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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को बीजेपी संसदीय बोर्ड से बहार कर दिया गया था। जिसपर शिवराज की पहली प्रतितिक्रिया आयी है। उन्होंने एक चैनल के कार्यक्रम में कहा की बीजेपी एक विशाल परिवार है। इसके प्रवाह में कोई आगे बढ़ता है तो कोई बाहर आता है। केंद्रीय स्तर पर एक टीम होती है जो यह तय करती है कि किसे, क्या काम करना है। जैसे हम प्रदेश में तय करते हैं। उन्होंने कहा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने संसदीय बोर्ड में जिन्हें शामिल किया है, वे सभी योग्य हैं। इसमें पूर्व-पश्चिम, उत्तर-दक्षिण को ध्यान में रखा गया है। शिवराज ने कहा की - मुझे बिल्कुल भी अहम नहीं है कि मैं ही योग्य हूं। पार्टी मुझे दरी बिछाने का काम देगी तो राष्ट्र हित में यह करूंगा। पार्टी कहेगी कि जैत (मुख्यमंत्री का गृह गांव) में रहो तो वहां रहूंगा। पार्टी कहेगी कि भोपाल में रहो तो भोपाल में रहूंगा। राजनीति में व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा नहीं होना चाहिए
आपकी जानकारी के लिए बता दे की 17 अगस्त को भाजपा ने अपने संसदीय बोर्ड का पुनर्गठन किया था। जसिमे से 9 साल संसदीय बोर्ड का सदस्य रहे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को बहार कर दिया गया था। जिसके बाद राजनैतिक गलियारों में हलचल मची हुई थी। और कई तरह के प्रश्न उठ रहे थे। शिवराज बीजेपी के सबसे सीनियर मुख्यमंत्री हैं।और पिछले 9 सालों से संसदीय बोर्ड का हिस्सा रह चुके है उसके बावजूद भी उन्हें बहार कर दिया गया। वही उनकी जगह मध्यप्रदेश से दलित नेता सत्यनारायण जटिया को मिली है। संघ के करीबी माने जाने वाले जटिया उज्जैन से 7 बार सांसद रहे। बीजेपी द्वारा उन्हें एक बार उन्हें राज्यसभा भी भेजा जा चूका है ।
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