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ग्वालियर -* शीतला माता मंदिर में हुए दर्दनाक हादसे को लेकर मध्यप्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ग्वालियर पहुंचकर हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात की और शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। इसके बाद वे रिम्स हॉस्पिटल पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों का हालचाल जाना और उपचार की जानकारी ली।
पटवारी ने इस हादसे को लेकर प्रदेश सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार ऐसी दर्दनाक घटनाएं हो रही हैं जिनमें निर्दोष लोगों की जान जा रही है, लेकिन हर बार जिम्मेदार लोग अपनी जवाबदेही से बचते नजर आते हैं।
*साइकिल पर प्रतिबंध था तो ट्रक कैसे पहुंचा - पटवारी*
पटवारी ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस स्थान पर साइकिल ले जाने पर भी प्रतिबंध था, वहां ट्रक कैसे पहुंच गया। जब मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे तो उनकी सुरक्षा के लिए प्रशासन ने क्या इंतजाम किए थे? क्या सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी नहीं हो रही थी? इस चूक की जिम्मेदारी कौन लेगा?
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और जवाबदेही का बड़ा सवाल है। सरकार को बताना चाहिए कि हादसे के जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई की गई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
*घायल चार घंटे तक इलाज के लिए भटकते रहे -*
पटवारी ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि हादसे में घायल लोग अस्पताल में चार-चार घंटे तक इलाज के लिए इंतजार करते रहे। संकट की घड़ी में अगर घायलों को समय पर उपचार नहीं मिलेगा तो यह सिस्टम पर बड़ा सवाल है।
उन्होंने मांग की कि सरकार केवल संवेदना जताने तक सीमित न रहे, बल्कि घायलों के बेहतर इलाज, प्रभावित परिवारों को उचित सहायता और हादसे की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे। लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
*कफ सिरप, जहरीली शराब और दूषित पानी का मुद्दा भी उठाया -*
पटवारी ने प्रदेश में हाल में हुई अन्य घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि कफ सिरप से बच्चों की मौत, जहरीली शराब कांड और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर घटना में आम नागरिकों की जान जा रही है।
उन्होंने कहा कि जनता को सुरक्षित माहौल, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और संकट में तत्काल मदद देना सरकार की पहली जिम्मेदारी है। हर हादसे के बाद सवाल उठते हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होती। जनता जानना चाहती है कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी।
अंत में पटवारी ने सवाल किया कि क्या इस सरकार में संवेदनशीलता बची भी है या नहीं? सरकार को बयानबाजी से आगे बढ़कर जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए और हर घटना में जवाबदेही तय करनी चाहिए।
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