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नई दिल्ली। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने आज दिल्ली आबकारी घोटाला मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपित और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को दस्तावेजों की जांच की अनुमति दे दी है। स्पेशल जज विकास ढल ने सत्येंद्र जैन को 15 दिनों के अंदर दस्तावेजों के परीक्षण का निर्देश दिया है। आरोप तय करने के मामले पर अगली सुनवाई 20 दिसंबर को होगी।
कोर्ट ने कहा कि सत्येंद्र जैन दस्तावेजों के परीक्षण से पूर्व जांच अधिकारी को सूचना देंगे, ताकि जांच अधिकारी दस्तावेजों के परीक्षण से संबंधित समय और तिथि बता सकें।
कोर्ट ने 25 नवंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान ईडी ने जैन की याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि दस्तावेजों की जांच की इजाजत नहीं दी जा सकती है। ईडी ने कहा था कि जैन की इस याचिका का मकसद सिर्फ ट्रायल में देरी करने का है। इसलिए उनकी याचिका खारिज कर जुर्माना लगाया जाए और ट्रायल के लिए आगे बढ़ना चाहिए।
ईडी ने कोर्ट से कहा था कि जैन की तरफ से पहले भी 16 बार अलग-अलग याचिका दाखिल कर मामले में सुनवाई टालने की मांग की जा चुकी है। इसके जरिए उनके द्वारा ट्रायल में देरी की कोशिश की जा रही है। सत्येंद्र जैन की ओर से 18 नवंबर को दस्तावेजों की जांच की मांग करते हुए अर्जी दाखिल की गई थी।
जैन पर आरोप है कि उन्होंने 2009-10 और 2010-11 में फर्जी कंपनियां बनाई। इन कंपनियों में अकिंचन डवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, इंडो मेटल इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड, प्रयास इंफो सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, मंगलायतन प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
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