Video

Advertisement


रावणभाठा मैदान में बोले मुख्यमंत्री साय - भीतर के रावण को मारे बिना अधूरी है विजयादशमी
मुख्यमंत्री साय


रायपुर। राजधानी के ऐतिहासिक रावणभाठा मैदान में विजयादशमी उत्सव धूमधाम से मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कार्यक्रम में शामिल हुए और प्रदेशवासियों को दशहरा की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि विजयादशमी अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की जीत का पर्व है। हर साल हम बाहर रावण जलाते हैं, लेकिन जब तक भीतर के काम, क्रोध, लोभ और अहंकार को नहीं जलाएंगे, तब तक पर्व का असली मतलब पूरा नहीं होगा।
मुख्यमंत्री ने रावणभाठा की 170 साल पुरानी परंपरा को प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर बताया और आयोजन समिति को बधाई दी। उन्होंने हर साल आयोजन के लिए 10 लाख रुपये देने का ऐलान किया।
राम और छत्तीसगढ़ के रिश्ते पर साय ने कहा कि यह धरती कौशल्या का मायका और राम का ननिहाल है। वनवास के दौरान राम, सीता और लक्ष्मण ने यहां लंबा समय बिताया, इसलिए उनकी यादें यहां के जनजीवन में बसी हैं।उन्होंने कहा कि राम का जीवन सत्य और न्याय के लिए संघर्ष की मिसाल है। रावण ताकतवर था, फिर भी धर्म के बल पर राम ने उसे हराया। मेघनाद और कुंभकर्ण का दहन बताता है कि बुराई का साथ देने वाले का अंत निश्चित है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के खिलाफ देश की सख्ती का जिक्र करते हुए साय ने ऑपरेशन सिंदूर को साहस का प्रतीक बताया। अयोध्या में रामलला मंदिर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 22 जनवरी 2024 आस्था के इतिहास में दर्ज हो गया। राज्य की रामलला दर्शन योजना से अब तक 49 हजार से ज्यादा लोग अयोध्या में दर्शन कर चुके हैं।अंत में मुख्यमंत्री ने लोगों से सत्य, सेवा और सुशासन के रास्ते पर चलकर विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का संकल्प लेने की अपील की। कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल भी मौजूद रहे।

Kolar News 20 October 2026

Comments

Be First To Comment....

Page Views

  • Last day : 8796
  • Last 7 days : 47106
  • Last 30 days : 63782
x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved ©2026 Kolar News.