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शहीद गुंडाधुर की धरती से लिखी जा रही बस्तर में बदलाव की नई कहानी
जनता

 

रायपुर, 26 अक्टूबर 2026।* कभी नक्सल हिंसा और दुर्गम भूगोल के कारण बुनियादी सुविधाओं से कोसों दूर रहने वाले बस्तर के गांवों में अब विकास और विश्वास की नई इबारत लिखी जा रही है। कभी जिन इलाकों में खौफ का साया रहता था, वहां अब सुरक्षा कैंप विकास और जनसेवा के केंद्र में तब्दील हो रहे हैं।

 

धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक जनसंपर्क संचालनालय के इस विशेष लेख में बताया गया है कि बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित लगभग 200 सुरक्षा कैंपों को वीर शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा के रूप में विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम चल रहा है, जिसके तहत पहले चरण में 70 कैंपों को सेवा डेरों में बदला जा रहा है। यह पहल आज बस्तर के ग्रामीणों के लिए डिजिटल सेवाओं, बैंकिंग, कौशल प्रशिक्षण और स्वरोजगार का नया संबल बन चुकी है।

 

*विकास की मुख्यधारा से जुड़ता बस्तर*

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से बस्तर नक्सलवाद के प्रभाव से मुक्त हो रहा है और सरकार का लक्ष्य इसे देश के अग्रणी विकसित जनजातीय क्षेत्रों में शुमार करना है। ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के माध्यम से आज सुदूर अंचलों तक सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। कृषि, पशुपालन और सिंचाई योजनाओं से ग्रामीणों की आय में इजाफा हो रहा है।

 

*शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा - सुशासन और जनविश्वास का प्रतीक*

 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 18 मई 2026 को बस्तर जिले के नेतानार स्थित सीआरपीएफ कैंप परिसर में देश के पहले शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा जन सुविधा केंद्र का उद्घाटन किया था। नेतानार वही ऐतिहासिक भूमि है जो बस्तर के महान जननायक शहीद वीर गुंडाधुर की जन्मस्थली है। वर्ष 1910 के ऐतिहासिक भूमकाल विद्रोह में गुंडाधुर ने आदिवासी अस्मिता, स्वाभिमान और जल-जंगल-जमीन के अधिकारों के लिए अंग्रेजी सत्ता के खिलाफ हुंकार भरी थी। आज उसी धरा पर खुला यह सेवा डेरा आदिवासी समाज के स्वावलंबन और आधुनिक विकास का नया केंद्र बन गया है।

 

*एक ही छत के नीचे मिल रही सरकारी सुविधाएं*

 

पहले ग्रामीणों को आधार कार्ड बनवाने, बैंक खाता खोलने या जाति-निवास प्रमाण पत्र के लिए कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था, लेकिन अब सेवा डेरा के माध्यम से यह सारी व्यवस्थाएं गांव के पास ही उपलब्ध हो गई हैं। आधार बनवाने व अपडेट कराने, केवाईसी, मोबाइल नंबर लिंक करने और जन्म-मृत्यु, आय व जाति प्रमाण पत्र जैसी ऑनलाइन सुविधाएं अब स्थानीय स्तर पर मिल रही हैं।

 

महिलाओं को बैंक सखी के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे वे गांव में ही पैसे निकालने, जमा करने और खाते खोलने जैसी बैंकिंग सुविधाएं दे रही हैं। इन केंद्रों से स्वास्थ्य परामर्श, आंगनबाड़ी और प्राथमिक शिक्षा जैसी सुविधाएं भी सुलभ हो रही हैं।

 

*महिला स्व-सहायता समूहों से आर्थिक क्रांति*

 

सेवा डेरा स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक कौशल को बाजार से जोड़ने का माध्यम बन गया है। नेतानार में गुंडाधुर महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं इमली का प्रसंस्करण कर उच्च गुणवत्ता वाला इमली पल्प तैयार कर रही हैं। समूह की सदस्य लंबी नाग बताती हैं कि इस कार्य से जुड़कर महिलाएं सालाना एक लाख रुपये तक की आय अर्जित करने की राह पर हैं। सुखदेवी जैसी ग्रामीण महिलाओं के लिए जीवन आसान हुआ है, जिन्हें अब अपनी छोटी बच्ची का आधार बनवाने के लिए दूर नहीं जाना पड़ता।

 

स्थानीय परंपरा को सहेजते हुए पारंपरिक ढेंकी से चावल तैयार करने और उसकी बिक्री से महिलाओं को अतिरिक्त आमदनी हो रही है, जबकि धान की भूसी का उपयोग पशु आहार के रूप में हो रहा है। सिलाई प्रशिक्षण केंद्र के जरिए भी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

 

*आधुनिक बाजार और बेहतर पैकेजिंग से जुड़ रहा बस्तर*

 

इन उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए पेशेवर संस्थानों की मदद ली जा रही है। हाल ही में अहमदाबाद के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन की टीम ने नेतानार पहुंचकर सिलाई, इमली प्रसंस्करण और पारंपरिक ढेंकी के कार्यों का जायजा लिया तथा उत्पादों की आकर्षक पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर चर्चा की। इससे बस्तर की ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।

 

शहीद गुंडाधुर की पावन भूमि पर सुरक्षा कैंपों से लेकर सेवा डेरा तक की यह यात्रा इस बात का प्रमाण है कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, दूरदर्शी नीतियों और प्रशासनिक मुस्तैदी से किस प्रकार सुदूर अंचलों की तस्वीर बदली जा सकती है। यह बदलाव केवल भौतिक विकास का नहीं, बल्कि बस्तर के हर नागरिक के जीवन में खुशहाली और आत्मविश्वास का नया सवेरा है।

Kolar News 26 October 2026

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