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भोपाल। प्रदेश कांग्रेस के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने भाजपा की 26 और 27 मार्च को पचमढ़ी में होने वाली चिंतन कैबिनेट बैठक पर सवाल उठाए है। उन्होंने कहा कि एक और प्रदेश का खजाना खाली पड़ा है, प्रदेश पर तीन लाख करोड़ के करीब का खर्च कर्ज हो चुका है, प्रदेश के प्रति व्यक्ति पर 51000 हजार रूपये से अधिक का कर्ज है। ऐसे अर्थव्यवस्था संकट के भीषण दौर में क्या यह बैठक भोपाल में करोड़ों की लागत से बनाए गए वल्लभ भवन या अन्य शासकीय भवनों में नहीं हो सकती है।
नरेन्द्र सलूजा ने आरोप लगाया है कि यह बैठक सिर्फ चिंतन के नाम पर मनोरंजन और पर्यटन के लिए हो रही है। इस बैठक में भी सरकारी खजाने से लाखों रुपए लुटाकर इवेंट बनाया जाएगा। इसके पहले भी कैबिनेट की बैठकें हनुमंतिया से लेकर सीहोर तक के रिसोर्ट व अन्य कई स्थानों पर हो चुकी हैं, सरकार बताएं उन बैठकों में कौन सा चिंतन और मंथन हुआ, क्या प्रदेश की अर्थव्यवस्था पटरी पर आ सकी, क्या बेरोजगारी दूर हुई, क्या महिलाओं और बहन-बेटियों पर अत्याचार कम हुये, क्या किसानों के साथ न्याय हुआ और सबसे बड़ी बात क्या इन चिंतन बैठकों से प्रदेश को कोई लाभ हुआ?
कांग्रेस नेता ने भाजपा सरकार से सवाल किया कि क्या चिंतन पचमढ़ी में बैठकर ही हो सकता है, भोपाल में बैठकर नहीं किया जा सकता? चिंतन बैठक तो केवल एक बहाना है असली मकसद तो कर्ज लेकर घी पीना है, मनोरंजन और पर्यटन करना है?
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