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उज्जैन। महाकाल मंदिर परिसर में दर्शनार्थी जल्द ही इलेक्ट्रिक ट्रेन में बैठकर महालोक दर्शन कर मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे। इसके लिए महालोक परिसर में सर्वे कर ट्रेन की पटरी भी बिछाई जाएगी। इस प्रोजेक्ट पर करीब डेढ़ करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।
महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए मिनी इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। इस प्रस्ताव के बाद एक निजी कंपनी को सर्वे का काम सौंपा है, जो रिपोर्ट बनाकर मंदिर समिति को प्रस्तुत करेगी। फिलहाल त्रिवेणी संग्रहालय से महालोक परिसर में रूद्रसागर किनारे यह ट्रेन चलाने की योजना है। प्रस्तावित जगह पर सर्वे के बाद पटरी भी बिछाई जाएगी।
मंदिर प्रबंध समिति से जुड़े अधिकारियों की मानें तो ट्रेन चलाने पर करीब एक से डेढ़ करोड़ रुपए खर्च हो सकते हैं। कलेक्टर एवं मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष नीरजकुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में ट्रेन चलाने का प्रस्ताव पारित किया जा चुका है। बैठक में समिति सदस्य और महापौर मुकेश टटवाल, निगम आयुक्त आशीष कुमार पाठक और महाकाल मंदिर समिति प्रशासक संदीप कुमार सोनी, सदस्य पंडित राजेन्द्र गुरु आदि उपस्थित थे।
महाशिवरात्रि के बाद काम
महाशिवरात्रि, 8 मार्च के बाद ट्रेन की योजना को धरातल पर उतारने का काम शुरू हो सकेगा। पहले सर्वे होगा की ट्रेन के लिए पटरी कहां से कहां तक बिछाई जाए। हालांकि इसमें किसी तरह की कोई अड़चन भी आड़े नहीं आ रही है।
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