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चंद्रमा के साउथ पोल पर सल्फर, एल्युमीनियम, कैल्शियम, आयरन, क्रोमियम, टाइटेनियम, मैगनीज, सिलिकॉन और ऑक्सीजन की मौजूदगी का पता लग चुका है इसी के साथ हाइड्रोजन की खोज अभी भी जारी है जारी है 23 सितंबर को चंद्रमा पर लैंडिंग के बाद चंद्रयान-3 का विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर धरती पर रोज नई जानकारी लगातार भेज रहे हैं 31 अगस्त को ISRO ने बताया कि चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर पर लगे इंस्ट्रूमेंट ऑफ लूनर सीस्मिक एक्टिविटी (ILSA) पेलोड ने चंद्रमा की सतह पर भूकंप की प्राकृतिक घटना को रिकॉर्ड किया है। ये भूकंप 26 अगस्त काे आया था। इसरो ने बताया कि भूकंप के सोर्स की जांच जारी है इसरो ने सोशल मीडिया पर बताया- चंद्रयान-3 के लैंडर पर लगा ILSA पेलोड माइक्रो इलेक्ट्रो मेकैनिकल सिस्टम्स (MEMS) टेक्नोलॉजी पर आधारित है। ये पहली बार है जब चांद की सतह पर ऐसा इंस्ट्रूमेंट भेजा गया है। रोवर और अन्य पेलोड के चलने से चांद पर होने वाने कंपन को इस इंस्ट्रूमेंट ने रिकॉर्ड किया है रुवार को ही इसरो ने रोवर प्रज्ञान का एक नया वीडियो जारी किया, जिसमें वह सुरक्षित तरीके से चलता और अच्छे से रोटेशन (घूमना) करता नजर आया। प्रज्ञान के रोटेशन की फोटो लैंडर विक्रम के इमेजर कैमरे ने ली इसरो ने लिखा- प्रज्ञान रोवर चंदा मामा पर अठखेलियां कर रहा है। लैंडर विक्रम उसे (प्रज्ञान को) ऐसे देख रहा है, जैसे मां अपने बच्चे को खेलते हुए प्यार से देखती है आपको ऐसा नहीं लगता इसी बीच, प्रज्ञान ने चांद पर दूसरी बार सल्फर की पुष्टि की है इसके साथ ही लैंडर विक्रम पर लगे रेडियो एनाटॉमी ऑफ मून बाउंड हाइपरसेंसिटिव लोनोस्फियर एंड एटमॉस्फियर-लैंगम्यूर प्रोब (RAMBHA-LP) ने चांद के साउथ पोल पर प्लाज्मा खोजा है, हालांकि ये कम घना (विरल) है
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