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विश्व के सबसे बड़े रामायण मंदिर का निर्माण आज शुरू हो गया है। साल 2025 के आखिर तक मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा। मंदिर में विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना सावन तक की जाएगी। मंदिर के कुल 12 शिखरों की साज-सज्जा में और 2 साल लगेंगे।मंदिर निर्माण के लिए मशीन से जमीन की खुदाई शुरू की गई। भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के मौके पर कैथवलिया-बहुआरा में विराट रामायण मंदिर का निर्माण शुरू हुआ है।ये मंदिर पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया-चकिया मार्ग पर बन रहा है। पटना महावीर मंदिर न्यास समिति के प्रमुख आचार्य किशोर कुणाल ने विधि विधान के साथ पूजा कर निर्माण कार्य को शुरू किया।आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि विराट रामायण मंदिर तीन मंजिला होगा। एंट्री के बाद प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता भगवान गणेश के दर्शन होंगे। वहां से बढ़ते ही काले ग्रेनाइट की चट्टान से बने विशाल शिवलिंग के दर्शन होंगे।महाबलिपुरम में 250 टन वजन के ब्लैक ग्रेनाइट पत्थर की चट्टान को तराश कर मुख्य शिवलिंग के साथ सहस्रलिंगम शिवलिंग भी बनाया जा रहा है।8वीं शताब्दी के बाद सहस्रलिंगम का निर्माण भारत में नहीं हुआ है। शिवलिंग का वजन 210 टन, ऊंचाई 33 फीट और गोलाई 33 फीट होगी।मंदिर का क्षेत्रफल 3.67 लाख वर्गफुट होगा। सबसे ऊंचा शिखर 270 फीट का होगा। 198 फीट का एक शिखर होगा। जबकि 180 फीट के चार शिखर रहेंगे। 135 फीट का एक शिखर और 108 फीट ऊंचाई के 5 शिखर होंगे।विराट रामायण मंदिर की लंबाई 1080 फीट और चौड़ाई 540 फीट है। आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि अयोध्या में बन रहे रामलला मंदिर की लंबाई 360 फीट और चौड़ाई 235 फीट है। जबकि सबसे ऊंचा शिखर 135 फीट का है।विराट रामायण मन्दिर में शैव और वैष्णव देवी-देवताओं के कुल 22 मंदिर होंगे। इसे जानकी नगर के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां कई आश्रम, गुरुकुल, धर्मशाला आदि होंगे।
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