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Marine Drive पर साल 2017 में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई निधि जेठमलानी मामले में आखिरकार 9 साल बाद कोर्ट का फैसला सामने आया है। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आरोपी ड्राइवर पी. नारायणसामी को लापरवाही और खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाने का दोषी माना, लेकिन उसे सिर्फ ₹20 हजार के जुर्माने की सजा देकर छोड़ दिया। कोर्ट ने आरोपी की उम्र, साफ रिकॉर्ड और लंबे समय से चल रहे मुकदमे को ध्यान में रखते हुए नरम रुख अपनाया। यह राशि पीड़िता को मुआवजे के तौर पर देने का आदेश दिया गया है।
यह हादसा 28 मई 2017 को हुआ था, जब 17 वर्षीय निधि जेठमलानी अपनी सहेलियों के साथ जेब्रा क्रॉसिंग से सड़क पार कर रही थीं। उसी दौरान तेज रफ्तार इनोवा कार ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उनके सिर और कमर में गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद से निधि ‘परसिस्टेंट वेजिटेटिव स्टेट’ यानी अचेतन अवस्था में हैं और पिछले 9 वर्षों से बिस्तर पर हैं। अदालत में गवाहों ने बताया कि कार काफी तेज रफ्तार में थी और निधि नियमों के अनुसार सड़क पार कर रही थीं। हालांकि आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया, लेकिन कोर्ट ने उसकी दलील खारिज कर दी।
Bombay High Court ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए निधि की स्थिति की तुलना दिवंगत नर्स Aruna Shanbaug से की थी, जो दशकों तक कोमा जैसी अवस्था में रहीं। कोर्ट ने कहा था कि इस हादसे ने एक होनहार लड़की की पूरी जिंदगी छीन ली। इससे पहले मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने निधि को ₹69.92 लाख मुआवजा और ₹1.5 करोड़ का कॉर्पस फंड देने का आदेश दिया था। वहीं हाईकोर्ट ने भारी मेडिकल खर्च को देखते हुए रेलवे मंत्रालय से ₹5 करोड़ के अंतिम मुआवजे पर सहानुभूतिपूर्वक दोबारा विचार करने को कहा है।
Patrakar sneha singh
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