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रायपुर। स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन में धमतरी जिला पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर है। जिले के 501 राजस्व ग्रामों में ड्रोन सर्वे पूरा कर 63 हजार से अधिक अधिकार अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं।
इस योजना के तहत ग्रामीण आबादी भूमि पर वर्षों से रह रहे 50 हजार से अधिक परिवारों को उनकी संपत्ति का वैधानिक दस्तावेज देकर मालिकाना हक दिया गया है। हाल ही में सेवा संकल्प अभियान और अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने 40 हितग्राहियों को स्वामित्व प्रमाण पत्र प्रदान किए।
योजना के लिए सर्वे ऑफ इंडिया के माध्यम से ड्रोन सर्वेक्षण कराया गया। आबादी क्षेत्र में मकानों, भूखंडों और शासकीय संपत्तियों की चूने से सीमांकन कर भौतिक सत्यापन किया गया। राजस्व अमले ने मैदानी स्तर पर मिलान कर प्रारंभिक अभिलेख तैयार किए और ई-कोर्ट प्रणाली से दावा आपत्तियों का निराकरण किया गया। ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव के बाद डिजिटल पोर्टल पर अपलोड कर अधिकार पत्र वितरित किए जा रहे हैं।
जिले में सभी 501 गांवों में प्रथम प्रकाशन पूरा हो चुका है जबकि 390 से अधिक गांवों में अंतिम प्रकाशन भी हो चुका है। 78,416 के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 63,826 अधिकार अभिलेख तैयार किए गए हैं जिनमें से 47 हजार से अधिक बांटे जा चुके हैं। शेष गांवों में काम नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। अधिकार पत्र मिलने से भूमि विवाद कम होंगे, ग्रामीणों को बैंक ऋण जैसी सुविधाएं आसानी से मिलेंगी और भूमि प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी।
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