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इसे कहते हैं किस्मत, अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में अपने पार्टी मुख्यालय में मध्य प्रदेश का नक्शा तक नहीं लगाया और मध्यप्रदेश में उसे जबरदस्त फायदा हो रहा है। भारतीय जनता पार्टी से असंतुष्ट, आम आदमी पार्टी में जा रहे हैं। सिलसिला शुरू हो चुका है और बढ़ता ही जाएगा। ताजा खबर आई है कि मध्य प्रदेश के दिग्गज विधायक केजरीवाल से मिलने दिल्ली तक जा चुके हैं। ग्वालियर में महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष ने पार्टी से इस्तीफा देकर आम आदमी पार्टी जॉइन कर ली। आप ने उन्हें महापौर पद का प्रत्याशी घोषित किया है। जमीनी स्तर के कई नेता जो पार्षद पद का टिकट चाहते थे, आम आदमी पार्टी के संपर्क में है। भारतीय जनता पार्टी में ऐसे असंतुष्ट नेताओं की संख्या ज्यादा है। इसलिए अनुमान लगाया जा सकता है कि सन 2022-23 में सबसे ज्यादा नुकसान भाजपा को होगा। इतिहास गवाह है। मध्यप्रदेश में जातिवाद के आधार पर राजनीति करने आई किसी भी पार्टी को कोई तवज्जो नहीं मिली। भारतीय जनता पार्टी के जमीनी कार्यकर्ता अपनी विचारधारा से बंधे होते हैं। यदि बड़े नेताओं के कारण उनके साथ अन्याय भी हो जाए, तब भी वह विचारधारा नहीं त्याग पाते। इसलिए कांग्रेस पार्टी में कभी नहीं जाते, सपा और बसपा में भी नहीं जाते लेकिन उन्हें लगता है कि आम आदमी पार्टी एक अच्छा विकल्प है। अपनी विचारधारा जैसी ही तो है।
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