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देशभर से 75 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक अवॉर्ड-2023 के लिए चुना गया। उन्हें 5 सितंबर यानी आज टीचर्स डे के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तरफ से सम्मानित किया गया। दिल्ली के विज्ञान भवन में हुए कार्यक्रम में सभी शिक्षकों को पुरस्कार में 50 हजार रुपए नकद, प्रशस्ति पत्र, शॉल, श्रीफल दिया गया।जोधपुर के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल बावड़ी की प्रिंसिपल डॉ. शीला बच्चों को पढ़ाने के लिए ब्लैक बोर्ड तक सीमित नहीं रहीं। 5 साल की कड़ी मेहनत कर उन्होंने 35 मिनट की डिजिटल बुक तैयार कराई है। इसमें साइन लैंग्वेज से बच्चों को शब्द ज्ञान कराया जाता है।इस डिजिटल बुक में एनिमेटेड चित्रों के जरिए चैप्टर को समझाया गया है। इस बुक को अब राजस्थान के 10 हजार से ज्यादा निजी व सरकारी स्कूलों के 10 लाख से ज्यादा बच्चे पढ़ रहे हैं। सरकारी स्कूल के बच्चों की लर्निंग स्किल बेहतर हुई है। अब उन्हें राष्ट्रपति से नेशनल टीचर अवॉर्ड मिल रहा है। जोधपुर की किसी टीचर को यह राष्ट्रपति अवॉर्ड 8 साल बाद मिला है। इससे पहले 2015 में कल्पना दाधीच, 2014 में प्रिंसिपल अनिल कुमारी राठौड़ व शिक्षिका मीना जांगिड़ को यह अवॉर्ड मिला था।
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