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गुजरात में एक बड़ा हादसा हो गया है जहां छठ पर्व की पूजा के दौरान मोरबी में एक ब्रिज टूट गया।घटना रविवार शाम लगभग 6:30 बजे के आसपास की है। ब्रिज टूटने के कारण 134 लोगों की मौत हो गयी। मृतकों में बच्चे और महिलाएं भी शामिल थे। यह केबल सस्पेंशन ब्रिज 765 फीट लंबा और 4.5 फीट चौड़ा है। बताया जा रहा है की यह पुल पिछले 6 महीने से बंद था और कुछ दिन पहले ही इसकी मरम्मत की गई थी। हादसे से 5 दिन पहले 25 अक्टूबर को यह ब्रिज आम लोगों के लिए खोला गया। हादसे का 30 सेकंड का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में यह खौफनाक मंज़र देखा जा सकता है की किस तरह देखते ही देखते पुल टूट जाता है और लोगों की चीख पुकार मच जाती है। और लोग अपनी जान बचने की जद्दोजहद करते हुए नज़र आते है। डूबते हुए लोगों को देखर मौके पर मौजूद पर्यटक और स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़ते है और कुछ लोगों को रेस्क्यू भी किया गया।
जानकारी के अनुसार हादसे की वजह क्षमता से ज़्यादा लोगों के पुल पर चढ़ना था। केबल सस्पेंशन ब्रिज की क्षमता केवल 100 लोगों की थी लेकिन ब्रिज पर 500 लोग चढ़े हुए थे और कुछ लोगों द्वारा पुल को तेज़ तेज़ झुलाया जा रहा था। जिसके कारण पुल टूट गया और लोग मच्छु नदी में समा गए। ब्रिज के मेंटेनेंस की जिम्मेदारी ओरेवा ग्रुप के पास है। इस ग्रुप ने मार्च 2022 से मार्च 2037 यानी 15 साल के लिए मोरबी नगर पालिका के साथ एक समझौता किया है। ग्रुप के पास ब्रिज की सुरक्षा, सफाई, रखरखाव, टोल वसूलने, स्टाफ का प्रबंधन है। कमेटी बनाई गई है, जो हादसे की जांच कर जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपेगी। जिम्मेदारों पर गैरइरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। हालांकि उसमे किसी का भी नाम नहीं है। वहीं हादसे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दुःख व्यक्त करते हुए कहा की जिन लोगों को अपना जीवन गंवाना पड़ा, उनके परिवारों को प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। बचाव कार्य में NDRF, सेना और वायुसेना की टीमें लगी हुई हैं। लोगों को दिक्कतें कम हों, ये कोशिश है। प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को मोरबी जायेंगे।
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