्होंने कहा कि कभी शिक्षा और रोजगार के अभाव में लाखों युवाओं को बिहार छोड़कर दूसरे राज्यों की ओर जाना पड़ा था लेकिन आज राज्य विकास के नए युग में प्रवेश कर चुका है। प्रधानमंत्री ने यह बातें यहां विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय कौशल दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहीं। इस अवसर पर उन्होंने देशभर के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के 46 टॉपर छात्रों को सम्मानित किया। मोदी ने कहा कि यह समारोह भारत में कौशल विकास को नई प्रतिष्ठा देने का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार परिवर्तन (पीएम-सेतु) योजना की शुरुआत की, जिसके तहत 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश से देशभर के 1,000 आईटीआई को हब-एंड-स्पोक मॉडल पर अपग्रेड किया जाएगा। इस मॉडल में 200 हब आईटीआई और 800 स्पोक आईटीआई शामिल होंगे। इनके माध्यम से आधुनिक बुनियादी ढांचा, डिजिटल लर्निंग सिस्टम और इनक्यूबेशन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मोदी ने कहा, “पीएम-सेतु भारत के युवाओं को विश्व की स्किल डिमांड से जोड़ेगा।” उन्होंने बताया कि वर्तमान में देश के आईटीआई में 170 ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जा रहा है और पिछले 11 वर्षों में डेढ़ करोड़ से अधिक युवाओं को स्किल ट्रेनिंग मिल चुकी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 तक देश में 10,000 आईटीआई थीं, जबकि पिछले एक दशक में 5,000 और स्थापित की गई हैं।   प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में बिहार का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार की युवा आबादी देश की शक्ति है। उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं का सामर्थ्य बढ़ता है तो भारत की ताकत भी बढ़ती है। मोदी ने याद दिलाया कि दो दशक पहले बिहार की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी- न स्कूल खुलते थे, न भर्तियां होती थीं। इसी कारण मजबूरी में लाखों बच्चों को बनारस, दिल्ली और मुंबई पलायन करना पड़ा। उन्होंने कहा कि आरजेडी के कुशासन ने बिहार की जड़ों में कीड़ा लगा दिया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने उन बिगड़ी व्यवस्थाओं को फिर से पटरी पर लाया। आज बिहार में शिक्षा बजट कई गुना बढ़ा है, हर गांव में स्कूल खुल चुके हैं और पिछले दो वर्षों में ढाई लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। उन्होंने कहा कि कि अब हमारा लक्ष्य है कि बिहार का युवा बिहार में ही रोजगार पाए। प्रधानमंत्री ने बिहार के लिए कई नई योजनाओं और परियोजनाओं का शुभारंभ किया, जिनमें मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना और बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना शामिल हैं। इन योजनाओं के तहत हर साल पांच लाख स्नातक युवाओं को दो साल तक एक हजार मासिक भत्ता और मुफ्त कौशल प्रशिक्षण मिलेगा, जबकि क्रेडिट कार्ड योजना में छात्रों को 4 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त शिक्षा ऋण प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने बिहार युवा आयोग और जन नायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय का भी उद्घाटन किया। विश्वविद्यालय उद्योग-उन्मुख पाठ्यक्रमों के माध्यम से वैश्विक स्तर का कुशल कार्यबल तैयार करेगा। उन्होंने पीएम-उषा (प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान) के तहत बिहार के चार विश्वविद्यालयों- पटना विश्वविद्यालय, भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (मधेपुरा), जयप्रकाश विश्वविद्यालय (छपरा) और नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय (पटना)- में नई शैक्षणिक और अनुसंधान सुविधाओं की आधारशिला भी रखी। अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर का विशेष उल्लेख किया और कहा कि उन्होंने समाज के सबसे कमजोर तबके के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित किया। कर्पूरी ठाकुर को जननायक सोशल मीडिया की ट्रोल टीम ने नहीं बनाया, बल्कि बिहार के जन-जन ने बनाया है। मोदी ने बिहार की जनता को चेताया कि आजकल कुछ लोग ‘जननायक’ पद की भी चोरी करने की कोशिश में लगे हैं। इसलिए बिहार के लोग सतर्क रहें कि कर्पूरी ठाकुर का यह जनमानस द्वारा दिया गया सम्मान कोई चुरा न ले। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके नाम पर बनने वाला कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय, उनके शिक्षा विस्तार और समाज सेवा के सपनों को आगे बढ़ाने का माध्यम बनेगा। मोदी ने 34 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 400 नवोदय विद्यालयों और 200 एकलव्य आवासीय विद्यालयों में 1,200 व्यावसायिक कौशल प्रयोगशालाओं का भी उद्घाटन किया। इन प्रयोगशालाओं में आईटी, ऑटोमोटिव, कृषि, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में छात्रों को प्रशिक्षण मिलेगा।   इसके साथ ही उन्होंने एनआईटी पटना के बिहटा परिसर को राष्ट्र को समर्पित किया, जिसमें 5जी यूज केस लैब, इसरो के सहयोग से क्षेत्रीय अंतरिक्ष शैक्षणिक केंद्र और नवाचार एवं इनक्यूबेशन हब जैसी सुविधाएं शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में बिहार सरकार के 4,000 से अधिक नवनियुक्त उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित किए, साथ ही कक्षा 9 और 10 के 25 लाख छात्रों को 450 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति का प्रत्यक्ष लाभ भी हस्तांतरित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि साल 2014 से पहले भारत को नाज़ुक अर्थव्यवस्था कहा जाता था, लेकिन आज भारत दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में स्थान पाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश में इस समय जीएसटी बचत उत्सव चल रहा है और बिहार के युवा बाइक-स्कूटर पर जीएसटी घटने से बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की तरक्की ही भारत की तरक्की है। यही कारण है कि सरकार शिक्षा, कौशल और रोजगार को एकसाथ जोड़कर ‘विकसित भारत’ की दिशा में कदम बढ़ा रही है।

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नई दिल्ली । राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत जेल में बंद सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे एंग्मो ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर वांगचुक की गिरफ्तारी को चुनौती दी है। वांगचुक को 26 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल वांगचुक राजस्थान के जोधपुर जेल में बंद हैं।   गीतांजलि की ओर से वकील सर्वम रीतम खरे ने याचिका दायर की है। याचिका में सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए उन्हें रिहा करने की मांग की है। गीतांजलि ने याचिका में कहा है कि वांगचुक की गिरफ्तारी के एक हफ्ते के बाद भी उनके स्वास्थ्य के बारे में उन्हें कोई सूचना नहीं है।   उल्लेखनीय है कि वांगचुक लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे थे। लद्दाख में प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा के बाद हुई गोलीबारी में 4 लोगों की मौत हो गई थी।   

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खंडवा । मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में पंधाना थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अर्दला में गुरुवार शाम को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली तालाब में गिर गई। हादसे में आठ बच्चियों समेत 11 लोगों की मौत हो गई। इनमें नौ साल के बच्चे से लेकर 25 साल तक के युवा हैं। तीन लोगों की हालत गंभीर है। करीब 35 से 40 लोगों के डूबने की जानकारी मिली है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हादसे पर दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है।   पंधाना थाना पुलिस के मुताबिक, अर्दला गांव में गुरुवार शाम करीब 4 बजे देवी विसर्जन के लिए कच्चे पुल पर खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली तालाब में पलट गई, जिससे उसमें सवार सभी लोग पानी में जा गिरे। उनको बचाने के लिए 10-15 लोगों ने तालाब में छलांग लगा दी। सूचना मिलने पर शाम करीब 5 बजे पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। रात नौ बजे तक 11 शव निकाले जा चुके थे। सूचना मिलने पर खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता समेत प्रशानिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे।   खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि ट्रैक्टर ड्राइवर को तालाब की गहराई का अंदाजा नहीं था। अति उत्साह में वे लोग ट्रॉली समेत नीचे उतर गए। ट्रॉली पलटने से सभी लोग पानी में डूब गए। उन्होंने बताया कि रात नौ बजे तक 11 लोगों के शवों को तालाब से बाहर निकाला गया है। रेस्क्यू के लिए बुरहानपुर और ओंकारेश्वर से भी एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया था। रात नौ बजे रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हुआ। आखिरी शव चंदा नाम की बच्ची का निकाला गया। उन्होंने बताया कि मृतकों को आरबीसी की धारा के तहत चार-चार लाख रुपये की राहत राशि देने के साथ ही शासन से राहत दिलवाने की के हर संभव प्रयास किए जाएंगे।   कलेक्टर ने बताया कि मृतकों में आयुष (9) पुत्र भारत , रेव सिंग (13) पुत्र मुंशी सिंह, दिनेश (13) पुत्र शांतिलाल, शर्मिला (15) पुत्र प्यार सिंह, संगीता (16) पुत्री ज्ञान सिंह, किरण (16) पुत्री रेमसिंग, उर्मिला (16) पुत्री रेलसिंग, गणेश (20) पुत्र तेर सिंह, पाटली (25) पुत्री कैलाश, आरती पुत्री प्यार सिंह और आठ वर्षीय चंदा नाम की बालिका शामिल है। वहीं, तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका खंडवा के जिला अस्पताल में उपचार जारी है। खंडवा जिला अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि सोनू (16) पुत्र थावर सिंह, सोनू ()18 पुत्र रिशू और मंजुला (17) पुत्री मांगीलाल (17) की हालत गंभीर है। उनके फेफड़ों में पानी भर गया है। तीनों को करीब 48 घंटे तक आईसीयू में ऑब्जर्वेशन पर रखा जाएगा।   प्रत्यक्षदर्शी प्रदीप जगधन्ने ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली जहां गिरी, वहां करीब 50 फीट पानी रहा है। नौ लोगों को तो हमने ही बाहर निकाला। इनको पंधाना अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने तीन को जीवित बताया। उनको लेकर खंडवा जिला अस्पताल पहुंचे। वहीं, प्रत्यक्षदर्शी जालम सिंह ने बताया कि ड्राइवर ट्रैक्टर को तालाब की पाल के ऊपर ले गया था। ट्रॉली में बैठे लोगों ने उससे पानी में नीचे उतरने को कहा। उनके कहने पर ड्राइवर तालाब किनारे ट्रैक्टर ले गया। कुछ लोग तालाब किनारे ही उतर गए। जो ट्रॉली में बैठे थे, उनमें से कुछ ने ट्रैक्टर पानी में और आगे ले जाने को कहा। ड्राइवर ने मना किया तो उस पर दबाव बनाया। ट्रैक्टर आगे बढ़ाते ही पानी में समा गया। ट्रॉली पलट गई। कुछ लोग तैरकर बाहर आ गए, लेकिन जो ट्रॉली के नीचे फंसे उनकी मौत हो गई, जबकि वे भी तैरना जानते थे। फंसते नहीं तो जान बच जाती।   दिवंगत नागरिकों के परिजन को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विजयादशमी के अवसर पर खण्डवा और उज्जैन जिले में घटित अलग-अलग घटनाओं में नागरिकों की असामयिक मृत्यु पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है। उन्होंने बाबा महाकाल से दिवंगत नागरिकों की आत्मा की शांति और प्रभावित परिवारों को यह दु:ख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को खंडवा जिले के पंधाना थाना क्षेत्र में ट्रेक्टर-ट्राली दुर्घटना में 11 लोगों के निधन का समाचार प्राप्त हुआ है। इसी तरह उज्जैन के समीप इंगोरिया थाना क्षेत्र में ग्राम नरसिंगा में दुर्गा विसर्जन के दौरान हुए हादसे दो लोगों की मृत्यु का समाचार मिला है।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली प्रवास में दोनों जिले की घटनाओं की जानकारी प्राप्त होते ही उज्जैन और खण्डवा कलेक्टर को इन घटनाओं में दिवंगत नागरिकों के परिजन को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही इन घटनाओं में घायल हुए व्यक्तियों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं।   उज्जैन में चंबल नदी में गिरी बच्चों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली, दो की मौतवहीं, दूसरा हादसा उज्जैन जिले में हुआ। यहां श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली रेलिंग तोड़कर चंबल नदी में गिर गई। इस हादसे में 12 बच्चे नदी में गिर गए। इनमें से 11 को स्थानीय लोगों ने बाहर निकाला। एक बच्चा अभी लापता है। चार बच्चों को गौतमपुरा अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के दौरान दो बच्चों की मौत हो गई। हादसा इंगोरिया के पास देवी प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुआ। मृतकों में पृथ्वी राज (16) और वंश (8) शामिल हैं। वहीं अमीश (10) और अंश (6) को इंदौर रेफर किया गया। वहीं शुभम चौहान नाम के एक बच्चा लापता है। जिसकी तलाश की जा रही है।प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, 12 साल के बच्चे ने ट्रैक्टर में लगी चाबी घुमा दी। जिससे ट्रैक्टर स्टार्ट होकर आगे बढ़ गया और नदी में गिर गया। पहले स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य किया। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस और एसडीईआरएफ की टीमें भी रेस्क्यू अभियान में जुटी हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉली को क्रेन की मदद से नदी से निकाल लिया गया है।  

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रांची । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने राज्य सभा सांसद आदित्य साहू को झारखंड प्रदेश भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। राज्यसभा आदित्य साहू को रविंद्र कुमार राय की जगह झारखंड भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है।   भारतीय जनता पार्टी ने झारखंड में बड़ा संगठनात्मक बदलाव करते हुए राज्यसभा सांसद आदित्य साहू को प्रदेश भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष पद पर आदित्य साहू की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। उनकी नियुक्ति रवींद्र राय के स्थान पर की गई है। रवींद्र राय को विधानसभा चुनाव के समय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। इस संबंध में शुक्रवार को राष्ट्रीय सचिव अरुण सिंह ने पत्र जारी कर दी है।   आदित्य साहू झारखंड विधानसभा विधानसभा चुनाव में कोल्हान प्रमंडल के प्रभारी बनाए गए थे। 2022 में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने इनको झारखंड से राज्यसभा के लिए नामित किया गया था। उसके बाद वह निर्विरोध सांसद चुने गए थे। इस नई जिम्मेदारी से पहले वे झारखंड प्रदेश भाजपा के महामंत्री के रूप में पार्टी के लिए काम कर चुके हैं. फिलहाल, कोडरमा के पूर्व सांसद डॉ. रविन्द्र कुमार रॉय झारखंड भाजपा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे थे। उन्हें यह जिम्मा विधानसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले दी गई थी।   रांची जिला के ओरमांझी निवासी आदित्य साहू का जीवन एक प्रोफेसर से लेकर एक सफल राजनेता तक का सफर दर्शाता है। उन्हें एक जमीनी नेता माना जाता है, जिनकी संगठन पर अच्छी पकड़ है और जो पार्टी की विचारधारा के प्रति समर्पित हैं। वर्तमान में वे राज्यसभा सांसद के रूप में झारखंड के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठा रहे हैं।   आदित्य साहू ने वाणिज्य में मास्टर (एम.कॉम) तक की पढ़ाई की है। 2019 तक वे राम तहल चौधरी कॉलेज के प्रोफेसर थे। पिछले दो दो दशकों से वे भाजपा के सदस्य हैं। वह 2019 से राज्य भाजपा इकाई के नेता थे। 2022 में उन्हें राज्यसभा के सदस्य के रूप में चुना गया।   आदित्य साहू का जन्म 1 जुलाई 1964 को झारखंड राज्य के रांची जिले के ओरमांझी के कुचू गांव में हुआ था। आदित्य साहू एक उच्च शिक्षित व्यक्ति हैं। उन्होंने रांची विश्वविद्यालय से अपनी पढ़ाई पूरी की है। राजनीति में आने से पहले वे रांची विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के रूप में कार्यरत थे।   आदित्य साहू का राजनीतिक जीवन छात्र राजनीति से शुरू हुआ। वे अपने छात्र जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के एक सक्रिय और प्रमुख कार्यकर्ता थे। यहीं से उन्होंने संगठन और नेतृत्व के गुण सीखे।   आदित्य साहू ने लंबे समय तक भारतीय जनता पार्टी के संगठन के लिए काम किया। वे झारखंड भाजपा के प्रदेश महामंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर भी रहे। इस भूमिका में उन्होंने राज्य में पार्टी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। राजनीति में अपनी सक्रियता के दौरान, उन्हें झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (जेएसपीसीबी) का अध्यक्ष भी नियुक्त किया गया था।   साल 2022 में भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें झारखंड से राज्यसभा के लिए अपना उम्मीदवार बनाया। वे इस चुनाव में निर्विरोध चुने गए और संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) के सदस्य बने।  

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वाराणसी । भारतीय शास्त्रीय संगीत के महान गायक, पद्म विभूषण से सम्मानित पंडित छन्नूलाल मिश्रा का गुरुवार तड़के निधन हो गया। उन्होंने मीरजापुर के रामकृष्ण सेवा मिशन चिकित्सालय में सुबह 4:15 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन से वाराणसी समेत पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।   पंडित छन्नूलाल मिश्रा लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। तीन सप्ताह पूर्व उन्हें माइनर हार्ट अटैक आया था, जिसके बाद उन्हें बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के सर सुंदरलाल चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। जांच में उनके सीने में संक्रमण और खून की कमी पाई गई थी। इलाज के बाद जब स्थिति में कुछ सुधार हुआ तो उन्हें मीरजापुर स्थित रामकृष्ण सेवा मिशन चिकित्सालय में स्थानांतरित किया गया था। उनके परिजनों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार वाराणसी में किया जाएगा। पंडित छन्नूलाल मिश्रा का जन्म 3 अगस्त 1936 को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के हरिहरपुर गांव में हुआ था। उन्हें बचपन से ही संगीत में गहरी रुचि थी। प्रारंभिक शिक्षा के बाद उन्होंने किराना घराने के उस्ताद अब्दुल घनी खान से गायन की विधिवत शिक्षा प्राप्त की। वे खयाल और पूर्वी ठुमरी शैली के अप्रतिम गायक माने जाते थे। उन्होंने ठुमरी, दादरा, कजरी, चैती जैसे उपशास्त्रीय संगीत को देश-विदेश तक पहुंचाया। उनकी गायकी में बनारस की मिठास व सहजता देखने को मिलती थी।   पंडित छन्नूलाल मिश्रा को 2010 में पद्म भूषण और 2020 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें सुर सिंगार संसद, बॉम्बे का 'शिरोमणि पुरस्कार', उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और बिहार संगीत शिरोमणि जैसे कई प्रतिष्ठित सम्मान भी प्राप्त हुए थे। पंडित जी के निधन पर संगीत प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई। संगीत प्रेमियों ने सोशल मीडिया में लिखा पं. छन्नूलाल मिश्रा का जाना भारतीय शास्त्रीय संगीत के एक युग का अंत है। वे केवल एक कलाकार नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत के जीवंत प्रतीक थे। उनकी सुरीली आवाज अब केवल रिकॉर्डिंग में ही सुनी जा सकेगी, लेकिन उनके द्वारा संजोया गया संगीत-संसार आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।

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नई दिल्ली । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस बार विजयदशमी का पर्व गुजरात के भुज मिलिट्री स्टेशन पर सैनिकों के साथ मनाया। जवानों का मनोबल बढ़ाने के साथ ही उन्होंने भुज में शस्त्र पूजा की और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की हवाई रक्षा को बेनकाब करके भारत की निर्णायक क्षमता साबित करने के लिए सशस्त्र बलों को सराहा। उन्होंने चेतावनी दी कि दुश्मन का अगला कोई भी दुस्साहस हुआ तो इतिहास और भूगोल बदलने लायक कड़ा जवाब मिलेगा।   उन्होंने कहा कि शस्त्र पूजा भारत के शस्त्रों को धर्म के साधन मानने के दर्शन को दर्शाती है। शस्त्र (ज्ञान) और शस्त्र (हथियार) के संतुलन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि भारत रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है। सीमा और साइबर चुनौतियों के प्रति आगाह किया और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि मनोबल और शस्त्रों के बल पर कोई भी चुनौती भारत के संकल्प का सामना नहीं कर सकती। रक्षा मंत्री ने भुज में शस्त्र पूजा की और उन्होंने जवानों के माथे पर तिलक लगाकर ऑपरेशन सिंदूर में भारत की निर्णायक क्षमता साबित करने के लिए सराहा।   जवानों को संबोधन में उन्होंने कहा कि शस्त्रों की पूजा का यह दिन केवल हमारे व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे राष्ट्रीय जीवन से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। जब एक राष्ट्र के रूप में हम अपने शस्त्रों का सम्मान करते हैं, तो हम केवल हथियारों का नहीं, बल्कि हम अपनी सामूहिक शक्ति, अपनी सुरक्षा और अपनी स्वतंत्रता का भी सम्मान कर रहे होते हैं। आज अपनी 'आत्मनिर्भरता' के संकल्प से भारत शस्त्रों का सिर्फ उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि निर्माता और निर्यातक भी बन रहा है। थल सेना, वायु सेना और नौसेना हमारी शक्ति के तीन स्तंभ हैं। जब ये तीनों सेनाएं मिलकर कार्य करती हैं, तभी हम हर चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना कर सकते हैं। हमारी सरकार लगातार अपनी सेनाओं के एकीकरण पर जोर दे रही है।   उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने लेह से लेकर सर क्रीक के इस इलाके तक भारत के डिफेंस सिस्टम को भेदने की कोशिश की, लेकिन भारत की सेनाओं ने अपनी जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह एक्सपोज कर दिया। भारत ने दुनिया को संदेश दे दिया कि भारत की सेनाएं जब चाहें, जहां चाहें और जैसे भी चाहें पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं। अपने सामर्थ्य के बावजूद हमने संयम का परिचय दिया, क्योंकि हमारी सैन्य कार्रवाई आतंकवाद के विरोध में थी। इसको आगे बढ़ाकर जंग छेड़ना ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य नहीं था, मगर आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई अभी भी जारी है।   रक्षा मंत्री ने कहा कि आजादी के 78 साल बीत जाने के बावजूद सर क्रीक इलाके में सीमा को लेकर एक विवाद खड़ा किया जाता है। भारत ने कई बार बातचीत के रास्ते इसका समाधान करने का प्रयास किया है, मगर पाकिस्तान की नीयत में ही खोट है, उसकी नीयत साफ नहीं है। जिस तरह से हाल में पाकिस्तान की फौज ने सर क्रीक से सटे इलाकों में अपना सैन्य ढांचा बढ़ाया है, उससे उसकी नीयत का पता चलता है। राजनाथ सिंह ने चेतावनी दी कि भारत की सीमाओं की रक्षा भारतीय सेनाएं और बीएसएफ मिल कर मुस्तैदी से कर रही है। अगर सर क्रीक इलाके में पाकिस्तान की ओर से कोई भी हिमाकत की गई, तो उसे ऐसा करारा जवाब मिलेगा कि इतिहास और भूगोल दोनों बदल जाएगा।   उन्होंने जवानों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आपकी रणनीति, आपके साहस और आपकी क्षमता ने साबित कर दिया कि भारत हर परिस्थिति में दुश्मन को मात देने में सक्षम है। मुझे पूरा विश्वास है कि आप सबका साहस, आप सबका शौर्य इसी प्रकार भारत की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा करता रहेगा। शस्त्र पूजा के बाद उन्होंने मां दुर्गा से प्रार्थना कि वह हमारे शस्त्रों को सदैव धर्म की रक्षा के लिए प्रेरित करें। हमारे सैनिकों को असीम शक्ति और साहस प्रदान करें, ताकि वो इसी तरह अधर्म और आसुरी शक्तियों के नाश के लिए काम करते रहें और इस राष्ट्र को अजेय और अभेद्य बनाए रखें।

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नागपुर । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने आज कहा कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकती। यदि समाज में व्यापक परिवर्तन लाना है तो वह केवल लोकतांत्रिक मार्ग से ही संभव है। लगभग 40 मिनट के भाषण में डॉ. भागवत ने समाज में आ रहे बदलाव, पड़ोसी देशों में उथल-पुथल, अमेरिकी टैरिफ, सरकारों का रवैया, लोगों में बेचैनी समेत कई ज्वलंत मुद्दों पर अपनी बात रखी।डॉ. भागवत गुरुवार को यहां के रेशिमबाग मैदान में संघ की स्थापना की 100वीं वर्षगांठ पर आयोजित विजयादशमी उत्सव को संबोधित कर रहे थे। डॉ. भागवत के साथ मंच पर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, विदर्भ प्रांत के संघचालक दीपक तामशेट्टीवार, प्रांत के सह संघचालक श्रीधरजी गाडगे और नागपुर महानगर के संघचालक राजेश लोया उपस्थित थे।संघ प्रमुख डॉ. भागवत ने समाज में जानबूझकर फैलाए जा रहे द्वेष और घृणा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि श्रद्धास्थानों का अपमान, महापुरुषों के बारे में अपप्रचार और कानून हाथ में लेने की घटनाओं के माध्यम से समाज को तोड़ने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। ये घटनाएं पूर्वनियोजित होती हैं और विशेष समुदायों को भड़काने के लिए की जाती हैं। ऐसे जाल में फंसना राष्ट्रहित के विरुद्ध है। श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल जैसे देशों में सत्ता परिवर्तन के लिए हुई हिंसक घटनाओं का उल्लेख करते हुए डॉ. भागवत ने कहा कि भारत में भी अस्थिरता फैलाने वाली शक्तियां सक्रिय हैं, जिन्हें समय रहते पहचान कर रोकना आवश्यक है। भारत की समृद्धि के लिए पड़ोसी देशों में शांति और स्थिरता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने कहा कि हिंदू, हिंदवी, भारतीय, आर्य- ये सभी समानार्थी शब्द हैं, लेकिन जो शब्द हमारे राष्ट्रीय स्वरूप को स्पष्ट रूप से दर्शाता है, वह है हिंदू। हमारा राष्ट्र राज्य की सीमाओं पर आधारित नहीं है, बल्कि संस्कृति के आधार पर निर्मित हुआ है। राज्य आते-जाते रहते हैं, परंतु राष्ट्र सतत विद्यमान रहता है। इसीलिए हमारा यह राष्ट्र सनातन काल से एक हिंदू राष्ट्र है।पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को पाकिस्तान से आए दहशतगर्दों द्वारा 26 पर्यटकों की धर्म के आधार पर की गई नृशंस हत्या की घटना पर डॉ. भागवत ने कहा कि इस हमले ने पूरे देश को दुख, शोक और आक्रोश में डुबो दिया। इसके जवाब में भारत सरकार ने एक सुनियोजित कार्रवाई की। उन्होंने कहा, "इस घटना ने हमें सिखाया कि भले ही हम सभी से मैत्रीपूर्ण संबंध रखें, परंतु हमें अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहना ही होगा। भागवत ने कहा कि इस घटनाक्रम के पश्चात, हमने यह भी देखा कि कौन-से देश भारत के सच्चे मित्र हैं और कौन शत्रु हैं।आत्मनिर्भर भारत समय की मांगमहात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर भागवत ने कहा कि गांधीजी स्वतंत्रता संग्राम के मुख्य शिल्पकार थे। स्वतंत्र भारत के 'स्व' आधारित विकास दृष्टिकोण में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। अमेरिका की व्यापार नीतियों का उल्लेख करते हुए भागवत ने कहा कि विश्व आज परस्परावलंबी है, लेकिन आत्मनिर्भरता के बिना कोई मार्ग नहीं है। उन्होंने स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग और आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को समय की मांग बताया।नेतृत्व, चरित्र, राष्ट्रभक्ति की पाठशाला है शाखासंघ की शाखाएं केवल शारीरिक प्रशिक्षण का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यह राष्ट्रभाव, नेतृत्व, चरित्र निर्माण और राष्ट्रभक्ति का संगम हैं। जब समाज संगठित हो जाता है, तब उसे किसी अवतार, नेता या सरकार पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होती। समाज स्वयं अपनी शक्ति से परिवर्तन लाता है। डॉ. भागवत ने कहा कि संघ का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा समाज बनाना है जो अपने बलबूते पर राष्ट्र की सभी ज़िम्मेदारियां उठा सके। इसके लिए व्यक्ति और राष्ट्र के चरित्र का निर्माण आवश्यक है। शाखा में यही संस्कार दिये जाते हैं।भारत को बनाना है विश्वगुरुसंघ प्रमुख भागवत ने कहा कि भारतीय संस्कृति वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना को जीवित रखने वाली संस्कृति है। यह संस्कृति कभी ‘हम और वे’ की मानसिकता में विश्वास नहीं करती। ऐसे में हिंदू समाज का कर्तव्य है कि वह संगठित होकर भारत को फिर से एक वैभवशाली राष्ट्र बनाए और विश्व को नई दिशा प्रदान करे। पिछले 100 वर्षों से यही कार्य संघ द्वारा किया जा रहा है।कोविंद बोले- संघ में नहीं जातीय भेदभावपूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में जातीय आधार पर कोई भेदभाव नहीं होता और संघ सामाजिक एकता का पक्षधर रहा है। उन्होंने अपने जीवन में डॉ. हेडगेवार और बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने बाबासाहब के 1949 में संविधान सभा के सम्बोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनमें और संघ के चिंतन में समानता दिखती है जहां एकता है, वहां अस्मिता है और जहां विभाजन है, वहां पतन होता है।   कोविंद ने कहा, ''संघ की विचारधारा और स्वंयसेवकों से मिलने का अवसर 1991 के आम चुनाव के दौरान हुआ। उस चुनाव अभियान के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों से मिलने का अवसर मिला। अब भी समाज के कई लोगों को यह जानकारी नहीं है कि संघ में किसी भी तरह की अस्पृश्यता या जातिगत छुआछूत नहीं है। संघ में किसी प्रकार का जातिगत भेदभाव नहीं होता है। इस संदर्भ में 2001 में लाल किले के परिसर में आयोजित दलित संगम रैली का मैं जिक्र करना चाहूंगा। कुछ लोग अटलजी को दलित विरोधी होने का दुष्प्रचार करते थे। अटलजी ने कहा था कि हम अंबेडकरवादी हैं। भीम स्मृति अर्थात भारत का संविधान। मनु स्मृति के आधार पर हमारी सरकार काम नहीं करेगी। हमारी सरकार भीम स्मृति अर्थात भारत के संविधान पर काम करेगी। राष्ट्रपति पद का निर्वहन करते हुए मैंने संवैधानिक मूल्यों को, बाबा साहब के मूल्यों को प्राथमिकता दी।''   पूर्व राष्‍ट्रपति कोविंद ने कहा, ''सभी को विजयदशमी की हार्दिक बधाई। सुखद संयोग है कि आज महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्रीजी की जयंती है। मैं इस अवसर पर उनको श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। सबसे बड़ी स्वंयसेवी संस्था का शताब्दी समारोह संपन्न हो रहा है। बाबा साहब की दीक्षा भूमि का दर्शन करने का सौभाग्य मिला। डॉ. हेडगेवार, श्रीगुरुजी, रज्जू भैया के प्रति हार्दिक श्रद्धाजंलि अर्पित करता हूं। डॉ. हेडगेवार ने संगठन का जो पौधा लगाया, गुरुजी ने उसकी जड़ें मजबूत कीं और रज्जू भैया ने आर्थिक बदलाव के बीच संघ को मार्गदर्शन दिया।'' कोविंद ने आगे कहा कि उनके जीवन निर्माण में डॉ. हेडगेवार और डॉ. आंबेडकर का अहम योगदान रहा है।

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दुबई । भारत ने दुबई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए एशिया कप 2025 के फाइनल में पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर नौंवीं बार एशियाई चैंपियनशिप अपने नाम की। भारत की जीत की नींव तिलक वर्मा की शानदार नाबाद 69 रनों की पारी रही, जिन्होंने टीम के एक छोर को संभाले रखा।147 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत कमजोर रही और 20 रन पर अभिषेक शर्मा, शुभमन गिल और सूर्यकुमार यादव के विकेट गिर गए। इसके बाद संजू सैमसन और तिलक वर्मा ने चौथे विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी की। संजू 24 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद शिवम दुबे ने तिलक वर्मा के साथ अर्धशतकीय साझेदारी की, जिसमें उन्होंने 22 गेंदों में 33 रन बनाए।पाकिस्तानी टीम 146 रनों पर ऑल आउट हुई और 20 ओवर भी पूरे नहीं कर पाई। सलामी बल्लेबाज फरहान और फखर की जोड़ी ने शुरुआती 84 रन जोड़कर उम्मीद जगाई, लेकिन भारतीय स्पिनरों ने पाकिस्तान को घेरा। कुलदीप यादव ने 4 विकेट लिए, अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती ने दो-दो विकेट झटके, जबकि जसप्रीत बुमराह ने 2 विकेट लिए। पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान ने 57 और फखर जमान ने 46 रन बनाए, बाकि कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर सका। भारत-पाकिस्तान मुकाबलों की बात करें तो एशिया कप 2025 में टीम इंडिया ने 14 दिन के भीतर तीन बार पाकिस्तान को पटखनी दी है। पहले टूर्नामेंट के लीग मैच में, फिर सुपर-4 मुकाबले में और अब फाइनल में 5 विकेट से पाकिस्तान को मात दी है।

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लेह । हिंसा प्रभावित लेह शहर में सोमवार को छठे दिन भी कर्फ्यू जारी रहा। कर्फ्यूग्रस्त इलाकों में स्थिति कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रही और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई है और वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी निगरानी रख रहे हैं। उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने समग्र सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए आज एक बैठक बुलाई है।   एक अधिकारी ने कहा कि 24 सितंबर को शहर में व्यापक हिंसा के दौरान मारे गए दो युवाओं स्टैनज़िन नामग्याल (24) और जिग्मेट दोरजय (25) का रविवार को अंतिम संस्कार किया गया। लेह शहर में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अभी भी निलंबित हैं, जबकि कारगिल सहित केंद्र शासित प्रदेश के अन्य प्रमुख हिस्सों में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाने वाली निषेधाज्ञा भी लागू है। बंद के दौरान व्यापक हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद बुधवार शाम को लेह शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया था। झड़पों में लगभग 80 पुलिसकर्मियों सहित 150 से अधिक लोग घायल भी हुए।   प्रदर्शन के बाद दो पार्षदों समेत 60 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हैं, जिन्हें शुक्रवार को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार करने के बाद राजस्थान की जोधपुर जेल में शिफ्ट कर दिया गया।

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नई दिल्ली । कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भाजपा प्रवक्ता प्रिंटू महादेव की कथित टिप्पणी को कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने साजिश बताते हुए कार्रवाई की मांग की।वेणुगोपाल ने यहां पत्रकारों से कहा कि इस तरह के बयान राहुल गांधी की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर तुरंत कदम उठाने की अपील की। इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियों ने भी राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर कई पत्र लिखे हैं, जिनमें से कुछ मीडिया में लीक हो चुके हैं। भाजपा नेता की ओर से साफ तौर पर धमकी दी गई है। हमें लगता है कि यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है। मुझे अभी तक गृहमंत्री की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है। हम भाजपा से जानना चाहते हैं कि क्या वे इस कृत्य के साथ खड़े हैं। अगर नहीं, तो उन्हें उस प्रवक्ता के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसकी निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में ऐसी भाषा और सोच का कोई स्थान नहीं है। राहुल गांधी लगातार कथित वोट चोरी, महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दों को उठाते रहे हैं और भाजपा इन मुद्दों पर दबाव महसूस कर रही है।कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि मैं राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता में हूं। पहले भी उनको उनकी जुबान काटने, सिर काटने या इंदिरा गांधी की हत्या का हवाला देने जैसी धमकियां मिली हैं, लेकिन भाजपा ने कोई कार्रवाई नहीं की। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि भाजपा नेता द्वारा लाइव टीवी पर दी गई धमकी केवल एक नेता पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र पर हमला है।उल्लेखनीय है कि कथित तौर पर प्रिंटू महादेव ने लद्दाख हिंसा पर एक मलयालम टीवी चैनल में डिबेट में कहा था कि राहुल गांधी के सीने में गोली मार दी जाएगी।

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज 'मन की बात' में कहा कि छठ महापर्व भारतीय संस्कृति की गहरी आस्था और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। यह पर्व अब वैश्विक स्तर पर भी पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार इसे यूनेस्को की 'इनटेंजिबल कल्चरल हेरिटेज लिस्ट' में शामिल कराने का प्रयास कर रही है, जिससे इसकी गरिमा और बढ़ेगी।   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'मन की बात' के 126वें एपिसोड में आज शहीद भगत सिंह और लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने देश में महिला सशक्तिकरण के उदाहरण दिए, सांस्कृतिक धरोहरों को वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयासों का उल्लेख किया और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प पर जोर दिया। उन्होंने देशवासियों को आगामी त्योहारों की शुभकामनाएं दी और इस बात का विशेष उल्लेख किया कि संग अपने 100 वर्ष पूरे करने जा रहा है।   प्रधानमंत्री ने रविवार को आकाशवाणी के मासिक कार्यक्रम 'मन की बात’ के 125 कड़ियों की यात्रा पार करने का जिक्र किया और कहा कि यह जनता से जुड़ने का प्रेरणादायी माध्यम बन चुका है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 28 सितंबर को दो महान विभूतियों की जयंती है। शहीद भगत सिंह को उन्होंने युवाओं के लिए प्रेरणा बताया और उनके साहसिक पत्र का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने अंग्रेजों से अपने साथ युद्धबंदी जैसा व्यवहार करने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि भगत सिंह की निर्भीकता और सेवा भावना हर भारतीय को मार्गदर्शन देती है।   उन्होंने लता मंगेशकर को भारतीय संस्कृति का अमूल्य स्वर बताया। उन्होंने कहा कि उनके गीतों ने देशभक्ति और संवेदनाओं को जीवंत किया। उन्होंने बताया कि लता मंगेशकर से उनका व्यक्तिगत स्नेह रहा और वे हर वर्ष उन्हें राखी भेजती थीं। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि लता मंगेशकर स्वातंत्र्य वीर सावरकर से प्रेरित रही है। उन्होंने कहा, “लता दीदी जिन महान विभूतियों से प्रेरित थीं उनमें वीर सावरकर भी एक हैं, जिन्हें वो तात्या कहती थीं। उन्होंने वीर सावरकर जी के कई गीतों को भी अपने सुरों में पिरोया।”   प्रधानमंत्री ने नवरात्रि के अवसर पर नारी शक्ति की उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना और रूपा के साहसिक "नाविका सागर परिक्रमा" का उल्लेख किया। इन दोनों अधिकारियों ने 238 दिनों तक 47,500 किलोमीटर की समुद्री यात्रा पूरी की।प्रधानमंत्री ने उनके अनुभव सुनाए। इनमें उन्होंने बताया कि यात्रा में तूफानों का सामना, अत्यधिक तापमान और सीमित संसाधनों के बावजूद धैर्य और टीमवर्क ने हमें सफलता दिलाई। प्रधानमंत्री ने इसे देश की बेटियों के साहस और संकल्प का अद्वितीय उदाहरण बताया।   प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सरकार छठ महापर्व को यूनेस्को की 'इनटेंजिबल कल्चरल हेरिटेज लिस्ट' में शामिल कराने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कोलकाता की दुर्गा पूजा को पहले से इस सूची में शामिल होने का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि छठ पर्व का महत्व आज वैश्विक स्तर पर बढ़ रहा है और यह न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में आस्था का प्रतीक बन चुका है। गांधी जयंती का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने स्वदेशी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में खादी की बिक्री कई गुना बढ़ी है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि 2 अक्टूबर को खादी उत्पाद अवश्य खरीदें और "वोकल फॉर लोकल" को जीवन मंत्र बनाएं।   उन्होंने तमिलनाडु, झारखंड और बिहार के उदाहरण दिए, जहां उद्यमियों और महिलाओं ने परंपरा और नवाचार को जोड़कर रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए रास्ते बनाए। उन्होंने कहा, “सफलता की ये सभी गाथाएं हमें सिखाती हैं कि हमारी परंपराओं में आय के कितने ही साधन छिपे हुए हैं। अगर इरादा पक्का हो, तो सफलता हमसे दूर नहीं जा सकती।” प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वर्ष की विजयादशमी विशेष महत्व रखती है, क्योंकि 1925 में इसी दिन नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई थी। उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार और गुरुजी गोलवलकर के नेतृत्व ने संगठन को राष्ट्र सेवा की दिशा दी।   उन्होंने कहा, “सदियों की गुलामी ने हमारे स्वाभिमान और आत्मविश्वास को गहरी चोट पहुंचाई थी। विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यता के सामने पहचान का संकट खड़ा किया जा रहा था। देशवासी हीन-भावना का शिकार होने लगे थे। इसलिए देश की आजादी के साथ-साथ ये भी महत्वपूर्ण था कि देश वैचारिक गुलामी से भी आजाद हो। ऐसे में, परम पूज्य डॉ. हेडगेवार जी ने इस विषय में मंथन करना शुरू किया और फिर इसी भगीरथ कार्य के लिए उन्होंने 1925 में विजयादशमी के पावन अवसर पर ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ की स्थापना की।"   उन्होंने गुरुजी के वाक्य "राष्ट्राय स्वाहा, इदं राष्ट्राय इदं न मम" को उद्धृत करते हुए कहा कि यह संघ की सेवा भावना का आधार है। उन्होंने बताया कि स्वयंसेवक आपदा के समय सबसे पहले राहत कार्य में पहुँचते हैं और हर कार्य में "राष्ट्र प्रथम" की भावना सर्वोपरि रहती है।   प्रधानमंत्री ने आगामी 7 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वाल्मीकिजी ने मानवता को रामायण जैसा अद्भुत ग्रंथ दिया। उन्होंने आग्रह किया कि अयोध्या में रामलला के दर्शन करने वाले लोग वाल्मीकि और निषादराज मंदिर के दर्शन भी करें।   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कला, साहित्य और संस्कृति किसी एक दायरे में बंधे नहीं रहते। इनकी सुगंध सभी सीमाओं को पारकर लोगों के मन को छूती है। उन्होंने इस सन्दर्भ में पेरिस के "सौन्त्ख मंडप" की उपलब्धियों का उल्लेख किया, जिसने भारतीय नृत्य को विश्व स्तर पर लोकप्रिय बनाया। इसकी स्थापना मिलेना सालविनी ने की थी। कुछ वर्ष पहले उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।   प्रधानमंत्री ने कुछ गीतों की प्रस्तुति करते हुए जानकारी दी कि भूपेन हजारिका के गीतों को श्रीलंकाई कलाकारों ने सिंहली और तमिल में अनुवाद किया है, जिससे सांस्कृतिक जुड़ाव बढ़ा है। उन्होंने असम के गायक जुबीन गर्ग और विचारक एसएल भैरप्पा को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, “जुबीन गर्ग एक मशहूर गायक थे, जिन्होंने देशभर में अपनी पहचान बनाई। असम की संस्कृति से उनका बहुत गहरा लगाव था। जुबीन गर्ग हमारी यादों में हमेशा बने रहेंगे और उनका संगीत आने वाली पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध करता रहेगा।”   त्योहारों के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने कहा कि खरीदारी के समय स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें और हर उत्सव को 'वोकल फॉर लोकल' का अवसर बनाएं। उन्होंने स्वच्छता को घर से बाहर समाज तक ले जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “आने वाले दिनों में एक के बाद एक त्योहार और खुशियां आने वाली हैं। हर पर्व पर हम खरीदारी भी खूब करते हैं। और इस बार तो ‘जीएसटी बचत उत्सव’ भी चल रहा है। एक संकल्प लेकर आप अपने त्योहारों को और खास बना सकते हैं। अगर हम ठान लें कि इस बार त्योहार सिर्फ स्वदेशी चीजों से ही मनाएंगे, तो देखिएगा, हमारे उत्सव की रौनक कई गुना बढ़ जाएगी।   कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों को त्योहार विशेष कर दीपावली की शुभकामनाएं दी और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को दोहराया।

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मुंबई । दिल्ली के पूर्व कप्तान मिथुन मन्हास को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का नया अध्यक्ष चुना गया है। यह निर्णय रविवार को मुंबई में आयोजित बीसीसीआई की 94वीं वार्षिक आम बैठक में लिया गया। अध्यक्ष पद अगस्त में पूर्व भारतीय ऑलराउंडर रोजर बिन्नी के इस्तीफे के बाद से खाली था। तब से उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला अंतरिम अध्यक्ष की भूमिका निभा रहे थे। अब शुक्ला उपाध्यक्ष बने रहेंगे, जबकि देवजीत सैकिया सचिव के पद पर कायम रहेंगे।   बीसीसीआई पदाधिकारियों में एक और पूर्व क्रिकेटर जुड़े हैं। पूर्व स्पिनर राघुराम भट नए कोषाध्यक्ष बने हैं। पिछले कोषाध्यक्ष प्रभावतेज सिंह भाटिया को संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है।   वरिष्ठ पुरुष चयन समिति में भी बदलाव हुआ है। पूर्व खिलाड़ी प्रज्ञान ओझा और आरपी सिंह को शामिल किया गया है, जिन्होंने एस शरथ और सुब्रतो बनर्जी की जगह ली है। अजित अगरकर की अध्यक्षता वाली यह समिति 2026 टी20 विश्व कप तक कार्यरत रहेगी। शरथ को अब जूनियर चयन समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।   पूर्व सौराष्ट्र कप्तान जयदेव शाह को बीसीसीआई की एपेक्स काउंसिल में जगह दी गई है। मिजोरम के खैरुल जमाल मजूमदार को आईपीएल गवर्निंग काउंसिल का सदस्य बनाया गया है।   महिला चयन समिति में भी बदलाव किए गए हैं। नीतू डेविड की जगह अमिता शर्मा नई अध्यक्ष बनी हैं। उनकी टीम में श्यामा डे, सुलक्षणा नाइक, जया शर्मा और श्रावंती नायडू शामिल हैं।   विमेंस प्रीमियर लीग समिति की अध्यक्षता जयेश जॉर्ज करेंगे। इसमें मन्हास, शुक्ला, सैकिया, भाटिया और भट के साथ अरुण धूमल भी शामिल हैं।   अक्टूबर में 46 वर्ष के होने वाले मन्हास भारतीय घरेलू क्रिकेट के दिग्गज माने जाते हैं। उन्होंने 157 प्रथम श्रेणी मैचों में 9714 रन, 130 लिस्ट-ए मैचों में 4126 रन और 91 टी20 मुकाबलों में 1170 रन बनाए। क्रिकेट से संन्यास के बाद वे कोचिंग में सक्रिय रहे हैं और आईपीएल टीमों से जुड़े रहे हैं।

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करूर । तमिलनाडु के करूर जिले में तमिलनाडु वेत्री कलागम (टीवीके) पार्टी नेता जोसेफ विजय की रविवार को हुई रैली के दौरान भगदड़ में 39 लोगों की जान चली गई। इनमें 8 बच्चे और 16 महिलाएं हैं। 50 से अधिक घायल विभिन्न अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।इस घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की है।    रविवार शाम करीब 7 बजे करूर के वेलुसामीपुरम इलाके में अभिनेता से नेता बने तमिलनाडु वेत्री कलागम (टीवीके) पार्टी प्रमुख जोसेफ विजय की "वेलिचम वेलियेरु" नामक चुनावी रैली में भगदड़ मचने से 39 लोगों की मौत हो गई। हादसे में 50 से अधिक लोग घायल लोगों का इलाज जारी है।    आर्थिक मदद और जांच की घोषणा मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये और घायलों को 1 लाख रुपये की आर्थिक मदद का आदेश दिया।राज्य सरकार ने घटना की जांच के लिए हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज अरुणा जगतीशन की अगुवाई में एक सदस्यीय दल का गठन किया है।   राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने जताया शोक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने को लेकर प्रार्थना की।   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने घटना में लोगों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।  जबकि जोसेफ विजय ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि घटना से उनका दिल टूूट गया है और इससे उन्हें असहनीय पीड़ा पहुंची है।उन्होंने मृतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है।   एआईएडीएमके महासचिव और पार्टी नेता एडप्पादी पलानीस्वामी ने शोक संदेश जारी कर कहा कि करूर की एक चुनावी सभा में हुई भगदड़ में 39 से ज़्यादा लोगों की मौत और कई अन्य के बेहोश होने की खबर बेहद दुखद है। पार्टी की तरफ से पूर्व मंत्री विजयभास्कर को सरकारी अस्पताल जाकर वहाँ भर्ती लोगों की मदद का निर्देश दिया गया है।

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इंफाल । सुरक्षा बलों के समन्वित अभियानों की कड़ी में मणिपुर में सुरक्षा बलों ने 25 और 26 सितंबर को विभिन्न प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े तीन सक्रिय कैडरों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों से उग्रवादियों के जबरन वसूली, खुफिया जानकारी जुटाने और उग्रवादी नेटवर्क से जुड़ी गतिविधियों पर लगाम लगी है।   मणिपुर पुलिस ने शनिवार काे बताया कि प्रतिबंधित संगठन आरपीएफ/पीएलए के एक सक्रिय कैडर, जिसकी पहचान बिष्णुपुर जिले के कुंबी सेतुपुर वार्ड संख्या 2 निवासी खानगेमबाम थोइबा सिंह उर्फ थोई (48) को बिष्णुपुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत तेरा उरक चेक प्वाइंट से गिरफ्तार किया गया। जांच से पता चला कि वह बिष्णुपुर जिले में सुरक्षाकर्मियों की आवाजाही के बारे में जानकारी एकत्र करने और उसे आगे बढ़ाने में लगा हुआ था। उसके पास से एक सिम कार्ड वाला मोबाइल फोन बरामद किया गया।    इसी कड़ी में एक अलग अभियान में, सुरक्षा बलों ने इंफाल पश्चिम जिले के मोंगसांगेई अवांग लेइकाई निवासी कोंथौजम ओपेंद्रो सिंह (52) को, जो केवाईकेएल का एक सक्रिय कैडर है, को इंफाल पूर्व के लामलाई पुलिस स्टेशन के अंतर्गत सावोमबंग सामुदायिक भवन से गिरफ्तार किया। वह कथित तौर पर मणिपुर विश्वविद्यालय, औद्योगिक विभाग और कई स्कूलों सहित सरकारी संस्थानों से जुड़े ठेके के कामों से पैसे वसूलने में शामिल था।   इस कड़ी में सुरक्षा बलों ने इंफाल पूर्व के लामलाई पुलिस स्टेशन के अंतर्गत सावोमबंग बाजार से केसीपी (पीडब्ल्यूजी) के एक सक्रिय कार्यकर्ता निंगथौखोंगजम रोबिचंद मैतेई उर्फ चिंगशांगलकपा उर्फ गोरोबा (25) को गिरफ्तार किया। उसके पास से एक आधार कार्ड बरामद किया गया।

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लेह । लद्दाख के लेह शहर में शनिवार को चौथे दिन भी कर्फ्यू जारी रहा। पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने पिछले दिन राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद गश्त और जांच तेज़ कर दी है।   उपराज्यपाल के नेतृत्व वाले प्रशासन ने शुक्रवार देर रात जारी एक बयान में वांगचुक की गिरफ्तारी को उचित ठहराया और कहा कि नेपाल आंदोलन और अरब स्प्रिंग का हवाला देते हुए उनके कथित भड़काऊ भाषणों की श्रृंखला के कारण बुधवार को हिंसा हुई, जिसमें चार लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। इसमें कहा गया है कि वांगचुक की नज़रबंदी शांतिप्रिय लेह शहर में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए ज़रूरी थी।   शांति व्यवस्था कायम करने में जुटे अधिकारी ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान लद्दाख में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंध लगाए गए हैं। उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता जल्द ही राजभवन में एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे और कर्फ्यू में ढील देने का कोई भी फैसला उसी के अनुसार लिया जाएगा।   अधिकारी ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों द्वारा गश्त और जांच बढ़ा दी गई है। फरार दंगाइयों को पकड़ने के लिए छापेमारी भी जारी है, जिनमें एक पार्षद भी शामिल है, जिसने कथित तौर पर हिंसा भड़काई थी। उन्होंने बताया कि झड़पों के बाद 50 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि कारगिल सहित केंद्र शासित प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर निषेधाज्ञा के तहत कड़े प्रतिबंध भी लागू हैं।   सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय (डीआईपीआर), लद्दाख की ओर से जारी एक बयान में कहा कि वांगचुक राज्य की सुरक्षा, शांति, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने में व्यवधान उत्पन्न कर रहे हैं। वे हानिकारक गतिविधियों में भी लिप्त रहे हैं। उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की बैठक के बारे में सरकार की ओर से स्पष्ट सूचना और एचपीसी के समक्ष पूर्व बैठकों की पेशकश के बावजूद वांगचुक ने अपने गुप्त उद्देश्य से 10 सितंबर से शहर में भूख हड़ताल जारी रखी। उनके भड़काऊ भाषणों, नेपाल आंदोलन, अरब स्प्रिंग आदि के संदर्भों और भ्रामक वीडियो के परिणामस्वरूप 24 सितंबर को लेह में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए। संस्थानों, इमारतों और वाहनों को जला दिया गया और पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया, जिसमें चार लोगों की दुर्भाग्यपूर्ण मौत हो गई।   बयान में राज्य का दर्जा और क्षेत्र में संविधान की छठी अनुसूची के विस्तार की मांगों का ज़िक्र करते हुए कहा गया कि अगर वह अपनी व्यक्तिगत और राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर उसी एजेंडे पर सरकार के साथ बातचीत फिर से शुरू होने पर भूख हड़ताल वापस ले लेते, तो यह पूरा घटनाक्रम टाला जा सकता था।   बयान में कहा गया कि लद्दाख के शांतिप्रिय लेह शहर में सामान्य स्थिति बहाल करना ज़रूरी है। यह सुनिश्चित करने के लिए वांगचुक को सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए हानिकारक तरीके से आगे काम करने से रोकना भी ज़रूरी है। उनके भड़काऊ भाषणों और वीडियो की पृष्ठभूमि में व्यापक जनहित में उन्हें लेह जिले में रखना उचित नहीं था। प्रशासन ने विशिष्ट सूचनाओं के आधार पर वांगचुक को एनएसए के तहत हिरासत में लेने और उन्हें राजस्थान की जोधपुर जेल में स्थानांतरित करने का सोच-समझकर निर्णय लिया है।

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नई दिल्ली । कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी चार दिनों की विदेश यात्रा पर शनिवार को रवाना हो गए।कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने एक्स पर जानकारी दी कि राहुल गांधी दक्षिण अमेरिका के चार देशों की यात्रा करेंगे। इस दौरान वे राजनीतिक नेताओं, विश्वविद्यालयों के छात्रों और उद्योग-व्यापार जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।कांग्रेस के मुताबिक राहुल गांधी ब्राजील और कोलंबिया का दौरा करेंगे, जहां वे विश्वविद्यालयों में छात्रों से संवाद करेंगे। इसके अलावा वे प्रमुख व्यवसायियों से भी चर्चा करेंगे।   

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नई दिल्ली । दिल्ली उच्च न्यायालय ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के पूर्व जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े से मानहानि की उनकी याचिका की स्वीकार्यता पर सवाल किए हैं। वानखेड़े ने शाहरुख खान और उनकी पत्नी गौरी खान के स्वामित्व वाली रेड चिलीज एंटरटेनमेंट और नेटफ्लिक्स के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। वानखेड़े का आरोप है कि इन कंपनियों ने अपनी सीरीज 'द बैड बॉयज ऑफ बॉलीवुड' में उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई है। जस्टिस पुष्पेन्द्र कौरव की बेंच ने याचिकाकर्ता से पूछा कि क्या वेब सीरीज के दर्शक दिल्ली में हैं इसलिए दिल्ली उच्च न्यायालय का क्षेत्राधिकार हो जाएगा। न्यायालय ने याचिकाकर्ता को याचिका में संशोधन करने को कहा। वानखेड़े ने शाहरुख खान, उनकी पत्नी गौरी खान की कंपनी रेड चिलीज एंटरटेनमेंट और अन्य पक्षों से 2 करोड़ का हर्जाना मांगा है। वानखेड़े ने कहा है कि वेब सीरीज में उनकी छवि गलत तरीके से पेश की गई है। इसके जरिए न केवल समीर वानखेड़े बल्कि जांच एजेंसी की छवि को खराब करने की कोशिश की गई है। याचिका में कहा गया है कि समीर वानखेड़े और आर्यन खान का मामला अभी बंबई उच्च न्यायालय और ट्रायल कोर्ट में विचाराधीन है इसलिए इस, विषय पर वेब सीरीज का निर्माण करना कोर्ट के काम में हस्तक्षेप करने के बराबर है। याचिका में कहा गया है कि वानखेड़े की छवि को हुए नुकसान की एवज में कोर्ट जो हर्जाना तय करे उसे टाटा मेमोरियल अस्पताल को दे दिया जाए। वानखेड़े की याचिका में कहा गया है कि वेबसीरीज की सामग्री सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के कई प्रावधानों का उल्लंघन करती है, क्योंकि यह अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री के माध्यम से राष्ट्रीय भावनाओं को चोट पहुंचाने का प्रयास करती है।

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पटना । कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी ने शुक्रवार को पटना के सदाकत आश्रम में लगभग 2,000 महिलाओं को संबोधित किया और उनसे राज्य के भविष्य को आकार देने में "अपनी शक्ति को पहचानने" का आग्रह किया।   "शक्ति अधिकार" कार्यक्रम में उन्होंने घरेलू कामगारों और आंगनवाड़ी कर्मचारियों से लेकर पेशेवर महिलाओं तक, सभी महिलाओं से कहा कि राजनीतिक दल नकद राशि देकर उनका वोट तो लेते हैं, लेकिन उन्हें सम्मान या अवसर नहीं दे पाते। प्रियंका ने कहा, "आप अपनी शक्ति को नहीं पहचानते। लेकिन पार्टियां पहचानती हैं। इसलिए वे चुनाव से पहले आपको पैसे देती हैं। वे जानते हैं कि वे आपके समर्थन के बिना सरकार नहीं बना सकते।"   बिहार में बेरोजगारी और पलायन पर उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा और कहा कि कई पुरुष राज्य के बाहर काम करने को मजबूर हैं, जिससे महिलाओं को अकेले ही काम चलाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यहां रोजगार के कोई अवसर नहीं हैं।   इस कार्यक्रम में महिलाओं ने प्रियंका के साथ अपने निजी संघर्षों को साझा किया, जिसमें मनरेगा मजदूरों, जीविका सदस्यों और आशा कार्यकर्ताओं की समस्याएं शामिल थीं।

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नई दिल्ली । भारत के आसमान पर 62 साल तक राज करने और पाकिस्तान के साथ तीन युद्ध लड़ने वाले मिग-21 विमान ने आज आखिरकार वायु सेना के हवाई बेड़े से विदाई ले ली। अपनी आखिरी उड़ान के साथ इस विमान को केवल शौर्य और पराक्रम की गाथा के लिए ही नहीं बल्कि इसे सबसे अधिक पायलटों की मौत के लिए भी याद किया जायेगा। मिग-21 को चंडीगढ़ एयरबेस से विदाई दिए जाने के बाद अब वायु सेना की नयी ताकत के रूप में स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान तेजस मार्क-1 ए इसकी जगह लेगा।   भारतीय वायु सेना के बेड़े में मार्च, 1963 में शामिल हुआ पहला सुपरसोनिक विमान मिग-21 अब 60 साल पूरे कर चुका है। देश की सेवा में 50 वर्षों तक रहने के बाद 11 दिसम्बर, 2013 को इसे रिटायर कर दिया गया। हालांकि, 1970 के बाद से मिग-21 सुरक्षा के मुद्दों से इस कदर त्रस्त हो चुका था कि दुर्घटनाओं में 170 से अधिक भारतीय पायलट और 40 नागरिक मारे गए। 1966 से 1984 के बीच 840 विमानों में से लगभग आधे दुर्घटनाओं में क्रैश हो गए। इन विमानों में से अधिकांश के इंजनों में आग लग गई या फिर छोटे पक्षियों से टकरा कर नष्ट हुए। मिग-21 के लगातार दुर्घटनाग्रस्त होने पर इसे 'उड़ता ताबूत' कहा जाने लगा था।   अपनी फुर्ती, सटीक हमलों और तेज गति के कारण पायलटों की पहली पसंद रहे मिग-21 को बाद में मिग-21 बाइसन के रूप में अपग्रेड किया गया।रूसी कंपनी ने 11,496 मिग-21 विमानों का निर्माण करने के बाद अपने आखिरी मिग-21 को मिग बाइसन के रूप में 1985 में अपग्रेड किया था। इस परिष्कृत मॉडल में पहले वाले मिग-21 वेरिएंट की कई कमियों को दूर किया गया था। रूसी कंपनी ने भारतीय वायु सेना के पास बचे 54 मिग-21 विमानों को भी मिग-21 बाइसन के रूप में अपग्रेड किया। इसके बाद वायु सेना का मिग-21 अपग्रेड होकर 'मिग-21 बाइसन' हो गया, जो आज तक देश की सेवा कर रहे थे।   वायु सेना के लड़ाकू विमानों के बेड़े में शामिल मिग-21 ने हर छोटे-बड़े सैन्य अभियान में दुश्मन को पस्त कर आकाश में अपनी धाक जमाई। वर्ष 1963 में लड़ाकू बेड़े में शामिल किये जाने के दो वर्ष बाद ही मिग-21 ने सबसे पहले 1965 की भारत-पाकिस्तान लड़ाई में अपने जौहर दिखाये और दुश्मन की कमर तोड़ दी। इसके बाद 1971 की लड़ाई में इसने ढाका में राजभवन को निशाना बनाकर पाकिस्तान को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर कर दिया। उसके बाद कारगिल युद्ध के दौरान भी दुश्मन को खदेड़ने में इसने अग्रणी और महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। मिग-21 ने अपने सेवाकाल में वायु सेना के लिए हजारों प्रशिक्षित पायलट तैयार करने में भी अग्रणी भूमिका निभाई।   आखिरी बार मिग-21 तब सुर्ख़ियों में आया, जब 27 फरवरी, 2019 में की गई बालाकोट एयर स्ट्राइक के जवाब में पाकिस्तानी वायु सेना की कार्रवाई का मुकाबला करते समय विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान ने इसी विमान से पाकिस्तानी वायु सेना के अत्याधुनिक अमेरिकी लड़ाकू विमान एफ-16 को गिरा दिया था लेकिन पाकिस्तान इससे इनकार करता है। इसी दौरान उनके मिग-21 को भी गोली मार दी गई, जिसकी वजह से विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान पैराशूट से नीचे उतरे। पाकिस्तानी क्षेत्र में लैंड करने के कारण पाकिस्तानी सेना ने उन्हें बंदी बना लिया लेकिन कूटनीतिक दबावों के बाद उन्हें चंद दिन बाद रिहा करना पड़ा।   वायु सेना के हवाई बेड़े का हिस्सा बनकर छह दशकों में मिग-21 ने अपनी ताकत, फुर्ती और सटीक हमलों से भारतीय वायु सेना की मारक क्षमता और उसकी शक्ति को नया आयाम दिया है। मिग-21 के सेवानिवृत्त होने के बाद वायु सेना के पास लड़ाकू विमानों की 29 स्क्वाड्रन बचेंगी, जबकि जरूरत 42 की है। मिग-21 की विदाई के ठीक एक दिन पहले लंबे इंतजार के बाद केंद्र सरकार ने 25 सितंबर को भारतीय वायु सेना के लिए 97 एलसीए मार्क-1ए लड़ाकू विमानों का ऑर्डर एचएएल को दे दिया है। अब एचएएल वायु सेना के लिए कुल 180 एलसीए तेजस का उत्पादन करना है। आने वाले समय में नए स्वदेशी विमान एलसीए तेजस एमके-1 और एमके-2 वायु सेना की कम हुई स्क्वाड्रन की भरपाई करेंगे।

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नई दिल्‍ली । बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुए। अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप (‘वनxबेट’) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी उनसे पूछताछ कर रही है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 52 वर्षीय अभिनेता सोनू सूद दोपहर करीब 12 बजे नई दिल्ली स्थित केंद्रीय जांच एजेंसी के कार्यालय पहुंचे। इस मामले के जांच अधिकारी अभिनेता सोनू सूद से पूछताछ करके धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत उनका बयान दर्ज करेंगे। केंद्रीय जांच एजेंसी इस मामले में अब तक पूर्व क्रिकेटरों सुरेश रैना, शिखर धवन, रॉबिन उथप्पा और युवराज सिंह के अलावा पूर्व टीएमसी सांसद और अभिनेत्री मिमी चक्रवर्ती और बंगाली अभिनेता अंकुश हाजरा से पूछताछ कर चुकी है। ईडी ने मंगलवार को भारत के पूर्व स्टार क्रिकेटर युवराज सिंह से इसी मामले में लगभग सात घंटे तक पूछताछ की थी। ‘वनxबेट’ ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के संचालन की जांच, ऐसे प्लेटफॉर्म के खिलाफ ईडी की व्यापक जांच का हिस्सा है, जिन पर करोड़ों रुपये की ठगी करने और कथित तौर पर भारी मात्रा में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों की चोरी करने के आरोप हैं।

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लेह । लेह में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और बंद के दौरान युवाओं के एक समूह के हिंसक हो जाने और पथराव करने के बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। बुधवार को यह विरोध प्रदर्शन छठी अनुसूची के विस्तार के साथ-साथ लद्दाख को राज्य का दर्जा देने पर केंद्र के साथ प्रस्तावित वार्ता को आगे बढ़ाने की मांग के समर्थन में किया गया था।   केंद्र और लद्दाख के प्रतिनिधियों में लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के सदस्य शामिल हैं। इनके बीच 6 अक्टूबर को नए दौर की वार्ता निर्धारित है। इससे पहले लेह एपेक्स बॉडी की युवा शाखा ने विरोध और बंद का आह्वान किया था, क्योंकि 10 सितंबर से 35 दिनों की भूख हड़ताल पर बैठे 15 लोगों में से दो को मंगलवार शाम को हालत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के नेतृत्व में यह भूख हड़ताल भी क्षेत्र में चल रहे आंदोलन का हिस्सा थी।   लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान लेह में भाजपा कार्यालय में आग लगा दी गई, जो पुलिस के साथ झड़प में बदल गया। पुलिस ने व्यवस्था बहाल करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।

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नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने बुधवार को जहाज निर्माण और समुद्री क्षेत्र को मजबूती देने के लिए 69,725 करोड़ रुपये के व्यापक पैकेज को मंजूरी दी है। यह निर्णय ‘समग्र चार स्तंभ दृष्टिकोण’ के तहत लिया गया है, जिसका उद्देश्य घरेलू जहाज निर्माण, समुद्री वित्त व्यवस्था और उत्पादन क्षमता को बढ़ाना है।प्रेस सूचना महानिदेशक धीरेंद्र ओझा ने एक्स पर जानकारी दी कि कैबिनेट ने 69,725 करोड़ रुपये के पैकेज को मंजूरी दी है, जिससे भारत के जहाज निर्माण और समुद्री क्षेत्र को पुनर्जीवित किया जाएगा। यह पहल जहाज निर्माण, समुद्री वित्तपोषण और घरेलू क्षमता को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है।सरकार ने जहाज निर्माण वित्तीय सहायता योजना (एसबीएफएएस) को 31 मार्च 2036 तक बढ़ा दिया है। इस योजना के तहत 24,736 करोड़ रुपये का कोष उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें जहाज तोड़ने का क्रेडिट नोट भी शामिल है, जिसके लिए 4,001 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।इसके अलावा, समुद्री विकास कोष (एमडीएफ) के रूप में 25,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है, जिससे इस क्षेत्र को दीर्घकालिक वित्त पोषण उपलब्ध कराया जाएगा। इसी क्रम में जहाज निर्माण विकास योजना (एसबीडीएस) के अंतर्गत 19,989 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसका लक्ष्य घरेलू जहाज निर्माण क्षमता को 4.5 मिलियन ग्रॉस टनेज तक बढ़ाना है।सरकार का अनुमान है कि इस कदम से 4.5 मिलियन ग्रॉस टनेज की जहाज निर्माण क्षमता विकसित होगी, लगभग 30 लाख रोजगार उत्पन्न होंगे और करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश भारत के समुद्री क्षेत्र में आकर्षित होगा।

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गुवाहाटी । असम के दिग्गज पार्श्व गायक एवं अभिनेता ज़ुबीन गर्ग का पार्थिव शरीर आज अर्जुन भोगेश्वर बरुवा खेल परिसर से लगभग 20 किलोमीटर दूर कमारकुची एनसी गांव स्थित श्मशान स्थल पर लाया गया हैै, जो उनकी अंतिम यात्रा का अंतिम चरण है।   जुबीन गर्ग की अंतिम यात्रा खेल परिसर से शुरू हुई, जिसमें लाखों प्रशंसक, शुभचिंतक और मशहूर हस्तियां शामिल हुईं।   गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दूसरे पोस्टमॉर्टम के बाद उनके पार्थिव शरीर को खेल परिसर में लाया गया और पारंपरिक असमिया 'गामोछा' से ढके एक कांच के ताबूत में रखा गया। शव को फूलों से सजी एक एम्बुलेंस में ले जाया गया, जिस पर गायक का एक बड़ा श्वेत-श्याम चित्र लगा था।   उनके 85 वर्षीय पिता और पत्नी गरिमा सैकिया सहित उनका परिवार अलग-अलग वाहनों में उनके साथ था, जबकि प्रशंसक और शुभचिंतक श्रद्धांजलि देने के लिए शवयात्रा के साथ-साथ चल रहे थे। गर्ग का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किये जाने की तैयारी शुरू हो गयी है।

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कोलकाता । कोलकाता और आसपास के इलाकों में रातभर हुई तेज बारिश के बीच मंगलवार सुबह अलग-अलग इलाकों में करंट लगने से 5 लोगों की मौत हो गई। सोमवार रात से लगातार हुई बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और कई इलाकों की सड़कें जलमग्न हो गईं। ट्रैक पर पानी भर जाने के कारण रेल और मेट्रो यातायत भी प्रभावित हुआ है।    मिली जानकारी के अनुसार, नेताजी नगर में एक साइकिल सवार की मौत हो गई। वह पेशे से फल बेचने वाला था और मंगलवार सुबह जमा पानी में साइकिल चला रहा था। अचानक उसका संतुलन बिगड़ा और उसने सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे को छू लिया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। काफी समय तक उसका शव पानी में पड़ा रहा और इलाके में शॉर्ट सर्किट के कारण दमकलकर्मी भी अंदर नहीं जा पाए। स्थिति को देखते हुए तुरंत सीईएससी को बिजली काटने की सूचना दी गई।   इसी तरह, कालिकापुर, गड़ियाहाट के बालीगंज प्लेस और बिनियापुकुर में भी करंट लगने से तीन लोगों की मौत हुई। वहीं, एकबालपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे जितेंद्र सिंह (उम्र 60 वर्ष) करंट की चपेट में आ गए। उन्हें तुरंत एसएसकेएम अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।   इस घटना पर केंद्र के शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में करंट लगने से हुई कई मौतों से वे अत्यंत दुखी हैं। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि प्रभावित परिवारों को तुरंत मदद दी जाए।   इस बीच सीईएससी ने भी लोगों से अपील की है कि वे जलजमाव वाली सड़कों पर बिजली के खंभों, पिलर बॉक्स और तारों से दूर रहें। किसी भी आपात स्थिति में मदद के लिए 033-3501-1912 नंबर पर संपर्क करने को कहा गया है।  

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नई दिल्ली । कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर भारत के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए बेरोजगारी को सबसे बड़ा संकट करार दिया।राहुल गांधी ने अपने एक्स पोस्ट में कहा कि भारत में युवाओं की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है और इसका सीधा संबंध वोट चोरी से है। जब कोई सरकार जनता का विश्वास जीतकर सत्ता में आती है तो उसका पहला कर्तव्य होता है युवाओं को रोजगार और अवसर देना। राहुल ने दावा किया कि इसी वजह से देश में बेरोजगारी 45 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है।उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि नौकरियां घट रही हैं, भर्ती प्रक्रियाएं ध्वस्त हो चुकी हैं और युवाओं का भविष्य अंधेरे में धकेला जा रहा है।

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नई दिल्‍ली । वस्‍तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की नई दरें नवरात्रि के पहले दिन सोमवार से लागू हो गई हैं। त्योहारी सीजन होने से बाजारों में खासी रौनक रहने वाली है। कंपनियों ने ग्राहकों को फायदा देने के लिए कई उत्पादों की कीमतें घटाए हैं, उत्‍पादों पर नया और पुराना रेट वाला एमआरपी स्टिकर लगाया है। जीएसटी दरें कम होने से घी, पनीर और कार खरीदने से लेकर एसी खरीदना भी सस्ता हो गया है। देशभर में आज से अमल में आने वाली जीएसटी में मुख्य रूप से सिर्फ पांच और 18 फीसदी की अब दो दरें हैं। हालांकि, लग्जरी और विलासितापूर्ण वाली वस्तुओं पर अलग से 40 फीसदी का कर लगाया गया है। नए बदलावों के अनुसार तंबाकू और संबंधित उत्पाद 28 फीसदी से अधिक उपकर की श्रेणी में बने रहेंगे। सरकार ने निर्देश दिया है कि जीएसटी की नई दरें लागू होने के बाद व्यापार और उद्योग जगत इसका पूरा लाभ ग्राहकों तक पहुंचाए।  सरकार ने तीन सितंबर को जीएसटी दरों में कटौती का ऐलान किया था, जो आज से पूरे देश में प्रभावी हो गई है। जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में इस पर फैसला लिया गया था। ऐसे में आइए जानते इस बदलाव से कौन-सा सामान सस्‍ता हुआ है। एसी, डिशवॉशर के दाम 1,610 से 8,000 तक घटेवोल्टास, डाइकिन, हायर गोदरेज और पैनासोनिक जैसी इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों ने भी एयरकंडीशनर एवं डिशवॉशर की कीमतों में न्यूनतम 1,610 से 8,000 रुपये तक कटौती की है। कंपनियों को नवरात्र में 10 फीसदी से ज्यादा बिक्री होने की उम्मीद है। गोदरेज अप्लायंसेज कैसेट और टावर एसी पर 8,550 से 12,450 रुपये के बीच कीमत घटाए हैं। हायर ने 3,202 से 3,905 रुपये, वोल्टास ने 3,400 से 3,700 रुपये, डाइकिन ने 1,610 से 7,220 रुपये, एलजी इलेक्ट्रॉनिक ने 2,800 से 3,600 और पैनासोनिक ने 4,340 से 5,500 रुपये तक एसी के दाम कम किए हैं। अमूल व मदर डेयरी ने दूध समेत अन्य उत्पादों के दाम घटाएअमूल ने 700 से ज्यादा उत्पादों की कीमतों में कटौती की है।  मदर डेयरी ने भी ट्रेटा पैक दूध, दही और आइसक्रीम जैसे उत्पादों के भाव घटाने का एलान किया है। इनमें घी, मक्खन, बेकरी व अन्य उत्पाद शामिल हैं। 610 रुपये किलो वाला घी अब 40 रुपये सस्ता होगा। 100 ग्राम मक्खन 62 रुपये के बजाय 58 रुपये व 200 ग्राम पनीर 99 रुपये के बजाय 95 रुपये में मिलेगा। पैकेज्ड दूध दो-तीन रुपये सस्ता होगा। इससे पूर्व मदर डेयरी भी दाम में कटौती की घोषणा कर चुकी है। महिंद्रा एंड महिंद्रा एसयूवी पर 2.56 लाख का फायदामहिंद्रा एंड महिंद्रा ने एसयूवी वाहनों की कीमतें भी घटा दी हैं। साथ ही, अतिरिक्त प्रोत्साहन भी देगी। इससे ग्राहकों को 2.56 लाख तक का फायदा होगा।बोलेरो नियो की एक्स-शोरूम कीमत में 1.27 लाख की कमी व 1.29 लाख के अतिरिक्त लाभ के साथ कुल 2.56 लाख रुपये बचत होगी।रेल नीर भी सस्ता, एक रुपये कम होगी कीमत भारतीय रेलवे ने रेल नीर सस्ता कर दिया। अब एक लीटर की बोतल की कीमत 15 से घटकर 14 रुपये होगी। आधा लीटर की बोतल 10 के बजाय 9 रुपये में मिलेगी। रेलवे परिसरों/ट्रेनों में आईआरसीटीसी व अन्य ब्रांडों की पेयजल बोतलों के दाम भी 14 और 9 रुपये हो गए हैं। होटल बुकिंग, जिम, फ्लाइट टिकट, सिनेमा टिकट भी सस्ते होंगेहोटल के कमरों की बुकिंग, ब्यूटी और सेहत से जुड़ी सर्विसेज पर जीएसटी दर 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है। वहीं, 100 रुपये तक की सिनेमा टिकटों पर 5 फीसदी टैक्स लगेगा, जो पहले 12 फीसदी था, जबकि 100 रुपये से ज्यादा की टिकटों पर 18 फीसदी जीएसटी लगेगा। होटल के कमरों, जिनका किराया 1000 रुपये से कम है, वो अब भी टैक्स फ्री रहेंगे। 1000 से 7500 रुपये के होटल रूम पर जीएसटी 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है। प्रीमियम होटल्स, जिनका किराया 7500 रुपये से ज्यादा है उनपर 18 फीसदी जीएसटी लगेगा। जीएसटी में बदलाव से कुछ सामान महंगे भी होंगेजीएसटी सुधार से शौक और विलासिता की चीजों के लिए 40 फीसदी का नया स्लैब बनाया गया है। इसमें पान मसाला, तंबाकू जैसे प्रोडक्ट शामिल हैं। इनके अलावा कुछ कार और बाइक्स भी 40 फीसदी टैक्स के दायरे में आएंगी। हालांकि ये गाड़ियां महंगी नहीं होंगी। पहले इनपर 28 फीसदी जीएसटी के साथ 17 फीसदी तक सेस लगता था। कुल टैक्स 45 फीसदी था, जो घटकर अब 40 फीसदी हो गया है। पेट्रोल गाड़ियां जो 1200 सीसी और 4 मीटर से ज्यादा लंबी हो उनपर 40 फीसदी टैक्स लगेगा। डीजल गाड़ियां जो 1500-सीसी और 4 मीटर से ज्यादा लंबी हो उनपर भी 40 फीसदी टैक्स लगेगा। मोटरसाइकिल जो 350-सीसी से ज्यादा हो वो भी इसी टैक्स के दायरे में आएंगी। अर्थव्यवस्था पर असरसरकार का दावा है कि जीएसटी 2.0 से आम आदमी को राहत मिलेगी, कारोबार करना आसान होगा और अर्थव्‍यवस्‍था को बूस्ट मिलेगा। पिछले हफ्ते वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विशाखापट्टनम में आयोजित 'नेक्स्ट जेन जीएसटी रिफॉर्म्स' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा-इससे अर्थव्‍यवस्‍था में करीब 2 लाख करोड़ रुपए आएंगे। देश के मुख्‍य इकोनॉमिक एडवाइजर वी. अनंथा नागेश्वरन ने कहा- लोगों के हाथ में ज्यादा खरीदारी की ताकत आएगी, जिससे डिमांड-प्रोडक्शन का चक्र चलेगा। सकल घरेलू उत्‍पाद (जीडीपी) ग्रोथ बढ़ेगी। शिकायतों के लिए पोर्टल पर विशेष सेक्शनसरकार ने संशोधित जीएसटी दरों से संबंधित शिकायतें दर्ज कराने और उनके निवारण के लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) के इनग्राम पोर्टल पर एक समर्पित श्रेणी बनाई है। इसमें ऑटोमोबाइल, बैंकिंग, ई-कॉमर्स, एफएमसीजी और अन्य उप-श्रेणियां हैं।

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बेंगलुरु  । राज्य में सामाजिक और शैक्षणिक सर्वेक्षण (जाति जनगणना) आज से शुरू हो गई। कई समुदायों के असंतोष, आपत्तियों और चिंताओं के बीच राज्य का पिछड़ा वर्ग आयोग 7 करोड़ लोगों के घर-घर जाकर सारी जानकारी इकट्ठा करेगा।   जाति जनगणना के लिए 1.75 लाख शिक्षकों को तैनात किया गया है और उन्हें अग्रिम तैयारियों के साथ प्रशिक्षित किया गया है। गणनाकार 60 प्रश्नों के माध्यम से सारी जानकारी दर्ज करेंगे। ईसाई उपजातियों के नाम दर्ज करने के मामले में आयोग ने विभिन्न राजनीतिक और प्रशासनिक जटिलताओं के कारण 33 ईसाई उपजातियों को सूची से हटा दिया है।   हालांकि, लोग चाहें तो अपना धर्म और जाति विवरण स्वयं दर्ज कर सकते हैं। बेंगलुरु शहर में तैयारी और प्रशिक्षण में देरी के कारण सर्वेक्षण 2-3 दिन देरी से शुरू होगा। इस बीच, उच्च न्यायालय आज जाति जनगणना को चुनौती देने वाली जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। अखिल कर्नाटक ब्राह्मण महासभा की जनहित याचिका पीठ के समक्ष सूचीबद्ध है और अन्य याचिकाओं पर भी विचार किए जाने की संभावना है।

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दुबई । एशिया कप 2025 के सुपर-4 राउंड में में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को लीग मुकाबले के बाद फिर पटखनी दी है। रविवार रात दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 7 गेंद शेष रहते 6 विकेट से मात दी।पाकिस्तान की ओर से मिले 172 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने 18.5 ओवर में 4 विकेट खोकर जीत दर्ज की। युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने केवल 39 गेंदों में 74 रनों की धमाकेदार पारी खेली, जिसमें 5 छक्के और 6 चौके शामिल थे। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उप-कप्तान शुभमन गिल ने 28 गेंदों में 8 चौकों की मदद से 47 रन जोड़े, जबकि तिलक वर्मा ने 19 गेंदों पर नाबाद 30 रन बनाकर जीत पक्की की। तिलक ने अपनी पारी में 2 चौके और 2 छक्के लगाए।पाकिस्तान की तरफ से हारिस रऊफ ने 2 विकेट झटके, जबकि अबरार अहमद और फहीम अशरफ को एक-एक विकेट मिला।इससे पहले, पाकिस्तान ने टॉस हारकर बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट पर 171 रन बनाए। साहिबजादा फरहान ने 45 गेंदों में 58 रनों की ठोस पारी खेली। वहीं सैम अय्यूब ने 21 रन, फहीम अशरफ ने 8 गेंदों पर नाबाद 20 रन और कप्तान सलमान आगा ने नाबाद 17 रन का योगदान दिया।भारत की ओर से शिवम दूबे सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 4 ओवर में 33 रन देकर 2 विकेट हासिल किए। कुलदीप यादव और हार्दिक पंड्या को 1-1 सफलता मिली।इस जीत के साथ टीम इंडिया ने सुपर-4 में दमदार शुरुआत की है और फाइनल की राह पर महत्वपूर्ण कदम बढ़ा लिया है।

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वॉशिंगटन । एच-1बी वीजा को लेकर अमेरिका के नये नियम आज (अमेरिकी समय के मुताबिक) 21 सितंबर से लागू हो जाएंगे।नये नियमों के तहत अमेरिका, नए आवेदकों से एक लाख डॉलर (करीब 88 लाख रुपए) शुल्क वसूल करेगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को इससे जुड़े कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। ट्रंप सरकार के इस फैसले से प्रवासियों में असमंजस के बीच व्हाइट हाउस ने नए नियमों को लेकर स्पष्टीकरण भी दिया है।   व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने शनिवार को साफ किया कि हाल ही में घोषित एक लाख डॉलर का एच-1बी वीजा शुल्क वार्षिक नहीं है। यह एकमुश्त शुल्क है जो केवल नये एच-1बी आवेदन पर लागू होगा। नवीनीकरण कराने या वर्तमान वीजा धारकों पर यह लागू नहीं होगा।   व्हाइट हाउस की तरफ से कहा गया है कि जिन लोगों के पास पहले से एच-1बी वीजा है और जो इस समय देश से बाहर हैं, उनसे दोबारा प्रवेश के लिए यह शुल्क नहीं लिया जाएगा। एच-1बी वीजा धारक देश से बाहर जा सकते हैं और दोबारा प्रवेश कर सकते हैं। ताजा नियमों का उन पर प्रभाव नहीं पड़ेगा। साथ ही  नए प्रावधान सबसे पहले आगामी एच-1बी लॉटरी चक्र से लागू होंगे।   भारतीय दूतावास ने जारी किए हेल्प लाइन नंबरइससे पहले अमेरिका में भारतीय दूतावास की तरफ से अपने नागरिकों के लिए नंबर जारी कर कहा कि आपातकालीन सहायता चाहने वाले भारतीय नागरिक मोबाइल नंबर +1-202-550-9931 (और व्हाट्सएप) पर कॉल कर सकते हैं। इस नंबर का उपयोग केवल तत्काल आपातकालीन सहायता चाहने वाले भारतीय नागरिकों द्वारा किया जाना चाहिए, न कि नियमित वाणिज्य दूतावास संबंधी पूछताछ के लिए।   एच-1बी वीजा शुल्क 1 लाख डॉलर करने का आदेश उल्लेखनीय है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एच-1बी वीजा को लेकर बड़ी घोषणा करते हुए इसके लिए आवेदन शुल्क को बढ़ा कर एक लाख डॉलर यानी लगभग 88 लाख रुपये कर दिया है।   पहले औसतन लगते थे 5 लाख उल्लेखनीय है कि एच-1बी वीजा के लिए पहले औसतन 5 लाख रुपए लगते थे और यह 3 साल के लिए मान्य होता था। इसे 3 साल के लिए रिन्यू किया जा सकता था। नये नियमों के तहत अब अमेरिका में इसके लिए 6 साल में 5.28 करोड़ लगेंगे।   भारतीय पेशेवर प्रभावित इस घोषणा से बड़ी संख्या में अमेरिका में काम कर रहे भारतीय पेशेवरों में हड़कंप मच गया। अमेरिका में एच-1बी वीजा धारकों की सबसे बड़ी संख्या भारतीयों की है। अमेरिका हर साल करीब 85,000 नए एच-1बी वीजा जारी करता है, जिनमें से अधिकांश वीजा भारतीय पेशेवरों को मिलते हैं, जिसके बाद चीन, दक्षिण कोरिया और अन्य देशों के नागरिक होते हैं। साल 2023 में एच-1बी वीजा लेने वालों में 1,91,000 लोग भारतीय थे और साल 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 2,07,000 हो गया। ये कुशल भारतीय पेशेवर मुख्य रूप से टेक्नोलॉजी, हेल्थ केयर, रिसर्च जैसे क्षेत्रों में काम करते हैं।   एच-1बी वीजा को लेकर ट्रंप के ताजा आदेश के बाद असमंजस की स्थिति तब और बढ़ गई जब अमेरिकी दिग्गज कंपनियों ने कर्मचारियों को 20 सितम्बर तक हर हाल में अमेरिका वापस लौटने की सलाह दी।   क्या है एच-1बी वीजा यह एक एक नॉन-इमिग्रेंट वीजा है जो लॉटरी के जरिए दिए जाते रहे हैं। यह वीजा आईटी, आर्किटेक्चर और हेल्थ जैसे स्पेशल टेक्निकल स्किल पेशेवरों के लिए जारी होता है।  

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 5 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे। यह संबोधन नवरात्र शुरू होने से एक दिन पूर्व हो रहा है। साथ ही कल से देश भर में जीएसटी की नई दरें लागू होने जा रही हैं।    सरकार ने हाल ही में जीएसटी दरों में कटौती की है, जिससे ज्यादातर सामान अब अब 5 प्रतिशत के दायरे में आ गया है। सरकार ने 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत की दर समाप्त कर दी है। कुछ अत्यधिक लग्जरी सामानों को 40 प्रतिशत के जीएसटी दर की श्रेणी में रखा गया है। प्रधानमंत्री ने 22 सितंबर को नवरात्रि के पहले दिन से जीएसटी की नई दरें लागू होने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि जीएसटी की नई दरें हमारे देश के विकास की दोहरी खुराक का काम करेंगी। इससे न केवल हर परिवार की बचत बढ़ेगी, बल्कि हमारी अर्थव्यवस्था को भी नई ताकत मिलेगी।

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रायपुर । छत्तीसगढ़ के काेयला व शराब घोटाला मामले में ईओडब्ल्यू की टीम ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए राजधानी रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में कई शराब कारोबारियों के घर दबिश दी गई है। प्रदेशभर में 10 ठिकानों पर ईओडब्ल्यू का छापा पड़ा है।  शराब घोटाला मामले में ईओडब्ल्यू ने प्रदेश के 10 ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की है। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में शराब कारोबारियों के घर छापा पड़ा है। राजधानी में तीन से चार ठिकानों पर दबिश दी गई है। रायपुरा स्थित शिव विहार कॉलोनी स्थित शराब कारोबारी अवधेश यादव के घर भी ईओडब्ल्यू की टीम पहुंची है, जहां दस्तावेजों की जांच कर रही है।   इसी तरह दुर्ग और बिलासपुर में भी टीम ने छापामार की कार्रवाई कर जांच कर रही है। जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा में ईओडब्ल्यू की 12 सदस्यीय टीम ने खनिज अधिकारी के बेटे के ठिकानों पर दबिश दी है। यहां कोयला व्यापारी जयचंद कोसल के अंबेडकर चौक स्थित घर में छापामार की कार्रवाई की गई है। बताया जा रहा है कि जयचंद कोसल के पिता जांजगीर जिला में ही राजस्व विभाग में पदस्थ हैं। ईओडब्ल्यू की इस ताबड़तोड़ छापामार की कार्रवाई से एक बार फिर हड़कंप मचा हुआ है।    उल्लेखनीय है कि, छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में हुए शराब और कोयला घोटाले में पहले ही कई अधिकारी और कारोबारी जेल जा चुके है।

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भावनगर । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि विश्व की शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश भारत को आत्मनिर्भर बनना ही होगा। उन्होंने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आत्मनिर्भरता को सबसे बड़ा मंत्र मानना होगा।प्रधानमंत्री मोदी गुजरात के भावनगर में ‘समुद्र से समृद्धि’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर 34,200 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल भावनगर का नहीं, बल्कि पूरे भारत की दिशा तय करने वाला है।मोदी ने कहा, “140 करोड़ देशवासियों का एक ही संकल्प होना चाहिए—चिप (सेमीकंडक्टर) हो या शिप (जहाज), हमें भारत में ही बनाने होंगे। आत्मनिर्भर होने के अलावा भारत के पास कोई विकल्प नहीं है। हम दूसरों पर आश्रित रहेंगे तो हमारा आत्मसम्मान भी चोटिल होगा। भावी पीढ़ियों के भविष्य को दांव पर नहीं लगाया जा सकता।” उन्होंने कहा कि आज भारत समुद्री क्षेत्र में भी नेक्स्ट जेनरेशन सुधारों की ओर बढ़ रहा है। सरकार ने बड़े जहाजों को आधारभूत संरचना का दर्जा देकर इस क्षेत्र को मजबूती देने का ऐतिहासिक कदम उठाया है।प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया में भारत का कोई बड़ा दुश्मन नहीं है। सच्चे अर्थों में अगर हमारा कोई दुश्मन है तो वह है दूसरे देशों पर हमारी निर्भरता। यही हमारी सबसे बड़ी कमजोरी है और हमें मिलकर इसे खत्म करना होगा। जितनी ज्यादा विदेशी निर्भरता, उतनी ही ज्यादा देश की विफलता।मोदी ने जोर देकर कहा कि आत्मनिर्भर भारत ही सभी समस्याओं का समाधान है। उन्होंने कहा, “सौ दुखों की एक ही दवाई है और वह है आत्मनिर्भर भारत।”प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस की नीतियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि भारत में सामर्थ्य की कभी कोई कमी नहीं रही, लेकिन कांग्रेस ने हमेशा देश के सामर्थ्य को नजरअंदाज किया। आजादी के छह-सात दशक बाद भी भारत वह सफलता हासिल नहीं कर पाया जिसका वह हकदार था। कांग्रेस ने लंबे समय तक देश को लाइसेंस राज में उलझाए रखा और वैश्विक बाजारों से अलग-थलग रखा। जब वैश्वीकरण का दौर शुरू हुआ तो उसने केवल आयात पर भरोसा किया और उसमें भी हजारों करोड़ रुपये के घोटाले किए। इन नीतियों ने हमारे युवाओं को नुकसान पहुंचाया।मोदी ने कहा कि भारत सदियों से विश्व की एक बड़ी समुद्री ताकत रहा है। भारतीय तटीय राज्यों में बने जहाज दुनिया भर के व्यापार को गति देते थे। 50 साल पहले तक हमारा 40 प्रतिशत व्यापार भारतीय जहाजों पर होता था, लेकिन कांग्रेस की गलत नीतियों से भारत का जहाज निर्माण उद्योग ध्वस्त हो गया। आज स्थिति यह है कि सिर्फ 5 प्रतिशत व्यापार ही भारतीय जहाजों पर होता है और बाकी 95 प्रतिशत के लिए हमें विदेशी जहाजों पर निर्भर रहना पड़ता है।उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत विदेशी शिपिंग कंपनियों को शिपिंग सेवाओं के किराए के रूप में लगभग 75 बिलियन डॉलर (करीब 6 लाख करोड़ रुपये) का भुगतान करता है, जो भारत के रक्षा बजट के लगभग बराबर है।प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भारत 2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब तक उसे पूरी तरह आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनना होगा। दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश के तौर पर हमारा कर्तव्य है कि हम न केवल अपने नागरिकों के भविष्य को सुरक्षित करें बल्कि विश्व की शांति और स्थिरता के लिए भी मजबूती से खड़े हों। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत केवल एक आर्थिक रणनीति नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा, आत्मसम्मान और वैश्विक दायित्व का भी हिस्सा है।प्रधानमंत्री मोदी ने अपने जन्मदिन की 75वीं वर्षगांठ (17 सितंबर) पर देश-विदेश से मिली शुभकामनाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “देश और दुनिया से जो प्यार और आशीर्वाद मिला है, वह मेरी सबसे बड़ी संपत्ति है, मेरी ताकत है। मैं सार्वजनिक रूप से सभी महानुभावों का हृदय से धन्यवाद करता हूं।”मोदी ने कहा कि विश्वकर्मा जयंती से गांधी जयंती तक पूरे देश में ‘सेवा पखवाड़ा’ मनाया जा रहा है। गुजरात में भी रक्तदान शिविरों से लेकर बड़े पैमाने पर स्वच्छता अभियान और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन हो रहा है, जिनमें लाखों लोग भाग ले रहे हैं।  उन्होंने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कमी से नवरात्रि और आगामी त्योहारों में बाजारों में रौनक और अधिक होगी। उन्होंने कहा, “आज मैं भावनगर ऐसे समय में आया हूं जब नवरात्रि का पर्व शुरू होने वाला है। इस उत्सवी माहौल में ‘समुद्र से समृद्धि’ का भव्य उत्सव भी हम मना रहे हैं।”कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री ने कृष्णकुमार सीजी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा, “सरदार साहब के मिशन में शामिल होकर उन्होंने भारत की एकता में योगदान दिया। ऐसे महान देशभक्तों से प्रेरित होकर हम ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को साकार करते रहेंगे।”मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का भारत समुद्र को बहुत बड़े अवसर के रूप में देख रहा है। पोर्ट-लेड डेवलपमेंट को गति देने के लिए आज हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया गया है। उन्होंने गुजरात और भावनगर के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि यह आयोजन पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है। भारत समुद्र से समृद्धि की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले समय में यह क्षेत्र देश की आत्मनिर्भरता का बड़ा आधार बनेगा।

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वायनाड । कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को दावा किया कि उनके पास वोट चोरी के सबूत हैं, जिन्हें वे जल्द सार्वजनिक करेंगे।राहुल गांधी आज कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के साथ वायनाड में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी की स्मृति में बने सभागार के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए। यहां उन्होंने कहा कि पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस ने वोटर लिस्ट में धांधली के उदाहरण पेश किए थे, जिनमें महादेवपुरा और आलंद मे वोट जोड़ने और काटे जाने की बात थी। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाते हुए कहा कि आलंद विधानसभा क्षेत्र में 6 हजार वोटरों के नाम गलत तरीके से काटने की कोशिश का मामला सीआईडी जांच के दायरे में है, जो सीईसी की भूमिका पर सवाल उठाता है।उन्होंने कहा कि ओमान चांडी सत्ता में रहते हुए भी जनता से जुड़े और विनम्र रहे, जबकि आज कई राष्ट्रीय नेता सत्ता हासिल करते घमंड में आ जाते हैं।उन्होंने केरल की लोकतांत्रिक व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि पंचायतें यहां की राजनीति की नींव हैं और यह देश के लिए आदर्श उदाहरण है।प्रियंका गांधी ने कहा कि वायनाड मे बाढ़ और कटाव जैसी समस्याओं के कारण क्षेत्र अलग-थलग पड़ जाता है। कांग्रेस कार्यकर्ता यहां आश्रय स्थल बनाने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने आदिवासी समुदायों के सामने स्वास्थ्य, संपर्क और शिक्षा की चुनौतियों का जिक्र किया, साथ ही धान और कॉफी किसानों की समस्याओं का भी उल्लेख किया।

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वाशिंगटन  । अमेरिका के एच1-बी वीजा के लिए आवेदन करने के लिए अब शुल्क बढ़ गया है। अब इसके लिए 100,000 (एक लाख) अमेरिकी डॉलर देने होंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप ने शुक्रवार देररात इस संबंध में कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। इस कदम का अमेरिका में वर्क वीजा पर काम कर रहे भारतीय कर्मचारियों पर गहरा असर पड़ सकता है।सीबीएस न्यूज चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, कार्यकारी आदेश में नया वीजा आवेदन शुल्क जोड़ा गया है। इसके अनुसार एच-1बी कर्मचारियों को 100,000 डॉलर का भुगतान किए बिना अमेरिका में प्रवेश नहीं मिलेगा।ट्रंप ने कहा, "हम अपने देश में ऐसे लोगों को रख पाएंगे जो बहुत उत्पादक होंगे, और कई मामलों में ये कंपनियां इसके लिए अधिक धन देंगी। वे इससे बहुत खुश हैं।" इस अतिरिक्त शुल्क का असर अमेजन, आईबीएम, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनियों सहित नियोक्ताओं पर पड़ेगा। यह कंपनियां विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए इस वीजा पर निर्भर हैं।इससे पहले एच-1बी वीजा के लिए लगभग 1,700 डॉलर से लेकर 4,500 डॉलर देने होते थे। आमतौर पर, इस शुल्क को नियोक्ता के लिए व्यावसायिक व्यय माना जाता है। यह नया शुल्क एच-1बी वीजा पर चल रही बहस के बीच आया है, जिसके बारे में कुछ आलोचकों का कहना है कि यह कंपनियों को अमेरिकी कर्मचारियों की तुलना में कम वेतन पर विदेशी आवेदकों को नियुक्त करने में सक्षम बनाता है। आलोचकों का कहना है कि कुछ नियोक्ता उच्च कौशल आवश्यकताओं वाले वरिष्ठ पदों के बजाय प्रवेश स्तर की भूमिकाओं के लिए भी एच-1बी वीजा प्रदान करते हैं।तकनीकी कंपनियां इस वीजा कार्यक्रम की प्रमुख लाभार्थी रही हैं। श्रम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में किसी भी कंपनी की तुलना में अमेजन को सबसे अधिक एच1बी वीजा प्राप्त हुए। इस वर्ष, यह ऑनलाइन रिटेलर 10,000 से अधिक वीजा प्राप्त करने वालों में अग्रणी बना हुआ है। इसके बाद टाटा कंसल्टेंसी, माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल और गूगल का स्थान आता है।व्हाइट हाउस के एक सहयोगी ने कहा, "इससे यह सुनिश्चित होगा कि वे जिन लोगों को ला रहे हैं, वे वास्तव में अत्यधिक कुशल हैं और अमेरिकी कर्मचारियों द्वारा उनकी जगह नहीं ली जा सकती। इसलिए यह अमेरिकी कर्मचारियों की रक्षा करेगा, लेकिन यह भी सुनिश्चित करेगा कि कंपनियों के पास वास्तव में असाधारण लोगों को नियुक्त करने और उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका लाने का एक रास्ता हो।"नेशनल फाउंडेशन फॉर अमेरिकन पॉलिसी के कार्यकारी निदेशक स्टुअर्ट एंडरसन ने कहा कि यदि यह योजना अमेरिकी कंपनियों को विदेशों में नौकरियां स्थानांतरित करने के लिए प्रोत्साहित करती है, विशेष रूप से अनुसंधान और विकास जैसे विशिष्ट क्षेत्रों में, तो यह योजना उलटी पड़ सकती है। एंडरसन ने कहा, "दूसरा प्रभाव उन अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या में और कमी लाएगा जो अमेरिका में पढ़ाई के लिए आने में रुचि रखते हैं। अगर अमेरिका में काम के कोई अवसर नहीं हैं, तो उनके अमेरिकी कार्यक्रमों में दाखिला लेने की संभावना बहुत कम है।"पिछले साल एच-1बी वीजा के लिए सबसे लोकप्रिय नौकरी सॉफ्टवेयर डेवलपर की थी। लॉटरी के माध्यम से प्रदान किए जाने वाले एच-1बी वीजा को प्राप्त करने के लिए आवेदक के पास कम से कम स्नातक की डिग्री होनी चाहिए और उसे किसी अमेरिकी कंपनी द्वारा अस्थायी नौकरी की पेशकश की गई हो।अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवाओं के अनुसार, इस कार्यक्रम में हर साल 65,000 नए वीजा जारी करने की सीमा है, हालांकि मास्टर डिग्री या उससे अधिक योग्यता वाले कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त 20,000 वीजा जारी किए जा सकते हैं। वित्तीय वर्ष 2026 के लिए यह सीमा और उच्च-डिग्री छूट कोटा पहले ही पूरा हो चुका है।  

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गुवाहाटी । असम के प्रसिद्ध गायक जुबिन गर्ग का सिंगापुर में निधन हो गया। उनके निधन की पुष्टि विदेश मंत्रालय ने भी कर दी है। पूरे राज्य में अशोक की लहर दौड़ गई है। देश भर में उनके चाहने वालों के बीच मायूसी छा गई है।    केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्घेरिटा ने जानकारी दी कि इस संबंध में सिंगापुर के विदेश मंत्रालय से लगातार संपर्क बना हुआ है। सिंगापुर सरकार के आधिकारिक सूत्रों ने भारत के विदेश मंत्रालय को सूचित किया कि जुबिन गर्ग का अस्पताल में निधन हो गया। मंत्रालय ने आश्वस्त किया है कि गायक का पार्थिव शरीर असम लाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।   विदेश राज्य मंत्री पवित्रा मार्घेरिटा ने खुद इस मामले में पहल की है। उन्होंने कहा कि परिवार का प्रतिनिधि सिंगापुर जाएगा और जुबिन के पार्थिव शरीर के साथ नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल में शामिल भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए भी सरकार आवश्यक इंतज़ाम करेगी।   उन्होंने यह भी बताया कि इस विषय पर असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा से उनका लगातार संपर्क बना हुआ है। जुबीन गर्ग के निधन की खबर सुनने के बाद मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्व सरमा ने बोड़ोलैंड में अपने चुनावी कार्यक्रम को बीच में ही स्थगित कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पास इस पर बोलने के लिए कोई शब्द नहीं है। पूरे राज्य में अशोक की लहर दौड़ गई है। देश भर में उनके चाहने वालों के बीच मायूसी छा गई है। लोग जुबिन के लिए रोते देखे जा रहे हैं।   दरअसल, सिंगापुर में नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में भाग लेने गए जुबिन गर्ग आज स्कूबा डाइविंग के दौरान अस्वस्थ हो गए। इसके बाद करीब एक घंटे तक बेहोश रहने के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों के भरसक प्रयास के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका। जुबिन के निधन के बाद से पूरे राज्य में अशोक की लहर दौड़ गई है। देश भर में उनके चाहने वालों के बीच मायूसी छा गई है। लोग जुबिन के लिए रोते-बिलखते देखे जा रहे हैं।

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नई दिल्ली । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के 60 वर्ष पूरे होने पर साउथ ब्लॉक में उस युद्ध में शामिल हुए अधिकारियों और सैनिकों के साथ शुक्रवार को बातचीत की। उन्होंने कहा कि भारत अपने पड़ोसियों के साथ रिश्तों के मामले में कभी भी भाग्यशाली नहीं रहा है, लेकिन हमने इसे नियति नहीं माना है। किसी भी राष्ट्र का वास्तविक भाग्य खेतों, कारखानों, प्रयोगशालाओं में और रणभूमि में बहाए गए पसीने से बनता है। भारत अपना भाग्य किसी और के भरोसे नहीं छोड़ता, भारत अपना भाग्य खुद गढ़ता है। इसका एक उदाहरण हमें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एक बार फिर देखने को मिला।   उन्होंने कहा कि 1965 का युद्ध कोई छोटा-मोटा संघर्ष नहीं था, बल्कि वह भारत की ताकत की परीक्षा थी। उस दौर की परिस्थितियों को देखते हुए पाकिस्तान ने सोचा था कि घुसपैठ या गुरिल्ला हमलों से वह भारत को डरा देगा, लेकिन भारत की मिट्टी में पला हर जवान इस भावना के साथ पला-बढ़ा होता है कि चाहे कुछ भी हो जाए, लेकिन इस देश की संप्रभुता और अखंडता पर आंच नहीं आने देगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि कोई भी युद्ध केवल लड़ाई के मैदान में नहीं लड़ा जाता, बल्कि युद्ध में मिली जीत पूरे राष्ट्र के सामूहिक संकल्प का परिणाम होती है। उन्होंने कहा कि भारत अपने पड़ोसियों के साथ संबंधों के मामले में भाग्यशाली नहीं रहा है, लेकिन हमने अपनी नियति स्वयं तय की है, जिसका ताजा उदाहरण ऑपरेशन सिंदूर है।   रक्षा मंत्री ने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दिग्गजों के साथ बातचीत में कहा कि हम पहलगाम की भयावह घटनाओं को भूले नहीं हैं। इस घटना को याद करते ही हमारा दिल भारी हो जाता है और मन क्रोध से भर जाता है। पहलगाम की घटना ने हम सभी को झकझोर दिया, लेकिन हमारे मनोबल को नहीं तोड़ पाई। हमने ऑपरेशन सिंदूर में दुश्मनों को दिखा दिया कि हमारा प्रतिरोध कितना मजबूत और शक्तिशाली है। हमारी पूरी टीम के करिश्मे ने साबित कर दिया कि जीत अब कोई अपवाद नहीं है। जीत एक आदत बन गई है और हमें इस आदत को हमेशा बनाए रखना चाहिए।   उन्होंने कहा कि 1965 के उस कठिन दौर में जब चारों ओर अनिश्चितता और चुनौतियां थीं, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नेतृत्व में देश ने उनका सामना किया। शास्त्री जी ने उस दौर में न केवल निर्णायक राजनीतिक नेतृत्व दिया, बल्कि पूरे देश के मनोबल को ऊंचाई तक पहुंचाया। उन्होंने 'जय जवान, जय किसान' का ऐसा नारा दिया, जो आज भी हमारे हृदय में गूंजता है। इस नारे में हमारे वीर सैनिकों के सम्मान के साथ-साथ हमारे अन्नदाताओं का गौरव भी शामिल था।   राजनाथ सिंह ने कहा कि 1965 के युद्ध के दौरान कई घटनाओं ने इतिहास में अपना नाम दर्ज करा दिया। फिलोरा की लड़ाई में हमारे सशस्त्र बलों के पराक्रम ने पाकिस्तान की हिम्मत तोड़ दी। इसके अलावा चाविंडा की लड़ाई तो दुनिया की सबसे बड़ी टैंक बैटल्स में गिनी जाती है। वहां भी हमने साबित कर दिया कि कोई भी युद्ध टैंकों से नहीं, बल्कि हौसले और दृढ़ निश्चय से जीता जाता है। वर्ष 1965 के युद्ध में हमारे वीर अब्दुल हमीद ने अपने अकेले साहस से टैंकों की पूरी कतार को जला डाला। उनकी वीरता हमें सिखाती है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी साहस, संयम और देशभक्ति का संगम, असंभव को संभव बना सकता है।

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गोपेश्वर । उत्तराखंड के चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र में दैवीय आपदा के बाद राहत और बचाव कार्य के दूसरे दिन एक चमत्कारिक घटना सामने आई। मलबे में दबा एक व्यक्ति लगभग 18 घंटे बाद जीवित निकला, लेकिन उसकी पत्नी और उसके दो बेटों के शव मिले हैं। यहां लापता दस लोगों में अब तक सात लोगों के शव बरामद हो चुके हैं। अभी लापता दो लोगों की खोज के लिए अभियान चलाया जा रहा है।   नंदानगर के कुंतरी लगा फाली, सैंती और धुर्मा में गुरूवार की तड़के तीन बजे आसमान से बरसी आफत के साथ आए मलबे में दबकर दस लोग लापता हो गए थे। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ तथा स्थानीय लोगों ने कड़ी मेहनत कर सात लोगों शव के बरामद कर लिए है। इसी मलबे से एक व्यक्ति जीवित निकला है। इस व्यक्ति की पहचान कुंवर सिंह के रूप में हुई है। बरामद सात शवों में कुंवर सिंह की पत्नी कांता देवी और दो पुत्र विकास और विशाल शामिल हैं।  अन्य लापता जिन चार लोगों के आज शव बरामद हुए है। उनमें नरेन्द्र सिंह, जगदम्बा प्रसाद और उनकी पत्नी भागा देवी, देवेश्वरी देवी शामिल हैं।  सरपाणी के कुंवर सिंह को मलबे से जीवित निकालने के बाद इलाज के लिए हायर सेंटर भेज दिया गया है। जानकारी के अनुसार धुर्मा के गुमान सिंह और ममता देवी अभी भी लापता हैं। जिनकी खोजबीन जारी है।  

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  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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नई दिल्ली । कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाते हुए चुनाव आयोग पर हमला बोला है। उन्होंने कर्नाटक के आलंद विधानसभा क्षेत्र में 6,018 मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह सब एक संगठित साजिश का हिस्सा है जिसमें कांग्रेस समर्थक वोटरों के नाम ही टारगेट किए जा रहे हैं।   राहुल गांधी ने आज यहां कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मतदाता सूची से नाम काटने की प्रक्रिया बड़े पैमाने पर और सेंट्रलाइज तरीके से की जा रही है। आलंद विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस समर्थक मतदाताओं को लक्षित कर उनके नाम मतदाता सूची से काटे गए। उन्होंने दावा किया कि अब तक 6,018 मतदाताओं के नाम हटाए जाने का मामला सामने आया है, हालांकि यह संख्या और भी बड़ी हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह ‘वोट चोरी’ का मामला तब संयोगवश पकड़ा गया जब एक बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) के रिश्तेदार का नाम सूची से गायब मिला। जब इसकी पड़ताल की गई तो सामने आया कि यह प्रक्रिया किसी तीसरे पक्ष द्वारा की जा रही है और इसका संचालन ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में जिस व्यक्ति का नाम सूची से हटाया गया, तो जांच में उसके पड़ोसी का ही नाम सामने आया।   कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि बीएलओ ने जब पड़ोसी से पूछा तो उसने नाम हटाने से इनकार किया। इसके बाद जांच में यह तथ्य सामने आया कि सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया ऑनलाइन ऑटोमेटेड प्रोसेस से किया गया और जिन मोबाइल नंबरों से यह कार्य हुआ, वह कर्नाटक के बाहर के थे। यह बेहद गंभीर सवाल है कि जिन नंबरों से मतदाता सूची से नाम हटाए गए, वे नंबर किसके हैं, कहां से ऑपरेट किए जा रहे हैं और उनके आईपी एड्रेस क्या हैं। साथ ही नाम हटाने की प्रक्रिया में ओटीपी किसके पास गया और जब उन नंबरों पर कॉल किया गया तो किसी ने जवाब क्यों नहीं दिया।   उन्होंने इसके लिए कई लोगों को पेश भी किया। सबसे पहला मामला गोदाबाई नाम की महिला का था, जिनके नाम पर 12 लोगों के नाम हटाने का मामला सामने आया, जबकि गोदाबाई को इसकी कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि यह सब किसकी मिलीभगत से हुआ। दूसरा मामला सूर्यकांत नामक व्यक्ति से जुड़ा था, जिसके नाम से 12 मतदाताओं के नाम महज 14 मिनट में हटा दिए गए, लेकिन जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। तीसरा मामला नागराज से जुड़ा था। यह उदाहरण बताता है कि पूरा सिस्टम सॉफ्टवेयर के जरिए संचालित हो रहा है।   नेता प्रतिपक्ष राहुल ने कहा कि वोटर लिस्ट से नाम काटने के लिए सॉफ्टवेयर के जरिए पहले नाम को टारगेट किया जा रहा है। जिन 10 बूथों पर कांग्रेस की स्थिति मजबूत थी, वहां बड़े पैमाने पर नाम काटे गए। वर्ष 2018 के चुनाव में इन 10 बूथों में से 8 बूथों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार 6 हजार वोटरों के नाम गायब कर दिए गए। यह सब एक संगठित साजिश का हिस्सा है, जिसमें कांग्रेस समर्थक वोटरों को ही टारगेट किया गया है।   उन्होंने कहा कि नाम काटने वाला वह ‘तीसरा व्यक्ति’ कौन है? जो सेंट्रलाइज तरीके से अलग-अलग प्रदेशों से वोटर लिस्ट में हेरफेर कर रहा है। यही प्रक्रिया उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार और महाराष्ट्र में भी अपनाई गई है। यह केवल आलंद तक सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से कांग्रेस के वोटरों को निशाना बनाकर वोटर लिस्ट से नाम काटे गए हैं।   राहुल गांधी ने कहा कि आयोग यह दावा नहीं कर सकता कि वह सोया हुआ है। सच्चाई यह है कि आयोग को सब कुछ पता है और वह इस वोट चोरी में मददगार बना हुआ है। राहुल ने कहा कि यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है और कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा कि उनके पास और भी सबूत हैं, जिन्हें वह आने वाले समय में देश के सामने रखेंगे। राहुल ने कहा कि जल्द ही ‘हाइड्रोजन बम’ वाले सुबूत भी आएंगे। आज का खुलासा उसी कड़ी का हिस्सा है, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह हाइड्रोजन बम नहीं है, बल्कि असली विस्फोटक सबूत अभी आने बाकी हैं।

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गोपेश्वर । उत्तराखंड में अलकनंदा नदी के पर बद्रीनाथ मार्ग पर स्थित चमोली जिले में बादल फटने से बड़ा नुकसान हुआ है। छह घर मलबे में दब गए हैं। दो लोगों को बचा लिया गया है। सात लोग लापता है। लापता व्यक्तियों की तलाश की जा रही है। चमोली के ज़िलाधिकारी संदीप तिवारी ने पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि लापता लोगों की तलाश में अभियान शुरू किया गया है।जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि जिले के नंदानगर घाट क्षेत्र में बुधवार रात बादल फटने से भारी नुकसान हुआ। नंदानगर के वार्ड कुन्तरी लगा फाली में छह घर मलबे में दब गए। इस आपदा में सात लोग लापता हैं, जबकि दो को बचा लिया गया है। तिवारी ने बताया कि राहत और बचाव कार्य जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात जाते-जाते तबाही मचा गई। नंदानगर के फाली कुंतरी, सैंती कुंतरी, भैंसवाड़ा और धुर्मा के ऊपर पहाड़ी पर बादल फटने से क्षेत्र में तबाही हुई है।अधिकारियों का कहना है कि एसडीआरएफ की टीम नंदप्रयाग पंहुच गई है। एनडीआरएफ के जवान भी नंदप्रयाग के लिए गोचर से रवाना हुए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि मेडिकल टीम और तीन 108 एम्बुलेंस रवाना कर दी गई हैं। ग्रामीणों के अनुसार, भारी बरसात पहले ही तबाही मचा चुकी है। मोक्ष नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। बरसात में भी पांच मकान ध्वस्त हो चुके हैं।  

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पटना । बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को पटना के होटल मौर्या में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बंद कमरे में करीब आधे घंटे तक बात की। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह मुलाकात सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गई है।   सूत्रों के अनुसार, बैठक में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में सीट बंटवारे और चुनावी रणनीति पर चर्चा हुई। मुलाकात में जदयू और भाजपा के वरिष्ठ नेता, जैसे उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, विजय कुमार चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल मौजूद रहे।   पटना में दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद गृहमंत्री अपने तय कार्यक्रम के मुताबिक रोहतास जिले के डेहरी ऑन सोन पहुंच गए हैं। उनके साथ दोनों उपमुख्यमंत्री (विजय सिन्हा-सम्राट चौधरी) और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल भी मौजूद हैं। कुछ ही देर में वे शाहाबाद प्रक्षेत्र और मगध के कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करेंगे।   उल्लेखनीय है कि बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल भाजपा, जदयू, हम, लोजपा (रामविलास) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के बीच सीट बंटवारे को लेकर अभी जोर-शोर से चर्चा चल रही है। कई सीटों पर सहमति बनाना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है, क्योंकि जीतन राम मांझी 15-20 सीटों की मांग कर रहे हैं, वहीं चिराग पासवान जदयू की मजबूत सीटों पर दावा ठोक रहे हैं, जिससे पेंच फंस गया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हालिया दौरे के बाद अमित शाह का यह दौरा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।  

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देहरादून । देहरादून सहित प्रदेश के कई हिस्सों में सोमवार रात से बारिश का दौर जारी है। इससे कईं स्थानों पर सामान्य जन जीवन प्रभावित हुआ है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार लगातार भारी बारिश के कारण राज्य में 15 लोगों की मौत हो गई है। इनमें से देहरादून जिले में 13 लोगों की मौत हुई है और लापता 16 अन्य लोगों की तलाश जारी है।   शासन और प्रशासन की ओर से राहत व बचाव अभियान युद्ध स्तर पर किया जा रहा है और लगभग 900 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है।मूसलाधार बारिश से देहरादून जिले के मालदेवता, सहस्रधारा, मजयाड़ा और कार्लीगाड़ में जानमाल का काफी नुकसान हुआ है। बारिश और भूस्खलन से सड़कों, पुलों, सरकारी और निजी परिसंपत्तियों को भारी क्षति हुई है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की मदद से कार्लीगाड़ में फंसे 70 लोगों को सुरक्षित बचाया  गया है।   मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून जिले के अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों की गति तेज करने के निर्देश दिए।   इस बीच, आपदाग्रस्त क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को जल्द बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मौसम विभाग ने 20 सितंबर तक प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का चेतावनी दी है।   ज्योतिर्मठ में वाहन दुर्घटना, एक की मौत ज्योतिर्मठ के मारवाड़ी पुल से एक वाहन अनियंत्रित होकर नीचे गिर गया। वाहन में 6 लोग सवार थे। पांच घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई जबकि एक शव एसडीआरएफ ने बरामद कर पुलिस को सौंप दिया है। उप निरीक्षक कुलदीपक पांडे के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम ने अभियान चलाया।

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मुंबई । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर उनके जीवन पर आधारित नई बायोपिक फिल्म 'मां वंदे' का पहला पोस्टर जारी कर दिया गया है। इस पोस्टर में मलयालम सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता उन्नी मुकुंदन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गेटअप में एक अनुबंध पर हस्ताक्षर करते दिखाई दे रहे हैं।    इस महत्वाकांक्षी फिल्म का निर्देशन क्रांति कुमार सीएच संभाल रहे हैं, जो अपनी गहरी कहानी कहने की शैली और संवेदनशील निर्देशन के लिए पहचाने जाते हैं। फिल्म का निर्माण वीर रेड्डी एम कर रहे हैं, जिन्होंने इस बायोपिक को पैन-इंडिया स्तर पर पेश करने की ठानी है। फिल्म ‘मां वंदे’ का पहला पोस्टर भी हाल ही में जारी किया गया है। इस पोस्टर में मलयालम सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता उन्नी मुकुंदन प्रधानमंत्री मोदी के गेटअप में नजर आ रहे हैं। वह एक अनुबंध पर हस्ताक्षर करते दिखाई दे रहे हैं। उनके लुक और गंभीरता ने दर्शकों का ध्यान खींच लिया है। पोस्टर सामने आने के बाद से ही सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर जबरदस्त चर्चा शुरू हो गई है और लोग कह रहे हैं कि मुकुंदन मोदी की भूमिका में काफी जंच रहे हैं।   फिल्म 'मां वंदे' मोदी के व्यक्तिगत और राजनीतिक जीवन की महत्वपूर्ण झलकियों को बड़े पर्दे पर उतारेगी। फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने जा रहे मलयालम सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता उन्नी मुकुंदन अपने दमदार अभिनय और गहरी अभिव्यक्ति के लिए जाने जाते हैं। वह मोदी जैसे करिश्माई नेता का किरदार निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मुकुंदन इस रोल को लेकर बेहद उत्साहित हैं और उन्होंने अपने लुक और बॉडी लैंग्वेज पर काम करना भी शुरू कर दिया है।   फिल्म को पैन-इंडिया लेवल पर रिलीज़ करने की योजना है। इसे आप हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में देख पाएंगे। खास बात यह है कि मेकर्स ने इसे अंग्रेजी भाषा में भी बनाने का फैसला किया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक मोदी की कहानी पहुंच सके। इस तरह यह फिल्म भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए खास मायने रखेगी।

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धार । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने जन्मदिन पर बुधवार काे मध्य प्रदेश को औद्योगिक विकास और कृषि समृद्धि की ऐतिहासिक सुविधा देने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री माेदी बुधवार सुबह विशेष विमान से इंदौर पहुंचे। इसके बाद यहां से हेलीकॉप्टर द्वारा धार जिले के भैंसोला में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री बदनावर तहसील के भैंसोला गांव में पीएम मित्रा पार्क की आधारशिला रखेंगे।   कार्यक्रम स्थल पर प्रधानमंत्री माेदी खुली जीप में सवार होकर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के बीच से निकले और उनका अभिवादन करते हुए मंच तक पहुंचे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, धार के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी मौजूद रहेंगे।प्रधानमंत्री माेदी ने स्वास्थ्य केंद्र की प्रदर्शनी का अवलोकन कियाप्रधानमंत्री मोदी अपने जन्मदिन पर आज सेवा पखवाड़ा का भी शुभारंभ करेंगे। उन्होंने धार के बदनावर में सभास्थल पर लगी स्वास्थ्य केंद्र की प्रदर्शनी का अवलोकन किया।  

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शिमला । हिमाचल प्रदेश में सोमवार देर रात हुई भारी बारिश ने एक बार फिर प्रदेश को दहला दिया। मंडी जिले के निहरी और धर्मपुर क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। निहरी में भूस्खलन से तीन लोगों की मौत हो गई। धर्मपुर में दो लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राजधानी शिमला में भी भूस्खलन और पेड़ गिरने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं।मंडी जिले के धर्मपुर में मूसलधार बारिश के कारण सोन खड्ड और समीपवर्ती नाले अचानक उफान पर आ गए। कुछ ही देर में पानी का स्तर इतना बढ़ा कि खड्ड ने रौद्र रूप धारण कर लिया। धर्मपुर बस अड्डा पूरी तरह पानी में डूब गया और वहां खड़ी कई बसें तथा वाहन बहकर खड्ड में जा गिरे। इस दौरान लोगों में हड़कंप मच गया और कई लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों की छतों पर चढ़ने को मजबूर हो गए। हालांकि आज सुबह खड्ड का जलस्तर नीचे आ गया है।डीएसपी धर्मपुर संजीव सूद ने बताया कि बस अड्डे पर खड़ी कई बसें पानी के बहाव के चपेट में आई हैं और दो लोग लापता हैं। उनकी तलाश के लिए सर्च और रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। देर रात पुलिस और प्रशासन ने राहत कार्य कर कई लोगों को सुरक्षित निकाला। प्रशासन ने लोगों को नदियों और खड्डों के किनारे जाने से सख्त चेतावनी दी है।इसी बीच मंडी जिले की निहरी तहसील की बोई पंचायत के ब्रगटा गांव में भारी बारिश से देर रात पहाड़ी दरक गई। पहाड़ी से आया मलबा एक मकान पर जा गिरा और पूरा मकान मलबे में दब गया। इस हादसे में दो महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई। हादसे के समय घर में पांच लोग मौजूद थे, जिनमें से दो को ग्रामीणों ने समय रहते सुरक्षित निकाल लिया।स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी, लेकिन मार्ग अवरुद्ध होने से बचाव कार्य में मुश्किलें आईं। बाद में राहत दल ने कड़ी मशक्कत से तीन शव बाहर निकाले।राजधानी शिमला में भी देर रात भारी बारिश से भूस्खलन और पेड़ गिरने की घटनाएं हुईं। बीसीएस इलाके में तीन से चार गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुईं और सड़क बंद हो गई। हिमलैंड क्षेत्र में भीषण भूस्खलन के कारण दो से तीन गाड़ियां मलबे के नीचे दब गईं। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इन घटनाओं में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।मौसम एवं विज्ञान विभाग ने आज मंगलवार को छह जिलों बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में अंधड़ और बिजली कड़कने के साथ बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। अन्य जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। विभाग के अनुसार 17 से 20 सितंबर तक प्रदेश के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होगी। 20 सितंबर से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम साफ होना शुरू हो जाएगा और 21 सितंबर को अधिकांश इलाकों में मौसम खुल जाएगा।गौरतलब है कि इस बार मानसून शुरू से ही हिमाचल प्रदेश के लिए भारी नुकसानदेह रहा है। अब जब यह अपने अंतिम दौर में है, तब भी लगातार कहर बरपा रहा है। विभाग का कहना है कि सितंबर के अंत तक मानसून प्रदेश से पूरी तरह विदा ले लेगा, लेकिन तब तक लोगों को सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

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नई दिल्ली । उच्चतम न्यायालय ने राजनीतिक पार्टियों के दफ्तरों में भी प्रिवेंशन ऑफ सेक्सुअल हरासमेंट ऐट वर्कप्लेस (पीओएसएच) एक्ट के तहत आंतरिक शिकायत समिति बनाने की मांग पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। चीफ जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने पूछा कि आप राजनीतिक दलों को दफ्तर के बराबर कैसे मान सकते हैं। जब कोई राजनीतिक दल में शामिल होता है तो वह रोजगार नहीं होता। न्यायालय ने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो ब्लैकमेलिंग के दरवाजे खुल सकते हैं।याचिका वकील योगमाया ने दायर की थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वकील शोभा गुप्ता ने कहा कि भले ही कई महिलाएं राजनीतिक दलों की सक्रिय सदस्य हैं, लेकिन केवल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) ने ही बाहरी सदस्यों वाली एक आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया है। याचिका में कहा गया था कि विशाखा दिशा-निर्देशों के मुताबिक आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है। इस दिशा-निर्देश को हर राजनीतिक दलों पर लागू करना चाहिए। ऐसा करने से राजनीतिक दलों में महिलाओं के अनुकूल माहौल बनाने में मदद मिलेगी।

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नई दिल्‍ली । प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूर्व क्रिकेटरों रॉबिन उथप्पा और युवराज सिंह और अभिनेता सोनू सूद को कथित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप 1xBet से जुड़े एक मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के तहत अगले सप्ताह के दौरान पूछताछ के लिए रॉबिन उथप्पा को 22 सितंबर, युवराज सिंह को 23 सितंबर, जबकि सोनू सूद को उसके अगले दिन 24 सितंबर को बुलाया है। इस मामले की जांच के तहत पिछले कुछ हफ्तों में ईडी ने पूर्व क्रिकेटरों सुरेश रैना और शिखर धवन से पूछताछ की है। इस मामले में सोमवार को पूर्व टीएमसी सांसद और अभिनेत्री मिमी चक्रवर्ती का भी बयान दर्ज किया गया है। इसके अलावा बंगाली अभिनेता अंकुश हाजरा इस मामले में निर्धारित समन पर आज ईडी के समक्ष पेश हुए, जबकि 1xBet की भारत ब्रांड एंबेसडर और अभिनेत्री उर्वशी रौतेला मंगलवार को दी गई तारीख पर अभी तक पेश नहीं हुई हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी की यह जांच कथित अवैध सट्टेबाजी ऐप्स से संबंधित है, जिनके बारे में कहा गया है कि उन्होंने कई लोगों और निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी की है। कंपनी की वेबसाइट और ऐप 70 भाषाओं में उपलब्ध हैं।

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नई दिल्ली । उच्चतम न्यायालय ने वक्फ संशोधन अधिनियम के कुछ प्रावधानों पर रोक लगा दी है, जबकि कुछ प्रावधानों पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। चीफ जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने अंतरिम आदेश में वक्फ के लिए 5 साल तक इस्लाम का पालन करने की शर्त के लागू होने पर भी रोक लगाई है। उच्चतम न्यायालय ने अपने अंतरिम आदेश में कहा है कि सरकारी जमीन पर कब्जा जारी रहेगा। इस फैसले से याचिकाकर्ताओं को कुछ हद तक राहत मिली है। हालांकि, कोर्ट ने वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों के मनोनयन के प्रावधान पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।   कोर्ट में याचिकाकर्ताओं की दलील है कि वक्फ कानून मुसलमानों से भेदभाव करने वाला और उनके धार्मिक मामलों में दखल है, लेकिन सरकार का कहना है कि सैकड़ों साल पुराने वक्फ कानून की खामी को दूर करने के लिए सरकार यह कानून लाई है। इस कानून को व्यापक विचार विमर्श और सदन में चर्चा के बाद पास किया गया है। उच्चतम न्यायालय ने इस मामले पर 22 मई को फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने वक्फ संशोधन कानून में वक्फ करने के लिए 5 साल प्रैक्टिसिंग मुस्लिम के प्रावधान पर दलील रखते हुए कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ में शादी, तलाक, वसीयत आदि के लिए खुद को मुस्लिम साबित करना होता है। इस कानून में अंतर बस इतना है कि इसमें कम से कम पांच साल की समय सीमा तय की गई है। वक्फ करने के लिए 5 साल से इस्लाम प्रैक्टिस करने की शर्त रखी गई है।   वक्फ संशोधन कानून के समर्थन में राजस्थान सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी ने कहा कि वक़्फ़ बाय यूजर इस्लाम का मुख्य अंग नहीं है। सुनवाई के दौरान वकील कपिल सिब्बल ने कहा था कि वक्फ काउंसिल्स में गैर-मुस्लिमों को सदस्य बनाना धर्मनिरपेक्षता नहीं है। उन्होंने कहा था कि हमारी आपत्ति भी यही है कि किसी भी हिंदू धर्म स्थान की बंदोबस्ती में एक भी व्यक्ति गैर हिंदू नहीं है। 17 अप्रैल को उच्चतम न्यायालय में केंद्र सरकार ने कहा था कि वक्फ संशोधन कानून के विवादित प्रावधान फिलहाल लागू नहीं होंगे। आज के फैसले के बाद अब वक्फ संशोधन कानून के विवादित प्रावधान भी लागू होंगे।

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मनोरंजन जगत के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित पुरस्कारों में गिने जाने वाले एमी अवार्ड्स का 77वां संस्करण लॉस एंजिल्स के पीकॉक थिएटर में आयोजित हुआ। पहली बार इस शो की मेजबानी अमेरिकी स्टैंडअप कॉमेडियन नैट बार्गेट्ज ने की। इस बार अवार्ड्स में 'सेवरेंस', 'द पिट', 'एडोलसेंस' और 'द स्टूडियो जैसी सीरीज का जलवा छाया रहा। अब आखिरकार एमी अवार्ड्स 2025 के विजेताओं की पूरी लिस्ट सामने आ चुकी है।   कॉमेडी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का खिताब सेठ रोजेन को उनकी सीरीज 'द स्टूडियो' के लिए मिला। सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का अवार्ड जीन स्मार्ट ने 'हैक्स' के लिए अपने नाम किया। मंच से उन्होंने 'हैक्स' की पूरी टीम और कलाकारों का आभार जताया। ड्रामा कैटेगरी की बात करें तो ब्रिट लोअर को 'सेवरेंस' में शानदार अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री चुना गया, जबकि एडम स्कॉट ने भी इसी सीरीज के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का खिताब हासिल किया।   अभिनेत्री कैथरीन लानासा को 'द पिट' के लिए ड्रामा सीरीज की सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का अवार्ड मिला। मंच पर आते ही वह भावुक हो उठीं और अपनी पूरी टीम के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। कॉमेडी सीरीज श्रेणी में इस साल दो बड़े नामों ने बाजी मारी। 'द स्टूडियो' के लिए सेठ रोजेन को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का अवार्ड मिला, जबकि 'द ओनर' के लिए इवान गोल्डबर्ग को यह सम्मान दिया गया। ड्रामा सीरीज में 'सेवरेंस' के सेठ मिलचिक का दमदार किरदार निभाने वाले ट्रैमेल टिलमैन ने सहायक अभिनेता का खिताब अपने नाम किया। वहीं, ओवन कूपर ने 'एडोलेसेंस' के लिए अवॉर्ड जीतकर नया इतिहास रच दिया। महज 15 साल की उम्र में वह यह सम्मान हासिल करने वाले सबसे कम उम्र के पुरुष अभिनेता बने।   77वें एमी अवॉर्ड्स 2025 के विजेताओं की पूरी लिस्ट   बेस्ट ड्रामा सीरीज – द पिट   बेस्ट एक्टर (ड्रामा सीरीज) – नूह वाइल (द पिट)   बेस्ट एक्ट्रेस (ड्रामा सीरीज) – ब्रिट लोअर (सेवरेंस)   बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर (ड्रामा सीरीज) – ट्रैमेल टिलमैन (सेवरेंस)   बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस (ड्रामा सीरीज) – कैथरीन लानासा (द पिट)   बेस्ट डायरेक्टर (ड्रामा सीरीज) – एडम रैंडल (स्लो हॉर्सेज)   बेस्ट कॉमेडी सीरीज – द स्टूडियो   बेस्ट एक्टर (कॉमेडी सीरीज) – सेठ रोजेन (द स्टूडियो)   बेस्ट एक्ट्रेस (कॉमेडी सीरीज) – जीन स्मार्ट (हैक्स)   बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर (कॉमेडी सीरीज) – जेफ हिलर (समबडी समव्हेयर)   बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस (कॉमेडी सीरीज) – हान्नाह ऐनबिंडर   बेस्ट डायरेक्टर (कॉमेडी सीरीज) – सेठ रोजेन (द स्टूडियो)   बेस्ट लिमिटेड या एंथोलॉजी सीरीज – एडोलसेंस   बेस्ट एक्टर (लिमिटेड/एंथोलॉजी सीरीज) – स्टीफन ग्राहम (एडोलसेंस)   बेस्ट एक्ट्रेस (लिमिटेड/एंथोलॉजी सीरीज) – क्रिस्टिन मिलिओटी (द पेंगुइन)   बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर (लिमिटेड/एंथोलॉजी सीरीज या फिल्म) – ओवेन कूपर   बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस (लिमिटेड/एंथोलॉजी सीरीज या फिल्म) – एरिन डोहर्टी (एडोलसेंस)   बेस्ट डायरेक्टर (लिमिटेड/एंथोलॉजी सीरीज या फिल्म) – फिलिप बैरंटिनी (एडोलसेंस)   बेस्ट टॉक सीरीज – द लेट शो विद स्टीफन कोलबर्ट   आउटस्टैंडिंग रियलिटी कम्पटीशन – द ट्रेटर्स

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मॉस्को (रूस) । रूस की आक्रामकता से झुलस रहे यूक्रेन ने पिछले 48 घंटों में उसे क्षति पहुंचाने की बड़ी कोशिश की है। रूस के अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेन ने शनिवार शाम से रविवार सुबह सूरज उगने से पहले तक कम से कम 361 ड्रोन दागे। इस दौरान उत्तर-पश्चिम में स्थित विशाल किरिशी तेल रिफाइनरी में शक्तिशाली विस्फोट हुआ और आग लग गई।द मॉस्को टाइम्स और तास की रिपोर्ट्स में इस घटना का जिक्र करते हुए बताया गया है कि नाटो सदस्य पोलैंड में रूसी ड्रोन गिराए जाने के कुछ देरबाद यूक्रेन ने दुनिया के दूसरे सबसे बड़े तेल निर्यातक रूस में तेल रिफाइनरी और पाइप लाइनों पर हमले किए। हालांकि रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि वायु रक्षा प्रणालियों ने कम से कम 361 ड्रोन मार गिराए। खबरों के अनुसार, पश्चिमी लेनिनग्राद क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में रविवार तड़के दो ट्रेनें पटरी से उतर गईं। हादसे में एक ट्रेन चालक की मौत हो गई और रेल यातायात बाधित हो गया। दोनों घटनाएं शनिवार देररात पश्चिमी ओरयोल में रेल पटरी के एक हिस्से पर विस्फोटक के कुछ घंटों बाद हुईं। इस विस्फोट में तीन रूसी राष्ट्रीय रक्षक अधिकारी मारे गए। यूक्रेन सैन्य खुफिया एजेंसी के एक सूत्र ने दो हमलों की जिम्मेदारी ली, लेकिन उस दुर्घटना की जिम्मेदारी नहीं ली जिसमें चालक की मौत हो गई।कीव ने कहा है कि मॉस्को इन रेल मार्गों का इस्तेमाल यूक्रेन में लड़ रही अपनी सेना के लिए सैनिकों और ईंधन पहुँचाने के लिए करता है। इसलिए इनको निशाना बनाया गया। गवर्नर अलेक्जेंडर ड्रोज्डेंको ने टेलीग्राम पर लिखा, "लेनिनग्राद के गाचिना जिले में सेमरिनो स्टेशन के पास एक डीजल इंजन पटरी पर उतर गया। उसके चालक की मौत हो गई। " ड्रोज्डेंको ने बताया कि 15 बोगी वाली एक मालगाड़ी भी दिन में दक्षिण में स्ट्रोगानोवो और मशिन्स्काया गांवों के बीच पटरी से उतर गई।तास के अनुसार, यूक्रेनी सेना ने विशेष सैन्य अभियान क्षेत्र में 24 घंटे में लगभग 1,330 सैनिकों को खोया है। विशेष रूप से बैटलग्रुप नॉर्थ के क्षेत्र में 170 सैनिक, बैटलग्रुप वेस्ट के क्षेत्र में 240 से अधिक सैनिक, बैटलग्रुप साउथ के क्षेत्र में 200 सैनिक, बैटलग्रुप सेंटर के क्षेत्र में 450 सैनिक, बैटलग्रुप ईस्ट के क्षेत्र में 225 से अधिक सैनिक और बैटलग्रुप डेनेपर के क्षेत्र में 45 से अधिक यूक्रेनी सैनिक मारे गए।मंत्रालय ने कहा कि रूसी सशस्त्र बलों के परिचालन-सामरिक विमानन, लड़ाकू यूएवी, मिसाइल सैनिकों और तोपखाने ने यूक्रेनी सेना के यूएवी ऑपरेटरों के प्रशिक्षण केंद्रों और यूक्रेनी सैनिकों के अस्थायी तैनाती स्थलों पर हमला किया। रिपोर्ट में कहा गया है, " यूक्रेन के 142 जिलों को निशाना बनाया गया।"    

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पलामू । पलामू जिले के मनातू और तरहसी थाना के सीमावर्ती क्षेत्र काश और बंशी खुर्द जंगल के बीच प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) और सुरक्षाबलों के बीच रविवार को भीषण मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में टीएसपीसी के इनामी कमांडर मुखदेव यादव मारा गया, जिसका शव घटनास्थल से बरामद हुआ है। मुखदेव पर पांच लाख का इनाम घोषित था। एसपी रीष्मा रमेशन ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि इलाके में सर्च अभियान जारी है। जिस टीएसपीसी टीम के साथ सुरक्षाबलों की मुठभेड़ हुई, उसी के साथ 03 सितंबर की रात हुए मुठभेड़ में पलामू पुलिस के दो जवान बलिदान हुए थे।   इससे पहले 10 लाख के इनामी कमांडर शशिकांत को लेकर सर्च अभियान शुरू किया गया। सर्च अभियान में कोबरा, जगुआर और पलामू पुलिस को तैनात किया गया। सर्च अभियान के क्रम में मनातू के जंगलों में जैसे ही सुरक्षा बलों की टीम घुसी, टीएसपीसी के उग्रवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू की जिसमें इनामी कमांड मुखदेव मारा गया। मुठभेड़ स्थल से शव और इंसास राइफल बरामद किया गया है।

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दरांग । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कांग्रेस नेतृत्व और नेहरू पर निशाना साधते हुए कहा कि भूपेन हजारिका का अपमान और 1962 के असम के घाव आज तक हरे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा था कि मोदी नाचने-गाने वालों को भारत रत्न दे रहा है। प्रधानमंत्री ने असम के दरांग जिले के मंगलदोई में स्वास्थ्य एवं अवसंरचना क्षेत्र से जुड़ी 6,300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने भारत रत्न से सम्मानित असम के गौरव भूपेन हजारिका का अपमान किया और पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान की गई टिप्पणी से असम के लोगों के घाव आज भी नहीं भरे हैं।प्रधानमंत्री ने कहा, “जब भारत सरकार ने असम के महान सपूत और संगीत जगत के पुरोधा भूपेन दा हजारिका जी को भारत रत्न से सम्मानित किया तो कांग्रेस पार्टी के तत्कालीन अध्यक्ष ने बयान दिया कि मोदी नाचने-गाने वालों को भारत रत्न दे रहा है। यह बयान केवल मेरा ही नहीं बल्कि असम की धरती और भारत की संस्कृति का भी गहरा अपमान है।”मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत विस्वा सरमा ने उन्हें यह बयान कल बताया और आज सुबह वीडियो दिखाया। प्रधानमंत्री ने कहा, “यह देखकर मुझे गहरी चोट पहुंची।”उन्होंने कहा, “1962 में जब भारत-चीन युद्ध हुआ था, तब पंडित जवाहरलाल नेहरू ने चीन के हमले के दौरान जो टिप्पणी की थी, उसके घाव आज भी असम और पूर्वोत्तर के लोगों के दिलों में हरे हैं। कांग्रेस की वर्तमान पीढ़ी भी इन्हीं घावों पर नमक छिड़कने का काम कर रही है।”प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं भगवान शिव का भक्त हूं। चाहे मुझे कितनी भी गालियां क्यों न दी जाएं, मैं सारा जहर निकाल देता हूं लेकिन जब किसी और का अपमान होता है तो मैं उसे बर्दाश्त नहीं कर सकता।”उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा, “इनका अहंकार इतना है कि वे समझते हैं मेरा कोई और रिमोट कंट्रोल है। लेकिन मेरा केवल एक ही रिमोट कंट्रोल है और वह हैं देश के 140 करोड़ नागरिक। मेरी आत्मा की आवाज जनता जनार्दन ही है।”प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर असम को स्वास्थ्य और परिवहन क्षेत्र से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं की सौगात दी। इसमें दरांग मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जीएनएम स्कूल, बी.एससी. नर्सिंग कॉलेज, गुवाहाटी रिंग रोड परियोजना और कुरुवा-नारेंगी पुल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार असम को स्वास्थ्य हब के रूप में विकसित करने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रही है।मोदी ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर के बाद असम का यह मेरा पहला दौरा है। मां कामाख्या के आशीर्वाद से ऑपरेशन सिंदूर को सफलता मिली। जन्माष्टमी के पावन पर्व पर यहां आकर मुझे दोगुना सौभाग्य प्राप्त हुआ है। यह धरती संस्कृति, इतिहास और भविष्य की आशाओं का संगम है।”उन्होंने हाल ही में मनाए गए भारत रत्न भूपेन हजारिका के जन्मदिवस को याद करते हुए कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार असम के महान पूर्वजों के सपनों को पूरा करने में लगातार जुटी हुई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश आज सबसे तेज़ गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और असम 13 प्रतिशत की विकास दर के साथ सबसे तेजी से प्रगति करने वाले राज्यों में है। उन्होंने कहा, “कभी विकास की दौड़ में पिछड़ रहा असम आज तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह असम के लोगों की मेहनत और डबल इंजन सरकार के प्रयासों का परिणाम है।”मोदी ने कांग्रेस सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा, “कांग्रेस ने दशकों तक असम पर राज किया लेकिन ब्रह्मपुत्र पर केवल तीन पुल बनाए। जबकि भाजपा की सरकार ने पिछले 10 वर्षों में छह पुल बनाकर दिखाए। यह है काम करने का अंतर।” उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर में कनेक्टिविटी बढ़ने से कारोबार के अवसर बढ़े हैं और युवाओं के लिए रोजगार के नए दरवाजे खुले हैं।प्रधानमंत्री मोदी ने सीमा सुरक्षा और घुसपैठ के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा, “घुसपैठियों के माध्यम से बॉर्डर इलाकों की डेमोग्राफी बदलने की साजिशें चल रही हैं। घुसपैठियों को संरक्षण देने वालों को देश माफ नहीं करेगा। यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है। इसलिए अब देश में डेमोग्राफी मिशन शुरू किया जा रहा है।”मोदी ने जनता से आग्रह किया कि वे त्योहारों के दौरान खरीदारी करते समय केवल स्वदेशी सामान ही खरीदें। उन्होंने कहा, “आपके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए स्वदेशी वस्तुएं खरीदें। यह संकल्प विकसित भारत की ओर एक कदम है।” प्रधानमंत्री ने कहा, “कांग्रेस सेना का मनोबल बढ़ाने के बजाय पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों का साथ देती है। यह असम और पूरे देश के लिए घातक है।”उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का लक्ष्य पूर्वोत्तर को राष्ट्रीय विकास की धारा में अग्रणी भूमिका देना है। डबल इंजन सरकार असम को स्वास्थ्य हब के रूप में विकसित कर रही है। विकसित भारत के सपने को साकार करने में पूर्वोत्तर की बड़ी भूमिका होगी।   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “अब जीएसटी में नेक्स्ट-जेनरेशन सुधार होंगे। मैं आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी लेकर आया हूं। आज से ठीक नौ दिन बाद, नवरात्रि के पहले दिन जीएसटी दरों में बड़ी कमी की जाएगी। इससे देश के हर परिवार को फायदा होगा और रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती होंगी।”प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरा देश विकसित भारत के निर्माण के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ रहा है। खासकर हमारे युवा साथियों के लिए विकसित भारत केवल सपना ही नहीं, बल्कि संकल्प भी है। आप सभी मिलकर इसे साकार करेंगे।  

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गंगटोक । सिक्किम के गेजिंग जिले के 19-सरदोंग लुंगजिक ग्राम पंचायत के पंचायत अध्यक्ष राजेन गुरुंग की भूस्खलन की चपेट में आने से मौत हो गई। शनिवार देर रात तक चले राहत एवं बचाव कार्य के बाद मृतक गुरुंग का शव बरामद किया गया।   19-सरदोंग लुंगजिक ग्राम पंचायत के पंचायत अध्यक्ष राजेन गुरुंग की शनिवार देर रात अपर सरदोंग के लामा गांव वार्ड में भूस्खलन की चपेट में आने से मौत हो गई। यह घटना मृतक के घर के पास हुई। सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन के प्रयासों के बाद शव बरामद किया गया। भारी बारिश के बीच राहत एवं बचाव कार्य काफी चुनौतीपूर्ण रहा।   सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने पंचायत अध्यक्ष राजेन गुरुंग के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ने रविवार सुबह सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में पंचायत अध्यक्ष राजेन गरुंग के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि दिवंगत गुरुंग की अपने समुदाय के प्रति निःस्वार्थ सेवा और लोगों के लिए उनके अथक योगदान को गहरे सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद किया जाएगा।   उल्लेखनीय है कि सिक्किम में लगातार हो रही भारी बारिश से जानमाल का काफी नुकसान हो रहा है। खासकर पश्चिमी सिक्किम में भूस्खलन के कारण अब तक 5 लोगों की जान जा चुकी है। पश्चिम सिक्किम के अपर रिम्बिक में 11 सितंबर की रात भूस्खलन में 3 लोगों की मौत हो गई थी। इससे पहले 10 सितंबर की सुबह पश्चिम सिक्किम के ही थांगसिंग में भूस्खलन में एक महिला की मौत हो गई थी।

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नई दिल्ली । उच्चतम न्यायालय ने भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप के लिए आगामी 14 सितंबर को होने वाले क्रिकेट मैच पर रोक लगाने की मांग करने वाली याचिका पर जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया है। जस्टिस जेके माहेश्वरी की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि इसके लिए जल्दबाजी क्या है। मैच काे लेकर ऊर्वशी जैन समेत चार लाेगाें ने याचिका दायर की थी।   याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट के समक्ष मेंशन करते हुए इस याचिका पर 12 सितंबर को सुनवाई करने की मांग की है। तब कोर्ट ने कहा कि इसमें जल्दबाजी क्या है, मैच होने दीजिए। तब याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि मैच 14 सितंबर को है जिस दिन रविवार है। अगर इस याचिका पर 12 सितंबर को सुनवाई नहीं होगी, तो ये याचिका औचित्यहीन हो जाएगी। तब कोर्ट ने कहा कि हम इसमें क्या कर सकते हैं, मैच होने दीजिए। तब वकील ने कहा कि मेरा केस खराब या अच्छा हो सकता है लेकिन कम से कम लिस्ट तो हो। लेकिन जस्टिस माहेश्वरी ने आग्रह को अस्वीकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि हर रोज एक पक्ष या दूसरा पक्ष खेलता है।दायर याचिका में कहा गया था कि एक तरफ हमारे सैनिक मारे जा रहे हैं और दूसरी तरफ हम उस देश से मैच खेल रहे हैं, जो देश के खिलाफ आतंकी कार्रवाई करने वालों का पनाहगाह हो। इससे उन लोगों की भावनाएं आहत होती हैं, जिन्होंने अपने परिजनों को पाकिस्तानी आतंकियों के हमले में खोया है।  

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रायबरेली । कांग्रेस नेता राहुल गांधी की बैठक में जमकर हंगामा हुआ है। बैठक में विधायक मनोज पांडे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मां को गाली दिए जाने के मामले काे लेकर निंदा प्रस्ताव रखा और उन्होंने राहुल गांधी से माफी मांगने को कहा।  इस पर राहुल गांधी ने माफ़ी मांगने से इंकार कर दिया। इसके बाद विधायक पांडे बैठक का बहिष्कार कर बाहर चले आये। बैठक मे सदस्यों के बीच तीख़ी बातचीत भी हुई।गुरुवार को रायबरेली के कलेक्ट्रेट में जिला निगरानी एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक हो रही है। सांसद राहुल गांधी इस बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। जैसे ही बैठक शुरू हुई तभी पूर्व कैबिनेट मंत्री व ऊंचाहार विधायक मनोज पांडे ने प्रधानमंत्री मोदी की मां को गाली दिए जाने को लेकर निंदा प्रस्ताव रखा और उन्होंने सांसद राहुल गांधी से माफी मांगने को कहा। राहुल गांधी ने इस पर सीधे मना कर दिया। उनके मना करते ही बैठक में हंगामा शुरू हो गया। मनोज पांडे बैठक का बहिष्कार कर बाहर निकल गए।बैठक का बहिष्कार करने के बाद मनोज पांडे ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की मां को जिस तरह गाली दी गई, उससे देश आहत है।इसके लिए राहुल गांधी को माफ़ी मांगनी चाहिए। मनोज पांडे ने कहा कि राहुल लगातार उच्चतम न्यायालय, इलेक्शन कमीशन जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं, जबकि जिस कंपनी से राहुल गांधी ने वोटरों का सर्वे करवाया था, उस कंपनी ने ही सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है।

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वाराणसी । उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक राजधानी वाराणसी (काशी) गुरुवार को एक ऐतिहासिक कूटनीतिक अवसर की साक्षी बनी, जब भारत और मॉरीशस के प्रधानमंत्रियों के बीच द्विपक्षीय वार्ता आयोजित हुई। नदेसर स्थित होटल ताज में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम ने सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण वातावरण में कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। वार्ता से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम का गर्मजोशी से स्वागत किया और गले मिले। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम की उपस्थिति में भारत और मॉरीशस के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने चागोस समुद्री संरक्षित क्षेत्र का जिक्र कर इसके लिए बधाई दी। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और मॉरीशस केवल साझेदार नहीं, बल्कि एक परिवार हैं। 'पड़ोसी प्रथम' की हमारी नीति में मॉरीशस प्रथम स्तंभ है। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा उपनिवेशवाद से मुक्ति और मॉरीशस की संप्रभुता का समर्थन करता आया है और इसमें मॉरीशस के साथ मजबूती से खड़ा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के बाहर पहला जन औषधि केंद्र अब मॉरीशस में स्थापित किया गया है। भारत मॉरीशस में 500 बिस्तरों वाले आयुष उत्कृष्टता केंद्र सर शिवसागर रामगुलाम राष्ट्रीय (एसएसआरएन) अस्पताल और पशु चिकित्सा स्कूल और पशु अस्पताल के निर्माण में सहायता करेगा।   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मां गंगा के प्रवाह के साथ काशी मॉरीशस को समृद्ध करता रहा है। वहां के दोस्‍तों का काशी में स्‍वागत औपचार‍िक नहीं आत्‍म‍िक म‍िलन है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पिछले साल मॉरीशस में यूपीआई और रूपे कार्ड की शुरुआत हुई थी। अब हम स्थानीय करंसी में व्यापार को सक्षम करने की दिशा में काम करेंगे। भारत के आईआईटी मद्रास और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ प्लांटेशन मैनेजमेंट ने यूनिवर्सिटी ऑफ मॉरीशस के साथ समझौते संपन्न किए हैं। ये समझौते रिसर्च, शिक्षा और इनोवेशन में आपसी साझेदारी को नए फलक पर ले जाएंगे।   मॉरीशस के प्रधानमंत्री को भरोसा देते हुए भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा कि फ्री, ओपन, सिक्योर, स्थिर और समृद्ध हिंद महासागर हमारी साझा प्राथमिकता है। मॉरीशस के प्रमुख आर्थिक क्षेत्र की सुरक्षा और समुद्री क्षमता को मजबूत करने के लिए भारत पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस वर्ष हम सर शिवसागर रामगुलाम जी की 125वीं जयंती मना रहे हैं। वे केवल मॉरीशस के राष्ट्रपिता ही नहीं, बल्कि भारत और मॉरीशस के बीच अटूट सेतु के संस्थापक भी थे। उनकी यह जयंती हमें मिलकर अपने संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने की प्रेरणा देती है।   मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने भी काशी में मिले सम्मान के लिए आभार जताया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की सराहना करते हुए कहा कि काशी में मिला आतिथ्य और सम्मान अप्रत्याशित और अभूतपूर्व है। मुझे खुशी है कि काशी आपका निर्वाचन क्षेत्र हैं। मैं समझ सकता हूं कि आप इतनी बड़ी संख्या में क्यों चुने गए हैं। यह भारत की मेरी चौथी आधिकारिक यात्रा है। वाराणसी में आने के बाद मैं और मेरी पत्नी दोनों उस स्वागत से आश्चर्यचकित थे जो हमें मिला। मेरा मानना ​​​​है कि किसी अन्य प्रधानमंत्री को कभी ऐसा सम्मान नहीं मिला।  

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ टेलीफोन पर बातचीत की। उन्होंने द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। दोनों नेताओं ने भारत-मध्यपूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे के तहत संपर्क बढ़ाने और यूक्रेन संघर्ष के शीघ्र समाधान की आवश्यकता पर बल दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने शांति वार्ता को पूर्ण समर्थन की बात दोहरायी।प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार प्रधानमंत्री मेलोनी ने जल्द से जल्द एक पारस्परिक रूप से लाभकारी भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को संपन्न करने और 2026 में भारत द्वारा आयोजित होने वाले एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन की सफलता के लिए इटली के दृढ़ समर्थन को दोहराया।दोनों नेताओं ने निवेश, रक्षा, सुरक्षा, अंतरिक्ष, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, शिक्षा, लोगों के बीच संबंध और आतंकवाद-निरोध जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी में विकास की समीक्षा की। दोनों नेताओं ने संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-29 के अनुरूप साझेदारी को और अधिक प्रगाढ़ करने की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

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रायबरेली । कांग्रेस नेता राहुल गांधी के अपने संसदीय क्षेत्र में पहुंचने पर बुधवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके दौरे का विरोध किया और राहुल गांधी वापस जाओ के नारे लगाए। प्रदेश के राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह कांग्रेस के मंच से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मां को गाली देने के विरोध में धरने पर बैठ गए। इसी बीच प्रदर्शनकारियों को हटाने के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं में धक्का मुक्की हुई। प्रदर्शन व धरना के चलते राहुल गांधी के काफिले को एक घंटे तक रोकना पड़ा। दरअसल, कांग्रेस सांसद व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपने संसदीय क्षेत्र के दो दिवसीय दौरे पर आज रायबरेली में हैं। राहुल गांधी के दौरे के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। रायबरेली स्थित बटोही रिसोर्ट के सामने प्रदेश के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ राहुलं गांधी के रास्ते पर ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान पुलिस के अधिकारी उन्हें उठाने की कोशिश करते रहे। राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि राहुल गांधी की मंच से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की की मां को गाली दी गई। राहुल गांधी को अफसोस भी नहीं हुआ। उन्होनें एक बार भी ये नहीं कहा कि जिस कार्यकर्ता ने मोदी की मां को गाली दी हैं वो गलत है।   इसी दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई है। भाजपा कार्यकर्ता रायबरेली से छल करने का आरोप लगाते हुए 'राहुल वापस जाओ' के नारे लगाए। भाजपा कार्यकर्ताओं के हाथों में मोदी की मां का अपमान नहीं सहेगा हिन्दुस्तान लिखा पोस्टर और राहुल गांधी माफी मांगे के पोस्टर भी लिए थे। प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने के बाद मंत्री दिनेश प्रताप सिंह वहां से चले गए। इसी बीच पुलिस ने सुरक्षा कारणों से राहुल गांधी के काफ़िले को एक किमी पहले ही रोक दिया। राहुल का एक घंटे तक काफिला रुका रहा। भाजपा कार्यकर्ताओं के हटने के बाद ही राहुल गांधी अपने कार्यक्रम स्थल तक पहुंच सके। इस दौरान पुलिस सुरक्षा के कड़ी व्यवस्था रही।   उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी अपने संसदीय क्षेत्र के दो दिवसीय दौरे पर हैं। वे जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में शामिल होंगे। इसके अलावा वे कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद भी करेंगे, साथ ही क्षेत्र में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा व कई सड़कों व अन्य कामों का शिलान्यास भी करेंगे। राहुल का यह दौरा पंचायत चुनाव के मद्देनज़र महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले जुलाई में राहुल गाधी का दौरा अचानक रद्द हो गया था।  

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पेरिस । नेपाल के बाद अब फ्रांस में भी सरकार विरोधी प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। बजट में कटौती के खिलाफ और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के इस्तीफे की मांग को लेकर देश के लगभग हर बड़े शहरों में लोग बुधवार को सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कर दीं, कूड़ेदान में आग लगाई और कई जगहों पर पुलिस से भिड़ गए। इस विरोध प्रदर्शन के बीच सेबेस्टियन लेकोर्नू ने प्रधानमंत्री पद की शपथ भी ले ली। राष्ट्रपति मैक्रों ने दो दिन पहले ही लेकोर्नू को नया प्रधानमंत्री बनाने का ऐलान किया था।   गृहमंत्री बी. रेतेलो ने मीडियाकर्मियों को बताया कि प्रदर्शनकारियों ने रेन शहर में एक बस को आग के हवाले कर दिया। दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में एक बिजली लाइन को नुकसान पहुंचने के बाद रेल सेवाएं रोक दीं। उन्होंने बताया कि सरकार ने 80 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया है, जिनमें 6000 पेरिस में हैं। देशभर में अब तक 200 से ज्यादा उपद्रवी गिरफ्तार किए गए हैं। नैनटेस शहर में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे। मोंटपेलियर में भी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। टूलूज में रेलवे लाइन पर तोड़फोड़ की गयी।   मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस विरोध प्रदर्शन को 'ब्लॉक एवरीथिंग' नाम दिया गया है, जिसका नेतृत्व एक वामपंथी समूह कर रहा है। हालांकि, आंदोलन का कोई चेहरा नहीं है। इसकी नींव कुछ महीनों पहले सोशल मीडिया पर पड़ी थी। यह प्रदर्शन प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे चुके फ्रांस्वा बायरो की बजट नीतियों के विरोध में शुरू हुआ। बायरो ने सार्वजनिक खर्च में भारी कटौती की थी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि देश की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था जनता के हित में नहीं है।   दो दिन पहले ही फ्रांस्वा संसद में विश्वास मत हार गए थे, जिसके कारण उन्हें प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा था। 577 सदस्यीय नेशनल असेंबली में हुए मतदान में 364 प्रतिनिधियों ने सरकार पर अपना अविश्वास जताया था, जबकि केवल 194 ने सरकार के पक्ष में मतदान किया था। इसके बाद मैक्रों ने लेकोर्नू को प्रधानमंत्री नियुक्त किया था, जिन्होंने आज शपथ ली। विगत एक साल में लेकोर्नू फ्रांस के चौथे प्रधानमंत्री बने हैं। उल्लेखनीय है कि फ्रांस की संसद का कार्यकाल 2027 में खत्म होना था, लेकिन मैक्रों ने मध्यावधि चुनाव का ऐलान किया था। इसके बाद हुए नेशनल असेंबली के चुनावों में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला। वे एक अल्पमत सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं।

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  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश का दौरा कर भारी वर्षा, बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन से उत्पन्न हालात का जायजा लिया। उन्होंने मंडी और कुल्लू जिलों के प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और इसके बाद कांगड़ा में प्रदेश की स्थिति की समीक्षा की। यहां उन्होंने प्रभावित लोगों से मुलाकात की।   प्रधानमंत्री मोदी ने हिमाचल प्रदेश के लिए 1500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की। वहीं, एसडीआरएफ और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की दूसरी किस्त अग्रिम रूप से जारी की जाएगी। केंद्र सरकार ने नुकसान के आकलन करने के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल पहले ही भेज दिए हैं और उनकी विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर आगे की सहायता पर विचार किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने बाढ़ और प्राकृतिक आपदा में मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री ने कांगड़ा में अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में बाढ़ की स्थिति पर एक प्रस्तुति देखी। इस दौरान उनके साथ राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ला और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ‘सुक्खू’ भी थे।प्रधानमंत्री ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार किया और आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार स्थिति से निपटने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।   प्रधानमंत्री ने पूरे क्षेत्र और लोगों का जीवन पटरी पर लाने के लिए बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। ये कार्य कई तरीकों से किए जाएँगे, जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से घरों का पुनर्निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्गों का जीर्णोद्धार, स्कूलों का पुनर्निर्माण, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष के तहत राहत का प्रावधान और पशुओं के लिए मिनी किट जारी करना। कृषि समुदाय को सहायता प्रदान करने की महत्वपूर्ण आवश्यकता को देखते हुए विशेष रूप से उन किसानों को अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी जिनके पास वर्तमान में बिजली कनेक्शन नहीं हैं।   प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत, क्षतिग्रस्त घरों की जियोटैगिंग की जाएगी। इससे नुकसान का सटीक आकलन करने और प्रभावित लोगों तक त्वरित सहायता पहुँचाने में मदद मिलेगी। निर्बाध शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूल नुकसान की सूचना दे सकेंगे और उसे जियोटैग कर सकेंगे, जिससे समग्र शिक्षा अभियान के तहत समय पर सहायता मिल सकेगी। वर्षा जल के संग्रहण और भंडारण हेतु जल संचयन हेतु पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। इन प्रयासों से भूजल स्तर में सुधार होगा और बेहतर जल प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री ने इस दौरे में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और आपदा मित्र टीमों के सदस्यों से भी संवाद किया। उन्होंने प्रभावित लोगों की समस्याएं सुनीं और राहत एवं बचाव अभियानों की प्रगति का आकलन किया। उन्होंने तत्काल राहत और बचाव कार्यों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, राज्य प्रशासन और अन्य सेवा-उन्मुख संगठनों के कर्मियों के प्रयासों की सराहना की। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी आज उप राष्ट्रपति पद के लिए चल रही मतदान प्रक्रिया में भाग लेने के बाद हिमाचल के लिए रवाना हुए थे। बाद में वे पंजाब जायेंगे। प्रधानमंत्री ने यात्रा के पूर्व सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत सरकार इस दुखद घड़ी में प्रभावित लोगों के साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़ी है। हिमाचल प्रदेश में हाल के दिनों में भारी वर्षा के कारण बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। राज्य के कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और बड़े पैमाने पर नुकसान दर्ज किया गया है। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि राज्य में बारिश और भूस्खलन के चलते करीब 10 हजार करोड़ का नुकसान हुआ है।

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नई दिल्ली । संसद भवन में आज देश के 17वें उप राष्ट्रपति पद के लिए मतदान जारी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सुबह सबसे पहले 10 बजे अपना वोट डाला। एनडीए की ओर से उम्मीदवार बनाए गए महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन और विपक्षी इंडी गठबंधन के उम्मीदवार सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच मुकाबला है। इसके लिए सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक सांसद अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। मतदान समाप्त होने के बाद शाम 6 बजे से मतगणना शुरू होगी और देर शाम तक परिणाम आने की संभावना है।प्रधानमंत्री के साथ-साथ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, नितिन गडकरी, अश्विनी वैष्णव, किरेन रिजिजू, जी. किशन रेड्डी, रवनीत सिंह बिट्टू, ज्योतिरादित्य सिंधिया और अन्य केंद्रीय मंत्रियों व सांसदों ने अपने-अपने वोट डाले।   इंडी गठबंधन के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वह लोगों की अंतरात्मा को जगाने का प्रयास कर रहे हैं और उन्हें विश्वास है कि वे चुनाव जीतेंगे। वोट डालने आए भाजपा सांसद प्रताप चंद्र सारंगी ने कहा कि पार्टी इस चुनाव को गंभीरता से ले रही है और एक अच्छे अंतर से जीतने का विश्वास रखती है। वहीं, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मतदान के बाद कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि सीपी राधाकृष्णन विजयी होंगे।विपक्ष की ओर से कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खरगे और शशि थरूर समेत अन्य सांसदों ने वोट डाले। पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस नेता एचडी देवेगौड़ा व्हीलचेयर पर संसद पहुंचे और वोट डाला।समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मतदान के बाद भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा का काम दलों को इस्तेमाल करके बर्बाद करने का रहा है। इस चुनाव में ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की पार्टी बीजू जनता दल (बीजद), तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) और पंजाब की शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) और एक निर्दलीय सांसद ने वोटिंग में हिस्सा न लेने का फैसला किया।बीजद के सात राज्यसभा सांसदों ने यह कहते हुए मतदान में हिस्सा नहीं लेने का निर्णय लिया कि उनकी पार्टी एनडीए और विपक्षी इंडी गठबंधन से समान दूरी बनाए रखना चाहती है।  शिरोमणि अकाली दल की एकमात्र सांसद हरसिमरत कौर बादल ने पंजाब में बाढ़ और केंद्र सरकार की निष्क्रियता का हवाला देकर मतदान में भाग न लेने का ऐलान किया। वहीं, बीआरएस ने यूरिया की कमी को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों की उदासीनता के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। उल्लेखनीय है कि उप राष्ट्रपति चुनाव में केवल लोकसभा और राज्यसभा के सांसद वोट डाल सकते हैं, जिनमें मनोनीत सदस्य भी शामिल होते हैं। कुल 788 सांसदों में से 781 सांसद ही इस बार मतदान के पात्र थे, क्योंकि छह राज्यसभा और एक लोकसभा सीट रिक्त हैं। लेकिन बीजद, बीआरएस और अकाली दल के कुल 14 सांसदों ने मतदान से दूरी बनाकर यह संख्या घटाकर 767 कर दी है। अब बहुमत का आंकड़ा 384 हो गया है।लोकसभा में एनडीए के पास कुल 293 सांसदों का समर्थन है, जिसमें बीजेपी के 240, टीडीपी के 16, जेडीयू के 12, शिवसेना के सात और लोजपा के पांच सांसद शामिल हैं। राज्यसभा में एनडीए के पास 125 सांसदों का समर्थन है, जिसमें बीजेपी के 102 सांसद और वाईएसआर कांग्रेस के सात सांसद भी शामिल हैं।  

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काठमांडू। काठमांडू जिला प्रशासन कार्यालय ने काठमांडू रिंग रोड क्षेत्र के भीतर अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है। यह आज सुबह साढ़े आठ बजे से प्रभावी हो गया है। मुख्य जिला अधिकारी छाबिलाल रिजाल ने स्थानीय प्रशासन अधिनियम, 2028 की धारा 6ए के तहत सुबह कर्फ्यू लगाने का आदेश जारी किया।    अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए यह उपाय आवश्यक है। कर्फ्यू के दौरान सभा, जुलूस, प्रदर्शन, बैठक या किसी भी प्रकार के घेराव पर प्रतिबंध रहेगा।    ललितपुर जिला प्रशासन कार्यालय ने ललितपुर महानगर के चुनिंदा क्षेत्रों में आज सुबह 7 बजे से रात 12:00 बजे तक कर्फ्यू लगा दिया है। मुख्य जिला अधिकारी सुमन घिमिरे द्वारा जारी आदेश को शांति और सुरक्षा बनाए रखने और किसी भी संभावित गड़बड़ी को रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन ने यह आदेश लागू किया गया है। ललितपुर में मंत्री निवास, यूएमएल पार्टी हेडक्वार्टर, नेपाली कांग्रेस केंद्रीय कार्यालय सहित अन्य सरकारी भवनों के आसपास  सुरक्षा का कड़ा बंदोबस्त किया गया है।

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  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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श्रीनगर । जम्मू-कश्मीर के  कुलगाम जिले के गुद्दर वन क्षेत्र में चल रही मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया है, जबकि एक सैन्य अधिकारी घायल हो गया ।   सेना ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि पुलिस से मिली एक विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर गुद्दर जंगल में एक संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया गया। सतर्क सैनिकों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और चुनौती दिए जाने पर आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद भीषण गोलीबारी हो गई। पोस्ट के अनुसार, इस दौरान एक आतंकवादी मारा गया और एक जूनियर कमीशन अधिकारी घायल हो गया है। अभियान अभी जारी है।

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नई दिल्ली । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को कहा कि इंजीनियरिंग निर्यात संवर्धन परिषद (ईईपीसी) इंडिया के सभी हितधारक देश में उपलब्ध प्रतिभा और ऊर्जा के लिए एक सक्षम पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करके भारत को एक अग्रणी नवाचार अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प लें। राष्ट्रपति मुर्मु ने यहां आयोजित ईईपीसी इंडिया के प्लेटिनम जुबली समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्राचीनकाल में भारत अध्यात्म और व्यापार दोनों क्षेत्रों में विश्व का नेतृत्व करता था। भारत को एक बार फिर ज्ञान और व्यापार का अग्रणी केंद्र बनाना सभी नागरिकों का संकल्प होना चाहिए। उन्होंने आर्थिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण हितधारक होने के नाते ईईपीसी से आग्रह किया कि वह इस संकल्प को पूरी दृढ़ता से आगे बढ़ाए।उन्होंने खुशी जताई कि पिछले 10 वर्षों में भारत का इंजीनियरिंग निर्यात 70 अरब डॉलर से बढ़कर 115 अरब डॉलर से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि पिछले दशक के दौरान अंतरराष्ट्रीय व्यापार में चुनौतियों के बावजूद यह उपलब्धि उल्लेखनीय है। राष्ट्रपति ने इस उपलब्धि में योगदान के लिए ईईपीसी की सराहना की। उन्होंने कहा कि ईईपीसी अंतरराष्ट्रीय बाजार और भारतीय उत्पादकों के बीच सेतु का कार्य करता है। विश्व व्यापार व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक ढांचे में हो रहे बदलावों के बीच इसकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है।राष्ट्रपति ने कहा कि वैश्विक व्यापार की चुनौतियों को भारत को अवसर में बदलना होगा। सात दशकों में भारत के इंजीनियरिंग निर्यात गंतव्य काफी बदले हैं और ईईपीसी को इस परिवर्तनशील प्रक्रिया को और आगे बढ़ाना चाहिए। उच्च गुणवत्ता वाले इंजीनियरिंग उत्पाद और सेवाएं कम लागत पर उपलब्ध कराना भारत की सबसे बड़ी ताकत है। आज दुनिया की प्रमुख कंपनियों के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स भारत में हैं। ऐसे में हितधारकों को उपयुक्त प्रोत्साहन और पारिस्थितिकी तंत्र देकर भारत को ग्लोबल इनोवेशन सेंटर बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि इनोवेशन इकोनॉमी ही सबसे प्रतिस्पर्धी और समृद्ध अर्थव्यवस्थाएं होती हैं और इसी राह पर भारत को अग्रसर करना सभी हितधारकों का कर्तव्य है।

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हरिद्वार । तेज बारिश के चलते साेमवार सुबह भीम गोडा काली मंदिर के पास रेलवे ट्रैक पर मनसा देवी पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा आ जाने से रेल यातायात अवरुद्ध हो गया है। रेल ट्रैक बाधित हाेने से ट्रेनाें काे निरस्त किया गया है।   हरिद्वार रेलवे स्टेशन अधीक्षक दिनेश कुमार ने बताया कि सोमवार सुबह मिट्टी और चट्टानों का मलबे आने से भीमगोड़ा रेलवे सुरंग के समीप रेलवे ट्रैक को पूरी तरह से बंद हाे गया। ट्रैक पर अवरोध आने के कारण कई ट्रेन स्थगित करनी पड़ी हैं तथा कई को ज्वालापुर स्टेशन पर टर्मिनेट करना पड़ा। इनमें ऋषिकेश-कोच्चिवली एक्सप्रेस, हावड़ा- ऋषिकेश एक्सप्रेस, अमृतसर- देहरादून एक्सप्रेस तथा ऋषिकेश-हरिद्वार पैसेंजर सहित कई गाड़ियां शामिल है। उन्होंने बताया कि मलवा आने की वजह से देहरादून–हरिद्वार व ऋषिकेश रेल मार्ग पर ट्रेनों का आवागमन प्रभावित हुआ है। रेलवे विभाग की टीम मलबा हटाने में जुटी है।   काली मंदिर के समीप हुए इस भूस्खलन से आंशिक तौर पर मंदिर भी चपेट में आया और मंदिर के बाहर बना शिवजी का छोटा सा स्थान क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन गुफा वाले मंदिर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। इस स्थान पर इससे पहले भी कई बार मलवा आने से रेल यातायात बाधित हो चुका है। पूर्व की घटनाओं को देखते हुए इस जगह रेलवे ने लोहे के जाल लगा रखे हैं, जिस कारण मलबा सड़क पर नहीं आया।    

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पश्चिमी सिंहभूम । झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले के गोइलकेरा थाना क्षेत्र के रेलापराल गांव स्थित बुरजूवा पहाड़ी पर रविवार सुबह नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 10 लाख के इनामी नक्सली को मार गिराया है।चाईबासा पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इलाके में नक्सलियों का मूवमेंट है। इसके बाद पुलिस और सुरक्षा बलों की टीम रविवार तड़के रेलापराल इलाके में सर्च अभियान पर निकली। सुरक्षाबलों को देखते ही नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए गोलियां चलानी शुरू कर दीं।कई घंटे तक चली इस मुठभेड़ में भाकपा माओवादी का जोनल कमांडर अमित हांसदा उर्फ अपटन मारा गया। उस पर झारखंड सरकार ने 10 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। घटनास्थल से शव और हथियार मिले हैं। मुठभेड़ के दौरान बाकी नक्सली घने जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर ली है और जंगल में सघन सर्च अभियान जारी है।एसपी राकेश रंजन ने मुठभेड़ में एक नक्सली के मारे जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि इलाके में अतिरिक्त बल भेजा गया है। इलाकेे में सर्च अभियान जारी है।     

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कीव । रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर अबतक का सबसे बड़ा हवाई हमला करते हुए शनिवार की देर रात से रविवार सुबह तक 805 ड्रोन और 13 मिसाइलें दागीं। इन हमलों में 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए हैं। रूसी हमले में ऐसा पहली बार है कि यूक्रेन सरकार की मुख्य इमारतों को भी निशाना बनाया गया। दमकल कर्मी इन तमाम इमारतों की आग बुझाते हुए देखे गए और पूरे शहर में अफरातफरी का माहौल रहा।   कीव पोस्ट के मुताबिक रूसी सेना ने दावा किया है कि यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणालियों ने 751 लक्ष्यों को रोका या निष्क्रिय किया, लेकिन मिसाइलों और ड्रोनों से देशभर में 37 स्थानों पर हमले किये गए, जिससे कई जगह आग लग गई। इन हमलों में कई आवासीय एवं प्रशासनिक इमारतें नष्ट हुई हैं।  रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब किसी सरकारी मुख्यालय पर हुए हमले में कैबिनेट भवन में आग लग गई।   यूक्रेन के अधिकारियों का कहना है कि रूस की तरफ से रात भर ऐसे हमलों का सिलसिला जारी रहा। हमलों की शुरुआत ड्रोन से हुई, जो मिसाइल हमलों में बदल गई। रूस के इन हमलों के दौरान भारी दहशत और अफरातफरी की स्थिति देखी गई। देशभर में एयर अलर्ट बजाया गया और नागरिकों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया। फायर ब्रिगेड कर्मी और राहत दलों को मिसाइल और ड्रोन हमलों से जगह-जगह लगी आग को बुझाते देखा गया।   यूक्रेन पर रूस का ये हमला उस समय हुआ है, जब विभिन्न स्तर पर करीब तीन साल से जारी इस युद्ध को रुकवाने के प्रयास चल रहे हैं। इस बीच फ्रांस और ब्रिटेन के नेतृत्व में 24 देशों ने युद्ध समाप्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय निगरानी बल में शामिल होने की बात की है। कीव का कहना है कि ऐसे सुरक्षा समझौते तभी कारगर होंगे, जब पश्चिमी सैनिक इसमें शामिल होंगे, लेकिन रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने इस पर राजी होने से साफ इनकार किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी दोनों पक्षों के बीच शांति वार्ता के दावे करते रहे हैं, लेकिन मौजूदा हमले बताते हैं कि शांति वार्ता में कोई प्रगति होती नहीं दिख रही है।

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 9 सितंबर को बाढ़ प्रभावित पंजाब का दौरा करेंगे।इस दौरान वे बाढ़ प्रभावित इलाके के लोगों से बातचीत कर हालात के बारे में जानेंगे।भाजपा की पंजाब इकाई की तरफ से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी गई है।   पार्टी की तरफ से एक्स पोस्ट में बताया गया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 9 सिंतबर को पंजाब के गुरुदासपुर आ रहे हैं। वे बाढ़ प्रभावित लोगों और किसानों से सीधे मुलाकात कर उनका दुख साझा करेंगे और पीड़ितों की मदद के लिए कदम उठाएंगे।   इससे पहले गुरुवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान ने अमृतसर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था। उन्होंने यह भी कहा था कि बाढ़ प्रभावित इलाकों के आकलन के लिए दो केंद्रीय दल भी पंजाब दौरे हैं जो केंद्र को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।  उल्लेखनीय है कि पंजाब के ज्यादातर जिले इन दिनों बाढ़ की चपेट में हैं। इससे राज्य के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे हो रहे व्यापक नुकसान को देखते हुए केंद्रीय आर्थिक मदद की मांग लगातार हो रही है।

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भोपाल । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शिक्षक दिवस पर शुक्रवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में मध्य प्रदेश के दो शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्य के लिये राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किया। इनमें शीला पटेल और भेरूलाल ओसारा शामिल हैं। इस मौके पर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान भी मौजूद थे। पुरस्कार स्वरूप सम्मानित शिक्षकों को शॉल-श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। प्राथमिक शिक्षक शीला पटेल शीला पटेल दमोह जिले की शासकीय प्राथमिक शाला देवरान टपरिया में पदस्थ हैं। उन्होंने अपनी शाला में बच्चों को खेल-खेल में आनंदमयी शिक्षा दी है। उन्होंने गीत, कविता, कहानी और अभिनय के माध्यम से फाउण्डेशन लिटरेसी मिशन (एफएलएन) का क्रियान्वयन किया है। इसी के साथ उन्होंने अवकाश के दिनों में महिला साक्षरता को बढ़ावा देने के लिये विशेष कक्षाओं का संचालन किया। शीला पटेल ने अवकाश के दिनों में समर कैम्प एवं विंटर कैम्प का आयोजन किया। उन्होंने अपनी पदस्थापना के शाला के गाँव की हर गली व मोहल्लों में जगह-जगह पर बच्चों को सिखाने के उद्देश्य से शैक्षिक पटल व लर्निंग प्लेस तैयार करवाया। शिक्षिका शीला पटेल ने बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा करने के लिये शून्य लागत पर टीचिंग लर्निंग मटेरियल (टीएलएम) तैयार किया। बच्चों में समझ को बढ़ावा देने के लिये समूह में आपस में चर्चा और उनकी सहभागिता को बढ़ाने का काम प्रमुख रूप से किया। प्राथमिक शिक्षक भेरूलाल ओसारा प्राथमिक शिक्षक भेरूलाल ओसारा आगर-मालवा जिले के शासकीय ईपीईएस माध्यमिक शाला में पदस्थ हैं। उन्होंने अपनी पदस्थ शाला में विषय-वस्तु की गहन समझ के साथ शिक्षण कार्य किया और बच्चों में नैतिकता और सृजनात्मकता को प्रोत्साहित किया। विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण के लिये ईको क्लब और क्लैप क्लब के संयोजन से ठोस कार्य किया। बच्चों को स्वच्छता, जल संरक्षण, पौधरोपण, प्लास्टिक उन्मूलन और हरित जीवन-शैली के बारे में नवाचार करते हुए शिक्षा दी। शिक्षक भेरूलाल ने बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा करने के लिये नुक्कड़ नाटक, रैलियों, पोस्टर, निबंध प्रतियोगिता के साथ लेखन की वर्कशॉप भी निरंतर आयोजित की। उन्होंने डिजिटल युग की महत्ता को समझते हुए विद्यार्थियों में ऑनलाइन सुरक्षा जागरूकता फैलाने के लिये महत्वपूर्ण काम किया। बच्चों को साइबर अपराध के खतरों, सोशल मीडिया का सुरक्षित रूप से उपयोग, पासवर्ड की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जानकारी दी। उनके इस कार्य से आसपास के अनेक शिक्षकों ने भी प्रेरणा ली है।  

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अशोक नगर । लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि भगवान महावीर के विचार आज भी देश-दुनिया में यथार्थ(उचित)हैं।उन्होंने कहा कि पर्युषण पर्व का विशेष महत्‍व है। जैन समाज ही नहीं बल्कि सृष्टि पर रहने वाले हर व्‍यक्ति को पर्युषण पर्व के महत्‍व को समझना चाहिए। हमारे जीवन के अंदर हम नैतिकता, क्षमा, करूणा लाएं और अपने जीवन के अंदर हमेशा सत्‍य, अहिंसा और करुणा का भाव रखें। पर्युषण पर्व के दस लक्षण हैं। उन्होंने कहा कि सबके साथ एक जैसा भाव, हमेशा कल्‍याण का भाव होना चाहिए।   लोकसभा अध्यक्ष बिरला शुक्रवार को मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में दिगम्बर मुनि सुधा सागर महाराज के 32वें श्रावक संस्‍कार शिविर को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अपनी आत्‍मा के कल्‍याण के लिए आत्‍मविशेषण हो, आत्‍मचिंतन- आत्‍मशुद्धि हो। इससे बड़ा कुछ नहीं हो सकता। उसके बाद क्षमा क्रोध, लोभ, मोह सब त्‍याग करना। कितना भी क्रोध हो, उसका त्‍याग करना चाहिए। भगवान महावीर के विचार आज भी देश-दुनिया में यथार्थ हैं। तीर्थंकर भगवान महावीर ने कहा था कि सत्‍य, अहिंसा और शांति ही दुनिया का संदेश है। आज अंहिसा और शांति ही दुनिया के लिए संदेश है। उसी संदेश को हम देश-दुनिया में पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। जैन दर्शन आज दुनिया का दर्शन बन चुका है।   लोकसभा अध्यक्ष ने इससे पहले शिविर में शामिल होकर यहां निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव सुधासागर महाराज से श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्‍त किया। उन्होंने कहा कि आचार्य परम्‍परा के गौरव राष्‍ट्रसंत मुनि पुंगव श्रीश्री 108 सुधासागर महाराज के चरणों में नमस्‍तु नमस्‍तु। आचार्यश्री जहां भी जाते हैं, जिस नगर से गुजरते हैं, जिस शहर-गांव से निकलते हैं, वह सारा क्षेत्र धर्ममय हो जाता है। गुरू के इन चरणों की इस माटी से ही उस क्षेत्र की जनता में आध्‍यात्‍मिक, धर्म, संस्‍कृति की नैतिकता का प्रभाव हो जाता है। उन्‍होंने कहा कि देशभर से आए 32वें श्रावक संस्‍कार शिविर में सभी भक्‍तों में प्रणाम करता हूं। हम सबको आचार्य जी के चरणों में नमन करने का सौभाग्‍य मिला है। आचार्य जी की कृपा है कि समय समय पर आशीर्वाद देते हैं, हमारा मार्गदर्शन करते हैं।   उन्होंने कहा कि गुरुदेव का आशीर्वाद, मार्गदर्शन, उनका ज्ञान मुझे हमेशा नई दिशा एवं प्रेरणा देता है। अभी भी गुरूदेव ने मुझे ज्ञान दिया, जो दायित्‍व आपका है, वह कैसा होना चाहिए। निष्‍पक्ष, निर्बाध एवं संभव होना चाहिए। हम सब जब गुरु के चरणों में जाते हैं तो गुरू की तप-तपस्‍या उनके जीवन ही हमारे लिए जीवंत पाठशाला है। उनका दर्शन ही हमारे जीवन का पाठशाला है। उनका दर्शन मिल जाए, उनके मुख से हमें वाणी मिल जाए। उन्‍होंने कहा कि निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव सुधासागर महाराज का आशीर्वाद सदा बना रहे।   निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव सुधासागर महाराज ने शिविर में संबोधित करते हुए कहा कि परम भक्‍त शिष्‍य लोकसभा अध्‍यक्ष ओम बिरला सौम्‍य, सहज एवं सरल स्‍वभाव तथा हमेशा मुस्‍कुराते रहने वाले व्‍यक्ति हैं। उन्‍होंने कहा कि जो व्‍यक्ति आचार और विचारों को लेकर चलने वाले हमारे राष्‍ट्र के प्रति समर्पित हो, वही हम साधु-संतों की संस्‍कृति होती है। हम लोग सदा धर्म के क्षेत्र में रहते हुए भी राष्‍ट्र को संस्‍कारवान देखना चाहते हैं। राष्‍ट्र की संस्‍कृति ऐसी आदर्श संस्‍कृति हो, जो विश्‍व में एक अलग स्‍वर्णमयी इतिहास रचे। उन्‍होंने कहा कि अच्‍छे लोग, बिरला जैसे लोग देश के ऊपर कमाण्‍डिंग करेंगे तो देश में जरूर सौहार्द बनेगा। हमारा देश का कोई पक्ष-विपक्ष नही होता। हमारे देश में रहने वाला हर व्‍यक्ति हमारा नागरिक होता है। जब हम नागरिक की विहंग दृष्टि डालते हैं, वह ऐसे पदों को हमारे कानून ने स्‍थापित किया है। देश में सर्वोच्‍च पदों पर बैठने वालों के आदर्श मिलते हैं, उनके आदर्शों एवं उद्देश्‍यों से प्रेरणा लेते हैं और सकारात्‍मक सोच मिलती है। उन्‍होंने कहा कि भारत इंडिया नहीं, भारत ही रहे। गुरु का सपना था, उसे हम सब मिलकर पूरा करेंगे।   इस अवसर पर राजस्‍थान सरकार के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, नगरपालिका अध्‍यक्ष नीरज मनोरिया, भाजपा जिला अध्‍यक्ष आलोक तिवारी, कलेक्‍टर आदित्‍य सिंह, पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार जैन सहित जनप्रतिनिधिगण एवं बडी संख्‍या में शिविरार्थी एवं जैन समाज के अनुयायी उपस्थित रहे।

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उज्जैन । प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा ने शुक्रवार देर शाम मध्य प्रदेश के उज्जैन पहुंचकर विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर भगवान महाकाल का ध्यान लगाया। पंडित जितेंद्र शर्मा और पंडित दिनेश त्रिवेदी ने मंदिर में पूजन कराया। दर्शन के बाद आशुतोष राणा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बाबा महाकाल के आंगन में आने से मन आनंद से भर जाता है। उन्होंने शिव तांडव स्त्रोत की एक पंक्ति भी सुनाई। राणा ने कहा कि यहां तीनों काल एक साथ उपस्थित होने के कारण इन्हें महाकाल कहा जाता है। मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल और आशीष फलवाड़िया ने अभिनेता आशुतोष राणा को महाकाल का प्रसाद भेंट किया। साथ ही उन्हें दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया। महाकाल के अनन्य भक्त आशुतोष राणा पहले भी कई बार मंदिर में दर्शन कर चुके हैं।  

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग के बीच गुरुवार को द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने बहुआयामी साझेदारी को और सशक्त बनाने के अवसरों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने सिंगापुर को भारत का प्रमुख वाणिज्यिक सहयोगी और ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का अहम स्तंभ बताया।    प्रधानमंत्री मोदी और सिंगापुर के प्रधानमंत्री वोंग के बीच दिल्ली के हैदराबाद हाउस में हुई द्विपक्षीय वार्ता में आर्किटेक्चर, हरित शिपिंग, कौशल विकास, जल प्रबंधन, परमाणु ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया। एआई, क्वांटम और डिजिटल टेक्नोलॉजी, अंतरिक्ष विज्ञान तथा सेमीकंडक्टर उद्योग में सहयोग के नए अध्याय जोड़ने का निर्णय भी हुआ। बातचीत के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त रुप से प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।    प्रधानमंत्री मोदी ने सिंगापुर को दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र में भारत का सबसे बड़ा वाणिज्यिक सहयोगी बताया। उन्होंने कहा कि सिंगापुर से भारत में बड़े स्तर पर निवेश हुआ है। पिछले साल सिंगापुर यात्रा के दौरान उन्होंने अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक भागीदारी का दर्जा दिया था और इस वर्ष संवाद और सहयोग में गति और गहराई आई है। सिंगापुर को भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हम आसियान के साथ सहयोग और इंडो पेसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए संयुक्त विजन को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और सिंगापुर का सहयोग आज की वार्ता के बाद पारंपरिक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। हमने अपनी भागीदारी के भविष्य के लिए एक विस्तृत रोड में तैयार किया है। बदलते समय के अनुरूप आर्किटेक्चर, उन्नत विनिर्माण, हरित शिपिंग, कौशल, नागरिक परमाणु और जल प्रबंधन सहित विविध क्षेत्र वार्ता के केंद्र बिंदु रहे। प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारे संबंध कूटनीति से कहीं आगे तक जाते हैं। यह एक उद्देश्यपूर्ण साझेदारी है, जो साझा मूल्यों पर आधारित है, आपसी हितों से निर्देशित है और शांति, प्रगति और समृद्धि के साझा दृष्टिकोण से प्रेरित है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले साल सेमीकंडक्टर क्षेत्र में हुए भागीदारी समझौते ने शोध और विकास कार्य को नई दिशा दी है। सिंगापुर चेन्नई में एक राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्ट केंद्र स्थापित करने में सहयोग देगा। सेमीकंडर इंडिया में कॉन्फ्रेंस में सिंगापुर की कंपनियों ने वेंचर कर हिस्सा ले रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि दोनों देशों ने तय किया है कि वे एआई, क्वांटम और अन्य डिजिटल टेक्नोलॉजी क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएंगे। वहीं आज स्पेस क्षेत्र में भी समझौता हुआ है जिससे अंतरिक्ष विज्ञान में सहयोग का नया अध्याय जुड़ रहा है। टेक्नोलॉजी और नवाचार में हमारी साझेदारी दोनों देशों के रिश्तों की मजबूत स्तंभ है। आतंकवाद पर सामान चिंताएं साझा करते हुए उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ एकजुटता से लड़ना सभी मानवतावादी देशों का कर्तव्य है। इसी संदर्भ में उन्होंने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का उल्लेख किया और कहा कि भारत के लोगों के प्रति संवेदना और आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई का समर्थन देने के लिए वह सिंगापुर के प्रधानमंत्री और सिंगापुर की सरकार का आभार व्यक्त करते हैं। प्रधानमंत्री वोंग के पहली बार भारत आगमन पर प्रधानमंत्री मोदी ने उनका स्वागत किया और कहा कि इस वर्ष को दोनों देश अपने संबंधों की 60वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। इससे पहले विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सुबह मेहमान नेता से मुलाकात की और भारत सिंगापुर संबंधों को लगातार मजबूत करने की उनके प्रयासों की सराहना की।

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पटना । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मां के खिलाफ अपशब्दों के विरोध में राजग के बिहार बंद का व्यापक असर दिखा। पटना, सीवान, कटिहार, बांका, अररिया और दरभंगा में राजग कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम, दुकानें बंद कराईं और राहुल गांधी व तेजस्वी यादव के खिलाफ नारेबाजी की। पटना में भाजपा और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) कार्यकर्ताओं ने शहर भर के प्रमुख चौराहों पर विरोध प्रदर्शन किया। इसमें प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप जयसवाल, भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद और संजीव चौरसिया ने हिस्सा लिया। इस मौके पर सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा " इतनी बेशर्मी क्यों ? आप प्रधानमंत्री के खिलाफ टिप्पणी करते हैं और आपके मुंह से एक भी शब्द नहीं निकलता है? अगर हमारा कार्यकर्ता होता तो हम कार्रवाई करते हुए माफी मांगते" । भाजपा नेता ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव की उस टिप्पणी का भी जवाब दिया, जिसमें उन्हाेने कहा था कि उनकी मां (राबड़ी देवी) के लिए भी अपशब्दों का इस्तेमाल हुआ था। रविशंकर प्रसाद ने कहा "आपकी मां पूर्व मुख्यमंत्री हैं। यह राजनीतिक है। क्या हम भी गिनाएं कि राहुल गांधी और विपक्ष के लोगों ने 100 से अधिक बार प्रधानमंत्री के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया "? इस बीच राजग के बिहार बंद के दाैरान राजधानी पटना में जगह-जगह पर भाजपा और राजग दलों के कार्यकर्ताओं ने सड़काें पर बैठ कर विरोध प्रदर्शन किया। डाकबंगला चौक और आयकर गोलंबर पर सुबह से ही राजग कार्यकर्ता जमा हो गए थे। इसका असर सरकारी कार्यालयाें सहित रोजमर्रा के काम पर जाने वाले लोगों पर भी दिखा । उधर बंद के तहत सीवान में भी राजग कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। कार्यकर्ताओं ने वाहनों का परिचालन बंद करा दिया। यहां दुकाने भी पूरी तरह बंद रही। कटिहार में पूर्व उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद बंद में शामिल हुये। इस दाैरान कई जगहाें पर वाहनों की लंबी कतार से जाम लग गया। इस अवसर पर प्रसाद के साथ नगर निगम की मेयर उषा देवी अग्रवाल और राजग कार्यकर्ताओं ने मिर्चाईबारी बजरंग बली चौक पर टायर जलाकर विरोध जताया और राहुल गांधी एवं तेजस्वी यादव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बांका के पंजवारा में भी बंद का खासा असर दिखा। सुबह से ही बाजार की सभी दुकानें बंद रही। राजग कार्यकर्ताओं ने पंजवारा-गोड्डा राष्ट्रीय राजमार्ग 333ए पर पंजवारा बाजार में सड़क जाम कर आवागमन पूरी तरह बाधित कर दिया। अन्य जगहाें पर भी सड़कों से वाहन नादारद रहे । अररिया में क्षेत्र के सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने बंद में भाग लेकर दुकानों को बंद कराया। चांदनी चौक के गोलंबर पर चढ़कर उन्हाेंने समर्थकों के साथ मिलकर विपक्षी नेताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और तेजस्वी प्रसाद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस बीच दरभंगा के भागलपुर में भी बिहार बंद का असर देखने को मिला। सुबह से ही राजग घटक दल के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर दुकानों और यातायात को बंद कराने में जुटे रहे। इस दौरान राज्यसभा की पूर्व सदस्य एवं जदयू नेत्री कहकशां परवीन, भाजपा जिला अध्यक्ष संतोष साह, दीपक सिंह, कुश पांडे, रोहित पांडे, ईं श्रीकांत कुशवाहा सहित कई राजग नेता सड़काें पर उतरे और विरोध जताया। इस दाैरान महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष सपना भारती के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने दिल्ली मोड़ बस स्टैंड पर राहुल गांधी एवं तेजस्वी यादव के खिलाफ नारेबाजी की। सपना भारती ने कहा “जब तक राहुल गांधी और तेजस्वी यादव सार्वजनिक मंच से प्रधानमंत्री से माफी नहीं मांगते, भाजपा का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।” वहीं जदयू नेत्री डॉ. इस्मत जहां ने भी इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी का प्रधानमंत्री को अपशब्द कहना दुर्भाग्यपूर्ण है।    

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नई दिल्‍ली । जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक के बाद वस्‍तु एवं सेवा कर (जीएसटी) स्लैब में कई बड़े बदलाव होने के बाद राजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले कई सामान सस्ते हो जाएंगे। इसमें डेयरी प्रोडक्ट्स से लेकर दवाईयां तक शामिल हैं। इस बैठक में 28 फीसदी और 12 फीसदी की मौजूदा जीएसटी स्लैब को समाप्‍त कर नई स्लैब बनाई गई है। ये नई स्लैब 5 फीसदी और 18 फीसदी है। नई जीएसटी स्लैब नवरात्रि के पहले दिन 22 सितंबर से लागू हो जाएंगी।   वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्‍यक्षता वाली जीएसटी परिषद ने नई जीएसटी स्लैब में रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली कई चीजों को 18 फीसदी और 12 फीसदी के जीएसटी स्लैब से हटाकर 5 फीसदी के स्लैब में शामिल किया है। इसमें तेल, शैम्पू, टूथपेस्ट, टायलेट साबुन, टूथ ब्रश, शेविंग क्रीम, डेयरी प्रोडक्टस में बटर, घी और पनीर शामिल है। इसके साथ ही पैक्ड नमकीन, बर्तन, बच्चों के नैपकिन और डायपर्स, सिलाई मशीन, चश्मे, बच्चों का स्टेशनरी सामान, लाइफ इंश्योरेंस, थर्मामीटर, छोटे मेडिकल सामान और ट्रैक्टर को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा कृषि से संबंधित कई सामान जैसे हैंड पंप, ड्रिप सिंचाई उपकरण, स्प्रिंकलर के लिए नोजल, मिट्टी तैयार करने के लिए कृषि और बागवानी करने की मशीनरी, कटाई और थ्रेसिंग मशीनरी आदि पर जीएसटी घटा दिया गया है। परिषद ने छोटी कारों और बाइकों पर अब 28 फीसदी जीएसटी खत्म करके इन्हें अब 18 फीसदी के स्लैब में रखा गया है। इसमें 1200 सीसी तक की पेट्रोल, पेट्रोल हाइब्रिड, एलपीजी और सीएनजी कारें, 1500 सीसी तक की डीजल और डीजल हाइब्रिड कारें, 3 व्हीलर, 325 सीसी तक की बाइकें शामिल हैं। जीएसटी परिषद ने कुछ इलेक्ट्रॉनिक सामानों को भी 28 फीसदी से 18 फीसदी के जीएसटी स्लैब में रखा है। इसमें एयर कंडीशनर यानी एसी, 32 इंच से बड़े टीवी, मॉनिटर और प्रोजेक्टर और बर्तन धोने की मशीन शामिल है। जीएसटी परिषद ने कोल्ड ड्रिंक और ऐडेड शुगर आइटम, 1200 सीसी और 4000 मिनी से अधिक लंबे वाहन और 350 सीसी से अधिक की बाइकें और रेसिंग कार को जीएसटी के 28 फीसदी स्‍लैब से 40 फीसदी स्‍लैब में रखने की मंजूरी दी है। इससे ये सामान महंगे हो जाएंगे। इसके अलावा नॉन अल्कोहलिक बेवरेज, तंबाकू और सिगरेट, खेल आयोजनों में एंट्री, लग्जरी कार रिवॉल्वर और पिस्तौल जैसी चीजें महंगी हो जाएंगी।

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नई दिल्ली । केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि जब तक सभी नक्सली आत्मसमर्पण न कर दें, पकड़े न जाएं या समाप्त न हो जाएं, तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि 31 मार्च, 2026 तक देश को नक्सलमुक्त बनाना मोदी सरकार का संकल्प है। अमित शाह ने नई दिल्ली में अपने आवास पर छत्तीसगढ़ के बस्तर स्थित कर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’ को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाले सीआरपीएफ, छत्तीसगढ़ पुलिस, डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और कोबरा बल के जवानों से भेंट की और उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि कर्रेगुट्टालु की दुर्गम पहाड़ियों पर लगातार 19 दिनों तक चले सबसे बड़े नक्सल-विरोधी अभियान में बिना हताहत हुए 30 से अधिक नक्सलियों को मार कर वीर जवानों ने ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की। नक्सल विरोधी अभियानों के इतिहास में हमारे सुरक्षाबलों की बहादुरी स्वर्णिम अक्षरों में लिखी जाएगी। शाह ने वीर जवानों को बधाई देते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’ नक्सल विरोधी अभियानों के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, भीषण गर्मी और हर कदम पर आईईडी के खतरों के बावजूद सुरक्षाबलों ने पराक्रम दिखाकर नक्सलियों का बेस कैंप और उनकी सप्लाई चेन नष्ट की है।गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि मोदी सरकार का लक्ष्य देश को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त करना है। उन्होंने कहा, “जब तक सभी नक्सली आत्मसमर्पण न कर दें, पकड़े न जाएं या समाप्त न हो जाएं, तब तक चैन से नहीं बैठेंगे। 31 मार्च, 2026 तक भारत को नक्सलमुक्त बना दिया जाएगा।”शाह ने कहा कि नक्सलियों ने दशकों तक देश के पिछड़े इलाकों को विकास से वंचित रखा, स्कूल और अस्पताल बंद कर दिए तथा सरकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचने से रोका। लेकिन अब नक्सल विरोधी अभियानों के परिणामस्वरूप पशुपतिनाथ से लेकर तिरुपति तक के क्षेत्र में साढ़े छह करोड़ लोगों के जीवन में नया सूर्योदय हुआ है। उन्होंने आश्वस्त किया कि नक्सलविरोधी अभियानों में गंभीर शारीरिक क्षति झेलने वाले सुरक्षाबल जवानों और उनके परिवारों के जीवन को सुचारू रूप से चलाने के लिए मोदी सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है।

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शिमला । हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य के कई जिलों में आज भी भारी बारिश का दौर जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज सोलन और सिरमौर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि मंडी, शिमला, कुल्लू, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा और लाहौल-स्पीति जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 04 और 05 सितंबर को अंधड़ चलने और आसमानी बिजली गिरने का येलो अलर्ट रहेगा।   मौसम विभाग के अनुसार 06 से 09 सितंबर तक बारिश होगी, हालांकि इस दौरान किसी तरह की चेतावनी नहीं दी गई है। मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार ने बताया कि इस बार मानसून सीजन में अब तक सामान्य से 42 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।मंडी में भूस्खलन से मौतें, कुल्लू में दो लापता, शिमला के सुन्नी में खतरा बढ़ाभारी बारिश से मंडी और कुल्लू जिलों में तबाही मच गई है। मंडी जिले के सुंदरनगर उपमंडल में बीती रात पहाड़ी से हुए भूस्खलन से दो मकान मलबे में दब गए, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं। वहीं, कुल्लू शहर के अखाड़ा बाजार में देर रात हुए भूस्खलन से एक मकान दब गया। मकान में रह रहे दो कश्मीरी मजदूर और एनडीआरएफ का जवान मलबे में फंस गए। इनमें से एक मजदूर बाहर निकल आया लेकिन दो अब भी लापता हैं। राहत एवं बचाव कार्य एनडीआरएफ, पुलिस और होम गार्ड की टीमें कर रही हैं।राजधानी शिमला के सुन्नी क्षेत्र में भी हालात गंभीर बने हुए हैं। सतलुज नदी का जलस्तर थल्ली पुल तक पहुंच गया है और कालीघाट व आईटीआई क्षेत्र जलमग्न हो गए हैं। स्थिति को देखते हुए कोल डैम प्रबंधन को पानी का स्तर कम करने के लिए कदम उठाने को कहा गया है। एहतियात के तौर पर बीते दिन दो परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया।बांधों से पानी छोड़ा गया, चम्बा में रावी नदी खतरे के निशान से ऊपरबारिश से नदियों और बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। भाखड़ा डैम से बुधवार को टरबाइनों और फ्लड गेटों के माध्यम से 65,042 क्यूसिक और पौंग डैम से 79,659 क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है। प्रशासन ने निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से एहतियात बरतने की अपील की है। चंबा जिले में रावी नदी खतरे के निशान से ऊपर चली गई है, जिसके दबाव से शीतला पुल की सुरक्षा दीवार टूट गई और सड़क का एक हिस्सा नदी में बह गया। किन्नौर जिले में नाथपा झूला के पास एनएच-5 पर पहाड़ी से गिरी चट्टानों के कारण कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं लाहौल-स्पीति की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी भी हुई है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई।सात नेशनल हाईवे और 1155 सड़कें ठप, यातायात, बिजली और पानी आपूर्ति बाधितभारी बारिश से पूरे प्रदेश में यातायात ठप हो गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार बुधवार सुबह तक सात नेशनल हाईवे और 1155 सड़कें बंद थीं। बिलासपुर में एनएच-21 और एनएच-205, कुल्लू में एनएच-03 और एनएच-305, किन्नौर में एनएच-05, लाहौल-स्पीति में एनएच-505, सिरमौर में एनएच-707 और मंडी में एनएच-03 बंद पड़े हैं। अकेले मंडी जिले में 282, शिमला में 234, कुल्लू में 204, सिरमौर में 137, सोलन में 92, कांगड़ा में 60, लाहौल-स्पीति में 48 और बिलासपुर में 37 सड़कें अवरुद्ध हैं।बिजली और पेयजल आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। राज्यभर में 2477 बिजली ट्रांसफार्मर और 720 पेयजल योजनाएं ठप पड़ी हैं। कुल्लू जिले में 951, सोलन में 529, सिरमौर में 273, मंडी में 266, शिमला में 258 और हमीरपुर में 59 ट्रांसफार्मर खराब हो गए हैं। शिमला की 272 और कांगड़ा की 212 पेयजल योजनाएं भी ठप हैं।रातभर हुई झमाझम, कई इलाकों में भारी वर्षा रिकॉर्डबीती रात से सुबह तक बिलासपुर जिले के नैनोदेवी में सर्वाधिक 136 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा जोत में 100, पच्छाद में 77, कोठी में 68, चंबा में 66, बिलासपुर में 60, रोहड़ू और मनाली में 57-57, पालमपुर में 52, कसौली में 50, कंडाघाट और ददाहू में 48-48, सराहन में 45, सोलन और काहू में 43-43 और मैलरान में 40 मिलीमीटर बारिश हुई। राजधानी शिमला में 31 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद, मौत का आंकड़ा 341 पहुंचामौसम की स्थिति को देखते हुए आज आठ जिलों में सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखा गया। वहीं मंडी, उना और किन्नौर के कुछ उपमंडलों में भी अवकाश घोषित किया गया। प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक बारिशजनित घटनाओं में 341 लोगों की मौत हो चुकी है और 41 लोग अब भी लापता हैं।

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नई दिल्ली । कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अत्याधिक बारिश की वजह से आई बाढ़ से प्रभावित जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड की हालत पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से इन राज्यों के लिए विशेष पैकेज की मांग की है।   उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बाढ़ से भारी तबाही हुई है और हजारों लोग संकट में हैं। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से इन राज्यों के लिए विशेष राहत पैकेज की तत्काल घोषणा की मांग की। उन्होंने वीडियो में कहा कि पंजाब में बाढ़ के कारण बहुत नुकसान हुआ है। बाढ़ से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में बहुत बुरी हालत है। सरकार की जिम्मेदारी लोगों की बचाने की होती है।  राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपील की है कि इन राज्यों के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा करने के साथ ही राहत व बचाव कार्यों को तेज किया जाए। ऐसे मुश्किल समय में केंद्र सरकार की सक्रिय भूमिका और समर्थन अत्यंत आवश्यक है।

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उन्होंने मेरी स्वर्गीय मां का अपमान किया है और यह केवल मेरी मां का ही नहीं बल्कि देश की करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों का अपमान है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को माफ कर सकते हैं, लेकिन बिहार की जनता मेरी मां के अपमान को कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने संस्था के बैंक खाते में 105 करोड़ रुपये की राशि का भी हस्तांतरण किया। कार्यक्रम में लाखों की संख्या में महिलाएं मौजूद थीं, जिनसे संवाद करते हुए प्रधानमंत्री कई बार भावुक हो गए।अपने संबोधन की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार की धरती मातृशक्ति की पूजा करने वाली धरती है। यहां छठ महापर्व और सतबहिनी पूजा जैसी परंपराएं स्त्रियों के सम्मान की प्रतीक हैं। ऐसे पवित्र प्रदेश में कांग्रेस और राजद के मंच से उनकी स्वर्गीय मां के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल हुआ। उन्होंने कहा, “यह केवल मेरी मां का अपमान नहीं है। यह देश की हर मां, हर बहन और हर बेटी का अपमान है। भारत माता की संतानें इसे कभी सहन नहीं कर सकतीं।”मोदी ने जोर देकर कहा, “मैं राजद-कांग्रेस को माफ़ कर सकता हूं, लेकिन बिहार की जनता मेरी मां का अपमान करने के लिए उन्हें कभी माफ़ नहीं करेगी। भारत की धरती ने कभी मां का अपमान बर्दाश्त नहीं किया है। इसलिए कांग्रेस-राजद को सात बहिनों और छठी मईया से माफी मांगनी चाहिए। माताओं-बहनों को मैदान में उतरकर उनसे जवाब मांगना चाहिए।”प्रधानमंत्री ने अपनी मां हीराबेन मोदी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने 100 वर्ष की आयु तक साधारण और संघर्षपूर्ण जीवन जिया। वह राजनीति से दूर रहीं, लेकिन उनके आशीर्वाद ने ही मुझे देश सेवा की राह पर आगे बढ़ाया। भावुक होते हुए मोदी ने कहा, “मेरी मां ने कभी अपने लिए कुछ नहीं मांगा। वह बरसात से पहले छत को ठीक कराने की चिंता करती थीं, हमारे लिए हर दिन तपस्या करती थीं। वह बीमार होती थीं तो भी काम पर जाती थीं। उन्होंने हमारे परिवार के लिए हर कष्ट सहा। ऐसी गरीब मां की तपस्या को गाली देना केवल मेरी मां का ही नहीं, करोड़ों माताओं का अपमान है।”प्रधानमंत्री ने कहा कि राजनीति में उन्होंने बहुत देर से कदम रखा, लेकिन समाजसेवा के लिए वह बचपन से ही जुटे रहे। उन्होंने कहा, “मेरी मां ने मुझे आशीर्वाद देकर कहा था कि जाओ और देशवासियों की सेवा करो। उस मां को, जो अब इस दुनिया में नहीं है, कांग्रेस-राजद के मंच से गालियां दी गईं। माताओं-बहनों की आंखों में आंसू देखकर आज मुझे भी अपना दुख आप सबसे साझा करना पड़ा।”मोदी ने कांग्रेस और राजद पर हमला बोलते हुए कहा कि नामदार खानदानों के लोग गरीबों और पिछड़ों की पीड़ा नहीं समझ सकते। उन्होंने कहा, “ये नामदार लोग सोने-चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं। इन्हें लगता है कि सत्ता इनकी विरासत है, लेकिन जब जनता ने एक गरीब मां के बेटे को प्रधानसेवक बना दिया, तो इन्हें यह बात हजम नहीं हो रही। इसीलिए कभी मुझे ‘नीच’, कभी ‘गंदी नाली का कीड़ा’ तो कभी ‘जहर वाला सांप’ कहा गया। और अब मेरी स्वर्गीय मां को भी गालियां दी जा रही हैं।”प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं के प्रति यह मानसिकता पुरानी है। उन्होंने कहा, “राजद के शासनकाल में जब अपराध बेलगाम थे, सबसे ज्यादा पीड़ा महिलाओं को सहनी पड़ी थी। हत्यारे और बलात्कारी राजनीतिक संरक्षण में खुले घूमते थे। महिलाएं घर से बाहर निकलने में असुरक्षित महसूस करती थीं। कांग्रेस और राजद ने हमेशा महिलाओं की ताकत को दबाने की कोशिश की है। यही कारण है कि इन्होंने महिला आरक्षण का भी विरोध किया।”उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार आदिवासी बेटी और देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का अपमान करती रही है। यह महिलाओं के प्रति घृणा और अहंकार की राजनीति है। अपने भाषण के अंत में प्रधानमंत्री ने महिलाओं से आह्वान करते हुए कई नारे भी दिए। उन्होंने कहा, “मां को गाली नहीं सहेंगे, इज्जत पर वार नहीं सहेंगे। राजद का अत्याचार नहीं सहेंगे, कांग्रेस का वार नहीं सहेंगे। मां का अपमान नहीं सहेंगे, देश की नारी शक्ति का अपमान नहीं सहेंगे।”मोदी ने कहा कि उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता माताओं और बहनों का सशक्तीकरण है। हर घर नल, आयुष्मान भारत योजना, मुफ्त राशन, लखपति दीदी और ड्रोन दीदी जैसी योजनाएं इसी दिशा में बड़े कदम हैं। उन्होंने आगामी नवरात्र और बिहार की पूजा परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रदेश मातृशक्ति की पूजा करने वाला प्रदेश है। ऐसे में कांग्रेस-राजद को मां-बहनों से माफी मांगनी होगी।कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने “हर घर स्वदेशी” का नारा भी दिया और कहा कि बिहार समेत पूरे देश को आत्मनिर्भर भारत के रास्ते पर मजबूती से आगे बढ़ना है।उल्लेखनीय है कि हाल ही में दरभंगा शहर में ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ के दौरान एक मंच से प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अपशब्द बोले जाने का एक वीडियो सामने आया था। इस मंच पर कांग्रेस और राजद के नेता मौजूद थे। इसी घटना को लेकर भाजपा हमलावर है।

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मुंबई । मुंबई पुलिस ने मंगलवार को मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल को आजाद मैदान तत्काल खाली करने का नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में जरांगे पर आंदोलन के दौरान नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है। वहीं मनोज जारांगे ने कहा है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती वे मैदान खाली नहीं करेंगे। उनका आंदोलन इसी जगह जारी रहेगा। उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है।मनोज जरांगे पाटिल 29 अगस्त से मुंबई के आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे हैं। आज उनकी भूख हड़ताल का पांचवां दिन है। सोमवार को बॉम्बे उच्च न्यायालय में विरोध प्रदर्शन के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने आदेश दिया था कि आजाद मैदान परिसर को तत्काल खाली करवाया जाए। साथ ही मुंबई में आजाद मैदान की बजाय कहीं भी आंदोलन न होने देने का भी आदेश दिया था। इस आदेश के बाद आज सुबह मुंबई पुलिस ने मनोज जरांगे को नोटिस जारी कर कहा कि उन्हें अब अनुमति नहीं दी जा सकती है। नोटिस में कहा गया है कि मनोज जरांगे को तत्काल आजाद मैदान खाली कर देना चाहिए।   मनोज जरांगे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वे न्यायालय के आदेश का पालन करते हैं, इसी वजह से मराठा समाज ने आजाद मैदान को परिसर खाली कर दिया है। मुंबई में कहीं भी ट्रैफिक जाम की समस्या नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार उनके आंदोलन को तितर बितर करने का प्रयास कर रही है, लेकिन वे आजाद मैदान पर ही आंदोलन करेंगे। जरांगे ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती, उनका आंदोलन इसी स्थल पर जारी रहेगा। अगर इस आंदोलन के दौरान उनकी मौत हो गई तो कार्यकर्ता इस आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे। वे अब पीछे नहीं हटेंगे, लड़ाई जारी रहेगी।

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सुकमा । छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिला सुकमा के केरलापाल के ग्राम सिरसेटी के नंदापारा में दो ग्रामीणों की नक्सलियों ने मुखबिरी के आरोप में हत्या कर दी। साथ ही दो ग्रामीणों के साथ मारपीट की गई है। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।     सुकमा एसडीओपी परमेश्वर तिलकवार ने मंगलवार काे घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सोमवार रात 11 बजे ग्राम सिरसेटी के नंदापारा में बड़ी संख्या में नक्सली पहुंचे। नक्सलियों ने रात में गांव के दो ग्रामीण पदाम पोजा और पदाम देवेंद्र की हत्या कर दी और दो ग्रामीणों की पिटाई कर दी। घायल ग्रामीणों को गांव से लाने की तैयारी की जा रही है। इस इलाके में सड़क नहीं होने की वजह से इन ग्रामीणों को अभी तक केरलापाल लाया नहीं गया है। सुकमा के जिला पुलिस अधीक्षक किरण चौहान ने बताया कि घटना की जानकारी ग्रामीणों द्वारा प्राप्त हुई है। जांच के लिए घटनास्थल पर टीम भेजी गई है।   बस्तर पुलिस के अनुसार, साल 2025 में अब तक माओवादी हिंसा में कुल 32 लोगों की जान जा चुकी है। इस वर्ष अब तक नौ शिक्षादूतों की मुखबिरी के आरोप में नक्सलियों द्वारा हत्या की जा चुकी है। इनमें सुकमा जिले के अर्जुन डोडी, कवासी सुक्का और राम-लक्ष्मण बादसे तथा बीजापुर जिले के विनोद मनडे, सुरेश मेट्टा, अशोक मुचाकी, बामन राम कश्यप, कुंजाम भीमा तथा लालू ताती शामिल हैं।  

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत की एससीओ नीति तीन स्तंभों सुरक्षा, संपर्क और अवसर पर आधारित है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद मानवता की साझा चुनौती है और इस पर दोहरे मानदंड अस्वीकार्य हैं। वहीं मजबूत संपर्क से विश्वास और विकास बढ़ता है, किंतु इसमें संप्रभुता का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एससीओ बहुपक्षवाद और समावेशी विश्व व्यवस्था का मार्गदर्शक बन सकता है। प्रधानमंत्री ने वैश्विक संस्थानों में सुधार की आवश्यकता पर भी बल दिया।   प्रधानमंत्री मोदी ने उक्त बातें तियानजिन (चीन) में आयोजित 25वें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए कहीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सुरक्षा, शांति और स्थिरता किसी भी देश के विकास का आधार हैं, लेकिन आतंकवाद, अलगाववाद और अतिवाद इसके बड़े अवरोध हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद केवल किसी देश की सुरक्षा के लिए ही नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए साझा चुनौती है।   प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत चार दशकों से आतंकवाद का दंश झेल रहा है। कितनी ही माताओं ने अपने बच्चे खोए हैं और कितने बच्चे अनाथ हुए हैं। उन्होंने हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि यह घटना केवल भारत की आत्मा पर आघात नहीं थी बल्कि मानवता में विश्वास रखने वाले हर देश और हर व्यक्ति को चुनौती थी।   उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कुछ देशों द्वारा आतंकवाद का खुलेआम समर्थन स्वीकार्य हो सकता है? उन्होंने स्पष्ट कहा कि आतंकवाद पर किसी भी प्रकार के दोहरे मानदंड स्वीकार्य नहीं होंगे। मानवता के हित में सभी को एक स्वर में आतंकवाद का हर रूप और हर रंग में विरोध करना होगा।   प्रधानमंत्री ने वैश्विक संस्थानों में सुधार की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि एससीओ सदस्य इस दिशा में आपसी सहयोग बढ़ा सकते हैं। सुझाव देते हुए उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की अस्सीवीं वर्षगांठ पर सभी सदस्य देश मिलकर सुधार का आह्वान कर सकते हैं। इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक दक्षिण की आकांक्षाओं को पुराने ढांचों में कैद रखना आने वाली पीढ़ियों के साथ अन्याय होगा।   प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का मत है कि मजबूत संपर्क से केवल व्यापार ही नहीं बल्कि विश्वास और विकास के द्वार भी खुलते हैं। इसी सोच के साथ भारत चाबहार बंदरगाह और अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे जैसे उपक्रमों पर काम कर रहा है, जिससे अफगानिस्तान और मध्य एशिया के साथ संपर्क बढ़ सके।   उन्होंने इस संदर्भ में इस बात पर बल दिया कि हर संपर्क प्रयास में संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान होना चाहिए, जो एससीओ चार्टर के मूल सिद्धांतों में भी निहित है।   प्रधानमंत्री ने अवसर को सहयोग और सुधार की संभावना बताया। उन्होंने जन संबंधों को सुदृढ़ बनाने के लिए सुझाव दिया कि एससीओ के अंतर्गत एक सभ्यतागत संवाद मंच बनाया जाए, जिससे प्राचीन सभ्यताओं, कला, साहित्य और परंपराओं को वैश्विक मंच पर साझा किया जा सके।   भारत का विकास मंत्र देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश 'सुधार, प्रदर्शन और रूपांतरण' के मूलमंत्र पर आगे बढ़ रहा है। कोविड-19 हो या वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, भारत ने हर चुनौती को अवसर में बदलने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि भारत लगातार व्यापक सुधारों पर काम कर रहा है, जिससे विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए अवसर खुल रहे हैं। उन्होंने सभी को भारत की विकास यात्रा से जुड़ने का आमंत्रण दिया।   प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सभी साझेदारों के साथ समन्वय और सहयोग से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने एससीओ के अगले अध्यक्ष, किर्गिज़स्तान के राष्ट्रपति और अपने मित्र राष्ट्रपति जापारोव को शुभकामनाएं दीं।  

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पटना। बिहार में बीते 17 अगस्त को सासाराम से शुरू हुई महागठबंधन की 'वोटर अधिकार यात्रा' का पटना में सोमवार को समापन हो गया है। इस अवसर पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर कई आरोप लगाए।     कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि बेंगलुरु सेंट्रल की महादेवपुरा सीट में एक लाख से ज्यादा फर्जी वोट थे। वहां की 6 सीट पर हम जीतते हैं। लेकिन महादेवपुरा में हम साफ हो जाते हैं और यही कारण है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लोकसभा का चुनाव जीत जाती है।   चुनाव आयोग को आड़े हाथों लेते हुए राहुल गांधी ने कहा कि न तो वो वीडियो ग्राफी का सबूत देते हैं, न सुनते हैं। हम लोगों को सबूत जुटाने में 4 महीने लगे। ऐसे में बिहार के युवाओं को कहना चाहता हूं कि वोट चोरी का मतलब अधिकारों की चोरी, आरक्षण, रोजगार, शिक्षा, लोकतंत्र और युवाओं के भविष्य की चोरी है।   राहुल गांधी ने कहा कि सुन लीजिए भाजपा के लोगों, महादेवपुरा में एटम बम से बड़ा हाइड्रोजन बम दिखाया था। भाजपा के लोग तैयार हो जाइये हाइड्रोजन बम आ रहा है। आपकी चोरी पूरे देश को पता लगने जा रही है। यह क्रांतिकारी प्रदेश है। यहां से मैसेज दिया गया, वोट चोरी नहीं होने देंगे। आने वाले समय में हाइड्रोजन बम के बाद केंद्र की भाजपा सरकार अपना चेहरा इस देश को नहीं दिखा पाएगी।   राहुल ने कहा कि महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), कांग्रेस पार्टी और शिवसेना से चुनाव चोरी किया गया था, यह सच है। तकरीबन एक करोड़ नए वोटर लोकसभा चुनाव के बाद मतदाता सूची में जोड़े गए हैं। नए मतदाता मतदान करते हैं, हमारे गठबंधन को मतदान करते हैं, जितना लोकसभा में मिला उतना विधानसभा में नहीं मिला। सारे वोट भाजपा के खाते में गए। तीनों पार्टियां साफ हो गई, चुनाव आयोग और भाजपा ने मिलकर वोट चोरी की।   उन्होंने कहा कि बिहार के युवा खड़े हो गए हैं, यात्रा के दौरान वे हमारे पास आते थे और नारा लगाते थे। बीच में भाजपा के लोग काले झंडे दिखा रहे थे।   उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में निकली 'वोटर अधिकार यात्रा' 16 दिन में 23 जिलों से होते हुए तकरीबन 1300 किलोमीटर तक चली और 60 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरी। पटना में वोटर अधिकार मार्च निकालकर इस यात्रा का 1 सितंबर को समापन हो गया है। यात्रा के दौरान राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और इंडिया गठबंधन के नेता मौजूद रहे। महागठबंधन के शीर्ष नेताओं ने जनसभाओं और रोड शो के जरिए मतदाताओं से संवाद किया और मत तथा मताधिकार के प्रति लोगों को जागरूक किया।

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मुंबई । महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की मांग काे लेकर मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल कर रहे मनोज जारांगे पाटिल ने सोमवार को चौथे दिन पानी पीने से मना कर दिया है। आज सुबह जेजे अस्पताल की मेडिकल टीम ने जारांगे के स्वास्थ्य की जांच की और उन्हें अधिक से अधिक पानी की सलाह दी है।   जेजे अस्पताल की टीम ने आज मनोज जारांगे के स्वास्थ्य की जांच की। इस जांच में पता चला कि उनका शुगर लेवल कम हो गया है। यह केवल 70 के आसपास है। इसलिए डॉक्टरों ने कहा है कि अगर वह पानी छोड़ देते हैं, तो उनकी तबीयत और बिगड़ सकती है। इसलिए उनसे यह अनुरोध किया जा रहा है कि जारांगे पानी न पीने का अपना निर्णय वापस लें। लेकिन वे अपने निर्णय पर अडिग हैं और उन्हाेंने पानी पीने से मना कर दिया है। उन्होंने आज फिर दोहराया है कि या तो वे मराठा समाज का आरक्षण ले कर जाएंगे या फिर यहीं से उनकी अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। हालांकि मनोज जारांगे की मांगों पर विचार करने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में बैठक की जा रही है। बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री तथा आरक्षण के लिए गठित की गई कैबिनेट उपसमिति के अध्यक्ष राधाकृष्ण विखे पाटिल, मंत्री गिरीश महाजन, आदि उपस्थित हैं। उल्लेखनीय है कि मनोज जरांगे के आंदोलन को समर्थन देने के लिए राज्य भर से लाखों मराठा मुंबई पहुँचे हैं। पिछले दो दिनों में उन्हें असुविधा हुई है। हालाँकि, उसके बाद मराठा भूखे न रहें। इसके लिए राज्य भर की माताओं और बहनों की ओर से रोटी और चावल भेजा गया है। साथ ही बिस्कुट, पानी की बोतलें, केले और दाल सहित कई आवश्यक वस्तुएँ राज्य भर से मुंबई भेजी जा रही हैं। मुंबई में मराठा समाज के लोगों की काफी भीड़ को देखते हुए मंत्रालय, विधानभवन परिसरों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जापान की सफल यात्रा के बाद शनिवार को अपनी यात्रा के अगले पड़ाव चीन के लिए रवाना हो गए। चीन के तियानजिन में रविवार, 31 अगस्त से शुरू हो रहे संघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस दौरान उनके कई द्विपक्षीय बैठकें भी करने की उम्मीद है।प्रधानमंत्री मोदी ने जापान के अपने समकक्ष शिगेरु इशिबा को धन्यवाद देते हुए सोशल मीडिया पर कहा कि जापान की यह यात्रा उन उपयोगी परिणामों के लिए याद रखी जाएगी जिनसे हमारे देश के लोगों को लाभ होगा। मोदी ने कहा, “मैं प्रधानमंत्री इशिबा, जापानी जनता और सरकार को उनकी गर्मजोशी के लिए धन्यवाद देता हूं।”अपनी यात्रा के दूसरे दिन प्रधानमंत्री मोदी ने जापान की सेमीकंडक्टर क्षमताओं का अवलोकन किया, एआई सहयोग पर चर्चा की तथा रणनीतिक तकनीक तथा प्रतिभा संबंधों को मजबूत किया।प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान जापानी प्रधानमंत्री इशिबा को उपहार स्वरूप आंध्र प्रदेश से प्राप्त मूनस्टोन से बने पारंपरिक रेमन बाउल और राजस्थान की पारंपरिक शैली से सजे चॉपस्टिक भेंट किए। वहीं, इशिबा की पत्नी को कश्मीर की प्रसिद्ध पश्मीना शॉल और हस्तनिर्मित पेपर माशे बॉक्स उपहार में दिया गया।विदेश मंत्रालय के अनुसार आज प्रधानमंत्री मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने मियागी प्रीफेक्चर के सेनदाई में स्थित टोक्यो इलेक्ट्रॉन मियागी लिमिटेड का संयुक्त दौरा किया। यह कंपनी सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अग्रणी है। मोदी को कंपनी की वैश्विक भूमिका, निर्माण क्षमताओं और भारत से जुड़ी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। दोनों नेताओं ने सेमीकंडक्टर आपूर्ति शृंखला, निर्माण और परीक्षण में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।भारत के बढ़ते सेमीकंडक्टर विनिर्माण तंत्र और जापान की उन्नत तकनीकी क्षमता एक-दूसरे के पूरक हैं। दोनों देशों ने इस क्षेत्र में सहयोग गहराने की प्रतिबद्धता दोहराई। इससे पहले सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन साझेदारी और आर्थिक सुरक्षा संवाद के अंतर्गत हुए समझौतों पर भी आगे काम करने का निर्णय हुआ।प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले जापान में एक घंटे में 320 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ने वाली शिंकानसेन बुलेट ट्रेन से सेनदाई तक की यात्रा की। उनके इस सफर में जापान के प्रधानमंत्री इशिबा भी रहे। वहां इशिबा ने उनके सम्मान में दोपहर भोज का आयोजन किया, जिसमें मियागी प्रीफेक्चर के गवर्नर सहित कई गणमान्य उपस्थित थे।प्रधानमंत्री मोदी ने आज जापान के विभिन्न प्रान्तों के राज्यपालों से मुलाकात की। इस बातचीत में सोलह राज्यपालों ने भाग लिया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत-जापान साझेदारी को केवल दिल्ली-टोक्यो तक सीमित न रखते हुए राज्यों और प्रीफेक्चरों (जापान में राज्यों के लिए उपयोग शब्द) तक विस्तारित किया जाना चाहिए। उन्होंने राज्य-प्रीफेक्चर साझेदारी पहल के अंतर्गत व्यापार, प्रौद्योगिकी, पर्यटन, कौशल और संस्कृति के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। गवर्नरों ने भी उप-राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग को बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ने कल अपनी यात्रा के दौरान भारत-जापान 15वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री इशिबा के साथ वार्ता की। भारत और जापान ने टोक्यो में आयोजित वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान अनेक समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इसमें आर्थिक, सुरक्षा, तकनीकी, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय सहयोग से जुड़े कुल 20 से अधिक दस्तावेज शामिल हैं।

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  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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नई दिल्ली । इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 की चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने शनिवार को घोषणा की कि वह 4 जून को हुई भगदड़ में जान गंवाने वाले 11 लोगों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की सहायता राशि देगी।फ्रेंचाइज़ी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “4 जून 2025 को हमारे दिल टूट गए। हमने अपने आरसीबी परिवार के 11 सदस्यों को खो दिया। वे हमारे समुदाय, हमारे शहर और हमारी टीम का हिस्सा थे। उनकी कमी हमेशा महसूस होगी। कोई भी मदद उस जगह को भर नहीं सकती, लेकिन शुरुआती कदम के तौर पर आरसीबी ने प्रत्येक परिवार को ₹25 लाख दिए हैं। यह केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि करुणा, एकजुटता और देखभाल का वादा है।”आरसीबी ने साथ ही ‘आरसीबी केयर्स’ पहल की शुरुआत की घोषणा की, जिसके तहत पीड़ितों की स्मृति को सम्मानित करते हुए लंबे समय तक सार्थक कार्य किए जाएंगे।गौरतलब है कि पंजाब किंग्स को हराकर आरसीबी ने 18 साल बाद आईपीएल खिताब जीता था। इसके अगले दिन एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम और ओपन बस परेड में लाखों प्रशंसक उमड़ पड़े। हालांकि, करीब दो लाख लोगों की भारी भीड़ स्टेडियम की 32,000 की क्षमता पर हावी हो गई, जिससे गेट पर अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई। इस दुखद हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हो गए। सभी मृतक 40 वर्ष से कम आयु के थे।इससे पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मृतकों के परिवारों के लिए ₹10 लाख की सरकारी सहायता की घोषणा की थी। वहीं, आरसीबी ने भी शुरुआती तौर पर 11 परिवारों को ₹10 लाख की आर्थिक मदद देने का वादा किया था।

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रामबन । जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले की राजगढ़ तहसील में बादल फटा है। इसमें चार लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति लापता है।एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बचाव दल ने प्रभावित क्षेत्र से चार शव बरामद किए हैं और लापता व्यक्ति का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।अधिकारी ने बताया, "बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई, जिससे काफी नुकसान हुआ और क्षेत्र में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। एक व्यक्ति अभी भी लापता है।   वहीं केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने रामबन के उपायुक्त मोहम्मद अयाज़ खान से घटना के संबंध में बात की है। उन्होंने बताया कि राजगढ़ क्षेत्र में बादल फटने से चार लोगों की मौत हो गई। एक व्यक्ति अभी भी लापता है और तलाशी अभियान जारी है। सौभाग्य से, किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। बचाव कार्य जारी है और हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। मैं जिला प्रशासन के लगातार संपर्क में हूं।   मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि मुख्यमंत्री ने रामबन के राजगढ़ में भूस्खलन से हुए जान-माल की हानि पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने प्रशासन को तत्काल बचाव और राहत अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

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शिमला । हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में मूसलाधार बारिश एवं भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के बीच मणिमहेश यात्रा के दौरान अब तक 11 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। इनमें से तीन शव अब तक नहीं मिल पाए हैं। वहीं करीब 10 से 12 हजार यात्री मार्ग टूटने के कारण विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए हैं।लगातार बारिश और भूस्खलनों से चम्बा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग सहित जिले के सैकड़ों मार्ग यातायात के लिए अवरुद्ध हो गए हैं। बिजली के ट्रांसफार्मर और पेयजल योजनाओं को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे पूरे जिले में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र जनजातीय पांगी और भरमौर रहे हैं, जहां संचार सेवाएं भी कई दिनों से ठप हैं। जिले में पिछले चार दिनों तक मोबाइल और नेटवर्क सेवाएं पूरी तरह बंद रहीं और केवल बीती रात कुछ हद तक बहाल हो सकीं। हालांकि भरमौर क्षेत्र में अब भी संचार व्यवस्था सुचारू नहीं हो पाई है।बारिश और भूस्खलन के चलते मणिमहेश यात्रा को बंद कर दिया गया है। हजारों श्रद्धालु रास्ते में फंसे हैं। प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार राहत व बचाव कार्य कर रही हैं। इसके अलावा हेलीकॉप्टर की मदद से भी यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक लाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि फंसे हुए श्रद्धालु सुरक्षित हैं और उनके रहने-खाने की व्यवस्था रास्ते में ही कर दी गई है। पैदल ट्रैक पर फंसे 29 यात्रियों को भी भरमौर तक पहुंचाने का कार्य जारी है।  चम्बा उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि 24 से 26 अगस्त के बीच सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि इस दौरान सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से यात्री बीच रास्ते में फंसे हैं, लेकिन सभी सुरक्षित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोग किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास न करें क्योंकि यात्रा के दौरान कोई बड़ी त्रासदी नहीं हुई है। हालांकि, मौसम की मार से सड़कें और व्यवस्थाएं जरूर बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।उन्होंने स्पष्ट किया कि 16 अगस्त से अब तक यात्रा में 11 श्रद्धालुओं की मौत दर्ज की गई है। इनमें से 8 शवों की पहचान कर परिजनों को सूचित कर दिया गया है, जबकि तीन शव अभी तक बरामद नहीं किए जा सके हैं। उन्होंने कहा कि फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित घरों तक पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी लगातार ड्यूटी पर तैनात हैं और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर कदम उठाया जा रहा है।हिमाचल पुलिस ने फंसे श्रद्धालुओं के रसक्यू के लिए चलाया ऑपरेशन हौंसलाउधर, भारी बारिश और भूस्खलन से बुरी तरह प्रभावित चम्बा जिला के जनजातीय क्षेत्र भरमौर में फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालने के लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस ने “ऑपरेशन हौंसला” शुरू किया है। पुलिस ने बताया कि इलाके में बिजली और मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ठप है, लेकिन राहत व बचाव के लिए पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें दिन-रात काम कर रही हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और धैर्य बनाए रखें।हिमाचल पुलिस के अनुसार नेटवर्क बाधित होने से लोग अपने परिजनों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में परिचितों की जानकारी प्राप्त करने के लिए शिमला पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर 0177-2621796 और 0177-2621714 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा किसी भी आपदा में तुरंत आपातकालीन सेवा नंबर 112 पर कॉल करने को कहा गया है। पुलिस ने अपने संदेश में कहा,  “जनता की ढाल, सेवा की मिसाल – हिमाचल पुलिस।”प्रदेश के मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने बताया कि चंबा-भरमौर मार्ग पर बग्गा और दुर्गट्टी क्षेत्रों में भारी भूस्खलन हुआ है। इसके चलते चंबा शहर में लगभग 10 हजार लोग फंसे थे, जिनमें से करीब 7,000 लोग चंबा-पठानकोट मार्ग खुलने के बाद अपने घरों को लौट गए हैं। भरमौर में अब भी लगभग 3,000 तीर्थयात्री फंसे हुए हैं।मुख्य सचिव ने कहा कि फंसे लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और आवश्यकता पड़ने पर राशन तथा अन्य आवश्यक वस्तुएं हेलीकॉप्टर से पहुंचाई जाएंगी। उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की।इस बीच, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया आज चंबा का दौरा करेंगे। वहीं, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह पहले ही स्थिति का जायजा लेने चंबा रवाना हो चुके हैं।

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नई दिल्ली । भारत और जापान की साझेदारी को नई ऊंचाई पर ले जाने का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को कहा कि दोनों देशों का सहयोग एशियाई सदी को आकार देगा। उन्होंने जापानी कंपनियों से ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ अभियान में शामिल होने का आग्रह किया और कहा कि जापान की तकनीक तथा भारत की प्रतिभा मिलकर वैश्विक परिवर्तन का नेतृत्व कर सकती हैं। प्रधानमंत्री ने आज टोक्यो में आयोजित ‘इंडिया-जापान आर्थिक मंच’ को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जापान हमेशा भारत की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण भागीदार रहा है। मेट्रो, विनिर्माण, सेमीकंडक्टर और स्टार्ट-अप जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों की साझेदारी आपसी विश्वास का प्रतीक है। अब तक जापानी कंपनियों ने भारत में 40 अरब डॉलर से अधिक निवेश किया है। केवल पिछले दो वर्षों में ही 13 अरब डॉलर का निजी निवेश हुआ है। भविष्य की दिशा बताते हुए प्रधानमंत्री ने पांच क्षेत्रों पर बल दिया- विनिर्माण, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार, हरित ऊर्जा परिवर्तन, अगली पीढ़ी का बुनियादी ढांचा और कौशल विकास। उन्होंने कहा कि जापान की उत्कृष्टता और भारत का व्यापक पैमाना मिलकर साझा समृद्धि सुनिश्चित करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत ने असाधारण परिवर्तन अनुभव किए हैं। आज भारत राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता वाला देश है, जिसकी नीतियां स्पष्ट हैं। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारत वैश्विक विकास में 18 प्रतिशत योगदान कर रहा है और उसके विदेशी मुद्रा भंडार लगभग 700 अरब डॉलर तक पहुंच चुके हैं। प्रधानमंत्री ने सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ की नीति से देश में बड़ा बदलाव आया है। ‘वन नेशन-वन टैक्स’ व्यवस्था लागू होने के बाद अब नया आयकर संहिता भी संसद से पारित हो चुकी है। व्यवसायों के लिए डिजिटल सिंगल विंडो की सुविधा, 45 हजार अनुपालनों को युक्तिसंगत और निजी क्षेत्र के लिए रक्षा व अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों को खोलने की पहल की गई है। उन्होंने घोषणा की कि अब परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को भी निजी क्षेत्र के लिए खोला जाएगा।   उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के आमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी जापान की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। वे दोनों देशों के 15वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए जपान पहुंचे हैं।  

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मुंबई । रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को कहा कि भारत तरक्की की राह पर आगे बढ़ रहा है। रिलायंस 125 अरब डॉलर का राजस्व पार करने वाली पहली भारतीय कंपनी बन गई है, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में देश को 2.1 लाख करोड़ रुपये का योगदान दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कंपनी अपने ही रिकॉर्ड तोड़ती रहेगी और भारत के विकास में अहम भूमिका निभाएगी।   मुकेश अंबानी मुंबई में आरआईएल की 48वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) को संबोधित कर रहे थे। आरआईएल प्रमुख ने कहा कि किसी भी भारतीय कंपनी के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है कि कंपनी ने रिकॉर्ड मुनाफा और राष्ट्र के लिए योगदान भी दर्ज किया है। मुकेश अंबानी ने कहा क‍ि रिलायंस ने वित्त वर्ष 2024-25 में देश को 2.1 लाख करोड़ रुपये का योगदान दिया। समूह की दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो 2026 की पहली छमाही तक अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लेकर आएगी। उन्‍होंने कहा कि जियो अब विदेशों में कारोबार विस्तार करने के साथ अपनी खुद की कृत्रिम मेधा (एआई) प्रौद्योगिकी भी विकसित करेगी। वित्त वर्ष 2024-25 में रिकॉर्ड तोड़ कमाईरिलायंस समूह के मुखिया मुकेश अंबानी ने कहा कि भारत तरक्की की राह पर आगे बढ़ रहा है। मुकेश अंबानी ने बताया कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने वित्त वर्ष 202425 में कुल समेकित राजस्व में 10,71,174 करोड़ रुपये (125.3 अरब अमरीकी डॉलर) हासिल किया। भारत के इतिहास में यह पहली बार है, जब किसी कंपनी ने वार्षिक आय के इस स्तर को पार किया है। उन्‍होंने कहा कि रिलायंस ने 1,83,422 करोड़ रुपये (21.5 अरब अमेरिकी डॉलर) का एबिटा और 81,309 करोड़ रुपये (9.5 अरब अमेरिकी डॉलर) का शुद्ध लाभ दर्ज किया है। कंपनी का निर्यात 2,83,719 करोड़ रुपये (33.2 अरब अमेरिकी डॉलर) रहा, जो भारत के कुल वस्तु निर्यात में 7.6 फीसदी का योगदान देता है।   देश का सबसे बड़ा करदाता बना रिलायंस आरआईएल प्रमुख मुकेश अंबानी ने कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत उभर रहा है और इसे कोई रोक नहीं सकता। मुकेश ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में रिलायंस ने अपने कारोबार में 5.6 लाख करोड़ रुपये (65.5 अरब अमेरिकी डॉलर) से अधिक का निवेश किया है।मुकेश अंबानी ने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में रिलायंस ने राष्ट्रीय खजाने में 2,10,269 करोड़ रुपये (24.6 अरब अमेरिकी डॉलर) का योगदान दिया और देश का सबसे बड़ा करदाता बन गया। उन्‍होंने कहा कि पिछले छह वर्षों में कंपनी का सरकार को कुल योगदान 10 लाख करोड़ रुपये (117 अरब अमेरिकी डॉलर) को पार कर गया है। सामाजिक उत्तरदायित्व पर बड़ा योगदानरिलायंस प्रमुख ने कहा कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) गतिविधियों पर 2,156 करोड़ रुपये (252 मिलियन अमेरिकी डॉलर) खर्च किए। उन्‍होंने बातया कि पिछले तीन वर्षों में, इसका कुल सीएसआर खर्च 5,000 करोड़ रुपये (585 मिलियन अमेरिकी डॉलर) को पार कर गया है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों को बढ़ावा मिला है। मुकेश अंबानी ने कहा कि रिलायंस रोज़गार सृजन पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रहा है। वर्तमान में, कंपनी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह के कर्मचारियों सहित लगभग 6.8 लाख लोगों को रोज़गार देती है। आने वाले वर्षों में यह संख्या बढ़कर 10 लाख से ज़्यादा होने की उम्मीद है।

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पूर्वी चंपारण ।पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के तीन खूंखार आतंकवादियो के नेपाल के रास्ते बिहार में घुसने के खुफिया इनपुट के बाद पूरे जिला को हाई अलर्ट पर रखा गया है।नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रो के साथ ही जिला के सभी थाना क्षेत्र में वाहनो की सघन जांच की जा रही है।   पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने इसकी जानकारी देते बताया है कि पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के तीन खूंखार आतंकवादी नेपाल के रास्ते बिहार में घुस गए हैं और वे किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।उन्होने इन संदिग्धों की पहचान के लिए उनके स्केच को जारी करते हुए लोगों से इन चेहरों को पहचान करने और इस संदर्भ में कोई जानकारी मिलने पर तुरंत नजदीकी थाने से संपर्क करने या 112 डायल कर सकते हैं। इसके अलावा, सीधे पुलिस अधीक्षक मोतिहारी से इन नंबरों पर 9031827100, 9431822988 (कॉल या व्हाट्सएप)संपर्क करने को कहा है।   उन्होने तीनों संदिग्धों की गिरफ्तारी में मदद करने वालों को मोतिहारी पुलिस की ओर से 50,000 रुपये का नकद इनाम देने की भी घोषणा की है।इधर आतंकियो के बिहार में प्रवेश की सूचना के बाद राहुल गांधी वोटर अधिकार यात्रा में सुरक्षा प्रबंध चौकस कर दिया गया है।  पुलिस के अनुसार ये तीनों आतंकी राहुल गांधी की रैली या किसी अन्य सार्वजनिक सभा को निशाना बना सकते हैं।   उल्लेखनीय है,कि राहुल गांधी गुरूवार सीतामढी जिला के बैरगनिया से पूर्वी चंपारण के फुलवरिया घाट होते पूर्वी चंपारण जिला में प्रवेश किये।जहां से ढाका चिरैया,लालबेगिया होते जिला मुख्यालय मोतिहारी पहुंचेगे।   आतंकियो की सूचना बाद उनके कार्यक्रम में रोड शो को स्थगित कर दिया गया है।साथ उनकी सुरक्षा को कई गुना बढ़ा दिया गया है।यात्रा के मार्गों पर भारी चौकसी बरती जा रही है। हर वाहन और व्यक्ति पर पुलिस कड़ी नजर रख रही है। जगह-जगह चेक पोस्ट स्थापित किये गये है। पुलिस की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं।

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कोलकाता । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि वह राज्य में किसी भी व्यक्ति का मतदान का अधिकार छीनने नहीं देंगी।   कोलकाता के मेयो रोड पर गुरुवार काे आयोजित तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) की स्थापना दिवस रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और छात्रों से अपील करते हुए कहा, “आप खुद जांचें कि आपका नाम मतदाता सूची में है या नहीं। सुनिश्चित करें कि आपके पास आधार कार्ड हो। जब तक मैं जिंदा हूं, किसी का मताधिकार छीना नहीं जाएगा।”   मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल में 500 से अधिक टीमें तैनात की हैं, जो घर-घर जाकर मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए सर्वे कर रही हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर कोई आपके दरवाजे पर जानकारी लेने आए तो उसे जानकारी न दें। वे आपकी डिटेल्स लेकर आपका नाम हटा सकते हैं। अपने बूथ पर जाकर मतदाता सूची में नाम की पुष्टि करें।”   ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उसकी अधिकार-सीमा केवल चुनावी अवधि तक होती है, पूरे साल नहीं। साथ ही उन्होंने भाजपा पर बंगाली भाषा और स्वतंत्रता आंदोलन में बंगालियों की ऐतिहासिक भूमिका को भुलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “अगर बंगाली भाषा न होती तो ‘जन गण मन’ राष्ट्रीय गान कैसे बनता? ‘वंदे मातरम’ किस भाषा में लिखा गया है? भाजपा इतिहास मिटाकर भाषाई आतंक थोपना चाहती है।”   उन्होंने आगे आरोप लगाया कि भाजपा गरीबों को ‘बांग्लादेशी’ कहकर प्रताड़ित करती है, जबकि वे गरीब ही उनकी ताकत हैं। उन्होंने कहा, “मैं जाति नहीं मानती, मैं इंसानियत को मानती हूं।”   केंद्रीय एजेंसियों को लेकर ममता बनर्जी ने कहा कि पहले कभी कोई एजेंसी किसी राजनीतिक दल के इशारे पर काम नहीं करती थी, लेकिन अब चुनाव आते ही एजेंसियां सक्रिय हो जाती हैं। उन्होंने वाम मोर्चे पर भी भाजपा से हाथ मिलाने का आरोप लगाया।   इससे पहले, तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रैली को संबोधित करते हुए भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर किसी एक भी व्यक्ति को मतदान का अधिकार नहीं मिला तो “10 लाख बंगाली दिल्ली कूच करेंगे और राजपथ का घेराव करेंगे।”   अभिषेक बनर्जी ने 2026 विधानसभा चुनाव को लेकर विश्वास जताया कि भाजपा 50 से अधिक सीटें नहीं जीत पाएगी। उन्होंने कहा, “हमारे खिलाफ सब हैं – भाजपा, ईडी, सीबीआई, चुनाव आयोग, यहां तक कि प्रेस और न्यायपालिका तक। लेकिन हमारे साथ 10 करोड़ बंगाली हैं। पिछली बार जितनी सीटें मिली थीं, उससे अधिक इस बार जीतेंगे।”

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नई दिल्ली । देशभर में विद्यालयी शिक्षा के विभिन्न स्तरों पर छात्रों के बीच में पढ़ाई छोड़ने की दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।  शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने गुरुवार को यूडीआईएसई+ 2024-25 की रिपोर्ट में बताया कि प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों की रिटेंशन रेट और ट्रांज़िशन रेट में लगातार सुधार हुआ है। इसका सीधा असर यह हुआ कि बच्चों के बीच-बीच में पढ़ाई छोड़ने की प्रवृत्ति घटी है और अधिक विद्यार्थी उच्च कक्षाओं तक अपनी पढ़ाई जारी रख पा रहे हैं।शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि यह सकारात्मक बदलाव केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा चलाए जा रहे नामांकन अभियान, छात्रवृत्ति योजनाएं, मध्याह्न भोजन, साइकिल/यूनिफॉर्म/पुस्तक वितरण जैसी पहलें और स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं में सुधार का परिणाम है।रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया है कि शून्य नामांकन वाले स्कूलों और एकल शिक्षक स्कूलों की संख्या में कमी से भी छात्रों को पढ़ाई जारी रखने में मदद मिली है। बेहतर शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात और महिला शिक्षकों की बढ़ती संख्या ने भी विद्यार्थियों विशेषकर बालिकाओं की निरंतरता पर सकारात्मक असर डाला है। शिक्षा मंत्रालय ने कहा है कि ड्रॉपआउट दर में कमी देश के लिए शिक्षा की गुणवत्ता और सर्व शिक्षा अभियान से आगे बढ़कर समावेशी व सतत शिक्षा की दिशा में बड़ी उपलब्धि है।

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उज्जैन/भोपाल । केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उज्जैन में आयोजित द्वितीय वैश्विक आध्‍यात्मिक पर्यटन सम्मेलन “रूहmantic” में मध्य प्रदेश में बढ़ते पर्यटन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि कभी राजस्थान के टूरिज्म सेक्टर में सबसे अच्छी निवेश नीति थी, लेकिन बुधवार काे मध्य प्रदेश ने राजस्थान को भी पीछे छोड़ दिया है। मध्य प्रदेश हार्ट ऑफ इंक्रेडिवल इंडिया है। मध्य प्रदेश के पास टूरिज्म सेक्टर में अपार संभावनाएं हैं। भारत के पास दुनिया की सबसे प्रचीन परंपरा और विरासत है।  केन्द्रीय मंत्री बुधवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ उज्जैन में आयोजित द्वितीय वैश्विक आध्‍यात्मिक पर्यटन सम्मेलन “रूहmantic” का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में देश-विदेश के 300 से अधिक आध्यात्मिक गुरू, विचारक और विशेषज्ञ शामिल हुए। मुख्य वक्ता के रूप में आध्यात्मिक गुरु गौरांग दास ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया। सम्मेलन में 12 ज्योतिर्लिंगों, मंदिर अर्थव्यवस्थाओं और उज्जैन की आध्यात्मिक शक्ति पर विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।  शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में देश की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी है। देश में घरेलू पर्यटन बढ़ रहा है। उज्जैन में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। पहले जितने लोग साल भर में आते थे, उतने अब एक से डेढ़ हफ्ते में आ जाते हैं। आज हर स्तर की पर्यटन संभावनाएं विकसित करने के लिए राज्यों के बीच गला काट प्रतियोगिता चल रही है। दुनियाभर से हज करने जाने वाले कुल लोग एक करोड़ 80 लाख हैं। उमरा करने के नाम पर जो लोग जाते हैं वो 10 मिलियन हैं। ये आंकड़े उज्जैन के साथ तुलना करूं तो कितने लोग हमारे हैं।  उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सॉफ्ट पावर हमारी ताकत बनेगी। इस संकल्प के साथ सभी को जुट जाने की आवश्यकता है। चुनौतियां हैं लेकिन ये सिर्फ हमारे सामने नहीं हैं बल्कि पूरे विश्व के सामने हैं। हम एक तरफ आर्थिक, सामाजिक और सामरिक नजरिए से भी प्रगति कर रहे हैं। इसके साथ ही कल्चरल गुड्स को रिवाइव करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तीर्थाटन और संत परंपरा ने भारत को एक बनाने का काम किया है।   पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) द्वारा पर्यटन मंत्रालय और मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के सहयोग से होटल अंजुश्री में आयोजित इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज का काल भारत का है। दुनिया भारत की तरफ देख रही है। जिस प्रकार पूरब, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण हर तरफ से सुखद समाचार आ रहा है, जो हमसे अपने-आपको प्रतियोगी मान रहे हैं, लेकिन वे असुरक्षा में जी रहे हैं।   उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बाबा महाकाल से लेकर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने का काम कर रही है। ऐसे में सेवा के काम कौन-कौन से हो सकते हैं और आने वाले दिनों में यात्रियों की सुविधाओं का सभी प्रकार से कैसे ध्यान रखा जाए। इन सारी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा के लिए दिनभर सत्र चलेंगे। आज केन्द्रीय पर्यटन मंत्री ने कार्यक्रम का शुभारंभ भी किया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के माध्यम से देश में आ रहे परिवर्तन के दौर की बात विस्तार से रखी है। हमें बड़ी-बड़ी सौगात आपके माध्यम से मिल रही हैं।   आध्यात्मिक गुरु गौरांग दास महाराज ने कहा कि स्पिरिचुअल टूरिज्म के लिए विश्व में 10 शहर लोकप्रिय हैं। इनमें भारत के चार शहर हैं। इनमें से तीन नार्थ इंडिया के हैं। प्रयागराज, अयोध्या में हर साल 5 करोड़ लोग आते हैं। तीसरा शहर है तिरुपति जहां तीन से चार करोड़ लोग हर साल पहुंचते हैं। चौथा शहर है वाराणसी। अभी तक मध्य प्रदेश का कोई शहर इसमें नहीं है। हमारी हार्दिक इच्छा है कि मुख्यमंत्री की पहल से जल्द ही उज्जैन का नाम इन शहरों में शामिल होगा।   उन्होंने कहा कि आज से 20 साल पहले जब उज्जैन में इस्कॉन मंदिर आने वाला था तब हमारे यहां 500 करोड़ का एक प्रकल्प प्लानिंग में था, लेकिन कुछ कारणवश वो प्रकल्प नहीं हो पाया। उस समय हमारे गुरु महाराज ने निर्णय लिया कि मध्यप्रदेश नहीं तो कहीं और लेकर आएंगे। तब मुख्यमंत्री उज्जैन डेवलपमेंट अथॉरिटी के चेयरमैन थे। उन्होंने हमारे महाराज से व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया और अनुरोध किया कि मध्य प्रदेश के लिए यह बहुत जरूरी है कि यह संस्था आए।   उन्होंने कहा कि विश्व में कई सारे शहर हैं जो कुछ विशेष योजनाओं के लिए विकसित किए गए हैं, जैसे लॉस बेगॉस। यह इंटरटेनमेंट और नाइट लाइफ के लिए जाना जाता है। धर्म की भाषा में कहें तो सारे पाप कर्म वहां होते हैं। पाप कर्मों के लिए विशेष शहर बनाया गया है, आप कल्पना कीजिए, लेकिन एक अत्याधुनिक शहर जो पूरा आध्यात्मिक प्रकल्पों के साथ आध्यात्मिक चेतना को विकसित करने के लिए अभी भी देखना बाकी है। हमें यह खुशी है कि उसकी पहल हमारे मुख्यमंत्री उज्जैन से कर रहे हैं।

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नई दिल्‍ली । अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रूसी तेल की खरीद के लिए भारत पर लगाया गया अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ बुधवार से प्रभावी हो गया। इस तरह भारत पर अमेरिका की ओर से लगाया गया कुल शुल्क अब 50 फीसदी हो गया है। इससे 48.2 अरब डॉलर के भारतीय निर्यात पर असर पड़ेगा। अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (डीएचएस) ने सोमवार को जारी मसौदा आदेश में कहा कि बढ़े हुए शुल्क उन भारतीय उत्पादों पर लागू होंगे जो "27 अगस्त, 2025 को पूर्वी डेलाइट समयानुसार रात 12:01 बजे या उसके बाद उपभोग के लिए प्रवेश किए गए हैं या उपभोग के लिए गोदाम से निकाले गए हैं।" भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले सामानों पर 27 अगस्त से 50 फीसदी टैरिफ लागू हो गया है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) की रिपोर्ट के मुताबिक यह नया टैरिफ भारत के लगभग 5.4 लाख करोड़ रुपये के निर्यात को प्रभावित कर सकता है। ट्रंप ने 07 अगस्त को ही रूसी कच्चे तेल की भारत द्वारा की जाने वाली खरीद के लिए भारतीय वस्तुओं पर शुल्क को दोगुना करके 50 फीसदी करने की घोषणा की थी, लेकिन समझौते पर बातचीत के लिए 21 दिन का समय दिया था। भारत के समान पर 50 फीसदी टैरिफ से अमेरिका में बिकने वाले कपड़े, जेम्स-ज्वैलरी, फर्नीचर, सी फूड जैसे भारतीय प्रोडक्ट्स महंगे हो जाएंगे। इससे इनकी मांग में 70 फीसदी की कमी आ सकती है। वहीं, चीन, वियतनाम और मेक्सिको जैसे कम टैरिफ वाले देश इन सामानों को सस्ते दाम पर बेचेंगे। इससे भारतीय कंपनियों की अमेरिकी बाजार में हिस्सेदारी कम होगी। ट्रंप का टैरिफ 70 और देशों पर भी हुआ लागूअमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने भारत पर 25 फीसदी का पारस्परिक टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, जो 7 अगस्त को लागू हुआ, जिसके बाद करीब 70 अन्य देशों पर भी टैरिफ लागू हो गया। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत की ओर से रूसी कच्चे तेल की खरीद के लिए भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ को दोगुना कर 50 फीसदी करने की घोषणा की थी।

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कटरा । जम्मू-कश्मीर के कटरा में वैष्णो देवी मंदिर के पास भारी बारिश के कारण मंगलवार को हुए भूस्खलन में 32 लोगों की मौत हो गई है। रियासी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक परमवीर सिंह ने यह जानकारी दी।   भूस्खलन वैष्णो देवी मंदिर के मार्ग पर स्थित अधक्वारी गुफा मंदिर में इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास हुआ।   श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (एसएमवीडीएसबी) ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि अधक्वारी में इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास भूस्खलन की घटना हुई है, कुछ लोगों के घायल होने की आशंका है। आवश्यक जनशक्ति और मशीनरी के साथ बचाव अभियान जारी है।   अधिकारियों ने बताया कि चक्की नदी में मिट्टी के कटाव और अचानक आई बाढ़ के बाद पठानकोट कैंट और कंड्रोरी के बीच डाउन लाइन पर यातायात बाधित होने के कारण 18 ट्रेनें रद्द कर दी गईं।   इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पोस्ट में कहा कि घटना के तुरंत बाद राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमें घटनास्थल पर पहुँच गई थीं। इस संबंध में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा जी से बात की है। स्थानीय प्रशासन घायलों की सहायता के लिए राहत और बचाव कार्य में लगा हुआ है और एनडीआरएफ की टीम भी वहाँ पहुँच रही है।   उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और अधिकारियों को दुर्घटना में घायल हुए लोगों को तत्काल सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया। सिन्हा ने कहा कि अधिकारी भारी बारिश के बीच जम्मू संभाग में स्थिति पर नज़र रख रहे हैं और लोगों से सलाह के पालन का आग्रह किया है।   अमित शाह से बात करने के बाद सीएम उमर अब्दुल्ला ने भी एक्स पर पोस्ट किया कि केंद्रीय गृह मंत्री से फोन पर बात की और उन्हें जम्मू-कश्मीर, खासकर जम्मू प्रांत की स्थिति के बारे में जानकारी दी जहाँ भारी और लगातार बारिश ने बहुत नुकसान पहुँचा है और सामान्य जीवन में व्यवधान पैदा किया है।   जल्द से जल्द फोन/डेटा कनेक्टिविटी बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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अहमदाबाद । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के हंसलपुर स्थित सुजुकी मोटर प्लांट से कंपनी के पहले वैश्विक बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (बीईवी) ‘ई-विटारा’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। भारत में निर्मित यह इलेक्ट्रिक कार यूरोप और जापान जैसे उन्नत बाजारों सहित 100 से अधिक देशों में निर्यात की जाएगी।इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने हंसलपुर में सुजुकी की ईवी विनिर्माण सुविधा का दौरा किया और अहमदाबाद जिले के हंसलपुर में टीडीएस लिथियम-आयन बैटरी संयंत्र में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड के स्थानीय उत्पादन का उद्घाटन किया। यह संयंत्र टॉशिबा, डेंसो और सुजुकी का संयुक्त उपक्रम है। इसके माध्यम से बैटरी मूल्य का 80 प्रतिशत से अधिक भारत में ही निर्मित होगा, जिससे आत्मनिर्भर भारत अभियान को बल मिलेगा।   कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एमडी एवं सीईओ) हिसाशी ताकेउची सहित अन्य शीर्ष अधिकारी भी उपस्थित थे।

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नई दिल्ली । चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने भविष्य के युद्धों में जीत सुनिश्चित करने के लिए सभी क्षेत्रों में त्वरित और निर्णायक संयुक्त प्रतिक्रिया का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि भविष्य के युद्ध सीमाओं को नहीं पहचानेंगे। मजबूत नागरिक सैन्य एकीकरण के लिए सीडीएस ने भविष्य के युद्धों में विजय प्राप्त करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में क्षमताओं के विकास पर जोर दिया।   जनरल अनिल चौहान मंगलवार को मध्य प्रदेश के डॉ. अंबेडकर नगर स्थित आर्मी वॉर कॉलेज में 'युद्ध पर प्रौद्योगिकी का प्रभाव' विषय पर युद्ध, युद्ध कला और युद्ध संचालन पर अपनी तरह के पहले त्रि-सेवा सेमिनार ‘रण संवाद’ में मुख्य भाषण दे रहे थे। दो दिवसीय संगोष्ठी में सेवारत सैन्य पेशेवरों को रणनीतिक संवाद के अग्रभाग में लाया जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 27 अगस्त को दूसरे और अंतिम दिन पूर्ण सत्र को संबोधित करेंगे। इस दौरान कुछ संयुक्त सिद्धांत और प्रौद्योगिकी परिप्रेक्ष्य एवं क्षमता रोडमैप भी जारी किए जाएंगे। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और एकीकृत लॉजिस्टिक को आगामी युद्धों में विजयी होने की कुंजी बताते हुए सीडीएस ने दोहराया कि 'संयुक्तता' भारत के परिवर्तन का आधार है।   उन्होंने संयुक्त प्रशिक्षण को संस्थागत बनाने और परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर और क्वांटम जैसी निरंतर विकसित हो रही तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। मजबूत नागरिक सैन्य एकीकरण के लिए सीडीएस ने भविष्य के युद्धों में विजय प्राप्त करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में क्षमताओं के विकास पर जोर दिया। भविष्य के युद्धों में विजय प्राप्त करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में क्षमताओं का विकास आवश्यक है।   जनरल चौहान ने कौटिल्य का हवाला देते हुए कहा कि भारत प्राचीन काल से ही विचारों और ज्ञान का स्रोत रहा है। युद्ध, नेतृत्व, प्रेरणा, मनोबल और तकनीक के विभिन्न आयामों पर गंभीर शोध किए जाने की आवश्यकता है। भारत को सशक्त, सुरक्षित, आत्मनिर्भर और विकसित बनना होगा और यह तभी संभव है, जब सभी हितधारक भविष्य के लिए तैयार सेनाओं के निर्माण में सामूहिक रूप से भाग लें। सीडीएस ने बताया कि रण संवाद का उद्देश्य वास्तविक अभ्यासकर्ताओं के लिए एक मंच तैयार करना है, ताकि एक ऐसा वातावरण तैयार किया जा सके, जहां नए विचारों के बीच सामंजस्य और सद्भाव, सैन्य-कर्मियों के अनुभव के साथ सह अस्तित्व में रह सके।

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नई दिल्ली । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने का नोटिफिकेशन जारी किए जाने का असर आज घरेलू शेयर बाजार पर भी साफ-साफ नजर आया। आज के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांक बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए। आज के कारोबार की शुरुआत भी कमजोरी के साथ हुई थी। बाजार खुलने के तुरंत बाद मामूली खरीदारी भी हुई, लेकिन इसके बाद बिकवाली का दबाव बढ़ता चला गया, जिसकी वजह से दोनों सूचकांक जबरदस्त कमजोरी का शिकार हो गए। पूरे दिन के कारोबार के बाद सेंसेक्स 1.04 प्रतिशत और निफ्टी 1.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए। आज दिन भर के कारोबार के दौरान एफएमसीजी के अलावा शेष सभी सेक्टोरल इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। डिफेंस, पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज, रियल्टी और बैंकिंग सेक्टर में जम कर बिकवाली होती रही। इस बिकवाली के कारण निफ्टी का बैंक इंडेक्स 15 मई के बाद के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह फार्मास्यूटिकल, ऑयल एंड गैस और मेटल इंडेक्स भी 1.50 प्रतिशत से अधिक की कमजोरी के साथ बंद हुए। इसके अलावा आईटी, ऑटोमोबाइल, कैपिटल गुड्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल और टेक इंडेक्स भी कमजोरी के साथ बंद हुए। दूसरी ओर, एफएमसीजी इंडेक्स 0.59 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ। ब्रॉडर मार्केट में भी आज लगातार बिकवाली होती रही, जिसके कारण बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 1.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। इसी तरह स्मॉलकैप इंडेक्स ने 1.68 प्रतिशत की कमजोरी के साथ आज के कारोबार का अंत किया। आज शेयर बाजार में आई कमजोरी के कारण स्टॉक मार्केट के निवेशकों की संपत्ति में तीन लाख करोड़ रुपये से भी अधिक की कमी हो गई। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन आज के कारोबार के बाद घट कर 451.63 लाख करोड़ रुपये (अनंतिम) हो गया। जबकि पिछले कारोबारी दिन यानी सोमवार को इनका मार्केट कैपिटलाइजेशन 455.02 लाख करोड़ रुपये था। इस तरह निवेशकों को आज के कारोबार से करीब 3.39 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो गया। आज दिन भर के कारोबार में बीएसई में 4,241 शेयरों में एक्टिव ट्रेडिंग हुई। इनमें 1,219 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 2,885 शेयरों में गिरावट का रुख रहा, वहीं 137 शेयर बिना किसी उतार चढ़ाव के बंद हुए। एनएसई में आज 2,767 शेयरों में एक्टिव ट्रेडिंग हुई। इनमें से 610 शेयर मुनाफा कमा कर हरे निशान में और 2,157 शेयर नुकसान उठा कर लाल निशान में बंद हुए। इसी तरह सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से 5 शेयर बढ़त के साथ और 25 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। जबकि निफ्टी में शामिल 50 शेयरों में से 8 शेयर हरे निशान में और 42 शेयर लाल निशान में बंद हुए।बीएसई का सेंसेक्स आज 258.52 अंक की कमजोरी के साथ 81,377.39 अंक के स्तर पर खुला।   कारोबार की शुरुआत होने के बाद पहले मिनट में ही खरीदारी के सपोर्ट से ये सूचकांक उछल कर 81,450.28 अंक तक पहुंचा, लेकिन इसके बाद बाजार पर पूरी तरह से बिकवालों का कब्जा हो गया। दोपहर 11 बजे के बाद खरीदारों ने लिवाली का जोर बनाकर बाजार को सहारा देने की कोशिश भी की, लेकिन दोपहर 2 बजे के बाद बिकवाली का दबाव और बढ़ गया, जिससे ये सूचकांक 949.93 अंक टूट कर 80,685.98 अंक तक गिर गया। आखिरी वक्त में इंट्रा-डे सेटलमेंट की वजह से हुई मामूली खरीदारी के कारण सेंसेक्स निचले स्तर से करीब 100 अंक की रिकवरी करके 849.37 अंक की गिरावट के साथ 80,786.54 अंक के स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स की तरह ही एनएसई के निफ्टी ने आज 68.25 अंक फिसल कर 24,899.50 अंक के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। बाजार खुलते ही खरीदारी के सपोर्ट से ये सूचकांक उछल कर 24,919.65 अंक तक पहुंचा, लेकिन इसके बाद बिकवाली का चौतरफा दबाव बन जाने के कारण इस सूचकांक की चाल में जोरदार गिरावट आ गई। लगातार हो रही बिकवाली के दौरान खरीदार कई बार लिवाली की कोशिश भी करते रहे, लेकिन बिकवाली का दबाव इतना अधिक था कि खरीदारों की कोई भी कोशिश सफल नहीं हो सकी। लगातार हो रही बिकवाली की वजह से आज का कारोबार खत्म होने के थोड़ी देर पहले ये सूचकांक 278.15 अंक लुढ़क कर 24,689.60 अंक तक गिर गया। हालांकि आखिरी वक्त में दिन के सौदों के निपटारे के कारण हुई मामूली खरीदारी के सपोर्ट से निफ्टी निचले स्तर से 20 अंक से अधिक की रिकवरी करके 255.70 अंक की कमजोरी के साथ 24,712.05 अंक के स्तर पर बंद हुआ। आज दिन भर हुई खरीद बिक्री के बाद स्टॉक मार्केट के दिग्गज शेयरों में से आयशर मोटर्स 2.68 प्रतिशत, हिंदुस्तान यूनिलीवर 2.32 प्रतिशत, मारुति सुजुकी 1.81 प्रतिशत, आईटीसी 1 प्रतिशत और नेस्ले 0.80 प्रतिशत की मजबूती के साथ आज के टॉप 5 गेनर्स की सूची में शामिल हुए। दूसरी ओर, श्रीराम फाइनेंस 4.21 प्रतिशत, सन फार्मास्युटिकल्स 3.40 प्रतिशत, टाटा स्टील 2.88 प्रतिशत, बजाज फाइनेंस 2.73 प्रतिशत और ट्रेंट लिमिटेड 2.36 प्रतिशत की कमजोरी के साथ आज के टॉप 5 लूजर्स की सूची में शामिल हुए।

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  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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लखनऊ। एक्सिओम मिशन 4 के मिशन पायलट के रूप में इंटरनेशनल स्पेस सेंटर पर तिरंगा फहराने वाले ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का सोमवार को लखनऊ पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। एयरपोर्ट से लेकर गोमतीनगर विस्तार मेें स्थित सिटी मांटेसरी स्कूल (सीएमएस) तक रोड शो निकाला गया।   चौधरी चरण सिंह अन्तरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे और उनके समर्थक मौजूद रहे। एयरपोर्ट के बाहर सड़क की दोनों ओर छात्र छात्राएं हाथों में तिरंगा लिये शुभांशु के स्वागत में खड़े थे। बारिश के बावजूद छात्रों के उत्साह में कोई कमी नहीं ​थी।     गोमतीनगर विस्तार स्थित सीएमएस में शुभांशु ने छात्रों में जोश भरते हुए कहा कि आज मेरे लिए बहुत डिफरेंट फीलिंग है। आप सबने जो कुछ किया उसके लिए आभार। उन्होंने कहा कि मैं उतना टैलेंटेड नहीं हूं, जितना आप लोग हो। आप लोग भी भविष्य में बहुत तरक्की करोगे। शुभांशु ने कहा कि मैं पिछले एक साल से काम कर रहा था। सही समय पर सही अपॉर्च्युनिटी मिली। किसी ने नहीं पूछा की स्टेशन पर क्या किया। सबने पूछा आप एस्ट्रोनॉट कैसे बने। मैं बहुत खुश हूं, मुझे बहुत सप्राइज मिले। लखनऊ मेरा घर है यहां आकर बहुत खुशी मिली। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पत्रकारों से कहा कि अंतरिक्ष यात्री एवं हमारे देश की शान शुभांशु शुक्ला का स्वागत करते हुए गर्व का अनुभव कर रहा हूं। उत्तर प्रदेश के लिए आज अतिविशेष और महत्वपूर्ण दिन है। आज की युवा पीढ़ी और देश की आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव एक प्रेरणास्रोत हैं। दुनियाभर में निवासरत भारतीयों को गौरवान्वित करने के लिए शुभांशु का बहुत बहुत अभिनन्दन। अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के स्वागत में लखनऊ नगर निगम की ओर से शहर में कई तोरणद्वार बनवाये गये हैं। लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में नागरिक अभिनंदन भी किया जाएगा।  

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फिजी के अपने समकक्ष सिटिवेनी राबुका के साथ सोमवार को यहां बैठक के बाद कहा कि दोनों देशों के बीच भले ही महासागरों की दूरी हो, लेकिन हमारी आकांक्षाएं एक ही नाव पर सवार हैं।   भारत और फिजी के बीच यहां के हैदराबाद हाउस में हुई बैठक के दौरान 8 समझौते हुए और 17 घोषणाएं की गईं। दोनों देशों ने स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, साइबर सुरक्षा, मानकीकरण और रक्षा सहयोग से जुड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इसमें फिजी में सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना, दवाओं की आपूर्ति, कौशल विकास तथा त्वरित प्रभाव परियोजनाओं को लागू करने में सहयोग महत्वपूर्ण हैं। दोनों देशों ने मानव संसाधन क्षमता निर्माण, तकनीकी सहयोग और गतिशीलता बढ़ाने के लिए भी करार किए।   घोषणाओं में भारतीय नौसेना का फिजी दौरा, रक्षा अटैची की नियुक्ति, एंबुलेंस और चिकित्सा सेवाओं का उपहार, साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना और कृषि क्षेत्र में ड्रोन व मोबाइल सॉयल टेस्टिंग लैब्स की आपूर्ति शामिल है। धार्मिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक सहयोग के तहत हिंदी-संस्कृत अध्यापक, पंडितों का प्रशिक्षण, जयपुर फुट कैंप और क्रिकेट कोच की नियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा, ‘हील इन इंडिया’ कार्यक्रम के अंतर्गत विशेष चिकित्सा सुविधा प्रदान होगी तथा भारतीय ‘घी’ को फिजी के बाजार में प्रवेश मिलेगा।   विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पोस्ट में बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और फिजी के प्रधानमंत्री राबुका ने आज हैदराबाद हाउस में व्यापक और उपयोगी बातचीत की। इस दौरान रक्षा, व्यापार, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, गतिशीलता, लोगों के बीच आपसी संबंधों और एक सुदृढ़ एवं समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में भारत और फिजी के संबंधों को मज़बूत करने पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने स्वास्थ्य सेवा, क्षमता निर्माण, गतिशीलता, मानकीकरण, आईसीईटी और व्यावसायिक सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया।   प्रधानमंत्री मोदी ने आईपीओआई फोरम में सदस्य देश के रूप में फिजी का स्वागत भी किया। फिजी के प्रधानमंत्री राबुका 24 से 26 अगस्त तक भारत के आधिकारिक दौरे पर हैं। आज उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ आपसी सहयोग पर व्यापक चर्चा की। दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाया और आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।   वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल साउथ की आवाज़ को मजबूत करने और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता तथा विकास को प्राथमिकता देने पर बल दिया। फिजी ने भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए समर्थन दोहराया। प्रधानमंत्री राबुका ने भारत की मेहमाननवाजी के लिए आभार व्यक्त किया।

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नई दिल्ली । उच्चतम न्यायालय ने अपने कॉमेडी शो में दिव्यांगों और गंभीर शारीरिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों का मजाक बनाने वाले समय रैना, विपुल गोयल, बलराज घई, सोनाली ठक्कर और निशांत तंवर को अपने यूट्यूब चैनल पर माफी मांगने का आदेश दिया है। जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने ये आदेश दिया। न्यायालय के निर्देश के मुताबिक सभी साेमवार काे पेश हुए। सोनाली ठक्कर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश हुईं। उच्चतम न्यायालय ने सरकार से सोशल मीडिया के लिए दिशा-निर्देश तैयार करने को कहा है ताकि अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार के साथ सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर की जवाबदेही भी सुनिश्चित की जा सके। न्यायालय ने कहा कि इस मामले से जुड़े सभी पक्षकारों से मशविरा कर ऐसी दिशा-निर्देश बनाई जाए जिनका मकसद सिर्फ एक ऐसी घटना से निपटना न होकर होकर भविष्य की जरूरतों के मुताबिक हो। याचिका क्योर एसएमए इंडिया फाउंडेशन ने दायर की है। याचिका में समय रैना द्वारा दिव्यांगों का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया गया है। याचिका में कहा गया है कि दिव्यांगों के अधिकारों का उल्लंघन करने वाले ऑनलाइन शो के कंटेंट के रेगुलेशन का दिशा-निर्देश जारी करना चाहिए। इसके पहले भी उच्चतम न्यायालय इंडिया गॉट टैलेंट शो को लेकर इस शो को होस्ट करने वाले रणबीर अलाहाबादिया को फटकार लगा चुका है। बाद में शो का नैतिक स्तर बनाये रखने की अंडरटेकिंग देने के बाद अलाहाबादिया को राहत मिली थी।

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अररिया । बिहार में जारी कांग्रेस की 'वोटर अधिकार यात्रा' रविवार को अररिया पहुंची। यहां लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और चुनाव आयोग को निशाने पर लिया। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में दलित, पिछड़ा, अति पिछड़ा और अल्पसंख्यको को साधने का प्रयास भी किया।   राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का काफिला रविवार को पूर्णिया से अररिया के जीरो माइल पहुंचा, जहां महागठबंधन दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। आयोजित सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश में दो विचारधाराएं चल रही हैं। एक संविधान के अनुरूप है, जबकि दूसरी भेदभाव वाली। भाजपा चाहती है कि दलित, पिछड़ा, अति पिछड़ा और अल्पसंख्यकों की आवाज दबी रहे।    राहुल गांधी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर और संविधान की किताब को दिखाते हुए कहा कि यह संविधान बचाने की लड़ाई है।  संविधान कहता है कि हिन्दुस्तान में प्रत्येक नागरिक को एक वोट मिलेगा। वह अंबानी का बेटा हो या किसी गरीब का बेटा। एक वोट देने का अधिकार संविधान ने हम सभी को दिया है। लेकिन महाराष्ट्र, हरियाणा और कर्नाटक में वोट चोरी किए। बिहार में भी मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर 65 लाख मतदाताओं के नाम काट दिए गए। जीवित लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। पर बिहार के लोग ऐसा होने नहीं देंगे। यहां एक भी वोट की चोरी नहीं होगी। राहुल गांधी ने कहा देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी बिहार में है। बिहार के गरीब लोग दूसरे प्रांतों में जाकर मेहनत मजदूरी करते हैं। बिहार में रोजगार नहीं मिलता है। बिहार के लोगों को, बिहार में ही रोजगार मिलना चाहिए। बिहार में बदलाव और तेजी से प्रगति होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार के किसानों का ऋण उनकी मृत्यु हो जाने के बाद भी माफ नहीं होता, लेकिन अरबपतियों का कर्जा माफ होता है।    उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने सारे रस्ते बंद कर दिए हैं। अग्निवीर के माध्यम से रास्ता खोला गया या बंद किया गया, यह युवा शक्ति समझ और जान सकते हैं। उन्होंने कहा कि पब्लिक सेक्टर को प्राइवेट सेक्टर में बदल दिया गया। आज देश का पूरा घन 10-15 लोगों के हाथों में है। अब लोगों के हक और अधिकार को चुराने में लगे हैं। गरीब, पिछड़ों, अति पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की आवाज को अनसुना किया जा रहा है।    तेजस्वी यादव ने इस मौके पर कहा कि केंद्र सरकार एसआईआर के माध्यम से वोट चोरी का अभियान चला रही है। केंद्र सरकार इतने दिनों से जुमला ही सुना रही हैं। हम पर केस कराया गया। हिम्मत है तो देश के हर थाने में केस दर्ज करा दें। हम बिहारी डरते नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बिहार और बिहारियों का अस्तित्व नहीं मिटने देंगे।   अररिया पहुंची यात्रा में पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव, विकासशील इन्सान पार्टी (बाईपी) के अध्यक्ष मुकेश सहनी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, कांग्रेस विधायक डॉ. शकील अहमद खान समेत बड़ी संख्या में मागठबंधन के नेता और कार्यकर्ता शामिल थे।

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उज्जैन । महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने गर्भगृह के द्वार से भगवान महाकाल की पूजा-अर्चना की और मंदिर के नंदी हॉल में बैठकर ध्यान किया। इस दौरान उन्होंने अपने राज्य के नागरिकों की सभी सुख-समृद्धि की कामना की।   उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे रविवार सुबह उज्जैन पहुंचे। यहां उन्होंने श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन कर पूजन-अर्चन किया। मंदिर के पुजारियों ने मंत्रोच्चार के साथ पूजन कराया। शिंदे ने सभामंडप में विराजित भगवान वीरभद्र के भी दर्शन किए। मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक आशीष कलवाड़िया ने उन्हें प्रसाद भेंट किया और दुपट्टा ओढ़ाकर स्वागत किया।   इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि भगवान महाकाल के दर्शन करने के बाद बहुत ही आनंद प्राप्त हुआ है। यहां पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और भगवान का आशीर्वाद लेकर खुशी-खुशी अपने घर लौटते हैं। यहां पर आने पर एक ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है, यहां पर आने के बाद एक सेवाभाव हर कोई लेकर जाता है। आज हमारे सभी लोगों ने भगवान महाकाल के दर्शन किए।   शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र की धरती से आज हम महाकाल मंदिर आए हैं। महाराष्ट्र के किसान, बहू-बेटियों और जनता को भगवान महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त हो। सभी सुखी-समृद्ध और आनंदित हो जाए। महाराष्ट्र भी फले-फूले और समृद्ध हो जाए। महाराष्ट्र का गौरव बढ़े, विकास बढ़े। सभी लोगों के जीवन में सुख, आनंद और खुशियां आए। भगवान महाकाल से यह प्रार्थना हमने की है।   उन्होंने कहा कि भगवान महाकाल तो स्वयं से सब जानते हैं। भगवान महाकाल से यह भी प्रार्थना की है कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी उनका आशीर्वाद मिलता रहे। वह हमारे देश का ऐसे ही गौरव बढ़ाते रहें। वह देश को दुनिया में आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। देश भी सुख-समद्ध हो और देश के सभी लोगों को भगवान महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त हो।

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जबलपुर । केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को जबलपुर में मध्य प्रदेश के सबसे लंबे फ्लाईओवर का लोकार्पण किया। यह फ्लाईओवर 1150 करोड़ रुपये की लागत से बना है। सात किलोमीटर लंबे इस फ्लाईओवर का नाम वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर रखा गया है। इस मौके पर 4250 करोड़ से अधिक लागत की 174 किलोमीटर लंबी नौ सड़क परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया गया।   केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राकेश सिंह जब सांसद थे, तब उन्होंने इस ब्रिज की मांग की थी। सीआरएस का फंड काफी कम रहता है। उसे कम या ज्यादा नहीं कर सकते। मैं जबलपुर आया था, तब बताया गया कि ये राष्ट्रीय राजमार्ग है। वापस गया, तो पता चला राष्ट्रीय राजमार्ग नहीं है। उस समय मप्र में कांग्रेस का शासन था। कमलनाथ मुख्यमंत्री थे। मैंने कमलनाथ से निवेदन किया, आप सीआरएफ में ये प्रपोजल भेज दो। इससे दोगुना पैसा मैं आपको राष्ट्रीय राजमार्ग में दूंगा। उन्होंने प्रपोजल भेज दिया। देश के इतिहास में पहली बार 1200 करोड़ का फ्लाईओवर सीआरएफ पर मंजूर हुआ। मैंने कमलनाथ से निवेदन किया कि सीआरएफ में प्रपोजल भेज दो, मैं दो गुनी राशि दूंगा। बहुत अच्छा फ्लाईओवर आज जनता को मिला है। जबलपुर की जनता का अभिनंदन। उन्होंने कहा कि जबलपुर और भोपाल के बीच एक नया ग्रीन फील्ड हाईवे बनेगा। यह 255 किलोमीटर लंबा होगा। दिसंबर तक डीपीआर मंजूर होगी।   लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को साकार करने में केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने वास्तुकार की भूमिका निभाई। देश में 70 साल में पहली बार ऐसी विकास की गंगा बही। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में निवेश के कीर्तिमान गढ़े जा रहे। देश में विजनरी नेतृत्व है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि यह दशक भारत के कायाकल्प का समय है। मप्र सक्सेस स्टोरी लिख रहा है। वीरांगना रानी दुर्गावती फ्लाईओवर का लोकार्पण होने जा रहा है। यह जबलपुर के भविष्य को बदलने वाला है। यह जबलपुर को उन्नत महानगर के रूप में प्रस्तुत कर रही। ये जबलपुर के भविष्य को बदलने वाला ब्रिज है। इसे बनाने की कितनी बाधाएं आईं आप कल्पना नहीं कर सकते।   उन्होंने कहा कि महाकौशल के माथे पर जबलपुर को ताज की तरह सजा दिया। 117 किमी की सबसे बड़ी रिंग रोड मिली। जिसकी लागत 4000 करोड़ है। बिलासपुर तक नेशनल हाईवे मांगा, गडकरी ने उसकी भी घोषणा कर दी। केबल कार भी दी। दोनों में डीपीआर का काम चल रहा। रिंग रोड पर दो लॉजिस्टिक पार्क की घोषणा की। आईकोनिक ब्रिज की भी घोषणा की। जबलपुर में हवाई जहाज जैसी सुविधाओं वाली बसें दीं, अब मेट्रो की जरूरत नहीं। मप्र में टाइगर सर्किल भी बनना चाहिए। केंद्रीय मंत्री टाइगर एक्सप्रेस वे की घोषणा करें।   कार्यक्रम में जबलपुर सांसद आशीष दुबे ने बांधवगढ़ के लिए जबलपुर से एक सीधी रोड का प्रस्ताव नितिन गडकरी के सामने रखा। लोकार्पण कार्यक्रम उपरांत केंद्रीय मंत्री दो हजार करोड़ से ज्यादा लागत वाली सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया। इसमें 605 करोड़ का रिंग रोड का पाचवां हिस्सा शामिल है। वहीं 230 करोड़ की लागत से रीवा-लखनादौन राष्ट्रीय राजमार्ग पर अंडरपास और ओवरब्रिज निर्माण का कार्य होगा।   कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, जबलपुर सांसद सहित विधायक व अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि बेहद कम समय में भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और अब नए कीर्तिमान स्थापित करना भारतीय वैज्ञानिकों का स्वभाव बन गया है। राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर एक वीडियो संदेश में उन्होंने अंतरिक्ष यात्रियों के पूल सहित अंतरिक्ष कार्यक्रम से जुड़ी कई भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी।   उन्होंने कहा कि एक समय भविष्य के अंतरिक्ष क्षेत्र को अनेक पाबंदियों में बांध दिया गया था। हमने इन बेड़ियों को खोलने का कम किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर देश के युवाओं वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष क्षेत्र में कार्यरत स्टार्टअप को बधाई दी। उन्होंने इस वर्ष के अंतरिक्ष दिवस के थीम "आर्यभट्ट से गगनयान तक" को आत्मविश्वास और भविष्य के संकल्प का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह दिवस अब युवाओं में उत्साह और आकर्षण का केंद्र बन चुका है और भारत के लिए गर्व का क्षण है।   उन्होंने उल्लेख किया कि दो वर्ष पूर्व भारत चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव पर पहुंचने वाला पहला देश बना था। साथ ही, शुभांशु शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर तिरंगा फहराकर हर भारतीय को गर्व से भर दिया। प्रधानमंत्री ने इसे अविस्मरणीय क्षण बताया।   प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज अंतरिक्ष क्षेत्र में बदलाव लाने वाली तकनीकों पर कार्य कर रहा है। इनमें सेमी क्रायोजेनिक इंजन और इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन जैसी प्रगतियां शामिल हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निकट भविष्य में भारत का गगनयान मिशन उड़ान भरेगा और देश का अपना अंतरिक्ष स्टेशन भी स्थापित होगा।   अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड ऑन एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स का भी उल्लेख किया, जिसमें 60 से अधिक देशों के 300 युवाओं ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की बढ़ती शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने निजी क्षेत्र की भागीदारी की चर्चा करते हुए कहा कि जल्द ही पहला प्राइवेट संचार सैटेलाइट लॉन्च होगा। साथ ही अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन की तैयारी भी जारी है।

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मुंबई । निजी क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के प्रवर्तक निदेशक अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। कथित बैंक धोखाधड़ी के से जुड़े मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार को आरकॉम के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए मुंबई स्थित उनके ठिकानों पर छापा मारा है।    आधिकारिक सूत्रों के अनुसार सीबीआई की टीमें मुंबई में आरकॉम और उसके प्रवर्तक निदेशक अनिल अंबानी से जुड़े परिसरों पर छापेमारी कर रही है। अनिल अंबानी पर आरोप है कि इस धोखाधड़ी से स्टेट बैंक ऑफ इंडि‍या (एसबीआई) को 2000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। हालांकि, आरकॉम की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस मामले में अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है।  इस पूरे मामले पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने पिछले माह लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था, “24 जून, 2025 को बैंक ने आरबीआई को धोखाधड़ी की सूचना दी थी। सीबीआई में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं।  सीबीआई से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अनिल अंबानी को कथित 17,000 करोड़ रुपये के कथित बैंक लोन धोखाधड़ी केस की जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए दिल्‍ली बुलाया था। ईडी ने आरकॉम के प्रमोटर अनिल अंबानी से जुड़ी व्यावसायिक संस्थाओं पर, रिलायंस समूह से जुड़ी 50 व्यावसायिक संस्थाओं और 25 व्यक्तियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी।   

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  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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नई दिल्ली । उच्चतम न्यायालय की तीन सदस्यीय बेंच ने आवारा कुत्तों के मामले पर दो जजों की बेंच के आदेश में बदलाव करते हुए कहा है कि दिल्ली में आवारा कुत्तों को शेल्टर होम से तभी छोड़ा जाएगा जब उन्हें टीका (इम्युनाइजेशन) लग जाएगा और बधियाकरण हो जाएगा। जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि शेल्टर होम से आवारा कुत्तों को छोड़ने पर लगी रोक को इस बदलाव के साथ हटाया जा रहा है।उच्चतम न्यायालय ने साफ किया कि जो कुत्ते आक्रामक स्वभाव के हैं और उन्हें रेबीज की बीमारी है उन्हें शेल्टर होम से नहीं छोड़ा जाएगा। न्यायालय ने कहा कि सड़कों पर आवारा कुत्तों को खाना नहीं खिलाया जा सकता है। आवारा कुत्तों को खिलाने के लिए जगह नगर निगम की ओर से तय किया जाए। न्यायालय ने कहा कि वो इस मसले पर विस्तृत सुनवाई करेगा और पूरे देश के लिए एक नीति तैयार करेगा।न्यायालय ने 14 अगस्त को फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसके पहले 11 अगस्त को जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच ने दिल्ली-एनसीआर की सड़कों और गलियों को आवारा कुत्तों से मुक्त कराने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए थे। जस्टिस पारदीवाला की बेंच ने दिल्ली सरकार, दिल्ली नगर निगम और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद समेत एनसीआर में संबंधित प्राधिकार को निर्देश दिया था कि वो शहर को, गलियों को आवारा कुत्तों से मुक्त करें। जस्टिस पारदीवाला की बेंच ने कहा था कि सभी स्थानों से आवारा कुत्तों को उठाया जाए। इन आवारा कुत्तों को डॉग शेल्टर होम में रखा जाए। जस्टिस पारदीवाला के इस फैसले का पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने काफी विरोध किया था। इसके बाद चीफ जस्टिस के निर्देश पर उच्चतम न्यायालय की तीन सदस्यीय बेंच ने 14 अगस्त को सुनवाई की थी।  

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नई दिल्ली । भारतीय मूल के दिग्गज ब्रिटिश उद्योगपति लॉर्ड स्वराज पॉल (94 वर्ष) का गुरुवार शाम (स्थानीय समयानुसार) लंदन के एक अस्पताल में निधन हो गया। हाल ही में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां पारिवारिक सदस्यों की मौजूदगी में आखिरी सांसें लीं।   लॉर्ड स्वराज पॉल के निधन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए एक्स पर लिखा- श्री स्वराज पॉल जी के निधन से अत्यंत दुःखी हूँ। ब्रिटेन में उद्योग, परोपकार और जनसेवा में उनके योगदान और भारत के साथ घनिष्ठ संबंधों के लिए उनके अटूट समर्थन को सदैव याद रखा जाएगा।उनके साथ हुई कई मुलाकातें याद आती हैं। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना।   18 फरवरी 1931 को पंजाब के जालंधर में पैदा हुए लॉर्ड स्वराज पॉल ब्रिटेन स्थित कैपारो ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के संस्थापक थे। 60 के दशक में वे अपनी छोटी बेटी अंबिका के कैंसर के इलाज के लिए ब्रिटेन गए थे लेकिन 4 वर्षीय बेटी की मृत्यु के बाद उन्होंने एक धर्मार्थ ट्रस्ट के रूप में अंबिका पॉल फाउंडेशन की स्थापना की। इस संस्था ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपनी पहल के माध्यम से दुनिया भर के बच्चों और युवाओं के कल्याण के लिए लाखों डॉलर दान किए।  लॉर्ड पॉल संडे टाइम्स रिच लिस्ट में नियमित रूप से शामिल होते रहे हैं। इस साल उनकी संपत्ति लगभग 2 बिलियन पाउंड (जीबीपी) आंकी गई और उन्हें 81वें स्थान पर रखा गया।  

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज बिहार के गयाजी में राजनीतिक रैली को संबोधित किया। इसमें उन्होंने राज्य के सीमावर्ती इलाकों में बदल रही जनसांख्यिकी का मुद्दा उठाया और इस संबंध में कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और वाम दलों पर वोटबैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह दल बिहार के लोगों का अधिकार घुसपैठियों को देना चाहते हैं। हम, घुसपैठियों को लोगों के अधिकारों पर डाका डालने नहीं देंगे। प्रधानमंत्री ने बिहार के गयाजी से 13 हजार करोड़ रूपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मंच पर उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री ने इस दौरान लाल किले के अपने भाषण में घुसपैठ की समस्या के समाधान के लिए बनाए जा रहे डेमोग्राफिक मिशन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से चुन-चुनकर सभी घुसपैठियों को देश से बाहर निकाला जाएगा। हम घुसपैठियों को लोगों के अधिकारों पर डाका डालने नहीं देंगे।  प्रधानमंत्री ने संसद में पेश संविधान संशोधन विधेयक का उल्लेख कर कहा कि अब भ्रष्टाचार करने वाला जेल भी जाएगा और उसकी कुर्सी भी जाएगी। इससे जमानत पर बाहर घूमने वाले नेता चिंतित है और उनके दल इसका विरोध कर रहे हैं।  उन्होंने कहा, “एनडीए सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ एक ऐसा कानून लाई है, जिसके दायरे में देश का प्रधानमंत्री भी आता है। इस कानून में मुख्यमंत्री और मंत्री भी शामिल किए गए हैं। इस कानून के बनने के बाद अगर कोई मुख्यमंत्री, मंत्री या प्रधानमंत्री गिरफ्तार होता है तो उसे 30 दिन के भीतर जमानत लेनी होगी और अगर जमानत नहीं मिली तो 31वें दिन उसे कुर्सी छोड़नी पड़ेगी।” उन्होंने कहा कि संविधान हमसे ईमानदारी और पादर्शिता की मांग करता है। हम इसे तार-तार होते नहीं देख सकते। पिछले 11 वर्षों की सरकार में एक भी भ्रष्टाचार का मामला सामने नहीं आया है। जबकि आज़ादी के बाद कांग्रेस की सरकारें जो 60–65 साल तक सत्ता में रहीं, उनके भ्रष्टाचारों की एक लंबी सूची है। विधेयक का विरोध कर रही कांग्रेस, लेफ्ट और राजद पर निशाना साधते हुए उन्होंने पूछा कि इनके नेताओं के ऐसे रवैये से भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई कैसे मजबूत होगी। 50 घंटे जेल में रहने पर एक अफसर सेवा से स्वत: निलंबित हो जाता है लेकिन मंत्री जेल में बैठकर फाइलें साइन करते हैं।ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार की धरती पर लिया गया हर संकल्प कभी खाली नहीं जाता। इसी धरती से लिया संकल्प पूरा हुआ और ऑपरेशन सिंदूर ने देश की रक्षा नीति में एक नई लकीर खींच दी। अब कोई भी आतंक फैलाकर बच नहीं सकता। प्रधानमंत्री ने कहा कि एनडीए के शासनकाल में बिहार में चौतरफा विकास हो रहा है। वहीं लालटेन (राजद का चुनाव चिह्न) के राज में बिहार लाल आतंक से घिरा था। इसी के कारण पीढ़ियों को बिहार से पलायन करने को मजबूर होना पड़ा। यही कारण था कि कांग्रेस के एक मुख्यमंत्री ने कहा था कि हम बिहार के लोगों को अपने यहां घुसने नहीं देंगे। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत रोजगार योजना का उल्लेख किया और कहा कि इसे बिहार के युवाओं को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि योजना के तहत हमारे युवा जब निजी क्षेत्र में पहली नौकरी करेंगे, तब केंद्र सरकार उन्हें अपने पास से 15,000 रुपये देगी। उन्हें रोजगार देने वाली निजी कंपनियों को भी सरकार प्रोत्साहन देगी। इसका बहुत बड़ा लाभ बिहार के युवाओं को भी होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि गयाजी की पावन भूमि से एक ही दिन में 12 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। इसमें ऊर्जा, स्वास्थ्य और शहरी विकास से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट हैं। इनसे बिहार के उद्योगों को ताकत मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। उन्होंने पीएम आवास योजना का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने एक बड़ा संकल्प लिया है। जब तक हर जरूरतमंद को पक्का घर नहीं मिल जाता, मोदी चैन से नहीं बैठेगा। इसी सोच के साथ बीते 11 साल में 4 करोड़ से अधिक गरीबों को पक्के घर बनाकर दिए जा चुके हैं।

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नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमले के बाद उनकी सुरक्षा को और कड़ी करते हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है। मुख्यमंत्री की सुरक्षा में अब दिल्ली पुलिस के साथ-साथ सीआरपीएफ के जवान भी तैनात रहेंगे। यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों ने दी है।इसी बीच दिल्ली के सातों भाजपा सांसदों- रामवीर सिंह बिधूड़ी, बांसुरी स्वराज, हर्ष मल्होत्रा, मनोज तिवारी, प्रवीण खंडेलवाल, कमलजीत सहरावत और योगेंद्र चंदेलिया ने आज मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से उनके आवास पर जाकर उनका कुशलक्षेम पूछा। यह जानकारी सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी एक एक्स पोस्ट में दी। सांसदों ने कहा कि पिछले छह महीनों में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा किए जा रहे बड़े—बड़े कार्यों से जहां वह जनता में विकास की देवी के रूप में प्रतिष्ठा प्राप्त कर रही हैं, वहीं कुछ लोगों को जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं हल करने का अंदाज रास नहीं आ रहा। सातों सांसदों ने रेखा गुप्ता के बुलंद हौसलों और विकास के रास्ते पर चलने के अडिग इरादे की प्रशंसा की।सांसदों ने मुख्यमंत्री के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ करके जनता के बीच आने की कामना की। रेखा गुप्ता ने भी कहा कि ऐसे हमले उनके दृढ़ विश्वास और दिल्ली के विकास के जुनून को कम नहीं कर सकते। मुख्यमंत्री पर हमले के आरोपित राजेश भाई खिमजी भाई सकरिया को तीस हजारी कोर्ट ने बुधवार रात पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है।

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नई दिल्ली । भारतीय अंतरिक्ष यात्री और एक्सिओम 4 मिशन से लौटे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने गुरुवार को कहा कि अंतरिक्ष से भारत सारे जहां से अच्छा दिखता है।  शुभांशु शुक्ला ने राष्ट्रीय मीडिया सेंटर में पत्रकार वार्ता में एक्सिओम-4 मिशन की शुरुआत से लेकर उसके सफल समापन तक के अपने सफ़र के बारे में बताया। इस दौरान केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह और इसरो के अधिकारी भी मौजूद रहे।  शुक्ला ने कहा कि चाहे कोई कितनी भी ट्रेनिंग क्यों न ली हो, उसके बाद भी जब आप रॉकेट में बैठते हैं और इंजन के शुरू होते ही एक बहुत ही अलग एहसास होता है। उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता है। यह अनुभव अविश्वसनीय, सफर रोमांचक और अद्भुत था। उन्होंने सरकार, इसरो, वैज्ञानिकों और नागरिकों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस मिशन को संभव बनाया। अंतरिक्ष यात्री शुक्ला ने कहा कि यह मिशन भारत की वैज्ञानिक क्षमता और वैश्विक अंतरिक्ष सहयोग का एक सशक्त प्रमाण है। अंतरिक्ष में बिताए गए हर पल ने न केवल तकनीकी उत्कृष्टता का अनुभव कराया, बल्कि मानवता के लिए नई संभावनाओं के द्वार भी खोले।

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नई दिल्ली । लोकसभा की कार्यवाही शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गयी। इस सत्र में 14 विधेयक प्रस्तुत किए गए और 12 विधेयक पारित हुए। विपक्ष के बिहार में मतदाता सूची अपडेट की प्रक्रिया और अन्य मुद्दों पर हंगामा के चलते कार्यवाही प्रभावित रही। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सत्र के समापन पर सदन में हुए कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नियोजित व्यवधानों के कारण 120 घंटे की तय चर्चा में से केवल 37 घंटे ही चर्चा संभव हो पाई। सत्र 21 जुलाई को प्रारंभ हुआ था और आज इसकी समाप्ति की घोषणा की जा रही है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी सदन में उपस्थित रहे।  बिरला ने बताया कि सदन में 28-29 जुलाई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर विशेष चर्चा हुई, जिसका समापन प्रधानमंत्री के जवाब से हुआ। इसके अलावा 18 अगस्त को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम पर विशेष चर्चा आयोजित की गयी। इस सत्र में 419 तारांकित प्रश्न पूछे जाने के लिए सूचीबद्ध किए गए थे। किंतु लगातार व्यवधानों के कारण केवल 55 प्रश्नों के ही मौखिक उत्तर दिए जा सके। उन्होंने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि प्रारंभ में तय हुए 120 घंटे की चर्चा के स्थान पर मात्र 37 घंटे की ही कार्यवाही हो पाई। उन्होंने कहा कि संसद जनता की अपेक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है। इसलिए सदन में मर्यादित भाषा और आचरण बनाए रखना आवश्यक है। नारेबाज़ी, तख्तियां दिखाना और नियोजित गतिरोध संसदीय परंपराओं और गरिमा के अनुरूप नहीं हैं। असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, परंतु उसे शालीनता और गरिमा के साथ व्यक्त किया जाना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दलों और सभी सदस्यों से आग्रह किया कि वे आत्ममंथन करें और संसद को जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप सार्थक चर्चा का मंच बनाएं।

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अहमदाबाद । गुजरात के अहमदाबाद में एक स्कूली बच्चे की हत्या से नाराज परिजनों ने स्कूल पहुंचकर प्रिंसिपल समेत स्टाफ के साथ मारपीट की और स्कूल में तोड़फोड़ की। परिजनों ने सड़क जाम किया और आरोपित छात्र के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।पुलिस ने नाबालिग होने का कारण मृतक और आरोपित छात्र के नाम का खुलासा नहीं किया है।पुलिस के आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।   दरअसल, बीते कल यानी 19 अगस्त को अहमदाबाद के खोखरा इलाके के एक स्कूल में हाथापाई जैसी मामूली घटना में आठवीं कक्षा के एक छात्र ने दसवीं कक्षा के एक छात्र को चाकू मार दिया था। आज सुबह मणिनगर के एक निजी अस्पताल में घायल छात्र की मौत हो गई।     खोखरा पुलिस थाने के अधिकारियों ने बताया कि कुछ दिन पहले इन दोनों छात्रों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। इसी पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए आरोपी मंगलवार को चाकू छिपाकर लाया था। स्कूल की छुट्टी होते ही उसने 10वीं के छात्र पर हमला कर दिया। छात्र के पेट में गंभीर घाव हो गए थे। उसे मणिनगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। लेकिन ज्यादा खून बह जाने के कारण उसकी मौत हो गयी।     इधर, मृतक बच्चे के नाराज परिजन लगभग 2000 लोगों के साथ बुधवार सुबह 11 बजे स्कूल में जमा हो गए और जो भी उनके सामने आया, उसे पीटने लगे। उन्होंने पार्किंग में खड़ी बसों, कारों और दोपहिया वाहनों में तोड़फोड़ की। बाद में वे एक कर्मचारी को पकड़कर ऊपरी मंजिल पर ले गए। उन्होंने स्कूल की इमारत के दरवाज़े तोड़ दिए, शीशे तोड़ दिए और अन्य संपत्तियों को भी काफी नुकसान पहुंचाया।   स्कूल में हालात बिगड़ता देख स्थानीय पुलिस मौके पर पहुची। लेकिन पुलिस भी भीड़ को काबू नहीं कर पाई। हालात इतने भयावह गए थे कि जब पुलिस कर्मचारियों को बचा रही थी, तब भी भीड़ उन्हें पीट रही थी और पुलिस की गाड़ी भी भीड़ ने पलट दी। बाद में गुस्साई भीड़ ने स्कूल के बाहर सड़क को भी जाम कर दिया। मृतक बच्चे के परिजनों के साथ बजरंग दल, विश्व हिन्दू परिषद और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ता भी स्कूल पहुंचे।     स्कूल के बाहर दो हज़ार से ज़्यादा लोग जमा हो गए और पुलिस हाय-हाय के नारे लगाने लगे। पुलिस ने लाठीचार्ज करके हालात पर काबू पाने की कोशिश की। हालात बिगड़ता देख मणिनगर के विधायक अमूल भट्ट, इलाके के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) बलदेव देसाई और सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) स्कूल पहुंचे और मामला शांत करवाने का प्रयास किया।    बहरहाल, मृतक छात्र की शवयात्रा घर से निकल चुकी है। शवयात्रा सेवेंथ डे स्कूल से निकलेगी और चूंकि स्कूल में पहले से ही बड़ी संख्या में लोग जमा हो चुके हैं, इसलिए क्राइम ब्रांच भी अलर्ट पर है। इसके साथ ही पूरे मामले की जांच अब अहमदाबाद क्राइम ब्रांच करेगी। नाबालिग आरोपी छात्र शाह आलम का रहने वाला है।

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नई दिल्ली । दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज अपने ऊपर हुए हमले को दिल्ली की सेवा और जनता की भलाई पर कायराना प्रयास बताया है। उन्होंने बुधवार को एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि आज सुबह जनसुनवाई के दौरान मेरे ऊपर हुआ हमला केवल मेरे ऊपर नहीं, बल्कि दिल्ली की सेवा और जनता की भलाई के हमारे संकल्प पर किया गया एक कायराना प्रयास है।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हमले के बाद मैं सदमे में रही, परंतु अब बेहतर महसूस कर रही हूं। मैं अपने सभी शुभचिंतकों से निवेदन करती हूं कि कृपया मुझसे मिलने के लिए परेशान न हों। मैं बहुत जल्द ही आपके बीच काम करती हुई दिखाई दूंगी।उन्होंने कहा कि ऐसे हमले मेरे हौसले और जनता की सेवा के संकल्प को कभी तोड़ नहीं सकते। अब मैं पहले से कहीं अधिक ऊर्जा और समर्पण के साथ आपके बीच रहूंगी। जनसुनवाई और जनता की समस्याओं का समाधान पहले की तरह ही गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगा। आपका विश्वास और समर्थन ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर बुधवार को जन सुनवाई के दौरान एक व्यक्ति ने हमला कर दिया। पुलिस ने आरोपित को हिरासत में ले लिया है। यह हमला राज निवास मार्ग स्थित जन सेवा केंद्र में हुआ। आरोपित की पहचान गुजरात के राजकोट निवासी राजेश भाई खिमजी भाई सकरिया के रूप में हुई है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि उस पर इससे पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। 

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नई दिल्ली। गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तार होने पर अब प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को पद से हटाया जा सकेगा। केंद्र सरकार इसके लिए कानून बनाने जा रही है। गृहमंत्री अमित शाह ने आज लोकसभा में इस संबंध में तीन विधेयक पेश किए। इसके मुताबिक, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्री 30 दिन तक हिरासत में रहते हैं तो उनको बर्खास्त कर दिया जाएगा। विपक्ष ने इसका विरोध करते हुए सदन में हंगामा किया। बाद में इन विधेयकों को आगे विचार के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजा गया। गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में तीन विधेयक- संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025; केंद्रशासित प्रदेशों की सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025 और जम्मू एवं कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 विचार के लिए रखे। विधेयक के प्रावधानों के अनुसार भ्रष्टाचार और अन्य गंभीर मामलों में जेल में बंद प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को 30 दिन के बाद पद से हटाया जा सकता है। हालांकि रिहा होने पर वे दोबारा पदभार ग्रहण कर सकते हैं। विधेयक के उद्देश्य में कहा गया है कि ऐसा नैतिक उत्तरादायित्व सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। संविधान संशोधन विधेयक के अलावा अन्य दो विधेयक केन्द्रशासित प्रदेशों और जम्मू-कश्मीर में इस तरह के प्रावधानों से जुड़े हैं। विधेयक पेश किए जाने का एआईएमआईएम के असद्दुदीन औवेसी, कांग्रेस के मनीष तिवारी, आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन, सपा के धर्मेन्द्र यादव और कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल ने विरोध किया। इन्होंने इसे संविधान के बुनियादी ढांचे, मूलभूत सिद्धांत, संसदीय लोकतंत्र के विरोध में बताया। इसी बीच विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा जिन्होंने गृहमंत्री की तरफ पेपर उछाले और इसके कारण कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी। कार्यवाही 3 बजे दोबारा शुरु होने पर गृहमंत्री ने तीनों विधेयक सदन की मंजूरी के बाद पेश किया। बाद में उन्होंने विधेयकों को संसद की संयुक्त समिति को भेजे जाने का प्रस्ताव किया। संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) में लोकसभा से 21 और राज्यसभा से 10 सदस्य होंगे। अमित शाह ने इस दौरान विपक्षी सदस्यों के आरोपों का जवाब भी दिया। उन्होंने कहा कि विधेयक नैतिकता के मूल्य बने रहें, इसलिए लाया गया है। उन्होंने कहा कि वे भी गुजरात में मंत्री रहने के दौरान जेल गए थे और उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया था। सभी आरोपों से मुक्त होने तक उन्होंने कोई संवैधानिक पद नहीं ग्रहण किया।

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नई दिल्ली । इंडी गठबंधन ने उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर मंगलवार को इंडी गठबंधन के घटक दलों की बैठक के बाद इसका औपचारिक ऐलान किया गया। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने इस अवसर पर कहा कि बी. सुदर्शन रेड्डी देश के सबसे प्रतिष्ठित और प्रगतिशील न्यायविदों में से एक हैं। उन्होंने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में न्यायाधीश, गौहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में लंबा और उत्कृष्ट कार्य किया है। खरगे ने कहा कि रेड्डी हमेशा सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के पक्षधर रहे हैं। वह एक साधारण परिवार से आते हैं और उनकी कई ऐतिहासिक न्यायिक टिप्पणियां गरीबों और वंचितों के पक्ष में रही हैं। उन्होंने संविधान और मौलिक अधिकारों की रक्षा में अहम भूमिका निभाई है। खरगे ने कहा कि यह उपराष्ट्रपति पद की लड़ाई एक वैचारिक संघर्ष है और इसी कारण इंडी गठबंधन ने सर्वसम्मति से रेड्डी को उम्मीदवार बनाया है। रेड्डी 21 अगस्त को नामांकन दाखिल करेंगे।

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नई दिल्ली । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को कहा कि भारत के कूटनीतिक प्रयास देश की घरेलू आवश्यकताओं और 2047 तक विकसित भारत बनने के लक्ष्य के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़े होने चाहिए। उन्होंने युवा अधिकारियों से आग्रह किया कि वे स्वयं को न केवल भारत के हितों के संरक्षक, बल्कि उसकी आत्मा के राजदूत के रूप में भी देखें। वह राष्ट्रपति भवन में भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के 2024 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित कर रही थीं।राष्ट्रपति ने प्रशिक्षु अधिकारियों को भारतीय विदेश सेवा में शामिल होने के लिए बधाई दी और कहा कि वे अपनी यात्रा शुरू करते हुए जहां भी जाएं, भारत के सभ्यतागत ज्ञान के मूल्यों- शांति, बहुलवाद, अहिंसा और संवाद को अपने आचरण में दर्शाएं। साथ ही उन्हें हर संस्कृति के विचारों, लोगों और दृष्टिकोणों के प्रति खुले रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिप्रेक्ष्य में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। भू-राजनीतिक परिस्थितियां, डिजिटल क्रांति, जलवायु परिवर्तन और बहुपक्षवाद की चुनौतियां सामने हैं। ऐसे समय में युवा अधिकारियों की चपलता और अनुकूलन क्षमता, भारत की सफलता की कुंजी होगी।राष्ट्रपति ने कहा कि भारत आज विश्व की प्रमुख चुनौतियों के समाधान का एक अनिवार्य हिस्सा है चाहे वह वैश्विक उत्तर और दक्षिण के बीच असमानता से उत्पन्न मुद्दो हों, सीमापार आतंकवाद का खतरा हो, या जलवायु परिवर्तन के प्रभाव हों। भारत न केवल दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, बल्कि एक निरंतर उभरती हुई आर्थिक शक्ति भी है। हमारी आवाज़ का महत्व है। राजनयिकों के रूप में भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी भारत का पहला चेहरा होंगे जिसे दुनिया उनके शब्दों, कार्यों और मूल्यों में देखेगी।राष्ट्रपति ने आज के समय में सांस्कृतिक कूटनीति के बढ़ते महत्व पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि योग, आयुर्वेद, मिलेट्स (मोटे अनाज) के साथ-साथ भारत की संगीत, कला, भाषा और आध्यात्मिक परंपराओं को दुनिया के सामने और अधिक रचनात्मक तथा प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया जाना चाहिए।

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नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) की यात्रा से लौटे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने सोमवार शाम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से उनके आवास लोक कल्याण मार्ग पर मुलाकात कर अपने अंतरिक्ष मिशन के अनुभवों की विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरिक्ष मिशन से जुड़ी कई उत्सुकताओं और स्पेस मिशन के लिए भारतीय आकांक्षाओं को लेकर बातचीत की। मंगलवार को प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर इस मुलाकात का वीडिया अपलोड किया है।प्रधानमंत्री मोदी और ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की बातचीत का ब्यौरा इस प्रकार है-     आप जब अंतरिक्ष में जाते हैं तो कैप्सूल में सीटिंग अरेजमेंट वैसा ही रहता है और पूरे 23-24 घंटे उसी स्थिति में निकालते हैं?   -हां सर, लेकिन एकबार जब आप अंतरिक्ष में पहुंच जाते हैं आप सीट खोल कर उसी कैप्सूल में आप मूव कर सकते हैं...इधर-उधर चीजें कर सकते हैं...   इतनी जगह है होती है उसमें?   -इतनी तो नहीं लेकिन थोड़ी बहुत है।   यानी फाइटर जेट कॉकपिट है उससे ज्यादा है?   -उससे तो अच्छा है लेकिन पहुंचने के बाद काफी कुछ चेंजेज होते हैं लेकिन चार ांच दिन में बॉडी नार्मल हो जाती है, फिर जब आप वापस आते हैं फिर वही दोबारा से चेंजेज... मतलब आप चल नहीं सकते वापस आते हैं चाहे कितने भी स्वस्थ हों ...मैं मुझे बुरा नहीं लग रहा था.. जब पहला कदम रखा तो गिर रहा था तब लोगों ने पकड़ रखा था... फिर दूसरा.. तीसरा ...हालांकि मालूम है कि चलना है लेकिन वो ब्रेन जो है वो उसको टाइम लगता है, वापस समझने में कि अच्छा अब ये नया वातावरण है..   यानी सिर्फ बॉडी का ट्रेनिंग नहीं है, माइंड का भी ट्रेनिंग है?   -माइंड का ट्रेनिंग है सब... बॉडी में ताकत है... मांसपेशियों में ताकत है... लेकिन ब्रेन की री वायरिंग होनी है उसे दोबारा से ये समझना है कि ये नया एन्वायरमेंट हैइसमें चलने के लिए इतनी ताकत लगेगी।   स्पेस स्टेशन पर सबसे ज्यादा समय कितना बिताने का है?   -इस समय सबसे ज्यादा समय 8 महीने का है ...इसी मिशन से शुरू हुआ है कि लोग 8 महीने तक रहेंगे।   मूग और मेथी का प्रयोग कैसा है?   -बहुत अच्छा है...फूड बहुत बड़ा चैलेंज से स्पेस मिशन पर... जगह कम है.... कम से कम जगह में ज्यादा से ज्यादा न्यूट्रीशन आपको पैक करने की हमेशा कोशिश रहती है और हर तरह से प्रयोग चल रहे हैं...और इनको उगाना बहुत सिंपल है... रिसोर्स नहीं चाहिए.. छोटी से जगह में छोड़ दीजिए... आठ दिनों में अंकुरित होना शुरू हो गए थे... मिशन में ये देखने को मिले... जैसे हमारे देश की विशेषज्ञता है ... जैसे ही हमें माइक्रो ग्रेविटी में पहुंचने का मौका मिला ये वहां पहुंच गए।   पहला कोई भारतीय आया... भारतीयों को देखकर उनके मन में क्या रहता है... क्या पूछते हैं, क्या बात करते हैं?   -मेरा पर्सनल अनुभव बहुत अच्छा रहा... जहां भी गया सभी लोग मिलकर बहुत खुश हुए... बात करनें उत्सुक थे... यह पूछने में कि आप लोग क्या कर रहे हैं...कैसे कर रहे हैं...सबसे बड़ी बात कि सबको मालूम था कि भारत स्पेस के क्षेत्र में क्या कर रहा है... मुझे ज्यादा तो कई लोग गगनयान के बारे में इतने एक्साइटेड थे कि मुझसे आकर पूछते थे कि आपका मिशन कब जा रहा है... मेरे ही क्रूू मेट जो मेरे ही साथ थे मुझसे साइन करवा कर मुझसे लिखकर ले गए कि जब भी आपका गगनयान जाएगा आपको भी इन्वाइट करेंगे लॉन्च के लिए। मुझे लगता है कि बहुत ज्यादा उत्साह है।   होमवर्क जो दिया था उसमें क्या प्रोग्रेस है -हां काफी प्रोग्रेस है... लोग हंसे थे कि प्रधानमंत्री ने आपको होमवर्क दिया है... बहुत जरूरी है। मुझे इस बात का आभास है... मैं गया ही इसलिए था। मिशन सफल रहा है लेकिन यह मिशन का अंत नहीं है, यह शुरुआत है। आपने भी बोला था कि यह पहला कदम है। इस पहले कदम का उद्देश्य ही यही था कि हम कितना कुछ सीख सकते हैं।   सबसे बड़ा काम होगा हमारे सामने कि अंतरिक्ष यात्रियों का एक पूल होना चाहिए हमारे पास... हमारे पास 40-50 लोग रेडी हों इस प्रकार का... अबतक तो शायद बहुत कम बच्चों के मन में होता होगा लेकिन आपकी सफलता के बाद शायद वह विश्वास भी बढ़ेगा आकर्षण भी बढ़ेगा   -जब मैं छोटा था तब राकेश शर्मा सर गए थे पर एस्ट्रोनॉट बनने का सपना कभी मन में नहीं आया क्योंकि हमारे पास कोई प्रोग्राम नहीं था ...लेकिन मैं जब इसबार गया स्टेशन में... तीन बार सामूहिक रूप से कार्यक्रमों में बच्चों से बातचीत की... तीनों कार्यक्रमों में बच्चे पूछते थे कि मैं कैसे एस्ट्रोनॉट बन सकता हूं। मैं समझता हूं कि यह अपने देश के लिए अपने आप में सफलता है... आज के भारत में उसको सपने देखने की जरूरत है क्योंकि उन्हें मालूम है कि यह मुमकिन है.. मौका है... ये मेरी जिम्मेदारी है कि मुझे मौका मिला कि मैं अपने देश को रिप्रजेंट कर पाया हूं और अब मेरी जिम्मेदारी है कि मैं ज्यादा-से-ज्यादा लोगों को यहां तक पहुंचाऊं।   स्पेस स्टेशन और गगनयान, अब ये हमारे बड़े मिशन हैं...उसमें आपका अनुभव बहुत काम आएगा।   -मुझे लगता है कि कहीं न कहीं हमारे लिए बहुत बड़ा मौका है , खासकर जिस तरह का कमिटमेंट हमारी सरकार... आपके द्वारा जो है स्पेस प्रोग्राम को हर साल बजट.... असफलताओं के बाद भी... चंद्रयान 2 सफल नहीं हुआ उसके बाद भी हमने कहा कि हम आगे बढ़ेंगे... चंद्रयान 3 सफल हुआ... ऐसी ही असफताओं के बाद भी इतना समर्थन... पूरी दुनिया देख रही है...तो कहीं न कहीं हमारी क्षमता भी है और स्थियां भी हैं और हम यहां पर नेतृत्वकर्ता का किरदार हासिल कर सकते हैं...    

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नई दिल्ली । इंडी गठबंधन के घटक दलों के नेताओं ने सोमवार को चुनाव आयोग पर सत्ता पक्ष के इशारे पर काम करने का आरोप लगाते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को असंवैधानिक और एकपक्षीय बताया।   मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा एक दिन पहले विपक्षी दलों पर “गलत सूचना फैलाने” के आरोप लगाए जाने के एक दिन बाद इंडी गठबंधन के नेताओं ने इसका जवाब देने के लिए संविधान क्लब में संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित किया। इस दौरान कांग्रेस, सपा, आम आदमी पार्टी, राजद, टीएमसी, डीएमके और सीपीएम के प्रमुख नेता मौजूद थे। इन सभी नेताओं ने चुनाव आयोग पर निष्पक्षता छोड़कर सत्ता पक्ष के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया।   लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने कहा कि वोट देने का अधिकार संविधान द्वारा दिया गया सबसे महत्वपूर्ण अधिकार है और यही लोकतंत्र की आत्मा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग विपक्ष के सवालों का जवाब देने से बच रहा है और जिम्मेदारी से भाग रहा है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के सामने चुनाव आयोग की दलीलें खारिज हो चुकी हैं, लेकिन आयोग ने अपनी प्रेस कांफ्रेंस में इन मुद्दों पर सफाई देने की बजाय विपक्षी दलों पर हमला किया।   सांसद गोगोई ने पूछा कि जब चुनाव महज तीन महीने दूर है तो एसआईआर जैसी प्रक्रिया को इतनी हड़बड़ी में क्यों लागू किया गया? बिहार के 65 लाख मतदाताओं के नाम क्यों हटाए गए और इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई? चुनाव आयोग क्यों नहीं बता पा रहा कि कौन से वोटर मृत घोषित किए गए और कितनों को आधार न होने के कारण हटाया गया?   सपा नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि चुनाव आयोग विपक्ष की शिकायतों पर कभी कार्रवाई नहीं करता। साल 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में जब अखिलेश यादव ने बड़े पैमाने पर वोट काटे जाने की शिकायत की, तब आयोग ने एफिडेविट मांगा और समाजवादी पार्टी ने 18,000 मतदाताओं की सूची सौंपी, लेकिन आज तक एक भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। मैनपुरी उपचुनाव में सिर्फ एक खास बिरादरी के अधिकारियों की तैनाती की गई और इस पर भी आयोग ने आंखें मूंद लीं।   द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) सांसद तिरुची शिवा ने कहा कि आयोग ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि बिहार में 65 लाख मतदाताओं के नाम किस आधार पर हटाए गए। यह सूची अब 7.9 करोड़ से घटकर 7.24 करोड़ कैसे हो गई? नए मतदाताओं की संख्या इतनी कम क्यों है? यह मामला राजनीतिक दलों का नहीं, बल्कि आम नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों का है।   टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि आयोग विपक्ष पर हमला करने के लिए मंच का इस्तेमाल कर रहा है। आयोग ने दावा किया कि 65 लाख हटाए गए नामों में से 22 लाख मृत हैं। यदि यह सही है, तो इसका मतलब यह है कि 2024 का लोकसभा चुनाव फर्जी मतदाता सूची पर हुआ और ऐसी स्थिति में पूरी लोकसभा को भंग किया जाना चाहिए।   राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि शायद यह पहली बार है जब पूरा विपक्ष एक साथ चुनाव आयोग के खिलाफ खड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की प्रेस कांफ्रेंस का समय जानबूझकर विपक्ष की 'वोटर अधिकार यात्रा' को दबाने के लिए तय किया गया था। आयोग ने मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया और न ही उन जिंदा लोगों की स्थिति पर टिप्पणी की जिन्हें आयोग ने मृतक सूची में डाल दिया था।   आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि एसआईआर के तहत एक महीने में 65 लाख वोट काटे गए, जिनमें 22 लाख को मृत बताया गया। बिहार में बाढ़ के बीच लोगों से दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। संजय सिंह ने दावा किया कि दिल्ली में मंत्रियों के घरों में 33-33 वोट जोड़े गए, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।   उल्लेखनीय है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को कहा था कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य खामियों को सुधारना है और यह चिंताजनक है कि कुछ दल इस प्रक्रिया के बारे में गलत सूचना फैला रहे हैं। उन्होंने दोहरे मतदान और कथित वोट चोरी के आरोपों को निराधार करार देते हुए खारिज कर दिया।  

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नई दिल्ली । रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को टेलीफोन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने यूक्रेन संघर्ष, अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम तथा भारत-रूस द्विपक्षीय सहयोग से जुड़े विविध विषयों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, वार्ता के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ पिछले सप्ताह अलास्का में हुई बैठक का विवरण प्रधानमंत्री मोदी के साथ साझा किया। प्रधानमंत्री ने इसके लिए पुतिन का आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को धन्यवाद देते हुए भारत की स्थायी और सिद्ध नीति को दोहराया कि किसी भी संघर्ष का समाधान शांतिपूर्ण ढंग से, कूटनीति और संवाद के माध्यम से ही निकाला जाना चाहिए। उन्होंने इस दिशा में किए जा रहे सभी प्रयासों को भारत का समर्थन भी दोहराया। दोनों नेताओं ने भारत-रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए द्विपक्षीय सहयोग के विविध पहलुओं पर भी चर्चा की। मोदी और पुतिन ने इस बात पर सहमति जताई कि वे निकट संपर्क बनाए रखेंगे, जिससे दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग को और गति मिलेगी। इस बातचीत के बाद प्रधानमंत्री ने एक्स पोस्ट में लिखा, “मेरे मित्र राष्ट्रपति पुतिन को उनके फ़ोन कॉल और अलास्का में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उनकी हालिया मुलाक़ात के बारे में जानकारी साझा करने के लिए धन्यवाद। भारत ने यूक्रेन विवाद के शांतिपूर्ण समाधान का लगातार आह्वान किया है और इस संबंध में सभी प्रयासों का समर्थन करता है। मैं आने वाले दिनों में हमारे निरंतर आदान-प्रदान की आशा करता हूं।”

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नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से संसद भवन कार्यालय में मुलाकात की और उन्हें मध्य प्रदेश आने का निमंत्रण दिया।    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. माेहन यादव ने प्रदेश में हाल ही में होने वाले किसान सम्मेलन और मेट्रो ट्रेन के कोच बनाने की फैक्टरी का शुभारंभ करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह किया। उन्होंने इसकी जानकारी सोशल मीडिया एक्स पर भी दी। उन्होंने लिखा कि सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री माेदी से शिष्टाचार भेंट कर मार्गदर्शन प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से की गई प्रत्येक भेंट नई ऊर्जा एवं प्रेरणा का संचार करती है। इस अवसर पर उन्हें मध्यप्रदेश आने का निमंत्रण भी दिया।    प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. माेहन यादव ने बताया कि प्रदेश में औद्योगिककरण का वातावरण चल रहा है। इस दिशा में स्वदेशी का अभियान पूरे प्रदेश में चल रहा है। आत्मनिर्भर भारत बनाने की कड़ी में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारा लक्ष्य है की स्वदेशी अभियान के तहत गुणवत्ता युक्त उत्पाद बनाए जाएं। इसके लिए हम सबको अधिक काम करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़ साल से औद्योगिकरण का प्रदेश में बड़ा अभियान चलाया जा रहा है, जिसके फल स्वरुप 30 लाख करोड़ से अधिक के एमओयू किए जा चुके हैं और 21 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में इसी क्रम से राज्य सरकार काम करती रहेगी और निरंतर विकास की राह पर अग्रसर होती रहेगी।  

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नई दिल्ली । नासा के एक्सिओम-4 अंतरिक्ष मिशन के पायलट और भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के अमेरिका से रविवार तड़के भारत लौटने पर गर्मजोशी भरा स्वागत किया गया। उनके साथ गगनयान मिशन के बैकअप अंतरिक्ष यात्री प्रशांत बालकृष्णन नायर भी लौटे हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और बड़ी संख्या में पहुंचे छात्र-छात्राओं ने शुभांशु और नायर का स्वागत किया।   शुभांशु शुक्ला की स्वदेश वापसी को लेकर केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा-भारत का अंतरिक्ष गौरव भारतीय धरती को छू गया क्योंकि भारत माता के प्रतिष्ठित सपूत, गगनयात्री शुभांशु शुक्ला आज तड़के सुबह दिल्ली पहुंचे।   दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शुभांशु शुक्ला की स्वदेश वापसी पर खुशी जाहिर करते हुए इससे जुड़ी तस्वीरें साझा की हैं।   माना जा रहा है कि शुभांशु शुक्ला आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करने के बाद अपने गृहनगर लखनऊ के लिए रवाना होंगे।    शुभांशु शुक्ला नासा के एक्सिओम-4 निजी अंतरिक्ष मिशन का हिस्सा थे, जो 25 जून को अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से रवाना हुआ और 26 जून को आईएसएस से जुड़ा। 18 दिनों के मिशन में उन्होंने अपने दूसरे अंतरिक्ष सहयोगियों के साथ 60 से अधिक प्रयोग और 20 जनसंपर्क सत्र किए। शुभांशु 15 जुलाई को पृथ्वी पर लौटे थे।  

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को दिल्ली के रोहिणी में करीब 11 हजार करोड़ रुपये की लागत से निर्मित द्वारका एक्सप्रेसवे और अर्बन एक्सटेंशन रोड का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने इन सड़कों को दिल्ली को 'बेहतर शहर' बनाने के प्रयासों की कड़ी का हिस्सा बताया।   इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार के लिए जनकल्याण सर्वोपरि है और सुशासन हमारी पहचान है। दोनों राजमार्ग आधुनिक मानकों पर बने हैं और दिल्ली की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली को विश्व स्तरीय राजधानी बनाने के लिए बीते 11 वर्षों में भाजपा सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं। पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, विस्तृत मेट्रो नेटवर्क और अब नई सड़कों ने परिवहन को सहज और सुगम बनाया है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में अब तक 650 इलेक्ट्रिक बसें शुरू की जा चुकी हैं और निकट भविष्य में इनकी संख्या 2,000 तक पहुंचेगी। यह ग्रीन दिल्ली-क्लीन दिल्ली अभियान को और बल देगा।   प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर का विकास भाजपा सरकार की प्राथमिकता है, विशेषकर तब जब चारों ओर (दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान) भाजपा सरकारें हैं। उन्होंने कहा कि ये दोनों परियोजनाएं दिल्ली, गुरुग्राम और पूरे एनसीआर के लोगों की सुविधा बढ़ाने में अहम साबित होंगी। कार्यालय, उद्योग और कृषि से जुड़े परिवहन में तेजी आएगी और समय की बचत होगी। कूड़े के पहाड़ से परेशान लोगों की दिक्कत पर प्रधानमंत्री ने कहा कि अर्बन एक्सटेंशन रोड के निर्माण में लाखों टन कचरे का उपयोग किया गया है, जिससे कूड़े के पहाड़ कम हुए हैं और अपशिष्ट को मूल्यवान संसाधन में बदला गया है।   यमुना नदी की सफाई के प्रयासों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अब तक 16 लाख मीट्रिक टन गाद हटाई गई है। उन्होंने इसे दिल्ली को प्रदूषण और अव्यवस्था से मुक्त करने की दिशा में बड़ा कदम बताया। साथ ही उन्होंने पिछली सरकार पर आरोप लगाया कि उन्होंने दिल्ली को गड्ढे में धकेल दिया था, जिसे बाहर निकालने का कठिन कार्य भाजपा सरकार कर रही है। भाषण में प्रधानमंत्री ने सुधारों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमारे लिए सुधार का अर्थ सुशासन का विस्तार है। आने वाले समय में सरकार कई बड़े सुधार लागू करेगी, ताकि जीवन और व्यापार दोनों आसान हो सकें।   इसी क्रम में उन्होंने जीएसटी सुधार का जिक्र करते हुए कहा कि इस दिवाली से देशवासियों को डबल बोनस मिलेगा। टैक्स दरों की पुनर्रचना और प्रणाली को सरल बनाने से गरीब, मध्यमवर्ग, छोटे व्यापारी और उद्योगपति सभी को लाभ होगा। इसका प्रारूप राज्यों के साथ साझा किया गया है और उन्हें उम्मीद है कि वे जल्द ही इसपर सहमति देंगे। उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ को जीवन मंत्र बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि ये काम हमारे लिए मुश्किल नहीं है, जब भी हमने संकल्प लिया है, तब-तब हमने करके दिखाया है। भारत को सशक्त बनाने के लिए हमें चक्रधारी मोहन (भगवान कृष्ण) से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना है और भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमें चरखाधारी मोहन (महात्मा गांधी) के रास्ते पर चलना है।

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डेहरी आन सोन । बिहार में गहन मतदाता पुनरीक्षण के खिलाफ राहुल गांधी की 'वोट अधिकार यात्रा' रविवार को रोहतास जिले के डेहरी आन सोन स्थित सुआरा हवाई अड्डा से शुरू हुई । इस दौरान यहां एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह संविधान बचाने की लड़ाई है। पूरे देश में भाजपा संविधान को मिटाने पर तुली हैं। जहां भी चुनाव होता है, ये जीतते हैं।   राहुल गांधी ने कहा कि ओपिनियन पोल कह रहे थे महाराष्ट्र में महागठबंधन चुनाव जीतेगा। लोकसभा में महागठबंधन जीतता है, लेकिन चार महीने में उसी क्षेत्र में हम हारते हैं। हर चुनाव में भाजपा ने वोट चोरी किया है। हमने पता लगवाया तो पता चला कि लोकसभा चुनाव के बाद इलेक्शन कमिशन के जादू से एक करोड़ फर्जी वोट आ गए।   उन्होंने कहा कि बिहार के लोग वोट चोरी नहीं करने देंगे। क्योंकि गरीब-कमजोर लोगों के पास सिर्फ वोट का हक है। आयोग जो कर रहा है, वो सबको पता है। इलेक्शन कमीशन को हम ये नहीं करने देंगे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार अरबपतियों के साथ सरकार चलाती है। आप का पूरा धन 5-6 अरबपतियों को दिया जाता है।   इस मौके पर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह आपके वोट की साधारण चोरी नहीं, बल्कि सीधी डकैती है। बिहारियों को चूना लगाना चाहते है ये लोग। लेकिन यह बिहार है, जहां चूना खैनी के साथ रगड़ा जाता है। बिहारी गरीब जरूर हैं, लेकिन यहां का बच्चा-बच्चा तीखी मिर्ची वाला काम करता है। हम किसी कीमत पर बेइमानी नहीं होने देंगे।   मौके पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे ने कहा कि यह यात्रा बिहार के 25 जिलों में जाएगी और एक सितम्बर को पटना में विशाल रैली के साथ इसका समापन होगा। उन्होने कहा कि बिहार लोकतंत्र की जन्मभूमि है। संविधान बचाने व लोकतंत्र बचाने में सभी को सहयोग करना चाहिए। सासाराम बाबू जगजीवन राम और उसके बद मीरा कुमार की कर्म भूमि रही है। कांग्रेस ने मीरा कुमार को लोकसभा का स्पीकर बनाकर सम्मान देने का काम किया। कांग्रेस सब को सामान अधिकारी देती है l केंद्र सरकार वोट के अधिकार को छीन रही है।   राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने कहा कि चोरों को हटाइये, भाजपा को भगये हमारी पार्टी को जिताये। किसी भी कीमत पर भजपा को सता में नहीं आने देना है। सभा को सीपीआई एमएल के दीपांकर भट्टाचार्य, कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल, कन्हैया कुमार,वीआईपी के मुकेश सहनी, मंगनी लाल मंडल, पी संतोष, सुहासिनी अली, अब्दुलबारी सिद्दीकी, कुणाल, कृष्ण अल्लावारू, राजेश राम, कांति सिंह समेत महागठबंधन के तमाम बड़े नेताओं सांसदों विधयको ने सम्बोधित किया l सभा उपरांत कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मंत्री लालू प्रसाद ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया।

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चंडीगढ़ । पंजाब प्रदेश के अमृतसर स्थित भारत-पाकिस्तान के अटारी बॉर्डर पर शुक्रवार को 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है। कमांडेंट एसएस चंदेल ने सरहद पर तिरंगा फहराया। इसके साथ ही जवानों को मिठाइयां देकर आज के दिन की शुभकामनाएं भी दीं। लेकिन आज पाकिस्तान के साथ मिठाइयों का आदान-प्रदान नही हुआ। 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारत-पाकिस्तान दोनों देशों ने 12 मई से रिट्रीट तो शुरू कर दी, लेकिन तब से लेकर अभी तक दोनों देशों ने अपने गेटों को नहीं खोला है। आज की रिट्रीट भी ऐसी ही होने वाली है। दोनों देश आज भी ना तो गेट खोलेंगे और ना ही हाथ मिलाएंगे। अपनी-अपनी सीमाओं में रहते हुए दोनों देश गेटों के पार से ही झंडा उतारने की रस्म को पूरा करेंगे। भारत-पाकिस्तान अटारी बॉर्डर पर सामान्य की भांति रिट्रीट तो होगी, लेकिन मिठाइयों का आदान-प्रदान नहीं होगा। पहले पुलवामा और अब पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के रिश्तों के बीच खटास आ गई है। पुलवामा हमले के बाद तकरीबन 3 सालों तक दोनों देशों के बीच मिठाइयों का आदान प्रदान नहीं हुआ था। भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद दोनों देशों में ईद, दिवाली, 15 अगस्त तथा अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर मिठाइयों का आदान प्रदान किया जाता है।अब पहलगाम हमले के बाद फिर से हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। जिसके चलते शुक्रवार की सुबह भारतीय सैन्य अधिकारियों और पाकिस्तान रेंजरों के बीच मिठाई का आदान प्रदान नहीं किया गया। 14 अगस्त को पाकिस्तान की तरफ से भी इस तरह की कोई पहल नहीं की गई।

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जम्मू । राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की एक टीम शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के बादल फटने से प्रभावित चशोती गांव पहुंची। इस आपदा में अब तक कम से कम 46 लोगों की मौत होने की जानकारी मिली है, जबकि 167 लोगों को बचाया गया है।   अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को बचाए गए लोगों में से 38 की हालत गंभीर है। दिन चढ़ने के साथ मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती गई और आशंका है कि यह और बढ़ सकती है। एनडीआरएफ की टीम गांव में चल रहे अभियान में शामिल हो गई है। किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज शर्मा देर रात गुलाबगढ़ पहुंचे। अभियान की निगरानी कर रहे शर्मा ने कहा कि खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टरों का संचालन नहीं हो सका, इसलिए टीम उधमपुर से सड़क मार्ग से आई।   उपायुक्त ने बताया कि दो और टीमें रास्ते में हैं और विनाश व्यापक होने के कारण अभियान में शामिल होंगी। उन्होंने बताया कि सेना ने खोज और बचाव अभियान को तेज करने के लिए एक और टुकड़ी को भी शामिल किया है। राष्ट्रीय राइफल्स के जवान भी अभियान में शामिल हो गए हैं।उन्होंने बताया कि 60-60 कर्मियों वाली पाँच टुकड़ियां, कुल 300 सैनिक, व्हाइट नाइट कोर की चिकित्सा टुकड़ियों के साथ मौके पर हैं और पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य नागरिक एजेंसियों के साथ मिलकर लोगों की जान बचाने और ज़रूरतमंदों की सहायता करने के लिए अथक प्रयास कर रही हैं।   अबाबील की स्वयंसेवी टीमें नौ एम्बुलेंस के साथ कल गांव पहुंची और अभियान में शामिल हुईं। टीम ने शवों को निकालने और घायलों को अथोली और किश्तवाड़ के अस्पतालों में पहुंचाने में मदद की है। एक अन्य समूह हिलाल वालंटियर्स ने भी बचाव अभियान में शामिल होकर घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की है।

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को 79वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में सामर्थ्य और आत्मनिर्भरता को आपस में जोड़ते हुए विकसित भारत की ओर बढ़ने के लिए एकजुट प्रयास का आह्वान किया। अपने संबोधन में उन्होंने दीपावली पर नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म, जनसांख्यिकी की बदलाव से निपटने के लिए डेमोग्राफिक मिशन, रक्षा क्षेत्र से जुड़े सुदर्शन चक्र मिशन जैसी बड़ी घोषणाएं की।   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने 12वें स्वतंत्रता दिवस संबोधन में कई घोषणाएं कीं। इनमें स्पष्ट संदेश था कि भारत अपनी शर्तों पर भविष्य गढ़ेगा, अपना भाग्य स्वयं तय करेगा और 2047 तक विकसित राष्ट्र बनेगा। प्रधानमंत्री ने लाल किले से दिए संबोधन में घोषणा की कि सरकार दीपावली के अवसर पर नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म लागू करेगी। एक उच्चस्तरीय समिति द्वारा समीक्षा के बाद तय किए गए इन सुधारों के तहत सामान्य नागरिक से जुड़े करों में उल्लेखनीय कमी की जाएगी। इससे रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती होंगी और एमएसएमई क्षेत्र को लाभ मिलेगा।   प्रधानमंत्री ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर आत्मनिर्भरता, तकनीकी शक्ति एवं समावेशी विकास का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी तकनीक-प्रधान है और जो देश तकनीक में आगे हैं, वे ही सफलता प्राप्त कर रहे हैं। इसी दिशा में भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में मिशन मोड में कार्य कर रहा है और वर्ष के अंत तक ‘मेड इन इंडिया’ चिप बाजार में उपलब्ध होगी। ऊर्जा क्षेत्र में भी भारत सौर, हाइड्रोजन और परमाणु स्रोतों में आत्मनिर्भर बनने के प्रयास कर रहा है।   प्रधानमंत्री ने ‘नेशनल डीप वॉटर एक्सप्लोरेशन मिशन’ और ‘नेशनल क्रिटिकल मिशन’ की घोषणा की, जिनका उद्देश्य समुद्र में तेल-गैस भंडार और 1,200 से अधिक स्थलों पर महत्वपूर्ण खनिजों की खोज है। यह रणनीतिक कदम तकनीकी, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिए ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ शुरू किया जाएगा, जो अत्याधुनिक हथियार प्रणाली विकसित करेगा। देशभर के सामरिक, नागरिक और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए नवीनतम तकनीकी उपकरण लगाए जाएंगे।   सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसांख्यिकीय बदलाव पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने ‘हाई पावर डेमोग्राफी मिशन’ की घोषणा की, जिससे घुसपैठ और जनसंख्या असंतुलन की चुनौती से निपटा जाएगा।    प्रधानमंत्री ने “वोकल फॉर लोकल” पहल के तहत नागरिकों और दुकानदारों से भारत में निर्मित वस्तुओं को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी गर्व और ताकत से प्रेरित होना चाहिए, न कि मजबूरी से। इसके लिए दुकानों के बाहर “स्वदेशी” बोर्ड लगाने जैसी पहल करने का सुझाव दिया, जिससे आत्मनिर्भरता को बढ़ावा, उद्यमिता को समर्थन और भारत की आर्थिक-औद्योगिक नींव मजबूत हो।   प्रधानमंत्री ने ‘रिफॉर्म टास्क फोर्स’ बनाने की घोषणा की। टास्क फोर्स का लक्ष्य आर्थिक वृद्धि में तेजी, लालफीताशाही में कमी, शासन का आधुनिकीकरण और 2047 तक 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की तैयारी है। प्रधानमंत्री ने यह बताया कि भारत ने अपना 2030 का 50 प्रतिशत स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य 2025 में ही हासिल कर लिया है। उन्होंने मिशन ग्रीन हाइड्रोजन, नए सौर और जल ऊर्जा संयंत्रों तथा 10 नए परमाणु रिएक्टरों के ज़रिए 2047 तक परमाणु ऊर्जा में दस गुना वृद्धि का रोडमैप साझा किया।   प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आज से एक लाख करोड़ रूपये की योजना शुरू करने की घोषणा की। योजना के तहत नए नियोजित युवाओं को प्रतिमाह 15,000 रूपये सहायता दी जाएगी। इस योजना का लाभ तीन करोड़ युवाओं को मिलेगा, जो स्वतंत्र भारत से समृद्ध भारत की ओर पुल का कार्य करेगी।   प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत के बजट का बड़ा हिस्सा पेट्रोल, डीज़ल और गैस आयात पर खर्च होता है। उन्होंने ‘नेशनल डीपवॉटर एक्सप्लोरेशन मिशन’ की शुरुआत की घोषणा की, जो समुद्री संसाधनों के दोहन के साथ सौर, हाइड्रोजन, जल और परमाणु ऊर्जा में बड़े विस्तार का मार्ग प्रशस्त करेगा।    प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे कोविड-19 के दौरान भारत ने वैक्सीन बनाई और डिजिटल भुगतान के लिए यूपीआई विकसित किया, वैसे ही अब हमें अपने जेट इंजन भी बनाने होंगे। उन्होंने वैज्ञानिकों और युवाओं से इसे राष्ट्रीय चुनौती के रूप में स्वीकार करने का आह्वान किया।   प्रधानमंत्री ने “मिशन सुदर्शन चक्र” की घोषणा की, जिसका उद्देश्य शत्रु रक्षा तंत्र में सेंधमारी को निष्प्रभावी करना और भारत की आक्रामक क्षमताओं को सुदृढ़ करना है। इसे श्रीकृष्ण के सुदर्शन चक्र से जोड़ते हुए उन्होंने बताया कि भारत अपनी सांस्कृतिक और पौराणिक विरासत से प्रेरणा लेकर आधुनिक रक्षा नवाचार को दिशा देता है। यह मिशन रणनीतिक स्वायत्तता का प्रतीक है, जो किसी भी खतरे का तेज, सटीक और शक्तिशाली जवाब सुनिश्चित करेगा।   प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप, एमएसएमई और उद्यमियों के लिए अनुपालन लागत घटाने और पुराने कानूनी प्रावधानों के भय से मुक्ति देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए ‘नेक्स्ट जनरेशन रिफॉर्म्स टास्क फोर्स’ बनाई जाएगी, जो सभी आर्थिक कानूनों और प्रक्रियाओं की समयबद्ध समीक्षा करेगी।   उन्होंने अपने संबोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर संगठन और उसके स्वयंसेवकों को आदरपूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि संघ ने व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के संकल्प तक मां भारती के कल्याण का लक्ष्य लेकर मातृभूमि को जीवन समर्पित किया है।   प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में उनकी सरकार ने ऐतिहासिक सुधारों की लहर चलाई है। 40 हजार से अधिक अनावश्यक अनुपालन समाप्त किए गए, 1,500 से अधिक पुराने कानून निरस्त हुए और दर्जनों कानून संसद में सरल बनाए गए। हालिया सत्र में ही 280 से अधिक प्रावधान हटाकर शासन को सरल और नागरिकों के लिए सुलभ बनाया गया। उन्होंने कहा कि सुधार केवल आर्थिक विषय नहीं, बल्कि नागरिकों के रोजमर्रा के जीवन को बदलने का माध्यम हैं।   प्रधानमंत्री ने आयकर सुधार, फेसलेस असेसमेंट, 12 लाख रूपये तक की वार्षिक आय पर शून्य कर और पुराने आपराधिक कानूनों को भारतीय न्याय संहिता से बदलने को प्रमुख उपलब्धियां बताया। उन्होंने कहा कि इनसे पारदर्शिता, दक्षता और न्यायिक प्रक्रियाओं में सरलता आई है। प्रधानमंत्री ने इस स्वतंत्रता दिवस को “140 करोड़ संकल्पों का पर्व” बताते हुए कहा कि यह सिर्फ राष्ट्रीय उत्सव नहीं, बल्कि देशवासियों की सामूहिक उपलब्धियों और गौरव का प्रतीक है ।    उन्होंने संविधान निर्माताओं डॉ. भीमराव अंबेडकर, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, जवाहरलाल नेहरू और सरदार पटेल और अन्य के योगदान को याद किया। साथ ही यह स्पष्ट किया कि संविधान सिर्फ ऐसा दस्तावेज नहीं, बल्कि देश का उज्जवल और स्थायी मार्गदर्शक है। उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान को याद करते हुए कहा कि वे भारत के संविधान के लिए बलिदान देने वाले पहले महापुरुष थे। उनका जीवन राष्ट्र के लिए प्रेरणा है। अनुच्छेद 370 की दीवार गिराकर, एक देश-एक संविधान के मंत्र को जब हमने साकार किया, तो हमने डॉ. मुखर्जी को सच्ची श्रद्धाजंलि दी।   प्रधानमंत्री ने हाल ही में सम्पन्न “ऑपरेशन सिंदूर” का उल्लेख करते हुए इस सैन्य अभियान को आधुनिक और आत्मनिर्भर रक्षा संरचना का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि देश अब आतंकवादियों को समर्थन देने वालों के खिलाफ रुख कठोर रखेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि सिंधु जल समझौते ने देश के किसानों को अकल्पनीय नुकसान पहुंचाया है और किसान हित व राष्ट्रहित में इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।  प्रधानमंत्री ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि भारत अब अपना स्वयं का अंतरिक्ष स्टेशन विकसित करने की ओर बढ़ रहा है। इस क्षेत्र में 300+ स्टार्टअप सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं।   उन्होंने बताया कि यूपीआई के माध्यम से भारत दुनिया के डिजिटल लेन-देन का लगभग आधा हिस्सा संभाल रहा है। प्रधानमंत्री ने डेटा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप टेक प्लेटफॉर्म्स में स्वदेशी पहल की जरूरत पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने महिला सशक्तिकरण की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि दो करोड़ महिलाएं ‘लाखपति दीदी’ बन चुकी हैं। उन्होंने ‘ड्रोन दीदी’ जैसी पहल का भी संकेत देते हुए, ‘वोकल फॉर लोकल’ का समर्थन करते हुए स्वदेशी उत्पादों के उपयोग पर जोर दिया।   प्रधानमंत्री ने इस बात को रेखांकित किया कि भारत ने दूध, दाल और जूट में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। मछली उत्पादन में दूसरा स्थान हासिल किया है और चावल, गेहूं, फल-सब्जियों के निर्यात में भी मजबूत स्थिति बनी हुई है। कृषि निर्यात 4 लाख करोड़ रूपये तक पहुंच चुका है। प्रधानमंत्री ने जनधन, आयुष्मान, आवास, सड़क जैसे योजनाओं के ज़रिए 25 करोड़ गरीबों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार लाने का दावा किया।   प्रधानमंत्री ने कहा कि समृद्धि का मार्ग सुरक्षा से होकर गुजरता है। पिछले 11 वर्षों में राष्ट्र और नागरिक सुरक्षा पर समर्पण से काम किया गया है। नक्सलवाद से प्रभावित सवा सौ जिलों की संख्या घटाकर मात्र 20 कर दी गई है। आदिवासी क्षेत्रों में कानून और विकास का तिरंगा फहराया गया है। बस्तर जैसे इलाकों में, जो कभी बम-बंदूक की गूंज से पहचाने जाते थे, आज खेल, उत्साह और प्रगति का वातावरण है। रेड कॉरिडोर अब ग्रीन कॉरिडोर में बदल रहा है, यह परिवर्तन देश के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत है।   सामाजिक क्षेत्र में प्रधानमंत्री ने महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती पर विशेष कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की और उनके ‘पिछड़ों को प्राथमिकता’ के मंत्र को विकास का आधार बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि किसानों, मछुआरों और पशुपालकों के अहित से जुड़े किसी भी प्रयास के सामने वे स्वयं खड़े हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम सिर्फ समाज के पिछड़े लोगों की ही चिंता नहीं कर रहे बल्कि पिछड़े क्षेत्र, जिलों और ब्लॉक क्षेत्र को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। इसी मिशन के तहत हमने 100 आकांक्षी जिलों और 500 आकांक्षी ब्लॉकों में विकास का काम किया है।   प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास में खेल का अहम योगदान है। पहले खेल को समय की बर्बादी माना जाता था, अब माता-पिता बच्चों की खेल उपलब्धियों पर गर्व करते हैं। खेल को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय खेल नीति लाई गई है, जिससे स्कूल से ओलंपिक तक इकोसिस्टम बने। उन्होंने मोटापे की बढ़ती समस्या पर चिंता जताई और घर में तेल का उपयोग 10 प्रतिशत कम करने की अपील की।

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नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय के जस्टिस विक्रम नाथ की तीन सदस्यीय बेंच ने आवारा कुत्तों के मामले पर सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। इसके पहले 11 अगस्त को जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच ने दिल्ली-एनसीआर की सड़कों और गलियों को आवारा कुत्तों से मुक्त कराने के लिए दिल्ली सरकार, दिल्ली नगर निगम और नई दिल्ली नगर पालिका परिषद समेत एनसीआर में संबंधित प्राधिकार को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए थे।  जस्टिस पारदीवाला की बेंच ने कहा था कि सभी स्थानों से आवारा कुत्तों को उठाया जाए। इन आवारा कुत्तों को डॉग शेल्टर होम में रखा जाए। उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि अगले 6 हफ्ते में पांच हजार कुत्तों से शुरुआत करें। उच्चतम न्यायालय ने सख्त चेतावनी दी है अगर कोई कुत्ता प्रेमी व्यक्ति या संगठन इसमें बाधा बनता है, तो न्यायालय को सूचित करें। न्यायालय उनके खिलाफ कार्रवाई करेगा। यह न्यायालय की अवमानना समझा जाएगा।जस्टिस पारदीवाला की बेंच ने कहा था कि दिल्ली-एनसीआर के सभी प्राधिकार तुंरत डॉग शेल्टर बनाएं और आठ हफ्ते में न्यायालय को जानकारी दें। न्यायालय ने कहा कि कुत्तों की नसबंदी के लिए पर्याप्त लोग वहां तैनात किए जाएं। कुत्तों को सार्वजनिक जगहों पर न छोड़ा जाए। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी रखी जाए। जस्टिस पारदीवाला की बेंच ने कहा था कि उसके इन दिशा-निर्देशों पर सख्ती से अमल हो। नवजात बच्चों, छोटे बच्चों को रैबीज के शिकार होने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता। लोगों को यह यकीन होना चाहिए कि वो आवारा कुत्तों के डर के बिना भय के घूम सकें।उच्चतम न्यायालय के इस फैसले का पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने काफी विरोध किया था। इसके बाद 13 अगस्त को एक वकील ने चीफ जस्टिस के समक्ष मेंशन करते हुए कहा था कि आवारा कुत्तों को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी गई है और वह याचिका अभी लंबित है। उन्होंने चीफ जस्टिस से कहा कि आवारा कुत्तों को लेकर अलग-अलग बेंच ने अलग-अलग फैसले दिए हैं। तब चीफ जस्टिस ने इस पर विचार करने का भरोसा दिया था।  

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नई दिल्ली । भारत ने पाकिस्तान के नेताओं को बयानबाजी में संयम बरतने की सलाह दी है। साथ ही चेतावनी दी कि पड़ोसी देश की ओर से किसी भी दुस्साहस के दर्दनाक परिणाम होंगे। हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर ने इसका स्पष्ट उदाहरण पेश किया है।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक पत्रकार वार्ता में उक्त बातें कहीं। उन्होंने कहा कि हाल में भारत के खिलाफ पाकिस्तान के नेताओं ने लापरवाह, युद्धोन्मादी और घृणास्पद टिप्पणियां की हैं। अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए बार-बार भारत विरोधी बयान देना पाकिस्तानी नेतृत्व की आदत है।प्रवक्ता ने कहा, “पाकिस्तान को अपनी बयानबाजी पर संयम बरतने की सलाह दी जाती है क्योंकि किसी भी दुस्साहस के दर्दनाक परिणाम होंगे जैसा कि हाल ही में प्रदर्शित किया गया था।” इसके अलावा भारत ने स्पष्ट किया कि सिंधु जल संधि पर मध्यस्थता न्यायालय की वैधता, औचित्य या क्षमता को भारत ने कभी स्वीकार नहीं किया है। ऐसे में इसके फैसले अधिकार क्षेत्र से बाहर और कानूनी प्रभाव से रहित हैं तथा भारत के जल उपयोग अधिकारों को प्रभावित नहीं करते।जायसवाल ने पाकिस्तान के निर्णय संबंधी चुनिंदा और भ्रामक संदर्भों को भी खारिज किया। उन्होंने दोहराया कि 27 जून को स्पष्ट किया गया था कि सिंधु जल संधि भारत सरकार के संप्रभु निर्णय के तहत स्थगित है। यह निर्णय पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद को लगातार प्रायोजित करने और बर्बर पहलगाम हमले के जवाब में लिया गया है।

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किश्तवाड़। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में गुरुवार को मचैल माता यात्रा के रास्ते में सुदूर गांव चसोती में बादल फटने से कम से कम 10 लोगों के मारे जाने की आशंका है। घटना के बाद मंदिर की वार्षिक यात्रा स्थगित कर दी गई है और अधिकारी सभी संसाधन जुटाकर बड़े पैमाने पर बचाव और राहत अभियान चलाने के लिए घटनास्थल की ओर रवाना हो गए हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने घटना में हुई जानमाल के नुकसान पर शोक व्यक्त किया है।   जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ के पड्डर के चसोती गांव में भारी बादल फटने की खबर है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार मंदिर जाने वाले रास्ते में आखिरी यातायात योग्य प्रभावित क्षेत्र में 200 से 300 लोगों के फंसे होने की आशंका है। अधिकारियों ने बताया कि किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नरेश सिंह भी बचाव अभियान की निगरानी के लिए बादल फटने वाले इलाके में जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पाडर के उप-मंडल मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में अधिकारियों की एक टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है और अब तक बादल फटने से 10 लोगों के मरने की आशंका है।   उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि किश्तवाड़ जिले के चसोती गांव में बादल फटने की घटना से व्यथित हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। सिविल, पुलिस, सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ अधिकारियों को बचाव एवं राहत कार्यों को और तेज़ करने और प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया गया है।   केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि चसोती इलाके में बड़े पैमाने पर बादल फटा है, जिससे बड़ी संख्या में लोगों की जान जा सकती है। प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है और बचाव दल घटनास्थल के लिए रवाना हो गया है। उन्होंने इस मामले पर किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा से बात की।

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फतेहपुर। उत्तर प्रदेश में फतेहपुर जिले के मुख्यालय पर आबूनगर रेडाइया स्थित एक विवादित स्थल को लेकर सोमवार को दो संप्रदाय के लोगों के बीच विवाद हो गया। हिन्दू संगठनों के कुछ लोग यहांं एक मकबरे को ठाकुरजी का मंदिर बताते हुए घुस गए और वहां भगवा ध्वज फहरा दिया। इस पर मुस्लिम समुदाय ने विरोध किया। इसके बाद दोनों पक्षाें ने जमकर हंगामा और पथराव किया। सूचना पाकर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक समेत भारी संख्या में फोर्स मौके पर पहुंची और दोनों समुदाय के प्रमुख लोगों से वार्ता कर स्थिति को नियंत्रण में किया। सुरक्षा की दृष्टि से फोर्स तैनात है।   हिन्दू संगठनों ने किया था आह्वान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल, विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेंद्र पांडेय और बजरंग दल के धर्मेन्द्र जनसेवक के आह्वान पर सोमवार सुबह कर्पूरी ठाकुर चौराहे पर हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों की बड़ी संख्या में भीड़ एकत्र हो गई। इसके बाद हिन्दू संगठनों के लोगों ने विवादित स्थल की ओर बढ़े और तीन किलोमीटर के दायरे में तीन जगह पर लगी बैरीकेटिंग को तोड़ते हुए मकबरा स्थल तक पहुंच गए। कुछ युवाओं ने इमारत पर ध्वज लगा दिया।     मुस्लिमों ने किया पथराव विवादित स्थल पर हिन्दू संगठनों के ध्वज लगाने पर मुस्लिम पक्ष के लोगों ने काफी नाराजगी दिखाई। मुस्लिमों ने आरोप लगाया है कि हिन्दू संगठनों के लोगों ने मजार को क्षतिग्रस्त किया है। इसके बाद एक समुदाय के लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। मामला तूल पकड़ने पर अतिरिक्त पुलिस फोर्स मौके  पर पहुंची और हिंदू संगठनों के लोगों को बाहर कर इमारत की सुरक्षा बढ़ा दी है।    स्थिति नियंत्रण में और शांति बनाए रखना प्राथमिकता: डीएम इस घटना को लेकर जिलाधिकारी रविन्द्र सिंह ने बताया कि आज कुछ लोगों ने विवादित स्थल पर ध्वज फहराने की कोशिश की है। दूसरे समुदाय ने इसका विरोध किया है। प्रशासन ने लोगों को रोकते हुए दोनों पक्षों से वार्ता कर शान्ति व्यवस्था बनाये रखने में सहयोग की अपील की गई है। दोनों पक्षों के लोगों से बात करने किसी के साथ अहित न किए जाने का आश्वासन दिया गया। दोनों पक्ष के लोग संतुष्ट होकर वापस चले गये हैं। विवादित स्थल मकबरा या मंदिर होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस बात का निर्णय टेक्निकल एक्सपर्ट ही कर पायेंगे, इस वक्त शांति व्यवस्था बनाए रखना ही मेरी प्राथमिकता है।   गौरतलब है कि फतेहपुर जिला मुख्यालय के नवाब अब्दुस समद मकबरा, खसरा संख्या 753, मो. रेडड्या, आबू नगर, तहसील सदर, जो कि राष्ट्रीय सम्पत्ति मकबरा के तौर पर अभिलेखों में दर्ज हैं। इसके अधिकारिक मुतवल्ली के तौर पर मोहम्मद अनीश का नाम दर्ज है। “मठ मंदिर संरक्षण संघर्ष समिति” संगठन के पदाधिकारियों ने इस मकबरे को “ठाकुरजी का मन्दिर” बताया जा रहा है। इस ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व धार्मिक धरोहर पर कब्जा करने के लिए हिन्दू संगठनों के पदधिकारियों ने 11 अगस्त को मकबरे का नवीनीकरण कर मन्दिर बनाने की घोषणा करते हुए अपने समर्थकों को पहुंचने का आह्वान भी किया था।

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नई दिल्ली । त्रिवेंद्रम से दिल्ली जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट एआई 2455 रविवार शाम को एक बड़े हादसे से बाल-बाल बची। विमान में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल, कई सांसद और सैकड़ों यात्री सवार थे। यह जानकारी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट के माध्यम से दी।   उन्होंने बताया कि फ्लाइट की शुरुआत ही देरी से हुई थी, लेकिन उड़ान भरने के करीब एक घंटे बाद अचानक तेज और अप्रत्याशित झटके (तूफ़ानी हवाओं के कारण) महसूस हुए। इसके बाद विमान के कप्तान ने उड़ान सिग्नल में खराबी की सूचना दी और विमान को चेन्नई की ओर मोड़ दिया।   उन्होंने एक पर बताया कि करीब दो घंटे तक विमान चेन्नई हवाई अड्डे के ऊपर मंडराता रहा और लैंडिंग की अनुमति का इंतजार करता रहा। पहली बार लैंडिंग की कोशिश के दौरान एक बेहद खतरनाक स्थिति पैदा हो गई, जब उसी रनवे पर एक और विमान मौजूद था। कप्तान ने तुरंत निर्णय लेते हुए विमान को फिर से ऊपर उड़ा दिया और सभी की जान बचा ली। दूसरी कोशिश में विमान सुरक्षित उतरा।   वेणुगोपाल ने कहा कि इस घटना में सभी यात्री कप्तान के कौशल और किस्मत की वजह से बचे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यात्रियों की सुरक्षा कभी भी किस्मत पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस नेता ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) और नागरिक उड्डयन मंत्रालय से इस मामले की तत्काल जांच करने, जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में ऐसी लापरवाही को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

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नई दिल्ली । बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और चुनावों में कथित 'वोट चोरी' को लेकर कांग्रेस के नेतृत्व में इंडी गठबंधन के सांसदों ने सोमवार को संसद भवन से लेकर निर्वाचन आयोग मुख्यालय तक विरोध मार्च निकाला। इसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक सहित कई अन्य दलों के वरिष्ठ नेता शामिल रहे। करीब के एक घंटे के प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने 'वोट चोरी रोको' और 'एसआईआर खत्म करो' जैसे नारे लगाए। कई नेताओं ने सफेद रंग की टोपी पहन रखी थी, जिस पर ‘एसआईआर’ और ‘वोट चोरी’ लिखा हुआ था और उस पर लाल रंग का क्रॉस का निशान बना हुआ था।पुलिस ने इस विरोध मार्च को रोकने के लिए पहले से ही संसद भवन से कुछ दूरी पर आरबीआई गेट के पास बैरिकेडिंग कर रखी थी। जैसे ही सांसद बैरिकेडिंग के पास पहुंचे, उन्हें वहीं रोक दिया गया। इसके विरोध में अखिलेश यादव, आदित्य यादव और धर्मेंद्र यादव बैरिकेड फांद गए। इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात था और विरोध तेज होते ही पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश सहित कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया। सांसदों ने आरोप लगाया कि एसआईआर की आड़ में लाखों नाम हटाए जा रहे हैं और यह लोकतंत्र के खिलाफ है।विपक्ष का कहना है कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष चुनाव की भावना के विपरीत है। सरकार चुनावी फायदों के लिए मतदाता सूची में हेरफेर कर रही है। नेताओं ने चुनाव आयोग से इस प्रक्रिया को तुरंत रोकने की मांग की और कहा कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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नई दिल्ली ।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तीन नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिनमें अजनी (नागपुर)–पुणे वंदे भारत एक्सप्रेस भी है। इस नई रेल सेवा के शुभारंभ के साथ ही महाराष्ट्र को उसकी 12वीं वंदे भारत ट्रेन की सौगात मिल गई।नागपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या आठ पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उद्घाटन अवसर पर स्थानीय नागरिकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी जाहिर की। ट्रेन में यात्रा कर रहे स्कूली बच्चों और बुजुर्गों ने देशभक्ति गीतों से वातावरण को राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया।मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला ने बताया कि अजनी (नागपुर)–पुणे वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन महाराष्ट्र की सबसे लंबी दूरी तय करने वाली वंदे भारत बन गई है, जो कुल 881 किलोमीटर की दूरी 10 मध्यवर्ती स्टेशनों के साथ तय करेगी। यह वर्धा, बडनेरा, अकोला, शेगांव, भुसावल, जलगांव, मनमाड, कोपरगांव, अहमदनगर और दौंड जैसे प्रमुख स्टेशनों से गुजरेगी। डॉ. नीला ने बताया कि यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलेगी। ट्रेन संख्या 26101 पुणे से प्रातः 6:25 बजे रवाना होकर उसी दिन शाम 6:25 बजे अजनी पहुंचेगी, जबकि ट्रेन संख्या 26102 अजनी से सुबह 9:50 बजे रवाना होकर रात 9:50 बजे पुणे पहुंचेगी।इस सेवा से पहली बार वर्धा और मनमाड के बीच का लगभग 400 किलोमीटर का क्षेत्र वंदे भारत सेवा से जुड़ रहा है, जिससे इस क्षेत्र के 500 से अधिक गांवों और करीब 20 लाख लोगों को लाभ होगा। साथ ही भगवान गजानंद महाराज के प्रसिद्ध मंदिर वाले सांस्कृतिक शहर शेगांव को भी पहली बार वंदे भारत ट्रेन से जोड़ा गया है, जिससे पुणे और नागपुर से आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।नागपुर को देश की स्वास्थ्य सेवा नगरी और बाघ राजधानी के रूप में जाना जाता है। इसी तरह पुणे को महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी कहा जाता है। इन दोनों शहरों को जोड़ते हुए यह वंदे भारत ट्रेन औद्योगिक, शैक्षणिक, चिकित्सा और धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी।इस ट्रेन में एक एग्जीक्यूटिव चेयर कार और 7 चेयर कार कोच लगाये गए हैं, जिनमें कुल 530 यात्रियों के बैठने की सुविधा है। पूरी तरह वातानुकूलित इस ट्रेन में एलईडी लाइटिंग, बायो-वैक्यूम शौचालय, अग्नि सुरक्षा प्रणाली, सीसीटीवी निगरानी और पुनर्योजी ब्रेकिंग जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह नई सेवा 'मेक इन इंडिया' की मिसाल है, जो रेलवे के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वर्तमान में देश में 72 वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं और अगले तीन वर्षों में 200 से अधिक नई वंदे भारत ट्रेनें शुरू करने की योजना है।

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नई दिल्ली । चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की जीत को तीनों सेनाओं के बीच तालमेल और परिचालन में एकजुटता का प्रमाण बताया है। जनरल अनिल चौहान ने प्रौद्योगिकी संचालित आधुनिक युद्ध में विघटनकारी परिवर्तनों से निपटने के लिए व्यापक क्षमता विकास, आत्मनिर्भरता और सेना में किए जा रहे परिवर्तनकारी बदलावों की गहरी समझ के महत्व पर बल दिया।   सिकंदराबाद के कॉलेज ऑफ डिफेंस मैनेजमेंट में 21वें उच्च रक्षा प्रबंधन पाठ्यक्रम के प्रतिभागियों और वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत करते हुए सीडीएस ने सशस्त्र बलों में संयुक्तता और एकीकरण पर रणनीतिक दृष्टिकोण साझा किए। उन्होंने एकीकृत अभियानों के भविष्य की कार्य योजना को आकार देने के लिए अहम बिंदुओं पर प्रकाश डाला। सीडीएस ने ‘राष्ट्रीय सुरक्षा संरचना और उच्चतर रक्षा प्रबंधन’ पर एक गहन व्याख्यान दिया। उन्होंने भारत के रक्षा संगठन के विकास और वर्तमान ढांचे की रूपरेखा प्रस्तुत की।    उन्होंने सैन्य मामलों के विभाग की उपलब्धियों, निर्णय लेने के लिए महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सुरक्षा समितियों के कामकाज, संगठनात्मक पुनर्गठन सहित सुधारों के पालन और संयुक्त क्षमता बढ़ाने ​के लिए थिएटर कमांड की कार्य योजना पर प्रकाश डाला।​ उन्होंने अपने संबोधन में उभरती राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए निरंतर सुधारों, आपसी तालमेल और अनुकूलनशीलता के महत्व पर बल दिया।   संयुक्त रसद और एकीकरण को मजबूत करने के निरंतर प्रयासों के तहत जनरल अनिल चौहान ने कॉलेज ऑफ डिफेंस मैनेजमेंट की ओर से तैयार ​की गई व्यापक मार्गदर्शिका ‘एकीकृत रसद के लिए संयुक्त प्राइमर’ जारी की। सीडीएस ने स्मार्ट बाइक पब्लिक साइकिल शेयरिंग सुविधा का भी उद्घाटन किया, जिससे कॉलेज के कर्मचारी दैनिक आवागमन के लिए पर्यावरण अनुकूल ई-साइकिलों का आदान-प्रदान कर सकेंगे। यह परियोजना स्मार्ट बाइक मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से लागू की गई है और कॉलेज की पर्यावरण अनुकूल प्रथाओं, स्मार्ट तकनीक और स्वस्थ जीवनशैली विकल्पों को अपनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।​

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भोपाल । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पहले रक्षा क्षेत्र का सामान हम दूसरे देशों से खरीदते थे। अब इनमें से बहुत सारी चीजें हम न केवल देश में बना रहे हैं बल्कि दूसरे देशों को निर्यात करने का काम भी कर रहे हैं। अब हम 24 हजार करोड़ से ज्यादा की डिफेंस सामग्री निर्यात कर रहे हैं।   रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार को मध्य प्रदेश के प्रवास के दौरान रायसेन जिले के ग्राम उमरिया में ग्रीनफील्ड रेल कोच निर्माण इकाई के भूमिपूजन कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में रक्षा क्षेत्र का केंद्र बनने के लिए हर गुण है। सभी संसाधन हैं। रायसेन में रेल कोच का निर्माण होगा। साथ ही रेलवे के अलग-अलग प्रोडक्ट्स भी यहां बनाए जाएंगे। देशभर की स्पीड ट्रेनों में एमपी में बनने वाले रेलवे कोच लगेंगे। मध्य प्रदेश का औद्योगिक विकास देश को भी विकास की नई ऊंचाई पर लेकर जाएगा।   रक्षा मंत्री सिंह ने पड़ोसी देश को चेतावनी देते हुए कहा कि हम चाहते हैं कि केवल भारत का ही कल्याण न हो, बल्कि संपूर्ण विश्व का कल्याण होना चाहिए। इसका मतलब यह नहीं है कि कोई भी हम पर हमला कर दे। जो छेड़ेगा, हम उसे छोड़ेंगे नहीं। पहलगाम में हमारे निर्दोष भाइयों की हत्या की गई थी। वे मानते थे कि हम शांत होकर बैठ जाएंगे। हमने संकल्प लिया कि मुंहतोड़ जवाब देंगे। हम हत्या में विश्वास नहीं करते, लेकिन हमने ठान लिया है कि हम धर्म देखकर नहीं, कर्म देखकर मारेंगे।   रक्षा मंत्री ने ब्रह्मा परियोजना (रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग इकाई) का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि ग्राम उमरिया में 60 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर 1800 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली ब्रह्मा परियोजना (बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग) से भोपाल, रायसेन, सीहोर और विदिशा आदि जिलों को लाभ होगा। इन जिलों के तकनीकी संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल व नारायण सिंह पंवार, विधायक सुरेंद्र पटवा रहे।   उन्होंने कहा कि आज रायसेन के उमरिया में 1800 करोड़ की लागत से ग्रीनफील्ड रेल कोच फैक्टरी का भूमिपूजन हुआ है। इससे पांच हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। रक्षा क्षेत्र के माध्यम से मध्य प्रदेश में जो भी हो सकेगा, मैं सदैव तैयार रहूंगा। मध्य प्रदेश प्राकृतिक सुंदरता के लिए देशभर में जाना जाता है। अब औद्योगिक विकास के लिए भी जाना जाएगा, लेकिन हमें पर्यावरण और विकास का संतुलन बनाना होगा। उद्योग धंधों में मध्य प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। यहां 30 लाख करोड़ से अधिक का निवेश मिला है। मध्य प्रदेश सरकार ने 18 हजार हेक्टेयर का भूमि बैंक तैयार किए हैं। कनेक्टिविटी की सुविधा मुहैया कराई गई है। उन्होंने कहा कि आज दुनियाभर में सबसे तेजी से भारत की अर्थव्यवस्था करीब साढ़े 6 फीसदी की गति से बढ़ रही है। आज देश की अर्थव्यवस्था डैशिंग और डायनामिक हो गई है। उन्होंने केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि विकास को जो गति यहां शिवराज सिंह ने अपने कार्यकाल में दी थी, उसी कुशलता ओर तेजी के साथ हमारे मुख्यमंत्री मोहन यादव एमपी को आगे ले जाने का काम कर रहे हैं। गत 18 वर्षों की शिवराज जी की विरासत को आगे बढ़ाने का काम मोहन यादव कर रहे हैं।   भूमि पूजन कार्यक्रम को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 साल में पैंतीस हजार किमी पटरी बिछाई गई। देश को नई जनरेशन की ट्रेनें दी गई हैं। गत 11 वर्षों में 40 हजार कोचेस अपडेट किए हैं। ब्रह्मा इसी कड़ी में रेलवे का मजबूत साथी बनकर सामने आया है। मध्य प्रदेश में कोच फैक्टरी बनने से रेलवे का ईको सिस्टम आगे बढ़ेगा। कार्यक्रम को मुख्यमंत्री मोहन यादव और केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी संबोधित किया।

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नागपुर । राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने शनिवार को महाराष्ट्र के नागपुर में कहा कि अमेरिका के लगाए टैरिफ मामले में देशवासियों को मिलकर भारत के हितों कि रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने आह्वान किया कि सभी को इस मामले में सरकार के साथ खड़ा होना चाहिए।   नागपुर स्थित प्रेस क्लब में आज आयोजित संवाद कार्यक्रम में शरद पवार ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प टैरिफ लगाकर भारत पर दबाव बना रहे हैं। हमें लगाता है कि इस मुद्दे पर देशवासियों ने भारत के हितों कि रक्षा के लिए सरकार को सहयोग देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में डिप्लोमेसी फेल हो गई, मैं ऐसा कहना नही चाहता। लेकिन बीते 5 वर्षों में हम ट्रम्प की सोच और नजरिये को देखा है और अभी भी देख रहे हैं।   राकांपा(एनसीपी) के अध्यक्ष ने पवार ने कहा कि ट्रम्प पर अधिक ध्यान देने की जरूरत नही है। उन्होंने बताया कि विदेश नीति के बारे में हमारा रवैया ऐसा है कि हम टैरिफ पर ज्यादा बातचीत नही करेंगे लेकिन नजरअंदाज भी नही कर सकते। देश की विदेश नीति पर अपनी राय रखते हुए पवार ने कहा कि हिंदुस्तान का नक्शा अगर देखें तो पाकिस्तान हमारे खिलाफ है। नेपाल हमसे नाराज है। बांग्लादेश हमसे नाराज है। श्रीलंका हमसे नाराज है। हमारे सब पडोसी हमसे दूर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री मोदी को यह बात नजरअंदाज नही करनी चाहिये, पडोसियों से रिश्ते कैसे सुधारे जायें, इस पर ध्यान देना चाहिए।   उन्होंने राहुल गांधी के चुनाव के बाबत उठाए गए मसले पर कहा कि महाराष्ट्र और कर्नाटक के मुद्दे पर राहुल ने पूरा अध्ययन कर लोगों के सामने अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि राहुल के इस मुद्दे को उठाने के बाद गृहमंत्री की जिम्मेदारी थी कि इसका जवाब देते, लेकिन उन्होंने इस मुद्दे को दूसरी ओर मोडने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि सोमवार को होने वाले इंडी गठबंधन के प्रदर्शन में इस मुद्दे को उठाया जाएगा। साथ ही बिहार कि मतदाता सूची का मुद्दा भी इसमें शामिल होगा। पिछले 15 दिन से इस मुद्दे पर संसद में हंगामा हो रहा है। सदन की कार्रवाई चल नही पाई। संसद के माध्यम से असली स्थिति लोगों के सामने नही आ पाई। नतीजतन बिहार कि वोटर लिस्ट के बारे में हम लोगों के मन में आशंका है।

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देहरादून । उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार ने धराली, हर्षिल, झाला, बगोली समेत अन्य क्षेत्र में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा धराली क्षेत्र में आपदा प्रभावित लोगों को त्वरित राहत उपलब्ध कराई गई है। प्रभावित परिवारों को राशन, कपड़े एवं आवश्यक सामग्री प्रदान की गई है।   मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मकान, ज़मीन, खेती और अन्य नुकसान के मुआवजे का आकलन प्रारंभ हो चुका है और अगले दो से तीन दिनों में मुआवज़े का वितरण भी शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार की प्राथमिकता घाटी में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित निकालना था, जिसे लगभग पूर्ण कर लिया गया है। इसके साथ ही घर, खेत-खलिहान, कृषि और अन्य नुकसान का विस्तृत सर्वे जारी है, ताकि शेष मुआवज़ा शीघ्र उपलब्ध कराया जा सके।प्रभावित परिवारों के लिए कम्युनिटी किचन के माध्यम से भोजन, राशन, आपातकालीन लाइट, कपड़े और अन्य आवश्यक सामग्री लगातार पहुंचाई जा रही है। गांव में बिजली एवं नेटवर्क की व्यवस्था बहाल कर दी गई है और सड़क को भी शीघ्र आवागमन हेतु सुचारू कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।    

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श्रीनगर । जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले अखल के जंगल में आतंकवादियों के साथ रात भर चली मुठभेड़ में सेना के दो जवान बलिदान हो गए जबकि दो अन्य घायल हो गए हैं। यह घाटी में सबसे लंबे आतंकवाद-रोधी अभियानों में से एक है जिसका शनिवार को नौवां दिन है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सेना की श्रीनगर स्थित चिनार कोर ने एक्स पर एक पोस्ट में मुठभेड़ में बलिदान हुए जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए बताया गया है कि आतंकियों के साथ मुठभेड़ जारी है।   दक्षिण कश्मीर जिले के अखल के जंगल में आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों द्वारा 1 अगस्त को घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू करने के बाद शुरू हुई। मुठभेड़ में अबतक दो आतंकवादी मारे गए हैं।  शनिवार को एक्स पर एक पोस्ट में चिनार कोर ने कहा कि चिनार कोर राष्ट्र के लिए कर्तव्य निभाते हुए बहादुर लेफ्टिनेंट कमांडर प्रीतपाल सिंह और सिपाही हरमिंदर सिंह के सर्वाेच्च बलिदान का सम्मान करता है। उनका साहस और समर्पण हमें हमेशा प्रेरित करेगा। सेना ने कहा कि वह शोक संतप्त परिवारों के साथ एकजुटता से खड़ी है। अधिकारियों ने बताया कि रातभर हुई गोलीबारी में दो अन्य जवान घायल हो गए जिससे घायल सुरक्षा बलों के जवानों की संख्या कुल 9 हो गई।   अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस प्रमुख नलिन प्रभात और सेना के उत्तरी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा समेत वरिष्ठ पुलिस और सेना के अधिकारी चौबीसों घंटे ऑपरेशन पर कड़ी नज़र रख रहे हैं।   सुरक्षा बलों ने जंगल क्षेत्र में आतंकवादियों का पता लगाने के लिए ड्रोन और हेलीकॉप्टरों को तैनात किया है। पैरा कमांडो भी छिपे हुए आतंकवादियों को बेअसर करने में सुरक्षा बलों की सहायता कर रहे हैं।

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उत्तरकाशी । उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण के दौरान शुक्रवार काे एक महिला ने अपनी साड़ी का किनारा फाड़ कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कलाई पर राखी के रूप में बांध दिया। महिला ने अपने पूरे परिवार का रेस्क्यू कर सुरक्षित बचाने के  लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। दरअसल, अहमदाबाद के ईशनपुर की रहने वाली धन गौरी बरौलिया अपने परिवार के साथ गंगोत्री दर्शन के लिए आई थीं, लेकिन 5 अगस्त को धराली आपदा के बाद वह अपने परिवार के साथ वहां फंस गईं थी। रेस्क्यू टीमों ने कठिन परिस्थितियों में लगातार प्रयास कर धनगौरी और उनके परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला। शुक्रवार को जब मुख्यमंत्री धामी आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे थे, तब महिला धन गौरी अपनी कृतज्ञता रोक नहीं सकीं। उनकी आंखों में आंसू थे, लेकिन उन आंसुओं में डर नहीं, भरोसा था। महिला धनगाैरी ने अपनी साड़ी का किनारा फाड़ कर उसका एक टुकड़ा राखी के रूप में मुख्यमंत्री धामी की कलाई पर बांध दिया। इस माैके पर धन गौरी बरौलिया ने कहा कि मेरे लिए मुख्यमंत्री धामी भगवान श्रीकृष्ण जैसे हैं, जिन्होंने न केवल मेरी, बल्कि यहां मौजूद सभी माताओं-बहनों की एक भाई की तरह रक्षा की है। वे तीन दिनों से हमारे बीच रहकर हमारी सुरक्षा और जरूरतों का ध्यान रख रहे हैं। यह केवल कपड़े का टुकड़ा नहीं था, बल्कि उसमें एक बहन का विश्वास, अपनत्व और अपने रक्षक भाई के लिए अटूट स्नेह पिरोया हुआ था।   इस पर मुख्यमंत्री धामी ने भी उनका हाथ थामते हुए उसे आश्वस्त किया कि एक भाई के रूप में वे हर परिस्थिति में आपदा से प्रभावित बहनों के साथ खड़े रहेंगे और प्रदेश सरकार की ओर से हरसंभव मदद दी जाएगी। 

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शिमला । हिमाचल प्रदेश के चंबा जिला के भंजराडू शहवा-भड़कवास मार्ग पर बीती देर रात एक कार गहरी खाई में गिरने से एक ही परिवार के चार सदस्यों सहित कुल छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भयंकर था कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार किसी को भी बचाया नहीं जा सका।जानकारी के अनुसार यह कार चंबा जिला मुख्यालय से लौट रही थी। देर रात पधरी के पास पहुंचते ही चालक का वाहन पर नियंत्रण खो गया और कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में पति-पत्नी, उनके दो बच्चे और दो अन्य लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान राजेश कुमार (40) पुत्र नरेन सिंह, उनकी पत्नी हंसो (36), बेटी आरती (17), बेटा दीपक (15), राकेश कुमार (44) पुत्र हरि सिंह और हेम पाल (37) पुत्र इंदर सिंह के रूप में हुई है। इनमें राजेश कुमार का परिवार गांव बुलवास, डाकघर जुंगरा का निवासी था, जबकि हेमपाल गांव सलांचा, डाकघर भंजराडू के रहने वाले थे।पुलिस दल ने मौके पर पहुंच कर स्थानीय लोगों की मदद से राहत व बचाव कार्य शुरू किया। शवों को खाई से निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया।   चम्बा पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि अंधेरा होने के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया।हादसे की खबर मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है।मॉनसून सीजन में सड़क हादसों में अब तक 100 लोगों की मौतहिमाचल प्रदेश में मॉनसून ने 20 जून को दस्तक दी थी। तब से प्रदेश में सड़क हादसों में 100 लोगों की जान गई है। मंडी जिला में सबसे ज्यादा 19 लोगों की मौत हुई है। चम्बा व शिमला में 15-15 लोग मारे गए। सोलन में 10, किन्नौर व कुल्लू में 8-8, ऊना, सिरमौर व कांगड़ा में 6-6, बिलासपुर व हमीरपुर में 3-3 व लाहौल स्पीति में 1 व्यक्ति की जान गई है।

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पटना/सीतामढ़ी । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार बिहार के सीतामढ़ी जिले के पुनौराधाम स्थित माँ सीता के भव्य मंदिर की आधारशिला रखी। शिलान्यास से पहले पुनौराधाम के महंत कौशल किशोर दास जी की अगुवाई में भूमि पूजन हुआ। वैदिक मंत्रोंचार के साथ संपूर्ण विधि-विधान के साथ पूजा संपन्न हुई।   भूमि पूजन के लिए 21 तीर्थ क्षेत्रों की मिट्टी और कई नदियों का जल मंगाया गया था। इसके अलावा राजस्थान के जयपुर से चांदी के कलश, दिल्ली में चांदी से बनी विशेष पूजन सामग्री और आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल तिरुपति बालाजी से विशेष लड्डू भी सीतामढ़ी लाए गए।   माँ जानकी के भव्य मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष दिलीप जयसवाल, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संशाधन मंत्री विजय चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री अशोक चौधरी, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा समेत देशभर से पधारे साधु-संत शामिल हुए।   उल्लेखनीय है कि पुनौराधाम में करीब 67 एकड़ भूूमि पर भव्य मंदिर, यज्ञ मंडप, म्यूजियम, ऑडिटोरियम, कैफेटेरिया, खेल मैदान, धर्मशाला, सीता वाटिका, भजन संथ्या स्थल समेत अन्य पर्यटकीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके लिए बिहार सरकार ने 883 करोड़ का बजट जारी किया है। 3 साल में मंदिर निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।  

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नई दिल्ली । कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी पर मिलीभगत से वोटर लिस्ट में फर्जी वोटर शामिल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दोनों की मिलीभगत से देश के लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है और इससे चुनावों के नतीजों में हेरफेर हुआ है।राहुल गांधी ने यहां कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नाटक की बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा सीट और महादेवपुरा विधानसभा सीट के आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर आरोप लगाया कि इन इलाकों में करीब एक लाख वोटों की चोरी हुई है। उन्होंने दावा किया कि सिर्फ इन दो क्षेत्रों की 6.26 लाख वोटर लिस्ट में 1,00,250 वोट संदिग्ध पाए गए हैं। उन्होंने इस डाटा के विश्लेषण से 6 लाख 25 हजार कुल वोटरों में 1,00,250 वोटर फर्जी होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि 11,965 डुप्लीकेट वोटर, 40,009 फर्जी या अमान्य पते मिले, 10,452 एक ही पते पर असामान्य संख्या में वोटर पाए गए, 4,132 लोगों की अमान्य या गायब तस्वीरें मिलीं और 33,692 फॉर्म 6 का दुरुपयोग के मामले सामने आए हैं।उन्होंने कहा कि इस जांच को पूरा करने में छह महीने लगे और इस दौरान चुनाव आयोग ने किसी तरह की मदद नहीं की, बल्कि जरूरी डेटा देने से इनकार करता रहा। हमें पहले से संदेह था कि देश में चुनावी प्रक्रिया में कुछ गड़बड़ चल रही है। हरियाणा, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में बार-बार भाजपा की जीत के पीछे झूठे नैरेटिव गढ़े जाते रहे हैं।   राहुल गांधी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर हो या पुलवामा हमला, 'लाडली बहना' योजना हो या कोई और भावनात्मक मुद्दा, हर चुनाव में माहौल भाजपा के पक्ष में बनाया गया। इसके बाद चुनाव आयोग का शेड्यूल ऐसा तय होता है जिससे भाजपा को फायदा मिले। पहले जब कागज के बैलेट होते थे, तो देश एक दिन में मतदान कर लेता था। अब इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन होने के बावजूद मतदान महीनों तक चलता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में पांच चरण, महाराष्ट्र में तीन-चार चरण और असम, हरियाणा जैसे राज्यों के मतदान समय में बदलाव को लेकर भी सवाल उठाए।उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस ने चुनाव आयोग से डिजिटल वोटर लिस्ट मांगी तो आयोग ने इनकार कर दिया। बार-बार डेलीगेशन भेजे गए, पत्र लिखे गए, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। जब महाराष्ट्र में साढ़े पांच बजे की सीसीटीवी फुटेज मांगी गई तो चुनाव आयोग ने कहा कि उसे 45 दिन में नष्ट कर दिया जाएगा। राहुल ने सवाल उठाया कि 21वीं सदी में, जब अनलिमिटेड डेटा एक हार्ड ड्राइव में स्टोर किया जा सकता है, तो सीसीटीवी फुटेज या अन्य सूची क्यों नष्ट की जा रही है? उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने जांच की शुरुआत कर्नाटक से की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने उन्हें भारी मात्रा में कागजी दस्तावेज दिए। करीब दो से तीन सौ किलो। इस डेटा को डिजिटल करने और विश्लेषण करने में छह महीने लग गए।कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि फॉर्म 6, जो नए वोटरों के लिए होता है, उसका जबरदस्त दुरुपयोग किया गया। 70 साल की महिला को ‘फर्स्ट टाइम वोटर’ दिखाकर दो बार फॉर्म भरे गए और दोनों बार वोटिंग दर्ज की गई। यही कारण है कि चुनाव आयोग सीसीटीवी फुटेज छुपा रहा है, क्योंकि वह नहीं चाहता कि असली गड़बड़ी उजागर हो।

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि किसानों, मछुआरों और पशुपालकों का हित भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इन वर्गों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए वे व्यक्तिगत रूप से कोई भी कीमत चुकाने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत अपने अन्नदाताओं के साथ कभी कोई समझौता नहीं करेगा।प्रधानमंत्री मोदी आज नई दिल्ली स्थित आईसीएआर पूसा में आयोजित "एम.एस. स्वामीनाथन शताब्दी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन" को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने भारत में कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर और टिकाऊ बनाने की दिशा में प्रोफेसर स्वामीनाथन के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।प्रधानमंत्री ने कहा कि डॉ. स्वामीनाथन ने यह दिखाया कि विज्ञान केवल खोज नहीं बल्कि वितरण का भी माध्यम होना चाहिए। उन्होंने अपने शोध के माध्यम से किसानों को खेती के आधुनिक तरीकों के लिए प्रेरित किया। उनके विचार आज भी हमारी नीतियों और कृषि विज्ञान में परिलक्षित होते हैं।मोदी ने कहा कि हरित क्रांति के जनक माने जाने वाले डॉ. स्वामीनाथन का योगदान केवल कृषि उत्पादन तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने बायोडायवर्सिटी और बायो-हैप्पीनेस जैसे विचारों के माध्यम से स्थानीय समुदायों को भी सशक्त बनाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि डॉ. स्वामीनाथन मानते थे कि बायोडायवर्सिटी के जरिए स्थानीय लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।उन्होंने बताया कि डॉ. स्वामीनाथन की स्मृति में “एमएस स्वामीनाथन अवॉर्ड फॉर फूड एंड पीस” की शुरुआत की गई है, जो विकासशील देशों के उन वैज्ञानिकों को दिया जाएगा जिन्होंने खाद्य सुरक्षा की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दिया है। इस पुरस्कार के पहले विजेता नाइजीरिया के प्रोफेसर बने हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज चावल, गेहूं, कपास, सब्जियां और मछली उत्पादन में दुनिया में शीर्ष स्थानों पर है। उन्होंने कहा, “सोयाबीन, मूंगफली और सरसों जैसी फसलों का उत्पादन भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है। यह हमारे किसानों की मेहनत और सरकार की किसान-केंद्रित नीतियों का परिणाम है।”सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि पीएम-किसान सम्मान निधि, पीएम-संपदा योजना, और हाल ही में शुरू की गई पीएम धन-धान्य योजना जैसे कार्यक्रम किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि वे फूड सिक्योरिटी के साथ-साथ न्यूट्रीशनल सिक्योरिटी पर भी ध्यान दें और प्राकृतिक खेती, क्रॉप डाइवर्सिफिकेशन तथा क्लाइमेट रेजिलिएंट वैरायटीज़ पर अनुसंधान को बढ़ावा दें। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसी तकनीकों को कृषि से जोड़ने का भी सुझाव दिया।उन्होंने कहा कि हमारे पास पारंपरिक कृषि ज्ञान की विरासत है जिसे आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़कर एक समग्र कृषि प्रणाली बनाई जा सकती है। प्रधानमंत्री ने युवा वैज्ञानिकों और उद्यमियों से आग्रह किया कि वे किसानों के लिए नवाचार करें और भारत को ‘ग्रीन प्रोडक्शन’ में अग्रणी बनाएं।प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ. स्वामीनाथन को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने को सरकार के लिए गौरव का विषय बताया और कहा कि उनके विचार आने वाले दशकों तक भारत की नीतियों को मार्गदर्शन देते रहेंगे।  

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नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूस से तेल की खरीद जारी रखने पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ की घोषणा की है। खास बात यह है कि 7 अगस्त यानी आज से 25 प्रतिशत के प्रारंभिक टैरिफ लागू होने से कुछ घंटे पहले ट्रंप ने 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ संबंधी कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। 30 जुलाई को अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर 25 फीसदी टैरिफ की घोषणा की थी जो आज से प्रभावी हो गया है। बुधवार को घोषित अतिरिक्त टैरिफ 27 अगस्त से प्रभावी होगा।   व्हाइट हाउस की तरफ से बुधवार को जारी आदेश में कहा गया कि भारत इस समय रूस से तेल का आयात कर रहा है, इसी आधार पर अमेरिका आने वाले भारतीय उत्पादों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने का फैसला किया गया है।   अतिरिक्त टैरिफ की घोषणा को भारत ने दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि हाल के दिनों में अमेरिका ने रूस से भारत के तेल आयात को निशाना बनाया है। इन मुद्दों पर भारत पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर चुका है। जिसमें यह तथ्य शामिल है कि भारत का आयात बाजार की परिस्थितियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य भारत की एक अरब 40 करोड़ आबादी की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अमेरिका ने भारत पर अतिरिक्त टैरिफ का फैसला किया है, जबकि कई अन्य देश अपने राष्ट्रीय हित में वही काम कर रहे हैं। भारत ने इसे अनुचित, तर्कहीन और अकारण बताते हुए कहा कि अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।   अतिरिक्त टैरिफ लगाए जाने के बाद ब्राजील के साथ भारत सबसे अधिक अमेरिकी टैरिफ वाला देश बन गया है। अमेरिका ने दोनों देशों पर 50 फीसदी टैरिफ की घोषणा की है। जबकि म्यांमार पर 40 फीसदी, थाईलैंड और कंबोडिया पर 36-36 फीसदी, बांग्लादेश पर 35 फीसदी, चीन और श्रीलंका पर 30-30 फीसदी टैरिफ लगाया है।   अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों पर 50 फीसदी टैरिफ से भारतीय कपड़ा, समुद्री उत्पाद, रत्न एवं आभूषण जैसे क्षेत्रों पर सबसे अधिक असर पड़ने का खतरा है। इसके साथ ही भारत के मुकाबले प्रतिस्पर्धी देशों पर कम टैरिफ के कारण अमेरिकी बाजारों में भारतीय उत्पादों के पिछड़ने का भी जोखिम है।    अमेरिका ने फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद जैसे कंप्यूटर, टैबलेट और स्मार्टफोन, महत्वपूर्ण खनिज आदि को उच्च टैरिफ से बाहर रखा है। खास बात यह है कि अमेरिका की तरफ से भारत पर लगाया गया अतिरिक्त टैरिफ 27 अगस्त से लागू होगा, उससे पहले 25 अगस्त को अमेरिकी वार्ताकारों की टीम भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते के सिलसिले में भारत आने वाली है।

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को दिल्ली स्थित कर्तव्य पथ पर नवनिर्मित कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल भी उपस्थित थे।केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि यह भवन 1.5 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है और इसमें कुल 850 कार्यालय कक्ष हैं। भवन में दो बेसमेंट और भूतल सहित सात मंजिलें हैं। यह भवन सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत बनने वाले दस कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरियट भवनों में से पहला है। शेष भवनों का निर्माण कार्य 31 दिसंबर 2025 तक पूरा किया जाएगा और सभी मंत्रालयों का स्थानांतरण 30 अप्रैल 2026 तक कर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाना, मंत्रालयों के बीच समन्वय बढ़ाना तथा नीति क्रियान्वयन को तेज करना है।उन्होंने बताया कि वर्तमान में कई प्रमुख मंत्रालय 1950 और 1970 के दशक के बीच निर्मित पुराने भवनों जैसे कि शास्त्री भवन, कृषि भवन, उद्योग भवन और निर्माण भवन से संचालित हो रहे हैं, जो अब संरचनात्मक रूप से कमजोर और अप्रभावी हो चुकी हैं। कर्तव्य भवन जैसी आधुनिक सुविधाओं से युक्त इमारतें इन मंत्रालयों को एक ही परिसर में लाकर कामकाज को अधिक सुचारु, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाएंगी। इसमें गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय होंगे।कर्तव्य भवन-03 को जीआरआईएचए-4 रेटिंग प्राप्त हरित भवन के रूप में डिजाइन किया गया है। इसमें डबल-ग्लेज़्ड कांच, रूफटॉप सोलर पैनल, सौर जल तापक, रेनवाटर हार्वेस्टिंग और उन्नत हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं हैं। भवन में ऊर्जा-बचत वाली एलईडी लाइट्स, स्मार्ट लिफ्ट्स और सेंसर आधारित बिजली नियंत्रण प्रणाली लगी हुई है। इससे यह भवन पारंपरिक इमारतों की तुलना में 30 प्रतिशत कम ऊर्जा का उपयोग करेगा।भवन में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन, कचरा प्रबंधन संयंत्र, पुनर्नवीनीकरण निर्माण सामग्री का उपयोग और शून्य-अपशिष्ट नीति जैसे कदम भी उठाए गए हैं। यहां उत्पादित 5.34 लाख यूनिट सालाना सौर बिजली से ऊर्जा की आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलेगा।

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शिमला । हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। राज्य के अधिकांश जिलों में बीती रात से जारी भारी वर्षा के चलते जगह-जगह भूस्खलन और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए आज कई जिलों में स्कूल-कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। मौसम विभाग ने 12 अगस्त तक राज्य के कई क्षेत्रों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।सबसे ज्यादा असर सोलन, शिमला, मंडी, कुल्लू और सिरमौर जिलों में देखा गया है। सिरमौर और सोलन जिलों के सभी शिक्षण संस्थानों व आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। वहीं, शिमला जिले के ठियोग, चौपाल, रामपुर, सुन्नी, जुब्बल, डोडरा क्वार और कुमारसेन, कुल्लू के आनी और निरमंड तथा मंडी जिले के सुंदरनगर उपमंडल में भी आज शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है।लगातार बारिश से प्रदेश में कई सड़कें और नेशनल हाईवे बंद हो गए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार बुधवार सुबह तक प्रदेश में चार नेशनल हाईवे और 613 सड़कें भूस्खलन के कारण बंद हो गई हैं। इनमें मंडी जिले में सबसे ज्यादा 375 सड़कें बाधित हैं। इसके अलावा कुल्लू में 89, सिरमौर में 38, सोलन में 29, कांगड़ा में 23, शिमला में 22 और चंबा में 18 सड़कें अवरुद्ध हैं।शिमला-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर सोलन के चक्की मोड़ में भूस्खलन के कारण यातायात बाधित है। मंडी जिले में एनएच-3 और एनएच-21 विभिन्न स्थानों पर बंद पड़े हैं, वहीं कुल्लू में एनएच-305 और किन्नौर में एनएच-5 भी भूस्खलन और फ्लैश फ्लड के कारण बाधित है।बिजली और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। प्रदेश में कुल 1491 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हो चुके हैं। इनमें सोलन जिले में सर्वाधिक 709, कुल्लू में 457 और मंडी में 301 ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं। पेयजल परियोजनाओं की बात करें तो अब तक 265 स्कीमें बाधित हुई हैं, जिनमें कांगड़ा की 120 और मंडी की 86 योजनाएं प्रमुख हैं।बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक सोलन जिला के कसौली में सर्वाधिक 145 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा धर्मपुर में 122, गोहर में 120, मेलरान में 103, बग्गी में 95, नगरोटा सुरियां में 93, नैनादेवी में 86, सुंदरनगर में 80, कांगड़ा में 71 और बिलासपुर में 70 मिमी बारिश हुई हैशिमला के चिडग़ांव में पब्बर नदी में गिरी कार, तीन  लोगों की मौतखराब मौसम के बीच शिमला जिला के रोहड़ू उपमण्डल के चिडग़ांव क्षेत्र में बीती मध्यरात्रि एक कार अनियंत्रित होकर पब्बर नदी में जा गिरी। हादसे में तीन लोगों की मौत हुई, वहीं एक घायल है। मृतकों की पहचान विशाल, अभय और हिमांशु के रूप में हुई है।इस मॉनसून सीजन में अब तक प्रदेश में 194 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे अधिक 42 मौतें मंडी में हुई हैं। इसके बाद कांगड़ा में 31, शिमला, कुल्लू और चंबा में 18-18, सोलन में 13, हमीरपुर और ऊना में 12-12, किन्नौर में 11, बिलासपुर में 8, लाहौल-स्पीति में 6 और सिरमौर में 5 लोगों की जान गई है।भारी बारिश और भूस्खलन से अब तक प्रदेश में 1738 मकानों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें 463 घर पूरी तरह से ढह गए हैं। अकेले मंडी जिले में 1102 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें 387 पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। इसके अलावा प्रदेश में 295 दुकानें और 1610 गौशालाएं भी प्रभावित हुई हैं।राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार अब तक प्रदेश को कुल 1852 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। इसमें लोक निर्माण विभाग को 971 करोड़ और जलशक्ति विभाग को 633 करोड़ रुपये की क्षति पहुंची है। मौसम विभाग के अनुसार लगातार बारिश के कारण आने वाले दिनों में नुकसान और बढ़ सकता है।इस मॉनसून सीजन में अब तक फ्लैश फ्लड की 55, बादल फटने की 28 और भूस्खलन की 48 घटनाएं हो चुकी हैं। सबसे अधिक 16 बार मंडी जिले में बादल फटा और 12 बार भूस्खलन हुआ। वहीं, लाहौल-स्पीति में फ्लैश फ्लड की 30 घटनाएं दर्ज की गई हैं।

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मुंबई । रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने बुधवार को वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की सकल घरेलू उत्‍पाद (जीडीपी) वृद्धि दर का अनुमान 6.50 फीसदी पर बरकरार रखा है। इसके साथ ही आरबीआई ने महंगाई दर का अनुमान 3.7 फीसदी से घटाकर 3.1 फीसदी कर दिया है। आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीति (एमपीसी) की तीन दिवसीय समीक्षा बैठक के बाद कहा कि सामान्य से बेहतर दक्षिण और पश्चिम मानसून, कम मुद्रास्फीति, क्षमता इस्तेमाल में बढ़ोतरी और अनुकूल वित्तीय स्थितियां घरेलू आर्थिक गतिविधियों को समर्थन दे रही हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए वित्त वर्ष 2025-26 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 6.5 फीसदी रहने का अनुमान है। आरबीआई गवर्नर ने पहली तिमाही में 6.5 फीसदी, दूसरी तिमाही में 6.7 फीसदी, तीसरी तिमाही में 6.6 फीसदी और चौथी तिमाही में 6.3 फीसदी जीडीपी रहने का अनुमान जताया है। इसके साथ ही उन्‍होंने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 6.6 फीसदी रहने का अनुमान जतायाा है। हालांकि, उन्‍होंने कहा कि जोखिम दोनों ओर समान रूप से संतुलित हैं। आरबीई गवर्नर ने कहा कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा महंगाई दर लगातार आठवें महीने गिरकर जून में 77 महीने के निचले स्तर 2.1 फीसदी पर आ गई। मुख्य रूप से खाद्य मुद्रास्फीति में भारी गिरावट से महंगाई दर नीचे आई है। उन्‍होंने कहा कि मजबूत सरकारी पूंजीगत व्यय सहित सहायक मौद्रिक, नियामकीय एवं राजकोषीय नीतियों से मांग में तेजी आने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित महंगाई दर 3.1 फीसदी रहने का अनुमान है। दूसरी तिमाही में 2.1 फीसदी, तीसरी तिमाही में 3.1 फीसदी और चौथी तिमाही में 4.4 फीसदी रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए खुदरा महंगाई दर 4.9 फीसदी रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि 2025-26 के लिए मुद्रास्फीति का अनुमान जून में अपेक्षा से अधिक अनुकूल रहा है।

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कोलकाता । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया टैरिफ संबंधी बयानों के बीच भारतीय सेना ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर साल 1971 के युद्ध के दौरान पाकिस्तान को अमेरिका के सैन्य मदद की याद दिलाई है। मंगलवार को भारतीय सेना की पूर्वी कमांड ने पुरानी अखबार की कटिंग शेयर की है, जिसमें बताया गया है कि कैसे साल 1954 से 1971 के बीच पाकिस्तान को 2 अरब डॉलर के अमेरिकी हथियार भेजे गए थे।   भारतीय सेना की पूर्वी कमांड ने मंगलवार को 5 अगस्त 1971 के एक अखबार की कटिंग शेयर करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ''इस दिन उस साल युद्ध की तैयारी। जिसमें हैशटैग #KnowFacts का इस्तेमाल किया गया। अखबार की कटिंग में बोल्ड अक्षरों में लिखा है, '1954 से 2 बिलियन डॉलर मूल्य के अमेरिकी हथियार पाकिस्तान भेजे गए।'   सेना की ओर से शेयर किए गए इस अखबार कटिंग में लिखा है कि वर्ष 1954 से 1971 के बीच अमेरिका ने पाकिस्तान को दो अरब डॉलर से अधिक मूल्य के हथियार दिए थे। इन हथियारों के दम पर पाकिस्तान ने 1965 और 1971 में भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ा था। तत्कालीन रक्षा राज्य मंत्री वीसी शुक्ला के बयान का हवाला भी इस कटिंग में मौजूद है, जिसमें उन्होंने राज्यसभा में बताया था कि बांग्लादेश में भड़के विद्रोह के मद्देनजर नाटो देशों और सोवियत संघ से पाकिस्तान को हथियार देने का अनुरोध किया गया था। अखबार में यह भी दर्ज है कि अमेरिका और चीन ने मिलकर पाकिस्तान को हथियार मुहैया कराए, जिनकी मदद से पाकिस्तान ने 1971 का युद्ध लड़ा।   उल्लेखनीय है कि अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत पर रूस से तेल खरीदने और उसे प्रॉफिट पर बेचने का आरोप लगाया है। इस पर भारत ने स्पष्ट किया है कि जब रूस से तेल खरीदना शुरू किया गया था, तब अमेरिका ने खुद इसे उचित ठहराया था। विदेश मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा कि भारत की आलोचना करने वाले राष्ट्र ही स्वयं रूस के साथ व्यापार में लिप्त हैं। मंत्रालय ने कहा कि भारत को निशाना बनाना अनुचित और तर्कहीन है। किसी भी प्रमुख अर्थव्यवस्था की तरह, भारत अपने राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।  

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नई दिल्‍ली । रिलायंस समूह के अध्यक्ष अनिल अंबानी बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष यहां पेश हुए। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ईडी 17,000 करोड़ रुपये के बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले की चल रही जांच के तहत अनिल अंबानी से पूछताछ कर रही है। ईडी ने उनसे पूछताछ के लिए समन भेजा था, जिसके बाद वे आज पूर्वाह्न करीब 11 बजे नई दिल्ली स्थित ईडी के कार्यालय पहुंचे। सूत्रों ने बताया कि ईडी 66 वर्षीय उद्योगपति अनिल अंबानी का बयान धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत दर्ज करेगी। उन्‍हें यह समन 24 जुलाई को मुंबई में ईडी द्वारा उनके व्यावसायिक समूह के अधिकारियों सहित 25 लोगों एवं 50 कंपनियों के 35 ठिकानों की तलाशी लेने के बाद जारी किया गया। ईडी की यह कार्रवाई रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर (आर इंफ्रा) सहित अनिल अंबानी की कई कंपनियों द्वारा वित्तीय अनियमितताओं और 17,000 करोड़ रुपये से अधिक के सामूहिक ऋण की राशि के हेरफेर से संबंधित है। इसमें पहला आरोप 2017 और 2019 के बीच येस बैंक द्वारा अनिल अंबानी समूह की कंपनियों को दिए गए लगभग 3,000 करोड़ रुपये के अवैध’ ऋण के गलत इस्तेमाल से संबंधित है।

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर ने संयुक्त रूप से दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा देने की मंगलवार को घोषणा की। इस अवसर पर भारत और फिलीपींस के बीच कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने यहां के हैदराबाद हाउस में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस वर्ष भारत और फिलीपींस अपने कूटनीतिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं और राष्ट्रपति मार्कोस की भारत यात्रा इस संदर्भ में विशेष महत्व रखती है। उन्होंने कहा, “हमारे कूटनीतिक संबंध भले ही नए हैं, लेकिन हमारी सभ्यताओं के संपर्क बहुत प्राचीन हैं। फिलीपींस की रामायण महाराडिया लवाणा इसका प्रमाण है।”संवाददाता सम्मेलन के दौरान दोनों देशों ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी, डिजिटल तकनीक, पर्यटन तथा रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने वाले समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। भारतीय और फिलीपींस सशस्त्र बलों के बीच तीन संदर्भ शर्तों का आदान-प्रदान भी हुआ, जो रक्षा सहयोग में बढ़ते विश्वास का प्रतीक है।प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत और फिलीपींस का द्विपक्षीय व्यापार तीन अरब डॉलर के पार पहुंच गया है। इसे और मज़बूत करने के लिए भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौते की समीक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा, “हम विकास साझेदारी के अंतर्गत फिलीपींस में त्वरित प्रभाव वाली परियोजनाओं की संख्या बढ़ाएंगे और संप्रभु डेटा क्लाउड अवसंरचना के विकास में भी सहयोग देंगे।”रक्षा सहयोग के क्षेत्र में, भारतीय नौसेना के तीन जहाज़ फिलीपींस में नौसैनिक अभ्यास में भाग ले रहे हैं, जो दोनों देशों के बीच मजबूत हो रहे समुद्री संबंधों का प्रमाण है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश मानवीय सहायता, आपदा राहत और खोज व बचाव अभियानों में एक-दूसरे के साथ मिलकर कार्य करते रहे हैं।प्रधानमंत्री मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा करने और आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़े होने के लिए फिलीपींस सरकार का आभार जताया।पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए फिलीपींस द्वारा भारतीय नागरिकों को वीज़ा-फ्री एंट्री देने के निर्णय का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि भारत भी फिलीपींस के पर्यटकों को मुफ़्त ई-वीज़ा सुविधा देगा। दिल्ली और मनीला के बीच सीधी उड़ानों की शुरुआत के लिए प्रयास जारी हैं।मोदी ने कहा कि फिलीपींस भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और महासागर विजन का अहम साझेदार है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और नियम आधारित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए दोनों देश प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत और फिलीपींस अपनी इच्छा से मित्र हैं और नियति से साझेदार। हमारी यह दोस्ती सिर्फ़ अतीत का संबंध नहीं है, बल्कि भविष्य का एक वादा है।”  

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वाराणसी । पहाड़ाें और मैदानी इलाकाें में भारी बारिश से उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा नदी विकराल रूप धारण किये है। गंगा की रौद्र लहरें खतरे के निशान 71.26 मीटर को दो दिन पहले ही पार कर बाढ़ के उच्चतम बिंदु 73.901 मीटर तक पहुंच चुकी है। गंगा का पानी शहरी इलाकाें तक पहुंच कर घराें में घुसने लगा है जिससे लाेगाें की परेशानियां बढ़ गई हैं। मणिकर्णिका घाट पर शवों को अंतिम संस्कार के लिए प्लेटफॉर्म तक नाव से ले जाना पड़ रहा है। बाढ़ में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन सतर्क है। प्रभावित इलाकाें में राहत व बचाव कार्य चलाया जा रहा है।   केन्द्रीय जल आयोग से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को वाराणसी में गंगा का जलस्तर 72 मीटर पार कर गया। सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 72.03 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर में लगातार औसतन एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की वृद्धि हो रही है। बीते 24 घंटों में गंगा 57 सेंटीमीटर चढ़ी है। गंगा का पानी घाटों काे पार करने के बाद अब शहरी इलाकों में घुसने लगा है। दशाश्वमेध, शीतला घाट से होते हुए पानी चितरंजन पार्क, सामने घाट से बीएचयू ट्रॉमा सेंटर, गंगोत्री विहार, नगवा और सामनेघाट की कालोनियों तक पहुंच गया है। इन क्षेत्रों में घुटनों से ऊपर जलभराव हो चुका है। मणिकर्णिका घाट की गलियों में नावें चल रही हैं और शवों को अंतिम संस्कार के लिए प्लेटफॉर्म तक नाव से ले जाया जा रहा है। हरिश्चंद्र घाट पर भी अंतिम संस्कार गलियों में किया जा रहा है, जिससे धार्मिक कार्यों में भारी दिक्कतें पेश आ रही हैं। नगवा के संतोष पांडेय, राजकुमार व विनोद गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2019 के बाद सामने घाट की सड़कों से लेकर ट्रॉमा सेंटर तक बाढ़ का पानी आया है। पूरी सड़क डूब गई है। इन इलाकों में बाढ़ का पानी घराें में  घुसने लगा है। दुकान और कारोबार ठप हैं।   तहसील सदर के 32 गांव और 24 शहरी मोहल्ले बने 'टापू'जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, तहसील सदर के 32 गांव बाढ़ की चपेट में आकर टापू में तब्दील हो चुके हैं। इनमें रामपुर ढाब, रामचंदीपुर, मुस्तफाबाद, छितौना, जाल्हूपुर, लुठा, अम्बा, शिवदसा, गोबरहा, मोकलपुर, हरिहरपुर, राजापुर, तातेपुर, बभनपुरा, कुकुढ़ा, बर्थरा कला, धोबही, श्रीष्टि, रैमला, सेहवार, चांदपुर, पिपरी, डुडुवा, कैथी, टेकुरी, बर्थरा खुर्द, लक्ष्मीसेनपुर, धरहरा, रमना, टेकरी, नरोत्तमपुर और तारापुर है। इन गांवों में फसलें पूरी तरह से जलमग्न हो चुकी हैं और कृषि कार्य ठप हो गया है। इसी तरह, शहर के 24 मोहल्ले गंगा और वरूणा नदियों की बाढ़ से घिर गए हैं। इनमें सलारपुर, सरैया, नक्खी घाट, दानियालपुर, कोनिया, ढ़ेलवरिया, पुल कोहना, सारनाथ, रसूलगढ़, नगवां, हुकुलगंज, अस्सी, पुष्कर तालाब, सिकरौल, पैगम्बरपुर, तपोवन, रूप्पनपुर, सराय मोहना, कपिल धारा, बघवा नाला, मौजा हाल, डोमरी, सूजाबाद, दशाश्वमेध इलाके में बड़ी आबादी बाढ़ से प्रभावित हैं। कई स्थानों पर अब सड़कों पर नावें चलने की नौबत आ गई है। प्रभावित इलाकाें से पलायन शुरू, प्रशासन अलर्टहालात बिगड़ते देख लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं। शहर का जनजीवन थम सा गया है। वहीं, बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन सतर्क है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, जल पुलिस और राहत एजेंसियां सक्रिय हैं। प्रभावित इलाकों में राहत व बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। गंगा में बढ़ते जलस्तर के कारण सहायक नदी वरूणा भी उफान पर है, जिससे तटवर्ती इलाकों की स्थिति और खराब हो गई है।

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नई दिल्ली । झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का सोमवार सुबह सर गंगा राम अस्पताल में निधन हो गया। वे 81 वर्ष के थे। शिबू सोरेन किडनी से जुड़ी बीमारी के चलते पिछले एक महीने से अस्पताल में भर्ती थे।सर गंगा राम अस्पताल की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि शिबू सोरेन को आज सुबह 8:56 बजे मृत घोषित कर दिया गया। लंबी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया। वे किडनी की बीमारी से पीड़ित थे और डेढ़ महीने पहले उन्हें स्ट्रोक भी हुआ था। पिछले एक महीने से वे लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे।शिबू सोरेन के पुत्र और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद दिल्ली में मौजूद हैं। हेमंत सोरेन ने अपने पिता के निधन की जानकारी साझा करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''आदरणीय दिशोम गुरुजी हम सभी को छोड़कर चले गए हैं। आज मैं शून्य हो गया हूं। …''

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लंदन । भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ पांचवां और अंतिम टेस्ट मुकाबला रोमांचक अंदाज़ में 6 रन से जीत लिया है। इस जीत के साथ ही भारत ने पांच मैचों टेस्ट सीरीज 'एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी' 2-2 से बराबर कर ली।   ओवल में खेले गए इस मुकाबले के अंतिम दिन इंग्लैंड को जीत के लिए मात्र 35 रन चाहिए थे, लेकिन तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद सिराज ने कहर बरपाते हुए तीन अहम विकेट चटकाए और कुल पांच विकेट लेकर भारत को असंभव सी लग रही जीत दिला दी। प्रसिद्ध कृष्णा ने उनका अच्छा साथ निभाया और अंतिम दिन एक और कुल मिलाकर चार विकेट लेकर भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।इंग्लैंड को अंतिम दिन जीत के लिए सिर्फ 35 रन चाहिए थे और उसके पास चार विकेट बचे थे, हालांकि इनमें से एक बल्लेबाज़ क्रिस वोक्स थे, जो चोटिल कंधे के चलते बायें हाथ से बल्लेबाज़ी कर रहे थे। लेकिन सिराज ने रिवर्स स्विंग का शानदार नमूना पेश करते हुए महज़ कुछ डिग्री की स्विंग में इंग्लैंड की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उन्होंने पुरानी गेंद से खतरनाक स्पैल में तीन विकेट झटके और मैच में कुल पांच विकेट लेते हुए भारत को यादगार जीत दिलाई।इससे पहले चौथे दिन जो रूट और हैरी ब्रूक के शानदार शतक तथा 195 रन की साझेदारी ने इंग्लैंड को मज़बूत स्थिति में पहुंचा दिया था। लेकिन चाय के बाद हुई बारिश ने मैच को अंतिम दिन तक खींच दिया। जब खेल फिर से शुरू हुआ, तो प्रसिद्ध कृष्णा ने अपनी अधूरी ओवर से शुरुआत की। जेमी ओवरटन ने पहली ही गेंद पर चौका जड़ा, लेकिन अगली गेंद पर उनका बल्ले का किनारा स्टंप्स के ऊपर से निकलते हुए बाउंड्री लाइन तक चला गया।इसके बाद सिराज का जलवा शुरू हुआ। उन्होंने पहले जेमी स्मिथ को बिना किसी रन के आउट किया, फिर जेमी ओवरटन को एलबीडब्ल्यू फंसा कर भारत को मैच में वापस ला दिया। हालांकि, अगली ही गेंद पर एटकिनसन का कैच राहुल के हाथों तक नहीं पहुंचा, लेकिन सिराज ने अपना धैर्य बनाए रखा।प्रसिद्ध कृष्णा ने फिर जोश टंग को क्लीन बोल्ड किया, जिन्होंने पहले एक एलबीडब्ल्यू के फैसले से डीआरएस के सहारे बचाव किया था। इंग्लैंड को अब 17 रन की जरूरत थी और मैदान पर चोटिल वोक्स को उतरना पड़ा।गस एटकिनसन ने वोक्स को स्ट्राइक से दूर रखने की रणनीति अपनाई, लेकिन एक बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में उनका कैच डीप में खड़े आकाश दीप ने छह रनों में बदल दिया।आखिरकार, सिराज ने एक और सटीक यॉर्कर से एटकिनसन को क्लीन बोल्ड किया और भारत को इस ऐतिहासिक मुकाबले में जीत दिला दी। पूरा ओवल स्टेडियम भारतीय खिलाड़ियों की जश्न में झूम उठा।संक्षिप्त स्कोर:भारत: 224 (करुण नायर 57; एटकिनसन 5/33, टंग 3/57) और 396 (यशस्वी जायसवाल 118, आकाश दीप 66, सुंदर 53, जडेजा 53; टंग 5/125, एटकिनसन 3/127) इंग्लैंड: 247 (क्रॉली 64, ब्रूक 53; प्रसिद्ध 4/62, सिराज 4/86) और 367 (ब्रूक 111, रूट 105; सिराज 5/104, प्रसिद्ध 4/126)परिणाम: भारत ने 6 रन से जीत दर्ज की।

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पटना । बिहार में बीते कुछ दिनाें से लगातार हाे रही भारी बारिश और नेपाल से छाेड़े गये पानी से उत्तर बिहार की अधिकांश नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। खासकर गंगा, कोसी, पुनपुन, गंडक, बूढ़ी गंडक, कमला बलान, महानंदा और घाघरा नदियां उफान पर हैं। प्रदेश के कई जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। जल संसाधन विभाग ने एहतियातन अलर्ट जारी किया है।    गंगा नदी का जलस्तर पटना, भागलपुर और कहलगांव में खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। गांधी घाट (पटना) पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 20 सेमी ऊपर दर्ज किया गया, जबकि हाथीदह में 1 सेमी, भागलपुर में 10 सेमी और कहलगांव में 13 सेमी ऊपर चला गया। बक्सर में अगले 24 घंटे में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर जाने की आशंका है। अभी यह खतरे के निशान से महज एक फीट नीचे है। कोसी नदी, जिसे 'बिहार की शोक' भी कहा जाता है, अब एक बार फिर अपने उसी रौद्र रूप में लौट आई है। खगड़िया में इस नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। जल्द ही डुमरी, बलतारा, सहरसा, सुपाैल और कुरसेला में भी इस नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर सकता है।   पुनपुन नदी का जलस्तर पटना में खतरे के निशान के पार पहुंच चुका है। इसके साथ ही गंडक, बूढ़ी गंडक, कमला बलान, भूतही बलान, सोन, महानंदा और घाघरा जैसी नदियों के जलस्तर में 10 से 48 सेमी तक की वृद्धि का अनुमान है।   जमुई जिले के झाझा प्रखंड स्थित बरमसिया पुल का एक हिस्सा अचानक धंस गया, जिससे झाझा नगर और सोनो प्रखंड के दर्जनों गांवों का संपर्क टूट गया। यह पुल उलाय नदी पर बना हुआ था। अब हजारों ग्रामीणों का झाझा मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट चुका है।    इसी प्रखंड के बाराकोला पंचायत अंतर्गत पचकठिया गांव में शनिवार काे भारी बारिश के कारण एक कच्चा घर ढह गया। 49 वर्षीय मोहन खैरा मलबे में दब गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। प्रशासन द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और परिवार को सहायता देने की प्रक्रिया जारी है।   उधर, हवेली खड़गपुर-तारापुर मार्ग एक बार फिर ठप हो गया। डंगरी नदी पर बना अस्थायी डायवर्जन पानी के साथ बह गया। टेटियाबंबर प्रखंड का संपर्क टूट चुका है। बीते महीने भी यह डायवर्जन दो बार बह चुका है, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी हुई थी।   बिहार से होकर बहने वालीं उक्त तमाम नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने अलर्ट जारी किया है। विभागीय अभियंताओं को सभी तटबंधों की चौबीस घंटे और सातों दिन (24x7) निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमें कई संवेदनशील जिलों में तैनात की जा रही हैं। प्रशासन की ओर से कई तटीय गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।    बाढ़ प्रभावित इलाके के लोग राज्य और केंद्र सरकार राहत और पुनर्वास कार्यों को युद्धस्तर पर चलाए जाने की मांग कर रहे हैं, ताकि जान-माल की हानि कम से कम हो। 

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मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को मुंबई में कहा कि सूबे में मराठी के नाम पर मारपीट किसी भी तरह बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा सांसद निशिकांत दूबे मुंबई आते हैं, तो उनका स्वागत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र की भाषा मराठी है। सभी को मराठी सीखना चाहिए। इसका यह अर्थ नहीं कि जिसे मराठी नहीं आती, उसकी पिटाई की जाए। मारपीट करने से कोई मराठी भाषा नहीं सिखाई जा सकती। उन्होंनेने हाल ही में सांसद निशिकांत दूबे और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के व्यक्तव्य समुद्र में डूबो-डूबो कर मारेंगे पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा वे इस तरह व्यक्तव्यों का किसी भी कीमत पर समर्थन नहीं करेंगे। लेकिन जब भी निशिकांत दूबे मुंबई में आएंगे, उन्हें पूरी सुरक्षा दी जाएगी और उनका स्वागत किया जाएगा। हालांकि मुख्यमंत्री के इस व्यक्तव्य पर शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राऊत ने आज प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे मराठी भाषा को लेकर अपना आंदोलन जारी रखेंगे। इसका कारण महाराष्ट्र की स्थापना मराठी भाषा की वजह से हुई है और इसके लिए हमारे १०६ पुरखों ने अपने जान का बलिदान दिया है। उन्होंने कहा कि उनका विरोध सिर्फ हिंदी के लिए सख्ती को लेकर है, जबकि वे किसी भाषा का विरोध नहीं करते हैं। दरअसल महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे)की ओर से मराठी भाषा के नाम पर गैर मराठी भाषियों के साथ मनसे कार्यकर्ता मारपीट कर रहे हैं। इसी संदर्भ में निशिकांत दूबे ने राज ठाकरे को चेताते हुए कहा था कि हिंदी का विरोध करने का दूरगामी परिणाम हो सकता है। इसके बाद राज ठाकरे ने निशिकांत दूबे को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर दूबे मुंबई आए तो उन्हें समुद्र में डूबो-डूबो कर मारेंगे। इसके बाद मनसे का गैर मराठी विरोध थम नहीं रहा है, इसी वजह से आज मुख्यमंत्री ने मराठी के नाम पर गैर मराठी भाषियों की पिटाई पर कठोर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।

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गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में रविवार को बेकाबू कार नहर में गिरने से 11 लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में अधिकांश लोग एक ही परिवार के हैं। हादसे में तीन बच्चे और चालक बच गया हैं। इसके अलावा एक बच्ची लापता है, जिसकी तलाश जारी है। घटना पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी शोक संवेदना व्यक्त कर मृतकों के परिवार को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये देने का ऐलान किया है। इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मृतकों के परिवार को पांच-पांच लाख रुपये देने का घोषणा की है।   पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि मोतीगंज थाना क्षेत्र के सीहागांव निवासी यह लोग जल चढ़ाने के लिए बोलेरा कार से पृथ्वीनाथ मंदिर जा रहे थे। कार में 16 लाेग सवार थे। घटना के वक्त बारिश हो रही थी। जिले के थाना इटियाथोक के अंतर्गत गांव रेहरा में नहर के किनारे की सड़क फिसलनभरी और संकरी हाेने से चालक के ब्रेक लगाया तभी कार फिसलते हुए नहर में जा गिरी। नहर पानी से लबालब भरा हुआ था, जिसमे कार डूब गयी। कार का गेट न खुलने से 11 लोगों की डूब कर माैत हाे गई है। हादसे में तीन बच्चाें सहित चार लाेग किसी तरह बच गए। एक बच्ची अभी लापता बताई जा रही है।   एसपी ने बताया कि मृतकों की पहचान प्रहलाद की पत्नी बीना कसौधन (40) व उसकी दाे पुत्रियां काजल कसौधन (22), महक (17), रामकरन कसौधन (37), उनकी पत्नी अनसुईया (32), सौम्या (10), बेटा शुभ (7), रामरूप की पत्नी दुर्गेशनंदनी (35), बेटा अमित (14), राम लल्लन की पत्नी संजू (26) और बहन अंजू वर्मा (20) के रूप में हुई है। इसके अलावा रामरूप की बेटी रचना जिसकी उम्र 10 साल है वह अभी लापता है। उसकी तलाश में टीम लगी हुई है। हादसे में चार अन्य लोग जाे घायल हैं उनकी पहचान प्रहलाद की बेटी पिंकी, बेटा सत्यम, रामललन और चालक सीताशरन है। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है।   घटना की जानकारी पर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन और पुलिस अधीक्षक सहित तमाम प्रशासनिक अधिकारी माैके पर पहुंचे और घटना की जांच पड़ताल की। जिलाधिकारी निरंजन ने घटना पर अपना दुख प्रकट करते हुए कहा है कि प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ है। हादसे की सही वजह जानने के लिए स्थानीय लोगों से पूछताछ चल रही है।  

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  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के अखल वन क्षेत्र में चल रही मुठभेड़ में एक और आतंकवादी काे मार गिराया गया है। इससे मरने वालों आतंकियाें की संख्या बढ़कर 2 हो गई है। शनिवार को यह जानकारी अधिकारियों ने दी।शुक्रवार शाम को सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम द्वारा आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद इलाके की घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू करने के बाद मुठभेड़ शुरू हुई थी।एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पहले एक आतंकवादी मारा गया था अब एक और आतंकवादी मारा गया है। उन्होंने कहा कि अभियान अभी भी जारी है।   इससे पहले सुबह पुलवामा निवासी हारिस नजीर डार आतंकवादी सुरक्षाबलों द्वारा चलाए गए एक अभियान में मारा गया। अभियान के दौरान एके-47 राइफल, एके मैगजीन और ग्रेनेड सहित हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया। 

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नई दिल्ली । कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर लगातार दूसरे दिन शनिवार को चुनाव आयोग पर हमला बोला। उन्होंने आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें 2014 से ही भारत की चुनाव प्रणाली पर संदेह रहा है और हाल के वर्षों में हुए कुछ चुनाव परिणामों ने इस शक को और गहरा किया है।   नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने यहां के विज्ञान भवन में आयोजित कांग्रेस के ‘राष्ट्रीय कानूनी सम्मेलन’ में कहा कि गुजरात विधानसभा चुनाव, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के चुनावों में जो नतीजे आए, वे स्वाभाविक नहीं थे। महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में जीत के बाद केवल चार महीने में विधानसभा में कांग्रेस और उसके सहयोगी दल बुरी तरह हार गए, जो सामान्य नहीं था। इस मामले में कांग्रेस ने गहराई से पड़ताल की और महाराष्ट्र में उन्हें कुछ ऐसे प्रमाण मिले जिनसे संकेत मिलता है कि वोटर लिस्ट में भारी हेरफेर हुई थी।   इस सम्मेलन का आयोजन कांग्रेस के कानून, मानवाधिकार और आरटीआई विभाग ने किया है। सम्मेलन में राहुल के साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस के कानून, मानवाधिकार और आरटीआई विभाग के अध्यक्ष डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी सहित कई वरिष्ठ नेता और देशभर के वकील शामिल हुए।   राहुल गांधी ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच एक करोड़ नए वोटर सूची में जोड़े गए और उनमें से अधिकांश वोट भाजपा को मिले। उन्होंने कहा कि इस विषय पर कांग्रेस ने छह महीने तक शोध किया लेकिन चुनाव आयोग ने सहयोग नहीं किया। आयोग ने उन्हें कागजी मतदाता सूची दी, जिसे स्कैन या कॉपी नहीं किया जा सकता था। जब इन सूचियों की गहन जांच की गई तो पाया गया कि साढ़े छह लाख वोटरों में से लगभग डेढ़ लाख फर्जी थे। राहुल ने कहा कि अब उनके पास 100 प्रतिशत प्रमाण हैं और जल्द ही वे इसे सार्वजनिक करेंगे।   उन्होंने कहा कि भारत की चुनाव प्रणाली अब निष्पक्ष नहीं रही और चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को ‘नष्ट’ कर दिया गया है। इस देश में जो भी सत्ता के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे निशाना बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि वे खुद इस समय दर्जनों मुकदमों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कृषि कानूनों के खिलाफ आवाज उठाने पर उन्हें धमकी दी गई थी लेकिन उन्होंने झुकने से इनकार किया क्योंकि कांग्रेस का डीएनए संघर्ष का है।   राहुल गांधी ने स्वतंत्रता संग्राम में वकीलों की भूमिका का जिक्र कर कहा कि गांधी, नेहरू, पटेल और अंबेडकर के नेतृत्व में हजारों वकीलों ने देश को आजादी दिलाने में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि आज जब संवैधानिक संस्थाओं को व्यवस्थित तरीके से कमजोर किया जा रहा है, तब देश के वकीलों की जिम्मेदारी है कि वे अदालतों में संविधान की रक्षा करें। कांग्रेस इस लड़ाई को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर लड़ रही है, लेकिन संवैधानिक और कानूनी लड़ाई वकीलों को लड़नी होगी। उन्होंने अंत में यह विश्वास जताया कि जब वे अपने पास मौजूद प्रमाण देश के सामने रखेंगे, तो चुनाव प्रणाली को लेकर जनता की आंखें खुल जाएंगी।

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वाराणसी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता को बाबा विश्वनाथ को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि पहलगाम में आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की हत्या के बाद देश की बेटियों के सिंदूर का जो वचन उन्होंने काशीवासियों से लिया था, वह अब पूरा हो गया है। यह केवल महादेव के आशीर्वाद से ही संभव हुआ।प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को वाराणसी के सेवापुरी ब्लॉक के बनौली गांव में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार काशी आया हूं। काशी के मेरे मालिकों, आपके वचन का पालन करते हुए मैंने बेटियों के सिंदूर का बदला लिया। ऑपरेशन की सफलता को बाबा विश्वनाथ के चरणों में समर्पित करता हूं। उन्होंने कहा कि सावन का महीना हो, काशी जैसा पवित्र स्थान हो और किसानों से जुड़ने का अवसर मिले, इससे बड़ा सौभाग्य कुछ नहीं हो सकता। उन्होंने मंच से ही मां गंगा, बाबा विश्वनाथ और मार्कण्डेय महादेव को नमन करते हुए कहा कि सावन में बाबा के भक्तों की भीड़ को देखते हुए वे दर्शन करने नहीं जाएंगे, ताकि किसी को कोई असुविधा न हो।   प्रधानमंत्री ने भावुक होकर कहा कि जब महाशिवरात्रि पर यादव बंधु जलाभिषेक के लिए निकलते हैं, तो वह दृश्य कितना मनोरम होता है, एक अद्भुत कोलाहल होता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि नया भारत केवल भोलेनाथ को पूजता नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर दुश्मनों के सामने कालभैरव भी बन जाता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में बनने जा रही ब्रह्मोस मिसाइल का उल्लेख करते हुए कहा कि मैं यूपी का सांसद हूं, इस नाते मुझे खुशी है कि ब्रह्मोस मिसाइल यूपी में भी बनेगी। ये मिसाइल लखनऊ में तैयार होंगी। अगर पाकिस्तान ने फिर कोई पाप किया तो यूपी में बनी मिसाइल आतंकियों को तबाह कर देंगी।     प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत पर जो वार करेगा वो पाताल में भी नहीं बचेगा। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि दुर्भाग्य है कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता से अपने देश के भी कुछ लोगों के पेट में दर्द हो रहा है। ये कांग्रेस पार्टी और उनके चेले चपाटे इस बात को पचा नहीं पा रहे कि भारत ने आतंकियों के ठिकानों को मिट्टी में मिला दिया। मैं अपने भारतीयों से पूछना चाहता हूं कि आपको ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर गर्व है कि नहीं। कांग्रेस ने ऑपरेशन सिंदूर को तमाशा कहा है, आप मुझे बताइए सिंदूर कभी भी तमाशा हो सकता है क्या। क्या कोई सिंदूर को तमाशा कह सकता है क्या, कोई मुझे बताए क्या आतंकवादियों को भी मारने के लिए इंजतार करना चाहिए, सपा को फोन करूं क्या कि आतंकियों को मार दें।  इसके पहले जनसभा में प्रधानमंत्री ने 2,183 करोड़ रुपये की 52 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त के तहत देशभर के 9.70 करोड़ किसानों के खातों में ऑनलाइन माध्यम से 20,500 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की। चुनिंदा दिव्यांगजनों और वृद्धों में सहायक उपकरण बांटे। प्रधानमंत्री मोदी ने मंच से पांच दिव्यांगों को ऐसे आधुनिक उपकरण दिए जिससे उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल जाएगी। एक दृष्टिबाधित छात्रा को लो विजन चश्मा देकर प्रधानमंत्री ने उससे कुछ देर बातचीत भी की।

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  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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भोपाल । उच्चतम न्यायालय की गठित सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे ने कहा कि भोपाल में सड़क सुरक्षा और यातायात सुधार के क्षेत्र में संगठित प्रयासों के माध्यम और अधिक सुदृढ़ तथा आदर्श शहर बनाया जाए। जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम सहित सभी संबंधित विभागों को गंभीरता, लगन और समर्पण भाव से कार्य करना होगा।   न्यायमूर्ति सप्रे शुक्रवार को भोपाल प्रवास के दौरान पुलिस आयुक्त कार्यालय में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर आगामी तीन माह में सकारात्मक बदलाव सुनिश्चित करने की अपेक्षा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उच्चतम न्यायालय की सड़क सुरक्षा संबंधी समिति भोपाल को इस दिशा में हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में हो रही मृत्यु की संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।    बैठक में न्यायमूर्ति सप्रे ने कहा कि हेलमेट पहनने की आदत को बढ़ावा दिया जाए, सीट बेल्ट उपयोग के प्रति जागरूकता लाई जाए, शराब पीकर वाहन चलाने वालों एवं नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोक परिवहन को बढ़ावा दिया जाए ताकि सड़कों पर छोटे वाहनों का दबाव कम हो सके। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस विभाग सहित सभी शासकीय कर्मचारी वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से सीट बेल्ट/हेलमेट का उपयोग करें। स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य किया जाए। उन्होंने मीडिया से जन-जागरूकता अभियान को गति देने में सहयोग का भी आग्रह किया।   न्यायमूर्ति सप्रे ने भोपाल जिले के अंतर्गत विगत 5 वर्षों में हुई सड़क दुर्घटनाओं, ब्लैक स्पॉट चिन्हांकन एवं उनके सुधार कार्यों, चालानी कार्रवाई, जन-जागरूकता अभियानों और अन्य नवाचारों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति का जीवन अमूल्य है और किसी की गलती से निर्दोष की जान न जाए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि वाहनों की फिटनेस की नियमित जांच की जाए, ड्राइविंग टेस्ट में सख्ती बरती जाए, बीमा और लाइसेंस की अनिवार्यता सुनिश्चित की जाए तथा ओवरलोडिंग पर रोक के लिए विशेष कार्रवाई की जाए। सड़कों पर मानक गति सीमा का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों के लिए राहवीर योजना और कैशलेस ट्रीटमेंट योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।   न्यायमूर्ति सप्रे ने कहा कि प्रशासन एवं पुलिस बड़ी संस्थाओं से अपील करे कि वे अपने कर्मचारियों के लिए परिवहन सुविधाएं, जैसे बसें आदि उपलब्ध कराएं, जिससे सड़कों से वाहनों का अत्यधिक दबाब कम हो। उन्होंने जिले के नागरिकों से भी आग्रह किया कि बच्चों को बचपन से ही सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाए।   कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि भोपाल जिले में सड़क सुरक्षा और यातायात सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिनमें नवाचार और जन-जागरूकता अभियान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बैठक में दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्र ने कहा कि पुलिस विभाग सड़क सुरक्षा को लेकर और अधिक सक्रियता से कार्य करेगा तथा जागरूकता अभियान को गति देकर उसे प्रभावी बनाया जाएगा।   बैठक में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्र, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त पंकज श्रीवास्तव, नगर निगम आयुक्त हरेन्द्र नारायण, स्मार्ट सिटी सीईओ अंजू अरुण कुमार, जिला पंचायत सीईओ ईला तिवारी एवं एडीएम अंकुर मेश्राम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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मुंबई । महाराष्ट्र के मालेगांव बम विस्फोट मामले में बरी होने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने गुरुवार को कहा कि आज हिंदुत्व की जीत हुई है, भगवा जीत गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें १७ सालों तक अपमानित किया गया, लेकिन मैं आज राहत महसूस कर रही हूं। अदालत का फैसला सुनने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह भावुक हो गईं। इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा , 'जब मुझे पहली बार पूछताछ के लिए बुलाया गया था, तो मैं मानवता और न्याय के सम्मान के साथ आई थी। मुझे 13 दिनों तक प्रताडि़त किया गया, मेरा जीवन नष्ट कर दिया गया। मुझे 17 साल तक अपमानित किया गया। मुझे अपने ही देश में आतंकवादी बना दिया गया। मैं उन लोगों के बारे में कुछ नहीं कह सकती जिन्होंने मुझे इन दिनों तक पहुँचाया। मैं जीवित हूँ क्योंकि मैं एक संन्यासी हूँ।'   उन्होंने कहा कि यहां तक कि संन्यासी, संत भी हर समय मर रहे हैं। उन्होंने भगवान को कलंकित किया है। फैसले के बाद साध्वी प्रज्ञा ने जजों का शुक्रिया अदा किया। मेरी बात सुनने और मुझे समझने के लिए धन्यवाद। आपने भगवा को आतंकवादी कहा। भगवा जीत गया है। हिंदुत्व जीत गया है। हिंदुत्व को आतंकवाद कहने वालों को कभी माफ नहीं किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि गुरुवार को मुंबई में विशेष एनआईए अदालत ने मालेगांव विस्फोट मामले के सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा केवल संदेह के आधार पर आरोपितों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, इसलिए सभी आरोपितों को बरी किया जा रहा है। मालेगांव में 29 सितंबर 2008 के बम विस्फोट मामले में 6 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी और सौ से ज़्यादा गंभीर रूप से घायल हुए थे। जांच एजेंसी ने इस मामले में साध्वी प्रज्ञा सिंह सहित ११ आरोपितों पर मामला दर्ज किया था और सात आरोपितों को गिरफ्तार किया था। अदालत ने आज साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर , कर्नल प्रसाद पुरोहित , मेजर रमेश उपाध्याय, समीर कुलकर्णी, अजय राहिरकर, सुधाकर चतुर्वेदी और सुधाकर द्विवेदी को निर्दोष बरी किया है।

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देवघर । झारखंड के देवघर जिले के मोहनपुर प्रखंड के जमुनिया के पास मंगलवार सुबह कांवड़ियों से भरी बस और गैस सिलेंडर लदे ट्रक के बीच भीषण टक्कर में छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई। दुर्घटना में 23 लोग घायल हैं, जिनमें आठ की हालत गंभीर है। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भेजा गया है।   मृतकों में सुभाष तुरी (40) पिता दुखी तुरी निवासी गांव चकरमा थाना मोहनपुर जिला देवघर (बस चालक), दुर्गावती देवी (45) पति गामा धांगर निवासी गांव मतराजी थाना लोकरिया जिला पश्चिम चंपारण, बिहार, सुमन कुमारी (30) पति सुनील कुमार दास निवासी गांव सनोरा थाना पड़ैया जिला गयाजी, बिहार, समदा देवी (40) पति देवकी प्रसाद निवासी गांव तरेगना थाना धनरूआ जिला पटना, बिहार, पीयूष कुमार उर्फ शिवराज (15) पिता सुनील पंडित निवासी गांव महनार जिला वैशाली, बिहार और बिहार के ही पटना जिले के धनरूआ थाना क्षेत्र के तरेगना गांव निवासी देवकी प्रसाद शामिल हैं। देवकी प्रसाद की एम्स ले जाने के क्रम में मौत हो गयी।   एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग ने बताया कि दुर्घटना में छह लोगों की मौत हुई है। कुल 23 लोग घायल हैं। इनमें आठ की हालत गंभीर है।   देवघर एसडीओ रवि कुमार ने बताया कि श्रद्धालु देवघर के बाबा धाम मंदिर से दर्शन कर बासुकिनाथ धाम जा रहे थे। इसी बीच सुबह करीब साढ़े पांच बजे चालक को झपकी आयी और बस अनियंत्रित होकर गैस सिलेंडर लदे एक ट्रक से जा टकरायी। इसके बाद बस कुछ दूर आगे गयी और ईंट रखे ढेर से टकरा गयी। हादसे में अबतक छह लोगों की मौत हुई है। 23 लोग घायल हैं। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गंभीर रूप से घायल आठ लोगों का इलाज एम्स में चल रहा है। अन्य घायलों का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है।   राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने जताया दुख   राज्यपाल संतोष गंगवार ने बस दुर्घटना में श्रद्धालुओं की मौत पर शोक जताया है। सोशल मीडिया एक्स पर उन्होंने कहा कि देवघर से बासुकीनाथ जा रही कांवड़ियों की बस दुर्घटना में कई श्रद्धालुओं के निधन का समाचार अत्यंत दुखद एवं पीड़ादायक है। मैं शोकाकुल परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं तथा बाबा भोलेनाथ से घायल श्रद्धालुओं के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं।   मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बस दुर्घटना में श्रद्धालुओं की मौत पर दुख जताते हुए सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि आज सुबह देवघर के मोहनपुर प्रखंड के जमुनिया चौक के पास बस दुर्घटना में श्रद्धालुओं की मृत्यु की अत्यंत दुःखद सूचना मिली है। जिला प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य के साथ घायलों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराया जा रहा है। बाबा बैद्यनाथ दुर्घटना में मरने वाले श्रद्धालुओं की आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिवारजनों को दुःख की घड़ी सहन करने की शक्ति दे।   18 श्रद्धालुओं की मौत का दावा   वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और सांसद निशिकांत दुबे ने 18 श्रद्धालुओं के मारे जाने का दावा करते हुए दुर्घटना पर दुख जताया है। मरांडी ने एक्स पर लिखा कि देवघर-बासुकीनाथ मुख्य सड़क पर हुए भीषण सड़क हादसे में 18 कांवरियों के मृत्यु की दुखद घटना से मन अत्यंत व्यथित है। जिला प्रशासन दुर्घटना में घायल सभी श्रद्धालुओं के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करे। बाबा बैद्यनाथ दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिजनों को यह अपार दुख सहन करने की शक्ति दें। सभी घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं।   गोड्डा के सांसद निशिकांत दूबे ने एक्स पर लिखा, ''मेरे लोकसभा के देवघर में सावन मास में कांवर यात्रा के दौरान बस और ट्रक के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण 18 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। बाबा बैद्यनाथ जी उनके परिजनों को दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।''

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गाजा पट्टी । गाजा पट्टी के कई इलाकों में आज तड़के इजराइल के हवाई हमले में 15 नागरिक मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। इजराइल के लड़ाकू विमानों में इन क्षेत्रों में बमबारी की है। इतना ही नहीं, इजराइली बलों ने कल्किलिया प्रांत के पूर्वी हिस्से में एक निर्माणाधीन इमारत की नींव गिरा दी। इसके अलावा इजराइली खुफिया एजेंसी ने सुबह फिलिस्तीनी बार एसोसिएशन के प्रमुख फदी अब्बास को तलब किया।फिलिस्तीनी राष्ट्रीय प्राधिकरण की आधिकारिक समाचार एजेंसी वाफा के अनुसार, गाजा शहर के पश्चिम में हैदर गोलचक्कर के पास एक अपार्टमेंट पर इजराइली बलों की बमबारी में दो नागरिक मारे गए और अन्य कई घायल हो गए। वहीं, मध्य गाजा पट्टी में नुसेरात शरणार्थी शिविर के उत्तर में न्यू कैंप इलाके में की गई बमबारी में आठ लोग मारे गए और 11 अन्य घायल हो गए। गाजा पट्टी के दक्षिण में खान यूनिस के मवासी के मीना इलाके में विस्थापितों को आश्रय स्थल पर बमबारी में चार नागरिक मारे गए। बमबारी के दौरान अनेक लोग घायल हो गए।वाफा की खबरों में बताया गया है कि इजराइली सुरक्षा बलों ने कल्किलिया प्रांत के पूर्वी हिस्से में एक निर्माणाधीन इमारत की नींव गिरा दी और कई स्थानों पर कृषि संबंधी कामकाज रोकने के नोटिस जारी किए। इजराइल बलों ने आज सूरज निकलने से पहले सलफित प्रांत के पश्चिम में स्थित कफर अद-दिक और बुरकिन कस्बों पर धावा बोला और कई घरों पर छापे मारे। बलों ने यहां के निवासी की पिटाई की और एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया।फिलिस्तीनी शहर हेब्रोन स्थित नागरिक मामलों के सामान्य प्राधिकरण ने सुबह स्वास्थ्य मंत्रालय को सूचित किया कि 31 वर्षीय ओदेह मोहम्मद खलील अल-हथलिन की कल शाम यट्टा के पूर्व में स्थित उम्म अल-खैर गांव में एक इजराइली सैनिक ने गोली मारकर हत्या कर दी। यट्टा में कर्मचारी के शव को सुरक्षित रूप से दफनाने के लिए गहन प्रयास किए जा हैं।यरूशलम गवर्नरेट के अनुसार, इजराइली खुफिया एजेंसी ने मंगलवार सुबह फिलिस्तीनी बार एसोसिएशन के प्रमुख फदी अब्बास को तलब किया। एजेंसी ने उनसे फिलिस्तीनी प्राधिकरण के साथ उनके संबंधों और फतह आंदोलन से उनके राजनीतिक जुड़ाव के बारे में पूछताछ की। खुफिया एजेंसी ने उन्हें फिलिस्तीनी बार एसोसिएशन के यरूशलम में काम करने पर प्रतिबंध लगाने के फैसले की जानकारी दी।

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नई दिल्ली । जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हमला कर 26 सैलानियों की धर्म पूछ कर नृशंस हत्या करने वाले तीनों आतंकवादी सोमवार को एक संयुक्त अभियान में सुरक्षा बलों के हाथों मारे गए। केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आज यहां लोकसभा में आपरेशन सिन्दूर पर कल से जारी चर्चा में भाग लेते हुए सदन और देश के साथ यह जानकारी साझा की।श्री शाह ने कहा, "मैं सदन के माध्यम से कल हुए 'ऑपेरशन महादेव' की जानकारी पूरे देश को देना चाहता हूं। कल 'ऑपेरशन महादेव' में सुलेमान, अफगान और हमज़ा जिब्रान नाम के तीन आतंकवादी सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और जम्मू कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान में मारे गए।"गृह मंत्री ने कहा कि सुलेमान, लश्कर ए तैयबा का ए श्रेणी का कमांडर था। पहलगाम और गगनगीर आतंकी हमले में वो लिप्त था, इसके बहुत सारे सबूत हमारी एजेंसियों के पास हैं। अफगान और हमज़ा जिब्रान भी ए ग्रेड के आतंकवादी थे जो हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा थे। 22 मई को हमें सेंसर के माध्यम से आतंकवादियों के होने की पुष्टि मिली। फिर हमारी 4 पैरा के नेतृत्व में, सीआरपीएफ के जवान और जम्मू कश्मीर पुलिस के जवानों ने एक साथ आतंकवादियों को घेरने का काम किया। जिन्होंने बैसरन घाटी में हमारे निर्दोष नागरिकों को मारा था, उनमें ये तीनों आतंकवादी शामिल थे और कल तीनों ही मारे गए।उन्होंने कहा, "मैं सेना, सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस के सभी जवानों को सदन और पूरे देश की ओर से बहुत-बहुत साधुवाद देता हूं।"श्री शाह ने कहा," मैं इस अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए 24 राष्ट्रीय राइफल्स (24 आरआर), 4 पैरा, जम्मू-कश्मीर पुलिस (जेकेपी) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के बहादुर कर्मियों को बधाई देना चाहता हूं और अपना हार्दिक आभार व्यक्त करना चाहता हूं।"

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नई दिल्ली । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में सोमवार को ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान कहा कि यह भारत की ओर से आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक और स्पष्ट संदेश था कि भारत ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर कायम है। सिंह ने कहा कि यह सैन्य अभियान पाकिस्तान में स्थित नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए चलाया गया था, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी, उनके प्रशिक्षक और संचालक मारे गए।   रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कहना कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय दबाव में ऑपरेशन को रोका, “निराधार और पूरी तरह गलत” है। उन्होंने कहा, “अपने राजनीतिक जीवन में मैंने असत्य न बोलने की कोशिश की है।” उन्होंने कहा कि ऑपरेशन का उद्देश्य केवल सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की संप्रभुता, अस्मिता और नागरिकों के प्रति सरकार की जिम्मेदारी को दर्शाना था। यह ऑपरेशन 6-7 मई 2025 की रात को शुरू होकर मात्र 22 मिनट में पूरा किया गया।राजनाथ सिंह ने कहा कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में हुए कायराना आतंकी हमले में 25 निर्दोष नागरिकों सहित एक नेपाली नागरिक की जान गई थी। आतंकवादियों ने धर्म पूछकर लोगों को मारा- जो मानवता के विरुद्ध सबसे घृणित कृत्य है।हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर उन्हें आवश्यक स्वतंत्रता दी। इसके बाद भारतीय सेनाओं ने “ऑपरेशन सिंदूर” की योजना बनाई और उसे सफलतापूर्वक अंजाम दिया।सिंह ने कहा कि ऑपरेशन के बाद, भारत ने पाकिस्तान को हॉटलाइन के माध्यम से संदेश भेजा कि यह कार्रवाई सीमित थी और आगे बढ़ाने की कोई मंशा नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की ओर से की गई यह कार्रवाई पूर्णतः आत्मरक्षा में थी– न उकसावे वाली थी और न ही विस्तारवादी। बावजूद इसके, 10 मई को पाकिस्तान ने भारत पर बड़े पैमाने पर हमला करने की कोशिश की, जिसमें मिसाइलें, ड्रोन और रॉकेट शामिल थे।सिंह ने लोकसभा को आश्वस्त करते हुए कहा कि एस-400, आकाश मिसाइल प्रणाली और ड्रोन-रोधी सिस्टम जैसे अत्याधुनिक रक्षा उपकरणों की मदद से भारत ने पाकिस्तान के इस हमले को पूरी तरह विफल कर दिया। पाकिस्तान भारत की किसी भी महत्वपूर्ण संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचा सका। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कहना कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय दबाव में ऑपरेशन को रोका, “निराधार और पूरी तरह गलत” है। उन्होंने कहा, “अपने राजनीतिक जीवन में मैंने असत्य न बोलने की कोशिश की है।”लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस पर कहा कि पूरी दुनिया ने देखा कि कैसे भारतीय सेना ने आतंकवाद के विरुद्ध एक निर्णायक कार्रवाई की। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि कार्यमंत्रणा समिति (बीएसी) में तय प्रक्रिया के तहत इस पर चर्चा की जा रही है।राजनाथ सिंह ने सदन में वीर सपूतों को नमन करते हुए कहा कि जब भी आवश्यकता पड़ी है, भारतीय जवानों ने राष्ट्र की रक्षा के लिए पीछे नहीं हटे।

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नई दिल्ली । छत्तीसगढ़ के दुर्ग में जबरन धर्म परिवर्तन और मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार की गई तीन कैथोलिक ननों का मामला तूल पकड़ता जा रहा हैै। लोकसभा ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इसे अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न बताया।राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि छत्तीसगढ़ में दो कैथोलिक ननों को उनकी आस्था के कारण जेल भेजा गया है। यह न्याय नहीं बल्कि भीड़तंत्र है। उन्होंने इसे एक पैटर्न बताते हुए कहा कि मौजूदा शासन में अल्पसंख्यकों का व्यवस्थित उत्पीड़न हो रहा है। सांसदों ने संसद में इस मुद्दे पर विरोध-प्रदर्शन किया। हम चुप नहीं बैठेंगे। धार्मिक स्वतंत्रता एक संवैधानिक अधिकार है और हम ननों की तत्काल रिहाई व इस अन्याय के लिए जवाबदेही की मांग करते हैं।कांग्रेस महासचिव वेणुगोपाल ने कहा कि दुर्ग में कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी और उत्पीड़न के खिलाफ सांसदों ने संसद के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि बिना किसी अपराध के ननों को हिंसक भीड़ ने निशाना बनाया और अल्पसंख्यकों को डराने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार में अल्पसंख्यकों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार कर रहा हैै।उल्लेखनीय है कि 26 जुलाई को छत्तीसगढ़ पुलिस ने बजरंगदल पदाधिकारी की शिकायत पर मानव तस्करी और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप में दुर्ग रेलवे स्टेशन से तीन लड़कियों को आगरा ले जा रहीं दो ननों और एक अन्य महिला को गिरफ्तार किया था।

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पटना । बिहार में पटना जिले के मसौढ़ी में 'डॉग बाबू' नाम से जारी निवास प्रमाण पत्र को रद्द कर दिया गया है। सोमवार को एक आधिकारिक बयान में इसकी जानकारी जिला प्रशासन ने दी है। इसके साथ ही संबंधित पदाधिकारी और कर्मचारियों पर जिलाधिकारी (डीएम) ने केस दर्ज करने का आदेश दिया है।   कुत्ता के लिए जारी किए गए प्रमाण पत्र का संज्ञान लेते हुए, पटना जिला प्रशासन ने कहा कि आवेदक, कंप्यूटर ऑपरेटर और प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पटना जिला प्रशासन के ट्विटर हैंडल एक्स पर जानकारी दी गयी कि "मसौढ़ी क्षेत्र में "कुत्ता बाबू" के नाम से निवास प्रमाण पत्र जारी करने का मामला सामने आया है। मामला संज्ञान में आते ही उक्त निवास प्रमाण पत्र को रद्द कर दिया गया है। साथ ही, आवेदक, कंप्यूटर ऑपरेटर और प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारी के खिलाफ स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।    पटना जिला प्रशासन ने इस मामले में अनुमंडल अधिकारी (एसडीओ) स्तर की जांच शुरू करने का निर्देश दिया है। जिला प्रशासन ने कहा कि मसौढ़ी के अनुमंडल अधिकारी को पूरे मामले की विस्तृत जांच कर 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।   उल्लेखनीय है कि मीडिया में कुत्ता का निवास प्रमाण पत्र बनाने का मामला सामने आने के बाद विपक्षी दल नेता इसपर जमकर टिप्पणी कर रहे हैं। नेता योगेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर प्रमाण पत्र को शेयर करते हुए लिखा, " यह वही निवास प्रमाण पत्र है, जो भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में मतदाताओं से मांगा गया है।"   योगेंद्र यादव ने आगे लिखा, "अपनी आंखों से देखिए! 24 जुलाई को बिहार में एक कुत्ते को निवास प्रमाण पत्र जारी हुआ। इसमें आधार और राशन कार्ड को फर्जी बताया जा रहा है।"   पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने भी इसको लेकर निशाना साधा। पप्पू यादव ने कहा कि 'कुत्ता दिखा रहा निवास प्रमाण पत्र, कोई प्रमाण पत्र न दे पाए इंसान, यह है मेरा भारत महान, क्या मुख्य चुनाव आयुक्त महोदय, कहां गांजा फूंक सोए हो जनाब? आधार नहीं कुत्ते ने लाया है, आवासीय सर्टिफिकेट, क्या इसे अब मिलेगा वोट का अधिकार?   उल्लेखनीय है कि प्रमाण पत्र पर ऑरिजिनल हस्ताक्षर राजस्व पदाधिकारी के हैं। इसके अलावा आरटीपीएस काउंटर पर बैठने वाले डाटा कर्मचारियों की भी लापरवाही उजागर हूई है। जब प्रमाण पत्र संख्या की जांच की गयी, तो पता चला कि यह असल में दिल्ली की एक महिला के दस्तावेज हैं। आधार कार्ड और पति से संबंधित दस्तावेज भी उसमें अपलोड थे।

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हरिद्वार । धर्मनगरी में एक पहाड़ी पर स्थित मनसा देवी मंदिर के सीढ़ी मार्ग पर रविवार सुबह करंट फैलने की अफवाह से भगदड़ मचने से छह श्रद्धालुओं की माैत हाे गई, जबकि 35 लाेग घायल हुए हैं। घायलों को हरिद्वार जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और गंभीर रूप से घायलाें काे एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है। घटना पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुख जताया और मृतक आश्रिताें और घायलाें काे मुआवजा देने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की मजिस्ट्रियल जांचके आदेश दिए हैं। घटना के बाद हरिद्वार डीएम मयूर दीक्षित और एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने अस्पताल पहुंचकर घायलों के हालचाल जाने और डाॅक्टराें काे उचित इलाज के निर्देश दिये।   वीकेंड होने के कारण भी मनसा मंदिर सहित नगर के अन्य स्थानाें पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी थी। रविवार को प्रातः9 बजे मां मनसा देवी मंदिर जाने वाले सीढ़ी मार्ग पर भारी भीड़ उमड़ी थी। कांवड़ मेला खत्म होने के बाद भी बड़ी संख्या में कांवडि़ए और श्रद्धालु मंदिर में देवी के दर्शन के लिए पहुंचे हुए थे। मंदिर के मुख्य सीढ़ी पैदल मार्ग पर ज्यादा भीड़ बढ़ने के बीच करंट फैलने की अफवाह के बाद श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ की स्थिति बन गई और सीढ़ी मार्ग पर श्रद्धालु एक दूसरे के ऊपर गिरने लगे। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से स्थिति काे नियंत्रित किया।   एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि सुबह 9 बजे करीब पुलिस कंट्रोल रूम को मंदिर से 100 मीटर नीचे सीढ़ी पैदल मार्ग पर भगदड़ मचने की सूचना मिली। मौके पर एसडीआरएफ और पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयाेग से हताहत लोगों को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया। एसएसपी डोबाल ने बताया कि मार्ग पर करंट लगने की अफवाह से भगदड़ की स्थिति पैदा हुई। अस्पताल में कुल 35 घायलों को लाया गया था। जिसमें से छह की मौत हो गई।   गढ़वाल कमिश्नर रवि शंकर पांडे ने छह लोगों की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। मंदिर परिसर को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया है। मौके एसडीआरएफ और पुलिस बल मौके पर मौजूद है।   मृतकाें के परिजनाें काे दाे-दाे लाख देगी सरकार: मुख्यमंत्रीमनसा देवी मंदिर हादसे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छह श्रद्धालुओं की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया और पीडि़त परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करने के लिए अधिकारियाें काे निर्देशित किया। मुख्यमंत्री धामी ने भगदड़ की दुर्घटना की मजिस्टेट जांच के आदेश दिए हैं। इसके अलावा हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को पचास-पचास हजार रुपये की सहायता देने की भी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा करने के भी निर्देश दिए गए हैं।   राज्य के आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि इस दुर्घटना में पांच गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है। इसके अतिरिक्त 23 अन्य घायल श्रद्धालुओं का उपचार जिला चिकित्सालय हरिद्वार में चल रहा है, जहां सभी घायलों को आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।   मृतकाें और घायलाें की हुई शिनाख्त इसी बीच प्रशासन ने हादसे में मारे गए लोगों और घायलों की सूची जारी कर दी है। पुलिस के अनुसार हादसे में मरने वाले में सौदा बरेली उत्तर प्रदेश निवासी आरुष पुत्र पंकज उर्फ प्रवेश उम्र 12 वर्ष, अररिया बिहार निवासी शकल अेव पुत्र बचन उम्र 18 वर्ष, बासुआ खेड़ी काशीपुर, उत्तराखंड निवासी विपिन सैनी पुत्र रघुवीर सैनी उम्र 18 वर्ष, मोहतरमा जिला बाराबंकी उत्तर प्रदेश निवासी वकील पुत्र भरत सिंह और बदायूं, उत्तर प्रदेश निवासी शांति देवी पत्नी रामभरोसे के रूप में हुई है। घटना की सूचना पर मां मंनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविन्द्र पुरी महाराज ने भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लियाआ और घटना पर दुःख जताया।   हेल्पलाइन नंबर जारी घटना के संबंध में आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मनसा देवी मंदिर में आज हुई घटना की जानकारी देने के लिए कई हेल्पलाइन नम्बर जारी किए गए हैं। इनमें जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र, हरिद्वार के लिए 01334-223999, 9068197350 और 9528250926 पर जानकारी कीजा सकती है। इसके अलावा राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र, देहरादून के लिए 0135-2710334, 2710335, 8218867005 और 9058441404 नंबर परघटना के मृतक अथथा घायलों के बारे में जानकारी की जा सकती है।  

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मुंबई । शिवसेना यूबीटी के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से रविवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के राज ठाकरे ने मातोश्री बंगले पर मुलाकात की और उद्धव ठाकरे को उनके जन्मदिन पर शुभकामना दी। दोनों भाइयों की इस मुलाकात को महाराष्ट्र की आगामी राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार राज ठाकरे ने आज मनसे नेता बाला नांदगांवकर के मोबाइल फोन से शिवसेना यूबीटी के प्रवक्ता संजय राऊत से बात की और कहा कि वे मातोश्री बंगले पर आ रहे हैं। इसके बाद राज ठाकरे मातोश्री बंगले पर पहुंचे और स्वर्गीय शिवसेना प्रमुख बाला साहेब की तस्वीर के समक्ष उद्धव ठाकरे से मिले और उन्हें जन्मदिन की शुभकामना दी। इसके बाद दोनों भाइयों के बीच करीब २० मिनट पर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। इस मौके पर मनसे नेता बांलनांदगांवकर, नितीन सरदेसाई, शिवसेना यूबीटी के नेतासंजय राऊत, दिवाकर रावते आदि उपस्थित थे। दरअसल राज ठाकरे शिवसेना से अलग होकर सन २००६ में ही अपनी नई पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का गठन किया था। उसी समय राज ठाकरे ने मातोश्री बंगला भी छोड़ दिया था। हालांकि सन् २०१२ में उद्धव ठाकरे की बीमारी के समय और २०१५ में वे मातोश्री बंगले पर गए थे। हाल ही में राज में चल रहे हिंदी-मराठी मुद्दे पर दोनों भाई एकमत होकर आंदोलन किया था। तब से फिर दोनों भाइयों के बीच दूरी धीरे-धीरे कम हो रही है।   गौरतलब है कि दोनों भाइयों की राजनीति मराठी और भूमिपूत्रों पर आधारित है, इसलिए अगर दोनों भाई एक होते हैं, तो मराठी वोटबैंक में बंटवारा की संभावना कम है। इसका महाराष्ट्र की राजनीति पर दूरगामी परिणाम हो सकता है, इसलिए आज हुई उद्धव-राज की मुलाकात को अहम माना जा रहा है।

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली स्थित गंगईकोंडा चोलपुरम मंदिर में आदि तिरुवथिरई महोत्सव के दौरान महान चोल सम्राट राजेंद्र चोल प्रथम के जयंती उत्सव में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने सम्राट के सम्मान में एक स्मारक सिक्का जारी किया।   प्रधानमंत्री मोदी ने आज गंगईकोंडा चोलपुरम मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान वे एक 'कलश' (धातु का बर्तन) लेकर आए, जिसमें गंगा का जल भरा हुआ था। यह जल धार्मिक दृष्टि से पवित्र माना जाता है। उनके आगमन पर मंदिर के पुजारी ने पारंपरिक सम्मान के साथ उनका स्वागत किया।   प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा कि भारत देश की विविधता और संस्कृति हमारे साम्राज्य और धरोहर का प्रतीक है। चोल साम्राज्य की विरासत हमें यह सिखाती है कि एकता में कितनी शक्ति होती है। इस ऐतिहासिक मंदिर में पूजा करना उनके लिए अत्यंत सम्मान की बात है। उन्होंने कहा, “यहां, मैं केवल अपनी व्यक्तिगत प्रार्थना नहीं कर रहा हूँ, बल्कि मैंने देश के 140 करोड़ लोगों के कल्याण के लिए प्रार्थना की है। मैं भगवान शिव से आशीर्वाद मांगता हूं कि वे सभी को आशीर्वाद प्रदान करें।”   चोल साम्राज्य के इतिहास का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राजेंद्र चोल प्रथम ने न केवल दक्षिण भारत में बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया में भी अपने साम्राज्य का विस्तार किया। उनकी विजयी सेनाएँ श्रीलंका, मालदीव और अन्य देशों तक पहुंचीं। यह संयोग है कि वे कल ही मालदीव से लौटे हैं और आज इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का हिस्सा बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि चोल राजाओं ने हमेशा सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देने का कार्य किया।   प्रधानमंत्री मोदी ने चोल साम्राज्य के योगदान को याद करते हुए कहा कि राजेंद्र चोल ने गंगा जल को उत्तर से दक्षिण में लाकर पूजन किया। आज उसे पोन्नेरी झील के रूप में जाना जाता है। यह जल हमारी सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज केन्द्र सरकार उसी चोला युग की विचारधारा को आगे बढ़ा रही है। काशी-तमिल संगमम् और सौराष्ट्र-तमिल संगमम् जैसे आयोजनों के माध्यम से हम एकता के पुराने सूत्रों को मजबूत कर रहे हैं।   उन्होंने कहा कि गंगईकोंडा चोलपुरम मंदिर की भव्यता और इसका ऐतिहासिक महत्व हमें यह याद दिलाता है कि हम किस प्रकार की सांस्कृतिक धरोहर के वारिस हैं। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस धरोहर को संरक्षित रखें और इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाएं।   उल्लेखनीय है कि राजेंद्र चोल प्रथम (1014-1044 ई.) भारतीय इतिहास के सबसे शक्तिशाली और दूरदर्शी शासकों में से एक थे। उनके नेतृत्व में चोल साम्राज्य ने दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में अपना प्रभाव बढ़ाया। गंगईकोंडा चोलपुरम को उनकी शाही राजधानी के रूप में स्थापित किया गया था और यह मंदिर आज भी शैव भक्ति, स्मारकीय वास्तुकला और प्रशासनिक कौशल का प्रतीक बना हुआ है।   आदि तिरुवथिरई महोत्सव तमिल शैव भक्ति परंपरा का एक महत्वपूर्ण उत्सव है। चोलों ने इसे उत्साहपूर्वक समर्थन दिया और इसके 63 संत-कवियों - नयनमारों - ने इसे अमर कर दिया। इस वर्ष का उत्सव विशेष महत्व रखता है क्योंकि राजेंद्र चोल का जन्म नक्षत्र तिरुवथिरई (आर्द्रा) में हुआ था, जो 23 जुलाई से शुरू होता है।

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अहमदाबाद । लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को गुजरात के आणंद में नवनियुक्त जिला कांग्रेस अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन किया। वह गुजरात में एक दिन रुकेंगे। कांग्रेस कमेटी ने विजन 2027 का रोडमैप तय करने के लिए प्रदेश नवनियुक्त जिला कांग्रेस अध्यक्षों के लिए 26 से 28 जुलाई तक तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया है।     नेता प्रतिपक्ष राहुल आज सुबह वडोदरा हवाई अड्डे पर पहुँचे। वहां पर कोंग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। जहां से वे सड़क मार्ग से आणंद पहुंचे। कांग्रेस ने "संगठन सृजन अभियान" के तहत गुजरात में सभी जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की है। इसी के तहत उन्होंने आणंद में अंधारिया चकला के पास निजानंद रिसॉर्ट में आयोजित प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया है। वह नवनियुक्त जिला अध्यक्षों के साथ लगभग चार घंटे बिताएंगे और उनका मार्गदर्शन करेंगे।   प्रशिक्षण शिविर में संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, महासचिव एवं गुजरात संगठन प्रभारी मुकुल वासनिक, गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा और प्रदेश कांग्रेस व आणंद कांग्रेस के पदाधिकारी शामिल हुए।   राहुल गांधी आज जितोदिया में सहकारी दुग्ध उत्पादकों और सहकारी समुदाय के नेताओं के साथ बैठक भी करेंगे। लोकसभा चुनाव-2024 के बाद जुलाई 2024 में राहुल गांधी गुजरात दौरे पर आए थे। तब उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि जिस तरह हमने अयोध्या में भाजपा को हराया है, उसी तरह गुजरात में भी हराएंगे।   कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने भी गुजरात के दौरे बढ़ा दिए हैं। गुजरात कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी ने पिछले साल उन्हें गुजरात में भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) को हराने की चुनौती दी है। उस समय उन्होंने संसद में कहा था, "आप लिख लीजिए, इस बार हम आपको गुजरात में हराएँगे।" विपक्षी भारतीय गठबंधन गुजरात में भाजपा को हराएगा।"   कांग्रेस के लिए गुजरात क्यों महत्वपूर्ण? गुजरात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह का गृह राज्य है, इसलिए यहाँ का हर चुनाव अहम होता है। ऐसे में कांग्रेस को लगता है कि अगर उसे आगे बढ़ना है, तो उसे गुजरात में भाजपा को हराना होगा। इसके लिए कांग्रेस अगले दो सालों के लिए अपना कार्यक्रम तैयार करेगी।

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इम्फाल । मणिपुर में सुरक्षा बलों ने बीते 24 घंटे में इम्फाल वेस्ट और थौबल जिलों में चलाए गए अभियानों के दौरान प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों से जुड़े तीन सक्रिय कैडरों को गिरफ्तार किया है, जो राज्य में संगठित उगाही रैकेट चलाने में लिप्त बताए जा रहे हैं।   पुलिस प्रवक्ता ने शनिवार को बताया कि इम्फाल वेस्ट के पटसोई थाना क्षेत्र के सलाम ममांग लैकाई स्थित आवास से सोरोखैबम इनाओचा सिंह उर्फ रोमेश (47) को गिरफ्तार किया गया। वह कांगलेइपक कम्युनिस्ट पार्टी (पीपुल्स वॉर ग्रुप) का कैडर है और लंबे समय से क्षेत्र में उगाही अभियान में संलिप्त रहा है। उसके पास से बरामद सामानों में तीन मोबाइल फोन, एक पैन कार्ड, केसीपी (पीडब्ल्यूजी) के लेटरहेड वाले पांच उगाही नोट तथा "केसीपी (पीडब्ल्यूजी)" और "रिवेन्यू आफिसर (आरओ)" नामक दो सील स्टैम्प शामिल हैं।   शुक्रवार को थौबल जिले के ओइनाम सावोमबंग मयाई लैकाई में छापेमारी कर ओइनाम रंजीता देवी उर्फ एराई लैमा (38) को हिरासत में लिया गया। वह आरपीएफ/पीएलए से जुड़ी है और स्कूल, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशनों से उगाही करने की गतिविधियों में सक्रिय थीं।उसके पास से जब्त की गई सामग्रियों में तीन मोबाइल फोन, एक आधार कार्ड तथा पीड़ितों के नाम और संपर्क विवरण वाले कई नोटपैड व दस्तावेज शामिल हैं।   इसके अलावा तीसरी कार्रवाई में थौबल जिले के ही लेइरोंगथेल पित्रा क्षेत्र से अहंथेम सुरजीत सिंह (29) को गिरफ्तार किया गया। वह वांगजिंग एसके लैकाई का निवासी और पीएलए का सक्रिय सदस्य है। वह न सिर्फ उगाही, बल्कि नए कैडरों की भर्ती और धमकी देने जैसी गतिविधियों में भी शामिल रहा है।    तीनों गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ जारी है और सुरक्षा एजेंसियां इनके नेटवर्क व संपर्क सूत्रों की गहराई से जांच कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को कारगिल युद्ध स्मारक पर कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान की गई सर्जिकल स्ट्राइक पाकिस्तान के लिए स्पष्ट संदेश थी कि आतंकवाद समर्थकों को बख्शा नहीं जाएगा। यह पहलगाम आतंकी हमले का जवाब भी था जो पूरे देश के लिए गहरा घाव था। इस बार भारत ने दिखाया कि जवाब निर्णायक होगा।   विजय दिवस पर एक सभा को संबोधित करते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि दुश्मन को कड़ी प्रतिक्रिया देना भारत द्वारा स्थापित नई सामान्य स्थिति है। उन्होंने कहा कि देशवासियों द्वारा दिखाए गए विश्वास और सरकार द्वारा दी गई खुली छूट के कारण भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया। जो भी शक्ति भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता को चुनौती देने या लोगों को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करेगी, उसे करारा जवाब दिया जाएगा। जनरल द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना ने पाकिस्तान में नौ महत्वपूर्ण आतंकवादी ठिकानों को बिना किसी नुकसान के ध्वस्त कर दिया।   ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में आतंकी ढाँचे को प्रभावी ढंग से निशाना बनाकर भारत ने निर्णायक जीत हासिल की। सेना ने आतंकवादी ढाँचे को निशाना बनाया और निर्णायक जीत हासिल करने के लिए पाकिस्तान के अन्य आक्रामक प्रयासों को भी विफल कर दिया। उन्होंने कहा कि 8 और 9 मई को पाकिस्तानी कार्रवाई का प्रभावी ढंग से जवाब दिया गया। हमारी सेना की वायु रक्षा एक अभेद्य दीवार की तरह खड़ी थी जिसे कोई भी मिसाइल या ड्रोन भेद नहीं सकता था।    उन्होंने कहा कि भारतीय सेना दुनिया में एक महत्वपूर्ण ताकत बनने की राह पर है। रुद्र, एक पूरी ब्रिगेड की स्थापना की जा रही है जिसके लिए कल मंजूरी दी गई है। इसके तहत हमारे पास रसद और युद्ध सहायता प्रदान करने के लिए एक ही स्थान पर पैदल सेना, मशीनीकृत पैदल सेना, बख्तरबंद इकाइयाँ, तोपखाने, विशेष बल और मानव रहित हवाई इकाइयाँ होंगी।   सेना ने एक विशेष स्ट्राइक फोर्स भैरव लाइट कमांडो यूनिट का गठन किया है जो सीमा पर दुश्मन को चौंकाने के लिए हमेशा तैयार है। द्विवेदी ने कहा कि हर पैदल सेना बटालियन में अब एक ड्रोन प्लाटून है। तोपखाने में शक्तिबान रेजिमेंट का गठन किया गया है जो ड्रोन, काउंटर-ड्रोन और लोइटर गोला-बारूद से लैस होगी। हर रेजिमेंट में इन चीजों से लैस एक कम्पोजिट बैटरी होगी।   सेना प्रमुख ने कहा कि आने वाले दिनों में हमारी क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी क्योंकि हम सेना की वायु रक्षा प्रणालियों को स्वदेशी मिसाइलों से लैस कर रहे हैं।   पिछले साल रजत जयंती समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति को याद करते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि शीर्ष नेताओं की उपस्थिति दर्शाती है कि यह केवल एक सेना दिवस नहीं बल्कि पूरे देश के लिए एक उत्सव है। उन्होंने कहा कि बर्फीली चोटियों पर वीरों द्वारा दिए गए बलिदानों के कारण ही राष्ट्र सुरक्षित है। हम उनके समर्पण और दृढ़ संकल्प को याद करते हैं और उन वीर नायकों को नमन करते हैं जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति दे दी ताकि हम सम्मान के साथ शांतिपूर्ण जीवन जी सकें।  

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  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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नई दिल्ली । कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शुक्रवार को नई दिल्ली के अशोक विहार स्थित जेलरवाला बाग में झुग्गी-झोपड़ी वालों से मिले। इस दौरान राहुल गांधी के साथ पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक मौजूद रहीं। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने यहां 16 जून को 500 से ज्यादा झुग्गी-झोपड़ियों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें ध्वस्त कर दिया था। पार्टी ने शुक्रवार को एक्स पोस्ट में बताया कि राहुल गांधी ने जेलरवाला बाग में बेघर पीड़ित परिवारों से उनकी समस्याएं सुनीं। कांग्रेस ने इसे सरासर अन्याय बताया। पोस्ट में लिखा कि कांग्रेस इन पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और इन्हें हरसंभव न्याय दिलाने की कोशिश करेंगे।

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  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area          

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  हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया 2.16 करोड़ की सड़क निर्माण का भूमि पूजन ।कोलार मुख्य मार्ग के समानांतर इस मार्ग से 2 लाख नागरिक होंगे सीधे लाभान्वित ।कोलार वासियो को विभिन्न मार्गो के माध्यम से नये भोपाल , होशंगाबाद रोड , जाने में होगी सहूलियत ।कोलार में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण में हुज़ूर विधायक की कारगर पहल सफल ।हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा के अथक प्रयासों से कोलारवासियो को ट्रैफिक जाम से आये दिन होने वाली दिक्कतों से निज़ात मिलने जा रही है । बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान (कोलार मुख्य मार्ग) तक  बायपास रोड का निर्माण कराया जा रहा है । आज हुज़ूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रानी अवंतीबाई मार्ग से मंदाकनी मैदान को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन भूमिका रेसीडेंसी पर किया । 2 करोड़ 16 लाख की लागत से बनने वाली 4200 मीटर इस सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर रहेगी, इस सड़क का निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा किया जायेगा । श्री शर्मा ने बताया की कोलार मुख्य मार्ग पर आये दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाने के लिये इस बाय पास रोड का निर्माण कराया जा रहा है , उन्होंने बताया की बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग का निर्माण पूर्व में कराया जा चूका है । यह रोड  लोक निर्माण विभाग द्वारा बनायीं गयी है  गौरतलब है की उक्त सड़क का भूमि पूजन विधायक शर्मा द्वारा विधायक बनने के तत्काल बाद किया गया था । बैरागढ़ चीचली से रानी अवंती बाई मार्ग तक इस सड़क की दूरी कुल 2 किलोमीटर है ।बैरागढ़ चीचली से मंदाकनी मैदान पर कोलार मुख्य मार्ग पर जोड़ने वाले इस बायपास की कुल दूरी 6 किलोमीटर है । श्री शर्मा ने बताया की बहुत जल्द ही जे के अस्पताल के सामने इस मार्ग के जंक्शन पर एक पुल का निर्माण भी कराया जायेगा जो की सीधा शाहपुरा, भरत नगर , हबीबगंज , चुनाभट्टी , अथवा नये भोपाल को जोड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण के पश्च्यात कोलार के किसी भी नागरिक को ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा । श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग से कोलार सहित आसपास के लगभग 2 लाख नागरिक इससे सीधे लाभान्वित होंगे ।  श्री शर्मा ने बताया की इस मार्ग के निर्माण से पूर्व  उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं स्थानीय नागरिको के साथ दौरा किया गया । फलस्वरूप कोलार को ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिये इस बायपास के निर्माण का निर्णय लिया गया । श्री शर्मा ने बताया की घनी आबादी वाले कोलार में नागरिको की सुविधा के मद्देनज़र इस मार्ग का  अलग अलग भागो में निर्माण कराया गया है , जिससे नागरिको को इसका लाभ पहुँच सके !  श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिको को संबोधित करते हुए कहा की कोलार के समग्र विकास में निरंतर आपके द्वारा मिल रहे इसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है आप सब के सहयोग से हम ग्रीन कोलार क्लीन कोलार का निर्माण करेंगे । कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा का स्थानीय नागरिको द्वारा बड़ी फूलो की माला पहनाकर सड़क निर्माण के लिए अभिन्दन किया गया !  मार्ग से लाभान्वित क्षेत्र  एक नज़र में -: बैरागढ़ चीचली , दौलतपुर ,धोली खदान, प्रियंका नगर ,हिनोतिया गांव ,मानसरोवर डेंटल कॉलेज, सुहागपुर ,पिपलिया, गुराडी , सेमरी ,अमरावत कलां ,सोहागपुर ,बांसखेड़ी झुग्गी बस्ती ,सन खेड़ी झुग्गी बस्ती, आकाश नगर , गिरधर परिसर ,सैफरॉन सिटी ,कृष्णा होम्स ,गिरधर गार्डन ,शिवालय परिसर ,सर्वजन सोसाइटी ,डी के 5 ,जे के अस्पताल , सागर प्रीमियम टॉवर, भूमिका रेसीडेंसी ,वेस्टर्न कौर्ट एवं मंदाकनी सोसायटी आदि इस मार्ग पर अन्य रहवासियो  को इस बाय पास का  सीधा लाभ पहुंचेगा ।होशंगाबाद रोड से जुड़ेगा यह मार्ग यह मार्ग चार बत्ती चौराहे से कालीबाड़ी पुल से होते हुए बाबड़िया रेल्वे फाटक से होशंगाबाद रोड से सीधा जुड़ेगा ।दानिश कुंज से कलियासोत नदी पर सलैया पुल के माध्यम से मिसरोद (होशंगाबाद रोड) से सीधा जुड़ेगा ।कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय पार्षद एवं एम आई सी सदस्य भूपेंद्र माली ,पार्षद पवन बोराना, मंडल उपाध्यक्ष श्याम मीना, बी एस वाजपेयी , महेश तिवारी , इक़बाल खान , अमित शुक्ल, दीपक माथुर , अरुण तिवारी , डी ले पालीवाल , एस एस सेंगर ,शोभा सिकरवार , श्रीमती गीता मिश्रा,गणेश तिवारी,राजेश सेंगर , राज शर्मा , प्रदीप पाटीदार ,आकाश श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में माताये बहने कॉलोनी वासी उपस्थित रहे ।  

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कोलार के वार्ड 82 में आने वाले दानिशकुंज कॉलोनी में नगर निगम द्वारा काम नहीं कराने के बाद भी पार्षद द्वारा निर्माण को लेकर बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गलत जानकारी को लेकर आज दोपहर कांग्रेस पार्षदों, स्थानीय नेताओं और रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त छवि भारद्वाज से मिला। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जानबूझकर श्रेय की राजनीति कर रहे हैं। जबकि, जनता गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा रही है, फिर भी उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह की मांग : कांग्रेस पार्षद संतोष जितेंद्र कंसाना, मोनू सक्सेना, मनजीत मारण, अमित शर्मा, राहुल सिंह राठौर, अखिलेश जैन सहित रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त भारद्वाज से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके अनुसार तत्काल गलत जानकारी देने वाले भाजपा पार्षद भूपेंद्र माली के बोर्ड को नगर निगम प्रशासन हटाए। साथ ही इस मामले में जांच कराएं कि कहीं दानिशकुंज में कराए गए डामर के भुगतान की फर्जी फाइल तो निगम के कार्यालय नहीं पहुंच गई। यदि प्रशासन बोर्ड नहीं लगाएगी, तो कांग्रेसी भी हर वार्ड में ऐसे बोर्ड लगाएगी। दानिशकुंज कॉलोनी में करीब एक करोड़ राशि से डामर कराया गया है। इस पर स्थानीय पार्षद ने खुद डामर कराने के बोर्ड पूरी कॉलोनी में लगा दिए। वहीं, दानिशकुंज सोसायटी ने भी एक विज्ञापन जारी करके कहा कि वह निर्माण उसने कराया है। कुछ लोगों के यहां निर्माण नहीं कराया गया है, वो लोग जल्द ही बकाया राशि जमा कर दें, ताकि बचे हुए स्थानों पर भी डामरीकरण कराया जा सके।

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मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल से साभार ]

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झालावाड़ । राजस्थान के झालावाड़ जिले के मनोहरथाना ब्लॉक के दांगीपुरा थाना क्षेत्र में पीपलोदी गांव में शुक्रवार सुबह एक सरकारी स्कूल की जर्जर इमारत का एक हिस्सा ढह गया। हादसे में सात बच्चों की मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक बच्चे घायल हैं। मलबे में दबे बच्चों को शिक्षकों और ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला गया। सभी घायलों को मनोहरथाना अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से गंभीर रूप से घायल बच्चों को झालावाड़ जिला अस्पताल रेफर किया गया है।   मुख्‍यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि फिलहाल घायल बच्चो को सही समय पर इलाज दिलाना ही प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सभी घायलों का सरकारी खर्च पर इलाज कराया जाएगा और मामले की पूरी जांच कराई जाएगी। दिलावर घटना स्थल के लिए रवाना हो गए हैं। मनोहरथाना अस्पताल के डॉ. कौशल लोढ़ा के अनुसार अस्पताल में घायल बच्चों को लाया गया था, जिनमें से कई की हालत नाजुक थी।   दांगीपुरा थाना अधिकारी विजेंद्र सिंह के अनुसार हादसे के समय कक्षा में कुल 32 बच्चे मौजूद थे, जो मलबे में दब गए थे। एक शिक्षक को भी चोटें आई हैं, हालांकि उन्हें अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया है। चार बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दो बच्चों की मृत्यु अकलेरा अस्पताल में इलाज के दौरान हुई। एक बालिका ने झालावाड़ जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया।   जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने कहा कि मलबे में दबे सभी बच्चों को निकाल लिया गया है। कुछ अस्पताल में हैं या उन्हें घर पहुंचा दिया है। इस तरीके के हादसे को रोकने के लिए हम दृढ़ संकल्प हैं। भविष्य में कोई हादसा नहीं हो हम कोशिश करेंगे। शिक्षा विभाग को हमारे निर्देश थे, कोई भी ऐसा स्कूल हो, जहां पर इस तरीके के हादसे होने की संभावना है, उन स्कूलों में छुट्टी कर दें।   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान, राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और अशोक गहलोत समेत कई नेताओं ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए एक्स पोस्ट में लिखा कि घायलों की हरसंभव मदद की जा रही है।   धर्मेन्द्र प्रधान ने लिखा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से बात कर बचाव कार्यों का जायजा लिया। राहत और बचाव कार्य जारी है एवं घायल बच्चों के उपचार के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।   ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल भवन लंबे समय से जर्जर स्थिति में था और इसकी मरम्मत के लिए कई बार शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। हादसे के समय दोनों शिक्षक स्कूल भवन के बाहर थे। बारिश के दौरान कक्षा की छत गिरने से मलबे में दबे बच्चों को तुरंत बाहर निकालने का कार्य शुरू किया गया। राहत एवं बचाव कार्य के लिए प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंच गई थी।

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नई दिल्ली । केन्द्र सरकार मणिपुर में छह महीने के लिए और राष्ट्रपति शासन बढ़ाने जा रही है। इस संबंध में राज्यसभा में सैंद्धांतिक रूप से राष्ट्रपति शासन को छह महीने और बढाने को लेकर मंजूरी मिल गयी है। अब इस प्रस्ताव को राज्यसभा में चर्चा के लिए लाया जाएगा। इस संबंध में अभी कोई तारीख तय नहीं की गयी है, लेकिन जल्दी ही इसे सदन में रखे जाने की उम्मीद है।   राज्यसभा के बुलेटिन के अऩुसार गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस संबंध में संकल्प की सूचना दी है जिसे स्वीकार कर लिया गया है। संकल्प में कहा गया है कि यह सदन राष्ट्रपति द्वारा संविधान के अनुच्छेद 356 के अंतर्गत मणिपुर के संबंध में 13 फरवरी, 2025 को जारी की गयी उद्घोषणा को 13 अगस्त, 2025 से छह महीने की अतिरिक्त अवधि के लिए लागू रखने का अनुमोदन करता है।"   उल्लेखनीय है कि राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने 13 फरवरी 2005 को मणिपुर में संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन लागू किया था। राष्ट्रपति शासन को 13 अगस्त को छह महीने पूरे होंगे। राज्य में लंबे समय से जारी अशांति और प्रशासनिक अस्थिरता के चलते केंद्र ने यह फैसला किया है।

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  लगेगी शांडिल्य गुरु की प्रतिमा      कोलार रोड के दूसरे छोर भदभदा चौराहे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने  ब्रह्मलीन बालगोविंद शांडिल्य गुरुजी की प्रतिमा स्थापना तथा चौराहे के सौंदर्यीकरण का भूमि-पूजन किया। सौंदर्यीकरण के लिये 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं।   श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहर के विकास के लिये सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि नागरिक शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये प्रेरित करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा कोटरा में सड़क भूमि-पूजन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई-5 शासकीय आवास कोटरा के पास सड़क निर्माण का भूमि-पूजन किया। सड़क की लागत 20 लाख है। श्री गुप्ता ने सड़क का कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।     Attachments area          

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      मध्यप्रदेश के प्राचीन मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रदेश के पुरावैभव, कला और संस्कृति की झलक भी वहां देखने को मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार मंदिरों में संग्रहालयों का निर्माण कराएगी। इस योजना को संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग मिलकर अंजाम देंगे। मध्यप्रदेश में इस समय कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। लेकिन इन मंदिरों में फिलहाल प्रदेश की कला-संस्कृति, इतिहास  और पुरावैभव की झलक दिखाने वाले संग्रहालय नहीं है। राज्य सरकार का सोचना है कि जो श्रद्धालु प्रदेश के प्राचीन मंदिरों में पहुंच रहे है वहां उन्हें भगवान के दर्शन के साथ-साथ प्रदेश के पुरावैभव और कला तथा संस्कृति से भी अवगत कराया जाए। इसके लिए इन मंदिरों के ट्रस्टों के पास मौजूद अपार धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इन मंदिरों में सबसे पहले बनेंगे संग्रहालय- मध्यप्रदेश में उज्जैन में महाकाल मंदिर, खजराना मंदिर, सतना के मैहर मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर सहित कई ऐसे प्रमुख मंदिर है जहां मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए बनाए गए ट्रस्टों के पास श्रद्धालुओं के दान से मिली अपार धन संपदा स्थित है। इन्हीं मंदिरों में सबसे पहले संग्रहालय बनाने की शुरुआत की जाएगी।  इन मंदिरों के समीप काफी जमीन और भवन स्थित है। शिव मंदिरों में सभी बारह ज्योर्तिलिंगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर प्रदर्शित की जाएगी। इसी तरह गणेश मंदिरों में गणेशजी के सभी स्वरुपों उनके इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल के समीप स्थित भोजपुर मंदिर में दो सौ मीटर के दायरे के बाहर संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव है। यहां भोजपुर के विशालकाय शिवलिंग और मंदिर के निर्माण की एतिहासिक प्रामाणिक  जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह मंदिर कब बना, इस तरह के मंदिर और कहां-कहां बनाए जाने थे। यह अधूरा क्यों रह गया। मंदिर के आसपास मिलने वाले शिवलिंग और अन्य पुराधरोहरों को भी यहां संग्रहित किया जाएगा। भोपाल में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से जुड़ी जानकारी, मध्यप्रदेश के प्राचीन नवाबों से जुड़े इतिहास की प्रामाणिक जानकारी गौहर महल या अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। मिडटाउन में दुनिया की सबसे बड़ी सेंट पीटर चर्च में संग्रहालय भी है। वेटिकन सिटी में भी म्युजियम है वहां कई तरह के चित्र प्रदर्शित किए गए है। इन चित्रों में इन देशों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जापान में म्युजियम आॅफ पैरासाइड है। भारत के कई राज्यों में भी मंदिर, मस्जिद और चर्च के साथ संग्रहालय लगे हुए है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मंदिर, मस्जिद और गिरिजाघरों में संग्रहालय नहीं है। प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने कहा प्रदेश के मंदिरों पर अब संग्रहालय बनाने की राज्य सरकार की योजना है। इसके जरिए प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक आस्था के केन्द्रों पर पहुंचने पर वहां संग्रहालयों में प्रदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।     Attachments area          

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  कोलार अवैध कब्जों का अड्डा बना    कोलार में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों की शह पर बेशकीमती जमीन पर जहां-तहां झुग्गियों का निर्माण करने के अलावा दीवारें तानकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इन अतिक्रामकों को रोकने के बजाय अफसर उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं। कोलार का दशहरा मैदान इसका ताजा उदाहरण है, जहां पिछले माह लगी आग में 50 झुग्गियां खाक हो गईं थी अब वहां 100 से ज्यादा झुग्गियां और मकान बन गए हैं।   लगातार अतिक्रमण बढ़ने की शिकायतों को लेकर एक सप्ताह पहले एडीएम रत्नाकर झा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वे सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाएं। साथ ही सूची तैयार करें, ताकि सरकारी जमीनों पर जमा अतिक्रमणों को हटाया जा सके। हुजूर एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से फिर कोलार दशहरा मैदान की सरकारी जमीन पर दर्जनों झुग्गियां तन गर्इं।  प्रशासन के सामने यहां पर झुग्गियां बनती गई, लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत किसी ने नहीं की।   डेढ़ साल पहले निगम चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री ने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के कहने पर कोलार दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर निशांत वरवड़े ने यहां पर दौरा कर एसडीएम माया अवस्थी को झुग्गियां शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब तक यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   कोलार दशहरा मैदान के किनारे बनी अवैध झुग्गियां में तीन साल से एक ही स्थान पर आग लग रही है। यहां 40-50 झुग्गियों में आग लगती है और इसके बाद नई 100 झुग्गियां बन जाती हैं। तीन साल में इस स्थान पर 300 से अधिक झुग्गियां अवैध बन गई। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।     Attachments area          

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  पत्र  में प्रज्ञा ने कैंसर की बीमारी का हवाला भी दिया      मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे पत्र  में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं।इस मसले  पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।  साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी।उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। प्रज्ञा ने लिखा, 'वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं।' प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। भगवान झा ने कहा, 'सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।'     Attachments area