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ग्वालियर। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया गुरुवार को तीन दिन के प्रवास पर ग्वालियर आए। ग्वालियर आने के बाद सिंधिया सीधे कांच मिल क्षेत्र में संचालित संजीवनी क्लीनिक का निरीक्षण करने के लिए पहुंच गए। उन्होंने सहजता के साथ डॉक्टर व स्टाफ से चर्चा कर यहाँ उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। साथ ही यहाँ की आवश्यकताओं के बारे में भी चर्चा की। सिंधिया ने इस दौरान मरीजों से भी बात की और उनके हालचाल जाने। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर व भाजपा जिला अध्यक्ष कमल माखीजानी भी उनके साथ थे।
कांच मिल क्षेत्र में वर्ष 2019 से संजीवनी क्लीनिक संचालित है। जिला अस्पताल एवं जयारोग्य चिकित्सालय समूह पर बढ़ते दबाव को कम करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा संजीवनी क्लीनिक खोले गए हैं। संजीवनी क्लीनकों के काम करने के तरीके को जानने के उद्देश्य से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया दिल्ली से ग्वालियर पहुँचने के बाद सीधे इस संजीवनी क्लीनिक पहुंच गए।
उन्होंने संजीवनी क्लीनिक के स्टाफ से कहा कि सरकार ने मरीजों को उनके घर के नजदीक बेहतर स्वास्थ्य सेवायें मुहैया कराने के लिये संजीवनी क्लीनिक खोले हैं। इसके पीछे यह भी उद्देश्य है कि बड़े अस्पतालों से मरीजों का दबाव कम हो। इसलिये संजीवनी क्लीनिक के समस्त स्टाफ की जिम्मेदारी है कि यहाँ आने वाले हर मरीज को सहज व सरल तरीके से बेहतर उपचार मिले।
डिजिटल आधार पर काम करता है संजीवनी क्लिनिक
संजीवनी क्लीनिक पूरी तरह डिजिटल है। इसमें मरीजों के उपचार की पूरी जानकारी ऑनलाइन रहती है। डॉक्टर को दिखाने के बाद जब मरीज औषधि केंद्र पर जाएगा तो वहां से डॉक्टर का परामर्श ऑनलाइन देखकर औषधियां दी जा सकती हैं। साथ ही मरीज को दवा कितनी, कैसे औऱ कब लेनी है यह भी समझाया जाएगा। संजीवनी क्लीनिक से क्षेत्र की जनता को बड़े अस्पतालों में आने जाने के 100-200 रुपये के व्यय से छुटकारा मिलेगा। साथ ही सभी सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी। शहर में जल्द ही पीएचई कॉलोनी में भी संजीवनी क्लिनिक और सेवा नगर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोला जाएगा। शहर में कुल छह संजीवनी क्लिनिक प्रस्तावित हैं।
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