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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को मुंबई के जियो वर्ल्ड सेंटर में विश्व ऑडियो विज़ुअल और एंटरटेनमेंट समिट-2025 (वेव्स) का उद्घाटन किया और इसे सृजनात्मकता का वैश्विक उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि यह भारत में सृजन करें, विश्व के लिए सृजन करें की अवधारणा को अपनाने का एकदम सही समय है। इंसान की समृद्धि इन्फोर्मेशन के पहाड़ से नहीं आएगी, ये टेक्नोलॉजी की स्पीड और रीच से भी नहीं आएगी। इसके लिए हमें गीत, संगीत, कला, नृत्य को महत्व देना होगा। प्रधानमंत्री ने समिट में गुरु दत्त, पी. भानुमति और ऋत्विक घटक सहित भारतीय सिनेमा के पांच दिग्गजों के नाम पर स्मारक डाक टिकट भी जारी किए।
उन्होंने कहा कि ‘वेव्स’ केवल शब्द-संक्षेप नहीं है; यह संस्कृति, रचनात्मकता, फिल्में, संगीत, गेमिंग, कहानी कहने की शैली की एक लहर है।
प्रधानमंत्री ने वैश्विक जगत का आह्नान करते हुए कहा कि भारत की हर गली में एक कहानी है। मैं हमेशा कहता हूं, यही समय है, सही समय है । यह भारत में सृजन करने और विश्व के लिए सृजन करने का सही समय है। आज जब विश्व कहानी कहने के नए-नए तरीके खोज रहा है, भारत के पास हजारों वर्षों की कहानियों का खजाना है और यह खजाना कालातीत, विचारोत्तेजक और सही मायने में वैश्विक है।
प्रधानमंत्री ने रचनात्मक जिम्मेदारी के विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि 21वीं सदी की तेज-तर्रार, तकनीक-संचालित दुनिया में हर व्यक्ति के जीवन में टेक्नोलॉजी की भूमिका बढ़ती जा रही है। ऐसे में मानवीय संवेदनाओं को बनाए रखने के लिए विशेष प्रयासों की जरूरत है। यहीं पर रचनात्मक दुनिया (क्रिएटिव वर्ल्ड) महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हमारा लक्ष्य इंसानों को रोबोट में बदलना नहीं होना चाहिए, बल्कि हम सभी के बीच अधिक संवेदनशीलता और मानवता को बढ़ावा देना चाहिए। इंसान की समृद्धि इन्फोर्मेशन के पहाड़ से नहीं आएगी, ये टेक्नोलॉजी की स्पीड और रीच से भी नहीं आएगी। इसके लिए हमें गीत, संगीत, कला, नृत्य को महत्व देना होगा। हजारों सालों से ये मानवीय संवेदना को जागृत रखे हुए हैं। हमें इसे और मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि यह भारत में ओरेंज इकोनॉमी का उदय काल है। कंटेंट, क्रिएटिविटी और कल्चर ये ऑरेंज इकॉनमी की तीन धुरी है। भारतीय फिल्मों की रीच अब दुनिया के कोने-कोने में पहुंच रही है। आज 100 से अधिक देशों में भारतीय फिल्में रिलीज होती हैं। इसलिए आज बड़ी संख्या में विदेशी दर्शक भारतीय सामग्री को उपशीर्षक के साथ देख रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से फिल्म निर्माण, डिजिटल सामग्री, गेमिंग, फैशन और संगीत के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है। लाइव मनोरंजन उद्योग, विशेष रूप से लाइव कॉन्सर्ट भी देश में विकास की अपार संभावनाएं रखता है। वर्तमान में वैश्विक एनीमेशन बाजार का मूल्य 430 बिलियन डॉलर से अधिक है और अगले दशक में इसके दोगुना होने का अनुमान है। यह भारत के एनीमेशन और ग्राफिक डिज़ाइन उद्योग के लिए वैश्विक स्तर पर खुद को स्थापित करने और विकसित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर देता है।
उन्होंने युवाओं से कहा कि आज हमारी युवा पीढ़ी को कुछ मानवता विरोधी विचारों से बचाने की जरूरत है। वेब्स एक ऐसा मंच है जो ये काम कर सकता है। यदि हम इस जिम्मेदारी से पीछे हट गए तो युवा पीढ़ी के लिए बहुत घातक होगा। आज टेक्नोलॉजी ने क्रिएटिव वर्ल्ड के लिए खुला आसमान बना दिया है। इसलिए अब ग्लोबल कॉर्डिनेशन भी उतना ही जरूरी है। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि ये प्लेटफार्मे हमारे क्रिएटर्स को ग्लोबल स्टोरी टेलीस्टोरर से कनेक्ट करेगा। हमारे एनिमेटर्स को ग्लोबल विजनरी से जोड़ेगा।
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