Advertisement
नई दिल्ली। आदित्य-एल1 मिशन ने एक और कामयाबी हासिल की है। मिशन के एसयूआईटी और वीईएलसी उपकरणों ने मई के दौरान सूर्य की गतिशील गतिविधियों को कैद किया है।
सोमवार को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने आदित्य एल वन की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि कोरोनल मास इजेक्शन से जुड़ी कई एक्स-क्लास और एम-क्लास फ्लेयर्स दर्ज की गईं, जिससे महत्वपूर्ण भू-चुंबकीय तूफान पैदा हुए।
उल्लेखनीय है कि भारत का पहला सोलर मिशन ‘आदित्य एल 1’ छह जनवरी को एल 1 पॉइंट की हेलो ऑर्बिट पर पहुंचा दिया गया था। यान को पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर सूर्य-पृथ्वी प्रणाली के ‘लैग्रेंज प्वाइंट 1’ (एल 1) के आसपास एक प्रभामंडल कक्षा में स्थापित किया गया है। इस मिशन को पिछले साल 2 सितंबर को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया गया था।
Kolar News
|
All Rights Reserved ©2025 Kolar News.
Created By:
Medha Innovation & Development |