Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव 21 मार्च को जयपुर में उद्योगपतियों के साथ इंटरैक्टिव सेशन करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योग जगत को राज्य की नई औद्योगिक नीतियों, बेहतर अधोसंरचना और निवेश अवसरों से अवगत कराना है। आईटीसी राजपूताना में आयोजित इस सेशन में कृषि, फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, टेक्सटाइल, गारमेंट्स, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, नवीकरणीय ऊर्जा, माइनिंग और पर्यटन क्षेत्रों के उद्योगपति और संगठन शामिल होंगे। डॉ. यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश अब केवल संभावनाओं तक सीमित नहीं रहा है। नीतिगत स्पष्टता, त्वरित निर्णय क्षमता और मजबूत औद्योगिक आधार के कारण राज्य निवेश को धरातल पर उतारने में अग्रणी बन गया है। निवेश केवल पूंजी नहीं, बल्कि रोजगार सृजन, कौशल विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और क्षेत्रीय विकास का माध्यम है। जयपुर सत्र में वन-टू-वन बैठक के जरिए सेक्टर-विशेष अवसरों, परियोजना स्तर के सहयोग और समयबद्ध निवेश क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। मध्य प्रदेश ने हाल ही में 18 नई औद्योगिक नीतियां लागू की हैं और दो ‘जन विश्वास अधिनियमों’ के माध्यम से प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया है। उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क, नर्मदापुरम में पावर एवं रिन्यूएबल एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन, ग्वालियर में फुटवियर पार्क, जबलपुर में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब और धार में पीएम मित्रा पार्क जैसी पहलें राज्य के औद्योगिक विकास को संतुलित रूप से बढ़ावा दे रही हैं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और रीवा में विकसित हो रहे आईटी और ग्लोबल स्किल्स पार्क राज्य के नवाचार, कौशल और प्रतिभा विकास को गति दे रहे हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मध्य प्रदेश सरकार ने राजनीतिक नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू करते हुए नए राज्य वित्त आयोग, मध्यप्रदेश का गठन किया है। आयोग का अध्यक्ष पूर्व मंत्री जयपाल सिंह पवैया होंगे। इसके साथ ही केके. सिंह सदस्य और वीरेंद्र कुमार सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे, जबकि अन्य सदस्यों की नियुक्ति बाद में की जाएगी। आयोग का गठन भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 और मध्य प्रदेश राज्य वित्त आयोग अधिनियम, 1994 के तहत राज्यपाल द्वारा किया गया है। आयोग का कार्यकाल 1 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 31 अक्टूबर 2026 तक रहेगा। मुख्य उद्देश्य पंचायतों और नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति का पुनर्विलोकन करना है। आयोग राज्य और स्थानीय निकायों के बीच कर, शुल्क, पथकर और अन्य आय के वितरण के सिद्धांत तय करेगा। इसके साथ ही पंचायतों और नगरीय निकायों को मिलने वाले अनुदानों और वित्तीय संसाधनों के न्यायसंगत बंटवारे पर सिफारिशें भी देगा। नए आयोग की सिफारिशों में भूमि कर और राजस्व बंटवारा, पेट्रोलियम उत्पादों से मिलने वाले कर का हिस्सा, पंचायतों व नगरपालिकाओं की ऋण सीमा और पुनर्भुगतान व्यवस्था, स्थानीय निकायों के व्यय और आय का संतुलन, जन-सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार, पर्यावरण संरक्षण और योजनाओं के प्रभावी संचालन के उपाय शामिल होंगे। आयोग की सिफारिशें राज्यपाल को पांच साल की अवधि में प्रस्तुत की जाएंगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में कहा कि दुनिया में युद्ध और संघर्षों की मुख्य वजह स्वार्थी हित और वर्चस्व की लालच है। उन्होंने बताया कि स्थायी शांति केवल एकता, अनुशासन और धर्म के पालन से संभव है। भागवत ने कहा कि भारत सद्भाव और मानवता में विश्वास रखने वाला देश है, इसलिए पूरी दुनिया देख रही है कि भारत ही ईरान-इजराइल युद्ध को शांत करने में मदद कर सकता है। भागवत ने जोर दिया कि भारत में धर्म सिर्फ पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारे व्यवहार में भी दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुशासन और नैतिक मूल्यों का पालन लगातार अभ्यास मांगता है, और इसमें कभी-कभी व्यक्तिगत कठिनाइयां भी आती हैं। उनका मानना है कि धार्मिक असहिष्णुता, जबरन धर्म परिवर्तन और ऊंच-नीच की भावनाएं आज भी मौजूद हैं, लेकिन भारत का प्राचीन ज्ञान हमें आपस में जुड़ाव और एकता सिखाता है। RSS प्रमुख ने यह भी कहा कि भारत की मानवता और शांति की भावना दुनिया के अन्य हिस्सों के लिए उदाहरण है। उन्होंने बताया कि जबकि बाकी दुनिया अक्सर “जंगल का कानून” मानती है, भारत धर्म और नैतिकता की नींव देकर संतुलन बहाल कर सकता है। भागवत ने कहा कि यह जिम्मेदारी हम पर है कि हम दुनिया में स्थायी शांति और सद्भाव को कायम रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
देश में एलपीजी संकट के चलते उपभोक्ताओं की खानपान की आदतें बदल रही हैं। Bizom के आंकड़ों के अनुसार, खुदरा दुकानदारों ने अब कच्चे माल की बजाय रेडी टू ईट (RTE) और रेडी टू कुक (RTC) उत्पादों का स्टॉक बढ़ा दिया है। मार्च के पहले दो हफ्तों में इन उत्पादों की बिक्री 2.9% बढ़ी, जबकि फरवरी में यह लगभग 3% और जनवरी में 0.3% गिरावट पर थी। विशेषज्ञ हर्षित बोरा के मुताबिक, एलपीजी की कमी और रेस्टोरेंट मेन्यू में कटौती के कारण उपभोक्ता कम गैस खपत वाले और जल्दी तैयार होने वाले भोजन की ओर बढ़ रहे हैं। इस वजह से रेडी टू ईट उत्पादों की डिमांड में 10.6% से अधिक की तेजी आई है। वहीं, अनाज जैसे चावल, गेहूं और दाल की मांग घट रही है। मार्च के पहले पखवाड़े में इनकी डिमांड ग्रोथ 16% रही, जो पिछले साल समान अवधि में 21% थी। फरवरी में इनकी ग्रोथ 4% थी, जबकि रेडी टू ईट उत्पादों की ग्रोथ 4.9% दर्ज की गई थी। यह संकेत है कि गैस संकट ने उपभोक्ताओं के खाने-पीने के विकल्पों को भी प्रभावित किया है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मध्य प्रदेश के गुना जिले में गुरुवार को सरकारी मंच पर आयोजित कार्यक्रम में भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने कलेक्टर किशोर कन्याल और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सीधे सवाल उठाए। विधायक ने कहा कि जनता केवल उन्हीं अफसरों को याद रखती है जो ठोस काम करते हैं, न कि जो सिर्फ कागजों में योजनाएं बनाते हैं। उन्होंने गुनिया नदी के पुनरुद्धार और अतिक्रमण हटाने जैसे मुद्दों पर प्रशासन को धरातल पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी। विधायक शाक्य ने मंच पर दो-टूक शब्दों में कहा कि अफसरों को ‘डिस्मेंटल आफ्टर सूचना’ के मंत्र के साथ निर्भीक होकर काम करना चाहिए। उन्होंने पूर्व कलेक्टरों के उदाहरण दिए और कहा कि आज भी लोग उन अफसरों को याद करते हैं जिन्होंने मानस भवन जैसी संरचनाएं खड़ी की थीं। उन्होंने कलेक्टर से आग्रह किया कि गुना की जनता के लिए ऐसा ठोस काम करें कि उन्हें याद रखा जाए। इसके अलावा विधायक ने जिले के अन्य प्रशासनिक अधिकारियों पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने एसडीएम को सलाह दी कि चैत्र नवरात्र के दौरान दुर्गा का स्वरूप धारण कर सख्ती से काम किया जाए। शाक्य ने चेतावनी दी कि अगर अफसर गंभीर होकर कार्रवाई नहीं करेंगे, तो नकारा अफसर आते-जाते रहेंगे और जिले की स्थिति कभी सुधर नहीं पाएगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
कांग्रेस नेता और शशि थरूर ने कहा है कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों जैसे ग्लोबल नेता मध्यस्थता करें, तो पश्चिम एशिया संकट का शांतिपूर्ण समाधान संभव है। थरूर ने ईरान के होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी देश द्वारा जबरदस्ती प्रवेश करने की कोशिश को युद्ध की घोषणा के समान बताया और कहा कि ऐसा करने में किसी देश की कोई दिलचस्पी नहीं होगी। थरूर ने गुरुवार को पीएम मोदी और मैक्रों के बीच हुई बातचीत पर टिप्पणी करते हुए कहा कि खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव को कम करने के लिए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि यदि दोनों नेता युद्ध में शामिल पक्षों के बीच दखल दें और शांति स्थापित करने के लिए पहल करें, तो यह क्षेत्र, भारत और विश्व के लिए लाभकारी होगा। कांग्रेस नेता ने भारत और फ्रांस के बीच वैश्विक रणनीतिक साझेदारी पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच इस साल शुरू में अपग्रेड हुई साझेदारी के तहत इन अंतरराष्ट्रीय मामलों पर संवाद आवश्यक है, जिससे क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
छत्तीसगढ़ विधानसभा ने धर्म स्वतंत्रता बिल, 2026 पास कर दिया है। इसके तहत अवैध तरीके से धर्मांतरण कराने वालों को 7 से 10 साल की जेल और न्यूनतम 5 लाख रुपए जुर्माना देना होगा। यदि पीड़ित नाबालिग, महिला, अनुसूचित जाति/जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग से हो, तो सजा बढ़कर 10 से 20 साल और न्यूनतम 10 लाख जुर्माना होगा। सामूहिक धर्मांतरण के मामलों में 10 साल से लेकर आजीवन कारावास और 25 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा। गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि यह बिल पुराने 1968 के कानून को बदलता है और डिजिटल तथा आर्थिक प्रलोभन जैसे आधुनिक तरीकों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। भाजपा विधायकों ने बिल पास होते ही सदन में जय श्री राम के नारे लगाए, जबकि कांग्रेस ने इसे जल्दबाजी में पारित करने का आरोप लगाते हुए वॉकआउट किया। विपक्ष का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के रिटायर्ड जजों के साथ सभी दलों की राय ली जानी चाहिए थी। भाजपा के अजय चंद्राकर ने कांग्रेस के विरोध को गलत बताया और बताया कि मध्य प्रदेश में भी इसी तरह का कानून पहले लागू किया गया था। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि संविधान के तहत राज्य सरकार को कानून बनाने का अधिकार है और यह बिल पूरी तैयारी और चर्चा के बाद लाया गया है। यह बिल छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण रोकने और समाज में बल, धोखाधड़ी या प्रलोभन से होने वाले धर्मांतरण पर नियंत्रण लगाने के उद्देश्य से बनाया गया है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
भोपाल के स्लॉटर हाउस संचालक असलम कुरैशी की रिहाई का जश्न मातम में बदल गया। बुधवार रात जैसे ही उन्हें सेंट्रल जेल से बाहर किया गया, पुलिस ने लाल रंग की गाड़ी में बिठाकर फिर हिरासत में ले लिया। अब उनके खिलाफ NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) के तहत कार्रवाई की जा रही है। असलम के परिजनों ने बताया कि जेल से बाहर निकलते ही पुलिस ने उन्हें जबरन उठाया। जेल के बाहर 50 से 100 प्रदर्शनकारी जमा हो गए थे और नारेबाजी बढ़ने पर शहर में कानून व्यवस्था बिगड़ने का डर जताते हुए कलेक्टर ने तत्काल डिटेंशन वारंट जारी किया। पुलिस का कहना है कि यह प्रिवेंटिव एक्शन था और कोई किडनैपिंग नहीं हुई। मामला भोपाल के स्लॉटर हाउस से जुड़ा है, जहां भारी मात्रा में संदिग्ध प्रतिबंधित गो-मांस मिलने का आरोप लगा था। असलम कुरैशी को पहले गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बुधवार को सेशन कोर्ट ने जमानत दी थी। NSA लगने के बाद उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं और कानूनी प्रक्रिया अब और सख्त होने की संभावना है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved ©2026 Kolar News.
Created By:
Medha Innovation & Development |