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भोपाल। मध्य प्रदेश में वानिकी अनुसंधान का एक शतक पूरे होने और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा नर्मदापुरम में 27 मार्च 2022 को की गई घोषणा के अनुरूप कान्हा राष्ट्रीय उद्यान में गुरुवार (27 अप्रैल) से तीन दिवसीय "इंटरनेशनल वाईल्ड लाईफ कॉन्फ्रेंस" का आयोजन किया जा रहा है।
जनसम्पर्क अधिकारी ऋषभ जैन ने बुधवार को बताया कि 29 अप्रैल तक चलने वाली इस अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में वन्यजीव विशेषज्ञ पद्मभूषण डॉ. एचएस पवार सहित दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया के ख्यातिलब्ध वन्यजीव विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं। आजादी के अमृतकाल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उद्देश्यों के अनुरूप इकोनॉमी और इकोलॉजी की नीति को अपनाते हुए देश के सर्वांगीण विकास के लिए निष्कर्ष निकालना कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य है।
उन्होंने बताया कि "वन्य जीव संरक्षणः उभरता परिदृश्य एवं भावी रणनीति" विषय पर वन्यप्राणी प्रबंधन-संरक्षण, पुनर्वास और मध्य प्रदेश सहित भारत में एक आदर्श पारिस्थितिक संतुलन बनाने के लिए इस क्षेत्र के विशेषज्ञ, शोधकर्ता और पेशेवर चार तकनीकी विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे। साथ ही वन्यप्राणी प्रबंधन, संरक्षण और पुनर्वास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर वर्तमान परिदृश्यों पर गहन मंथन कर भविष्य की रणनीति और नीतियां तय की जाएंगी।
इसका आयोजन वन विभाग और राज्य वन अनुसंधान के तत्वावधान में किया जा रहा है। कॉन्फ्रेंस में वन्यजीव जनसंख्या प्रबंधन, वन्यजीव आवास पारिस्थितिकी, वन्यजीव नीति के मुद्दे एवं चुनौतियां और मानव वन्यजीव संघर्ष और शमन उपाय जैसे तकनीकी विषयों पर चर्चा होगी।
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