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मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर के भतीजे फर्जी मार्कशीट के आधार पर नौकरी पा गए। भतीजों की करामात तब पकड़ में आई जब दस्तावेज में बड़ा भाई छोटा और छोटा भाई बड़ा नजर आया और तो और इन्होंने अपने पिता का भी नाम अलग अलग डाल दिया। जब इस खबर को लेकर संबंधितों से बात की तो आपसी रिश्तों को भी खुलकर नहीं स्वीकार रहे चाचा भतीजों की कहानी सामने आयी।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के कोलार नगर पालिका में गौर के भतीजे कमलेश गौर उपराजस्व निरीक्षक और हरिकेश यादव सहायक राजस्व निरीक्षक के पद पर पदस्थ हैं। कोलार नगरपालिका को दिए गए दस्तावेजों में दोनों भाईयों की उम्र में मात्र 6 माह का अन्तर आ रहा हैं।
जानकारी के अनुसार कोलार नगर पालिका में कमलेश गौर के पिता का नाम श्री रामप्रसाद गौर और जन्मतिथी 10-11-1977 दर्ज हैं। वहीं इनके छोटे भाई हरिकेश यादव के पिता के नाम के तौर पर श्री रामचन्दर यादव और जन्म तिथी 01-05-1977 दर्ज हैं। उल्लेखित जानकारी के आधार पर बड़ा भाई छोटे भाई से मात्र 6 माह छोटा हैं।
जब इस संदर्भ में हरिकेश यादव से बात की तो उन्होंने कहा कि कमलेश गौर मेरे भाई हैं लेकिन जब उनसे जन्म तिथी और पिता के नाम के अन्तर को लेकर प्रश्न किया तो उन्होंने हड़बड़ाहट में कहा कि वो मेरे सगे भाई नहीं हैं। जब कमलेश गौर से बात की तो उन्होंने कहा कि हम सगे भाई हैं हो सकता हैं मार्कशीट में स्पेलिंग मिस्टेक हो गई हो।
जब इस संदर्भ में मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर से दूरभाष पर चर्चा की तो उन्होंने कमलेश गौर और हरिकेश यादव को अपना भतीजा मानने से इंकार कर दिया।
पारिवारिक रिकॉर्ड खंगालने पर यह जानकारी सामने आई कि कमलेश और हरिकेश के पिता का नाम रामचन्द्र यादव हैं और उनके दादा जी का नाम रामप्रसाद दर्ज हैं। लेकिन दस्तावेजों में गड़बड़ी को दुरूस्त ना करना फर्जी प्रमाण पत्रों से नौकरी पाने का आरोप सिद्ध करता हैं।
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