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नई दिल्ली । कांग्रेस ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए बुधवार को अपना घोषणापत्र जारी किया। इसमें सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण, गरीब परिवार की एक महिला को प्रत्येक माह 2500 रुपये, रसोई गैस सिलेंडर 500 रुपये में और सभी को सस्ते एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए 100 इंदिरा कैंटीन खोलने का वादा किया गया है।
घोषणा पत्र में पार्टी ने पांच गारंटी दी हैं। इसमें प्यारी दीदी योजना के तहत प्रत्येक गरीब परिवार की एक महिला को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक मदद, जीवन रक्षा योजना के तहत 25 लाख रुपये तक का मुफ़्त स्वास्थ्य बीमा कवरेज, युवा उड़ान योजना के तहत बेरोजगार युवक को एक साल तक प्रतिमाह 8,500 रुपये का स्टाइपेंड, महंगाई मुक्ति योजना के तहत 500 रुपये में एलपीजी सिलेंडर, मुफ़्त राशन किट और घरों में 300 यूनिट मुफ़्त बिजली देने का भी वादा किया है।
घोषणा पत्र में वादा किया गया है कि दिल्ली में ठेका नौकरियां खत्म कर सभी नौकरियों को नियमित किया जाएगा। सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। बुजुर्ग, विधवा, दिव्यांग, ट्रांसजेंडर और वंचित लोगों के लिए नई पेंशन योजना शुरू कर प्रतिमाह 5 हजार रुपये दिए जाएंगे। वर्तमान में ऐसे लोगों को पेंशन के तौर पर 2,500 रुपये दिए जाते हैं। विधवाओं की बेटियों को शादी के लिए शगुन के तौर पर हम 1.1 लाख रुपये देंगे। दिल्ली भर में 100 इंदिरा कैंटीन स्थापित की जाएंगी। इन कैंटीनों में एक प्लेट भोजन की कीमत 5 रुपये होगी। 7.5 लाख रेहड़ी-पटरी वालों को अच्छे अवसर दिए जाएंगे। दिल्ली में जाति जनगणना कराई जाएगी।
कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने पार्टी मुख्यालय में घोषणापत्र जारी करते हुए कहा कि आज 'गारंटी' शब्द सभी पार्टी इस्तेमाल कर रही हैं, लेकिन इस शब्द का इस्तेमाल कांग्रेस ने कर्नाटक चुनाव में किया था। उन्होंने कहा कि हम जनता तक ये संदेश देना चाहते थे कि कांग्रेस जो कहती है, वो कर दिखाती है।
उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री रहते हुए कांग्रेस एक कानून गारंटी के रूप में लाई थी, जो पास हुआ था और उसका नाम 'राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम' था। गारंटी का मतलब- ये जनता का एक अधिकार है। अगर उनसे किए गए वादे पूरे नहीं किए जाएं तो वे कानूनी रास्ता भी अपना सकते हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस ने दिल्ली के लिए 5 गारंटी दी हैं।
जयराम ने कहा कि दिल्ली में आज व्यापार करने में आसानी नहीं, सांस लेने में आसानी महत्व रखता है। प्रदूषण और संदूषण के मामले में दिल्ली सर्वोपरि है। ये भाजपा और आआपा सरकार की नीतियों का नतीजा है। इस विषय को गंभीरता से लेना चाहिए था, लेकिन उन्होंने नहीं लिया। उन्होंने कहा कि जब शीला दीक्षित दिल्ली की मुख्यमंत्री थीं, तब यमुना एक्शन प्लान की शुरुआत हुई थी। पहली बार किसी महानगर में 7,000 सीएनजी बस शुरू की गईं थीं। यमुना एक्शन प्लान, सीएनजी बस और दिल्ली मेट्रो के जरिए यहां तेजी से प्रगति हुई।
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