Advertisement
प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज दोपहर नरसिंहपुर जिले के परमहंसी गंगा आश्रम झोतेश्वर पहुँच कर श्री द्वारका शारदापीठ के शंकराचार्य परम पूज्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी के अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी का कल अवसान हो गया था। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि स्वामी जी सनातन धर्म के ध्वजवाहक और हमारी संस्कृति एवं जीवन मूल्यों के पोषक, योद्धा, सन्यासी थे। उन्होंने देश की आजादी की लड़ाई भी लड़ी। उन्होंने लोगों को सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी और गरीबों, जनजातियों, दलितों की सेवाओं के लिए अनेक प्रकल्प खड़े किए। वे उदभट विद्वान एवं अद्भुत सन्त थे। मुख्यमंत्री चौहान ने ब्रम्हलीन स्वामी जी के चरणों में प्रणाम करते हुए कहा कि वे सनातन धर्म के सूर्य थे। उनके जाने से प्रदेश सूना हो गया। मुख्यमंत्री चौहान ने ब्रम्हलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द जी का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान से करने के निर्देश जिला प्रशासन के अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि स्वामी जी ने हमें जो राह दिखाई है, हम सभी उस पर चलने का विनम्र प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान के आगमन पर अनेक जन-प्रतिनिधि, अधिकारी, नागरिक और भक्तगण उपस्थित थे।
Kolar News
|
All Rights Reserved ©2026 Kolar News.
Created By:
Medha Innovation & Development |