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मणिपुर मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है.सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि 3 मई को हिंसा शुरू होने के बाद अब तक कितनी FIR दर्ज की गई हैं।अदालत ने कहा कि यह इकलौती घटना नहीं है। दूसरी महिलाओं के साथ भी ऐसा हुआ। हमें महिलाओं के खिलाफ हिंसा जैसे गंभीर मसले के लिए एक मैकेनिज्म बनाना होगा। सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को भी इस मामले की सुनवाई करेगा।दो पीड़ित महिलाओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने इस मामले की CBI जांच का विरोध किया। कुकी समुदाय की ओर से वरिष्ठ वकील कोलिन गोंजाल्वेज ने कहा कि इस मामले की जांच SIT करे। इसमें रिडायर्ड डीजीपी को शामिल किया जाए।सभी पीड़ित महिलाओं की ओर से वरिष्ठ वकील इंदिरा जय सिंह ने कहा कि इस मामले की जांच एक हाई पावर कमेटी करे। इनमें ऐसे केस देखने वाली महिलाओं को शामिल किया जाए।चीफ जस्टिस चंद्रचूड़, जेबी पारदीवाला और मनोज मिश्रा की बेंच सुनवाई कर रही है। पिटीशन में पीड़ित महिलाओं की पहचान जाहिर नहीं की गई है। उन्हें X और Y नाम से संबोधित किया गया है।वरिष्ठ वकील इंदिरा जय सिंह ने कहा कि केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक 595 FIR दर्ज की गई हैं। इनमें से कितनी सेक्शुअल वॉयलेंस की हैं, कितनी आगजनी, हत्या की हैं। यह अभी स्पष्ट नहीं है। जहां तक कानून का सवाल है, तो रेप विक्टिम इस बारे में बात नहीं कर रही हैं। वो अभी तक अपने दुख से बाहर नहीं आ पाई हैं।सबसे जरूरी चीज भरोसा पैदा करना है। CBI जांच शुरू करती है तो अभी हम यह नहीं जानते हैं कि महिलाएं सामने आएंगी। महिलाएं पुलिस की बजाय महिलाओं से ही बात करने में ज्यादा सहज महसूस करेंगीं। इसके लिए एक हाईपावर कमेटी बनाई जाए और उसमें ऐसी महिलाओं को शामिल किया जाए जिन्हें इस तरह के मामलों का अनुभव हो।वरिष्ठ वकील कोलिन गोंजाल्वेज ने CBI जांच का विरोध किया और कहा कि इस मामले की जांच SIT और रिटायर्ड DGP से कराई जाए। इसमें मणिपुर के किसी आर्मी अफसर को ना शामिल किया जाए।
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