Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली के बंगा भवन के बाहर भारी पुलिस तैनाती पर कड़ा विरोध जताया। सोमवार को सुरक्षाकर्मियों से मुखातिब होते हुए उन्होंने साफ कहा कि वह राजधानी में किसी आंदोलन के लिए नहीं आई हैं, बल्कि चुनावी सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने आई हैं। ममता ने कहा कि बंगाल से आए लोगों के साथ संवेदनशीलता से पेश किया जाना चाहिए और उन्हें डराया-धमकाया नहीं जाए। ममता बनर्जी रविवार को दिल्ली पहुंचीं और बंगा भवन में ठहरे उन परिवारों से मिलीं, जो एसआईआर प्रक्रिया से प्रभावित हुए हैं। भवन के बाहर भारी पुलिस बल देखकर वह नाराज हो गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां-जहां प्रभावित परिवार ठहरे हैं, वहां दिल्ली पुलिस तैनात कर दी गई है। मीडिया से बातचीत में ममता ने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है और चुनाव आयोग के साथ बैठक तय है, ऐसे में लोगों को परेशान करने का कोई औचित्य नहीं है। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने तानाशाही का आरोप लगाया और कहा कि आम लोगों पर अत्याचार हो रहा है। उन्होंने दिल्ली की तुलना जमींदारी व्यवस्था से की और कहा कि यहां गरीबों के लिए कोई जगह नहीं है। ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात करेंगी और पहले ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर चुकी हैं।
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट में मध्यप्रदेश के लिए कई अहम संकेत मिले हैं। मोदी सरकार की कैबिनेट में शामिल प्रदेश के छह मंत्रियों में कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय संभाल रहे शिवराज सिंह चौहान के विभाग को सबसे अधिक बजट मिला है। बजट में के-2 और के-3 श्रेणी के शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 12 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे मध्यप्रदेश के करीब 10 शहरों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय को मिला रिकॉर्ड बजट केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अधीन कृषि एवं किसान कल्याण के लिए 1,30,561.38 करोड़ रुपये और कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के लिए 9,967.40 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस तरह केवल कृषि से जुड़े विभागों को कुल 1,40,528.78 करोड़ रुपये मिले हैं। वहीं ग्रामीण विकास मंत्रालय का कुल बजट 1,97,023.14 करोड़ रुपये है, जिसमें ग्रामीण विकास विभाग को 1,94,368.81 करोड़ और भूमि संसाधन विभाग को 2,654.33 करोड़ रुपये शामिल हैं। अन्य मंत्रियों के विभागों को भी मिला मजबूत समर्थन केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के डाक और दूरसंचार विभाग को कुल 1,02,267.02 करोड़ रुपये मिले हैं, जबकि पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय को 6,812.30 करोड़ रुपये दिए गए हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार खटीक के विभागों को 15,357.31 करोड़, जनजातीय कार्य मंत्री डीडी उइके को 15,421.97 करोड़ और महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर के विभाग को 28,183.06 करोड़ रुपये का बजट मिला है। वहीं राज्यसभा सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री एल मुरुगन के सूचना एवं प्रसारण विभाग को 4,551.94 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
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मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। सोमवार सुबह से कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलीं और मावठे की बारिश शुरू हो गई। टिकमगढ़ में सुबह से ही काले बादल छाए रहे और बारिश का दौर जारी रहा, जिससे फूल अवस्था में खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। वहीं नीमच के जीरन क्षेत्र में ओलावृष्टि से सड़क पर बर्फ जैसी चादर बिछ गई और अफीम की फसल प्रभावित हुई। राजधानी भोपाल में बादलों के कारण ठंड से कुछ राहत मिली है, लेकिन मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों में बारिश की संभावना जताई है। मुरैना में रातभर हुई बारिश से जलभराव की स्थिति बनी, जबकि सुबह घना कोहरा छाने से विजिबिलिटी 50 मीटर तक सिमट गई। ग्वालियर में बर्फीली हवाओं और हल्की बारिश से ठंड फिर बढ़ गई है, वहीं सीहोर और अंबाह में भी कोहरे की चादर छाई हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक 2 से 5 फरवरी के बीच पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से 10 फरवरी तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 3 फरवरी को ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड के जिलों में बारिश के आसार हैं, 4 फरवरी को भी कुछ इलाकों में बूंदाबांदी संभव है। हालांकि 5 फरवरी को बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन सर्द हवाओं के चलते ठंड का असर और बढ़ सकता है।
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रेल बजट 2026 में मध्यप्रदेश के रेलवे नेटवर्क को और सुरक्षित बनाने पर खास जोर दिया गया है। रेल हादसों की रोकथाम के लिए कवच (ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम), सिग्नलिंग और टेलीकॉम सिस्टम को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए 7,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। रेल अधिकारियों के मुताबिक कवच सिस्टम से ट्रेन टक्कर और मानवीय भूल से होने वाले हादसों में बड़ी कमी आएगी। साथ ही गेज कन्वर्जन का बजट 4,284 करोड़ से बढ़ाकर 4,600 करोड़ रुपये कर दिया गया है। रेल अधिकारियों ने बताया कि कवच एक आधुनिक सुरक्षा प्रणाली है, जिस पर 2012 से काम चल रहा है और इसे आरडीएसओ ने विकसित किया है। ग्वालियर, झांसी, आगरा समेत अन्य स्टेशनों को मिलने वाली सौगात का खुलासा पिंक बुक जारी होने के बाद होगा। संभावना है कि पिंक बुक 2 फरवरी को जारी की जाएगी। झांसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह के अनुसार, इसके बाद एनसीआर को मिले बजट और ग्वालियर को मिलने वाली सुविधाओं की पूरी जानकारी सामने आएगी। आम बजट में रेलवे के साथ-साथ अन्य अहम घोषणाएं भी की गई हैं। केंद्र सरकार ने 20 हजार से अधिक पशु चिकित्सकों की उपलब्धता की बात कही है, जिससे जिलों में डॉक्टरों की कमी दूर होने की उम्मीद है। इसके अलावा वीजीएफ/पुंजीगत सहायता से हर जिले में एक महिला छात्रावास बनाया जाएगा। वहीं 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 महाविद्यालयों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित होंगी। ग्वालियर जिले में भी दो स्कूलों और एक कॉलेज में ऐसी लैब, साथ ही उच्च शिक्षा के एसटीईएम संस्थानों में महिला छात्रावास बनने की उम्मीद है।
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राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी की स्पीच शुरू होते ही सदन में भारी हंगामा हो गया। राहुल गांधी ने डोकलाम का जिक्र करते हुए कहा कि चीनी टैंक भारत की सीमा में दाखिल हो रहे थे। उन्होंने दावा किया कि यह बात एक मैगजीन में छपे लेख में लिखी है, जिसमें पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की किताब (मेमॉयर) का हवाला दिया गया है। राहुल ने कहा कि चार चीनी टैंक डोकलाम में भारत की धरती से महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर थे। राहुल के इस बयान पर पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आपत्ति जताई और कहा कि अगर यह बात प्रकाशित हुई है तो उसका स्पष्ट संदर्भ दिया जाए, अन्यथा इसका जिक्र न किया जाए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी राहुल से नियमों का पालन करने और सदन में प्रमाणिक दस्तावेज रखने को कहा। गृह मंत्री अमित शाह ने तर्क दिया कि यह केवल एक मैगजीन रिपोर्ट है और जनरल नरवणे ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि जो किताब प्रकाशित ही नहीं हुई, उसका हवाला सदन में नहीं दिया जा सकता। करीब 46 मिनट तक चले हंगामे के दौरान स्पीकर ने कई बार राहुल गांधी को टोका और अंत में माइक बंद करने के निर्देश भी दिए। सत्ता पक्ष के साथ किरेन रिजिजू और निशिकांत दुबे ने भी राहुल के बयान का विरोध किया, जबकि अखिलेश यादव ने कहा कि चीन से जुड़ा मामला संवेदनशील है और अगर यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है तो इसे सुना जाना चाहिए। राहुल गांधी ने सरकार पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर यह सच नहीं है तो सरकार किस बात से डर रही है।
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सुप्रीम कोर्ट ने जाति जनगणना कराने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। सोमवार (2 सितंबर) को जस्टिस ऋषिकेश रॉय और जस्टिस एसवीएन भट्टी की बेंच ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि जाति जनगणना एक नीतिगत विषय है, जो पूरी तरह केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। ऐसे मामलों में अदालत हस्तक्षेप नहीं कर सकती। याचिकाकर्ता पी. प्रसाद नायडू ने केंद्र सरकार को जाति जनगणना कराने के निर्देश देने की मांग की थी। याचिका में कहा गया था कि अब तक जनगणना-2021 की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। पहले कोविड-19 महामारी और बाद में बार-बार स्थगन के कारण जनगणना टलती रही, जिससे आंकड़ों में बड़ा अंतर पैदा हो गया है। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील रविशंकर जंडियाला ने दलील दी कि कई देशों में जाति आधारित जनगणना की जा चुकी है और 1992 के इंद्रा साहनी फैसले में भी समय-समय पर ऐसे आंकड़े जुटाने की जरूरत बताई गई है। इस मुद्दे पर सियासत भी तेज है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 24 अगस्त को जाति जनगणना का समर्थन करते हुए कहा था कि देश के प्रमुख संस्थानों, उद्योग, कॉर्पोरेट, मीडिया और बैंकिंग सेक्टर में दलितों-आदिवासियों की भागीदारी बेहद कम है। वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने 2 सितंबर को कहा कि जाति आधारित जनगणना समाज के कल्याण के लिए जरूरी हो सकती है, लेकिन इसका इस्तेमाल चुनावी राजनीति के लिए नहीं होना चाहिए। संघ ने साफ किया कि जनगणना का उद्देश्य केवल सटीक डेटा जुटाना और समाज की भलाई होना चाहिए, न कि इसे राजनीतिक हथियार बनाना।
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मध्यप्रदेश के ग्वालियर में साइबर ठगों ने आरटीओ के ई-चालान की आड़ में बड़ी ठगी को अंजाम दिया है। मुरार इलाके में रहने वाले एक लैब तकनीशियन को व्हाट्सएप पर परिवहन विभाग के नाम से एपीके फाइल भेजी गई। फाइल डाउनलोड करते ही ठगों ने उनके बैंक खाते से जमा रकम उड़ा ली और उनके नाम पर जंबो व इंस्टेंट लोन लेकर कुल 6.56 लाख रुपये की ठगी कर डाली। काशीपुरा, मुरार निवासी शिवनारायण धाकड़ ने बताया कि करीब 20 दिन पहले उन्हें ई-चालान से जुड़ी एक फाइल मिली थी, जिसे उन्होंने किसी ट्रैफिक नियम उल्लंघन से जुड़ा समझकर खोल लिया। शुरुआत में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन 22 जनवरी की शाम जब पेटीएम से खाते का बैलेंस चेक किया तो सिर्फ 1 रुपये जमा दिखा। जबकि खाते में पहले 90,013 रुपये थे। बैंक पहुंचने पर पता चला कि पूरा खाता खाली हो चुका है और उनके नाम से 5 लाख का जंबो लोन व 66,703 रुपये का इंस्टेंट लोन भी ले लिया गया है। ठगी का पता चलते ही पीड़ित ने ई-जीरो पोर्टल पर एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम हरियाणा के पानीपत में विशाल कुमार नाम के युवक के खाते में ट्रांसफर की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक टीम हरियाणा भेजने की तैयारी शुरू कर दी है और साइबर ठगों की तलाश जारी है।
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मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में अब तक की सबसे बड़ी वेयरहाउस डकैती की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। ब्यावरा के गुना रोड स्थित सलूजा वेयरहाउस में रविवार–सोमवार की दरमियानी रात 22 से 25 हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों ने धावा बोला। बदमाशों ने चारों चौकीदारों के सीने पर बंदूक तानकर उन्हें काबू में लिया और ताले तोड़कर गेहूं से भरी बोरियां लूट ले गए। वारदात के दौरान बदमाशों ने चौकीदारों के हाथ-पैर बांध दिए और आंखों पर पट्टी बांधकर उन्हें बंधक बना लिया। इसके बाद वे आराम से वेयरहाउस में रखे गेहूं को ट्रकों या अन्य वाहनों में भरकर फरार हो गए। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है और इसे राजगढ़ जिले के इतिहास में किसी वेयरहाउस पर हुई सबसे बड़ी डकैती माना जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। फिलहाल वेयरहाउस को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया है और अधिकारियों के पहुंचने तक किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं है। वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के अधिकारी भी मौके पर पहुंच रहे हैं, जो गिनती के बाद ही यह स्पष्ट कर पाएंगे कि लुटेरे कितनी गेहूं की बोरियां अपने साथ ले गए हैं।
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