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रूस-यूक्रेन जंग का एक साल पूरा होने के ठीक 4 दिन पहले सोमवार को अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन अचानक कीव पहुंच गए । बाइडेन ने कीव पहुंच कर रूस को कड़ा मैसेज दिया। उन्होंने कहा, 'मैं आज राष्ट्रपति जेलेंस्की से मिलने कीव आया हूं, ये बताने की हम उनके साथ हैं।'बाइडेन के दौरे पर अब पूरी दुनिया से रिएक्शन आ रहे हैं। चीन के विदेश मंत्री किन गैंग ने कहा- कुछ देश आग में घी डालने का काम कर रहे हैं। इस तुरंत बंद किया जाना चाहिए। इससे जंग खतरनाक और कंट्रोल से बाहर होती जा रही है।रूस ने अभी तक आधिकारिक तौर पर बाइडेन के कीव दौरे पर कोई बयान नहीं दिया है। हालांकि, इससे वहां के मिलिट्री एक्सर्टस और मीडिया में काफी हलचल मची हुई है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक रूस के जानेमाने पत्रकार सर्गेई मरदन ने टेलीग्राम चैनल पर लिखा, बाइडेन का कीव में होना रूस के लिए शर्मनाक है। बहादुरी की बातें केवल बच्चों के लिए छोड़ देनी चाहिए।वहीं रूस की फेडरल सिक्योरिटी सर्विस के पूर्व अधिकारी इगोर गिरकिन ने बाइडेन को दादा जी कहा। उन्होंने कहा कि इसमें कोई हैरानी की बात नहीं कि वो जंग के मैदान में आकर भी वापस सही सलामत लौट सकते थे। उन्हें उकसाने के अलावा कुछ आता भी नहीं है।एक टेलीग्राम चैनल जिसे रूस की सेना के अफसर मैनेज करते हैं उसमें एक अधिकारी ने लिखा कि पुतिन से पहले बाइडेन ही कीव पहुंच गए। जंग का एक साल पूरा होने वाला है हम कीव में अमेरिका नहीं बल्कि रूस के राष्ट्रपति को देखना चाहते हैं।कीव में रहने वाली इन्ना रोमानिउक ने रॉयटर्स को बताया कि बाइडेन की विजिट बेहतरीन है। आखिरकार हमारे पार्टनर ये साबित करने लगे हैं कि वो हमारे साथ हैं। मुझे पहले अमेरिका पर शक था पर उन्होंने अपनी दोस्ती को साबित कर दिया। वहीं कीव में ही रहने वाले यूरी का मानना है कि बाइडेन को जल्द ही ऐलान कर देना चाहिए की वो हमें F-16 जेट देने वाले हैं।19 फरवरी को अमेरिका के गृह मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने चीन पर आरोप लगाया कि वो यूक्रेन में जंग के लिए रूस को हथियार सप्लाई करने की योजना बना रहा है। जिससे जंग और भी आगे बढ़ेगी। ब्लिकंन के इस आरोप पर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि रूस और चीन के संबंधों पर अमेरिका जिस तरह से उंगली उठा रहा है। इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दरअसल जंग से कुछ दिनों पहले ही चीन और रूस के बीच नो लिमिट पार्टनरशिप बनी थी। इसका फोकस बुरे हालातों में एक-दूसरे का साथ देना था।
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