Advertisement
मदुरै/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऑटोमोबाइल उद्योग को अर्थव्यवस्था का एक पावरहाउस बताया और विश्वास व्यक्त किया कि ऑटोमोबाइल उद्योग के साथ-साथ विकसित भारत के विकास को आवश्यक प्रोत्साहन मिलेगा।
प्रधानमंत्री मंगलवार को तमिलनाडु के मदुरै में 'क्रिएटिंग द फ्यूचर-डिजिटल मोबिलिटी फॉर ऑटोमोटिव एमएसएमई उद्यमियों' कार्यक्रम में ऑटोमोटिव क्षेत्र में काम करने वाले हजारों सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) उद्यमियों को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने गांधीग्राम में प्रशिक्षित महिला उद्यमियों और स्कूली बच्चों से भी बातचीत की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी और नवाचार क्षेत्र के दिग्गजों के बीच उपस्थित होना एक सुखद अनुभव है। उन्होंने कहा कि यह भावना भविष्य को गढ़ने वाली प्रयोगशाला में जाने के समान है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब प्रौद्योगिकी की बात आती है, खासकर ऑटोमोटिव क्षेत्र में, तो तमिलनाडु ने वैश्विक मंच पर अपनी योग्यता साबित की है। उन्होंने कार्यक्रम की थीम 'भविष्य का निर्माण-ऑटोमोटिव एमएसएमई उद्यमियों के लिए डिजिटल गतिशीलता' पर प्रसन्नता व्यक्त की और सभी एमएसएमई और आकांक्षी युवाओं को एक मंच पर लाने के लिए टीवीएस कंपनी को बधाई दी।
प्रधानमंत्री ने एमएसएमई को औपचारिक बनाने की दिशा में एमएसएमई की परिभाषा में संशोधन जैसे कदमों की ओर भी इशारा किया, जिससे एमएसएमई के आकार में वृद्धि का रास्ता साफ हो गया है। मोदी ने कहा कि भारत सरकार आज हर उद्योग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने कहा कि पहले छोटी-छोटी बातों के लिए भी सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, चाहे वह उद्योग हो या व्यक्ति, लेकिन आज की सरकार हर क्षेत्र की समस्याओं से निपट रही है। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में 40,000 से अधिक अनुपालनों को समाप्त करने और व्यवसाय-संबंधी कई छोटी गलतियों को अपराधमुक्त करने का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि चाहे नई लॉजिस्टिक्स नीति हो या जीएसटी, इन सभी ने ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लघु उद्योगों को मदद की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान बनाकर भारत में बुनियादी ढांचे के विकास को एक दिशा दी है, जिसके तहत डेढ़ हजार से अधिक परतों में डेटा को संसाधित करके बहु-शक्ति को बड़ी शक्ति देकर भविष्य का बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने उद्यमियों से इलेक्ट्रिक वाहन की बढ़ती मांग के अनुरूप अपनी क्षमता बढ़ाने का अनुरोध किया। मोदी ने रूफटॉप सोलर के लिए हाल ही में लॉन्च की गई पीएम सूर्यघर योजना का उल्लेख किया जो लाभार्थियों को मुफ्त बिजली और अतिरिक्त आय प्रदान करेगी। एक करोड़ घरों के शुरुआती लक्ष्य के साथ, प्रधानमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन को घरों में अधिक सुलभ चार्जिंग स्टेशन मिलेंगे।
प्रधानमंत्री ने सरकार की स्क्रैपिंग नीति की चर्चा करते हुए सभी पुराने वाहनों को नए आधुनिक वाहनों से बदलने की इच्छा व्यक्त की और हितधारकों से अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने जहाज निर्माण के नवोन्मेषी और नियोजित तरीकों और इसके हिस्सों के पुनर्चक्रण के लिए बाजार के साथ आगे आने के बारे में भी बात की। प्रधानमंत्री ने ट्रक ड्राइवरों के सामने आने वाली चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला और हाईवे पर ड्राइवरों की सुविधाओं के लिए 1,000 विश्राम केंद्र बनाने का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि आज देश के एमएसएमई के भविष्य को देश के भविष्य के तौर पर देख रहा है। पैसे से लेकर प्रतिभा तक एमएसएमई के संसाधनों में वृद्धि के लिए चौतरफा काम हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब देश में नई प्रौद्योगिकियां आएंगी तो इससे भारत में वैश्विक निवेश आएगा। ये एमएसएमई के लिए एक बहुत बड़ा अवसर है।
Kolar News
|
All Rights Reserved ©2025 Kolar News.
Created By:
Medha Innovation & Development |