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बेतिया/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को बिहार के बेतिया में विपक्षी इंडी गठबंधन पर हमला करते हुए कहा कि भ्रष्टाचारियों से भरे इंडी गठबंधन का सबसे बड़ा मुद्दा मोदी का परिवार नहीं होना है। उन्होंने कहा कि आज भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर होते तो परिवारवाद के कट्टर समर्थक उनसे भी यही सवाल पूछते, जो मुझसे पूछ रहे हैं। वीपी सिंह, राममनोहर लोहिया, बीआर आंबेडकर से भी यही पूछते। इन्होंने भी परिवारवाद को बढ़ावा नहीं दिया।
प्रधानमंत्री बिहार के बेतिया में 12,800 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं की सौगात देने के बाद ‘विकसित भारत - विकसित बिहार’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। विपक्षी इंडी गठबंधन पर कटाक्ष करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक तरफ नया भारत बन रहा है, वहीं दूसरी तरफ राजद, कांग्रेस और इनका इंडी गठबंधन अभी भी 20वीं सदी की दुनिया में जी रहा है। एनडीए की सरकार कह रही है कि हम हर घर को सूर्यघर बनाना चाहते हैं। इंडी गठबंधन अभी भी लालटेन की लौ के ही भरोसे है। उन्होंने कहा कि जब तक बिहार में लालटेन का राज रहा, तब तक सिर्फ एक ही परिवार की गरीबी मिटी, एक ही परिवार समृद्ध हुआ। प्रधानमंत्री ने कहा, “आज जब मोदी ये सच्चाई बताता है, तो ये मोदी को गाली देते हैं। भ्रष्टाचारियों से भरे इंडी गठबंधन का सबसे बड़ा मुद्दा है कि मोदी का परिवार नहीं है।” मोदी ने कहा कि ये लोग कहते हैं कि उनके परिवारों को लूटने का लाइसेंस मिलना चाहिए। आज भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर होते तो उनसे भी यही सवाल पूछते जो मुझसे पूछ रहे हैं। परिवारवाद के कट्टर समर्थक आज वीपी सिंह, राममनोहर लोहिया, बीआर आंबेडकर से भी यही पूछते। इन्होंने भी परिवारवाद को बढ़ावा नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि बेतिया में मां सीता और लवकुश की अनुभूति है। इंडी गठबंधन के लोग जिस तरह राम और राम मंदिर के खिलाफ बातें बोल रहे हैं वो बिहार के लोग देख रहे हैं। यही परिवारवादी हैं, जिन्होंने दशकों तक रामलला को टेंट में रखा और राम मंदिर न बने, इसकी जी तोड़ कोशिश की। आज भारत अपनी विरासत और अपनी संस्कृति का सम्मान कर रहा है तो इन लोगों को इसमें भी परेशानी हो रही है।
प्रधानमंत्री ने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद पर परोक्ष हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग बिहार में जंगल राज लाए, उन्होंने अपने परिवार की चिंता की। उन्होंने कहा, “आजादी के बाद के दशकों में बिहार की एक बहुत बड़ी चुनौती रही है, यहां से युवाओं का पलायन। जब बिहार में जंगलराज आया तो ये पलायन और ज्यादा बढ़ गया। जंगलराज लाने वाले लोगों ने सिर्फ अपने परिवार की चिंता की। बिहार के लाखों बच्चों का भविष्य दांव पर लगा दिया।” उन्होंने कहा कि बिहार के नौजवान दूसरे राज्यों के दूसरे शहरों में रोजी रोटी के लिए जाते रहे और यहां एक ही परिवार फलता फूलता रहा। किस तरह एक-एक नौकरी के बदले जमीनों पर कब्जा किया गया? मोदी ने कहा कि बिहार में जंगलराज लाने वाला परिवार यहां के युवाओं का सबसे बड़ा गुनाहगार है। जंगलराज के जिम्मेदार परिवार ने बिहार के लाखों नौजवानों से उनका भाग्य छीन लिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एनडीए ने बिहार को जंगल राज और नौकरी के बदले लोगों की जमीन छीनने के दोषियों से बचाया है। उन्होंने कहा, “एनडीए की डबल इंजन सरकार का प्रयास है कि बिहार के युवा को यहीं बिहार में रोजगार मिले। आज जिन हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है, उसके मूल में भी यही भावना है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में बिहार अपने पुराने गौरव को हासिल करने की राह पर तेजी से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लिए बिहार का विकसित होना भी उतना ही जरूरी है। बिहार में विकास का डबल इंजन लगने के बाद विकसित बिहार से जुड़े हुए कार्यों में और भी तेजी आ गई है। आज भी करीब 13 हजार करोड़ रुपये की योजनाओं का उपहार बिहार को मिला है।
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