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इस बार निकाय चुनाव में शहर की बदहाल सड़कें बड़ा मुद्दा बनकर सामने आईं हैं। जगह-जगह धंसती और उखड़ी सड़कें महापौर और पार्षद प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार में मुश्किल साबित हो रही हैं। लोग वोट मांगने के लिए आने वाले प्रत्याशियों से सीधा सवाल कर रहे हैं कि आखिर शहर की सड़कों की दुर्दशा का जिम्मेदार कौन है। वोटर पूछ रहे हैं, नेताजी! वोट तो दे देंगे, पहले ये बताओ कॉलोनी की सड़क कब सुधरेगी। पुराने शहर से लेकर अवधपुरी, करोंद, कोलार, गुलमोहर, शाहपुरा और संबंधित क्षेत्रों में सड़के खराब हैंं। कई कॉलोनियों में तो लोगों ने गेट के बाहर बैनर-पोस्टर टांग दिए हैं कि सड़क नहीं तो वोट नहीं। सीवेज-पानी की लाइन बिछाने के बाद सीमेंट कांक्रीट व डामर से रोड का कमजोर रेस्टोरेशन बारिश के पहले ही धंसने लगा है। कोलार की राजहर्ष कॉलोनी में सीवेज लाइन के लिए किया रेस्टोरेशन भारी वाहन के दबाव से फिर धंस गया। रोहित नगर में फोर लेन रोड पर लाइन बिछाने के बाद किया रेस्टोरेशन पांच दिन पहले धंस गया। कुछ हिस्सों पर मोटी गिट्टी भर कर डामर की परत चढ़ा दी गई है। लेकिन ये भी कितनी चलेगी इसकी कोई गारंटी नहीं है।
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