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वाशिंगटन । भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला एक्सिओम-4 मिशन के लिए रवाना हो गए। फ्लोरिडा स्थित नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से आज सुबह 2:31 बजे ईडीटी (12:01 बजे आईएसटी) एक्सिओम मिशन-4 स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान ने चार अंतरिक्ष यात्रियों के साथ उड़ान भरी। इसे फाल्कन 9 रॉकेट के माध्यम से कक्षा में प्रक्षेपित किया जाएगा। स्पेसएक्स ने ड्रैगन के रवाना होने के समय का पहला वीडियो जारी किया है।
स्पेसएक्स के वीडियो में शुभांशु समेत मिशन पर जा रहे हंगरी के तिबोर कापू, पोलैंड के स्लावोस उज्नान्स्की विस्नेव्स्की और टीम का नेतृत्व कर रहीं पैगी को विमान में बैठे हुए देखा जा सकता है। यान को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में पहुंचने में 28 घंटे का समय लगेगा। अंतरिक्ष स्टेशन धरती से करीब 400 किलोमीटर की ऊंचाई पर है। यह पृथ्वी के चारों ओर एक निश्चित कक्षा में 28 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घूमता है। अंतरिक्ष यात्री शुभांशु की इस मिशन में पायलट की भूमिका है।
उनके साथ इस मिशन में अनुभवी नासा अंतरिक्ष यात्री पैगी व्हिटसन, पोलैंड से ईएसए अंतरिक्ष यात्री स्लावोज उज्नान्स्की विस्नीव्स्की और हंगरी से तिबोर कापू भी शामिल हैं। इस मिशन की अवधि 14 दिन है। नासा के अनुसार, लॉन्चिंग के अगले दिन 26 जून की शाम लगभग 4 बजकर 30 मिनट पर ड्रैगन कैप्सूल अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से डॉक करेगा।
नासा और स्पेसएक्स के सहयोग से एक्सिओम स्पेस ने इस मिशन को तैयार किया है। इसमें कई देशों के अंतरराष्ट्रीय क्रू मेंबर शामिल हैं। यह कमर्शियल और वैश्विक अंतरिक्ष एक्सप्लोरेशन में एक बड़ा कदम है। भारत के लिहाज से खास बात ये है कि इसमें भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला भी हैं। किसी भी भारतीय एस्ट्रोनॉट की आईएसएस के लिए ये पहली उड़ान है। भारत, हंगरी और पोलैंड के लिए यह मिशन लंबे अंतराल के बाद मानव अंतरिक्ष यान की वापसी का प्रतीक है।
उल्लेखनीय है कि भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय हैं। इससे पहले वर्ष 1984 में अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा ने अंतरिक्ष की यात्रा की थी। राकेश शर्मा ने अंतरिक्ष से कहा था, ''सारे जहां से अच्छा हिंदुस्ता हमारा।''
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