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डॉ. गोविंदसिंह बोले पद मिलने से सुरख़ाब के पंख नहीं लगे
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया है।वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष लहार विधायक 71 साल के डॉ. गोविंद सिंह को नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है | दिल्ली हाईकमान से मंजूरी के बाद गोविंद सिंह ने कहा कि मेरे पास पहले भी दायित्व था। नेता प्रतिपक्ष बनने से सुरख़ाब के पंख नहीं लग गए। मैं विपक्ष की भूमिका निभाता था, निभाता रहूंगा और सरकार की गलत नीतियों का विरोध मजबूती के साथ करूंगा। सिंह ने कहा कि कमलनाथ ने इस्तीफा नहीं दिया। उन्होंने कार्य का बंटवारा किया है। उन्होंने मुझ पर विश्वास कर सहयोगी बनाया है। मैं उनका शुक्रगुजार हूं। उनके मार्गदर्शन में विपक्ष की भूमिका निभाऊंगा।
लगातार सातवीं बार विधानसभा पहुंचे वाले गोविंद सिंह मध्यप्रदेश कांग्रेस के एकमात्र ऐसे विधायक हैं | पहला चुनाव उन्होंने 1990 में जनता दल से लड़ा था, 1993 में कांग्रेस से अब तक लगातार चुनाव जीतते रहे हैं। गोविन्द सिंह सदन में दूसरे नंबर के सीनियर लीडर हैं | डॉ. गोविंद सिंह बेबाकी के लिए जाने जाते हैं | उन्हें दिग्विजय सिंह का करीबी मन जाता हैं । यह लगातार तीसरा प्रमुख पद है जो दिग्विजय के करीबी को मिला है। प्रदेश युवा कांग्रेसाध्यक्ष विक्रांत भूरिया और महिला कांग्रेसाध्यक्ष विभा पटेल भी दिग्विजय सिंह के करीबी माने जाते हैं।
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